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श्री शिवपाल सिंह यादव की पहल पर केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री ने प्रदेश की ए0आई0बी0पी0 परियोजनाओं तथा बाढ़ बचाव के लिए धनराशि अवमुक्त करने के दिए निर्देश

Posted on 19 April 2012 by admin

सिंचाई मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव और केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री श्री पवन कुमार बंसल की भेंट के दौरान सिंचाई सुविधाओं तथा बाढ़ से निपटने के लिए लगभग 5000 करोड़ रु0 के निवेश का ऐतिहासिक सैद्वान्तिक निर्णय

सरयू नहर (3800 करोड़ रु0) एवं शारदा नहर प्रणाली को (340 करोड़ रु0) नेशनल प्रोजेक्ट घोषित करने तथा उत्तर प्रदेश की तीन परियोजनाओं-बदायूं सिंचाई परियोजना (332 करोड़ रु0), कनहर बांध परियोजना (652 करोड़ रु0) तथा गंडक नहर प्रणाली पुर्नरोद्धार परियोजना (217 करोड़ रु0) को ए0आई0बी0पी0 कार्यक्रम में शामिल करने पर सहमति बनी

shivpal-singh-yadav प्रदेश के लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री श्री पवन कुमार बंसल से प्रदेश की सरयू नहर एवं शारदा सहायक प्रणाली को नेशनल प्रोजेक्ट घोषित किये जाने और इन परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित 3200 करोड़ रुपये के केन्द्रांश को दिये जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से सरयू क्षेत्र के 09 जिलों में 14 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित होगी।
श्री यादव ने उत्तर प्रदेश की तीन परियोजनाओं, 332 करोड़ रुपये की बदायूं सिंचाई परियोजना, 652 करोड़ रुपये की कन्हर बांध परियोजना तथा 217 करोड़ रुपये गण्डक नहर प्रणाली पुनरोद्धार परियोजनाओं को ए0आई0बी0पी0 कार्यक्रमों में सम्मिलित करने का अनुरोध किया। उन्होंने इन परियोजनाओं को केन्द्र सरकार ने वर्ष 2010 में इन्वेस्टमेन्ट क्लीयरेंस दे दिया था। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के अलावा बुन्देलखण्ड क्षेत्र की 316 करोड़ रुपये की भोरट बांध परियोजना तथा 184 करोड़ रुपये की जमरार बांध परियोजना को भी ए0आई0बी0पी0 में शामिल करने की मांग की।
सिंचाई मंत्री ने पिछले लगभग पांच सालों का बकाया अवशेष केन्द्रीय अनुदान   126.35 करोड़ रुपये अवमुक्त करने का भी आग्रह किया। उन्होंने यह भी बताया कि ए0आई0बी0पी0 के अन्तर्गत संचालित 660.07 करोड़ रुपये की आठ परियोजनाओं के 237 करोड़ रुपये के लम्बित केन्द्रांश को जारी कराने का भी अनुरोध किया।
श्री यादव ने कहा कि ए0आई0बी0पी0 योजना के अन्तर्गत 1996-97 से वर्ष 2010-11 तक केन्द्रीय सरकार द्वारा समस्त राज्यों हेतु स्वीकृत लगभग रू0 51925.00 करोड़ रुपये के सापेक्ष उत्तर प्रदेश को मात्र 3316.30 करोड़ रुपये ही उपलब्ध कराये गये जो कुल राशि का मात्र 6.39 प्रतिशत है। इस योजना के अन्तर्गत समानुपातिक आधार पर उत्तर प्रदेश को कम से कम 7010 करोड़ रुपये की धनराशि मिलनी चाहिए।
इस अवसर पर श्री यादव ने बताया कि प्रदेश में हर वर्ष बाढ़ की विभीषिका से लाखों हेक्टेयर क्षेत्रफल की खड़ी फसल का नुकसान हो जाता है। अन्तर्राष्ट्रीय स्वरूप की कुछ बहुउद्देशीय परियोजनाओं के क्रियानवयन से उत्तर प्रदेश में काफी हद तक बाढ़ की समस्या पर अंकुश लग सकता है। उन्होने इसके लिए शारदा नदी, जो नेपाल में महाकाली नदी के नाम से जानी जाती है, पर प्रस्तावित पंचेश्वर बांध बहुउद्देशीय परियोजना, करनाली नदी एवं उसकी सहयोगी नदियां, जो उत्तर प्रदेश में घाघरा नदी के नाम से जानी जाती है, पर प्रस्तावित करनाली बांध बहुउद्देशीय परियोजनाओं तथा राप्ती नदी पर प्रस्तावित मैमूरे बांध परियोजना के निर्माण में केन्द्र से सहयोग करने की मांग की। सिंचाई मंत्री द्वारा इस सम्बन्ध में की गई पहल पर केन्द्रीय मंत्री ने श्री यादव को अवगत कराया कि केन्द्र सरकार के स्तर पर ए0आई0बी0पी0 तथा बाढ़ की बची हुई धनराशि अवमुक्त करने के निर्देश दे दिये गये हैं।
सिंचाई मंत्री ने 11वीं पंचवर्षीय योजना में बाढ़ प्रबन्धन हेतु केन्द्र पुरोनिधानित योजना के अन्तर्गत 26 परियोजनाओं के लिए स्वीकृत 194.78 करोड़ रुपये की बकाया धनराशि को भारत सरकार से जारी कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय जल संसाधन मंत्रालय की इम्पावर्ड कमेटी द्वारा स्वीकृत 112 करोड़ रुपये की परियोजनाओं में 75 प्रतिशत केन्द्रांश की धनराशि यदि तत्काल मुक्त करा दी जाए तो बाढ़ से निपटने का कार्य समय पर पूरा करा लिया जाएगा। उन्होंने 748 करोड़ रुपये की 25 परियोजनाएं के जी0एफ0एफ0सी0 पटना द्वारा टेक्नीकल अप्रैजल के सम्बन्ध में शीघ्र कार्रवाई का भी आग्रह किया।
इस अवसर पर श्री यादव ने कहा कि माइक्रो इरिगेशन सिस्टम सहित 132 करोड़ रुपये की लागत के 340 गहरे (डीप) राजकीय नलकूपोें (ट्यूबवेल्स) की तत्काल स्वीकृति आवश्यक है। इसके तहत असिंचित क्षेत्रों में सिंचाई के लिए बुन्देलखण्ड क्षेत्र के जालौन, बांदा तथा हमीरपुर जिलों में 100-100 एवं झांसी में 40 नलकूप लगाये जाएंगे।
केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने श्री यादव को आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश की सभी परियोजनाओं पर सकारात्मक रुख अपनाया जाएगा। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा हाल में उठाये गये मुद्दों की सराहना करते हुए कहा कि सरयू नहर एवं शारदा सहायक प्रणाली को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित करने की प्रक्रिया पर शीघ्र निर्णय लिया जायेगा। इसके अलावा बुन्देलखण्ड क्षेत्र की परियोजना को ए0आई0बी0पी0 में सम्मिलित करने के लिये सैद्धान्तिक सहमति भी बनी। बाढ़ की परियोजनाओं को वरीयता पर स्वीकृत करने का मत भी व्यक्त किया गया ।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव सिंचाई उ0प्र0 श्री दीपक सिंघल, मुख्य अभियंता सिंचाई श्री ए0के0 ओझा, मुख्य अभियंता अग्रिम नियोजन श्री आनंद मोहन प्रसाद, अधीक्षण अभियन्ता श्री एस0के0शर्मा, अधिशासी अभियंता ओखला श्री राजीव यादव के साथ केन्द्र सरकार के तरफ से कमिश्नर (पी0आर0) श्री प्रदीप कुमार, मुख्य अभियन्ता शारदा सहायक श्री एस0के0 मारकण्डेय, जल संसाधन मंत्री के निजी सचिव राहुल भण्डारी, संयुक्त कमिश्नर (गंगा) श्री ए0एस0पी0 सिन्हा मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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क्षेत्र के समेकित विकास को प्राथमिकता पर करने के निर्देश दिए

Posted on 19 April 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने मथुरा में गोवर्धन तथा वृन्दावन क्षेत्र के समेकित विकास को प्राथमिकता पर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गोवर्धन में परिक्रमा मार्ग के सुधार तथा दर्शनार्थियों के लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देशित किया कि वे इस सम्बन्ध में एक माह के अन्दर कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करें।
up-cm-mathura मुख्यमंत्री आज यहां सचिवालय एनेक्सी में मथुरा-वृन्दावन तथा आगरा विकास प्राधिकरणों के कार्य-कलापों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि आगरा में अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट की स्थापना हेतु अधिकारी सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने ताजमहल के आस-पास के क्षेत्र के त्वरित सुधार पर बल देते हुए यह निर्देश भी दिए कि ताजमहल के समीप ‘ताज नेचर पार्क’ का शीघ्र विकास किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मथुरा और आगरा में पर्यटन सुविधाओं में बढ़ोत्तरी करने और देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना पर भी कार्य किया जाए।
श्री यादव ने मथुरा में गोवर्धन तक जाने वाले मुख्य मार्ग कोसी-नन्दगांव-बरसाना, मथुरा से गोवर्धन, वृन्दावन-छटीकरा राधाकुण्ड मार्गों के अलावा मथुरा-सौंख मार्ग तथा गोवर्धन-सौंख मार्ग के चैड़ीकरण एवं उच्चीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के चारों ओर विश्राम स्थल, पेयजल व्यवस्था, सुलभ शौचालय, मार्ग प्रकाश तथा विद्युतीकरण के कार्यों के लिए समेकित योजना बनाने को सैद्धान्तिक स्वीकृति भी प्रदान की।
बैठक में मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, प्रमुख सचिव आवास श्री शम्भू नाथ शुक्ला, मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री वी0के0 पँवार, आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री एल0बी0 पाण्डेय, निदेशक आवास बन्धु श्री एस0सी0 मिश्र, विधायक श्री प्रदीप माथुर, बृज फाउण्डेशन के श्री विनीत नारायण आदि भी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जनता दर्शन के प्रत्येक प्रकरण पर राज्य सरकार द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जायेगी

Posted on 19 April 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सरकारी आवास पर आज यहां सम्पन्न जनता दर्शन में बड़ी तादाद में लोगों ने पहुंचकर उन्हें अपने दुःख-दर्द और समस्याओं की जानकारी दी। इंसाफ और मदद की उम्मीद के साथ प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों से आए प्रत्येक व्यक्ति के पास मुख्यमंत्री ने जाकर उसकी समस्या को धैर्यपूर्वक सुना। अनेक मामलों का उन्होंने मौके पर ही निस्तारण कर दिया और कुछ मामलों में उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को आदेशित किया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जनता दर्शन के प्रत्येक प्रकरण पर राज्य सरकार द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जायेगी।
akhilesh-yadav-up-cmलम्बे अन्तराल के बाद आयोजित जनता दर्शन में आज जब जनता को सीधे अपनी समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखने का मौका मिला तो यह सिलसिला अपरान्ह 3ः30 बजे तक लगातार चलता रहा। मुख्यमंत्री ने अपने अन्य कार्यक्रमों को दरकिनार करते हुए जनता की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च वरीयता दी और जनता दर्शन में आए प्रत्येक फरियादी की बात को सुना। गौरतलब है कि जनता दर्शन के लिए प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक ही समय निर्धारित है। अनेक मामलों में मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन के दौरान ही सम्बन्धित जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक से सीधे फोन पर बात कर समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री लगभग 10 हजार से अधिक लोगों से मिले और जनता दर्शन में लगभग 5 हजार से अधिक प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए। श्री यादव ने इस अवसर पर लोगों से रुबरू होते हुए कहा कि उनकी सरकार जनता की सरकार है और वे जनता के हितों की अनदेखी किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं करेंगे। जन समस्याओं का प्रभावी निस्तारण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए अधिकारियों को लोगों की दिक्कतों के प्रति संवेदनशील होकर समस्याओं का समाधान करना ही होगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अधिकारी जनता दर्शन की शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण सुनिश्चित करते हुए प्रार्थी को भी अवगत करायें। उन्होंने मामलों के समाधान के पश्चात् अनुपालन आख्या मुख्यमंत्री सचिवालय को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं।
जनता दर्शन में अनेक फरियादी ऐसे भी थे, जो अपने परिवार के किसी सदस्य के इलाज या अपनी पुत्री की शादी के लिए जरूरी धनराशि की व्यवस्था करने में असमर्थ थे। ऐसे लोगों ने जब मुख्यमंत्री से आर्थिक मदद की गुहार की तब उन्होंने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिये। कुछ ऐसे लोग भी आए थे, जिन्हें तुरन्त इलाज की आवश्यकता थी। ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री ने आवश्यकतानुसार तुरन्त अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराने के निर्देश दिए।
इलाहाबाद की सोरांव तहसील के श्री फूलचन्द के 15 साल के बेटे के इलाज के लिए मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार इटावा के सेउपुर गांव के देवेन्द्र तिवारी ने श्री यादव के सामने अपनी समस्या रखते हुए कहा कि उनके 08 साल के बेटे के दोनों गुर्दे खराब हैं और इलाज के लिए उनके पास धन नहीं है। मुख्यमंत्री ने इन्हें भी आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए। बुलन्दशहर की गुलावटी तहसील के ग्राम भ्रामरा से आए लोगों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके गांव में लम्बे समय से विकास कार्य नहीं हुए हैं और गांव में बिजली की सुविधा भी नहीं है, जिसके क्रम में श्री यादव ने गांव का विद्युतीकरण और अन्य विकास कार्य कराने के निर्देश दिये।
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में विशिष्ट बी0टी0सी0 के तहत तैनात अध्यापकों ने अपने स्थानान्तरण के लिए मुख्यमंत्री से अनुरोध किया, जिसपर उन्होंने अधिकारियों को नीति तैयार करने के निर्देश दिये। मृतक आश्रित के तौर पर अनुकम्पा के आधार पर नौकरी पाने को लेकर कई लोगों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्या से अवगत कराया, जिन पर मुख्यमंत्री ने नियमानुसार तत्काल कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के समक्ष बर्खास्त आरक्षियों का प्रकरण भी आया। इस मामले में मुख्यमंत्री ने गम्भीरता से जांच कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जो लोग गलत तथ्यों के आधार पर बर्खास्त किये गये हैं, उनको बहाल किया जाए।
विभिन्न जनपदों से आए कुछ लोगों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में हो रही धांधलेबाजी की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। इन प्रकरणों पर मुख्यमंत्री ने जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। कई जनपदों से आए शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को विभागीय अधिकारियों द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार की जानकारी दी गयी। ऐसे मामलों में उन्होंने जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री के समक्ष ऐसे मामले भी आए, जिनमें लोगों की खेती की भूमि बाढ़ की वजह से बह गई और उन्हें आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। इन मामलों में मुख्यमंत्री ने तत्काल आर्थिक सहायता के साथ ही आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार कई लोगों ने कब्रिस्तान पर अवैध कब्जा होने की शिकायत की। उन्होंने ऐसे प्रकरणों को गम्भीरता से लेते हुए अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कब्रिस्तानों की चहारदीवारी का निर्माण कराने का निर्णय उनकी सरकार द्वारा लिया जा चुका है। इंजीनियरिंग के छात्रों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उनकी फीस की प्रतिपूर्ति के लिए शासन द्वारा दी जा रही धनराशि अभी उनके खाते में नहीं आयी है, जिसपर उन्होंने मामले की जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए। जनता दर्शन में अधिकांश समस्यायें पेंशन, आर्थिक सहायता, चकबंदी, इलाज, कानून-व्यवस्था, विकलांग कल्याण आदि से सम्बन्धित थीं। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री नरेन्द्र वर्मा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश गर्ग तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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समस्त परियोजनाओ के क्रियान्वयन हेतु केन्द्र सरकार से नब्बे प्रतिशत धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया

Posted on 17 April 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए, राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण (एन.जी.आर.बी.ए.) की समस्त परियोजनाओ के क्रियान्वयन हेतु केन्द्र सरकार से नब्बे प्रतिशत धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने संसाधनों के रख-रखाव व संचालन पर सहायता प्रदान करने की अवधि को पांच वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष किये जाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री आज नई दिल्ली में प्रधान मंत्री डाॅ0 मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि  प्रदेश में एन.जी.आर.बी.ए. के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा स्वीकृत 1341.6 करोड़ रुपये की 07 योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो रहा है।
_dsc0445 मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रदेश के 26 शहर, जिसमें कई बड़े शहर कन्नौज, कानपुर, इलाहाबाद तथा वाराणसी आदि शामिल हैं, गंगा नदी के किनारे बसे हुए हैं। सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा करते हुए आने वाली पीढ़ी के लिए खाद्य सुरक्षा, औद्योगिक विकास, ऊर्जा व अन्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक नई सोच पैदा करके समग्र योजना बनानी होगी, जिससे पर्यावरण सुरक्षित रहे और विकास भी जारी रहे।
श्री यादव ने गंगा नदी एवं सहायक नदियों को मिलाकर एक समग्र नदी बेसिन प्रबन्ध योजना को जल्द से जल्द तैयार किये जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित योजना का प्रारूप नदी तंत्र की जमीनी हकीक़त को देखते हुए जल विशेषज्ञों की देखरेख में विभिन्न विभागों जैसे सिंचाई, पर्यावरण, कृषि, रसायनिक, उर्वरक, बाढ़ नियंत्रण, वनीकरण, उद्योगों, नगरीय निकायों आदि के सम्बन्ध में बनाये जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समग्र बेसिन प्रबंधन योजना तभी कारगर होगी, जब इसमें केन्द्रीय जल संसाधन मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार एवं विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से एक वर्ष में बनाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्लान को बनाते समय देश के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित योजना में कृषि पर्यावरण, सिंचाई, ऊर्जा, उद्योग, नगर विकास, बाढ़ नियंत्रण, वानिकी एवं जल प्रबन्ध आदि सभी विभागों का समन्वय होना भी जरूरी है। उन्होंने यह सुझाव दिया कि 07 आई.आई.टी के कन्र्सोटियम से अपेक्षा की जाए कि कन्र्सोटियम वरीयता के आधार पर रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करे।
उत्तर प्रदेश में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या की ओर मुख्यमंत्री ने प्रधान मंत्री का ध्यानाकृष्ट करते हुए कहा कि इससे उत्तर प्रदेश में जान-माल की भारी हानि, भूमि कटान एवं फसलों की क्षति के अलावा प्रदूषण की गम्भीर समस्या पैदा होती है। उन्होंने प्रधान मंत्री से अनुरोध किया कि बाढ़ की समस्या से निजात दिलाने के लिए तत्काल दीर्घकालीन मद्द केन्द्र सरकार दिलायें, जिससे बाढ़ से सम्बन्धित समस्त निरोधात्मक उपाय सुनिश्चित करायें जा सकें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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सुरक्षा एवं विकास से जुड़े प्रत्येक कार्य में केन्द्र सरकार तथा प्रदेश सरकार की साझेदारी एवं परस्पर सहयोग महत्वपूर्ण

Posted on 16 April 2012 by admin

  • पुलिस बल की आवासीय व्यवस्था हेतु अगले 5 वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये की सहायता की मांग
  • प्रदेश के पुलिस बजट का कम से कम 10 प्रतिशत धनराशि अर्थात् 800 करोड़ रुपये आधुनिकीकरण योजना में उपलब्ध कराये जाने की मांग
  • फाॅरेन्सिक साइन्स लैब्स के विस्तार हेतु 750 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
  • मेगासिटी पुलिसिंग का लाभ गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद को दिए जाने की मांग

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि आन्तरिक सुरक्षा से जुड़े तमाम मुद्दों से सफलतापूर्वक निपटने के लिए प्रदेश सरकार कृत संकल्प है। उन्होने सुरक्षा एवं विकास से जुड़े प्रत्येक कार्य में केन्द्र सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार की साझेदारी एवं परस्पर सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हम सबको इसी सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा।
प्रधानमंत्री डाॅ0 मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में आयोजित आन्तरिक सुरक्षा विषयक मुख्यमंत्रियों की बैठक में मुख्यमंत्री श्री यादव अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास पर ध्यान देते हुए पारदर्शी एवं जवाबदेह सरकार चलाना हमारी प्राथमिकता है। सबके प्रति न्याय करने एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने के लिए प्रदेश सरकार कृत संकल्प है। अल्पसंख्यकों के हितों का संरक्षण भी उनकी सरकार की प्रतिबद्धता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार द्वारा अभिनव कदम उठाये जा रहे हैं, जिनमें केन्द्र सरकार के सहयोग की भी आवश्यकता होगी। उन्होने कहा कि विगत मंे मानव संसाधनों की कमी को दूर करने का प्रयास किया गया है फिर भी प्रदेश में पुलिस-जनसंख्या अनुपात राष्ट्रीय औसत से बहुत कम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य में प्रदेश के पुलिस बल में और अधिक वृद्धि होगी जिनकी आवासीय व्यवस्था हेतु वित्त आयोग के माध्यम से अगले 5 वर्षों में लगभग 5,000 करोड़ रुपये की सहायता भारत सरकार से अपेक्षित है।
श्री यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के वृहद् पुलिस बल के क्षमता-विकास एवं उसकी आधारभूत सुविधाओं की आवश्यकताओं के सापेक्ष केन्द्र सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही धनराशि अत्यन्त कम है। उन्होने कहा कि वर्तमान में प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदेश को सुलभ करायी गयी है, जो कि प्रदेश पुलिस के 8,000 करोड़ रुपये के आन्तरिक सुरक्षा बजट के सापेक्ष बहुत ही अल्प है। उन्होने प्रदेश के पुलिस बजट का कम से कम 10 प्रतिशत धनराशि अर्थात् 800 करोड़ रुपये आधुनिकीकरण योजना में प्रदेश को उपलब्ध कराये जाने की मांग रखी।
मुख्यमंत्री ने पुलिस आधुनिकीकरण योजना को अगले 10 वर्ष हेतु बढ़ाये जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत कारागारों एवं न्यायालयों के मध्य वीडियो कान्फरेंसिंग की व्यवस्था, आपदा प्रबन्धन हेतु अग्निशमन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण आदि को भी शामिल किया जाना उपयुक्त होगा।
श्री यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश जनसंख्या की दृष्टि से देश का सर्वाधिक बड़ा राज्य है, जिसकी अपनी विविधतायें एवं विषमतायें हैं। विभिन्न जातियों एवं धर्मों के लोगों के बीच आपसी सौहार्द कायम रखना, आम नागरिकों को सुरक्षित जन-जीवन प्रदान करना तथा कानून-व्यवस्था बनाये रखने से लेकर आतंकवाद जैसे आन्तरिक सुरक्षा के जटिल पहलुओं से निपटना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। साथ ही, प्रदेश की 550 किलोमीटर खुली नेपाल सीमा भी आन्तरिक सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। भारत-पाक एवं भारत-बांग्लादेश अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर कड़ी चैकसी के फलस्वरूप भारत-नेपाल की खुली अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर आतंकवादी एवं राष्ट्र-विरोधी तत्वों की गतिविधियों की सम्भावनायें बढ़ गयी हैं। उन्होने केन्द्र सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश-नेपाल सीमा पर विशेष पुलिस व्यवस्थाओं की आवश्यकता है, जिसमें पर्याप्त इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट्स की स्थापना तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में सीमा के समानान्तर सड़कों के निर्माण के पहलू महत्वपूर्ण हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की कार्य-पद्धति में अग्रेतर सुधार की दृष्टि से भी ठोस कदम उठाये जायेंगे। उन्होने कहा कि भीड़ नियन्त्रण के लिए नाॅन लीथल वीपन्स प्रयोग में लाये जा रहे हैं तथा इसमें आगे भी बढ़ोत्तरी की जानी है। मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार से पर्याप्त मात्रा में नाॅन लीथल वेपन्स सुलभ कराये जाने की मांग करते हुए कहा कि क्रय प्रक्रियाओं को भी सरल बनाना होगा, ताकि अपेक्षित उपकरण शीघ्रातिशीघ्र उपयोग हेतु बलों को उपलब्ध हो सकें।
श्री यादव ने पुलिस जांच को और अधिक वैज्ञानिक तरीके से सम्पादित करने के लिए फाॅरेन्सिक साइन्स लैब्स की व्यापक आवश्यकता बताते हुए कहा कि इसके लिए 750 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने साइबर क्राइम में दिन-प्रतिदिन हो रही बढ़ोत्तरी पर चिन्ता व्यक्त करने हुए ऐसे अपराधों की जांच हेतु प्रदेश में ‘स्टेट आॅफ द् आर्ट’ साइबर क्राइम यूनिट्स की स्थापना की आवश्यकता बताई तथा विशिष्ट प्रशिक्षण दिये जाने आदि मे केन्द्र सरकार से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेगासिटी पुलिसिंग की दिशा में भारत सरकार की विशेष योजनायें प्रचलित हैं, जिनका लाभ राज्य को अभी तक नहीं मिल पाया है। उन्होने अनुरोध किया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पड़ने वाले प्रदेश के क्षेत्रों यथा गौतमबुद्ध नगर तथा गाजि़याबाद की पुलिस को अन्य मेगासिटीज़ की भाँति आधुनिक उपकरण एवं संसाधन उपलब्ध कराये जायें।
श्री यादव ने बताया कि प्रदेश में आतंकवाद का सामना करने के लिए ‘आतंकवाद निरोधक दस्ता’ अर्थात ए0टी0एस0 गठित हैं, जिसे और सुदृढ़ किया जा रहा है। ए0टी0एस0 द्वारा देश-प्रदेश की शीर्ष इकाइयों से आवश्यक समन्वय रखा जा रहा है। उन्होने यह भी बताया कि प्रदेश में अभिसूचना संगठन मल्टी-एजेन्सी सेंटर से सुचारु रूप से जुड़ा है तथा अभिसूचना कार्मिकों के विशेष प्रशिक्षण तथा अभिसूचना संकलन हेतु आवश्यक आधुनिक उपकरणों की आपूर्ति के लिये भी उन्होंने केन्द्र सरकार के सहयोग की अपेक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आर्थिक अपराधों पर नियन्त्रण एवं उनकी जांच हेतु आर्थिक अपराध अनुसन्धान इकाई कार्यरत है किन्तु जाली मुद्रा के परीक्षण हेतु उत्तर भारत में कोई संस्थान नहीं है, जिससे जांच में विलम्ब एवं अभियोगों के सफल निस्तारण में कठिनाई होती है। ऐसी दशा में लखनऊ अथवा कानपुर में एक लैबोरेटरी की स्थापना करने पर केन्द्र सरकार विचार करने का अनुरोध किया।
श्री यादव ने कहा कि राज्य में क्राइम एण्ड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम को तेजी से लागू किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप समस्त थाने एवं विभिन्न पुलिस कार्यालय कम्प्यूटर नेटवर्क से जुड़ जायेंगे। इस हेतु समय-समय पर नयी-नयी प्रणालियाँ लागू करने के कारण कोई भी सिस्टम अभी तक पूरी तरह क्रियाशील नहीं हो पाया है। अतः इस सिस्टम को पूर्णता तक पहुँचाया जाये।
श्री यादव ने दोषी व्यक्तियों को दंडित किये जाने में हो रहे विलम्ब से भी कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव की चर्चा करते हुए केन्द्र सरकार से फास्ट ट्रैक कोटर््स की व्यवस्था को पुनर्जीवित किया जाने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी वर्ष 2013 में इलाहाबाद में महाकुम्भ का आयोजन होना है जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं का आगमन होगा। इस आयोजन के दृष्टिगत सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाये रखने हेतु केन्द्र सरकार के साथ-साथ विभिन्न राज्यों से भी सहयोग अपेक्षित होगा जिसमें अभिसूचना, जनशक्ति तथा सुरक्षा उपकरणों के पहलू महत्वपूर्ण हैं। उन्होने कहा कि यह व्यवस्था इसी आयोजन के लिए ही नहीं अपितु सुरक्षा के दृष्टिकोण से भविष्य में भी निरन्तर रूप से बनाये रखी जानी होगी। उन्हांेने कुम्भ मेले के वृहद् आयोजन में आने वाले व्यय में केन्द्र सरकार से भी समुचित भागीदारी की अपेक्षा की।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि देश की आंतरिक सुरक्षा तथा प्रदेश की जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार से जिन बिन्दुओं पर प्रदेश सरकार की अपेक्षा है, उन पर केन्द्र सरकार द्वारा अवश्य ही प्रभावी पहल की जायेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री डा0 मनमोहन सिंह से भेंट की

Posted on 15 April 2012 by admin

cm-photo-14-april-2012-001उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज प्रधानमंत्री डाॅ0 मनमोहन सिंह से नई दिल्ली में उनके सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार औपचारिक भंेट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओें के तहत विशेष आर्थिक सहयोग प्रदान करने तथा केन्द्र स्तर पर लम्बित विभिन्न परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृत किये जाने का अनुरोध किया। इसी के साथ उन्होंने सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, तथा समाज कल्याण सेक्टर की योजनाओं व प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए योजनाओं में पर्याप्त धनराशि आवंटित करने की मांग भी की। उन्होंने वर्ष 2013 में इलाहाबाद में आयोजित होने वाले कुम्भ मेले के लिए केन्द्रांश में बढ़ोत्तरी का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के विकास की गाड़ी को पुनः पटरी पर लाने के लिए प्रधानमंत्री से राज्य सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों के उत्थान तथा कृषि सेक्टर के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारों को रोजगार के अवसर प्रदान करने तथा किसानों व मजदूरों की खुशहाली के लिए उनकी सरकार कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने मांग के अनुरूप विद्युत उपलब्धता की चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान में पीक आवर में लगभग 2000 मेगावाट विद्युत की कमी है। उन्होंने कहा कि कोयले की कमी के कारण निजी क्षेत्र की परियोजनाओं में क्षमता के अनुरूप उत्पादन नहीं हो रहा है, जिसके परिणामस्वरूप कई अवसरों पर ग्रिड से अतिरिक्त बिजली लेनी पड़ती है। कोल इण्डिया लिमिटेड द्वारा परियोजनाओं को वांछित मात्रा में कोयले की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने रोजा तापीय परियोजना के लिये 2.10 लाख टन तथा अनपरा ‘‘सी’’ परियोजना के लिये 2.80 लाख टन अतिरिक्त कोयला आपूर्ति का अनुरोध करते हुए कहा कि यदि निजी निवेशकर्ताओं को समय से समुचित मात्रा में कोयला नहीं मिलेगा तो भविष्य में निजी निवेशकर्ताओं को राज्य में ऊर्जा उत्पादन के लिये आकृष्ट करने में कठिनाई होगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विद्युत उत्पादन, वितरण तथा पारेषण की परियोजनाओं हेतु विश्व बैंक के क्लीन टेक्नालाॅजी फन्ड से पांच हजार करोड़ रूपये तक की धनराशि स्वीकृत कराने हेतु सम्बन्धित मंत्रालय को आवश्यक सहयोग प्रदान करने हेतु निर्देश देने का अनुरोध किया। उन्होंने दादरी तापीय परियोजना से प्रदेश को निर्धारित फार्मूले के अनुसार बिजली आवंटित करने का आग्रह करते हुए प्रधानमंत्री से इस प्रकरण में विद्युत मंत्रालय को आवश्यक निर्देश देने की मांग की। श्री यादव ने बी0एच0ई0एल0 द्वारा हरदुआगंज तथा पारीछा विस्तार एवं अनपरा डी तापीय परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि बी0एच0ई0एल0 द्वारा लगातार कार्य पूर्ण करने की तिथि बढ़ाई जा रही है। इन परियोजनाओं के समय से पूरा न होने के कारण जहां प्रदेश को अपेक्षित बिजली नहीं मिल पा रही है वहीं ब्याज के रूप में बहुत बड़ी धनराशि का अनावश्यक भुगतान करना पड़ रहा है। उन्होंने इन परियोजनाओं को अतिशीघ्र पूरा करने के लिए प्रभावी कार्रवाई किये जाने का अनुरोध किया है। राज्य की विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए श्री यादव ने कहा कि केन्द्रीय मार्ग निधि के अन्तर्गत धन का आवंटन राज्य में ईधन की खपत तथा जनसंख्या के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने जिला मुख्यालयों को चार लेन की सड़कों से जोड़ने के लिए 11800 करोड़ रूपये की आवश्यकता बताते हुए प्रतिवर्ष 2500 करोड़ रूपये केन्द्रीय मार्ग निधि के तहत विशेष पैकेज के रूप स्वीकृत करने का अनुरोध किया है। इसी प्रकार इन्टर स्टेट कनेक्टिविटी योजनान्तर्गत उत्तराखण्ड तथा मध्य प्रदेश की सीमा पर उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली 500 किमी की सड़कों के उच्चीकरण हेतु एक हजार करोड़ रूपये का विशेष पैकेज स्वीकृत करने का आग्रह किया है। उन्होंने 25 रेल उपरिगामी सेतुओं के निर्माण की परियोजनाओं के लिए 550 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के क्रियान्वयन में अनुभव की जा रही व्यवहारिक कठिनाइयों पर ध्यान आकृष्ट करते हुए प्रदेश में भारी यातायात के चलते क्षतिग्रस्त 12000 किलोमीटर सड़कों के अपग्रेडेशन का कार्य स्वीकृत करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जून, 2011 में 9082 किलोमीटर लम्बी सड़कों के अपग्रेडेशन हेतु 4028.80 करोड़ रूपए लागत की परियोजना भारत सरकार को भेजी गयी थी, जिसे स्वीकृत न करते हुए प्रदेश सरकार को लौटा दिया गया था। उन्होंने राज्य सरकार के इन प्रस्तावों की स्वीकृति पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया।

श्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री डा0 मनमोहन सिंह से सहयोग देने का अनुरोध किया

क्रियान्वयन की स्वीकृति तथा धनराशि शीघ्र जारी करने पर जोर दिया

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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श्री माता प्रसाद पाण्डेय विधानसभा अध्यक्ष चुने गए

Posted on 14 April 2012 by admin

अध्यक्ष के निर्वाचन के बाद मुख्यमंत्री ने सदन को सम्बोधित किया

विधानसभा अध्यक्ष के रूप में श्री माता प्रसाद पाण्डेय का निर्वाचन आज यहां सर्वसम्मति से हुआ। सदन के नेता एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने श्री पाण्डेय के चयनोपरान्त उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उन्हें ही नहीं बल्कि पूरे सदन को श्री पाण्डेय के दूसरी बार विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने पर अत्यन्त प्रसन्नता है। विधान सभा अध्यक्ष के चयन की कार्रवाई प्रोटेम स्पीकर श्री श्यामदेव राय चैधरी (दादा) की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
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उ0प्र0 के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 13 अप्रैल, 2012 को विधानसभा अध्यक्ष के निर्वाचन के उपरान्त सदन में अपने विचार व्यक्त करते हुए।

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उ0प्र0 के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव तथा नेता प्रतिपक्ष श्री स्वामी प्रसाद मौर्य 13 अप्रैल, 2012 को विधानसभा मण्डप में नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय को अध्यक्ष के आसन पर आसीन कराने के लिए ले जाते हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष का पद अत्यन्त महत्वपूर्ण है, और इस पद को कई महान लोग पहले भी सुशोभित कर चुके हैं। इन लोगों ने प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की राजनीति में भी अपना योगदान दिया है। श्री पाण्डेय के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे 1980 से सक्रिय राजनीति में हैं और छात्र आंदोलन में आगे रहे हैं। उन्हें कई बार अपने सिद्धान्तों की रक्षा के लिए जेल भी जाना पड़ा है। श्री पाण्डेय हमेशा गरीबों, किसानों, मजदूरों से जुड़े रहे और उनकी समस्याओं को उन्होंने अच्छी तरह जाना-समझा है।
श्री यादव ने आशा व्यक्त की कि सदन को श्री पाण्डेय का मार्गदर्शन मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि पूरा सदन श्री पाण्डेय का सम्मान करता है और सदन में श्री पाण्डेय को सभी का सबका सहयोग मिलता रहेगा। मुख्यमंत्री ने सदन के संचालन में सत्ता पक्ष के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर विपक्ष के नेता श्री स्वामी प्रसाद मौर्य, भाजपा के श्री हुकुम सिंह, कांग्रेस के श्री प्रमोद तिवारी, लोकदल के श्री वीर सिंह सहित अन्य दलीय नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किये तथा नवनिर्वाचित अध्यक्ष को सदन चलाने के लिए अपनी-अपनी पार्टी की तरफ से पूरा सहयोग एवं समर्थन देने का आश्वासन दिया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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बालिकाओं को सरकारी कालेजों में मेडिकल और इंजीनियरिंग की शिक्षा निःशुल्क दी जायेगी-मुख्यमंत्री

Posted on 13 April 2012 by admin

  • मुख्यमंत्री ने लखनऊ के आई0टी0 कालेज में बालिकाओं हेतु नए छात्रावास के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि देने की घोषणा की
  • प्रदेश सरकार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए इन्फाॅर्मेशन टेक्नोलाॅजी (आई0टी0) पार्कों की स्थापना करेगी
  • छात्र/छात्रायें नयी तकनीक सीखें और उसका उपयोग प्रदेश को आगे बढ़ाने में करें-मुख्यमंत्री
  • आई0टी0 कालेज का 125वां वार्षिकोत्सव समारोह सम्पन्न
  • इस अवसर पर डाक टिकट भी जारी

cm-photoउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश में बालिकाओं को सरकारी कालेजों में मेडिकल और इंजीनियरिंग की शिक्षा निःशुल्क दी जायेगी। उन्होंने लखनऊ के इसाबेला थाॅबर्न (आई0टी0) कालेज में छात्राओं हेतु नए छात्रावास भवन के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि देने की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस कालेज की भविष्य में जो भी जरूरत होगी उसके लिए वर्तमान सरकार के स्तर से हर सम्भव सहयोग मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आई0टी0 कालेज को आगे बढ़ाने और विश्वविद्यालय के स्तर तक ले जाने के लिए भी सरकार मदद करेगी। उन्होंने नारी शिक्षा के क्षेत्र में आई0टी0 कालेज के गौरवशाली योगदान के 125 वर्ष पूरे होने के अवसर पर डाक टिकट भी जारी किया।
मुख्यमंत्री आज यहां आई0टी0 कालेज के 125वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नई उम्र की सोच से नई आशा जगती है इसलिए हम अपनी नई पीढ़ी से काफी उम्मीद रखते हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे आगे बढ़ें और मेहनत करें। नवीनतम तकनीक अपनायें और भविष्य के सपने देखें। वरिष्ठ समाजवादी नेता श्री जनेश्वर मिश्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे हमेशा सपने देखते थे और कहते थे कि हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए सपने से कई गुना बड़ा संकल्प लेना होगा। संकल्प लेने के साथ-साथ और अधिक संघर्ष करना पड़ेगा तभी हमें सफलता मिलेगी।
श्री यादव ने कहा कि जनता के सहयोग से पूरे बहुमत की सरकार बनाने के बाद उनकी जिम्मेदारी बहुत बढ़ गई है और वे प्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए हर सम्भव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले लोगों को यह लगा था कि हम अंग्रेजी और कम्प्यूटर के खिलाफ हैं, इसीलिए इस बार सत्ता में आते ही हमारी सरकार ने नौजवान छात्र/छात्राओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए लैपटाप और टेबलेट कम्प्यूटर देने का इन्तजाम किया। उन्होंने कहा कि नवयुवकों में टेक्नाॅलाॅजी सीखने की ललक होती है, जैसे कि आज के युग में लोग बिना किसी प्रशिक्षण के मोबाइल का उपयोग सीख लेते हैं। नए लोगों के हाथों में लैपटाप और टेबलेट कम्प्यूटर की सुविधा मिल जायेगी तो वे चलाना सीख लेंगे। उन्होंने इंगित किया कि नवीनतम तकनीक सीखना समय की मांग है। नवयुवक छात्र नयी तकनीक सीखें और उसका उपयोग प्रदेश को आगे बढ़ाने में करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद विकास के लिए जो प्रयास किये जाने चाहिये थे, वे नहीं हुए। रोजगार के जो अवसर नौजवानों को मिलने चाहिये थे, वे मौजूद नहीं हैं। इसीलिए उनकी सरकार ने बेरोजगार नौजवानों को बेरोजगारी भत्ता देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के औद्योगीकरण को बढ़ावा दे रही है। उद्योगपतियों को प्रदेश में अपने उद्योग स्थापित करने के लिए सुविधायें उपलब्ध करायी जायेंगी, ताकि नौजवानों के लिए भविष्य में रोजगार के अनेक अवसर सुलभ हो सकें। इसी क्रम में उनकी सरकार प्रदेश में इन्फाॅर्मेशन टेक्नोलाॅजी (आई0टी0) पार्कों की स्थापना करेगी। उन्होंने कहा कि सपा की पूर्ववर्ती सरकार ने कन्या विद्या धन योजना प्रारम्भ की थी और इण्टरमीडिएट पास बालिकाओं को 800 करोड़ रुपये की धनराशि बांटी थी। उन्होंने कहा कि कन्या विद्या धन योजना दोबारा प्रारम्भ की जायेगी।
श्री यादव ने आई0टी0 कालेज के अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि इस शिक्षण संस्थान ने नारी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह कालेज उस जमाने का है जब तकनीक विकसित नहीं थी और लोगों के पास अधिक संसाधन और सुविधायें नहीं थीं। कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा के क्षेत्र में नई बुलन्दियों को छूने वाले इस संस्थान ने नारी का सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ाया है। वर्तमान सरकार भी नारी शिक्षा को महत्व देते हुए स्त्री-पुरुष को आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने समाज में व्याप्त गैर बराबरी की तरफ इशारा करते हुए महान समाजवादी विचारक डा0 लोहिया का जिक्र किया और कहा कि लोहिया जी भी समाज में सर्वत्र बराबरी की वकालत करते थे चाहे वह स्त्री-पुरुष के बीच हो अथवा जाति की।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया और आई0टी0 कालेज की स्मारिका का विमोचन भी किया। इस अवसर पर कालेज की प्रधानाचार्या ने मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव का स्वागत करते हुए कालेज के इतिहास पर प्रकाश डाला।
समारोह को ग्राम्य विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अरविन्द सिंह गोप ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि युवा मुख्यमंत्री की अगुवाई में शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश आगे जायेगा। उन्होंने आई0टी0 कालेज की उत्कृष्ट शैक्षिक स्तर का जिक्र करते हुए कहा कि पहले यह कालेज एशिया का जाना माना कालेज था परन्तु अब यह दुनिया के बड़े कालेजों में से एक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शिक्षा के क्षेत्र में यह कालेज और आगे बढ़ेगा।
समारोह में मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती डिम्पल यादव, कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी, चीफ पोस्ट मास्टर जनरल यू0पी0 सर्किल कर्नल कमलेश चन्द्रा, सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक कुमार-2 सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, कालेज की अध्यापिकायें और छात्रायें मौजूद थीं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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विधान परिषद की सदस्यता के लिए नामांकन किया

Posted on 12 April 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज यहां विधान भवन के राजर्षि पुरूषोत्तमदास टण्डन हाॅल में विधान परिषद की सदस्यता के लिए नामांकन किया। इस अवसर पर अनेक मंत्री, विधायक आदि भी उपस्थित थे।
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उ0प्र0 के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 12 अप्रैल, 2012 को राजर्षि पुरूषोत्तमदास टण्डन हाल, लखनऊ में विधान परिषद की सदस्यता के लिए अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत करते हुए।

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मुख्यमंत्री ने लखनऊ में यातायात को सुधारने के लिए शार्ट, मीडियम तथा लांग टर्म प्लान बनाने के निर्देश दिए

Posted on 12 April 2012 by admin

मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में लखनऊ के यातायात को चुस्त-दुरुस्त बनाने के सम्बन्ध में बैठक सम्पन्न
टैªफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई होगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक की समस्या का समाधान करने के लिए कार्य योजना बनाकर उसे प्राथमिकता पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लखनऊ में यातायात को सुधारने के लिए शार्ट, मीडियम तथा लांग टर्म प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि शार्ट टर्म प्लान के तहत ऐसे उपायों को लागू किया जाए, जिनका लाभ नागरिक तत्काल उठा सकें। मीडियम टर्म प्लान के तहत सुचारु यातायात के लिए स्थाई प्रबन्ध सुनिश्चित किये जायें और लखनऊ के लिए एक ऐसा लांग टर्म प्लान भी विकसित किया जाये जो इसे एक आदर्श और आधुनिक शहर बना सके। उल्लेखनीय है कि विगत 15 मार्च, 2012 को मुख्यमंत्री श्री यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न मंत्रि परिषद की पहली बैठक में प्रदेश के बड़े शहरों में बढ़ती हुई ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए यातायात के समुचित प्रबन्धन का निर्णय लिया गया था। मंत्रि परिषद की इस फैसले के पहले चरण में लखनऊ की यातायात व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाया जाना है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में आज सचिवालय एनेक्सी में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग की अध्यक्षता में सम्पन्न एक बैठक में लखनऊ में यातायात को सुचारु और वाहनों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए फैसले लिए गए। इसके तहत तात्कालिक व्यवस्था के अन्तर्गत लखनऊ में चैराहों के आस-पास न तो किसी भी प्रकार की पार्किंग की इजाजत दी जायेगी और न ही टैम्पो, आॅटो अथवा नगर बसों को उनके निर्धारित स्थान के अलावा खड़ा होने दिया जायेगा, क्योंकि ऐसा होने से चैराहों के पास अनावश्यक जाम लगता है और आवागमन में असुविधा होती है। जो वाहन टैªफिक नियमों का उल्लंघन करेंगे उनके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जायेगी। पार्किंग के लिए जगह सुनिश्चित की जायेगी और यह देखा जायेगा कि वाहन पार्किंग हेतु निर्धारित स्थलों पर ही खड़े किये जायें क्योंकि सड़कों के किनारे मनमाने ढंग से वाहन खड़ा कर देने के फलस्वरूप अन्य वाहनों के आवागमन के लिए जगह कम बचती है और दुर्घटना की सम्भावना भी बनी रहती है। बैठक में लिए गए फैसलांे के तहत टैªफिक से सम्बन्धित सभी नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने और पैदल चलने वालों के लिए अतिक्रमण मुक्त जेब्रा पट्टी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रमुख सचिव ने कहा कि आवागमन को सुगम बनाने के लिए अल्पकालिक योजना के अन्तर्गत चैराहों का चैड़ीकरण किया जाए और जहां भी सम्भव हो वहां पर ‘फ्री लेफ्ट टर्न’ की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यातायात को सुगम बनाने के लिए दीर्घकालिक योजना के अन्तर्गत शहर में जहां आवश्यकता हो वहां उपरिगामी सेतुओं का निर्माण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आये दिन होने वाले जाम की समस्या से लोगों को मुक्ति मिल सके।
प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सम्पन्न इस बैठक में जिलाधिकारी लखनऊ, उपाध्यक्ष लखनऊ विकास प्राधिकरण, डी0आई0जी0, नगर आयुक्त के अतिरिक्त लोक निर्माण विभाग तथा सेतु निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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