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एन0एच0आर0एम0 के सम्बन्ध में कतिपय इलेक्ट्रानिक मीडिया द्वारा शासन पर अंगुली उठाये जाने का जोरदार खण्डन

Posted on 19 November 2011 by admin

  • योजना में धनराशि की प्राप्ति एवं व्यय केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जाता है
  • सभी निर्णय स्टेट हेल्थ सोसाइटी ही लेती है,इसमें शासन के उच्च स्तर से कोई हस्तक्षेप नहीं
  • प्रत्येक वित्तीय वर्ष में एन0एच0आर0एम0 में उपयोग की गयी धनराशि का केन्द्र द्वारा सूचीबद्ध आडिटर से आॅडिट के बाद ही भारत सरकार अगली किश्त जारी करता ह

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एन0एच0आर0एम0) में भ्रष्टाचार को लेकर कतिपय इलेक्ट्रानिक मीडिया द्वारा शासन पर अंगुली उठाये जाने का जोरदार खण्डन करते हुए मंत्रिमण्डलीय सचिव श्री शशांक शेखर सिंह ने कहा है कि इस योजना में शासन के उच्च स्तर से कोई दखल नहीं दिया जाता है।

श्री सिंह आज यहां मीडिया सेन्टर में पत्रकारों को माननीया मुख्यमंत्री जी के विचारों से अवगत कराते हुए कहा कि उन्होंने (माननीया मुख्यमंत्री जी ने)  एन0आर0एच0एम0 योजना की सी0बी0आई0 जांच कराये जाने का स्वागत किया था और अपेक्षा की है कि सी0बी0आई0 इस जांच को शीघ्र बिना किसी राजनैतिक दखलंदाजी के पूरा करेगी, ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलायी जा सके। उन्होंने कहा कि इस जांच को लेकर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।

मंत्रिमण्डलीय सचिव ने योजना के क्रियान्वयन, पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि केन्द्र सरकार के निर्देशों के क्रम में राज्य स्वास्थ्य समिति, जिला स्वास्थ्य समिति तथा अन्य समितियां गठित की गयी हैं। उन्होंने कहा कि स्टेट हेल्थ सोसाइटी की गवर्निंग बाडी के अध्यक्ष स्वयं प्रदेश के मुख्य सचिव है, जबकि एक्जीक्यूटिव कमेटी के अध्यक्ष चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव हंै। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक निर्णय इसी सोसाइटी द्वारा लिये जाते हैं।
श्री सिंह ने कहा कि इसी प्रकार जिला स्तर पर गठित जिला स्वास्थ्य समितियों के अध्यक्ष सम्बन्धित जिलों के जिलाधिकारी बनाये गये है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से स्वीकृत कार्ययोजना के अन्तर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के लिये धनराशि इलेक्ट्रानिक ट्रान्सफर द्वारा राज्य सरकार को प्राप्त होती है। केन्द्र द्वारा प्राप्त इस धनराशि को भारत सरकार द्वारा अनुमोदित वार्षिक कार्यक्रम क्रियान्वयन योजना, के अनुसार जिला स्वास्थ्य समितियों तथा अन्य संस्थाओं को आवंटित किया जाता है।
मंत्रिमण्डलीय सचिव ने बताया कि एन0आर0एच0एम0 के अन्तर्गत केन्द्र द्वारा आवंटित धनराशि के सापेक्ष व्यय का त्रैमासिक विवरण भारत सरकार को प्रेषित किया जाता है। उन्होंने केन्द्र से प्राप्त इस धनराशि की आॅडिट व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद भारत सरकार के ही सूचीबद्ध स्टेच्यूटरी आॅडिटर द्वारा लेखो का आडिट कराया जाता है। आॅडिट के बाद उपयोगिता प्रमाण पत्र के साथ प्रत्येक वर्ष की आडिट रिपोर्ट भारत सरकार को प्रेषित की जाती है। उन्होंने कहा कि इससे साफ जाहिर है कि योजना के अन्तर्गत धन के व्यय की अद्यतन स्थिति से राज्य सरकार केन्द्र को निरन्तर अवगत कराती रहती है।
प्रत्येक वित्तीय वर्ष केन्द्र सरकार द्वारा योजना के क्रियाकलापों के अनुश्रवण के तौर तरीकों की जानकारी देते हुए श्री सिंह ने कहा कि इसके लिए भारत सरकार द्वारा गठित ज्वाइंट रिव्यू मिशन एवं कामन रिव्यू मिशन द्वारा प्रदेश का भ्रमण कर सभी योजनाआंे का स्थलीय निरीक्षण एवं अनुश्रवण किया जाता है तथा अपनी रिपोर्ट प्रेषित की जाती है जिसके आधार पर भारत सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के लिए आगे की धनराशि जारी की जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अनुरोध पर ही भारत के महानियन्त्रक एवं लेखापरीक्षक वर्ष 2005-06 से 2010-11 के एन0एच0आर0एम0 के लेखों का स्पेशल आडिट सितम्बर 2011 से किया जा रहा हैै। उन्होंने कहा कि इससे साफ जाहिर है कि एन0एच0आर0एम0 में किसी निर्णय के लिये शासन के उच्च स्तर की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि योजना में केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही भारत सरकार द्वारा धनराशि अवमुक्त की जाती है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्याें में शिथिलता बर्दाश्त नहीं-माननीया मुख्यमंत्री जी

Posted on 18 November 2011 by admin

  • अराजक तत्वों, गुण्डों, माफियाओं तथा साम्प्रदायिक तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करें
  • थाना, तहसील एवं किसान दिवस में आने वाले प्रकरणों का प्रभावी निस्तारण व प्रचार-प्रसार किया जाए
  • जिलाधिकारी उर्वरकों को समयानुसार उपलब्ध करायें व किसानों में इसका प्रभावी वितरण सुनिश्चित करें
  • रबी की बुआई के लिए किसानों को सभी आवश्यक कृषि निवेश समय से उपलब्ध करायें
  • मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी दलित बाहुल्य बस्ती विकास योजना के सभी कार्य 31 दिसम्बर तक पूरे करें
  • डाॅ0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के कार्य 31 दिसम्बर तक पूरे किए जाएं
  • सभी प्रकार की पेंशन, पूर्व दशम छात्रवृत्ति का पैसा लाभार्थी के खाते में 30 नवम्बर तक उपलब्ध करायें
  • धान क्रय केन्द्रों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित कर25 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को शीघ्र पूरा किया जाये
  • ए0पी0एल0 खाद्यान्न का अनिवार्य उठान कर वितरण सुनिश्चित करें
  • सभी प्रकार की पेंशन के लाभार्थियों का सत्यापन जनवरी तक पूर्ण करंे
  • जनहित गारण्टी अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने कहा है कि कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्याें में किसी भी प्रकार की शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों को हर समय सजग व सचेत रहने के निर्देश देते हुए अराजक तत्वों, गुण्डों, माफियाओं तथा साम्प्रदायिक तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर विकास कार्यों का आकस्मिक निरीक्षण अवश्य करें, जिससे विकास कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे। उन्होंने थाना, तहसील एवं किसान दिवस में आने वाले प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण पर भी बल दिया।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने यह निर्देश उस समय दिये जब मंत्रिमण्डलीय सचिव, श्री शशांक शेखर सिंह और मुख्य सचिव, श्री अनूप मिश्र ने आज यहां विधानभवन के तिलक हाल में कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की उच्च स्तरीय बैठक के निष्कर्षों से उन्हें अवगत कराया। इस बैठक में प्रदेश के सभी मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, एस0एस0पी0, आई0जी0/डी0आई0जी0 तथा शासन के सभी विभागों के प्रमुख सचिव/सचिव उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि थाना, तहसील व किसान दिवस के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया जाए, ताकि जनता ज्यादा से ज्यादा इनका लाभ उठा सके।
कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने मुहर्रम के मद्देनजर प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों को चैकसी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुहर्रम के मद्देनजर विशेष चैकसी बरती जाए। उन्होंने महिलाओं, गरीबों, वृद्धों एवं अनुसूचित जाति/जनजाति के शिकायतों पर तत्काल विधिसम्मत कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। उन्हांेने कहा कि महिलाओं से सम्बन्धित प्रकरणांे के निस्तारण के समय मा0 न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों एवं शासनादेशों को ध्यान में अवश्य रखा जाए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जो नये जिले सृजित हुये हैं, वहां पुलिस लाइन्स थाने आदि के सृजन के सम्बन्ध में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि पी0ए0सी0 एवं पुलिस के कर्मियांे के लिए जनपदों में स्थापित बैरक, मेस, शौचालय आदि मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं मे और अधिक सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने सभी जनपदों में दंगा निरोधी कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक की तरह सी0ओ0 एवं एस0डी0एम0 को भी आपसी समन्वय के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे आम लोगों की समस्याओं के निस्तारण में मदद मिलेगी और प्रशासन की छवि में भी सुधार आयेगा। उन्होंने मा0 न्यायालयों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारी इसकी प्रत्येक माह समीक्षा करें और आने वाली कठिनाईयांे को तत्काल दूर करें।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कहा कि विधवा, विकलांग, वृद्धावस्था पेंशन तथा उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना की दूसरी किश्त की धनराशि प्रत्येक दशा में 30 नवम्बर तक लाभार्थियों के खातों में स्थानांतरित की जाये। उन्होंने कहा कि इसमें शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार की पेंशन के लाभार्थियों का सत्यापन आगामी जनवरी तक अवश्य पूर्ण कर लिया जाये। उन्होंने सावित्री बाई फुले शिक्षा मदद योजना के अन्तर्गत प्राप्त प्रार्थना-पत्रों का शीघ्र सत्यापन कराकर पात्र बालिकाओं को अगले माह तक निर्धारित धनराशि एवं साइकिल एक साथ वितरित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ मदरसों में पढ़ रही बालिकाओं को भी शीघ्रता से दिलाया जाये। उन्होंने कहा कि चूंकि जनपद स्तर पर इस योजना का समन्वय जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा किया जाता है, इसलिए समाज कल्याण विभाग योजना की आवश्यक धनराशि जिला विद्यालय निरीक्षक को ही उपलब्ध करायी जाय, जिससे कि बालिकाओं को धनराशि देने में विलम्ब न हो।
रबी की बुआई के लिए किसानों को सभी आवश्यक कृषि निवेशों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश देते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उर्वरकों की वितरण व्यवस्था इस प्रकार होनी चाहिए कि इसके लिए किसानों को अनावश्यक परेशान न होना पड़े। उन्होंने नेपाल से सटे जनपदों के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश देते हुए कहा कि उर्वरकों की तस्करी कतई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने वालों, मिलावट खोरों एवं जमाखोरों के विरूद्ध प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने रबी के दौरान रोस्टर के अनुसार नहरों के संचालन एवं सिल्ट सफाई के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित समय से विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही विद्युत एवं अन्य कारणों से खराब सरकारी नलकूपों को तुरन्त ठीक कराने तथा खराब ट्रान्सफार्मरों को शीघ्र बदलने के भी निर्देश दिए ताकि किसानों को सिंचाई की समस्या से जूझना न पडे़े।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निर्माण कार्यों से जुड़ी परियोजनाओं के लिए आगणन, भूमि अधिग्रहण के पश्चात ही शासन को भेजा जाये। किसी कारण से यदि आगणन की स्वीकृति में विलम्ब होता है तो इसका निर्धारण स्वीकृति वर्ष से ही किया जाये, ताकि आगणन में पुनः परिवर्तन न कराना पड़े। उन्होंने डाॅ0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना की समीक्षा करते हुए अवशेष सी0सी0 रोड व सम्पर्क मार्गाें का निर्माण प्रत्येक दशा में 31 दिसम्बर तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने डाॅं0 अम्बेडकर ग्रामों में विद्युतीकरण, पेयजल की उपलब्धता, सोलर लाइट आदि का कार्य भी निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए कहा। मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना के अन्तर्गत बने फेज-1 के आवासों में समस्त बुनियादी सुविधायें उपलब्ध कराने के साथ ही फेज 2 व 3 के आवासों को शीघ्र पूरा करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी दलित बाहुल्य बस्ती विकास योजना की समीक्षा करते हुए योजना के तहत सभी कार्याें को 31 दिसम्बर तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के त्वरित क्रियान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
धान खरीद की समीक्षा करते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि धान क्रय केन्द्रों का प्रभावी ढंग से संचालन किया जाए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 25 लाख मैट्रिक टन धान क्रय के लक्ष्य को समय से पूरा किया जाये। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सभी जनपदों में ए0पी0एल0 खाद्यान्न का अनिवार्य रूप से उठान कर वितरण सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने लक्ष्य के अनुसार गरीबों को कृषि भूमि आवंटन, आवास स्थल आवंटन का कार्य निर्धारित समय सीमा में करने के निर्देश दिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने जनहित गारण्टी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन किए जाने का निर्देश देते हुए कहा कि इसके तहत चिन्हित सेवाओं को निर्धारित समय में उपलब्ध न कराने वाले अधिकारियों पर अर्थदण्ड लगाकर शिकायतकर्ता को वह धनराशि उपलब्ध करायी जाए तथा इसके अनुपालन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की योजनाओं को इस कानून से आच्छादित किया गया है, वहां एक रजिस्टर भी रखा जाए और उसमें आवेदक का पूरा ब्यौरा भी रखा जाए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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यू0पी0 पवैलियन में फार्मूला वन रेस तथा दलित महापुरूषों को समर्पित स्मारकों की झाकियां भी प्रस्तुत

Posted on 16 November 2011 by admin

यू0पी0 पैवेलियन में दर्शकों की भारी भीड़

dsc_0030उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने आज नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में यूपी पवैलियन का अवलोकन किया। उन्होंने यूपी पवैलियन की भव्यता तथा इसमें प्रस्तुत आकर्षक झाकियों के जरिए प्रदेश के विकास की तस्वीर पेश करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस पवैलियन मंे दलित तथा अन्य पिछड़ा वर्ग समाज में जन्में सन्तों, गुरूओं और महापुरूषों को समर्पित लखनऊ तथा नोएडा स्थित स्मारकों की भव्य झाकियांे की भी प्रशंसा की।
देश में पहली बार, नोएडा में हुई फार्मूला वन रेस के आयोजन का श्रेय भी उत्तर प्रदेश को जाता है। इस रेस के बारे में समुचित जानकारी भी यूपी पवैलियन प्रस्तुत करने पर मुख्यमंत्री जी ने सराहना की। गौरतलब है कि व्यापार मेले में आज ही ’उत्तर प्रदेश दिवस’ का भी आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश के विकास सम्बन्धी झाकियों का भी दृश्यावलोकन किया।
इस वर्ष व्यापार मेले की थीम ’इण्डियन हैण्डीक्राफ्ट्स दि मैजिक आफ गिफ्टेड हैण्डस’ आई.टी.पी.ओ. द्वारा निर्धारित की गयी है। यूपी पवैलियन में राजधानी लखनऊ स्थित मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक तथा नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल एवं ग्रीन गार्डेन की भव्य झांकी भी बड़े आर्कषक ढंग से प्रस्तुत की गई हैं। इसके अलावा पवैलियन में प्रदेश के औद्योगिकीकरण, निर्यात सम्वर्द्धन के बारे में भी विस्तार से जानकारी उपलब्ध है।
यूपी पवैलियन में विश्व प्रसिद्ध भदोही के वुलेन कार्पेट कारीगरों द्वारा अपने उत्पादों के प्रदर्शन के अलावा मिनी ट्रैक्टर, बैटरी लिफ्ट क्रेन्स, ट्रांसफारमर्स एवं मेरठ के कुछ उत्पादों का भी प्रदर्शन किया गया है। विश्व स्तर पर ख्याति अर्जित कर चुके प्रदेश के हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन थीम हाल में कराया गया है। साथ ही प्रदेश में अब तक हुई प्रगति की झांकी भी ट्रान्सलाइट के माध्यम से दर्शायी गई है। नोएडा, गे्रटर नोएडा प्राधिकरण के विकास कार्याें को भी दर्शाया गया है।
प्रदेश के छोटे-छोटे कुटीर उद्योग से संबंधित हस्तशिल्पियों के उत्पादों के प्रोत्साहन हेतु सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं जैसे हस्तशिल्पियों की पेंशन योजना तथा उत्पादन में वृद्धि एवं विपणन को भी दर्शाया गया है। इसमें मुख्य रूप से मुरादाबाद का पीतल का सामान, कानपुर के चर्म उत्पाद, कन्नौज का इत्र, मेरठ का स्पोर्ट्स गुड्स, आगरा का मार्बल, जरी उद्योग, बिजनौर का वुड आर्ट, लखनऊ का चिकन, सहारनपुर का लकड़ी पर पच्चीकारी उत्पाद, फिरोजाबाद का कांच का सामान तथा निर्यात के लिए तैयार गाजियाबाद के रेडीमेड गारमेन्ट्स आदि का भी प्रदर्शन किया गया है।
ज्ञातव्य है कि पिछलें दो दिनों से यू0पी0 पैवेलियन में हजारों की संख्या में लोग प्रदर्शित झांकियों को देखने के लिए आ रहे है और भारी खरीददारी भी कर रहे हैं। वे उत्तर प्रदेश की परम्परागत हस्तशिल्प उत्पादों की भूरि-भूरि प्रशंसा कर आनन्द विभोर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006-07 में प्रदेश का कुल औद्योगिक पूंजी निवेश लगभग चार हजार छः सौ करोड़ रूपये था। प्रदेश सरकार की नीतियों एवं प्रयासों से वर्ष 2010-11 में यह बढ़ कर दस हजार चार सौ छियालिस करोड़ रूपये हो गया और चालू वित्तीय वर्ष के दौरान माह अक्टूबर तक ही यह दस हजार आठ सौ अट्ठारह करोड़ रूपये हो गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने हस्तशिल्पियों के लिए हस्तशिल्प कौशल विकास योजना शुरू की है, जिसके अन्तर्गत अभी तक 5400 हस्तशिल्पी लाभान्वित हो चुके हैं। प्रदेश सरकार पुरस्कृत हस्तशिल्पियों को 1000 रूपये मासिक पेन्शन भी प्रदान करती है। मेले में प्रतिभाग करने वाले हस्तशिल्पियों तथा लघु उद्यमियों को मार्केटिंग डेवलपमेन्ट स्कीम के अन्तर्गत लगभग 25 लाख रूपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है, ताकि उनको इसमें भाग लेने में किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।
प्रदेश में लगभग 2.5 लाख बुनकर एवं 80 हजार हथकरधे हैं। राज्य सरकार द्वारा गत वर्ष 21582 बुनकरों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इस वर्ष यह संख्या और बढ़ने का अनुमान है। बुनकर बाहुल्य क्षेत्रांे में क्लस्टरों की स्थापना कर समस्त लाभ, जैसे बेसलाइन सर्वे, कच्चा माल आपूर्ति, डिजाइन विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, विज्ञापन एवं विपणन, प्रोजेक्ट प्रबन्धन व्यय तथा स्किल अपग्रेडेशन आदि दिये जाते हैं। इसी प्रकार हथकरधा समूहो में विपणन प्रोत्साहन तथा सुदृढ़ीकरण हेतु सहायता दी जाती है। प्रदेश में 50 क्लस्टरों में 17000 बुनकरों को वर्तमान में लाभ दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त ग्रुप अप्रोच में 8000 बुनकर आच्छादित है। इस कार्य से जुड़े व्यक्तियों के स्वास्थ्य लाभ हेतु हेल्थ इंश्योरेन्स योजना के अन्तर्गत 1,12,339 बीमा कार्ड वितरित किए गये हंै। इन सभी योजनाओं की सफलता का सजीव चित्रण मेले में किया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी की अध्यक्षता में सम्पन्न मंत्रि परिषद की बैठक में उ0प्र0 को पूर्वान्चल, बुन्देलखण्ड, अवध प्रदेश तथा पश्चिम प्रदेश में पुनर्गठित किये जाने हेतु राज्य विधान मण्डल के आगामी 21 नवम्बर से शुरू हो रहे सत्र में प्रस्ताव पारित कराकर आवश्यक कार्यवाही हेतु भारत सरकार को भेजने का फैसला

Posted on 15 November 2011 by admin

  • कांग्रेस बताये कि उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन के लिए वह क्या कार्यवाही कर रही है, एस0आर0सी0 की बात करना जिम्मेदारी से मुकरना
  • छोटे राज्यों के गठन के मामले में बी0जे0पी0 अपना रुख स्पष्ट करे
  • सपा द्वारा नये राज्यों के गठन के विरोध की निन्दा

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने कहा है कि प्रदेश की जनता की मांग व अपेक्षाओं तथा सर्वसमाज के हित में उनकी सरकार ने उत्तर प्रदेश का चार नये राज्यों-पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड, अवध प्रदेश तथा पश्चिम प्रदेश में पुनर्गठन किये जाने हेतु, राज्य विधानमण्डल के 21 नवम्बर से शुरू हो रहे इसी सत्र में प्रस्ताव पारित कराकर आवश्यक कार्यवाही हेतु भारत सरकार को भेजने का निर्णय लिया है।
माननीया मुख्यमंत्री जी आज मंत्रिपरिषद की बैठक में लिये गये इस आशय के फैसले की जानकारी यहां एनेक्सी स्थित मीडिया सेन्टर में मीडिया प्रतिनिधियों को दे रहीं थीं। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद-3 के तहत, संसद द्वारा ही विधि के माध्यम से नये राज्यों के निर्माण, वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं व नामों में परिवर्तन किये जाने का प्राविधान है और यह सब कार्य, बगैर केन्द्र सरकार की पहल के नहीं किया जा सकता। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रदेश के विकास में दूरगामी अनुकूल प्रभाव डालने वाले इस फैसले पर केन्द्र सरकार सकारात्मक रूख अपनाकर अपने स्तर से सभी जरूरी संवैधानिक कार्यवाही तेजी के साथ करेगी।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वे महसूस करती हैं कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की जनता की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए, यहां विकास को गति प्रदान करने के लिए, उत्तर प्रदेश को छोटे राज्यों में पुनर्गठित किया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सर्वविदित है कि नए राज्यों का गठन करना केन्द्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। लेकिन दुःख की बात है कि केन्द्र में कांग्रेस पार्टी व बी0जे0पी0 ने अपने-अपने शासनकाल के दौरान, इस मामले में अभी तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाया, जबकि उनकी सरकार, केन्द्र सरकार को अनेकों बार चिट्ठी लिखकर इस प्रकार का अनुरोध कर चुकी है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार को उम्मीद थी कि केन्द्र सरकार इस मामले में जरूर कोई सकारात्मक फैसला लेगी। यदि ऐसा होता तो फिर उनकी पार्टी की सरकार तुरन्त ही इसके लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर, इसका प्रस्ताव पारित कराके केन्द्र सरकार के पास भिजवा देती। लेकिन दुःख की बात है कि केन्द्र सरकार द्वारा आज तक इस सम्बन्ध में कोई भी कदम नहीं उठाया गया। ऐसी स्थिति में अब केन्द्र सरकार पर फिर से दबाव बनाने के लिए उनकी पार्टी की सरकार ने काफी गम्भीरता से सोच विचार करने के बाद यह फैसला लिया।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने 09 अक्टूबर, 2007 को लखनऊ में आयोजित एक विशाल जनसभा में उत्तर प्रदेश का पुनर्गठन कर अलग राज्यों-पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गठन का सार्वजनिक रूप से प्रबल समर्थन किया था। तत्पश्चात 31 अक्टूबर, 2007 को प्रदेश सरकार द्वारा राज्य विधानसभा में यह मत व्यक्त किया गया था कि संविधान के अनुच्छेद-3 के तहत राज्यों के पुनर्गठन का का अधिकार संसद को है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने 15 मार्च, 2008 को मा0 प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश का पुनर्गठन कर पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश की स्थापना हेतु केन्द्र सरकार से संवैधानिक रूप से विहित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया था, ताकि इस दिशा में सार्थक प्रगति हो सके। इस मामले में केन्द्र के स्तर से कोई प्रगति न होने पर तत्पश्चात माननीया मुख्यमंत्री जी ने मा0 प्रधानमंत्री जी को 11 तथा 13 दिसम्बर, 2009 को पुनः नये राज्यों के गठन का अनुरोध किया था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया था कि केन्द्र की सहमति मिलते ही प्रदेश सरकार राज्य विधानसभा से प्रदेश के पुनर्गठन का प्रस्ताव पारित कराकर केन्द्र सरकार को भेज देगी।
अपने सम्बोधन में माननीया मुख्यमंत्री जी ने यह भी कहा था कि उनकी पार्टी व सरकार परमपूज्य बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर की सोच के मुताबिक, देश में छोटे राज्यों व अन्य छोटी इकाइयों के गठन की हमेशा ही प्रबल समर्थक रही है। इस बारे में उनका मानना है कि यदि प्रशासनिक इकाईयां छोटी होंगी तो फिर कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यो की स्थिति को बेहतर बनाने में प्रशासनिक तंत्र तथा उस इलाके की जनता को काफी ज्यादा सुविधा होगी। इसीलिए उन्होंने अपने प्रत्येक कार्यकाल में प्रदेश में अनेक नए मण्डल, जिले व तहसील आदि का गठन किया है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के समस्त क्षेत्रों में संतुलित व समग्र विकास उपलब्ध कराने और पूरे प्रदेश की जनता को बेहतर भविष्य दिलाने के लिए उनकी सरकार उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन की भी हमेशा ही पक्षधर रही है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आबादी के हिसाब से देश का सबसे बड़ा प्रदेश होने के साथ-साथ क्षेत्रफल के नजरिये से भी काफी बड़ा राज्य है। सन् 2011 की जनगणना के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की आबादी 19.95 करोड़ से भी अधिक है और, यहां देश की कुल जनसंख्या के लगभग 16 प्रतिशत लोग रहते हैं। इसी प्रकार, क्षेत्रफल के लिहाज से भी कुल 2,40,928 वर्ग किलोमीटर के साथ, उत्तर प्रदेश की गिनती देश के सबसे बड़े क्षेत्रफल वाले राज्यों में होती है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने दुःख जताते हुए कहा कि राज्य व केन्द्र में विपक्षी पार्टियों की पूर्ववर्ती सरकारों, जिनमें कांग्रेस, बी0जे0पी0 व समाजवादी पार्टी सहित सभी विपक्षी पार्टियां शामिल हैं, की गलत नीतियों के चलते, प्रदेश का संतुलित विकास नहीं हो सका और विकास की दौड़ में उत्तर प्रदेश लगातार पिछड़ता चला गया। उन्होंने इस मामले में खासतौर पर यह भी ध्यान दिलाया कि उत्तर प्रदेश ने देश को सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री दिए, जिन्होंने भी अपने प्रदेश का सही तरीके से विकास करने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाये।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यही कारण है कि मई, 2007 में अपनी सरकार बनाने के फौरन बाद, उन्होंने प्रदेश के पिछड़े इलाकों का तेजी से विकास करने और क्षेत्रीय असंतुलन को दूर कर, पूरे प्रदेश का सम्पूर्ण विकास करने के लिए केन्द्र सरकार से 80 हजार करोड़ रूपये का विशेष आर्थिक सहायता पैकेज प्रदान करने का अनुरोध किया था। इस पैकेज में पूर्वांचल के विकास के लिए 36,270 करोड़ रूपये तथा बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास सम्बन्धी 10685 करोड़ रूपये के प्रस्ताव भी सम्मिलित थे। लेकिन इस मामले में केन्द्र सरकार ने आज तक कोई निर्णय नहीं लिया है। इसके साथ ही उत्तराखण्ड एवं हिमांचल प्रदेश आदि राज्यों की तर्ज पर केन्द्र से पूर्वांचल में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए तथा बुन्देलखण्ड क्षेत्र की स्थिति इन राज्यों जैसी होने के कारण, स्पेशल एरिया इन्सेंटिव पैकेज प्रदान करने का भी अनुरोध किया गया था, इस पर भी केन्द्र ने आज तक कोई ध्यान नहीं दिया।
इसके अलावा पूर्वांचल में बाढ़ की विभीषिका के स्थायी समाधान हेतु माननीया मुख्यमंत्री जी द्वारा मा0 प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर, नेपाल की सीमा पर बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं को पूरा कराये जाने का अनुरोध किया गया था। किन्तु इस सम्बन्ध में भी अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है। इसी प्रकार बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सूखे की गम्भीरता को देखते हुए 7,016 करोड़ रूपये के पैकेज का प्रस्ताव भी केन्द्र सरकार को भेजा गया, जिसपर आज तक कोई निर्णय नहीं लिया गया, जबकि महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के लिए सूखा राहत पैकेज को केन्द्र द्वारा मंजूरी प्रदान कर दी गयी।
बुन्देलखण्ड क्षेत्र के किसानों को कर्ज के शिकंजे से बाहर निकालने के लिए 2797 करोड़ रूपये के ऋण राहत पैकेज को स्वीकृत करने का केन्द्र सरकार से अनुरोध किया गया। साथ ही किसानों को ऋण माफी देने के लिए 31 मार्च, 2011 तक वितरित ऋणों को शामिल करते हुए, केन्द्र सरकार से विशेष योजना लागू करने का अनुरोध भी किया गया। लेकिन केन्द्र द्वारा इन मामलों में बुन्देलखण्ड क्षेत्र के किसानों को राहत नहीं दी गयी। वर्ष 2009 में केन्द्र द्वारा बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए 3506 करोड़ रूपये का पैकेज घोषित किया गया। इस पैकेज में केवल 1595 करोड़ रूपये की अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता रखी गयी है। शेष धनराशि केन्द्रीय योजनाओं के धन के साथ जोड़ दी गयी, जिसके परिणामस्वरूप यह पैकेज लगभग सिमट कर लगभग 1600 करोड़ रूपये ही रह गया।
माननीया मुख्यमंत्री जी द्वारा इन सब मामलों में आदरणीय प्रधान मंत्री जी से व्यक्तिगत तौर पर भेंटकर तथा अनेकों बार पत्र लिखकर भी यथाशीघ्र कार्यवाही करने और राज्य सरकार द्वारा मांगी गयी धनराशि जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया, लेकिन भारत सरकार द्वारा अभी तक इस दिशा में कोई भी सकारात्मक पहल नहीं की गयी है। सम्भवतः केन्द्र सरकार ने जान बूझकर विशेष आर्थिक सहायता पैकेज इसलिए नहीं दिया क्योंकि वह चाहती है कि उत्तर प्रदेश के लोग हमेशा पिछड़े एवं गरीब बने रहें।
उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन के सम्बन्ध में राज्य सरकार के आज के फैसले पर विभिन्न विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाओं के सम्बन्ध में माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सबसे पहले कांग्रेस पार्टी को यह बताना चाहिए कि प्रदेश का छोटे राज्यों में पुनर्गठन किये जाने के लिए वह और उसकी केन्द्र सरकार क्या कार्रवाई कर रही है। कांग्रेस द्वारा दूसरे राज्य पुनर्गठन आयोग की मांग से स्पष्ट है कि यह पार्टी इस प्रकरण में अपनी जिम्मेदारी से मुकर रही है। बी0जे0पी0 के नेताओं को स्पष्ट करना चाहिए कि इस प्रकरण में उनकी पार्टी का रूख क्या है।
माननीया मुख्यमंत्री जी का यह भी मानना है कि प्रदेश के पुनर्गठन के सम्बन्ध में राज्य सरकार के निर्णय को चुनावी स्टंट बताना पूरी तरह गलत एवं तथ्यों से परे है। सभी जानते हैं कि नये राज्यों के गठन की बात उन्होंने वर्ष 2007 में सार्वजनिक तौर पर कही थी। इसके बाद मार्च, 2008 तथा दिसम्बर, 2009 में आदरणीय प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर इस दिशा में केन्द्र सरकार से कार्रवाई किये जाने का अनुरोध किया था। इस अवधि में विधानसभा का कोई आम चुनाव निकट नहीं था, क्योंकि उनकी पार्टी को पूरे पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए पूर्ण बहुमत का जनादेश मिला है। राज्य सरकार द्वारा लगातार किये गये प्रयासों के बावजूद जब केन्द्र सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया, तब मजबूर होकर प्रदेश सरकार को यह फैसला लेना पड़ा। उन्होंने नये राज्यों के गठन को लेकर सपा द्वारा विरोध जताये जाने की निंदा की है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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माननीया मुख्यमंत्री जी ने किसानों को खाद, बीज एवं फसली ऋण की मुकम्मल व्यवस्था कराने के निर्देश दिए

Posted on 15 November 2011 by admin

  • प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित होने के नाते सरकार के लिए किसानों का हित सर्वाेपरि
  • डाॅ0 अम्बेडकर ग्रामों में सी0सी0 रोड, सम्पर्क मार्ग, विद्युतीकरण, स्वच्छ शौचालय तथा सामुदायिक भवन के अवशेष कार्य शीघ्र पूर्ण किए जायें
  • मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए 45 करोड़ रू0 अवमुक्त
  • उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना, वृद्धावस्था, विकलांग तथा विधवा पेंशन की दूसरी किस्त इसी माह लाभार्थियों के खातों में भेजी जाए
  • सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना की लाभार्थी छात्राओं को साइकिल एवं धनराशि एक साथ वितरित करें
  • राज्य स्तरीय बैठकों में सरकारी कर्मचारियों की सेवा सम्बन्धी समस्याओं की विभागवार समीक्षा की जाए

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने रबी की बुआई के लिए किसानों को खाद, बीज तथा फसली ऋण की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को उर्वरक की वितरण व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि उर्वरक सहित समस्त कृषि निवेशों की उपलब्धता में किसी स्तर पर कोताही बरती गयी तो सम्बन्धित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। उर्वरकों की कालाबाजारी, तस्करी, मिलावट तथा जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित होने के नाते राज्य सरकार के लिए किसानों का हित सर्वाेपरि है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने यह निर्देश तब दिए जब मंत्रिमण्डलीय सचिव श्री शशांक शेखर सिंह तथा मुख्य सचिव श्री अनूप मिश्र ने आज यहां योजना भवन में प्रमुख सचिवों/सचिवों एवं विभागाध्यक्षों की समीक्षा बैठक के निष्कर्षाें से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य शीघ्र पूरा कराने का निर्देश देते हुए कहा कि रबी के दौरान नहरों का संचालन रोस्टर के अनुसार किया जाए। उन्होंने विकास कार्याें तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि समस्त योजनाओं का क्रियान्वयन गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूरा किया जाए।
विभागवार जारी वित्तीय स्वीकृतियों एवं उनके सापेक्ष सम्पादित कार्याें की समीक्षा करते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कुछ विभागों की प्रगति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे विभागों के कार्याें में तेजी लायी जाए, अन्यथा सम्बन्धित अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। केन्द्रपुरोनिधानित योजनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जिन विभागों में केन्द्र द्वारा धनराशि अवमुक्त नहीं की गयी है, ऐसे विभागों के प्रमुख सचिव/सचिव सम्बन्धित मंत्रालय के सचिव से भेंट कर वांछित धनराशि शीघ्र अवमुक्त करायें। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में चल रहे विकास कार्याें की प्रगति की विशेष रूप से जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने कृषि विपणन, लघु सिंचाई, जल निगम, सिंचाई, उद्यान एवं पशुपालन विभाग के कार्याें में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन विभागों की योजनाओं को समय से पूरा होने पर इस क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ होगा।
डाॅ0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि सी0सी0 रोड, मजरों को सम्पर्क मार्गाें से जोड़ने, विद्युतीकरण, स्वच्छ शौचालय तथा सामुदायिक भवन के अवशेष कार्य इस माह के अन्त तक हर हालत में पूर्ण किए जायें। वरिष्ठ अधिकारियों से इन कार्याें को समय से पूरा कराने का निर्देश देत हुए उन्होंने इन कार्याें की गुणवत्ता पर भी निगाह रखने की हिदायत दी। ग्रामीण क्षेत्रों के युवकों को खेल-कूद के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि लगभग पांच हजार ग्राम सभाओं में खेल का मैदान विकसित करने के लिए धनराशि उपलब्ध करायी गयी है। उन्होंने कहा कि इस योजना में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना, वृद्धावस्था, विकलांग तथा विधवा पेंशन की दूसरी किस्त इसी माह लाभार्थियों के खातों में अवश्य भेज दी जाए। सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत जो 04 लाख 55 हजार प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं, उनका प्रत्येक दशा में दिसम्बर, 2011 तक सत्यापन कराकर लाभार्थी छात्राओं को साइकिल एवं धनराशि एक साथ वितरित कर दी जाए।
इसके अलावा माननीया मुख्यमंत्री जी ने महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना, विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति एवं आश्रम पद्धति विद्यालयों में दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा करते हुए आश्रम पद्धति विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। मदरसों के आधुनिकीकरण की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए 45 करोड़ रूपये की धनराशि अवमुक्त की गयी है। उन्होंने इस धनराशि का सही ढंग से उपयोग करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इसका लाभ मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को मिल सके। उन्होंने महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के लिए चलाये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की भी समीक्षा की।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि चिकित्सक एवं सर्जनवार कार्याें के निष्पादन में और अधिक सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि अभी भी कई ऐसे सर्जन चिकित्सक हैं, जो मानकों के अनुरूप सर्जरी का कार्य नहीं कर रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्रों पर पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता तथा साफ-सफाई पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कर्मचारियों की समस्याओं का जिक्र करते हुए निर्देश दिए कि राज्य स्तरीय बैठकों में अन्य योजनाओं की तरह कर्मचारियों की समस्याओं की भी विभागवार समीक्षा की जाए और कर्मचारियों के सेवा सम्बन्धी लम्बित मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। इसके अलावा उन्होंने उनके स्तर से की गयी घोषणा एवं शिलान्यास की योजनाओं तथा जन प्रतिनिधियों से प्राप्त होने वाले प्रकरणों की भी समीक्षा की एवं अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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बी.एस.पी. ब्राह्मण समाज भाईचारा प्रदेश-स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन

Posted on 13 November 2011 by admin

बहुजन समाज पार्टी के तŸवावधान में आज यहाँ स्मृति उपवन, निकट बिजली पासी कि़ला, आशियाना में आयोजित “बी.एस.पी. ब्राह्मण समाज भाईचारा प्रदेश-स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन” में भारी तादाद में उŸार प्रदेश के कोने-कोने से आये ब्राह्मण समाज के लोगों ने काफी जोश व उत्साह के साथ भाग लेते हुये बी.एस.पी. को तन, मन, धन से सहयोग जारी रखने का संकल्प लिया, जिसके लिये इनका तहेदिल से आभार प्रकट करते हुये इस सम्मेलन की मुख्य अतिथि बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष व उŸार प्रदेश की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने अपने सम्बोधन में सबसे पहले इस बात को दोहराया कि बी.एस.पी. ही देश में एक ऐसी पार्टी है जिसकी विचारधारा एवं उद्देश्य सही मायने में सर्वसमाज व देश हित में है।
untitled-5और इस सम्बंध में विस्तार से अपनी बात रखते हुये उन्होंने सम्मेलन में बताया कि बी.एस.पी. में ब्राह्मण समाज व अपरकास्ट की अन्य जातियों के जुड़ने से पहले सभी विराधी पार्टियों के लोग और उसमें भी ख़ासतौर से कांग्रेस पार्टी व भाजपा के लोग, अपने राजनीतिक स्वार्थ हेतु बी.एस.पी. में अपरकास्ट समाज को जुड़ने से रोकने के लिये अनेकों प्रकार के हथकण्डे इस्तेमाल करने के साथ-साथ बी.एस.पी. को अपरकास्ट समाज के खि़लाफ होने व जातिवादी पार्टी होने का प्रचार करते रहते थे, जबकि यह जग-ज़ाहिर है कि उनका यह आरोप पूरी तरह से मिथ्या प्रचार व ग़लत एवं तथ्यहीन है। सुश्री मायावती ने इस सम्बंध में फिर से अपनी बात दोहरायी कि बी.एस.पी. सर्वसमाज की पार्टी है एवं इसकी विचारधारा एवं उद्देश्य किसी जाति व धर्म के खि़लाफ नहीं हंै, बल्कि पूर्ण रूप से सर्वसमाज व सभी धर्मों के हित में है अर्थात् बी.एस.पी. इस देश में वर्ण व्यवस्था के तहत निर्मित की गयी ग़ैर-बराबरी वाली सामाजिक व्यवस्था को बदलकर यहाँ समाज में “समतामूलक समाज व्यवस्था” की स्थापना करना चाहती है, जो सम्पूर्ण रूप से देश व सर्वसमाज के हित में है।
इसके साथ-साथ, विरोधी पार्टियों द्वारा राजनीतिक षड्यंत्र के तहत बी.एस.पी. के ऊपर जातिवादी होने का आरोप लगाये जाने के सम्बंध में करारा जवाब देते हुये उन्होंने कहाकि देश में दलित व अन्य पिछड़े वर्गों में जन्में लोग, जो पहले से ही यहाँ सदियों से चली आ रही ग़ैर-बराबरी वाली व्यवस्था के कारण जातिवाद के शिकार रहे हैं, तो फिर जातिवाद से पीडि़त ये लोग समाज में जातिवाद को कैसे बढ़ावा दे सकते हैं। बल्कि इस बारे में वास्तविकता यह है कि अपने राजनीतिक स्वार्थ हेतु विरोधी पार्टियाँ ही यहाँ अपने देश में जातिवाद को संरक्षण एवं बढ़ावा दे रही हैं।
इन सब बातों पर विस्तार से रौशनी डालते हुये आगे अपने सम्बोधन में उन्होंने उŸार प्रदेश में ब्राह्मण समाज व अपरकास्ट समाज की अन्य जातियों के लोगों की इस बात के लिये भरपूर सराहना की कि इन्होंने प्रदेश में सन् 2007 में यहाँ विधानसभा के लिये हुये आम चुनाव से कुछ वर्ष पहले से ही बी.एस.पी. की विचारधारा एवं उद्देश्य को सही ढंग से समझा और साथ ही विरोधी पार्टियों की अफवाहों को नकारते हुये बड़ी तादाद में बी.एस.पी. से जुड़े, जिसको ध्यान में रखकर ही इनको पार्टी संगठन में सभी छोटे-बड़े चुनावों में उचित प्रतिनिधित्व दिया गया और साथ ही सरकार बनने पर इन्हें समुचित भागीदारी प्रदान की गयी, जिसकी हक़ीक़त सबके सामने है। इस प्रकार, बी.एस.पी. द्वारा उठाये गये इन क़दमों के फलस्वरूप अपरकास्ट समाज के लोगों में काफी प्रसन्नता है, परन्तु विरोधी पार्टियों के लोगांे में काफी ज़्यादा हताशा व निराशा है और प्रदेश में विधानसभा का आम चुनाव नज़दीक होने के कारण इन विरोधी पार्टियों के लोग साम, दाम, दण्ड, भेद आदि अनेकों हथकण्डों का इस्तेमाल करके ब्राह्मण समाज व अपरकास्ट समाज की अन्य जातियों को बी.एस.पी. के प्रति गुमराह करने का लगातार प्रयास कर रहे हैं, जिसके प्रति सुश्री मायावती ने लोगों को सावधान व सतर्क किया।
इस मौक़े पर उन्होंने स्पष्ट कहाकि यदि ब्राह्मण समाज व अपरकास्ट समाज की अन्य जातियों के लोग आगे भी बी.एस.पी. के साथ पूरी तन्मयता, ईमानदारी व निष्ठा के साथ जुड़े रहे तो उन्हें हर मामले में व हर स्तर पर आगे भी बढ़ावा दिया जाता रहेगा अर्थात् किसी भी प्रकार का कोई सौतेला रवैया उनके खि़लाफ किसी भी स्तर पर नहीं होने दिया जायेगा।
साथ ही, उन्होंने इस सम्मेलन में उन सब महŸवपूर्ण कार्यों का भी उल्लेख किया, जो उनके नेतृत्व में चल रही वर्तमान बी.एस.पी. सरकार ने अपनी “सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय” की नीति के आधार पर चलकर यहाँ अपरकास्ट समाज के हित में अनेकों महŸवपूर्ण कार्य किये हैं, जिनमें से सर्वप्रथम प्रदेश में बड़ी मेहनत से “क़ानून द्वारा क़ानून का राज” स्थापित करके “गुण्डाराज” व “गुण्डा टैक्स” आदि के अभिशाप से मुक्ति दिलाकर यहाँ अन्यायमुक्त, अपराधमुक्त, भयमुक्त एवं भ्रष्ट्राचारमुक्त तथा विकासयुक्त वातावरण पैदा करके ख़ासकर अपरकास्ट समाज के लोगों विशेषकर व्यापारी वर्ग के लोगों को भारी राहत पहुँचाना, निर्दोष व्यक्तियों के पुलिस उत्पीड़न को रोका जाना, अंग्रेज़ी भाषा की पढ़ाई प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा-1 से शुरू करके सर्वसमाज के ग़रीब बच्चों में भी जीवन में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास पैदा किया जाना, दिल्ली के नज़दीक जि़ला गौतम बुद्ध नगर में स्थापित विश्वस्तरीय गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में अपरकास्ट समाज के ग़रीब छात्र/छात्राओं के लिये भी देश में पहली बार सरकारी ख़र्चे पर यूरोप में एक सेमेस्टर की पढ़ाई की व्यवस्था करने के साथ-साथ, अपरकास्ट समाज के ग़रीब बच्चे/बच्चियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हेतु अच्छी कोचिंग की व्यवस्था, लखनऊ में उŸार प्रदेश विकलांग उद्धार डा. शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय की स्थापना, सरकारी नौकरियों में सामान्य वर्ग के लोगों की भर्ती पर लगी रोक को हटाया जाना, व्यापारियों का उत्पीड़न रोकने के लिये “सेटलमेन्ट कमीशन” की स्थापना, व्यापारियों के विरुद्ध अभियोजन की सख़्त व्यवस्था को समाप्त करना, महामाया सर्वजन आवास योजना के अन्तर्गत सर्वसमाज के आवासविहीन परिवारों को निःशुल्क आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था, सभी प्रकार की पेंशन राशि दोगुनी बढ़ाकर 300 रुपये की व्यवस्था, अपरकास्ट वर्गों में से ग़रीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को भी खेती करने के लिए खाली पड़ी सरकारी ज़मीन का आवंटन, “मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना” के तहत् सवर्ण समाज के शहरी ग़रीबों को लाभान्वित किया जाना, उŸार प्रदेश ज़मींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम में संशोधन कर सर्वसमाज की अविवाहित पुत्री को भी पिता की सम्पŸिा में वारिसाना अधिकार दिया जाना आदि प्रमुख हैं।
इसके साथ ही, बी.एस.पी. प्रमुख सुश्री मायावती ने कहाकि यह बड़े दुख की बात है कि देश की सŸाा काफी लम्बे समय तक अपरकास्ट समाज के हाथों में रहने के बावजूद भी, देश में अपरकास्ट समाज में कुछ मुट्ठीभर लोगों को छोड़कर ज़्यादातर ये लोग आर्थिक व अन्य क्षेत्रों में काफी पिछड़े हुये हैं तथा इस अपरकास्ट समाज में भी ग़रीबी व बेरोज़गारी काफी ज़्यादा है। यही मुख्य कारण है कि आज पूरे देश में अपरकास्ट समाज में से ग़रीब व बेरोज़गार लोग शिक्षा व सरकारी नौकरियों में आर्थिक आधार पर आरक्षण की माँग कर रहे हैं, जिसका बी.एस.पी.    ने हमेशा पुरज़ोर समर्थन किया है और इस सम्बंध में माननीय प्रधानमंत्री जी को कई बार पत्र लिखकर भी अनुरोध किया गया है।
अपने सम्बोधन के अन्त में सुश्री मायावती ने यहाँ अपने देश में दलित व अन्य पिछड़े वर्गों में जन्में महान् सन्तों, गुरुओं व महापुरुषों में भी ख़ासकर महात्मा ज्योतिबा फुले, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज, श्री नारायणा गुरू, बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व मान्यवर श्री कांशीराम जी आदि के बताये हुये रास्तों पर चलकर, इन्हें अपनी सरकार में विभिन्न रूपों में पूरा-पूरा आदर-सम्मान देने का उल्लेख करते हुये ब्राह्मण समाज व अपरकास्ट समाज की अन्य जातियों से भी इनके पद्चिन्हों पर चलने की पूरज़ोर अपील की ताकि सर्वसमाज में आपसी भाईचारा पैदा हो और सर्वसमाज के लोग मिलकर तरक़्क़ी कर सकें एवं अपना देश व प्रदेश हर मामले में ख़ुशहाल बन सके।
इन लफ्ज़ों में अपनी इस अपील के बाद उन्होंने इस ‘ब्राह्मण समाज प्रदेश-स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन’ को सफल बनाने हेतु पार्टी के सभी जि़म्मेदार लोगों का आभार प्रकट किया।
यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री, उŸार प्रदेश सुश्री मायावती जी के सम्मेलन स्थल पहुँचने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव, राज्यसभा सांसद व उ.प्र. राज्य सलाहकार परिषद् के अध्यक्ष श्री सतीश चन्द्र मिश्र ने सुश्री मायावती जी का स्वागत करते हुये बी.एस.पी. के प्रति अपनी पूर्ण आस्था जताई एवं पार्टी द्वारा सौंपी गयी विभिन्न जि़म्मेदारियों को और भी ज़्यादा ईमानदारी व निष्ठा के साथ करने का भरोसा दिलाया।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री सुश्री मायावती के आदर-सम्मान में अनेकों गीत प्रस्तुत किये गये। इस ब्राह्मण समाज भाईचारा प्रदेश-स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को अन्य लोगों के अलावा, वरिष्ठ काबीना (ऊर्जा) मंत्री श्री रामवीर उपाध्याय, श्री गोपाल नारायण मिश्रा, श्री ओ. पी. त्रिपाठी, श्री रंगनाथ मिश्रा, श्री सुबोध पराशर आदि ने मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने अपना क़ीमती व व्यस्त समय निकालकर सम्मेलन में शिरकत की एवं आशीर्वाद व ज़रूरी दिशा-निर्देश देकर सम्मेलन की सफलता में चार-चाँद लगाया। श्री बृजेश पाठक, बी.एस.पी. राज्यसभा सांसद ने इस सम्मेलन का बेहतरीन तरीक़े से संचालन किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी द्वारा उ0प्र0 विकलांग उद्धार डाॅ0 शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय (लखनऊ) के लोकार्पण के अवसर पर 16,142 करोड़ रूपये की 236 परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण

Posted on 13 November 2011 by admin

उ0प्र0 विकलांग उद्धार डाॅ0 शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय (लखनऊ) के लोकार्पण के अवसर पर 16,142 करोड़ रूपये की 236 परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया गया, उनमें से प्रमुख का संक्षिप्त विवरणः-

cm-photo-12-11-2011-001उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने आज यहां लगभग 500 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित उ0प्र0 विकलांग उद्धार डाॅ0 शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय (लखनऊ) का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने 16,142 करोड़ रूपये की लागत की जनहित से जुड़ी 236 विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया, जिनमें से प्रमुख का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:-

1.    ऊर्जा
माननीया मुख्यमंत्री जी ने जिन परियोजनाओं का लोकार्पण किया, उनमें तीन बिजली उत्पादन परियोजनाएं भी शामिल हैं, जिनके क्रियाशील हो जाने से ‘‘प्रदेश को 1650 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलने लगेगी’’। बिजली उत्पादन के क्षेत्र में पिछले 20 वर्षाें में इतनी अधिक क्षमता वृद्धि कभी नहीं हुई।
लोकार्पित की गयी बिजली परियोजनाओं में लगभग 05 हजार करोड़ रूपये लागत की 600 मेगावाट की दो इकाइयां अर्थात कुल 1200 मेगावाट बिजली का उत्पादन करने वाली ‘‘अनपरा सी तापीय परियोजना’’ शामिल है। इसके अलावा 2853 करोड़ रूपये की लागत की ‘‘हरदुआगंज तापीय विस्तार परियोजना, अलीगढ़’’ की 250 मेगावाॅट विद्युत उत्पादन क्षमता की प्रथम इकाई भी शामिल है। इसी के साथ 200 मेगावाट क्षमता के ‘‘ओबरा-बी नवीनीकृत बिजलीघर’’ का भी लोकार्पण किया गया, जिस पर लगभग 400 करोड़ रूपये की धनराशि व्यय हुई।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने लगभग 4827 करोड़ रूपये की लागत से ‘‘हरदुआगंज’’ में ही स्थापित की जाने वाली ‘‘तापीय विस्तार परियोजना’’ का शिलान्यास भी किया, जिस पर लगभग 4 हजार करोड़ रूपये का व्यय अनुमानित है। इस परियोजना के पूरा हो जाने पर प्रदेश को 660 मेगावाॅट अतिरिक्त बिजली प्राप्त होने लगेगी। वर्तमान वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक 250 मेगावाॅट की ‘‘हरदुआगंज विस्तार-दूसरी इकाई’’, 500 मेगावाॅट उत्पादन क्षमता वाली ‘‘पारीछा विस्तार परियोजना’’ तथा कुल 450 मेगावाॅट बिजली पैदा करने वाली ‘‘चीनी मिलों की परियोजनायें’’ के भी पूरा होने का अनुमान है, जिनसे ‘‘उत्पादन क्षमता’’ में ‘‘12 सौ मेगावाॅट’’ की बढ़ोत्तरी होगी।

2.    विकलांग कल्याण विभाग
माननीया मुख्यमंत्री जी ने विकलांग कल्याण विभाग के अन्तर्गत 32 करोड़ 66 लाख रूपये की लागत से 06 जनपदों में बनवाये गये दृष्टिबाधित तथा मानसिक मंदित विद्यालय, छात्रावास तथा आश्रयगृह का लोकार्पण किया। गोरखपुर में 3 करोड़ 99 लाख 54 हजार रूपये की लागत से स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का निर्माण। मेरठ में 4 करोड़ 36 लाख 63 हजार रूपये की लगात से स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का निर्माण। लखनऊ में 4 करोड़ 63 लाख 82 हजार रूपये की लागत से उच्च शिक्षारत दृष्टिबाधित छात्रों का छात्रावास निर्मित। मेरठ में 5 करोड़ 20 लाख 48 हजार रूपये की लागत से उच्च शिक्षारत दृष्टिबाधित छात्रों का छात्रावास निर्मित। इलाहाबाद में 4 करोड़ 79 लाख 49 हजार रूपये की लागत से उच्च शिक्षारत दृष्टिबाधित छात्रों का छात्रावास का निर्माण। लखनऊ में 4 करोड़ 64 लाख 22 हजार रूपये की लागत से उच्च शिक्षारत दृष्टिबाधित छात्राओं का छात्रावास का निर्माण। गोरखपुर में 1 करोड़ 74 लाख 75 हजार रूपये की लागत से मानसिक मंदित आश्रय गृह का निर्माण। बरेली में 1 करोड़ 66 लाख 49 हजार रूपये की लागत से मानसिक मंदित आश्रय गृह का निर्माण तथा मेरठ में 1 करोड़ 60 लाख 64 हजार रूपये की लागत से मानसिक मंदित आश्रय गृह का निर्माण।

cm-photo-12-11-2011-0023.    चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
माननीया मुख्यमंत्री जी ने बागपत में 16 करोड़ 89 लाख 58 हजार की लागत से 100 बेड वाले संयुक्त चिकित्सालय के ओ0पी0डी0 एवं इमरजेन्सी ब्लाक तथा रामादेवी स्थित कानपुर नगर मंे 37 करोड़ 94 लाख 71 हजार रूपये की लागत से मा0 कांशीराम जी 100 बेड वाले संयुक्त चिकित्सालय के ओ0पी0डी0, इमरजेन्सी, ट्रामा सेन्टर एवं प्रशासकीय ब्लाक का लोकार्पण किया। इसी के साथ उन्होंने 27 करोड़ 03 लाख 76 हजार रूपये की लागत से डाॅ0 राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय, गोमती नगर, लखनऊ में नये ओ0पी0डी0 एवं वार्ड ब्लाक का शिलान्यास भी किया।
साथ ही माननीया मुख्यमंत्री जी ने स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए तैयार की गयी कुल 1 अरब 73 करोड़ 15 लाख रूपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया। जिसके तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 47 करोड़ 22 लाख 63 हजार रूपये की लागत से निर्मित 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, 34 करोड़ 17 लाख 57 हजार रूपये की लागत से 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा 98 करोड़ 06 लाख 86 हजार रूपये की लागत से निर्मित 21 जनपदीय ड्रग वेयर हाउसों का भी लोकार्पण किया।

4.    उच्च शिक्षा विभाग
माननीया मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर 07 जनपदों में 02 अरब 93 करोड़ 83 लाख 75 हजार रूपये की लागत से निर्मित विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों के भवनों का लोकार्पण किया। इसके तहत डा0 भीमराव अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय, अनौगी, कन्नौज, डा0 भीमराव अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय, महराजगंज, राजकीय महाविद्यालय, गभाना, अलीगढ़, मान्यवर श्री कांशीराम जी राजकीय महाविद्यालय, कांशीरामनगर, पंडित लोकमणि शर्मा राजकीय महाविद्यालय, मथुरा, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मगरहा, मिर्जापुर तथा राजकीय महाविद्यालय, बिलासपुर, रामपुर शामिल हैं। उन्होंने इस अवसर पर 06 करोड़ 50 लाख 57 हजार रूपये की लागत से बनाये जाने वाले लाला किशन चन्द्र राजकीय महाविद्यालय, गंगोह, सहारनपुर का शिलान्यास भी किया।

5.    व्यवसायिक शिक्षा
इस अवसर पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने लगभग 02 अरब 31 करोड़ 06 लाख रूपये की लागत से प्रदेश के 08 जनपदों में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का लोकार्पण किया। इनमें राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, माण्डा इलाहाबाद, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, भोगनीपुर कानपुर देहात (रमाबाई नगर), राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, हसनगंज-उन्नाव, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, खरैला-महोबा, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, अर्तरा-बाॅसी बाॅदा, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, चित्रकूट मुख्यालय, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, लिसाढ़-मुजफ्फरनगर, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, कैराना, मुजफ्फरनगर तथा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, मोहम्मदी-लखीमपुर खीरी शामिल हैं।

6.    सिंचाई
माननीया मुख्यमंत्री जी ने जनपद फैजाबाद के अयोध्या में राम की पैड़ी एवं डिस्पोजल चैनल परिसर केे सुन्दरीकरण की परियोजना का भी लोकार्पण किया। 03 करोड़ 68 लाख 11 हजार रूपये की यह परियोजना पूर्ण हो चुकी है।
इसी तरह जनपद कानपुर नगर में 01 करोड़ 22 लाख 63 हजार रूपये की लागत से गंगा नदी के दांये तट पर अस्पताल घाट के स्लोप के सुरक्षात्मक कार्य सम्पन्न कराया गया। कानपुर नगर में गंगा बैराज के डाउनस्ट्रीम में लगभग 1.50 कि0मी0 की दूरी पर गंगा नदी के दांये तट पर अस्पताल घाट के स्लोप की सुरक्षा हेतु इस परियोजना के अन्र्तगत पिचिंग एवं सुरक्षात्मक कार्य कराए गए हैं जिसकी लम्बाई 445 मीटर है। इस कार्य से अस्पताल घाट के निकट हो रहा कटान बन्द हो गया है तथा नदी के समीप बने आवासीय भवनों की हो रही क्षति से सुरक्षा हुई है। लखनऊ में गोमती बैराज के कि0मी0 2.00 डाउन स्ट्रीम में वियर परियोजना 44 करोड़ 55 लाख 73 हजार रूपये की लागत से सम्पन्न। लखनऊ शहर में गोमती नदी में वाटर फ्रन्ट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गोमती बैराज के 2.00 कि0मी0 डाउनस्ट्रीम में एक वियर का निर्माण किया गया है। इस स्थल पर गोमती नदी की कुल चैड़ाई 544 मीटर में से मध्य में 256 मीटर लम्बाई में वियर तथा दोनों ओर 144-144 मीटर की लम्बाई में कम ऊॅचाई के एबटमेंट बनाये गये हैं। वियर में 128 नं0 फालिंग शटर एवं 32 नं0 स्लूश गेट लगाये गये हैं। वियर निर्माण के उपरान्त जल स्तर में 102.00 मीटर से 103.95 मीटर तक, 1.95 मीटर की वृद्धि होगी। वियर निर्माण से भू जल स्तर ऊॅचा होगा, पर्यावरण में सुधार होगा।

7.    लोक निर्माण विभाग/उ0प्र0 राज्य सेतु निगम
माननीया मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर 67 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 04 उपरिगामी सेतुओं का लोकार्पण भी किया। साथ ही 217 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले 20 सेतुओं तथा 434 करोड़ रूपये की लागत से 23 मार्गाें का शिलान्यास किया।

8.    राजस्व विभाग
इस अवसर पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने 35 करोड़ 21 लाख 39 हजार रूपये की लागत से 13 राजस्व भवनों का भी लोकार्पण किया। जिनमें जनपद कन्नौज की तहसील तिर्वा, जनपद रामपुर की तहसील बिलासपुर, जनपद फिरोजोबाद की तहसील टूण्डला, जनपद वाराणसी की तहसील पिण्डरा तथा जनपद फैजाबाद की तहसील बीकापुर के भवन समेत इन समस्त भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

9.    खेलकूद विभाग
माननीया मुख्यमंत्री जी ने खेलकूद विभाग की 11 करोड़ 69 लाख 07 हजार रूपये की लागत से 06 योजनाओं का लोकार्पण किया। इसके अलावा 12 करोड़ 20 लाख 43 हजार रूपये की लागत से लगभग 11 योजनाओं का शिलान्यास भी किया।

10.     नागरिक उड््डयन विभाग
माननीया मुख्यमंत्री जी ने नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा जनपद मुरादाबाद, आजमगढ़ एवं चित्रकूट में 57 करोड़ 27 लाख 68 हजार रूपये की लागत से निर्मित हवाई पट्टियों का लोकार्पण किया। इसके अतिरिक्त 08 करोड़ 33 लाख 16 हजार रूपये की लागत से निर्मित जनपद मुरादाबाद, चित्रकूट, आजमगढ़ एवं फर्रूखाबाद स्थित हवाई पट्टियों पर एक-एक वी0आई0पी0 लाउंज एवं सम्बद्ध भवनों का भी लोकार्पण किया।

11.    पर्यावरण
इस अवसर पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने 40 करोड़ 15 लाख 61 हजार रूपये की लागत से लखनऊ के गोमती नगर में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नवनिर्मित मुख्यालय ‘‘मान्यवर श्री कांशीराम जी पर्यावरण भवन’’ का लोकार्पण किया।

12.    पर्यटन विभाग
माननीया मुख्य मंत्री जी ने इस अवसर पर कुल 2 करोड़ 19 लाख 27 हजार रूपये की 02 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 1 करोड़ 94 लाख रूपये की 08 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें जनपद मथुरा में राधा कुण्ड श्याम कुण्ड के जीर्णोद्धार का लोकार्पण शामिल है। यह कुण्ड मथुरा से 25 किलोमीटर की दूरी पर गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर स्थित है। यहाँ गुरू पूर्णिमा एवं अहोई अष्टमी पर लाखों श्रद्वालु आते हंै। जनपद कन्नौज में तिर्वा रोड पर एक ऐतिहासिक तालाब का सौन्दर्यीकरण भी शामिल है।

13.     मण्डी परिषद
माननीया मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर प्रदेश में 68 करोड़ 38 लाख रूपये की लागत से निर्मित 12 जनपदों के नवीन मण्डी स्थलों का लोकार्पण किया। इसके अलावा 15 करोड़ 76 लाख रूपये की लागत से प्रदेश के 04 के नवीन मण्डी स्थलों का शिलान्यास भी किया गया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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प्रधानमंत्री को पत्र लिख मुख्यमंत्री प्रदेष वासियों को गुमराह कर रही है- राजनाथ सिंह

Posted on 11 November 2011 by admin

011भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उ0प्र0 श्री राजनाथ ंिसह ने आज जन स्वाभिमान यात्रा के दूसरे दिन गोंडा में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश की मुख्यमंत्री द्वारा बात-बात पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखना जनता को गुमराह करना व धोखा देना बताया। श्री सिंह ने कहा कि एक तरफ प्रदेश की मुख्यमंत्री खाद की कमी को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखती है वहीं दूसरी तरफ  जब प्रदेश स्तर पर खाद की उपलब्धता को लेकर विभागीय समीक्षा होती है तो प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री द्वारा दावा किया जाता है कि खाद की कहीं कोई कमी नहीं है और खाद की उपलब्धता का स्तर 100 फीसदी है। शासन के स्तर पर परस्पर विरोधी स्वर सुनाई दे रहे हैं। जिसका स्पष्टीकरण बसपा सरकार को देना चाहिए।
श्री सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश शासन में व्याप्त भ्रटाचार के कारण ही किसानों को खाद की यह कृत्रिम कमी का सामना करना पड़ रहा है। यह सरकार न केवल किसान विरोधी है बल्कि गरीब और बेरोजगार लोगों की भी विरोधी है। यदि ऐसा नहीं होता तो गरीबों को रोजगार देने के उद्देष्य से चलायी जा रही योजना ‘मनरेगा’ में उत्तर प्रदेश में हजारों करोड़ रूपये का भ्रटाचार नहीं हुआ होता। प्राप्त जानकारी के अनुसार केन्द्र की मानीटरिंग कमेटी ने बलरामपुर, गोण्डा समेत प्रदेश के कई जनपदों में ‘मनरेगा’ में धांधली के मामले पकड़ें है। बलरामपुर में तो ‘मनरेगा’ की धनराशि में से प्रदेश सरकार ने 10 करोड़ के कलेंडर, बाल्टी और कुर्सी खरीद डाली। गोण्डा में भी करीब 5 करोड़ की मनमानी खरीद हुईं। केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा में हुई धांधली की जांच के लिए सी.बी.आई. की जांच की संस्तुति की गई है, मगर प्रदेश सरकार सी.बी.आई. जांच से भाग रही है। यदि प्रदेश सरकार का दामन दागदार नहीं है तो वह सी.बी.आई. से क्यों घबरा रही है। बसपा सरकार ने दो दिन पहले गन्ने का सरकारी समर्थन मूल्य 240-250 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया जो कि प्रदेश के किसान संगठनों एवं राजनीतिक दलों की अपेक्षाओं से काफी कम है। इन सभी की मांग कम से कम 300 रूपये प्रति क्विंटल से लेकर 350 रूपये प्रति क्विंटल की थी। मंहगाई और अन्य समस्याओं के चलते गन्ने के लागत मूल्य में यानि इनपुट कास्ट में 35-40 फीसदी की वृद्धि हुई है जबकि प्रदेश सरकार ने गन्ने का समर्थन मूल्य सिर्फ 17-18 फीसदी ही बढ़ाया है। भाजपा ने प्रदेश के गन्ना किसानों से वायदा किया है कि यदि वह विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता में आती है तो किसानों को गन्ने की कीमत कम से कम 300 रूपये प्रति क्विंटल दी जायेगी। जानकारी प्राप्त हुई कि प्रदेश के कई स्थानों पर गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। यहां वर्ष 2007 तक के भुगतान अभी तक लम्बित है। मैं प्रदेश सरकार से मांग करता हूं कि वह गन्ना किसानों के सभी बकाये का भुगतान अविलम्ब करे। प्रदेश का किसान इस समय खाद की भयंकर किल्लत का सामना कर रहा है। खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने में यह सरकार पूरी तरह असफल रही है। खाद की कमी के चलते किसानों को यूरिया की बोरी 297 रूपये के स्थान पर 700 रूपये में खरीदनी पड़ रही है और ‘डाई’ तो एक हजार रूपये में भी किसानों को नहीं मिल पा रही है।
श्री सिंह ने कहा कि यदि भाजपा प्रदेश में सत्ता में आई तो ‘मनरेगा’ में हुई सभी धांधली और घोटाले की सी.बी.आई. जांच करायेगी। आज के समाचार पत्रों में कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी का यह बयान प्रकाशित हुआ है, जिसमें उन्होंने अन्ना हजारे और विपक्षी दलों की आलोचना की है कि हम लोगों को भ्रटाचार पर मुखर होने की क्या जरूरत है? श्री सिंह ने कहा कि कांगे्रस अध्यक्षा को आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए क्योंकि सरकार वह चला रही हैं अथवा चलवा रही हैं। अतः जिम्मेदारी भी उन्हीं की बनती है।
कांग्रेस अध्यक्ष को सबसे पहले यह सवाल केन्द्र की यू.पी.ए. सरकार से पूछना चाहिए कि क्या जरूरत थी 2जी स्पेक्ट्रम अलोकेशन में 1,76000 करोड़ का घोटाला करने की, क्या जरूरत थी काॅमन वेल्थ गेम के आयोजन में 80,000 करोड़ रूपये का गबन करने की, आदर्श हाउसिंग सोसायटी प्रकरण में घोटाला करने की। श्रीमती सोनिया गांधी यह जवाब दे कि यूपीए शासनकाल में हुए घोटालों पर उन्होंने चुप्पी क्यों साध रखी है? और जब प्रदेश में भ्रष्टाचार का विरोध हो रहा है तो वे विपक्षी दलों पर आरोप लगा रही है। पहले तो कांग्रेस पार्टी द्वारा खुलकर भ्रटाचार किया जाता है और जब पूरे देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन होता है तो कांग्रेस द्वारा विपक्ष को नसीहत दी जाती है। कांग्रेस पार्टी का शासनकाल भ्रष्टाचार के कारनामों से भरा पड़ा है और देश की जनता अब इस भ्रटाचार से मुक्ति चाहती है। और भ्रष्टाचार के संदर्भ में कांग्रेस और बसपा की दुरभि संधि को जनता भलिभांति समझ चुकी है और आगामी चुनाव में इसे ध्वस्त करेगी।
जनसभा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय कटियार, राष्ट्रीय मंत्री संतोष गंगवार, प्रदेश प्रवक्ता सत्यदेव सिंह, प्रदेश महामंत्री विनोद पाण्डेय, पूर्व मंत्री रमापति शास्त्री, प्रदेश उपाध्यक्ष डा0 महेन्द्र सिंह, बावन सिंह ने संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री नरेन्द्र सिंह, पंकज चैधरी, सुभाष त्रिपाठी, प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
यह यात्रा आज बलरामपुर से प्रारम्भ होकर जयप्रभा ग्राम गोण्डा, इटियाथोक, गिलौली, सुभाषपुर, गोण्डा, डुमरियाडीह, बलेश्वर गंज, वजीरगंज, नवाबगंज, कटरा, धधौवा, विक्रमजोत, छावनी, हरैया, महराजगंज, कप्तानगंज, दुधौरा, गोटवा होते हुए बस्ती पहुंची। जिसमें तीन बड़ी जनसभाओं और अनेक स्वागत सभाओं को संबोधित किया।  कल यह यात्रा बस्ती से प्रारम्भ होकर नौगढ़ तक जाएगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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उ0प्र0 सरकार द्वारा पेराई सत्र 2011-12 के लिए गन्ना क्रय मूल्य घोषित

Posted on 09 November 2011 by admin

  • गन्ना क्रय मूल्य में 40 रु0 प्रति कुन्तल की वृद्धि
  • गन्ना की अगैती प्रजाति के लिए 250 रु0, सामान्य प्रजाति के लिए 240 रु0 व अनुपयुक्त घोषित प्रजाति के लिए 235 रु0 प्रति कुन्तल मूल्य निर्धारित
  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने अगले तीन दिनों में सभी चीनी मिलों को चलाने के निर्देश दिये
  • वर्ष 2007 से बी0एस0पी0 की सरकार ने गन्ने की कीमत में अब तक लगभग दोगुनी बढ़ोत्तरी की
  • केन्द्र द्वारा पेराई सत्र 2011-12 के लिए घोषित 145 रू0 प्रति कुन्तल एफ0आर0पी0 पूरी तरह नाकाफी

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी की अध्यक्षता में आज यहाॅ सम्पन्न मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के 40 लाख से भी अधिक गन्ना किसानों के हित में अति महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए, पेराई सत्र 2011-12 के लिए प्रदेश की चीनी मिलों द्वारा क्रय किये जाने वाले विभिन्न प्रजातियों के गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य में 40 रूपये प्रति कुन्तल की वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गयी। इस निर्णय के अनुसार गन्ने की अगैती प्रजातियों के लिए 250 रुपये, सामान्य प्रजातियों के लिए 240 रुपये तथा अनुपयुक्त घोषित प्रजातियों के लिए 235 रुपये प्रति कुन्तल मूल्य वर्तमान पेराई सत्र के लिए निर्धारित किया गया है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने आज यहां सचिवालय एनेक्सी स्थित मीडिया सेन्टर में मीडिया प्रतिनिधियों को अपनी सरकार के इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि उनकी सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है, जिसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने अनेकों महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक फैसले लिये हैं। पिछले वर्ष भी प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य में 40 रूपये प्रति कुन्तल की ऐतिहासिक बढ़ोत्तरी की थी, जो प्रदेश की किसी भी पूर्ववर्ती सरकार ने नहीं की थी।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सन् 2007 में जब उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया था, तब प्रदेश के गन्ना किसानों को पूर्ववर्ती सपा सरकार द्वारा सामान्य प्रजाति हेतु गन्ना मूल्य 125 रूपये प्रति कुन्तल मात्र ही दिया जा रहा था। इसकी तुलना में उनकी सरकार ने हमेशा किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर, गन्ना मूल्य में लगातार बढ़ोत्तरी करते हुए वर्ष 2010-11 में सामान्य प्रजाति हेतु गन्ना मूल्य 205  रूपये प्रति कुन्तल तक कर दिया, जो पूर्ववर्ती सरकार द्वारा दी गयी कीमतों से लगभग 65 प्रतिशत अधिक है। इतना ही नहीं, प्रदेश सरकार ने पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल के लगभग 2400 करोड़ रूपये के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान भी कराया।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पिछले पेराई सत्र 2010-11 में उनकी सरकार द्वारा सामान्य प्रजाति के लिए 205 रूपये प्रति कुन्तल के मूल्य के सापेक्ष चीनों मिलों द्वारा गन्ना किसानों को लगभग शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा चुका है। इस वर्ष केन्द्र सरकार द्वारा पेराई सत्र 2011-12 के लिए जो 145 रूपये प्रति कुन्तल गन्ना मूल्य अर्थात् एफ0आर0पी0 घोषित किया गया, वह न केवल पूरी तरह नाकाफी है, बल्कि केन्द्र की किसान-विरोधी मानसिकता का एक और जीता-जागता उदाहरण है। गन्ना मूल्य निर्धारण को लेकर किसानों के प्रति केन्द्र सरकार के नकारात्मक रवैये व असंवेदनशीलता को देखते हुए, फिर राज्य सरकार ने प्रदेश के किसानों के हित में पर्याप्त राज्य परामर्शित मूल्य निर्धारित करने का फैसला लिया।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने बताया कि पड़ोसी राज्य पंजाब में इस वर्ष के लिए गन्ना मूल्य मात्र 220 रूपये, 225 रूपये तथा 230 रूपये प्रति कुन्तल ही तय किया गया है। इसकी तुलना में प्रदेश सरकार ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने किसानों की खुशहाली के लिए बेहतर गन्ना मूल्य देने का निर्णय लिया है। गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य में प्रति कुन्तल 40 रुपये की जो वृद्धि की गयी है, वह प्रदेश के गन्ना किसानों को गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए हमारी सरकार की संवेदनशीलता का एक और उदाहरण है।
अपनी सरकार के चार वर्षाें के कार्यकाल में प्रदेश में किसानों के हितों का हमेशा पूरा-पूरा ध्यान रखे जाने का उल्लेख करते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह उसका ही नतीजा है कि वर्ष 2007 से लेकर अब तक बहुजन समाज पार्टी की सरकार ने गन्ने की कीमत में लगभग दोगुनी बढ़ोत्तरी की है। इतना ही नहीं, उनकी सरकार ने प्रदेश के गन्ना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य परामर्शित मूल्य समय से इसलिए निर्धारित किया है, ताकि प्रदेश के किसान अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए साहूकारों के चंगुल में न फंसे।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये हैं कि प्रदेश की समस्त निजी एवं सहकारी चीनी मिलें अपना पेराई सत्र समय से प्रारम्भ करें, ताकि गन्ना किसानों को अपनी फसल का भरपूर मूल्य समय से मिल सके और किसानों को रबी के दौरान गेहूँ की बुवाई के लिए खेत भी समय से खाली मिल सकें। हमारी सरकार के विशेष प्रयास के चलते, इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में प्रदेश के पश्चिमी इलाकों की चीनी मिलों ने लगभग तीन सप्ताह पूर्व ही अपना पेराई कार्य प्रारम्भ कर दिया है। उन्होंने प्रदेश की शेष चीनी मिलें, जो अभी तक नहीं चल पाई हैं, उन्हें अगले तीन दिनों में चलाने के निर्देश भी दिये हैं।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने चीनी मिल मालिकों को कड़ी चेतावनी दी है कि चीनी मिलों द्वारा गन्ना क्रय करने या मिल संचालन में उदासीनता बरतने की शिकायत प्राप्त होने पर उनके विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने कभी भी किसानों के हितों के साथ समझौता नहीं किया है। जब भी किसी व्यक्ति ने, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की है, तो प्रदेश सरकार ने उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी कार्रवाई की है। इस सम्बन्ध में उन्होंने याद दिलाया कि पिछले पेराई सत्र में समय से चीनी मिल चलाने में आनाकानी करने पर, राज्य सरकार को दो चीनी मिलों के मालिकों को गिरफ्तार भी कराना पड़ा था।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों का गन्ना निकटतम चीनी मिलों को आपूर्ति कराकर गन्ना किसानों को पूरा सहयोग प्रदान करें और उनके हितों का पूरा-पूरा ध्यान रखना सुनिश्चित करें। क्योंकि उनकी सरकार प्रदेश के गन्ना किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। माननीया मुख्यमंत्री जी ने दोहराया कि उनकी सरकार किसानों के प्रति सदैव संवेदनशील रही है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रही है। इसके तहत प्रदेश सरकार ने किसानों के हितों को पूरा संरक्षण प्रदान करते हुए नई भूमि अधिग्रहण नीति लागू की है। गन्ना मूल्य निर्धारण का आज का यह फैसला भी किसान हितों के लिए उनकी सरकार की इसी प्रतिबद्धता का नवीनतम उदाहरण है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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भारत के संविधान में सभी को उनका हक मिले इसकी व्यवस्था है

Posted on 05 November 2011 by admin

dsc_0001भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राश्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने आज ´अति पिछड़ों और अति दलितों´ के सम्मेलन को लखनऊ के झूलेलाल वाटिका में संबोधित करते हुए कहा कि भारत के संविधान में सभी को उनका हक मिले इसकी व्यवस्था है। श्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस-सपा तथा बसपा की सरकारें अपनी राजनीति चमकाने के लिए समाज को लगातार  बांटने का काम कर रही हैं। भारतीय जनता पार्टी का जब मैं उ0प्र0 का मुख्यमंत्री था तो मैंने अपने कार्यकाल में अति दलितों तथा अति पिछड़ों को उनका अधिकार दिलाने के लिए सामाजिक न्याय समिति बनाकर उसके अनुसार उ0प्र0 की विधानसभा तथा विधान परिशद में कानून बनाया था, तथा उस कानून को लागू भी करा दिया था। उसके अंतर्गत 40 हज़ार लोगों को समूह ´ग´ के अंतर्गत नौकरी भी दी थी। मेरा कार्यकाल मात्र एक वशz और कुछ महिने का ही था इसलिए मैं आपकी लड़ाई लंबे समय तक नहीं लड़ सका अन्यथा आज यह समाज अपने बीच में अपने  घरों से ही आई0ए0एस0 तथा आई0पी0एस0 व अन्य सेवाओं में अग्रणीय होता। दोबारा मेरी सरकार नही बन सकी। बहुजन समाज पार्टी की सरकार ने ना केवल इस कानून को मानने से इन्कार किया बल्कि मेरे द्वारा की गई नियुक्तियों को भी रद्द कर दिया। सपा-बसपा के लोगों ने विधानसभा तथा विधान परिशद में आपके हक में बने कानून का विरोध किया था। भारत की राजनीति में प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री की कोई जाति कोई धर्म कोई संप्रदाय अथवा लिंग भेद के आधार पर नहीं होता है बल्कि वह समाज के लिए माता-पिता की तरह अपने कर्तव्य का पालन करने हुए सभी के साथ समानता, समरसता का व्यवहार करता है।
श्री सिंह ने जनसभा में उपस्थित भारी समूह को भरोसा दिलाते हुए कहा कि आपकी एकजुटता आपको न्याय दिलाकर रहेगी। आपने जिसतरह अपने जिस्म का पसीना बहाया है उसे देखकर मैं कह सकता हूूूं कि आपको प्रतिश्ठा मिलकर रहेगी दुनिया की कोई भी ताकत इसे रोक नहीं पाएगी। मैं राजनीति में कहीं भी रहूं अति पिछड़ों तथा अति दलितों के हक के लिए जीवनभर संघशz करता रहूंगा। मैं मुख्यमंत्री मायावती से पूछना चाहता हंंूं कि उनकी आपसे क्या दुश्मनी है वह क्यों house में आपके अधिकारों के बिल को नहीं लाती क्या आपको सम्मानपूर्वक, अधिकारपूर्वक जीने का सौेभाग्य नहीं प्राप्त होना चाहिए। कांग्रेस-सपा तथा बसपा के लोग दिन-रात धनवान हो रहे हैैं। जेलों की हवा खा रहे हैं।
श्री सिंह ने आगे कहा कि भारत का संविधान मजहब के आधार पर आरक्षण की इजाजत नहीं देता है। मजहब के आधार पर भारत का बटवारा एक बार हो चुका है अब दोबारा ऐसी भूल नहीं होनी चाहिए। समता और समरता समाज के आधार होते हैं उसे ये दल तोड़ना चाहते हैं। श्री सिंह ने कांग्रेस से प्रश्न किया कि वह बताए कि कब तक इन लोगों को गरीब बनाकर रखेगी। गरीबी के आड़ में धर्मांतरण का घिनौना खेल इन सरकारों की देख-रेख में खेला जा रहा है। लगता है इन्होंने धर्मांतरण की खुली छूट विदेशी ताकतों को दे दी है। इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। ये लोग आपको  आपके मूल से काटना चाहते हैं। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर आपके अधिकारों को दिया जाएगा। आपको राजनीतिक अधिकार भी दिया जाएगा। मैंने उस समय आपको नौकरी के साथ-साथ स्कोलरसिप देने की भी व्यवस्था की थी। श्री सिंह ने उपस्थित समुदाय से आह्वान किया कि आप सत्ता बदल दीजिए हम व्यवस्था बदल देंगे।
श्री सिंह ने उ0प्र0 में चल रही बसपा सरकार की मुखिया तथा पूर्व में रही समाजवादी पार्टी सरकार के मुखिया से प्रश्न किया कि वे बताएं कि जो कांग्रेस रोज महंगाई बढ़ रही है उसे ये दल समर्थन क्यों दे रहे हैं। ये दोनों दल आकण्ठ भ्रश्टाचार में डूबे हुए हैं इसलिए ये डरते हैं कि इनके काले कारनामों पर पड़ा हुआ पर्दा कहीं सीबीआई हटा न दे। इसी भय के कारण ये कांग्रेस की सरकार को समर्थन दे रहे हैं। श्री िंसंह ने आगे कहा कि भाजपा सरकार बनने पर किसानों को 300रू0 प्रति िक्वटंल गन्ने का मूल्य दिया जाएगा तथा एक प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज दिलाएंगे।
सभा को जनवादी पार्टी के राश्ट्रीय अध्यक्ष डा0 संजय सिंह चौहान तथा जनवादी पार्टी के प्रदेश के अध्यक्ष ओ0पी0 ठाकुर सहित अनेक पदाधिकारियों ने संबोधित किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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