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जीवन स्तर को बेहतर बनाने और लोगों की खुशहाली में विज्ञान तथा अविष्कार के योगदान को नकारा नहीं जा सकता: मुख्यमंत्री

Posted on 28 January 2013 by admin

  • आधुनिक युग में विज्ञान अत्यधिक महत्वपूर्ण
  • मुख्यमंत्री ने विज्ञान यात्रा का शुभारम्भ किया, इन्सपायर अवार्ड भी वितरित किए

vigyan-yatraउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि जीवन स्तर को बेहतर बनाने और लोगों की खुशहाली में विज्ञान तथा अविष्कार के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जिन मुल्कों ने किसानों के लाभ और अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए इनका सदुपयोग किया, वे देश आगे बढ़े और वहां की जनता खुशहाल हुई।
मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर विज्ञान यात्रा के शुभारम्भ तथा इन्सपायर अवार्ड के वितरण हेतु आयोजित एक कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। विज्ञान यात्रा का आयोजन प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा इन्टेल के सहयोग से किया गया।
श्री यादव ने कहा कि प्राचीन समय में विज्ञान के क्षेत्र में देश का योगदान उल्लेखनीय था। किन्तु आधुनिक समय में जिस प्रकार के अविष्कार व मौलिक खोज की जानी चाहिए थी, ऐसा हम लोग नहीं कर पाए। इन्सपायर अवार्ड पाने वाले बच्चों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ये बच्चे अपनी प्रतिभा से विज्ञान के क्षेत्र में देश व प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए कि सभी बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों। प्रदेश सरकार इस ओर संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कम्प्यूटर के महत्व से भी पूरी तरह अवगत है। इसके दृष्टिगत 10वीं पास छात्र-छात्राओं को टैबलेट कम्प्यूटर व 12वीं पास छात्र-छात्राओं को लैपटाॅप देने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन दृष्टिगत हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक युग में जितना महत्व विज्ञान का है, उतना महत्व बिजली का भी है, क्योंकि बिजली से विकास होता है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा इस दिशा में गम्भीरता से प्रयास न किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मंत्रिपरिषद की पिछली बैठक में विद्युत सम्बन्धी लिए गए निर्णय का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए नए कदम उठाने जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि हो सकता है कि कुछ सख्त कदम भी उठाने पड़ें।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री श्री रामगोविन्द चैधरी ने कहा कि विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की रुचि को बढ़ाए जाने की जरूरत है।
मद्रास विश्वविद्यालय के पूर्व उप कुलपति प्रोफेसर पी.टी. मनोहरन ने कहा कि अल्प आयु से ही विज्ञान के प्रति बच्चों को प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में विज्ञान को समुचित प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।
इन्टेल दक्षिण एशिया की प्रबन्ध निदेशक सुश्री देबजानी घोष ने कहा कि टेक्नोलाॅजी में हमारे जीवन में बदलाव लाने की क्षमता है। उन्होंने मुख्यमंत्री व बेसिक शिक्षा मंत्री को स्मृति चिन्ह भी भेंट किए।
इसके पहले सचिव माध्यमिक शिक्षा श्री पार्थसारथी सेन शर्मा ने अपने स्वागत सम्बोधन में विज्ञान यात्रा एवं इन्सपायर अवार्ड योजना के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
vigyan-yatra-1इन्सपायर अवार्ड योजना भारत सरकार की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचलित की जा रही है, जिसके तहत मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थाओं के कक्षा 06 से 10 तक के विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए विज्ञान सम्बन्धी प्रोजेक्ट/माॅडल का मूल्यांकन कर जनपद/राज्य/राष्ट्रीय स्तर पर उनका प्रदर्शन किया जाता है। अक्टूबर, 2012 में नई दिल्ली में आयोजित प्रदर्शनी में प्रदेश के 05 बच्चों को पुरस्कार हेतु चयनित किया गया। इसके तहत राष्ट्रीय स्तर पर रीजनल अवार्ड विजेता फैजाबाद के अजीत कुमार तथा झांसी के शिवांश गुबरेले को मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत किया। इसी प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर राज्य अवार्ड विजेता फिरोजाबाद के आकाश पचैरी, बहराइच के नवीन पाण्डेय तथा वाराणसी के आयुष देवा को भी मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत किया।
मुख्यमंत्री ने विज्ञान यात्रा के तहत दो बसों को झण्डी दिखाकर रवाना किया। विज्ञान यात्रा प्रदेश के 21 जिलों में आयोजित की जा रही है। यह यात्रा लखनऊ, झांसी, कानपुर, कन्नौज, इटावा, एटा, अलीगढ़, गाजियाबाद, रामपुर, रायबरेली, इलाहाबाद, वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, बरेली, शाहजहांपुर, फैजाबाद, सुल्तानपुर तथा बाराबंकी में आयोजित की जा रही है। प्रत्येक जनपद के 100 शिक्षकों एवं एक हजार विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस प्रकार 2100 शिक्षक तथा 21,000 विद्यार्थी प्रशिक्षित किए जाएंगे। विज्ञान यात्रा विद्यार्थियों के बीच गणित और विज्ञान का आधार मजबूत बनाने तथा शिक्षकों को पूर्णतया कम्प्यूटर साक्षर बनाने पर केन्द्रित होगी। विज्ञान यात्रा के दौरान शिक्षा विशेषज्ञ आवश्यक हार्डवेयर और साफ्टवेयर से सुसज्जित दो बसों के माध्यम से सम्बन्धित जिलों में शिक्षकों व विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करेंगे।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, सांसद श्रीमती डिम्पल यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक श्री वासुदेव यादव ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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