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अधिवक्ता की वकालत पर बार कौंसिल ने दस वर्ष की लगाई रोक

Posted on 03 February 2010 by admin

बैनामे के एक लाख 20 हजार हड़पने पर हुई कार्रवाई

सुलतानपुर-बैनामे के एक लाख बीस हजार रूपये हड़पने और धोखाधड़ी करने पर उ.प्र. बार कौंसिल ने जिले के एक अधिवक्ता अब्दुल हफीज पर दस वर्ष तक वकालत करने पर प्रतिबन्ध लगा दी है। चेयरमैन के नेतृत्व में बार कौंसिल की समिति ने यह आदेश एक अन्य अधिवक्ता के आवेदन पर दिया है।

अधिवक्ता मो. सलीम ने बार कौंसिल में आवेदन कर याचना की थी कि मो. सलीम ने अपनी चक गाटा संख्या 326 के बैनामे की बात दूसरे अधिवक्ता से बताई थी। जिन्होंने बेला पश्चिम निवासी बलराम की पत्नी मधु और धौराबाद के राजेन्द्र प्रताप से बैनामे की बात तय की। वर्ष 2006 में बैनामे के समय याची अधिवक्ता को अब्दुल हफीज ने बताया कि बैनामे के एक लाख 70 हजार रूपये मिले हैं। जिन्हें मोण् सलीम के इलाहाबाद बैंक की खाता संख्या 1282भ् में जमा कर दिया गया है। रूपया वापस नहीं मिला तो याची ने सिविल जज दक्षिणी के न्यायालय में बैनामा निरस्तीकरण का वाद दायर किया। नौ मार्च 2007 को मुकदमा दायर करने के 20 दिन बाद याची के बचत खाते में  रूपये अब्दुल हफीज ने जाम कर दिया। बैनामे के एक लाख 20 हजार रूपये को धोखाधड़ी करने का आरोप अब्दुल हफीज पर लगाते हुए पीप्रड़त वकील ने बार कौंसिल में डी.सी. वाद प्रस्तुत किया। एडवोकेट एक्ट की धारा 3भ् के तहत कौंसिल के चेयरमैन बलवन्त सिंह की समिति ने अब्दुल हफीज को पेशे में धोखाधड़ी करने का दोषी माना।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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बीएसएनएल मतलब-भाई साहब नहीं लगेगा

Posted on 03 February 2010 by admin

लखनऊ- बुन्देलखण्ड के ललितपुर, झॉसी, हमीरपुर, महोबा जनपद में बीएसएनएल की मोबाइल व बेसिक लाईन ध्वस्त होने के कारण उपभोक्ताओं को खासा परेशान होना पड़ रहा है। लोगों का एक -दूसरे से सम्पर्क टूटा होने के कारण कई लोगों के कार्य प्रभावित हुये तो इण्टरनेट सेवा ठप्प होने का असर बैंको पर भी दिखाई दिया। उपभोक्ताओं द्वारा हंसी-हंसी में ही सही पर बीएसएनएल की व्याख्या भाई साहब नहीं लगेगा की जाना अब सच साबित हो रही है।

बीते दो दिनों से यहां बीएसएनएल उपभोक्ता खासे परेशान है। न तो मोबाइल लग रहे है और न ही लैण्ड लाईन फोनों पर ही घण्टी खनखना रही है। व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने की वजह से व्यापार पर तो प्रतिकूल असर पड़ा ही बैंकों का कामकाज भी पुरी तरह ठप रहा। हालात इस कदर बिगड़ गये कि बहुत से उपभोक्ताओं ने इस कम्पनी की सिम निकाल कर अन्य कम्पनियों की डाल ली। उपभोक्ताओं की मानें तो हमेशा ही बीएसएनएल सेवा का यही हाल रहता है। ये कहते है कि बिगड़ी सेवा का असर ही है कि अब लोगों ने इस सरकारी व्यवस्था को बाय बाय कर दिया। अधिकतर लोग घरो में लगे लैण्डलाइन कनेक्शन कटवा चुके है और अब मोबाइल का इस्तेमाल भी धीरे-धीरे बन्द करते जा रहे है। बीएसएनएल उपभोक्ता बीएसएनएल की सेवाओं से त्रस्त हो चुके हैं पिछले कई माह से हो रही असुविधा के कारण लोगों में बीएसएनएल के प्रति आक्रोश पनप रहा है। उनका कहना है कि वाकई में बीएसएनएल का अर्थ अब भाई साहब नहीं लगेगा हो गया है। क्योंकि किसी भी वक्त इससे कहीं अन्यत्र सम्पर्क करने पर इसमें बस यही रिकार्डिग आवाज सुनाई देती है कि दिस रूट इज विजी प्लीज ट्राई आफ्टर सम टाईम।  की असुविधा को देखते हुए सुनील शर्मा का कहना है कि अधिकतर इस कम्पनी की लाईने व्यस्त ही रहती है और लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है बहुत से लोगों ने इसकी असुविधाओं को देखते हुए अपनी-अपनी सिमों को निकाल फेंक भी दिया है और अन्य कम्पनियों की सिम का प्रयोग शुरू कर दिया है। ब्राडबैण्ड के तो हाल ही बेहाल है। प्लान कुछ होता है बिल कुछ आता है। आकड़े के खेल में रेलमपेल करके उपभोक्ताओं को चूना लगाने के साथ-साथ प्रइवेट मोबाइल सेवा से मिली भगत करके करोड़ों की हेरा-फेरी का खेल पिछले एक साल से बदसूरत जारी है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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बहुजन समाज पार्टी सत्ता के मद में पूरी तरह मदान्ध -द्विजेन्द्र त्रिपाठी

Posted on 03 February 2010 by admin

लखनऊ- जनपद एटा से अलग हुए नवसृजित जनपद कांशीराम नगर के सावर कस्बे में कल दिनांक 02फरवरी को जबरन जमीन कब्जे को लेकर बहुजन समाज पार्टी के दबंग लोगों द्वारा, जो कि बसपा प्रमुख के करीबी बताये जाते हैं, के साथ स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मिलकर न सिर्फ निर्दोष लोगों पर लाठियां बरसायीं बल्कि पुलिसवालों की गोली 16 वर्षीय रजनी के सिर में लगने एवं गोलीबारी के दहशत से गिरिराज किशोर की मृत्यु हो जाने की घटना शर्मनाक एवं निन्दनीय है।

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता द्विजेन्द्र त्रिपाठी ने आज यहां जारी बयान में कहा कि बहुजन समाज पार्टी सत्ता के मद में पूरी तरह मदान्ध हो चुकी है। मुख्यमन्त्री जी ने पिछले विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता से जिस जंगलराज, माफियाराज से मुक्ति दिलाने के नाम पर सत्ता हासिल की, आज उन्हीं के शासनकाल में आम जनता जंगलराज और माफियाराज से कराह रही है।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी की सरकार में शामिल मन्त्री, विधायक, सांसद तथा बसपा के नेता कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाकर कीर्तिमान स्थापित करने का रिकार्ड बनाने में जी-जान से जुटे हुए हैं। आये दिन बसपा के नेताओं द्वारा जबरिया जमीन कब्जे के चलते किसी दलित महिला(सीतापुर-शशिकला) को फंासी पर लटकाकर मार डालने का प्रयास किया जा रहा हैं, कहीं (कानपुर) किसी गरीब की लड़की के साथ बलात्कार कर पूरे परिवार को घर छोड़ने पर विवश कर रहे हैं तो कहीं पुलिस प्रशासन के सहयोग से जमीन के कब्जे के प्रयास(एटा) की खबरें अखबारों की सुर्खियां बन रही हैं। लेकिन राज्य सरकार ने इन सबसे इतर बसपा के अपराधियों को अपराध करने की मौन स्वीकृति दे रखी है।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि जिस प्रदेश की मुखिया स्वयं महिला हो और खुद को दलितों का सबसे बड़ी हिमायती बताने में थकती न हों, आज उसी प्रदेश में महिलाओं पर जिस प्रकार अत्याचार हो रहे हैं, इससे अधिक शर्म की बात क्या हो सकती है। शासन और प्रशासन आज प्रदेश में अपराधियों पर कार्यवाही करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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कांग्रेस की सोच हमेशा से दलित विरोधी रही है -स्वामी प्रसाद मौर्य

Posted on 03 February 2010 by admin

बी0एस0पी0 सरकार ने ही सन्त रविदास के नाम पर नया जिला बनाया, गंगासेतु, पॉलिटेक्निक, विश्वविद्यलाय तथा सन्त रविदास पुरस्कार प्रारम्भ किया,मुख्यमन्त्री ने सन्त रविदास के जन्म स्थान के विकास के लिए 15 करोड़ रूपये की विभिन्न योजनाएं शुरू कीं

लखनऊ - बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस विधायक दल के नेता श्री प्रमोद तिवारी द्वारा इस वर्ष रविदास जयन्ती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित न किये जाने के मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे गलतबयानी बताया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस की सोच हमेशा से दलित विरोधी रही है। वास्तविकता यह है कि इस बार सन्त रविदास जयन्ती के दिन निर्बन्धित अवकाश था। श्री तिवारी को कम से कम कैलेण्डर देख लेना चाहिए था। इस प्रकार श्री तिवारी गलत बयानी कर रहे हैं।

श्री मौर्य ने कहा कि वास्तव में श्री तिवारी की नीयत प्रदेश की जनता खासतौर से सन्त रविदास के अनुयायियों में भ्रम फैला कर राजनीतिक लाभ उठाने की हैं। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस एवं उनके नेताओं को सन्त रविदास की इतनी ही चिन्ता होती तो वे केन्द्र एवं प्रदेश में लम्बे समय तक शासन करने के दौरान उनकी स्मृति में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा तथा उनके नाम पर स्मारक आदि बनाने की घोषणाएं अवश्य करते। इससे साफ है कि कांग्रेस के नेता अपना खोया हुआ जनाधार पाने की हताशा में ऊल-जलूल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता दलितों को रिझाने के लिए कभी झोपड़ी में सोने और खाने की नौंटकी करते हैं, तो कभी अनर्गल बयानबाजी करके सहानभूति बटोरने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि श्री तिवारी द्वारा गुरू रविदास की जयन्ती पर संविधान के नियमों की उल्लंघन का आरोप पूरी तरह बचकाना और सतही है।

श्री मौर्य ने कहा कि राज्य सरकार पर आरोप लगाने से पहले श्री तिवारी को अपने गिरेहबान में झांक लेना चाहिए। कांग्रेस की सोच हमेशा से दलित विरोधी रही है। इसका सीधा प्रमाण है कि अपने शासनकाल में कांग्रेस की सरकारों ने समय-समय पर दलित एवं पिछडे़ वर्गों में जन्में सन्तों, गुरूओं एवं महापुरूषों की यादगार में एक भी स्मारक, संग्रहालय अथवा पार्क स्थापित नहीं किये। इसके विपरीत बी0एस0पी0 सरकार द्वारा बनवाये गये स्मारकों आदि को लेकर लगातार कोसते रहे और दुष्प्रचार करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सन्त रविदास जी की जयन्ती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित न किये जाने का बयान भी एक घड़ियाली आंसू की तरह है। कांग्रेस के नेता रविदास जयन्ती पर अवकाश घोषित न करने को लेकर झूठी सहानुभूति दिखाने का नाटक मात्र कर रहे हैं।

श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश के दलित व पिछड़े वर्ग के लोग कांग्रेस के दोहरे चरित्र से भलीभान्ति परिचित हैं और इनके बहकावे में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को दलित महापुरूषों, सन्तों एवं गुरूओं की चिन्ता होती तो केन्द्र सरकार इनकी जयन्ती एवं पुण्य तिथियों पर अवकाश की घोषणा करती। सिर्फ जबानी जमा-खर्च से काम नहीं चलाती। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी के निधन पर यू0पी0ए0 की सरकार ने अवकाश की घोषणा करने सोचने तक की जहमत नहीं उठायी, जबकि पूरा देश जानता है कि मान्यवर श्री कांशीराम जी से करोड़ों दलित एवं पिछड़े वर्ग के लोगों की भावनायें जुड़ी हैं और वे उन्हें समाज का उद्धारक तथा अपना मसीहा मानते हैं।

बी0एस0पी0 प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि चौथीबार सत्ता में आते ही उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने सन्त शिरोमणि रविदास जी के जन्म स्थान वाराणसी जाकर उनकी जयन्ती पर सार्वजनिक अवकाश तथा विभिन्न योजनाओं की भी घोषणा की थी। इनमें नगवा वाराणसी में लगभग पौने चार करोड़ रूपये की लागत से सन्त रविदास घाट का निर्माण और इसके साथ ही घाट के पास बहने वाले नाले के सुधार तथा पानी की सफाई हेतु 15 करोड़ रूपये देने की भी घोषणा शामिल है। इन सभी घोषणाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि बी0एस0पी0 सरकार ने अपनी पूर्व की सरकारों के कार्यकालों में सन्त रविदास जी की स्मृति में अनेक निर्णय लिये थे, इनमें गंगा नदी पर बनने वाले पुल का नाम सन्त रविदास सेतु रखने, सन्त रविदास पार्क की स्थापना, पार्क में सन्त रविदास की प्रतिमा तथा वाराणसी में ही सन्त रविदास एस0सी0एस0टी प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना, चन्दौली के चकिया में सन्तरविदास पॉलिटेक्निक तथा फैजाबाद में सन्त रविदास महाविद्यालय व सन्त रविदास सम्मान पुरूस्कार का निर्णय आदि सम्मिलित हैं। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों ने क्या कभी कोई कार्य इनके लिए किया है।

श्री मौर्य ने कहा मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने अपने पूर्व कार्यकाल में जनपद भदोही का नामकरण सन्त रविदास नगर घोषित किया था। उन्होंने कहा कि देश में समय-समय पर ऐसे सन्तों, गुरूओं और महापुरूषों ने जन्म लिया, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज में व्याप्त गैरबराबरी व भेदभाव वाली सामाजिक व्यवस्था को समाप्त करने के लिए समर्पित कर दिया। इनमें सन्त श्री रविदास जी का नाम पूरे आदर और सम्मान के साथ लिया जाता है। सन्त रविदास जी ने 15वीं शताब्दी में जो समतामूलक समाज व्यवस्था स्थापित करने का कार्य शुरू किया था, उसको 20वीं सदी के महान सुधारकों अर्थात् छत्रपति शाहूजी महाराज, महात्मा ज्योतिबाफुले, श्री नारायणागुरू, बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर और मान्यवर श्री कांशीराम जी ने आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि बी0एस0पी0 सरकार इन महापुरूषों के अधूरे कार्यों को पूरा करने तथा इनके सपनों को साकार करने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बी0एस0पी0 सरकार सन्तों, गुरूओं और महापुरूषों को किसी जातीय बन्धन में बाधनें की पक्षधर नहीं है, क्योंकि इनके सन्देश सार्वभौम एवं विश्वकल्याण के लिए होते हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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जब तक गन्ने की पूरी पेराई नहीं हो जाती, तब तक कच्ची चीनी का आयात नहीं - राज्य सरकार

Posted on 03 February 2010 by admin

कच्ची चीनी की प्रोसेसिंग स्थगित करने से गन्ना किसानों को बड़ी राहत - राज्य सरकार
गन्ना किसानों को चीनी मिलों द्वारा अब तक 5939.87 करोड़ रूपये का भुगतान
गन्ना किसानों को 260 रूपये प्रति कुन्तल तक भुगतान-राज्य सरकार

लखनऊ - उत्तर प्रदेश सरकार के लिए गन्ना किसानों का हित सर्वोपरि है। इसको दृष्टिगत रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि जब तक गन्ने की पेराई पूरी नहीं हो जाती है, तब तक चीनी मिलों द्वारा आयातित कच्ची चीनी की प्रोसेसिंग नहीं की जाएगी। इसके अलावा गन्ना किसानों के लिए समय-समय पर अनेक महत्वपूर्ण निर्णय भी लिये गये हैं। राज्य सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप गन्ना किसानों को वर्तमान में 260 रूपये प्रति कुन्तल तक की धनराशि प्राप्त हो रही है।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने यह जानकारी आज यहां देते हुए बताया कि गन्ना किसानों को वर्तमान पेराई सत्र में अधिक से अधिक मूल्य दिलाये जाने और उनके खेत शीघ्र खाली करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने रेलवे रैक द्वारा प्रदेश में कच्ची चीनी के आयात/परिवहन को स्थगित किया है। इसके साथ ही गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य के ससमय भुगतान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि कल 01 फरवरी तक चीनी मिलों को आपूर्ति गन्ना मूल्य 6926.58 करोड़ रूपये के सापेक्ष गन्ना किसानों को चीनी मिलों द्वारा 5939.87 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। गौरतलब है कि चीनी मिलें गन्ना मूल्य भुगतान हेतु 14 दिन की समय सीमा निर्धारित है, लेकिन इस समय सीमा के पहले ही त्वरित भुगतान किया जा रहा है।

प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध एवं संवेदनशील है। इसलिए पेराई सत्र 2009-10 के लिए राज्य परामर्शित गन्ना मूल्य (एस0ए0पी0) में एकमुश्त 25 रूपये प्रति कुन्तल की अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। उल्लेखनीय है कि एस0ए0पी0 न्यूनतम गन्ना मूल्य है। इससे कम दिये जाने का कोई प्रश्न ही नहीं है। इसलिए एस0ए0पी0 के साथ प्रोत्साहन राशि का भुगतान किये जाने पर गन्ना किसानों को 260 रूपये तक की धनराशि प्राप्त हो रही है। इस धनराशि को सभी चीनी मिलें भुगतान कर रही हैं। पिछली सरकारों में एक वर्ष में गन्ना मूल्य में इतनी बढ़ोत्तरी कभी नहीं की गई। इसके साथ ही गन्ना किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के साथ-साथ अन्य सुविधायें भी दिलाने के निर्देश दिये गये हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि गन्ना उत्पादन लागत में वृद्धि से सम्बन्धित किसानों की मांगों को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा 21 नवम्बर, 2009 तथा 01 दिसम्बर, 2009 को मण्डलायुक्तों को निर्देश दिये गये कि गन्ना किसानों के हित में चीनी उत्पादन को अपेक्षित गति प्रदान करने के लिए गन्ना विकास समितियों/गन्ना किसानों के प्रतिनिधियों एवं चीनी मिलों के बीच एस0ए0पी0 के अतिरिक्त गन्ना किसानों को दिये जा सकने वाले प्रोत्साहन/सुविधाओं के सम्बन्ध में पहल कर पारस्परिक सहमति बनायी जाए। शासन द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत मण्डलायुक्तों द्वारा की गई कार्यवाही के फलस्वरूप गन्ना किसानों को 260 रूपये प्रति कुन्तल तक दिया जा रहा है।

प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों की समस्याओं के प्रति गम्भीर है। इसके साथ ही किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने तथा गन्ना का उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। किसानों की समस्याओं का निस्तारण प्रभावी ढंग से करने के साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही भी की जा रही है। चीनी मिलों मे गन्ने की घटतौली आदि अनियमितताओं पर नियन्त्रण के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है, जिसके फलस्वरूप अबतक 211 तौल लिपिक निलिम्बत किये गये हैं तथा चीनी मिल अध्यासियों एवं मिल मालिकों के विरूद्ध 59 मामलों में एफ0आई0आर0 दर्ज करायी गई है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि गन्ना किसानों की शिकायतों पर समय रहते कार्यवाही न करने पर सम्बन्धित लोगों को दण्डित किया जाएगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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जन भागीदारी से कोशो दूर झांसी महोत्सव

Posted on 03 February 2010 by admin

झांसी - झांसी महोत्सव  को इस बार देख कर लगता है की “झांसी महोत्सव  समिति “के सदस्य नाम के ही है वरना इस महोत्सव को सुन्दर ढण्ड से किया जा सकता था सूत्रों की  माने तो जो चन्दा महोत्सव के लिए हुआ है उस की फिगर में कई शून्य(0) है। मगर जिलाधिकारी  राजशेखर ने बताया की  झांसी महोत्सव में जनता की भागीदारी के लिए सभी प्रयास किए जा रहे है। बताया कि प्रदेश शासन के संस्कृति मन्त्रालय से 3 लाख तथा भारत सरकार के वस्त्र मन्त्रालय से 13 लाख रुपए आवंटित हुए है। महोत्सव के खर्च के लिए यह धनराशि कम है। इसीलिए विभिन्न कम्पनियांए बैंक व दूसरे निजी संस्थान कार्यक्रमों के प्रायोजक बनाए गये है। साथ ही शिल्प मेले में दुकानों से भी होने वाली आय से कुछ सहयोग मिल रहा है। महोत्सव के लिए धनराशि की कमी नहीं है। हालांकि महोत्सव के कुल खर्च को लेकर स्थिति महोत्सव के बाद ही सामने आ पाएगी। महोत्सव को गरिमामय बनाने के लिए देश के ख्यातिनाम कलाकारों को बुलाया गया है।dmjhansi

जिलाधिकारी ने कहा कि झांसी की पहचान रानी झांसी के साथ हाकी के जादूगर ध्यानचन्द से भी है। यहां लोगों में वीरता के साथ हाकी को लेकर भी जुनून है। इसीलिए पहली बार अखिल भारतीय महिला हाकी प्रतियोगिता होने जा रही है। प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों की आठ टीमें हिस्सा ले रही है। प्रतियोगिता लीग कम नॉक आउट के आधार पर खेली जाएगी। इसका उद्घाटन 3 फरवरी को अपराह्न 3 बजे प्रदेश सरकार के अम्बेडकर ग्राम राज्यमन्त्री रतन लाल अहिरवार करेगे, जबकि समापन पर 8 फरवरी को केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमन्त्री प्रदीप जैन आदित्य पुरस्कार वितरण करेगे। विजेता टीम को 20 हजार रुपए नकद दिए जाएंगे। हाकी प्रतियोगिता का प्रायोजक कालेज ऑफ साइन्स एण्ड इंजीनियरिंग है।
जिलाधिकारी ने कहा कि झांसी महोत्सव में 9 फरवरी तक प्रतिदिन मुक्ताकाशी मंच के साथ दीनदयाल सभागारए मेला ग्राउण्ड व बुन्देली मंच पर कार्यक्रम चलेंगे। मुक्ताकाशी मंच पर होने वाली सांस्कृतिक संध्या में प्रतिदिन अलग-अलग अतिथियों को आमन्त्रित किया गया है।


Vikas Sharma
upnewslive.com
editor@bundelkhandlive.com
Ph-09415060119


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महामहिम राज्यपाल ने किया झांसी महोत्सव का उद्घाटन

Posted on 02 February 2010 by admin

झांसी - दस दिनों तक चलने बाले आयुर्वेद झांसी महोत्सव महोत्सव  का शुभारम्भ मुक्ताकाशी मंच पर महामहिम राज्यपाल श्री बी0एल0जोशी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर और झांसी रानी के चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया। महामहिम राज्यपाल ने कहा वीरांगना की नगरी में आना उनके लिये गौरव की बात है। उन्होंने कहा बचपन में सुभद्रा कुमारी चौहान द्वारा रचित कविता `खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी´ पढ़ने और अब भी सुनते समय रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वीरांगना की वीरगाथा झांसी ही नहीं अपितु पूरे देश के लिये गौरव की बात है और हम आज ऐसे ही वीरों के कारण सीना तानकर खड़े हैं।vlcsnap-13811

महामहिम ने अपने सम्बोधन में संचालन कर रही अनीता सहगल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने संचलिका से कहा कि आप बहुत अच्छा बोलती हैं। बहुत अच्छे तरीके से झांसी की रानी के बारे बताया, जिसकी  दर्शको ने तालियों से सराहना की।

झांसी महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या का आगाज पाणिनी कन्या महाविद्यालय, वाराणसी के छात्राओं द्वारा किये गये मन्त्रोच्चारण के साथ हुआ। इसके बाद कलाकारों ने तीर के माध्यम से वीरांगना के चित्र पर माल्यार्पण की बेहतरीन प्रस्तुति की। इसके बाद राश्ट्रीय कथक संस्थान, लखनऊ के कलाकारों ने वीरता का परिचय `रानी झांसी की अमर कहानी´ नृत्य नाटिका के माध्यम से किया। इस नाटिका के माध्यम से कलाकारों ने वीरांगना के काशी में जन्म से लेकर अंग्रेजों से लोहा लेना और जीवन पर्यन्त तक का सजीव चित्रण किया। इसके बाद उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के माध्यम से अतुल यदुवंशी द्वारा निर्देशित सप्तरंग कार्यक्रम में हरियाणा का फाग नृत्य, उत्तराखण्ड का हारूल व जौनसारी जनजाति के लोगों द्वारा पाण्डव दर्शन की प्रस्तुति शानदार रही। वहीं मध्य प्रदेश के कलाकारों ने यादव जाति द्वारा दीवाली से पूर्णिमा के बीच किये जाने वाले लोकनृत्य बरेदी को प्रस्तुत किया। भगवान कृश्ण और ग्वाल बालों पर आधारित नृत्य में कलाकारों ने बेहद रोचक प्रस्तुति दी। इसके बाद राजस्थान का चकरी नृत्य, बिहार का झिंझिंया और ब्रज की होली की मनमोहन प्रस्तुति ने दर्शको को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।

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anchor-anita-sahgalगरिमामयी संचालन अनीता सहगल द्वारा किया गया। अनीता ने जब अपने मनमोहक अन्दाज और मधुर वाणी से संचालन करना शुरू किया तो दर्शक बिना ताली बजाये और प्रशंसा किये बिना नहीं रह पाये। अनीता सहगल ने जो शेर-शायरी अपने संचालन के दौरान कही वह काबिले तारीफ थी। इस बार जिला प्रशासन ने नौ दिन चलने वाले झांसी महोत्सव में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन करने का जिम्मा लखनऊ की प्रतिष्ठित संचालिका अनीता को दिया। सांस्कृतिक संध्या के समापन पर जिलाधिकारी राजशेखर ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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मनरेगा मजदूरों ने मजदूरी न मिलने पर बीडीओ को घेरा

Posted on 02 February 2010 by admin

मजदूरों ने काम बन्द किया
सुलतानपुर-शासन से मनरेगा के मद में भेजा गया धन कई दिन बाद भी ग्राम पंचायतों को नहीं मिला। तालाब की खुदाई में लगे मजदूर को मजदूरी न मिलने से नाराज हैं। दर्जनो मजदूरों ने खण्ड विकास अधिकारी का घेराव कर मजदूरी अपनी मजदूरी मांगी। खण्ड विकास अधिकारी ने मजदूरों को जल्द उनकी मजदूरी का भुगतान करने की बात कह कर उन्हें वापस लौटा दिया।

मनरेगा का काम अमेटी व भेंटुआ विकास खण्ड के गुंगवाछ, सरूवावां, मण्डेरिका, ,कोरारी, थौरा, नौगिरवां आदि ग्राम पंचायतों में चल रहा है। ग्राम प्रधान के कहने पर काम में लगे मजदूर पिछले एक माह से मजदूरी न मिलने से नाराज हैं। खण्ड विकास अधिकारी सरला देवी ने मजदूरों के प्रदर्शन की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के खाते में धन नहीं मिला है। बैंक बिना धन के भुगतान करने से साफ मना कर रहे हैं।

उधर ब्लाक प्रमुख आशा सिंह के गांव में मानक तालाब की खुदाई का काम मजदूरों ने दो दिन से बन्द कर दिया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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हुसैनिया नौतामीर अमहट में हुआ एक मजलिस का आयोजन

Posted on 02 February 2010 by admin

असगरिया गोराबारिक ने पेश किया अपना नौहा
सुलतानपुर-   अंजुमने असगरिया गोराबारिक अमहट में हुसैनिया नौ तामीर अमहट में एक मजलिस का आयोजन किया गया, जिसको मशहूर मौलाना सैय्यद रजा आब्दी हैदराबाद ने खिताब किया। दौराने मजलिस उन्होंने इमामे हुसैन अलै के उस छह माह के मासूम बच्चे का मसायब पढ़ा जिसका नाम अली असगर था। हुसैन का यह मासूम बच्चा भी कर्बला के मैदान में तीन दिन का प्यासा था जिसके लिए हुसैन ने यजीदी फौज से पानी मांगा था, किन्तु जालिम ने पानी से नहीं बल्कि तीर से उस मासूम बच्चे के गले पर मारकर शहीद कर दिया। उसी छह माह के बच्चे की याद में मजलिस के बाद शबीह गहवारा बरामद हुआ और अंजुमने असगरिया गोराबारिक ने अपना नौहा पेश किया।
रातभर तरही शब्बेदारी हुई जिसमें सुलतानपुर की मुकामी अंजुमनों के अलावा अंजुमने दस्तये मासूमिया घोसीमऊए नूरइस्लाम जलालपुर और जाफरिया जलालपुर ने नौहा मातम किया, जिसका संचालन मौलाना रजी बिस्वानी ने किया। सुबह 6 बजे 18 बनी हाशिम के 18 शबीह ताबूत हुसैनिया नौतामीर अमहट से बरामद होकर हुसैनिया शेख खानी पर खत्म किया गया। दौरान जुलूस आली जनाब मौलाना इरशाद अब्बास इलाहाबाद, मौलाना आबिस मौलाना हसन मेंहदी मीरपुर, मौलाना जीशान हैदर साहब, मौलाना शकील अहमद ने तकरीर की।

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दो साप्ताहिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में डिग्री कालेजों के लोग हुए शामिल

Posted on 02 February 2010 by admin

सुलतानपुर- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार द्वारा प्रायोजित एवं सेण्टर ऑफ टेक्नोलाजी एण्ड इण्टरप्रिनियरशिप डेवलेपमेंट द्वारा आयोजित दो साप्ताहिक फैकल्टी डेवलेपमेंट के प्रशिक्षण कार्यक्रम में के.एन.आई, राणाप्रताप एवं गनपत सहाय डिग्री कालेज, संजय गांधी पालीटेक्निक जगदीशपुर, राजकीय महाविद्यालय मुसाफिरखाना, राजीव गांधी पालीटेक्निक एवं आईटीआई मुसाफिरखाना के प्रवक्ताओं एवं अनुदेशकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 20 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस मौके पर उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद से आये संकाय सदस्य राजीव कुमार व लखनऊ से आये अमरंजन कुमार ने उपलब्ध उद्यमिता उत्प्रेरणा पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कालेजों से आये प्रवक्ताओं को उद्यमिता उत्प्रेरणा से प्ररित किया। उन्होंने उद्यम अवसर अभिसान पर विस्तृत चर्चा की।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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