Archive | Latest news

विवेकानन्द सार्धशती समारोह की कड़ी में प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भव्य शुभारम्भ हुआ

Posted on 13 January 2013 by admin

03स्वामी विवेकानन्द के 150 वीं जन्म दिवस से शुरू हो रहे राष्ट्रव्यापी स्वामी विवेकानन्द सार्धशती समारोह की कड़ी में प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भव्य शुभारम्भ हुआ।  इस अवसर पर राजधानी के चारों कोनों से विशाल शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। शोभा यात्राओ के क्रम में पहली यात्रा पालिटेक्निक कृष्णानगर से शुरू होकर आलमबाग चैराहा, चारबाग, बर्लिग्टन चैराहा, हजरतगंज, परिवर्तन चैक से होते हुए झूलेलाल पार्क पहुॅंची। दुसरी यात्रा रामलीला मैदान से प्रारम्भ होकर ऐशबाग, नाका चैराहा, बासमंण्डी लाटूस रोड, कैसरबाग चैराहा, परिवर्तन चैक होते हुए झूलेलाल वाटिका पहुंची। तीसरी यात्रा रामराम बैक चैराहे से प्रारम्भ होकर सेक्टर क्यू, पुरनिया चैराहा, कपूर्थला चैराहा, आईटी चैराहा, विश्वविद्यालय मार्ग होते हुए झूलेलाल वाटिका पहुंची। चैथी यात्रा कमल पार्क इन्दिरानगर से प्रारम्भ होकर, शेखर अस्पताल मार्ग, भूतनाथ मार्केट, कुकरैल पुल, बादशाह नगर चैराहा, निशातगंज, आईटी चैराहा, विश्वविद्यालय मार्ग होते हुए झूलेलाल वाटिका आयी।
वाटिका में यज्ञ द्वारा समारोह का श्रीगणेश किया गया। वाहनों में सुसज्जीत रथ के साथ चार पहिया वाहन, मोटर साइकिल, साइकिल, आटो रिक्शा आादि सम्लित हुये। शोभायात्रा के मार्ग में अनेक स्थानों पर समाज द्वारा स्वागत द्वार लगाये गये तथा पुष्प वर्षा द्वारा जगह-जगह नागरिको ने स्वागत किया। यात्रा में स्वामी विवेकानन्द जी के वेश में अनेक बालको एवं भारत माता के रूप में सुसज्जित बहनो के साथ-साथ नगर के गणमान्य नगरीकगण, साधु-संत, विविध मत-पंथ सम्प्रदाय के प्रमुख तथा माताएं एवं बहने भी हिस्सा लिया।
dsc08281लखनऊ शोभायात्रा के संयोजक प्रशान्त भाटिया ने बताया कि सभी शोभायात्राएं अपने-अपने स्थानों से दोपहर 11ः00 बजे प्रस्थान कर अपराहन 2ः00 बजे झूलेलाल वाटिका में पहुँची। जहाँ नगर के महापौर डा0 दिनेश शर्मा, आई.आई.एम. के वरिष्ठ प्रो0 डा0 भारत भाषकर, राष्ट्रीय स्वयं सेवक के प्रान्त प्रचारक श्री संजय जी, प्रान्त संघ चालक श्री प्रभुनरायण श्रीवास्तव जी, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री जय कृष्ण सिंहा जी, मुरलीधर अहुजा वरिष्ठ व्यवसायी एवं गणमान्य नागरीकगण यात्रा का स्वागत किया।
प्रान्त प्रचारक श्री संजय जी ने विस्तार से स्वामी विवेकानन्द जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विवेकानन्द जी ने शिकागो में सात हजार विद्ववानों के मध्य ‘‘भारत क्या है‘‘ इसका संदेश दिया। उन्होंने कहा हम हिन्दू मनुष्य के रक्त से अपनी समृद्धि नही चाहते, मुझे मालूम है तुम्हारी समृद्धि का कारण। स्वामी जी को एनीबेसेन्ट ने योद्धा संयासी कहा था। विवेकानन्द जी क्रान्ति के प्रेणेता थे। उन्होंने क्रान्तिकारियों में स्वतंत्रता की आग भरी थी। श्री संजय जी ने कहा कि भारत के पतन का कारण नारी अशिक्षा है इसलिए नारी को शिक्षित सम्मान देना होगा। आज हिन्दुत्व की चेतना को जागृत करने वाले भारत के युवको को सिंहनाद करना होगा।
इस अवसर पर महापौर श्री शर्मा ने कहा कि भारत ऋषि और कृषि का देश है। हमारे देश पर विभिन्न विदेशी ताकतो, मुगलो, फ्रांसीसियों व अंग्रेजो ने आक्रमण कर यहा के अनमोल धरोहरो को लूट लिया और यहा पर शोषण किया परन्तु संकट के इस समय में भी भारतीयों ने अपने संास्कृतिक विरासतो को बचाये रखा। विश्व के मानस पटल पर भारतीय संस्कृति को हिन्दुस्तान की ओर  से स्वामी विवेकानन्द जी ने विश्व में प्रसारित किया।  विवेकानन्द जी के जीवन के विषय में बताते हुए श्री शर्मा ने कहा कि स्वामी जी बच्चपन में आडम्बरांे से दूर रहते थे जिसकारण लोग उन्हें अहकारी भी समझा करते थे। जब स्वामी जी रामकृष्ण परम हंस जी के आश्रम में विद्याग्रहण करने गये तो उनके सभी सहशिष्य उन्हे अहंकारी बाला करते थे। परन्तु वह केवल आडम्बरों से दूरी बनाए रखते थे। उन्होंने आगे चलकर जीवन में संसार के लोंगो को आडम्बर से दूर रहने व संस्कृति, साहित्य एवं कला के प्रति जागरूकता का आदर्श पेश किया। श्री शर्मा ने विवेकानन्द जी की पंक्तियो को सम्बोधित करते हुए कहा कि सुख में कौन सोता है? खुशहाली में नीद नही आती है और दुःख में सभी दुखी है अतः जीवन को सांस्कृतिक मोह से बाहर निकालकर जीवन का व्यापन करना चाहिये।
dsc08368आई.आई.एम के वरिष्ठ प्रो. भारत भाष्कर जी ने धन्यावाद ज्ञापन करते हुए कहा कि ये कार्यक्रम का समापन्न नहीं है। ये आगामी वर्ष के होने वाले क्रियाकलापो और स्वामी विवेकानन्द जी के संवादो का आह्वाहन है। विवेकानन्द जी के दिखाये गये मार्गो पर चलकर आप सभी इस प्रयास को पूर्ण करें।
श्री भाटिया ने बताया कि शार्धशती समारोह का अखिल भारतीय उद्घाटन कार्यक्रम 12 जनवरी 2013 को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में से शुरू हुआ। जिसमें श्रद्धेय दलाई लामा, परम् आदरणीय माता अमृतानन्दमयी माँ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा. मोहनराव भागवत, रामकृष्ण मठ के परम श्रद्धेय स्वामी गौतमानन्द जी महराज, चिन्मय मिशन के स्वामी निखिलानन्द जी महराज एवं विवेकानन्द केन्द्र के अध्यक्ष पी. परमेश्वरम् भाग लिये। उन्होंने बताया कि समारोह में युवक, युवतियों, प्रबुद्धवर्ग, समाज के पिछड़े वर्ग एवं देश के प्रत्येक गांव तक स्वामी जी का संदेश पहुँचाने की योजना बनी है। शोभायात्रा में गायत्री परिवार, आर्ट आॅफ लिविंग, स्वाभिमान आन्दोलन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विद्याभारती, संस्कृत भारती, शिव शांति आश्रम, आई आईए, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, भारतीय मजदूर संघ, उ.प्र. सिंधी सभा, विज्ञान भारतीय, पुजारी संघ, व्यापार मण्डल, भारत रक्षा दल, सिंध यूथ कल्ब, सर्राफा एसोशिएसन, भारतीय रेलवे मजदूर संघ, ब्रम्ह समाज, विद्यार्थी परिषद्, भाजपा, भाजयुमों आदि संगठन बढ़-चढ़ कर भाग लिया।
05श्री भाटिया ने समारोह के विषय में बताते हुए कहा कि ‘‘भारत जागो! विश्व जगाओं!!’’ के आह्वाहन के साथ समाज में सम्पर्क कर स्वामी जी के विचारों को जन-जन तक पहुचने के लिए पंचमुखी आयामों का गठन किया गया है। जिसमें प्रथम आयाम ‘‘युवा शक्ति‘‘ (युवाओं का आयाम), दूसरा आयाम ‘‘संवर्धिनी’’ (महिलाओं का आयाम), तीसरा आयाम ‘‘ग्रामायण’’ (ग्रामीण जनो का आयाम), चैथा आयाम ‘‘अस्मिता’’ (जनजातियो का आयाम) एवं पाचवाॅं आयाम ‘‘प्रबुद्ध भारत’’ (समाजिक व वैचारिक नेत्रित्व का आयाम)। देश भर में सर्वत्र होने वाले आगामी कार्यक्रमों में 12 जनवरी को शोभा यात्राओं द्वारा विवेकानन्द सार्धशती के निमित पूरे देश में होने वाले वर्ष भर के कार्यक्रमों का शुभारम्भ हुआ, जिसकी अगली कड़ी में 18 फरवरी को प्रातः 10 बजे देश के सभी विद्यालयों में सूर्य नमस्कार, माह मार्च से जुलाई तक गृह संपर्क, 11 सितम्बर को ‘‘भारत जागो दौड़’’ (मैराथन), 15 नवम्बर से 15 दिसम्बर सेवा साधना, 25, 26, 27 दिसम्बर को कार्यकर्ता शिविर कन्याकुमारी में, 12 जनवरी 2014 को समापन कार्यक्रम मानव श्र्ृंखला बनाकर किया जायेगा।
इस अवसर पर विधायक श्री कलराज मिश्र जी, क्षेत्र प्रचारक श्री शिवनारायन जी, श्री राकेज जैन जी, डा. रूप चन्द्र दीपक, श्री कौशल जी, श्री पंकज सिंह, श्री गोपाल मिश्र, श्री चन्द्र प्रकाश अग्निहोत्री, श्री रमेश बेरी, श्री श्रीनिवास राय, श्री राजेश राय, श्री रंजीत यादव, श्रीमति मिरा सिंह वर्षा, श्रीमति संगीता भाटिया, श्रीमिति कुसुम लता गौड़, श्रीमति आशा मिश्रा, श्रीमति कंचन गुप्ता, डा0 रंजना मिश्रा, श्री सुरेश तिवारी, श्री सुरेश श्रीवास्तव, श्री सर्वेश द्विवेदी, डा. मीरा सिंह, श्री योगेशजी, सरदार मजीत सिंह, पवन पुत्र बादल, श्री अमर नाथ जी, श्री राजनाथ सिंह सूर्य, प्रो. शीला मिश्रा, श्री विजय बहादुर सिंह, श्री पुष्कर नाथ केशरवानी, श्री हृदय नरायण दीक्षित, श्री प्रभु जलान, श्री रंजनीश गुप्ता एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

समाजवादी पार्टी आरक्षण के खिलाफ नहीं, बल्कि पदोन्नति में आरक्षण के खिलाफ है

Posted on 13 January 2013 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी आरक्षण के खिलाफ नहीं, बल्कि पदोन्नति में आरक्षण के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण के खिलाफ लड़ने वाले कर्मचारियों एवं अधिकारियों का पूरा सहयोग किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जनता एवं कर्मचारी अपनी ताकत को पहचाने और पदोन्नति में आरक्षण का समर्थन करने वालों को सत्ता से उखाड़ फेंके। उन्होंने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण से संकट की स्थिति उत्पन्न होती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को राजस्थान में यदि जनता ने राजस्थान में अवसर दिया, तो पदोन्नति में आरक्षण उत्तर प्रदेश की भांति राजस्थान में भी तत्काल खत्म कर दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री आज राजस्थान की राजधानी जयपुर में राजस्थान विधान सभा के निकट अमरूदों के बाग में समता आन्दोलन समिति एवं मिशन-72 द्वारा आयोजित नागरिक अभिनन्दन समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। नागरिक अभिनन्दन समारोह में उपस्थित लगभग एक लाख से अधिक कर्मचारियों एवं जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी उनकी इस लड़ाई में हर तरह का सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि जनता एवं कर्मचारी बहुत जागरूक हैं। यदि इनके साथ अन्याय हुआ, तो यह आम जनता एवं कर्मचारी मतदान की तोप चलाकर आरक्षण में समर्थन करने वाले नेताओं को सबक सिखा देंगे।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी लोक सभा में आरक्षण बिल का विरोध करते समय बिल्कुल नहीं डरी कि उनकी सदस्यता भी जा सकती है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने यदि पदोन्नति में आरक्षण समर्थन सम्बन्धी बिल न छीना होता तो यह स्वार्थी लोग देश को संकट में डाल देते। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जनसंख्या में बड़ा है, तो राजस्थान क्षेत्रफल में बड़ा है। उन्होंने आम जनता एवं कर्मचारियों का आह्वान करते हुए कहा कि समय है एक होने का और अपनी ताकत दिखाकर इन पदोन्नति में आरक्षण समर्थक लोगों को सबक सिखाने का। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विगत सरकार में पदोन्नति में आरक्षण लागू करने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला था और मेहनती एवं कर्मठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ अन्याय हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश एवं प्रदेश की जनता गलत नीतियों की शिकार होने के कारण मंहगाई से जूझ रही है। किसी को गरीब जनता की परवाह नहीं है, जबकि केन्द्र सरकार में एक से एक योग्य अर्थशास्त्री हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतियों ने देश को कभी आगे बढ़ने नहीं दिया, जिसमें भारतीय जनता पार्टी भी कम नहीं है। उन्होंने कहा कि यह चुनावी वर्ष है, कभी चुनाव हो सकते हैं, जनता चुनाव के लिए तैयार रहे और उनके साथ अन्याय करने वाले लोगों को सबक सिखाकर यह दिखा दे कि शासकीय कर्मचारी अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन करने में ही कुशल नहीं हैं, बल्कि देश एवं प्रदेश को गलत दिशा देने वाले नेतृत्व को भी पैदल करने हेतु सक्षम है। उन्होंने कहा कि यह समय संघर्ष का है, समाजवादी पार्टी उनके साथ है।
कार्यक्रम में समता आन्दोलन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पारासर नारायण शर्मा ने अपने सम्बोधन में कहा कि पदोन्नति में आरक्षण समाप्त किए जाने के अभूतपूर्व फैसले को उत्तर प्रदेश में लागू करने वाले देश के प्रथम मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव हैं। उन्होंने कहा कि यदि राजस्थान में पदोन्नति में आरक्षण समाप्त नहीं हुआ तो राजस्थान की जनता पदोन्नति में आरक्षण के समर्थन करने वाले लोगों को सबक सिखायेगी। समता आन्दोलन समिति की ओर से 72 किलोग्राम की माला से माल्यार्पण, साफा एवं चांदी का मुकुट पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह भंेट कर श्री अखिलेश यादव को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्री पानाचंद जैन, सेवानिवृत्त आई0ए0एस0 श्री भागीरथ शर्मा, श्री गुलशन बागला, श्री पंडित राम किशन शर्मा, श्री अनिल शेखावत, श्री योगेश्वर, कैप्टन गुरूबख्श सिंह, श्री शैलेन्द्र दुबे आदि लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त कर पदोन्नति में आरक्षण का विरोध किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

मुख्यमंत्री ने सामूहिक दुष्कर्म की पीडि़ता युवती के बलिया स्थित पैतृक गांव जाकर उसके माता-पिता से भेंट कर संवेदना व्यक्त की

Posted on 11 January 2013 by admin

पीडि़ता के माता-पिता को मुख्यमंत्री ने 20 लाख रु0 का ड्राफ्ट दिया

cm-in-baliaदिल्ली में सामूहिक दुष्कर्म की पीडि़ता युवती के बलिया स्थित पैतृक गांव जाकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज उसके माता-पिता से भेंट कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पीडि़ता के माता-पिता को 20 लाख रुपए की धनराशि का ड्राफ्ट प्रदान किया और सरकार की तरफ से हर सम्भव मदद करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उन्होंने गांव का विकास कराए जाने का आश्वासन देते हुए कहा कि गांव में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भी स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को इस तरह की घटनाओं पर पैनी नजर रखने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में कहीं भी इस तरह की घटना घटित होने पर कठोर कार्रवाई की जाए। श्री अखिलेश यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से बात करते हुए कहा कि इस दुःखद घटना से सारा देश नाराज है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही है। उन्होंने महिलाओं के लिए 1090 वूमन पावर लाइन सेवा शुरु किए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि इस नम्बर पर अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा शिकायतें प्राप्त हुईं हैं और इन पर कार्रवाई भी शुरू करा दी गई है। उन्होंने कहा कि महिला पुलिस की संख्या भी बढ़ायी जाएगी।
मुख्यमंत्री के बलिया भ्रमण के दौरान प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री अम्बिका चैधरी, बाल विकास पुष्टाहार एवं बेसिक शिक्षा मंत्री श्री रामगोविन्द चैधरी, विधायकगण श्री नारद राय, श्री जय प्रकाश अंचल और श्री गोरख पासवान तथा अन्य गणमान्य नागरिक और जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

साॅफ्टवेयर आधारित ड्राइविंग लाइसेंस की स्मार्ट कार्ड योजना का शुभारम्भ किया

Posted on 09 January 2013 by admin

smart-card-driving-licence-upउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज यहां लखनऊ आर0टी0ओ0 कार्यालय में सारथी साॅफ्टवेयर आधारित ड्राइविंग लाइसेंस की स्मार्ट कार्ड योजना का शुभारम्भ किया। इसके साथ ही प्रदेश के दस परिवहन कार्यालयों लखनऊ, आगरा, इलाहाबाद, कानपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, मेरठ, झांसी, अलीगढ़ तथा बाराबंकी में यह योजना शुरू हो गई। परिवहन विभाग द्वारा अप्रैल, 2013 के अन्त तक प्रदेश के सभी परिवहन कार्यालयों में स्मार्ट कार्ड पर ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री का ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर राज्य का पहला स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के शुरू होने से जनता को काफी सहुलियत होगी। उन्हांेने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस हेतु आवेदक को व्यक्तिगत रूप से परिवहन कार्यालय में उपस्थित होकर कम्प्यूटर पर बायोमेट्रिक्स-अंगूठा निशान, फोटो और हस्ताक्षर दर्ज कराना होगा। इस तकनीक से काफी हद तक बुराई को रोका जा सकेगा। स्मार्ट कार्ड योजना के तहत आवेदक द्वारा दी गई जानकारी में किसी भी प्रकार का फेरबदल भी सम्भव नहीं हो सकेगा, क्योंकि हर कार्यालय में दो लाइसेंसिंग प्राधिकारी को गोपनीय इलेक्ट्राॅनिक ‘की’ उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से वे जारी किए जाने वाले हर स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस को सत्यापित करते हुए इन्क्रिप्शन की से लाॅक कर देंगे।
श्री यादव ने कहा कि जारी होने वाले स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस का प्रत्येक कार्यालय में डाटाबेस तैयार किया जाएगा। इसी प्रकार राज्य में स्टेट रजिस्टर तथा दिल्ली में नेशनल रजिस्टर तैयार किया जाएगा। ये सभी आपस में जुड़े होंगे। इसलिए यदि कोई ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किया जाता है तो किसी दूसरे कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस जारी हो पाना संभव नहीं होगा। योजना पूर्ण होने पर किसी चालक का चालान होने की स्थिति में पूरा विवरण स्मार्ट कार्ड की चिप पर दर्ज किया जा सकता है जो बाद में कार्यालय में उपलब्ध डाटाबेस में भी दर्ज हो जाएगा। इस प्रकार चालक लाइसेंस के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।
ज्ञातव्य है कि भारत सरकार के निर्देश पर एन0आई0सी0 द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने हेतु सारथी साॅफ्टवेयर तैयार किया गया है जो पूरे देश में एकरूपता की दृष्टि से लागू किया जा रहा है। इस परियोजना में प्रयुक्त होने वाले स्मार्ट कार्डाें पर कम्प्यूटराईज्ड चिप होगी जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस धारक से संबंधित समस्त महत्वपूर्ण जानकारी सुरक्षित रखी जाएगी। ड्राइविंग लाइसेंस का स्मार्ट कार्ड रीडर डिवाइस में डालकर प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा देखा जा सकेगा। जारी होने वाले हर स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस का अपना एक अलग ‘यूनीक की’ नम्बर होगा जिसे एक्सेस करके अधिकृत अधिकारियों द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता चेक की जा सकेगी। इसके अतिरिक्त कार्ड के दोनों साइड पर प्रिन्टिंग भी होगी जिस पर लाइसेंस धारक के संबंध में अंकित प्रविष्टियों को देखा जा सकेगा। आवेदक द्वारा स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस हेतु 200 रुपये फीस तथा 50 रुपये प्रति वाहन श्रेणी की टेस्ट फीस देनी होगी।
इस अवसर पर परिवहन मंत्री राजा महेन्द्र अरिदमन सिंह, राज्यमंत्री परिवहन श्री मानपाल सिंह, प्रमुख सचिव परिवहन श्री बी0एस0 भुल्लर, प्रमुख सचिव सूचना एवं मण्डलायुक्त श्री संजीव मित्तल, परिवहन आयुक्त श्री आलोक कुमार, जिलाधिकारी श्री अनुराग यादव एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

राज्य विधान मण्डल के पूर्व सदस्यों की न्यूनतम पेंशन बढ़ाई जाएगी: मुख्यमंत्री

Posted on 08 January 2013 by admin

  • राज्य सरकार प्रदेश विधान मण्डल के पूर्व सदस्यों की तमाम मांगों पर विचार कर सम्मानजनक फैसले लेगी: मुख्यमंत्री
  • किसान, गरीब, नौजवान, मजदूर सहित समाज के  सभी कमजोर वर्गों के हित में कार्य करना हम सबकी जिम्मेदारी
  • संवेदनशील व्यक्ति ही कर सकता है समाज की सच्ची सेवा: श्री मुलायम सिंह यादव
  • उत्तरशती रजत जयंती पर विधान मण्डल के पूर्व सदस्यों का सम्मेलन

07उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि राज्य विधान मण्डल के पूर्व सदस्यों की न्यूनतम पेंशन बढ़ाई जाएगी। वर्ष 2010 से पहले दिवंगत हुए सदस्यों के परिजनों को पारिवारिक पेंशन का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा पूर्व सदस्यों के कूपन भी बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश विधान मण्डल के पूर्व सदस्यों की तमाम मांगों पर विचार कर सम्मानजनक फैसले लेगी।
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश विधान मण्डल के उत्तरशती रजत जयंती समारोह के अवसर पर आज यहां विधान सभा मण्डप में आयोजित विधान मण्डल के पूर्व सदस्यों के सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। सांसद, पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व रक्षा मंत्री
श्री मुलायम सिंह यादव इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर सम्मिलित हुए। विधान सभा अध्यक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय तथा राजस्व मंत्री श्री अम्बिका चैधरी ने
श्री मुलायम सिंह यादव को शाॅल, गुलदस्ता एवं प्रतीक चिन्ह् भेंट कर उनका अभिनन्दन किया।
मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक अवसर पर सभी पूर्व सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश विधान मण्डल का लम्बा इतिहास है। अपना कानून बनाने के लिए स्वाधीनता संग्राम के दौरान विधायिका के माध्यम से भी लगातार संघर्ष किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश खुशहाल होगा, तो देश भी विकसित होगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर सम्भव प्रयास करना हम सबकी जिम्मेदारी है। किसान, गरीब, नौजवान, मजदूर सहित समाज के सभी कमजोर वर्गों के हित में कार्य करना जिम्मेदारी भी है और चुनौती भी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग और मदद से राज्य सरकार प्रदेश को आगे ले जाने में कामयाब होगी। मुख्यमंत्री ने पूर्व सदस्यों के पास जाकर उनसे भेंट भी की।
press-11विधान सभा अध्यक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय ने सम्मेलन में आए पूर्व सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि विधान मण्डल का गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने
श्री मुलायम सिंह यादव के संघर्षों, नीतियों व कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके परिणामस्वरूप गांव और गरीब की खुशहाली का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने कहा कि श्री यादव ने उत्तर प्रदेश को नई राह दिखाई।
मुख्य अतिथि श्री मुलायम सिंह यादव ने अपने सम्बोधन में कहा कि समाज की सच्ची सेवा संवेदनशील व्यक्ति ही कर सकता है। वही व्यक्ति इस कार्य को कर सकता है, जो दूसरों के दुःख-दर्द को महसूस करे और उसे दूर करने के लिए संघर्ष कर सके। उन्होंने कहा कि अन्याय का विरोध करने वाले और शोषण के खिलाफ संघर्ष करने वाले लोग अमर हो जाते हैं।
समाज में समता और सम्पन्नता लाने के लिए संकल्पबद्ध होने का आह्वान करते हुए श्री मुलायम सिंह यादव ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए गरीब, मोहताज और पिछड़ों के हित में कार्य करना जरूरी है। अपने सम्बोधन में श्री यादव ने यह भी कहा कि हमें याद रखना चाहिए कि देश कितनी कुर्बानियों के बाद आजाद हुआ। स्वाधीनता संग्राम सेनानियों ने जिन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया, उन्हें हासिल करने में हम कितना सफल हुए हैं, इस पर चिन्तन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र सबसे विशाल और सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में प्रदेश विधान मण्डल के योगदान का विस्तार से उल्लेख भी किया।
संसदीय कार्य मंत्री श्री मोहम्मद आजम खां ने कहा कि आजादी की लड़ाई का एक उद्देश्य यह भी था कि सभी को समान अधिकार मिल सकें। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम विधान सभा मण्डप में इसलिए आयोजित किया गया ताकि पूर्व सदस्यों को यह एहसास हो कि यह सदन कल भी उनका था और आज भी है। कार्यक्रम का संचालन भी संसदीय कार्य मंत्री ने किया।
press2राजस्व मंत्री तथा समारोह की आयोजन समिति के संयोजक श्री अम्बिका चैधरी ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए और सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। पूर्व सदस्यों के सम्मेलन को श्री मोहन सिंह, श्रीमती स्वरूप कुमारी बख्शी,
श्री रामकृष्ण द्विवेदी, डाॅ0 अम्मार रिजवी, श्री जगदीश गांधी, श्री कौकब हमीद, श्री अजय भट्ट ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री नारायण दत्त तिवारी सहित प्रदेश विधान सभा एवं विधान परिषद के अनेक पूर्व सदस्य उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

विधान मण्डल के योगदान को सदैव याद रखा जाएगा

Posted on 07 January 2013 by admin

राज्यपाल बी0एल0 जोशी ने कहा है कि राष्ट्र निर्माण में उत्तर प्रदेश विधान मण्डल के योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने विधान मण्डल के शानदार अतीत का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि दोनों सदनों के सदस्य अपने उच्च आदर्शाें से सदैव इसकी गरिमा बनाए रखेंगे और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।
राज्यपाल उत्तर प्रदेश विधान मण्डल के 125 वर्ष पूरे होने पर आज उत्तरशती रजत जयन्ती समारोह के अवसर पर आयोजित विधान मण्डल की विशेष बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष
press-1श्री माता प्रसाद पाण्डेय, सभापति विधान परिषद श्री गणेश शंकर पाण्डेय, मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव तथा अन्य वक्ताओं ने विधान मण्डल के इतिहास व योगदान के सम्बन्ध में अपने विचार व्यक्त किए। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री नारायण दत्त तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में विशेष बैठक में सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर श्री नारायण दत्त तिवारी सहित प्रदेश की पहली विधान सभा के सदस्य श्री राजाराम किसान एवं श्री कमाल अहमद रिजवी को प्रतीक चिन्ह्, अभिनन्दन पत्र व शाॅल प्रदान कर सम्मानित किया गया। विधान सभा अध्यक्ष ने श्री तिवारी को तथा मुख्यमंत्री ने श्री किसान एवं श्री रिजवी को सम्मानित किया। संसदीय कार्य मंत्री श्री मोहम्मद आजम खां ने अभिनन्दन पत्र पढ़ा। इस मौके पर राज्यपाल श्री जोशी तथा मुख्य अतिथि श्री तिवारी ने उत्तरशती रजत जयंती सम्बन्धी स्मारिका का विमोचन भी किया।
press1विधान परिषद के सभापति श्री गणेश शंकर पाण्डेय ने अपने सम्बोधन में कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से राज्य विधान मण्डल अत्यन्त सक्रियता के साथ जुड़ा रहा। उन्होंने विधान मण्डल के गौरवशाली अतीत का उल्लेख भी  किया।
विधानसभा अध्यक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के विकास व समाज के नवनिर्माण में विधान मण्डल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। विधान मण्डल ने ऐसे कानून बनाए, जिसके माध्यम से प्रदेश के विकास और यहां की जनता को समानता के अवसर प्राप्त हुए। साथ ही इसने देश को अनेक बड़े नेता भी दिए।
प्रदेश के मुख्यमंत्री व विधानसभा में नेता सदन श्री अखिलेश यादव ने विशेष बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य विधान मण्डल सामाजिक परिवर्तन का सूत्रधार रहा। जमींदारी उन्मूलन, भूमि सुधार आदि के संबंध में ऐतिहासिक महत्व वाले विधेयक विधान मण्डल द्वारा पारित किए गए। उन्होंने कहा कि विधान मण्डल के शानदार इतिहास व गरिमा को कायम रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने हिन्दी को बढ़ावा देने के संबंध में विधान मण्डल के योगदान को याद करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री पं0 गोविन्द वल्लभ पन्त तथा पूर्व मुख्यमंत्री श्री मुलायम सिंह यादव द्वारा विधानसभा में दिए गए वक्तव्यों का विशेष रूप से उल्लेख भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश मंे राजनीतिक व सामाजिक बदलाव का केन्द्र रहा है। उन्होंने कहा कि यहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। इस दिशा में समाजवादी सरकार द्वारा किए जा रहे कार्योें से जनता का भरोसा बढ़ा है। किसानों की मेहनत के परिणाम स्वरूप प्रदेश गेहूं, धान, दूध, गन्ना तथा चीनी उत्पादन के क्षेत्र मंे अग्रणी है। उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए सभी के सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को खुशहाल बनाने के लिए हम सभी को संकल्प लेना होगा। उन्होंने प्रदेश की गंगा-जमुनी संस्कृति को और सुदृढ़ बनाए जाने पर भी बल दिया।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री नारायण दत्त तिवारी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को कर्मयोगी बनकर देश व प्रदेश की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तरक्की करेगा तो देश भी विकसित होगा। उन्होंने आजादी की लड़ाई से जुड़े अनेक प्रेरक प्रसंगों का उल्लेख भी किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर सम्मानित किए जाने पर आभार व्यक्त करते हुए
श्री तिवारी ने कहा कि यह सिर्फ उनका आदर ही नहीं है बल्कि उस पीढ़ी का आदर भी है, जो आजादी की लड़ाई में शामिल हुई।
संसदीय कार्य मंत्री श्री मोहम्मद आजम खां ने कहा कि आज हम इतिहास के नए दौर में दाखिल हो रहे हैं। उन्हांेने कहा कि हमें याद रखना होगा कि तमाम कुर्बानियों से आजादी मिली है। स्वास्थ्य मंत्री एवं विधान परिषद में नेता सदन श्री अहमद हसन ने कहा कि 125 वर्षों के कार्यकाल में विधान मण्डल ने अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। राजस्व मंत्री तथा समारोह की आयोजन समिति के संयोजक श्री अम्बिका चैधरी ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए तथा सभी के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
श्री स्वामी प्रसाद मौर्य, श्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, श्री हुकुम सिंह,
डाॅ0 नैपाल सिंह, श्री प्रदीप माथुर, श्री नसीब पठान, श्री दलबीर सिंह, श्री ओम प्रकाश शर्मा, श्री प्रमोद तिवारी एवं श्री चैधरी मुश्ताक ने भी विशेष बैठक को सम्बोधित किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

हाथरस घटना में जलकर मरने वाली लड़की के परिजनों को दो लाख रु0 की आर्थिक सहायता की मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा

Posted on 07 January 2013 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने हाथरस में एक हादसे में जलकर मरने वाली लड़की के परिवार को दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। यह जानकारी आज यहां एक सरकारी प्रवक्ता ने दी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

125वीं वर्षगांठ मनाये जाने के कार्यक्रम को सरकारी खर्चे पर सपाई महोत्सव बताया

Posted on 07 January 2013 by admin

dsc_0006भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने सपा सरकार द्वारा विधानसभा की 125वीं वर्षगांठ मनाये जाने के कार्यक्रम को सरकारी खर्चे पर सपाई महोत्सव बताया है। श्री बाजपेयी ने कहा कि भारतीय परिषद अधिनियम 1861 के अन्तर्गत गठित यह संस्था सन् 1887 में गवर्नर द्वारा मनोनीत परामर्शदात्री समिति जैसी थी। यह न तो विधानसभा थी और न ही संवैधानिक विधान परिषद। इसके पूरे 9 सदस्य अंग्रेज गवर्नर द्वारा नामित थे। यह न संवैधानिक सदन था और न ही इसमें संसदीय परिपाटी का ही पालन किया जाता था। सरकार ने इसी की उत्तरशती रजत जयंती समारोह पर यह सपाई आयोजन किया है। डाॅ0 बाजपेयी ने पत्रकारों को उक्त समारोह में बांटी गई 16वीं विधानसभा शीर्षक की पुस्तिका दिखाते हुए कहा कि यदि यह 16वीं विधानसभा है तो 125वीं वर्षगांठ कैसे?
dsc_0016प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि यदि आज यह उत्तरशती समारोह उचित है तो तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष श्री केशरीनाथ त्रिपाठी के संयोजन में 8 जनवरी 2003 को इलाहाबाद में 116वीं जयंती का आयोजन क्यों गलत था? लेफ्टिनंेट गवर्नर की नेतृत्व वाली इस संस्था की पहली बैठक थार्न हिल मेन मेमोरियल हाल इलाहाबाद में हुई थी। विधानसभा अध्यक्ष श्री त्रिपाठी के संयोजन में हुए इस आयोजन का विरोध करते हुए तब समाजवादी पार्टी ने इसका बहिष्कार किया था। सपाई बहिष्कार का यह समाचार 4 जनवरी 2003 के समाचार पत्रों में प्रमुखता से छपा था।
डाॅ0 बाजपेयी ने कहा कि भाजपा ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार इसलिए नहीं किया कि हमारी पार्टी संसदीय परम्पराओं का आदर करती हैं लेकिन खेद है कि इस समारोह में विधानसभा के दो पूर्व अध्यक्षों श्री केशरीनाथ त्रिपाठी व सुखदेव राजभर तथा विधान परिषद के तीन पूर्व सभापतियों ओम प्रकाश शर्मा, मानवेन्द्र सिंह व सुखराम चैधरी की उपेक्षा की गई। इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री श्री राजनाथ सिंह, श्री कल्याण सिंह, सुश्री मायावती व पूर्व मुख्यमंत्री सम्प्रति राज्यपाल श्री राम नरेश यादव जी को भी यह सरकार भूल गई। विधायी संस्थाओं से जुड़े सभी समारोहों में सदन के अध्यक्ष ही प्रमुख आयोजक होते हैं। संसदीय परिपाटी में अध्यक्ष/पीठासीन सदन का सर्वोपरि संरक्षक होता है। लेकिन इस कार्यक्रम को सरकार ने आयोजित किया और संयोजक राजस्व मंत्री बनाये गये। पूर्व विधायकों के सम्मेलन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को मुख्य अतिथि बनाया गया है। पूर्व विधायक सभी दलो के हैं। विधानसभा अध्यक्ष इस कार्यक्रम के अध्यक्ष होते तो उचित था। यह कार्यक्रम पूरी तरह से राजनैतिक महोत्सव हो गया है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ध्वस्त कानून व्यवस्था, ध्वस्त बिजली व्यवस्था और ठंड से हो रही मौतों जैसे बुनियादी सवालों से आम जनता का ध्यान हटाने के लिये समाजवादी पार्टी ने यह आयोजन किया है। आवश्यकता यह थी कि सरकार अपनी प्राथमिकता में कानून को ठीक करने के कड़े उपाय करती। ठंड से मर रहे गरीबों को सहायता पहुंचाती। किसानों के लिये धान खरीद केन्द्रों की व्यवस्था करती लेकिन पूरी सरकार अपनी नौकरशाही सहित इस आयोजन में लगी हुई है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय

Posted on 05 January 2013 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहाँ सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-

उत्तर प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक पिछड़े वर्ग को छोड़कर)
दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्कप्रतिपूर्ति नियमावली- 2012 स्वीकृत

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक पिछड़े वर्ग को छोड़कर) दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्कप्रतिपूर्ति नियमावली-2012 को स्वीकृति प्रदान करते हुए शैक्षणिक सत्र- 2012-13 से लागू करने का फैसला लिया है। अन्य पिछड़े वर्ग के छात्रों को दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों के समतुल्य ही की जाएगी। अभिभावकों की आय सीमा 02 लाख वार्षिक रखी गई है। इन वर्ग के छात्रों को, जो प्रदेश के निवासी हैं तथा अन्य प्रान्तों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उन्हें अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों के समान ही प्रतिपूर्ति देय होगी। प्रतिपूर्ति की धनराशि संस्था के खाते में न जाकर छात्रों के बैंक खाते में स्थानान्तरित की जाएगी। छात्रों को शिक्षण संस्थानों में निःशुल्क प्रवेश की सुविधा नहीं होगी। जिलाधिकारी के अध्यक्षता में गठित समिति धनराशि स्वीकृत करने, अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण हेतु सक्षम होगी।
———-

उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक दशमोत्तर छात्रवृत्ति
वितरण/शुल्क प्रतिपूर्ति नियमावली- 2012 स्वीकृत

मंत्रिपरिषद ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति के वितरण की पारदर्शी व्यवस्था बनाने के उद्देश्य से पहली बार उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक दशमोत्तर छात्रवृत्ति वितरण/शुल्क प्रतिपूर्ति नियमावली- 2012 (कार्यकारी आदेश) को स्वीकृत करते हुए शैक्षणिक सत्र- 2012-13 से लागू करने का फैसला किया गया है। यह नियमावली उत्तर प्रदेश के ऐसे मूल निवासी अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं पर लागू होगा जो केन्द्र अथवा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्था में तथा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में संस्थागत विद्यार्थी के रूप में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस सुविधा का लाभ उन्हीं छात्रों को मिलेगा, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 02 लाख रुपए से कम है। अल्पसंख्यक समुदाय के विकास एवं हित को देखते हुए इस नियमावली में परिवार के सभी बच्चों को सुविधा का लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। यह भी फैसला किया गया है कि नियमावली के प्रख्यापन के बाद यदि किसी बिन्दु पर किसी स्पष्टता, सुगमता, परिवर्तन अथवा परिवर्धन की आवश्यकता परिलक्षित होती है तो उस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री के स्तर से निर्णय लिया जा सकेगा।
———-

उत्तर प्रदेश सामान्य वर्ग दशमोत्तर छात्रवृत्ति नियमावली - 2012 को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश सामान्य वर्ग दशमोत्तर छात्रवृत्ति नियमावली-2012 को मंजूरी प्रदान करते हुए शैक्षणिक सत्र- 2012-13 से लागू करने का फैसला लिया है। इस नियमावली में निःशुल्क प्रवेश की सुविधा नहीं रखी गई है अपितु 02 लाख रुपए तक की आय सीमा वाले अभिभावकों के बच्चों को छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था की गई है। इसके तहत छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक संस्था के समीपस्थ बैंक में खोले गए बचत खाते में धनराशि भेजी जाएगी। सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए प्रत्येक वर्ष के लिए निर्धारित बजट सीमा के अंतर्गत शिक्षण संस्थाओं की वरीयता निर्धारण की व्यवस्था भी की गई है। छात्र-छात्राओं द्वारा स्वयं निर्धारित प्रपत्रों पर सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी तथा सम्बन्धित शिक्षण संस्थान द्वारा उनका परीक्षण करते हुए अपनी टिप्पणियां प्रस्तुत की जाएंगी। आवेदन पत्र सम्बन्धित शिक्षण संस्थाओं में 10 वर्ष तक सुरक्षित रखे जाएंगे। जनपद स्तर पर समयबद्ध स्वीकृति/वितरण हेतु जिलाधिकारी द्वारा नामित मुख्य विकास अधिकारी अथवा अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा। आवेदन पत्र भरने से लेकर धनराशि प्राप्त होने तक की प्रक्रिया के निर्धारण के साथ-साथ प्रत्येक कार्य हेतु समय सीमा भी निर्धारित की गई है।
———-

मोटर/बैटरी/सौर ऊर्जा चालित रिक्शा योजना के क्रियान्वयन को स्वीकृति
मंत्रिपरिषद ने मोटर/बैटरी/सौर ऊर्जा चालित रिक्शा योजना के क्रियान्वयन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस योजना का संचालन नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम विभाग द्वारा किया जाएगा और इसके लिए राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) को नोडल एजेन्सी नामित किया गया है। यह योजना प्रदेश के समस्त जनपदों में लागू होगी और निजी स्वामित्व के रिक्शा चालकों को इस जन कल्याणकारी योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा। लाभार्थियों को मानव चालित रिक्शा के स्थान पर मोटर/बैटरी/सौर ऊर्जा चालित अत्याधुनिक सिस्टम से बनाया गया रिक्शा मुफ्त प्रदान किया जाएगा।
योजना के लिए चालू वित्तीय वर्ष-2012-13 मंे 100 करोड़ रुपये का बजट प्राविधान किया गया है। योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रदेश के नगर निकायों में पंजीकृत रिक्शा चालकों का चयन किया जाएगा। निजी स्वामित्व वाले ऐसे रिक्शा चालकों को लाभान्वित किया जाएगा जो नगर निगम/नगर पालिका/नगर पंचायत क्षेत्र के मूलरूप से निवासी होंगे। रिक्शा चालकों को रिक्शे का मालिकाना हक दिया जाएगा और उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर सही तकनीक के आधार पर रिक्शा का चयन किया जाएगा। आधुनिक रिक्शा के संबंध में निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों से प्रस्ताव लिए जाएंगे। रिक्शा आपूर्ति करने वाली कंपनी द्वारा रिक्शों के रख-रखाव तथा बैटरी चार्जिंग के सर्विस स्टेशन भी उसी नगर निकाय में स्थापित किए जाएंगे, जिस नगर निकाय में योजना क्रियान्वित होगी।
योजना हेतु आवेदन करने के लिए स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित किए जाएंगे। योजना का लाभ ऐसे रिक्शा चालकों को प्रदान किया जाएगा जो संबंधित जनपद के नगर निगम/नगर पालिका/नगर पंचायत क्षेत्र में सुनिश्चित तिथि (कट आॅफ डेट) तक औपचारिक रूप से पंजीकृत होंगे। आवेदकों की संख्या उपलब्ध मोटर/बैटरी/सौर ऊर्जा चालित रिक्शा से अधिक होने पर लाॅटरी के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाएगा तथा अवशेष रह गए पात्र रिक्शा चालकों को अगले चरण मंे रिक्शा वितरण यथा प्रक्रिया कराया जाएगा। लाभार्थियों को अत्याधुनिक रिक्शा को चलाने तथा सामान्य रख-रखाव हेतु यथा आवश्यकता प्रशिक्षण की व्यवस्था भी कराई जाएगी।
जनपद स्तर पर जिलाधिकारी/अध्यक्ष, डूडा के दिशा निर्देश में गठित समिति के माध्यम से चयनित पात्र रिक्शा चालकों से उनका पुराना पारम्परिक मानव चालित रिक्शा प्राप्त करने के उपरान्त ही मोटर/बैटरी/सौर ऊर्जा चालित रिक्शा वितरित कराया जाएगा। जमा कराए गए पारम्परिक रिक्शों के निस्तारण हेतु जनपद स्तर पर 03 सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। योजना के सफल संचालन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति तथा तकनीकी विशेषज्ञों की समिति का गठन किया गया है। जनपद स्तर पर जिलाधिकारी/अध्यक्ष, डूडा के अध्यक्षता में जनपद स्तरीय कार्यान्वयन समिति का गठन किया जाएगा।
———-

‘आसरा आवास योजना’ के क्रियान्वयन को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने ‘आसरा आवास योजना’ के क्रियान्वयन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस योजना का संचालन नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम विभाग द्वारा किया जाएगा। शहरी गरीबांे की आवासीय सुविधा की तंगी के समाधान तथा शहरी क्षेत्रों में अल्पसंख्यक बाहुल्य बस्तियों तथा नगरीय मलिन बस्तियों में कम लागत के रिहायशी मकान चयनित पात्र लाभार्थियों को निःशुल्क उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में बदलाव और सामाजिक परिवेश में सुधार हेतु इस योजना का संचालन किया जाएगा। वित्तीय वर्ष-2012-13 में प्रथम चरण में 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है।
प्रदेश के चयनित नगरों में निःशुल्क उपलब्ध भूमि पर आवासों का निर्माण कराया जाएगा। प्रत्येक आवासीय इकाई के निर्माण पर 2.50 लाख रुपये की धनराशि व्यय होना अनुमानित है। आवास का क्षेत्रफल लगभग 25 वर्गमीटर होगा और इसमें एक आवासीय कक्ष, एक बरामदा, एक रसोई घर, शौचालय एवं स्नान घर की सुविधा प्रदान की जाएगी। योजना के तहत आवासीय भवनों का निर्माण कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एण्ड डिजाइन सर्विसेज, उ0प्र0 जल निगम द्वारा किया जाएगा। जिला नगरीय विकास अभिकरण द्वारा भूमि के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों के चयन की कार्यवाही भी की जाएगी।
अल्पसंख्यक बाहुल्य एवं मलिन बस्तियों में रहने वाले अल्पआय मेहनतकश परिवार, जिनके पास आवासीय सुविधा का अभाव हो तथा जिनकी आय 6 हजार रुपये प्रतिमाह से अधिक न हो, आसरा योजना के अन्तर्गत आवास आवंटन हेतु पात्र होंगे। इसके अलावा संबंधित नगर निकाय में पंजीकृत रिक्शा चालक, अन्य पिछड़ा वर्ग/अनुसूचित जाति के ऐसे आवासहीन व्यक्ति जो बी0पी0एल0 कार्ड धारक हो, भी आवास आवंटन हेतु पात्र होंगे। अवमुक्त स्वच्छकार भी योजना के तहत आवास आवंटन हेतु पात्र होंगे।
लाभार्थियों के चयन के लिए मलिन बस्तियों तथा अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में सर्वेक्षण कराया जाएगा। समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित कर आवेदकों से निर्धारित प्रारूप मंे आवेदन पत्र आमंत्रित किए जाएंगे। जिला नगरीय विकास अभिकरण में प्राप्त समस्त आवेदन पत्रों का सर्वे तथा सत्यापन करने के उपरान्त पात्र व्यक्तियों के प्रार्थना पत्रों की सूची तैयार की जाएगी। सूची तथा सर्वेक्षण के उपरान्त जनपद/नगरीय निकाय को आवंटित आवासों की संख्या के अनुसार सार्वजनिक लाॅटरी द्वारा ड्रा निकालकर लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। लाभार्थियों की सूची संबंधित नगरीय निकाय को भी प्रेषित की जाएगी। लाभार्थियों की सूची को सूडा तथा डूडा की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
आवंटी को आवंटित किए गए आवास को अगले 15 वर्ष तक बेचने, हस्तांतरित करने, अथवा किराए पर उठाने का अधिकार नहीं होगा, परन्तु आवंटी की मृत्यु होने की स्थिति में उसके वैधानिक उत्तराधिकारियों को उक्त आवास का स्वामित्व स्थानान्तरित हो जाएगा। आसरा योजना के अन्तर्गत भवनों के क्षेत्र में अवस्थापना कार्य यथा सम्भव नगरीय निकायों द्वारा मात्राकृत 25 प्रतिशत बजट से कराए जाएंगे एवं आवश्यकतानुसार केन्द्र तथा राज्य सरकार की अन्य योजनाओं से भी अवस्थापना सुविधाएं सृजित की जाएगी। अनुरक्षण सम्बन्धित नगरीय निकायों द्वारा ही कराया जाएगा।
———-

लघु व्यापार केन्द्रों की स्थापना का प्रस्ताव मंजूर
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में दस्तकारों और शहरी हस्तकला उत्पादकों को विपणन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लघु व्यापार केन्द्रों की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। लघु व्यापार केन्द्र शहरी गरीबी उन्मूलन हेतु कार्य करेंगे तथा प्राथमिकता के आधार पर गरीबों को अपनी सलाहकारी सेवाएं तथा उनके उत्पादों के विपणन की सुविधा उपलब्ध कराएंगे। लघु व्यापार केन्द्र शहरी गरीबों के उत्पादों की बिक्री हेतु व्यवस्थाएं भी करेगा। वर्ष-2012-13 में दस लघु व्यापार केन्द्रों की स्थापना की जाएगी।
———-
नगरीय विकास तथा गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों के संबंध में रामपुर
में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने नगरीय विकास तथा गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों के संबंध में क्षमता विकास और प्रशिक्षण सुविधाओं के लिए रामपुर नगर में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना का निर्णय लिया है। संस्थान में नगर निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों/कर्मचारियों तथा पैरा स्टेटल एजेन्सियों को क्षमता विकास हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
———-

सी0सी0 रोड अथवा इण्टरलाॅकिंग व अन्य सामान्य सुविधाओं
की स्थापना योजना के क्रियान्वयन का प्रस्ताव स्वीकृत

मंत्रिपरिषद ने ‘सी0सी0 रोड अथवा इण्टरलाॅकिंग व अन्य सामान्य सुविधाओं की स्थापना योजना’ के क्रियान्वयन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। योजना के माध्यम से नगरीय निकायों के अन्तर्गत चयनित अल्पसंख्यक बाहुल्य बस्तियों तथा मलिन बस्तियों में सी0सी0 रोड, इण्टर लाॅकिंग व नाली निर्माण का कार्य कराया जाएगा।
नगर निकाय/नगर पालिका परिषद आबादी क्षेत्र के अन्दर के मार्ग व गलियां, जो सम्पर्क मार्ग की श्रेणी में नहीं आते हैं और जिन पर हैवी/कामर्शियल व्हीकल नहीं चलते हैं, उनकी पूरी चैड़ाई को आच्छादित करते हुए नाली, इण्टरलाॅकिंग व सी0सी0 रोड का निर्माण किया जाएगा। इण्टरलाॅकिंग का कार्य उन क्षेत्रों मंे कराया जाएगा, जहां गलियां अत्यन्त सँकरी हैं तथा हल्के वाहन चलते हैं। सी0सी0 रोड निर्माण कार्य ऐसे मार्गों पर कराया जाएगा जहां प्रायः जल भराव की समस्या हो तथा बड़े और भारी वाहनों का आवागमन रहता हो, ताकि निर्मित सड़क उनका भार सह सके।
———-

विशेष बाघ संरक्षण बल के गठन को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने दुधवा टाइगर रिजर्व के लिए विशेष बाघ संरक्षण बल (स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स) के गठन की मंजूरी प्रदान कर दी है। अवैध शिकार पर नियंत्रण किए जाने के लिए प्रस्तावित इस बल में 112 कार्मिक होंगे, जिन्हें गृह विभाग द्वारा सेवा स्थानान्तरण के आधार पर वन विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा।
———-

उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ की पुनः स्थापना
सभी संस्थाएं स्वमेव नव गठित उत्तर प्रदेश
प्राविधिक विश्वविद्यालय से सम्बद्ध माने जाएंगे
मंत्रिपरिषद ने गौतमबुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय एवं महामाया प्राविधिक विश्वविद्यालय को संविलीन (मर्ज) करते हुए पुनः उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ की स्थापना का निर्णय लिया है। प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अध्ययनरत छात्रों के हितों के दृष्टिगत 02 प्राविधिक विश्वविद्यालय होने से दक्षता एसेसमेंट के लिए अपनाई जा रही अलग-अलग प्रक्रिया को समाप्त करने, समान पाठ्यक्रम संचालन हेतु परीक्षा योजना एवं अन्य तकनीकी बिन्दुओं में समरूपता लाने के लिए पूर्व से स्थापित उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय की ख्याति का लाभ छात्रों को उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
इस निर्णय के फलस्वरूप महामाया प्राविधिक विश्वविद्यालय एवं गौतमबुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय से सम्बद्धता प्राप्त सभी संस्थाएं स्वमेव नव गठित उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय से सम्बद्ध माने जाएंगे। गौतमबुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय में संकलित वेतन पर आबद्ध एवं आउटसोर्स दोनों ही प्रकृति के स्टाफ कार्यरत हैं। महामाया प्राविधिक विश्वविद्यालय में कोई नियमित स्टाफ तैनात नहीं है। वर्तमान में स्टाफ शासकीय विभाग/संस्थाओं से प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं अथवा वाह्य सेवा प्रदाता से लिए गए हैं। मर्जर के उपरान्त गौतमबुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय के उक्त स्टाफ उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय में समायोजित हो जाएंगे।
———-

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को वन विभाग के स्वामित्व में
अवस्थित वैधानिक वन भूमि के गैर वानिकी प्रयोग हेतु शर्तों में छूट

मंत्रिपरिषद द्वारा वन विभाग के स्वामित्व में अवस्थित वैधानिक वन भूमि के गैर वानिकी प्रयोग हेतु भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को राज्य सरकार की शर्तों के अनुसार बाजार दर पर मूल्य (प्रीमियम) व उसके 10 प्रतिशत धनराशि के बराबर वार्षिक लीज रेंट के भुगतान के राज्य सरकार के प्रावधान से छूट प्रदान कर दी गई है। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण कार्य बिना किसी अवरोध के तेजी से हो सकेगा।
———-

पार्टनरशिप सम्मिट- 2013 में पार्टनर स्टेट के रूप में
प्रतिभाग करने एवं इससे सम्बन्धित वित्तीय व्यवस्था को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने काॅन्फेडरेशन आॅफ इण्डियन इण्डस्ट्री (सी.आई.आई.) - पार्टनरशिप सम्मिट- 2013 में पार्टनर स्टेट के रूप में प्रतिभाग करने एवं इससे सम्बन्धित वित्तीय व्यवस्था को मंजूरी प्रदान कर दी है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्तर पर लब्ध-प्रतिष्ठित उद्यमी संगठन सी.आई.आई. द्वारा प्रतिवर्ष देश के किसी एक प्रान्त में आयोजित किए जाने वाले सम्मेलन पार्टनरशिप सम्मिट का आगामी आयोजन आगरा में किए जाने का निर्णय भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा किया गया है। उत्तर प्रदेश, पार्टनरशिप सम्मिट- 2013 के आयोजन में भारत सरकार व सी.आई.आई. के साथ पार्टनर होगा।
इस सम्मिट में अभी तक आस्ट्रेलिया के व्यापार मंत्री, बांग्लादेश, श्रीलंका व जिम्बावे के वाणिज्य मंत्री, अमेरिका के अनुसचिव, विश्व व्यापार संगठन के डायरेक्टर जनरल श्री फ्रांसिस गरी ओ.ई.सी.डी. के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल, जापान के कमेटी आॅन साउथ एशिया के अध्यक्ष, म्यांमार के इन्वेस्टमेन्ट कमीशन के अध्यक्ष, एशिया डेवलेवमेन्ट बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर जनरल के साथ-साथ नामचीन शिक्षाविद् व बड़ी कम्पनियों के सी0ई0ओ0 द्वारा सहमति प्रदान कर दी गई है। इसके अतिरिक्त सी0आई0आई0 द्वारा 60 से अधिक देशों के व्यापार प्रतिनिधिमण्डलों को आमंत्रित किया गया है।
प्रदेश को निवेश हेतु शीर्ष प्राथमिकताओं वाले गंतव्य के रूप में स्थापित करने, अधिकाधिक पूंजी निवेश आकर्षित करने तथा आर्थिक विकास दर को गति प्रदान कर रोजगार सृजन एवं राज्य के चहँुमुखी विकास के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा पहले ही अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 घोषित की जा चुकी है।
———-

मेन्था प्रजाति पर मण्डी शुल्क घटाकर एक प्रतिशत करने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने मेन्था प्रजाति के समस्त प्रकार की हर्ब और मिन्ट उनके तेल और तेलों से निकाले गए ठोस पदार्थ और ठोस पदार्थ निकालने के पश्चात् बचे अवशेष पर मण्डी शुल्क एक प्रतिशत (0.5 प्रतिशत विकास सेस पूर्ववत रहेगा) कतिपय शर्तों के साथ करने का निर्णय लिया है, जो अभी तक दो प्रतिशत था। मण्डी शुल्क में कमी करने से उत्तर प्रदेश में मेन्था का उत्पादन बढ़ेगा एवं लघु उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इससे जहां एक ओर रोजगार में वृद्धि होगी, वहीं मेन्था उत्पादक कृषकों को राहत मिलेगी।
———-

गुड़/खाण्डसारी इकाइयों हेतु मण्डी शुल्क समाधान योजना लागू
मंत्रिपरिषद ने चीनी वर्ष 2012-13 हेतु प्रदेश में कार्यरत गुड़/खाण्डसारी इकाइयों हेतु उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मण्डी अधिनियम 1964 के अन्तर्गत मण्डी शुल्क समाधान योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इससे खाण्डसारी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को उनकी उपज का प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य प्राप्त होगा तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
———-

12 जनपदों में ग्रीष्मकालीन मूंगफली की उत्पादन एवं
उत्पादकता को बढ़ाने हेतु प्रोत्साहन योजना लागू

मंत्रिपरिषद ने 12 चयनित जनपदों में ग्रीष्मकालीन मूंगफली की उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाने हेतु 12वीं पंचवर्षीय योजना के दो वर्षाें, 2012-13 एवं 2013-14 के लिए प्रोत्साहन योजना लागू करने का फैसला लिया है। फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरैया, कानपुर नगर, लखनऊ एवं हरदोई में 2428 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रदर्शन संचालित किया जाएगा। इसके तहत उत्तम एवं गुणात्मक मूंगफली बीजों का वितरण कराकर उत्पादन में वृद्धि कराया जाएगा। नवीनतम फसल उत्पादन प्रौद्योगिकी का व्यवहारिक ज्ञान किसानों को उपलब्ध कराने के लिए खण्ड प्रदर्शनों के प्रत्येक 10 हेक्टेयर संहत क्षेत्र पर प्रति हेक्टेयर 10 हजार रुपए मात्र अनुदान की सुविधा कृषकों को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें बीज पर अनुदान मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम 6000 रुपए, तृणनाशी/पेस्टीसाइड पर अनुदान मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम 2000 रुपए एवं जिप्सम/रसायनिक खाद/सूक्ष्म तत्व पर मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम 2000 रुपए दिया जाएगा। इसी प्रकार तकनीकी हस्तान्तरण एवं जागरूकता हेतु कृषक प्रशिक्षण आयोजन किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक 25 कृषकों के समूह को दो दिवसीय प्रशिक्षण हेतु 25 हजार रुपए प्रति प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

मुख्यमंत्री ने जैन मुनि पर हुए प्राण घातक हमले की निन्दा की

Posted on 05 January 2013 by admin

जैन मुनि को राज्य सरकार सुरक्षा भी उपलब्ध कराएगी, मुनि की सुरक्षा के सम्बन्ध में प्रधानमंत्री व केन्द्रीय गृह मंत्री को पत्र भी भेजा जाएगा
cm-photo-04-december-2012_r2_c1 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने दिगम्बर जैन मुनि 108 श्री प्रबल सागर जी महाराज पर गुजरात प्रान्त के दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र श्री गिरनार जी के पर्वत पर कुछ अराजक तत्वों द्वारा किये गये प्राणघातक हमले की कड़ी निन्दा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साधु, महात्मा, मुनि या किसी भी अन्य धर्म गुरु का सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उस पर प्राणघातक हमला किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने ये विचार इस हमले के सम्बन्ध में उनसे मिलने आए
श्री दिगम्बर जैन मन्दिर समिति, कानपुर के एक प्रतिनिधिमण्डल से भेंट के दौरान व्यक्त किए। समिति के सदस्यों ने बताया कि जैन मुनि पर विगत
01 जनवरी, 2013 को हमला किया गया, जिसके चलते वे जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
श्री यादव ने प्रतिनिधिमण्डल को जैन मुनि को पूरी सुरक्षा देने का आश्वासन देते हुए कहा कि वे इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री तथा केन्द्रीय गृह मंत्री को पत्र भी लिखेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसी भी धर्म के अनुयायी में कोई भेदभाव नहीं करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी धर्मों के अनुयायियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

Advertise Here

Advertise Here

 

June 2026
M T W T F S S
« Sep    
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
-->









 Type in