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गस्त के दौरान पुलिस ने किया गिरफ्तार

Posted on 29 July 2010 by admin

थाना लम्भुआ पुलिस को गस्त के दौरान सन्देहास्पद स्थित में दो व्यक्तियों का पकड़ा लिनके पास से कट्टा एव जीवित कारतूस बरामद हुए जिन्हें शस्त्र अधिनियम के तहत जेल भेज दिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनेसार दिनांक 28/29 जुलाई 2010 की रात्रि 01.30 बजे आरक्षी प्रदीप कुमार, चन्द्र प्रकाश व होम गार्ड जिलाजीत तिवारी, राम मूर्ति वर्मा रात्रि कस्बा गस्त करते हुए बै।क आफ बडौदा, भदैंया के पास पहुंचे तो उन्हें वहॉ पर दो व्यक्ति सन्देहास्पद स्थिति में खड़े दिखाई दिए जो पुलिस को देखकर गॉव की ओर भागने लगे, तो पुलिस ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया । तलाशी के दा।ैरान एक ने अपना नाम संजय सिंह पुत्र केवल बहादुर तथा दूसरे ने चन्दन सिंह पुत्र राम धीरज निवासी पलिया  थाना धम्मौर बताया। तलाशी के दौरान उन दोनें अभियुक्तों के पास से एक-एक कट्टा 12 बोर का और तीन-तीन कारतूस बरामद हुआ। जिसको थाना लम्भुआ में मु0अ0सं0 322,323/2010 धारा 25- शस्त्र अधिनियम के तहत पंजीकृत कर दोनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया।
दूसरी घटना थाना गोशाईगंज में उ0नि0नि0 सुधीर कुमार सोनी क्षेत्र में गस्त भ्रमण कर के आ रहे थे तो  उन्हें किसी के द्वारा सूचना प्राप्त होने पर एक व्यक्ति को सन्देहास्पद हालत मेंं खड़ा पाया। नाम, पता पूछने एवं तलाशी के दौरान उसने अपना नाम मनमोहन सिंह पन्त्र काली प्रसाद सिंह बताया तलाशी लेने पर उसके पास से एक अदद चाकू बरामद हुआ। अभियुक्त के विरूद्ध मु0अ0सं0 596/10 धारा -25 शस्त्र अधिनियम के तहत जूल भेज दिया गया।
इसी तरह तीसरी घटना थाना बल्दीराय में आरक्षी अयूब खाू व जंग बहादुर यादव ने गस्त के दौरान इसौली -पारा रोड पर पेट्रोल पम्प के पास से एक व्यक्ति को बोरे में 60 किलो गौ मांस के साथ गिरफ्तार किया । पूछ- ताछ के दौरान उसने अपना नाम नन्कउ उर्फ मो0 रजा पुत्र रफीेक निवासी इसौली थाना बल्दीराय बताया , जिसे गिरफ्तार कर मु0 अ0 सं0 491/10 धारा 73/5/8 गोबध निवारण अधिनियम के तहत पुजीकृत कर जेल भेज दिया गया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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मिलावटखोरों के विरूद्ध हो सख्त कार्यवाही अभियान के तहत अब तक 248 व्यक्ति गिरफ्तार आज 8 जनपदों में 10 छापे, 5 व्यक्ति गये जेल

Posted on 29 July 2010 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती के निदेेZश पर मिलावटखोरों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 तथा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम-1940 की विभिन्न धाराओं में अब तक 297 मामलों में एफ0आई0आर0 दर्ज कराते हुए 248 लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है।
यह जानकारी आज यहां खाद्य एवं औषधि प्रशासन के प्रवक्ता ने दी है। प्रवक्ता ने बताया कि खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत आई.पी.सी. की धारा-272/273 के अन्तर्गत  आज कुल 7 जनपदों में छापे मारे गये जिसमें भारी मात्रा में अपमिश्रित पदार्थ जब्त करते हुए 8 एफ0 आई0 आर0 में 12 व्यक्तियों को नामित करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। प्रवक्ता ने बताया कि खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत एफ.डी.ए.टीम द्वारा जनपद सन्त कबीर नगर के कोतवाली क्षेत्र में लगभग तीन कुन्तल केला जब्त करते हुए सम्बन्धित व्यक्ति के विरूद्ध एफ0आई0आर0 दर्ज कराकर जेल भेजा गया। जनपद रामपुर के गंज थाना के अन्तर्गत एफ0डी0ए0 टीम द्वारा 15 कुन्तल केला, 28 कुन्तल आम, 1.5 किग्रा0 कार्बाइड, 100 एम0एल0 की दो बोतल इथोफोन आदि लगभग 1.57 लाख रूपये की सामग्री जब्त करते हुए दो एफ0आई0आर0 दर्ज करायी गईं। सम्बन्धित दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया। जनपद गौतमबुद्ध नगर के थाना सेक्टर-24 में बिसलेरी की बोतल में पानी भरने वाले प्लान्ट को सीज करते हुए मो0 इमरान एवं सुशील यादव के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई जिसमें एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया

गया है। जनपद गाजियाबाद में एक डेरी की दुकान से 70 किलो घी जब्त किया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि जनपद फरूZखाबाद के कोतवाली सदर में 3 कुन्तल एवं 8 कुन्तल केला जब्त करते हुए पप्पू एवं जावेद के विरूद्ध अलग-अलग एफ0आई0आर0 दर्ज कराते हुए दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया। जनपद श्रावस्ती कोतवाली भिंगा में प्रतिबन्धित रंग एवं रिफाइण्ड ऑयल जब्त करते हुए एफ0आई0आर0 दर्ज कराई गई। जनपद अलीगढ़ के गभाना थाना क्षेत्र के अन्तर्गत 1000 लीटर दूध, 40 किग्रा0 पनीर नष्ट कराते हुए फार्मोलिंग के 500 एम0एल0 की दो बोतलं तथा 2.5 किग्रा0 सोडा जब्त किया गया। इस प्रकरण में तीन व्यक्तियों को नामित करते हुए एफ0आई0आर0 दर्ज करायी गई। सम्बन्धित व्यक्तियों को गिरफ्तार करने की कार्यवाही चल रही है। प्रवक्ता ने बताया कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम-1940 के तहत 274, 275, 276, 419, 420 आदि धाराओं के अन्तर्गत  जनपद गोण्डा में एफ.डी.ए. टीम द्वारा एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया जिसमें एक व्यक्ति के विरूद्ध  एफ.आई.आर. दर्ज कराते हुए जेल भेजा गया।
प्रवक्ता ने बताया कि इस अभियान के तहत अब तक खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत विभिन्न धाराओं में 178 एफ0आई0आर0 दर्ज कराते हुए 172 मिलावट खोरों को गिरफ्तार किया गया तथा   औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम की सुसंगत धाराओं में 119 एफ0आई0आर0 दर्ज कराते हुए 76 व्यक्तियों को जेल भेजा गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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बसपा सरकार के शासन में अपराध बढ़े हैं।

Posted on 29 July 2010 by admin

भारतीय जनता पार्टी ने बसपा सरकार पर राजनीति का अपराधीकरण एवं प्रशासन का राजनीतिकरण करने का आरोप दोहराते हुए कहा कि बसपा सरकार के शासन में अपराध बैं। ढ़े हमाफिया तत्वों का महिमामण्डन किया जा रहा है। तमाम बसपा नेताओं पर जघन्य अपराधों के आरोप होने के बावजूद मुख्यमन्त्री उन्हें संरक्षण दे रही हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवक्ता सदस्य विधान परिषद हृदयनारायण दीक्षित ने आज गुरूवार को पत्रकारों से कहा कि राज्य में आमजन असुरक्षित हैं। अपराधी सरेआम अपराध कर रहे हैं। कोई भी कहीं भी सुरक्षित नहीं है।
दीक्षित ने प्रशासन के राजनीतिकरण को संवैधानिक ढांचे के लिये दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि सरकार प्रशासनिक अधिकारियों से भी पार्टी का काम करा रही है। इलाहाबाद के जिलाधिकारी द्वारा वोट की मांग करना बहुत गम्भीर प्रकरण है। सरकार ने इसका वीडियो देखा ही होगा। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रवक्ता ने जिलाधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की।
श्री दीक्षित ने कहा बसपा समर्थक आपराधिक वारदातों में व्यस्त हैं। पुलिस उनसे डरती है। उनका सहयोग भी करती है। जौनपुर में बसपा के चन्दवक कार्यालय में एक महिला के साथ बलात्कार की घटना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि इस घटना में एक बसपा नेता के सहयोग से एक दरोगा पर बलात्कार करने का आरोप है। राज्य में हत्या, लूट, बलात्कार, डकैती, अपहरण की घटनायें बढ़ी हैं। दलित उत्पीड़न की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। चारो ओर घोर अराजकता है। जंगलराज है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता हाल में कैबिनेट मन्त्री पर हुए जानलेवा हमले को भुला नहीं पाई है। जब राज्य में कैबिनेट मन्त्री पर सरेआम हमला हो सकता है, तो आमजन कैसे सुरक्षित हो सकते हैंर्षोर्षो प्रदेश की कानून व्यवस्था की यही ताजा तस्वीर है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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कालसर्प दोष निवारण

Posted on 29 July 2010 by admin

जयोतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह का नाम दिया गया है। राहु शंकाओं का कारक है और केतु उस शंका को पैदा करने वाला स्थान। जब शंका को पैदा करने वाले स्थान,और शंका के एक तरफ़ ही सब बोलने वाले हों और समाधान करने वाले हों तो फ़ैसला एक तरफ़ा ही माना जायेगा,अगर शंका के समाधान के लिये दूसरी तरफ़ से कोई अपना बचाव या फ़ैसले के प्रति टीका टिप्पणी करे,तो अगर एक तरफ़ा फ़ैसला किसी अहित के लिये किया जा रहा है,तो उसके अन्दर समाधान का कारक मिल जाता है,और किसी भी प्रकार का अहित होने से बच जाता है। जीवन शंकाओं के निवारण के प्रति समर्पित है,किसी को शरीर के प्रति शंका है,किसी को धन और कुटुम्ब के प्रति शंका है,किसी को अपना बल और प्रदर्शन दिखाने के प्रति शंका है,किसी को अपने निवास स्थान और लगातार मन ही शंकाओं से हमेशा घिरा है,किसी को अपनी शिक्षा और संतान के प्रति शंका है,किसी को अपने कर्जा दुश्मनी और बीमारी के प्रति शंका है,किसी को अपने जीवन साथी और जीवन के अन्दर की जाने वाली जीवन के प्रति लडाइयों के प्रति शंका है,किसी को अपने शरीर की समाप्ति और अपमान के साथ जानजोखिम के प्रति ही शंका है,किसी को अपने जाति कुल धर्म और भाग्य के प्रति ही शंकायें है,किसी को अपने कार्य और जीवन यापन के लिये क्या करना चाहिये उसके प्रति ही शंकायें हैं,किसी को अपने मित्रों अपने बडे भाइयों और लगातार लाभ के प्रति ही शंकाये हैं,किसी को अपने द्वारा आने जाने खर्चा करने और अंत समय के प्रति शंकायें हुआ करती हैं। अक्सर कोई शंका जब की जाती है तो उस शंका के समाधान के लिये कोई न कोई हल अपने आप अपने ही दिमाग से निकल आता है,अपने दिमाग से नही तो कोई न कोई आकर उस शंका का समाधान बता जाता है,लेकिन राहु जो शंका का नाम है और केतु जो शंका को पैदा करने का कारक है,के एक तरफ़ बहुत सभी ग्रह हों और दूसरी तरफ़ कोई भी ग्रह नही हो तो शंका का समाधान एक तरफ़ा ही हो जाता है,और अगर वह समाधान किसी कारण से अहित देने वाला है तो उसे कोई बदल नहीं पाता है,जातक का स्वभाव एक तरफ़ा होकर वह जो भी अच्छा या बुरा करने जा रहा है करता ही चला जाता है,जातक के मन के अन्दर जो भी शंका पैदा होती है वह एक तरफ़ा समाधान की बजह से केवल एक ही भावना को पैदा करने का आदी हो जाता है,जब कोई शंका का समाधान और उस पर टिप्पणी करने का कारक नहीं होता है तो जातक का स्वभाव निरंकुश हो जाता है,इस कारण से जातक के जीवन में जो भी दुख का कारण है वह चिरस्थाई हो जाता है,इस चिरस्थाई होने का कारण राहु और केतु के बाद कोई ग्रह नही होने से कुंडली देख कर पता किया जाता है,यही कालसर्प दोष माना जाता है,यह बारह प्रकार का होता है।

विष्णु अथवा अनन्त

इस योग का दुष्प्रभाव स्वास्थ्य आकृति रंग त्वचा सुख स्वभाव धन बालों पर पडता है,इसके साथ छोटे भाई बहिनों छोटी यात्रा में दाहिने कान पर कालरबोन पर कंधे पर स्नायु मंडल पर, पडौसी के साथ सम्बन्धों पर अपने को प्रदर्शित करने पर सन्तान भाव पर बुद्धि और शिक्षा पर परामर्श करने पर पेट के रोगों पर हाथों पर किसी प्रकार की योजना बनाने पर विवेक पर शादी सम्बन्ध पर वस्तुओं के अचानक गुम होजाने,रज और वीर्य वाले कारणों पर याददास्त पर किसी प्रकार की साझेदारी और अनुबन्ध वाले कामों पर पिता और पिता के नाम पर विदेश यात्रा पर उच्च शिक्षा पर धर्म और उपासना पर तीर्थ यात्रा पर पौत्र आदि पर पडता है.

अजैकपाद अथवा कुलिक

इसका प्रभाव धन,परिवार दाहिनी आंख नाखूनों खरीदने बेचने के कामों में आभूषणों में वाणी में भोजन के रूपों में कपडों के पहिनने में आय के साधनों में जीभ की बीमारियों में नाक दांत गाल की बीमारियों में धन के जमा करने में मित्रता करने में नया काम करने में भय होने शत्रुता करवाने कर्जा करवाने बैंक आदि की नौकरी करने कानूनी शिक्षा को प्राप्त करवाने नौकरी करने नौकर रखने अक्समात चोट लगने कमर की चोटों या बीमारियों में चाचा या मामा परिवार के प्रति पेशाब की बीमारियों में व्यवसाय की जानकारी में राज्य के द्वारा मिलने वाली सहायताओं में सांस की बीमारियों में पीठ की हड्डी में पुरस्कार मिलने में अधिकार को प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की सफ़लता को प्राप्त करने में अपना असर देता है.

अहिर्बुन्ध अथवा वासुकि

राहु तीसरे भाव में और केतु नवें भाव में होता है तो इस कालसर्प योग की उत्पत्ति होती है। ग्रहों का स्थान राहु केतु के एक तरफ़ कुंडली में होता है। यह योग किसी भी प्रकार के बल को या तो नष्ट करता है अथवा उत्तेजित दिमाग की वजह से कितने ही अनर्थ कर देता है।

कपाली या शंखपाल

इस दोष में राहु चौथे भाव में और केतु दसवें भाव में होता है,यह माता मन और मकान के लिये दुखदायी होता है,जातक को मानसिक रूप से भटकाव देता है।

हर या पद्म

इस योग मे राहु पंचम में और केतु ग्यारहवें भाव में होता है,बाकी के ग्रह राहु केतु की रेखा से एक तरफ़ होते हैं इस योग के कारण जातक को संतान या तो होती नही अगर होती है तो अल्प समय में नष्ट होजाती है।

बहुरूप या महापद्म

इस योग में राहु छठे भाव मे और केतु बारहवें भाव में होता है जातक अपने नाम और अपनी बात के लिये कोई भी योग्य अथवा अयोग्य कार्य कर सकता है,जातक की पत्नी या पति बेकार की चिन्ताओं से ग्रस्त होता है,साथ जातक के परिवार में अचानक मुसीबतें या तो आजाती है या खत्म हो जाती है,धन की बचत को झूठे लोग चोर या बीमारी या कर्जा अचानक खत्म करने के लिये इस दोष को मुख्य माना जाता है।

त्र्यम्बक या तक्षक

यह योग जीवन के लिये सबसे घातक कालसर्प योग होता है,त्र्यम्बक का मतलब त्रय+अम्ब+क=तीन देवियों (सरस्वती,काली,लक्ष्मी) का रूप कालरूप हो जाना। इस योग के कारण जीवन को समाप्त करने के लिये और जीवन में किसी भी क्षेत्र की उन्नति शादी के बाद अचानक खत्म होती चली जाती है,जातक सिर धुनने लगता है,उसके अन्दर चरित्रहीनता से बुद्धि का विनाश,अधर्म कार्यों से और धार्मिक स्थानों से अरुचि के कारण लक्ष्मी का विनाश,तथा हमेशा दूसरों के प्रति बुरा सोचने के कारण संकट में सहायता नही मिलना आदि पाया जाता है।

अपाराजित या करकट

यह योग भी शादी के बाद ही अचानक धन की हानि जीवन साथी को तामसी कारणों में ले जाने और अचानक मौत देने के लिये जाना जाता है,इस योग के कारण जातक जो भी काम करता है वह शमशान की राख की तरह से फ़ल देते है,जातक का ध्यान शमशान सेवा और म्रुत्यु के बाद के धन को प्राप्त करने में लगता है,अचानक जातक कोई भी फ़ैसला जीवन के प्रति ले लेता है,यहां तक इस प्रकार के ही जातक अचानक छत से छलांग लगाते या अचानक गोली मारने से मरने से मृत्यु को प्राप्त होते है,इसके अलावा जातक को योन सम्बन्धी बीमारियां होने के कारण तथा उन रोगों के कारण जातक का स्वभाव चिढ चिढा हो जाता है,और जातक को हमेशा उत्तेजना का कोपभाजन बनना पडता है,संतान के मामले में और जीवन साथी की रुग्णता के कारण जातक को जिन्दगी में दुख ही मिलते रहते हैं।

वृषाकपि या शंखचूड

इस योग में राहु नवें भाव में और केतु तीसरे भाव में तथा सभी अन्य ग्रह राहु केतु के एक तरफ़ होते है,इस योग के अन्दर जातक धर्म में झाडू लगाने वाला होता है,सामाजिक मर्यादा उसके लिये बेकार होती है,जातक का स्वभाव मानसिक आधार पर लम्बा सोचने में होता है,लोगों की सहायता करने और बडे भाई बहिनों के लिये हानिकारक माना जाता है,जातक की पत्नी को या पति को उसके शरीर सहित भौतिक जिन्दगी को सम्भालना पडता है,जातक को ज्योतिष और पराशक्तियों के कारकों पर बहस करने की आदत होती है,जातक के घर में या तो लडाइयां हुआ करती है अथवा जातक को अचानक जन्म स्थान छोड कर विदेश में जाकर निवास करना पडता है।

शम्भु या घातक

इस योग में राहु दसवें भाव मे और केतु चौथे भाव में होते है अन्य ग्रह राहु केतु के एक तरफ़ होते है,इस योग के कारण जातक को या तो दूसरों के लिये जीना पडता है अथवा वह दूसरों को कुछ भी जीवन में दे नही पाता है,जातक का ध्यान उन्ही कारकों की तरफ़ होता है जो विदेश से धन प्रदान करवाते हों अथवा धन से सम्बन्ध रखते हों जातक को किसी भी आत्मीय सम्बन्ध से कोई मतलब नही होता है। या तो वह शिव की तरह से शमशान में निवास करता है,या उसे घर परिवार या समाज से कोई लेना देना नही रहता है,जातक को शमशानी शक्तियों पर विश्वास होता है और वह इन शक्तियों को दूसरों पर प्रयोग भी करता है।

कपर्दी या विषधर

इस योग में ग्यारहवें भाव में राहु और पंचम स्थान में केतु होता है,इसकी यह पहिचान भी होती है कि जातक के कोई बडा भाई या बहिन होकर खत्म हो गयी होती है,जातक के पिता को तामसी कारकों को प्रयोग करने की आदत होती है जातक की माँ अचानक किसी हादसे में खत्म होती है,जातक की पत्नी या पति परिवार से कोई लगाव नही रखते है,अधिकतर मामलों में जातक के संतान अस्पताल और आपरेशन के बाद ही होती है,जातक की संतान उसकी शादी के बाद सम्बन्ध खत्म कर देती है,जातक का पालन पोषण और पारिवारिक प्रभाव दूसरों के अधीन रहता है।

रैवत या शेषनाग

इस योग में लगन से बारहवें भाव में राहु और छठे भाव में केतु होता है,जातक उपरत्व वाली बाधाओं से पीडित रहता है,जातक को बचपन में नजर दोष से भी शारीरिक और बौद्धिक हानि होती है,जातक का पिता झगडालू और माता दूसरे धर्मों पर विश्वास करने वाली होती है,जातक को अकेले रहने और अकेले में सोचने की आदत होती है,जातक कभी कभी महसूस करता है कि उसके सिर पर कोई भारी बजन है और जातक इस कारण से कभी कभी इस प्रकार की हरकतें करने लगता है मानों उसके ऊपर किसी आत्मा का साया हो,जातक के अन्दर सोचने के अलावा काम करने की आदत कम होती है,कभी जातक भूत की तरह से काम करता है और कभी आलसी होकर लम्बे समय तक लेटने का आदी होता है,जातक का स्वभाव शादी के बाद दूसरों से झगडा करने और घर के परिवार के सदस्यों से विपरीत चलने का होता है,जातक की होने वाली सन्तान अपने बचपन में दूसरों के भरोसे पलती है।

Vikas Sharma
bundelkhandlive.com
E-mail :editor@bundelkhandlive.com
Ph-09415060119

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यवाओं पर अपने लगातार प्रभुत्व के कारण पहचाना जाने वाला, यूटीवी

Posted on 28 July 2010 by admin

अपनी नयी बेहतरीन विशय वस्तु के साथ यवाओं पर अपने लगातार प्रभुत्व के कारण पहचाना जाने वाला, यूटीवी बिन्दास सबसे चर्चित व सनसनीखेज रिएल्टी शो इमोशनल अत्याचार के दूसरे सीजन को 7 अगस्त को लॉन्च कर रहा है। अपनी बेहतरीन विशय वस्तु के साथ इमोशनल अत्याचार 2 ज्यादा बड़ा व शानदार है व अपने दशZकों को मन्त्रमुग्ध करने के लिये तैयार है। चीजों को और अधिक नाटक व भावों के साथ आगे ले जाते हुए शो नैशनल टेलीविजन पर रिश्तों की सच्चाई को सामने लाता है। आपने दूसरे सीजन मेे यूटीवी बिन्दास इस सन्देश के साथ लाया है कि ईएटी (इमोशनल अत्याचार की टीम) कहीं भी या सब जगह हो सकती है, इसलिए बेईमानी न करें! सच्चाई को परिवार के सदस्यों, दोस्तों व सहकर्मियों के सामने दिखाया जाएगा। शो के एक्शनों को देखिए जिसने पूरे देश को बेवहफाई की चर्चा में शामिल कर लिया है। यह 7 अगस्त को हर शनिवार शाम 7 बजे से सिर्फ यूटीवी बिन्दास पर शुरू हो रहा है। इमोशनल अत्याचार पर पहले ने देखे गए भावों को टेलीविजन पर लाया गया है जिसमें बेईमान पार्टनर के कार्यकलापों को छुपे कैमरों से फिल्माया जाएगा और दूसरा पार्टनर इसे देखेगा। यह शो छोटे पर्दे पर युवाओं द्वारा सबसे अधिक देखा जाने वाला रिएलटी शो है और सभी दशZकों द्वारा सबसे चर्चित शो रहा है। इस शो की प्रसिद्धि ने इमोशनल अत्याचार को टॉप पर पहुंचा दिया तथा जीआरपी से पता चला कि इस शो को युवाओं पर राज रहा है। अत्याचार के प्रभाव से बिन्दास के वेबपेज को देश में 50 मिलियन से भी ज्यादा बार देखा गया। इस शो मेें हिस्सा लेने वाले प्रतियोगियों ने यूटीवी बिन्दास का धन्यवाद अदा किया कि उन्हेांने उनके पार्टनरों की वास्तविकता दिखाकर अत्याचार से बचा लिया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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लखनऊ सपा प्रभारी का स्वागत

Posted on 28 July 2010 by admin

लखीमपुर खीरी के विधायक व लखनऊ सपा प्रभारी डा0 हाजी आर.ए.उस्मानी का आज शाम राजधानी के कई स्थानोें पर कार्यकर्ताओं व सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया।
135 डा.आर.ए.उस्मानी विधायक का सपा के क्षेत्रीय कार्यालय चरही वजीरबाग दरगाह दरीवालों सहादतगंज में अब्दुल वहाब मंसूरी पूर्व प्रधान ने अपने साथियों के साथ स्वागत किया इसके बाद सपा विधायक का तोपखाना बाजार कैण्ट क्षेत्र के सदर बाजार में मो0 फारूख मंसूरी के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने स्वागत किया।
स्वागत का यह सिलसिला शाम लक्ष्मणपुरी गेट फैजाबाद रोड पर भारी स्वागत समारोह के बाद समाप्त हुआ जहां पर सपा नेता सगीर खान ने अपने सैकड़ो साथियों के साथ स्वागत किया। इस समारेाह में सपा प्रवक्ता प्रेम प्रकाश वर्मा, नईम खान, हाजी गुलाम रसूल, खलील खान, हाजी अहमद रसूल, मुख्तार अहमद मंसूरी, हाफिज सगीर अंसारी, मैलाना नसीर, हाजी टीपू, रईश मंसूरी हाजी एस.ए.मंसूरी मुबारक अली, मो. नसीम जोगी, अब्दुल सलाम आदि लोग शामिल थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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बी0एस0पी0 सांसदों ने प्रधानमन्त्री से ताज इन्टरनेशनल एयरपोर्ट बनाये जाने के लिए शीघ्र आवश्यक स्वीकृति जारी करने का अनुरोध किया

Posted on 28 July 2010 by admin

प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं के तेजी से विकास तथा रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए केन्द्र को अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट की शीघ्र स्वीकृति प्रदान करनी चाहिए ताज एयरपोर्ट की स्थापना से दिल्ली एयरपोर्ट का टैªफिक कन्जेशन दूर होगा बी0एस0पी0 सांसदों का प्रतिनिधि-मण्डल प्रधानमन्त्री से मिला

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती के निर्देश पर बी0एस0पी0 सांसदों के एक प्रतिनिधि मण्डल ने आज संसद भवन, नई दिल्ली में प्रधानमन्त्री डॉ0 मनमोहन सिंह से भेंट कर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्रेटर नोएडा के समीप जेवर में स्थापित किये जाने वाले ताज इन्टरनेशनल एयरपोर्ट के मामले में व्यक्तिगत रूचि लेकर आवश्यक स्वीकृति शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया। सांसदों ने कहा कि प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं के तेजी से विकास तथा आस-पास के क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार को प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट की स्वीकृति शीघ्र प्रदान कर देनी चाहिए।
सुश्री मायावती ने अभी हाल में ही 20 जुलाई को अपने सरकारी आवास पर की बैठक करके सभी सांसदों से प्रदेश के विकास के सम्बन्ध में चर्चा की थी, जिसमें उन्होंने निर्देश दिये थे कि सभी सांसद केन्द्र स्तर पर लिम्बत प्रदेश के विकास से सम्बन्धित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमन्त्री जी एवं अन्य केन्द्रीय मन्त्रियों से मिलकर उनसे इन परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृत कराने का अनुरोध करें, जैसा कि पिछले सत्र के दौरान उन्होंने प्रधानमन्त्री जी से मिल कर किया था। उन्होंने कहा कि यद्यपि इस मुलाकात के बाद भी प्रदेश की किसी भी लिम्बत परियोजना के बारे में प्रगति नहीं हुई। फिर भी प्रदेश के विकास के हित में पार्टी के सांसदगण पुन: प्रधानमन्त्री जी से मिलकर ताज इन्टरनेशनल एयरपोर्ट, छ: कोल ब्लाक आंवटन करने तथा प्रदेश के तेजी से विकास के लिए 80 हजार करोड़ रूपये के लिए विशेष आर्थिक पैकेज स्वीकृत करने का अनुरोध करें।
प्रतिनिधिमण्डल ने प्रधानमन्त्री को बताया कि ताज इन्टरनेशनल एयरपोर्ट पर केन्द्र सरकार की स्वीकृति लगभग 07 वषोZं से लिम्बत है। नागरिक उड्डयन मन्त्रालय, भारत सरकार ने 09 अप्रैल, 2009 को इिन्दरा गांधी इण्टरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली से 72 किमी दूर स्थित जेवर के समीप एक अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट की स्थापना हेतु तकनीकी स्वीकृति प्रदान की थी।
प्रतिनिधिमण्डल ने प्रधानमन्त्री को अवगत कराया कि कैबिनेट की स्वीकृति लिये जाते समय केवल एक शर्त रखी गई थी कि 150 किमी की परिधि के भीतर एक दूसरा अन्तर्राश्ट्रीय एयरपोर्ट बनाये जाने की स्थिति में नये एयरपोर्ट में इिन्दरा गांधी इन्टरनेशनल एयरपोर्ट के प्रवर्तक `डायल´ (डेलही इन्टरनेशनल एयरपोर्ट अथार्टी लिमिटेड) को `फस्र्ट राईट ऑफ रिफ्यूजल एवं 10 प्रतिशत `प्राईस प्रिफरेन्स´ देना होगा। केन्द्र सरकार द्वारा `डायल´ के साथ किये गये स्टेट सपोर्ट एग्रीमेन्ट में भी यही प्राविधान भी रखा गया। इस शर्त पर उ0प्र0 सरकार द्वारा मई 2007 में ही सहमति प्रदान कर दी गई थी। नागरिक उड्डयन मन्त्रालय द्वारा डायल के साथ हस्ताक्षरित स्टेट सपोर्ट एग्रीमेन्ट में भी यही प्रावधान रखा गया है। जेवर इन्टरनेशन एयरपोर्ट पर कैबिनेट द्वारा स्वीकृति दिये जाने के समय इस शर्त पर उस समय उत्तर प्रदेश सरकार से जेवर इन्टरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के लिये बनाये जाने वाली `एस0पी0वी0 में राज्य सरकार की सहभागिता भी मांगी गई थी। इस सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा स्पश्ट कर दिया गया था कि यमुना एक्सपे्रस वे अथॉरिटी इस परियोजना के लिए नोडल एजेन्सी होगी एवं एस0पी0वी0 में राज्य सरकार प्रतिनिधित्व एवं सहभागिता भी करेगी।
प्रतिनिधिमण्डल ने प्रधानमन्त्री जी को अवगत कराया कि भारत सरकार द्वारा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट की स्वीकृति हेतु लगाई गई आवश्यक शर्त उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 2007 से ही पूरी की जा चुकी है, इसलिए `ताज इन्टरनेशनल एयरपोर्ट´ की स्वीकृति केन्द्र सरकार द्वारा अविलम्ब दी जानी चाहिए। प्रतिनिधि मण्डल ने बताया कि दिल्ली का एयर ट्रैफिक अब केवल इिन्दरा गांधी इन्टरनेशनल एयरपोर्ट से ही हैण्डिल किया जाना सम्भव नहीं है, इसलिये यह अत्यन्त जरूरी हो गया है कि दिल्ली के लिए एक दूसरा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट ग्रेटर नोएडा के समीप जेवर के लिए तत्काल स्वीकृत कर दिया जाए। जेवर इन्टरनेशनल एयरपोर्ट के स्वीकृत होने के बाद ही वशZ 2015-16 तक दिल्ली के `एयर टैªफिक कंजेशन´ का निदान हो सकेगा।
प्रतिनिधिमण्डल ने यह भीे अवगत कराया कि पिछले तीन वशोZं में ट्रैफिक की ग्रोथ अनुमानों की अपेक्षा कहीं ज्यादा रही है और कोई भी व्यक्ति जो इिन्दरा गांधी इन्टरनेशनल एयरपोर्ट का उपयोग करता है, उसे एयरपोर्ट में हो रहे `टैªफिक कंजेशन´ का सामना करना पड़ता है। प्रतिनिधिमण्डल ने इस बात पर भी जोर दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वशZ 2007 की ट्रैफिक स्टडी के प्रोजेक्शन्स के आधार पर अध्ययन रिपोर्ट भारत सरकार को भेज दी गई, जिसके अनुसार 2016 तक इिन्दरा गांधी इन्टरनेशनल एयरपोर्ट में ट्रैफिक 100 मिलियन से अधिक अनुमानित है। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इण्डिया का `ट्रैफिक प्रोजेक्शन´ भी यही है। एक्सपर्ट स्टडी के अनुसार 2021 में जेवर इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के बनने पर एन0सी0आर0 क्षेत्र का वार्शिक पैसेन्जर अनुमान 161 मिलियन है, जिसमें डायल (दिल्ली इन्टरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड) का अंश 136 मिलियन होगा, जो डायल की 2026 के लिए निर्धारित अधिकतम क्षमता 100 मिलियन से ज्यादा है। वशZ  2021 में जेवर इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का प्रोजेक्श्न 25 मिलियन है


प्रतिनिधिमण्डल ने प्रधानमन्त्री को यह भी अवगत कराया कि ताज इण्टरनेशनल एयरपोर्ट, बनाने के लिए ट्रिगर प्वॉइण्ट या टैªफिक स्टडी कराये जाने की बात अनावश्यक है। राज्य सरकार को 2003 में जो मूल तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई थी, उसमें किसी `ट्रिगर प्वॉइण्ट´ या `ट्रैफिक स्टडी´ की आवश्यकता का उल्लेख नहीं था। एटार्नी जनरल, भारत सरकार ने भी अपनी स्पश्ट राय देते हुए कहा कि डायल की बिड कण्डीशन/एग्रीमेन्ट ग्रेटर नोएडा में अन्तर्राश्ट्रीय एयरपोर्ट स्वीकृत करने में किसी प्रकार की विधिक बाधा उत्पन्न नहीं करता है। सांसदों ने कहा कि डायल को `पोस्टबिड बेनेफिट न दिया जाये। वैसे भी `एयरपोर्ट डेवलमेन्ट टैक्स´ डायल को दिया गया, एक बहुत बड़ा `पोस्टबिड बेनेफिट´ है। अब `ट्रिगर´ की बात उठाना भी `डायल´ को `पोस्टबिड´`बेनेफिट´ दिये जाने के समान होगा।
प्रतिनिधि मण्डल ने प्रधानमन्त्री के समक्ष उत्तर प्रदेश सरकार का पक्ष गम्भीरता से रखते हुए इस बात पर बल दिया कि ताज एयरपोर्ट की स्वीकृति में विलम्ब के कारण जहां एक ओर ट्रैफिक कन्जेशन दूर करने के लिए उपाय प्रारम्भ करने में अनावश्यक विलम्ब हो रहा है, वहीं प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं के तेजी से विकास के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों में बाधा उत्पन्न होने के फलस्वरूप, उत्तर प्रदेश के हितों की अनदेखी भी हो रही है।
सांसदों ने बताया कि दुनिया के सभी बड़े शहरों जैसे- न्यूयार्क, वािशंगटन, लन्दन आदि में एक से अधिक एयरपोर्ट बने हैं। ऐसे शहरों में सेटेलाइट एयरपोर्ट का कन्सेप्ट है, ताकि ट्रैफिक कन्जेशन नहीं हो सके। ताज इण्टरनेशनल एयरपोर्ट इसी प्रकार एन0सी0आर0 का दूसरा एयरपोर्ट होगा। यह एयरपोर्ट जापान की सहायता से प्रस्तावित `दिल्ली-मुम्बई इन्डस्ट्रियल इन्वेस्टमेन्ट कारीडोर´ तथा `दिल्ली-मुम्बई फ्रेट कारीडोर´ के ऊपर स्थित होने से कार्गो के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। इससे मल्टी मोडल कनेक्टीविटी फेसिलिटी मिल सकेगी, जो उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के समग्र विकास में विशेश योगदान देगी।
सांसदों ने प्रधानमन्त्री जी को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार के निरन्तर आग्रह पर परियोजना के परामर्शदाता को सप्लीमेन्ट्री टी0ई0एफ0आर0, डी0आई0ए0एल0 को सम्मलित करते हुए, बनाने की कार्यवाही की गई। यहॉ तथ्य विचारणीय है कि प्रश्नगत विषय में डायल एक सम्बन्धित पक्ष है एवं उसे इस कार्यवाही में सम्मिलित किया जाना कानफ्लीक्ट ऑफ इन्टरेस्ट होगा। प्रदेश सरकार द्वारा सप्लीमेन्ट्री टी0ई0एफ0आर0 भारत सरकार को पत्र दिनंाक 10-06-2010 द्वारा उपलब्ध करा दी गई है, जिसके अनुसार निकट भविष्य में हवाई ट्रैफिक अनुमान में जनवरी, 2008 की पूर्व रिपोर्ट में उिल्लखित ट्रेफिक अनुमान की तुलना में मात्र थोड़ी कमी होगी। ट्रैफिक के दीघZकालिक अनुमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा।
ताज अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने पर दिल्ली में वर्ष 2021 में 155 मिलियन का पैसेन्जर ट्रेफिक अनुमानित है, जिसमें डायल के टैªफिक का अंश 127 मिलियन होगा, जो कि उसकी निर्धारित अधिकतम क्षमता 100 मिलियन से काफी अधिक है। वर्ष 2016 तथा 2021 में ताज अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का टैªफिक प्रोजेक्शन क्रमश: 11 मिलियन व 28 मिलियन अनुमानित है। इस प्रकार दोनों एयरपोर्ट अपने-अपने बाजार क्षेत्र के आधार पर विकसित होगे। ताज एयरपोर्ट के टैªफिक में बढ़ोत्तरी मूलत: ट्रािन्जट ट्रैफिक, उच्च क्षेत्रीय आर्थिक विकास तथा अन्य बड़ी गतिविधियों के आधार पर अतिरिक्त टैªफिक के सृजन से होगी। इस प्रकार ताज अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए वर्ष 2016 से पर्याप्त टैªफिक होगा तथा इिन्दरा गांधी एयरपोर्ट के टैªफिक पर प्रभाव नहीं होगा।
प्रतिनिधि मण्डल ने अवगत कराया कि केन्द्र सरकार द्वारा देश में 150 किमी0 परिधि के अन्तर्गत गोवा एयरपोर्ट में 65 किमी0 स्थित मोपा एयरपोर्ट, कैलीकट एयरपोर्ट से 80 किमी0 तथा मैंगलोर एयरपोर्ट से 125 किमी0 दूर कन्नुर एयरपोर्ट और जयपुर एयरपोर्ट से 63 किमी0 दूर कार्गो एयरपोर्ट (विराट नगर) को अनुमति दी है। इसके अतिरिक्त मुम्बई एयरपोर्ट से 35 किमी दूर नवी-मुम्बई एयरपोर्ट को भी सहमति दी गई है। मुम्बई एयरपोर्ट व नवी मुम्बई एयरपोर्ट तथा दिल्ली एयरपोर्ट व ग्रेटर नोएडा के निकट जेवर में अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का मामला पूर्ण रूप से एक समान है, जिसमें दोनों ही वर्तमान एयरपोर्ट लीज पर निजी कम्पनियों को दिये गये हैं।
प्रधानमन्त्री डॉ0 मनमोहन सिंह ने प्रतिनिधिमण्डल की बात को पूरी गम्भीरता से सुना और कहा कि जेवर में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाये जाने के मामले को ग्रुप आफ मिनिस्टर्स (जी0ओ0एम0) द्वारा अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त  किया कि प्रतिनिधिमण्डल द्वारा आज उठाये गये सभी महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विचार अवश्य किया जायेगा। इसके अलावा 80 हजार करोड़ रूपये के विशेष आर्थिक पैकेज स्वीकृत करने तथा कोल लिंकेज ब्लाक आवंटित करने आदि के सम्बन्ध में भी प्रधानमन्त्री ने अपनी तरफ से पूरी मदद का आश्वासन दिया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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सांसदों बसपा के प्रतिनिधिमण्डल ने प्रधानमन्त्री से मुलाकात कर……

Posted on 28 July 2010 by admin

क्षेत्रीय विशमताओं के स्थायी समाधान के लिए 80 हजार करोड़ रूपये का विशेश आर्थिक पैकेज तथा 6 कोल लिंकेज ब्लाक प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत करने का अनुरोध किया

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी के निर्देश पर बसपा सांसदों के प्रतिनिधिमण्डल ने आज प्रधानमन्त्री डा0 मनमोहन सिंह से मिलकर यह अनुरोध किया कि क्षेत्रीय विशमताओं के स्थायी समाधान के लिए 80 हजार करोड़ रूपये के विशेश आर्थिक पैकेज की स्वीकृति तथा प्रदेश को 6 कोल ब्लाक शीघ्र आवंटित किये जायें।
सुश्री मायावती जी ने अभी हाल में ही 20 जुलाई को उत्तर प्रदेश के पार्टी सांसदों की अपने आवास पर बैठक करके केन्द्र स्तर पर लिम्बत परियोजनाओं को शीध्र स्वीकृत कराने के लिए प्रधानमन्त्री तथा अन्य केन्द्रीय मन्त्रियों से मुलाकात करने के निर्देश दिये थे। इसी क्रम में प्रतिनिधिमण्डल ने प्रधानमन्त्री से अनुरोध किया कि उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय असन्तुलन को दूर करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती द्वारा मांगे गये 80 हजार करोड़ रूपये के विशेश आर्थिक पैकेज शीघ्र स्वीकृत किया जाये। सांसदों ने प्रधानमन्त्री को अवगत कराया कि अभी तक केन्द्र सरकार द्वारा इस सम्बन्ध में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि बुन्देल

खण्ड क्षेत्र के लिए मात्र 3506 करोड़ रूपये का सूखा राहत पैकेज स्वीकृत किया गया है, जो इस क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए बहुत कम है।
प्रतिनिधिमण्डल ने प्रधानमन्त्री को यह भी अवगत कराया कि प्रदेश सरकार द्वारा कोयला मन्त्रालय, भारत सरकार से एटा, सोनभद्र, ललितपुर तथा यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण क्षेत्र में थर्मल पालर प्लाण्ट हेतु कोल लिंकेज स्वीकृत किये जाने का अनुरोध किया है। इसके साथ-साथ प्रदेश में प्रस्तावित विद्युत उत्पादन क्षमता में वृद्धि के मद्देनज़र प्रदेश को 6 कोल ब्लाक आवंटित करने का भी अनुरोध प्रधानमन्त्री से किया।
प्रतिनिधिमण्डल ने प्रधानमन्त्री को यह भी अवगत कराया कि कोयले की उपलब्धता के अभाव में वर्तमान में स्थापित ऊर्जा संयन्त्रों की क्षमता का भी पूर्ण दोहन नहीं हो पा रहा है। केन्द्र अपनी नीति में परिवर्तन कर समुद्र तटीय राज्यों का लिंकेज कम करके उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को लिंकेज के अनुसार पूरा कोयला उपलब्ध कराये। सांसदों ने कहा कि आयातित कोयले पर आधारित विद्युत परियोजनाएं तटीय राज्यों में स्थापित की जानी चाहिए तथा यदि आयातित कोयले की लागत अधिक होने के कारण इन राज्यों को कोई हानि होती है तो इसकी प्रतिपूर्ति के लिए केन्द्र सरकार द्वारा वित्तीय व्यवस्था की जानी चाहिए।
प्रधानमन्त्री ने प्रतिनिधिमण्डल की बात को पूरी गम्भीरता से सुना और 80 हजार करोड़ रूपये के विशेष आर्थिक पैकेज स्वीकृत करने तथा कोल लिंकेज ब्लाक को आवंटित करने के सम्बन्ध में अपनी तरफ से पूरी मदद करने का आश्वासन दिया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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उर्दू-अरबी-फारसी वि.वि. में जुलाई 2011 से पढ़ाई शुरू करायी जायेगी : उच्च िशक्षा मन्त्री

Posted on 28 July 2010 by admin

मुख्यमन्त्री ने वि.वि. का बजट 170 करोड़ किया, धन की कमी नही होने दी जायेगी : डा0 राकेशधर त्रिपाठी

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उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मन्त्री डा0 राकेशधर त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती के नेतृत्व में राज्य में लगभग 27 वषोZं बाद उर्दू, अरबी फारसी विश्वविद्यालय के रूप में एक नये विश्वविद्यालय की स्थापना हो रही है जिसमें जुलाई 2011 से अध्ययन-अध्यापन शुरू कराने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय में उर्दू, अरबी फारसी भाषाओं के अलावा वह सभी विषय पढ़ाये जायेंगे जिनका सम्बंध मौजूदा समय से है। उन्होंने कहा कि इस राज्य में सरकार की तरफ से 27 वषोZं पूर्व जौनपुर में विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी जिसके बाद से उच्च शिक्षा ( भ्पहीमत मकनबंजपवद ) के क्षेत्र में बड़ी संस्थाओं के स्थापना का कार्य नहीं हुआ था।
डा0 त्रिपाठी ने कहा कि उर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए शुरूआती तौर पर 20 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया था जिसे मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने बढ़ाकर 170 करोड़ कर दिया है, ताकि इस वर्ष तक भवन निर्माण कार्य पूरा हो सके। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यलाय के लिए योग्य उच्च प्रशासनिक अधिकारी श्री अनीस अंसारी को कुलपति नियुक्ति किया गया जिन्होंने स्थापना और निर्माण के कार्य को अत्यन्त तेज गति देने में सफलता प्राप्त की।
उच्च शिक्षा मन्त्री ने यह बात आज यहां सीतापुर हरदोई छह लेन बाईपास पर निर्माणाधीन उर्दू, अरबी फारसी विश्वविद्यालय परिसर में मुख्यमन्त्री की प्रेरणा से आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि आज यहां जिन बच्चों द्वारा वृक्षारोपण किया जा रहा है, वही बच्चे कल यहां उच्च शिक्षा के लिये आयेंगे और अपने वृक्षों को बढ़ता हुआ देखकर राष्ट्र निर्माण की भावना से आपूरित होंगे।
इसके पूर्व नगर विकास मन्त्री श्री नकुल दुबे ने वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम और विश्वविद्यालय स्थापना का स्वागत करते हुए कहा कि हम सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान करते हैं और अनेकता में एकता का अविष्कार करते हैं। यह सन्देश आज यहां से अच्छी तरह उद्भाषित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जहां एक डिग्री कालेज नहीं था वहां मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती के नेतृत्व में सरकार बनाने के बाद न केवल चार महाविद्यालय स्थापित हुये बल्कि एशिया का एक अनूठा विश्वविद्यालय भी स्थापित हो रहा है।
इस अवसर पर अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मन्त्री श्री अनीस अहमद खां उर्फ फूलबाबू ने कहा कि इस विश्वविद्यालय के रूप में अल्पसंख्यक समुदाय और तरक्की पसन्द लोगों का एक सपना-एक ख्वाब मुकम्मल हो गया है। अपनी तरह की यह भारत में पहली युनिवर्सिटी है जो निश्चित रूप से अल्पसंख्यक समुदाय में चर्चा का विषय बनेगी और बड़ी संख्या में अल्पसंख्सयक समुदाय के लोग तरक्की के लिए इस विश्वविद्यालय में दाखिला लेंगे।
सचिव उच्च शिक्षा एवं सचिव मुख्यमन्त्री श्री अनिल सन्त ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य उन सांस्कृतिक धाराओं को जीवन्त बनाना है जो आगे बढ़कर भारत की सांस्कृतिक गंगा की धारा को प्रवाहमान बनाये रखती हैं।
कुलपति श्री अनीस अंसारी ने बताया कि उर्दू, अरबी फारसी विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा प्रदान कर अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं को सम्बद्धता देते हुए उन्हें सहायता और सुविधा दी जायेगी। विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद में 19 विख्यात शिक्षाविदों और समाज सेवयों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में शैक्षणिक भवन, प्रशासनिक भवन, लाइबेरी, कम्प्यूटर सेन्टर, गल्र्स हास्टल (200 बेड) ब्वायज हास्टल (250 बेड) श्रेणी 1,2,3,4 के आवास, सबस्टेशन, पम्महाउस, कुलपति आवास, गेस्ट हाउस तथा वाह्य विकास कार्यक्रम किये जायेंगे और विश्वविद्यालय में पढ़ाई जुलाई 2011 से की जायेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के विभागों को सेन्टर  आफ ऐक्सीलेंस के तौर पर विकसित करते हुए देश-विदेश के नामचीन विश्वविद्यालयों से अन्तर सम्बंध स्थापित कराया जायेगा। इसमें उर्दू अरबी फारसी के अलावा तमिल, मलयालम, मराठी, बंगाली, पंजाबी, संस्कृत, कश्मीरी और सिन्धी भाषाओं के साहित्य के तुलनात्मक अध्ययन की व्यवस्था की जायेगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय को ज्यादा उपयोगी बनाने के लिए कानून, मैनेजमेंट, पत्रकारिता, जनसंचार, बीएड, बायोटेक्नोलॉजी, बायोइनफारमेटिक्स तथा नेनौ टेक्नालॉजी आदि आधुनिक विषयों में उच्च शिक्षा की व्यवस्था की जायेगी।
कार्यक्रम के अन्त में  मुख्य अतिथि डा0 राकेशधर त्रिपाठी, नगर विकास मन्त्री श्री नकुल दुबे, अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मन्त्री श्री अनीस अहमद खां उर्फ फूलबाबू, सचिव उच्च शिक्षा श्री अनिल सन्त, कुलपति श्री अनीस अंसारी, श्रीमती अस्मां हुसैन, शहर काज़ी मौलाना अबुल इरफान, फिरंगी महली, कुलसचिव श्री वी.के.गुप्ता, विशेष सचिव श्रीमती अनीता मिश्रा तथा उपस्थित विभिन्न स्कूलों के 1000 छात्र/छात्राओं ने लगभग 3000 अलंकृत पौधों का रोपण किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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प्रदेश में 3.79 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई पूरी

Posted on 28 July 2010 by admin

मानसून को देखते हुए किसान रोपाई कार्य
युद्ध स्तर पर पूरा करें

उत्तर प्रदेश में खरीफ की मुख्य फसल धान की नर्सरी की रोपाई निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 94.77 प्रतिशत हो चुकी है। कृषि विभाग के वैज्ञानिकों ने मौसम के परिप्रेक्ष्य में किसानों को सलाह दी है कि अच्छी वषाZ को देखते हुए रोपाई का कार्य युद्ध स्तर पर सम्पन्न करें, साथ ही भूमि में नमी को दृष्टिगत रखते हुए किसान उर्द, मूंग, अरहर, ज्वार, बाजरा, मूंगफली तथा तिल की बुवाई भी कर सकते हैं।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष प्रदेश  में धान की नर्सरी की रोपाई का लक्ष्य 4 लाख हेक्टेयर निर्धारित किया गया था। मानसून के विलम्ब के चलते गत 20 जुलाई तक 3.79 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की नर्सरी की रोपाई की गई, जो लक्ष्य का 94.77 प्रतिशत है जबकि गत वर्ष इस अवधि में 3.97 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की नर्सरी की रोपाई की गई थी। इसी प्रकार प्रदेश में धान की रोपाई के लक्ष्य वर्तमान में 60 लाख हेक्टेयर के सापेक्ष इस अवधि तक पूर्ति 27.92 लाख हेक्टेयर हुआ जो लक्ष्य का 46.5 प्रतिशत है। संकर धान के आच्छादन की पूर्ति इस अवधि में 5.73 लाख हेक्टेयर, सुंगधित धान को रोपाई के लक्ष्य 5.43 लाख हेक्टेयर के सापेक्ष 2.22 लाख हेक्टेयर हुआ।
कृषि विभाग के अनुसार दलहनी फसलों की मुख्य फसल अरहर की बुआई 1.80 लाख हेक्टेयर हुयी, जो लक्ष्य का 38.4 प्रतिशत है। खरीफ फसल में मक्का की बुआई, लक्ष्य 9.2 लाख हेक्टेयर के सापेक्ष 5.99 लाख हेक्टेयर हुयी। इस अवधि में मानसून के विलम्ब के कारण खरीफ फसलों के अन्तर्गत रोपाई के लक्ष्य 92.76 लाख हेक्टेयर के सापेक्ष 41.94 लाख हेक्टेयर में रोपाई हो चुकी है।
वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि इस अवधि में सीधी बुआई किये गये खेत से खर-पतवार निकालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने अभी तक नर्सरी नहीं लगायी है, वे उपरहार क्षेत्रों में कम अवधि की प्रजातियॉं यथा नरेन्द्र-97, अश्विनी, पन्त धान-12, शुष्क सम्राट, नरेन्द्र लालमती तथा बरानी दीप की सीधी बुआई करें या “स्री´´ पद्धति से धान की प्रति हेक्टेयर रोपाई के लिए मात्र 6 किग्रा0 बीज नर्सरी में डाले क्योंकि इस पद्धति में  8 से 12 दिन की पौध रोपी जाती है। किसानों को आगाह किया गया हैं कि इस अवधि में शोधित एवं उपचरित बीज ही बोये जायें तथा भूमि शोधन 2.5 किग्रा0 ट्राइकोडरमा वे एफ.वाई.एम. 60-80 किग्रा0 प्रति हेक्टेयर की दर से करें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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