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किसानों के हित में उनकी सरकार जब भी, जैसे भी और जो भी निर्णय जरूरी होंगे, अविलम्ब लेगी

Posted on 28 June 2012 by admin

up-cmउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज पूर्वान्ह यहां 5, कालिदास मार्ग स्थित अपने शासकीय आवास पर विभिन्न राज्यों के किसान संगठनों की शीर्ष संस्था कनसोरिटयम आफ इण्डियन फार्मर्स एसोसियेशंस (सीआईएफए) के अन्तर्राज्यीय प्रतिनिधि मण्डल से मुलाकात के दौरान कहा कि किसानों के हित में उनकी सरकार जब भी, जैसे भी और जो भी निर्णय जरूरी होंगे, अविलम्ब लेगी। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार खेती में आधुनिक तकनीकों, बड़े पैमाने पर निवेश, कृषि उत्पादों की सुनियोजित मार्केटिंग तथा प्रबन्धन के जरिये किसानों को अधिक और लाभकारी मूल्य दिलाने के बारे में सहानुभूति से फैसले लेने पर भी विचार करेगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि उत्पादन प्र्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के साथ ही उ0प्र0 को अन्य राज्यों के मुकाबले किसानों को बेहतर सुविधायें देने वाला राज्य बनाने के बारे में भी गम्भीरता से विचार करके उचित फैसले शीघ्र किये जायेंगे।
श्री अखिलेश यादव ने किसान संगठनों के नेताओं को बताया कि उनकी सरकार राज्य के गन्ना किसानों के हितों में भी अधिक उदार नीतियों को अपनाने पर विचार कर रही है, जिससे गन्ना किसान और चीनी उद्योग मिलकर प्रदेश की समृद्धि में योगदान कर सकें।  उन्होंने कहा कि चीनी उत्पादन की बेहतर तकनीकी, गन्ने की पेराई से प्राप्त अपशिष्टों के पुनर्चक्रण (रिसाईकिलिंग), एथनाॅल तथा विद्युत उत्पादन के माध्यम से किसानों को बेहतर लाभ तथा इस क्षेत्र में नये रोजगारों के सृजन की संभावनाओं को भी मूर्त रूप दिया जायेगा। इस क्षेत्र पर यदि पहले ध्यान दिया जाता तो उ0प्र0 की आर्थिक समृद्धि और बढ़ती तथा राज्य को विदेशी मुद्रा भी प्राप्त होती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 02 वर्षों के भीतर उ0प्र0 की चीनी मिलों के माध्यम से ही अतिरिक्त बिजली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये उनकी सरकार सभी संभव उपाय करेगी। सरकार का प्रयास रहेगा कि इस अतिरिक्त बिजली उत्पादन से गांवों को अधिक और सुनिश्चित बिजली की आपूर्ति की जाये।
मुख्यमंत्री ने किसान नेताओं द्वारा प्रस्तुत 03 ज्ञापनों में वर्णित सुझावों पर किसान संगठनों के नेताओं को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश सरकार इन सुझावों का प्राथमिकता पर परीक्षण कर हर मामले में किसानों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए ही फैसला लेगी।
सीआईएफए के अन्तर्राज्यीय प्रतिनिधि मण्डल में सम्मिलित किसान संगठनों के नेताओं ने उन्हें उ0प्र0 में राज्य कृषि आयोग कायम करने, खेती में कारोबारी स्तर पर निवेश को बढ़ावा देने तथा बेहतर कृषि उत्पादन के लिये राज्य में बायोटेकनोलाॅजी के माध्यम से बीमारियों, कीटाणुओं, बेहतर फल-सब्जियों और खाद्यान्न फसले उगाने, भण्डारण के दौरान लम्बे समय तक कृषि उत्पादों की सुरक्षा, जल भराव और जल अभाव इलाकों के अनुरूप अधिक उत्पादन देने वाली लाभकारी फसले उगाने, बीजों की गुणवत्ता और रोगमुक्तता सुनिश्चित करने, फसलों के भण्डारण एवं परिवहन के दौरान पोषक तत्वों की सुरक्षा आदि को बढ़ावा देने के सुझाव दिये।
इस भेंटवार्ता में किसान संगठनों की शीर्ष संस्था कनसोरिटयम आफ इण्डियन फार्मर्स एसोसियेशंस (सीआईएफए) के अध्यक्ष श्री सतनाम सिंह बेहरू (पंजाब), श्री पी0छंगल रेड्डी (आन्ध्र प्रदेश), श्री अवधेश मिश्रा, श्री राजाराम, श्री नरेन्द्र सिंह (उ0प्र0), श्री मनीष सिंह, श्री वीरेन्द्र कुमार (बिहार), श्री सतीश मोरना (राजस्थान) तथा श्री अजय त्यागी, श्री वीरेन्द्र त्यागी (उत्तराखण्ड) उपस्थित थे।
प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, प्रमुख सचिव कृषि श्री राजीव कपूर, प्रमुख सचिव गन्ना श्री संजीव नायर, सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक कुमार, मुख्यमंत्री सचिवालय व सम्बन्धित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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उत्तर प्रदेश शासन के महत्वपूर्ण निर्णय

Posted on 24 June 2012 by admin

(दिनांक 15 मार्च, 2012 से 23 जून, 2012 तक)
प्रदेश में अल्प अवधि में अधिकाधिक सामाजिक एवं आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए विकास से सम्बन्धित सर्वाधिक महत्वपूर्ण योजनाओं को प्राथमिकता पर कार्यान्वित करने के लिए शासन द्वारा महत्वपूर्ण मदों/कार्यक्रमों/योजनाओं को सम्मिलित करते हुए ‘‘उत्तर प्रदेश के विकास हेतु शासन का एजेण्डा’’ निर्धारित किया गया है। जनता से किये गये वायदों के क्रियान्वयन के गम्भीर प्रयास किये जा रहे हैं। इस सम्बन्ध में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए हैं तथा इसके लिए कुछ योजनाएं प्रारम्भ की जा चुकी है जबकि कुछ योजनाओं का प्रारूप/स्वरूप तय किया जा रहा है। इन सभी योजनाओं की पूर्ति के लिए समुचित बजट का प्राविधान भी किया जा रहा है।
स्वच्छ, पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था सुलभ कराने के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष बल दिया जा रहा है।

गृह विभाग
ऽ    वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदेश की आम जनता को एक सुरक्षित परिवेश प्रदान करना, साम्प्रदायिक सौहार्द कायम रखना, संगठित/पेशेवर अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित किया जाना तथा अपराधों पर पूर्ण नियंत्रण रखना है, जिससे प्रदेश में विकास का बेहतर माहौल तैयार हो। प्रदेश में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही अपराध नियंत्रण के लिए कठोर और निरन्तर प्रयास करने के निर्देश थाना स्तर तक जारी किये गए हैं।
ऽ    कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा जनसामान्य में सुरक्षा की भावना दृढ़ करने के लिए सभी जिला मजिस्ट्रेटों तथा सभी जिला पुलिस प्रभारियों को 16 मई, 2012 को विस्तृत निर्देश दिये जा चुके हैं।
ऽ    महिलाओं, वृद्धों, दलितों और कमजोर लोगों को गुण्डों, अपराधियों एवं माफियाओं द्वारा सताया न जा सके इसके लिए भी प्रत्येक जिले के पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को 29 मई, 2012 को निर्देश दिये जा चुके हैं।
ऽ    नगर निकाय चुनाव, 2012 को शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए जिला मजिस्टेªटों एवं प्रभारी पुलिस अधिकारियों को 14 जून, 2012 द्वारा हर स्थिति में साम्प्रदायिक संवेदनशीलता, जातिगत, वर्गगत एवं सामुदायिक संवेदनशीलता, राजनीतिक प्रतिद्वन्दिता, कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति तथा महिलाओं को मतदान से रोकने, अपराधों व बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिये गये हैं।
ऽ    12 जून, 2012 को उत्तर प्रदेश पुलिस/अग्निशमन सेवा के 151 अधिकारियों/कर्मचारियों को विशिष्ट सेवा के लिए स्वतंत्रता दिवस-2012 के अवसर पर पुलिस पदक, अग्नि सेवा पदक आदि प्रदान किये जाने और साथ ही 24 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को वीरता पदक देने की संस्तुति भारत सरकार को भेजी गई है।
ऽ    लखनऊ महानगर के चिन्हित 70 चैराहों पर यातायात नियंत्रण के लिए प्रथम चरण में लागू किये जा रहे पाइलेट प्रोजेक्ट में सी0सी0 टी0वी0 कैमरा स्थापित करने का निर्णय लेने के साथ ही विशेष पुलिस महानिदेशक यातायात/निदेशक यातायात की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है।
ऽ    वर्तमान सरकार की अपराध नियंत्रण नीति के तहत अपराधों और अन्य घटनाओं का सही पंजीकरण, पंजीकृत अपराधों की समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा न्यायालयों में वादों की प्रभावी पैरवी की जा रही है। सभी जनपदों को इस बारे में कार्यवाही के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। साथ ही जनपदों द्वारा इस सम्बन्ध में की जा रही कार्यवाही का पर्यवेक्षण पुलिस महानिदेशक एवं प्रमुख सचिव, गृह द्वारा निरन्तर सुनिश्चित किया जा रहा है। (कृपया अधिक विवरण तथा आंकड़ों के लिए डी0जी0पी0 की दिनांक 22 जून, 2012 की प्रेस विज्ञप्ति का सन्दर्भ भी ग्रहण करने का कष्ट करें।)
ऽ    राज्य के किसी भी हिस्से में साम्प्रदायिक हिंसा या सद्भाव बिगाड़ने के दोषी लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून एवं गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा इस मामले में किसी प्रकार की भी चूक होने पर सम्बन्धित जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों के विरुद्ध शासनादेश संख्या-111/1/2/2007 सी एक्स-6 दिनांक 25 अप्रैल, 2012 के अन्तर्गत कार्रवाई की जाएगी।
ऽ    शासनादेश संख्या-797/6-पु-1-12-81/2001 दिनांक 20 मार्च, 2012 के अन्तर्गत मानवीय आधार पर पुलिस कान्सटेबलों और हेड कान्सटेबलों के तबादले उनके गृह जिलों के पड़ोसी जनपदों में किये जाने का प्राविधान किया गया है।
ऽ    भा0द0वि0 की धारा-498ए व 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के मामलों में मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा क्रिमिनल मिसलेनियस रिट पीटिशन संख्या-3322/2010 के अधीन सभी आई0जी0 / डी0आई0जी0 / एस0एस0पी0 / एस0पी0 को निर्देश भेजे गए हैं कि न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन पर्यवेक्षण एवं क्रियान्वयन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा किया जाए।
ऽ    दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-357क के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा तैयार पीडि़त मुआवजा योजना में ह्यूमन ट्रैफिकिंग में 2 लाख रुपये के मुआवजे का प्रस्ताव भारत सरकार को 11 जून, 2012 को भेजा जा चुका हैै।

नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन
ऽ    मेहनतकश रिक्शाचालक समुदाय की कठिनाइयों को देखते हुए मोटर/बैटरी चालित/सौर ऊर्जा चालित अत्याधुनिक सिस्टम युक्त रिक्शा मुफ्त दिये जाने की योजना बनाई जा रही है। इस योजना के लिए इस वर्ष 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
ऽ    शहरी निर्धन व्यक्तियों, शहरों के अल्पसंख्यक बहुल तंग बस्तियों में रहने वाले निर्धन तथा अन्य पिछड़े/अनुसूचित जाति के मेहनतकश परिवारों को निःशुल्क आवास उपलब्ध कराये जायेंगे। इसके लिये ‘आसरा आवास योजना’ लागू की जा रही है। गरीबों को आवास देने की इस योजना का स्वरूप विचाराधीन है। इस योजना के लिये 100 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की जा चुकी है।
ऽ    नगरीय क्षेत्रों में अल्पसंख्यक बहुल एवं मलिन बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने हेतु सी0सी0 रोड तथा इन्टरलाॅकिंग, नाली, जल निकासी, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था आदि सुविधाओं के साथ ही विशेष रूप से पिछड़े मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में प्राथमिकता पर विकास कार्य आरम्भ कराये जा रहे है। इसके लिये 100 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गयी है।
ऽ    नगरीय क्षेत्रों में सेवायोजित कर्मियों तथा लाभार्थियों की क्षमता के विकास हेतु रामपुर नगर में राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना कराई जा रही है। इसके लिए बजट में 5.25 करोड़ रुपये की व्यवस्था करायी गयी है।
ऽ    अल्पसंख्यक एवं शहरी गरीबों को रोजगार दिलाने के लिये स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना के अन्तर्गत लघु व्यापार केन्द्रों की स्थापना की जा रही है। प्रथम चरण में प्रदेश में 10 केन्द्रों की स्थापना की जायेगी। जिस पर 8 करोड़ रुपये का व्यय सन्निहित है।

राष्ट्रीय एकीकरण विभाग
ऽ    लम्बे समय से निष्क्रिय रहीं जिला एकीकरण समितियों को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष की अध्यक्षता में पुनर्गठित किया गया है।

सहकारिता विभाग
ऽ    किसानों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य हेतु उन्हें समय से उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु बफर गोदाम की व्यवस्था करते हुए प्री-पोजिशनिंग की व्यवस्था की गई है। इस वर्ष रबी फसल के लिए 08 लाख मीट्रिक टन फाॅस्फेटिक तथा 3 लाख मीट्रिक टन यूरिया का भण्डारण सम्भव हो सकेगा। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है।
ऽ    कृषि भूमि को बंधक रखकर कर्ज लेने वाले किसानों द्वारा कर्ज न दे पाने की स्थिति में उनकी जमीन को नीलाम किये जाने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है और ऋण माफी के लिए 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
ऽ    राज्य सरकार द्वारा सहकारी समितियों के लोकतांत्रिक स्वरूप को बहाल किया गया है और सहकारी समितियों की प्रबन्ध समिति का निर्वाचन समय से कराने हेतु निर्वाचन कार्यक्रम घोषित किया गया है।

पर्यावरण विभाग
ऽ    ईंट-भट्ठों की स्थापना एवं संचालन हेतु उ0प्र0 ईंट-भट्ठा (स्थापना हेतु स्थल मापदण्ड) नियमावली बनाये जाने का निर्णय लिया गया है।
ऽ    नये कारखानों को अनापत्ति देने की शर्त में शुद्धीकरण संयंत्र लगाये जाने की अनिवार्यता की गई है। जिन पुराने कारखानों को अनापत्ति दी जा चुकी है उनमें भी शुद्धिकरण संयंत्र लगाये जाने की व्यवस्था की गई है।

कृषि विभाग
ऽ    ऊसर/बंजर तथा बीहड़ जमीन पर खेती करने के लिये भूमि सेना बनायी जायेगी और जब जमीन पूरी तरह खेती योग्य हो जायेगी तो उसे भूमि सेना के भूमिहीन एवं गरीब सैनिकों को वितरित कर दिया जायेगा। इसके लिये लगभग 48 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है।
ऽ    कृषि क्षेत्र में उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने एवं कृषकों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से नयी कृषि नीति बनाये जाने का निर्णय लिया गया है।
ऽ    सभी ग्रामों के पात्र कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड से संतृप्त किये जाने का निर्णय लिया गया है।
ऽ    खरीफ फसल में मक्का के कुल 08 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के सापेक्ष 02 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में संकर मक्का की खेती कराने की व्यवस्था की जा रही है।
ऽ    ढैंचा बीज की अनुपलब्धता को देखते हुए इस वर्ष 40 हजार हेक्टेयर में ढैंचा बीज के उत्पादन का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इससे 1.75 लाख कुन्टल ढैंचा बीज उपलब्ध हो सकेगा, जिसका प्रयोग हरी खाद के लिये आगामी जायद/खरीफ फसल में होगा।
ऽ    मृदा की उर्वरक शक्ति की कमी को दूर करने के उद्देश्य से कम्पोजिट स्कीम तैयार की गयी है, जिसमें मृदा परीक्षण के आधार पर जिंक सल्फेट, जिप्सम, सल्फर तथा माइक्रोन्यूट्रियन्ट मिश्रण के वितरण से 5.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र आच्छादित होगा।

गन्ना विकास
ऽ    गन्ना किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

दुग्ध विकास
ऽ    प्रदेश में डेयरी व्यवसाय को लघु उद्योग का दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिये पशुपालकों को 2 से 20 पशुओं की मिनी डेयरी स्थापित करने के लिये बैंक से ऋण मुहैय्या कराने की व्यवस्था की गयी है। इसके साथ ही सामान्य वर्ग के पशुपालकों को 25 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति/जनजाति पशुपालकों को 33 प्रतिशत अनुदान की व्यवस्था की जा रही है।
ऽ    लखनऊ में 5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता का अत्याधुनिक डेयरी प्लाण्ट स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

खाद्य एवं रसद विभाग
ऽ    सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत पूर्व व्यवस्था को परिवर्तित कर उचित दर विक्रेता तक सामग्री की डोर स्टेप डिलीवरी की व्यवस्था की गयी है। प्रथम चरण में 19 जनपदों के नगरीय क्षेत्रों को लिया गया है।
ऽ    सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने, आवंटित सामग्री का दुरुपयोग रोकने, बोगस राशन कार्ड समाप्त करने तथा लाभार्थियों तक खाद्यान्न की पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पूरी प्रणाली का कम्प्यूटराइजेशन किया जा रहा है। यह कार्य सितम्बर, 2012 तक पूरा कर लिया जायेगा।
ऽ    उचित दर की दुकान को लाभप्रद बनाने के लिये कोटेदार का लाभांश 12 रुपये प्रति कुन्तल से बढ़ाकर 17 रुपये प्रति कुन्तल किया गया है।
ऽ    किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के उद्देश्य से न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अन्तर्गत किसानों को 1,285 रुपये प्रति कुन्टल की दर से मूल्य दिलाये जाने की व्यवस्था की गयी है। पिछले वर्ष की गेहूं खरीद 34 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले, इस वर्ष अभी तक 47 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खरीद की जा चुकी है, जो उत्तर प्रदेश में अब तक की गेहूँ खरीद का सर्वाधिक रिकार्ड है।
ऽ    गेहूँ खरीद में अनियमितता पाये जाने पर 151 अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध एफ0आई0आर0 दर्ज करायी गयी है। 92 कर्मियों को निलम्बित किया गया है। 47 कर्मियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गयी है। 76 कर्मियों का वेतन रोका गया है तथा 89 कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रचलित है। इसके साथ ही 189 कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगे गये हैं तथा 48 कर्मियों को चेतावनी दी गयी है। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ अधिकारियों तथा मा0 मंत्रीगण द्वारा क्रय केन्द्रांे का निरीक्षण किये जाने पर पायी गयी अनियमितताओं के लिये 61 केन्द्र प्रभारियों व 4 अधिकारियों को निलम्बित किया गया है। इसके अलावा 26 कार्मिकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारम्भ की गयी है।
ऽ    प्रदेश में खाद्यान्न भण्डारण क्षमता के सृजन के लिये एक ओर जहां भारत सरकार से भण्डारण की व्यवस्था करायी जा रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य भण्डारण निगम तथा केन्द्रीय भण्डारण निगम द्वारा, 15.58 लाख मीट्रिक टन की क्षमता के गोदामों का निर्माण अक्टूबर, 2013 तक पूर्ण करा लिया जायेगा। भारतीय खाद्य निगम की 1.85 लाख मीट्रिक टन गोदाम की क्षमता में 20 हजार मीट्रिक टन क्षमता सितम्बर, 2012 तक बढ़ जायेगी।

वन विभाग
ऽ    इटावा में लाॅयन सफारी पार्क की स्थापना केन्द्रीय प्राणि उद्यान प्राधिकरण की गाइडलाइन्स के अनुसार की जा रही है।
ऽ    प्रदेश में इको पर्यटन विकास योजना लागू की जा रही है। इसके अन्तर्गत लाख बहोसी पक्षी विहार, कन्नौज तथा नवाबगंज पक्षी विहार, उन्नाव में विशेष इको पर्यटन विकास का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।
ऽ    प्रदेश में ग्रीन बेल्ट के विकास के लिये प्रत्येक जनपद में तीन-चार स्थल विकसित किये जायेंगे। हरित पट्टी में रोपित किये जाने वाले पौधांे की ऊँचाई आठ फीट से बारह फीट होगी। इस कार्य में स्थानीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों एवं विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित की जायेगी।
ऽ    नीम, महुआ, साल, पीपल, बरगद, बड़, बीजासाल एवं आम पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन्हें संरक्षण दिये जाने के उद्देश्य से इनकी कटान की समय सीमा को 31 दिसम्बर, 2020 तक बढ़ा दिया गया है।

कार्मिक विभाग
ऽ    विभिन्न सरकारी नौकरियों के चयन में आरक्षण का लाभ लेने हेतु जाति प्रमाण पत्र और अन्य अवसरों पर निवास प्रमाण पत्र साक्षात्कार के समय प्रस्तुत करने की छूट से लाखों आवेदकों को लाभ मिल रहा है।
ऽ    सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों की समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए 02 वर्ष में सेवानिवृत्त होने वाले समूह ‘ग’ के कर्मियों को उनके गृह जनपद एवं समूह ‘क’ एवं ‘ख’ के कर्मियों को उनके गृह जनपद को छोड़ते हुए उनकी इच्छानुसार चयनित जनपद में तैनात किये जाने की व्यवस्था की गयी है।
ऽ    प्रोन्नति में आरक्षण एवं परिणामी ज्येष्ठता के सम्बन्ध में मा0 सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए 4 साल से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया को युद्धस्तर पर प्रारम्भ किया गया, जिससे हजारों लोगों को लाभ हुआ। राज्य सरकार का प्रयास है कि सरकारी कर्मचारियों को बेहतर अवसर मिले और उन्हें कुण्ठा की भावना समाप्त हो।
ऽ    राज्याधीन सेवाओं में भर्ती हेतु अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष को बढ़ाकर 40 वर्ष किया गया है।
ऽ    एस0जी0पी0जी0आई0, लखनऊ में प्रदेश के राजकीय कर्मचारियों के इलाज के लिए 5 करोड़ रुपये के रिवाॅल्विंग फण्ड की व्यवस्था।

वित्त विभाग
ऽ    प्रदेश में पहली बार 02 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रस्तुत किया गया।
ऽ    वर्ष 2012-13 में 13,650 करोड़ रुपये की नई योजनायें बजट में सम्मिलित की गयी हैं। आयोजनागत पक्ष में 56,110 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है।
ऽ    क्षेत्रीय विषमताओं को दूर करने के लिए बुन्देलखण्ड पैकेज हेतु 900.33 करोड़ रुपये, प्रदेश के त्वरित विकास के लिए 500 करोड़ रुपये, बार्डर एरिया डेवलेपमेन्ट हेतु 55 करोड़ रुपये तथा एकीकृत एक्शन प्लान में 90 करोड़ रुपये का प्राविधान।
ऽ    पूर्वांचल हेतु 291 करोड़ रुपये की तथा बुन्देलखण्ड हेतु 109 करोड़ रुपये की विशेष योजनाओं का बजट में प्राविधान और मंजूरी दी गई।
ऽ    राजकोषीय अनुशासन बनाये रखने के लिये ‘उत्तर प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबन्ध अधिनियम, 2004’ में व्यवस्थित राजस्व बचत, राजकोषीय घाटा एवं राज्य की ऋण व्यवस्था निर्धारित सीमा में है।

प्राविधिक शिक्षा विभाग
ऽ    प्रदेश में पहली बार एम0बी0ए0/एम0सी0ए0 की प्रवेश परीक्षा आॅनलाइन आयोजित की गयी। इस प्रकार उत्तर प्रदेश पूरे देश में आॅॅनलाइन परीक्षा सम्पन्न कराने वाला पहला प्रदेश बन गया है।
ऽ    प्रदेश के असेवित 02 मण्डलों में डिग्री स्तरीय इंजीनियरिंग काॅलेजों की स्थापना का प्राविधान किया गया। साथ ही आई0आई0टी0 एवं आई0आई0एस0ई0 स्तरीय संस्थाओं की स्थापना करने के भी प्रयास किये जा रहे हैं।
ऽ    मल्टीसेक्टर प्लान के अन्तर्गत 22 जनपदों में पाॅलीटेक्निक खोलने का निर्णय लिया गया है।
ऽ    छात्र/छात्राआंे को तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के लिए नए पाॅलीटेक्निकों के निर्माण के साथ ही उनमें नए छात्रावासों का भी प्राविधान किया गया और क्षमता विकास कार्यक्रमों के बजट में 48 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई।
ऽ    कन्या विद्याधन योजना एवं बी0पी0एल0 कार्डधारकों की कक्षा 10 उत्तीर्ण छात्राओं को आगे की शिक्षा दिलाने हेतु बजट में प्राविधान किया गया है। इस योजना का स्वरूप शीघ्र ही घोषित किया जाएगा।
ऽ    कुल मिलाकर प्रदेश में प्राविधिक शिक्षा के लिए 476.29 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

श्रम कल्याण विभाग
ऽ    प्रदेश में 30 वर्ष से 40 वर्ष के बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की योजना प्रारम्भ की गयी है। योजना के अन्तर्गत सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत कम से कम हाईस्कूल या समकक्ष पास बेरोजगारों को 01 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से बेरोजगारी भत्ता देने की व्यवस्था की गई है। योजना के लिये नियमावली तैयार कर ली गयी है। बेरोजगारों को प्रदेश की प्रगति में समुचित रूप से नियोजित करने का प्रयास करते हुए उनकी रोजगारपरकता में वृद्धि करना है। इसके लिये 1,105 करोड़ रुपये का प्राविधान किया जा चुका है।
ऽ    विदेशों में सेवायोजित होने वाले भारतीय कर्मकारों की समस्या के निराकरण हेतु प्रवासी भारतीय कर्मकार प्रकोष्ठ का गठन किया जा रहा है।

आवास एवं शहरी नियोजन विभाग

ऽ    गोमती नगर लखनऊ में जय प्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय केन्द्र बनाये जाने का निर्णय लिया गया है।
ऽ    शहरों में सुव्यवस्थित, सुनियोजित एवं सजीव विकास को प्रोत्साहित करने तथा क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने के इरादे से राज्य शहरी आवास एवं पर्यावास नीति बनाये जाने का फैसला लिया गया है।
ऽ    लखनऊ में 137 हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि पर पी0पी0पी0 मोड के तहत अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम एवं स्पोर्ट्स काॅॅम्प्लेक्स को विकसित किये जाने का निर्णय लिया गया है।
ऽ    लखनऊ नगर में यातायात तथा परिवहन व्यवस्था में सुधार के लिये बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम परियोजना लागू किये जाने का निर्णय लिया गया है।
ऽ    गाजि़याबाद में नार्दन पेरीफेरल रोड का निर्माण कराया जायेगा। यह परियोजना फरवरी, 2015 तक पूरी हो जायेगी।
ऽ    मथुरा-वृन्दावन एवं गोवर्धन का समेकित विकास करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत विभिन्न कार्य कराये जायेंगे।

कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार विभाग
ऽ    प्रदेश में स्व0 श्री जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया है। योजना के अन्तर्गत 250 या उससे अधिक आबादी वाले एक हजार गांवों में अवस्थापना सुविधा का विकास किया जायेगा। गांवों में सी0सी0 रोड, नाली, विद्युतीकरण, पेयजल एवं सौर ऊर्जा प्रकाश की व्यवस्था की जायेगी। प्रत्येक जनपद में कम से कम 05 गांवों को इस वर्ष लिया जायेगा। मण्डी परिषद द्वारा इस योजना का कार्यान्वयन किया जायेगा।
ऽ    बुन्देलखण्ड क्षेत्र में प्रत्येक जिला मुख्यालय पर एक विशिष्ट मण्डी निर्मित करने की योजना है। इसके साथ ही 112 ग्रामीण अवस्थापना केन्द्र निर्मित करने हेतु लगभग 235 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है।
ऽ    किसानों को मार्केटिंग सुविधा उपलब्ध कराने हेतु 08 नये एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब के निर्माण की व्यवस्था की गयी है, जिसके लिये लगभग 500 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है।
ऽ    किसानों को आॅनलाइन तथा मोबाइल के सहयोग से मण्डियों में कृषि उत्पादों के विक्रय मूल्य की जानकारी देने की व्यवस्था की गयी है।
ऽ    आलू निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के लिये भाड़े के रूप में दी जाने वाली अनुदान राशि 1.50 रुपये प्रति किलोग्राम को बढ़ाकर 2 रुपये प्रति किलोग्राम की गई है। इसी प्रकार आम निर्यातकों को भाव के आधार पर ब्राण्ड प्रमोशन अनुदान राशि 13 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 16 रुपये प्रति किलोग्राम की गई है।


माध्यमिक शिक्षा विभाग

ऽ    प्रदेश में 449 नये राजकीय हाईस्कूलों को जुलाई, 2012 से संचालित किये जाने की व्यवस्था की गयी है। इनमें से 73 विद्यालय अल्पसंख्यक बाहुल्य विकास खण्डों में स्थापित किये जा रहे हैं।
ऽ    कक्षा 10 पास सभी बच्चों को टैबलेट पी0सी0 उपलब्ध कराने हेतु 302.39 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर दी गई है।
ऽ    कक्षा 12 पास करके उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने वाले सभी बच्चों को लैपटाप उपलब्ध कराने के लिए 2,418.85 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

बेसिक शिक्षा विभाग
ऽ    अध्यापकों के वेतन, पेंशन तथा जी0पी0एफ0 से सम्बन्धित व्यवस्था का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है। नवम्बर, 2012 से कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था लागू हो जायेगी। इस व्यवस्था से त्रुटिरहित पारदर्शी प्रणाली स्थापित होगी।
ऽ    प्रदेश में 1.72 लाख अप्रशिक्षित शिक्षा मित्र कार्यरत हैं, इनमें से 1.24 लाख शिक्षामित्र स्नातक हैं, जिन्हंे 02 चरणों में प्रशिक्षित किये जाने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। प्रथम चरण में 62 हजार शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण देकर जून, 2013 तक शिक्षक के रूप में नियुक्त कर दिया जायेगा। वर्ष 2015 तक समस्त अप्रशिक्षित शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण पूर्ण कराते हुए समायोजित कर लिया जायेगा।
ऽ    कक्षा 01 से 08 तक के समस्त छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जायेगा। साथ ही पहली बार कक्षा 01 से 08 तक समस्त वर्गों के छात्र/छात्राओं को निःशुल्क यूनीफार्म के 02 सेट दिये जाने का निर्णय लिया गया है।

विकलांग कल्याण विभाग
ऽ    75 हजार नये लाभार्थियों को आच्छादित करते हुए कुल मिलाकर 08 लाख से अधिक विकलांग जनों को पेंशन दी जायेगी।
ऽ    विवाह प्र्रोत्साहन पुरस्कार योजना के अन्तर्गत विकलांग वर से विवाह करने पर दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये तथा विकलांग वधू से विवाह करने पर अथवा दम्पत्ति (वर-वधू दोनों) के विकलांग होने पर अनुदान राशि 14 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये की गई है।
ऽ    दृष्टिबाधित, शारीरिक रूप से अक्षम एवं मूकबधिर व मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के लिए विभिन्न योजनाओं में 407.79 करोड़ रुपये की मंजूरी।
वाणिज्य कर विभाग
ऽ    विभागीय आयात घोषणा पत्र के फार्म 38 को निर्गत करने की नई व्यवस्था लागू की गयी है। केन्द्रीयकृत सेल से व्यापारियों को उनके पते पर स्पीड पोस्ट/कोरियर के माध्यम से फार्म 38 उपलब्ध कराया जायेगा।
ऽ    विभाग में पंजीकृत व्यापारियों के लिये जोखिम जीवन व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना दिनांक 12 नवम्बर, 2011 से 30 मार्च, 2012 तक प्रभावी नहीं हो सकी थी, जिसे वर्तमान सरकार द्वारा 30 मार्च, 2012 से पुनः लागू कर दिया है।

पंचायती राज विभाग
ऽ    बी0पी0एल0 परिवारों की सभी महिलाओं को 02-02 साडि़याँं तथा वृद्धजनों को एक-एक कम्बल दिये जाने की योजना को अन्तिम रूप दिया जा रहा है। इसके लिये 200 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है।

पशुपालन विभाग
ऽ    प्रदेश में उन्नत पशु प्रजातियों को उपलब्ध कराये जाने हेतु ब्रीडर फार्मर योजना लागू की जा रही है। योजना में किसानों को 20 दुधारु एवं प्रजनन योग्य मानक प्रजाति के पशुओं के क्रय हेतु सहायता उपलब्ध होगी।
ऽ    प्रदेश में बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिये बरबरी नस्ल अथवा स्थानीय प्रजाति की बकरी इकाइयां उपलब्ध करायी जायेंगी और 3.73 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत का 25 प्रतिशत अनुदान राज्य द्वारा दिया जायेगा।
ऽ    मुर्गी पालकों को लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए ब्रायलर पालन योजना के संचालन तथा कुक्कुट उत्पादन में उद्यमिता विकास का निर्णय लिया जा चुका है, इसके लिए पशुपालन विभाग के बजट में विधिवत प्राविधान भी किये गये हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग

ऽ    विभिन्न जनपदों में जापानी इंसेफ्लाइटिस/एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिन्ड्रोम बीमारी के रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण के लिये विभिन्न स्तरों पर नियमित अनुश्रवण के साथ ही पृथक से कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
ऽ    चिकित्सालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं ब्राण्डेड औषधियां उपलब्ध कराये जाने हेतु व्यवस्था की गयी है, ताकि गरीबों को अच्छी से अच्छी दवाई उपचार हेतु उपलब्ध हो सके।
ऽ    गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले व्यक्तियों एवं उनके परिवार के किसी भी सदस्य को गम्भीर रोगों के उपचार के लिये आर्थिक सहायता उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की गयी है।

हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग
ऽ    बुनकर शीर्ष समितियों, प्राथमिक सहकारी समितियों एवं अन्य बुनकरों के दिनांक 31 मार्च, 2010 से बकाया ऋण धनराशि पर अधिकतम 50 हजार रुपये प्रति बुनकर तक माफ करने का निर्णय लिया जा चुका है।
ऽ    बुनकरों को क्रेडिट कार्ड जारी किये जायेंगे, जिन पर उन्हें 03 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ सस्ता ऋण उपलब्ध होगा, जिसकी सीमा 02 लाख रुपये होगी। बैंकों से प्राप्त होने वाले ऋण पर उन्हें कोई अलग से गारण्टी देय नहीं होगी।

न्याय विभाग
ऽ    उ0प्र0 अधिवक्ता कल्याण निधि को 31 मार्च, 2017 तक 200 करोड़ रुपये कर दिया जाएगा।
ऽ    उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि के काॅरपस में वृद्धि हेतु वित्तीय वर्ष 2012-13 में 40 करोड़ रुपये की धनराशि की व्यवस्था की गयी है।

समाज कल्याण विभाग
ऽ    सरकार द्वारा गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों जिन्हें बी0पी0एल0 योजना, अन्त्योदय योजना या किसी अन्य पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उन्हें सहायता देने के लिए रानी लक्ष्मी बाई पेंशन योजना प्रारम्भ की गई है। योजना में लाभार्थी को 400 रुपये प्रतिमाह की दर से दो किश्तों में सहायता दी जाएगी। पेंशन राशि लाभार्थी के नाम से बचत खाता खोलकर हस्तान्तरित की जाएगी।

परिवहन विभाग

ऽ    जनता को सम्मानजनक तथा आरामदायक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु प्लेटिनम लाइन (9) व गोल्डन लाइन (74) बस सेवा प्रारम्भ की गई है। यह बसें प्रातः 7 बजे अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान कर सायंकाल 4 बजे वापस आएंगी।
ऽ    इंटेलिजेन्ट ट्रान्सपोर्ट मैनेजमेन्ट सिस्टम (आई0टी0एम0एस0) का प्रयोग कर अग्रिम आरक्षण, काउण्टर बुकिंग, एम0एस0टी0 एवं आर0एफ0आई0डी0 स्मार्ट प्रीपेड कार्ड के प्रयोग, वेहिकल ट्रैकिंग सिस्टम एवं यात्री सूचना प्रणाली के माध्यम से यात्रियों को और अधिक सुविधाजनक सेवा प्रदान किये जाने की व्यवस्था की जा रही है।

अल्पसंख्यक विभाग
ऽ    अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 2074.11 करोड़ रुपये की योजनाएं लागू की जा रही हैं।
ऽ    बी0पी0एल0/अन्त्योदय कार्ड धारक अल्पसंख्यक समुदाय के अभिभावकों को कक्षा 10 पास बालिकाओं को आगे की शिक्षा ग्रहण करने तथा शादी हेतु 30 हजार रुपये का अनुदान दिये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है।
ऽ    मानको पर खरे उतरने वाले 146 मदरसों को 2 वर्षों में अनुदान सूची पर लिया जाएगा।
ऽ    नगरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कब्रिस्तानों की भूमि को बाउण्ड्रीवाल बनाकर सुरक्षित एवं अनाधिकृत अतिक्रमण से मुक्त किये जाने की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है।
ऽ    वक्फ सम्पत्तियों को संरक्षित रखने एवं अवैध कब्जों से मुक्त कराए जाने हेतु वक्फ नियमावली, 2012 शीघ्र प्रख्यापित की जा रही है।

उच्च शिक्षा विभाग
ऽ    प्रदेश के शैक्षिक रूप से पिछड़े, असेवित विकासखण्डों एवं मुस्लिम बाहुल्य जनपदों में 36 राजकीय माॅडल विद्यालयों की स्थापना का निर्णय लिया गया है।
ऽ    राज्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छात्रसंघ के चुनाव पिछले कई वर्षों से नहीं हुए थे। छात्रसंघों के चुनाव कराए जाने की व्यवस्था की गई है।
ऽ    उच्च शिक्षण संस्थानों का ‘नैक’ द्वारा मूल्यांकन एवं अभिवृद्धि की व्यवस्था कराई गई है। इस वर्ष 400 महाविद्यालयों को ‘नैक’ द्वारा मूल्यांकित कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

औद्योगिक एवं अवस्थापना विकास
ऽ    उद्योग बन्धु का सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार किया जा रहा है। उद्योग बन्धु द्वारा निवेश मित्र के माध्यम से उद्यमियों को मिल रही सुविधाओं/अनुमतियों का सरलीकरण किया जा रहा है, जिससे स्वीकृतियों को प्राप्त करने में पारदर्शिता लाई जाए तथा समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित की जा सके।
ऽ    उद्योगों के साथ-साथ सेवा क्षेत्र के उपक्रमों एवं अवस्थापकीय सुविधायें उपलब्ध कराने वाले उपक्रमों की भी समस्याओं का निराकरण एवं अनुश्रवण जिलास्तरीय उद्योग बन्धु, मण्डल स्तरीय उद्योग बन्धु एवं राज्यस्तरीय उद्योग बन्धु की बैठकों में किये जाने की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा रहा है।
ऽ    एकल मेज व्यवस्था के अन्तर्गत उद्यमियों को आॅनलाइन स्वीकृतियां इत्यादि उपलब्ध कराई जा रही है। निवेश मित्र व्यवस्था को प्रदेश के 45 जिलों से बढ़ाकर अवशेष 30 जनपदों में भी शीघ्र ही लागू किये जाने का निर्णय लिया गया है।
ऽ    आगरा से लखनऊ के मध्य न्यूनतम दूरी के आधार पर आगरा-लखनऊ 08 लेन प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराए जाने की योजना बनाई गई है।

पर्यटन
ऽ    कुशीनगर, जहां भगवान बुद्ध ने परिनिर्वाण प्राप्त किया था, में लम्बे समय से अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण लम्बित था, जिसकी स्थाना के लिए केन्द्र सरकार से अनुदान प्राप्त करके हवाई अड्डे का विकास कराने की व्यवस्था की जा रही है।
ऽ    आगरा-मथुरा के क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मथुरा में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का विकास किये जाने हेतु परियोजना का प्रारूप तैयार किया गया है।
ऽ    ताजमहल के विभिन्न द्वारों सहित सम्पूर्ण ताजगंज क्षेत्र के विकास के लिए 75 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तथा नगर निगम द्वारा कूड़ा-करकट निष्पादन की 18 करोड़ की योजना का उच्च स्तर पर अनुमोदन करने के उपरान्त उसे भारत सरकार को भेजने की तैयारी अन्तिम चरण में है।
ऽ    आगरा मेगा प्रोजेक्ट फेज-2 के अन्तर्गत 18.26 करोड़ रुपये से शाहजहां पार्क का विकास, 6.41 करोड़ रुपये से फतेहपुर सीकरी का विकास तथा 2.56 करोड़ रुपये से ताज नेचर वाॅक के द्वितीय चरण में 340.98 लाख रुपये से वृक्षारोपण, पौधरोपण, सिंचाई आदि के कार्य कराये जाने की योजना को भी अन्तिम रूप दिया जा रहा है।
ऽ    उत्तर प्रदेश में शिल्पग्राम आगरा (ताजमहल से 1 किमी दूर), गुलिस्तान पार्किंग, फतेहपुर सीकरी और संत रविदास घाट इन तीन स्थानों पर हीलियम के विशाल गुब्बारों में पर्यटकों को घुमाने की योजना को अन्तिम रूप दिया जा रहा है।
ऽ    विन्ध्याचल, बरसाना (मथुरा), देवांगना (चित्रकूट) में रोपवे द्वारा पर्यटकों के आवागमन की व्यवस्था का निर्णय लिया गया है, जिसकी योजना तैयार की जा रही है।
ऽ    प्रदेश में कुछ स्थानों पर नाइट सफारी परियोजना भी संचालित की जाएगी, जिसमें ग्रेटर नोएडा में इस परियोजना को सैद्धान्तिक स्वीकृति दी जा चुकी है।
ऽ    अयोध्या के समन्वित पर्यटन विकास की योजना तैयार की जा रही है।

नगर विकास विभाग

ऽ    वर्ष 2013 में इलाहाबाद में विश्व के सबसे बड़े मेले, कुम्भ मेला का आयोजन 14 जनवरी, 2013 से 10 मार्च, 2013 के बीच किया जाएगा। इस अवधि में लगभग 10 लाख तीर्थ यात्री प्रतिदिन इलाहाबाद में निवास करेंगे। कुम्भ मेला के लिए 669 करोड़ रुपये की अवस्थापना परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, जिन पर कार्य चल रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 651 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृत किया जा रहा है, जिसके लिए 30 प्रतिशत वित्त पोषण भारत सरकार से प्राप्त होगा। महाकुम्भ को सफल बनाने के लिए प्रत्येक स्तर पर हर विभाग द्वारा अभूतपूर्व प्रयास किये जा रहे हैं।
ऽ    राज्य सरकार द्वारा नागर निकायों के महापौर, अध्यक्ष तथा पार्षदों व सभासदों के स्थानों के आरक्षण एवं आवंटन की समस्त कार्यवाही, मा0 उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में, दिनांक 31 मई, 2012 के पूर्व में पूर्ण कर ली गई। राज्य सरकार द्वारा नागर निकायों के सामान्य निर्वाचन, 2012 की अधिसूचना दिनांक 25 मई, 2012 भी निर्गत की गई, जिसके क्रम में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन की व्यवस्था की गई।
ऽ    नगर निगमों/नगर पालिका परिषदों में कूड़ा-करकट निस्तारण की योजना बनाई गई है। अगले 5 वर्षों में 176 नगर निकायों में पी0पी0पी0 के आधार पर नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन की योजना लागू की जाएगी। इस वर्ष 17 नगर निकायों में योजना का कार्यान्वयन किया जाएगा।
ऽ    नगरीय क्षेत्रों में नगरीय प्रशिक्षण एवं शोध केन्द्र की स्थापना किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस संस्थान में निकायों के कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों को वर्ष में कम से कम दो बार सेवाकालीन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
ऽ    नगर विकास योजनाओं के लिए इस वर्ष बजट में 5,031 करोड़ रुपये की व्यवस्था, जो वर्ष 2011-12 की तुलना में 32 प्रतिशत अधिक है।

सिंचाई विभाग
ऽ    रबी की फसल के पूर्व सिल्ट सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है और इसके लिए 68 करोड़ रुपये अवमुक्त किये गए हैं।
ऽ    प्रदेश में कुल नहरों की संख्या 10 हजार 522 है। खरीफ में 9 हजार 654 तथा रबी में 9 हजार 850 नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
ऽ    डा0 राम मनोहर लोहिया राजकीय नलकूप योजना के अन्तर्गत 300 नलकूपों का निर्माण किया जाएगा तथा 8,000 नलकूपों का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
ऽ    अनियमितता के आरोप में 19 वरिष्ठ अभियन्ताओं को निलम्बित कर जांच की कार्रवाई प्रारम्भ की गई।

लोक निर्माण विभाग
ऽ    प्रदेश के समस्त राजमार्गों को कम से कम 7 मीटर चैड़ा किया जाएगा तथा समस्त जिला मुख्यालयों को चार लेन मार्ग से जोड़ा जाएगा।
ऽ    प्रदेश के समस्त ग्रामों/बसावटों को सम्पर्क मार्ग से अगले 5 वर्षों में जोड़ दिया जाएगा।
ऽ    सड़कों के लिए बजट में 4,595.68 करोड़ रुपये, सेतुओं के लिए 1,330.10 करोड़ रुपये तथा सम्पर्क मार्गों हेतु 914.68 करोड़ रुपये का प्राविधान। इलाहाबाद में वर्ष 2013 में आयोजित होने वाले कुम्भ मेले में मार्गों के सुधार हेतु लगभग 256 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    इसके अलावा पी0पी0पी0 मोड पर सड़कों का निर्माण कराने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण के लिए 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

चिकित्सा शिक्षा विभाग
ऽ    असाध्य रोगों के इलाज हेतु निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 25 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है।
ऽ    कैंसर जैसी बीमारी के इलाज के लिए एक उच्च स्तरीय कैंसर संस्थान की स्थापना का निर्णय लिया गया है।
ऽ    मेडिकल कालेज, गोरखपुर में इंसेफ्लाइटिस बीमारी के इलाज हेतु अलग से सौ शैय्याओं के चिकित्सालय के निर्माण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।
ऽ    पैरामेडिकल विज्ञान महाविद्यालय, सैफई, इटावा को आगामी सत्र से संचालित किये जाने का निर्णय लिया गया है।
ऽ    राजकीय मेडिकल कालेज, कन्नौज में वर्ष 2012-13 से शैक्षिक सत्र प्रारम्भ किया जाएगा।

राजस्व विभाग
ऽ    समस्त खातेदार कृषकों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना से आच्छादित करने के साथ ही बीमा के आवरण की धनराशि 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की जा रही है, जिसके लिए 350 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।

उद्यान विभाग
ऽ    प्रदेश के 3 जनपदों में लोहिया पर्यावरणीय उद्यान स्थापित किये जाने की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए 4.50 करोड़ रुपये की धनराशि का पहली बार प्राविधान किया गया है।
ऽ    प्रदेश के 21 जनपदों में पान की खेती को बढ़ावा देने के लिए छोटे किसानों की आय में वृद्धि एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना लागू की गई है।

महिला एवं बाल विकास विभाग
ऽ    आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं का मानदेय 1,500 रुपये को दोगुना करते हुए 3,000 रुपये की गई है।
ऽ    इस वर्ष 617 आंगनबाड़ी केन्द्र भवनों का निर्माण कराया जायेगा।

ग्राम्य विकास विभाग

ऽ    पिछले तीन वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा स्वीकृतियां लगभग नगण्य रही थीं। प्रदेश में 500-999 आबादी वाली कुल 691 बसावटों को सम्पर्क मार्ग से संतृप्त करने हेतु 1141 किलोमीटर लम्बाई के मार्ग के लिए 621.50 करोड़ रुपये की लागत के डी0पी0आर0 भारत सरकार की स्वीकृति हेतु प्रेषित कर दिया गया है।
ऽ    गरीबी रेखा से नीचे के सामान्य व अनु0 जाति के जो परिवार विभिन्न आवास योजनाओं से लाभान्वित होने से छूट गए हैं, उन परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लोहिया ग्रामीण आवास योजना प्रारम्भ की गई है।
ऽ    ग्रामीण क्षेत्रों मंे इंदिरा आवास योजना मुहैय्या कराने हेतु वित्तीय वर्ष में 1,245.14 करोड़ रुपये की धनराशि का आवंटन कराया गया है।
ऽ    ग्रामीण पेयजल की समस्या के त्वरित निदान हेतु राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत प्रति विकासखण्ड में कुल 100 हैण्डपम्प (50 रिबोर एवं 50 नये हैण्डपम्प) अर्थात प्रदेश में कुल 82100 रिबोर/नये हैण्डपम्पों के अधिष्ठान का निर्णय लेते हुये निर्देशित किया गया कि हैण्डपम्पों की सीमित संख्या को देखते हुये उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाये जहां पर जल स्तर नीचे गिर जाने के कारण पेयजल की समस्या उत्पन्न हो रही है।
ऽ    महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार द्वारा सम्यक विचारोपरान्त ग्राम रोजगार सेवकों को 3000 रुपये प्रतिमाह मानदेय भुगतान किये जाने का निर्णय लिया गया।
ऽ    पिछड़े गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए डाॅ0 राम मनोहर लोहिया समग्र विकास योजना आरम्भ, जिसके लिए 720 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस योजना में इस वर्ष 1,600 गांवों का और अगले 4 वर्षों में 10 हजार गांवों का 36 विकास कार्यक्रमों के अन्तर्गत सर्वांगीण विकास होगा।
ऽ    लोहिया ग्रामीण आवास योजना में बिना किसी भेदभाव के सबसे गरीब ग्रामीणों को आवास मुहैया कराने के लिए 395 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
ऽ    सौर विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

ऊर्जा विभाग
ऽ    प्रदेश में विद्युत चोरी रोकने तथा लाइन हानियां कम करने करने के लिये 1,800 करोड़ रुपये लागत की आर0-ए0पी0डी0आर0पी0 योजना 168 शहरों में लागू करने के लिये निविदायें प्राप्त की गई हैं।
ऽ    22 जनपदों में सभी गैर विद्युतीकृत मजरों एवं गांवों के विद्युतीकरण के लिये 3500 करोड़ रुपये की योजना को लागू करने के लिये निविदायें आमंत्रित करने की कार्यवाही प्रारम्भ की गई है।
ऽ    प्रदेश के 6 शहरों क्रमशः लखनऊ, फिरोजाबाद, अलीगढ़, मुरादाबाद, सहारनपुर एवं झांसी में ‘स्काडा’ योजना लागू करने की कार्यवाही प्रारम्भ की गई है।
ऽ    पारीछा विस्तार परियोजना की 250 मेगावाट क्षमता की एक नयी इकाई से विद्युत उत्पादन प्रारम्भ हो गया है।
ऽ    उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लि0 के माध्यम से 1320 मेगावाट क्षमता की ओबरा ‘सी’ परियोजना, 66 मेगावाट क्षमता की हरदुआगंज विस्तार-द्वितीय परियोजना तथा 250 मेगावाट क्षमता की पनकी विस्तार परियोजना स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
ऽ    केस-1 बिडिंग के माध्यम से 6000 मेगावाट विद्युत क्रय करने हेतु निर्णय लिया गया है।
ऽ    जनपद कानपुर के घाटमपुर में प्रदेश सरकार एवं नेयवेली लिग्नाइट कार्पोरेशन की 1980 मेगावाट क्षमता वाली संयुक्त उपक्रम विद्युत परियोजना का शिलान्यास किया गया है।

संस्कृति विभाग
ऽ    प्रदेश के उन कलाकारों को जिन्होंने अपनी प्रतिभा एवं उत्कृष्ट योगदान द्वारा राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की है, उन्हें ‘यश भारती’ सम्मान से पुरस्कृत किये जाने के लिये सम्मान राशि 5 लाख रुपये से बढ़ाकर धनराशि 11 लाख रुपये प्रति कलाकार कर दी गयी है।

नियोजन
ऽ    प्रदेश की विकास योजनाओं को गति प्रदान करने के लिए मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में अब तक निष्क्रिय पड़े राज्य योजना आयोग को सक्रिय किया गया है।
ऽ    प्रथम चरण में उपाध्यक्ष की नियुक्ति के साथ ही योजनाओं के कार्यान्वयन, मूल्यांकन तथा अनुश्रवण को गति प्रदान की गई है।
ऽ    भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप राज्य के संसाधनों, जन अपेक्षाओं तथा समस्याओं के अनुरूप भी नियोजन पर ध्यान दिया गया है।

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग
ऽ    जनपदों में घटित होने वाली प्रमुख घटनाओं एवं समस्याओं के बारे में तत्काल जानकारी प्राप्त करने हेतु एस0एम0एस0/ई-मेल के द्वारा सूचना प्राप्त कर उस पर आवश्यक कार्रवाई की व्यवस्था की गई है।
ऽ    विकास कार्याें से संबंधित फीचर/सक्सेज स्टोरी तथा अन्य महत्वपूर्ण/आवश्यक रिपोर्ट आदि भेजने हेतु सभी जिला सूचना कार्यालयों को ई-मेल सुविधा प्रदान की गई है, ताकि वांछित विवरण तत्काल प्राप्त हो सके। इसके अलावा सामाजिक एवं आर्थिक विकास से जुड़े कार्यांे/उपलब्धियों की विभिन्न माध्यमों  से व्यापक प्रचार-प्रसार कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जायेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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मुख्यमंत्री ने लखनऊ नगर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिये प्रस्तावित योजनाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिये

Posted on 20 June 2012 by admin

प्रस्तावित हरित पार्क से पिपराघाट तथा सुल्तानपुर रोड के रेलवे ट्रैक पर भी ओवर ब्रिज बने

21उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने लखनऊ नगर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिये प्रस्तावित योजनाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि सम्भावित बी0आर0टी0एस0 से प्रभावित होने वाली योजनाओं को छोड़कर शेष योजनाओं को शीघ्र शुरू किया जाये। उन्होंने कहा कि बी0आर0टी0एस0 से प्रभावित होने वाली परियोजनाओं पर बी0आर0टी0एस0 के सम्बन्ध में अन्तिम निर्णय लेने के बाद आवश्यकतानुसार विचार किया जायेगा।
मुख्यमंत्री आज एनेक्सी स्थित अपने कार्यालय सभाकक्ष में लखनऊ नगर की प्रस्तावित आर0ओ0बी0/फ्लाई ओवर/मार्गों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बी0आर0टी0एस0 परियोजना के क्रियान्वयन से प्रभावित न होने वाली परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने डालीगंज, पुरनिया में प्रस्तावित आर0ओ0बी0, हाथी पार्क के समीप अण्डरपास को 06 लेन में परिवर्तित करने तथा आई0टी0 काॅलेज चैराहे पर प्रस्तावित फ्लाई ओवर पर शीघ्र काम शुरू करने के लिये कहा। इसके अलावा बन्धा रोड (डालीगंज पुल-पक्का पुल-सीतापुर रोड) की वर्तमान सड़क के सुदृढ़ीकरण तथा नगर के सघन क्षेत्रों, विशेष रूप से पुराने लखनऊ की सड़कों की मरम्मत के लिए जरूरी कदम उठाये जाने की भी अपेक्षा की।
श्री यादव ने शहीद पथ इंटरसेक्शन फ्लाई ओवर तथा लोहिया पथ के कार्यों को भी शीघ्र शुरू करने के अलावा गोमती नगर विस्तार में प्रस्तावित हरित पार्क से पिपराघाट तथा सुल्तानपुर रोड के रेलवे ट्रैक पर ओवर ब्रिज बनाने पर विचार करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता और समयशीलता पर विशेष ध्यान दिया जाये।
बैठक में राज्यमंत्री प्रोटोकाॅल श्री अभिषेक मिश्रा, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री नवीन चन्द्र बाजपेयी, मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, प्रमुख सचिव नगर विकास श्री प्रवीर कुमार, प्रमुख सचिव आवास विकास श्री शम्भु नाथ शुक्ला, सचिव मुख्यमंत्री श्रीमती अनीता सिंह, परिवहन आयुक्त श्री आलोक कुमार, मण्डलायुक्त लखनऊ श्री संजीव मित्तल, जिलाधिकारी लखनऊ श्री अनुराग यादव, उपाध्यक्ष लखनऊ विकास प्राधिकरण डाॅ0 रजनीश दुबे सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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कानपुर नगर के रिवाईवल की योजनाओं को जल्दी पूरा किया जायेगा - मुख्यमंत्री

Posted on 20 June 2012 by admin

  • दर में संशोधन कर निजी संस्था को नगर की विद्युत वितरण व्यवस्था सौंपने पर विचार
  • कानपुर नगर के प्रतिनिधि मण्डल की मुख्यमंत्री से भेंट

3उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव से आज यहां एनेक्सी स्थित सभाकक्ष में कानपुर नगर के एक प्रतिनिधि मण्डल ने भेंट कर उनसे कानपुर महानगर का गौरव पुनः बहाल कराने का अनुरोध किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कानपुर नगर के रिवाईवल के लिये जो विकास योजनायें चल रहीं हैं, उन्हें जल्दी पूरा किया जायेगा तथा जिन योजनाओं में केन्द्र सरकार द्वारा धनराशि प्राप्त होनी है, उनके लिये तत्परता से प्रयास भी किये जायेंगे। उन्होंने मुख्य सचिव को कानपुर नगर की परियोजनाओं और वहां की आवश्यकताओं की समीक्षा कर अवगत कराने के भी निर्देश दिये हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गंगा के बायीं तरफ नगर को उन्नाव के सरैंया गांव से जोड़ने के लिये निर्माणाधीन बैराज रोड को नवम्बर तक पूरा करने का प्रयास किया जाये। उन्होंने ट्रांसपोर्ट नगर को शहर से बाहर स्थानांतरित करने, लेबर कालोनी के सम्बन्ध में शीघ्र निर्णय लेने के साथ-साथ भवनहीन थानों के भवन निर्माण पर भी विचार किये जाने की भी अपेक्षा की।
श्री यादव ने प्रतिनिधि मण्डल के अनुरोध पर कानपुर नगर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने के लिये दर में संशोधन कर निजी संस्था को विद्युत वितरण व्यवस्था सौंपने पर विचार करने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने जिला कारागार को नगर से बाहर स्थानांतरित करने तथा मंधना-भौती बाईपास को कानपुर विकास प्राधिकरण द्वारा शीघ्र बनवाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कानपुर विकास प्राधिकरण की सीमा अन्तर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष में 10 गांवों में आवश्यक सुविधायें मुहैय्या की बात भी कही। उन्होंने यह भी कहा कि गंगा नदी के घाटों के विकास लिये काम किया जायेगा।
इससे पूर्व प्रतिनिधि मण्डल ने लगभग 06 हजार करोड़ रूपये की लागत की विभिन्न परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराने का अनुरोध किया, इनमें शहरी सुविधाओं को बढ़ाने, अवस्थापना सुविधाओं का विकास, सड़कों के निर्माण, विद्युत वितरण व्यवस्था में सुधार, मल्टीलेवल पार्किंग आदि परियोजनायें शामिल हैं। प्रतिनिधि मण्डल के सदस्यों ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कानपुर नगर के विकास के लिये किये जा रहे प्रयासों का परिणाम अब मिलने लगा है, कानपुर नगर की यातायात व्यवस्था में सुधार हो रहा है, अतिक्रमण भी हटाये जा रहे हैं। प्रतिनिधि मण्डल ने उम्मीद जतायी कि राज्य को लगभग 05 हजार करोड़ रूपये का राजस्व देने वाले कानपुर नगर के विकास में वर्तमान सरकार पूरा प्रयास करेगी। इससे कानपुर पुनः औद्योगिक नक्शे पर अपना पुराना गौरव हासिल कर सकेगा।
बैठक में राज्यमंत्री प्रोटोकाॅल श्री अभिषेक मिश्रा, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री नवीन चन्द्र बाजपेयी, विधायक श्री सतीश कुमार निगम, मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, प्रमुख सचिव नगर विकास श्री प्रवीर कुमार, सचिव मुख्यमंत्री श्रीमती अनीता सिंह, परिवहन आयुक्त श्री आलोक कुमार, मण्डलायुक्त कानपुर सुश्री शालिनी प्रसाद, श्री महेन्द्र मोहन सहित उद्योग तथा व्यापार से सम्बन्धित लोग उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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मुख्यमंत्री ने लखनऊ में बी0आर0टी0एस0 की डी0पी0आर0 तैयार करने हेतु संस्था के चयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की

Posted on 20 June 2012 by admin

आवास एवं शहरी नियोजन विभाग होगा बी0आर0टी0एस0 परियोजना का नोडल विभाग

1उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बी0आर0टी0एस0) सुविधा उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में आज एनेक्सी स्थित अपने कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित एक बैठक में अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। इस मौके पर उन्होंने बी0आर0टी0एस0 के सम्बन्ध में सेप्ट (CEPT) तथा यू0एम0टी0सी0 के प्रस्तुतीकरण का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में बी0आर0टी0एस0 परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का परीक्षण करने तथा इस सम्बन्ध में डी0पी0आर0 तैयार करने हेतु संस्था के चयन के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति के गठन का निर्णय भी लिया। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति में औद्योगिक उत्पादन आयुक्त के अलावा लोक निर्माण आवास, वित्त, तथा नियोजन विभागों के प्रमुख सचिव तथा लखनऊ के मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखनऊ आदि भी सदस्य के रूप में सम्मिलित होंगे। उन्होंने कहा कि बी0आर0टी0एस0 परियोजना के लिये आवास एवं शहरी नियोजन विभाग नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा।
इस अवसर पर राज्यमंत्री प्रोटोकाॅल श्री अभिषेक मिश्रा, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री नवीन चन्द्र बाजपेयी, मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, प्रमुख सचिव वित्त श्री आनंद मिश्रा, प्रमुख सचिव नगर विकास श्री प्रवीर कुमार, प्रमुख सचिव नियोजन एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन श्री आर0पी0सिंह, प्रमुख सचिव आवास विकास श्री शम्भु नाथ शुक्ला, सचिव मुख्यमंत्री श्रीमती अनीता सिंह, परिवहन आयुक्त श्री आलोक कुमार, मण्डलायुक्त श्री संजीव मित्तल, उपाध्यक्ष लखनऊ विकास प्राधिकरण डाॅ0 रजनीश दुबे सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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1600 से 2000 तक आबादी वाले प्रदेश के लगभग 7930 गांवों में मार्च, 2013 तक राष्ट्रीय कृत बैंकों की तरह बैंकिंग सुविधायें मुहैय्या होंगी

Posted on 19 June 2012 by admin

  • प्रदेश के 1500 गांवों को अंगीकृत कर विभिन्न बैंकों द्वारा सर्वांगीण विकास हेतु विशेष अभियान चलाया जाएगा
  • अधिक से अधिक खाते खोलकर उनमें लेन-देन तथा प्रत्येक परिवार हेतु एक खाता खोलने आदि के निर्देशों का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित-केन्द्रीय वित्त सचिव
  • वित्तीय समावेशन प्लान के अन्तर्गत बीमा उत्पादकों का लाभ पहुंचाने, महिला स्वयं सहायता समूह को बढ़ावा देने, सभी पात्र कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड की उपलब्धता सुनिश्चित हो-मुख्य सचिव

उत्तर प्रदेश सरकार अब राज्य में केन्द्र सरकार के सहयोग से नई बैंकिंग क्रांति की ओर अग्रसर है। प्रदेश के 1600 से 2000 आबादी वाले लगभग 7930 गांवों में आगामी मार्च, 2013 तक देश के विभिन्न राष्ट्रीय कृत बैंकों की तरह बैंकिंग सुविधायें मुहैय्या होंगी, जैसी अभी तक महानगरों और बड़े शहरों में उपलब्ध हो रही थी, जैसे ए0टी0एम0 सुविधा, क्रेडिट कार्ड, नेटबैंकिंग, व्यक्तिगत भविष्यनिधि खाता, सावधि जमा, व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत ऋण, बचत खाता, चालू खाता, चेक सुविधाएं तथा ड्राप बाक्स आदि। प्रदेश के समस्त 75 जनपदों के 1500 गांवों को विभिन्न बैंकों द्वारा अंगीकृत कर सर्वांगीण विकास हेतु विशेष अभियान चलायेगा। इस योजना के तहत प्रत्येक जनपद से चयनित 20 गांवों में अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों को भी वरीयता दी जायेगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी एवं केन्द्रीय वित्त सचिव (वित्त सेवाएं) श्री डी0के0 मित्तल ने आज योजना भवन में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में ‘स्वाभिमान विस्तार’ नामक प्रस्तावित योजना की रूप रेखा (रोड मैप) का विमोचन किया।
कार्यक्रम में सचिव, वित्त (वित्त सेवाएं), भारत सरकार श्री डी0के0मित्तल ने वित्तीय समावेश प्लान के अन्तर्गत बैकर्स द्वारा अर्जित प्रगति की समीक्षा करते हुए भविष्य के लिए तैयार रोडमैप के अन्तर्गत शत-प्रतिशत लक्ष्यों की पूर्ति हेतु निर्देशित किया। उन्होंने भारत सरकार की अपेक्षाओं क अनुरूप अल्ट्रा स्माल शाखाओं का विस्तार, बैंक अधिकारियों द्वारा साप्ताहिक भ्रमण, अधिक से अधिक खाते खोलकर उनमें लेन-देन तथा प्रत्येक परिवार हेतु एक खाता खोलने आदि के निर्देशों का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित करने हेतु निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जनता को बैंकिंग सुविधाएं आसानी से उपलब्ध करायी जाए ताकि आम नागरिक प्रदेश की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित होकर भरपूर लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि बैंकों का उद्देश्य व्यवसाय वृद्धि के साथ-साथ जनता की सेवा करना होना चाहिए। उन्हांेने यह भी कहा कि निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए इस बात का ध्यान रखना होगा कि केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं से आमजन अधिकाधिक सुविधाएं प्राप्त कर सके। उन्हांेने कहा कि भारत सरकार के 15 सूत्रीय कार्यक्रम एवं अन्य योजनाओं को दृष्टिगत रखते हुए अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं मुहैय्या करायी जाए।
श्री उस्मानी ने बैंकों द्वारा अधिकाधिक ऋण प्रवाह, ऋण जमा अनुपात में आशातीत वृद्धि अल्पसंख्यक बाहुल्य जनपदों में बैंक शाखाओं का विस्तार तथा सच्चर कमेटी की सिफारिशों के तहत प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र का 15 प्रतिशत ऋण प्रवाह आदि महत्वपूर्ण विषयों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने वित्तीय समावेशन प्लान के अन्तर्गत बीमा उत्पादकों का लाभ पहुंचाने, महिला स्वयं सहायता समूह को बढ़ावा देने, सभी पात्र कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए।
अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक, बैंक आफ बड़ौदा श्री एम0डी0 माल्या ने कहा कि भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के क्रम में विभिन्न बैंकों ने 2000 से अधिक आबादी वाले चयनित 16270 गांवों के सापेक्ष 16388 गांवों में बंैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करायी हैं। उन्हांेने कहा कि प्रदेश में कार्यरत विभिन्न बैंक रोड मैप के अन्तर्गत आवंटित सभी गांवों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार का कार्य निर्धारित समय सीमा से पहले ही प्राप्त कर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। उन्होंने निर्धारित मानकों के तहत बैंकों द्वारा अर्जित प्रगति से अवगत कराते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास हेतु बैंकर्स की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
बैंक आफ बड़ौदा के महाप्रबन्धक एवं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के प्रदेश संयोजक श्री डी0के0 गर्ग ने विशिष्ट अतिथियों का स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए बैंकों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन, प्रमुख सचिव संस्थागत वित्त श्री योगेश कुमार, पंजाब नेशनल बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक श्री के0आर0 कामत, भारतीय स्टेट बैंक के प्रबन्ध निदेशक श्री ए0 कृष्ण कुमार सहित अन्य बैंकों तथा वित्तीय संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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आगरा में विश्व स्तरीय पर्यटन सुविधायें उपलब्ध करानेे की योजनाओं को अमली जामा पहनाया जायेगा - मुख्यमंत्री

Posted on 15 June 2012 by admin

  • आगरा के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की
  • आगरा के विकास के लिये किये जा रहे प्रयासों के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि आगरा में विश्व स्तरीय पर्यटन सुविधायें उपलब्ध कराने तथा देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने की योजनाओं को शीघ्र अमली जामा पहनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि आगरा को सूचना प्रौद्योगिकी का हब बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम भी उठाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि जल परिवहन, मूलभूत अवस्थापना एवं हवाई अड्डे के विकास के अलावा पर्यटन सुविधाओं एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ नेचर पार्क आदि स्थलों को आकर्षक बनाकर आगरा की अन्तर्राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने ये विचार उस समय व्यक्त किये जब आज उनके सरकारी आवास पर आगरा के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की। इस अवसर पर परिवहन मंत्री श्री राजा महेन्द्र अरिदमन सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री से प्रतिनिधि मण्डल की मुलाकात काफी सकारात्मक रही।
प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री को आगरा नगर के विकास के लिये इतने कम समय में रूचि दिखाते हुए किये जा रहे उत्साहवर्धक प्रयासों के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि विगत में आगरा जैसे महत्वपूर्ण नगर की काफी उपेक्षा की गयी थी। लगभग 2 घंटे चली बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रत्येक बिन्दुओं पर प्रतिनिधि मण्डल के सुझावों को ध्यान से सुना और उनपर गम्भीरता से विचार करने का आश्वासन भी दिया। प्रतिनिधि मण्डल ने कहा कि राज्य सरकार की पहल से आगरा शहर को पर्यटन के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी ख्याति मिलेगी। इससे आगरा का पर्यटन के क्षेत्र में गौरव पुनः कायम होगा। प्रतिनिधि मण्डल ने विभिन्न समस्याओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि नगर की इन समस्याओं का समाधान शीघ्र कराया जाये।
श्री यादव ने कहा कि आगरा में अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट की स्थापना हेतु कार्रवाई सुनिश्चित करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न न्यायालयों के आदेशों एवं नियमों को दृष्टिगत रखते हुए ताजमहल के आसपास विशेष रूप से ताजगंज का विकास अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कराया जायेगा। शाहजहां पार्क को सुसज्जित करने के साथ-साथ ताजमहल के समीप ताज नेचर पार्क का विकास भी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ताजमहल के आस-पास हरित पट्टी विकसित की जायेगी। उन्होंने कहा कि आगरा एवं इसके आसपास मुख्य मार्गों का उच्चीकरण एवं चैड़ीकरण कराया जायेगा। आगरा नगर में उत्तर एवं दक्षिण बाईपास बनाने तथा जमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए भी काम किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सूचना प्रौद्योगिकी एवं नई औद्योगिक नीति के माध्यम से उद्यमियों को सुविधायें उपलब्ध कराने तथा निवेश के लिये बेहतर वातावरण बनाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आगरा नगर की यातायात व्यवस्था सुधारी जायेगी। उन्होंने कहा कि एस0एन0 मेडिकल काॅलेज, आगरा का उच्चीकरण कर यहां इलाज की सभी सुविधायें मुहैय्या करायी जायेंगी। उन्होंने कहा कि आगरा मण्डल पूरे देश में आलू का सबसे उत्पादक एवं भण्डारण क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि यहां के आलू उत्पादकों को प्रोत्साहित करने तथा वैल्यू एडीशन के लिए राज्य सरकार आवश्यक सुविधायें मुहैय्या करायेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगरा में चलायी जा रही योजनाओं पर तेजी से कार्य करें तथा योजनाओं के निरंतर समीक्षा भी करें।
इस अवसर पर प्रतिनिधि मण्डल ने आगरा के होटलों में पर्यटकों को सुविधा उपलब्ध कराने, आगरा में जलापूर्ति की गुणवत्ता सुधारने तथा मूलभूत संसाधनों में सुधार के लिए सुझाव भी दिये हैं।
बैठक में विधायक श्री राम सकल गुर्जर, आगरा के महापौर, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक कुमार, सचिव सूचना श्री अमृत अभिजात, सचिव पर्यटन श्री मनोज कुमार, के अलावा होटल एण्ड रेस्टोरेंट एसोसियेशन, आगरा डेवलपमेन्ट फाउन्डेशन, आगरा विकास मंच, फेडरेशन आफ ट्रेवेल एसोसियेशन, उ0प्र0 नेशनल चेम्बर आफ इंडस्ट्री एण्ड कामर्स, इण्डिया इन्डस्ट्रीज एसोसियेशन तथा आगरा कोल्ड स्टोरेज आॅनर्स एसोसियेशन के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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कुम्भ मेले का सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाए: मुख्यमंत्री

Posted on 13 June 2012 by admin

मुख्यमंत्री ने की कुम्भ मेला-2013 की तैयारियों की समीक्षा
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि 14 जनवरी, 2013 से इलाहाबाद में शुरू होने वाले कुम्भ मेले का आयोजन इतना पुख्ता और सुव्यवस्थित किया जाए कि वह अनुकरणीय बन जाए। उन्होंने सेवा भाव और जिम्मेदारी से कुम्भ मेले को आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी तीर्थ यात्री या पर्यटक को किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। काॅल सेन्टर और सूचना केन्द्र बनाए जाएं ताकि जानकारी के अभाव में किसी को भी किसी समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने मेले मेें कानून व्यवस्था और सफाई पर जोर देते हुए कहा कि इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री आज योजना भवन में कुम्भ मेले के आयोजन के सम्बन्ध में की जा रही तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्नान के लिए संगम पर नदियों में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। सीवेज की समस्या की शिकायत भी नहीं मिलनी चाहिए। मेले के दौरान उन औद्योगिक इकाइयों को बन्द कर दिया जाए, जिनसे पानी के प्रदूषण का खतरा बना रहता है। अर्द्धकुम्भ के दौरान 49 हजार क्यूसेक पानी लिया गया था, कुम्भ के लिए इसकी मात्रा को यथासम्भव बढ़ाया जाए।
श्री यादव ने कहा कि कुम्भ मेले के आयोजन की आदर्श व्यवस्था करने के लिए उनकी सरकार कटिबद्ध है। विश्व विख्यात कुम्भ मेले के आयोजन में प्रदेश के 10 विभागों की 133 परियोजनाएं लागू की जाएंगी, जिनके कुल 162 कार्य मेला स्थल पर किए जाएंगे। पिछला कुम्भ मेला 44 दिन का था लेकिन इस बार यह 55 दिनों का होगा। इस प्रकार 25 प्रतिशत अधिक कार्य और संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा और पिछले कुम्भ मेले से करीब 25 प्रतिशत ही अधिक तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों के आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले में आने वाले लोगों की संख्या का सेटेलाईट के माध्यम से सही-सही अनुमान लगाया जाए और उसी के अनुसार परियोजनाओं का आकार तय किया जाए। उन्होंने इलाहाबाद के स्वरूप रानी अस्पताल की स्थिति को सुधारने के भी निर्देश दिए ताकि तीर्थ यात्रियों के इलाज में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ के आयोजन में धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मेला स्थल की ओर जाने वाली सड़कों पर लगे हुए साइन बोर्ड के साथ-साथ आॅडियो-वीडियो सिस्टम लगाए जाएं, जिनसे उन लोगों को भी मेला स्थल की विभिन्न जानकारियां हर समय मिलती रहें, जो साइन बोर्ड पढ़ नहीं सकते। पार्किंग एवं सड़क जाम की समस्या न पैदा हो, इसके पक्के इन्तजाम करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नान स्थल से पार्किंग तक आने-जाने के लिए बसें लगाई जाएं। उन्हांेने यह भी कहा कि मेले के दौरान बहुत बड़ी मात्रा में बिजली की खपत होती है। बिजली की बचत करने के लिए एल.ई.डी. लाइट के प्रस्ताव पर गहनता से विचार किया जाए और जहां तक सम्भव हो कम लागत में अधिक से अधिक बिजली उपलब्ध कराई जाए। बैठक में उन्हें अवगत कराया गया कि एल.ई.डी. लाइट इकोफ्रैण्डली होती है और इसके इस्तेमाल से लगभग 80 प्रतिशत ऊर्जा की बचत भी होती है। उन्होंने मेले में 4-जी इन्टरनेट व्यवस्था लागू करवाने के प्रयास करने के भी निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में मौजूद नगर विकास मंत्री श्री मोहम्मद आजम खाँ ने सफाई और शौचालय की व्यवस्था को बेहतर से बेहतर बनाने पर जोर देते हुए कहा कि पांच शौचालयों पर एक सफाईकर्मी तैनात किया जाए। कुम्भ में सफाई की व्यवस्था चिकित्सा विभाग से नगर विकास विभाग को स्थानान्तरित करते हुए उन्होंने कहा कि गंगा नदी के किनारे बड़ी संख्या में मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था की जाएगी।
नगर विकास मंत्री ने कहा कि इलाहाबाद के चैराहों के सौन्दर्यीकरण में तेजी लाई जाए और निर्माणाधीन अलोपीबाग फ्लाई ओवर का कार्य प्रत्येक दशा में इस वर्ष नवम्बर तक पूरा कर लिया जाए। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों से कहा कि सीवेज का कार्य भी दिसम्बर के बजाए नवम्बर तक प्रत्येक दशा में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान एक समय में लगभग 10 लाख तीर्थ यात्री और 10 हजार वाहन हर समय मौजूद रहते हैं। यह सुनिश्चित करना हम सबका कर्तव्य है कि सड़क पर न तो जाम लगे और न ही आने-जाने में कोई असुविधा हो। संगम में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी सहायता कर्मी के रूप में लगाई जाए। उन्होंने मेला अधिकारी से कहा कि अगले सप्ताह वे ऐसे स्वयंसेवी संगठनों की बैठक कर लें, जो हर मेले में निःशुल्क अपने स्वयंसेवकों की सेवाएं देते रहे हैं। मेले में अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने मेला स्थल में बनने वाले अस्पतालों तथा स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए अभी से तैयारी शुरु करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने तमाम विभागों के समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि शेष कार्यों का जल्द ही सर्वे करा लिया जाए और उसी के अनुरूप परियोजना तैयार कर ली जाए। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले की तैयारियांे की पाक्षिक समीक्षा की जा रही है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री नवीन चन्द्र वाजपेयी ने पिछले कुम्भ की तर्ज पर ही टिहरी बांध तथा अन्य स्रोतों से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही।
बैठक में अवगत कराया गया कि इस बार मेले में दो लाख वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। रीवा रोड से करैलाबाग 33 केवी पारेषण लाइन का सुदृढ़ीकरण और 50 परिवर्तकों की 250 केवीए से 400 केवीए क्षमता वृद्धि की जाएगी। 33/11 केवी के 5 नए विद्युत उपकेन्द्रों का निर्माण, 11/0.4 केवी के 400 केवीए तथा 250 केवीए के 50-50 उप केन्द्रों का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा जबकि 33 केवी के 32.36 किमी तथा 11 केवी के 40 किमी भूमिगत तारों को बिछाया जाएगा। इलाहाबाद की ओर आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर 3 प्रवेश द्वारों का निर्माण होगा और यमुना तट के 5 स्थानों पर घाट बनाए जाएंगे। इलाहाबाद के 20 चैराहों का सौन्दर्यीकरण भी किया जाएगा और 20 हाई मास्ट लगाए जाएंगे। 3 नए नलकूपों का निर्माण तथा 4 नलकूपों की री-बोरिंग की जाएगी। नवनिर्मित तथा पुरानी सड़कों को चैड़ा करने तथा उनके सुदृढ़ीकरण को मिलाकर कुल 324 किमी सड़कों पर कार्य किया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री राकेश गर्ग, पुलिस महानिदेशक श्री अम्बरीष चन्द्र शर्मा सहित सम्बन्धित विभागों के प्रमुख, सचिव तथा अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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कन्नौज लोकसभा के उपचुनाव में निर्विरोध जीत

Posted on 13 June 2012 by admin

12-06-d कन्नौज की जिलाधिकारी सुश्री सेल्वा कुमारी जे ने आज मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की विशिष्ट उपस्थिति में कन्नौज लोकसभा के उपचुनाव में निर्विरोध जीत का ऐतिहासिक रिकार्ड बनाने पर समाजवादी पार्टी प्रत्याशी श्रीमती डिम्पल यादव को निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदान किया।
श्री अखिलेश यादव के कन्नौज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से इस्तीफा देने के फलस्वरूप रिक्त स्थान पर 5 जून,2012 को श्रीमती डिम्पल यादव ने नामांकन पत्र भरा था। उनके विरोध में किसी राजनीतिक दल के न आने और दो निर्दलियों द्वारा भी नाम वापस लिए जाने के फलस्वरूप 9 जून,2012 को ही उन्हें निर्विरोध घोषित कर दिया गया था।
निर्वाचन प्रमाण पत्र जैसे ही जिलाधिकारी ने श्रीमती डिम्पल यादव के हाथो में सौंपा, समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर छा गई। मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने इस अवसर पर कहा कि मैं हमेशा कन्नौज से जुड़ा रहूॅगा। विकास के मामले में आप लोगों को कोई शिकायत नहीं मिलेगी। कन्नौज ने हमारी पार्टी का सम्मान बढ़ाया है। समाजवादी विचारधारा को देशभर में फैलाने का काम किया है।
इस अवसर पर सर्वश्री विजय बहादुर पाल, विधायक तिर्वा, अरविन्द यादव विधायक छिबरामऊ, अनिल दोहरे, विधायक कन्नौज, जिलाध्यक्ष कलीम खाॅ, छात्रसभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील यादव, राष्ट्रीय महासचिव विशम्भर प्रसाद निषाद, राम आसरे विश्वकर्मा, रजनीकान्त यादव ब्लाक प्रमुख, नवाब सिंह यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख तथा संतोष यादव सनी, आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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प्रदेश का माहौल बदलने तथा निवेश का वातावरण बनाने हेतु राज्य सरकार शीघ्र नई औद्योगिक नीति लागू करेगी: मुख्यमंत्री

Posted on 09 June 2012 by admin

  • जनता से जुड़ी मदों में वर्तमान सरकार ने प्रस्तुत बजट में काफी बढ़ोत्तरी की
  • प्रदेश में भण्डारण क्षमता बढ़ाने तथा साइलोज स्टोर की स्थापना हेतु केन्द्र सरकार तथा नाबार्ड से मदद ली जायेगी
  • वर्तमान सरकार प्रस्तुत बजट के माध्यम से गत सरकार द्वारा व्यय किये गये तमाम अनाप-शनाप खर्चों की भरपाई कर रही है: मुख्यमंत्री

untitled-6उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश का माहौल बदलने तथा निवेश के लिए वातावरण बनाने हेतु शीघ्र नई औद्योगिक नीति लागू करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश करने वाले उद्यमियों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध करायी जायेगी, ताकि राज्य के नौजवानों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री आज विधान सभा में वर्तमान वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए प्रस्तुत बजट पर चर्चा का जवाब दे रहे थे। प्रस्तुत बजट राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है। विपक्षी सदस्यों ने बजट में सरकार द्वारा चुनाव के दौरान जनता से किये गये वायदों को अहमियत देने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान विपक्षी दलों के सदस्यों ने भी प्रदेश की खराब आर्थिक स्थिति, सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की अनुपस्थिति, दवाओं की अनुपलब्धता, खराब विद्युत आपूर्ति आदि का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को सत्ता में आए अभी तीन माह भी पूरे नहीं हुए हैं। इससे साफ जाहिर है कि बसपा सरकार ने प्रदेश के हित में कोई काम नहीं किया तथा उस दौरान भ्रष्टाचार चरम पर था।
श्री यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार प्रस्तुत बजट के माध्यम से गत सरकार द्वारा व्यय किये गये तमाम अनाप-शनाप खर्चों की भरपाई कर रही है। पिछली सरकार ने भूमि अधिग्रहण, विद्युत खरीदने में आये खर्च तथा उत्तराखण्ड सरकार की देनदारियों को बिना भुगतान किये छोड़ दिया था, जिसे वर्तमान सरकार को बजट के माध्यम से पूरा करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछली सरकार की लम्बित देनदारियों को पूरा करने के बावजूद उनकी सरकार जनता से किये गये वायदो को पूरा करेगी। उन्होेंने कहा कि वर्तमान सरकार अनावश्यक खर्चों को रोक कर राज्य के विकास पर खर्च करने के लिए दृढ़ संकल्प है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत सरकार ने हेलीकाॅप्टर खरीदने जैसी अनावश्यक मदों पर जनता की गाढ़ी कमाई को बर्बाद किया। बसपा सरकार ने पत्थर और मूर्तियों पर करोड़ों रुपये लगा दिये। इस प्रकार से काफी धन एवं संसाधन का दुरुपयोग किया गया। लेकिन वर्तमान सरकार ने प्रस्तुत बजट में कई महत्वपूर्ण मदों के लिए धनराशि बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, नगरीय विकास, पंचायती राज, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, बेसिक, माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा जैसे जनता से जुड़े मदों में वर्तमान सरकार ने काफी बढ़ोत्तरी की है। उन्होंने कहा कि यह कार्य उनकी सरकार ने तब किये हैं जब सरकार को राज्य का खजाना खाली मिला। उन्होंने कहा कि प्रयास किया गया है कि उपलब्ध संसाधनों के दायरे में ही जनता के कल्याण के लिये काम किये जाएं।
किसानों की चर्चा करते हुए श्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार कृषि को विशेष महत्व देती है। विकसित देशों में भी किसानों को हर सम्भव मदद उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उनकी सरकार किसानों को समय से उर्वरक, विद्युत तथा सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था करायेगी। राज्य सरकार द्वारा गन्ना किसानों को मदद उपलब्ध कराने के लिए काम किया जायेगा। इसी प्रकार किसानों से उनकी उपज खरीदने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जायेगी। वर्तमान समय में चल रही गेहूं खरीद में आ रही समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने गेहूं खरीदने के लिए बोरों की आपूर्ति हेतु समय से केन्द्र सरकार से आग्रह नहीं किया। इसी प्रकार गत सरकार ने अन्न भण्डारण की क्षमता में वृद्धि के लिए भी प्रयास नहीं किया। अपनी सरकार द्वारा किसानों के हित में लिये गये निर्णयों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि प्रस्तुत बजट में खाद के पूर्व भण्डारण के लिये 300 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। अगले 6 माह में राज्य के कई क्षेत्रों में साइलोज स्टोर बनाने का काम शुरु कर दिया जायेगा। इसमें केन्द्र सरकार एवं नाबार्ड की मदद भी ली जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने बालिकाओं के लिए कन्या विद्या धन योजना, बेराजगार नौजवानों के लिए भत्ते की व्यवस्था प्रस्तुत बजट के माध्यम से की है। राज्य में पिछली सरकार द्वारा कोई उद्योग स्थापित न कराने के कारण बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसीलिए उनकी सरकार राज्य का औद्योगिक वातावरण सुधारने का प्रयास कर रही है। पिछली सपा सरकार के दौरान चीनी मिलों की स्थापना के लिए किये गये प्रयासों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि कई अन्य राज्यों की तरह उद्यमियों को छूट दी जा सके। इसीलिए उनकी सरकार एक ऐसी उद्योग नीति बनाने का प्रयास कर रही है, जिससे उद्यमियों को राज्य में उद्योग लगाने में हिचक न हो। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार द्वारा छात्रों को टैबलेट एवं लैपटाप देने के कारणों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे गांव के छात्रों के मन से कम्प्यूटर को लेकर भय समाप्त हो जायेगा और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों की पर्याप्त जानकारी मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने राज्य में विद्युत आपूर्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि गत सरकार ने 9 मेमोरेण्डम आॅफ अण्डरस्टैण्डिंग (एम0ओ0यू0) पर हस्ताक्षर किये लेकिन इनमें से किसी एक प्रस्ताव को मूर्त रूप नहीं दिला पाई। यहां तक कि इनके लिए कोल लिंकेज की व्यवस्था नहीं की गई। विद्युत वितरण में भी गत सरकार द्वारा कोई सुधार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अब इस दिशा में गम्भीर प्रयास कर रही है। विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुधारने हेतु 1800 करोड़ रुपये के माध्यम से राज्य के 29 जनपदों में घरेलू एवं कृषि हेतु अलग-अलग फीडर की व्यवस्था का कार्य शुरु हो गया है। नए विद्युत घर लगाने के लिए आवश्यकता पड़ने पर बाहर से भी कोयला आयात किया जायेगा। इसके अलावा उनकी सरकार शीघ्र ही सोलर पाॅलिसी लाने जा रही है, जिससे सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों एवं घरेलू उपभोक्ताओं की विद्युत दरों में बढ़ोत्तरी नहीं की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं शिक्षा की पिछली सरकार द्वारा की गई उपेक्षा की चर्चा करते हुए कहा कि पिछली सपा सरकार ने लोहिया चिकित्सा संस्थान, गोमती नगर में कैंसर के इलाज की व्यवस्था की थी। 100 करोड़ रुपये के सामान एवं उपकरण खरीदे गये थे लेकिन गत बसपा सरकार द्वारा जनता की भलाई के लिए कैंसर के इलाज की इस व्यवस्था का प्रयोग करना उचित नहीं समझा। यहां तक कि इनके संचालन के लिए चिकित्सकों की भी व्यवस्था नहीं की गई। पिछली सरकार द्वारा न तो कोई नया मेडिकल कालेज ही बनाया गया और न ही पैरामेडिकल कालेज की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य में ऐवियेशन विश्वविद्यालय एवं 3 आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बनाने के लिए जमीन देने को तैयार है। इसके विपरीत बसपा सरकार द्वारा एम्स के लिए जमीन नहीं उपलब्ध कराई गई।
श्री यादव ने कहा कि उनकी सरकार कानून व्यवस्था को सर्वोच्च वरीयता देती है। उन्होंने कहा कि अधिक अपराध वाले स्थानों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरे लगाये जायेंगे तथा कानून व्यवस्था के मामले में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। प्रजातंत्र में जन प्रतिनिधि का महत्वपूर्ण स्थान होता है। इसलिए अधिकारियों को जन प्रतिनिधियों का सम्मान करना चाहिये। इस अवसर पर उन्होंने एक स्पष्टीकरण का जवाब देते हुए कहा कि अभी बजट पर विभागवार चर्चा होना शेष है। उन्होंने कहा कि उचित समय पर विधायक क्षेत्रीय विकास निधि के सम्बन्ध में निर्णय लिया जायेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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