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बुन्देलखंड चुनावी ऊट किस करवट बैठेगा

Posted on 22 February 2012 by admin

क्या बुन्देलखण्ड में कांग्रेस के लिये चमत्कार होने वाला है यह प्रश्न राजनैतिक धरातल पर कुछ यादगार बातो को लेकर उछाला जा रहा है। इस प्रश्न के पीछे बुन्देलखण्ड पैकेज की लूट को राहुल गांधी ने मुद्दा बनाने के साथ-साथ बुन्देलखण्ड की खनिज सम्पदा पर बसपाराज में पड़ी खुली डकैती और उससे उपजे पौन्टी चड्डा गिरोह पर कसता शिंकजा के कारण बसपा को उसी के गढ़ में इस तरह घेरा गया है कि 19 में से 15 सीटों पर काबिज बहुजन समाज पार्टी की हवा निकलती दिख रही है। कांग्रेस ने बसपाई वोटों फसल को हथियाकर हाथी को हाथ ने जो करारी मात देने की कोशिश की है उससे हाफता हाथी अपने ही बचे खुचे गढ़ को खुद ही रौंद रहा है। नतीजे क्या निकलेंगे यह तो वक्ता बतायेगा लेकिन राजनैतिक धरातल पर बुन्देलखण्ड से कांग्रेस ने जो दाॅव खेला है। उसने बसपा के बड़े-बड़े सूरमाओं को भयभीत कर दिया है। उत्तर प्रदेश में सबसे पहले पैठ हासिल करने वाला बहुजन समाज पार्टी का गढ़ बुन्देलखंड दरकता नजर आ रहा है। वर्ष 1987 के राठ उपचुनाव में दूसरे नम्बर पर आकर बुन्देलखंड में धमक दार दस्तक देने वाली बसपा के खाते में वर्ष 2006 में 21 में से 14 सीटो ंपर विजय मिली थी लेकिन 2011 आते-आते सबकुछ ठीकठाक नही रहा है। बसपा के सबसे ताकतवर नेताओं में सुमार रहे बाबू सिंह कुशवाहा बगवात कर बाहर हो चुके है। तो पूर्व मंत्री बादशाह सिंह बगावत करके भाजपा की गोदी में बैठ गये है और अब महोबा से भाजपा के प्रत्याशी है।  टिकिट कटा चुके मंत्री दद्दू प्रसाद, पूर्व मंत्री रतन लाल अहिरवार तथा हरिओम उपाध्याय अन्दर ही अन्दर नाराज है। कब क्या गुल खिला दे कहना कठिन है। इन हालातो ंके चलते बसपा ने झांसी के निवर्तमान विधायक कैलाश साहू तथा ललितपंर की निवर्तमान विधायक सुमन कुशवाहा के साथ-साथ मेहरौनी क्षेत्र के विधायक रामकुमार तिवारी तथा नरैनी से विधायक रहे पुरूषोत्तम द्विवेदी टिकिट काटकर पार्टी में है। बहुजन समाज पार्टी ने मानिकपुर से ग्रामीण विकास मंत्री दद्दू प्रसाद की धर्म पत्नी हीरा देवी को पहले टिकिट दिया बाद में उनके स्थान पर चन्द्रभान पटेल को प्रत्याशी बनाया है। यहाँ समाजवादी पार्टी ने पूर्व सांसद श्यामा चरण गंुप्त तथा कांग्रेस ने गुलाबी गैंग कमाण्डर सम्मतपाल को मैदान में उतारा है। बीजेपी ने पुष्पा मिश्रा को प्रत्याशी बनाया है। लेकिन मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र में बसपा की राहे आसान नही दिख रही है। कांग्रेस और सपा के बीच ही सीधे संघर्ष होने की संभावना बन रही है।  यही हाल कर्वी चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र से है। जहाँ बहुजन समाज पार्टी ने निवर्तमान विधायक दिनेश प्रसाद मिश्र का टिकट काट कर रामसेवक शुक्ला को मैदान में उतारा है। सपा ने वर्तमान सासद के बेटे सुनील पटेल को ददुआ के बेटे वीर सिंह का टिकिट काट कर उम्मीदवार बनाया था बाद मंे फिर वीर सिंह को टिकिट थमा दिया गया है। कांग्रेस ने ठाकुर कार्ड खेलते हुये युवा उम्मीदवार पुष्पेन्द्र सिंह को मैदान में उतारा है। भाजपा के प्रत्याशी के रूप में चन्द्रप्रकाश उपाध्याय मैंदान में है।  सपा को आन्तरिक गुट बाजी का शिकार होना पड़ सकता है। जिसकंे कारण मुकाबला कांग्रंेस बसपा के बीच दिख रहा है। बांदा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने निवर्तमान विधायक विवेक कुमार सिंह को पुनः मैदान में उतारा है, तो सपा ने भाजपा से आयी अमिता बाजपेयी और बसपा ने एक नया चेहरा दिनेश चन्द्र शुक्ला पर दाॅव खेला है। कांग्रेस और बसपा में मुकाबला होने की सम्भावना नजर आती है। नरैनी विधानसभा क्षेत्र से जहाँ समाजवादी पार्टी ने भरत लाल दिवाकर को उम्मीदवार बनाया है। तो कांग्रेस ने महेन्द्र अहिरवार को तथा बहुजन समाज पार्टी ने गया चरण दिनकर को उतारा है। महेन्द्र वर्मा और गयाचरण दिनकर एक ही बिरादरी होने के बावजूद भी उनको दोनेां की बीच करारी टक्कर होती नजर आ रही है। बबेरू विधानसभा क्षेत्र से सपा ने अपने निवर्तमान विधायक विशम्भर यादव को मैदान में उतारा है। तो कांग्रेस ने कभी भाजपा से मंत्री रहे शिवशंकर पटेल को उतारा है। बसपा ने बृजमोहन सिंह कुशवाहा को  प्रत्याशी बनाया है। यह क्षेत्र पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा का होने के कारण बसपा ने कुशवाहा कार्ड खेल कर अपना आधार मजबूत करने का प्रयास किया है। लेकिन बाजी बसपा हाथ में न आये इस कोशिश में लगे बाबू सिंह कुशवाहा के कारण भाजपा का प्रत्याशी मुकाबले में होने के कारण यहां त्रिकोणीय मुकाबले की सम्भावना बन रही है। तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी ने अपने निवर्तमान विधायक विशम्भरर प्रसाद निषाद को पुनः मैदान में उतारा है वही दूसरी ओर कांग्रेस ने ठाकुर दलजीत सिंह तथा बसपा ने भी रमेश प्रजापति को पहले उम्मीदवार घोषित किया लेकिन अन्तिम समय में बसपा ने अच्छेलाल निषाद को प्रत्याशी बना दिया है। यहां कांग्रेस और सपा में आमने सामने का मुकाबला दिख रहा है। महोबा विधानसभा क्षेत्र से बसपा ने अपने निवर्तमान विधायक राकेश गोस्वामी की टिकिट काट कर सपा से बसपा में आये रज्जू बुधौलिया को उम्मदीवार बनाया है तो भाजपा ने बसपा से आये बादशाह सिंह को उम्मीदवार बनाया तो सपा ने सिद्ध गोपाल साहू तथा कांग्रेस ने ठाकुर अरिमर्दन सिंह को उम्मीदवार बनाया है। गौरतलब है कि इस विधानसभा क्षेत्र से लड़ रहे सभी प्रत्याशी दलबदलू है । सपा के सिद्ध गोपाल साहू पिछले चुनाव में सपा से विद्रोह कर निलोपा से चुनावी लड़े थे तथा लोकसभा का चुनाव कांग्रेस की टिकिट पर लड़ चुके है। यही हाल बसपा के रज्जू बुधौलिया का है। वह सपा से  बसपा में आये है। दलबदलुओं के कारण यहां मुकाबला त्रिकोणीय और रोचक होगा। राठ सुरक्षित क्षेत्र से बसपा ने चरखारी से विधायक रहे रामसहाय अहिरवार को उम्मीदवार बनाया है तो सपा ने पूर्व विधायक अमरीश कुमारी और कांग्रेस ने गयादीन अनुरागी पर दाॅव लगाया है। भाजपा ने अनिल अहिरवार को उम्मीदवार बनाया है राठ विधानसभा क्षेत्र मंे त्रिकोणीय संर्घष होने की सम्भावना दिख रही है।
चरखारी विधानसभा से बसपा ने निवर्तमान विधायक घूराम लोधी सपा ने कप्तान सिंह राजपूत और कांग्रेस ने राम सजीवन यादव पर दाॅव लगाया है। सपा बसपा तथा भाजपा के लोध प्रत्याशी होने के कारण कांग्रेस का प्रत्याशी मजबूत दिख रहा है। भाजपा ने फायर ब्रांड नेत्री उमाभारती को मैदान में उतारा है। हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी में कभी बसपा में रहे शिवचरण प्रजापति को टिकिट दी है। वही कांग्रेस ने केशव शिवहरे तथा बसपा ने फतेह मोहम्मद खान उम्मीदवार बनाया है। यहां भी चतुर्णीय मुकाबला हो सकता है। वर्ष 2007 के चुनाव में जिले की चार में तीन सीटों पर बसपा ने कब्जा किया था। इस बार नये परिसीमन से इलेक्शन हो रहे हैं जिसके जिसमें चार की बजाए जिले में तीन विधान सभी सीटें ही बची हैं। न जाने सोशल इंजीनियरिंग के कौन से फंडे को अपनाते हुए बसपा ने अपनी तीनों सीटिंग एमएलए के टिकट काट कर नये खिलाडि़यों को मौका दे दे दिया। परंतु प्रमुख प्रतिद्वंदी दल भाजपा ने कालपी विधानसभा को छोड़ माधौगढ़ और उरई विधान सभा सीट से पिछले चुनाव में हारे हुए प्रत्याशियों को ही फिर से टिकट दिया है। माधौगढ़ से भाजपा के प्रत्याशी संतराम सिंह सेंगर न सिर्फ वर्ष 2007 के चुनाव में हारे बल्कि 2002 के इलेक्शन में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। मगर इसके बावजूद क्षेत्र में सक्रियता की वजह से संतराम सेंगर पर भाजपा ने फिर से भरोसा जताया जबकि इस सीट पर जदयू दावा ठोक रही थी। संतराम सिंह का टिकट न काटना पड़े इसके लिए भाजपा का जदयू से गठजोड़ तक टूट गया। उरई विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के दूसरे प्रत्याशी गौरीशंकर वर्मा भी पिछले चुनाव के हारे हुए उम्मीदवार हैं। पिछली बार वे कोंच विधानसभा क्षेत्र से चुनाव में खड़े हुए थे लेकिन इस बार कोंच विधानसभा खत्म हो गई है सो उन्हें उरई से प्रत्याशी बना दिया गया। समाजवादी पार्टी ने भी पिछले विधान सभा चुनाव में हारे हुए उम्मीदवारों में से एक को फिर प्रत्याशी बनाया है। उरई से प्रत्याशी बनाये गए दयाशंकर वर्मा पिछले चुनाव में कोंच से उम्मीदवार थे जहां उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था। कोंच सीट खत्म हो गई तो सपा ने पुराने नतीजे की परवाह न करते हुए फिर से दयाशंकर पर दांव खेला। कांग्रेस की कहानी थोड़ी सी जुदा है। 2007 के चुनाव में उरई विधानसभा सीट से विनोद चतुर्वेदी ने जीत दर्ज की लेकिन इस बार सीट अनुसूचित जाति आरक्षित होने की वजह से विनोद चतुर्वेदी को माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र से भाग्य आजमाना पड़ रहा है। उरई सीट से डा. रामाधीन उम्मीदवार है। 2007 के विधानसभा चुनाव में तो डा. रामधीन मैदान में नहीं थे लेकिन 2009 का लोकसभा चुनाव उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लड़ा और उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था। इस तरह वे भी हारे हुए महारथियों की फेहरिस्त में शामिल हैं।उरई सुरक्षित क्षेत्र से बसपा ने सत्येन्द्र प्रताप अहिरवार को उम्मीदवार बनाया है तो सपा ने पूर्व मंत्री दयाशंकर वर्मा तथा कांग्रेस ने बसपा के बड़े नेता रहे रामादीन अहिरवार को मैदान में उतारा है। भाजपा गौरी शंकर वर्मा पर दाॅव लगा रही है। यहाॅ चतुरकोणीय मुकाबला दिख रहा है। माधौगण विधानसभा क्षेत्र से निवर्तमान विधायक हरिओम का टिकट काट कर संतराम कुशवाहा को भेजा गया है। भाजपा ने संतराम सिंह सेंगर को टिकट दी है, तो कांग्रेस के निवर्तमान विधायक विनोद चतुर्वेदी सपा के ठाकुर केशवेन्द्र सिंह मैदान में है।यहाॅ मुकाबला दिलचस्प बन गया है। कालपी विधानसभा क्षेत्र से बीएसपी ने अपने निवर्तमान विधायक छोटे सिंह चैहान का टिकट काट कर संजय सिंह भदौरिया को प्रत्याशी बनाया है। तो वही समाजवादी पार्टी ने चैधरी विष्णुपाल सिंह तथा कांग्रेस ने उमाकान्ति सिंह को उम्मीदवार भाजपा ने स्वतंत्रदेव सिंह को प्रत्याशी बनाया है। झांसी विधानसभा क्षेत्र से बसपा ने अपने निवर्तमान विधायक कैलाश शाहू की टिकिट काटकर कांग्रेस से बसपा में आये सीताराम कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है। तो सपा ने अस्फान सिद्दीकी को तथा कांग्रेस ने बसपाई रहे ब्रिजेन्द्र व्यास को मैदान में उतारा है। भाजपा ने रवि शर्मा को प्रत्याशी घोषित किया है। लेकिन यहाॅ मुख्य मुकाबला कांग्रेस, भाजपा और बसपा के बीच होता दिख रहा है। गरौठा विधानसभा क्षेत्र से सपा ने अपने निवर्तमान विधायक दीप नारायन सिंह यादव को मैदान में उतारा है। वही दूसरी ओर कांग्रेसी रहेे देवेश कुमार पालीवाल बसपा से उम्मीदवार  बने है। कांग्रेस ने राजा रंजीत सिंह जुदेव को फिरसे मैदान में उतारा है। यहाॅ त्रिकोणीय संघर्ष बनता दिख रहा है। मऊरानीपुर सुरक्षित क्षेत्र बसपा ने निवर्तमान विधायक भगवती सागर के स्थान पर राजेन्द्र राहुल अहिरवार को  टिकिट दी है । कांग्रेस ने पूर्व मंत्री बिहारी लाल आर्य सपा ने रामरती आर्या तथा भारतीय जनता पार्टी ने प्रयागी लाल अहिरवार को प्रत्याशी बनाया है। यहाॅ कांग्रेस और भाजपा का सीधा मुकाबला है।  बबीना विधानसभा क्षेत्र से सपा ने पूर्व सांसद चन्द्रपाल सिंह यादव कांग्रेस ने राजेन्द्र सिंह यादव तथा बसपा ने लोध उम्मीदवार उतारा है। वही भाजपा से श्याम सुन्दर सिंह यादव के प्रत्याशी बनाये जाने की सम्भावना है। यहाॅ पूर्व मंत्री रतनलाल अहिरवार का टिकिट काटकर बसपा ने लोध उम्मीदवार का जो दाॅव खेला है। वह कितना कामयाब होता है यह तो वक्त ही बतायेगा। ललितपुर विधानसभा क्षेत्र में बहुजन समाज पार्टी ने अपनी निवर्तमान विधायक सुमन देवी कुशवाहा का टिकिट काटकर रमेश कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया है। वही कांग्रेस ने पूर्व मंत्री विरेन्द्र सिंह बुन्देला और समाजवादी पार्टी ने चन्द्रभान सिंह बुन्देला को टिकिट दी है। कांग्रेस और सपा के उम्मीदवार चचा भतीजे है। पहली बार इस सीट पर बुन्देला बंधुओं के आमने-सामने होने से रोचक मुकाबला देखने को मिलेगा। मेहरौनी सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से बसपा ने फेरनलाल अहिरवार को उम्मीदवार बनाया है वही कांग्रेस ने रमेश खटिक तथा समाजवादी पार्टी ने मुन्ना लाल रजक तथा भारतीय जनता पार्टी ने मन्नू कोरी को मैदान में उतारा है। यहाॅ मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच होता नजर आ रहा है। जातिगत समीकरणों को देखे तो कांग्रेस ने बुन्देलखंड में ठाकुरो पर दाॅव खेला है तो बसपा ने ब्राहा्रणों पर दाॅव खेला है तथा तीन कुशवाहा उम्मीदवार उतार कर बाबू सिंह कुशवाहा की विद्रोह की आग को ठंडा करने का प्रयास किया है। सपा यादव मुस्लिम के सहारे बुन्देलखंड में अपनी नयैया पार लगाने की कोशिश कर रही है। लेकिन इस नाव को मजधार में फॅसाने की कोशिश के लिये बुन्देलखंड कांग्रेस आड़े आ रही है। बुन्देलखंड कांग्रेस का पीस पार्टी, इण्डियन जस्टिस पार्टी तथा अपना दल से गठबंधन होने के साथ-साथ 16 सीटों पर बुन्देलखंड कांग्रेस अपने उम्मीदवार उतारकर सपा और कांग्रेस की राह कठिन करने के लिये तैयार दिख रही है। राजविभाजन का दाॅव खेल कर बसपा सुप्रीमों मायावती ने बुन्देलखंड के लोगों के मनों में पल सपनों को जगाया तो कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी ने बुन्देलखंड पैकेज दिलाकर तथा बुन्देलखंड पैकेज की लूट के कारण बसपा को कटघरे में खड़ा किया है। सपा के लिये बुन्देलखंड में कहने के लिये भले ही कुछ न हो लेकिन मजबूत पार्टी कैडर के कारण सपा को बुन्देलखंड में कम नही आका जा सकता है। बुन्देलखंड में सूपड़ा साफ करा चुकी भारतीय जनता पार्टी को बुन्देलखंड की तेज तर्ररार उमाभारती के सहारे इस बार मजबूत दावेदारी हासिल करने की अपेक्षा है। देखना यह है कि चुनावी ऊट बुन्देलखंड में किस करवट बैठता है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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सवर्णों की नज़र में-हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और

Posted on 21 February 2012 by admin

Û    ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्यों का पहले उपयोग फिर तिरस्कार बसपा को महंगा पड़ेगा।
Û    ब्राह्मण वर्ग राष्ट्रवाद और धर्म पर आघात करने वाली भ्रष्ट ताकतों को बर्दाश्त नहीं करता।
Û     भारतीय संस्कृति में ब्राह्मणों को समाज का मुख कहा गया है परन्तु उन्हंे समझ में आ गया है कि बसपा के लिये ये मुख नहीं केवल मुखौटे हैं।
Û    बसपा एवं उसके सहयोगी साहित्य में सवर्णों के लिये ही नहीं बल्कि देवी-देवताओं के लिये भी अपमानजनक टिप्पणियां आज भी पढ़ाई जाती हैं।

untitled-21उत्तर प्रदेश के चुनावी समर पर पूरे देश की निगाहें लगी हैं। 2014 के भावी लोकसभा चुनाव की बानगी साबित होगा यह चुनाव। प्रदेश का चुनावी परिदृश्य काफी दिलचस्प है। जातीय समीकरणों की चर्चा जरूरत से ज्यादा है। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, पंजाबी, खत्री, कायस्थ आदि सवर्ण जाति के मतदाताओं को भी जाति आधारित खांचों में देखा जा रहा है।
उ.प्र. की सत्ता पर सवार होते ही बसपा की मुख्यमंत्री मायावती ने भाषा बदली, भाव नहीं। उन्होंने  पहले ब्राह्मणों का साथ लेकर सत्ता हथियाई और फिर ब्राह्मणों को अपमानित करना शुरू कर दिया।  मायावती ने पहले ब्राह्मणों को लालबत्ती देकर अपने को ब्राह्मणों का हितैषी साबित किया। फिर धीरे-धीरे ब्राह्मणों का विरोध ही नहीं अपमानित करने में भी उन्होंने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। ब्राह्मणों को कम मंत्री पद दिये, जिन्हें दिये उन्हें हटा दिया, चाहे वह रंगनाथ मिश्र हों या राकेशधर त्रिपाठी या अनन्त कुमार मिश्र।
ब्राह्मणों को पहले पदारूढ़ करना और फिर पद्दलित करना बसपा की सियासत है। आईएएस अधिकारियों मंे भी बसपा ने पहले उनका उपयोग किया फिर चुन-चुनकर  ब्राह्मण अधिकारियों को अपमानित किया, जिसमें वी.एस. पाण्डेय जैसे कई उदाहरण हैं। और बाद में बसपा के सबसे बड़े ब्राह्मण मुखौटे सतीश चन्द्र मिश्र भी मुख्यमंत्री के चहेते अधिकारियों के आगे बेबस नजर आये। ब्राह्मण विरोधी बसपा की राजनीति देखकर ब्राह्मण मतों का झुकाव भाजपा की ओर हो गया है।
पूरा हिन्दुस्तान जानता है कि ‘स्टेट गेस्ट हाउस काण्ड’ जिसमें अगर भाजपा नेता स्व. ब्रह्मदत्त द्विवेदी न पहुंचते तो मुलायम समर्थक सपा के गुण्डों द्वारा मायावती को जान बचाना मुश्किल हो जाता। मायावती और उनकी सरकार स्व. द्विवेदी को सत्तामद में भूल गयी।  मायावती ने द्विवेदी के पुत्र के साथ भी सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया।
ब्राह्मणवाद का दावा करने वाली बसपा ने 2007 की अपेक्षा इस बार के विधानसभा चुनाव में ब्राह्मणों को टिकट भी कम दिये हैं। कांग्रेस ने भी ब्राह्मणों को मात्र 35 टिकट दिये जबकि भाजपा ने 78 टिकट ब्राह्मणों को और 74 टिकट क्षत्रिय नेताओं को दिये। क्षत्रिय नेताओं के प्रति भी बसपा का रवैया हमेशा से ही घनघोर विरोधी रहा है।
भाजपा सांस्कृतिक मुद्दों को उठाने वाली लोकतांत्रिक पार्टी होने के कारण ब्राह्मण और अन्य सवर्ण वर्ग की पहली पसंद है। भाजपा के दिग्गज नेता पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी, मुरली मनोहर जोशी, कलराज मिश्र, केसरीनाथ त्रिपाठी, रमापतिराम त्रिपाठी जैसे आदि ब्राह्मण नेताओं ने कभी भी जातीय राजनीति को तरजीह नहीं दिया। इन नेताओं ने ब्राह्मणों सहित सभी वर्गों को सम्मान देते हुए हमेशा राष्ट्र की मुख्यधारा मंे जोड़ने की सियासी पहल की। हरिजनवाद, मुस्लिमवाद, यादववाद आदि वादों का विरोध किया है।
ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्यों सहित सभी वर्गों को सपा, बसपा की जाति उन्मादी अल्पसंख्यकवाद की राजनीति बुरी लगी। पिछड़ों का हक मारा गया। राजनाथ सिंह सरकार ने अतिदलित, अतिपिछड़ों को वास्तविक आरक्षण का कानून दिया। बसपा ने खारिज किया। यह बात ब्राह्मणों, क्षत्रियों व वैश्यों को भी बुरी लगी है। सरकार की ओर से किसी भी वर्ग और अन्य सवर्णों को किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिला। कांग्रेस ने कई वर्षों तक सत्ता का लाभ उठाया। जाति उन्माद की गाड़ी पर सवार सपा ने भी सत्ता का लाभ उठाया।
बसपा का कोई सिद्धांत नहीं। उसने कमजोर वर्गों को अपने पाले में करने के लिए तिलक, तराजू और तलवार-इनको मारो जूते चार’ की नारेबाजी की। तिलक को ब्राह्मणों का, तराजू को वैश्यों का व तलवार को क्षत्रियों का प्रतीक जाना गया। बसपा ने तीनों के विरुद्ध अभियान चलाया। उसने निर्दोष दलितों को गोलबंद करने की जाति उन्मादी राजनीति चलाई। चुनावी राजनीति के लिए एक अधिवक्ता को ब्राह्मण चेहरा बनाया। उन्हीं के अनेक रिश्तेदारों को सत्ता के पद दिए गये। लेकिन भ्रष्टाचार के कारण बसपा की साख गिरती रही तो उसने अल्पसंख्यकों की हितैषी बनने का शिगूफा छोड़ा। 2012 के विधानसभा चुनाव मंे बसपा अपने नये चेहरे के साथ चुनाव मैदान में है। सामान्य वर्ग का मतदाता पूरी तौर पर बसपा से छिटक गया है।
ब्राह्मणों की हितैषी होने का दावा करने के बाद भी आज तक मायावती ने ईश्वर के नाम की न शपथ नहीं ली और न ही मंदिर मंे जाकर मत्था टेका। जासूसी के लिये विख्यात ‘विकीलिक्स’ ने इस बात का दावा किया था कि किसी विदेशी राजनयिक से श्री सतीश चन्द्र मिश्र ने स्वयं कहा था कि ‘मुख्यमंत्री भ्रष्ट और निरंकुश हैं। ऐसी बातें लाख दाबी जायं, दबती नहीं हैं। बसपा सरकार का चरित्र सबके सामने आया। दलित एक्ट के फर्जी मुकदमों की बाढ़ आई। अगड़े पिछड़े फर्जी मुकदमों का शिकार हुए। दलित एक्ट के सही मुकदमें दर्ज नहीं हुए। बसपा ने दौलत के अलावा किसी भी वर्ग पर गौर ही नहीं किया।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर व राष्ट्रवाद सवर्णों को प्रिय है। इस बार कांग्रेस के मजहबी आरक्षणवाद का गुस्सा है। बसपा-सपा द्वारा केन्द्र में कांग्रेस नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार को खुला समर्थन दिया जा रहा है। लेकिन उ.प्र. में नूराकुश्ती है। मतदाताओं को केन्द्र में तीनों का साथ साफ दिखाई पड़ रहा है।
भ्रष्टाचार में आकण्ठ डूबी केन्द्र की कांग्रेसी एवं राज्य की बसपा सरकार से प्रदेश का युवा वर्ग भी चिढ़ा बैठा है। युवा वर्ग को
मताधिकार तो प्राप्त हो गया है लेकिन रोजी-रोजगार का अधिकार बसपा और कांग्रेस ने नहीं दिया। इस बार युवाओं का बढ़ा मत बसपा के लिये मारक साबित होगा। युवाओं की बात करने वाले कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी हैरान हैं। सपा के अखिलेश यादव की बात कोई सुनने को तैयार नहीं। यह वर्ग भाजपा से ही उम्मीद कर जुड़ता जा रहा है।
पढ़ा-लिखा युवा शहरी मध्य वर्ग अैर सवर्ण जातियां भ्रष्टाचार को लेकर आज आक्रोशित हैं। सपा एवं बसपा के मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के मामलों मंे चार्जशीटेड हैं एवं कांग्रेस के अनेक मंत्रियों पर मुकदमें चल रहे हैं। 2जी मामले पर जांच करने वाली संसदीय कमेटी की रिपोर्ट रुकवाने के लिये जिस बेशर्मी से सपा-बसपा ने कांग्रेस का समर्थन किया था उस कारण से युवा एवं सवर्ण वर्ग इन तीनों से काफी नाराज है। अतः भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिये युवा वर्ग, शिक्षित वर्ग, सवर्ण एवं विशेषकर ब्राह्मणों मंे भाजपा की तरफ एक गहरा रुझान दिख रहा है।
कांग्रेस ने भी इस बार ब्राह्मणों के टिकट आधे और मुसलमानों के टिकट डेढ़ गुने कर दिये हैं यानी ब्राह्मणों का हिस्सा मुसलमानों को दिया है। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य वर्ग बदलाव के पक्ष में है ताकि सूबे से जातिवादी, मजहबी राजनीति और भ्रष्टाचार समाप्त हो।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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कोई व्यक्ति खुश नहीं है, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा संसाधनों का अभाव है

Posted on 19 February 2012 by admin

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी आज विरोधियों पर जमकर गरजे, कांग्रेस, बसपा को भ्रष्टाचारी व सपा को अत्याचारी करार देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस दिल्ली में तो बसपा लखनऊ में लूटमार कर रही है।
श्री गडकरी ने दिबियापुर में भाजपा प्रत्याशी शिवप्रताप राजपूत के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा में नितिन गडकरी ने खुद को किसान का बेटा बताते हुए अपनी बात शुरू की। यूपी की बदहाली पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यहां की जमीन देखकर दूसरे प्रदेशों को ईष्र्या होती है लेकिन गंदी सियासत करने वालों ने इसे इस दशा में पहुंचा दिया कि कोई व्यक्ति खुश नहीं है, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा संसाधनों का अभाव है। अटल सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करने के साथ ही उन्होंने मौजूदा केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार की जमकर खिल्ली उड़ाई।
श्री गडकरी ने कहा कि बटला हाउस प्रकरण उठाते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर आतंकियों की मौत पर ही सोनिया के आंसू क्यों आते हैं। शहादत देने वाले पंडित मोहन चंद्र शर्मा के परिवार की वह लोग चिंता क्यों नहीं करते। शहादत देने वालों की अवहेलना व आतंकवादियों के प्रति संवेदना। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक गरीबी हटाओ का नारा दे रहे हैं लेकिन अब तक गरीबी क्यों नहीं हटी। सीधे तौर पर इसके लिए जनता को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जब तक जाति की सियासत होगी तब तक विकास नहीं होगा और न ही यूपी की तस्वीर सुधरेगी। सपा शासन में हुए अत्याचार व कांग्रेस, बसपा सरकार के भ्रष्टाचार के प्रमुख बिंदुओं को उठाते हुए उन्होंने राममंदिर निर्माण का वादा भी दोहराया। यह भी घोषणा की कि भाजपा पिछड़े वर्ग के आरक्षण में कटौती नहीं होने देगी। कांग्रेस हटाओ आतंकवाद मिटाओ का नारा देते हुए उन्होंने महंगाई को लेकर केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की। प्रत्याशी शिवप्रताप राजपूत, जिलाध्यक्ष अनिल गुप्त, पूर्व विधायक केके राज आदि ने भी सभा को संबोधित किया। अध्यक्षता अटल बिहारी चतुर्वेदी व संचालन डा. ओपी सिंह ने किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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आज चौथे चरण का प्रचार सायं 5.00 बजे से बन्द

Posted on 17 February 2012 by admin

  • 11 जिलों के 56 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में 19 फरवरी को होगा मतदान
  • 1.74 करोड़ मतदाता करेंगे 967 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला
  • इस चरण में 29391 ईवीएम की बैलेटिंग यूनिट का होगा प्रयोग
  • 18609 पोलिंग पार्टियां कल से अपने पोलिंग स्टेशनों पर करेंगी प्रस्थान
  • 95.83 लाख पुरूष तथा 78.30 लाख महिलाएं करेंगी मतदान
  • 22 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में होगा 2 बैलेटिंग यूनिट  का प्रयोग
  • मतदाताओं की सहूलियत के मद्देनजर बनाये गये हैं 18609 पोलिंग स्टेशन
  • पर्याप्त पुलिस एवं सुरक्षा बल होगें तैनात

विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2012 के चौथे चरण में 11 जिलों- हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, छत्रपति शाहूजी महाराजनगर, फर्रूखाबाद, कन्नौज, बाॅंदा, चित्रकूट, फतेहपुर एवं प्रतापगढ़ के 56 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में 19 फरवरी को मतदान होगा। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदान समाप्त होने के 48 घण्टे पूर्व चुनावी प्रचार रोक दिये जाने के अनुपालन में आज सायं 5.00 बजे तक प्रचार बन्द हो गया है। आयोग ने यह निर्देश दिये हैं कि प्रचार अवधि समाप्त होने के पश्चात् जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि राजनैतिक महानुभाव, पार्टी कार्यकर्ता तथा प्रचारक जो विधान सभा क्षेत्र के बाहर के हैं और जो निर्वाचन क्षेत्र के वोटर नहीं हैं वह निर्वाचन क्षेत्र से बाहर चले जाएं। इसके लिए कम्युनिटी हाल/अतिथि गृहों/लाॅंज आदि में रहने वालों की जाॅंच की जाय। इसी प्रकार निर्वाचन क्षेत्र की सीमाओं पर बने चेकपोस्टों पर बाहर से आने वाले वाहनों की भी जांॅच की जाय।
उत्तर प्रदेश की संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती अनीता सी. मेश्राम ने आज यहाॅं यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की सुसंगत धारा के अनुसार किसी भी निर्वाचन के लिए मतदान की समाप्ति के लिए नियत किये गये समय से 48 घण्टे पूर्व सिनेमा, टेलीविजन या इसी प्रकार के अन्य उपकरणों द्वारा जनता के समक्ष कोई निर्वाचन संबंधी सामग्री का प्रसारण नहीं किया जायेगा। यदि कोई ऐसा करता है तो उसे दो वर्ष तक की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि टी0वी0 चैनल ऐसा कोई प्रसारण करते समय यह सुनिश्चित कर लें कि उनके प्रसारण से धारा-126 का उल्लंघन न हो। अतः मतदान समाप्ति के 48 घण्टे पूर्व की अवधि में ऐसी कोई सामग्री, विचार, पैनलिस्ट/प्रतिभागियों द्वारा अपील प्रसारित न की जाय जो किसी भी दल या उम्मीदवार विशेष के अवसरों को प्रभावित करे।
श्रीमती मेश्राम ने बताया कि चैथे चरण में कुल 967 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें 875 पुरूष, 91 महिला तथा अन्य 1 उम्मीदवार शामिल है। इस चरण में 1.74 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकंेगे। इनमें 95.83 लाख पुरूष मतदाता तथा 78.30 लाख महिला मतदाता शामिल हैं। मतदाता की सहूलियत के मद्देनजर कुल 18609 पोलिंग स्टेशन बनाये गये हैं। उन्होंने बताया कि इस चरण में 29391 से अधिक ईवीएम की बैलेटिंग यूनिट का प्रयोग किया जायेगा। 22 ऐसे विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र हैं जहांॅ पर उम्मीदवारों की संख्या 16 से अधिक है। इन निर्वाचन क्षेत्रों में 2 बैलेटिंग यूनिट का प्रयोग किया जायेगा।
श्रीमती मेश्राम ने बताया कि चैथे चरण के मतदान कराने हेतु लगभग सारी तैयारी पूर्ण कर ली गई है। इस चरण के लिए 18609 पोलिंग पार्टियां कल से पोलिंग स्टेशनों हेतु प्रस्थान करेंगी। उन्होंने बताया कि पुलिस बल एवं अर्द्ध सैनिक बल संबंधित जिलों में पहुंच चुकी हैं। इस चरण में भी पर्याप्त पुुलिस बल तैनात की गई हैं जिनमें सेन्ट्रल पैरा मिलिट्री फोर्स तथा पी.ए.सी. बल शामिल हैं।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता को किसी प्रकार की परेशानी न हो इस हेतु आयोग द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं। उन्होंने बताया कि मतदाता मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट बमवनजजंतचतंकमेीण्दपबण्पद पर अपना नाम टाइप करके अपने मतदेय स्थल की सूचना प्राप्त कर सकता है। इसी प्रकार कोई मतदाता अपने मोबाइल से 9212357123 पर अपने मतदाता फोटो पहचान पत्र की संख्या एसएमएस करके अपने पोलिंग बूथ एवं मतदाता क्रमांक की जानकारी सुगमता से प्राप्त कर सकता है।
श्रीमती मेश्राम ने बताया कि सभी मतदाताओं को फोटोयुक्त वोटर पर्ची उनके निवास पर उपलब्ध करायी जा रही है जिसका प्रयोग वह अपनी पहचान के लिए कर सकते हैं। वोटर पर्ची की एक प्रति प्रत्येक मतदान केन्द्र के बाहर स्थापित हेल्प डेस्क पर भी उपलब्ध रहेगी। सभी मतदान केन्द्रों पर मतदान के दिन अंग्रेजी वर्णमाला के अनुसार हिन्दी में मतदाता सूची नाम ढूढने के लिए उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही मतदाता आयोग द्वारा दिये गये पहचान हेतु मतदान फोटो पहचान पत्र के साथ-साथ 14 विकल्पों में से कोई एक वैकल्पिक अभिलेख दिखाकर अपना मतदान कर सकता है, लेकिन शर्त यह है कि मतदाता फोटो नामावली में उसका नाम दर्ज हो।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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मायावती सरकार के कुशासन का कच्चा चिट्ठा पे्रस को जारी किया

Posted on 15 February 2012 by admin

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने आज प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि संपन्न हुए दो चरणों के 114 विधान सभा क्षेत्र के चुनाव में भाजपा को 50-55 सीटें मिलने की उम्मीद हैें। श्री शाही ने कहा जो आज चुनाव संपन्न हो रहे हैं व होने वाले हैं उसमें पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभरेगी तथा सरकार बनाएगी।
श्री शाही ने कहा कि यह प्रदेश भाजपा के दो वर्ष के सत्त संघर्ष का परिणाम है, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आज मायावती सरकार के कुशासन का कच्चा चिट्ठा पे्रस को जारी किया। उन्होंने कहा कि हमने इसके पहले मायावती के 100 घोटाले का कच्चा चिट्ठा जारी किया था। राष्ट्रपति से मिले थे। हमारी अपेक्षा थी कि केन्द्र सरकार सीबीआई या एसआईटी से जांच कराकर उ0प्र0 के आम आदमी को दाल रोटी से मोहताज करने वाली मायावती सरकार तथा उनके सहयोगिया को सजा दिलाएगी लेकिन बदले में केन्द्र सरकार बसपा के भ्रष्टाचार को संरक्षण देती रही।
श्री शाही ने इस मौके पर सपा-बसपा-कांगे्रस की चुनाव घोषणाओं और प्रतिबद्धताओं के एक तुलनात्मक विवरण जारी करते हुए कहा कि इससे स्पष्ट हो जाएगा कि तुलनात्मक रूप से सबसे अच्छा दल कौन है और उ0प्र0 की तस्वीर कौन बदल सकता है ? चुनाव में अच्छे मत प्रतिशत पर लोकतंत्र के प्रति जागरूकता के लिए भाजपा अध्यक्ष ने प्रदेश की जनता को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि   कि 5 वर्ष की उ0प्र0 सरकार की दुरनीतियों से प्रदेश की जनता आजिज आ चुकी है। केन्द्र सरकार के घोटाले व मंहगाई सपा सरकार में हल्ला बोल, प्रदेश में बसपा और केन्द्र की कांगे्रस सरकार के कुकृत्यों से आम आदमी आक्रोशित है। पिछले 5 वर्ष से प्रदेश की जनता दहशत के माहौल में जी रही है। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि गांव में दीपक जलाने के लिए मिट्टी का तेल तक उपलब्ध नहीं है, नहरों में पानी नहीं, खाद-बीज नहीं, नौजवान युवक बेरोजगार हैं। इस सबके चलते जनता ने बसपा सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया।
श्री शाही ने कहा कि टीईटी परीक्षा में 12 करोड़ की उगाही का लक्ष्य था जैसा की समाचार पत्रों में आया है। शाही ने मांग की जनता जानना चाहती है कि यह पैसा किस मंत्री के पास गया? भाजपा अध्यक्ष ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि एनएचआरएम, टीईटी , मनरेगा, चीनी मिलों की बिक्री, खाद्यान्न घोटाले, ग्रेटर नोयडा में जमीन घोटाला होता रहा कांगे्रस बीएसपी को संरक्षण करती रही। उन्होंने कहा  जनता जानना चाहती है कि कांगे्रस व सोनिया धृतराष्ट्र की तरह क्यों बनी रही। उन्होंने कांगे्रस पार्टी से सवाल पूछते हुए कहा कि 40 वर्षो के कांगे्रस के शासन में देश में 80 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे क्यों हैं ? देश के नागरिकेां की प्रति व्यक्ति आय कम क्यों है। 100 दिन में मंहगाई कम करने का वादा करने वाली कांगे्रस सरकार में महंगाई 20गुना क्यों बढ़ गई ? देश में 2 करोड़ लोग टी0वी0 से ग्रस्त क्यों हैं।
श्री शाही ने कहा कि प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार की जांच भाजपा ही करा सकती है। श्री शाही ने आरोप लगाया देश की दुर्दशा नेहरू परिवार की देन है। उन्होंने कहा कि जनता का गुस्सा मतदान में परिलक्षित होगा। श्री शाही ने कहा कि कानून मंत्री सलमान खुर्शीद को बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि माफी मांगने से काम नही चलने वाला। श्री शाही ने कहा कि एनडीए और उ0प्र0 में भाजपा सरकार की गौरवशाली उपलब्धियांे की चर्चा करते हुए कहा 500 की आबादी तक के गांवों को सड़क से जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अटल जी के प्रधानमंत्रित्वकाल में कलराज जी के नेतृत्व में उ0प्र0 में पूरी हुई थी। सर्व शिक्षा के माध्यम से ग्राम स्तर पर प्राइमरी विद्यालय,जू0 हाईस्कूल स्थापित किए गए।
श्री शाही ने कांगे्रस पर साम्प्रदायिक होने का आरोप लगाया तथा कहा कि कांगे्रस ने भारत माॅं का विभाजन किया। उन्होंने विभाजन के लिए कांगे्रस व मुस्लिम लीग को बराबर का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने उ0प्र0 की तस्वीर बदलने के भाजपा के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि देश की जनता इन दलों के दोहरे चरित्र को पहचाने और वोट के माध्यम से उनके कृकृत्यों का करारा जवाब इन्हें दें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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प्रदेश में सरकार सबसे भ्रष्ट सरकार रही है

Posted on 13 February 2012 by admin

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री श्री मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि। इसको इस तरह हटाना है कि फिर कभी यह सत्ता में नहीं आ सके। इसको चुनाव में कड़ा सबक सिखाना है।
श्री यादव आज यहां उन्नाव, मोहनलालगंज तथा सरोजनीनगर में समाजवादी पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में आयोजित जनसभाओं को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होने नौकरशाही पर प्रहार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के मुरीद कुछ अफसर हैं जिनका काम रूपए गिनना और रोज की आमदनी का जोड़ घटाना करना रह गया है। इन लोगों ने जनता का कोई काम नहीं किया है।
श्री मुलायम सिंह यादव ने कहा कि नौजवानों का वोट बढ़ गया है। डा0 राम मनोहर लोहिया ने 18 वर्ष के नौजवान को वोट का अधिकार दिलाने का नारा दिया था। हम इसके लिए धरना प्रदर्शन करते जेल भी गए। हमारा कहना है कि जब 18 साल की उम्र में कोई आईएएस, आईपीएस के इम्तहानों में बैठ सकता है तो उसे वोट देने के अधिकार से कैसे रोका जा सकता है।
13-02-bश्री यादव ने गरीब किसानों को सम्बोधित करते हुए घोषणा की कि उनके 50 हजार रूपए तक के कर्ज माफ होगें, उन्हें चार प्रतिशत सैकड़ा ब्याज पर कर्ज मिलेगा जो अभी साढ़े 12 प्रतिशत पर मिल रहा है। खाद-बीज सस्ता मिलेगा। नहर और टयूबवेल से सिंचाई मुफ्त होगी। उन्होने कहा कि आज किसान कर्जदार है जबकि वह औरों का पेट भरता है। सीमा पर किसान का बेटा रक्षा का काम करता है और खेत में अनाज भी उगाता है। उन्होने कहा कि खेती की फसल का लाभप्रद मूल्य दिया जाएगा और यदि खरीददार नहीं होगा तो सरकार स्वयं किसान की उपज खरीदेगी ताकि उसे किसी प्रकार से घाटा न हो।
श्री मुलायम सिंह यादव ने कहा कि गरीब छात्रों के लिए छात्रावास और निःशुल्क कोचिंग की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। बारहवीं पास सभी विद्यार्थियों को एक-एक लैपटाप उपलब्ध कराया जाएगा। कक्षा दस उत्तीर्ण छात्रों को टैबलेट दिया जाएगा। शिक्षा मित्रों को अगले दो वर्ष के अन्दर नियमित करते हुए समायोजित कर दिया जाएगा। किसान को लागत मूल्य का 50 प्रतिशत उसमें जोड़कर जो राशि आएगी वह विभिन्न फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य होगा। आलू भंडारण के लिए बड़े पैमाने पर कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा और उन्हें 25 फीसदी सब्सिडी प्रदान की जाएगी। किसानों को दो फसल देने वाली जमीन का उद्योग एवं बुनियादी ढांचा निर्माण के लिए अधिग्रहण पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। किसी खास स्थिति में अधिग्रहण होगा तो किसान की स्वीकृति से होगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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उ0प्र0 में स्पष्ट बहुमत से बसपा की सरकार बनेगी- मायावती

Posted on 10 February 2012 by admin

photo-n12007 के विधानसभा चुनाव में मीडिया द्वारा किए गये आकलन एवं न्यूज चैनलों के एक्ज्टि पाल को झुठलाते हुए बसपा के 206 विधायक जीत कर प्रदेश में बहुमत से पार्टी की सरकार बनी थी। इस चुनाव में भी बसपा के विधायक जीत कर बहुमत से सरकार बनायेंगे। उक्त बातें बसपा सुप्रिमों एवं उ0प्र0 मुख्यमंत्री मायावती ने सुलतानपुर एवं  सी.एस.एम. नगर के बसपा प्रत्याशियों के समर्थन में  महेसर गंज बाजार में आयोजित विशाल जन सभा को समबोधित करते हुए कही। प्रदेश की मुख्य मंत्री ने कहा कि जनता को कांग्रेस से सावधान रहने की जरुरत है। जिस कांग्रेस ने उ0 प्र0 में 40 वर्षों तक शासन किया और विकास नहीं कर सकी वह सरकार बना कर पाॅच साल में क्या विकास करेगी। कांग्रेस द्वारा की जा रही विकास की घोषणाएं थोथी व हवाई हैं। जन सभा में सुलतानपुर एवं सी.एस.एम. नगर के सभी बसपा प्रत्याशी भी मौजूद रहे। उन्होंने कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने राजनैतिक द्वैश के चलते  प्रदेश के विकास के लिए मांगा गया बजट नहीं दिया जिसके कारण प्रदेश का अपेक्षित विकास नहीं किया जा सका। उन्होंनंे जन सभा में उपस्थित विशाल जन समूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि अमेठी से गाॅधी परिवार के सदस्य ही ज्यादातर सांसद  रहे हैं। लेकिन उन्होनें कोई बुनयादी विकास नहीं किया। इसी के चलते गाॅधी परिवार के लोगों को नुक्कड़ सभा व घर-घर जाकर वोट मांगने की नौबत आ रही है।  यदि गाॅधी परिवार ने क्षेत्र में विकास कार्य किया होता तो उन्हें वोट मांगने की जरुरत न पड़ती। दिल्ली में ही रहते हुए उनके प्रत्याशियों को जनता वोट देकर जिता देती। उन्होंने कहा कि यहाॅ जो भी विकास कार्य हुआ है उसे बसपा की सरकार ने किया है। कांग्रेस शासन में जो फैक्ट्रियाॅ लगायी गई थी वे भी आज बन्द पड़ी है। उन्हें पुनः चालू करवाने के लिए केन्द्र से जो पाॅच हजार करोड़ रुपया मांगा गया था उसे भी नहीं दिया गया। मायावती ने भाजपा, सपा व कांगे्रस पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा की सरकार बनने पर फिर से गुण्डा राज कायम होगा और महिलाओं का शाम को घर से निकलना बन्द हो जायेगा। भाजपा की सरकार बनने पर साम्प्रदायिक ताकतें मजबूत होगीं तथा कांग्रेस की सरकार बनने पर विकास कार्य ठप हो जायेंगे।कांग्रेस की केन्द्र सरकार के ही गलत नीतियों के चलते मॅहगाई बढ़ी है और वह अभी तक उस पर काबू नहीं पा सकी है। हमारी पार्टी कहने में कम तथा करने में अधिक विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि विरोधी दल के नेता उनकी सरकार पर तरह-तरह के अनर्गल आरोप लगाते हैं, केवल बदनाम करने के लिए। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा व कांग्रेस को बोलना शोभा नही देता। इनके कार्यकाल में 62 घोटाले हुए हैं। जिसमें करीब 20 लाख करोड़ रुपये का वारा- न्यारा हुआ है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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Congress will always work for the development of UP: Rahul Gandhi

Posted on 06 February 2012 by admin

Bhanpur  - Shri Rahul Gandhi said on Sunday that whether the Congress got two seats or 100 seats — the party will not ally with anyone.

“I will stand by you always. I have come to change Uttar Pradesh and whether it takes five years or 20 years, I will not budge till it is done. There are only five countries in the world which are bigger than UP. We will change it together,” he said while addressing meeting in the state.

Mounting a veiled attack on Mulayam Singh Yadav, he said that now that elections are here, he (Mulayam) is saying that he will turn Bundelkhand into Israel.

“Had he gone to Bundelkhand himself , the people there would have told him that they want their Bundelkhand, water, power and development. If this happens, Israel will ask for Bundelkhand. He (Mulayam) also says that he will give free electricity. But for years there has been no new power plant here so where will the electricity come from? Will it come from the skies?” he asked.

He said that elections are here and it is up to the people to decide what they want in UP for the next five years.

Shri Gandhi said that he is in politics since 2004 and he had told the people that if the Congress formed government at the centre, it would be a government for the common man. The government will work for the common man and the poor. Our intentions were clear and we worked from the heart. Dr Manmohan Singh and Mrs Sonia Gandhi worked from the heart.

The opposition did not use it heart and its intentions were not clear either– they made tall promises to win polls and announced that India was shining. It would have been better if they had said that India will shine, instead of India is shining.

He further said that we came to you after forming government and discussed your problems. You told us that you had to migrate to look for jobs so we brought MNREGA which gives you employment at your doorstep. It was your idea and we simply implemented it.

After this, he said, we again spoke to you and learnt about your debt problems and brought the loan wavier package for you.

Shri Gandhi asked the audience if they had seen Mayawati in their midst in the past five years or if Mulayam Singh had held their hands.

“Mayawati now says that this is Congress drama and these schemes will not benefit anyone. Go to Congress ruled states and see the difference these schemes have made to the lives of the people there. Mayawati does not move out of her house and does not know what has changed,’ he said.

He said that when drought struck in Bundelkhand, Mayawati and Mulayam Singh did not go there. “I went and got a financial package worth Rs 8,000 crore but the money was stolen. We sent tractors for farmers but the minister gave it to his children. All the money we send gets stolen,” he said.

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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अराजकता एवं भ्रष्टाचार का भांगड़ा कर लोगों को मुंगेरीलाल के सपने दिखा रहे

Posted on 04 February 2012 by admin

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष (राज्यसभा) अरूण जेटली एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने आज रामलीला मैदान रामपुर में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कागें्रस-सपा-बसपा तिकड़ी की जमकर खिंचाई की। जनसभा को संबोधित करते हुए श्री जेटली ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भ्रष्टाचार टीम की कैप्टन है। सपा-बसपा-कांग्रेस तीनों पार्टियां भ्रष्टाचार के मुद्दे पर एकजुट भी हैं और एक दूसरे को बचाने में भी लगी हैं। श्री जेटली ने कहा कि 0प्र0 में सरकार में आने पर हम जहां एक तरफ पिछड़े वगों के आरक्षण के कोटे को बांटने के षडयंत्र को समाप्त करेंगे वहीं दूसरी तरफ अगड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों की तरक्की के लिए प्रभावी कदम उठाएंगे।

श्री जेटली ने 2-जी मामले में आज निचली अदालत द्वारा दिए गए फैसले पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि 1लाख 76 हजार करोड़ के इस घोटाले के जिम्मेदार यदि चिदम्बरम नहीं तो कौन ? श्री जेटली ने एक बड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय ने स्पेक्ट्रम आवंटन के 122 लाइसेन्स निरस्त कर दिए हैं। इससे यह बात स्पष्ट हो गई है कि स्पेक्ट्रम आवंटन में खुली लूट हुई है और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में जिस समय का जिक्र किया गया है उस समय कांग्रेस नेतृत्व के समय की सरकार सत्ता में थी। इसलिए सरकार को यह बताना होगा कि इस लूट का जिम्मेदार कौन है। श्री जेटली ने लोगों से अपील की कि भाजपा ही आम आदमी को विकास, न्याय और सुशासन दे सकती है। उन्होंने भाजपा को भारी बहुमत से जिताने की अपील की। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं केन्द्रीय चुनाव प्रबन्धन प्रभारी श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार के भ्रष्टाचार का भांडा और प्रदेश सरकार के घोटालों का घड़ा फूट चुका है। आज रामपुर में पश्चिमी 0प्र0 के चुनावी अभियान की शुरूआत करते हुए विजय संकल्प सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और घोटालों में शामिल दल जातिवादी एवं सम्प्रदायवाद के सहारे सिंघासन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहेहैं। जातिवाद एवं सम्प्रदायवाद की मानसिकता घोटालों एवं भ्रष्टाचार से ज्यादा खतरनाक अपराध है।

श्री नकवी ने कहा कि कांग्रेस-सपा-बसपा चुनावी चौपाल पर मजहबी आरक्षण की अराजकता एवं भ्रष्टाचार का भांगड़ा कर लोगों को मुंगेरीलाल के सपने दिखा रहे हैं। यह दल अपने शासनकाल के घोटाले, भ्रष्टाचार, अपराध एवं महंगाई पर आपराधिक चुप्पी क्यों साधे हुए हैं ? उत्तर प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि इनके शासनकाल में महंगाई, भ्रष्टाचार, अपराध, बेराजगारी, आतंकवाद क्यों बढ़ा। श्री नकवी ने कहा कि कांग्रेस ने जातिवाद के साथ भी घोटाला कर डाला है। किसीसैम को बढ़ई, ’जार्जको गंगवार, ’लारेन्सको लोधी, ’साइमंडको सैनी बनाकर पेश कर रही है। कांग्रेस को जब जातिवाद सम्प्रदायवाद का इतना जुनून सवार है तो वह श्रीमती सोनिया गांधी, राहुल गांधी एवं प्रियंका बढ़ेरा को भी धर्म जाति लोगों को बता देती।

श्री नकवी ने कहा कि भाजपा धर्म-जाति के आधार पर नहीं राष्ट्रवाद और विकासवाद के संकल्प के साथ लोगों के बीच है। सुशासन एवं सभी की विकास का हमारा लक्ष्य है, हम समाज को तोड़ कर नहीं जोड़ कर देश की तरक्की चाहते हैं। जबकि सपा-बसपा कांग्रेस समाज में विखराव-टकराव कर सत्ता के सिंहासन पर कब्जा करने की साजिश कर रहे हैं। श्री नकवी ने कहा कि ना मजहबी जुनून, ना घोटाला, ना भ्रष्टाचार, भाजपा देगी साफ सुथरी सरकार।

श्री नकवी ने कहा हम मुसलमानों को भी यकीन दिलाना चाहते हैं कि वोट के सौदागरों और राजनैतिक शोषकों के चक्रव्यूह से बाहर निकलंे, आर्थिक, सामाजिक शैक्षणिक मुद्दो पर अपने वोटों को दें। आंकलन करें कि पिछले 60 वर्षो में उनकी बदहाली के जिम्मेदार कौन हैं, किसने उनके वोटों और सामाजिक-आर्थिक सरोकार का शोषण किया है। वोटों का फैसला मजहबी जुनून या जातिवादी जहर से नहीं बल्कि देश एवं अपने भविष्य को ध्यान मे ंरखकर होना चाहिए। भाजपा मुसलमानों की सुरक्षा एवं समृद्धि की गारंटी देती है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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दलितों के संवैधानिक अधिकार - आरक्षण पर कुठाराघात करने का कांग्रेस का षड़यन्त्र

Posted on 02 February 2012 by admin

  • यू0पी0ए0 सरकार का उत्तर प्रदेश के साथ द्वेषपूर्ण व्यवहार
  • कांग्रेस की गलत आर्थिक नीति के कारण गरीबों-बेरोजगारों ने किया दूसरे राज्यों का रूख
  • यू0पी0ए0 सरकार नहीं कर रही है प्रदेश सरकार की मद्द
  • केन्द्र ने प्रदेश की अनेक योजनाओं को लटकाए रखा है
  • विद्युत क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने  विगत चार वर्षों में किया सराहनीय काम
  • प्राचीन तथा ऐतिहासिक शहरों के  विकास पर 2500 करोड़ रूपये खर्च
  • बी0एस0पी0 की लोकप्रियता एवं बढ़ते जनाधार से  विरोधी पार्टियां पूरी तरह हताश
  • माननीया मुख्यमंत्री की अम्बेडकर नगर तथा  फैजाबाद में हुई विशाल चुनावी जनसभाएं

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने आज अम्बेडकर नगर तथा फैजाबाद में अपने पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित विशाल चुनावी जनसभाओं को सम्बोधित किया। उन्होंने इन दोनों जनसभाओं में कहा कि बी0एस0पी0 ने उत्तर प्रदेश में सर्वसमाज के विकास के साथ ही प्रदेश की तरक्की के लिए अनेकों कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं, जिनका लाभ आम आदमी को सुलभ हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती गैर बी0एस0पी0 सरकारों ने उत्तर प्रदेश के सर्वागीण विकास की ओर कोई ध्यान नहीं दिया, जिस कारण उत्तर प्रदेश, अन्य राज्यों से पिछड़ता चला गया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने विकास की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए काफी कठिनाईयों का सामना करते हुए विकास को नया आयाम दिया हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लम्बे समय से कांग्रेस, बीजेपी व इनके सहयोगी दलों की सरकारें आम आदमी की समस्याओं के समाधान में पूरी तरह विफल रही हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे प्रदेश में बी0एस0पी0 की सरकार फिर से बनाने के लिए एकजुट होकर तैयार हो जायें और बी0एस0पी0 के उम्मीदवारों को भारी मतों से जितायें।
माननीया सुश्री मायावती जी ने कहा कि बी0एस0पी0 अपने बलबूते पर विधान सभा की सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है और किसी भी दल से उसने कोई चुनावी समझौता नहीं किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने साफ-सुथरी छवि के प्रत्याशियों को ही टिकट दिये हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के टिकट देने में सर्वसमाज को प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश से गरीबी, बेरोजगारी एवं महंगाई की समस्या के समाधान के लिए बी0एस0पी0 को पुनः सत्ता में लाने और गरीबों की उपेक्षा करने वाली कांग्रेस पार्टी, सपा, बी0जे0पी0 तथा उनके सहयोगी दलों को सत्ता में आने से रोकने की आज सबसे बड़ी जरूरत है। बी0एस0पी0 ही केवल ऐसी पार्टी है जो दलितों, शोषितों, पीडि़तों, मजदूरों, और गरीबों आदि की बात करती है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बी0एस0पी0 सरकार के कार्यकाल में प्रदेश मंे कानून-व्यवस्था में हुए आशातीत सुधार के फलस्वरूप बने विकास के माहोैल से विरोधी दल आज पूरी तरह घबराए हुए हंै। यही कारण है कि बी0एस0पी0 सरकार की छवि को धूमिल करने की साजिश रचते रहते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था के नाम पर जंगलराज और अराजकता थी। बी0एस0पी0 सरकार ने विरासत में मिली गुण्डों, माफियाओं और अपराधियों पर जब शिकन्जा कसना शुरू किया, तो अराजक तत्व या तो प्रदेश से पलायन कर गये या सलाखों के पीछे पहुंुच गये। प्रदेश में कानून द्वारा कानून का राज स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था व अपराध नियत्रंण तथा अमन चैन हेतु उठाये गये कदमों के फलस्वरूप ही आज भयमुक्त, अपराधमुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त, अन्यायमुक्त एवं विकासयुक्त वातावरण बना है।
बी0एस0पी0 की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में अमन-चैन का माहौल इसी से स्पष्ट हो जाता है कि अध्योया के विवादित परिसर श्री रामजन्म भूमि/बाबरी मस्जिद के वाद में न्यायालय के आने वाले फैसले को दृष्टिगत रखते हुए पूरे प्रदेश भर में व्यापक स्तर पर मजबूत सुरक्षा के प्रबन्ध किये गये। इन प्रबन्धांे के कारण प्रदेश में पूरी तरह शान्ति व्यवस्था एवं सम्प्रादायिक सौहार्द का माहौल बना रहा और कहीं से किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं घटने पायी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की ही नहीं बल्कि पूरे देश की जनता ने हमारे इन कदमों की भरपूर सराहना की।
बी0एस0पी0 प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, बीजेपी तथा उनके सहयोगी दलों द्वारा दलितों के संवैधानिक अधिकार, आरक्षण को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, जो इनके संवैधानिक अधिकर पर कुठाराघात है। इसको लेकर बी0एस0पी0 काफी चिंतित है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर के अथक प्रयासों के कारण एस0सी0/एस0टी0 तथा अन्य पिछड़े वर्गों के लिए केन्द्र व राज्यों की सरकारी नौकरी के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गयी। विरोधी पार्टियां इस आरक्षण व्यवस्था को खत्म करना चाहती हैं, और आरक्षण के नाम पर दलितों तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को बांटना चाहती है, लेकिन बी0एस0पी0 ऐसा नहीं होने देगी।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यू0पी0ए0 सरकार ने मुस्लिम समाज से आरक्षण के नाम पर विश्वासघात किया है। इस मामले में उन्होंने प्रधानमंत्री जी को कई पत्र भी लिखे, लेकिन उनके पत्रों का कोई संज्ञान नहीं लिया गया। कांग्रेस पार्टी देश में मुस्लिम समाज के पिछड़े हुए लोगों को उनकी आबादी के हिसाब से आरक्षण देने की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह बात एक साजिश के तहत पिछड़े वर्गों को 27 प्रतिशत आरक्षण के कोटे में से 9 प्रतिशत आरक्षण देकर इन दोनों वर्गों को आपस में लड़ाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि कांग्रेस आरक्षण के नाम पर राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति/जनजाति तथा अन्य पिछड़े वर्गाें को निजी क्षेत्र तथा उन सभी क्षेत्रों में (जहां अभी तक इन्हें आरक्षण की सुविधा नहीं मिली है) आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए भी उन्होंने कई बार केन्द्र को पत्र लिखकर अनुरोध किया। इसके अलावा अपर कास्ट के गरीब लोगों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने के लिए भी केन्द्र से अनुरोध किया। किन्तु केन्द्र सरकार ने उनके पत्रों को कोई तवज्जों नहीं दी और न ही कोई आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की। दलितों के आरक्षण के नाम पर कांग्रेस पार्टी दलित व अति दलित को बांटना चाहती है, ताकि इनकी सामाजिक स्थिति में कोई बदलाव न आ सके। उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी इन वर्गों को साजिश के तहत आपस में बांटकर इन्हंे कमजोर करने में भी लगी है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अगड़ी जातियों के लोगों के हितों का पूरा-पूरा ख्याल रखा और उनके विकास के लिए भी कई योजनाएं सचंालित कीं।
बी0एस0पी0 प्रमुख ने युवाओं का सबसे बड़ी हितैषी होने का दावा करने वाली कांग्रेस पार्टी पर प्रहार करते हुए कहा कि केन्द्र की सत्ता में काबिज कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने युवाओं तथा बेरोजगारों को रोजगार के अवसर सुलभ कराने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की, इसी कारण गरीब बेरोजगारों को दूसरे राज्यों की ओर रूख करना पड़ा। कांग्रेस पार्टी की नीतियों के कारण ही आज किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी एवं अन्य कारोबार में लगे लोग काफी दुःखी और पीडि़त हैं।
माननीया सुश्री मायावती जी कहा बी0एस0पी0 ने अपने कार्यकाल में प्रदेश के लोगों का पलायन रोकते हुए उन्हें प्रदेश में ही रोजी-रोटी के अवसर सुलभ कराने की व्यवस्था की हैं। बी0एस0पी0 की प्रभावी रणनीति के तहत ही 60 लाख से अधिक लोगों को सरकारी एवं गैर सरकारी क्षेत्रों में नौकरियां उपलब्ध कराई गयी। यदि कांग्रेस सरकार राज्य की विभिन्न विकास योजनाओं को मंजूरी दे देती, तो प्रदेश की बी0एस0पी0 सरकार एक करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर सुलभ करा सकती थी। उन्होंने कांग्रेस द्वारा पंाच साल में लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की बात पर चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी 40 साल तक सत्ता में रहने के बाद भी रोजगार के दरवाजे युवाओं के लिए नहीं खोल पाई, फिर पांच साल में वह कौन से चमत्कार कर देगी। केन्द्र सरकार प्रवासी भारतीयों के साथ भी सौतेला व्यवहार कर रही है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के समग्र विकास को पूरी तरह ध्यान में रखकर ही बी0एस0पी0 सरकार की हर नीति ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धान्त पर आधारित है। प्रदेश में उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त गैरबराबरी वाली सामाजिक व्यवस्था को बदलकर समतामूलक समाज को स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों की सरकारों में उपेक्षित, दलितों का खास ध्यान रखने के साथ-साथ उनकी सरकार ने अपर कास्ट के खिलाफ कोई जुल्म ज्यादती भी नहीं होने दी। बी0एस0पी0 की हर नीति सर्वसमाज के लिए है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए सत्ता एवं संगठन में सभी वर्गाें को उचित भागीदारी दी गयी है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कांग्रेस द्वारा जारी घोषणा पत्र पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यह मात्र एक छलावा दस्तावेज है, गत 40 वर्षों से केन्द्र व उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकारें रही हैं लेकिन अभी तक उसने अपने पूर्व में घोषित घोषणा पत्रों के वायदों को कभी भी पूरा नहीं किया है। यदि इन वायदों को पूरा कर दिया गया होता तो उत्तर प्रदेश आज विकास के नये रास्ते पर होता और उसे बदहाली का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा कि कांग्रेस सहित समाजवादी पार्टी तथा भाजपा हमेशा से कोरे आश्वासन देने की रणनीति एवं कार्य पद्धति पर काम करती रही है। इन सभी दलों द्वारा जो वायदे किये गये हैं यह कभी-भी पूरे नहीं होने वाले हैं।    बी0एस0पी0 की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2007 में जब प्रदेश में उनके नेतृत्व में बहुजन समाज पार्टी की सरकार बनी थी, तो उत्तर प्रदेश विरासत में उन्हें बदहाल हालत में मिला था। उन्होंने कहा कि यू0पी0ए0 की केन्द्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के साथ सदैव सौतेला व्यवहार किया है। उत्तर प्रदेश की बेहतरी के लिए उन्होंने केन्द्र से 80 हजार करोड़ रूपये के विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की, परन्तु केन्द्र ने जातिवादी मानसिकता के कारण कोई भी आर्थिक सहायता नहीं दी। इसके बावजूद उनकी सरकार ने अपने सीमित संसाधनों से प्रदेश की जनता की जरूरतों को पूरा करने के लिए हर सम्भव प्रयास किये हैं, जिनके बेहतर नतीजे आज जनता के सामने हैं।
माननीया मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अन्य विभिन्न विकास कार्यों के लिए केन्द्र की वर्तमान कांग्रेस सरकार से कई हजार करोड़ रूपये की योजनाओं के पैकेज दिये जाने का अनुरोध भी किया, किन्तु केन्द्र ने इन योजनाओं को आज भी लटकाए रखा है और इनके लिए कोई भी धनराशि आज तक नहीं मंजूर की। इसके बावजूद उन्होंने अपने सीमित संसाधनों से प्रदेश के विकास एवं जनता की भलाई हेतु अपने बलबूते पर काम किया। कांग्रेस पार्टी की सरकार ने जातिवादी मानसिकता से ग्रस्त होकर केन्द्र पोषित योजनाओं के लिए उपलब्ध कराये जाने वाली धनराशि को भी समय से जारी नहीं किया।
सुश्री मायावती जी ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि केन्द्र में पिछले 31 महीनों की सरकार के कार्यकाल में लगभग 62 बड़े घोटाले हुए हैं। इन घोटालों में लगभग 20 लाख करोड़ रुपये के घोटालों की सम्भावना है, किन्तु इन घोटालों की आज तक न तो तेजी से जांच हुई और न ही इसमें सी0बी0आई0 जैसी अन्य संस्थाओं ने कोई सक्रियता ही दिखाई। उन्होंने कांग्रेस पार्टी को महाभ्रष्टाचारी करार देते हुए कहा कि इसी प्रकार अमर सिंह, शान्तिभूषण व मुलायम सिंह की वार्ता की सी0डी0 पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी। कांग्रेस-बीजेपी-सपा एण्ड कम्पनी के लोगों के भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अब बोलना ज्यादा उचित नहीं है, ये सभी दल नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज को-वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में बहुत बड़ा खाद्यान्न घोटाला हुआ, जिसकी सी0बी0आई0 द्वारा जांच की जा रही है किन्तु इसमें अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।
बी0एस0पी0 सुप्रीमों ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश के एक दर्जन से ज्यादा ऐतिहासिक, प्राचीन और प्रमुख शहरों में बुनियादी सुविधायें सुचारू रूप से उपलब्ध कराने की प्रभावी व्यवस्था की। इन शहरों के लोगों को मूलभूत सुविधाओं को प्राप्त करने में कोई दिक्कत न हो। इसके लिए 2500 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि व्यय करके बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास एवं जनता की बेहतरी के लिए केन्द्र सरकार से यदि आर्थिक मद्द मिल जाती तो और भी शहरों/नगरों में बुनियादी सुविधाओं का जाल फैलाया जा सकता था।
माननीया मुख्यमत्री जी ने बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के सम्बन्ध में अपने सरकार की उलपब्धियों पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में जब उनकी सरकार सत्ता में आयी थी, तो बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त थी, उनके अथक प्रयासों के फलस्वरूप बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया। वर्ष 2007 से 2011 के बीच प्रदेश में 3000 मेगावाट अतिरिक्त ऊर्जा का उत्पादन हुआ। विभिन्न योजनाओं से आगामी मार्च 2012 तक प्रदेश को लगभग 5346 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत क्षमता का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि गत चार वर्षों में जितना काम बी0एस0पी0 सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में किया गया है, शायद ही किसी अन्य प्रदेश में हुआ है। उनकी सरकार ने अब ऐसी विद्युत रणनीति को अपनाया है कि बिजली के क्षेत्र में भविष्य में जनता को काफी राहत प्राप्त होगी, और सन् 2017 तक उत्तर प्रदेश बिजली उत्पादन के मामले में न केवल आत्मनिर्भर होगा, बल्कि देश का सरप्लस विद्युत प्रदेश भी बन जायेगा।
माननीया सुश्री मायावती जी ने कहा कि उन्होंने बुन्देलखण्ड, पूर्वांचल, अवध और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभाजन का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा, किन्तु केन्द्र ने इस मामले में कोई संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं निभाई। उन्होंने विरोधी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये दल उत्तर प्रदेश का वास्तविक रूप से विकास नहीं चाहते हैं, जिसके कारण उनके उत्तर प्रदेश के विभाजन के प्रस्ताव का घोर विरोध कर रहे हैं। उन्होंने जनता से अपेक्षा की कि वे इस विधान सभा चुनाव में ऐसे विरोधी दलों को वोट के माध्यम से करारा जवाब देने से बिल्कुल मत चूकें।
बी0एस0पी0 प्रमुख नेे जनता से विरोधी पार्टियों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों से गुमराह न होने की अपील करते हुए कहा कि बी0एस0पी0 की लोकप्रियता एवं बढ़ते जनाधार से विरोधी पार्टियां पूरी तरह हताश हैं, इसीलिए विरोधी दल चुनाव के समय कोई भी हथकण्डा अपनाकर उन्हें भ्रमित करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि विरोधी दलों के षड़यन्त्रों को किसी भी कीमत पर कामयाब न होने दें। उन्होंने मतदाताओं से यह भी अपील की कि मतदान के दिन सबसे पहले वोट डालने जायें।
बी0एस0पी0 प्रमुख ने चुनावी जनसभाओं में पार्टी के विधान सभा उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताने की भी अपील को पुनः दोहराया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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