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मजदूरी का भुगतान 15 दिन में करने के सख्त निर्देश

Posted on 23 January 2010 by admin

लखनऊ-  प्रदेश के ग्राम्य विकास मन्त्री दद्दू प्रसाद ने राश्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना (नरेगा) के तहत निर्धारित मजदूरी का भुगतान 15 दिन में करने के सख्त निर्देश दिये है। उन्होने अधिकारियों को हिदायतें दी है कि इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं बरती जानी चाहिए। कहीं से भी न्यूनतम मजदूरी भुगतान की शिकायत पाये जाने पर योजना से सम्बन्धित अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।

ग्राम्य विकास मन्त्री ने यह निर्देश राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना के सेक्टोरल कन्ववर्जेस से कार्य करने वाले लघु सिंचाई, वन, सिचाई, लोक निर्माण विभाग, भूमि विकास, जल संसाधन विभाग, कृशि, उद्यान, मत्स्य, रेशम, एवं पंचायती राज विभागों के प्रमुख सचिवों व सम्बन्धित विभागाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान दिये। उन्होंने कहा कि खण्ड विकास अधिकारियों की कमी को देखते हुए विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक शीघ्र कराने हेतु प्रस्ताव लोक सेवा आयोग को तत्काल भेज दिया गया तथा पूर्व से हुए मन्त्रिपरिशद के निर्णय के अनुपालन में सेवा स्थानान्तरण के आधार पर भी 24 विकास खण्ड अधिकारियों को चयनित किया गया है, जिन्हें प्रिशक्षण देकर शीघ्र ही तैनात किया जायेगा।

उन्होने कहा कि नरेगा योजना एक कल्याणकारी योजना है। उत्तर प्रदेश सरकार गरीबों के उत्थान के लिए कटिबद्ध है, इसलिए सभी विभाग अपनी कार्यशैली सरल बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि इस योजना मे महिलाओ की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाये।

ग्राम्य विकास मन्त्री ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मशीनों से नरेगा का कार्य न लिया जाय, ताकि मजदूरों को अधिक से अधिक कार्य मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य स्थल पर मस्टर रोल रखे जाने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाये। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक व्यय धनराशि व फील्ड मे कार्य को एम0आई0एस0 पर दर्ज किया जाये। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परियोजनाओं का चयन करते समय नरेगा गाइड लाइन  के अनुसार ही कार्य करें। सेक्टोरल कन्वर्जेस से कराये जाने वाले समस्त कार्यो में मजदूरी एवं सामग्री अंश का अनुपात 60:40 रखने पर विशेश ध्यान दिया जाये। बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम विकास श्रीक्रष्ण, ग्राम्य विकास आयुक्त संजीव कुमार एवं सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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तोहफे के तौर पर चाँद पर खरीदी गई जमीन देने की बात,अनर्गल, हास्यास्पद् -शशांक शेखर

Posted on 22 January 2010 by admin

लखनऊ -  मन्त्रिमण्डलीय सचिव श्री शशांक शेखर सिंह ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती को जन्म दिन के तोहफे के तौर पर  चाँद पर खरीदी गई जमीन देने की बात पूरी तरह अनर्गल, हास्यास्पद् और बे सिर-पैर की है, जिसमें जरा भी गम्भीरता नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी हास्यास्पद् बातों को आधार बनाकर कतिपय समाचार पत्रों और एक प्रतिष्ठित न्यूज चैनल द्वारा प्रचार-प्रसार किया जाना खेदजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाँद पर जमीन आवंटित किये जाने सम्बंधी किसी भी प्रकरण के बारे में मुख्यमन्त्री को कोई भी जानकारी नहीं है और न ही उन्हें (मुख्यमन्त्री को) इससे कोई लेना-देना है।

श्री सिंह आज यहां एनेक्सी स्थित मीडिया सेन्टर में प्रेस- प्रतिनिधियों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमन्त्री के सरकारी आवास पर कुछ दिनों पहले एक पैकेट आया था, जिसके प्रेषक के तौर पर <!– /* Style Definitions */ p.MsoNormal, li.MsoNormal, div.MsoNormal {mso-style-parent:”"; margin:0in; margin-bottom:.0001pt; mso-pagination:widow-orphan; font-size:12.0pt; font-family:”Times New Roman”; mso-fareast-font-family:”Times New Roman”; mso-fareast-language:EN-US;} @page Section1 {size:8.5in 11.0in; margin:1.0in 1.25in 1.0in 1.25in; mso-header-margin:.5in; mso-footer-margin:.5in; mso-paper-source:0;} div.Section1 {page:Section1;} –>

“LRS FULFILMENT (AGENT), 2712 Merchant Ct, Tracy, CA 95377-8501, US”अंकित था। इस पैकेट में कुछ कागजात थे, जो मुख्यमन्त्री को लूना अर्थात चाँद पर भूखण्ड आवंटित किये जाने से सम्बन्धित थे।

मन्त्रिमण्डलीय सचिव ने कहा कि जब यह प्रकरण मुख्यमन्त्री के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तत्काल गृह विभाग को इस सम्बंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये, क्योंकि मुख्यमन्त्री को स्वयं इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमन्त्री को चाँद पर भूखण्ड भेंट करने के मामले पर समुचित कार्यवाही एवं जांच करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा विदेश मन्त्रालय, भारत सरकार को पत्र भेजा गया है। राज्य सरकार ने विदेश मन्त्रालय से इस गम्भीर प्रकरण की जांच शीघ्रता से करने का भी अनुरोध किया है।

श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती चौथी बार प्रदेश की मुख्यमन्त्री बनी हैं और वें दलितों की मसीहा हैं तथा अपनी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। इतनी बड़ी हस्ती के लिए इस प्रकार के समाचार का प्रकाशित और प्रसारित किया जाना खेद जनक है। चाँद पर भूखण्ड आवंटित करने सम्बंधी समाचार प्रसारित करने से पूर्व न तो किसी ने मुख्यमन्त्री से कोई वार्ता की और न ही किसी अधिकारी से कोई जानकारी ही प्राप्त की गई।

मन्त्रिमण्डलीय सचिव ने मीडिया प्रतिनिधियों से ऐसे मामलों में जिनमें जरा भी गम्भीरता न हों, उन्हें समाचारों में स्थान देते समय परिपक्वता और संयम का परिचय देने का अनुरोध किया है।

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कर्मचारियों पर हुए पुलिसिया जुल्म के लिये रीता जोशी ने महामहिम को लिखा पत्र

Posted on 22 January 2010 by admin

लखनऊ - डॉ0 रीता बहुगुणा जोशी, अध्यक्ष, उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी की प्रेस वार्ता मे कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चो द्वारा राजधानी में हुए प्रदर्शन पर पुलिसिया जुल्म और बर्बर लाठीचार्ज वर्तमान प्रदेश सरकार एवं मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की तानाशाही का ऐसा विकृत उदाहरण है जिससे लोकतन्त्र शर्मसार हुआ है। इसकी जितनी भी निन्दा की जाय कम होगी। हद तो यह हो गई है कि लाठीचार्ज में घायल कर्मचारियों को अस्पतालों में आईसीयू से बाहर निकाल दिया गया और अनेक कर्मचारी लापता हैं। कर्मचारियों पर एस्मा लगाकर प्रताड़ित एवं गिरफ्तार किया जा रहा है।

वर्ष 1975 एवं 1985 के मध्य कांग्रेस के शासनकाल में ही केन्द्र सरकार के कर्मचारियों एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों के बीच वेतन विसंगतियों को दूर करने के कई निर्णय लिये गये। जिसमें पहले यह निर्णय हुआ कि जब-जब केन्द्र में डी.ए. बढ़ेगा, तब-तब प्रदेश में भी कर्मचारियों का डी.ए. बढ़ाया जायेगा एवं 1986 में यह निर्णय हुआ कि प्रदेश सरकार राज्य स्तरीय वेतन आयोग न बनाकर केन्द्र सरकार द्वारा गठित वेतन आयोग की संस्तुतियों के आधार पर ही उत्तर प्रदेश सरकार के कर्मचारियों को समानता के आधार पर वेतनमान एवं सुविधाएं देगी। परन्तु विगत कुछ वर्षो से इस निर्णय का पालन प्रदेश सरकार नहीं कर रही है, जिसकी वजह से कर्मचारियों में आक्रोश फैला है और वह सड़क पर उतरने के लिए बाध्य हुए हैं।

काफी समय से यह देखा जा रहा है कि अपनी समस्याओं और मांगों के समाधान के लिए जब भी कोई संगठन अपनी आवाज उठाता है, राज्य सरकार दमनात्मक रवैया अपनाकर उन संगठनों की आवाज दबाने की कोशिश करती है। मोअल्मे-उर्दू का आन्दोलन हो या शिक्षा मित्रों का प्रदर्शन, सरकार के इशारे पर कर्मचारियों पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया। यहां तक कि महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया।

राज्य कर्मचारियों के संगठनों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करना तो दूर, प्रदेश सरकार लगातार उन्हे दबाने के लिए उपक्रम करती रही। मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती खुद तो किसी से मिलती नहीं, उनके अधिकारी भी कर्मचारियों से वार्ता करके उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाए मुख्यमन्त्री को खुश करने में लगे रहते हैं।

राज्य कर्मचारी एवं शिक्षक जिन मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे वे सभी मांगें जायज एवं न्यायोचित हैं और सरकार को उन पर गम्भीरता से विचार करके अविलम्ब समाधान निकालना चाहिए।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी कल हुए लाठीचार्ज की कड़ी निन्दा करते हुए मांग करती है कि इस लाठीचार्ज की न्यायिक जांच करवाई जाए, प्रदेश सरकार कर्मचारी और शिक्षकों से वार्ता करने हेतु उच्च स्तरीय समिति गठित करके अविलम्ब उनकी मांगों पर चर्चा करके समाधान निकाले, एस्मा लागू करने के निर्णय को वापस लिया जाय एवं कर्मचारियों तथा शिक्षकों का उत्पीड़न अविलम्ब बन्द किया जाय। यदि कंाग्रेस पार्टी की मांगों को स्वीकार नहीं किया गया तो कांग्रेस जन राज्य कर्मचारियों एवं शिक्षकों के हक में आवाज उठाने एवं उनके संघर्ष में साथ देने हेतु हर कदम उठाने के लिए तैयार रहेंगे।

कर्मचारियों पर हुए पुलिसिया जुल्म के लिये रीता जोशी ने महामहिम को लिखा पत्र

महामहिम जी,
हम आपका ध्यान उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा राजधानी में हुए प्रदर्शन पर पुलिसिया जुल्म और बर्बर लाठीचार्ज की ओर दिलाना चाहते हैं। यह वर्तमान प्रदेश सरकार एवं मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की तानाशाही का ऐसा विकृत उदाहरण है जिससे लोकतन्त्र शर्मसार हुआ है। हद तो यह हो गई है कि लाठीचार्ज में घायल कर्मचारियों को अस्पतालों में आईसीयू से बाहर निकाल दिया गया और अनेक कर्मचारी लापता हैं। कर्मचारियों पर एस्मा लगाकर प्रताड़ित एवं गिरफ्तार किया जा रहा है। आज अति तो तब हो गई जब सरकारी दफ्तरों के प्रांगण में पुलिस मार्च किया गया और स्वयं लखनऊ के जिलाधिकारी द्वारा कर्मचारियों को मारा-पीटा गया है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि स्थिति राज्य सरकार के नियन्त्रण से बाहर हो गई है। स्थिति को सम्भालने के लिए आपके हस्तक्षेप एवं दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की आवश्यकता है।

उत्तर प्रदेश में वर्ष 1975 एवं 1985 के मध्य कांग्रेस के शासनकाल में ही केन्द्र सरकार के कर्मचारियों एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों के बीच वेतन विसंगतियों को दूर करने के कई निर्णय लिये गये। जिसमें पहले यह निर्णय हुआ कि जब-जब केन्द्र में डी.ए. बढ़ेगा, तब-तब प्रदेश में भी कर्मचारियों का डी.ए. बढ़ाया जायेगा एवं 1986 में यह निर्णय हुआ कि प्रदेश सरकार राज्य स्तरीय वेतन आयोग न बनाकर केन्द्र सरकार द्वारा गठित वेतन आयोग की संस्तुतियों के आधार पर ही उत्तर प्रदेश सरकार के कर्मचारियों को समानता के आधार पर वेतनमान एवं सुविधाएं देगी। परन्तु विगत कुछ वर्षो से इस निर्णय का पालन प्रदेश सरकार नहीं कर रही है, जिसकी वजह से कर्मचारियों में आक्रोश फैला है और वह सड़क पर उतरने के लिए बाध्य हुए हैं।

काफी समय से ही प्रदेश में अपनी समस्याओं और मांगों के समाधान के लिए जब भी कोई संगठन अपनी आवाज उठाता है, राज्य सरकार दमनात्मक रवैया अपनाकर उन संगठनों की आवाज दबाने की कोशिश करती है। मोअल्मे-उर्दू का आन्दोलन हो या शिक्षा मित्रों का प्रदर्शन, सरकार के इशारे पर कर्मचारियों पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया, यहां तक कि महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया।

अत: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी आपसे मांग करती है कि:-
1.    कल हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच करायी जाय।
2.    प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारी और शिक्षकों से वार्ता करने हेतु उच्च स्तरीय समिति गठित करके अविलम्ब उनकी मांगों पर चर्चा करके समाधान निकाला जाय।
3.    एस्मा लागू करने के निर्णय को अविलम्ब वापस लिया जाय एवं कर्मचारियों तथा शिक्षकों का उत्पीड़न अविलम्ब बन्द किया जाय।
4.   बर्खास्त कर्मचारियों को तत्काल वापस लिया जाए।
आदर सहित,

डॉ0 रीता बहुगुणा जोशी, अध्यक्ष, उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी

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नेताजी जन्म दिवस कार्यक्रम में आयेंगे सूचना आयुक्त

Posted on 21 January 2010 by admin

सुलतानपुर-नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्मदिन 23 जनवरी को भारत-भारती संस्था द्वारा तिकोनिया पार्क में अपने तीसवें वार्षिकोत्सव पर अलंकरण समारोह का आयोजन प्रत्येक वर्षों की भान्ति इस वर्ष भी किया गया है। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य सूचना आयोग उ.प्र. के आयुक्त वीरेन्द्र सक्सेना रहेंगे, वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता जानमाने शायर अजमल सुलतानपुरी व मुख्य वक्ता के रूप में 1847 के वीर सेनानी अमर शहीद तात्या तोपे के पौत्र विनायक राव तोपे पधार रहे हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695

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बसपा सरकार पूरी तरह तानाशाह -सुबोध श्रीवास्तव

Posted on 21 January 2010 by admin

लखनऊ -  उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार ने पूरी तरह तानाशाही और दमनात्मक रवैया अखित्यार किया है। लखनऊ में आज राज्य कर्मचारी संगठनों और शिक्षक संघ के कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर किये जा रहे शान्तिपूर्वक प्रदर्शन पर पुलिस प्रशासन द्वारा किया गया बर्बर लाठीचार्ज पूरी तरह अलोकतान्त्रिक कदम है। इससे साबित हो गया है कि प्रदेश सरकार अब पूरी तरह निरंकुश हो चुकी है। पुलिसिया जुल्म की इन्तिहा तो यहां तक हो गई कि महिलाओं तक को नहीं बख्शा गया और राहगीरों को भी पुलिस ने अपनी बर्बरता का निशाना बनाया।

उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुबोध श्रीवास्तव ने आज यहां जारी बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार पूरी तरह तानाशाह हो गई है। मुख्यमन्त्री स्वयं तो जनता से मिलने में गुरेज करती हैं वहीं अपने जनतान्त्रिक अधिकारों की मांग करने पर प्रदेश की मुख्यमन्त्री उन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार के बजाय उन पर लाठी बरसा रही हैं। उन्होने कहा कि जनतन्त्र में जनता की आवाज को दबाया जा रहा है। लोकतान्त्रिक अधिकारों पर कुठाराघात किया जा रहा है। उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी शान्तिपूर्वक राज्य कर्मचारी और शिक्षक संघ द्वारा अपनी मांगों को लेकर किये जा रहे प्रदर्शन पर पुलिस द्वारा की गई बर्बर लाठीचार्ज की कड़ी निन्दा करती है। साथ ही यह भी मांग करती है कि जिन मांगों के लिए राज्य कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने आज प्रदर्शन किया है उस पर विचार करने के लिए उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर उनकी जायज मांगों को स्वीकार किया जाय।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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सरकार का लोकतन्त्र में विश्वास नहीं - मुलायम सिंह यादव

Posted on 21 January 2010 by admin

लखनऊ - समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुलायम सिंह यादव ने आज दिनांक 21 जनवरी, 2010 को छठें वेतन आयोग का लाभ केन्द्रीय कर्मचारियों की तरह देने, वर्कचार्ज, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने आदि मॉगों को लेकर लखनऊ में  प्रदर्शन कर रहे राज्य कर्मचारियों एवं शिक्षकों पर बर्बर पुलिस लाठी चार्ज की कड़ी निन्दा की है। सिंह ने कहा कि इस सरकार का लोकतन्त्र में विश्वास नहीं है। महिला पुलिस कहीं नहीं थी। पुलिस ने महिलाओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और उनके हाथ-पैर तोड़ दिए।

विधानसभा में नेता विरोधी दल श्री शिवपाल सिंह यादव और समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता श्री राजेन्द्र चौधरी ने आज सिविल अस्पताल में जाकर पुलिस लाठी चार्ज में घायल राज्य कर्मियों एवं शिक्षकों से मुलाकात की और उनका हाल पूछा। उन्होंने उनकी मॉगों के प्रति पूरी सहानुभूति जताते हुए उनको समाजवादी पार्टी के पूर्ण समर्थन का भरोसा दिलाया। उन्होंनें उनकी आवाज को विधान मण्डल में भी उठाने का आश्वासन दिया और कहा कि समाजवादी पार्टी उनके आन्दोलन के साथ हैं। श्री मुलायम सिंह यादव की सरकार में शिक्षकों और कर्मचारियों की न्यायोचित मॉगों को हमेशा सहानुभूति से निबटाया गया था। नेता विरोधी दल के साथ सर्वश्री राकेश सिंह राणा, एमएलसी, जिलाध्यक्ष अशोक यादव, विजय सिंह,मो0 शाहिद, नानकदीन भुर्जी, जगदीश यादव, जुगल किशोर, अखिलेश पटेल, दुर्गेश बाल्मीकि आदि समाजवादी नेता मौके पर मौजूद थे।

सिविल अस्पताल में आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की अध्यक्ष श्रीमती राधारानी पाण्डेय, महामन्त्री श्रीमती वीरबाला मिश्रा, चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ की प्रदेश मन्त्री श्रीमती कान्ती पाण्डेय के अलावा श्रीमती कुन्तला देवी (विकलांग कल्याण, इन्द्रा भवन) मो0 रिजवान (लो0नि0वि) पंकज मेहरोत्रा (अल्पसंख्यक कल्याण)  श्री जगदीश जोशी (कल्याण निगम) श्री रामकिशोर (दुग्ध परिशद) , श्री परमेश्वरदीन एवं श्री आलोक सिंह (कोशागार) गम्भीर रूप से घायल हैं। श्री शिवपाल सिंह यादव को बताया गया कि लाठी चार्ज में कई महिलाएं लापता हो गई हैं। कुछ और घायल अन्यत्र इलाज करा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग घायल हैं।

इस शासन प्रशासन के कुछ अधिकारी अब अपने पद एवं कर्तव्य की मर्यादाएं भूलकर सीधे बसपा के एजेन्ट की भूमिका निभाने लगे हैं। 19 जनवरी 2010 को समाजवादी पार्टी ने जब  श्री मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में मंहगाई, भ्रश्टाचार तथा प्रशासन के खिलाफ जनान्दोलन किया था, तब लखनऊ के डी0एम0 और डी0आई0जी0 खुद डण्डे लेकर पिटाई करने निकल पड़े थे ताकि ऐसा करते देख कर मुख्यमन्त्री उनको और ज्यादा मलाईदार जगहों पर बिठा दें। यह सरकार सत्ता का दुरूपयोग करने में सभी हदें लॉघ गई हैं। पुलिस पी0ए0सी0 के बूते वह विपक्ष को कुचलना चाहती है। लेकिन बसपाई बने अधिकारियों को यह न भूलना चाहिए कि लोकतन्त्र में तानाशाही नहीं चल सकती है। इस सरकार के गिने चुने दिन रह गये हैं। सरकार बदलने पर इन सभी अधिकारियों को जनता की अदालत में अपनी जबाबदेही देनी होगी। उनके कामकाज का पूरा व्यौरा रखा जाएगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695

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मूल्यों पर नियन्त्रण रखने के खाद्य नियन्त्रण कक्ष स्थापित

Posted on 21 January 2010 by admin

लखनऊ-उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आवश्यक वस्तुओं एवं खाद्य पदार्थों की आपूर्ति बनाये रखने तथा मूल्य नियन्त्रण के लिए विगत छ: माह में लगातार चलाये गये प्रवर्तन अभियान में 28,926 छापे डाले गये हैं। इसके अलावा 1370 एफआईआर भी दर्ज करायी गई तथा 550 व्यक्तियों को गिरफ्तार भी किया गया है।

खाद्य एवं रसद विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि शासन द्वारा आवश्यक वस्तुओं की मूल्य वृद्धि को रोकने और रोजमर्रा की उपयोग की वस्तुओं की उपलब्धता का अनुश्रवण करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस समिति में वित्त, नियोजन, खाद्य एवं रसद, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण एवं कृशि विभाग के प्रमुख सचिव, सदस्य नामित किये गये है। इसके अतिरिक्त आयुक्त, खाद्य एवं रसद, लखनऊ विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर/विभागाध्यक्ष, इसी विश्वविद्यालय के सख्यांकी विभाग के सेवा निवृत्त विभागाध्यक्ष एवं अपर निदेशक, अर्थ एवं संख्या प्रभाग उ0प्र0 शासन को विशेश आमन्त्री सदस्य नामित किया गया है।

प्रवक्ता ने बताया कि आवश्यक वस्तुओं एवं खाद्य पदार्थों की आपूर्ति बनाये रखने तथा इनके मूल्यों पर नियन्त्रण रखने के लिए आयुक्त खाद्य एवं रसद के कार्यालय में खाद्य नियन्त्रण कक्ष स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस नियन्त्रण कक्ष के माध्यम से खाद्य एवं आवश्यक वस्तुओं के बाजार मूल्य की प्रतिदिन समीक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों के सम्बंध में किसी भी प्रकार की सूचना कोई भी व्यक्ति टोल-फ्री नं0 1800 180 5046 पर दे सकता हैं। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के  अंतर्गत गहन प्रवर्तन की कार्यवाही की गई है।

खाद्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि शासन ने आवश्यक खाद्य पदार्थों के कृत्रिम अभाव एवं जमाखोरी पर नियन्त्रण के लिए मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को थोक व्यापारियों से वार्ता कर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि इन वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जिन वस्तुओं के थोक एवं फुटकर मूल्य में सामान्य से अधिक अन्तर परिलच्छित हों उनके थोक एवं फुटकर व्यापारियों के साथ-साथ व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों से वार्ता कर आवश्यक कार्यवाही की जाये। इन अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि पर्याप्त प्रयासों के बावजूद भी मूल्यों में नियन्त्रण सम्भव न हो पा रहा हो तो जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा-6 तथा 3/7 के अन्तर्गत जरूरी होने पर जिलाधिकारी, मण्डलायुक्त के माध्यम से प्रस्ताव शासन भेजकर अनुमति प्राप्त करें और तद्नुसार कार्यवाही करें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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प्रदेश में जनगणना कार्य हेतु अधिकारी नामित

Posted on 20 January 2010 by admin

लखनऊ-उत्तर प्रदेश में जनगणना कार्य हेतु अधिकारी नामित कर दिये गये हैं जो अपने क्षेत्र के अन्तर्गत जनगणना करने, उसमें सहायता देने और उसके पर्यवेक्षण सम्बन्धी दायित्वों का निर्वहन करेंगे। जनगणना अधिकारियों की तैनाती का निर्णय जनगणना अधिनियम के तहत लिया गया है। इस सम्बंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।

यह जानकारी प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन श्री के0के0सिन्हा ने दी है। उन्होंने बताया कि सभी जिला मजिस्ट्रेट अपने जिले प्रमुख जनगणना अधिकारी तथा नगर निगमों के सभी नगर आयुक्त प्रमुख जनगणना अधिकारी नामित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि जिले के अपर जिला मजिस्ट्रेट, वित्त एवं राजस्व को जिला जनगणना अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी को अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी तथा जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को उप जिला जनगणना अधिकारी बनाया गया है। इसी प्रकार उप जिला मजिस्ट्रेट, परगना जनगणना अधिकारी व नगर निगमों के उप नगर आयुक्त को नगर जनगणना अधिकारी बनाया गया है।

श्री सिन्हा ने बताया कि नगर पालिका परिषदों, छावनी बोर्डो और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के नगर जनगणना प्रभारी अधिकारी होगें। तहसीलदार को तहसील जनगणना प्रभारी अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी को अतिरिक्त तहसील जनगणना प्रभारी अधिकारी तथा सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी को सहायक तहसील जनगणना प्रभारी अधिकारी बनाया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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गणेश शंकर पाण्डेय उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति पद के लिए नामित

Posted on 20 January 2010 by admin

लखनऊ - बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने उत्तर प्रदेश विधान परिद के सभापति पद के निर्वाचन हेतु श्री गणेश शंकर पाण्डेय, सदस्य विधान परिद को नामित किया है। श्री गणेश शंकर पाण्डेय द्वारा आज विधान परिशद के सभापति पद हेतु अपना नामांकन पत्र दाखिल किया गया। यह जानकारी आज यहां पार्टी प्रवक्ता द्वारा दी गई।

उल्लेखनीय है कि श्री गणेश शंकर पाण्डेय हाल ही में हुए स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन में उत्तर प्रदेश विधान परिद के सदस्य के रूप में चौथी बार निर्वाचित हुए हैं। विधान परिद के सदस्य के रूप में वे पहली बार 15 मई, 1990, दूसरी बार जनवरी, 1998 और तीसरी बार दिसम्बर, 2004 में निर्वाचित हुए थे और वर्तमान में यह उनका चौथा टर्म है।

श्री पाण्डेय अपने दूसरे टर्म से ही विधान परिद के  अधिष्ठता मण्डल में लगातार आठ वर्ष से सम्मिलित रहे हैं और याचिका समिति के अध्यक्ष भी रहे हैं। श्री पाण्डेय इसके साथ ही गोरखपुर यूनीवर्सिटी में तीन बार और बुन्देलखण्ड यूनीवर्सिटी में दो बार एक्जीक्यूटिव काउन्सलर भी रहे हैं।

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योजनाओं के सभी कार्य 19 फरवरी तक पूर्ण कर लिये जायें -श्री कृष्ण

Posted on 20 January 2010 by admin

लखनऊ - उत्तर प्रदेश के ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री कृष्ण ने महामाया/सर्वजन आवास योजना में शत -प्रतिशत प्रगति लाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि इन योजनाओं के सभी कार्य आगामी 19 फरवरी तक पूर्ण कर लिये जायें। उन्होंने कहा कि सजल धारा कार्यक्रम के अन्तर्गत जो योजनाएं पूर्ण नहीं हो पा रही हैं उनको भी यथाशीघ्र पूर्ण कराये जायें।

प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास ने यह निर्देश कल जिला विकास अधिकारियों के साथ यू0पी0आर0आर0डी0ए0 के सभाकक्ष में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक के दौरान दिये। उन्होंने कहा कि 20 करोड़ रूपये की धनराशि महामाया आवास योजना में दैवी आपदा के लिए शासन स्तर पर अभी भी शेष हैं, उसके उपभोग के लिए सभी बी0डी0ओ0 प्रस्ताव बनाकर आयुक्त के माध्यम से भेजें ताकि समय से इस धन का सदुपयोग हो सकें।

बैठक में प्रमुख सचिव ने निर्देश दिये कि सरस हाट के लिए भूमि की व्यवस्था सम्बन्धित अधिकारी अविलम्ब करें। उन्होंने कहा कि बायोगैस योजना के अन्तर्गत जो जनपद शेष हैं वे अपना उपभोग प्रमाण-पत्र आयुक्त को समय से भेज दें। बैठक में आयुक्त ग्राम्य विकास श्री संजीव कुमार, मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी व जिला विकास अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695

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