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15 राज्य राजमार्गों का उच्चीकरण/अनुरक्षण सार्वजनिक-निजी-सहभागिता से होगा

Posted on 07 May 2010 by admin

लखनऊ - उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की अध्यक्षता में आज यहॉ सम्पन्न मन्त्रिपरिषद की बैठक में 15 राज्य राजमार्गो का सार्वजनिक-निजी-सहभागिता से उच्चीकरण/अनुरक्षण कराये जाने हेतु निजी विकासकर्ता के चयन के लिए प्रारिम्भक सैद्धान्तिक अनुमोदन प्रदान किया गया।

मन्त्रिपरिषद द्वारा इन मार्गो का लोक निर्माण विभाग से उ0प्र0 राज्य राजमार्ग प्राधिकरण को इस शर्त के साथ नि:शुल्क हस्तान्तरण किये जाने का भी निर्णय लिया गया कि मार्गों को निजी विकासकर्ता को हस्तान्तरित किये जाने तक, इनका अनुरक्षण पूर्ववत् लोक निर्माण विभाग द्वारा ही कराया जाता रहेगा।

मन्त्रिपरिषद द्वारा यह भी फैसला लिया गया कि इन मार्गो पर यूटिलिटी शििफ्टंग, टोल प्लाजा, जन सुविधाओं जैसे आबादी भाग में अतिरिक्त सर्विस लेन, नाली, बस शेल्टर, शौचालय इत्यादि के निर्माण एवं बाईपासेज के निर्माण एवं सड़क को चौड़ा करने हेतु आवश्यक भूमि अधिग्रहण एवं मार्ग के उच्चीकरण में आने वाले वृक्षों के कटान एवं पुर्नवृक्षारोपण पर होने वाले व्यय का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा। इसके अलावा योजना आयोग भारत सरकार द्वारा अनुमन्य लागत के 20 प्रतिशत तक की वायबिलिटी गैप फण्डिंग से अधिक धनराशि की वायबिलिटी गैप फण्डिंग का वहन राज्य सरकार द्वारा किये जाने का भी निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही वन विभाग के परामर्श के आलोक में परियोजना के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

कंसेशनेयर के चयन हेतु योजना आयोग, भारत सरकार द्वारा निर्धारित रिक्वेस्ट फार क्वालिफिकेशन (आर0एफ0क्यू0), रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आर0एफ0पी0) एवं मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट (एम0सी0ए0) के प्रारूपों
को अंगीकृत किये जाने का भी निर्णय लिया गया।

सार्वजनिक-निजी-सहभागिता से उच्चीकरण/अनुरक्षण कराये जाने के लिए राजमार्गो में बरेली-अल्मोड़ा-बागेश्वर
मार्ग, सुल्तानपुर-आजमगढ़-बलिया मार्ग, वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग, टाण्डा-जौनपुर मिर्जापुर-दुद्धी मार्ग, बदायूं
बिल्सी इस्लामनगर-बहजोई- सम्भल-हसनपुर-गजरौला मार्ग, दिल्ली-सहारनपुर-यमुनोत्री मार्ग, पलिया-शाहजहॉपुर- हरदोई-लखनऊ मार्ग, उतरौला-मनकापुर-नवाबगंज मार्ग, मेरठ-करनाल मार्ग, गोरखपुर महराजगंज मार्ग, बस्ती, मेंहदावल, तमकुही मार्ग, मुरादाबाद-चन्दौसी-बदायूं मार्ग, फरेन्दा-नौगढ़-जरवल मार्ग, गढ़-मेरठ-बागपत-सोनीपत मार्ग तथा बुलन्दशहर-स्याना-गढ़ मार्ग सम्मलित है।

ज्ञातव्य है कि प्रदेश के विकास में मार्गो की महत्वपूर्ण भूमिका के दृष्टिगत एवं वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण प्रदेश में महत्वपूर्ण राज्य एवं अन्य मार्गो का निर्माण/उच्चीकरण/अनुरक्षण सार्वजनिक-निजी-सहभागिता से कराया जाना आवश्यक है। इस हेतु उ0प्र0 राज्य राजमार्ग प्राधिकरण का गठन किया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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5659.33 लाख कुन्तल गन्ना पेरकर 515.98 लाख कुन्तल चीनी का उत्पादन - सिद्दीकी

Posted on 04 May 2010 by admin

चालू पेराई सत्र में 12227.62 करोड़ रुपये का भुगतान

लखनऊ - उत्तर प्रदेश में चालू पेराई सत्र में 12227.62 करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया गया है। इस पेराई सत्र में 5659.33 लाख कुन्तल गन्ना पेर कर 515.98 लाख कुन्तल चीनी का उत्पादन हुआ। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मन्त्री श्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने आज यहां यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि चीनी निगम की चीनी मिलों द्वारा 118.36 लाख कुन्तल गन्ना पेर कर 10.14 लाख कुन्तल चीनी का उत्पादन हुआ। सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों द्वारा 375.49 लाख कुन्तल गन्ना पेर कर 31.29 लाख कुन्तल चीनी का उत्पादन हुआ तथा निजी क्षेत्र की चीनी मिलों द्वारा 5165.48 लाख कुन्तल गन्ना पेर कर 475.55 लाख कुन्तल चीनी का उत्पादन हुआ।

उन्होंने बताया कि इस पेराई सत्र में चीनी परता 9.12 प्रतिशत रहा। श्री सिद्दीकी ने बताया कि इस पेराई सत्र में 128 चीनी मिलें संचालित हुई थीं जबकि पेराई सत्र 2008-09 में 132 चीनी मिलें संचालित हुई थी। चीनी निगम द्वारा इस पेराई सत्र में 248.63 करोड़ रुपये, सहकारी चीनी मिलों द्वारा 823.45 करोड़ रुपये तथा निजी क्षेत्र की चीनी मिलों द्वारा 11155.54 करोड़ रुपये का भुगतान गन्ना किसानों को कर दिया गया है जबकि 2008-09 में इसी अवधि में
5924.87 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। चीनी निगम एवं सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों पर गत पेराई सत्र का कोई बकाया शेष नहीं है जबकि निजी क्षेत्र की चीनी मिलों पर 0.82 लाख रुपये ही गन्ना किसानों का शेष है।

गन्ना विकास मन्त्री ने बताया कि वर्ष 2004-05 व 2005-06 का गन्ना किसानों का शत-प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है जबकि वर्ष 2007-08 का एस0ए0पी0 की दर पर 99.9 प्रतिशत भुगतान कराया जा चुका है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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गुण्डों, बदमाशों, डकैतों, माफियाओं व पेशेवर अपराधियों एवं अन्य शातिर अपराधियों“ का जंगलराज नहीं चलेगा

Posted on 02 May 2010 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने प्रदेश में कानून व्यवस्था में सुधार के लिए अपनी सरकार द्वारा अब तक उठाये गये सख्त से सख्त कदमों की जानकारी देते हुए कहा है कि उनकी सरकार ने हर मामले में अन्यायमुक्त, अपराधमुक्त व भयमुक्त वातावरण पैदा किया है। उन्होंने आम जनता को विश्वास दिलाया कि प्रदेश में, उनके शासनकाल के रहते हुए “गुण्डों, बदमाशों, डकैतों, माफियाओं व पेशेवर अपराधियों एवं अन्य शातिर अपराधियों“ का जंगलराज नहीं चलेगा। अर्थात् यहां हर मामले में कानून द्वारा कानून का ही राज चलेगा।

मुख्यमन्त्री आज अपने सरकारी आवास पर प्रेस-प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बी0एस0पी0 की सरकार बनते ही उनकी सरकार ने हर मामले में “अन्यायमुक्त, अपराधमुक्त व भयमुक्त“ वातावरण पैदा करने तथा पूर्व की सपा सरकार में व्याप्त जंगलराज को खत्म करके, कानून का राज कायम करने के लिए विशेष अभियान चलाया, तो तब सपा व अन्य पार्टियों में बड़ी तादाद् में घुसे हुये अपराधिक छवि वाले तत्वों की नीन्द हराम हो गई थी। उन्होंने कहा कि जब इन पार्टियों को यह लगा कि इनकी पार्टियों में अपराधिक छवि रखने वाले लोग, जिनके आधार पर ये पार्टियां सत्ता में आने का सपना देखती हैं। इसलिए फिर इन विरोधी पार्टियों ने अपने इन अपराधिक तत्वों को जेल से बाहर रखने के लिए षड़यन्त्र के तहत् धीेरे-धीरे उनकी पार्टी में भेजना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि आने वाले विधान सभा आमचुनाव होने से पहले ये सभी अपराधिक तत्व जेल में बन्द हो गये, तो फिर सपा व अन्य विरोधी पार्टियों का यहां सत्ता में आना बहुत मुश्किल हो जायेगा। जब धीरे-धीरे अपराधिक तत्वों ने काफी हद तक हमारी पार्टी में अपनी जड़े जमा ली, तो फिर इन्होंने पूर्व की भांति अपनी आदतों से मजबूर होकर यहां जंगलराज कायम करना शुरू कर दिया।

सुश्री मायावती ने कहा कि 15 मार्च की रैली खत्म होने के बाद जब उनकी पार्टी के जिम्मेदार लोगों ने ये सब बाते उनके सामने रखी तो फिर उन्होंने इस बारे में अपने कुछ खास सूत्रों से भी इसकी रिपोर्ट ली। इनकी रिपोर्ट में भी उन्हें काफी हद तक, यह सच्चाई नज़र आयी। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल का कार्यक्रम खत्म होने के तुरन्त बाद ही उन्होंने, 17 अप्रैल को पार्टी के जिम्मेदार लोगों की बैठक बुलाकर उन्हें यह सख्त निर्देंश दिये गये कि 29 अप्रैल तक पार्टी संगठन के सभी कार्य छोड़कर सबसे पहले उन्हें अपनी पार्टी में दूसरी पार्टियों द्वारा षड़यन्त्र के तहत् जो अपराधिक छवि के लोग भेज दिये गये हैं, उनकी सूची बनाकर, ऐसे तत्वों को तुरन्त पार्टी से निकाले व उनके निकालने की खबर अखबारों में भी जरूर दें। उन्होंने कहा कि खुशी की यह बात है कि हमारी पार्टी के सभी जिम्मेदार लोगों ने उनके इस आदेश का कड़ाई से पालन किया।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि 29 अप्रैल तक पूरे प्रदेश से लगभग 500 आपराधिक छवि रखने वाले तत्वों को उन्होंने पार्टी से निकाल बाहर किया। उन्होंने कहा कि जिनके खिलाफ अपराध हैं, उनके अपराधों को लेकर अब सख्त कार्यवाही की जायेगी, ताकि उ.प्र. में अमन-चैन का वातावरण पैदा हो सके। इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने कल फिर यह हिदायत दी है कि उनकी पार्टी में दूसरी पार्टियों से आये हुये अभी आपराधिक छवि के जो लोग बच गये हैं, उनकी भी 13 मई से पहले सूची बनाकर व उनकी पार्टी द्वारा अधिकृत किये गये लोगों से पार्टी से निकालने की इजाजत लेकर, उन्हें पार्टी से निकालकर बाहर करें। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में जो भी लोग कानून को अपने हाथ में लेते हैं, उनके खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की जाती है और ऐसा उन्होंने करके भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में, उन्होंने अपनी पार्टी के कुछ एम0एल0ए0 व मन्त्री तथा एक एम0पी0 तक को भी जेल भिजवाया है, जो पूर्व की सरकारों में कभी भी देखने के लिए नहीं मिलेगा।

सुश्री मायावती ने कहा कि प्रदेश में हर मामले में, पूर्णरूप से कानून का राज कायम करने के लिए उनकी सरकार के डी0जी0पी0 व प्रमुख सचिव गृह तथा एडीशनल डी0जी0, लॉ एण्ड ऑडर जिनके पास एस0टी0एफ0 का भी अतिरिक्त चार्ज दिया गया है, उन्हें ये सख्त निर्देंश दिये हैं कि वे पुन: विशेष अभियान चलाकर, प्रदेश में अपराधिक तत्वों को जेल की सलाखों में जरूर भेजे, ताकि यहां सही मायने में कानून का राज कायम हो सके। उन्होंने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि पुलिस विभाग के हर स्तर के अधिकारी जी-जान से इस कार्य में लगे हैं और इस दिशा में इन्होंने अनेकों ऐतिहासिक कार्य किये हैं। हांलाकि उनकी सरकार के विरोधियों ने समय-समय पर साजिश के तहत प्रदेश के कुछ जिलों में “जातीय दंगे व साम्प्रदायिक“ तनाव पैदा करने की पूरी-पूरी कोशिश की है। लेकिन पुलिस एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी सूझबूझ व कार्य कुशलता से उनकी इन कोशिशों को अभी तक कामयाब नहीं होने दिया है। इसके अलावा, उन्होंने इन्हें यह भी हिदायत दी है कि पुलिसकर्मी प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर किसी भी बेकसूर आदमी को तंंग न करें। इसके साथ ही दोषी लोगों के खिलाफ कार्यवाही करते समय पुलिस कस्टडी में लोगों की मौते भी नहीं होनी चाहिये, और यदि ऐसा होता है, तो फिर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ तुरन्त सख्त कार्यवाही की जाये। उन्होंने इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि इसके अलावा विरोधी पार्टियों के लोग अक्सर यह दुष्प्रचार भी करते रहते हैं कि उनकी सरकार में अपराधों की संख्या बढ़ी है। सच तो यह है कि समाजवादी पार्टी की सरकार में पीड़ितों के मुकदमें दर्ज ही नहीं किए जाते थे। इसलिए उनकी सरकार बनते ही उन्होंने यह निर्देश दिए थे कि जिन लोगों के मुकदमें पिछली सपा सरकार के कार्यकाल में दर्ज नहीं किए गए थे, उन सभी पीड़ित व्यक्तियों के मुकदमें उन सभी पीड़ित व्यक्तियों के मुकदमे एक विशेष अभियान चलाकर लिखाये जायें, जिसके फलस्वरूप लगभग 10 हजार मुकदमे दर्ज हुए, जिनमें 31,144 अभियुक्त प्रकाश में आये। इनमें से 31,136 के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की गई।

सुश्री मायावती ने कहा कि सरकार बनते ही उन्होंने यह स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कानून व्यवस्था में सुधार का आंकलन दर्ज एफ0आई0आर0 की संख्या के आधार पर नहीं किया जायेगा, बल्कि उनके गुणवत्तापरक निस्तारण के आधार पर किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जन-शिकायतों के निस्तारण के लिए उन्होंने प्रदेश के सभी जिला, मण्डल एवं तहसील स्तरीय अधिकारियों को यह निर्देश दिये थे कि वह सुबह 10.00 बजे से 12.00 बजे के बीच अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से जनता के लिए सुलभ रहें और उनकी समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित करायें।

मुख्यमन्त्री ने तीन वर्ष के दौरान कुख्यात अपराधियों एवं माफियाओं के खिलाफ उठाये गये कठोर कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि पुरस्कार घोषित अपराधियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही में 218 अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें 05 लाख रूपये के इनामी अपराधी-02, रूपये 02 लाख का इनामी अपराधी-01, रूपये 01 लाख के इनामी अपराधी-02, रूपये 50 हजार के इनामी अपराधी-13, रूपये 20 से 25 हजार के इनामी अपराधी-41 तथा 10 हजार से ऊपर एवं 20 हजार रूपये से कम इनामी अपराधी-159 शामिल हैं। प्रमुख पुरस्कार घोषित 101 अपराधी मुठभेड़ में मारे गये, जिनमें 05 लाख रूपये के इनामी अपराधी-02, रूपये 02 लाख का इनामी अपराधी-01, रूपये 01 लाख का इनामी अपराधी-01, रूपये 50 हजार के इनामी अपराधी-14, रूपये 20 से 30 हजार के इनामी अपराधी-31 तथा 10 हजार से ऊपर एवं 20 हजार रूपये से कम इनामी अपराधी-52 शामिल हैं। इसी प्रकार बड़ी मात्रा में हेरोइन, मारफीन, स्मैक, गांजा, भांग तथा चरस जैसे मादक पदार्थाें व 06 करोड़ रूपये से ज्यादा के जाली नोट की बरामदगी भी की गई है।

सुश्री मायावती ने बताया कि इसके अलावा ए0टी0एस0 ने फैजाबाद, लखनऊ, वाराणसी, कचेहरी परिसर तथा अहमदाबाद, जयपुर आदि स्थानों पर बम विस्फोट की घटनाओं में सम्मिलित आतंकवादी संगठन इण्डियन मुजाहिदीन के 01 लाख रूपये के इनामी आतंकवादी शहजाद अहमद उर्फ पप्पू तथा सलमान को भी गिरफ्तार किया और मुठभेड़ में फारूख तथा अबुस्माइल नाम के 02 विदेशी आतंकवादी को गौतमबुद्धनगर में मार गिराया गया तथा आई0एस0आई0 के चार प्रशिक्षित एजेण्ट, जो पाकिस्तानी नागरिक थे, उनको भी गिरफ्तार किया गया। फिरौती के लिए अपहरण मामलों में 241 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, 08 अभियुक्त मारे गये और 138 अपहृतों को अपहरणकर्ताओं से सकुशल मुक्त कराया गया।

सुश्री मायावती ने बताया कि कुख्यात अपराधियों एवं माफिया तत्वों के खिलाफ चलाये गये अभियान के फलस्वरूप वर्ष 2005-06 की तुलना में प्रमुख अपराधों में उल्लेखनीय कमी आयी है। उदाहरण के लिए डकैती/लूट के मामलों में वर्ष 2005 की अपेक्षा वर्ष 2009 में 13.75 प्रतिशत, हत्या के मामलों में 27.15 प्रतिशत, बलवा के मामलों में 7.36 प्रतिशत और रोल होल्डर के मामलों में 71.43 प्रतिशत और फिरौती के लिए अपहरण मामलों में 59.57 प्रतिशत की कमी आयी है, जो ऐतिहासिक है। यही नहीं भारतीय दण्ड विधान संहिता के अन्तर्गत दर्ज कुल अपराधों की संख्या में वर्ष 2005 की तुलना में 33.47 प्रतिशत की कमी आयी है।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि वर्ष 2007 में उनकी सरकार बनने के बाद से अनुसूचित जाति/जनजाति के खिलाफ उत्पीड़न के मामलों में निरन्तर कमी आयी है। इनमें हत्या के मामलों में 29.30 प्रतिशत, आगजनी के मामलों में 50 प्रतिशत, बलात्कार के मामलों में 19 प्रतिशत और गम्भीर चोट के मामलों में 16.23 प्रतिशत की कमी आयी है। अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत दर्ज कुल अभियोगों की संख्या में 8.80 प्रतिशत की कमी आयी है। इसी प्रकार महिला उत्पीड़न सम्बन्धी मामलों में भी वर्ष 2007 के बाद निरन्तर कमी आयी है। दहेज हत्या के मामलों में 2.5 प्रतिशत, बलात्कार के मामलों में 14.94 प्रतिशत, अपहरण के मामलों में 19.31 प्रतिशत तथा छेड़खानी के मामलों में 16 प्रतिशत की कमी आयी है।

सुश्री मायावती ने कहा कि प्रदेश में पुलिस व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में भी उनकी सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये। जोन और रेन्ज की दोहरी व्यवस्था के कारण पुलिस की कार्य-प्रणाली में अनेक कठिनाइयां आती थीं। जिसके चलते जोन की व्यवस्था को समाप्त किया गया। प्रदेश की 9 बड़ी रेन्जों में आई0जी0 स्तर के अधिकारी तथा शेष 9 छोटी रेन्जों में डी0आई0जी स्तर के अधिकारियों के तैनाती का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही प्रदेश के 9 बड़े जनपदों में डी0आई0जी0 स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई। प्रदेश के सभी थानों को इन्सपेक्टर रैंक का थाना बनाया गया। प्रदेश के सभी जनपदों में महिला थाना की स्थापना की गई। इसके अतिरिक्त आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में एक “पर्यटन थाना´´ की स्थापना भी की गई है। उन्होंने कहा कि कारागारों में आपराधिक गतिविधियां तथा भ्रष्टाचार की काफी अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिसे समाप्त करने के उद्देश्य से कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग को गृह विभाग के नियन्त्रण में लाया गया जिसमें आई0जी0 कारागार के रूप में आई0पी0एस0 अधिकारी की तैनाती की गई।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि गरीब व्यक्ति हमेशा से उत्पीड़ित रहा है और उसकी सुनवाई किसी भी स्तर पर नहीं हो पाती थी। ऐसे लोगों की उत्पीड़न की समस्याओं के निपटारे के लिए उन्होंने “थाना दिवस´´ की व्यवस्था लागू की। प्रत्येक शनिवार को प्रदेश के सभी थानों में “थाना दिवस´´ लागू किया गया, जिसमें पुलिस के अतिरिक्त राजस्व तथा विकास विभाग के भी अधिकारियों/कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन थाना दिवसों के माध्यम से लगभग 3.5 लाख शिकायती मामलों का निपटारा किया गया।
सुश्री मायावती ने कहा कि राज्य में दक्ष, प्रभावी एवं उत्तरदायी पुलिस बल विकसित करने के लिए नीति निर्धारित करने हेतु “राज्य सुरक्षा आयोग´´ “पुलिस सुधार आयोग´´ तथा इस आयोग को `नया ड्राफ्ट पुलिस अधिनियम´ तैयार करने का काम सौंपा गया है।
मुख्यमन्त्री ने कहा कि पुलिस जनसंख्या अनुपात सम्पूर्ण देश में अत्यन्त ही कम है, उत्तर प्रदेश में और भी कम था। उनकी सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए एक साथ लगभग 02 लाख 04 हजार पद सृजित किये हैं जिससे पुलिस जनसंख्या अनुपात राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इससे थानों में अधिक संख्या में पुलिसकर्मी उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह हमेशा शिकायत रही है कि पुलिस भर्ती में भ्रष्टाचार होता है, जिसके कारण योग्य व्यक्तियों का चयन नहीं हो पाता है। पिछली सरकार में पुलिस भर्ती के दौरान व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायते प्राप्त हुई थीं, जिसमें काफी अधिक अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही भी की गई। पुलिस भर्ती को पारदशीZ एवं भ्रष्टाचारमुक्त कराने के लिए हमारी सरकार द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। जिसमें पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड गठित किया गया। उन्होंने ने कहा कि प्रदेश में बड़े आर्थिक घोटालों के अन्वेषण के लिए कोई जांच एजेन्सी अलग से नहीं थी। इसके लिए “विशेष अनुसन्धान दल´´ गठित किया गया है।
मुख्यमन्त्री ने कहा कि आतंकवाद की समस्या से निपटने के लिए नवम्बर, 2007 में “आतंकवादी निरोधक दस्ते´´ का गठन किया गया था। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हमने 2000 कमाण्डो तैयार करने के लिए निर्णय लिया है और इन कमाण्डों के प्रशिक्षण के लिए लखनऊ में एक “कमाण्डो ट्रेनिंग सेण्टर´´ स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश में कुख्यात अपराधियों एवं माफिया तत्वों के विरुद्ध कार्यवाही के लिए स्पेशल टास्क फोर्स को पुनगठिZत किया गया।

सुश्री मायावती ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद की समस्या को उन्होंने केवल कानून व्यवस्था की समस्या नहीं माना है वरन् इसे आर्थिक, सामाजिक समस्या के रूप में इसके निदान की पहल की है। प्रदेश सरकार के इन्हीं प्रयासों के कारण प्रदेश में नक्सलवाद की कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। प्रदेश पुलिस द्वारा इन पर दबाव बनाया गया है, जिसके चलते नक्सली तत्वों का कोई प्रयास सफल नहीं हो पाया है। विगत तीन वषाZें में 50 से अधिक हार्ड कोर नक्सली पकड़े गये हैं। गत वर्ष दो दुर्दान्त नक्सली कमलेश चौधरी व रामवृक्ष कोल पुलिस मुठभेड़ में मारे गये जिन पर डेढ़ लाख एवं पचास हजार रूपये का इनाम था। इसके अलावा अभी 04 अप्रैल को पांच हजार रूपये का इनामी राम सजीवन कुशवाहा को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा एस0टी0एफ0 द्वारा सेन्ट्रल महिला सब कमेटी प्रतिबन्धित संगठन की सक्रिय सदस्या उर्फ हीरामन मुड को गिरफ्तार किया गया तथा उसकी निशानदेही पर इलाहाबाद में सक्रिय नक्सली विश्वजीत उर्फ कमलजी उसकी पत्नी सीमा को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से भारी मात्रा में नक्सली साहित्य आदि बरामद हुए। इसी तरह जनपद कानपुर नगर में बलराज व अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि प्रदेश पुलिस में सराहनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित करने के लिए “मुख्यमन्त्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक´´ प्रदान करने का निर्णय उनकी सरकार ने लिया और अब तक पिछले तीन वषोZं में दस पुलिस अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को इस पदक से सम्मानित किया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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केन्द्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण आज पूरे देश की जनता महंगाई से बुरी तरह से परेशान

Posted on 27 April 2010 by admin

2010 उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री एवं बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती ने कहा है कि केन्द्र की सत्ता से साम्प्रदायिक ताकतों को दूर रखने के लिए उनकी पार्टी ने संसद में पेश होने वाले कटौती प्रस्ताव पर केन्द्र की यू0पी0ए0 सरकार का समर्थन करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय की जानकारी पार्टी के सांसदों को भी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि संसद में केन्द्र की यू0पी0ए0 सरकार को समर्थन के बावजूद बी0एस0पी0 आम जनता से जुड़ी रोजमर्रा की वस्तुओं, पेट्रोल व डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों तथा केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश की बसपा सरकार के साथ हर मामले में लगातार अपनाये जा रहे पक्षपात वाले रवैये के खिलाफ पूर्व की भॉति आगे भी अपना संघर्ष जारी रखेगी।

मुख्यमन्त्री आज यहां 5-कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता कर रही थीं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण आज पूरे देश की जनता महंगाई से बुरी तरह से परेशान है। उन्होंने कहा कि इस कमर तोड़ महंगाई में गरीबों को दो वक्त का भोजन जुटा पाना बहुत मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही आम आदमी की रोजमर्रा की इस्तेमाल में आने वाली वस्तुओं की कीमतों में भी आए दिन लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को अपनी आर्थिक नीतियों को बदलने की सख्त जरूरत है।

सुश्री मायावती ने कहा कि आर्थिक नीतियों को बनाते समय सर्वसमाज में से गरीब एवं दबे कुचले लोगों के हितों को ध्यान में रखने से ही आम आदमी को राहत मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों और धनवानों के हितों का ध्यान रखने वाली हमारे देश की अधिकांश नीतियां को भी बदले जाने की सख्त जरूरत है।

मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि तेल कम्पनियों को फायदा पहुंचाने की नीयत से केन्द्र सरकार देश की आम जनता के हितों की लगातार अनदेखी करती रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल व डीजल के दामों में हुई वृद्धि भी महंगाई बढ़ाने का एक बहुत बड़ा कारण है, जिसने आग में घी डालने का काम किया है। इस मामले में लगातार मांग करने के बावजूद केन्द्र सरकार तेल की कीमतों को बढ़ाने के बारे में कोई तर्क पूर्ण जवाब नहीं दे सकी।

मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी सीमित आर्थिक क्षमता के बावजूद सर्वसमाज में गरीब एवं दबे कुचले लोगों के हित में हमेंशा इस बात का ख्याल रखा है कि आम आदमी पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि जब पिछले समय केन्द्र सरकार ने पेट्रोल व डीजल के दामों भारी बढ़ोत्तरी की थी तब उनकी सरकार ने डीजल और पेट्रोल के बढ़े हुए दामों का पूरा बोझ जनता पर न डालकर, अपने ऊपर लगभग 2000 करोड़ रूपये का अतिरिक्त बोझ इसलिए लिया था, ताकि प्रदेश कि आम जनता को कुछ राहत मिल सके।

बी0एस0पी0 की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि देश में किसी भी तरह कमर तोड़ महंगाई पर काबू पाया जाना आज सबसे ज्यादा जरूरी है।  इसके लिए केन्द्र सरकार को जल्दी ही अपनी आर्थिक नीतियों में भारी परिवर्तन करना होगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र में कांग्रेस पार्टी द्वारा 50 वषोZं से अधिक समय तक शासन करने तथा आज भी केन्द्र में सत्तासीन होने के बावजूद देश में गरीबी और भुखमरी व्याप्त है। किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, नौजवानों के लिए काम नहीं है तथा बेरोेजगारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट करता है कि कांग्रेस पार्टी को अपनी कार्य प्रणाली और नीतियों में बुनियादी परिवर्तन लाना होगा वरना काफी देर हो जाएगी और देश की हालत इससे भी ज्यादा बिगड़ जाएगी।

सुश्री मायावती ने कहा कि बेरोजगारी, शोषण व अन्याय की हर तरफ व्याप्त समस्या के कारण ही देश में नक्सलवाद की समस्या उत्पन्न हुई है। इस समस्या को गोलियों और लाठियों से नहीं लड़ा जा सकता है, बल्कि इसके लिए जरूरी है कि देश में व्याप्त असमानता और शोषण की समस्या का समाधान करना होगा। इसके साथ ही बेरोजगारों को काम दिलाने के लिए आवश्यक कदम भी उठायें। इसके बावजूद ऐसा कुछ नहीं किया जा रहा है जिससे भविष्य के लिए आशा जगे। उन्होंने कहा कि विकास की गति को बढ़ाना ही नक्सलवाद की समस्या एक मात्र समाधान है, हवाई हमले अथवा मिलिट्री छाप कार्यवाही नहीं।

मुख्यमन्त्री जी ने अफसोस जताते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में विकास की गति बढ़ाने, क्षेत्रीय असन्तुलन दूर करने, बुन्देलखण्ड व पूर्वांचल की समस्या का स्थाई समाधान करने तथा बिजली आदि जैसी समस्या के निदान के लिए राज्य सरकार द्वारा मांगे गये 80,000 करोड़ रूपये के विशेष पैकेज पर आज तक कोई ध्यान नहीं दिया और इसमें से आज तक एक भी रूपये की आर्थिक मदद नहीं की।

सुश्री मायावती ने कहा कि इसके बावजूद उनकी सरकार ने प्रदेश में गरीबी की समस्या से लड़ने तथा किसानों की आय दुगनी करने के लिए अनेक महत्वाकांक्षी योजनायें शुरू की है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अपने जन्मदिन के अवसर पर उनकी सरकार ने प्रदेश के गरीबों को 300 रूपये प्रतिमाह की आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमन्त्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना की शुरूवात की है। उन्होंने कहा कि देश में इस किस्म का प्रयास पहली बार उनकी सरकार द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बी0एस0पी0 सरकार द्वारा गरीबों को सीधे मदद पहुंचाने के लिए ऐसी तमाम कल्याणकारी योजनायें प्रारम्भ की गई है, जिसके चलते प्रदेश की जनता में सुनहरे भविष्य की आशा जगी है।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि देश में चीनी के आसमान छूते मूल्यों ने भी आम जनता का जीवन बेहाल कर रखा है। उन्होंने इस बारे में केन्द्र सरकार को कटघरें में खड़ा करते हुए कहा कि इस बारे में केन्द्र सरकार ही बता सकती है कि बगैर किसी कारण के कैसे चीनी के दाम 15-16 रूपये प्रतिकिलो से बढ़कर 35-40 रूपये प्रतिकिलो हो गये। जबकि पिछले साल की तुलना में इस बार चीनी का उत्पादन काफी ज्यादा हुआ और पिछले वर्ष का सरप्लस स्टाक भी मौजूद था, जिसकों मिला लेने से देश में चीनी का स्टाक मांग से कहीं ज्यादा था। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में चीनी के दामों का आसमान छूना यह साफ करता है यह सब देश में बड़े-बड़े मुनाफाखोरों और कालाबाजारियों के चलते हुआ है और केन्द्र की सरकार पूरे मामले में मूक दर्शक बनी रही।

सुश्री मायावती ने कहा कि यही हाल देश में गेहूं और चावल के मामले में हुआ है, जिनकी कीमतों में हुई भारी वृद्धि से गरीब आदमी त्राहि-त्राहि कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह सब केन्द्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के चलते हो रहा है। उन्होंने कहा कि जहां विश्व भर में अधिकतर देशों में महंगाई की दर एक प्रतिशत से चार प्रतिशत के बीच रही वहीं हमारे देश में महंगाई की दर बढ़कर लगभग 18 प्रतिशत तक हो गई है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को इसके कारणों से आम जनता को अवगत कराना चाहिए।

बी0एस0पी0 प्रमुख ने कहा कि ऐसी स्थिति में सही मायने में उनकी पार्टी को इन मुद्दों को ध्यान में रखकर आज संसद में पेश होने वाले कटौती प्रस्ताव को लेकर केन्द्र सरकार के खिलाफ वोट देना चाहिए था लेकिन इसके साथ उनकी पार्टी यह भी नहीं चाहती कि केन्द्र में इन मुद्दों की आड़ में साम्प्रदायिक ताकतें फिर से सत्ता में वापस में आ जायें।

प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमन्त्री जी से एक प्रश्न किया गया कि क्या वे कटौती प्रस्ताव पर यू0पी0ए0 को इसलिए समर्थन दे रही हैं कि उनके विरूद्ध आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में सी0बी0आई0 की कार्यवाही समाप्त की जा रही है या इसलिए कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यू0पी0ए0 सरकार के माध्यम से सी0बी0आई0 का उन पर दबाव है या फिर यू0पी0ए0 के साथ इस विशय में कोई समझौता है.

सुश्री मायावती ने प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि बी0एस0पी0 द्वारा मई, 2004 में यू0पी0ए0 सरकार को समर्थन दिया गया जो कि जुलाई, 2008 तक रहा। उन्होंने कहा कि इस बीच उनके विरूद्ध सी0बी0आई0 की कार्यवाही बराबर चलती रही, जबकि आयकर विभाग द्वारा वशZ 2006 एवं 2007 में आयकर अपीलीय अधिकरण स्तर, तक यू0पी0ए0 की सरकार के अन्तर्गत पूर्व के एसेसमेन्ट पुन: खोले जाने के बावजूद विस्तृत साक्ष्य लेने तथा सम्पूर्ण परीक्षण के बाद यह निर्णय दिया गया कि उनकी समस्त आरोपित आय वैध है। वशZ 2008 में यू0पी0ए0 सरकार को संसद में समर्थन देने का दबाव दिया गया परन्तु बी0एस0पी0 ने उसे नहीं माना और अपने सिद्धान्तों एवं पार्टी की नीति के अनुसार वशZ 2008 में यू0पी0ए0 की सरकार से समर्थन वापस लिया गया। इस प्रकार बी0एस0पी0 किसी भी राजनैतिक अथवा अन्य दबाव में कार्य नहीं करती है।

मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि हांलाकि आय से अधिक सम्पत्ति के मामले को वशZ 2008 में ही बन्द कर दिया जाना चाहिए था, परन्तु सी0बी0आई0 ने इस मामले को इस आधार पर बन्द नहीं किया कि वशZ 2001-2002 का एसेसमेंट कमिश्नर (अपील) के समक्ष लिम्बत था। अब वर्तमान में यह सभी लिम्बत मामले माह अप्रैल 2010 में अन्तिम रूप से निणीZत हो गए है तथा आयकर विभाग के सक्षम स्तर से अभिलेखीय एवं मौखिक साक्ष्य के आधार पर यह अवधारित किया जा चुका है कि उनकी (सुश्री मायावती जी की) समस्त आय वैध है। इसके बाद सी0बी0आई0, जो कि स्वयं में एक कानूनी सस्था है, के पास आय से अधिक सम्पत्ति के मामले को बन्द करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है, परन्तु इसके बाद भी सी0बी0आई0 द्वारा ऐसा नहीं किया गया तथा विवश होकर उन्हें माननीय सर्वाेच्च न्यायालय ने दिनांक 20 अप्रैल, 2010 को इस आशय का एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करना पड़ा कि सी0बी0आई0 को आय से अधिक सम्पित्त के मामले को बन्द करने के निर्देश दिये जायें। उन्होंने कहा कि दिनांक 23.4.2010 को सर्वाेच्च न्यायालय मे भारत के एटानीZ जनरल ने सी0बी0आई0 की ओर से यह अभिकथन किया कि उनके (सुश्री मायावती जी के) प्रतिवेदन एवं आयकर विभाग के हाल के निर्णयों के परिप्रेक्ष्य में इस मामले पर पुन: विचार किया जाएगा।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि उपरोक्त तथ्यों से यह स्पश्ट है कि यू0पी0ए0 सरकार अथवा सी0बी0आई0 द्वारा उनके पक्ष में कोई कार्यवाही नहीं की गई है, वरन् अभी तक निराधार होने के बावजूद आय से अधिक सम्पत्ति के मामले को बन्द नहीं किया गया है।

मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि इस मामले को गैर- कानूनी तरीके से भाजपा की सरकार ने शुरू किया था और अब इसे यू0पी0ए0 की सरकार चला रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आयकर विभाग के सक्षम स्तर से पारित निर्णयों एवं सी0बी0आई0 द्वारा अन्य मामलों में पारित किये गए आदेश एवं स्थिर किये गए मत के अनुसार उनके विरूद्ध आय से अधिक सम्पत्ति के मामले को कानूनी रूप तत्काल बन्द किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने मेें यू0पी0ए0 की सरकार अथवा सी0बी0आई0 की कोई उदारता नहीं है बल्कि यह उनकी बाध्यता है एवं उनका (सुश्री मायावती जी का) यह विधिक अधिकार है।

सुश्री मायावती ने कहा कि बी0एस0पी0 ने साम्प्रदायिक शक्तियों को बाहर रखने एवं उनपर अंकुश लगाए जाने के उद्देश्य से मई 2009 में यू0पी0ए0 सरकार को बाहर से समर्थन दिया था, जो कि अभी भी उसी कारणवश चल रहा है तथा इसी आधार पर आज बी0एस0पी0 के सांसद कटौती के प्रस्ताव के विरूद्ध यू0पी0ए0 सरकार के पक्ष में मत देेंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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मुख्यमन्त्री के निर्देशानुसार राशन कार्ड धारकों को राशन आवक की सूचना मोबाइल पर देने की योजना का शुभारम्भ

Posted on 26 April 2010 by admin

मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती के निर्देशानुसार लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अब और अधिक सुदृढ़, पारदशीZ एवं जनोपयोगी बनाने के लिए, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के बी0पी0एल0, अन्त्योदय एवं ए0पी0एल0 श्रेणी के राशन कार्ड धारकों, जनसामान्य तथा स्थानीय जन प्रतिनिधियों को सस्ता गल्ला विक्रेतावार गेहूं, चावल, चीनी एवं मिट्टी के तेल के उठान की नि:शुल्क सूचना मोबाइल फोन पर एस0एम0एस0 द्वारा नियमित रूप से उपलब्ध करायी जायेगी।

मुख्य सचिव श्री अतुल कुमार गुप्ता ने उक्त सूचना मीडिया सेन्टर में पत्रकारों को देते हुए कहा कि वितरण प्रणाली को पारदशीZ बनाना शासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से मुख्यमन्त्री जी के निर्देशानुसार लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत वितरित होने वाले खाद्यान्न/चीनी एवं मिट्टी के तेल के उठान की सूचना गॉव-गॉव तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार कर लागू की जा रही है। प्रथमत: पायलट आधार पर दो जनपदों, जालौन तथा बहराइच में इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि ब्लाक गोदाम से खाद्यान्न/चीनी तथा थोक विक्रेता से मिट्टी का तेल उठान हेतु रोस्टर निर्धारित है। कभी-कभी अपरिहार्य परिस्थितिवश रोस्टर विचलन करना पड़ता है। ऐसे में कार्ड धारकों को यह पुष्टि नहीं हो पाती कि उनका खाद्यान्न/चीनी एवं मिट्टी का तेल कब गांव अथवा मोहल्ले में पहुंच रहा है। इसे दृष्टिगत रखते हुए एस0एम0एस0 आधारित सूचना प्रणाली का शुभारम्भ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समय की आवश्यकता जनसामान्य को खाद्यान्न/चीनी एवं मिट्टी के तेल उठान की सही जानकारी उपलब्ध कराने की है। इससे दूर-सुदूर गॉव में रहने वाले गरीब व्यक्ति का भी सशक्तीकरण होगा। सूचना तन्त्र सुदृढ़ होने से कार्ड धारकों को अपना अधिकार प्राप्त करना सुलभ होगा।

अब इन जनपदों में जब भी किसी उचित दर विक्रेता द्वारा खाद्यान्न/चीनी एवं मिट्टी के तेल का उठान किया जायेगा, तो इसकी सूचना उस विक्रेता से सम्बन्धित गॉव/मोहल्ले के 10-15 कार्ड धारकों को उनके मोबाइल फोन पर एस0एम0एस0 के माध्यम से प्रेषित की जायेगी। यदि कोई अन्य व्यक्ति भी अपने मोबाइल पर सूचना चाहता है, तो उसके मोबाइल फोन नम्बर को भी पंजीकृत करते हुये नि:शुल्क एस0एम0एस0 भेजा जायेगा। इसके साथ ही यदि कोई उचित दर की दुकान निलम्बन के बाद अन्यत्र सम्बद्ध होगी, तो एस0एम0एस0 में सम्बद्धीकरण की सूचना भी सम्मिलित होगी। इस प्रकार प्रत्येक गॉव/मोहल्ले में पहुंचने वाले गेहंू, चावल, मिट्टी का तेल आदि की मात्रा की जानकारी वहां के निवासियों को अपने घर पर बैठे ही नि:शुल्क उपलब्घ हो जायेगी।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव खाद्य डा0 जैकब थामस, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अमल कुमार वर्मा, प्रमुख सचिव आई0टी0 श्री चन्द्र प्रकाश, आयुक्त खाद्य एवं रसद श्री राजीव अग्रवाल, जिलाधिकारी जालौन श्री सौरभ बाबू, जिलाधिकारी बहराइच श्री रििग्जयान सैिम्फल व अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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Repairing and other necessary works related to drinking water schemes be completed by May 15 —Mayawati

Posted on 21 April 2010 by admin

The Uttar Pradesh Chief Minister Ms. Mayawati has directed that special drive be launched for cleanliness, drinking water supply and solid waste management to make them more effective in all the thirteen Nagar Nigam cities and Noida. She said that the cleanliness of these cities be made foolproof, so that citizens could not have to face any difficulty. She also directed District Magistrate to monitor these works on a daily basis and Additional Cabinet Secretary to fortnightly review on first and third Monday of the month at State level.

Mrs. Mayawati directed that the special drive be launched immediately in Lucknow, Kanpur, Allahabad, Varanasi, Agra, Meerut, Ghaziabad, Moradabad, Bareilly, Aligarh, Gorakhpur, Jhasi, Saharanpur and Noida. This special drive would be launched under the directives of District Magistrates at district level. District Magistrates would prepare an action plan and send it to Principal Secretary, Urban Development and Additional Cabinet Secretary by April 26.  The District Magistrate would review the progress daily during the drive period. Development Authorities, Nagar Nigam, P.W.D., Irrigation, Energy Departments and Police have been asked to extend full cooperation to the drive.
The Chief Minister has also directed that the works like de-silting of drains/sewers be completed before June 15, 2010. The repairing and other necessary works related to drinking water be completed by May 15 on a priority basis. She said that the garbage of cities should be lifted and dumped daily at the dumping site. She said that encroachment during the cleanliness drive, be removed. She also directed that solid waste management schemes which have been completed be made fully operational. The solid waste management schemes which are under various stages of completion be completed before June 30 next, she added.

The Chief Minister directed that the solid waste management schemes for the Nagar Nigam towns and Noida be made long- term and useful for the people and also economically viable. Cooperation of experts and voluntary organisations be sought and their suggestions be used in the development of infrastructure management system.

The Chief Minister said that during the drive, the fortnightly meeting to be presided over by the Additional Cabinet Secretary would be attended by Infrastructure and Industrial Development Commissioner, Principal Secretaries and Secretaries of Infrastructure, Housing, Urban Development, Public Works, Irrigation and Energy Departments with the latest information. Urban Development Department would be the Nodal Department for this drive.

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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महिला सशक्तीकरण के लिए 10 पुरस्कार दिए गए

Posted on 21 April 2010 by admin

साहस और समाजसेवा के भव्य समारोह में सम्मानित हुई। गॉडफ्रे फिलिप्स की ओर से आयोजित समारोह में फिल्मकार मुजफ्फर अली ने शारीरिक बहादुरी, सामाजिक साहसिक कार्य, शारीरिक अक्षमता के बावजूद उल्लेखनीय कार्य और महिला सशक्तीकरण के लिए 10 पुरस्कार दिए गए। इन विजेताओं को यूपी, दिल्ली और उत्तरांचल से चुना गया था। समारोह में ऐसे अवसर भी आए जब सन्नाटा छा गया और ऑखे भर आई। सम्मानित होने वालों में स्व. तन्मय माथुर (लखनऊ), चन्द्रभूशण तिवारी (लखनऊ), अचिन्त बब्बर (दिल्ली) एवं सरिता द्विवेदी (इलाहाबाद), एम.के. कपूर, प्रवीन कुमार, दिनेश, बी.न्याल (दिल्ली) आदि लोग हुऐ।

दि गिल्ड ऑफ सर्विस (दिल्ली), हिमालय एकीकृत विकास सोसाइटी (मंसूरी), परजीत कौर (गोरखपुर), समारोह में राश्ट्रीय आयोग की पूर्व अध्यक्ष मोहिनी गिरि के नेतृत्व में काम कर रही द गिल्ड ऑफ सर्विस को महिलाओं के कल्याण के लिए कार्य करने पर एक लाख रूपए की पुरस्कार रािश वाला अमोदिनी पुरस्कार दिया गया। हिलामय एकीकृत विकास सोसाइटी को सामाजिक साहस कार्य श्रेणी में 50 हजार रूपए का पुरस्कार दिया गया। परमजीत को भी इसी श्रेणी में 11 हजार रूपए का पुरस्कार मिला।

1pगॉडफ्रे फिलिप्स की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में फिल्मकार मुजफ्फर अली ने साहसिक कारनामे करने वालों और समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मानित किया। इस मौके पर उनकी पत्नी मीरा अली भी मौजूद थी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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जिलों में बजट उपलब्ध होते ही इन्हें शासकीय सुविधाओं का लाभ समय से मिले

Posted on 16 April 2010 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने सभी प्रमुख सचिवों/सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विभागों की वित्तीय स्वीकृतियां समय से जारी करना सुनिश्चित करें, ताकि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के लिए लाभार्थियों की चयन प्रक्रिया प्राथमिकता पर पूरी कर ली जाये, ताकि जिलों में बजट उपलब्ध होते ही इन्हें शासकीय सुविधाओं का लाभ समय से मिलने लगे।

मुख्यमन्त्री ने ये निर्देश तब दिए, जब कैबिनेट सेंक्रेटरी श्री शशांक शेखर सिंह ने आज यहां योजना भवन में सम्पन्न प्रमुख सचिवों/सचिवों की समीक्षा बैठक से प्राप्त फीड बैक से उनको (मुख्यमन्त्री) अवगत कराया। इस पर मुख्यमन्त्री ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मुख्यमन्त्री ने प्रमुख सचिवों/सचिवों को निर्देशित किया कि विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में जो भी व्यावहारिक कठिनाइयॉं आ रही हों, उनका सम्बन्धित प्रमुख सचिव/सचिव निराकरण कराएं, ताकि इनका स्थायी समाधान हो सके।

मुख्यमन्त्री ने विभिन्न सरकारी विभागों के निर्माण कार्याें के ठेकों में अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए आरक्षण की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिये। उन्होंने इसे गम्भीरता से लेते हुए कहा कि जो विभाग निर्धारित कोटे के अनुसार आरक्षण व्यवस्था को लागू करने में हीला-हवाली बरतेंगे, उन अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि उनके द्वारा ठेकों पर कराये जाने वाले कार्यों में गुण्डे/माफिया तत्व किसी भी तरह शामिल न होने पाएं।

मुख्यमन्त्री ने गेहूं खरीद योजना के अन्तर्गत अधिक से अधिक गेहूं खरीद करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य के भुगतान में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि गेंहू खरीद एजेिंसयों द्वारा किसानों को तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कृषि उत्पादन आयुक्त तथा कृषि, सहकारिता तथा खाद्य एवं रसद विभागों के प्रमुख सचिवों को फील्ड में जाकर गेंहू खरीद केन्द्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिये। उन्होंने इन अधिकारियों को अपने मुआयने के दौरान बोरियों की उपलब्धता, किसानों को भुगतान की स्थिति तथा खरीद एजेिन्सयों के पास कम से कम 15 से 20 दिनों के लिए भुगतान धनराशि की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

सुश्री मायावती ने कहा कि राज्य सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है, इसलिए अगले दो वषोZं में किसानों की आमदनी दो गुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस सम्बन्ध में उन्होंने कृषि तथा अन्य सम्बद्ध विभागों को अपनी कार्य योजना को दो सप्ताह में अन्तिम रूप देकर मासिक अनुश्रवण हेतु विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसानों को पर्याप्त और समय से उर्वरकों की आपूर्ति के लिए पूर्व भण्डारण (प्रि-पोजीशनिंग) की व्यवस्था अभी से कर ली जाए, ताकि खरीफ की फसलों के लिए खाद की कोई किल्लत न होने पाए। उन्होंने कहा कि किसानों के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही और उदासीनता को गम्भीरता से लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि प्रदेश में खाद, बीज की कहीं भी समस्या उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमन्त्री ने दैवीय आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई हेतु किये जाने वाले प्रबन्धों की समीक्षा करते हुए कहा कि सूखा प्रबन्धन की तैयारी अभी से सुनिश्चित कर ली जानी चाहिए। उन्होंने सम्भावित सूखे से निपटने के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बाढ़ से होने वाले धन-जन की हानि को रोकने के लिए अभी से पूरी तैयारी कर ली जानी चाहिए तथा पिछले वर्ष बाढ़ से क्षतिग्रस्त बंधों, सड़कों, आदि की मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर सुनिश्चित किया जाए।

सुश्री मायावती ने सिंचाई विभाग को नहरों के टेल तक पानी पहुंचाने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सिल्ट सफाई का कार्य समय से पूरा किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को खेती कार्य के लिए पानी की सुचारू रूप से उपलब्धता बनी रहे। उन्होंने भूगर्भ जल के गिरते स्तर पर चिन्ता करते हुए इसेे संरक्षित रखे जाने पर बल दिया और कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए भूगर्भ जल विनियमन हेतु प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप को तत्काल अन्तिम रूप दिया जाये।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि इस वर्ष के लिए चयनित अम्बेडकर गावों में नाली, खड़ंजा तथा सी0सी0रोड आदि से सन्तृप्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग तथा ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा से प्राप्त आंकलन का परीक्षण करते हुए वित्तीय स्वीकृतियां मई माह तक हर हाल में जारी कर दी जाएं। उन्होंने डॉ0 अम्बेडकर गावों के समस्त कार्यों को इस वर्ष दिसम्बर माह तक पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन गांवों में नाली, खड़ंजा, सी0सी0 रोड तथा मजरों से मजरों को जोड़ने वाले सम्पर्क मार्गों की गुणवत्ता पर खास नज़र रखी जाए।

सुश्री मायावती ने कहा कि राज्य सरकार ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ गरीबों को तत्परता से उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने अस्पतालों में दवाईयों की उपलब्धता निरन्तर बनाए रखने तथा गरीबों को एक्स-रे जॉंच की सुविधाएंं 24 घण्टे उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिये विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए एक प्रभावी कार्य योजना बनायी जाय।

मुख्यमन्त्री ने सभी प्रमुख सचिवों/सचिवों को निर्देश दिये कि विकास कार्यक्रमों के संचालन में अनियमितता की शिकायतें मिलने पर सम्बन्धित विभाग के प्रमुख सचिवों/सचिवों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने इस पर प्रभावी अंकुश लगाने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेकर अपने अधीनस्थों को सक्रिय करें, ताकि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ आम जनता को सुगमता से प्राप्त हो सके। उन्होंने अधिकारियों को जन-समस्याओं के प्रभावी ढंग से निस्तारित करने के भी निर्देश दिये।

सुश्री मायावती ने कुछ गांवों में चकबन्दी कार्यों में हो रहे विलम्ब पर गम्भीर रूख अपनाते हुए निर्देश दिये कि 25 वषोZं से ज्यादा अवधि में चकबन्दी प्रक्रिया के तहत गांवों के समस्त कार्यों को आगामी छ: माह में पूरा कराकर इन गांवों में चकबन्दी प्रक्रिया पूरी कराएं। उन्होंने चकबन्दी के कार्य में आधुनिक तकनीक पर बल देते हुए कहा कि इस कार्य में तेजी लाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जाय। उन्होंने कर एवं निबन्धन विभाग के कम्प्यूटरीकरण के लिए तत्काल कार्य योजना बनाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भूमिहीनों को कृषि योग्य भूमि तथा आवासीय पट्टों का वितरण प्राथमिकता पर किया जाये।

गर्मी के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमन्त्री ने पेयजल व्यवस्था को सुचारू रखने पर बल देते हुए कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में खराब पड़े नलकूपों तथा हैण्डपम्पों को तत्काल ठीक कराया जाये। उन्होंने इन कार्याें के लिये उत्तरदायी विभागों तथा अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से इसका अनुश्रवण भी सुनिश्चित करें।

मुख्यमन्त्री ने मा0 श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना के तहत सभी आवासों का कब्जा पात्र लाभार्थियों को इस माह के अन्त तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने अवशेष आवासों का निर्माण कार्य प्रत्येक दशा में मई तक पूरा करके उनका कब्जा लाभार्थियों को दे दिये जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत गत वित्तीय वर्ष के सभी आवासों के बारे में आवश्यक दिशा निर्देश पहले ही दिये जा चुके हैं और आवश्यकतानुसार धनराशि भी उपलब्ध कराई जा चुकी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सर्वजन हिताय मालिकाना हक योजना में पात्र लाभार्थियों का मण्डलायुक्त/जिलाधिकारियों से सर्वेक्षण कराकर रिपोर्ट मंगाने के भी निर्देश दिये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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डॉ0 भीमराव अम्बेडकर की 119वीं जयन्ति

Posted on 14 April 2010 by admin

विरोधी पार्टियों के तीव्र विरोध के बावजूद भी, हमारे सन्तों, गुरुओं व महापुरुशों के आदर-सम्मान में बनाये गये स्थलों व स्मारकों इत्यादि को किसी भी स्तर पर, चाहे कितना भी विरोध क्यों ना हो, हमारी पार्टी व हमारी सरकार उनके विरोध के आगे तिल भर भी झुकने को तैयार नहीं है-कु. मायावती

अपने सन्तों, गुरुओं व महापुरुशों का भी, अन्य समाज के सन्तों, गुरुओं व महापुरुशों की तरह, आदर-सम्मान देने में बी.एस.पी. की सरकार ज़रा भी कसर नहीं छोड़ेगी-कुमारी मायावती बी.एस.पी. की राश्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री कुमारी मायावती जी के आह्वान पर कांग्रेस व बी.जे.पी. तथा अन्य विरोधी पार्टियों की बाबा साहेब      डा. अम्बेडकर-विरोधी सोच का पर्दाफाश करने एवं बाबा साहेब की सोच-विरोधी महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने का तीव्र विरोध हेतु उनकी 119वीं जयन्ती के दिन आज दिनांक 14 अप्रैल, 2010 को Þदेश-व्यापी आन्दोलनß के तहत उत्तर प्रदेश के सभी 71 ज़िला मुख्यालयों पर ज़ोरदार एक-दिवसीय Þधरना-प्रदशZनß कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की सफलता का जायज़ा लेने के लिये सुश्री मायावती जी ने स्वयं विभिन्न ज़िलों का हवाई निरीक्षण किया।
amb-mayउ0प्र0 की मुख्यमन्त्री  सुश्री  मायावती  14 अपै्रल, 2010 को  बाबा  साहेब डॉ0 भीमराव  अम्बेडकर की  119वीं  जयन्ति के  अवसर  पर गोमतीनगर, लखनऊ  स्थित डॉ0 भीमराव  अम्बेडर सामाजिक  परिवर्तन  स्थल  पर स्थापित  उनकी  प्रतिमा पर  पुश्पांजलि  अर्पित करती  हुईं।

वैसे प्रदेश में बाबा साहेब डा. अम्बेडकर जयन्ती का मुख्य आकशZण Þडा. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल, लखनऊß रहा, जहां बी.एस.पी. की राश्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने बाबा साहेब डा. अम्बेडकर की भव्य मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी पार्टी व सरकार की ओर से श्रद्धा-सुमन अर्पित किया।

और इस अवसर पर अम्बेडकर जयन्ती मनाने के साथ-साथ महिला आरक्षण विधेयक में अपनी जातिवादी मानसिकता के कारण, अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, धार्मिक अल्संख्यक व सवर्ण समाज की ग़रीब महिलाओं के लिये अलग से संसद और विधान सभाओं में आरक्षण की व्यवस्था नहीं करने के विरोध में उत्तर प्रदेश के सभी ज़िला मुख्यालयों में आयोजित Þधरना-प्रदशZनß कार्यक्रम का हवाई निरीक्षण करने हेतु जाने से पहले सुश्री मायावती जी ने मीडिया के समक्ष अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कांग्रेस पार्टी व   बी.जे.पी. तथा अन्य विरोधी पार्टियों की बाबा साहेब   डा. भीमराव अम्बेडकर-विरोधी सोच की तीव्र आलोचना करते हुये कहाकि इन पार्टियों की जातिवादी सोच और मानसिकता के कारण ही, बाबा साहेब डा. अम्बेडकर की लगातार उपेक्षा होती रही है और इन विरोधी पार्टियों का यह रवैया बाबा साहेब की अनुयाई पार्टी बी.एस.पी. व उसके नेतृत्व के िख़लाफ लगातार आज भी जारी है।

बी.एस.पी. की राश्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती जी ने कहाकि देश की आज़ादी के 63 वशोZं के दौरान, अब तक, केन्द्र में कांग्रेस व बी.जे.पी. तथा अन्य विरोधी पार्टियों की ही सत्ता रही है। लेकिन इन में से कांग्रेस पार्टी ने सबसे ज़्यादा लगभग 50 वशोZं तक केन्द्र में तथा लगभग 38 वशोZं तक उत्तर प्रदेश में राज किया है। और इस लम्बे शासनकाल के दौरान कांग्रेस पार्टी ने अपनी जातिवादी मानसिकता के तहत चलकर इस देश में ना केवल बाबा साहेब डा. अम्बेडकर का, बल्कि दलित एवं अन्य पिछड़े वर्गों में समय-समय पर जन्मे सभी महान सन्तों, गुरुओं व महापुरुशों की घोर उपेक्षा की है अर्थात् कभी भी इनको उचित आदर-सम्मान नहीं दिया है। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी ने, काफी लम्बे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद भी, परम्पूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को Þभारत रत्नß की उपाधि से सम्मानित करना उचित नहीं समझा। जिस कारण बाबा साहेब को, आगे चलकर आिख़रकार आज़ादी के लगभग 43 वशोZं के बाद, जब केन्द्र में ग़ैर-कांग्रेसी सरकार थी और जब बी.एस.पी. ने पहली बार संसद में प्रवेश किया था, तब सन् 1990 में बाबा साहेब डा. अम्बेडकर को Þभारत रत्नß की उपाधि से सम्मानित किया जा सका। साथ-ही-साथ, इसी कांग्रेस पार्टी ने बाबा साहेब डा. अम्बेडकर को संविधान सभा में चुनकर नहीं जाने देने का पूरा-पूरा नाकाम प्रयास किया और फिर बाद में भी संसद में चुनकर नहीं जाने देने के लिये सभी प्रकार के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि अनेकों हथकण्डों का इस्तेमाल किया था। और इससे पहले भी इसी कांग्रेस पार्टी ने ही बाबा साहेब डा. अम्बेडकर को  Þपुणा पैक्टß के लिये विवश करके दलित वर्ग के लोगों को विशेशाधिकार प्राप्त करने से वंचित कर दिया था।

और इतना ही नहीं, बल्कि बाबा साहेब डा. अम्बेडकर के परिनिर्वाण के बाद, उनके मूवमेन्ट को पुनर्जीवित करने वाले मान्यवर श्री कांशी राम जी के प्रति भी कांग्रेस तथा अन्य विरोधी पार्टियों का रवैया उपेक्षा का रहा, जो अन्त तक जारी रहा। इसी कारण ही बड़े दु:ख के साथ यह कहना पड़ता है कि मान्यवर श्री कांशी राम जी का दिनांक 9 अक्तूबर, 2006 को देहान्त होने पर, उनके सम्मान में कांग्रेस के नेतृत्व वाली केन्द्र की सरकार ने एक दिन का भी Þराश्ट्रीय शोकß नहीं घोशित किया। और इसी प्रकार, तब उत्तर प्रदेश में चल रही समाजवादी पार्टी की सरकार ने भी मान्यवर     श्री कांशी राम जी के सम्मान में प्रदेश में एक दिन का भी Þराजकीय शोकß नहीं घोशित किया।

और अब जबकि उत्तर प्रदेश में बाबा साहेब डा. अम्बेडकर की मानवतावादी सोच पर चलने वाली बी.एस.पी. की सरकार भव्य स्मारक, पार्क, विश्वविद्यालय व ज़िला आदि बनवाकर उन महापुरुशों को उचित आदर-सम्मान देने का प्रयास कर रही है तो कांग्रेस व बी.जे.पी. तथा अन्य विरोधी पार्टियों को यह सब बहुत बुरा लग रहा है और ये पार्टियां इसमें बाधा डालने की लगातार कोिशशें कर रही हैं। इन मामलों को कोर्ट-कचहरी तक में घसीटा जा रहा है, जहां इन विरोधी पार्टियों के वरिश्ठ        व ज़िम्मेदार लोग इसका खुलकर विरोध करते हैं।

सुश्री मायावती जी ने कहाकि वह विरोधी पार्टियों को यह फिर स्पश्ट बता देना चाहती हैं कि यदि कांग्रेस और बी.जे.पी. तथा अन्य विरोधी पार्टियों ने अपनी सत्ता के दौरान अगर दलित एवं अन्य पिछड़े वर्गों में जन्मे महान सन्तों, गुरुओं व महापुरुशों को भी, अन्य समाज के सन्तों, गुरुओं व महापुरुशों की तरह ही आदर-सम्मान दिया गया होता, तो फिर आज हमारी सरकार को यहां उत्तर प्रदेश में अपने सन्तों, गुरुओं      व महापुरुशों के उचित आदर-सम्मान देने हेतु, उनके नाम पर भव्य स्मारक, संग्रहालय, मूर्तियां व पार्क आदि स्थापित करने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती, जिनका कि आज ये तमाम विरोधी पार्टियां, अपनी जातिवादी मानसिकता के कारण, लगातार विरोध करती नज़र आती हैं। परन्तु उन्होंने कहाकि परम्पूज्य बाबा साहेब डा. अम्बेडकर के जन्मदिन के शुभ अवसर पर आज, इन विरोधी पार्टियों को यह साफ तौर पर बता देना चाहती हैं कि इन पार्टियों के तीव्र विरोध के बावजूद भी, हमारे सन्तों, गुरुओं व महापुरुशों के आदर-सम्मान में बनाये गये स्थलों व स्मारकों इत्यादि को किसी भी स्तर पर, चाहे कितना भी विरोध क्यों ना हो, हमारी पार्टी   व हमारी सरकार उनके विरोध के आगे तिल भर भी झुकने को तैयार नहीं है अर्थात् अपने सन्तों, गुरुओं व महापुरुशों का भी, अन्य समाज के सन्तों, गुरुओं व महापुरुशों की तरह, आदर-सम्मान देने में बी.एस.पी. की सरकार ज़रा भी कसर नहीं छोड़ेगी।

सुश्री मायावती जी ने कहाकि बाबा साहेब महिलाओं को, जीवन के हर क्षेत्र मेेंं, सशक्त बनाते हुये उन्हें आगे बढ़ता हुआ देखना चाहते थे। इसी कारण उन्होंने केन्द्रीय कानून मन्त्री की हैसियत से हिन्दू कोड बिल संसद से पारित कराना चाहा। लेकिन कांग्रेस ने उनके साथ फिर से दग़ा किया, जिससे बाबा साहेब काफी दुखी हुये और इस विशय के साथ-साथ, अन्य बातों पर मतभेद के कारण उन्हें केन्द्रीय कानून मन्त्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

बाबा साहेब डा. अम्बेडकर की ही तरह, उनकी सोच के आधार पर चलने वाली बहुजन समाज पार्टी, महिला आरक्षण विधेयक के िख़लाफ नहीं है, बल्कि पूरी तरह से इसके पक्ष में है, क्योंकि बी.एस.पी. का नेतृत्व दलित समाज में जन्मी एक ऐसी सशक्त महिला के हाथ में है जिसने देश की राजनीति में अपनी एक अलग मज़बूत और अनोखी जगह बनायी है, जो वर्तमान में बी.एस.पी. की राश्ट्रीय अध्यक्ष के साथ-साथ उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण एवं विशाल राज्य की मुख्यमन्त्री भी हैं और दलितों, अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों व सवर्ण समाज के ग़रीबों व अन्य शोशितों-पीड़ितों को सम्मानपूर्वक जीवन यापन की सुविधा मुहैया कराने के लिये पूरी तरह से तत्पर हैं। लेकिन देश में लोक सभा और विधान सभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने का जो विधेयक अभी हाल ही में दिनांक 9 मार्च, 2010 को केन्द्र सरकार द्वारा संसद में पास कराया गया है, उससे देश की अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, धार्मिक अल्पसंख्यक एवं सवर्ण समाज की ग़रीब महिलाओं को कोई ज्यादा व सीधा लाभ होने वाला नहीं है, क्योंकि इस विधेयक में इन वर्गों की महिलाओं के लिये Þअलगß से आरक्षण की व्यवस्था नहीं की गई है। इसके अलावा इस महिला आरक्षण विधेयक में अन्य कई घातक कमियां हैं, जिसका Þपर्दाफाशß करने के लिये बाबा साहेब डा. अम्बेडकर की जयन्ती के दिन आज दिनांक 14 अप्रैल, 2010 को उत्तर प्रदेश में ज़िला स्तर पर एक दिन के धरना-प्रदशZन कार्यक्रम का काफी सफल आयोजन किया गया, जिसके लिये सुश्री मायावती जी ने पार्टी के तमाम छोटे-बड़े पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं व समर्थकों का तहे-दिल से शुक्रिया अदा किया।

बाबा साहेब डा. अम्बेडकर की 119वीं जयन्ती के शुभ अवसर पर उन्हें राश्ट्र की श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिये देश भर के प्रमुख हिन्दी, अंग्रेज़ी, उर्दू व अन्य क्षेत्रीय भाशाओं के अख़बारों में पूरे एक पेज का विज्ञापन जारी करने के साथ-साथ, उत्तर प्रदेश में बी.एस.पी. की सरकार के चारों शासनकालों के दौरान बाबा साहेब के आदर-सम्मान में कराये गये विभिन्न महत्वपूर्ण कायोंZ पर आधारित एक फोल्डर भी विशेश तौर पर जारी किया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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मनरेगा कार्यक्रम में गड़बड़ी करने वाले बख्शे नहीं जायेंगे-मायावती

Posted on 12 April 2010 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना के अन्तर्गत वशZ 2008-09 में निर्मित सभी आवासों का कब्जा पात्र लाभार्थियों को प्रत्येक दशा में 20 अप्रैल तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने अवशेष आवासों का निर्माण कार्य हर हालत में 31 मई, 2010 तक पूरा करके उनका कब्जा भी लाभार्थियों को देने की हिदायत दी है। उन्होंने गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल की समस्या के समाधान के लिए पुराने हैण्डपम्पों की री-बोरिंग, नये हैण्डपम्पों की स्थापना तथा खराब पड़ी हुई पेयजल योजनाओं को मई के अन्त तक अनिवार्य रूप से चालू कराने के लिए भी कहा है। उन्होंने चित्रकूट और झांसी मण्डलों में पेयजल के लिए आवश्यक प्रबन्ध तथा समस्याग्रस्त गांवों में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति करने के निर्देश दिये हैं।

सुश्री मायावती ने ये निर्देश उस समय दिए जब कैबिनेट सचिव श्री शशांक शेखर सिंह, मुख्य सचिव श्री अतुल कुमार गुप्ता एवं अपर कैबिनेट सचिव श्री नेत राम ने मण्डलायुक्तों, प्रमुख सचिवों एवं सचिवों की आज यहां योजना भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के निश्कशोZं से मुख्यमन्त्री को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना के अन्तर्गत वशZ 2009-10 के सारे आवासों के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश एवं आंिशक धनरािश उपलब्ध करायी जा चुकी है। उन्होंने सम्बन्धित शहरोंं में तत्काल शहर के भीतर या लगे हुए आबादी क्षेत्र में भूमि चििन्हत कर आवासों का निर्माण कार्य 8 माह में पूरा कराकर पात्र लाभार्थियों को आगामी दिसम्बर माह तक कब्जा दिलाने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमन्त्री ने डॉ0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के अधूरे कायोंZ-नाली, खड़ंजा, डामरीकरण, मजरों के जोड़ने का कार्य, सी0सी0 रोड आदि को 30 अपै्रल तक पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष के लिए चयनित 2224 गांवों के सारे कायोंZ की अनुमानित लागत को पांच मई तक अनुमोदन करा कर सभी कार्य युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चयनित सभी अम्बेडकर ग्रामों के कार्य 31 दिसम्बर तक हर हाल में पूरा कर लिया जाय। उन्होंने सभी कायोंZ में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही गांवों में बनाई गई नालियों में जल की निकासी के लिए समुचित ढाल पर विशेष ध्यान देने को कहा, जिससे कहीं भी जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा तथा लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियन्ता को निर्देश दिये कि एक महीने के अन्दर 40 गांवों का निरीक्षण कर नालियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करायें।
सुश्री मायावती ने चयनित अम्बेडकर गांवों में 10 हजार सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिये। इसके अलावा उन्होंने इसके रख-रखाव पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अम्बेडकर गांवों में निर्माणाधीन सामुदायिक केन्द्रों को 30 मई तक पूरा करने तथा वर्ष 2010-11 में बनने वाले 2000 सामुदायिक केन्द्रों के निर्माण का कार्य दिसम्बर तक पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अगले 20-25 वषोंZ में ग्राम पंचायतों के पास काफी परिसम्पत्तियां सृजित होंगी। उन्होंने इनके रख-रखाव का संरक्षण के लिए नीति बनाने पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने तहसील दिवस पर प्राप्त जन शिकायतों का प्रभावी निस्तारण तथा अम्बेडकर गांवों में कराये गये सभी कायोंZ की डिजिटल डायरी तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने मनरेगा के तहत सोशल ऑडिट व योजना के बेहतर संचालन हेतु कार्मिकों के चयन की कार्यवाही 30 अपै्रल तक पूरा करने के निर्देश दिये।

मुख्यमन्त्री ने उत्तर प्रदेश मुख्यमन्त्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना का हवाला देते हुए कहा कि इस योजना के अन्तर्गत पात्र परिवारों के सर्वेक्षण के दिशा-निर्देश गत 30 मार्च को जारी किए गए थे। उन्होंने कहा कि इन निर्देशों का अनुपालन सुनििश्चत करते हुए शत-प्रतिशत लाभार्थियों का चयन 30 सितम्बर तक सुनििश्चत कर लिया जाय, ताकि इन परिवारों को योजना का लाभ अक्टूबर माह से मिलने लगे।

सुश्री मायावती ने मनरेगा कार्यक्रम में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि हाल में कई अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है एवं योजना के क्रियान्वयन में आगे भी अगर कोई गड़बड़ी मिलती है, तो उत्तरदायी अधिकारियों को बख्शा नहीं जायेगा। मण्डलायुक्त व जिलाधिकारी यह सुनििश्चत करें कि गरीब एवं रोजगार की आवश्यकता वाले लोगों को इस योजना में मांग के अनुसार काम करने को मिले तथा गांवों में उपयोगी स्थायी परिसम्पत्तियां सृजित की जायें। उन्होंने मनरेगा को अन्य विभागों के साथ कन्वर्जन के माध्यम से बेहतर कार्य करने पर जोर दिया है।

सुश्री मायावती ने कहा कि हाल में जहरीली शराब से मृत्यु की दुर्भाग्यपूर्ण घटनायें घटित हुई हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं आबकारी आयुक्तों को इस प्रकार की घटनाओं पर पैनी नज़र रखने तथा जहरीली/अवैध शराब का धन्धा करने वालों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने चकबन्दी में लिम्बत वादों का तेजी से गुणवत्तापरक निस्तारण किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों को समय से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करायें। इसके साथ ही उन्होंने महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना का प्रभावी क्रियान्वयन तथा पिछड़े वर्ग के छात्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति का कार्य प्रभावी ढंग किये जाने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन का सत्यापन एवं पात्र लाभार्थियों को लाभ देने पर जोर दिया।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि निर्माण कार्याें के ठेकों में गुण्डा तत्वों एवं माफियाओं के प्रवेश की िशकायते मिली हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी एवं सम्बन्धित विभाग के अधिकारी ऐसे ठोस और कारगर कदम उठायें, जिससे ठेकों में किसी भी प्रकार से गुण्डा तत्व प्रदेश में ठेका हासिल न कर पायें। उन्होंने अनुसूचित जाति/जनजाति को दिये जाने वाले ठेके में रोस्टर प्रणाली लागू करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि निर्माण कायोंZ में अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए निर्धारित आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू किया जाय। इसमें किसी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने रोस्टर के मुताबिक बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। इसके साथ ही उन्होंने खराब ट्रांसफार्मर, जर्जर तार आदि बदलने के भी निर्देश दिये। उन्होंने आवास विकास तथा प्राधिकरणों द्वारा आवंटित भूखण्डों एवं आवासों की रजिस्ट्री समय से कराने के लिए मण्डलायुक्तों को विशेष निर्देश दिये, ताकि अधिक से अधिक राजस्व सरकार को प्राप्त हो सके।

सुश्री मायावती ने कहा कि गेहूं क्रय केन्द्रों पर उपयुक्त व्यवस्था सुनििश्चत की जाय, जिससे किसानों को बिना किसी कठिनाई के उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा है कि गेहूं खरीद के लिए खरीद एजेंसियों का समय से भुगतान तथा बोरों की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाय। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद के मामले में किसानों को किसी तरह से परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि इस वर्ष गेहूं का उत्पादन बहुत अच्छा हुआ है और लक्ष्य से अधिक खरीद के लिए पूरी कोशिश की जानी चाहिए। उन्होंने गेहूं खरीद में बिचौलियों की गतिविधियों को पूरी तरह अंकुश लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी खरीफ के लिए फास्फेटिक उर्वरकों के अिग्रम भण्डारण की व्यवस्था तत्काल सुनििश्चत की जाय, जिससे किसानों को समय से ये उर्वरक उपलब्ध हो सकें। उन्होंने सितम्बर से पहले 10 लाख टन फास्फेटिक उर्वरक मंगाया जाना है, जिसमें तीन लाख टन खरीफ एवं सात लाख टन रबी के लिए है। इसके लिए सहकारिता विभाग को आवश्यक बजट उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने के लिए कृशि एवं कृशि उत्पादन आयुक्त संगठन से सम्बद्ध सभी विभाग तत्काल आवश्यक रणनीति बनाकर कार्यवाही सुनििश्चत करें।

मुख्यमन्त्री ने मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सूखे एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए अभी से अपने स्तर पर पूरी आवश्यक तैयारी कर लें, ताकि यदि ऐसी स्थिति आती है तो आम आदमी को कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने गत वर्ष बाढ़ से क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों को दो महीने के भीतर मरम्मत किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन मण्डलों में बाढ़ से क्षति होती है, उसके लिए अभी से कार्य योजना बना ली जाय। इसके साथ ही उन्होंने वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत लगाये गये पौधों की देखभाल तथा इस वर्ष बुन्देलखण्ड तथा प्रदेश के अन्य भागों में आवंटित लक्ष्य के अनुरूप वृक्षारोपण किये जाने के निर्देश दिये।

सुश्री मायावती ने निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में हो रहे आपरेशन मानक के आधार पर कराए जायें। उन्होंने ये भी निर्देश दिए कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों को मिलने वाली दवाओं एवं अन्य सुविधाओं का सतत अनुश्रवण किया जाय। उन्होंने प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर गरीबों एवं बेसहारा मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दवाओं, जांच की सुविधा एवं चिकित्सक तथा पैरा-मेडिकल की अनिवार्य रूप से उपस्थिति भी बनाये रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी मण्डलायुक्त अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों के मुताबिक स्वास्थ्य सेवाओं को और कैसे प्रभावी बनाया जा सकता है, उसके बारे में भी प्रस्ताव/सुझाव दें।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि वित्तीय वशZ 2010-11 की शुरूआत से ही विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं योजनाओं को समय से उच्च स्तरीय गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए सम्बन्धित विभागों को आवश्यक धनरािश तत्काल अवमुक्त करके पूरा करने के लिए विकास कार्यक्रमों का क्रियान्वयन सुनििश्चत कराया जाये। उन्होंने कहा कि मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी इसके लिए सीधे जिम्मेदार होंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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