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बसपा मुखिया भ्रष्टाचार की शिरोमणि है

Posted on 11 November 2011 by admin

जनस्वाभिमान यात्रा के नायक एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कलराज मिश्र ने माया सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि बसपा मुखिया भ्रष्टाचार की शिरोमणि है। सपा प्रमुख को जेल भेजने की बात कहने वाली बसपा नेत्री अपना वादा निभायें। मँहगाई के लिए सपा बसपा को कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल किया कि सदन में समर्थन और सड़क पर विरोध करने की नीति रखने वाले दल स्पष्ट करें कि अगर अविश्वास प्रस्ताव आता है तो कहाँ खडे़ हांेगे।
श्री मिश्र आज जनस्वाभिमान यात्रा के दूसरे चरण के तीसरे दिन विभिन्न जनसभाओं में बोलते हुए जहां उनके निशाने पर बसपा थी वहीं सपा पर भी भरपूर वार किया। कहा कि आखिर कौन सी परिस्थिति थी कि बसपा प्रमुख ने जब सार्वजनिक रूप से सपा प्रमुख को जेल भेजने की बात की तो लोगों ने सपा से सत्ता परिवर्तन में बसपा का साथ दिया। लोग सपा के कुशासन से इतने त्रस्त थे और उन्हें लगा कि बसपा सुशासन देगी पर लोग निराश हुए अब सपा कहती है कि वो इन्हें जेल भेजेगी। दरअसल दोनों आपकी भावनाओं के साथ खेलने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे है। अपराधी-अपराधी को सजा नहीं दे सकता।
उनहोंने कहा कि जन समस्याओं कोे लेकर शुरू हुई चिट्ठी की राजनीति अब नौनिहालों पर भारी पड़ रही है। आज बच्चों को दो-दो संदेश पढ़ाये गये। अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व में चलने वाली ही सरकार ने ही 2002 में शिक्षा को मौलिक अधिकार का दर्जा दिया। सपा के शासन में ‘जाकी लाठी वाकी भैस’ की स्थितियां थी इसी जनपद फिरोजाबाद में सपा के गुण्डों ने पुलिस अधीक्षक पीटा था। सर्वत्र अराजकता का माहौल था। अपहरण एक उद्योग का रूप ले चुका था। आज तानाशाही की स्थिति यह है कि स्पष्ट कहने वाले लोगों को पागल तक करार दे दिया जाता है। चाहे डी.डी. मिश्रा हो या विकलिक्स खुलासे के बाद असांजे।
उन्होनें कहा कि सरकार कह रही जो साठ साल में नहीं हुआ उसे उसने साढे़ चार साल में कर दिखाया। सही है यह पहला मंत्री मण्डल है जिसमें इतने मंत्री आरोपों की जद में आये। मासूम बच्चियों से लेकर 70 वर्ष की माँ बहनों के साथ दुराचार की घटनाएं हुई। बच्चों के अपहरण हुए, आरोपी के साथ सरकार न्यायाधीश की भूमिका में आ जाती है और पीडि़ता चिल्ला-चिल्ला कर अपने विरूद्ध हुए अत्याचार की कहानी कहती है और उसकी सुनवाई नहीं होती है। कमला कुशवाहा के प्रकरण पर उन्होंने कहा कि मेरे पास स्पष्ट सूचना है कि उसे धमकाया जा रहा है। उसे हत्या की धमकी दी गई। उन्होंने चेतवानी देते हुए कहा कि उसके साथ यदि कुछ हुआ तो परिणाम भंयकर होगे। सरकार सुरक्षा के व्यापक प्रबंध करें।
श्री मिश्र ने कहा कि सरकारी संशाधनों के भरोसे भाईचारा कमेटियों के सम्मेलन हो रहे है। उन्होंने सवाल किया कि जिन जातियों की कमेटियां बनायी गई है उनके कितने लोगों को रोजगार दिया, सम्मान की सुरक्षा की गई। उन्होंने कहा कि बसपा का हाथी भाई को चारा बना कर खा गया। चुनाव निकट देख चुनावी वैतरणी पर करने के लिए इस तरह के आयोजन हो रहे है।
श्री कलराज मिश्र दूसरे चरण की जनस्वाभिमान यात्रा के तीसरे दिन बोलते हुए कहा कि आज बसपा सरकार पर खेती और किसान की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि खाद मिल नहीं रही है। चीनी मिलें चल नहीं रही है। आलू उत्पादक सरकार की खराब नीतियों के कारण परेशान और बेहाल है कई बार उसे आलू फेंकना पड़ता है। आलू निर्यात को प्रोत्साहन देने के हर संभव प्रयास किये जायेगे जिससे बेराजगारी भी दूर होगी और आलू किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य भी मिल जायेगा। आलू पर आधारित उद्योग को कर मुक्त करके यहां उद्योग स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित किया जायेगा।
भारतीय जनता पार्टी के सह प्रभारी बिहार के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राधा मोहन सिंह ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के प्रभारी के रूप में बिहार में सत्ता की पुर्नवापसी में कलराज मिश्र का महत्वपूमर्ण योगदान रहा है। विकास की दौड़ में भाजपा शासित सरकारें अग्रणी भूमिकाओं में है। चाहे वह गुजरात हो या हिमाचल। विकास हमारा एजेण्डा है। उन्होंने कहा कि जब बिहार के लोगो बाहर जाते थे तो उनका माथा शर्म से झुक जाता था। हमने उनका स्वाभिमान बढ़ाया यह अब उ0प्र0 के लोगों के साथ हो रहा है। उ0प्र0 सारे अपराधियों की शरणस्थली बन गया है। उनके नेतृत्व में आप सहयोग और समर्थन करें हम उ0प्र0 को उत्तम प्रदेश आपके सहयोग से बनायेंगे।
प्रदेश उपाध्यक्ष शिवप्रताप शुक्ला ने कहा कि पिछले दस वर्षों से उ0प्र0 की जनता के दबे हुए स्वाभिमान को जगाने के लिए यह स्वाभिमान यात्रा निकली है।
प्रदेश मंत्री साघ्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि जब सज्जन व्यक्ति मौन हो जाता है तो वहां महाभारत सुनिश्चित हो जाता है। इसलिए आप सब पूरी तरह सक्रिय होकर प्रदेश में भाजपा शासन लाने के लिए कमर कसें।
कार्यक्रम में सच्चिदानन्द साक्षी जी महराज, प्रदेश उपाध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, प्रदेश महामंत्री रामनरेश अग्निहोत्री, प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक, क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय मंत्री हनुमान मिश्र, ब्रज क्षेत्रीय मंत्री रामप्रताप सिंह, किसान मोर्चाे के प्रदेश महामंत्री दिनेश दुबे, अतुल दीक्षित सुजीत सिंह टीका आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
श्री कलराज मिश्र की जनस्वाभिमान यात्रा के दूसरे चरण के तीसरे दिन आज इटावा से प्रारम्भ कर मलागिनी, जसवंत नगर, कठफोरी सिरसागंज, धावरी शिकोहाबाद, जसराना घिरोर कल्होर, बरनाहल में स्वागत एवं विभिन्न सभाओं को सम्बोधित करते हुए मैनपुरी पहुँचे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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बस्ती (उत्तर प्रदेश) की प्रेस वार्ता में पूर्व भाजपा अध्यक्ष श्री राजनाथ सिंह द्वारा उठाए गए प्रमुख बिंदु

Posted on 11 November 2011 by admin

021    आज उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश की जनता महंगाई के संकट का सामना कर रही है। निरंतर बढ़ती महंगाई के कारण जहां आम आदमी की क्रय शक्ति घट रही है वही गरीबों की हालत बद से बदतर होती जा रही है।

    देश के प्रधानमंत्री और उनकी सरकार के मंत्री महंगाई को समृद्धि का प्रतीक मानते है और यह दावा करते है कि भारत की जनता पहले से ज्यादा खाना खाने लगी है। इसलिए महंगाई बढ़ रही है। सच्चाई तो यह है कि आज आम आदमी के भोजन की थाली सिकुड़ती जा रही है। सरकारी संगठन NSSO की रिपोर्ट के अनुसार आम जनता ने पिछले कुछ समय से खाद्य सामग्रियों पर होने वाले व्यय में लगभग 10 फिसदी की कटौती की है।

    केन्द्र की यूपीए सरकार को सपा और बसपा का समर्थन हासिल है इसलिए गरीबों और दलितों की हितैषी होने का दावा करने वाली इन दोनों पार्टियों को जवाब देना चाहिए कि प्रदेश में इतनी महंगाई होने के बावजूद उन्होंने केन्द्र सरकार को समर्थन क्यों जारी रखा है?

    देश में महंगाई की दर पिछले कुछ समय से 10 फिसदी के रिकार्ड स्तर के आस-पास है जो हांलि में बढ़कर 12 फिसदी से ऊपर निकल गई हैै। ऐसे में पेट्रोलियम कम्पनियों को मनमाने तरीके से पेट्रोल की कीमत बढ़ाने की छूट देकर केन्द्र सरकार ने महंगाई की आग को और अधिक भड़काया है। जिससे यह साबित होता है कि इस देश में महंगाई पूरी तरह कृत्रिम और अप्राकृतिक है।

    सरकार कह रही है देश की तेल कम्पनियों को प्रतिदिन 15 करोड़ रूपए का घाटा हो रहा है और इस घाटे की भरपाई के लिए मूल्य वृद्धि आवश्यक है।

    तेल कम्पनियों ने पिछले 5 महीनों में 10 रूपए से अधिक की वृद्धि की है। और कल के समाचार पत्रों में पुनः 15 रू॰ प्रति लीटर पेट्रोल के दाम बढ़ाने की बात कही है। यूपीए सरकार ने तेल कम्पनियों की Balance sheet  सुधारने के चक्कर में आम आदमी के घर का बजट बिगाड़ दिया है।

    जिन तेल कम्पनियों के घाटे की चिंता केन्द्र सरकार को है उनमें से दो कम्पनियां तो Fortune 500 नामक दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनियों में शामिल है। ये कम्पनियां अपने बलबूते पर लाभ और हानि अर्जित करती है। जब भारत की तेल कम्पनियां अगले कुछ वर्षों में देश में 5-6 हजार नए पेट्रोल पम्प खोलकर Expansion  करने की बात कर रही है तो उनके द्वारा घाटे को Compensate करने के लिए आम आदमी पर दबाव क्यों डाला जा रहा है?

    जब पेट्रोल के दाम अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कम होते है तो भारत में पेट्रोल के दाम कम नही किए जाते परन्तु अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मूल्य वृद्धि होते ही तत्काल आम आदमी पर बढ़े हुए दामों का बोझ डाल दिया जाता है। मुझे लगता है कि पेट्रोलियम कम्पनियों द्वारा अपने घाटे को बढ़ा चढ़ाकर प्रस्तुत किया जा रहा है। इसलिए इन कम्पनियों के Balance Sheet की जांच CAG यानि कैग द्वारा की जानी चाहिए।

    कल प्रधानमंत्री डा॰ मनमोहन सिंह ने मालदीव में आयोजित सार्क सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी को अमन पसंद व्यक्ति की संज्ञा दी जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं प्रधानमंत्री के इस बयान की निंदा करता हूं क्योंकि जिस पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को वे अमन पसंद व्यक्ति बता रहे है उन्होंने पाकिस्तान की धरती से चल रहे आतंकवादी शिविरों को समाप्त करने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया है। ना ही उन्होंने मुंबई हमलों के जिम्मेदार लोगों और संगठनों के खिलाफ कोई ठोस कार्यवाही की है जो पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे है। और ना ही पाकिस्तान ने पाक अधिकृत कश्मीर में चीन की बढ़ती दखलांदाजी को रोकने का ही कोई गंभीर प्रयास किया है। कुछ साल पहले हवाना में पाकिस्तान को आतंकवाद से पीडि़त देश बताना और अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को शांतिदूत कहना यह भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री और यूपीए सरकार की निहायत ही और निरन्तर गलत नीति का प्रमाण है।

    एक अमेरिकी Tink Tank की रिपोर्ट के अनुसार लद्दाख से सटे गिलगिट बल्दिस्तान में पाकिस्तान की शह पर चीन लगातार अपना प्रभुत्व बढ़ा रहा है। वहां चीनी कम्पनियों को खनन का लाइसेंस दिया गया है और ये चीनी कम्पनियां स्थानीय लोगों को अपने ही संसाधन का इस्तेमाल करने से रोक रही है।

    पाकिस्तान सरकार ने चीन को या अन्य भारत विरोधी शक्तियों को रोकने का कोई गंभीर प्रयास नही किया है। जिससे पता चलता है कि पाकिस्तान का भारत के प्रति रवैया शत्रुतापूर्ण है। इसमें किसी को संदेह नही कि पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध होने चाहिए। परन्तु पाकिस्तान के रवैए से ऐसा लगता है कि वो भारत के साथ दोहरा षड्यंत्र कर रहा है।

    भारत को पाकिस्तान से सिर्फ Most Favoured Nation  का दर्जा मिल जाए इस आतुरता में प्रधानमंत्री डा॰ मनमोहन सिंह को देश के कूटनीतिक हितों के साथ समझौता नहीं करना चाहिए। शायद देश की जनता को याद हो भारत ने पाकिस्तान को Most Favoured Nation द का दर्जा 1996 में दिया था। पाकिस्तान ने तो उसका जवाब देने में भी 15 साल लगा दिए। जो किसी भी दृष्टि से यह पाकिस्तान की ओर से किसी बहुत बड़े उदार दृष्टिकोण का परिचायक नहीं माना जा सकता।

    भारत के प्रधानमंत्री का पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को शांति का दूत कहना हास्यास्पद है क्योंकि पाकिस्तान ने भारत के साथ शांति स्थापित करने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए हैं। प्रधानमंत्री का बयान नैतिक, रणनीतिक एवं कूटनीतिक सभी दृष्टियों से गलत है एवं दुर्भाग्यपूर्ण है।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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उ0प्र0 में जो 60 सालों में नहीं हुआ उसे साढे़ चार वर्ष में कर दिखाया

Posted on 11 November 2011 by admin

ithava_me_patrkar_varta_karte_kalraj_mishran3जनस्वाभिमान यात्रा के नायक, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कलराज मिश्र ने यात्रा के द्वितीय चरण में आज तीसरे दिन इटावा रात्रि विश्राम के बाद प्रातः 10ः00 बजे पत्रकार वार्ता की। वार्ता के मुख्य अंश प्रकाशनार्थ प्रेषित है।

ऽ    आज समाचार पत्रों में मुख्यमंत्री की ओर से विज्ञापन छपा है कि ‘‘उ0प्र0 में जो 60 सालों में नहीं हुआ उसे साढे़ चार वर्ष में कर दिखाया’’। व्यंग करते हुए कहा कि जो काम अन्य लोग 60 वर्ष मंे नहीं कर पाये इन्होंने और इनके मंत्रियों ने साढे़ चार वर्ष मंे ही करके दिखा दिया।

ऽ    जनसमस्याओं को लेकर शुरू हुई चिट्ठी की राजनीति अब नौनिहालों पर भारी पड़ रही है। शिक्षा दिवस के अवसर पर किसका पत्र पढ़ा जाय मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री का इसको भी लेकर राजनीति शुरू हो गई है।

ऽ    उ0प्र0 के पिछड़ेपन के लिए राज्य की सपा बसपा पूरी तौर से दोषी है। उ0प्र0 में आठ वर्षों से अपरोक्ष रूप से शासन कर रही कांग्रेस बराबर की हिस्सेदार है। तीनों एक दूसरे से मिले हुए है। खास बात यह है कि तीनों एक दूसरे का जनता के बीच विरोध भी करते है।

ऽ    सपा कांग्रेस का साथ नया नहीं है दरअसल उ0प्र0 में अपरोक्ष रूप से सत्ता का साथ कांग्रेस सपा के माध्यम से चख रही है। हर समय बिना मांगे समर्थन देने को तैयार बैठी सपा परमाणु करार मुददे पर केन्द्र सरकार के साथ जिस मुस्तैदी के साथ खड़ी हुई उसको आप भी जानते है। अभी टू जी स्प्रेक्ट्रम मामले पर सरकार पर संकट आने की चर्चा भर हुई, सपा समर्थन देने को आतुर दिखी। यूपीए वन से जारी हुआ समर्थन का सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है।

ऽ    देश व प्रदेश में बढ़ रही मंहगाई के लिए यूपीए सरकार का सहयोगी दल समाजवादी पार्टी उसको समर्थन दे रही बसपा बराबर की हिस्सेदार है। मंहगाई के समय संसद में आये अविश्वास प्रस्ताव पर जहाँ बसपा ने समर्थन किया वहीं सपा ने बहिष्कार किया। हर बार मंहगाई बढ़ने पर सपा बसपा दोनों बयानबाजी और प्रदर्शन करते है। स्पष्ट हो क्या बढ़ी मंहगाई के विरोध में यदि अविश्वास प्रस्ताव सदन में आता है तो ये कहां खड़े रहेंगे।

ऽ    बसपा प्रमुख ने सार्वजनिक रूप से सपा प्रमुख को जेल भेजने की बात क्या कि लोगों को लगा कि मुँह मांगी मुराद मिल गई। सपा से सत्ता छिन कर बसपा के हाथों में प्रदेश की बागडौर चली गई। हुआ क्या? इस बात का जवाब जनता चाहती है बसपा प्रमुख अपना वादा निभायें। जिन मामलों को लेकर जेल भेजने की बात कही थी क्या हुआ ?

ऽ    अब सपा के लोग बसपा प्रमुख को जेल भेजने की बात कर रहे है। अपराधी अपराधी को सजा नहीं देता। हमें यह विचार करना पड़ेगा कि आखिर वो कौन सी परिस्थितियां थी कि सपा के शासन काल में बसपा प्रमुख के मात्र इस कथन से उन्हें सत्ता मिल गई।

ऽ    सपा और बसपा दोनों आर्थिक अपराधी है। दोनों के मुखिया आये से अधिक सम्पत्ति के मामले में जांच के दायरे में है। सीबीआई की तलवावर लटक रही है। दोनों के शासन में लोकतंत्र कंलकित हुआ। त्रिस्तरीय पंचायत का संगठित गिरोह की तरह उपयोग कर ग्राम प्रधान से लेकर स्थानीय निकाय चुनाव, विधान परिषद, जिला पंचायत में लोकतंत्र की सारी मर्यादायें तोड़ी गई। सवैधानिक संस्थाओें के अपने हितों के बेजा इस्तेमाल  करने के लिए कोई किसी से पीछे नहीं रहा ।

ऽ    राज्य के प्रशासनिक तंत्र को हत्तोसाहित एवं दुरपयोग करने में कोई किसी से पीछे नहीं रहा। सपा शासन काल में जहां में फिरोजाबाद में पुलिस अधीक्षक पिटा। लखनऊ में सीओ को बोनट पर बैठ कर घुमाया गया। वहीं बसपा शासन काल में पुलिस चैराहों पर पिटी। तानाशाही का ये आलम है कि सच कहने वालों को पागल तक करार दे दिया जाता है चाहे डी.डी. मिश्रा हो या विकलिक्स खुलासे के बाद असांजे।

ऽ    बसपा शासन काल में सफाई कर्मी से लेकर हर पायदान पर बगैर पैसा दिये कोई नियुक्ति नहीं हो रही है। जरा याद करें सपा शासन की पुलिस भर्ती जिसे बसपा ने रद्द कर दिया था मेरी जानकरी के अनुसार कई परिवारों ने खेत बेंच कर रिश्वत दी थी।

ऽ    सपा-बसपा किसान विरोधी है। सपा ने दादरी प्रोजेक्ट के लिए जहां किसानों की जमीन अधिग्रहण की वहीं बसपा ने पूंजीपतियों के लिए किसानों की जमीनों को औने-पौने दामों में बेच दिया और विरोध करने पर किसानों को गोलियां मिली।

ऽ    बसपा ने जहां बसूली के लिए हत्या, मां-बहनों की इज्जत से खिलवाड़ करने में रिकार्ड बनाया। वहीं सपा ने अपहरण को उद्योग का दर्जा दिया।

ऽ    बसपा में जिसतरह तानाशाही और व्यक्तिवाद है उसी तरह सपा में परिवारवाद है। दोंनों दल पार्टी नहीं प्रापर्टी है और दोनों प्रोपराइटरशिप फर्म की तरह काम करते है। क्रोध में जहर नहीं खाया जाता जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है। अपराध मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन के लिए भाजपा का साथ देने का आवाहन करता हूँ।

ऽ    इटावा, आगरा, फर्रूखाबाद, मैनपुरी आलू उत्पादन का सबसे बड़ा केन्द्र है। किन्तु पर्याप्त मात्रा में भण्डारण वितरण की व्यवस्था न होने के कारण किसान को उसकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पाता। कई बार तो उसको आलू फेंकना पड़ता है। अगर हमें इस बार अवसर मिलता है तो इस क्षेत्र को आलू उत्पादक जोन घोषित किया जायेगा। उसके लिए भण्डारण, वितरण की सरकार व्यवस्था करेगी।

ऽ    आलू निर्यात को प्रोत्साहन देने के हर संभव प्रयास किये जायेगे जिससे बेराजगारी भी दूर होगी और आलू किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य भी मिल जायेगा। आलू पर आधारित उद्योग को कर मुक्त करके यहां उद्योग स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित किया जायेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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विराट ब्राहम्ण महासम्मेलन की तैयारी

Posted on 11 November 2011 by admin

100_2102जनपद की प्रतिष्ठित और सबसे पुरानी एक दषक से ब्राहमणों की हितसाधना मंे लगी हुई भगवान परषुराम सभा के प्रयासों से एक विराट ब्राहम्ण महासम्मेलन का आयोजन 25 दिसंबर को जनपद के राजकीय इंटर काॅलेज में शुरू करने का अभियान चल रहा है। जिसमें सचिव भगवान परषुराम सभा के केके द्विवेदी ने बताया कि सभी ब्राहम्ण मनिषियों से चाहे वह गरीब हो या अमीर अधिकारी हो या मजदूर हम सहयोग लेकर ब्राहम्णांें में एकता का संकल्प लेकर सम्मेलन की तैयारी कर रहे हैं। इसमें ब्राहम्ण सभा के सभी ब्राहम्ण विद्धान अपने अपने विचार प्रकट करके ब्राहम्णों को एकता के सूत्र में बांधे और उनकी कमियों को भी उजागर करने मेे सहयोग प्रदान करें। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का स्वरूप बृहद होगा और इसके परिणाम भी जनपद में दूरगामी होगे। इस अवसर पर सचिव केके द्विवेदी के अलावा एडवोकेट उमेष बाजपेई, कीर्ति प्रकाष अवस्थी, रामनाथ द्विवेदी, गंगा पाण्डेय आदि मौजूद रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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फाइलों में बन्द ब्लाइंड मर्डर केस, कैसे और कब होगा इनका खुलासा, क्या जनपद मे आयेगा कोई रोबिनहुड

Posted on 11 November 2011 by admin

जनपद हरदोई में हत्याओ का सिलसिला थम नहीं रहा किसी का खुलासा होता तो कोई मामला पुलिस की फाइलों में कैद होकर रह जाता फिर कुछ समय बाद उसमें फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस को गुमनाम अंधेेरे में कैद कर दिया जाता है। उनमें लावारिष जो रेलवे लाइन के पास मिलती है वो भी किसी का भाई पिता या पति के रुप में होता है। कोई विस्तृत क्षेत्र्र नहीं केवल हरदोई से कौढ़ा स्टेषन के बीच सप्ताह में दो शव मिलने का औसत है जो महीने मे 8 या 10 शव कई सालों से प्राप्त हो रहे है। लावारिष के रुप मे कभी भी कहीं पर उनकी षिनाख्त नहीं हो पा रही, कोई भी विज्ञापन या पोस्टर चस्पा करके जानकारी लेने की कोषिष नही की जाती। केवल ट्रेन से गिरकर मृत्यु होने का कारण बताया है। गंभीरता पूर्वक आर0पी0एफ या जी0आर0पी इन्हंे क्यों नही लेती। ऐसे प्रकरण मे इनके पास से कोई पहचान या रेलवे टिकट भी नहीं मिलता है वजह केवल एक ही होती है कि गिरनेे से मृत्यु हुई और फाइल बंद कर दी जाती है। यही हाल जनपद पुलिस का है। कोतवाली देहात मे एक लेखपाल को पीट पीट कर मार डाला गया, सुरसा ब्लाक मे एक युवक की हत्या हो जाती है, बिलग्राम मे डाक्टर की हत्या एक नहींे दो नहीं दर्जनो मामलों मे पुलिस का रवैया उदासीन रहा। इन केसो का खुलासा अभी तक नही हो पाया है। इस सम्बंध मंे एएसपी अनिल कुमार सिंह का कहना है कि कहीं कोई निदोष न फंस जाये इसलिये पूरी जांच करके ही खुलासा किया जाएगा। केवल इसी वर्ष 4 मई को लेखपाल की महेंद्र नगर मे हत्या हुई, षिवपार महोलिया में व्यापारी की हत्या 25 मई को, 6 जून को सुरसा मे युवक की हत्या ,19 जून को बिलग्राम मे डाक्टर की हत्या , 15 फरवरी को साण्डी में 7 अक्टूबर को पहाड़पुर में 10 अक्टूबर को रहेलिया मे 28 सितम्बर को गोटरिया में आखिर कब होगा इनका खुलासा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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प्रधानमंत्री को पत्र लिख मुख्यमंत्री प्रदेष वासियों को गुमराह कर रही है- राजनाथ सिंह

Posted on 11 November 2011 by admin

011भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उ0प्र0 श्री राजनाथ ंिसह ने आज जन स्वाभिमान यात्रा के दूसरे दिन गोंडा में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश की मुख्यमंत्री द्वारा बात-बात पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखना जनता को गुमराह करना व धोखा देना बताया। श्री सिंह ने कहा कि एक तरफ प्रदेश की मुख्यमंत्री खाद की कमी को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखती है वहीं दूसरी तरफ  जब प्रदेश स्तर पर खाद की उपलब्धता को लेकर विभागीय समीक्षा होती है तो प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री द्वारा दावा किया जाता है कि खाद की कहीं कोई कमी नहीं है और खाद की उपलब्धता का स्तर 100 फीसदी है। शासन के स्तर पर परस्पर विरोधी स्वर सुनाई दे रहे हैं। जिसका स्पष्टीकरण बसपा सरकार को देना चाहिए।
श्री सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश शासन में व्याप्त भ्रटाचार के कारण ही किसानों को खाद की यह कृत्रिम कमी का सामना करना पड़ रहा है। यह सरकार न केवल किसान विरोधी है बल्कि गरीब और बेरोजगार लोगों की भी विरोधी है। यदि ऐसा नहीं होता तो गरीबों को रोजगार देने के उद्देष्य से चलायी जा रही योजना ‘मनरेगा’ में उत्तर प्रदेश में हजारों करोड़ रूपये का भ्रटाचार नहीं हुआ होता। प्राप्त जानकारी के अनुसार केन्द्र की मानीटरिंग कमेटी ने बलरामपुर, गोण्डा समेत प्रदेश के कई जनपदों में ‘मनरेगा’ में धांधली के मामले पकड़ें है। बलरामपुर में तो ‘मनरेगा’ की धनराशि में से प्रदेश सरकार ने 10 करोड़ के कलेंडर, बाल्टी और कुर्सी खरीद डाली। गोण्डा में भी करीब 5 करोड़ की मनमानी खरीद हुईं। केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा में हुई धांधली की जांच के लिए सी.बी.आई. की जांच की संस्तुति की गई है, मगर प्रदेश सरकार सी.बी.आई. जांच से भाग रही है। यदि प्रदेश सरकार का दामन दागदार नहीं है तो वह सी.बी.आई. से क्यों घबरा रही है। बसपा सरकार ने दो दिन पहले गन्ने का सरकारी समर्थन मूल्य 240-250 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया जो कि प्रदेश के किसान संगठनों एवं राजनीतिक दलों की अपेक्षाओं से काफी कम है। इन सभी की मांग कम से कम 300 रूपये प्रति क्विंटल से लेकर 350 रूपये प्रति क्विंटल की थी। मंहगाई और अन्य समस्याओं के चलते गन्ने के लागत मूल्य में यानि इनपुट कास्ट में 35-40 फीसदी की वृद्धि हुई है जबकि प्रदेश सरकार ने गन्ने का समर्थन मूल्य सिर्फ 17-18 फीसदी ही बढ़ाया है। भाजपा ने प्रदेश के गन्ना किसानों से वायदा किया है कि यदि वह विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता में आती है तो किसानों को गन्ने की कीमत कम से कम 300 रूपये प्रति क्विंटल दी जायेगी। जानकारी प्राप्त हुई कि प्रदेश के कई स्थानों पर गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। यहां वर्ष 2007 तक के भुगतान अभी तक लम्बित है। मैं प्रदेश सरकार से मांग करता हूं कि वह गन्ना किसानों के सभी बकाये का भुगतान अविलम्ब करे। प्रदेश का किसान इस समय खाद की भयंकर किल्लत का सामना कर रहा है। खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने में यह सरकार पूरी तरह असफल रही है। खाद की कमी के चलते किसानों को यूरिया की बोरी 297 रूपये के स्थान पर 700 रूपये में खरीदनी पड़ रही है और ‘डाई’ तो एक हजार रूपये में भी किसानों को नहीं मिल पा रही है।
श्री सिंह ने कहा कि यदि भाजपा प्रदेश में सत्ता में आई तो ‘मनरेगा’ में हुई सभी धांधली और घोटाले की सी.बी.आई. जांच करायेगी। आज के समाचार पत्रों में कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी का यह बयान प्रकाशित हुआ है, जिसमें उन्होंने अन्ना हजारे और विपक्षी दलों की आलोचना की है कि हम लोगों को भ्रटाचार पर मुखर होने की क्या जरूरत है? श्री सिंह ने कहा कि कांगे्रस अध्यक्षा को आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए क्योंकि सरकार वह चला रही हैं अथवा चलवा रही हैं। अतः जिम्मेदारी भी उन्हीं की बनती है।
कांग्रेस अध्यक्ष को सबसे पहले यह सवाल केन्द्र की यू.पी.ए. सरकार से पूछना चाहिए कि क्या जरूरत थी 2जी स्पेक्ट्रम अलोकेशन में 1,76000 करोड़ का घोटाला करने की, क्या जरूरत थी काॅमन वेल्थ गेम के आयोजन में 80,000 करोड़ रूपये का गबन करने की, आदर्श हाउसिंग सोसायटी प्रकरण में घोटाला करने की। श्रीमती सोनिया गांधी यह जवाब दे कि यूपीए शासनकाल में हुए घोटालों पर उन्होंने चुप्पी क्यों साध रखी है? और जब प्रदेश में भ्रष्टाचार का विरोध हो रहा है तो वे विपक्षी दलों पर आरोप लगा रही है। पहले तो कांग्रेस पार्टी द्वारा खुलकर भ्रटाचार किया जाता है और जब पूरे देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन होता है तो कांग्रेस द्वारा विपक्ष को नसीहत दी जाती है। कांग्रेस पार्टी का शासनकाल भ्रष्टाचार के कारनामों से भरा पड़ा है और देश की जनता अब इस भ्रटाचार से मुक्ति चाहती है। और भ्रष्टाचार के संदर्भ में कांग्रेस और बसपा की दुरभि संधि को जनता भलिभांति समझ चुकी है और आगामी चुनाव में इसे ध्वस्त करेगी।
जनसभा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय कटियार, राष्ट्रीय मंत्री संतोष गंगवार, प्रदेश प्रवक्ता सत्यदेव सिंह, प्रदेश महामंत्री विनोद पाण्डेय, पूर्व मंत्री रमापति शास्त्री, प्रदेश उपाध्यक्ष डा0 महेन्द्र सिंह, बावन सिंह ने संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री नरेन्द्र सिंह, पंकज चैधरी, सुभाष त्रिपाठी, प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
यह यात्रा आज बलरामपुर से प्रारम्भ होकर जयप्रभा ग्राम गोण्डा, इटियाथोक, गिलौली, सुभाषपुर, गोण्डा, डुमरियाडीह, बलेश्वर गंज, वजीरगंज, नवाबगंज, कटरा, धधौवा, विक्रमजोत, छावनी, हरैया, महराजगंज, कप्तानगंज, दुधौरा, गोटवा होते हुए बस्ती पहुंची। जिसमें तीन बड़ी जनसभाओं और अनेक स्वागत सभाओं को संबोधित किया।  कल यह यात्रा बस्ती से प्रारम्भ होकर नौगढ़ तक जाएगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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मजदूर भूखमरी के कगार पर है

Posted on 11 November 2011 by admin

जनस्वाभिमान यात्रा के नायक एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कलराज मिश्र ने कहा कि पूरब का मानचेस्टर रहा प्रमुख औद्योगिक केन्द्र कानपुर की पहचान अब बीमार औद्योगिक केन्द्र के रूप में हो गई है। इसके लिए सपा-बसपा-कागें्रस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि  मजदूर भूखमरी के कगार पर है। प्रदेश में औद्योगिक विकास शून्य की ओर है। उ0प्र0 बीमार व पिछड़ा प्रदेश होकर रह गया है। पूरे प्रदेश में दलित उत्पीड़न चरम सीमा पर है। बीमारियाँ जानलेवा रूप लेती जा रही है। उनको रोकने का कोई ठोस प्रबन्ध नहीं हो पा रहा है।
उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मायावती की दोषपूर्ण कार्यशैली के कारण किसान मजदूर व्यापारी शिक्षक, विद्यार्थी सब के सब तबाह है। रवि की बुआई के लिए किसानों को खाद बीज पानी बिजली की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। बिचैलियों के माध्यम से धान की खरीद हो रही है। किसान को लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। उनके पास रिकवरी आ रही है। जिसके कारण उत्तर प्रदेश में हजारों किसानों ने आत्महत्या कर ली। आज किसान खेती छोड़कर भागने को मजबूर है।
श्री मिश्र ने कहा कि पिछले दस वर्षों के सपा-बसपा शासन ने प्रदेश के स्वाभिमान को रौंदा है तथा दोनों ने भ्रष्टाचार के माध्यम से प्रदेश का दोहन किया है। सपा सरकार में ’’जबरा मारे रोवे न दे’’ की वाली हालात थी। दरोगा कोतवाल को कौन कहे एसपी तक को कार्यालय से खींच कर मारा गया।  अपहरण अराजकता आम बात थी। इन सबसे छूटकारें के लिए लोगों ने बसपा की सरकार बनायी लेकिन हालत और बूरे हो गये। बसपा के मंत्री विधायक मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार कर रहे है। पूरे प्रदेश में दिन दहाड़े सरेआम हत्याएं हो रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले अधिकारी को पागल करार दिया जा रहा है। उन्होंने डीआईजी डी.डी. मिश्र द्वारा लगाये गये आरोपों की सीबीआई जांच की मांग की।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि जब हमारी सरकार थी तब हमने सड़क बिजली पानी खाद की व्यवस्था को प्राथमिकता दी थी, तथा किसानों के ऋण के लिए क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, व्यापारियों के टैक्स का सरली करण किया गया था किन्तु आज व्यापारी सैट-वैट-मैट से परेशान है। विरोध करने पर उसकी दिनदहाड़े हत्या हो रही है। पुनः हम सरकार में आने पर किसानों को एक प्रतिशत ब्याज पर ऋण किसान बीमा तथा कन्याओ के लिए लाड़ली योजना लागू करेगें ।
श्री मिश्र ने कहा केन्द्र की काग्रेस सरकार लगातार भ्रष्टाचार पर भ्रष्टाचार, घेाटाले पर घोटाले करती चली आ रही है। जिसके कारण महगाई चरम सीमा पर पहुँच गई। आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है। सपा व बसपा के लोग सदन में केन्द्र सरकार के साथ होते हैं और अपना समर्थन देते हैं।  बाहर विरोध का नाटक करते हैं। दिल्ली में दोस्ती लखनऊ में दुश्मनी का खेल जारी है। जबकि टूजी स्प्रेक्ट्रम जैसे घोटाले में केन्द्र की कांग्रेस सरकार फसती है तो बचाने में अपना समर्थन देते है। यह प्रदेश की जनता के साथ छलावा है।
प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि बसपा दुनिया की पहली सरकार है जिसके डेढ़ दर्जन मंत्री हटाये गयेे है। उनके ऊपर दुराचार, भ्रष्टाचार के आरोप लगे आज पूरा प्रदेश बेहाल है। उद्योगों का पलायन हो रहा है। जनता के ऊपर लगाये गये करो के पैसे से करोड़ों की मूर्तियाँ लगा दी गयी जब तक उ0प्र0 का मस्तक ऊँचा नहीं होगा। तक तक भारत का मस्तक ऊंचा नहीं होगा। यह जनस्वाभिमान यात्रा उ0प्र0 को बचाने के लिए निकाली गई है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में जनता अराजकता, अपहरण उद्योग, भ्रष्टाचार से छुटकारा पाने के लिए एक स्वच्छ सरकार की कल्पना की थी परन्तु बसपा सरकार जब सत्ता मंे आई तो साइकिल के गुंडे हाथी पर सवार होकर जनता को सरेआम लूटने लगे।
श्री शाही ने कहा कि कानपुर की औद्योगिक इकाई जिसके लिए उसकी पहचान थी जो अब बंद हो गई हैं। जनता भुखमरी के कगार पर है। इस सरकार के पास भ्रष्टाचार और अत्याचार करने से फुर्सत नहीं है। ये तीनों दल प्रदेश की जनता को गुमराह करके येन-केन-प्रकारेण अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश में अपराधी सीना ताने सरेआम चल रहे है। भ्रष्टाचार सरकार का संस्कार हो गया है। बिना पैसा दिये कोई काम नहीं हो रहा है जनता त्रस्त है, सरकार मस्त है जनता बेहाल मंत्री मालामाल है। चुनाव चाहें जब हो अब बसपा जायेगी भाजपा आयेगी। राष्ट्रीय प्रवक्ता रामनाथ कोविन्द ने कहा कि प्रदेश की मुख्यमंत्री दलितों की हितैषी है तो बतायें कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कितने दलितों पिछड़ो बिना पैसे के नौकरी दी। कितने स्कूल खोले, कितने अस्पताल खोले और कितने नये उद्योग लगाये।

कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं यात्रा प्रभारी शिवप्रताप शुक्ला, स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश महामंत्री राकेश कुमार, पे्रमलता कटियार, क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह, , स्वतंत्र देव सिंह देवेन्द्र सिंह भोले, सुजीत सिंह टीका, दिनश दुबे प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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अधिकार क्षेत्र से बाहर निजी बिजली कर्मी लगा रहे है राजस्व को चूना

Posted on 11 November 2011 by admin

बिजली विभाग में बिलों के मनमानी के अलावा और र्क रास्तो का प्रयोग करके राजस्व का चूना लगाकर सरकार को चपत लगा रहे है। निजी  कर्मी विभाग द्धारा पावरलोड बढाकर बिजली का बिल जारी कर रहे है। ऐसे मे विजली विभाग को मिलने वाला राजस्व पर ग्रहण लग चुका है वहीं बिजली उपभोक्ता को ज्यादा लोड का बिल भी अदा करना पड रहा है इस प्रकार विभाग और उपभोक्ता दोनो निजी बिजली कर्मियों की मनमानी का शिकार बन रहे है। बिजली विभाग में बिलिंग ब्यवस्था निजी हाॅथों में होने के कारण उपभोक्ता खून के आॅंसू पीकर चुपचाप बैठा है प्रारम्भ से ही यह ब्यवस्था विवादित रही मनमानी व गड़बड़ी का शिकार बिजली विभाग और उपभोक्ता दोनों है। विभागीय स्तर पर बिजली लोड बनाने की एक निष्चित प्रक्रिया है उसको अपनाएं बगैर निजी कर्मी बिजली लोड बनाने की प्रक्रिया को कैसे अपनाएं बगैर बढ़ा रहे है। यह जांच का विषय है। उदाहरण के लिए सुभाष नगर के प्यारेलाल कन्हई पुरवा के मोहन सिंह ने दो किलो के बिजली कनेक्षन ले रखे थे। फिर उनका कनेक्षन 3 किलो वाॅट का कैसे हो गया जब कि अभिलेखों मंें उनका लोड बढ़ा ही नहीं शो हो रहा है। लोड बढ़वाने की सिक्योटिरी फीस 350 रूपए है जबकि सिस्टम लोडिंग दो सौ रूपए प्रोसेसिंग फीस घरेलू के 100 रूपए और वाणिज्यिक के लिए 200 रूपए की है। पहले यह राषि घटाई भी गई थी। इस संबंध में अभियंता एमके अहिरवार का यह कहना समझ में नहीं आता है। कि षिकायत करने पर जांच की जाएगी। तो पहले से ही ऐसी नौबत क्यों आ रही हैै। जिससे आम आदमी परेषान होता है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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दो घंटे ठप रही मोबाइल सेवा, प्लांट में छिपकली का कमाल

Posted on 11 November 2011 by admin

भारत संचार निगम की पावर प्लांट में छिपकली घुस गई और अपनी कारगुजारी धमाचैकड़ी लुकाछिपी के खेल से सभी को परेषानी में डाल दिया। उपकरणों की आपूर्ति ठप हो गई। मोबाइल फोन डब्लूएलएल फोन सभी कुछ जनपद में एक ठहराव सा आ गया। लगभग दो लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं का देष से संपर्क बिल्कुल टूट गया। सुबह आठ बजे से 10.30 बजे के बाद उसमें फाल्ट ढूढ़ी गई। रिस्टोर किया गया पसीने पसीने हो गए इंजीनियर टेक्निषियन तथा उनके अफसर फाल्ट ढूढ़ने के बाद फाल्ट ठीक करने मंे कामयाब हो पाए। गनीमत यह रही कि बेसिक सेवा काम करती रही। सेवा ठप हो जाने पर बेसिक फोन के द्वारा संपर्क करके लोगों ने वस्तु स्थिति की जानकारी ली। मुख्य अभियंता कार्यालय लखनऊ रोड पर सब जमा हुए और लिंग सिस्टम फेल होनेे की जानकारी सभी को मिली। पावर लाइन चेक करने के बाद मालूम हुआ कि थ्री फेज लाइन पर एक छिपकली घुस गई है और सिस्टम को पूरी तरह फेल कर चुकी है। मीडिया लिंग के सारे कनेक्षन फेल होने के बाद पूरे सिस्टम को उसने फेल कर दिया। सिस्टम फेल होने का कारण उसके मर जाने के बाद शार्ट सर्किट रहा। टेक्निषियनों ने उसे निकालकर बाहर फेका और ठीक करके पावर कनेक्षन चालू किया। तब सबको राहत मिली। टीडीएम अषोक कुमार द्वाा जानकारी दी गई कि पावर प्लांट में छिपकली फसने और मरने से सर्किट शार्ट हो गया था। जिससे सेवा प्रभावित हुई। जो अब ठीक होकर बहाल हो गई है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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श्री कलराज मिश्र जी के कानपुर प्रेसवार्ता के मुख्य बिंदु

Posted on 10 November 2011 by admin

    भ्रश्टाचार केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार का संयुक्त उपक्रम हो गया है। दोनों एक दूसरे के भ्रश्टाचार का समर्थन कर रहे हैं और सरकार को नोट छापने की टकसाल में बदल दिया है। भ्रश्टाचार के इस संयुक्त उपक्रम पर भाजपा ताला लगाएगी। मैं जनता का आवाह्न करता हूं कि भ्रश्टाचार और अपराध की इस लहलहाती फसल को काटकर खलिहानों में आग लगा दें और उससे एक मसाल जलाएं जो प्रदेश को सुशासन और संमृद्धि की ओर ले जाएं।
    जनसमस्याओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए दोनों में चिट्ठी युद्ध चल रहा है। लोक लुभावन वादों की प्रतिस्पर्धा लगी हुई है। चाहे नए राज्य के गठन की बात हो अथवा मजहबी आरक्षण की दोनों एक दूसरे से आगे बढ़ना चाहते है। जनस्वास्थ्य को भी इन्होंने राजनीति का मुद्दा बना लिया पूर्वांचल में फैला इन्फ्लाइटिस राजनीतिक वाकयुद्ध का िशकार हो गया। केंद्र व प्रदेश एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करते रहे और लोग बीमारी से मरते रहे।
    भ्रश्टाचार के खिलाफ लड़ाई और अब जन आंदोलन बन चुकी है। इस लड़ाई को लड़ने वाले हर व्यक्ति को बिना मांगे हमारा नैतिक समर्थन है। श्री श्री रविशंकर की बात से मैं सहमत हूं। अध्याित्मक देश में आजादी की लड़ाई के समय भी धर्म गुरूओं की महती भूमिका रही है। अध्यात्म ही इस देश की प्राण वायु है। भ्रश्टाचार के खिलाफ जनआंदोलन को धर्म गुरूओं का समर्थन निर्णायक परिणाम तक पहुंचाएगा।
    कांग्रेस अध्यक्षा के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं। जिम्मेदार पदों पर बैठे लोंगो से ऐसे गैर जिम्मेदार बयानों की अपेक्षा नही की जाती। उन्हें देश की जनता के सामने यह स्पश्ट करना चाहिए था कि उन्होंने भ्रश्टाचार के खात्में के लिए क्या पहल की। सांप्रदायिक एवं लच्छित विधेयक 2011 में तेजी दिखाने की अपेक्षा उसी तरह की तेजी भ्रश्टाचार को ख़त्म करने के लिए दिखाती तो बेहतर होता।
    उ0प्र0 की वर्तमान बसपा सरकार व उसके मंत्री अकूत संपत्ति अर्जित करने में लगे हैं। मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगण भी आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच के घेरे में हैं। हमारा यह नििश्चत मानना है कि 2004 और 2011 के बीच मुख्यमंत्री सहित उनके मंत्री मंडल के अधिकांश सदस्य आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोशी है। हमारी मांग है कि मुख्यमंत्री पर आय से अधिक संपत्ति रखने का एक नया मामला दर्ज हो और उनके द्वारा 2007 के बाद अर्जित की गई संपत्तियों की जांच हो।
    कानपुर कभी पूरब का मानचेस्टर कहा जाता था। कानपुर की पहचान औद्यौगिक इकाईयों के केंद्र के रूप मे थी। अब इसकी पहचान बीमार और बंद पड़ी औद्योगिक इकाईयों के केंद्र के रूप में बन गई है।
    बसपा सरकार ने विकास की गाड़ी को पटरी से उतार दिया है। बसपा सरकार के साढे़ चार साल के कार्यकाल को उ0प्र0 के दुर्भाग्यशाली दिनों के रूप में याद किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गुजरात के विकास माडल का अध्ययन तो कराया लेकिन मूर्तियों और स्मारकों के प्रेम के कारण उसे लागू नहीं किया ।
    आज यहां अपराध और अपहरण नया उद्योग बन गया है। बच्चों के बढ़ते अपहरण की घटनाओं के  साथ ही बसपा शासनकाल में कानपुर शहर विकास को लेकर नहीं बल्कि मासूम बच्ची दिव्या के साथ हुए बलात्कार को लेकर सुर्खियों में आया।
    केंद्र सरकार ने गंगा को राश्ट्रीय नदी तो घोशित कर दिया किंतु गंगा की दशा और दुर्दशा आपके  सामने है।
    पत्रकारों के प्रश्न के उत्तर में कहा कि भाजपा साफ़ सुथरी छवि के लोगोें को मैदान में उतारेगी। नो करेप्ट नो क्रिमिनल।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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