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प्रदेश में 3.79 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई पूरी

Posted on 28 July 2010 by admin

मानसून को देखते हुए किसान रोपाई कार्य
युद्ध स्तर पर पूरा करें

उत्तर प्रदेश में खरीफ की मुख्य फसल धान की नर्सरी की रोपाई निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 94.77 प्रतिशत हो चुकी है। कृषि विभाग के वैज्ञानिकों ने मौसम के परिप्रेक्ष्य में किसानों को सलाह दी है कि अच्छी वषाZ को देखते हुए रोपाई का कार्य युद्ध स्तर पर सम्पन्न करें, साथ ही भूमि में नमी को दृष्टिगत रखते हुए किसान उर्द, मूंग, अरहर, ज्वार, बाजरा, मूंगफली तथा तिल की बुवाई भी कर सकते हैं।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष प्रदेश  में धान की नर्सरी की रोपाई का लक्ष्य 4 लाख हेक्टेयर निर्धारित किया गया था। मानसून के विलम्ब के चलते गत 20 जुलाई तक 3.79 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की नर्सरी की रोपाई की गई, जो लक्ष्य का 94.77 प्रतिशत है जबकि गत वर्ष इस अवधि में 3.97 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की नर्सरी की रोपाई की गई थी। इसी प्रकार प्रदेश में धान की रोपाई के लक्ष्य वर्तमान में 60 लाख हेक्टेयर के सापेक्ष इस अवधि तक पूर्ति 27.92 लाख हेक्टेयर हुआ जो लक्ष्य का 46.5 प्रतिशत है। संकर धान के आच्छादन की पूर्ति इस अवधि में 5.73 लाख हेक्टेयर, सुंगधित धान को रोपाई के लक्ष्य 5.43 लाख हेक्टेयर के सापेक्ष 2.22 लाख हेक्टेयर हुआ।
कृषि विभाग के अनुसार दलहनी फसलों की मुख्य फसल अरहर की बुआई 1.80 लाख हेक्टेयर हुयी, जो लक्ष्य का 38.4 प्रतिशत है। खरीफ फसल में मक्का की बुआई, लक्ष्य 9.2 लाख हेक्टेयर के सापेक्ष 5.99 लाख हेक्टेयर हुयी। इस अवधि में मानसून के विलम्ब के कारण खरीफ फसलों के अन्तर्गत रोपाई के लक्ष्य 92.76 लाख हेक्टेयर के सापेक्ष 41.94 लाख हेक्टेयर में रोपाई हो चुकी है।
वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि इस अवधि में सीधी बुआई किये गये खेत से खर-पतवार निकालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने अभी तक नर्सरी नहीं लगायी है, वे उपरहार क्षेत्रों में कम अवधि की प्रजातियॉं यथा नरेन्द्र-97, अश्विनी, पन्त धान-12, शुष्क सम्राट, नरेन्द्र लालमती तथा बरानी दीप की सीधी बुआई करें या “स्री´´ पद्धति से धान की प्रति हेक्टेयर रोपाई के लिए मात्र 6 किग्रा0 बीज नर्सरी में डाले क्योंकि इस पद्धति में  8 से 12 दिन की पौध रोपी जाती है। किसानों को आगाह किया गया हैं कि इस अवधि में शोधित एवं उपचरित बीज ही बोये जायें तथा भूमि शोधन 2.5 किग्रा0 ट्राइकोडरमा वे एफ.वाई.एम. 60-80 किग्रा0 प्रति हेक्टेयर की दर से करें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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