Archive | सुलतानपुर

अधिकारियों से मिली भगत कर अवैध तरीके से हासिल

Posted on 04 February 2013 by admin

पयागीपुर क्षेत्र में स्थित गाटा संख्या १२ बिना किसी अधिग्रहण आदेश के १९५९ मे बिजली विभाग ने तत्कालीन कलेक्ट्रेट अधिकारियों से मिली भगत कर अवैध तरीके से हासिल कर लिया था उक्त भूमि के काश्तकारो के बीच यह प्रचारित करवाया कि यहां बडे पावरहाउस का निर्माण होगा पर ऐसा नही हुआ । जबकि कानून के अनुसार जिस किसान की भूमि सरकार जिस कार्य के लिए अधिग्रहीत करती है दस वर्ष मे वह कार्य न कर पाने की स्थित मे जमीन पुनरू किसान को वापस कर दे । फिर लगभग २८ बीघे मे फैले इसी भू भाग पर २३ वर्ष पूर्व नगरपालिका ने अपना हक जताना शुरु किया ।
ट्रान्सर्पोट नगर का शिलापट लगाकर चार फुट की उहृचाई देकर दिवाल का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया इसी बीच बिजली विभाग ने दीवानी न्यायालय सुलतानपुर मे पालिका के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करवाकर कार्य को रोकवा दिया था । नगर पालिका ने बिजली विभाग से २लाख चैरान्वे हजार में ५ बीघा १० बिस्वा सुलह के जरिए अपने नाम करा लिया था जबकि कानून के अनुसार बिजली विभाग गाटा संख्या १२ का मालिक नही था । उक्त भूमी के काश्तकार रहे फैय्याज हुसैन के पुत्र एजाज अहमद निवासी खैराबाद ने १९ जनवरी को इस सम्बन्ध मे विभिन्न बिन्दुओं पर जनसूचना जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी सदर से मांगी है एवं प्रशासन से अपनी मांग मे अवगत करवाया है कि इसका मुकदमा हाईकोर्ट की लखनउहृ बेंच रिट संख्या ७९२२ध्१२ के तहत विचारा धीन है ।
पालिका द्वारा मौके पर करवाये जा रहे इस अवैध निर्माण को रोका जाय जिसका मानचित्र भी नही स्वीकृत । उक्त मामले मे महर्षिरमण संस्थान के अध्यक्ष दीपक मिश्रा ने बताया एजाज अहमद समेत पयागीपुर क्षेत्र के दर्जन भर किसानो की जमीने इसमे गई है जिसका किसी भी किसान को कोई मुवावजा नही मिला इसकी शिकायत भी मुख्यमंत्री से की गई थी तथा मौके पर नगर पालिका परिषद द्वारा करवाये जा रहे अवैध निमार्ण कार्य को तत्काल रोकवाने की मांग जिला प्रशासन एवं शासन से किया जा रहा है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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श्रमायुक्त कार्यालय पूर्णतया सुविधा भोगी बन गुमनामी मे खो गया है

Posted on 04 February 2013 by admin

जनपद सुलतानपुर मे श्रमायुक्त कार्यालय पूर्णतया सुविधा भोगी बन गुमनामी मे खो गया है हर क्षेत्र में मजदूरो का शोषण हो रहा है श्रम कानून बेमानी साबित हो रहे है ।
गौरतलब हो कि जनपद मे एक अतिमहत्व पूर्ण कार्यालय समाज के अति निचले तबके को न्याय और श्रमानुसार पारिश्रमिक दिलाने वाला है तो मगर आम आदमी और मीडिया से किनारे कर । हद तो तब हो जाती है जब अखबारो मे छपी खबरो पर कार्यवाही करने और सक्रियता बढाने के बजाय खबर नबीसो से मुखबिरी की लिखित आशा की जाती है । अपने कर्तव्यों से विमुक्त होने और कार्यवाही न करने पर जरा भी अफसोस नही होता और स्वयं की तैनाती पर स्वयं ही प्रश्नचिन्ह लगाते  हुए अखबार के कार्यालय पर चिठठी भेजकर पता और ठिकाना पूछा जाता है कहां तक उचित है जबकि जिले मे चंहुओर बाल मजदूरी खुलेआम जारी है ।
नगर के जलपान गृहो, होटलो, सब्जी मंडियों मे, आटो पार्टस रिपेरिंग की दुकानो पर ईट भठठो पर हर तरफ गैर पंजीकृत बाल मजदूर दिखते है यही नही नगर के नगर पालिका परिषदो में सफाई कर्मी, बिजली कर्मी, पम्प आपरेटर, बेलदारो समेत लगे मजदूरो को न तो श्रमकानून के मुताबिक मजूदरी मिलती है न ही उन्हे श्रम मंत्रालय द्वारा घोषित सुविधांये । यहां तक उन मजदूरो को तमाम लाभो से गैर पंजीकृत गैर रजिस्र्टड ठेकेदारो द्वारा प्रतिमाह प्रतिदिन शोषण किया जाता है मगर न तो श्रम प्रवर्तन अधिकारी को दिखता है न ही सहायक श्रमायुक्त को । नगर मे शिक्षित बेरोजगारो का श्रमशोषण गली गली मे खुलेआम विद्यालयों मे सरेआम हो रहा है मगर श्रम प्रवर्तन अधिकारी को नही दिखता और दिखता है तो अखबार की खबर और अपेक्षा रहती है कि अखबार और संवाददाता विभाग के लिए मुखबिरी करे वो भी बिना किसी औचित्य है ।
नगर मे पूर्व मे चलने वाले श्रम विद्यालय अब नही दिखते न ही उनके बारे मे विभाग कोई खबर ही विज्ञापित करता है । जबकि नगर मे सैकडो दुकानो और निर्माण इंकाईयां आज भी श्रम विभाग मे अपंजीकृत है मगर इस विभाग के कर्मी न तो जनता, मजदूरों को दिखते है न ही मीडिया को ऐसे गैर जिम्मेदार अधिकारियों जिले मे रहने का ही अधिकार नही होना चाहिए नगर की जनता ने श्रम मंत्री और मुख्य मंत्री से मांग की है कि मजदूरो को उनका हक दिलाया जाये और विभाग मे दबी सरकारी सुविधाएं समाचार पत्रो मे जनहित मे उजागर की जाये और गैर जिम्मेदार अधिकारियों को उनकी डयूटी और कर्तव्य पुनरू ट्रेनिग के माध्यम से याद दिलाया जाये ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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अधिक दुग्ध उत्पादन के लिए गोकुल पुरस्कार

Posted on 02 February 2013 by admin

100_5872दोस्तपुर क्षेत्र के धरमपुर दुग्ध उत्पादन समिति की अग्रणी सदस्य व आशा बहू का दाियत्य निभा रही अर्चना तिवारी पत्नी इन्द्रमणि तिवारी को वित्त्तीय वर्ष २०११-१२ में अधिक दुग्ध उत्पादन के लिए गोकुल पुरस्कार से दुग्ध विकास मत्री राम मूर्रि्त वर्मा ने नवाजा है । जनपद मे कार्यरत ३५७ समितियां दुग्ध उत्पादन का कार्य कर रही है । इन्ही समितियों मे धरमपुर समिति सदस्य अर्चना तिवारी ने जिले मे सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन किया है अर्चना तिवारी ने स्वयं पराग दुग्ध उत्पाद संघ के सहयोग से एक दर्जन से अधिक गाय व भैंस पाल रखी है । अर्चना तिवारी तीसरी बार इस पुरस्कार से नवाजी गई है । इसके पहले उन्हे २००७ व २०१०  में भी यह पुरस्कार मिल चुके हंै ।
पराग दुग्ध उत्पादन संघ की तरफ से गोकुल पुरस्कार के लिए अर्चना तिवारी का नाम जिलाधिकारी व सी.डी.ओ. के माध्यम से पराग के जी.एम. डा० वी०एस०पाण्डेय ने शासन को भेजा था दुग्ध विकास मंत्री श्री वर्मा ने अर्चना तिवारी को गोकुल पुरस्कार के साथ ग्यारह हजार रुपया नगद दिया । दुग्ध उत्पाद सहकारी संघ के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने अर्चना तिवारी को बधाई देते हुए खुशी जताई है संघ के अध्यक्ष मंशाराम वर्मा की अध्यक्षता मे अमहट मे संघ की बैठक हुई बैठक मे डा० वी.एस.पाण्डेय, रामयज्ञ वर्मा, अनिल कुमार, एस. के. घोष, ए.एन. सिंह आदि मौजूद रहे ।
वही दूसरी ओर आशा बहू संघ की जिलाध्यक्ष किरन शुक्ला व जिला प्रभारी गीता मिश्रा, भदैयां ब्लाक अध्यक्ष गुंजा सिंह, दोस्तपुर ब्लाक अध्यक्ष मीरा सिंह, हीरा सिंह, कुसुम यादव, सुमन सिह, चन्द्रावती सिंह, कमलेश मिश्रा, निर्मला सिंह, संतोष सिंह सहित सैकड़ों आशा बहुओं ने अर्चना को शुभकामनाएं दी है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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ग्रामीणो को सबसे ज्यादा मशक्कत खरीद दारी करने में उठानी पडती है

Posted on 02 February 2013 by admin

ग्रामीण अंचलो में शहरी नागरिको की उपेक्षा ग्रामीणो को सबसे ज्यादा मशक्कत खरीद दारी करने में उठानी पडती है । ग्रामीण क्षेत्रो मे अपेक्षा कृत अच्छे व ब्रान्डेड सामानो की दुकाने कम ही दिखायी पडती है देखा जाय तो हकीकत तो सामने मुंहवाये खडी है । ग्रामीण अंचल मे रहने वाला व्यक्ति जिसकी कोई मोटी कमाई नही है ज्यादातर खेतिहर मजदूर है जिसे छोटी ग्रामीण बाजारो मे समय निकालकर सामान खरीदने के लिए आता है ।
खेतिहर मजदूर भी यदि कडुवा तेल, नमकीन,बिस्कुट, डालटा, मसाला, साबुन व पैकेट नुमा सामानो को खरीदना चाहता है कम रुपये मे अच्छे सामान की इच्छा जरुर करता है परन्तु उसकी मजबूरी है कि जेब के सौ रुपये मे ज्यादा सामान परिवार मे पहुंच जाय जिससे पूरे परिवार को एक समय का भोजन व नास्ता सभी सदस्यो को मिल जाय । महगांई की इस दौर मे एक लम्बा परिवार जिसमें लगभग १०-१२ सदस्य मौजूद हो तो एक समय के भोजन के लिए उपयुक्त सामग्री घर मे लाने के लिए कम से कम १२० से १३० रुपये तक की जरुरत पडती है । ग्रामीण अंचल का व्यक्ति मजदूरी दिन भर १५० रुपया कमा कर १० रुपये के परिवार को किसी तरह से सस्ती सामग्री खरीदकर पूरे परिवार को दो टाइम का भोजन कर पाता है । ऐसी हालातो मे छोटे शहरो के ग्रामीण अंचलो पर मंहगाई का भार और बढ़ जाता है ।
कुछ लेखक व अर्थशास्त्री जो शहरी क्षेत्र व नगरी क्षेत्र दिल्ली जैसे इलाको मे बैठ कर ग्रमीणो मे रहने वाले वासिन्दो के बारे मे अनायास बिना किसी सच्चाई के टिप्पणी कर बैठते है । जबकि उन्होने ग्रामीण क्षेत्रो मे रहने वाले व्यक्तियों को कभी करीब से जाकर नही देखा ।
कुछ अर्थशास्त्री व मार्केट मे सकल घरेलू उत्पादो की बिव्रहृी पर भी बेवजह तर्क सामने लाते है । ग्रामीण अंचलो मे रहकर सरकार से वेतन पाने वाला व्यक्ति भी मंहगे ब्राड के सामनो को खरीदने से कन्नी काट जाता है । क्योकि ग्रामीण अचल के कमाउहृ सपूत दूरदर्शन पर नये नये एडवरटाइज को देखते है । परन्तु उनकी समझ से वह बहुत दूर है । उन उत्पादो एवं महंगे व अच्छे ब्रांडो के बारे मे उन्हे बताया नही जाता है जिससे ग्रामीण पूर्णतरूअनभिज्ञ होते है । ऐसे हालातो मे ८० फीसदी ग्रामीण व्यक्ति अच्छे उत्पाद नही हो पाते यदि कभी अच्छे उत्पाद खरीद भी लिया तो तितलौकी नीम चढी के ही हालात सामने आते है । यह जरुर है कि ग्रामीण अंचल का नागरिक मिलावटी खाद्य पदार्थो का सेवन नही करता है बल्कि क्षेत्र में तैयार उत्पादो पर ज्यादा विश्वास करता है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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बेरोजगारी भत्त्ते के १५० लाभार्थियों को चेक वितरित कर योजना का प्रतीकात्मक रुप से शुभारम्भ करेगे

Posted on 01 February 2013 by admin

खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्रीध्प्रभारी मंत्री राजाराम पाण्डेय द्वारा ४ फरवरी २०१३ को के.एन.आई.टी. सुलतानपुर के सी.एस.ए. सभागार मे जनपद सुलतानपुर के बेरोजगारी भत्त्ते के १५० लाभार्थियों को चेक वितरित कर योजना का प्रतीकात्मक रुप से शुभारम्भ करेगे। इस कार्यक्रम मे भाग लेने हेतु १५० लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन पर / व्यक्तिगत रुप से सूचित कर दिया गया है ।
शेष सभी अभ्यार्थियों ने जिन्होने नवम्बर माह २०१२ तक बेरोजगारी भत्त्ते हेतु आवेदन किया है उनके बेरोजगारी भत्त्ते की धनराशि सीधे उनके खाते में भेजे जाने की कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई है जो शीघ्र ही उन्हे प्राप्त हो जायेगी ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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१० उत्त्र्तीण तथा ११वीं कक्षा मे अध्ययनरत छात्राओं को ३० हजार रुपये के चेक का वितरण समारोह सम्पन्न हुआ

Posted on 01 February 2013 by admin

अल्पसंख्यक समुदाय की हमारी बेटी उसका कल योजनान्तर्गत उ०प्र० शासन के निर्देशानुसार ३० जनवरी को राजकीय इण्टर कालेज में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कक्षा १० उत्त्र्तीण तथा ११वीं कक्षा मे अध्ययनरत छात्राओं को ३० हजार रुपये के चेक का वितरण समारोह सम्पन्न हुआ ।
इस समारोह में सदर विधायक अनूप सण्डा, जयसिंहपुर विधायक अरुण वर्मा, कादीपुर विधायक रामचन्द्र चैधरी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी, जिलाविद्यालय निरीक्षक तथा अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी उपस्थित थे । जसमें १४० छात्राओं को चेक वितरित किया गया । शासन द्वारा इस जनपद हेतु १००३ का भौतिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए अवशेष पात्र छात्राओं को ३० जनवरी तक चेक वितरित करवाये जाने के निर्देश दिये थे ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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अंधेरगर्दी और मनमानी से लोकप्रिय सरकार की हो रही लगातार बदनामी

Posted on 01 February 2013 by admin

जनपद मे अधिकारियों की अंधेरगर्दी और मनमानी से लोकप्रिय सरकार की हो रही लगातार बदनामी वही अधिकारी पा रहे जनशोषण पर प्रोन्नति ये कैसा अंधेर है मुख्यमंत्री जी एक नजर सुलतानपुर पर भी डालिए जनपद के मतदाताओं ने आपकी ईमानदार छवि पर दिया है पांच सीटें ।
बेहद आश्चर्य की बात है कि नियतिप्राधिकारी जनता से मानचित्र स्वीकृति पर विकास कराने के लिए विकास शुल्क लेते है मगर इस धनराशि को अपने और उच्चाधिकारियों की सुविधा पर ऐसे दिल खोल कर खर्च करते है जैसे आजादी के पहले के जमीदार हो वही जनता एक अदद सड़क और नाली के लिए तरसती है प्रार्थनापत्र देती है तब यही नियतिप्राधिकारी बताते है कि विभाग मे बजट नही है इतना खर्च विभाग नही कर सकता मगर उच्चाधिकारी की चापलूसी और चंपूगिरि मे विभाग आधा झुक जाता है और पचासो लाख खर्च कर देता है ।
सभाकक्ष और बंगलो मे जनता की गाढी कमाई का विकास शुल्क ए.सी.और कार्पेट मे खर्च कर दिया जाता है हद तो तब हो जाती है जब कोई मीडिया कर्मी जनता का प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी को इस उम्मीद से देता है कि अब सपा की जनलोक प्रिय सरकार है अधिकारी जनहित पर ध्यान देने लगे है मगर यह हकीकत चन्द दिनो में सामने आ जाती है जब बजट होने का रोना रोने वाला अधिकारी आधा करोड की भारी भरकम रकम अच्छे भरे गढढा मुक्त सड़क को खुदवा कर अपने चहेतो को ठेका देकर भरी कमीशन उठा कर जनता और मीडिया के विश्वास की खिल्ली उडा कर अपने चंपुओं से कहता है कि हमारी सत्त्ता मे भारी पहुंच है अब हम इसी जनपद मे उच्चाधिकारी बनने वाले है ।
पूरे जनपद मे यह चर्चा आम है कि पहले बसपा सरकार मे नजदीकी बढ़ाकर प्रमोशन लिया अब सपाईयों को भी साध रहा हूं । जनता वनता जाये भाड़ में सत्त्ता व उच्चाधिकारियों की कृपा है कि हमे एक साथ कई कमाउहृ पद पर बैठाया गया है न खाता न बही हम जो करे वही सही ये चर्चायें पूरे कलेक्ट्रेट व तहसील मे आम है यही कारण है कि न तो १० से १२ जनता की सुनी जाती है न कभी प्रार्थना पत्र पर ही ध्यान दिया जाता है । बडे बडे धनाड्यों के चैराहो तक पर बिना मानचित्र भी निर्माण की इजाजत होती है ।
पयागीपुर के एक नर्रि्सग होम का अवैध निर्माण, डाकघर, पंचरास्ता चैराहे समेत दशियों जगह होने वाले निर्माण को हरी झण्डी विनियमित क्षेत्र से मिल ही जाती है यह सब बगैर अधिकारी के क्या संभव है कत्त्तई नही मगर आम गरीब जनता की नही सुनी जायेगी चूंकि गरीबी और मुफलिसो के पैसा नही होता उनकी तो मात्र अखिलेश यादव या आंजम खां ही सुनते है । जनता न्याय मांग रही है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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बाबू, पेशकार, स्टेनो, लेखपाल आम जनता के शोषण और अधिकारियों के पोषक बने है

Posted on 31 January 2013 by admin

जनपद में क्लर्क ग्रेड और लेखपालो की स्थानान्तरण नीति ही डेड कर दी गई है जिसके चलते एक ही सीट पर वर्षो से डटे बाबू, पेशकार, स्टेनो, लेखपाल आम जनता के शोषण और अधिकारियों के पोषक बने है ।
हैरत है कि प्रदेश के सभी राज्य कर्रि्मयों का स्थानान्तरण गैर जनपद होता रहता है यहां तक कि शिक्षकों, चिकित्सको और इंजीनियरो का स्थानान्तरण भी होता जरुर है मगर जिले के राजस्व महकमे मे और स्वयं जिला कलेक्टर की कचेहरी मे बीसो वर्षो से बाबू और अन्य कर्मचारियों का स्थानान्तरण पूर्णतया डेड है जिसके चलते आम जनता का शोषण बढता जा रहा है ।
हालत यह है कि चाहे पी०सी०एस० अफसर हो चाहे आई०ए०एस०जिले में आते ही इन भ्रष्टाचारियों के काकस में घिर जाते है और जायज नाजायज कामो की डीलिंग इन्ही भ्रष्ट बाबुओं के जरिये होती है चाहे नजूल की जमीन हो राजस्व के गंभीर मुकदमे हो । जमीन जायदाद का बंटवारा हो, किरायेदार-मालिक का विवाद हो, खेती से कर्रि्मशियल का स्थानान्तरण हो, हदवरारी हो, शस्त्र का लाईसेंस हो, नवीनीकरण हो, पटटे का प्रहृी होल्ड हो, दाखिल खारिज हो, विरासत हो, कोटेदार का निलंबन बहाली हो लगभग सभी कार्यो की मुहमांगी और मंहगाई के  सूचकांक को देखते हुए सुविधा शुल्क फिक्स है।
एक प्रतिशत से सात प्रतिशत तक की वसूली लगभग सभी अदालतो मे वसूली जाती है जिसे यही बाबू, स्टेनो, पेशकार, हाकिम तक पहुचाते है यही नही कलेक्ट्रेट के कुछ अधिवक्ता भी इन अधिकारियों के दरबारी है जिन्हे कभी भी अधिकारियों के चैम्बर और बंगले मे देखा जा सकता है यही कारण है कि सत्ता चाहे जिसकी हो मुख्यमंत्री या कोई हो जिले मे जिलाधिकारी चाहे सीनियर हो चाहे जूनियर ईमानदार हो या बेईमान सभी को अपने सांचे मे ढालकर महाभ्रष्ट बाबू, लेखपाल और पेशकार आज तक अन्र्तजनपदीय स्थानान्तरण पर भी नही गये पूरी सेवा अवधि उन्होने यही जन शोषक बन कर गुजार दी ।
और तो और संम्पत्त्ति  का ब्यौरा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव दे सकते है मगर इन बाबुओं से आज तक कोई जिलाधिकारी मांगने की हिम्मत नही जुटा पाया कहने को ये अल्प वेतन भोगी है मगर पूरे शहर मे जायज नाजायज भवनो, जमीनो, वाहनो के मलिक है और राजपत्रित अधिकारी  की मालीत हैसियत को भी चुनौती देते है ये बाबू । इन बाबुओ की ही मेहरबानी है कि पूरे सिविल लाईन एरिया की नजूल जमीन को बिना प्रहृी होल्ड ही हवेलियों मे तब्दील कर दिया ।
बिना पटटे के ही एन.ओ.सी. के जरिये अवैध निर्माण करवा दिया न जाने कितने अपराधियो को अपनी बाबूगीरी के जरिये असलहो के लाईसेंस दिला दिये न जाने कितने अपराधियों को हैसियत जारी कर ठेकेदार बनवा दिया । वही लेखपालो का कहना ही क्या जैसे प्र्रदेश मे महामहिम राज्यपाल का रुतबा है वैसे ही जिले मे लेखपालो की तूती बोलती है ये कहने मात्र को लेखपाल है ये जिले के सबसे बडे भू माफिया है जिले की शायद ही एक इंच जमीन ऐसी हो जिसमें इनकी प्रापर्टी डीलिंग न हो अगर इनका हिस्सा न लगा तो जमीन क्रय विक्रय नही हो सकती ।
यही कारण है कि सिटी समेत ईद गिर्द  के लेखपालों की अवैध सम्पत्ति एक जमीनदार से कम नही रह गई है हालत यह है कि अगर डी०एम०भी चाहे तो इनकी मर्जी बगैर उन्हे यहां से हटाया नही जा सकता पूर्व के उदाहरण गवाह है एक लेखपाल की तो भूमि विवाद मे हत्या तक हो चुकी है ।
नगर की आम जनता ने मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री से जिले के इन वर्षो से जमें भ्रष्ट्राचारियों को गैर जनपद हटाने की मांग की है जिससे प्रशासन स्वच्छ एवं पारदर्शी बन सके और जनता का शोषण रुक सके ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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पुलिस विभाग पर तो समाज की बहुत बडी जिम्मेदारी है जिसका निर्वाहन पूरी ईमानदारी से होना चाहिए

Posted on 28 January 2013 by admin

जनपद के मुख्यालय मे ६४ वें गणतंत्र दिवस पर पुलिस लाईन मे परेड की सलामी लेते हुए खाद्यी ग्रामोद्योग मंत्री राजाराम पाण्डेय ने कहा कि कर्तव्य और निष्ठापूर्वक अपने दायित्वो का निर्वाहन ही सच्ची राष्ट्रसेवा है । पुलिस विभाग पर तो समाज की बहुत बडी जिम्मेदारी है जिसका निर्वाहन पूरी ईमानदारी से होना चाहिए ।
गौरतलब हो कि इस मौके पर मुख्य अतिथि ने शांति का प्रतीक सफेद कबूतर का जोडा छोडकर व खुशियो का प्रतीक रंगीन गुब्बारे हवा मे छोडे गये स्कूल के बच्चो ने सांस्कृतिक कार्यव्रहृम के अन्र्तगत प्राथमिक विद्यालय करौदिया की तरफ से कक्षा पांच मे पढने वाले अनुभव पाठक द्वारा प्रस्तुत देश भक्ति से ओत प्रोत गीत कर चले हम फिदा जां वतन साथियों कार्यव्रहृम स्थल पर मौजूद लोगो की आंखो में आंसू ला दिये । वही पुलिस के संत्री से लेकर सरकार के मंत्री राजाराम पाण्डेय तक देशभक्तो की यादों में ढूब गये । इस गीत से प्रभारी मंत्री इतना प्रभावित हुए कि उन्होेने विद्यालय को प्रथम पुरस्कार और कार्याव्रहृम को तैयार कराने वाली शिक्षा मित्र अनुपम पाठक को मंच पर बुला कर सम्मानित किया । और पूरे कार्यव्रहृम के लिए पुलिस अधिक्षक अलंकृता सिंह समेत सभी पुलिस जवानो की भूरि भूरि सराहना की । कार्यव्रहृम में कमला विद्या मंदिर को द्वितीय तथा तृतिय महिला सिपाहियों द्वारा प्रस्तुति पर दिया गया । कार्यव्रहृम मे शहर के कई विद्यालयों ने भाग लिया ।
कार्यव्रहृम मे सभी थानाध्यक्षो आरक्षियों मुख्य आरक्षियो, व क्षेत्राधिकारियों अपर पुलिस अधीक्षक समेत सभी ने सशस्स्त्र परेड कर हर्ष फायरिग की व राष्ट्रध्वज को सलामी दी तथा मुख्य अतिथि व पुलिस अधीक्षक को गार्ड आफ आनर पेश किया गया व कुछ उत्कृष्ट कार्यो हेतु पुलिस कर्मियो को पुरस्कृत किया गया।
कार्यव्रहृम मे जिला प्रशासन के मुखिया सहित जनपद के अधिकारी, मीडिया, समाज सेवी संस्थाओ के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे ।
वहीं दूसरी ओर गणतंत्र दिवस पर नगर के सभी सरस्वती शिशु मन्दिर, रामराजी सरस्वती बालिका इण्टर कालेज व सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानन्द नगर की ओर से सामूहिक पथसंचलन (प्रभात फेरी) निकाली गई  जो अपने अपने स्कूल मार्गो से चलकर चैक में एकत्रित हुआ और घोष प्रदर्शन के बाद विभिन्न मार्गो से अपने अपने विद्यालयो में जाकर खत्म हुआ । एक साथ हजारो स्कूली छात्र छात्रो के कदमताल और घोस से नगर मे राष्ट्रीय महोत्सव का माहौल बन गया तथा कुछ समय के लिए शहर की यातायात व्यवस्थाएं ठप सी हो गई।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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अवैध टैक्सी स्टैण्ड अवैध वेंण्डरों की भरमार

Posted on 25 January 2013 by admin

जनपद का वी०वी०आई०पी० जंक्सन सुलतानपुर मे जी०आर०पी० की मेहरबानी से चल रहा अवैध टैक्सी स्टैण्ड अवैध वेंण्डरों की भरमार ।
गौरतलब हो कि जनपद सुलतानपुर मे रेलवे के अधिकारियों की नही बल्कि जी०आर०पी० और आर०पी०एफ० की मिली भगत से दिन भर अवैध डग्गामारो को जमावडा लगा रहता है । यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा छोड जी०आर०पी० अराजक तत्वो दलालो के माध्यम से आरक्षण टिकटो की दलाली कराते है और जब यात्री विरोध करते है तो ड््यूटी पर तैनात कर्मी दलालो का ही खुलेआम साथ देते है यहां तक कि पार्सल से अवैध वण्डलो की निकासी भी इनकी ड््यूटी मे शामिल है जबकि वही सरकार के राजस्व की इन कर्रि्मयों को कोई परवाह नही है ये स्वयं इस कार्य मे लिप्त रहते है वही वाणिज्य कर चुकाये बिना आने वाले सामानो की सुरक्षा और वसूली ही इनकी ड््यूटी मे शामिल है ।
बीते दिन हुई दुर्घटना मे भी जी०आर०पी० और आर०पी०एफ० की हीला हवाली सामने आई थी । वही रेलवे ने अपने कर्मचारी को निलम्बित कर दिया था मगर इन कर्रि्मयों की लापरवाही का संज्ञान न तो एस०पी० ने लिया जबकि कुंभ मेले के मददे नजर शासन व सरकार ने जंक्सन पर पर्याप्त सुरक्षा के निर्देश दिये है । मगर इस पर अमल नही हो रहा है वही यात्रियों से किराये के नाम पर मनचाही वसूली डग्गामारी कर रहे है । चारो तरफ अव्यवस्था का आलम दिखता है जैसे ही ट्रेन आती है चारो तरफ अवैध वेंण्डर केतली लेकर दौड पडते है । चाय, समोसा और पानी की बोतलो के मनचाहे रेट वसूले जाते है ।
वही चाय सिंथेटिक दूध की बनाकर इसे १०रु० कप तक बेची जाती है यात्रियों को सुविधा के नाम पर कुछ नही दिखता बल्कि चारो तरफ लूट मार ही दिखती है । यात्रियों को प्लेट फार्म तक पहुंचने मे बैरियर लगा कर रोक लगाई गई है विकलांगो वृद्धो व बुजुर्गो महिलाओं को भी बिना कुली के पहुंचने मे भारी दिक्कतो का सामना करना पडता है । जबकि भारत की सभी अदालतो मे सरकारो को विकलांगो की आवागमन की सुविधा देने का निर्देश दिया है मगर जंक्सन सुलतानपुर अव्यवस्थाओं और असुरक्षा मे वी०वी०आई०पी० बनता जा रहा है । जनता ने जंक्सन की औचक जांच की मांग की है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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