Archive | Latest news

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

Posted on 28 January 2013 by admin

  • राज्यपाल ने परेड की सलामी ली
  • आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों व झांकियों की प्रस्तुति

up-cm-with-governor-b-l-joshi-in-republic-day-celebration-2013प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गणतंत्र दिवस आज हर्षोल्लास से मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम विधान भवन के सामने सम्पन्न हुआ, जहां राज्यपाल श्री बी.एल. जोशी ने परेड की सलामी ली। इसके पहले मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने राज्यपाल का स्वागत किया और उन्हें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।
गणतंत्र दिवस समारोह में भव्य परेड, आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न संस्थाओं की झाकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। परेड का नेतृत्व कर्नल करनदीप सिंह तुलसी ने किया। इस मौके पर भारतीय थल सेना के टी-72 एम टैंक, इन्फैन्ट्री कमबैट वाहन, मिसाइल माउण्टेड वाहन (ए.टी.जी.एम. मिलान) तथा मीडियम मशीन गन माउण्टेड वाहन प्रदर्शित किए गए।
up-governor-b-l-joshi-in-republic-day-celebration-2013परेड में आसाम रेजीमेण्ट, केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, उ0प्र0 पुलिस, पी.ए.सी. 32वीं बटालियन, होमगार्ड की पुरुष टुकडि़यों व सशस्त्र सीमा बल की महिला टुकड़ी द्वारा भव्य मार्च पास्ट प्रस्तुत किया गया। परेड में जाट रेजीमेण्टल सेण्टर, सशस्त्र सीमा बल, ए.एम.सी. सेण्टर व 11 गोरखा राइफल्स, ग्रेनेडियर्स रेजीमेण्ट सेण्टर तथा कुमाऊँ रेजीमेण्ट सेण्टर, केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल, आसाम रेजीमेण्ट एवं डोगरा रेजीमेण्ट, पी.ए.सी. 35वीं बटालियन तथा होमगार्ड के बैण्ड भी शामिल हुए।
मार्च पास्ट में उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल एवं ब्वायज एंग्लो बंगाली इण्टर काॅलेज के बालक, एन.सी.सी. के बालक एवं बालिकाएं, उ0प्र0 भारत स्काउट एवं गाइड की एनी बेसेण्ट गाइड कम्पनी की बालिकाएं, सेण्ट जोसफ इण्टर काॅलेज, राजाजीपुरम, लखनऊ पब्लिक स्कूल, ए ब्लाॅक राजाजीपुरम तथा सिटी माॅण्टेसरी स्कूल, आरडीएसओ की छात्राओं ने भी भाग लिया। सैनिक स्कूल तथा सिटी माॅण्टेसरी स्कूल, कानपुर रोड के बैण्ड भी परेड में सम्मिलित हुए। इसके अलावा पुलिस श्वान दल, घुड़सवार दल तथा अग्निशमन सेवा ने भी गणतंत्र दिवस की परेड में हिस्सा लिया।

इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। सिटी माॅण्टेसरी स्कूल, महानगर तृतीय शाखा द्वारा ‘वन्दे मातरम्’ नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति की गई। इसी प्रकार ब्वायज एंग्लो बंगाली इण्टर काॅलेज ने ‘देश रंगीला’ शीर्षक से तथा लखनऊ पब्लिक काॅलेज, गोमतीनगर शाखा द्वारा ‘रंग दे बसंती’ नृत्य प्रस्तुत किया गया। बाल विद्या मन्दिर सीनियर सेकेण्डरी स्कूल, चारबाग के विद्यार्थियों ने म्यूजिकल पिरामिड का प्रस्तुतिकरण किया। सिटी माॅण्टेसरी स्कूल, राजेन्द्र नगर प्रथम शाखा के बच्चों ने ‘हम सब एक हैं’ ड्रिल प्रस्तुत की।
गणतंत्र दिवस की परेड में प्रदेश के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश विधान मण्डल की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाने वाली झांकी में राज्य विधान मण्डल के गौरवशाली 125 वर्षों के इतिहास की जानकारी आकर्षक तरीके से प्रदान की गई। इसी क्रम में वन विभाग ने ‘हमारा प्रयास-हरियाली से खुशहाली’ शीर्षक से और मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश द्वारा ‘हम हैं जागरूक मतदाता-हम हैं जनमत के निर्माता’ विषयक झांकियां निकाली गईं। परिवार कल्याण विभाग के राज्य सूचना शिक्षा संचार ब्यूरो की झांकी में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। जबकि लखनऊ विकास प्राधिकरण की झांकी में जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय कंवेंशन सेण्टर के माॅडल को दर्शाया गया।
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की झांकी ‘बाग़वानी मिशन बना वरदान, प्रसंस्करण का रखना ध्यान’ विषय पर आधारित थी। पर्यटन विभाग की झांकी में इलाहाबाद में चल रहे कुम्भ मेले का प्रस्तुतिकरण किया गया। लखनऊ पब्लिक स्कूल्स एण्ड काॅलेजेज़ की झांकी ‘सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा’, सिटी माॅण्टेसरी स्कूल की झांकी ‘जय जगत, जय जगत, जय जगत पुकारे जा’ तथा अमीनाबाद इण्टर काॅलेज की झांकी ‘अप्प दीपों भव’ विषयों पर केन्द्रित थी। इरम एजुकेशनल सोसाइटी द्वारा ‘आजादी के सपूत मौलाना मोहम्मद अली जौहर’ विषय पर झांकी प्रस्तुत की गई। उत्तर प्रदेश पुलिस की झांकी ‘वुमेन पावर लाइन- 1090’ तथा समाज कल्याण विभाग की झांकी ‘समाजवाद की आभा में जन-जन की मुस्कान, समाज कल्याण का यही अभियान’ विषय पर आधारित थी। इस मौके पर उ0प्र0 पावर काॅर्पोरेशन तथा फुटवेयर डिज़ाइन एण्ड डेवलपमेण्ट इंस्टीट्यूट की झांकियां भी प्रदर्शित गईं।
गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री नारायण दत्त तिवारी, सांसद श्रीमती डिम्पल यादव सहित अन्य महानुभाव उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

जीवन स्तर को बेहतर बनाने और लोगों की खुशहाली में विज्ञान तथा अविष्कार के योगदान को नकारा नहीं जा सकता: मुख्यमंत्री

Posted on 28 January 2013 by admin

  • आधुनिक युग में विज्ञान अत्यधिक महत्वपूर्ण
  • मुख्यमंत्री ने विज्ञान यात्रा का शुभारम्भ किया, इन्सपायर अवार्ड भी वितरित किए

vigyan-yatraउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि जीवन स्तर को बेहतर बनाने और लोगों की खुशहाली में विज्ञान तथा अविष्कार के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जिन मुल्कों ने किसानों के लाभ और अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए इनका सदुपयोग किया, वे देश आगे बढ़े और वहां की जनता खुशहाल हुई।
मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर विज्ञान यात्रा के शुभारम्भ तथा इन्सपायर अवार्ड के वितरण हेतु आयोजित एक कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। विज्ञान यात्रा का आयोजन प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा इन्टेल के सहयोग से किया गया।
श्री यादव ने कहा कि प्राचीन समय में विज्ञान के क्षेत्र में देश का योगदान उल्लेखनीय था। किन्तु आधुनिक समय में जिस प्रकार के अविष्कार व मौलिक खोज की जानी चाहिए थी, ऐसा हम लोग नहीं कर पाए। इन्सपायर अवार्ड पाने वाले बच्चों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ये बच्चे अपनी प्रतिभा से विज्ञान के क्षेत्र में देश व प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए कि सभी बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों। प्रदेश सरकार इस ओर संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कम्प्यूटर के महत्व से भी पूरी तरह अवगत है। इसके दृष्टिगत 10वीं पास छात्र-छात्राओं को टैबलेट कम्प्यूटर व 12वीं पास छात्र-छात्राओं को लैपटाॅप देने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन दृष्टिगत हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक युग में जितना महत्व विज्ञान का है, उतना महत्व बिजली का भी है, क्योंकि बिजली से विकास होता है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा इस दिशा में गम्भीरता से प्रयास न किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मंत्रिपरिषद की पिछली बैठक में विद्युत सम्बन्धी लिए गए निर्णय का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए नए कदम उठाने जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि हो सकता है कि कुछ सख्त कदम भी उठाने पड़ें।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री श्री रामगोविन्द चैधरी ने कहा कि विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की रुचि को बढ़ाए जाने की जरूरत है।
मद्रास विश्वविद्यालय के पूर्व उप कुलपति प्रोफेसर पी.टी. मनोहरन ने कहा कि अल्प आयु से ही विज्ञान के प्रति बच्चों को प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में विज्ञान को समुचित प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।
इन्टेल दक्षिण एशिया की प्रबन्ध निदेशक सुश्री देबजानी घोष ने कहा कि टेक्नोलाॅजी में हमारे जीवन में बदलाव लाने की क्षमता है। उन्होंने मुख्यमंत्री व बेसिक शिक्षा मंत्री को स्मृति चिन्ह भी भेंट किए।
इसके पहले सचिव माध्यमिक शिक्षा श्री पार्थसारथी सेन शर्मा ने अपने स्वागत सम्बोधन में विज्ञान यात्रा एवं इन्सपायर अवार्ड योजना के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
vigyan-yatra-1इन्सपायर अवार्ड योजना भारत सरकार की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचलित की जा रही है, जिसके तहत मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थाओं के कक्षा 06 से 10 तक के विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए विज्ञान सम्बन्धी प्रोजेक्ट/माॅडल का मूल्यांकन कर जनपद/राज्य/राष्ट्रीय स्तर पर उनका प्रदर्शन किया जाता है। अक्टूबर, 2012 में नई दिल्ली में आयोजित प्रदर्शनी में प्रदेश के 05 बच्चों को पुरस्कार हेतु चयनित किया गया। इसके तहत राष्ट्रीय स्तर पर रीजनल अवार्ड विजेता फैजाबाद के अजीत कुमार तथा झांसी के शिवांश गुबरेले को मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत किया। इसी प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर राज्य अवार्ड विजेता फिरोजाबाद के आकाश पचैरी, बहराइच के नवीन पाण्डेय तथा वाराणसी के आयुष देवा को भी मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत किया।
मुख्यमंत्री ने विज्ञान यात्रा के तहत दो बसों को झण्डी दिखाकर रवाना किया। विज्ञान यात्रा प्रदेश के 21 जिलों में आयोजित की जा रही है। यह यात्रा लखनऊ, झांसी, कानपुर, कन्नौज, इटावा, एटा, अलीगढ़, गाजियाबाद, रामपुर, रायबरेली, इलाहाबाद, वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, बरेली, शाहजहांपुर, फैजाबाद, सुल्तानपुर तथा बाराबंकी में आयोजित की जा रही है। प्रत्येक जनपद के 100 शिक्षकों एवं एक हजार विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस प्रकार 2100 शिक्षक तथा 21,000 विद्यार्थी प्रशिक्षित किए जाएंगे। विज्ञान यात्रा विद्यार्थियों के बीच गणित और विज्ञान का आधार मजबूत बनाने तथा शिक्षकों को पूर्णतया कम्प्यूटर साक्षर बनाने पर केन्द्रित होगी। विज्ञान यात्रा के दौरान शिक्षा विशेषज्ञ आवश्यक हार्डवेयर और साफ्टवेयर से सुसज्जित दो बसों के माध्यम से सम्बन्धित जिलों में शिक्षकों व विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करेंगे।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, सांसद श्रीमती डिम्पल यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक श्री वासुदेव यादव ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

मुख्यमंत्री ने शहीद जवान बाबूलाल पटेल के परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त

Posted on 25 January 2013 by admin

20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ड्राफ्ट तथा एक एकड़ भूमि का पट्टा आवंटन-पत्र प्रदान किया

cm-photo-allahabad-visit-25-january-2013उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज जनपद इलाहाबाद के गांव शिवलाल का पूरा पहुंचकर शहीद जवान बाबूलाल पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए शहीद की पत्नी को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का बैंक ड्राफ्ट प्रदान किया। इस मौके पर उन्होंने शहीद के पिता श्री मुन्नीलाल पटेल को एक एकड़ भूमि का पट्टा आवंटन-पत्र भी प्रदान किया और शोकाकुल परिवार को ढांढ़स बंधाते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह शहीद के परिवार के साथ है।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि सभा में उमड़े जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार शिवलाल का पूरा गांव के समग्र विकास के लिए हर सम्भव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि शहीद जवानों और उनके परिवारों का पूरा सम्मान होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश को एक खुशहाल प्रदेश बनाने का संकल्प लिया है और सरकार गांव, गरीब तथा किसान के सर्वांगीण विकास के लिए हर सम्भव उपाय कर रही है। उन्होंने कहा कि नौजवानों को रोज़गार उपलब्ध कराने और बुनकरों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार तेजी से प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बिजली, सड़क, पानी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को गांव-गांव तक मुहैया कराने का प्रयास जारी है। चिकित्सीय सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा प्रारम्भ की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद ने देश और समाज का बहुत अहित किया है। इस पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए केन्द्र सरकार को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सभी स्तरों पर प्रभावी कदम उठाने होंगे।
केन्द्रीय रिजर्व पुलिस के डी.आई.जी. श्री डी0एल0 गोला ने मुख्यमंत्री को बताया कि रिजर्व पुलिस की ओर से शहीद जवान के परिवार को 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है और परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देने की कार्यवाही शुरु कर दी गयी है।
इस मौके पर प्रदेश के खाद्य एवं रसद तथा कारागार मंत्री श्री रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’, विधायकगण, पूर्व सांसद श्री धर्मराज पटेल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री राकेश गर्ग, विशेष सचिव श्री पंधारी यादव, जिलाधिकारी श्री राजशेखर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री मोहित अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय

Posted on 24 January 2013 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-


मे0 एचपी इण्डिया सेल्स प्रा0 लि0 को 15 लाख लैपटाॅप की आपूर्ति हेतु लेटर आॅफ इन्डेन्ट जारी करने की अनुमति

मंत्रिपरिषद ने 10वीं पास छात्र-छात्राओं को निःशुल्क टैबलेट एवं 12वीं पास छात्र-छात्राओं को लैपटाॅप प्रदान किए जाने की योजनान्तर्गत लैपटाॅप की आपूर्ति हेतु मेसर्स एचपी इण्डिया सेल्स प्रा0 लि0 को 15 लाख लैपटाॅप की आपूर्ति हेतु लेटर आॅफ इन्डेन्ट (एल0ओ0आई0) जारी करने की अनुमति उ0प्र0 इलेट्राॅनिक्स कार्पाेरेशन लि0 (यू0पी0एल0सी0) को प्रदान कर दी है।

टेक्निकल स्पेसिफिकेशन कमेटी की संस्तुतियों के आधार पर लैपटाॅप की विशिष्टियां निर्धारित करते हुए निविदा आमंत्रित करने के लिए कहा गया था। टैबलेट/लैपटाॅप योजनान्तर्गत प्राप्त निविदाओं के तकनीकी एवं वित्तीय परीक्षण तथा मूल्यांकन आदि समस्त कार्यांे के निष्पादन हेतु आई0टी0 एवं इलेक्ट्राॅनिक्स विभाग द्वारा निविदा मूल्यांकन/तकनीकी समिति का गठन किया गया। इस संबंध में क्रमशः मे0 ऐसर इण्डिया प्रा0लि0, मे0 एच0सी0एल0 इन्फोसिस्टम लि0, मे0 एचपी इण्डिया सेल्स प्रा0लि0 तथा मे0 लिनोवो इण्डिया प्रा0लि0 की निविदायें प्राप्त हुई। चारों निविदायें तकनीकी रूप से योग्य र्पाइं गईं। इसके पश्चात् वित्तीय निविदाओं को समिति द्वारा खोला गया जिनमें लैपटाॅप की यूनिट दरें तथा आपूर्ति संख्या क्रमशः निम्न प्रकार थी।
(1) मे0 एच0पी0 इण्डिया सेल्स प्रा0लि0 रु0 19,058.00 (समस्त कर सहित) 15 लाख यूनिट।
(2) मे0 एच0सी0एल0 इन्फोसिस्टम लि0, रु0 21,983.85 (समस्त कर सहित) 04 लाख यूनिट।
(3) मे0 लिनोवो इण्डिया प्रा0लि0 रु0 23,919 (समस्त कर सहित) 05 लाख यूनिट।
(4) मे0 ऐसर इण्डिया प्रा0लि0 रु0 25,199 (समस्त कर सहित) 08 लाख यूनिट।

निविदा मूल्यांकन/तकनीकी समिति द्वारा मे0 एच0पी0 इण्डिया सेल्स प्रा0लि0 द्वारा उपलब्ध कराई गई यूनिट दर को रु0 19,058 (समस्त कर सहित) निर्धारित करते हुए 15 लाख लैपटाॅप की आपूति आदेश प्रदान करने की संस्तुति की गई, जिसे मंत्रिपरिषद ने अनुमोदित कर अग्रेतर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
———-
सौर ऊर्जा नीति-2013 स्वीकृत
मंत्रिपरिषद ने सौर ऊर्जा नीति-2013 को स्वीकृत प्रदान कर दी है। यह नीति 31 मार्च, 2017 तक प्रभावी रहेगी तथा इसके तहत न्यूनतम 05 मेगावाट क्षमता की कुल 500 मेगावाट की सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादित परियोजनाओं की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नीति के क्रियान्वयन हेतु यूपीनेडा नोडल एजेन्सी नामित की गई है।
ग्रिड संयोजित सोलर पावर परियोजनाओं की स्थापना स्वयं की चिन्हित एवं क्रय भूमि पर की जा सकेगी। सरकारी भूमि पर सोलर पावर प्लाण्ट परियोजनाओं की स्थापना हेतु विकासकर्ता का चयन पारदर्शी प्रक्रिया द्वारा किया जाएगा। नीति की संचालन अवधि में स्थापित एवं कमीशन सौर ऊर्जा ग्रिड संयोजित परियोजनाओं से उत्पादित ऊर्जा का विक्रय उत्तर प्रदेश पावर कार्पाेरेशन लि0 (यू0पी0पी0सी0एल0) को 10 वर्ष के लिए निष्पादित पी0पी0ए0 के आधार पर अथवा थर्ड पार्टी को विक्रय करने के लिए स्वतंत्र होगी। उत्तर प्रदेश पावर कार्पाेरेशन लिमिटेड को उत्पादित ऊर्जा को विक्रय करने हेतु इच्छुक विकासकर्ताओं को कुल मेगावाट क्षमता के लिए आमंत्रित प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग में भाग लेना होगा। सफल बिडर का चयन आरोही क्रम में न्यूनतम कोटेड टैरिफ के आधार पर होगा। बिडिंग में प्राप्त टैरिफ यूपीईआरसी के अनुमोदन के अधीन होगा।
प्रदेश में ऐसे स्थापित एवं कमिशण्ड प्रथम 200 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्लान्ट के टैरिफ जिस पर पीपीए हस्ताक्षरित किए जाएंगे एवं यू0पी0पी0सी0एल0 द्वारा केस-1 बिडिंग में प्राप्त टैरिफ के अन्तर को, नोडल एजेन्सी द्वारा राज्य सरकार के बजट मद ‘सौर स्रोतों पर आधारित विद्युत उत्पादन की प्रोत्साहन योजना’ से प्राप्त फण्ड से वहन किया जाएगा। राजकीय विद्युत वितरण कम्पनी/राज्य पारेषण कम्पनी के पारेषण सिस्टम में ग्रिड संयोजन प्राप्त करने का दायित्व परियोजना विकासकर्ता का होगा या फीड इन सबस्टेशन अर्थात इण्टरकनेक्शन प्वाइंट तक पारेषण लाइन का व्यय परियोजना विकासकर्ता द्वारा वहन किया जाएगा, परन्तु बुन्देलखण्ड क्षेत्र में स्थापित की जाने वाली परियोजनाओं के लिए पारेषण लाइन एवं सबस्टेशन के निर्माण पर व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक नीति-2012 के अन्तर्गत प्राविधानित समस्त सुविधाएं सौर ऊर्जा विद्युत इकाईयों पर लागू होंगी तथा सोलर फार्म जहां कई सौर ऊर्जा विद्युत उत्पादन संयंत्र एक स्थान पर स्थापित किए जाएंगे एवं कुल निवेश 500 करोड़ रु0 से अधिक का होगा उन पर राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रोत्साहन केस-टू-केस के आधार पर दिया जाएगा। नीति में उत्पन्न विभिन्न प्रकरणों के पर्यवेक्षण, अनुश्रवण एवं समाधान मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा किया जाएगा।
———-
कुक्कुट पालन को अवस्थापना एवं औद्योगिक
निवेश नीति का लाभ प्रदान करने का फैसला

मंत्रिपरिषद ने कुक्कुट पालन में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 30,000 पक्षी क्षमता अथवा इससे अधिक के कामर्शियल लेयर्स/ब्रायलर्स फार्म तथा 10,000 पक्षी क्षमता अथवा इससे अधिक के पैरेन्ट ब्रायलर/लेयर्स फार्म विथ हैचरी की स्थापना को उत्तर प्रदेश अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के अंतर्गत लाभ प्रदान करने का फैसला लिया है। इन योजनाओं के लाभार्थियों को किसी भी स्रोत से भूमि क्रय करने पर स्टैम्प ड्यूटी पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। कुक्कुट आहार उत्पादन हेतु आहार इनग्रेडिएन्टस को 04 प्रतिशत प्रवेश कर से मुक्त रखा जाएगा। कुक्कुट पालन में आवश्यक प्लान्ट, मशीनरी व स्पेयर पार्टस में 02 करोड़ रुपए या इससे अधिक के पूंजी निवेश होने पर कच्चे माल के क्रय पर 05 वर्ष के लिए मण्डी शुल्क व विकास सेस से छूट उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश में स्थापित की जाने वाली ऐसी कुक्कुट पालन इकाईयों को निवेश प्रोत्साहन योजना का लाभ दिया जाएगा। कुक्कुट पालन इकाईयों को प्रारम्भिक 10 वर्षों तक, उनके द्वारा उपयोग की गई वास्तविक विद्युत पर विद्युत शुल्क देय नहीं होगा। प्रस्तावित योजना में प्रदेश के समस्त जनपदों में लाभार्थियों द्वारा बैंकों से लिए गए ऋण पर देय ब्याज की दर पर 10 प्रतिशत की दर से, अधिकतम 05 वर्ष हेतु प्रतिपूर्ति किया जाना प्राविधानित है। यह प्रतिपूर्ति प्लान्ट, लाइवस्टाक एवं मशीनरी हेतु बैंकों/वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋण पर होगी।
योजना के तहत 05 वर्षों में 410 लेयर्स फार्म तथा ब्रायलर पैरेन्ट फार्म की 60 इकाईयां स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।
———-
चीनी उद्योग, को-जनरेशन एवं आसवनी प्रोत्साहन नीति, 2013 स्वीकृत
मंत्रिपरिषद ने चीनी उद्योग, को-जनरेशन एवं आसवनी प्रोत्साहन नीति, 2013 को स्वीकृति प्रदान कर दी है। नीति के तहत प्रदेश के चिन्हित जनपदों - देवरिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, अमेठी, रायबरेली, बदायूं, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, एटा, इटावा, कन्नौज, मैनपुरी, फर्रूखाबाद, फिरोजाबाद, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, झांसी, जालौन, ललितपुर में नई चीनी मिलों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा। को-जनरेशन इकाई एवं डिस्टलरी की स्थापना प्रदेश में कहीं भी की जा सकेगी।
नीति के अन्तर्गत निवेश करने वालों को छूट एवं रियायत दिए जाने की व्यवस्था की गई है। इसमें ऋण पर 05 प्रतिशत ब्याज उपादान, गन्ना क्रयकर पर छूट, सोसाइटी कमीशन की प्रतिपूर्ति, देशी मदिरा हेतु शीरा आरक्षित करने से छूट, शीरे पर प्रशासनिक शुल्क की छूट तथा स्टाम्प ड्यूटी एवं भूमि रजिस्ट्री शुल्क में छूट की सुविधा शामिल है। इसके अलावा शीरे का प्रथम क्रय/विक्रय की तिथि से 05 वर्ष तक भुगतान किए गए वैट व केन्द्रीय विक्रयकर के योग के समतुल्य अथवा वार्षिक विक्रय धनराशि की 10 प्रतिशत धनराशि, जो भी कम हो, ब्याज मुक्त ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। प्रतिपूर्ति/छूट/ऋण अधिकतम 05 वर्ष हेतु अनुमन्य होगा।
छूट एवं रियायतें कतिपय शर्तों के अधीन होंगी। कम्पनी/इकाई द्वारा नई चीनी मिल की स्थापना राज्य सरकार द्वारा चिन्हित जनपदों में की गई हो। निर्माण कार्य नीति घोषित होने के उपरान्त प्रारम्भ किया गया हो, नीति घोषित होने के 03 वर्षों के अन्दर व्यवसायिक उत्पादन प्रारम्भ कर दिया गया हो, को-जनरेशन/आसवनी नीति घोषित होने के 02 वर्षों के अन्दर व्यवसायिक उत्पादन प्रारम्भ कर दिया जाएगा, कम्पनी/इकाई द्वारा सम्पूर्ण गन्ना मूल्य का भुगतान ससमय किया गया हो। 05 वर्षों में दी गई छूट एवं रियायतें प्रति इकाई 75 करोड़ रुपए से अधिक नहीं होगी। कम्पनी/इकाई द्वारा त्रुटिपूर्ण सूचना/अभिलेखों के आधार पर प्राप्त की गई छूट एवं रियायतों की धनराशि भू-राजस्व की भांति वसूल की जाएगी।
ज्ञातव्य है कि चिन्हित जनपदों में चीनी उद्योग को प्रोत्साहित करते हुए नई चीनी मिलों की स्थापना की आवश्यकता है। इससे किसानों की खुशहाली बढ़ेगी और प्रदेश का विकास भी होगा। इसके अलावा प्रदेश की बिजली आवश्यकता को देखते हुए 750 मेगावाट अतिरिक्त उत्पादन करने हेतु, स्थापित चीनी मिलों तथा नई लगने वाली चीनी मिलों में, को-जनरेशन प्लांट स्थापित कर अतिरिक्त विद्युत उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाना भी आवश्यक है।
प्रदेश में 61 आसवनी स्थापित हैं, जिनकी कुल क्षमता 135.06 करोड़ लीटर प्रति वर्ष है। वर्तमान में प्रदेश में गन्ना उत्पादन 59.34 टन प्रति हेक्टेयर है, जिसके 70 टन प्रति हेक्टेयर तक बढ़ने की आशा है। फलस्वरूप चीनी परता, शीरे के उत्पादन में भी वृद्धि होगी। इस प्रकार घरेलू उपयोग से उत्पादन अधिक होने के कारण गन्ने के रस से एथोनाॅल व अल्कोहल का उत्पादन बढ़ाया जा सकता है, जिससे न केवल चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि गन्ना मूल्य भुगतान सही समय पर होने से गन्ना किसानों को भी लाभ प्राप्त होगा तथा पेट्रोल में एथोनाॅल ब्लेंडिंग के कार्यक्रम को भी बढ़ावा मिलेगा।
वर्तमान समय में लगभग 18 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक की पूंजी ग्रामीण क्षेत्रों में गन्ना मूल्य के रूप में प्रवाहित हो रही है। प्रदेश में नई चीनी मिलों की स्थापना से इस पूंजी प्रवाह में और वृद्धि होगी एवं किसानों की आर्थिक स्थिति में आशातीत सुधार होगा। शासन की नीति गन्ना किसानों एवं चीनी मिलों के मध्य सामंजस्य स्थापित कर दोनों के हितों का सम्यक ध्यान रखते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।
अतः प्रदेश में चीनी उद्योग को बढ़ावा देने हेतु नई चीनी मिलों की स्थापना तथा को-जनरेशन प्लाण्ट एवं आसवनी स्थापित करने को प्रोत्साहित करने हेतु निजी पूंजी निवेश को आकर्षित करने की दृष्टि से चीनी उद्योग, को-जनरेशन एवं आसवनी प्रोत्साहन नीति, 2013 स्वीकृत की गई है।
———-
लघु उद्यमियों, विशिष्ट हस्तशिल्पियों तथा निर्यात प्रोत्साहन हेतु
प्रादेशिक पुरस्कार योजनाओं के नाम में परिवर्तन एवं विशिष्ट हस्तशिल्पियों की पुरस्कार राशि बढ़ाने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के लघु उद्यमियों, विशिष्ट हस्तशिल्पियों तथा निर्यात प्रोत्साहन हेतु प्रादेशिक पुरस्कार योजनाओं के नाम में परिवर्तन करने एवं विशिष्ट हस्तशिल्पियों को दिये जाने वाले पुरस्कार की धनराशि बढ़ाने का निर्णय लिया है।
बाबा साहब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर लघु उद्यमियों को प्रोत्साहन हेतु प्रादेशिक पुरस्कार, बाबा साहब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर विशिष्ट हस्तशिल्पियों को प्रादेशिक पुरस्कार तथा मान्यवर श्री कांशीराम निर्यात पुरस्कार भविष्य में क्रमशः डाॅ0 राम मनोहर लोहिया लघु उद्यमियों को प्रोत्साहन हेतु प्रादेशिक पुरस्कार योजना, डाॅ0 राम मनोहर लोहिया विशिष्ट हस्तशिल्पियों को प्रादेशिक पुरस्कार योजना तथा श्री जनेश्वर मिश्र निर्यात पुरस्कार योजना के नाम से प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा वर्तमान में विशिष्ट हस्तशिल्पियों को प्रादेशिक पुरस्कार योजना के अन्तर्गत 10 राज्य स्तरीय और 10 विशिष्ट पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं, जिनकी क्रमशः पूर्व निर्धारित पुरस्कार की राशि 20 हजार रुपए के स्थान पर 25 हजार रुपए तथा 10 हजार रुपए के स्थान पर 15 हजार रुपए दिए जाने का निर्णय लिया गया है। अन्य दो योजनाओं में पुरस्कार की संख्या एवं धनराशि में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
———-
सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ को
यथा स्थल पर बनाए रखने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ को यथा स्थल पर बनाए रखने का निर्णय लिया है। प्रशिक्षण संस्थान में प्रशासनिक भवन, विभिन्न छात्रावास तथा शैक्षिण भवन बने हैं, जो मात्र 15-20 वर्ष ही पुराने हैं। इनकों ध्वस्त कर नये स्थल पर भवन बनाने में अनावश्यक व्ययभार आएगा तथा प्रशिक्षणार्थियों तथा प्रशिक्षकों को अनेक कठिनाईयां उत्पन्न होंगी।
ज्ञातव्य है कि मंत्रिपरिषद ने 07 दिसम्बर, 2007 को जनपद लखनऊ स्थित कारागार संस्थाओं को शहर की घनी आबादी के बाहर स्थानान्तरित करने का निर्णय लिया था तद्नुसार कारागार प्रशिक्षण संस्थान को छोड़कर शेष संस्थाओं को शहर से बाहर स्थानान्तरित किया जा चुका है।
———-
जिला मजिस्ट्रेट को 72 घण्टे तक का पैरोल स्वीकृत करने का अधिकार
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश (बंदियों के दण्डादेश का निलम्बन) (प्रथम संशोधन) नियमावली-2012 को अनुमोदित कर दिया है। इसके तहत सिद्धदोष बंदियांे को 72 घण्टे तक की अवधि के लिए पैरोल स्वीकृत करने का अधिकार बंदी से संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट को दे दिया गया है। अब बंदियों के माता-पिता, पति-पत्नी, पुत्र-पुत्री, भाई-बहन की मृत्यु एवं पुत्र-पुत्री, भाई अथवा बहन के विवाह के मामलों में समय से जिला मजिस्ट्रेट ही पैरोल स्वीकृत कर सकेंगे।
Continue Reading

Comments (0)

राज्य सरकार की योजनाओं एवं नीतियों का लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए अधिकारी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा से काम करें: मुख्यमंत्री

Posted on 19 January 2013 by admin

  • जनसमस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता से काम करना चाहिए
  • गरीबों एवं किसानों को लाभ पहंुचाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल
  • अनेक बड़े उद्यमी प्रदेश में निवेश के इच्छुक

press-12उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि राज्य सरकार की योजनाओं एवं नीतियों का लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए अधिकारी पूरी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा से काम करें। उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों एवं किसानों को लाभ पहंुचाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में उद्योग स्थापना की व्यापक सम्भावनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक बड़े उद्यमी यहां निवेश के इच्छुक हैं। इस अवसर का लाभ उठाने के लिए हमें राज्य में निवेश के लिए माहौल बनाने हेतु तत्परता से काम करना होगा।
मुख्यमंत्री आज यहां विधान भवन स्थित तिलक हाॅल में प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने 06 वर्ष बाद आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम के लिए अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि इस आयोजन से आपसी सामंजस्य बढ़ाने और एक-दूसरे के अनुभव को समझने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कैडर के आई.ए.एस. अधिकारी देश के ऊंचे पदों तक प्रोन्नति पाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी सरकार का अभिन्न अंग हैं। इसलिए सरकार की योजनाओं को लागू करने तथा जनता को लाभ पहुंचाने का सबसे बड़ा उत्तरदायित्व अधिकारियों का ही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण फैसले लेेकर देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण काम किए हैं। इस परम्परा को कायम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनता, जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ अधिकारियों पर भी काफी भरोसा करती है। इसलिए अधिकारियों को जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी जनता की सेवा के लिए ही हैं। उन्होंने कहा कि विकास के लिए कानून व्यवस्था का ठीक रहना अत्यन्त आवश्यक है। इसलिए प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
श्री यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश बहुत बड़ा राज्य है। हाल ही में सम्पन्न विधान मण्डल के उत्तरशती रजत जयंती कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा दिए गए वक्तव्य का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश खुशहाल होगा तो देश भी खुशहाल होगा। प्रशासनिक व्यवस्था में मोबाइल आदि आधुनिक तकनीकों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से आम लोगों के लिए कई सुविधाएं बहुत कम खर्च पर पहुंचाई जा सकती हैं। उन्होंने इस व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने वूमेन पावर लाइन-1090 का उल्लेख करते हुए कहा कि कई प्रदेशों ने यह व्यवस्था लागू करने में रुचि दिखाई है। उन्होंने योजना का और अधिक विस्तार करने पर बल देते हुए कहा कि इसका लाभ अधिक से अधिक महिलाओं को मिलना चाहिए। राज्य में बेहतर स्वाथ्य सुविधा पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों एवं आम लोगों की अधिकांश धनराशि पारिवारिक सदस्यों के इलाज में खर्च हो जाती है। इसीलिए राज्य सरकार ने गरीबों एवं किसानों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं मेें और अधिक सुधार किया जाना चाहिए। समाजवादी स्वास्थ्य सेवा के तहत चल रही 108 इमरजेंसी मेडिकल ट्रांसपोर्ट सर्विस (ई.एम.टी.एस.) की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस सेवा को अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने की जरूरत है।
श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए ऋण राहत योजना बनाई है। कृषि इनपुट्स के बढ़ते भार को कम करने के लिए किसानों को नहरों एवं सरकारी नलकूपों से मुफ्त सिंचाई की सुविधा प्रदान की गई है। प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित किए गए गन्ने के राज्य समर्थित मूल्य का लाभ गन्ना किसानों को दिलाना जिलाधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसी प्रकार बुन्देलखण्ड सहित प्रदेश के अन्य भागों में दुधारू पशुओं की नस्ल में सुधार के साथ-साथ अन्य कार्यक्रमों को गम्भीरता से चलाना चाहिए, जिससे कि प्रदेश का आम आदमी तथा किसान लाभान्वित हो। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पी.डी.एस.) की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत तौर पर रुचि लेकर काम करना चाहिए। ताकि गरीबों को समय से राशन मिलने में कठिनाई न हो। इसके अलावा राज्य की विद्युत व्यवस्था सुधारने तथा अन्य योजनाओं को ठीक ढंग से लागू करने की अपेक्षा भी की।
श्री यादव ने अधिकारियों/कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से अपने अधीनस्थों पर नियंत्रण रखने के निर्देश देते हुए कहा कि जहां आवश्यक हो वरिष्ठ अधिकारियों को आगे बढ़कर निर्णय लेने एवं नेतृत्व प्रदान करने में संकोच नहीं करना चाहिए। जनता से किए गए वादों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसी के आधार पर जनता ने उनकी सरकार बनवाई है। इसलिए अधिकारियों का दायित्व है कि जनता से किए गए वादे गम्भीरता से बिना किसी भ्रष्टाचार के लागू किए जाएं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के वर्तमान उद्योग धंधों तथा कारखानों को चलाए रखने के साथ-साथ इस दिशा में नए निवेश के लिए भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही आगरा में पार्टनरशिप सम्मिट-2013 आयोजित होने जा रहा है। हमें इस अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे अभिनव प्रयासों की जानकारी ली तथा इन्हें गुणावगुण के आधार पर पूरे प्रदेश में लागू करने पर बल दिया। उन्होंने हाल ही में आई.ए.एस. कैडर में प्रोन्नति पाए नवागत अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रमोशन काफी प्रयास एवं संघर्ष के बाद सम्भव हो सका है।
इस अवसर पर राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री नवीन चन्द्र वाजपेई ने योजनाओं की मण्डलायुक्त तथा जिलाधिकारी स्तर पर लगातार समीक्षा करने एवं विकास कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने पर बल दिया।
मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विगत दस माह में काफी कार्य किये गये हैं। आने वाले समय में भी अधिकारी पूरी गम्भीरता व निष्ठा से राज्य सरकार की योजनाओं को प्रदेश में गुणवत्ता के साथ लागू करायेंगें। उन्होंने कहा कि सभी स्तरों पर विकास कार्यक्रमों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की माॅनीटरिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारी और अधिक सतर्कता से कार्य करेंगे। इसके पहले कृषि उत्पादन आयुक्त एवं आई.ए.एस. एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री आलोक रंजन ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हित में मुख्यमंत्री के विजन को लागू करने के लिए गम्भीरता से प्रयास किया जाएगा।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री राकेश गर्ग, शासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस महानिदेशक श्री ए.सी. शर्मा, मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी सहित
आई.ए.एस. कैडर के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

अपने कार्य एवं व्यवहार से अधिकारी जनता का दिल जीतकर यह एहसास कराये कि शासन एवं प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान हेतु सजग ही नहीं बल्कि गम्भीर भी: मुख्य सचिव

Posted on 19 January 2013 by admin

  • आगामी वर्ष से प्रत्येक दशा में पात्र लाभार्थियों के खाते में छात्रवृत्ति की धनराशि सीधे स्थानान्तरित होगी: जावेद उस्मानी
  • आगामी 31 मार्च तक बेरोजगारी भत्ता में आवंटित धनराशि का वितरण पात्रों को अवश्य करा दिया जाय: मुख्य सचिव
  • जन समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारी
  • अधिक से अधिक समय जनता को उपलब्ध रहें: जावेद उस्मानी
  • प्रशासनिक अधिकारी प्रदेश में औद्योगिक मित्र वातावरण बनाने हेतु और अधिक सकारात्मक कार्य करें, ताकि इच्छुक उद्यमियों को प्रदेश में उद्योग लगाने में अधिक से अधिक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें: मुख्य सचिव
  • विकास कार्यक्रमों को और अधिक गति देने हेतु प्रशासनिक अधिकारी और अधिक मेहनत से कार्य करें: जावेद उस्मानी

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने प्रशासनिक अधिकारियों का आहवान किया है कि वे प्रदेश में औद्योगिक मित्र वातावरण बनाने हेतु और अधिक सकारात्मक कार्य करें, ताकि इच्छुक उद्यमियों को प्रदेश में उद्योग लगाने में अधिक से अधिक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा को अपने कार्याें से पहचान बनाकर देश में उत्तम कैडर के रूप में पहचान बनानी है। उन्होंने कहा कि जनमानस की समस्याओं की सुनवाई एवं समाधान हेतु अपने कार्यालयों पर शासन के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित रहें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी अपने कार्याें एवं व्यवहार से जनता का दिल जीतकर यह विश्वास पैदा करें कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सजग ही नहीं, बल्कि गम्भीर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनता की समस्याओं के समाधान एवं विकास का वातावरण बनाने हेतु कोई कोर-कसर न उठा रखें। उन्होंने कहा कि आगामी 31 मार्च तक बेरोजगारी भत्ता में आवंटित धनराशि का वितरण पात्रों को अवश्य करा दिया जाये। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष से प्रत्येक दशा में पात्र लाभार्थियों के खाते में छात्रवृत्ति की धनराशि सीधे स्थानान्तरित की जाए।
मुख्य सचिव आज तिलक हाल में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के सम्मेलन के द्वितीय सत्र में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी तहसील दिवस कार्यक्रमों को गम्भीरता से लेकर जनसमस्याओं का समाधान तत्परता से करायें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि तहसील दिवस कार्यक्रमों में प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण शीघ्रता से करा दें, ताकि अगले तहसील दिवस कार्यक्रम में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो सके। उन्होंने कहा कि शीघ्रताशीघ्र पात्र छात्र-छात्राओं को लैपटाप का वितरण प्रारम्भ कराने हेतु आवश्यक निर्देश निर्गत कर दिए गए हैं, जिसके अनुसार चयन की कार्यवाही पारदर्शिता के साथ पूर्ण करायी जाए। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक योजनाओं के कार्य अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में ही कराया जाए, ताकि योजनाओं का सदुपयोग हो सके।
श्री उस्मानी ने यह भी कहा कि चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार क्रियान्वित की जा रही योजनाओं से पारदर्शिता के साथ जनसामान्य को लाभान्वित कराया जाए, क्रियान्वयन में किसी प्रकार का घपला नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी अपने अधीन विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के निर्माण कार्याें का अनुश्रवण ही न करें, बल्कि समय-समय पर कार्याें की गुणवत्ता सुनिश्चित कराने हेतु औचक निरीक्षण भी करें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के सहयोग से प्रदेश में चल रही योजनाओं में अधिक से अधिक भारत सरकार से धन प्राप्त कर आम जनता को योजनाओं से लाभान्वित करायें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यक्रमों को मण्डल एवं जनपद स्तर पर गति देने की जिम्मेदारी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को है, जिसको क्रियान्वित कराने में किसी भी स्तर पर चूक नहीं होनी चाहिए।
सम्मेलन के द्वितीय सत्र में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास, प्रमख सचिव नगर विकास, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद आदि अन्य विभागों के प्रमुख सचिवों एवं सचिवों ने भी अपने विचार व्यक्त कर विभाग के कार्याें की चर्चा की।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

मुख्यमंत्री से भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने भेंट की

Posted on 16 January 2013 by admin

  • प्रदेश के आर्थिक विकास में बैंकों के योगदान के सम्बन्ध में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए
  • मार्च 2014 तक प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में  3000 नई बैंक शाखाएं खोली जाएंगी
  • सबसे कम ऋण जमा अनुपात वाले प्रदेश के 10 जनपदों में विशेष अभियान चलाकर मार्च 2014 तक ऋण जमा अनुपात 03 प्रतिशत बढ़ाया जाएगा
  • अल्पसंख्यक बाहुल्य 140 विकासखण्डों का विकास  भी बैंकों के सहयोग से किया जाएगा

up-cm-with-rbi-govउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव से आज यहां उनके सरकारी आवास पर भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डाॅ0 डी0 सुब्बाराव ने भेंट की। इस अवसर पर प्रदेश के आर्थिक विकास में बैंकों के योगदान के सम्बन्ध में विस्तार से विचार-विमर्श हुआ तथा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मुख्यमंत्री ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर का ध्यान इस तथ्य की तरफ आकृष्ट किया कि वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर जहां अखिल भारतीय स्तर पर लगभग 13 हजार की जनसंख्या पर एक बैंक शाखा है, वहीं उत्तर प्रदेश में लगभग 16,500 की आबादी पर एक बैंक शाखा की सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी जनपदों को अखिल भारतीय स्तर पर लाने के लिए डाॅ0 सुब्बाराव से अनुरोध किया, जिसके क्रम में उन्होंने यह सहमति व्यक्त की कि मार्च 2014 तक प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 3000 नई बैंक शाखाएं खोली जाएंगी।
इन शाखाओं के लिए लोहिया ग्रामों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रदेश सरकार बैंक शाखाओं की स्थापना हेतु पंचायत भवन अथवा अन्य स्थान उपलब्ध कराने में सहयोग प्रदान करेगी। साथ ही, इन ग्रामों के लिए इंटरनेट कनेक्टिीविटी उपलब्ध कराने हेतु सेवा प्रदाताओं के साथ सामन्वय स्थापित कर इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि पहले चरण में अगले तीन माह में प्रदेश में 300 ऐसी शाखाओं की स्थापना एक साथ की जाएगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश के दस ऐसे जनपद, जिनका ऋण जमा अनुपात सबसे कम है, वहां विशेष अभियान चलाकर मार्च 2014 तक इसे तीन प्रतिशत बढ़ाया जाएगा। इस सम्बन्ध में राज्य में कार्यरत मुख्य बैंक जैसे-भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आॅफ बड़ौदा, यूनियन बैंक तथा इलाहाबाद बैंक सम्बन्धित जिलों के जिलाधिकारियों एवं विकास अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर क्रेडिट स्कीम तैयार करेंगे।
मुख्यमंत्री तथा भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर की बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि प्रदेश के अल्पसंख्यक बाहुल्य 140 विकासखण्डों के विकास के लिए अलग से कार्य योजना बनाकर इन ब्लाॅकों का विकास भी बैंकों के सहयोग से किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन निर्णयों को शीघ्रता शीघ्र कार्यान्वित कराने हेतु मुख्य सचिव अपने स्तर पर बैठक कर अनुपालन सुनिश्चित कराएं।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी, कृषि उत्पादन आयुक्त
श्री आलोक रंजन, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, प्रमुख सचिव संस्थागत वित्त श्री अवनीश अवस्थी, निदेशक संस्थागत वित्त श्री शिव सिंह यादव, भारतीय रिजर्व बैंक के रीजनल डायरेक्टर डाॅ0 रवि मिश्रा, बैंक आॅफ बड़ौदा के जनरल मैनेजर श्री डी0के0 गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ बैंक अधिकारी भी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

सीमाओं की सुरक्षा और दैवीय आपदा पर नियंत्रण पाने में भारतीय सेना के योगदान की मुख्यमंत्री ने की सराहना

Posted on 16 January 2013 by admin

  • भारतीय फौज पर देश के हर नागरिक को गर्व
  • सेना दिवस के अवसर पर झांसी दुर्ग में वीर सैनिकों का अलंकरण समारोह सम्पन्न

up-cm-in-jhanshi-army-function-1उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने एवं दैवीय आपदा पर नियंत्रण पाने में भारतीय सेना के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में मुस्तैदी से तैनात रहकर देश की एकता एवं अखण्डता को अक्षुण्ण बनाए रखने वाली भारतीय फौज पर देश के हर नागरिक को गर्व है।
up-cm-in-jhanshi-army-functionमुख्यमंत्री आज सेना दिवस के अवसर पर झांसी दुर्ग में दक्षिणी कमान द्वारा आयोजित वीर सैनिक अलंकरण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक दुर्ग झांसी की महारानी लक्ष्मीबाई के साहस एवं दृढ़ता का प्रतीक है। रानी लक्ष्मीबाई कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी पीछे नहीं हटीं और उन्होंने शत्रुओं के छक्के छुड़ा दिए। देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाली रानी लक्ष्मीबाई के इस दुर्ग से हमें देश के लिए मर मिटने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर उन्होंने वीर सैनिकों को वीरता पदक प्रदान किए और शहीद जवानों की वीर नारियों एवं सेवानिवृत्त सैनिकों को सम्मानित किया।
up-cm-in-jhanshi-army-function2श्री यादव ने पड़ोसी देशों के साथ शान्तिर्पूण सम्बन्धों पर बल देते हुए कहा कि हमें अपनी सामरिक क्षमता एवं ताकत भी बढ़ानी होगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में सीमा पर हमारे दो सैनिकों के साथ जिस बर्बरता का बर्ताव किया गया है, उस घृणित कृत्य की हर देशवासी कठोर निंदा कर रहा। शहीद सैनिक हेमराज के परिवार के साथ प्रदेश सरकार एवं जनता खड़ी है। पीडि़त परिवार को राज्य सरकार की ओर से सहायता उपलब्ध करायी गयी है और आगे भी शहीद के परिवार का पूरा ध्यान रखा जायेगा।
झांसी भ्रमण के दौरान उन्होंने मीडिया से भी बातचीत की। पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बुंदेलखण्ड की समस्याओं से भली प्रकार अवगत है और सरकार ने पानी, बिजली, सिंचाई और सड़कों में सुधार हेतु ठोस कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का प्रभाव निकट भविष्य मंें परिलक्षित होगा। मुख्यमंत्री ने बबीना में फायरिंग रेंज का अवलोकन भी किया।
अलंकरण समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल ए0 के0 ंिसंह ने वीर सैनिकों को पदक तथा यूनिट प्रशंसा पत्र प्रदान किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सेना ने देश की ओर बुरी नजर रखने वालों को पहले भी मुंहतोड़ जवाब दिया है और भविष्य में भी हम ऐसी चुनौती का करारा जवाब देंगे। उन्होेंने कहा कि हम अनुशासित सिपाही हैं और देश की सुरक्षा से बढ़कर हमारे लिए कुछ नहीं है। बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने में भारतीय सैनिक पीछे नहीं हटेंगे।
up-cm-in-jhanshi-army-function1अलंकरण समारोह में केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्री प्रदीप जैन, सांसद जालौन श्री घनश्याम अनुरागी, पूर्व संासद श्री चन्द्रपाल सिंह यादव, विधायक गरौंठा श्री दीप नारायण सिंह यादव, विधायक सदर श्री रवि शर्मा, विधायक बबीना श्री के0पी0 राजपूत, विधायक मऊरानीपुर सुश्री रश्मि आर्या, महापौर श्रीमती किरण वर्मा व अन्य गणमान्य जन प्रतिनिधि, सेना के वरिष्ठ अधिकारी तथा प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, आयुक्त झाँसी मण्डल
श्री सत्यजीत ठाकुर, जिलाधिकारी झाँसी श्री गौरव दयाल, डी0आई0जी0 पुलिस श्री एस0एन0 सिंह, एस0एस0पी0 डाॅ0 के0 एंजलरसन सहित जनपद के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

मकरसंक्रांति का पहला शाही स्नान शुरू- अपराह्न दो बजे तक करीब 70 लाख लोगों ने शांतिपूर्ण तथा अभूतपूर्व नियोजित ढंग से स्नान किया

Posted on 15 January 2013 by admin

कुंभ नगरी, इलाहाबाद 14 जनवरी 2013. मकर संक्रांति के पावन पर्व पर, पवित्र गंगा, यमुना और अलौकिक गुप्त सरस्वती नदियों के संगम तट पर सुबह तीन बजे से शरू हुए स्नान तथा पांच बजे से आरम्भ पहले शाही स्नान के अवसर पर पुरातन दशनामी परंपरा में दस अखाड़ों के पीठाधीश्वरों, महामंडलेश्वरों, संतों, आम नागरिकों, गृहस्थों तथा श्रद्धालु विदेशियों सहित समाचार लिखे जाने तक अपराह्न दो बजे तक करीब 70 लाख लोगों  ने शांतिपूर्ण तथा अभूतपूर्व नियोजित ढंग से स्नान किया। आधी रात के बाद से ही मंडलायुक्त श्री देवेश चतुर्वेदी एवं पुलिस महानिरीक्षक श्री आलोक शर्मा, की देखरेख में सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में अलग अलग जगहों पर मुस्तैद मेलाधिकारी श्री मणि प्रसाद मिश्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री आरकेएस राठौर ने अपने सहयोगियों के साथ भूमिका निभायी वहीं सूर्योदय के समय कोहरे को फाड़ कर अचानक खिली धूप में कपडे सुखाने, खिचडी खाने तथा थकान  दूर करने को आराम करने लगे हजारों  श्रद्धालुओं के कारण संगम क्षेत्र में बने 19 घाटों पर अचानक बढ़ती भीड़ की स्थिति को प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) श्री अरुण कुमार ने नियंत्रण कक्ष से उत्तराखंड से मंगाए गए पीएसी बलों को सीधे निर्देश देकर आनन् फानन हटवा करश्रद्धालुओं के आवगमन  को सुगम बनाया एवं स्थिति को नियंत्रित करवाया।

सर्वप्रथम पुरातन काल से चली आ रही परंपरा के अनुरूप निर्धारित समय ठीक प्रातः पांच बजे से महानिर्वाणी तथा अटल अखाड़ों के बाद निरंजनी, आनंद, जूना, आवाहन, अग्नि, निर्वाणी, दिगंबर, निर्मोही अखाड़ों ने ऐतिहासिक एवं पारंपरिक  रीति रिवाज से  शाही स्नान किया। समाचार लिखे जाने तक नया उदासीन, बड़ा उदासीन और निर्मल अखाड़ों के दल स्नान घाट की और प्रस्थान कर चुके थे। भारी संख्या में संसार के विभिन्न क्षेत्रों से प्रयाग पधारे मीडिया कर्मियों ने भी पहले स्नान के रोमांच को अनुभव किया। उत्तर प्रदेश शासन ने मीडियाकर्मियों के लिए लाल सड़क पर अत्याधुनिक संचार साधनों से लैस एक मीडिया सेंटर की स्थापना की है जहाँ से सभी समाचार चैनलों और मीडिया संस्थानों के तकरीबन बड़ी संख्या में अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय तथा स्थानीय पत्रकार एवं छायाकार दुनियाभर के समाचार माध्यमो को पल-पल की खबरें भेज रहे है। मीडिया सेंटर में एक आधुनिक स्टूडियो और ब्राडबैंड इन्टरनेट सुविधायुक्त 50 तेज रफ्तार कंप्यूटर किसी भी समय खाली नहीं रहते। कुम्भ मेला क्षेत्र में बिछुड़े परिजनों को एक दूसरे से मिलाने के लिए स्थापित पांच खोया पाया केन्द्रों द्वारा बहुत तेजी से कार्य किया जा रहा है।

अपर पुलिस महानिदेशक श्री अरुण कुमार ने सुबह के स्नान का पहला चक्र सकुशल संपन्न होने के बाद कुम्भ नगरी में स्थित परेड अरैल, झूंसी, पीएसी, ट्रैफिक, घुड़सवार तथा महिला पुलिस लाइनों का मुआइना किया और उनको अबतक के संतोषजनक कार्य के लिए शाबासी देने के साथ ही रात तक चलने वाली स्नान व्यवस्था में अपनी पारियों की ड्यूटी पूर्ण मनोयोग से निभाने को प्रेरित किया। उन्होंने पुलिस के जवानों की खान पान से लेकर आवासीय तक हर प्रकार की बुनियादी सुविधाओ का भी निरीक्षण करके समुचित निर्देश जारी किये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

जस्व प्राप्ति में और अधिक तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्य का शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करायें

Posted on 15 January 2013 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने विगत दिसम्बर माह तक कर राजस्व में 43288.79 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 40870.63 करोड़़ रुपये (लक्ष्य का 94.4 प्रतिशत) की प्राप्ति होने पर अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व प्राप्ति में और अधिक तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्य का शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करायें। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 62759.22 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का वार्षिक लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है जिसे प्रत्येक दशा में पूर्ण किया जाना है। उन्होंने कहा कि राजस्व प्राप्ति के लिए नजूल भूमि के लिए नीति बनाने हेतु एक सप्ताह में प्रारम्भिक नोट प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के अनुपयोगी जमीन को स्थानीय स्तर पर चिन्हित कर शासकीय कार्य हेतु किसी भी विभाग में उपयोग में लाने हेतु योजना बनाकर विभागीय आय के साधन बढ़ाए जाएं। उन्होंने प्रमुख सचिव कर-निबन्धन को निर्देश दिए कि जनवरी माह में ही ग्रेटर नोएडा एवं नोएडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों के साथ बिन्दुवार चर्चा हेतु बैठक आयोजित की जाए ताकि राजस्व वसूली सम्बन्धी समस्याओं का समाधान तत्काल हो सके।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कक्ष के सभागार में कर-करेत्तर राजस्व प्राप्ति की समीक्षा कर रहे थे।
बैठक में बताया कि भू-राजस्व में वार्षिक लक्ष्य 577 करोड़ रुपये के सापेक्ष 534.81 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति माह दिसम्बर तक की गई है जो कुल लक्ष्य के क्रमिक प्राप्ति का 92.7 प्रतिशत है। स्टाम्प एवं निबन्धन शुल्क में निर्धारित लक्ष्य 9308 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 6492.02 करोड़ रुपये,  राज्य आबकारी में 10070 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 6733.20 करोड़ रुपये, वाणिज्य कर में निर्धारित लक्ष्य 38492 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 24251.17 करोड़ रुपये, गन्ने पर क्रय कर  में निर्धारित लक्ष्य 116.84 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 85.90 करोड़ रुपये, परिवहन में निर्धारित लक्ष्य 2950 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 2221.43 करोड़ रुपये, मनोरंजन कर में निर्धारित लक्ष्य 360 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 287.70 करोड़ रुपये, पर्यटन (होटल प्राप्ति) में निर्धारित लक्ष्य 35.38 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 21.78 करोड़ रुपये, तथा ऊर्जा (विद्युत शुल्क) में निर्धारित लक्ष्य 850 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 242.62 करोड़ रुपये की कर राजस्व प्राप्ति की गई है।
इसी प्रकार करेत्तर राजस्व में 11115.64 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष माह दिसम्बर तक 4539.16 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। जिसमें वानिकी एवं वन्य प्राणि में निर्धारित लक्ष्य 353.93 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 235.79 करोड़ रुपये, सिंचाई शुल्क में निर्धारित लक्ष्य 653.23 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 143.08 करोड़ रुपये, खान एवं खनिकर्म में निर्धारित लक्ष्य 954 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 462.91 करोड़ रुपये, आवास (नजूल भूमि की बिक्री से प्राप्ति ) में निर्धारित लक्ष्य 25 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 19.81 करोड़ रुपये, पुलिस में निर्धारित लक्ष्य 326.71 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 166.07 करोड़ रुपये, लोक निर्माण कार्य में निर्धारित लक्ष्य 79.50 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 37.19 करोड़ रुपये, लोक निर्माण (आवास) में निर्धारित लक्ष्य 42.99 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 9.57 करोड़ रुपये, लोक निर्माण (सड़क एवं सेतु) में निर्धारित लक्ष्य 551.61 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 100.43 करोड़ रुपये, फसल कृषि फर्म में निर्धारित लक्ष्य 46.76 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 37.79 करोड़ रुपये, सड़क परिवहन में निर्धारित लक्ष्य 3.60 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 2.44 करोड़ रुपये, मण्डी परिषद में निर्धारित लक्ष्य 1100 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 868.52 करोड़ रुपये तथा बेसिक शिक्षा में निर्धारित लक्ष्य 4661.39 करोड़ रुपये के सापेक्ष दिसम्बर माह तक 2293.67 करोड़ रुपये की करेत्तर राजस्व प्राप्ति हुई है।
बैठक में प्रमुख सचिव वित्त श्री आनन्द मिश्रा सहित सम्बन्धित विभागांे के प्रमुख सचिव एवं सचिव उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

Advertise Here

Advertise Here

 

June 2026
M T W T F S S
« Sep    
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
-->









 Type in