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बी0एस0पी0 का 25 मार्च को उ0प्र0 के सभी जिला मुख्यालयों पर जोरदार धरना-प्रदर्शन की घोषणा

Posted on 17 March 2010 by admin

त्रैमासिक पत्रिका मायायुग का शीघ्र ही प्रकाशन शुरू

लखनऊ - बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने उत्तर प्रदेश के तमाम पार्टी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, विधायकों, सांसदों, मन्त्रियों को निर्देश दिये हैं कि विरोधी पार्टियों द्वारा बी0एस0पी0 की महारैली को विफल करने के लिए अपनाये गये तमाम घिनौने हथकण्डों एवं साजिशों का फर्दाफाश करने के लिए अगामी 25 मार्च को जिला मुख्यालय पर जोरदार धरना प्रदर्शन करके उनका मुहन्तोड़ जवाब दें। इसके साथ, उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल को बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती के अवसर पर महिला आरक्षण विधेयक की खामियों का खुलासा करने के लिए देश-व्यापी आन्दोलन चलाया जाएगा। इसके अलावा केन्द्र की यू0पी0ए0 सरकार के कार्यकाल के, 22 मई को एक वर्ष पूरा होने के दिन से प्रत्येक  जिले की एक विधान सभा सीट के मुख्यालय पर महिला आरक्षण की कमियों को दूर करने तथा यू0पी0ए0 सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण बढ़ती महंगाई के खिलाफ जोरदार ढंग से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

बी0एस0पी0 मुख्यालय में पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों, मन्त्रियों की बैठक को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आज कहा कि बी0एस0पी0 की इस ऐतिहासिक रैली को रोकने के लिए तरह-तरह की साजिशें की गईं। विपक्षियों ने सबसे पहले उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ पीठ में एक नहीं दो-दो जनहित याचिकायें दायर कीं। जिसके कारण महारैली के आयोजन के सम्बन्ध में लगभग अन्त तक संशय की स्थिति बनी और देश भर में पार्टी के लोग महारैली के आयोजन के सम्बन्ध में दुविधा में रहे। इसके बाद भी विरोधियों ने मीडिया का सहारा लेकर इस मामले को अनावश्यक तूल देने का कार्य किया, ताकि लोग गुमराह होकर रैली में न आ सकें। इस मामले को संसद तक उछाला गया।

सुश्री मायावती ने कहा कि विरोधी दलों की रैली को रोकने की मंशा जब पूरी नहीं हुई तो उन लोगों ने 15 मार्च को दूसरा हथकण्डा अपनाया और रैली में भगदड़ मचाने के लिए रमाबाई अम्बेडकर रैली स्थल के समीप स्थित केन्द्र सरकार के नियन्त्रणाधीन केन्द्रीय विश्वविद्यालय परिसर में स्थित झाड़ियों में एक साजिश के तहत आग लगायी गई, जिससे जंगली मधुमिक्खयों झुण्ड मंच की तरफ आ गया। विरोधी दल की मंशा थी कि मधुमिक्खयों के डर से लोगों में अफरा-तफरी फैलेगी और भगदड़ के कारण लोग मारे जायेंगे और इस प्रकार रैली विफल हो जायेगी। परन्तु ऐसा नहीं हुआ और कुदरत ने हमारा साथ दिया। उन्होंने कहा कि हमारी नीयत साफ थी और विरोधियों की नीयत खराब थी इसलिए मधुमिक्खयों ने किसी पर हमला नहीं किया। उन्होंने कहा कि जब विपक्षी इसमें भी सफल नहीं हुए तो अन्तत: पार्टी के लोगों द्वारा आर्थिक सहयोग के रूप में दिये गये 21 लाख रूपये की नोटों की माला को मुद्दा बनाया तथा इस मामले को संसद तक में उछाला गया। उन्होंने कार्यकर्ताओं/ पदाधिकारियों का आवाहन किया कि विरोधियों की इस घिनौनी साजिश पर चुप नहीं रहें, मुहंन्तोड़ जवाब दें।

बी0एस0पी0 राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निर्देश दिये कि आज ही सभी लोग अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर 25 मार्च को प्रत्येक जिला मुख्यालय पर एक दिन का धरना प्रदर्शन करने की तैयारी में जुट जायें और इसमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह धरना प्रदर्शन ऐतिहासिक होना चाहिए, इसमें क्षेत्र के विधायक, सांसद, जोनल कोआडिनेटर एवं मन्त्रीगण आदि सभी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को ठण्डे बस्ते में नहीं डालना है और पूरी तैयारी के साथ विरोधियों की साजिशों व काली करतूतों को जनता में उजागर करना है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी इस धरना प्रदर्शन का हवाई सर्वेक्षण करेंगी, जरूरत पड़ने पर किसी भी जिले में धरनास्थल पर जा सकती हैं।

सुश्री मायावती ने आह्वान किया कि बी0एस0पी0 के खिलाफ साजिश करने वालों को ऐसा मुंहतोड़ जवाब देना है कि कोई भी विरोधी पार्टी भविष्य में इस तरह की हिमाकत न कर सकें। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जाहिर की कि विरोधी पार्टियों की साजिश से पार्टी कार्यकर्ता विचलित नहीं हुए हैं और आज फिर आर्थिक सहयोग जुटा कर उन्हें 18 लाख रूपये की माला पहनाकर स्वागत किया है जिससे विरोधी पार्टियों को करारा झटका अवश्य लगा होगा।

बी0एस0पी0 की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अगले महीने 14 अप्रैल को परमपूज्य बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती मनाने के साथ-साथ महिला आरक्षण विधेयक की कमियों का खुलासा करने के लिए देश-व्यापी आन्दोलन चलाया जायेगा और जिला मुख्यालयों पर जोरदार ढंग से धरना/प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसके लिए पूरी तैयारी से कार्यकर्ता जुट जायें। धरना-प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन के लिए प्रदेश के राज्यपाल तथा राष्ट्रपति को ज्ञापन, भेजा जायेगा। उन्होंने सख्त निर्देश दिये कि धरना-प्रदर्शन के आयोजन के बारे में सम्बन्धित अधिकारियों से आवश्यक/लिखित अनुमति अवश्य प्राप्त कर ली जाये।

सुश्री मायावती ने कहा कि बी0एस0पी0 महिला आरक्षण बिल के खिलाफ नहीं है, लेकिन प्रस्तावित 33 प्रतिशत आरक्षण का बंटवारा सही तरीके से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 33 प्रतिशत आरक्षण में एस0सी0/एस0टी0, पिछड़े वर्ग, धार्मिक अल्पसंख्यक तथा अपर कास्ट की गरीब महिलाओं को आरक्षण का लाभ अलग से सुनिश्चित कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सामाजिक, शैक्षिक एवं आर्थिक उत्थान की बात सबसे पहले महात्मा ज्योतिबाफुले ने की और फिर संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर ने भारतीय संविधान में उन्हें बराबरी का हक दिलाया।

सुश्री मायावती ने 14 अप्रैल के बाद प्रदर्शन के दूसरे चरण के दौरान 22 मई को केन्द्र की यू0पी0ए0 सरकार के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने के दिन से महिला आरक्षण विधेयक की कमियों के साथ-साथ केन्द्र की गलत आर्थिक नीतियों के कारण बढ़ी मंहगाई अर्थात् इन दोनों मुद्दों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम प्रत्येक जिले की एक विधान सभा मुख्यालय पर आयोजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में यह प्रदर्शन नहीं होगा बल्कि जिले के किसी एक विधानसभा के क्षेत्र को चििन्हत करके दोनों मुद्दों पर धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा और 22 मई के बाद हर जोन में प्रत्येक बुधवार को एक विधान सभा के मुख्यालय पर इस प्रकार के धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि इन धरना-प्रदर्शन में तथाकथित बाबाओं द्वारा फैलाये जा रहे अंधविश्वास, आडम्बरों के बारे में भी लोगों को जागरूक करें, जिससे गांव के लोग इन कथित बाबाओं के बहकावे में न आ सकें। उन्होंने कहा कि बी0एस0पी0 की नीतियों, उपलब्धियों एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए त्रैमासिक पत्रिका मायायुग का शीघ्र ही प्रकाशन शुरू किया गया है।

सुश्री मायावती ने लगभग दो घंटे के अपने सम्बोधन में कहा कि वह सर्वसमाज के गरीब लोगों को रोटी, कपड़ा और मकान दिलाने के लिए संघर्ष कर रहीं हैं तथा प्रसन्नता जाहिर की, कि कार्यकर्ता उनके मुश्किल की घड़ी में हमेशा साथ खड़े रहे हैं, जिसके फलस्वरूप वह विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब देती रहीं हैं। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता सामाजिक परिवर्तन के लिए पूरे जोश से जुट जाये और तन, मन, धन से सहयोग दें। उन्होंने मान्यवर श्री कांशीराम जी की जयन्ती एवं बी0एस0पी0 की 25वीं वर्षगांठ पर सफलतापूर्वक एतिहासिक महारैली आयोजित करने के लिए सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ताओ एवं पदाधिकारियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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कांशीराम के जन्मदिन और बसपा की 25वीं वर्षगांठ पर महारैली

Posted on 15 March 2010 by admin

14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अम्बडेकर की जयन्ती पर पूरे देश के जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन

लखनऊ-  बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो एवं उप्र की मुख्यमन्त्री मायावती ने कांग्रेस को दलित विरोधी करार देते हुए आज यहां घोषणा की कि केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण विधेयक के विरोध में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती पर 14 अप्रैल को बसपा पूरे देश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी। बसपा के संस्थापक कांशीराम के जन्मदिन और बसपा की 25वीं वर्षगांठ पर राजधानी लखनऊ के रमा देवी अम्बेडकर मैदान में आयोजित महारैली को संबोधित करते हुए मायावती ने कांग्रेस भाजपा सहित सभी विपक्षी दलों पर हमला करते हुए कहा कि इन दलों ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा दलितों को संविधान में बराबर का अधिकार दिए जाने का विरोध ही नहीं किया, बल्कि विभिन्न प्रकार की बाधायें खड़ी करते रहे जो आज तक जारी है।mayawati

संसद में लाए गए महिला आरक्षण का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि इस विधेयक में भी दलित, गरीब और पिछड़ों के विरोध की बू आ रही है और सुप्रीमो ने कहा कि प्रस्तावित 33 प्रतिशत के महिला आरक्षण में अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं के लिए अलग से कोई कोटा निर्धारित नहीं किया गया है और बसपा इस विधेयक का जमकर विरोध करेगी। मायावती ने कहा कि मौजूदा महिला आरक्षण बिल में 33 प्रतिशत आरक्षण के कोटे में ही महिलाओं को शामिल कर लिया गया जिसका बसपा विरोध करती है और मांग करती है कि इस आरक्षण में दलित पिछड़ी और उच्च जाति की गरीब महिलाओं को अलग से आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अम्बडेकर की जयन्ती पर पूरे देश के जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करेगी।

मायावती ने कांग्रेस के महिला और दलित प्रेम की खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि बसपा ने सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की नीति के आधार पर महिला आरक्षण में दलित के अलावा पिछड़ी और सवर्ण वर्ग की गरीब महिलाओं के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था करने की मांग की, लेकिन केन्द्र सरकार ने विधेयक में इसे शामिल नहीं किया। उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि समाज के दबे कुचले वर्ग को जो भी अधिकार मिले हैं वह कांग्रेस, राजीव गांधी, सोनिया गांधी या किसी अन्य दल ने नहीं दिए हैं बल्कि इसका पूरा श्रेय डॉ. भीमराव अम्बेडकर को जाता है जिन्होंने संविधान में इन वर्गों के अधिकारों को सुरक्षित किया। कांग्रेस तथा सभी विपक्षी दलों को दलितों, पिछड़ों और गरीबों का विरोधी करार देते हुए मायावती ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा- कांग्रेस तथा चाचा भतीजे दलितों के घर खाना खाने का ढोंग जरूर रचते हैं लेकिन इन वर्गों के हितों और हकों की कांग्रेस को कभी चिन्ता नहीं रही और महिला आरक्षण विधेयक से कांग्रेस का पर्दाफाश हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत में विभिन्न जातियों और धर्मों को मानने वाले लोग हैं पर स्वतन्त्रता के बाद से केन्द्र की सत्ता पर दशकों काबिज रही कांग्रेस की जातिवादी व्यवस्था के चलते गरीबों, दलितों और पिछड़ों को पढ़ने लिखने, वोट डालने, चुनाव लड़ने, नौकरी और व्यवसाय में बराबर के अधिकार नहीं मिले। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तथा अन्य जातिवादी पार्टियों ने बसपा द्वारा दलितों और पिछड़ों के हक के लिए लड़ी जा रही लड़ाई का सदा विरोध किया जो आज भी जारी है और यही कारण है महिला आरक्षण में अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं को अलग से शामिल नहीं किया गया।

mayawati-railiराजधानी लखनऊ के रमा देवी अम्बेडकर मैदान में आयोजित इस रैली के बारे में दावा किया गया है कि इसमें देश भर से करीब 10 लाख लोग उपस्थित हुए। बसपा पदाधिकारियों ने रैली में शामिल होने वाले लोगों के लिए व्यापक तैयारियां की थीं जिससे किसी को भी किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आई। रैली को सफल बनाने में पूरा प्रशासनिक अमला भी जुटा हुआ था। अफसर लोगों की अगवानी से लेकर खाना परोसने तक में लगे थे। रैली ऐतिहासिक होने के साथ ही बेहद अनुशासित भी थी। बताया जा रहा है कि तकरीबन बीस हजार बसों से लोग इस रैली में शामिल होने के लिए राज्य की राजधानी आए। मायावती ने रैली को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों को भी गिनाया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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पुरुषो का प्रतिनिधित्व लगभग शून्य हो जाएगा - मुलायम सिंह

Posted on 14 March 2010 by admin

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुलायम सिंह यादव ने एक कार्यकृम को संबोधित करते हुये कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का वर्तमान स्वरूप भारत की संसदीय प्रणाली के लिए घातक सिद्ध हो सकता हैइसलिए नही कि इसमे एक तिहाई आरक्षण महिलाओ के लिए है बल्कि इस आरक्षण के लागू होने के दस साल बाद हिन्दुस्तान की लोक सभा मे और राज्यो की विधान सभा मे पुरुषो का प्रतिनिधित्व लगभग शून्य हो जाएगा और देश का स्थापित एवं अनुभवी नेतृत्व किसी दल का हो, संसद से बाहर हो जाएगाm-11

सिंह ने कहा यों तो इस विधेयक मे एक तिहाई सीटे महिलाओ के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है लेकिन जो 33% महिलाए प्रथम आरक्षण के बाद चुनकर लोक सभा मे पहुँचेगीवे अपनी जीती हुई सीट को छोड्ना नही चाहेगीं और कानूनन उन्हे विवश भी नही किया जा सकता जबकि रोटेसन के कारण दूसरे चुनाव मे 33% अन्य सीटे महिलाओ के लिए आरछित कर दी जाएगी।  इस प्रकार ठवीँ वर्ष मे भारत की संसद मे लगभग 66% महिला सदस्य होगीं और तीसरी लोकसभा आते-आते यानी 11वे वर्ष मे यह प्रतिशत बदकर 99 हो जाएगा यादव ने कहा कि यहाँ पर मै  स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि कोई भी पार्टी आमतौर पर 10% से ज्यादा सिटिंग सदस्यो की टिकिट नही काटती और इसे मान भी लिया जाए तो भी आरक्षण लागू होने के बाद 11वी वर्ष मे हिन्दुस्तान की पार्लियामेंट मे कम से कम 80 से 85 प्रतिशत के बीच
महिलाओ का प्रतिनिधित्व होगा

यादव ने कहा कि देश के सामने गंभीर संकट हैहमारे किसी भी पड़ोसी देश से संबंध अच्छे नही हैचीन और पाकिस्तान हमारी सीमा पर आख गड़ाए बैठे हैसे मे देश को अनुभवी नेतृत्व की आवश्यकता होगी लेकिन दुर्भाग्य से पूरा नेतृत्व संसद से बाहर होगा और उसका नीत निर्धारण मे और महत्वपूर्ण निर्णय लेने मे कोई भी साथ नही देगादेश की स्थित
क्या होगी, इसकी अभी कल्पना भी नही की जा सकतीजहाँ तक इस विधेयक पर मुसलमानदलित और पिछदी महिलाओ के आरछन का प्रश्न है,इस संबंध मे मै आपको बताना चाहूगा कि सन 1952 से लेकर अब तक 15 लोकसभाओ मे 7906 लोक सभा सदस्यो मे केवल 14 मुस्लिम महिलाए लोकसभा मे चुनकर पहुँची है जिनका प्रतिशत 0.17 फीसदी है। 15वी लोकसभा मे सर्वाधिक मुस्लिम महिलाए चुनकर लोकसभा मे पहुँची है जिनकी संख्या 3 हैउनमे से 2 उत्तर प्रदेश से तथा एक पश्चिम बंगाल से है

यादव ने कहा, बगैर आरक्षण के जो अन्य महिलाए चुनकर आई है तो वे या तो पूर्व केंद्रीय मंत्रियो और भूतपूर्व या वर्तमान मुख्य मंत्रियो या भूतपूर्व या वर्तमान संसद सदस्यो विधायको की बेटियाँ, पौत्रिया या पत्निया है सामान्य गरीब परिवारो से कोई भी महिला लोक सभा मे चुनकर नही पहुची इसलिए हम माँग करते है कि इस विधेयक मे मुसलमान,दलितो और पिछदी वर्गो की महिलाओ की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान विधेयक का स्वरूप बदला जाये और उसमे इन वर्गो को आरछन दिया जायेबिना आरक्षण के मुस्लिम,दलित और पिडी महिलाए आधुनिकता के रंग मे रॅगीं हुई पढ़ी लिखी फर्राटेदार अंग्रज़ी बोलने वाली और संपन्न महिलाओ का मुकाबला नही कर सकती

यादव ने कहा,आरक्षण के लिए राजनैतिक द्लो को कानून बनाकर प्रस्तावित कोटा के अनुसार आरक्षण देने को बाध्य किया जाएअगर कोई दल इसका उलंघन करता है तो निर्वाचन आयोग को यह अधिकार हो की उस दल का रजिस्ट्रेसन रद्द कर देंयद्यपि प्रस्तावित विधेयक मे दलित महिलाओ के आरक्षण की व्यवस्था है लेकिन वह दलितो के आरक्षण अंदर ही है और इसमे भी दलित वर्ग का जो बड़ा और स्थापित नेतृत्व है उसके खत्म होने की आशंका है इसलिए आरच्छन् उसके बाहर होना चाहिएदेश के नेतृत्व और देश के हित मे सोंचते हुए समाजवादी पार्टी का रुख महिला आरक्षण के वर्तमान प्रारूप के खिलाफ है, महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं लेकिन मुझे दुख है कि मीडिया के जरिए समाजवादी पार्टी को महिला आरक्षण विरोधी
प्रचारित किया जा रहा है जो सत्यता से कोसों दूर है

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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इच्छाधारी फिर कराएगा साईधाम में शतचण्डी यज्ञ

Posted on 13 March 2010 by admin

अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताता रहा बाबा
झल्लाए ए.सी.पी ने मीडियाकर्मियों को दूर रखने का किया प्रयास

चित्रकूट -  मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद हैं। मैं फिर से अपने पैतृक गांव चमरौहां में शतचण्डी यज्ञ करवाऊंगा। यह बात इच्छाधारी उर्फ भीमानन्द उर्फ शिवा द्विवेदी ने शनिवार को चित्रकूटधाम रेलवे स्टेशन में उस समय कही जब दिल्ली पुलिस उसको अपने घेरे में ले कर उत्तर प्रदेश संपर्क क्रान्ति से दिल्ली ले जाने के लिए यहां पहुंची। हालांकि दिल्ली पुलिस के अधिकारी झल्लाते हुए पत्रकारों को बाबा से दूर रखने का प्रयास कर रहे थे।
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मालूम हो कि देह व्यापार के आरोप में गिरफ्तार किए गए इच्छाधारी उर्फ भीमानन्द उर्फ शिवमूरत उर्फ शिवा को दिल्ली पुलिस मकोका में रिमाण्ड मिलने के बाद शुक्रवार को दोबारा लेकर रीवांचल एक्सप्रेस से मानिकपुर स्टेशन पहुंची थी। जहां स्टेशन के बाहर गेस्ट हाउस में कुछ देर रुकने के बाद बाबा द्वारा बनवाए जा रहे साईंधाम मन्दिर चमरौहां पहुंच उसके घर भी गई थी। जहां घर के दरवाजे बन्द करवा दिल्ली पुलिस के एसीपी मेहर सिंह ने घंटों बाबा से पूछताछ की थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस सीतापुर कस्बे स्थित यूपी टूरिस्ट बंगले में बाबा को लेकर रुकी हुई थी। इस बीच लगातार अन्देशा जताया जाता रहा कि दिल्ली पुलिस के बाबा की हकीकत जानने के लिए उसे ऐसे कई स्थानों पर ले जा सकती है जहां से कभी न कभी बाबा का जुड़ाव रहा होगा। लेकिन एसी कमरे में बन्द होने के बाद दिल्ली पुलिस शनिवार को भी दोपहर बाद तक बाबा को लिए टूरिस्ट बंगले के कमरा नंबर 213 में ही रुकी रही। जबकि मीडिया कर्मियों सहित अन्य लोग भी आगे की तहकीकात के बारे में उत्सुकता से टूरिस्ट बंगले के आस-पास ही घूमते रहे। इधर शाम पांच बजे एक प्राइवेट चार पहिया वाहन में बैठ टीम सीधे चित्रकूट धाम कर्वी रेलवे स्टेशन पहुची जहां बाबा को प्रतीक्षालय में बैठा मुख्य गेट पर दिल्ली पुलिस के जवान पहरेदारी करते रहे। इस बीच जब टीम इंचार्ज  दिल्ली पुलिस के एसीपी जो बार-बार बाहर निकल ट्रेन के आने की जानकारी कर रहे थे बातचीत की गई तो उन्होंने झल्लाते हुए कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।

13ckt71इसी बीच  मानिकपुर से आई उत्तर प्रदेश संपर्क क्रान्ती एक्सप्रेस जैसे ही प्लेटफार्म नंबर 1 में रुकी तो दिल्ली पुलिस के जवान अपने घेरे में लेकर बाबा को एसी कोच ए-1 की ओर बढ़ गए। इस दौरान हुई बातचीत में बाबा इच्छाधारी ने कहा कि उसके ऊपर जो भी आरोप लगाए गए हैं वे सब निराधार और बेबुनियाद है। जिसका नतीजा जल्द ही सामने आ जाएगा। साथ ही उसने कहा कि उसके द्वारा फिर से निर्माणाधीन मन्दिर में शतचण्डी यज्ञ करवाएगा। इस बीच बाबा लगातार यही कहता रहा कि आरोप बेबुनियाद हैं। शायद उसी के चलते दिल्ली पुलिस के ए.सी.पी मेहर सिंह मीडियाकर्मियों से बाबा को दूर करने के लिए झल्लाते हुए सभी को धकियाते भी रहे। स्टेशन से ट्रेन रवाना होने तक तक इच्छाधारी उर्फ भीमानन्द की एक झलक पाने के लिए लोगों का हुजूम स्टेशन पर डटा रहा।

श्री गोपाल

09839075109

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वयोवृद्ध समाज सेवी नाना जी का तेरहवीं संस्कार संपन्न

Posted on 12 March 2010 by admin

उद्यमिता विद्यापीठ परिसर में आयोजित हुआ कार्यक्रम

आडवाणी, राजनाथ सहित आरएसएस के मदनदास सुरेश सोनी भी शामिल हुए

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री के साथ कई बड़े नेताओं उद्योगपतियों ने भी किया तेरहवीं भोज काप्रसाद

चित्रकूट - समाज के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन व्यतीत करते हुए निधन के बाद नश्वर शरीर भी समाज के हित में दान कर देने वाले प्रसिद्ध समाजसेवी नाना जी देशमुख का तेरहवीं संस्कार चित्रकूट स्थित दीनदयाल शोध संस्थान के प्रकल्प उद्यमिता विद्यापीठ में सादगी के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान उनके सहयोगियों के अलावा भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े नेताओं, मन्त्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों सहित हजारों की संख्या में लोगों ने नाना जी के तेरहवीं संस्कार में आयोजित प्रसाद ग्रहण करते हुए उन्हें अपनी श्रृद्धांजलि अर्पित की।12ckt3

उल्लेखनीय है कि वयोवृद्ध पद्यमविभूषित समाज सेवी नाना जी देशमुख का बीती 27 फरवरी को स्वर्गवास हो गया था। उनकी इच्छानुसार मरणोपरान्त उनका नश्वर शरीर नई दिल्ली के एम्स अस्पताल के लिए दान कर दिया गया। दीनदयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव डा. भरतपाठक ने प्रतीकात्मक रूप से उनका अन्तिम संस्कार चित्रकूट के मध्यप्रदेश क्षेत्र स्थित स्फटिक शिला के समीप किया था। इसके बाद डा. पाठक ने पूरे विधिविधान रीतिरिवाज के साथ सभी संस्कार पूरे किए। शुक्रवार को नाना जी का तेरहवीं संस्कार पूरा किया।

दीनदयाल शोध संस्थान के प्रकल्प उद्यमिता विद्यापीठ परिसर में आयोजित उनके तेरहवीं संस्कार में प्रसाद ग्रहण करने के लिए देश के कई बड़े राजनेताओं, मन्त्रियों , प्रशासनिक अधिकारियों सहित हजारों की संख्या में लोग सुबह से ही पहुंचने लगे थे। शादगी पूर्ण तरीके से शान्त वातावरण में कार्यक्रम को संपन्न कराने के लिए डीआरआई परिवार ने पहले से ही सभी तैयारियां कर रखी थीं। तेरहवीं संस्कार में शामिल होने के लिए भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेता लाल कृष्ण आडवाणी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय स्वयं सेवक के सहसर कार्यवाह मदन दास देवी, सुरेश सोनी, मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व सांसद प्रहलाद पटेल , सांसद प्रभात झा, पूर्व मंत्री हरीश, उद्योग पति आर बी पण्डित, नितिन साल्वे आदि लोग उद्यमिता विद्यापीठ परिसर पहुंचे। जहां उन्होंने सबसे पहले नाना जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए अपनी श्रृद्धांजलि दी।

12ckt5श्री आडवाड़ी ने कहा कि नाना जी के सानिध्य में काम करते हुए उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है। उन्होंने कहा कि नाना जी ने सामाजिक कार्यकर्ताओं की जो फौज खड़ी की है वह उनके सपनों को एक दिन अवश्य पूरा करेगी। इसके बाद उन्होंने तेरहवीं संस्कार में आयोजित भोज में प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में उपस्थित अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए मध्यप्रदेश प्रशासन ने चौकस व्यवस्था की थी। रीवां डीआईजी के पी खरे, कमिश्नर रवीन्द्र पस्तोद, डीएम सुखवीर सिंह के दिशा निर्देशन पर एसपी हरी सिंह यादव ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान स्वयं अपने हाथों में ली थी। कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए डीआरआई के प्रधान सचिव डा. भरत पाठक संस्थान के उपाध्यक्ष शंकर प्रसाद ताम्रकार उद्यमिता विद्यापीठ की निदेशक डा. नन्दिता पाठक सहित अपने सहयोगियों अभय महाजन, अनिल सिंह, प्रज्योति त्रिपाठी, सुजीत मिल्लक, अखिलेश शर्मा, हरीओम त्रिपाठी डीआरआई परिवार सहित पूरे समय तक पाण्डाल में उपस्थित रहे।

श्री गोपाल

09839075109


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मृतकों के आश्रितों को ढाई-ढाई लाख रूपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई

Posted on 11 March 2010 by admin

लखनऊ - जनपद प्रतापगढ़ के मनगढ़ स्थित कृपाल धाम आश्रम में गत दिनों एक आयोजन के दौरान हुई भगदड़ में मृतकों के आश्रितों को ढाई-ढाई लाख रूपये की धनराशि के चेक आज जिला अधिकारी प्रतापगढ़ ने उपलब्ध करा दिए हैं। यह धनराशि मा0 मुख्यमन्त्री जी के विवेकाधीन कोष से उपलब्ध कराई गई है। इसी प्रकार गम्भीर रूप से घायलों को 75-75 हजार रू0 के चेक भी वितरित कर दिये गये हैं।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने यह जानकारी आज यहां देते हुए बताया कि कल ही प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने एक प्रेस कान्फेंस के दौरान इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का एलान किया था। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए थे कि आर्थिक सहायता एक-दो दिन के अन्दर अनिवार्य रूप से पीड़ित परिवारों को उपलब्ध करा दी जाये। इन आदेशों के अनुपालन में जिलाधिकारी प्रतापगढ़ द्वारा आज प्रात: 08 बजे से 11 बजे के मध्य 63 व्यक्तियों में से 61 मृतकों के आश्रितों को 2.50-2.50 लाख रू0 के चेक वितरित कर दिये गये। दो मृतकों का उत्तराधिकार का मामला विवादित होने के कारण उन्हें चेक वितरित नहीं किये जा सके। इनके बारे में कानूनविदों सलाह लेने के बाद निर्णय लिया जायेगा। प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और मृतकों के आश्रितों का पूरा पूरा उसे ख्याल है।

इसी प्रकार गम्भीर रूप से 09 घायलों को 75-75 हजार रू0 के चेक स्वरूप रानी मेडिकल हास्पिटल, इलाहाबाद में वितरित किये गये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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मनगढ़ हादसे के प्रभावितों को आर्थिक मदद की घोषणा

Posted on 10 March 2010 by admin

लखनऊ - उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने जनपद प्रतापगढ़ के मनगढ़ स्थित कृपालु धाम आश्रम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भगदड़ में मरने वालों के आश्रितों को ढाई-ढाई लाख रूपये तथा गम्भीर रूप से घायल प्रत्येक व्यक्ति को 75 हजार रूपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि यह धनराशि पीड़ितों को एक-दो दिन के अन्दर निश्चित रूप से मिल जानी चाहिए। उन्होंने इस मामले में केन्द्र सरकार द्वारा मृतक आश्रितों को आर्थिक सहायता दिये जाने की घोषणा को  हवा-हवाई बताते हुए कहा है कि राज्य सरकार को केन्द्र सरकार से अभी कोई धनराशि उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस मामले में कृपालु आश्रम के मैनेजर श्री हिरणमय चटर्जी तथा आश्रम प्रशासन से जुड़े दो अन्य व्यक्ति श्री शिवकुमार तथा अमित को गिरतार कर लिया गया है।

मुख्यमन्त्री अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग पर प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ की घटना के अगले दिन कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली केन्द्र की सरकार ने झूठी वाह-वाही लूटने के इरादे से मृतक आश्रितों को दो-दो लाख रूपये प्रति मृतक के आश्रित परिवार व 50-50 हजार रूपये गम्भीर रूप से घायलों को आर्थिक सहायता दिये जाने की घोषणा की थी। यह घोषणा अभी तक महज एक हवा-हवाई घोषणा ही बनकर रह गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की केन्द्र सरकार की यह घोषणा महज राजनीतिक और स्वार्थ से प्रेरित थी। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि कांग्रेस ने इस दु:खद घटना का उपयोग महज अपनी राजनीति चमकाने के लिए किया।

सुश्री मायावती ने कहा कि यह इस बात का उदाहरण है कि कांग्रेस पार्टी तथा अन्य विरोधी पार्टियां जनता के हित में जो भी आश्वासन देती हैं, उस पर कभी अमल नहीं करती हैं। यह सभी पार्टियॉं सस्ती वाह-वाही लूटने और जनता को गुमराह करने के इरादे से ऐसी घोषणाएं करती रहती हैं। इसके ठीक विपरीत बी0एस0पी0 की सोच व कार्यशैली इन पार्टियों की तुलना में अलग है। बी0एस0पी0 जो कहती है हमेशा करके दिखाती है और उसकी कथनी और करनी में कोई अन्तर नहीं होता। उन्होंने इस सम्बन्ध में बी0एस0पी0 सरकार की कार्यशैली का एक उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले दिनों कुछ जनपदों में जहरीली शराब तथा िस्प्रट पीने की कुछ घटनाओं में कई लोगों की मृत्यु हो गई थी और कई लोग बीमार पड़ गये थे। राज्य सरकार ने इन वारदातों के दोषियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की और प्रत्येक मृतक परिवार को एक लाख रूपये तथा प्रत्येक बीमार को 50-50 हजार रूपये देने की घोषणा की थी। यह धनराशि एक-दो दिन के अन्दर ही प्रभावित व्यक्तियों को उपलब्ध करा दी गई।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि प्रतापगढ़ में हुई दुर्घटना में पीड़ितों के लिए केन्द्र सरकार ने आर्थिक सहायता की घोषणा तो की, परन्तु  राज्य सरकार को इस सम्बन्ध में अभी तक एक फूटी कौड़ी भी उपलब्ध नहीं कराई है, जिससे उनकी सरकार केन्द्र के रवैये से बेहद दु:खी है। इसके साथ ही उनकी सरकार को प्रतापगढ़ घटना के पीड़ितों से पूरी हमददीZ और मृतकों के आश्रितों का पूरा ख्याल भी है। उन्होंने कहा कि जैसे ही इस दु:खद एवं दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जानकारी मिली, उन्होंने अधिकारियों को तत्काल युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही मन्त्रिमण्डल के दो वरिष्ठ कैबिनेट मन्त्रियों श्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी तथा श्री स्वामी प्रसाद मौर्य को तत्काल घटना स्थल पर रवाना करके उनके देख-रेख में राहत व बचाव कार्य सम्पन्न कराने के निर्देश दिये।

सुश्री मायावती ने कहा कि इस मामले में उनके मन्त्रिमण्डलीय सचिव श्री शशांक शेखर ने गत् 05 मार्च को एक पत्रकार वार्ता के माध्यम से इस घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी दी तथा उनके (मुख्यमन्त्री) मीडिया को अवगत भी कराया। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में उन्होंने अपने सांसदों के माध्यम से केन्द्र सरकार को किये गये आग्रह को लेकर यह उम्मीद की थी कि केन्द्र सरकार जल्द ही हादसे के मृतकों के आश्रित परिवारों को अधिक से अधिक आर्थिक सहायता जरूर उपलब्ध करायेगी। उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच इलाहाबाद मण्डल के आयुक्त कर रहे हैं। उन्होंने प्रारिम्भक जांच शासन को सौंप दी है, जिसकी जानकारी मीडिया को दी जा चुकी है।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि मण्डलायुक्त ने अपनी जांच आख्या में विधिसम्मत् कार्यवाही करने की सिफारिश भी की है, जिसके क्रम में प्रकरण की विवेचना एक राजपत्रित पुलिस अधिकारी द्वारा की जा रही है। इस सम्बन्ध में उन्हें बताया गया है कि आश्रम के मैनेजर श्री हिरणमय चटर्जी तथा आश्रम प्रशासन से जुड़े दो अन्य व्यक्ति श्री शिव कुमार तथा श्री अमित को आज अपराह्न गिरतार कर लिया गया है। उन्होंने इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस के नेताओं को अपेक्षा की कि राज्य सरकार पर गैरजरूरी और अनर्गल टीका-टिप्पणी करना बन्द कर दें। इसके स्थान पर कांग्रेस के लोग अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए प्रभावित लोगों के लिए घोषित की गई धनराशि को दिलाने के लिए केन्द्र सरकार पर दबाव बनायें। उन्होंने कांग्रेस के लोगों से यह भी कहा कि वे अपनी ऊर्जा का उपयोग जनता की भलाई में करें और निरर्थक राजनीति करना बन्द करें तथा जमीनी हकीकत को समझते हुए जनता के हितों में कार्य करें।

सुश्री मायावती ने मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रतापगढ़ की घटना में उनके द्वारा लिए गए स्टैण्ड से यदि केन्द्र सरकार की ऑखें खुलती हैं और वह आर्थिक मदद उपलब्ध कराती है तो राज्य सरकार उसे वापस न करके उस धनराशि को भी पीड़ित परिवारों को तत्काल उपलब्ध करा देगी। महिला आरक्षण विधेयक के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमन्त्री ने कहा कि इस सम्बन्ध में उनकी पार्टी अपने मत को पहले ही स्पष्ट कर चुकी है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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नरेगा में रिश्वतखोरी करने वालों को जेल भेजा जाए- मुख्यमन्त्री

Posted on 09 March 2010 by admin

-उ0प्र0 मुख्यमन्त्री महामाया गरीब आर्थिक मद्द योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं
-वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किये गये नरेगा-कार्यों के निरीक्षण  का थर्ड-पार्टी द्वारा रैण्डम सत्यापन कराया जाए
-निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के लिए कार्यदायी संस्था को ही अगले तीन  वर्षो तक परियोजना की देख-रेख का दायित्व सौंपा जाए
-विशाक्त शराब की सप्लाई करने वाले लोगों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए
-किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए तैयार कार्ययोजना को शीघ्र लागू किया जाये
-राजकीय निर्माण कार्यो में ठेकेदारी में आरक्षण के बाद अब तक एस0सी0/एस0टी0 को 323 करोड़    रू0 के ठेके दिये गये

-राज्य में उपलब्ध भण्डारण क्षमता में उर्वरक की पूर्व भण्डारण योजना को प्राथमिकता दी जाए
-ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन पर जोर दिया जाए
-गॉवों में कैम्प लगाकर अनुसूचित जनजातियों के जमीन के हक सम्बन्धी मामलों का मौके पर          निस्तारण करें

-आलू उत्पादकों के हितों को सुरक्षित करने के लिए समय से बाजार हस्तक्षेप योजना लागू की जाए, किसानों को अधिकाधिक लाभ दिलाने के लिए मण्डी समितियॉं आलू की नीलामी कराएं
-सावित्री बाई फूले बालिका शिक्षा मदद योजना की अवशेश धनराशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए

लखनऊ  -   उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने कहा है कि उ0प्र0 मुख्यमन्त्री महामाया गरीब आर्थिक मद्द योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने योजना को लागू करने के लिए जारी समय सारिणी का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने योजना के चयनित लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक स्थानों पर भी लगाने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमन्त्री ने यह निर्देश उस समय दिये, जब समस्त मण्डलायुक्तों, प्रमुख सचिवों/सचिवों की आज यहां तिलक हाल में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक के फीड बैक से कैबिनेट सचिव श्री शशांक शेखर सिंह, मुख्य सचिव श्री अतुल कुमार गुप्ता, अपर कैबिनेट सचिव श्री विजय शंकर पाण्डेय व श्री नेतराम ने मुख्यमन्त्री को अवगत कराया।

सुश्री मायावती ने निर्देश दिये कि उ0 प्र0 मुख्यमन्त्री महामाया गरीब आर्थिक मद्द योजना के लिए लाभार्थियों का चयन ग्राम सभा एवं वार्ड की खुली बैठकों में किया जाए तथा लाभार्थियों की सूची अन्तिम रूप से जारी करने से पूर्व लोगों से आपत्तियां भी आमन्त्रित की जायें। उन्होंने लाभार्थियों के चयन की पूरी प्रक्रिया को प्रत्येक दशा में सितम्बर तक पूरा करने के निर्देश दिये। सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में धन की कमी नहीं होने दी जायेगी। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में धन की आवश्यकता है वहॉ तत्काल अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमन्त्री ने नरेगा योजना की अद्यतन जानकारी प्राप्त करने के बाद निर्देश दिये कि जहां इस योजना के कार्यों का निरीक्षण वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया है, उसकी एक सूची तैयार की जाए और इन कार्यों का पुन: सत्यापन थर्ड-पार्टी द्वारा रैण्डम आधार पर कराया जाए, ताकि यह पता चल सके कि अधिकारियों ने इन कार्यों का सत्यापन वास्तव में किया है या मात्र औपचारिकता की है। उन्होंने कहा कि इस योजना में लापरवाही एवं भ्रश्टाचार की शिकायतों की व्यापक जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा में रिश्वतखोरी करने वालों को जेल भेजा जाए।

सुश्री मायावती ने कहा कि प्रदेश के कई जनपदों में इस योजना के तहत अच्छा कार्य हुआ है। वहां इन कार्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी अपेक्षा की कि चालू माह के अन्त तक ग्राम सभा स्तर पर नरेगा योजना को लागू करने के लिए संविदा के आधार पर चयनित किये जा रहे कर्मचारियों का चयन पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने चयनित कर्मचारियों को मण्डल स्तर पर प्रिशक्षित कराने के निर्देश भी दिये।

मुख्यमन्त्री ने निर्देश दिये कि निर्माण कार्यों के लिए प्रत्येक विभाग द्वारा ठेकेदारों की अलग-अलग सूची बनाने की परम्परा ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण एजेंसियों/विभागों को लोक निर्माण विभाग में पंजीकृत ठेकेदारों की सूची को मान्यता देनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिये कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बरकरार रखने के लिए कार्यदायी संस्था को ही अगले तीन वर्षो तक उस परियोजना की देख-रेख का दायित्व सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों को राजकीय निर्माण कार्यो की ठेकेदारी में आरक्षण का लाभ दिये जाने के बाद अब तक विभिन्न विभागों के 323 करोड़ रूपये के ठेके इन  वर्गो को दिये जा चुके हैं। उन्होंने सरकारी निर्माण कायोंZ की ठेकेदारी में इन वर्गों के लिए निर्धारित कोटे का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

सुश्री मायावती ने कहा कि डॉ0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के अधिकांश कार्य पूर्ण हो गये हैं, लेकिन अभी भी कुछ मण्डलों में सी0सी0रोड, खण्ड़जा एवं नाली निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने मण्डलायुक्तों को इन कार्यो को शीघ्र पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि सामुदायिक केन्द्रों की गुणवत्ता पर भी विशेश ध्यान दें। उन्होंने अगले वित्तीय  वर्ष के लिए इस योजना के तहत चयनित गांवों के विकास कार्यों को पूरा करने के लिए समयबद्ध योजना तैयार करने का निर्देश दिये।

मुख्यमन्त्री ने विशाक्त मदिरा से विभिन्न जनपदों में हुई घटनाओं को गम्भीरता से लेते हुए कहा कि जहरीली शराब का कारोबार करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि नकली एवं अवैध शराब से प्रभावित होने वाले जनपदों के जिम्मेदार आबकारी विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध सख्त दण्डात्मक कार्यवाही की जाए और ऐसे दण्डित अधिकारियों/कर्मचारियों की बहाली बगैर उनकी अनुमति के न की जाए।

सुश्री मायावती ने निर्देश दिये कि सभी प्रमुख सचिव/सचिव एवं विभागाध्यक्ष अपने कर्मचारियों की समस्याओं/मांगों को सुलझाने के लिए प्रत्येक माह बैठक अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी विभाग की सामान्य समस्याएं उच्च स्तर पर निरन्तर आ रही हैं तो समझा जायेगा कि उस विभाग के विभागाध्यक्ष/प्रमुख सचिव के स्तर से उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उचित कार्य नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जो समस्याएं विभाग के स्तर पर सुलझाने लायक न हों, उन्हें प्रत्येक माह की 10 तारीख तक कार्मिक विभाग को  संदर्भित कर दिया जाये ताकि मुख्य सचिव की बैठक में ऐसी समस्याओं का समाधान किया जा सके।

मुख्यमन्त्री ने कृशि व किसानों की समस्याओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिये कि इस वर्ष उर्वरक का पूर्व भण्डारण अवश्य कर लिया जाये। उन्होंने उपलब्ध भण्डारण क्षमता में उर्वरक के पूर्व भण्डारण योजना को प्राथमिकता दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे द्वारा विभिन्न जनपदों में रैक द्वारा उर्वरक ले जाये जाने का विवरण निदेशक कृशि के माध्यम से सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारियों को समय से दिए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी एवं राजकीय क्षेत्र में जनपदवार उर्वरक की उपलब्धता, रैक से ले जाने की अद्यतन स्थिति का विवरण वेबसाइट पर भी दिया जाये।

सुश्री मायावती ने निर्देश दिये कि कृशि पैदावार बढ़ाकर किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए तैयार कार्ययोजना को शीघ्र लागू किया जाये। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन पर जोर दिया जाए। प्रदेश के कई क्षेत्रों में आलू की भारी पैदावार को देखते हुए उन्होंने मण्डलायुक्तों/जिलाधिकारियों को निरन्तर समीक्षा करने के निर्देश देते हुए उन्हें सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत किसानों को राहत दिलाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आलू उत्पादकों को अधिकाधिक लाभ दिलाने के लिए मण्डी समितियॉ आलू की नीलामी कराएं।

मुख्यमन्त्री ने बाढ़ से बचाव के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिये कि जिन परियोजनाओं को भारत सरकार से अनुमति प्राप्त हो गई है, उनका कार्य मई तक पूर्ण कर लिया जाये। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं की अभी तक केन्द्र से स्वीकृति नहीं प्राप्त हुई है, उन्हें शीघ्र स्वीकृत कराया जाये। उन्होंने बाढ़ से बचाव के लिए संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये। उन्होंने मण्डलायुक्तों को हैण्डपम्पों की स्थापना तथा री-बोर की समीक्षा करने के निर्देश देते हुए कहा कि भीशण गर्मी पड़ने से पूर्व इस कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाये। उन्होंने अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम-2006 के प्रभावी क्रियान्वयन का निर्देश देते हुए कहा कि अधिनियम के तहत प्राप्त होने वाले आवेदनों पर शीघ्र कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजातियों को उनका हक दिलाने के लिए गॉवों में कैम्प लगाकर मौके पर ही उनके जमीन से सम्बन्धित मामलों का निस्तारण किया जाए।

मुख्यमन्त्री ने समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिये कि विभाग के विभिन्न ग्राम निधियों में अप्रयोज्य पड़ी धनराशि को तत्काल शासन को लौटाया जाये। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि ग्राम निधि में भेजी गई धनराशि किसी भी दशा में उसमें पड़ी न रहने पाये तथा उनका योजनानुसार वितरण लाभार्थियों को तत्काल कर दिया जाये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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इच्छाधारी को ले मानिकपुर आई दिल्ली पुलिस टीम

Posted on 06 March 2010 by admin

रीवांचल एक्सप्रेस द्वारा पुलिस कस्टडी में लाया गया बाबा
गांव पहुंच पिता के पैर छूने के बाद मन्दिर में हनुमान जी के किए दर्शन
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चित्रकूट - इच्छाधारी सन्त उर्फ भीमानन्द उर्फ शिवमूरत द्विवेदी को पकड़ने के साथ ही जहां दिल्ली पुलिस ने जनपद आ उसके बीते इतिहास को खंगाला वहीं रिमाण्ड में लेने के बाद बाबा को लेकर दूसरी टीम भी शनिवार को दिल्ली-रीवा रीवांचल एक्सप्रेस से मानिकपुर आई।

अपना शरीर इच्छानुसार बदलने का दावा करने वाला इच्छाधारी सन्त उर्फ भीमानन्द उर्फ शिवमूरत द्विवेदी को सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद दिल्ली पुलिस ने उसके कृत्यों और जीवन की छानबीन शुरू की। बाबा का पिछला जीवन खंगालने के लिए दिल्ली के साकेत थाने की पुलिस ने मानिकपुर थाने व बाबा के पैतृक गांव चमरौहां में उससे सम्बंधित सारी जानकारी एकत्र की और शुक्रवार को इलाहाबाद की ओर रवाना हो गए थे। वहीं रिमाण्ड मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की दूसरी टीम बाबा को लेकर शनिवार की दोपहर लगभग रीवांचल एक्सप्रेस से मानिकपुर जंक्शन उतरी। इस बीच रास्ते में ही पहली टीम भी मिल गई और दोनों टीमों के लगभग एक दर्जन पुलिस के लोग स्टेशन में मौजूद स्थानीय पुलिस के साथ बाबा को लेकर मानिकपुर थाने पहुंची। टीम के सदस्यों ने लगभग ढाई घंटे तक इच्छाधारी बाबा को थाने के ही एक कमरे में बिठा कर एक बार फिर उससे जुड़े सारे तथ्यों को देखा और इसके बाद कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ दिल्ली पुलिस के लोग इच्छाधारी उर्फ शिवा को पुलिस की एक गाड़ी में बैठा कर उसके पैतृक गांव चमरौहां पहुंचे जहां पहले से उसके पिता बच्चा द्विवेदी व छोटा भाई संजय मौजूद था। पुलिस से घिरा बाबा गाड़ी से उतर सीधे पिता के पैर छू निर्माणाधीन मन्दिर के भीतर पहुंचा जहां उसने हनुमान जी को प्रणाम कर कुछ देर के लिए रुका रहा। इसी बीच दिल्ली टीम के इंस्पेक्टर धर्मदेव ने बाबा को मन्दिर के पिछवाड़े स्थित खाली पड़े खेत में ले जाकर एकान्त में लगभग दस मिनट बात की। इसके बाद बाबा फिर आकर पुलिस जीप में बैठ गया और गाड़ियां वापस थाने आ गईं। छोटी डाढ़ी और सफेद कुर्ता पैजामा पहने पुलिस कस्टडी में आए इच्छाधारी सन्त उर्फ शिवा को देखने के लिए थाने पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ जुटी रही।

इच्छाधारी उर्फ शिवा को देखने के लिए जंक्शन में उमड़ा जन सैलाब
मानिकपुर थाने में भी जुटी लोगों की भीड़
भीड़ नियन्त्रित करने के लिए तैनात था भारी पुलिस फोर्स

चित्रकूट - पुलिस गिरफ्त में आए इच्छाधारी सन्त उर्फ शिवा उर्फ शिवमूरत द्विवेदी के पुलिस कस्टडी में गांव आने की खबर सुन शनिवार की तड़के से ही लोगों की अच्छी-खासी भीड़ मानिकपुर जंक्शन में जुटने लगी थी। भीड़ को काबू मे रखने के लिए मानिकपुर सहित अन्य थानों की पुलिस फोर्स के अलावा जीआरपी व आरपी एफ बल भी स्टेशन में डटा रहा। उधर बाबा को देखने के लिए बेताब कुछ लोग मानिकपुर थाने में भी जमे रहे।

सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में दिल्ली पुलिस द्वारा फरवरी माह के अन्तिम सप्ताह में पकड़े गए इच्छाधारी भीमानन्द उर्फ शिवा द्विवेदी की खबरें सुन जहां उसके गांव के लोगों सहित मानिकपुर कस्बावासी भी भौंचक रह गए थे। वहीं एक सप्ताह से अखबारों व टीवी चैनलों सुर्खियां बन चुके बाबा को शनिवार की दोपहर रीवांचल एक्सपे्रस से दिल्ली पुलिस की टीम मानिकपुर स्टेशन पहुंचने की खबर मिलते ही उसे देखने के लिए शनिवार की तड़के से ही स्टेशन में हजारो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था कि कुछ समय पहले चमरौहां जैसे पिछड़े गांव में पांच दिनों तक जलसा करने तथा चमचमाती गाड़ियों से मुम्बई, दिल्ली के कलाकार बुलाकर गांव की शाम फिल्मी धुनों के गानों से गुंजायमान करवा देने वाला बाबा अब पुलिस कस्टडी में अपने पैतृक गांव आने वाला है। भीड़ में शामिल लोग प्लेटफार्मों के अलावा स्टेशन के ओवर ब्रिज तक में चढ़ लटक-लटक इच्छाधारी को देखने के लिए बेताब नज़र आ रहे थे। उधर भीड़ बढ़ती देख मानिकपुर, सरैयां, मारकुण्डी थानों के प्रभारी भी भारी पुलिस बल के साथ स्टेशन पर पहुंच भीड़ को नियन्त्रित करने में जुटे हुए थे। इसी बीच रीवांचल एक्सप्रेस स्टेशन पहुंची और उसके बी-2 एसी कोच से अत्याधुनिक असलहों से लैस दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ इच्छाधारी उर्फ भीमानन्द उतरा। उस समय बाबा हमेशा की तरह रुतबे वाली चाल की बजाए सर नीचे कर पुलिस से घिरा हुआ किसी तरह स्टेशन से बाहर आया जहां पहले से तैयार खड़ी जनपद पुलिस की गाड़ियों में बैठ सीधे मानिकपुर थाने पहुंचे। इधर भीड़ में शामिल बहुत से लोग थाने के चारों ओर पहुंच अन्दर की एक झलक पाने के लिए उत्सुकता से ताकझांक करने में जुटे थे। जिसके चलते स्थानीय थाना पुलिस ने काफी अन्य अतिरिक्त पुलिस बल बुला थाने की घेराबन्दी कर रखी थी। वहीं इस दौरान थाने के ही एक कमरे में बाबा इच्छाधारी लगभग ढाई घंटे तक बैठा रहा। पुलिस के जवान सतर्कतावश अत्याधुनिक असलहे ले थाने की छत में खड़े चौकसी कर रहे थे।

6ckt61लोकप्रियता से घबराए सत्ता पक्ष के लोगों ने रचा है कुचक्र : इच्छाधारी
बाबा ने कहा ददुआ द्वारा बनवाए गए मन्दिर की तर्ज पर गांव में बनवा रहा है मन्दिर
मधुर सम्बंध तो नहीं मिलने व पहचानने की बात स्वीकारी

चित्रकूट - पाठा क्षेत्रा में कई दशकों तक आतंक का पर्याय बने दस्यु सम्राट ददुआ द्वारा फतेहपुर जिले के कबरहा गांव में बनवाए गए विशालकाय हनुमान मन्दिर को देख कर ही इच्छाधारी सन्त उर्फ शिवा अपने पैतृक गांव में बनवा रहा था गगनचुंबी मन्दिर।

सेक्स स्कैण्डल के मुखिया के रूप में गिरफ्तारी के बाद सुर्खियों में आए इच्छाधारी उर्फ भीमानन्द उर्फ शिवा को दिल्ली पुलिस की टीम रिमाण्ड के दौरान उसके पैतृक गांव चमरौहां ले जाने के लिए रीवांचल एक्सप्रेस से शनिवार को मानिकपुर जंक्शन पहुंची। जहां पुलिस अभिरक्षा में मानिकपुर थाने से चमरौहां के लिए ले जाते समय बातचीत के दौरान बाबा ने कहा कि दस्यु ददुआ द्वारा फतेहपुर जिले के कबरहा में जो मन्दिर बनवाया गया है उस कार्यक्रम में वह शामिल हुआ था। जहां विशालकाय मन्दिर देख उसकी भी इच्छा हुई थी कि इसी तरह का मन्दिर अपने गांव चमरौहां में बनवाउंगा। तभी कुछ वषोZं पूर्व उसके द्वारा गांव में मन्दिर निर्माण इस इच्छा से शुरू कराया गया था कि ऐसा मन्दिर को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आंए और भगवान के दर्शन करें। जैसे ही बाबा ने दस्यु ददुआ का मन्दिर निर्माण के लिए अपने प्रेरणाश्रोत कहा तो उससे पूछा गया कि वह ददुआ को संरक्षण देने वालों में क्या शामिल थे और उसके दूसरे पैरोकारों की तरह उससे मधुर सम्बंध थे तो हड़बड़ाए बाबा ने ददुआ से सम्बंधों पर बड़ी ही बेरुखी से कहा कि इस क्षेत्रा में उसका दशकों तक एकछत्रा साम्राज्य चलता था। उसकी जन्म भूमि इसी क्षेत्रा में है जहां वह हमेशा आता जाता था। इसलिए उसको जानने के साथ मिल जरूर चुका हूं लेकिन ददुआ के साथ कभी मधुर सम्बंध नहीं रहे। वहीं जब उससे सेक्स स्कैण्डल से जुड़े होने की बात पूछी गई तो उसने कहा कि यह सब सत्ता पक्ष के लोगों का कुचक्र है। जिसमें उसे फंसाया गया है। उसने कहा कि कुछ समय पहले उसने अपने गांव में बनवाए गए मन्दिर में अनुष्ठान करवा विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया था। जिसमें उमड़े जनसैलाब को देख लोगों को लगा रहा था कि उनकी प्रतिष्ठा में भारी इजाफा हो रहा है। और वह कांग्र्रेस के टिकट पर कहीं चुनाव न लड़े इसलिए यह सब किया गया है। सत्ता पक्ष के लोगों के नाम पर बाबा ने चुप्पी साध ली। इस बीच जब उनके दिल्ली स्थित प्रतिष्ठानों में मिल रही डायरियां व कागजों से सेक्स स्कैण्डल चलाने की बात प्रमाणित होने की बात कही गई तो इच्छाधारी ने बताया कि वह निर्दोष है। दिल्ली पुलिस ही जाने की वह डायरियां और कागज कहां से आए।

श्री गोपाल

09839075109

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मुख्यमन्त्री ने प्रदेश के कुछ जनपदों में विषाक्त मदिरा से हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया

Posted on 05 March 2010 by admin

जॉंच में दोषी पाये गए अधिकारियों/कर्मचारियों को बखास्त  करने तथा संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए

मृतकों के परिवारों के प्रति सहानुभूति के रूप में प्रत्येक आश्रित परिवार को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता

बीमार हुए लोगों का सरकार की ओर से नि:शुल्क इलाज के निर्देश

आबकारी तथा पुलिस विभाग को कड़े निर्देश  कि ऐसी घटनाएं न होने पाए

उत्त्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने प्रदेश में सहारनपुर, वाराणसी, गाजियाबाद और बुलन्दशहर आदि कुछ जनपदों में विषाक्त मदिरा के सेवन से हुई जनहानि पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। ऐसे मामलों की जांच कराकर इस घटना मेंं लिप्त अधिकारियों/कर्मचारियों को बखाZस्त करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि जांच के उपरान्त दोषी पाये गये कर्मचारियों/अधिकारियों के खिलाफ संगीन धाराओं में अपराधिक मुकदमे भी दर्ज करायें जायें, ताकि ऐसी दु:खद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

सुश्री मायावती ने अवैध मदिरा के सेवन से मृत व्यक्तियों के आश्रितों के प्रति गहरी सहानुभूति के तौर पर प्रत्येक आश्रित परिवार को एक-एक लाख रूपये की आर्थिक सहायता दिये जाने की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने इस घटना में बीमार लोगों को सरकार की ओर से नि:शुल्क इलाज कराए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ जनपदों में अवैध मदिरा/िस्प्रट पीने की घटनाएं प्रकाश में आ रही हैं। इसको सख्ती से रोकने की आवश्यकता है।

आबकारी विभाग द्वारा दो आबकारी निरीक्षकों तथा दो आबकारी सिपाहियों को निलिम्बत कर दिया गया है। इसके अलावा जिला आबकारी अधिकारी, बुलन्दशहर व गाजियाबाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई है। इसके साथ ही आबकारी विभाग द्वारा समस्त मण्डलायुक्तों एवं समस्त जिलाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को विषाक्त मदिरा के सेवन से हो रही जनहानि को रोकने तथा मिथाईल एल्कोहल के दुरूपयोग पर प्रभावी नियन्त्रण किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अलावा अवैध मदिरा के धन्धे में लिप्त लोगों के विरुद्ध भी विधिक प्राविधानों के तहत कठोरतम कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी प्रकार इन जनपदों में हुई दु:खद घटनाओं को गम्भीरता से लेते हुए पुलिस विभाग द्वारा जनपद बुलन्दशहर में अपराध पंजीकृत कर 04 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है तथा अन्य व्यक्तियों की गिरफ्तारी के सम्बन्ध में कार्यवाही की जा रही है। जनपद गाजियाबाद की घटना को लेकर अपराध पंजीकृत कर पुलिस द्वारा 13 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें 04 व्यक्तियों पर रासुका के तहत कार्यवाही की गई है।

पिछले दिनों पुलिस द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध की गई कार्यवाही के तहत कुल 173 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया तथा 49 अभियोग पंजीकृत किए गए। कार्यवाही की अन्तर्गत 11880 लीटर कच्ची अवैध शराब तथा अंग्रेजी/देशी शराब की 16114 बोतलें बरामद की गईं। इसके अलावा विषाक्त मदिरा से हुई मृत्यु के मामलों में 26 पुलिस कर्मियों के विरुद्ध भी कार्यवाही की गई है। जिसमें एक थानाध्यक्ष, तीन उपनिरीक्षक, 04 आरक्षी को निलिम्बत तथा एक आरक्षी को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 17 पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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