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86 वीं जयन्ती पर आयोजित कार्यक्रम

Posted on 17 April 2012 by admin

chandrasekher-newesरामपुर जहानागंज - देश के प्रथम समाजवादी प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर जी की 86वीं जयन्ती समारोह में पूर्व मंत्री व विधान परिषद सदस्य यशवन्त सिंह ने कहा कि जब-जब देश संकट में पड़ा समाजवादी नेता आचार्य नरेन्द्र देव लोहिया, जय प्रकाश नारायण, चन्द्रशेखर के नेतृत्व में सुरक्षित हुआ। प्रथम समाजवादी प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर ने देश की चुनौतियों का निदान किया आज फिर देश मंहगाई घोटाला से जूझ रहा है इस समय पूरे देश की निगाहे दूसरे समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव पर टिकी है कि वह प्रधानमंत्री बने और देश को संकट से उबारे इस आशय का प्रस्ताव भी पारित किया गया लोगों ने संकल्प लिया कि आगामी लोकसभा चुनाव में जी जान से जुटकर प्रधानमंत्री की गद्दी पर बिठायेंगे।
श्री चन्द्रशेखर जी स्मारक ट्रस्ट रामपुर जहानागंज आजमगढ़ द्वारा चन्द्रशेखर जी की 86 वीं जयन्ती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधिक कर रहे थे। उन्होने कहा कि चन्द्रशेखर जी हमेशा समर्थक व विरोधियों को साथ लेकर समस्या का हल निकालने में विश्वास रखते थे। उनका कहना था कि यदि देश का सही विकास करना है तो पहले गांव की यात्रा करो। ग्रामीणों की समस्याओं  को समझो और उसे दूर करने का प्रयास करो, आज भी चन्द्रशेखर के विचार प्रासंगिक है, मौजूदा समय में उनके जैसे ही निर्भीक नेतृत्व की जरूरत है। चन्द्रशेखर जी इन्कलाब के लिए अकेले निकल पड़ते थे, भीड़ बाद में जुटती थी। सच्चा समाजवादी होने के कारण उनमें आलोचना बर्दास्त करने की क्षमता थी। उनसे नई पीढ़ी को समाजवाद की दिशा में चलने की प्रेरणा मिलती है।
श्री सिंह ने कहा कि पूरा देश चन्द्रशेखर जी के साहस को आज भी चर्चा करता है। सत्ता की राजनीति उन्हें लुभा नहीं पायी। वह विचारो व भावनाओं से बहुत बड़े व्यक्ति थे उनकों राजनीति से ज्यादा देश की भावी पीढ़ी की चिन्ता रहती थी। एम0एल0सी0 श्री सिंह ने कहा कि जिस दौर से आज देश गुजर रहा है ऐसे में चन्द्रशेखर जी जैसे राष्ट्रीय नेताओं की बेहद जरूरत है जो क्षेत्रवाद, भाषावाद, साम्प्रदायिकता और जातियता से ऊपर उठकर देश की अगली पीढ़ी का भविष्य संवारने के लिए अलख जगा सके। सड़ी-गली व्यवस्था से लड़ने के कारण ही उनके विद्रोही स्वभाव  के अनुरूप उन्हें युवा तुर्क कहा गया। उन्होंने अवसरवादिता का हमेशा
विरोध किया। वे नफा नुकसान से परे सिद्धान्त व सोच की राजनीति पहरूये के चन्द्रशेखर जी हमारी गौरवमयी धरोहर हैं उनके जीवन दर्शन से तानाशाही मनोवृत्ति एवं दमन से लड़ने की प्रेरणा मिलती है। उनकी स्मृतियां मर्यादित राजनीति तथा संसद की गरिमा को फिर से बहाल करने का आवाहन करती है। संसदीय इतिहास उनके बिना अधूरा है इससे पूर्व ट्रस्ट में स्थापित चन्द्रशेखर जी की आदमकद प्रतिमा पर सैकड़ो लोगों ने पुष्प अर्पित कर अपने प्रिय नेता को नमन किया। समारोह की
अध्यक्षता ट्रस्ट समिति के प्रबन्धक बृजेश कान्दू एवं संचालन शिक्षक कमलेश राय ने लिया। समारोह को समाजसेवी डा0 अव्वल, मेवालाल गोस्वामी, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव, मऊ के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामभवन, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष इन्दू सिंह, डा0 राजेश सिंह ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर पत्रकार हरिशरण पन्त पूर्व प्रमुख सुभाष सिंह, रमेश कनौजिया, पंकज पासवान, ओम प्रकाश सिंह, रघपति सिंह, शमशेर सिंह, मुक्तीनाथ राय, अच्छेलाल यादव, ट्रस्ट अध्यक्ष समेत हजारो की संख्या में लोग उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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