Archive | लखनऊ.

महान सन्त रविदास जी की जयन्ती

Posted on 31 January 2018 by admin

महान सन्त रविदास जी की जयन्ती आज यहां उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय पर प्रदेश कांग्रेस के संरक्षक एवं पूर्व मंत्री श्री रामकृष्ण द्विवेदी की अध्यक्षता में मनायी गयी। इस मौके पर कांग्रेसजनों द्वारा संत रविदास के चित्र पर पुष्पांजलि कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।
यह जानकारी देते हुए उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अरूण प्रकाश सिंह ने बताया कि इस मौके पर सन्त रविदास जी व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए पूर्व मंत्री श्री रामकृष्ण द्विवेदी ने कहा कि सन्त रविदास जी महान समाजसुधारक थे। उन्होने जीवन भर समतामूलक समाज की स्थापना के लिए अपने साहित्यों, आदर्शों और मूल्यों के जरिये एक दिशा दी। अपने सिद्धान्तों को साहित्य के जरिये समाज को मार्ग दर्शन दिया। उस समय की जो सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक व अन्य परिस्थितियां थी उनको ध्यान में रखते हुए समाज, संस्कृति और धर्म की रक्षा की।
पूर्व मंत्री श्री राजबहादुर ने कहा कि सन्त रविदास एक महान सन्त थे उन्होने एक सामाजिक चेतना और क्रान्ति को जन्म दिया।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं अनुसूचित जाति विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ0 ओम प्रकाश सेवानिवृत्त आई.ए.एस. ने सन्त रविदास जी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि आज के वर्तमान परिवेश में यदि सन्त रविदास जी के सिद्धान्तों का अनुसरण किया जाय और उनके बताये रास्ते पर चला जाय तो हमारी अनेकों सामाजिक समस्याओं का निराकरण स्वतः हो सकता है।
इस मौके पर प्रमुख रूप से पूर्व विधायक श्री श्यामकिशोर शुक्ल, सुश्री अनुसुइया शर्मा, श्री द्विजेन्द्र त्रिपाठी, श्री सुबोध श्रीवास्तव, श्री ब्रजेन्द्र कुमार सिंह, श्रीमती सिद्धिश्री, श्री विजय बहादुर आदि तमाम वरिष्ठ नेतागणों ने भी सन्त रविदास को श्रद्धासुमन अर्पित किये।

Comments (0)

बोर्ड परिक्षाओं में विद्युत आपूर्ति सुनिष्चित करने हेतु विषेश सतर्कता बरतें अधिकारी

Posted on 30 January 2018 by admin

लखनऊ, 30 जनवरी 2018। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं ऊर्जा मंत्री पं0 श्रीकान्त षर्मा ने निर्देष दिया है कि आगामी बोर्ड परिक्षाओं में विद्यार्थियों की सुविधा हेतु पर्याप्त बिजली दी जाये। जिससे विद्यार्थियों को परीक्षा में कोई परेषानी न हो। इसलिये वितरण निगमों के प्रबन्ध निदेषक अपने स्तर से लगातार मानीटरिंग कर यह सुनिष्चित करेंगे कि सभी क्षेत्रों को निष्चित षिड्यूल के अनुरूप निरन्तर बिजली आपूर्ति सुनिष्चित हो। विद्युत आपूर्ति में यदि कहीं कोई स्थानीय स्तर पर समस्या आती है तो उसको तत्काल कम से कम समय में ठीक कर लिया जाये इसकी व्यवस्था हेतु पूर्व में ही आवष्यक गैंग एवं सामग्री रहे। किसी तरह की लापरवाही की षिकायत पर कड़ी कार्यवाई सुनिष्चित की जायेगी। यह जानकारी आज प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उ0प्र0 पावर कारपोरेषन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने प्रदेष के सभी वितरण निगमों के प्रबन्ध निदेषकों एवं मुख्य अभियन्ताओं को वीडियों कान्फ्रेन्स के माध्यम से सम्बोधित करते हुये दी। प्रमुख सचिव ने कहा कि सरकार की अपेक्षा पर विभाग को षत प्रतिषत खरा उतरना है। यह तभी सम्भव है जब हर स्तर पर कड़ी मानीटरिंग एवं सजगता बरती जाये।

वीडियों कांफ्रेन्सिंग में उन्होंनेे राजस्व वसूली में पिछड़े क्षेत्रों के मुख्य अभियन्ताओं की जमकर क्लास ली। गोरखपुर, बस्ती, बरेली, फैजाबाद, नोएडा, मुरादाबाद, आगरा तथा अलीगढ़ क्षेत्र के अधिकारियों को उन्होंने राजस्व वसूली बढ़ाने हेतु कड़े निर्देष दिये। उन्होंने कहा कि हम जितने की बिजली दें उतना राजस्व वसूलें।
प्रमुख सचिव ने पूरे प्रदेष में बकायेदारों के कनेक्षन काटने के भी निर्देष दिये। उन्होंने कहा कि कनेक्षन काटने में यह ध्यान रखा जाये कि जिनका एक या दो माह का बिल ही बकाया है उनके कनेक्षन काटने से पूर्व उपभोक्ताओं को फोन कर यह सूचित किया जाये कि आपका बिल बकाया है, यथाषीघ्र बिल नहीं जमा हुआ तो कनेक्षन काट दिया जायेगा तो निष्चित ही इसके बेहतर परिणाम आयेंगे। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में इस तरह की सूचना का बहुत बेहतर परिणाम आ रहा है लोग विच्छेदन से बचने के लिये बिल जमाकर देते हैं और परेषानी से बच जाते है।

प्रमुख सचिव ने चोरी के मामलों पर विजिलेन्स छापों के (असेसमेन्ट) मूल्यांकन रिपोर्ट को तत्काल पोर्टल पर डालने के भी निर्देष दिये। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेष के सभी पावर लूमों का सर्वे किया जायेगा और उनके खातों से आधार लिंक होंगे। इस कार्य में विद्युत विभाग के अधिकारी सर्वे करने वाली एजेन्सियों एवं विभागो को पूर्ण सहयोग देना सुनिष्चित करेगा।
वीडियों कांफ्रेन्सिंग में प्रबन्ध निदेषक अपर्णा यू0, निदेषक वितरण एवं निदेषक वाणिज्य सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

Comments (0)

अधिकारी जन समस्याओं के निस्तारण में ले रूचि और जनप्रतिनिधियों को दे उचित सम्मान-मोती सिंह

Posted on 30 January 2018 by admin

अधिकारी स्वच्छ एवं पारदर्शी प्रशासन दे वरना होंगे दण्ड के भागीदार
लखनऊः 30 जनवरी, 2018
img1उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा मंत्री श्री राजेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह ने कहा है कि अधिकारी माननीय विधायकगणों से प्राप्त पत्रो पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए जनसमस्याओं का निस्तारण करें। माननीय विधायकों के क्षेत्र सम्बन्धी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाये जाने पर हर स्तर पर जवाबदेही तय की जायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य करें।
ग्रामीण अभियंत्रण सेवा मंत्री आज विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में माननीय विधायकगण के कोर ग्रुप की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में विधायकगण ने अपने-अपने क्षेत्र की जनसमस्याओं की ओर ग्रामीण अभियन्त्रण मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। विधायकगणों ने अधिकारियों को जनसमस्याओं तथा विकास के कार्यों में रूचि लेने तथा जन प्रतिनिधियों की सलाह विकास सम्बन्धी योजनाओं के क्रियान्वयन में लेने की ओर श्री सिंह का ध्यान आकृष्ट कराया। श्री सिंह ने विधायकगण को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा उठाये गये जनसमस्याओं के निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करवाने के लिए हर सम्भव प्रयत्न करेंगे तथा इस बात का भी ध्यान रखेंगे कि जनप्रतिनिधियों को अधिकारी सम्मान दे तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी सलाह को महत्व दें। विधायकगण ने अधिकारियों की कार्यशैली के बारे में मंत्री मोती सिंह को जानकारी दी। जिस पर भी ग्रामीण अभियन्त्रण मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि अधिकारियों को अपनी स्वच्छ, ईमानदार एवं कार्यकुशल कार्यशैली से सरकार की योजनाओं को जमीन स्तर पर कार्यान्वित करना ही होगा अन्यथा उन्हें इसके लिए दण्ड का भागीदार बनना पड़ेगा। विधायकगणों ने अपने-अपने क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी, अवैध अतिक्रमण, कानून व्यवस्था तथा छुट्टा पशुओं की समस्या की ओर श्री राजेन्द्र प्रताप सिंह का ध्यान आकृष्ट किया जिस पर श्री सिंह ने इन समस्याओं के समाधान में हर सम्भव योगदान का आश्वासन दिया।
स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, सड़क आदि जनता की आधारभूत आवश्यकतायें है और इन क्षेत्रों में जनता की समस्याओं का निस्तारण सरकार की प्राथमिकता है। अतः इस प्रकार की यदि कोई जनसमस्या है तो उसे विधायकगण कोर ग्रुप की बैठक में उठाये जिससे जनता को राहत दिलायी जा सके।
आवारा पशुओं की समस्या की ओर भी माननीय विधायकगण ने कोर ग्रुप की बैठक में आवाज उठाई तथा अपने-अपने क्षेत्र में गौशालाओं के निर्माण की मांग की।
अवैध अतिक्रमण का मुद्दा भी कोर ग्रुप की बैठक में उठाया गया। श्री मोती सिंह ने कहा कि सरकार हर सम्भव कदम उठाकर अवैध अतिक्रमण की समस्या को दूर करेगी। जनता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए और चिकित्सालयों के निर्माण का सुझाव दिया। जिस पर श्री मोती सिंह समेत सभी विधायको ने सहमति जताई।
कोर ग्रुप के विधायकों में सर्वश्री दिनेश चैधरी, विधान सभा क्षेत्र केराकत (सु0) जौनपुर, श्री वीर विक्रम सिंह विधायक, विधान सभा क्षेत्र कटरा, शाहजहांपुर तथा श्री पंकज गुप्ता, विधायक विधान सभा क्षेत्र अयाहशाह, फतेहपुर उपस्थिति रहे।

Comments (0)

श्री सत्यदेव पचैरी ने 50 सर्वोत्कृष्ट रेशम कोया उत्पादकों एवं धागाकरण उद्यमियों को सम्मानित किया

Posted on 30 January 2018 by admin

पर्यटन भवन में लगे 05 दिवसीय शिल्प एक्सपों का भी शुभारम्भ
प्रदेश में जल्द धागा बनाने वाली इकाईयों की होगी स्थापना-रेशम मंत्री
पुरस्कार वितरण से जागरुकता आयेगी और लोग इससे प्रेरित होकर अधिक से अधिक कोया उत्पादन करेंगे-श्री मुकुल सिंघल
लखनऊ: दिनांक:-30 जनवरी, 2018

img2उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक रेशम कोया (ककून) उत्पादित करने वाले कीटपालकों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से ‘‘पं0 दीन दयाल उपाध्याय रेशम उत्पादकता पुरस्कार वितरण’’ कार्यक्रम का आयोजन यहां पर्यटन भवन में किया गया है। प्रदेश के रेशम मंत्री श्री सत्यदेव पचैरी ने चयनित 50 सर्वोत्कृष्ट रेशम कोया उत्पादकों एवं धागाकरण उद्यमियों को 11 हजार रुपये, अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। इससे पूर्व उन्हांेने पर्यटन भवन में लगे 05 दिवसीय शिल्प एक्सपों का भी शुभारम्भ किया।
इस मौके पर श्री पचैरी ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले किसानों को हार्दिक बधाई देते हुए उनकी उन्मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा रेशम उद्योग से जुड़े किसानों का किसी भी दशा में शोषण नहीं होने दिया जायेगा। किसानों के कोया उत्पाद का सही मूल्य मिले इसके लिए प्रदेश में जल्द ही धाना बनाने वाली इकाईयों की स्थापना कराई जायेगी। किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए हर सम्भव कदम उठाए जायेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग का उत्थान के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पं0 दीन दयाल जी का सपना भी अन्त्योदय था। उन्होंने कहा कि जब अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को सशक्त नहीं बनता तब तक देश आगे नहीं बढ़ेगा।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश विकास के नये आयाम हासिल कर रहा है। इसमें रेशम विभाग की भी अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि अभी यहां के युवा दूसरे प्रदेशों में उद्यमिता का प्रशिक्षण लेने जाते हैं, शीघ्र यहा भी टेªनिंग इस्टीट्यूट खोले जायेंगे, ताकि युवाओं प्रशिक्षण के अन्य राज्यों में न जाना पड़े। इसके अलावा रेशम विभाग के 48 फार्म हाउसों को अत्याधुनिक बनाया जायेगा। जिससे किसानांे की समस्याओं को त्वरित समाधान हो सके।
श्री पचैरी ने कहा कि सुदूर ग्रामीणवासी रोजगार के लिए शहर की ओर पलायहन करते हैं। शहरों में उनका शोषण होता है। पलायन को रोकने के लिए राज्य सरकार ग्रामोद्योग को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजय योजना तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से ग्रामवासियों को स्वारोजगार के लिए विशेष रियायती छूट के साथ ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इन योजनों के माध्यम से पुरातन उद्योगों से लोग विमुख नही होंगे। उन्होंने कहा कि खादी और हथकरघा को भी एक साथ जोड़ने पर विचार किया जा रहा है।
अपर मुख्य सचिव, रेशम, श्री मुकुल सिंघल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में रेशम की खपत बहुत है। वाराणसी में रेशम की अत्यधिक मांग है। रेशम कोया (ककून) उत्पादित करने वाले कीटपालकों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से रेशम का उत्पादन बढ़ेगा। पुरस्कार वितरण से क्रांति आयेगी और लोग इससे प्रेरित होकर अधिक से अधिक कोया उत्पादन करेंगे। उन्होंने बताया कि नई वस्त्रोद्योग नीति में रेशम विभाग के लिए अच्छे प्राविधान किये गये है। इससे किसानों को सीधा लाभ होगा।
कार्यक्रम के शहतूती क्षेत्र में 35 उद्यमियों को पुरस्कृत किया गया, इनमें निजी क्षेत्र के 14 तथा सरकारी सेक्टर के 21 लोगो को पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बहराइच के श्री तीरथराम ने 276 कि0ग्रा0 कोया का उत्पादन करके प्रथम स्थान हासिल किया, वहीं बस्ती की श्रमती मंजू देवी ने 271 कि0ग्रा0 कोया उत्पादन के लिए द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। इसी प्रकार सरकारी क्षेत्र के गोरखपुर निवासी श्री इन्द्रजीत ने 263 कि0ग्रा0 उत्पादन करके प्रथम स्थान हासिल किया। टसर क्षेत्र में 06, अरण्डी क्षेत्र में 07 कोया उत्पादक तथा धागाकरण क्षेत्र में 02 टसर उद्यमियों को भी पुरस्कृत किया गया।
इस मौके पर विशेष सचिव एवं निदेशक, रेशम, श्री मदन पाल आर्य, केन्द्रीय रेशम बोर्ड के अधिकारीगणों के साथ 500 कोया उत्पादकों एवं धागाकरण उद्यमियों के साथ-साथ अन्तर्राष्ट्रीय रेशम वस्त्र निर्माता मौजूद थे।

Comments (0)

राज्यपाल से मिला राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय का प्रतिनिधिमण्डल

Posted on 30 January 2018 by admin

कृषि क्षेत्र में नवोन्मेष व अनुसंधान से किसानों की आमदनी को दोगुना किया जा सकता है - राज्यपाल
—–
सरकार कानून एवं व्यवस्था को और सुदृढ़ करने
के प्रति गंभीर है - श्री नाईक
—–
dsc_6368 लखनऊः 30 जनवरी, 2018
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक से आज राजभवन में मेजर जनरल अनिल पी0 डेयरे के नेतृत्व में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल ने शिष्टाचारिक भेंट की। प्रतिनिधिमण्डल ‘नेशनल सिक्योरिटी एण्ड स्ट्रेटिजिक स्टडीज’ विषय पर आयोजित होने वाले पाठ्यक्रम के संदर्भ में 29 जनवरी से 2 फरवरी, 2018 तक प्रदेश के भ्रमण पर है। इसमें 7 सदस्य भारतीय सेना, 2 सदस्य भारतीय वायु सेना, 1 सदस्य भारतीय नौसेना, 3 सदस्य प्रशासनिक सेवा तथा 1-1 सदस्य आस्टेªलिया, केन्या, उत्तर कोरिया और नेपाल आदि देशों के भी सम्मिलित हैं। राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के फैकल्टी व कोर्स सदस्यों द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कानून व्यवस्था, महिला सशक्तीकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा विकास आदि का अध्ययन किया जाना है।
राज्यपाल ने प्रदेश के विकास की चर्चा करते हुये कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की उपलब्धता से गाँव से शहर की ओर पलायन रोका जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थापना विकास के साथ-साथ ऊर्जा एवं कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक प्रयोग पर जोर देने की आवश्यकता है। राज्य सरकार ने ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना का शुभारम्भ किया है, जिससे स्थानीय उत्पादों की ब्राडिंग एवं कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के नये आयाम दिये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवोन्मेष व अनुसंधान से किसानों की आय को दोगुना किया जा सकता है।
श्री नाईक ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 29 राज्य विश्वविद्यालय हैं जिसमें इस वर्ष 13 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने उपाधियाँ प्राप्त की हैं। उत्तर प्रदेश का चित्र बदल रहा है, 13 लाख विद्यार्थियों की संख्या में 51 प्रतिशत छात्रायें हैं। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दृष्टि से शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आरम्भ हो गयी है। शैक्षिक कलैण्डर के अनुसार उच्च शिक्षा की गाड़ी पटरी पर आ रही है। विश्वविद्यालयों में नकल रोकने के भी व्यापक कदम उठाये गये हैं जिसके अच्छे परिणाम भी सामने आये हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि विश्व के श्रेष्ठतम संस्थानों में उत्तर प्रदेश के शैक्षिक संस्थान ज्यादा से ज्यादा स्थान प्राप्त करें।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक महत्वांकाक्षी योजनाओं की शुरूआत की है। उद्योग और औद्योगिक विकास के लिये सरकार ने फरवरी में इन्वेस्टर्स समिट 2018 का आयोजन किया है। इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा उद्यमी उत्तर प्रदेश में उद्योग लगायेंगे जिससे रोजगार की उपलब्धता बढ़ेगी। ऊर्जा के क्षेत्र में भी सरकार सकारात्मक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून एवं व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के प्रति गंभीर है।
श्री नाईक ने अपना परिचय कराते हुये कहा कि वे मुंबई से तीन बार विधायक और पांच बार सांसद रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमण्डल में वे अनेक विभागों के मंत्री के साथ-साथ लगातार पांच साल पेट्रोलियम मंत्री भी रहे। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि उत्तर प्रदेश ‘उत्तम प्रदेश’ बने।
राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय की ओर से राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया तथा राज्यपाल ने प्रतिनिधिमण्डल को अपनी पुस्तक ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ की अंग्रेजी प्रति भी भेंट की।

Comments (0)

राज्यपाल से मिले ब्रिटेन के उच्चायुक्त

Posted on 30 January 2018 by admin

उद्योग एवं कृषि को लेकर हुई चर्चा
—–
लखनऊः 30 जनवरी, 2018
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक से आज भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त सर डोमेनिक अस्क्विथ ने शिष्टाचारिक भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल की प्रमुख सचिव सुश्री जूथिका पाटणकर भी उपस्थित थीं।dsc_6395
राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश के संदर्भ में बात करते हुये कहा कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। केवल तीन देश चीन, अमेरिका एवं इण्डोनेशिया ही आबादी की दृष्टि से उत्तर प्रदेश से बड़े हैं। बड़ी आबादी के कारण उद्योग धंधों को शिक्षित एवं कुशल मानव संसाधन आसानी से उपलब्ध हो सकते हैं। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ाने की दृष्टि से 21-22 फरवरी, 2018 को इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश प्रदेश को और भी आगे बढ़ा सकता है।
श्री नाईक ने कहा कि उत्तर प्रदेश मूलतः कृषि प्रधान प्रदेश है जहाँ अनेक प्रकार की फसल होती हैं। भौगोलिक विविधता के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग कृषि उत्पाद की संभावना है। अनेक नदियों के कारण सिंचाई के संसाधन भी उपलब्ध हैं। केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के आपसी समन्वय से किसानों के लिये अनेक महत्वपूर्ण योजनायें लागू की गयी हैं। कृषि के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नये शोधों एवं अनुसंधानों को भारत में कैसे उपयोग किया जा सकता है, इस पर विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन कृषि के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश में निवेश कर सकता है।
राज्यपाल ने उच्चायुक्त सर डोमेनिक अस्क्विथ को पुस्तक ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ तथा ‘बर्ड्स आफ राजभवन’ की प्रतियाँ भी भेंट की।

Comments (0)

राज्यपाल ने शहीद दिवस पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की

Posted on 30 January 2018 by admin

श्रद्धांजलि अर्पित करने जी0पी0ओ0 भी गये राज्यपाल
—–
राजभवन में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा
—–
dsc_6129 लखनऊः 30 जनवरी, 2018
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने आज राजभवन में शहीद दिवस के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा व चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके सम्मान में दो मिनट का मौन धारण किया। इस अवसर पर भातखण्डे संगीत संस्थान सम विश्वविद्यालय, लखनऊ के कलाकारों द्वारा बापू के प्रिय भजन व रामधुन प्रस्तुत किये गये। श्रद्धांजलि सभा में राज्यपाल की प्रमुख सचिव सुश्री जूथिका पाटणकर सहित राजभवन के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। इससे पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक ने जी0पी0ओ0 पार्क जाकर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा श्रद्धांजलि सभा में प्रतिभाग किया।
राज्यपाल ने श्रद्धांजलि सभा में देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 से स्वतंत्रता प्राप्ति तक शहीद होने वाले सभी ज्ञात एवं अज्ञात शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये कहा कि महात्मा गांधी का परिनिर्वाण दिवस पूरे देश में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज का दिन विश्व कुष्ठ निवारण दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। महात्मा गांधी ने अपने जीवन में स्वदेशी, खादी, नमक के विरोध में सत्याग्रह किया तथा देश को आजाद कराने के लिये अनेक प्रकार के आंदोलन चलाये। कुष्ठ पीड़ितों की सहायता करने के लिये वे प्रतिबद्ध रहते थे। राज्यपाल ने कहा कि मुझे समाधान है कि मुझे भी कुष्ठ रोगियों के लिये कार्य करने का अवसर मिला और आज भी हर संभव प्रयास करता हूँ। उन्होंने कहा कि आज का दिवस हमें गरीबों की सहायता करने के लिये प्रेरणा देता है।
श्री नाईक ने कहा कि महात्मा गांधी ने ऐसे समाज की कल्पना की थी जिसमें हर व्यक्ति की सुख-समृद्धि हो तथा कहीं भी भ्रष्टाचार न हो। देश स्वालम्बी बने। राज्यपाल ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हम आजाद भारत में रह रहे हैं। राज्यपाल ने प्रार्थना ‘वह शक्ति हमें दो दयानिधान’ की पंक्तियाँ उद्धृत करते हुये कहा कि हम कैसे देश और समाज के हित में और अधिक बेहतर ढंग से कार्य कर सकते हैं। हमें यह विचार करने की जरूरत है कि महात्मा गांधी के जीवन से हमने कितना सीखा और आत्मसात किया है। महात्मा गांधी के परिनिर्वाण दिवस पर देश की रक्षा में शहीद होने वाले सभी बलिदानियों और सैनिकों को याद रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के दिखाये रास्ते पर चलकर हम अपने देश को उत्तम देश बनाने में सहयोग करें।

Comments (0)

खादीमहोत्सवमें ‘‘अवधीलोकगीत एवंभजन’’

Posted on 30 January 2018 by admin

img_20180130_143139लखनऊ।दिनांक 30 जनवरी, 2018। उ0प्र0 खादीतथाग्रामोद्योगबोर्ड के तत्वावधानमेंचारबाग लखनऊस्थितबालसंग्रहालय लाॅन, निकटरविन्द्रालय में 15 दिवसीय राज्य स्तरीय प्रदर्षनीदिनांक 24.01.2018 से षुरू हुई, जोदिनांक 07.02.2018 कोसमाप्तहोगी।ग्रामोद्योगप्रदर्षनीकाआजसातवाँ दिनहै।

लखनऊमेंअचानक ठण्ड बढ़ने के कारण खादीउत्सवमेंगरमकपड़ों की बिक्री बढ़ गयी।प्रदर्षनीमें खादी, रेषमी, ऊनसेबनेकुर्ते-पैजामे, सदरी, टोपी, जैकेट, स्वेटर, षाल, चादर, खादी की धोती, कम्बल, रजाई, तकिये एवंगद्दों की खरीददारीकरतेहुए लोगविभिन्नस्टालोंपरदिखलायीपड़े।

ग्रामोद्योगलकड़ीके घरेलूउत्पादभी खूबबिकेतथाप्रतापगढ़ की संस्थाओं द्वाराआंवलेसेबनेअचार, मुरब्बा, टाॅफी, मिठाई, त्रिफलाचूर्णलोगों द्वारापसन्दकियेगयेजोस्वास्थ्य के लिए लाभदायकहैं।bharat-natyam

लेदर के बनेआधुनिकजूते, जैकेट, बैग, बेल्ट एवंपर्सतथाकोल्हापुर के फैन्सीचप्पलोंकीभीकाफीबिक्रीहुई।साथहीकष्मीर की बनी षालें, चादरें, साड़ियांमहिलाओं द्वारा खूबपसन्द की गयी।प्रदर्षनीमेंजड़ी-बूटीउत्पादतथाच्यवनप्राष, तेल, षैम्पू एवं षहद के साथहीप्लास्टिककीवस्तुओं की भीजमकर खरीदारीहुई।प्रदर्षनीमेंअबतकलगभगरु0 9.50लाख की बिक्रीहोचुकीहै।

प्रदर्षनीमेंआजसेंटमाक्र्सस्कूल के बच्चों द्वारा ‘जैनरेषनगैप’ विशय परनाट्य मंचन की प्रस्तुति की गयी।जिसमें षोभितकष्यपकोप्रथमअब्दुलअहमदको द्वितीय एवंअभय यादवकोतृतीय पुरस्कारस्वरूपविभाग द्वारासम्मानितकियागयातथाप्रतिभागकररहेसभीबच्चोंकोप्रषस्ति-पत्र भीप्रदानकियागया।

सांस्कृतिक संध्या के अन्तर्गतआजश्रीरवि सिंह द्वाराअवधीलोकगीत एवंभजनप्रस्तुतकियेगये।जिसेसुनकरलोगभावविभोरहोउठे, कार्यक्रम के दौरानउनकीकईप्रस्तुतियोंपरतालियांबजाकरउनकाअभिवादनकिया।

खादीमहोत्सवमेंकलदिनांक 31.01.2018 कोमाॅडलों द्वाराआधुनिक खादीपरिधानोंका ‘‘फैषन षो’’ आयोजितकियाजायेगा।

Comments (0)

अब चटाई पर नहीं बैठेंगे सरकारी स्कूलों के बच्चे, योगी सरकार देगी हर प्राइमरी स्कूलों में मेज और कुर्सी - शलभ मणि त्रिपाठी

Posted on 30 January 2018 by admin

लखनऊ 30 जनवरी 2018, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा है कि प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को जूते-मोजे और स्वेटर मुहैया कराने के बाद अब प्रदेश की योगी आदित्यनाथ जी की सरकार हर स्कूल में बच्चों के लिए फर्नीचर के इंतजाम कराने जा रही है। इसके लिए अधिकारियों को बजट का प्रावधान करने को कह दिया गया है। सरकारी स्कूली के बच्चों को सुविधाएं देने के लिहाज से ये पहली बार हो रहा है जब किसी सरकार ने प्राइमरी स्कूलों के लिए जूते-मोजे, स्वेटर और अब फर्नीचर देने का फैसला लिया है। अब सरकारी स्कूलों में बच्चों को चटाई पर बैठकर पढाई नहीं करनी पडेगी। ये एक मानवीय फैसला है और इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की सरकार बधाई की पात्र है।
प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ जी प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की बेहतरी के लिए लगातार काम कर रही है। सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की समय से शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने के साथ ही ये भी सुनिश्चित कराया गया कि इस सत्र में बच्चों को समय से सभी पुस्तकें मिल जाएं। इतना ही नहीं शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए सरकार ने ये भी तय किया है कि सरकारी स्कूलों में भी एनसीआरटी की पुस्तकें पढाई जाएं। स्कूलों की छुट्टियां भी इसी उद्देश्य से कम की गई है कि बच्चों को छुट्टियों की बजाए महापुरूषों के बारे में बताया जाए। इतना ही नहीं, पिछली सरकारों में इससे पहले आज तक बच्चों को न तो स्वेटर मिलते थे न ही जूते-मोजे। कड़ाके की ठंड में भी बच्चों को बिना स्वेटर के स्कूल जाना पड़ता था। यही नहीं बहुत सारे बच्चे नंगे पैर स्कूल जाते थे। ऐसे में पहली बार बच्चों को स्वेटर और जूते मोजे दिए गए।
शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने महसूस किया कि तमाम सरकारी प्राइमरी स्कूलों में फर्नीचर न होने के चलते बच्चों को जमीन पर बैठकर पढाई करना पड़ता है। ऐसे में सरकार ने तय किया है कि सभी स्कूलों में बच्चों के लिए मेज और कुर्सी का इंतजाम किया जाए ताकि बच्चों को चटाई पर न बैठना पड़े। सरकार ने इसके लिए बजट का इंतजाम करने के भी निर्देश दे दिये हैं। इस फैसले से सरकारी स्कूलों के बच्चों को काफी मदद मिलेगी।

Comments (0)

भारत स्वच्छ मिशन को जन आन्दोलन का रूप देना होगा- श्री सुरेश खन्ना

Posted on 29 January 2018 by admin

नगर विकास मंत्री ने स्वयंसेवी संस्थाओं की एक कार्यशाला को सम्बोधित किया
सुरेन्द्र अग्निहोत्री ,लखनऊः 29 जनवरी, 2018
उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री ने कहा है कि स्वच्छता कार्यक्रम को जनआन्दोलन का रूप देना होगा। इसके साथ ही इस कार्यक्रम को जनमानस से जोड़ते हुए प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक कर सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी लोगों को सहयोग देना होगा।
नगर विकास मंत्री आज योजना भवन के सभागार में स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन उत्तर प्रदेश राज्य, गंगा नदी संरक्षण अभिकरण द्वारा स्वयंसेवी संस्थाओं के लिए एक कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। प्रमुख सचिव नगर विकास श्री मनोज कुमार सिंह ने इस कार्यक्रम को पूरे देश में अपनी तरह का पहला कार्यक्रम बताया तथा साथ ही स्वयंसेवी संस्थाओं को पूरी तत्परता एवं लगन के साथ इस कार्य को पूर्ण करने हेतु अपील की।
इस योजना को समयबद्व रूप से व गुणवत्ता पूर्वक पारदर्शिता के साथ पूर्ण कराने की दृष्टि से प्रथम बार एन.जी.ओ./सी.एस.ओ. को समबद्व किया गया है। इसका उद्देश्य भवन स्वामियों को जलापूर्ति, शौचालय निर्माण व घरेलू सीवरेज कनेक्शन की आवश्यकता व महत्व के प्रति जागरूक करते हुए भवन स्वामियों को सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं से समुचित समन्वय कराना है।
नगर विकास विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश के सभी नागर निकायों में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की जाती है। मूलभूत सुविधाओं में पेयजल की व्यवस्था, व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण तथा हाउस होल्ड सीवरेज कनेक्शन अति महत्वपूर्ण है, इसके दृष्टिगत विभाग द्वारा निम्न योजनाओं को वरियता पर समयबद्व रूप से सम्पादित कराये जाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा पेयजल हेतु शतप्रतिशत हाउस कनेक्शन सुनिश्चित किया जाना है। नगर निकायों में व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण, ऐसे निकाय जिनमें एस.टी.पी. हैं व सीवरेज नेटवर्क हैं, उनमें शत प्रतिशत घरेलू सीवरेज कनेक्शन सुनिश्चित कराया जाना है।
नगर विकास विभाग द्वारा समस्त नगरीय क्षेत्रों में, जहाॅं पूर्व से पेयजल हेतु आवश्यक संरचनाएं उपलब्ध हैं, शतप्रतिशत घरेलू जलापूर्ति कनेक्शन आगामी एक वर्ष में सुनिश्चित कराये जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस क्रम में अमृत योजना के अन्तर्गत 55 अमृत शहरों में लगभग 1173.00 करोड़ रुपये की घरेलू जलापूर्ति कनेक्शन की 81 योजनाए ंस्वीकृत की गयी हैं, इन योजनाओं से लगभग 7,90,000 घर आच्छादित होंगे। पूर्व में घरेलू जलापूर्ति कनेक्शन लेने हेतु संबंधित भवन स्वामी को सुनिश्चित धनराशि जमाकर कनेक्शन कराना पड़ता था, इन योजनाओं में सरकार द्वारा निःशुल्क कनेक्शन कराये जाने की व्यवस्था की गयी है। भवन स्वामियों द्वारा मात्र जलकर जमा किया जायेगा।
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) नागर निकायों में ऐसे घर जहाॅं शौचालय निर्मित नहीं है, परन्तु घरों में शौचालय बनाने हेतु भूमि उपलब्ध है, में व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण कराकर ऐसे सभी भवनों को अक्टूबर, 2019 से पूर्व संतृप्त किया जाना है, ऐसे भवन जिनमें शौचालय निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध नहीं है, को चिन्हित कर उनके लिए सामुदायिक शौचालय का निर्माण सुनिश्चित करना है। इस हेतु सरकार द्वारा प्रत्येक व्यक्तिगत शौचालय हेतु रू0 8000 रुपये की अनुदान का प्राविधान है। प्रदेश के नागर निकायों में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अन्तर्गत कुल 8,87,906 व्यक्तिगत शौचालय निर्मित किये जाने हैं, जिसके सापेक्ष 4,09,148 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण हो चुका है तथा 4,78,758 शौचालयों का निर्माण अवशेष है। राज्य सरकार द्वारा शौचालयों का निर्माण पूर्ण करने हेतु अक्टूबर, 2018 का लक्ष्य रखा गया है।
विभिन्न नगर निकायों में जे.एन.एन.यू.आर.एम., अमृत, नमामि गंगे व राज्य सेक्टर के अन्तर्गत एस.टी.पी. व सीवरेज नेटवर्क निर्मित/निर्माणाधीन है। विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत करोड़ों की लागत से निर्मित एस.टी.पी. का पूर्ण उपयोग किया जाना जलीय पर्यावरण के दृष्टि से अत्यन्त आवश्यक है। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा ऐसे निकायों में जिनमें एस.टी.पी. व सीवरेज सिस्टम निर्मित हैं, में निःशुल्क शतप्रतिशत घरेलू सीवरेज कनेक्शन सुनिश्चित कराये जाने का निर्णय लिया गया है।
इस क्रम में ऐसे 20 नागर निकायों में घरेलू सीवरेज कनेक्शन की लगभग 1400.00 करोड़ रू0 की 29 योजनाएं अमृत मिशन के अन्तर्गत स्वीकृत की गयी हैं। इन योजनाओं से लगभग 5.50 लाख भवन स्वामियों को निःशुल्क घरेलू सीवरेज कनेक्शन प्राप्त कराया जाना है। घरेलू सीवरेज कनेक्शन के अन्तर्गत प्रत्येक घर के टायलेट, किचन व बाथरूम से निकलने वाले पानी को टैबकर हाउस कनेक्टिंग चैम्बर या सीवरेज सिस्टम से जोड़ा जाना है। इस अवसर पर नगर विकास विभाग के विशेष सचिव जे0पी0 शाही, विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे।

Comments (0)

Advertise Here

Advertise Here

 

August 2026
M T W T F S S
« Sep    
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
-->









 Type in