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परिवहन कार्यालय भवन का लोकार्पण किया

Posted on 05 January 2013 by admin

उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री राजा महेन्द्र अरिदमन सिंह ने आज मिर्जापुर के संभागीय परिवहन कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। इसके निर्माण कार्य पर कुल 1.37 करोड़ रूपये की लागत आयी है। इस कार्यालय भवन का निर्माण राजकीय निर्माण निगम द्वारा किया गया है।
इस अवसर पर परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब ड्राइविंग लाइसेंस, सारथी साफ्टवेयर आधारित स्मार्ट कार्ड पर जारी किये जायेंगे। इस योजना का क्रियान्वयन सात चरणों में पूरा किया जायेगा जो 09 जनवरी, 2013 से शुरू होकर अप्रैल, 2013 तक लागू हो जायेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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अधिकारियों/कर्मचारियों को मेला भत्ता के रूप में विशेष भत्ता अनुमन्य करेगी

Posted on 05 January 2013 by admin

उत्तर प्रदेश सरकार इलाहाबाद मंे आयोजित होने वाले कुम्भ मेले में कार्यरत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, मेला अधिष्ठान तथा मेला क्षेत्र में स्थित नगर निकायों के अराजपत्रित अधिकारियों/कर्मचारियों को मेला भत्ता के रूप में विशेष भत्ता अनुमन्य करेगी। इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी कर दिया गया है।

यह जानकारी देते हुए विशेष सचिव नगर विकास श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि यह विशेष भत्ता उन अराजपत्रित अधिकारियों/कर्मचारियों को मिलेगा जिनका अधिकतम वेतनमान रु0 9300-34800 व ग्रेड पे रु0 4800 है। यह विशेष भत्ता मूलवेतन व ग्रेड पे के 20 प्रतिशत के बराबर प्रतिमाह देय होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 2400 रु0 होगी। उन्होंने कहा कि इस विशेष भत्ते का भुगतान एक जनवरी, 2013 से 28 फरवरी 2013 तक किया जायेगा।

श्री सिंह ने कहा कि यह विशेष भत्ता केवल उन्ही अधिकारियों/ कर्मचारियों को दिया जायेगा जो मेला क्षेत्र में सीधे तैनात किये गये हैं और जिनकी इस प्रकार की तैनाती के बारे में मेलाधिकारी, कुम्भ मेला, इलाहाबाद द्वारा प्रमाण-पत्र दिया गया है। जिन अधिकारियों/कर्मचारियों को नियमानुसार विशेष वेतन/यात्रा भत्ता/दैनिक भत्ता अनुमन्य है वे इस विशेष भत्ते के लिये पात्र नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों द्वारा अपने कोष से इस विशेष भत्ते का भुगतान किया जायेगा, इसके लिये शासन द्वारा कोई अतिरिक्त धनराशि नहीं दी जायेगी।

विशेष सचिव ने कहा कि नगरीय स्थानीय निकायों के केवल उन्हीं अधिकारियों/कर्मचारियों को यह विशेष भत्ता दिया जायेगा जो निकाय की नियमित सेवा में हैं और मेला कार्य से सीधे सम्बद्ध हैं। इन कर्मियों को मेलाधिकारी, कुम्भ के प्रमाण पत्र के आधार पर निकाय निधि से इस भत्ते का भुगतान किया जायेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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शासन द्वारा स्वीकृत की जाने वाली धनराशि की उपयोगिता अवधि बढ़ा दी है

Posted on 05 January 2013 by admin

उत्तर प्रदेश सरकार ने कुम्भ मेला-2013 के आयोजन के लिये शासन द्वारा स्वीकृत की जाने वाली धनराशि की उपयोगिता अवधि बढ़ा दी है।
यह जानकारी विशेष सचिव नगर विकास श्री श्रीप्रकाश सिंह ने दी है। उन्होंने बताया कि कुम्भ मेला क्षेत्र के भीतर पड़ने वाले कार्यों की उपयोगिता समयावधि 31 दिसम्बर, 2012 से बढ़ाकर 15 जनवरी, 2013 कर दी गयी है। इसी प्रकार मेला क्षेत्र के बाहर इलाहाबाद शहर के निर्माण कार्यों की समयावधि भी बढ़ाकर 31 जनवरी, 2013 कर दी गयी है। इस आशय का निर्देश मेलाधिकारी कुम्भ मेला इलाहाबाद को भेज दिया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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बिरयानी खाने से दो बच्चों की मृत्यु

Posted on 05 January 2013 by admin

दिनांक 02-01-13 को सायंकाल थाना विजयनगर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम मिर्जापुर निवासी शमशाद की पुत्री कु0 रेशमा उम्र 14 वर्ष व पुत्र गंुजाल उम्र 6 वर्ष फेरी वाले नवाब की दुकान पर बिरयानी खायी थी जिसके कुछ देर बाद उनकी तबियत खराब होने लगी । दिनांक 3-1-13 को प्रातः दोनों बच्चों की तबियत अत्यधिक खराब होने पर उन्हें उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया । जहाॅ पर समय 1200 बजे दोनों की मृत्यु हो गयी । इस संबंध में विधिक कार्यवाही की जा रही है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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मानव जीवन मूल्य चुनौती और समाधान

Posted on 04 January 2013 by admin

धर्म संस्कृति संगम काशी सारनाथ एवं बौद्ध दर्शन विभाग सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में छात्रवृत्ति वितरण समारोह एवं एक दिवसीय ‘‘मानव जीवन मूल्य चुनौती और समाधान’’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के पाणिनी भवन प्रेक्षागृह में समारोह के मुख्य वक्ता श्री इन्द्रेश कुमार (सदस्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अ.भा.कार्यकारिणी) ने कहा कि ‘भारत भू’ विविधताओं से भरा है। समय-समय पर अनेकानेक पूजा पद्धतियों के रूप में इस भारत भूमि पर फला-फूला है। समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करते हुए प्राणी मात्र में नवीन प्राण व उर्जा भरने का काम अवतारी महापुरूषों ने किया है। जाति, भाषा, पंथ का अहंकार टकराव निर्माण करता है। अपने-अपने पंथ, जाति एवं भाषा पर चलते हुए अन्य सभी का सम्मान एकता-एकात्मता, समता-समरसता को विकसित करता है। कुछ मत पंथ भारत से बाहर जन्मे हैं उन्हें भी यह साक्षात्कार करवाना आवश्यक है ताकि मतान्तरण व आतंक से उत्पन्न विनाश को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि जीवन मूल्य केन्द्रित शिक्षा आवश्यक है, यदि ये नहीं होगा तो विनाश निश्चित है। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में गुरू-शिष्य सम्बन्ध लगभग समाप्त हो गये हैं। शिक्षक का पूरा ध्यान पाठ्यक्रम पर केन्द्रित होने के कारण शिक्षार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया धूमिल हो गयी है।
उन्होंने कहा कि चाहे आई.टी. का क्षेत्र हो अथवा मैनेजमेंट या मेडिकल का, सभी में सन्तोषजनक प्रगति हुई है, परन्तु युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण की समस्या जस की तस दिखाई दे रही है। पूरे देश में विश्वविद्यालयों का जाल, विदेशी विश्वविद्यालयों की स्थापना, केन्द्र सरकार के मानव संसाधन विकास मन्त्रालय द्वारा अनेक क्रान्तिकारी कदम उठाये जा रहे हैं, जिनमें उच्च शिक्षा तथा माध्यमिक शिक्षा के पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धति, प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्मिलित हैं।
उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के पश्चात् शिक्षा में सुधार हेतु अनेक आयोगों का गठन किया गया।  मुदालियर आयोग, कोठारी आयोग, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, आचार्य राममूर्ति समिति इत्यादि ने शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन हेतु अनेक महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रस्तुत किये किन्तु अमल के रूप में परिणाम शून्य ही रहे। शिक्षा को संचालित करने वाले केन्द्र सरकार के विभाग का नाम परिवर्तित करके मानव संसाधन विकास मंत्रालय रखा गया किन्तु मानव संसाधन के विकास का विषय शायद अन्तिम पायदान तक सिमट कर रह गया। मानव को मानव बनाने वाली शिक्षा, दानव बनाने की ओर धकेलती ही नजर आयी। युवाओं की क्षमताओं का उपयोग करने के लिए प्रयास नगण्य प्रतीत हुए। युवाओं के जीवन निर्माण के स्थान पर अनुशासनहीनता, अराजकता, व्यक्तिवादिता का पलड़ा भारी दिखाई दिया। यहां भी भौतिकवाद-अध्यात्मवाद पर भारी पड़ गया। बाजारीकरण प्रभावी हो गया। शिक्षा को अर्थ की भौतिक तुला पर तोला जाने लगा।
श्री इन्द्रेश कुमार ने कहा कि नैतिकता के मूल्य तिरोहित होने लगे। विकासशील भारत में आदमी की जिंदगी और औरत की इज्जत सबसे सस्ती हो गई है। हमें चरित्रवान भारत चाहिए। हमने सरकार को हमारी सुरक्षा का अधिकार दिया था, राजा का नहीं। निजीकरण की अंधी आंधी ने शिक्षा को गुणवत्ता परिपूर्ण शिक्षा से विलग कर दिया। ज्ञान तथा मेधा की उपेक्षा हुई, आर्थिक सम्पन्नता को अधिक तरजीह दी जाने लगी। ज्ञानवान, तेजस्वी तथा यशस्वी युवा विद्यार्थी अर्थाभाव के शिकार हुए। सरकारी तन्त्र द्वारा निजी क्षेत्र को अधिक महत्व दिया जाने लगा। परिणामतः शिक्षा में गुणवत्ता का भी ह्मास होना प्रारम्भ हो गया।
श्री इन्द्रेश कुमार ने कहा कि हमें भारत की आजादी में अपनी जान की बाजी लगाने वाले क्रांतिकारियों को अपने समक्ष आदर्श के रूप में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हम आज स्वदेशी के प्रयोग का संकल्प कर लें तो 10 साल बाद हम अमरीका से आगे हो जाएंगे।
विषय प्रस्तावना करते हुए प्रोफेसर यदुनाथ दुबे ने कहा कि शिक्षक, शिक्षार्थी एवं पाठ्यक्रम तीन आधार इस प्रक्रिया में हैं। शिक्षक का पुनीत कार्य शिक्षार्थी को पघना है, पाठ्यक्रम इसका माध्यम है। स्पष्ट है कि शिक्षक के लिए साध्य शिक्षार्थी है न कि पाठ्यक्रम। पाठ्यक्रम तो शिक्षक के लिए साधन के रूप में उपयोग में लाया जाता है। समय परिवर्तन के साथ साधन, साध्य के रूप में परिवर्तित हो गया है। शिक्षक का केन्द्रीकरण पाठ्यक्रम तक सीमित रह गया है, शिक्षार्थी द्वितीय वरीयता क्रम में आ गया है।
मुख्य अतिथि प्रो. वी. एम. शुक्ल (पूर्व कुलपति गोरखपुर विश्वविद्यालय) ने कहा कि शाश्वत मूल्य में गहरा हरास हुआ है। मानव मूल्य को घरों में लोग अपने माता-पिता और बुजुर्ग से सिखते थे। आज कौन सीख रहा है। आज के विद्यार्थी को भारत के स्वर्णिम इतिहास का पता नही है। आज घरों में जीवन मूल्य का वातावरण बनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक-शिक्षार्थी सम्बन्ध लगभग समाप्त हो गये हैं। शिक्षक का पूरा ध्यान पाठ्यक्रम पर केन्द्रित होने के कारण शिक्षार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया धूमिल हो गयी है। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा अथवा विश्वविद्यालयी शिक्षा में शिक्षक अपने शिक्षार्थी के व्यक्तित्व के आकलन के लिए प्रयासरत नहीं हैं। विद्यार्थी में अन्तर्निहित गुण क्या हैं, उनकी जांच, परख, तत्पश्चात् उनमें निखार लाने के लिए शिक्षकों का पास न सोच है न ही चिन्तन। यही कारण है कि शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थी का व्यक्तित्व विकास उनकी योजना का अनिवार्य अंग नहीं बन पाता है।
विशिष्ट अतिथि प्रो. पी. नागजी (कुलपति महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ) ने कहा कि तकनीकि का विकास समाज के लिए कितना ठीक है, इसपर विचार होना चाहिए। आज विश्व को आठ बार नष्ट करने का परमाणु बम बना है। मानव कल्याण के लिए धर्म, संस्कृति और विज्ञान में समन्वय जरूरी है। सभी धर्मों में नैमिक मूल्य और सांस्कृतिक मूल्य मिलता है बस जरूरत हैं इनको संगठित करने की। भारत को शक्ति सम्पन्न बनने के लिए सभी धर्मों के लोगों की क्षमता को समझना होगा।
प्रो. रमेशचन्द्र नेगी ने कहा कि प्राचीन भारत की संस्कृति और परम्परा मानव मूल्य का बोध कराती थी। आज उसमे गिरावट आयी है। इसीलिए अनेक प्रकार की समस्याएं पैदा हो रही है।
अध्यक्षीय सम्बोधन करते हुए प्रो. राम किशोर त्रिपाठी (सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय) ने कहा कि सभी धर्मो का उद्देश्य मानव का कल्याण है। भारत प्रकाश से युक्त देश है। ‘धर्म’ मानव मूल्य है। मानव शरीर त्याग के लिए है। शिष्य गुरू का आचरण करते है अतः गुरू का आचरण अनुकरणीय होना चाहिए। हिन्दू धर्म में जीवन का उद्देश्य धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष है, यही जीवन मूल्य है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन से हुआ। बौद्ध भिक्षु वृन्द द्वारा पाली मंगलाचरण, पाणिनी कन्या महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा वैदिक मंगलाचरण एवं कुमारी मालविका तिवारी ने पौराणिक मंगलाचरण प्रस्तुत किया। स्वागत भाषण श्रीहर्ष सिंह ने किया। इस कार्यक्रम में कुल 15 छात्र-छात्राओं श्री सरला आर्या, प्रियंका आर्या, संजीवनी आर्या, सोनम दोर्जे, गुलाब सिंह नेगी, सुनील दत्त, कृष्णकांत त्रिपाठी, ठाकुर भगत, विनित कुमार पाण्डये, विनित कुमार शर्मा, प्रवेश कुमार आदि छात्रों को नगद तीन-तीन हजार रूपये छात्रवृत्ति दी गयी।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रो. नागेन्द्र पाण्डेय, डाॅ. अन्नपूर्णाशुक्ल, प्रो. परमात्मा दूबे, प्रो. मुकुल मेहता, डाॅ. हरिप्रसाद अधिकारी, दीनदयाल पाण्डेय, दिनेश जी, नागेन्द्र दूबे, डाॅ. हरेन्द्र कुमार राय, अजय परमार आदि लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. रमेश कुमार द्विवेदी (आचार्य एवं अध्यक्ष- बौद्ध दर्शन विभाग, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी) एवं धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. माधवी तिवारी ( सचिव, धर्म संस्कृति संगम काशी सारनाथ) ने ज्ञापित किया। प्रस्तुति: 63, विष्व संवाद केन्द्र काषी, लंका, वाराणसी-221005

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जयन्ती के अवसर पर

Posted on 04 January 2013 by admin

आगामी २३ जनवरी २०१३ को चिरंजीवी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जयन्ती के अवसर पर भारत भारती सुलतानपुर द्वारा तैतीसवां अलंकरण समारोह दिवस का आयोजन किया गया है ।
भारत भारती की स्थापना वर्ष १९८१ मे की गई थी । स्थापना वर्ष के बाद से भारत भारती संस्था द्वारा अलंकरण समारोह का कार्यव्रहृम किया जाता है । भारत भारती के अध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल ने एक प्रेस वार्ता मे बताया कि इस वर्ष २३ जनवरी को सुलतानपुर में कार्यव्रहृम के माध्यम से कुल १० महान उपलब्धियों वाले व्यक्तियों को विभूषित किया जायेगा ।
सचिव प्रदीप ने पत्रकारो को बताया कि अपने सिद्धान्तो का एवं नियमो का सत सत पालन करके प्राणो का न्योछावर करने वाले जनता इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य स्व० मान बहादुर सिंह जो एक कवि व साहित्यकार भी थे इन्हे भारत भारती द्वारा सुलतानपुर रत्न से विभूषित किया जायेगा और इनके परिवार को २१ हजार रुपये की धनराशि भी दी जायेगी ।
दूसरा अलंकरण सम्मान लोकमणि के रुप में किसानो को दिया जाता है जो इस बार उपलब्ध नही है । तीसरा अंलकरण सम्मान लोक रत्न दिया जाता है जिसमें उत्कृष्ट सामाजिक मानवता कार्यो के लिए दिया जाता है । सन्तोष कुमार झा पुत्र स्व० सत्य नरायन ग्राम बुधापुर को लोकरत्न से सम्मानित किया जायेगा सन्तोष कुमार झा अपने गांव मे मुस्लिम वर्ग के लोगो को अपनी जमीन कब्र्रिस्तान के लिए दान दिया है ।
इसी व्रहृम में हरिद्वार स्थित मातृ सदन संस्था मे स्वामी निगमानन्द महाराज गांगा नदी की सफाई के अन्दोलन मे उपवास रखकर प्राणो की आहुति देने के लिए मरणोपरान्त उन्हे लोकरत्न से विभूषित किया जायेगा। चैथा अलंकरण सम्मान लोक भूषण के रुप मे दिया जाता है जिसमें अभियन्ता भवन एम.सी.डी.सिटी जोन नई दिल्ली के इंजीनियर अंसार आलम को लोक भूषण सम्मान से विभूषित किया जायेगा ।
इंजीनियर होते हुए भ्रष्टाचार पर नसीहत को पैगाम देते हुए उन्होने २ करोड घूस लेने से इन्कार किया जिस पर उनके उहृपर प्राणघातक हमला हुआ और बाल बाल बच गये । बने हुए भवन मे किये जा रहे वितरण में किसी भी व्यक्ति से घूस रुप में एक भी रुपया नही लिया ।
पांचवा अलंकरण सम्मान लोक द्वीप के रुप मे दिया जाता है आज का अभिमन्यु के रुप मे कक्षा एक का विद्यार्थी जिसकी उम्र्र मात्र छरू वर्ष है । मृगेन्द्र पाण्डेय पुत्र राजेश पाण्डेय कूरेभार सुलतानपुर को लोक द्वीप से विभूषित किया जायेगा । बताते चले कि यह छरू वर्षीय बालक अभिमन्यु की तरह मंच से इंदिरा गांधी को गोली मारे जाने की कथा इस तरह बतलाता है कि जैसे वह स्वयं वहां उपस्थित हो ।
इस तरह कि कई घटनाओं का उल्लेख उसके द्वारा किया गया है तथा मणिपुर राज्य के जिला थोडवल मे लिलोगं गांव का छात्र जो इण्टर मीडिएट में ९९.६ प्रतिशत के साथ भारत मे सर्व श्रेष्ठ अंक प्राप्त किया मो० इशमत पुत्र वशीर अहमद को भी लोक द्वीप सम्मान से विभूषित किया जायेगा । भारत भारती द्वारा वर्ष २०१२ मे भ्रष्टाचार पर निबन्ध प्र्रतियोगिता का आयोजन किया था जिसमे कुल १५१ विद्यार्थी भाग लिये थे जिसमे प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को अलंकरण सम्मान से विभूषित किया जायेगा ।
प्रथम पुरस्कार छात्र कु० नूर आरसी पुत्री निजाम अहमद को ग्यारह हजार रुपये तथा दूसरा पुरस्कार कु० अपूर्वा सिंह पुत्री रमेश सिंह को इक्यावन सौ रुपये तथा तीसरा पुरस्कार अनुपम मिश्र पुत्र जनार्दन मिश्र को दो हजार पांच सौ रुपये से पुरस्कृत किया जायेगा  तथा भारत भारती सुलतानपुर टीपू सुलतान के वंशजो को भी सम्मानित करना चाहती है जो कि समाचार पत्र के माध्यम से थोडी सी जानकारी प्राप्त हुई है कि टीपू सुलतानपुर के वंशज कलकत्त्ता मे रहते है और उनकी बहुएं दूसरो के घरो मे झाडू पोछा का कार्य करने जीवन निर्वाह कर रही है

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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महिलाओं का सशक्तीकरण

Posted on 04 January 2013 by admin

जनपद में महिलाओं का सशक्तीकरण जिला महिला अस्पताल और गांव गांव चल रहे आंगनवाडी केन्द्रों पर देखी जा सकता है ।
गौरतलब हो कि दिल्ली रेप कांड में प्रदेश और केन्द्र सरकार पर जब देश की महिलाओ और छात्राओं का गुस्सा फूटा तो लोकतंत्र की सर्व शक्तिमान केन्द्र सरकार और यहां तक कि केन्द्र की सुपर शक्ति सोनिया गांधी भी राजनैतिक रुप से दुखी दिखी और तो और भारत जैसी शक्तिशाली देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को अपनी पुत्रियों की संख्या और उनकी आंड में प्रदर्शनकारी जनता को हवाला देकर इमोशनल किया जाने लगा अब तत्काल सरकारी फंडा शुरु करते हुए आयोग गठित कर सुझाव मांगे जाने लगे ।
सोचनीय है कि भारत की आजादी को कई दशक बीत गये ये सरकारे खाशकर केन्द्र सरकार ने कभी भी गंभीरता से महिलाओं को उन्नति और सशक्ती करण के बारे मे कभी नही सेचा यहां तक कि खोखली योजनाये बना कर भारतीय पंरपरा की मिशाल भारतीय नारी को खोखला आधुनिकता और सशक्ती करण का दिवा स्वप्न दिखा कर सामाजिकता और परिवार की चैखट लांघकर आर्थिक होड वाले बाजार में कूदा दिया और झूठी शान दिखाने और विदेशी मेहमानो को दिखाने के लिए उन्हे प्र्रतिमाह चन्द मानदेय देने की घोषणा लाल किले की प्राचीर से कर अपनी पीठ ठोक रही मनमोहन की सरकार ने कभी यह सोचा कि इन लाखो आशा बहुओं और आंगन वाडियों को जितना मानदेय मिलता है उतने में उनके बंगले में पले विदेशी नस्ल के कुत्ते का नास्ता का खर्चा भी महीने में नही पूरा होता ।
और इस मंहगाई में इन भारतीय महिलाओं को जिनपर केन्द्र की महिला संचालित और ढोगी सरकार ने सरकारी करण का ठप्पा लगाकर बीते कई दशको से दिवा स्वप्न दिखा रही है क्या यह इस केन्द्र सरकार की न्याय प्रिय नीति है या वाकई इन भारतीय महिलाओं के प्रति झूठी इमदर्दी दिखा सशक्ती करण आर्थिक उन्नति करण का त्रिया चरित्र जनता और विदेश को दिखाना चाहती है ।
आये दिन महिलाओं के प्रति अपराध जब जनता और अपराधी करते है तो सरकार को चिंता होती है और जब सत्त्ता धारी नेता आये दिन हर घण्टे महिलाओ की शारिरिक, आर्थिक, मानसिक शोषण साल दर साल जनता के कथित सेवक करते है तो उनको कौन सजा देगा आज आयोग को समाज के हर स्तर पर महिला शोषण पर सोचना और कानून बनाने की बात करनी होगी तभी दामिनी जैसी अपराध वाकई मे दूर हो सकते है वर्ना भारत की आधी आबादी महिलाएं अब और न छली जायेगी अब ये जग चुकी है और इतिहास गवाह है कि रानी झांसी ने सर्व शाक्तिमान अंग्रेजो को छक्के छुडा दिये थे ये तो भारत के मनमोहन सिंह और अखिलेश यादव है । इन्हे इनके घर से ही चुनौती मिलने लगेगी वह दिन दूर नही है अब चेत जाओ ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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डीएम द्वारा जब चैपाल लगाई गई तब फरियादियों ने समस्याओं का अंबार बताया

Posted on 04 January 2013 by admin

कछौना गौसगंज के क्षेत्र का बाण गांव जो योजना आयोग के उपाध्क्ष एवं पूर्व मुख्य सचिव नवीनचन्द्र बाजपेई का पैतृक निवास भी है में हरदोई जिलाधिकारी ने जब चैपाल लगाई वाकया बुधवार की रात में इस चैपाल में पीडि़तों की फरियाद उनकी समस्याओं का निस्तारण समुचित निर्देश भी जिलाधिकारी अनिल कुमार द्वारा दिए गए। यहां के निवासी देवी शंकर शुक्ल के अनुसार मजरा पैरा में बिजली तो आती है और बाण गांव में कभी-कभी बिजली न होनंे की शिकायत कई ग्रामीणों ने की। कुछ ग्रामीणों द्वारा कानपुर रेलवे लाइन के पास से चकरोड एक किलोमीटर का बनाने को भी मांग करके पूरा करने को कहा। हरी राम द्वारा पेंशन केवल एक महीने का पैसा आना बताया। दूसरी बार वह अब तक नहीं आया है। श्यामलाल का विरासत का मामला लटका हुआ बताया तो कुछ ने निःशुल्क बोरिंग, वृद्धावस्था पेंशन मनरेगा की योजना का लाभ नहीं मिल रहा। आदि की विस्तृत समस्याओं का अम्बार और उसका निस्तारण करने के लिए ग्रामवासियों ने कहा कि सभी पर जरूरी निर्देश डीएम द्वारा दिए गए। एक ग्रामीण की शिकायत पर डीएम ने बीएसए को निर्देश दिया कि वजीफा का रूपया देते वक्त एक रजिस्टर बनाकर उसे फोटो चस्पा करके लाभार्थी को तब दिया जाए। ऐसा जनपद के सभी स्कूलों में व्यवस्था की जाए। उन्होने ब्लाक स्तर आंगनबांडी केन्द्र, हाट कुक्ड योजना, की भी जानकारी ली। चकबन्दी कानून व्यवस्था पर एसओ को तलब किया। बीडीओ से रजिस्टर 8 को मांग कर उसे भी देखा। इस मौके पर ब्लाक प्रमुख अशोक अग्रवाल सहित सभी अधिकारी मौजूद रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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जनपद की चीनी मिलों पर किसानों का 40 करोड़ रूपया बकाया

Posted on 04 January 2013 by admin

हरदोई जनपद की चीनी मिल मालिक गन्ने की खरीद में धांधली तो कर ही रहे हैं। बल्कि उनके भुगतान पर भी धोखाधड़ी करने से बाज नहीं आते हैं। किसानों के भुगतान के बोझ से दबी चीनी मिलें अधिक मुनाफा कमाए के चक्कर में किसानों को उपज के मूल्य का भुगतान भी समय से नहीं करते है। जनपद में अलग-अलग स्थानों पर चार चीनी मिलेें निजी कम्पनियों द्वारा बनाई गई है। जिसमें रूपापुर, लोनी, हरियावां तथा बघौली में स्थित एक चीनी मिल है। इन चीनी मिलों पर किसानों का 40 करोड़ रूपये की देनदारी बांकी है। जबकि गन्ना विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि गन्ने का भुगतान गन्ना बेचने के 14 दिनों के अन्दर अवश्य कर दिया जाए। जिसमंे नकद भुगतान के अलावा किसानों के बैंक खातों की सुविधा भी शामिल की गई है। लेकिन 31 दिसम्बर 2012 तक चीनी मिलों पर 17999.75 लाख रूपया का गन्ना खरीदा गया इसके सापेक्ष मिलों को 9373.14 लाख का भुगतान होने चाहिए। लेकिन अभी तक नहीं किया गया। केवल 5305.70 लाख का ही भुगतान हो पाया है। गन्ना विभाग की चुप्पी इस मामले पर अपने आप में सवाल खड़े कर रही है। जिसमें रूपापुर का 1057.51 लाख रूपया लोनी का 1189.97 रूपया हरियांवा मिल पर 1219.66 बघौली 550.30 अनुमानित राशि बताई जा रही है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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काशीविश्वनाथ गाड़ी में शौचालय के अन्दर महिला को कराया गया प्रसव

Posted on 04 January 2013 by admin

हरदोई स्टेशन पर बनारस जाने वाली काशीविश्वनाथ के शयनयान कोच के संख्या एस-7 की बर्थ नम्बर 43-44 पर जौनपुर जिले की बादशाहपुर निवासी नीलेश अपनी पत्नी हीरा के साथ हिसार से जौनपुर जा रहे थे। हीरावती के गर्भ मंे बच्चा होने के कारण वह ट्रेन पर सफर कर रही थी। जनपद शाजहांपुर से स्टाफ लेकर चली गाड़ी में हीरावती को प्रसव पीड़ा प्रारम्भ हो गई। रास्ते में पड़ने वाले स्टेशन शाहाबाद मंें उनकी हालत खराब होने पर कोच में साथ चल रही महिलाओं ने स्थित संभाली। ट्रेन में मौजूद कोच टीटी तथा आरपीएफ सुरक्षा बल को अवगत कराकर तथा मुरादाबाद कंट्रोल रूम को सूचना भेजी गई। कंट्रोल रूम से हरदोई स्टेशन अधीक्षक को जरूरी व्यवस्था के साथ आरपीएफ एवं जीआरपी को भी तत्काल व्यवस्था का निर्देश मिला। गाड़ी को सुरक्षित चार नम्बर प्लेटफार्म पर लगाया गया। तभी रेलवे चिकित्सा अधीक्षक आरके गुप्ता महिला चिकित्सालय से लेड़ी डाक्टरों का दल जांच हेतु प्लेटफार्म पर पहुंचा। उन लोगों ने महिला को अस्पताल चलने की सलाह दी गई। परन्तु कोच में उपस्थित महिलाओं ने शौचालय में गाड़ी के अन्दर ही सुरक्षित प्रसव करवा लिया था और परिजनोे ने लखनऊ जाने की इच्छा जताई। जब जांच पड़ताल प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें लखनऊ जाने दिया गया। डाक्टरों की टीम ने स्टेशन आफीसरों ने शुभकामना देकर परिवार को विदा किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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