Posted on 15 June 2018 by admin
Posted on 14 June 2018 by admin
सुरेन्द्र अग्निहोत्री,लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के गोमती नगर स्थित आई.एम.आर.टी. मैनेजमेट कालेज में अवध प्रहरी पत्रिका द्वारा महाराणा प्रताप जयन्ती के उपलक्ष्य में प्रकाषित युवा शौर्य विशेषांक का विमोचन करते हुए उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप महान थे अकबर नहीं। उन्होंने कहा कि भारत में वनवासी समाज अपने को वीर षिरोमणि महाराणा प्रताप का वंशज मानता है और देष में थारू और बोडो जैसी अनेक जनजातियां उन्हीं से प्रेरणा लेकर राष्ट्रभक्ति का अप्रतिम उदाहरण पेश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत मेें जाति की परम्परा से यहां की अखंडता कमजोर हुई है। मुख्यमंत्री गुरूवार को अवध प्रहरी पाक्षिक पत्रिका के युवा शौर्य विषेषांक के विमोचन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वदेष, स्वधर्म व स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप पर विषेषांक के विमोचन से उनके जीवन के विभिन्न पक्षों को समझाने में सहायता मिलेगी। श्री योगी जी ने कहा कि अतीत के प्रेरणा पुंजों में महाराण प्रताप का नाम विषेष रूप से उल्ल्ेखनीय है। अकबर ने केवल उसकी बादषाहत स्वीकार करने का प्रस्ताव महाराणा को भेजा था परंतु उन्होंने इस प्रस्ताव को यह कहकर ठुकरा दिया कि मित्रता की आड़ में विधर्मी को बादषाह के रूप मे स्वीकार नहीं कर सकते। यदि उस समय उन्होंने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया होता तो आज क्या स्थिति होती उसका अंदाजा लगाया जा सकता है। तब हम शायद महराणा का नाम भी नहीं जानते होते। उस समय भी एक पक्ष महाराणा प्रताप का था जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी पराधीनता को स्वीकार नहीं किया तो दूसरा पक्ष उन राजाओं का था जिन्होंने अकबर की अधीनता स्वीकार कर ली थी। मुख्यमंत्री ने कारगिल युद्ध के समय पूर्वोत्तर के बोडो जनजातीय के समर्पण की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि बोडो जनजाति ने पाकिस्तान के खिलाफ जंग जीतने में महत्वपूर्ण भ्ूामिका अदा की। उन्होंनंे कहा कि अरावली की पहाडियों में दलित ,पिछड़े ,वनवासियों की सहायता से अकबर से युद्ध किया और जीते जी अकबर महाराणा प्रताप का बाल बांका न कर सका। उन्होंने बताया कि जनजातीय लोगो में से अधिकांषत अपने को हल्दी घाटी युद्ध के समय बचे हुए सैनिकोें मेें से एक मानते हंै। यही कारण है कि वह अपने आप को लोकलज्जा के डर से समाज से अलग रखते हैं ।
कार्यकम को बतौर विषिष्ट अतिथि संबोधित करते हुए अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख श्री नरेंद्र ठाकुर जी ने कहा कि महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व में शौर्य के अलावा नैतिकता का भी अदभुत समावेष था। उन्होंने बताया कि जब महाराणा के पुत्र अमर सिंह ने अब्दुल रहीम खानखाना परिवार की महिला सदस्यों को कैद कर लिया तोे महाराणा प्रताप स्वयं खानखाना से क्षमा मांगने गये उस समय महाराणा ने कहा था कि श़त्रु परिवार की भी महिला सदस्यों की सुरक्षा करना भी मेरा दायित्व व राष्ट्रधर्म है। श्री ठाकुर जी ने कहा कि महाराणा प्रताप जेसे शूरवीरों में ही ऐसा नैतिक बल संभव है। इसी प्रकार उन्होंने स्वमी विवेकानंद की नैतिकता का उल्लेख किया औेर कहा कि षिकागो में जब स्वामी जी से मिलकर एक महिला ने विवाह का प्रस्ताव किया था और उसने एक पुत्र की इच्छा प्रकट की थी। तब स्वामी जी ने कहा था कि आप मुझे ही पुत्र के रूप में स्वीकार कर लीजिये। उन्होंने कहा कि यह है हमारी नैतिकता। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि आज देषभर में कई जागरण पत्रिकायें प्रकाषित हो रही हैं जो समाज जागरण के क्षेत्र में काफी प्रयोग कर रही है। यह प्रयोग काफी सफल भी हो रहे है। अवध प्रहरी भी एक जागरण पत्रिका है जिसने महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर युवा शौर्य विषेषांक प्रकाषित करके सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आज के समाचार पत्रों में विभिन्न समाचार भरे रहते है। लेकिन उनमंें समाजहित के समाचारों की भारी कमी रहती है यह कमी आज अवध प्रहरी जैसी जागरण पत्रिकायंे पूरा कर रही हैं। आज भी दूर दराज के हिस्सो में समाचार पत्र नहीं पहुच पाते है। वहां पर जागरण पत्रिकायें ही अच्छे समाचारों को गांवो की जनता तक पहुचाने का काम कर रही हैं। समारोह को संबोधित करते हुए उप्र अनुसूचित जात जनजाति आयोग के अध्यक्ष बृजलाल जी ने कहा कि जातीय भेद से उबरने की आवष्यकता 500 वर्ष पूर्व भी थी आज भी है जब तक जातीय बंधनों से मुक्ति नहीं होगी तब तक देष और समाज में समरसता व्याप्त नहीं हो पायेगी। एकात्म मानववाद का दर्षन भी जाति से मुक्ति की कामना करता है। विषेषांक संपादक प्रणय विक्रम सिंह ने ने परिचय कराते हुये कहा कि यह शौर्य विषेषांक हल्दी घाटी के उन अमर शहीद योद्धाओं को श्रद्धंाजलि अर्पित करेगा जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिये अपनें प्राणों को न्यौछावर कर दिया। वह कहते हैं कि महाराणा प्रताप अपने कालखंड के सबसे बड़े समाज सुधारक थे जिन्होने भीलो के साथ भोजन किया उन्होंने अपनी सेना में हर तबके के लोगों को मुख्य धारा में रहने का अवसर दिया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मंच पर उपस्थित गणमान्य लोगों ने अवध प्रहरी पत्रिका का विमोचन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन से हुआ, मंच संचालन संपादक पत्रकार नरेंद्र भदौरिया जी ने किया। मंचस्थ अतिथियों का परिचय डा. अषोक दुबे जी ने किया और आभार प्रबन्ध संपादक दिवाकर अवस्थी ने किया।
Posted on 14 June 2018 by admin
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा और आरएसएस नए मुद््दे उछालने और मूल मुददों से भटकाने में माहिर हैं। वे कुछ भी फर्जी आरोप गढ़ सकते हैं। भाजपा से नई टेक्नालाजी के दुरूपयोग का खतरा है। विशेष तौर पर संचार माध्यमों फेसबुक, व्हाटसऐप झूठ फैलाने में प्रयोग हो सकता है। डिजिटल इंडिया का इस्तेमाल विपक्षियों का चरित्र हनन करने तथा आपत्तिजनक अफवाहें फैलाने में किया जा सकता है। आरएसएस अपने संगठन के स्तर से गांवो तक अफवाहें फैलाने के अभियान की रणनीति पर काम कर रहा है। इनके मुकाबले के लिए अभी से कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक समाजवादी पार्टी के संगठन को मजबूत बनाना और अनुरूशासनबद्ध तरीके से चुनाव की तैयारियों में जुट जाना होगा।
श्री यादव आज यहां पार्टी मुख्यालय, लखनऊ में कन्नौज लोकसभा क्षेत्र के एक हजार प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होने कहा भाजपा का एजेंडा झूठ और धोखा है। देश की राजनीति मेेें बदलाव करने में समाजवादी पार्टी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। हमारा प्रयास होगा कि भाजपा दुबारा सत्ता में न आने पाए। उन्होने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि भाजपा के षडयंत्र के विरूद्ध सच्चाई पर चर्चा करें। मतदाता जब सच्चाई जान लेगा तो वह समर्थन जरूर देगा।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में विकास करने में कोई कसर नहीं रखी गई। किसानों, गरीबों, नौजवानों, महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गो के कल्याण की योजनाएं शुरू की गई। किसानों के लिए मंडियों को विकसित करने के साथ सड़कों के निर्माण पर जोर दिया गया। बिजली आपूर्ति में सुधार हुआ, नए मेडिकल कालेज खोले गए। गंभीर रोगों कैंसर, हार्ट, किडनी, लीवर के मुफ्त इलाज की व्यवस्था की गई।
श्री यादव ने कहा कि भाजपा गरीब और किसान को योग सिखाना चाहती है यह मुददों से भटकाना है। किसानों को कर्जमाफी में फर्जी चेक दिए गए जो बाउंस हो गए। भारत के अलावा किसी देश में किसान आत्महत्या नहीं कर रहा है। भारत में सबसे ज्यादा बेकारी है। जीएसटी के बाद मंहगाई बढ़ी है। कंपनियों में छंटनी हो रही है। सरकारी विभागों में वेतन समय से नही बंट रहा है।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए यूपी डायल 100 विष्वस्तरीय सेवा है। महिलाओ की सुरक्षा के लिए 1090 वूमेन पावर लाइन और घायलों के इलाज के लिए 108 समाजवादी एम्बूलेंस सेवा समाजवादी सरकार में शुरू हुई। भाजपा राज में जनहित की तमाम योजनाएं बंद कर दी गई है। गरीब महिलाओं के लिए समाजवादी पेंशन योजना खत्म हो गई है। अल्पसंख्यक दहशत में जी रहे हैं। महिलाओं एवं बच्चियों के साथ आए दिन दुष्कर्म की घटनाएं हो रही है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है।
पूर्व मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भाजपा का रास्ता विनाश और बर्बादी का है। समाजवादी रास्ता विकास का है। भाजपा समाज में नफरत फैलाना चाहती है जबकि समाजवादी सरकार सामाजिक सद््भाव को मजबूत करना चाहती है। समाजवादी सरकार के समय आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे, मेट्रो रेल, लखनऊ में विश्वस्तरीय आलमबाग बस स्टेशन, क्रिकेट स्टेडियम बने है।
कन्नौज से आए कार्यकर्ता इस बात से बहुत आक्रोशित थे कि भाजपा द्वारा समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को बदनाम करने का अभियान चलाया जा रहा है। गरीबों, किसानो, नौजवानो, अल्पसंख्यको का विश्वास श्री अखिलेश जी के नेतृृत्व पर है। समाजवादी पार्टी की नीतियों से ही विकास हो सकता है। भाजपा सरकार के जन विरोधी कार्यो से लोग त्रस्त हैं। मंहगाई से बुरा हाल है। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे बूथ स्तर तक संगठन को और मजबूत बनाएगंे और लोकतंत्र को कमजोर करने की भाजपा की कोशिशों का डटकर मुकाबला करेगें। भाजपा को 2019 में जवाब अवश्य दिया जायेगा।
Posted on 14 June 2018 by admin
लखनऊ, विधान भवन, राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान, उ0प्र0 के तत्वावधान में साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन मुख्य भवन, उ0प्र0 सचिवालय परिसर स्थित संस्थान में अध्यक्षता संस्थान के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शीलेन्द्र कुमार सिंह चैहान ने की। गोष्ठी का संचालन हरी प्रकाश ‘हरि’ ने किया।
गोष्ठी में काव्यपाठ प्रस्तुत करते हुए रामलखन यादव ने गीत प्रस्तुत किया ‘सारे जग की है यह शान, हमारा भारत देश महान’ गीत सुनाया। केवल प्रसाद ‘सत्यम’ ने सामाजिक समरसता के दोहे सुनाये, ‘पानी पानी शब्द हैं, पानी पानी बोल, पानी पानी आचरण, समझ न पायें मोल। बलदेव त्रिपाठी जी ने कहा ‘बात कहनी थी जो वो न हम कह सके, तुम न फिर मिल सके, हम न फिर मिल सके। संजीव तिवारी ने लोकगीत प्रस्तुत किया ‘उजरैं न दियाबे अपन गाँव मेरे मितवा, फिरि होइ है बरगद कै छाँव मोरे मितवा। अनन्त प्रकाश तिवारी ने ‘भीतर भीतर पतझर, बाहर ऋतु बासन्ती है’ गीत सुनाकर देश के यथार्थ से सभी को परिचित कराया। श्री हरी प्रकाश ‘हरि’ ने अपनी पुस्तक ‘शिवा सन्देश’ के कुछ अंश ‘यदि अब भी संदेश शिवा का समझ सकें जय सिंह भारत के, तो निश्चय ही लौट सकेंगे फिर से स्वर्णिम दिन भारत के’ सुनाया। नरेन्द्र भूषण ने ‘पैताने यदि बैठ कभी उससे बतियाते हो, तो समझो थोड़ा सा उसका कर्ज चुकाते हो’ गीत से सभी सन्तानों को उनके कर्तव्यों का भान कराया।
इसके अतिरिक्त श्रीमती सुफलता त्रिपाठी, श्रीमती निशा सिंह, सुशील श्रीवास्तव, डाॅ0 रविशंकर पाण्डेय, सुनील कुमार बाजपेयी, विजय प्रसाद त्रिपाठी श्री बलदेव त्रिपाठी, श्रीमती अंजू शर्मा, पं0 बेअदब लखनवी एवं अखिलेश त्रिवेदी ‘शाश्वत’ ने भी काव्य-पाठ किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि शरद मिश्र ‘सिन्धु’ ने ‘गरज उठा मन का आडवाणी, राम लला हम आएंगे’ सुनाया। अति विशिष्ट अतिथि कमलेश मौर्य ‘मृदु’ ने ‘चेहरे पर चेहरे हैं, चेहरा चेहरा हैं हम, बाहर से आश्रम हैं बाहर से गुफा हैं हम’ समेत अनेक गीत, छन्द सुनाये। इसी क्रम में मुख्य अतिथि डाॅ0 रंगनाथ मिश्र ‘सत्य’ ने राम की उँगलियों के पीठ में निशान लिये, आज राम प्रेम पगी घूमती गिलहरी’ जैसे अनेक मधुर गीत प्रस्तुत किये। अन्त में मंचासीन सभाध्यक्ष श्री शीलेन्द्र कुमार सिंह चैहान ने ‘तुम आये तो हँसी खिड़कियाँ दरवाजे मुस्काये, पाकर परिचित गंध द्वार ने स्वागत गीत सुनाए’ गीत प्रस्तुत किया व अध्यक्षीय वक्तव्य के साथ गोष्ठी सम्पन्न हुई।
Posted on 14 June 2018 by admin
लखनऊ 14 जून।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन उ0प्र0 (एन0एस0यू0आई0) मध्य जोन की प्रदेश कार्यकारिणी व जिला अध्यक्षों की एक आवश्यक बैठक आज यहां एनएसयूआई के प्रान्तीय कार्यालय 10 माल एवेन्यू पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन उ0प्र0 मध्य जोन के अध्यक्ष श्री मयंक तिवारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव एवं उ0प्र0 मध्य जोन के प्रभारी श्री सत्यवीर चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
यह जानकारी देते हुए प्रदेश एन0एस0यू0आई0 के मीडिया प्रभारी रोहित कश्यप ने बताया कि बैठक में सर्वप्रथम राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के उपरान्त पहली बार लखनऊ आगमन पर राष्ट्रीय सचिव एवं उ0प्र0 मध्य जोन के प्रभारी श्री सत्यवीर चौधरी का फूल-मालाओं से लखनऊ एयरपोर्ट पर कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य एवं जोरदार स्वागत किया गया।
बैठक में मुख्य रूप से संगठन को मजबूत बनाने के लिए आगामी जुलाई माह से मध्य जोन के सभी 21 जनपदों के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय में बढ़ी हुई फीस वापस लिये जाने के सम्बन्ध मंे कुलपति महोदय को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा गया।
मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद राष्ट्रीय सचिव एवं उ0प्र0 मध्य जोन के प्रभारी श्री सत्यवीर चौधरी ने एनएसयूआई के पदाधिकारियों को सदस्यता अभियान में जी जान लगाकर मेहनत करने का अवाहन किया। उन्होने कहा कि देश का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक छात्र संगठन एनएसयूआई है। वर्तमान समय में छात्रों के सामने तमाम चुनौतियां हैं। केन्द्र की मोदी एवं प्रदेश की योगी सरकार ने छात्रों से किये गये वादे 90 दिन में समस्त रिक्त पदों को भरने और वर्ष में दो करोड़ रोजगार देने, एससी/एसटी एवं अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति, पेपर लीक, शिक्षण संस्थानों पर लगातार अटैक, छात्र शक्ति का दमन-छात्र संघों के चुनाव न कराये जाने, पाठ्यक्रम से छेड़छाड़, शिक्षा का निजीकरण-भगवाकर -व्यापारीकरण, शिक्षा बजट में कटौती, लगातार विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयेां में फीस वृद्धि आदि चुनौतियों का सामना छात्रों को करना पड़ रहा है। इन चुनौतियों का एनएसयूआई के पदाधिकारियेां एवं कार्यकर्ताओं को डटकर सामना करना होगा।
बैठक को सम्बोधित करते हुए श्री मयंक तिवारी ने कहा कि एनएसयूआई लखनऊ विश्वविद्यालय में हुई फीस वृद्धि का जोरदार विरोध करेगी और फीस वृद्धि को वापस लिये जाने हेतु हस्ताक्षर अभियान, धरना-प्रदर्शन करके फीस वृद्धि वापस लिये जाने हेतु दबाव बनायेगी।
मीडिया प्रभारी रोहित कश्यप ने बताया कि बैठक में प्रमुख रूप से सर्वश्री प्रशान्त तिवारी, गुरूदीप प्रकाश, विशाल वर्मा, कर्मवीर सिंह, अखिलेन्द्र प्रताप सिंह, आदित्य चौधरी, शिवांगी राजपूत, शैलेश शुक्ला, वीरेन्द्र यादव, प्रशान्त सिंह, गौरव त्रिपाठी सहित सैंकड़ों पदाधिकारी मौजूद रहे।
Posted on 14 June 2018 by admin
लखनऊ 14 जून।
प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा अब मेधावी छात्रों के साथ भी धोखा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ द्वारा मेधावी छात्रों को एक-एक लाख रूपये की चेंके प्रदान की गयीं और उनका जोर-शोर से प्रचार-प्रसार किया गया। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन मेधावी छात्रों को दी गयी एक-एक लाख रूपये की चेक बाउन्स हो रही हैं। जिसके भुगतान के लिए मेधावी छात्र दर-दर भटकने के लिए मजबूर हैं।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने आज जारी बयान मंे कहा कि मेधावी छात्रों को मिलने वाले इस एक लाख रूपये से वह अपनी शिक्षा की बेहतरी के लिए जो कार्य करते, सरकार के इस धोखे के कारण उससे वह वंचित रह गये। जिसके चलते प्रदेश के मेधावी छात्र बहुत ही निराश एवं हतोत्साहित हैं।
श्री अग्रवाल ने कहा कि राजधानी लखनऊ, प्रतापगढ़, देवरिया आदि जिलों में मेधावी छात्रों के चेक बाउन्स हुए हैं। सरकार द्वारा इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए काफी धन का अपव्यय किया गया और चेक वितरण के कार्यक्रम आयेाजित करके वाहवाही लूटने का कार्य किया गया किन्तु मेधावी छात्रों के हाथ निराशा लगी।
प्रवक्ता ने कहा कि यदि सरकार की मंशा मेधावी छात्रों को पारितोषिक देने की है तो अविलम्ब दोषी अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्यवाही करते हुए यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में मेधावी छात्रों के साथ इस तरह का खिलवाड़ न हों तथा जिन छात्रों के चेक बाउन्स हो गये हैं उनका भुगतान अविलम्ब कराया जाय।
Posted on 14 June 2018 by admin
लखनऊ 14 जून।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी ने डा0 कफील खान के भाई श्री कासिफ जमील के साथ हुई हिंसा एवं उत्तर प्रदेश की लगातार गिरती कानून व्यवस्था पर चिन्ता व्यक्त की है। उन्होने डॉ0 कफील को पत्र लिखकर संवेदना व्यक्त करते हुए उनके भाई के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने बताया कि श्री गांधी ने भेजे पत्र में कहा है कि हाई सिक्योरिटी क्षेत्र (मुख्यमंत्री का गृह जनपद) में गोलीबारी की घटना उ0प्र0 में पूरी तरह गिर चुकी कानून व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होने पत्र में कहा है कि इस घटना में शासन-प्रशासन द्वारा बरती गयी लापरवाही की जांच होनी चाहिए।
श्री अग्रवाल ने बताया कि श्री गांधी ने उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार द्वारा डॉ0 कफील खान के प्रति अपनायी जा रही विद्वेषपूर्ण कार्यवाही के बावजूद भी उत्पन्न कठिन परिस्थितियों में भी अपने स्वाभिमान और सम्मान के प्रति समझौता न करने के जज्बे की प्रसंशा करते हुए कहा है कि डॉ0 कफील खान के इस धैर्यपूर्ण व्यवहार से आम आदमी को दुर्भावनापूर्ण कार्यवाही करने एवं हतोत्साहित करने वाले शासन-प्रशासन के कृत्य के विरूद्ध प्रेरणा मिलती है।
Posted on 14 June 2018 by admin
लखनऊ 14 जून 2018। उत्तर प्रदेश के 5 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेसवार्ता आज के अखबारों में जब मैंनंे पढ़ी तो लगा कि जिस भाषा का प्रयोग उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा महामहिम उत्तर प्रदेश के बारे में किया है उससे लगता है कि यह एक अस्वस्थ व्यक्ति की भाषा तो हो सकती कदापि स्वस्थ की नहीं। उनकी अपनी वाणी मेें अहंकार साफ दिखता है। वह अधिकारियों को धमकाते है उन्हें देख लेने की धमकी देते है। वह यह कैसे भूल जाते है कि पण्डित (अधिकारी) ही सत्ता का व्यक्ति का स्वयंमबर व श्राद्धा दोनों कराते है।
राणा ने कहा कि व्यक्ति को चार गुण ही महान बनाते है (1) वाणी में माधुर्य (2) दृष्टि में प्रसन्नता व व्यापकता (3) मन में पवित्रता (4) व्यवहार में कुशलता। कल की प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव चारों गुणों से निर्धन थे। उन्होंने कहा कि राज्यपाल मंे आरएसएस की आत्मा बसती हैं मैं उनको बताना चाहता हूॅ कि राज्यपाल में एक महान आत्मा जरूर बसती है जिससे वह सरकारी धन से बने बंगले के तहस नहस से दुखी है। अखिलेश जी आप सरकारी बंगले की तहस नहस से खुश है तभी तो आपने उसे तबाह कर दिया वरना जनता के धन से बने बंगले को कभी नुकसान न पहुंचाते।
श्री राणा ने कहा कि जो आपने सरकारी सम्पति को नुकसान पहुंचाया है वह दर्शाता है कि आप में न समझदारी है न ईमानदारी है न जवाबदारी है और न ही वफादारी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व राज्यपाल तो गुणों की खान है और आप?
Posted on 13 June 2018 by admin
सुरेन्द्र अग्निहोत्री, लखनऊ: 13 जून, 2018
उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने सूडा के नवनिर्मित कार्यालय भवन में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के घटक लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण के लिए प्री-कास्ट लार्ज कंक्रीट पैनेल तकनीकि द्वारा निर्मित माॅडल भवन का शुभारम्भ करते हुए कहा कि इस तकनीकी से निर्मित मकानों में ईंट की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। ये मकान गुणवत्ता से परिपूर्ण, पर्यावरण फ्रेन्डली तथा भूकम्प रोधी होंगे और इनकी लाइफ लगभग 75 वर्ष होगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के मकान तीन से पांच दिन के अन्दर तैयार हो जायेंगे और इन्हें किसी भी मौसम में बनाया जा सकता है।
मकान के माॅडल का अवलोकन करने के पश्चात् नगर विकास मंत्री सूडा कार्यालय में मीडिया को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश गरीबों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और जो भी नयी तकनीकी सामने आ रही है उसका उपयोग करके गरीबों के अपना घर होने का सपना पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि नयी तकनीक से निर्मित मकान पारम्परिक घर जैसा ही लगता है। साथ ही इसकी मजबूती से भी समझौता नहीं होता।
श्री खन्ना ने प्रीकास्ट तकनीक से निर्मित किये जाने वाले मकानों की अन्य खूबियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस तकनीकी को अपनाकर स्पोर्टस स्टेडियम, हाल आदि का भी निर्माण किया जा सकता है। इसमें समय और धन की काफी बचत होगी और किसी भी सामग्री में जंग नहीं लगती। इसकी एक और खास बात यह है कि अधिक संख्या में मकान बनाने से लागत भी कम हो जाती है। तमिलनाडु, महाराष्ट्र तथा अन्य कई राज्यों में इस तकनीकी का इस्तेमाल करके मकान बनाये जा रहे हैं।
नगर विकास मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश के शहरी बे-घरों को निजी पक्का आवास मुहैया कराने के लिए कटिबद्ध है। प्रदेश के नगर पंचायतों, नगरपालिका परिषदों तथा नगर निगमों के आवासहीन पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत लाभान्वित किया जा रहा है। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरूआत 25 जून, 2015 को किया था। इस योजना का मूल उद्देश्य वर्ष 2022 तक शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराया जाय। उ0प्र0 में 21 मार्च, 2016 को यह योजना लागू की गयी और 653 नगर निकायों को इस योजना से आच्छादित किया गया।
प्रदेश में 2022 तक 14.20 लाख आवासों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है, जिसके लिए वर्षवार रोडमैप तैयार किया जा चुका है। भारत सरकार द्वारा 11286 मकानों की स्वीकृति दी गयी। मार्च 2017 से अब तक 75 जनपदों में कुल चार लाख आवासों की डी.पी.आर. भारत सरकार द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है। इसके अलावा भागीदारी में किफायती आवास घटक के अन्तर्गत 16 जनपदों में 40 परियोजनाओं में 33 हजार 685 आवासों की डी.पी.आर. भारत सरकार द्वारा स्वीकृत की गयी है। इस प्रकार कुल 4 लाख 11 हजार 796 आवासों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
नगर विकास मंत्री ने बताया कि बी.एल.सी. घटक के अन्तर्गत कुल 3 लाख 78 हजार 111 आवासों की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त कर उ0प्र0 देश में दूसरे स्थान पर है। स्वीकृत आवासों के सापेक्ष कुल 1 लाख 35 हजार 790 आवासों की जियो टैगिंग की गयी जिसका जमीन पर कार्य प्रगति पर है। इस योजना में अब तक 75 जनपदों को कुल 81 हजार 754 लाभार्थियों को 734.82 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गयी है।
इस मौके पर नगर विकास मंत्री ने हाल में ही उत्तर प्रदेश राज्य ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नीति कैबिनेट से अनुमोदित किये जाने की जानकारी देते हुए बताया कि इस नीति के अन्तर्गत पानी तथा अपशिष्ट के शोधन एवं प्रबन्धन के लिए प्रक्रिया अपनायी गयी है। पानी को शुद्ध कर दोबारा उपयोग में लाने तथा अपशिष्ट से कम्पोस्ट खाद बनायी जायेगी। इस नीति के तहत पी.पी.पी. माॅडल पर निजी भागीदारी और निवेश को प्रोत्साहन दिया जायेगा। इस मौके पर अमेरिका के एक उद्यमी श्री अजय गिरोत्रा ने कूड़े से बिजली बनाने हेतु संयत्र स्थापित करने के लिए 400 करोड़ रुपये निवेश करने की इच्छा जतायी।
श्री खन्ना ने कहा कि इस वर्ष फरवरी में सम्पन्न हुए इन्वेस्टर्स समिट के दौरान कई उद्यमियांे ने कूड़ा-कचरा प्रबन्धन तथा इससे विद्युत बनाने के लिए निवेश किये जाने की इच्छा जतायी थी। इस अवसर पर सचिव नगर विकास श्री जी.एस. प्रियदर्शी, निदेशक-सूडा श्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय एवं अतिरिक्त निदेशक-सूडा श्री वी.के. सिंह उपस्थित थे।
Posted on 13 June 2018 by admin
लखनऊः दिनांक 13 जून 2018
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा लोक भवन में आयोजित ‘‘शासकीय योजनाओं/कार्याे के प्रचार-प्रसार में सोशल मीडिया की प्रासंगिकता’’ विषयक दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ राज्य मंत्री सूचना डा0 नीलकंठ तिवारी ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
कार्यशाला के उदघाटन के अवसर पर राज्य मंत्री सूचना डा0 नीलकंठ तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि किसी भी राज्य का संचालन तभी ठीक माना जाता है, जब राज्य सत्ता द्वारा किए जा रहे कार्य जनता तक पहुंचे और जनता की बात राज्य सत्ता तक पहुंचे। उन्होने कहा कि सदियों पहले से दुनिया में किसी न किसी रूप में सूचनाओं का आदान प्रदान होता रहा है। प्राचीन काल से अब तक दुनिया में बड़े परिवर्तन हुए हैं। दुनिया तेजी से विकास की गति को पकड़ चुकी है और इस कार्य में त्वरित सूचनाओं का अंतरण एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रखता है। पहले प्रिंट मीडिया के समय सूचनाओं के प्रकाशन पर नियंत्रण रहता था। मात्र घटित हुई घटनाओं का ही विवरण प्रिंट मीडिया के माध्यम से लोगांे को प्राप्त होता था। परन्तु समय के साथ दूरदर्शन (इलेक्ट्रानिक मीडिया) के प्रादुर्भाव से लोगों में सूचनाओं को जानने एवं घटनाओं की तह तक जाने की जिज्ञासा पैदा हुई। परन्तु लोग तब भी उन्मुक्त भाव से स्वछंद रूप से अपनी बात को उच्च स्तर तक पहुंचाने में असमर्थ थे।
डा0 तिवारी ने कहा कि आज सोशल मीडिया पर लोग अपने विचार खुले मन से व्यक्त कर सकते हैं। समाज के आखिरी पायदान पर बैठा हुआ व्यक्ति भी अपनी बात सोशल मीडिया के माध्यम से शासन तक पहुंचा सकता है और सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न रोजगारपरक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर लाभान्वित हो सकेगा। उन्होने कहा कि जल्द ही सरकार द्वारा इस दिशा में और भी प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए मानिटरिंग सेल बनाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होने कहा कि आने वाले दिनों में सोशल मीडिया लोकतंत्र का प्रभावी माध्यम होगा। हर विभाग के लाभार्थियों को भी सोशल मीडिया से जोड़ेंगे, जिससे अधिक से अधिक लोग शासन की योजनाओं से लाभान्वित हो सकेंगे।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव सूचना श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने कार्यशाला में विभिन्न विभागों से आये अधिकारियों/कर्मचारियों /सोशल मीडिया के उपयोगकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस दो दिवसीय आयोजित कार्यशाला का मुख्य उददेश्य है कि भारत सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी/रोजगारपरक /किसानों के लिए संचालित योजनाओं सहित निर्माण कार्यो की जानकारी आम जनता तक पहुंचायी जाय, जिससे पात्र लोग योजनाओं से अधिक से अधिक लाभान्वित हो सकें। उन्होने कहा कि पूरे देश में उत्तर प्रदेश ऐसा प्रदेश है जो स्वच्छ शौचालय निर्माण,प्रधानमंत्री आवास, योजना (ग्रामीण), सौभाग्य योजना, गन्ना एवं चीनी उत्पादन आदि विकास कार्याे में प्रथम स्थान रखता है। उन्होने कहा कि देश की जनता यह जाने की विभागों में क्या-क्या कार्य होते हैं। उन्होने विभिन्न जनपदों से आये सूचना विभाग के अधिकारियों तथा अन्य विभागों के अधिकारियों से कहा कि जो भी अच्छे कार्य जिस किसी विभाग द्वारा किया जाय उसे सोशल मीडिया पर अवश्य अपलोड करें।
इस अवसर पर सूचना सलाहकार श्री मृत्युंजय कुमार ने कहा कि पहले प्रिंट मीडिया में खबरें छपवाने के लिए लोगों को परेशानी होती थी, किन्तु अब सोशल मीडिया की क्रांति के पश्चात हर व्यक्ति अपनी बात को सरलता से उच्चतम स्तर तक क्षण भर में पहुंचा सकता है।
इस अवसर पर निदेशक सूचना डा0 उज्ज्वल कुमार ने राज्य मंत्री सूचना सहित समस्त आगुन्तकों का स्वागत करते हुए कहा कि पहले प्रिंट मीडिया ही खबरों के आदान-प्रदान का माध्यम था, उसके बाद आकाशवाणी तथा दूरदर्शन की शुरूआत हुई तत्पश्चात इलेक्ट्रानिक मीडिया एवं आज सोशल मीडिया गांव के दूर-दराज अंचलों में व्यापक रूप से फैल चुका है। उन्होने विभागीय अधिकारियों से कहा कि इस कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा यह सिखाया जायेगा कि, सोशल मीडिया पर फ्लैश हुई गलत खबरों को संज्ञान में आने पर उनका त्वरित निराकरण किस प्रकार किया जाय।
इस अवसर पर कार्यशाला के प्रथम सत्र में सी0ई0ओ0, उलहवअण्पदश्री अरविंद गुप्ता ने विभागीय उपलब्धियों, विकास कार्यो तथा नीतियों का सोशल मीडिया में प्रचार -प्रसार तथा उसके प्रभाव पर प्रकाश डाला। निदेशक, ग्रे मैटर्स कम्यूनिकेशन्स के डा0 नवनीत आनन्द ने सरकारी संचार/संवाद के बदलते आयाम में सोशल मीडिया की प्रासंगिकता एवं उसके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यशाला के द्वितीय सत्र में डिजिटल मीडिया, कन्सलटेन्ट, रेल मंत्रालय श्री जनक्रुत ओज़ा ने शासकीय कार्य प्रणाली में सोशल मीडिया के संवाद की भूमिका एवं शिकायतों के निस्तारण के बारे में जानकारी दी । इंडिपेंडेन्ट कन्सलटेन्ट, वीडियो एक्सपर्ट श्री तन्मय शंकर ने सोशल मीडिया में वीडियोज के जरिए संवाद एवं उसके प्रभाव के बारे में बताया। सोशल मीडिया एक्सपर्ट श्री अनूप काईपल्लिल ने डिजिटल एक्टिविज्म और सोशल मीडिया तथा निदेशक ग्रे मैटर्स कम्यूनिकेशन्स डाॅ0 नवनीत आनन्द ने शासकीय संचार/संवाद के उत्कृष्ट अभ्यास पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर प्रदेश के लगभग 70 विभागों के अधिकारी/कर्मचारी, समस्त जनपदों के उप निदेशक, सूचना/सहायक निदेशक सूचना, अपर जिला सूचना अधिकारियों तथा सूचना ब्यूरो के समस्त सूचना अधिकारी/अपर जिला सूचना अधिकारी एवं अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

