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Archive | आजमगढ़

ग्रामसभा चैकीदार के रिक्त 253 पदों पर नियुक्ति हेतु आवेदन 4 सितम्बर तक

Posted on 24 August 2012 by admin

जिलाधिकारी प्रांजल यादव ने बताया कि जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों के अन्तर्गत ग्रामसभा चैकीदार के रिक्त 253 पदों पर शीघ्र नियुक्ति किया जाना है। उन्होने बताया कि ग्रामसभा चैकीदार पद हेतु आवेदन पत्र 4 सितम्बर तक सम्बन्धित थानाध्यक्ष को प्रस्तुत किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने इस सिलसिले में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि थाना अतरौलिया अन्तर्गत 4 ग्रामसभा चैकीदार, थाना पवई व कन्धरापुर में 3-3, अहरौला में 24, रौनापार में 6, मेंहनगर व तहबरपुर में 2-2, तरवाॅं में 20, मेंहनाजपुर में 11 तथा थाना बरदह में 9 ग्रामसभा चैकदार के पद रिक्त हैं। इसी प्रकार थाना कोतवाली देवगांॅव के अन्तर्गत सबसे अधिक 169 ग्रामसभा चैकीदार के पद रिक्त हैं। जिलाधिकारी श्री यादव ने समस्त थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने थाने के अन्तर्गत रिक्त ग्रामसभा चैकीदार पद के सम्बन्ध में आवेदन पत्र प्राप्त कर स्पष्ट संस्तुति सहित पुलिस अधीक्षक के माध्यम से उपलब्ध करायें। उन्होने यह भी निर्देश दिया कि यदि कोई और पद रिक्त हुआ हो तो उस पर भी आवेदन पत्र प्राप्त कर उसकी सूचना उन्हें उपलब्ध कराई जाये। श्री यादव ने कहा कि रिक्तियों का विस्तृत विवरण सम्बन्धित थानाध्यक्ष, एसडीएम अथवा कलेक्ट्रेट के सूचना पट्ट पर देखा जा सकता है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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अपराधी को मिले सजा, वह छूटे न इसके लिए ठीक से दर्ज हो मुकदमा: प्रांजल-आकाश

Posted on 15 August 2012 by admin

स्वतन्त्रता दिवस सहित अन्य त्योहारों के मद्दे नजर मंगलवार को जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने अपने मातहतों को कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान महत्वपूर्ण निर्देश दिया।
जिलाधिकारी प्रांजल यादव व पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने कलेक्ट्रेट सभागार  में सभी क्षेत्राधिकारियों, थानाध्यक्षों तथा एसपीओ, एएसपीओ तथा एसडीएम की आयोजित कार्यशाला में निर्देश देते हुए कहा कि वे आपस में परस्पर बेहतर सामंजस्य बनाकर कानून एवं शांति व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ करें। स्वतन्त्रता दिवस, ईद-उल फितर आदि त्योहारों को देखते हुए अपने अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर साम्प्रदायिकत सौहार्द व कानून व्यवस्था बनाये रखना सुनिश्चित करें तथा त्योहारों को कुशलतापूर्वक शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न करायें। डीएम-एसपी ने कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द को सुदृढ़ बनाये रखने की दिशा में विशेष रूप से प्रयास निरन्तर रहे।
जिलाधिकारी प्रांजल यादव व एसपी आकाश कुलहरि ने कहा कि किसी भी अपराध के लिए अपराधी को कड़ी सजा मिले। यह तभी सम्भव है जब हम ईमानदारी व कर्तव्य परायणता की भावना से कार्य करेंगे। उन्होने कहा कि रिपोर्ट ठीक से लिखी जाये, अपराध सही व समय पर दर्ज हो। अपराध कब कारित हुआ कहाॅं हुआ, गवाह कौन है इसकी भलीभांति जानकारी थानेदार क्षेत्राधिकारियों को भलीभांति हो। जीडी लिखने का प्राविजन भी ठीक से ज्ञात हो। दो पीडि़त एक ही समय पर आ जाये ंतो जीडी लिखने में कहीं भी कोई विलम्ब व चूक न हो। यदि विलम्ब हुआ हो तो स्पष्ट कारण भी लिखा हो। छोटी छोटी घटना की जानकारी भी सीओ के संज्ञान में हो। परिस्थितिजनक तथ्य विवेचना की गुणवत्ता आदि की जानकारी अच्छी हो। इस तरह वाद की पैरवी की जाये कि अपराधी को दण्ड मिले। उन्होने कहा कि क्राइम बैठकों में न जाना, शिनाख्त देरी को गम्भीरता से लिया जाये। क्रइम बैठकों में एसआर पत्रावलियों को देखा जाये। दहेज मृत्यु में भी नोशीट बनवाया जाये, जाकर कार्यवाही की जाये तथा कनवेक्शन को देखते हुए सेंसिविटी डेवलप करें। अपराधी कत्तई न छूटे। ड्यूटी रजिस्टर थाने में सुनवाई सिस्टम, जन शिकायत रजिस्टर को पूरी तरह व्यवस्थित रखा जाये जो शस्त्र लाइसेंस निस्तीकरण हुआ है उसे थाने में अवश्य जमा करें। पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने कहा कि थाने के सभी रिकार्ड ठीक से रखें कमियों को तत्काल दुरुस्त करें।
जिलाधिकारी ने आगामी दिनों में पड़ने वाले जुमअतुल विदा(रमजा माह का अन्तिम शुक्रवार) तथा ईद-उल फितर के मौके पर साम्प्रदायिक सौहार्द को सुदृढ़ बनाये रखने की दिशा में विशेष रूप से प्रयास किये जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए समस्त एसडीएम व सीओ को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर सभी सम्प्रदाय के सम्भ्रान्त नागरिकों, एकीकरण समितियों, शांति समितियों, प्रमुख शिक्षा संस्थानों के प्रधानाचार्य एवं सद्जीवी व्यक्तियों जैसे बार एसोसिएशन, रोटरी क्लब आदि के सदस्य एवं पदाधिकारियों की बैठक आयोजित कर त्योहारों के अवसर पर पूर्ण शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु प्रयास किया जाये। उन्होने यह भी निर्देश दिया कि त्योहारों के सकुशल सम्पन्न होने की सूचना उन्हें तथा पुलिस अधीक्षक सहित जनपद के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी जाये।
एसपीओ शेर बहादुर सिंह, एपीओ महेन्द्र राय तथा डीजीआर पवारू राम आदि ने कार्यशाला में सभी क्षेत्राधिकारियों को आईपीसी की कई धाराओं को स्पष्ट रूप से बताया। इस मौके पर एडीएम (एफआर) जेके सिंह, सीआरओ अच्छे लाल, एएसपी कैप्टन एमएम बेग सहित सभी क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष आदि उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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86 वीं जयन्ती पर आयोजित कार्यक्रम

Posted on 17 April 2012 by admin

chandrasekher-newesरामपुर जहानागंज - देश के प्रथम समाजवादी प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर जी की 86वीं जयन्ती समारोह में पूर्व मंत्री व विधान परिषद सदस्य यशवन्त सिंह ने कहा कि जब-जब देश संकट में पड़ा समाजवादी नेता आचार्य नरेन्द्र देव लोहिया, जय प्रकाश नारायण, चन्द्रशेखर के नेतृत्व में सुरक्षित हुआ। प्रथम समाजवादी प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर ने देश की चुनौतियों का निदान किया आज फिर देश मंहगाई घोटाला से जूझ रहा है इस समय पूरे देश की निगाहे दूसरे समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव पर टिकी है कि वह प्रधानमंत्री बने और देश को संकट से उबारे इस आशय का प्रस्ताव भी पारित किया गया लोगों ने संकल्प लिया कि आगामी लोकसभा चुनाव में जी जान से जुटकर प्रधानमंत्री की गद्दी पर बिठायेंगे।
श्री चन्द्रशेखर जी स्मारक ट्रस्ट रामपुर जहानागंज आजमगढ़ द्वारा चन्द्रशेखर जी की 86 वीं जयन्ती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधिक कर रहे थे। उन्होने कहा कि चन्द्रशेखर जी हमेशा समर्थक व विरोधियों को साथ लेकर समस्या का हल निकालने में विश्वास रखते थे। उनका कहना था कि यदि देश का सही विकास करना है तो पहले गांव की यात्रा करो। ग्रामीणों की समस्याओं  को समझो और उसे दूर करने का प्रयास करो, आज भी चन्द्रशेखर के विचार प्रासंगिक है, मौजूदा समय में उनके जैसे ही निर्भीक नेतृत्व की जरूरत है। चन्द्रशेखर जी इन्कलाब के लिए अकेले निकल पड़ते थे, भीड़ बाद में जुटती थी। सच्चा समाजवादी होने के कारण उनमें आलोचना बर्दास्त करने की क्षमता थी। उनसे नई पीढ़ी को समाजवाद की दिशा में चलने की प्रेरणा मिलती है।
श्री सिंह ने कहा कि पूरा देश चन्द्रशेखर जी के साहस को आज भी चर्चा करता है। सत्ता की राजनीति उन्हें लुभा नहीं पायी। वह विचारो व भावनाओं से बहुत बड़े व्यक्ति थे उनकों राजनीति से ज्यादा देश की भावी पीढ़ी की चिन्ता रहती थी। एम0एल0सी0 श्री सिंह ने कहा कि जिस दौर से आज देश गुजर रहा है ऐसे में चन्द्रशेखर जी जैसे राष्ट्रीय नेताओं की बेहद जरूरत है जो क्षेत्रवाद, भाषावाद, साम्प्रदायिकता और जातियता से ऊपर उठकर देश की अगली पीढ़ी का भविष्य संवारने के लिए अलख जगा सके। सड़ी-गली व्यवस्था से लड़ने के कारण ही उनके विद्रोही स्वभाव  के अनुरूप उन्हें युवा तुर्क कहा गया। उन्होंने अवसरवादिता का हमेशा
विरोध किया। वे नफा नुकसान से परे सिद्धान्त व सोच की राजनीति पहरूये के चन्द्रशेखर जी हमारी गौरवमयी धरोहर हैं उनके जीवन दर्शन से तानाशाही मनोवृत्ति एवं दमन से लड़ने की प्रेरणा मिलती है। उनकी स्मृतियां मर्यादित राजनीति तथा संसद की गरिमा को फिर से बहाल करने का आवाहन करती है। संसदीय इतिहास उनके बिना अधूरा है इससे पूर्व ट्रस्ट में स्थापित चन्द्रशेखर जी की आदमकद प्रतिमा पर सैकड़ो लोगों ने पुष्प अर्पित कर अपने प्रिय नेता को नमन किया। समारोह की
अध्यक्षता ट्रस्ट समिति के प्रबन्धक बृजेश कान्दू एवं संचालन शिक्षक कमलेश राय ने लिया। समारोह को समाजसेवी डा0 अव्वल, मेवालाल गोस्वामी, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव, मऊ के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामभवन, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष इन्दू सिंह, डा0 राजेश सिंह ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर पत्रकार हरिशरण पन्त पूर्व प्रमुख सुभाष सिंह, रमेश कनौजिया, पंकज पासवान, ओम प्रकाश सिंह, रघपति सिंह, शमशेर सिंह, मुक्तीनाथ राय, अच्छेलाल यादव, ट्रस्ट अध्यक्ष समेत हजारो की संख्या में लोग उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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प्रदेश के पिछड़ेपन का कारण सपा-बसपा-कांगे्रस पाटियांे की नीतिया

Posted on 07 February 2012 by admin

r3भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रªªीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने आज अम्बेडकरनगर के आलापुर, आजमगढ़ के अतरौलिया, मऊ जनपद के मधुवन, गाजीपुर जनपद के जखनियां व जमनियां विधानसभा में जनसभाओं को संबोधित करते हुए प्रदेश के पिछड़ेपन का कारण सपा-बसपा-कांगे्रस पाटियांे की नीतियों को जिम्मेदार बताया।
श्री सिंह ने कहा कि बसपा सरकार के शासनकाल में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ी है। जिस अपराध पर लगाम लगाने के लिए जनता ने बसपा को सत्ता सौंपी थी उसे रोकने में वह पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। क्योंकि हत्या, अपहरण और बलात्कार की घटनाएं सर्वाधिक उत्तर प्रदेश में हुई हैं। नेशनल क्राइम रिकाॅर्ड ब्यूरों ;छब्त्ठद्ध के आकंड़ों के अनुसार वर्ष 2010 में अकेले उत्तर प्रदेश में 4401 हुई है। जबकि अपहरण के 6321 मामले 2010 में दर्ज किए गए। हालात तो इतने बिगड़ चुके हैं कि पुलिस थानों में भी बलात्कार की घटनाएं सामने आ रही हैं। हत्या, बलात्कार और अपहरण जैसी कई घटनाओं में बसपा से जुड़े नेताओं के नाम सामने आए हैं।
श्री सिंह ने कहा कि जब सरकार का इकबाल सामाप्त हो जाता है तो उसकी की प्रशासन पर से पकड़ भी समाप्त हो जाती है। बसपा शासनकाल में पुलिस के जवानों में असंतोष पनपा है। ईमानदार पुलिस अधिकारियों को प्रताड़ना सहनी पड़ी है और यहां तक कि श्क्प्ळश् जैसे पदों पर बैठे अधिकारियों को सरकार के खिलाफ बयान देने पर मजबूर होना पड़ा है। भ्रष्टाचार के कारण उत्तर प्रदेश और केन्द्र सरकार दोनों के दामन दागदार हुए हैं। बसपा और कांग्रेस दोनों एक दूसरे को अधिक भ्रष्ट बता रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के महासचिव श्री राहुल गांधी कहते है कि हाथी पैसा खा रहा है लेकिन सवाल यह उठता है कि हाथी का पैसा खाना उन्हें कब से दिखाई देना प्रारम्भ हुआ? कांग्रेस के शासनकाल में देश के गरीब के घर चूल्हें की आग ठण्डी पडी़ है। महंगाई ने गरीबों के लिए ही समस्या नहीं पैदा की है बल्कि आम आदमी की भी क्रय शक्ति घटाई है। इसके बावजूद महंगाई के विषय में श्री राहुल गांधी कुछ नहीं बोलते।
श्री भाजपा की सरकार यदि प्रदेश में बनी तो किसानों का एक लाख रूपए तक का कर्ज माफ किया जाएगा। उन्हें एक प्रतिशत की ब्याज दर से कृषि ऋण दिया जाएगा तथा खाद, पानी और बिजली से लेकर किसानों को जिन समस्याओं से जूझना पड़ रहा है उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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पुलिस अधिकारियों पर ही नहीं मोदी पर भी दर्ज हो मुकदमा- पीयूसीएल

Posted on 22 November 2011 by admin

सभी एंकाउंटरों की हो न्यायिक जांच- पीयूसीएल

पीपुल्स यूनियन फाॅर सीविल लिबर्टी (पीयूसीएल) ने गुजरात हाई कोर्ट द्वारा इषरत जहां मुठभेड कांड को फर्जी घोशित करने के फैसले का स्वागत किया है। संजरपुर स्थित कैंम्प कार्यालय में बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में पीयूसीएल के प्रदेष संयुक्त सचिव मसीहुद्दीन संजरी ने कहा कि फैसले के बाद अब जरूरी हो गया है कि सरकार आतंवाद के नाम पर हुये सभी एंनकाउंटरों की जांच के लिये एक विषेश न्यायिक जांच आयोग का गठन करे। ताकि उन एंकाउंटरों पर उठने वाले सवालों के भी जवाब जनता को मिल सकंे। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद सिर्फ दोशी पुलिस अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करना न्यायसंगत नहीं होगा क्योंकि ये हत्या कांड नरेंद्र मोदी केे सहमति से हुआ था इसलिये मोदी पर भी मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिये।

मानवाधिकार नेता ने कहा कि इषरत जहां की हत्या करने वाले पुलिस कर्मियों ने दावा किया था कि उन्होंने केंद्रिय खुफिया विभाग के इनपुट पर उसे मारा था, इसलिये खुफिया विभाग के अधिकारियों पर भी मुकदमा दर्ज होना चाहिये।  उन्होंने कहा कि इस फैसले से आजमगढ के उन तमाम परिवारों के लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद बढेगी जिन के परिवार के बच्चे आंतकवादी के नाम पर मारे और पकडे गये हैं। उन्होंने बाटला हाउस समेत कचहरी विस्फोट जिसमें आजमगढ के युवक मारे और पकडे गये हैं पर भी एसआईटी गठित करने की मांग की है। मसीहुद्दीन संजरी ने बताया कि फैसला आने के बाद उन्होंने इषरत की मां षमीमा कौसर और भाई अनवर से बात की जिन्होंने इस फैसलो को उन तमाम लोगों कंी जीत बताई जो उनके परिवार के साथ खडे रहे। यहां गौरतलब है कि इषरत जहां का परिवार बाटला हाउस कांड की बरसी पर संजरपुर में आयोजित मानवाधिकार सम्मेलन में षामिल होने आया था। बैठक में तारिक षफीक, सालिम दाउदी, विनोद यादव, असलम खान, गुलाम अम्बिया, वसीउद्दीन और अब्दुल्ला एडवोकेट इत्यादि मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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जनता बसपा सरकार के अराजकता से ग्रसित है

Posted on 24 October 2011 by admin

100_0957भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाहीे ने कहा कि जनता बसपा सरकार के अराजकता से ग्रसित है। मायावती सरकार का एक तिहाई मंत्रिमडल के सदस्यों को दुराचार, भ्रष्टाचार, हत्या में घिरे रहने के कारण मंत्रीमंडल से हटने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने उ0प्र0 की शान में धब्बा लगाया है। किसान, छात्र बेरोजगार, नौजवान इस सरकार की नीतियों से हताश और निराश हैं और इस सरकार से छुटकारा पाना चाहता है। बसपा सरकार के कार्यकाल में सभी वर्ग त्रस्त हैं। मायावती सरकार के पथरीले हाथियों ने जनता को दल-दल में फंसा दिया है। विकास कार्य अवरूद्ध है। घोर अराजकता है।
श्री शाही आज आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र के विजय संकल्प सम्मेलन में उपस्थित कार्यकर्ताओं के भारी जनसैलाब को संबोधित कर रहे थे। महर्षि दुर्वासा एवं दत्तात्रेय की तपोभूमि पर उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विजय वाहिनी भाजपा की ताकत है। पार्टी कार्य कर्ता बसपा के शासन में व्याप्त भ्रष्टाचार, अराजकता आदि की पोल जनता के बीच में खोलेगें।  उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और कांगे्रस देश में वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। यह जनसमूह साबित करता है कि भाजपा के प्रति जनता का विश्वास बढ़ा है। उ0प्र0 के चारों ओर सभी प्रदेशों में भाजपा की सरकारें हैं जिनके द्वारा विकास और जनकल्याण कार्यक्रमों की गंगा बह रही है।
100_0952प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में उ0प्र0 का नेतृत्व करने के लिए मायावती सरकार की ओर से मुख्यमंत्री की जगह संसदीय कार्यमंत्री लालजी वर्मा को भेजा जाना साबित करता हैै कि मुख्यमंत्री प्रदेश की खुशहाल और विकास के लिए गम्भीर नहीं हैं ? उनके अहंकार और दम्भ के कारण ऐसी बैठकों में न जाने से प्रदेश को स्थाई रूप से नुकसान हो रहा है। भाजपा के शासन में किसी भी मंत्री एवं विधायक पर भ्रष्टाचार एवं किसी प्रकार के आरोप नहीं लगे। उन्होंने कहा कि सपा के कुशासन, अराजकता और हल्ला बोल अभी भी जनता के रोंगटे खड़ा कर देती है। वोट बैंक की राजनीति के लिए कांगे्रस और सपा दोनों में गला फाड़ प्रतिस्पर्धा है। मंहगाई भ्रष्टाचार पर इन तीनों दलों की तिकड़ी एकट्ठी होकर एक दूसरे की मद्द करते हैं। प्रदेश में एकमात्र विकल्प भाजपा है। भाजपा अपने बलबूते पर 2012 में सरकार बनाएगी।
श्री शाही ने मुख्यमंत्री द्वारा मंत्री दद्दू प्रसाद को क्लीन चिट दिए जाने की निन्दा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद ही जांच एजेन्सी की भूमिका निभाई। जबकि पीड़ित महिला ने दद्दू प्रसाद एवं उनके सहयोगी पर छः माह से दुराचार करने का आरोप लगाया।  उन्होंने कहा कि इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि भाजपा की सरकार 2012 में आती है तो सरकार किसानों को एक फीसदी ब्याज पर ऋण देगी। 50 लाख लोगों को रोजगार देगी। उनमें से 10 लाख सरकारी नौकरियों दी जाएंगी। बसपा के शासन में प्रशासन ने भी पक्षपात रवैया अपनाया हुआ है। कार्यक्रम में मुख्यतः  क्षेत्रीय सांसद रमाकान्त यादव, प्रदेश महामंत्री नरेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय मंत्री देवेन्द्र  सिंह, नगर अध्यक्ष दीनू जायसवाल, विधानसभा प्रभारी शेरबहादुर सिंह, नीलम सोनकर आदि  मौजूद रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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माननीया मुख्यमंत्री जी द्वारा आजमगढ़ तथा जौनपुर जनपदों के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान विकास कार्यों तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की

Posted on 01 October 2011 by admin

  • माफियाओं, कुख्यात अपराधियों व गुण्डा तत्वों के विरूद्ध अभियान चलाकर कार्यवाही की जाए-माननीया मुख्यमंत्री जी
  • पट्टा लाभार्थियों की फोटो राजस्व अभिलेखों में अवश्य चस्पा की जाए
  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने जौनपुर के डा0 अम्बेडकर ग्राम खुटहना में करंट से मरे बालक के परिजनों को 01 लाख रू0 की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए
  • डा0 अम्बेडकर ग्राम खुटहना में सी0सी0 रोड की नाली तथा सम्पर्क मार्ग में सुधार व आदर्श तालाब का सुदृढ़ीकरण करने के भी निर्देश
  • आजमगढ़ की कोतवाली सदर के अधूरे नवीन भवन को कार्यदायी संस्था शीघ्र पूरा करे
  • उ0प्र0 जनहित गारण्टी कानून के दायरे में लायी गयी  सेवाओं को निर्धारित समय में जनता को उपलब्ध करायें

cm-azamgarh30sep2011उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने आज आजमगढ़ तथा जौनपुर जनपदों का आकस्मिक निरीक्षण कर इन जिलों में विकास कार्याें और कानून-व्यवस्था की जमीनी हकीकत को मौके पर परखा। उन्होंने इस अवसर पर राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली जनहित की सभी योजनाओं के बारे में लाभार्थियों से बातचीत कर इन योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की जानकारी भी प्राप्त की।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने फील्ड में तैनात पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को माफियाओं, कुख्यात पेशेवर एवं ईनामी अपराधियों तथा गुण्डा तत्वों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ऐसे तत्व न तो कोई वारदात कर सकें और न ही कमजोर लोगों को उत्पीड़ित कर सकें। उन्होंने कहा कि ऐसेे अपराधी, जिनका आपराधिक इतिहास तो कम है, किन्तु अपनी दबंगई के कारण कमजोर लोगों को परेशान करते हैं, ऐसे अपराधियों के विरूद्ध धारा-107/16 सी0आर0पी0सी0 के तहत कार्यवाही करते हुए मुचलके से पाबंद कराया जाये। उन्होंने सीमावर्ती राज्यों से आकर प्रदेश में आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनपदों से प्रत्येक 10 दिन में कृत कार्यवाही से शासन को अवगत कराया जाए और शासन स्तर पर इसका प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए।
जनपद आजमगढ़ के भ्रमण के दौरान माननीया मुख्यमंत्री जी ने सदर तहसील व कोतवाली का निरीक्षण किया। तहसील के मुआयने के दौरान उन्होंने राजस्व कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की और कृषि एवं आवसीय पट्टा कब्जा सम्बन्धी रजिस्टर का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने अनुसूचित जाति के लोगों के लिए पट्टा आवंटन की स्थिति की खासतौर पर पड़ताल करते हुए निर्देश दिए कि पट्टा लाभार्थियों की फोटो राजस्व अभिलेखों में अवश्य चस्पा की जाए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने तहसील के मुआयने के दौरान जन समस्याओं के गुणवत्तापरक समाधान पर विशेष बल देते हुए कहा कि समस्याओं का निस्तारण प्रत्येक दशा में निर्धारित समय सीमा में किया जाए। उन्होंने तहसील दिवस रजिस्टर में शिकायतकर्ता का पूरा विवरण एवं मोबाइल नम्बर दर्ज किए जाने के निर्देश दिए, ताकि शासन स्तरीय एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा रैण्डम चैकिंग के माध्यम से समस्या/शिकायत के गुणवत्तापरक समाधान की वास्तविक स्थिति के बारे में शिकायतकर्ता से सीधी जानकारी प्राप्त की जा सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास मोबाइल फोन आदि न हो तो उसके निकट सम्बन्धी/पड़ोसी का मोबाइल नम्बर व पूरा पता अंकित किया जाए। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रार्थना पत्रों का निस्तारण गुणवत्ता के आधार पर करें और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई किसी भी दशा में न करें। उन्होंने तहसील के अभिलेखागार का भी निरीक्षण कर वहां अभिलेखों के रख-रखाव में सुधार लाने के निर्देश दिये।
आजमगढ़ में कोतवाली सदर के निरीक्षण के मौके पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने वहां अभिलेखों की जांच-पड़ताल की। उन्होंने अपराध रजिस्टर व केस डायरी के रख-रखाव को परखा और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था व अपराध नियंत्रण की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी के लिए वांछित लोगों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने थाना दिवस के मौके पर प्राप्त जन समस्याओं के निस्तारण की स्थिति की जानकारी प्राप्त करते हुए पुलिस अधिकारियों को शिकायतकर्ता का मोबाइल नम्बर भी अनिवार्य रूप से अभिलेखों में दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी व थानाध्यक्ष से एस0सी0, एस0टी0 मुकदमों आदि की बारे में जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि दलित व महिलाओं सहित समाज के गरीब व कमजोर वर्गों के लोगों का न्याय दिलाने मंे विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने थाना कोतवाली के अधूरे नवीन भवन को शीघ्र पूरा करने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए हैं।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने आजमगढ़ नगर के निरीक्षण के दौरान सड़कों व नालियों की मरम्मत के निर्देश दिए। उन्होंने उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वे सफाई कार्य के साथ-साथ सड़कों व नालियों के रख-रखाव का नियमित तौर पर निरीक्षण करें। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में सड़कों के उचित रख-रखाव तथा मरम्मत पर विशेष बल देते हुए कहा कि इस कार्य हेतु शासन हेतु पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करायी जाती है। सरकार द्वारा जनहित के विभिन्न कार्यों के लिए उपलब्ध करायी गयी धनराशि का सदुपयोग सुनिश्चित कराने के लिए उन्होंने जिलाधिकारी को नियमित तौर पर इन कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने आज जौनपुर जनपद का भी भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने जिले की तहसील कैराकत के विकास खण्ड जलालपुर के डाॅ0 अम्बेडकर ग्राम खुटहना  का निरीक्षण किया। उन्होंने डा0 अम्बेडकर ग्राम का भ्रमण कर वहां सी0सी0 रोड, नाली, सम्पर्क मार्ग आदि की स्थिति को देखा। उन्होंने सी0सी0 रोड की नाली तथा सम्पर्क मार्ग की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसमें अविलम्ब सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव के आदर्श तालाब के निर्माण पर असंतोष व्यक्त करते हुए तत्काल इसका सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी डा0अम्बेडकर ग्राम के प्राथमिक विद्यालय भी गयीं, जहां उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनसे पढ़ाई, मध्यान्ह भोजन तथा पेयजल के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इस मौके पर विद्यालय में अध्यापकों की उपस्थिति तथा छात्रवृत्ति वितरण की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पेंशन योजनाओं सहित राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के बारे में ग्रामीणों से पूछताछ की और उनकी समस्याओं का निस्तारण किया। इस दौरान जब उन्हें पता चला कि गांव के एक लड़के की बिजली के करंट से मृत्यु हो गयी तो उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में एक लाख रूपये की धनराशि तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव में पट्टा आवंटन की स्थिति की भी समीक्षा की।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने इस मौके पर थाना व तहसील के कार्याें की भी समीक्षा की। उन्होंने थाना दिवस और तहसील दिवस रजिस्टरों का अवलोकन किया, तो उन्होंने पाया कि इनमें प्रविष्टियों का अंकन निर्धारित प्रारूप में नहीं किया गया था। उन्होंने इस कमी को तत्काल दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी को तहसील व सरकारी अस्पताल का नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
आजमगढ़ व जौनपुर जनपदों के निरीक्षण के दौरान माननीया मुख्यमंत्री जी ने समस्त मण्डल स्तरीय एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति की भी गहन समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने अपने पिछले निरीक्षण के दौरान जनपद से सम्बन्धित पायी गयी कमियों को दूर करने के सम्बन्ध में की गयी कार्यवाही की जानकारी प्राप्त की। उन्हें अवगत कराया गया कि पिछले निरीक्षण के दौरान पायी गयी खामियों को दूर कर दिया गया है और उस समय माननीया मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदान किए गये सभी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। उन्होंने हिदायत दी कि प्रदेश सरकार विकास और जनहित से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता को लेकर बेहद संवेदनशील है और इस मामले में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर दण्डात्मक कार्यवाही में कोई विलम्ब नहीं करती।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश जनहित गारण्टी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि इस कानून के दायरे में लायी गयी विभिन्न सेवाओं को निर्धारित समय में आम जनता को उपलब्ध कराया जाए। इस अवसर पर उन्होंने बी0पी0एल0 कार्ड धारकों तथा उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के लाभार्थियों को उनके मुकदमों की निःशुल्क पैरवी के लिए सरकारी वकील उपलब्ध कराने सम्बन्धी राज्य सरकार की योजना का क्रियान्वयन पूरी निष्ठा व लगन के साथ करने के निर्देश भी दिए।
समीक्षा बैठकों में माननीया मुख्यमंत्री जी ने डा0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत समस्त डा0 अम्बेडकर ग्रामों में कराये जा रहे विभिन्न विकास कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने सावित्रीबाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना, महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना, मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना, उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मद्द योजना, मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी दलित बाहुल्य बस्ती समग्र विकास योजना सहित राज्य सरकार की अन्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित होने वाले जरूरतमन्द और गरीब लोगों को किसी भी दशा में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने आजमगढ़ तथा जौनपुर जिलों की कानून व्यवस्था व अपराध नियंत्रण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि गरीब, शोषित और दबे-कुचले लोगों को न्याय दिलाने के लिए उनकी सरकार ने अधिकारियों को कानून के दायरे में काम करने की पूरी आजादी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि अधिकारी किसी भी दशा में जन समस्याओं एवं जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं की अनदेखी न करें अन्यथा इसे गम्भीरता से लिया जायेगा और सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण और न्यायिक साम्प्रदायिकता के खिलाफ आयोजित सम्मेलन

Posted on 20 September 2011 by admin

dscn1131बाटला हाउस फर्जी एनकाउंटर की तीसरी बरसी पर संजरपुर में आयोजित साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण और न्यायिक साम्प्रदायिकता के खिलाफ आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए तहलका के संपादक रहे वरिष्ठ पत्रकार अजीत शाही ने कहा कि बाटला जैसे फर्जी मुठभेड़ों के खिलाफ देश के सेकुलर समाज और मुसलमानों को सड़क पर उतरना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार,पिछले 10 साल की तमाम आतंकी घटनाओं में पकड़े गये लोगों को न्याय दिलाने के लिए एक ज्यूडिशियल कमीशन का गठन किसी सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज के नेतृत्व में होना चाहिए करे। जो एक साल के भीतर अपनी रिपोर्ट दे।
2004 में गुजरात पुलिस द्वारा फर्जी मुठभेड़ में मार दी गई इशरत जहां की मां शमीमा कौसर ने कहा कि हमारी बेटी के साथ जो हुआ आप लोगो के साथ न हो,इसलिए यह लड़ाई हम लड़ रहे हैं। जिन लोगों ने हमारी बेटी को मारा है,उन्हें सजा दिलाने के लिए हम लोग लड़ रहे हैं,जिसमें हमें आपकी जरूरत है। इशरत के भाई अनवर इकबाल ने कहा कि सरकार की नाइंसाफी के खिलाफ हम सब एकजुट होकर इस लड़ाई को लड़ेंगे। पौने चार साल बाद उत्तराखंड की जेल से रिहा हुए मानवाधिकार नेता और पत्रकार प्रशांत राही ने कहा कि सरकार सिर्फ मुसलमानों को ही नहीं,बल्कि आदिवासियों और दलितों जैसे तमाम वंचित तबकों के अपने हक और अधिकार के लिए खड़े होने से रोकने के लिए फर्जी एनकाउंटरों में निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि वंचित तबकों का मनोबल तोड़ने के लिए सरकारों ने पुलिस को खुली छूट दी है। बाटला हाउस प्रकरण इसी का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि देश संविधान के तहत चले इसके लिए जरूरी है कि एक तमाम वंचित तबके एकजुट होकर सड़कों पर उतरे।
वरिष्ठ माकपा नेता और पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने कहा कि आज जब मोदी अहमदाबाद में उपवास का ढोंग कर रहे हैं,ऐसे में इशरत जहां,जिसको मोदी की सरकार ने फर्जी मुठभेड़ में मार डाला,उनकी मां और भाई-बहन का संजरपुर में आना काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इशरत के मां के न्याय की लड़ाई मोदी को सलाखों के पीछे पहुंचा देगी। बस जरूरत है कि न्याय की लड़ाई निरंतर चलती रहे। पीयूसीएल के राष्ट्रीय सचिव चितरंजन सिंह ने कहा कि न्यायपालिक में बढ़ती साम्प्रदायिकता देश की न्याय व्यवस्था के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा कि पीयूसीएल आतंकी घटनाओं की जांच के लिए ज्यूडिशियल कमीशन की मांग के ले देशव्यापी अभियान चलायेगा। इसी बात को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली से आये मानवाधिकार नेता महताब आलम ने कहा कि संजरपुर के इस आयोजन के साथ ही पूरे देश में  ‘इंडिया अगेस्ट टेरिरिज्म’ का अभियान चलाया जायेगा। जिसमें ज्यूडिशियल आयोग की मांग प्रमुख होगी। जिसकी जिम्मेदारी हर तरह की आतंकवादी घटनाओं चाहे उसमें हिंदू बंद हों या मुसलमान बंद हों,सबपर अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
dscn1137लखनऊ से आये अधिवक्ता मो.शुऐब ने कहा कि जिस तरह आतंकवाद के सवाल पर न्यायालय बिना किसी ठोस सबूतों के लंबे समय तक मुदकमों को लटकाया है,उसमें आम आदमी का मानवाधिकारों का हनन हो रहा है। आजमगढ़ के ही तारिक कासिमी और खालिद मुजाहिद की गिरफ्तारी पर गठित आर डी निमेष जांच आयोग की रिपोर्ट को लटकाये रखा है और कोर्ट में लंबे समय से कोई गवाही नहीं करवायी जा रही है। जिससे वे जेलों में घुटने के लिए मजबूर हैं,जहां उन्हें खराब खाना व पानी दिया जा रहा है,जिससे वे धीरे-धीरे मौत के मुंह में जा रहे हैं।
एस आर दारापुरी   ने कहा कि पुलिस की साम्प्रदायिकता की वजह से ही न जाने कितने निर्दाेष मुसलमान जलों में बंद हैं। आज जरूरत है कि पुलिस की साम्प्रदायिकता के खिलाफ आवाज उठे।
बनारस से आये सुनील सहस्र बुद्धे ने कहा कि आतंकवाद की राजनीति व्यवस्था की देन है। इसलिए आतंकी घटनाओं पर सवाल उठाने के साथ पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाना जरूरी है। अयोध्या से आये महंत युगल किशोरशरण शास्त्री ने कहा कि हिंदू धर्म के नाम पर जो लोग राजनीति करते हैं,उनका खूफिया एजेंसियों और पुलिस के साथ वैचारिक एकता है। जिसको बेनकाब करना है,आतंकवाद की राजनीति के खिलाफ होने वाले किसी भी आंदोलन का जरूरी हिस्सा होना चाहिए। लखनऊ से आये ‘अलग दुनिया’ के के.के.वत्स ने कहा कि आजमगढ़ को मीडिया ने आतंकवाद की नर्सरी बताकर यहां के लोगों के विकास के सभी रास्तों को बंद कर दिया है। इसलिए मीडिया की साम्प्रदायिकता के खिलाफ भी आवाज उठाने की जररूत है। चित्रा सहस्र बुद्दे ने कहा कि बाटला हाउस में जो लड़के मारे गये हैं,वे शहीद हैं। और जो लोग बंद हैं,उन्हें राजनीतिक बंदी कहा जाना चाहिए,क्योंकि वे इस आतंक की राजनीति का शिकार हुए हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिमंदिर पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम संचालन पीयूसीएल के प्रदेश मंत्री मसीरूद्दीन संजरी ने किया। सम्मेलन के शुरूआत में तमाम आतंकी घटनाओं की याद में मारे गये लोगों की याद में एक मिनट का मौन रखा गया। अंत में सात सूत्र प्रस्ताव पेश किया गया-
1.    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा बाटला हाउस मुठभेड़ को फर्जी मानने के बाद दोषी पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाय।
2.    आतंकवाद के नाम पर कई वर्षाे तक जेल मे रहने के बाद बेकसूर साबित होने वालों को मुआवजा दिया जाय।
3.    इंडियन मुजाहिद्दीन पर श्वेत पत्र जारी किया जाय।
4.    पिछले दस सालों में हुई आतंकी घटनाओं और आतंकवाद के नाम पर हुई मुठभेड़ों की उच्चतम न्यायालय के कार्यरत न्यायाधीश से जांच कराई जाय।
5.    आतंकवाद के आरोप में बंद युवकों की जेलों में सुनवाई न करके फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की जाय।
6.    मानवाधिकार कार्यकर्ता व पीयूसीएल की नेता सीमा आजाद और उनके पति विश्व विजय को तत्काल रिहा किया जाय।
7.    आजमगढ़ के लोगों का पासपोर्ट बनने में उत्पन्न की जा रही बाधाओं को तत्काल रोका जाय।
नोटः पीपुल्स इन्क्वायरी कमीशन गठित करने की घोषणा की जाती है। जिसके पूरे ढ़ांचे और कार्यक्षेत्र की विस्तृत घोषणा 2 अक्टूबर को की जायेगी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सालिम दाउदी,तारिक शफीक,जितेंद हरि पाण्डेय,फहीम अहमद,ओअज्जम शहबाज, अबु बकर फराही, मो. अकरम, आफताब अब्दुल्ला, असलम खान,कलीम अहमद,ऋषि कुमार सिंह,शाहनवाज आलम,राजीव यादव,रवि शेखर,एकता सिंह,लक्ष्मण प्रसाद,अंशुमाला सिंह,बलवंत यादव,बलवीर यादव,रवि राव, अवनीश राय इत्यादि मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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संजरपुर में होगा राष्ट्रीय मानवाधिकार जनसम्मेलन

Posted on 19 September 2011 by admin

photo-sanjarpurसंजरपुर, आजमगढ़ -  सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और न्यायिक सांप्रदायिकता की राजनीति के खिलाफ आयोजित राष्ट्रीय मानवाधिकार जनसम्मेलन में शिरकत कर रहे वरिष्ठ पत्रकार अजीत साही और मानवाधिकार नेता महताब आलम ने संजरपुर ग्रामवासियों से मुलाकात की।
तहलका के वरिष्ठ पत्रकार और मुंबई के टीवी नाइन चैनल के हेड रह चुके अजीत साही ने कहा कि आतंकवाद के नाम पर आजमगढ़ के आम नागरिकों को जिस तरह से आतंकित किया गया है वो मानवाधिकार हनन का गंभीर मसला है। यह बात ऐसे दौर में और मौंजू हो जाती है कि जब यूपीए सरकार अमेरिका की तर्ज पर आतंकवाद से लड़ने के नाम पर पूरे मुस्लिम समाज को निशाना बना रही है। इसलिए सरकार इंडियन मुजाहिदीन जैसे कथित आतंकी संगठनों पर श्वेत पत्र जारी करने से भाग ही नहीं रही है बल्कि किसी भी आतंकी घटना की निष्पक्ष जांच कराने से भी कतरा रही है। उन्होंने कहा कि इंडियन मुजाहिदीन नाम का कोई संगठन है भी की नहीं यह जांच का विषय है। जिसकी आड़ में सरकार मुसलमानों के खिलाफ माहौल बनाने का खेल खेल रही है। ऐसे में अगर आतंकवाद से लड़ना है तो पिछले दस सालों में हुई आतंकी वारदातों पर एक जांच कमीशन का सरकार गठन करे। नही ंतो आतंकवाद के नाम पर हो रही इस राजनीति में आम आदमी ही शिकार बनेगा।
कार्यक्रम के संयोजक मसीहुद्दीन संजरी और तारिक शफीक ने बताया कि सम्मेलन को लेकर पूरे जिले में अभियान चलाया जा रहा है कि सरकार इंडियन मुजाहिदीन पर श्वेत पत्र जारी करे, हकीम तारीक और खालिद की गिरफतारी पर गठित आरडी निमेष जांच आयोग की रिपोर्ट का क्या हुआ सरकार जवाब दे, पिछले दस सालों में हुई आतंकी वारदातों की जांच के लिए जांच आयोग का गठन करे, राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर बनाए गए काले कानूनों को रद्द करे समेत अनेक मागों को लेकर यह सम्मेलन हो रहा है।
सम्मेलन के प्रमुख वक्ता सुभाषिनी अली पूर्व सासंद और लेखिका, नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़ी अरुन्धती ध्रुव, वरिष्ठ अधिवक्ता और मानवाधिकार नेता मो0 शुएब, अजीत साही, अयोध्या के महंत युगल किशोर शरण शाष्त्री, जल्द ही उत्तराखंड के जेल से रिहा हुए वरिष्ठ पत्रकार और मानवाधिकार नेता प्रशांत राही, महताब आलम, चितरंजन सिंह, एसआर दारापुरी, फौजिया इस्लाम, वंदना मिश्रा, सुनील सहस्त्रबुद्धे होंगे।
कार्यक्रम के प्रचार अभियान को संचालित कर रहे सालिम दाउदी, रवि शेखर और शाहनवाज आलम ने बताया कि फूलपुर, सरायमीर, फरिहा, दाउदपुर, इसरौली, छाउ मोड़ समेत दर्जनों गावों और कस्बों में सम्मेलन की कामयाबी के लिए प्रचार अभियान चलाया गया है।
सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए देशभर से मानवाधिकार नेता और कार्यकर्ता संजरपुर पहुंचने लगे हैं। जिसमें प्रमुख रुप से महाराष्ट्र से लक्ष्मण प्रसाद, ऋषि कुमार सिंह, रवि राव, अंशुमाला सिंह, एकता सिंह समेत दर्जनों लोग पहुंच चुके हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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पिछले दस सालों में हुई आतंकी घटनाओं के लिए सरकार जांच आयोग का गठन करे- पीयूसीएल

Posted on 16 September 2011 by admin

संजरपुर जनसम्मेलन में इशरत जहां का परिवार भी शिरकत करेगा।

संजरपुर में 19 सितंबर को हो रहे सांप्रदायिक ध्रवीकरण और न्यायिक सांप्रदायिकता पर आयोजित राष्ट्रीय मानवाधिकार जनसम्मेलन में पिछले दस साल में हुई आतंकी घटनाओं की जांच के लिए सरकार से एक जांच आयोग के गठन का मुद्दा प्रमुख मुद्दा होगा।

कार्यक्रम के संयोजक मसीहुद्दीन संजरी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि पिछले दस सालों में जिस तरह से विभिन्न आतंकी घटनाओं की जांचों में अन्तर्विरोध उत्पन्न हुआ, उसमें आम आदमी का मानवाधिकार हनन हो रहा है। जांच एजेंसियां लगातार जांच के नाम पर किसी भी व्यक्ति नाम ले लेती हैं और बड़ी आसानी से अपनी बातों से मुकर भी जाती हैं। आतंकवाद जैसे मुद्दे पर इस अगम्भीरता के चलते देश को आतंकी वारदातों को झेलने को विवश कर दिया है निर्दोषों जेलों में सड़ने के लिए। आतंकवाद के नाम पर देश में एक नए सांप्रदायिक विभाजन की तैयारी चल रही है, ऐसे महत्वपूर्ण समय में इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
देश भर के मानवाधिकार नेता और वरिष्ठ पत्रकार इस सम्मेलन में शिरकत करेंगे। हम सरकार के सामने पिछले दस सालों में देशभर में हुई आतंकी घटनाओं की जांच रिपोर्टों को संलग्न करने के लिए ‘आतंकवादी घटनाओं पर एक लोकजन जांच आयोग’ की औपचारिक घोषणा भी करेंगे। जो एक समय सीमा के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सरकार के समक्ष रखेगा। इसमें देशभर के मानवाधिकार नेता, पत्रकार, कानूनविद, बुद्धिजीवी, विश्वविद्यालयों के छात्रों समेत समाज के प्रत्येक हिस्से का प्रतिनिधित्व रहेगा।
कार्यक्रम की तैयारी में लगे तारिक शफीक और सालिम दाउदी ने बताया कि आतंकवाद के नाम पर निर्दोषों के उत्पीड़न के खिलाफ चल रहे आजमगढ़ के इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए मुंबई से इशरत जहां की मां शमीमा कौशर, उनकी बहन नुजहत जहां और उनके भाई अनवर इकबाल भी इस जनसम्मेलन में शिरकत करेंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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