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कृतज्ञ राश्ट्र ने परमपूज्य बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर जी को पूरे आदर व सम्मान के साथ स्मरण किया

Posted on 06 December 2010 by admin

cm-photo-1-06-12-2010-001माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने बाबा साहेब की 54वीं परिनिर्वाण तिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की

परमपूज्य बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर जी को उत्तर प्रदेश की बी0एस0पी0 सरकार ने विभिन्न रूपों में पूरा-पूरा आदर-सम्मान दिया

बाबा साहेब के प्रयासों से ही देश के सामाजिक परिवेश में व्यापक बदलाव के साथ-साथ समतामूलक समाज व्यवस्था की स्थापना को बल मिला

एस0सी0/एस0टी0 के अलावा पिछड़े वर्गों को शिक्षा एवं रोजगार में आरक्षण की व्यवस्था बाबा साहेब की देन

बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर ने ही धर्म निरपेक्ष संविधान की रचना की

डॉ0 भीमराव अम्बेडकर गोमती विहार खण्ड-1 में बाबा साहेब की चहुमुखी प्रतिमा का अनावरण

माननीया मुख्यमन्त्री जी द्वारा डॉ0 भीमराव अम्बेडकर गोमती पार्क, डा0 भीमराव अम्बेडकर गोमती विहार खण्ड-1, खण्ड-2, खण्ड-3 व खण्ड-4 तथा डॉ0 भीमराव अम्बेडकर गोमती बुद्ध पािर्कंग स्थल, गौतम बुद्ध सेतु, मान्यवर श्री कांशीराम जी सेतु के साथ आगरा के डा0 अम्बेडकर सेतु, डा0 अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल हेतु नवीनीकृत गोमती ब्रिज एवं नवीनीकृत ओवर ब्रिज का भी लोकार्पण

देश के करोड़ों दलितों, पिछड़ों और उपेक्षित वर्गों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का हक दिलाने के लिए आजीवन संघशZ करने वाले संविधान निर्माता, भारत रत्न परमपूज्य बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर जी की आज उनकी 54वीं परिनिर्वाण तिथि पर कृतज्ञ राश्ट्र ने उन्हें बेहद आदर व सम्मान के साथ याद किया। उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री एवं बी0एस0पी0 की राश्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती जी के नेतृत्व में पूरे देश के करोड़ों बी0एस0पी0 कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, समर्थकों, अनुयायियों, प्रशंसकों तथा सर्वसमाज के सभी वर्गों के लोगों ने युग पुरूष को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा प्रदेश के सभी जनपदों में भी बड़ी संख्या में बाबा साहेब के समर्थकों एवं अनुयायियों ने उनकी याद में कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

cm-photo-3-06-12-2010माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने आज बाबा साहेब डॉ0 अम्बेडकर की पुण्य तिथि पर सबसे पहले यहां डॉ0 भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धान्जलि दी। इसके पश्चात माननीया मुख्यमन्त्री जी ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्मित डॉ0 भीमराव अम्बेडकर गोमती पार्क पहुंचकर बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ0 भीमराव अम्बेडकर गोमती विहार खण्ड-1, डॉ0 भीमराव अम्बेडकर गोमती विहार खण्ड-2, डॉ0 भीमराव अम्बेडकर गोमती विहार खण्ड-3, डॉ0 भीमराव अम्बेडकर गोमती विहार खण्ड-4  डॉ0 भीमराव अम्बेडकर गोमती बुद्ध विहार पािर्कंग स्थल, डा0 भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल हेतु नवीनीकृत गोमती ब्रिज, डा0 भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल हेतु ओवर ब्रिज तथा डॉ0 भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल के प्रशासनिक भवन-2 का लोकार्पण किया।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने डॉ0 भीमराव अम्बेडकर गोमती विहार खण्ड-1 में बाबा साहेब की चहुंमुखी प्रतिमा का अनावरण भी किया। इसी के साथ मा0 मुख्यमन्त्री जी ने लखनऊ नगर के गोमती बैराज से लक्ष्मण मेला मैदान मार्ग पर गोमती नदी के बन्धे पर निर्मित मान्यवर श्री कांशीराम जी सेतु, लखनऊ में गोमती नगर में हेनीमैन चौराहे के पास पूर्वोत्तर रेलवे के सम्पार संख्या-2 ए0एम0एल0 पर निर्मित गौतम बुद्ध सेतु, आगरा नगर में प्राचीन स्ट्रैची रेलवे पुल के निकट निर्मित डा0 अम्बेडकर सेतु तथा गाजियाबाद शहर में गाजियाबाद-सहारनपुर मार्ग पर एल्ट सेन्टर के निकट रेल सम्पार संख्या 4-सी पर निर्मित रेल उपरगामी सेतु का भी लोकार्पण किया।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि सदियों से गैरबराबरी वाली जातिवादी व्यवस्था का शिकार रहे दलित व शोषित समाज को आत्म सम्मान के साथ जीने का अधिकार बाबा साहेब डॉ0 अम्बेडकर ने ही दिलाया था। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों के लिए संविधान में आरक्षण का प्राविधान करके इन वर्गों के शैक्षिक, सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान की शुरूआत की।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने बाबा साहेब डॉ0 अम्बेडकर की परिनिर्वाण तिथि पर अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर ने देश में कायम गैर-बराबरी वाली सामाजिक व्यवस्था को बदलकर समतामूलक समाज व्यवस्था की स्थापना के लिए आजीवन कार्य किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बाबा साहेब के इस मिशन को दृष्टिगत रखते हुए अपना हर फैसला “सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय´´ की नीति पर लेती है। उन्होंने कहा कि बहुमुखी प्रतिभा तथा व्यक्तित्व के धनी बाबा साहेब डॉ0 अम्बेडकर के अधूरे सपनों को पूरा करना तथा उनके बताये हुए मार्ग पर चलना ही इस महान मानवतावादी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर का सारा जीवन देश में सामाजिक भाईचारे के आधार पर समतामूलक समाज की व्यवस्था को स्थापित करने के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की वर्तमान बी0एस0पी0 सरकार बाबा साहेब के बताये हुए मार्ग पर चलकर पूरे देश में सामाजिक समानता और सर्वसमाज के बीच आपसी सद्भाव पैदा करने के लिए सतत् प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने दलितों, शोषितों, वंचितों एवं कमजोर वर्गों में जागरूकता पैदा करके एक सशक्त आवाज को बुलन्द किया और उन्हें सत्ता के केन्द्र तक पहुंचाया। इसके अलावा उन्होंने पिछड़ों तथा धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की भी रक्षा की। उन्होंने कहा कि इन वर्गों को आत्म-सम्मान का जीवन व सामाजिक न्याय दिलाने के लिये बाबा साहेब डॉ0 अम्बेडकर ने भारतीय संविधान में अनेक प्राविधान किये।

cm-photo-2-06-12-2010-002माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उत्थान के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य पिछड़े वर्गों के लोगों के हित में महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़े वर्गो को आज शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में जो आरक्षण की सुविधा मिली है, यह किसी और महापुरूष या पार्टी की देन नहीं, बल्कि बाबा साहेब की ही देन है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ0 अम्बेडकर ने भारतीय संविधान की धर्मनिरपेक्षता के आधार पर रचना करके समाज के सभी धार्मिक मतावलिम्बयों को बराबरी का मौका दिया।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि बहुजन समाज में जन्में सन्तों, गुरूओं और महापुरूषों ने जीवन पर्यन्त समतामूलक सामाजिक व्यवस्था को कायम करने के लिए कड़ा संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के कड़े परिश्रम, त्याग और संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। बाबा साहेब के अथक प्रयासों के फलस्वरूप ही आज देश के सामाजिक परिवेश में व्यापक बदलाव हुआ है और समतामूलक समाज की स्थापना को भी बल मिला। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर सहित सामाजिक परिवर्तन के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले सन्तों, गुरूओं और महापुरूषों के आदर व सम्मान में निर्मित कराये गये स्मारक, संग्रहालय, पार्क, गैलरी, चौराहे और मूर्तियां आगे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा के रूप में कार्य करते रहेंगे।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि उनकी सरकार ने अपने सभी कार्यकालों में बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए तथा उनके आदर व सम्मान में विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाएं और कार्यम संचालित किये। उन्होंने बाबा साहेब के नाम पर शुरू की गयी कुछ योजनाओं और कार्यमों की चर्चा करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति/जन जाति के लोगों के आर्थिक व सामाजिक विकास के लिए डा0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास विभाग का गठन करते हुए अनुसूचित जाति/जन जाति बाहुल्य गांवों की तरक्की और खुशहाली के लिए डा0 भीमराव अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना शुरू की गयी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत चयनित अम्बेडकर गांवों में सभी आवश्यक सुविधायें मुहैया कराने की व्यवस्था की गयी है। योजना के प्रभावी यािन्वयन एवं मानीटरिंग के लिए अलग से सेल का गठन भी किया गया। उन्होंने कहा कि 10 हजार डा0 अम्बेडकर ग्रामों की अनुसूचित जाति की बस्तियों में सोडियम लाइट लगाये जा रहे हैं। अम्बेडकर ग्राम सभाओं की प्रत्येक दलित बस्तियों में ’’बहुउद्देशीय सामुदायिक केन्द्र’’ बनाये गये। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति/जनजाति वर्गों के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डा0 अम्बेडकर विशेष रोजगार योजना को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाबा साहेब के सम्मान में आगरा विश्वविद्यालय का नामकरण बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर किया गया। इसी विश्वविद्यालय में बाबा साहेब डा0 अम्बेडकर के नाम पर अम्बेडकर पीठ की भी स्थापना की गयी। डा0 अम्बेडकर के नाम पर अनुसूचित जाति/जनजाति कोचिंग सेंटर की स्थापना जनपद अलीगढ़ और आगरा में की गयी है। फैजाबाद मण्डल के अन्तर्गत अम्बेडकर नगर के नाम से नये जिले का गठन किया गया। वाराणसी में बाबा साहेब के नाम पर स्टेडियम का नामकरण तथा रामपुर में संग्रहालय व पुस्तकालय की स्थापना की गयी। इसके अलावा जनपद बांदा में बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर मेडिकल कालेज, नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में डा0 भीमराव अम्बेडकर मल्टी सुपर स्पेशियल्टी अस्पताल स्थापित कराये गये हैं। कानपुर में डॉ0 अम्बेडकर इन्स्टीट्‌यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी फार हैण्डीकैप्ड तथा जनपद आजमगढ़ में डॉ0 अम्बेडकर भवन का निर्माण कराया गया। जनपद मैनपुरी तथा कन्नौज में डा0 भीमराव अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय की स्थापना की गयी। इसी प्रकार लखन में डा0 भीमराव अम्बेडकर अन्तर्राष्टीय खेल स्टेडियम तथा ग्रेटर नोएडा में 500 सीटों वाले डा0 अम्बेडकर अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास का निर्माण कराया गया। जनपद आगरा एवं गौतमबुद्ध नगर में डॉ0 अम्बेडकर पार्क स्थापित किया गया। लखन में डॉ0 अम्बेडकर पर्यावरण म्यूजियम तथा डॉ0 अम्बेडकर पर्यावरण परिसर का निर्माण कराया गया। बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखन में अम्बेडकर पीठ की स्थापना तथा प्रशासनिक भवन संकुल का निर्माण कराया गया है।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि इसके अलावा बाबा साहेब के कार्यों को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से लखन में डा0 भीमराव अम्बेडकर सामाजिक  परिवर्तन स्थल, डा0 भीमराव अम्बेडकर विहार, डा0 भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन गैलरी, डा0 भीमराव अम्बेडकर स्मारक दृश्य स्थल, डा0 भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन प्रतिबिम्ब स्थल तथा सामाजिक परिवर्तन संग्रहालय और जनसुविधा परिसर की स्थापना करायी गयी। इसके अलावा बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर लघु उद्यमी प्रादेशिक पुरस्कार योजना शुरू की गयी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के नाम पर डॉ0 अम्बेडकर नि:शुल्क बोरिंग योजना तथा डॉ0 अम्बेडकर कृषि र्जा सुधार योजना भी शुरू की गयी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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माननीया मुख्यमन्त्री जी ने प्रदेश के 106 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुलिस पदक से अलंकृत किया

Posted on 28 November 2010 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री माननीया सुश्री मायावती जी द्वारा 28 नवम्बर, को इिन्दरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमतीनगर, लखनऊ मे आयोजित पुलिस अलंकरण समारोह-2010 में 106 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियोेंं को पदकों से अलंकृत किया गया।

photo-28-11-2010-2-002गणतन्त्र दिवस 2008, स्वतन्त्रता दिवस 2008 एवं गणतन्त्र दिवस 2009 के अवसर पर वीरता, विशिष्ट एंव सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक/अग्निशमन सेवा पदक प्रदान किये जाने की घोषणा भारत सरकार द्वारा की गई थी। मुख्यमन्त्री जी द्वारा उक्त पदकों से पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को कार्यक्रम के दौरान नवाजा गया। कार्यक्रम का संचालन पुलिस महानिदेशक श्री करमवीर सिंह द्वारा किया गया।

वीरता के लिये राष्ट्रपति का अग्निशमन सेवा पदक 6 कर्मियो सर्वश्री देवी प्रसाद शुक्ला, सेवानिवृत्त मुख्य अग्निशमन अधिकारी, श्री वीरेन्द्र प्रताप सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, गोरखपुर , श्री शिवदरश प्रसाद, अग्निशमन अधिकारी, कानपुर नगर, श्री सत्येन्द्र सिंह, लीडिंग फायर मैन, लखनऊ, श्री सरदार खान, फायर मैन, कानपुर नगर तथा श्री राजपाल, फायर मैन, कानपुर नगर को दिया गया है। इनके द्वारा विगत 30 मई 2007 को कानपुर नगर के मालरोड पर सिटी सेन्टर में लगी भयंकर आग को अपनी जान की परवाह न करते हुए आग को नियन्त्रित किया एवं 14 व्यक्तियों की जान बचाई गई।
वीरता के लिये पुलिस पदक विजेता हैं सर्वश्री गुरूबचन लाल, अपर पुलिस महानिदेशक, सीबीसीआईडी, उ0प्र0, श्री सत्येन्द्र वीर सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अलीगढ़, श्री विजय कुमार राना, निरीक्षक, बदायूं एवं श्री सुरेन्द्र सिंह, उप निरीक्षक, कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक बरेली परिक्षेत्र। इनके द्वारा विगत 9 फरवरी 2008 को शाहजहांपुर के थाना कटरा क्षेत्र में पुलिस ने कुख्यात अपराधियों से मुठभेड़ कर 50 हजार रूपये के ईनामी अपराधी नरेश उर्फ नरेशा को मार गिराया गया था जिसके पास से 2 बन्दूक, 2 रायफल, एक एच0ई0ग्रेनेड एवं विभिन्न बोर के 61 कारतूस बरामद हुए थे।

श्री चन्द्र प्रकाश, पुलिस महानिरीक्षक, लखनऊ परिक्षेत्र, श्री ज्ञानेश्वर तिवारी, पुलिस अधीक्षक, सन्तरविदास नगर, श्री धर्मेंन्द्र सिंह चौहान, निरीक्षक, बरेली को भी इसी पदक से सम्मानित किया गया है। इनके द्वारा विगत 20 मई 2003 को गाजियाबाद के थाना इिन्दरापुरम क्षेत्र में पुलिस कुख्यात अपराधियों से मुठभेड़ कर 20 हजार रूपये के ईनामी अपराधी मोहन डॉन एवं जतिन नारंग को मार गिराया गया था जिसके पास से एक पिस्टल .380 बोर लामा, एक पिस्टल 9 एमएम एवं एक रिवाल्वर बरामद हुआ था।

वीरता के लिये पुलिस पदक श्री रघुवीर लाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गाजियाबाद तथा श्री विजय मल सिंह यादव, निरीक्षक, सोनभद्र को दिया गया है। विगत 27 जून 2006 को सोनभद्र के थाना मांची क्षेत्र में मुठभेड़ में 20 हजार रूपये के ईनामी नक्सली रविन्दर को मार गिराने मे सफलता प्राप्त की गई थी। इस अपराधियो के पास से 2 रायफल, 2 बन्दूक, 2 कन्टेनर बम आदि बरामद हुये थे।

photo-28-11-2010-2-001श्री अशोक कुमार त्रिपाठी, अपर पुलिस अधीक्षक, बलिया, श्री इन्द्रजीत सिंह तेवतिया, सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक तथा श्री तेजबहादुर सिंह, निरीक्षक, ए0टी0एस0, लखनऊ को भी वीरता के लिये पुलिस पदक से सम्मनानित किया गया है। विगत 04 फरवरी 2006 को कानपुर नगर के थाना बिठूर क्षेत्र में इनके द्वारा अपराधियों से मुठभेड़ कर 90 हजार रूपये के ईनामी अपराधी रघुवीर ढीमर, 25 हजार रूपये के ईनामी अपराधी मोहन ढीमर एवं अपराधी भजन लाल को मार गिराया गया था। इस अपराधियो के पास से 1 रायफल, 2 बन्दूक व कारतूस आदि बरामद हुए थे।

श्री जयप्रकाश, अपर पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0, लखनऊ तथा श्री नवेन्दु कुमार, निरीक्षक, एस0टी0एफ0, लखनऊ को भी वीरता के लिये पुलिस पदक दिया गया है। जिनके द्वारा विगत 23 जून 2006 को लखनऊ के थाना गोमतीनगर क्षेत्र में अपराधियों से मुठभेड़ कर 50 हजार रूपये के ईनामी अपराधी हफीजउल्ला एवं 5 हजार रूपये के ईनामी अपराधी मोहम्मद मुस्लिम को मारा गया था। इस अपराधियो से 2 रिवाल्वर 1 पिस्टल आदि बरामद हुई थी।

वीरता के लिये पुलिस पदक श्री रामबदन सिंह, सहायक सेनानायक, 35वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ, श्री बृजमोहन पाल, उप निरीक्षक, अभिसूचना मुख्यालय, लखनऊ, श्री धर्मेंन्द्र सिंह यादव, उप निरीक्षक, एस0टी0एफ0, लखनऊ एवं श्री अवध नारायण चौधरी, मुख्य आरक्षी, एस0टी0एफ0, लखनऊ को दिया गया है। इनके द्वारा विगत 23 दिसम्बर 2007 को लखनऊ के थाना चिनहट क्षेत्र में आतंकवादियों से मुठभेड़ कर आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के 2 पाकिस्तानी फिदायीन आतंकवादियों को मार गिराया गया था। इस अपराधियो के पास से 02 ए0के0-47 रायफल, 10 हैण्ड ग्रेनेड सहित भारी मात्रा में आग्नेयास्त्र बरामद हुए थे।

श्री ऋषिकेश यादव, निरीक्षक ना0पु0, एस0टी0एफ0, लखनऊ, श्री अभय प्रताप मल्ल, निरीक्षक, ए0टी0एस0, लखनऊ एवं श्री मनोज कुमार चतुर्वेदी, आर0एस0ओ0, रेडियो मुख्यालय, लखनऊ को वीरता के लिये पुलिस पदक दिया गया है। इनके द्वारा विगत 22 जुलाई 2007 को चित्रकूट के थाना मानिकपुर क्षेत्र में कुख्यात डकैतों से मुठभेड़ कर  5 लाख 25 हजार रूपये के ईनामी डकैत शिवकुमार उर्फ ददुआ, 60 हजार रूपये केा ईनामी डकैत अंगद तथा 20 हजार रूपये के ईनामी डकैत सुखचैन सहित 06 डकैतों को मार गिराने मे उल्लेखनीय योगदान दिया गया था। इस अपराधियो के पास से एक मैगनम रायफल, हैण्ड ग्रेनेड आदि भारी मात्रा में आग्नेयास्त्र बरामद हुए थे।

वीरता के लिये पुलिस पदक श्री प्रदीप कुमार सिंह, उप निरीक्षक, खीरी तथा श्री रिजवान, मुख्य आरक्षी, लखनऊ विकास प्राधिकरण, लखनऊ को भी दिया गया है। इनके द्वारा विगत 21 जुलाई 2007 को चित्रकूट के थाना मारकुण्डी क्षेत्र में कुख्यात डकैतों से मुठभेड़ कर 20 हजार रूपये के ईनामी डकैत छोटा पटेल सहित 04 डकैतों को मार गिराने मे सफलता प्राप्त की गई थी। इन अपराधियो के पास से 2 रायफल, 1 बन्दूक, 1 पिस्टल आदि बरामद हुई थी।
वीरता के लिये अग्निशमन सेवा पदक विजेता बने है श्री ज्ञान प्रकाश सिंह, फायर मैन, इलाहाबाद तथा श्री विन्देश्वरी प्रसाद त्रिपाठी, फायर मैन, चित्रकूट। इनके द्वारा विगत 17 मई 2003 को इलाहाबाद के थाना कीडगंज क्षेत्र में एक दुकान में गैस वेिल्डंग सिलिन्डर से जहरीली गैस के रिसाव की सूचना प्राप्त होने पर फायर सर्विस यूनिट ने अपनी जान की परवाह न करते हुए तत्काल जहरीली गैस के रिसाव को नियिन्त्रत किया  गया था।

विशिष्ट सेवाओं के लिये राष्ट्रपति का पुलिस पदक विजेता है सर्व श्री श्री मलकीयत सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक, अभिसूचना, आनन्द लाल बनर्जी, अपर पुलिस महानिदेशक, एस0आई0टी0, एस0 जावीद अहमद, संयुक्त निदेशक, सी0बी0आई0, लखनऊ, गुरदर्शन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, पी0ए0सी0 तथा श्री वेदपाल सिंह, सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक। श्री प्रविन्द्र कुमार राव, प्रधानाचार्य, उ0प्र0 राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण महाविद्यालय, उन्नाव को विशिष्ट सेवाओं के लिये राष्ट्रपति का अग्निशमन सेवा पदक दिया गया है।

स्वतन्त्रता दिवस-2008 एवं गणतन्त्र दिवस-2009 के अवसर पर दीघZ एवं सराहनीय सेवाओं के लिये पुलिस पदक पाने वाले अधिकारी व कर्मचारी निम्नवत् हैं :-
सर्व श्री हरिश्चन्द्र कश्यप, पुलिस महानिरीक्षक, रेलवे इलाहाबाद
श्री विश्वजीत महापात्रा, पुलिस महानिरीक्षक, सुरक्षा, उत्तर प्रदेश
श्री आनन्द कुमार, सचिव गृह, उ0प्र0 शासन
श्री आदित्य मिश्रा, पुलिस महानिरीक्षक(सीआई), अभिसूचना उत्तर प्रदेश
डा0 संजय एम0 तरडे, पुलिस महानिरीक्षक `स्थापना´, उत्तर प्रदेश
श्री आशुतोष पाण्डेय, पुलिस उप महानिरीक्षक, विशेष जांच, उत्तर प्रदेश
श्री आनन्द स्वरूप, पुलिस उप महानिरीक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र
श्री सुशील कुमार सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक, झांसी परिक्षेत्र
श्री संजय सिंघल, उप महानिरीक्षक, आई0टी0बी0पी0, देहरादून
श्री हरिराम शर्मा, पुलिस उप महानिरीक्षक, उत्तर प्रदेश पुलिस प्रोन्नति एवं भर्ती बोर्ड, लखनऊ
श्री काशीनाथ सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक, पीएसी आगरा अनुभाग
श्री प्रकाश त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक, सीबीसीआईडी लखनऊ
श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह, पुुलिस अधीक्षक, रेलवे गोरखपुर
श्री रामस्वरूप, पुलिस अधीक्षक, महाराजगंज
श्री अोंकार सिंह, पुलिस अधीक्षक, मऊ
श्री दलवीर सिंह यादव, सेनानायक, 10वीं वाहिनी पीएसी, बाराबंकी
श्री मदन गोपाल सिंह, पुलिस अधीक्षक, ईओडब्ल्यू, लखनऊ
श्री कमल किशोर अस्थाना, अपर पुलिस अधीक्षक `अपराध´ मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश
श्री मृगेन्द्र सिंह, उप सेनानायक, 35वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ
श्री अशोक कुमार, उप सेनानायक, 41वी वाहिनी गाजियाबाद
श्री अशोक कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस मुख्यालय, इलाहाबाद
श्री राम दुलार यादव, सहायक सेनानायक, 11वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर
श्री माता प्रसाद भास्कर, पुलिस उपाधीक्षक, एल0आई0यू0, कानपुर
श्री सत्यप्रकाश सिंह यादव, पुलिस उपाधीक्षक, पीटीएस मुरादाबाद
श्री आशुतोष गौतम, सहायक सेनानायक, 45वीं वाहिनी पीएसी अलीगढ़
श्री कैलाश प्रसाद, पुलिस उपाधीक्षक, कन्नौज
श्री जनार्दन प्रसाद चौबे, सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक
श्री जितेन्द्र सिंह चौहान, सहायक रेडियो अधिकारी, पुलिस रेडियो मुख्यालय, लखनऊ
श्री देवेन्द्र कुमार, निरीक्षक एल0आई0यू0, आजमगढ़
श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह, निरीक्षक, उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड, लखनऊ
श्री सत्यराम यादव, निरीक्षक, ईओडब्लू, वाराणसी
श्री नन्द किशोर बहुगुणा, दलनायक, 35 वी वाहिनी पीएसी, लखनऊ
श्री अनिल कुमार माथुर, निरीक्षक, पुलिस कम्प्यूटर केन्द्र, लखनऊ
श्री जगदीश तोमर, सेवानिवृत्त उप निरीक्षक
श्री रामबहादुर सिंह, उप निरीक्षक, बाराबंकी
श्री ओमप्रकाश सिंह, उप निरीक्षक, उन्नाव
श्री श्रीपाल सिंह तोमर, उप निरीक्षक, पीलीभीत
श्री कमला सिंह यादव, उप निरीक्षक, मीरजापुर
श्री किरन पाल सिंह, उप निरीक्षक, डा0 भीमराव अम्बेडकर पुलिस अकादमी, मुरादाबाद
श्री केशव लाल, उप निरीक्षक, मुरादाबाद
श्री जगदीश प्रसाद भारद्वाज, उप निरीक्षक परिवहन, 44 वी वाहिनी पीएसी, मेरठ
श्री राम कुमार शर्मा, उप निरीक्षक विशेष श्रेणी, कार्यालय डीआईजी चित्रकूट धाम परिक्षेत्र बान्दा
श्री अलोपी प्रसाद, उप निरीक्षक विशेष श्रेणी, पीलीभीत
श्री चन्द्र मुकुट शर्मा, उप निरीक्षक विशेष श्रेणी, बिजनौर
श्री रामजी तिवारी, प्लाटून कमाण्डर विशेष श्रेणी, 11वीं वाहिनी पीएसी, सीतापुर
श्री सैयद इसरार हुसैन, उप निरीक्षक(एम), पीएसी कानपुर अनुभाग
श्री राम किशोर सिंह, उप निरीक्षक(एम) आशुलिपिक, फैजाबाद
श्री शिव सिंह बैसवार, उप निरीक्षक(एम), ई0ओ0डब्ल्यू0, लखनऊ
श्री विनोद कुमार श्रीवास्तव, उप निरीक्षक(एम), कार्यालय पुलिस अधीक्षक यातायात, कानपुर नगर
श्री सतीश कुमार, सेवानिवृत्त उप निरीक्षक(एम)
श्री स्वदेश कुमार सक्सेना, उप निरीक्षक(एम), पीएसी मुख्यालय, लखनऊ
श्री शिरोमणि सिंह, सेवानिवृत्त मुख्य आरक्षी
श्री शिव प्रसाद तिवारी, मुख्य आरक्षी, कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक आगरा परिक्षेत्र, आगरा
श्री प्यारे लाल राम, सेवानिवृत्त मुख्य आरक्षी,
श्री प्रेम चन्द सिंह, मुख्य आरक्षी, 12वी वाहिनी पीएसी, फतेहपुर
श्री लाल चन्द्र मिश्रा, मुख्य आरक्षी, चतुर्थ वाहिनी पीएसी इलाहाबाद
श्री जमीर अहमद खान, मुख्य आरक्षी, 34वी वाहिनी पीएसी वाराणसी
श्री महेश चन्द्र सिंह, आरक्षी, कन्नौज
श्री सदाशिव, आरक्षी, सीतापुर
श्री अरविन्द किशोर दीक्षित, आरक्षी, हरदोई
श्री भुदेव प्रसाद, आरक्षी, कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक आगरा परिक्षेत्र, आगरा
श्री देव नाथ राम यादव, आरक्षी, कार्यालय पुलिस उप महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र, बस्ती
श्री अवध नरेश, आरक्षी, बान्दा
श्री मोहम्मद आरिफ, आरक्षी, महामायानगर
श्री राम विशाल साहू, आरक्षी, चित्रकूट
श्री भागीरथी, आरक्षी, लखनऊ (मरणोपरान्त)
श्री रमेश चन्द्र यादव, आरक्षी, मऊ
श्री रविन्द्र पाल सिंह, आरक्षी, महामायानगर
श्री अरूण कुमार मिश्रा, आरक्षी, रायबरेली

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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मुख्यमन्त्री ने कानून व्यवस्था और विकास कार्याें की जमीनी हकीकत में सुधार लाने के लिए अधिकारियों को दो माह (दिसम्बर एवं जनवरी) का समय दिया

Posted on 27 November 2010 by admin

मुख्यमन्त्री द्वारा 01 फरवरी, 2011 से सभी जनपदों का आकिस्मक निरीक्षण

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने आज कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की समीक्षा हेतु बुलायी गई प्रदेश स्तरीय बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों को हर समय सजग रहने की जरूरत है तथा वे पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने अयोध्या प्रकरण पर माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के पश्चात पूरे प्रदेश में कायम शान्ति के लिए पुलिस एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े अन्य सभी प्रशासनिक अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपसी तालमेल एवं सूझ-बूझ के कारण तथा 18 अगस्त को उनके द्वारा इस सम्बंध में दिये गये दिशा-निर्देशों का पूरा पालन किए जाने के चलते पूरे प्रदेश में शान्ति व्यवस्था बनी रही, जिसका सकारात्मक परिणाम यह निकला कि पूरे देश में भी अमन-चैन कायम रहा। उन्होंने आगामी 06 दिसम्बर को, जिस दिन अयोध्या में विवादित ढांचा गिराया गया था, को दृष्टिगत रखते हुए सभी कानून व्यवस्था से जुडे़ अधिकारियों को और खासतौर से फैजाबाद के अधिकारियों को विशेष सतकर्ता बरतने के निर्देश दिए तथा उनसे अपेक्षा की कि इस सम्बन्ध में हाल ही में प्रमुख सचिव गृह एवं डी0जी0पी0 के द्वारा वीडियों कान्फ्रेिन्संग के माध्यम से दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने पंचायत चुनावों के शंाति पूर्ण ढंग से सम्पन्न हो जाने पर भी सन्तोष व्यक्त किया तथा अधिकारियों को इन पंचायत चुनावों के चलते कतिपय स्थानों में उत्पन्न हुई वैमनस्यता की प्रकाश में आयी घटनाओं की ओर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए तथा कहा कि अधिकारीगण यह सुनिश्चित करें कि इन स्थितियों में भी हर हाल में शान्ति व्यवस्था बनाये रखी जाये।

माननीया मुख्यमन्त्री जी आज यहां विधान भवन स्थित तिलक हॉल में प्रदेश भर के कानून व्यवस्था एवं विकास से जुड़े अधिकारियों की आयोजित बैठक को सम्बोधित कर रहीं थीं। उन्होंने विकास कार्यो तथा कानून व्यवस्था में और अधिक सुधार लाने के लिए विस्तार से दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि विकास के प्रमुख कार्यक्रमों की समीक्षा, जनसमस्याओं के निराकरण एवं विकास कार्यक्रमों को भौतिक सत्यापन एवं कानून व्यवस्था तथा अपराध नियन्त्रण को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक संशोधित त्रिस्तरीय, जनपद, मण्डल व राज्य स्तरीय समीक्षा की व्यवस्था की गई है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने अधिकारियों को यह भी अवगत कराया कि वे 01 फरवरी, 2011 से प्रदेश के सभी जिलों में जाकर विकास एवं कानून व्यवस्था के कार्याे का निरीक्षण करेंगी तथा इन निरीक्षणों के दौरान कराये जा रहे विकास कार्याें की जमीनी हकीकत को परखेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिलों में भ्रमण के दौरान वे अधिकारियों की कोई बैठक नहीं करेंगी, बल्कि सीधे मौके पर जाकर विकास कार्यो का निरीक्षण करेंगी तथा आम जनता से कानून व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल करेंगी। माननीया मुख्यमन्त्री जी ने अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था में सुधार लाने एवं विकास कार्याें की गुणवत्ता एवं प्रगति में तेजी लाने के लिए वे सभी अधिकारियों को 02 माह (दिसम्बर तथा जनवरी) का समय दे रही हैं। इसीलिए उन्होंने आगामी 01 फरवरी से जनपदों में निरीक्षण करने का निर्णय लिया है। उन्होंने आशा व्यक्त की सभी अधिकारीगण पूरे मनोयोग से जुड़कर तत्काल स्थिति में सुधार लायेंगे, जिससे कि जनपदों के आकिस्मक निरीक्षण के दौरान सभी विभागों के क्रियाकलापों में अपेक्षित सुधार परिलक्षित हो सकें।
माननीया मुख्यमन्त्री जी ने संशोधित त्रिस्तरीय समीक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अब जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक प्रत्येक माह की 3 तारीख को दोपहर 3 बजे से सांय 7 बजे तक सम्बंधित जिले के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित की जायेगी। माननीया मुख्यमन्त्री जी ने जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक में उन सभी कार्यक्रमोंं तथा महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में, जिनकी समीक्षा की जानी है, के बारे में विस्तार से बैठक में प्रकाश डाला।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने जिलाधिकारियों को प्रत्येक तहसील में प्रत्येक माह कम से कम एक ग्राम में आकिस्मक स्थलीय निरीक्षण करने के भी निर्देश देते हुए कहा कि जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक के पश्चात विकास कार्यो हेतु निर्धारित की गई संशोधित समीक्षा व्यवस्था के तहत प्रत्येक माह की 06 तारीख को प्रदेश के सभी मण्डलोें में मण्डलायुक्तों की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक की जायेगी। इसमें सभी जिलों के जिलाधिकारी और सभी विभागों के मण्डल स्तरीय अधिकारी भाग लेंगे।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के बारे में निर्देश देते हुए कहा कि यह बैठक हर माह के 13 तरीख के बाद पड़ने वाले बुधवार को लखनऊ में प्रात: 10 बजे से आयोजित की जायेगी। जिसमें प्रदेश के समस्त मण्डलायुक्तों/जिलाधिकारियों के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव/सचिव भी उपस्थित रहेंगे। मा0 मन्त्रीगणों द्वारा विभागीय प्रमुख सचिव/सचिव के साथ अपने विभागों के मण्डल स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक प्रत्येक माह की 09 तारीख को आयोजित की जायेगी। जिसके पश्चात प्रत्येक माह की 20 तारीख को विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों एवं विभागीय कार्यकलापों की समीक्षा मुख्य सचिव द्वारा महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख सचिवों/सचिवों के साथ की जायेगी, जिनके परिणामों से प्रत्येक माह की 25 तारीख तक उन्हें (माननीया मुख्यमन्त्री जी को) अवगत कराया जायेगा।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने प्रदेश में कानून व्यवस्था एवं अपराध नियन्त्रण के सम्बन्ध में लागू की गई संशोधित समीक्षा व्यवस्था के बारे में बताते हुए कहा कि कानून व्यवस्था एवं अपराध नियन्त्रण को प्रभावी बनाने की दृष्टि से अब प्रत्येक माह की 03 तारीख को जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक जनपद के पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक द्वारा आयोजित की जायेगी तथा यह बैठक प्रात: 10 बजे से अपरान्ह 02 बजे तक चलेगी, जिसमें पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं समस्त क्षेत्राधिकारियों के साथ-साथ सम्बन्धित जनपद के जिला मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट नगर तथा सभी उप जिला मजिस्ट्रेट भी भाग लेंगे।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने परिक्षेत्र स्तरीय समीक्षा बैठक प्रत्येक माह की 05 तारीख को प्रात: 10 बजे पुलिस महानिरीक्षक/उपमहानिरीक्षक परिक्षेत्र द्वारा किए जाने के निर्देश दिए, जिसमें परिक्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले सभी जनपदों के पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक भाग लेंगे तथा इन बैठकों में जनपदवार रिपोटाZें की विस्तार से समीक्षा की जायेगी। इसी तरह माननीया मुख्यमन्त्री जी ने राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के लिए प्रत्येक माह 13 तारीख के बाद पड़ने वाले बुधवार को प्रात: 10 बजे से योजना भवन में बैठक आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस संशोधित व्यस्था के सम्बन्ध में आवश्यक शासनादेश आज ही जारी किया जा रहा है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कानून व्यवस्था की स्थिति में और अधिक सुधार लाने के लिए प्रदेश को तीन क्षेत्रों में बांटकर प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक एवं अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) को अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में कानून व्यवस्था पर कड़ी नज़र रखने की जिम्मेदारी सौपते हुए इन अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे प्रत्येक माह में कम से कम दो दिन अपने आवंटित क्षेत्रों में जाकर अचानक निरीक्षण सुनिश्चित करें तथा कानून व्यवस्था को और चुस्त-दुरूस्त बनायें। उन्होंने निर्देश दिए कि इन निर्देशों का अक्षरश: अनुपालन यह अधिकारीगण सुनिश्चित करें।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने विकास एवं कानून व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि सभी अधिकारी पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से संशोधित समीक्षा व्यवस्था पर अमल करेंगे, जिससे कि जनता विशेष रूप से समाज के गरीब व कमजोर वर्गों को प्रदेश सरकार की सभी योजनाओं का भरपूर लाभ दिलाने के साथ-साथ शासन की प्राथमिकता के अनुसार अपराधमुक्त, अन्यायमुक्त, भयमुक्त, भ्रष्टाचारमुक्त एवं विकासयुक्त वातावरण तैयार किया जा सके।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने शहरों को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि चुने हुए कुछ शहरों को प्रथम चरण में सभी आवश्यक शहरी सुविधाओं से लैस करने हेतु कई योजनायें इन शहरों में चलायी जा रही हैं, लेकिन जो समयावधि इन योजनाओं को पूर्ण करने के लिए निर्धारित की गई थी, उसमें कतिपय विलम्ब हुआ है, जो उचित नहीं है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने इन सभी विकास कार्याें की समीक्षा करने तथा मौके पर जाकर उनका निरीक्षण करने के लिए राज्य सलाहकार परिषद के अध्यक्ष श्री सतीश चन्द्र मिश्रा को अधिकृत करते हुए कहा कि वह इन सभी विकास कार्याें की गहन समीक्षा करके चल रहे विकास कार्याें को शीघ्र पूरा करायें तथा इस हेतु उन्हें सभी अधिकारियों द्वारा पूरा-पूरा सहयोग दिए जाने के भी निर्देश दिए। माननीया मुख्यमन्त्री जी ने यह भी निर्देश दिए कि आज दिए गए निर्देशों को नीचे के अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए दिनांक 01 दिसम्बर को दो शिफ्टों में सभी सम्बन्धित अधिकारियो की बैठक बुलायी जाये तथा सभी अधिकारियों को आज इस बैठक में जारी किए गए दिशा-निर्देशों से अवगत करा दिया जाये, जिससे कि आगामी जनवरी माह से संशोधित समीक्षा व्यवस्था पूरी तरह से लागू हो सके एवं 03 जनवरी को प्रत्येक जनपद में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सफलतापूर्वक आयोजित हो सके।
माननीया मुख्यमन्त्री जी ने बैठक में अपने आकिस्मक निरीक्षणों के बारे में यह भी स्पष्ट किया कि वे सभी 72 जनपदों का आकिस्मक निरीक्षण करेंगी तथा जहां कहीं भी उन्हें विकास कार्यक्रमों एवं कानून व्यवस्था की स्थिति में कमी मिलेगी तो वे सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यकतानुसार कुछ समय सुधार के लिए अवश्य ही देंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके बावजूद यदि सम्बन्धित अधिकारी की कार्यशैली में अपेक्षित सुधार नहीं पाया जाता, तो सम्बन्धित अधिकारी की चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि अंकित कर दी जायेगी तथा उसे गैर महत्वपूर्ण पद पर स्थानान्तरित भी करने की कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यवाही केवल नीचे के स्तर के अधिकारियों तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जिला तथा मण्डल स्तरीय अधिकारियों के अलावा सर्वाेच्च स्तरों पर आसीन वरिष्ठ अधिकारियों के विरूद्ध भी इसी प्रकार की दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को आगाह किया कि वे बिना किसी विलम्ब के, पूरी ईमानदारी और निष्ठा से आज दिए गए दिशा-निर्देशों के अमल पर जुट जायें, ताकि प्रदेश की जनता को बेहतर कानून व्यवस्था एवं विकास कार्यक्रमों का लाभ मिल सके।

बैठक में अध्यक्ष, राज्य सलाहकार परिषद श्री सतीश चन्द्र मिश्र, मन्त्रिमण्डलीय सचिव, मुख्य सचिव, अपर मन्त्रिमण्डलीय सचिव, प्रमुख सचिव गृह, महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, मण्डलायुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक/वरिष्ठ पुलिस महानिरीक्षक, सभी परिक्षेत्र पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उपमहानिरीक्षक के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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माननीया मुख्यमन्त्री जी ने लखनऊ की समृद्ध सास्ंकृतिक विरासत एवं विशिष्ट गंगा-जमुनी तहजीब के प्रतीक लखनऊ महोत्सव का विधिवत् शुभारम्भ किया

Posted on 26 November 2010 by admin

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ में दलित व अन्य पिछड़े वर्गों में समय-समय पर जन्मे महान सन्तों, गुरूओं और महापुरूशों के आदर व सम्मान में बनाये गये स्मारकों, संग्रहालय, पार्क, गैलरी एवं चौराहों से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा

ऐतिहासिक धरोहरों और बेजोड़ सांस्कृतिक विरासत के कारण पूरे विश्व में लखनऊ की एक अलग पहचान

पिछले तीन वषोZं में उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ शहर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए अरबों रूपये खर्च किये

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने क्षेत्रीय पार्क (सेक्टर-एल) बिजली पासी किला के निकट, आशियाना में आज से आगामी 5 दिसम्बर तक चलने वाले लखनऊ महोत्सव का दीप प्रज्जवलित कर विधिवत् शुभारम्भ किया।

untitled-3माननीया मुख्यमन्त्री जी ने उदघाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बदलते परिवेश में लखनऊ पर नाज, कानून द्वारा कानून का राज थीम पर आयोजित इस महोत्सव के माध्यम से लखनऊ के गौरवशाली इतिहास के साथ-साथ वर्तमान में शहर की बदलती तस्वीर की पूरी जानकारी, लखनऊवासियों तथा दूर-दूर से आने वाले सभी लोगों को भी प्राप्त होगी।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि लखनऊ शहर ऐतिहासिक धरोहरों के साथ-साथ वर्तमान समय में विभिन्न गौरवशाली स्मारकों, संग्रहालयों एवं पार्कों के कारण विश्व के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में अपनी जगह प्रमुखता से बनाने की ओर अग्रसर है। इन्हीं स्मारकों, संग्रहालयों एवं पार्कों के कारण नििश्चत तौर से लखनऊ एक वििशश्ट एवं आधुनिक महानगर के तौर पर भी उभरा है। पिछले तीन वशोZं में लखनऊ शहर को आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस करने के लिए उनकी सरकार ने अरबों रूपये खर्च किये हैं, और उनकी सरकार द्वारा कराये जा रहे विकास कार्यों से अगले कुछ वशोZं में लखनऊ शहर की तस्वीर और अधिक आकशZक होगी।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि हमारे देश में दलित व अन्य पिछड़े वर्गों में समय-समय पर जन्मे महान सन्तों, गुरूओं और महापुरूशों के आदर व सम्मान में, लखनऊ में  उनकी सरकार द्वारा बनाये गये स्मारकों, संग्रहालय, पार्क, गैलरी एवं चौराहों से इस शहर में आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी काफी बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने कहा कि अब यहां आने वाले पर्यटकों को नगर की अन्य खूबियों के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन आन्दोलन के महानायकों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा भी मिलेगी। इसके साथ ही इस वशZ लखनऊ महोत्सव का इसलिए भी विशेश महत्व है, क्योंकि इसी वशZ लखनऊ के हृदय स्थल हजरतगंज के दो सौ वशZ पूरे हो रहे हैं।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा हजरतगंज को खूबसूरत बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर तेजी से काम कराया जा रहा है। इसके चलते इस शहर की स्थिति में और भी अधिक सुधार होगा। उत्तर प्रदेश में सभी धर्मों के लोग आपस में मिल-जुल कर सदियों से रहते चले आये हैं। इसीलिए उनकी सरकार द्वारा न केवल लखनऊ शहर बल्कि प्रदेश के अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरों एवं स्थानों का पुराना गौरव लौटाने के लिए बड़े पैमाने पर विकास कार्य कराये जा रहे हैं, जिसका लाभ स्थानीय लोगों के अलावा इन स्थानों पर आने वाले पर्यटकों को भी मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर लखनऊ महोत्सव समिति द्वारा प्रकाशित `उर्मिला´ पत्रिका का विमोचन किया।

इस अवसर पर ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम के माध्यम से लखनऊ की विकास यात्रा पर आधारित फिल्म दिखायी गई, इसमें लखनऊ की आधुनिकता एवं प्राचीन परम्परा का बेहतर समन्वय आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात सिटी मान्टेसरी के बच्चों द्वारा नृत्य का कार्यक्रम पेश किया गया और इसके उपरान्त राष्ट्रीय कथक संस्थान द्वारा ´´बुद्ध चरितम्´´ नाटिका का भी प्रस्तुतीकरण किया गया। अन्त में, पण्डित विश्वमोहन भट्ट द्वारा वीणा वादन किया गया।

मण्डलायुक्त श्री प्रशान्त त्रिवेदी ने इस मौके पर अतिथियों का स्वागत करते हुए लखनऊ महोत्सव से जुड़ी तमाम जानकारियां देते हुए लखनऊ महोत्सव को लखनऊ के गौरवशाली अतीत एवं बेजोड़ परम्परा का दर्पण बताया। इस अवसर पर प्रदेश मन्त्रिमण्डल के अनेक सदस्य, सांसद, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में पर्यटक, शिल्पकार एवं कलाकार मौजूद थे।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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उत्तर प्रदेश मे औद्योगिक विकास की अपार सम्भावनायें-माननीया मुख्यमंत्री जी

Posted on 17 November 2010 by admin

उत्तर प्रदेश सरकार पूंजी निवेशकों को हर सम्भव सहयोग व सुविधायें सुलभ कराने के लिए कटिबद्ध

उद्योगों के साथ ही शिक्षा, चिकित्सा, र्जा व कृषि आदि क्षेत्रों में  निवेश करने वाले उद्यमियों को समुचित प्रोत्साहन एवं सुविधायें

अन्तर्राष्टीय व्यापार मेले में लगे प्रदेश के आकर्षक स्टालों की माननीया मुख्यमंत्री जी ने सराहना की

माननीया मुख्यमंत्री जी द्वारा अन्तर्राष्टीय व्यापार मेले में उ0 प्र0 मण्डप का अवलोकन

dsc_0298उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने आज नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित भारत अन्तर्राष्टीय व्यापार मेला-2010 में स्थापित उत्तर प्रदेश मण्डप का अवलोकन किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की अपार सम्भावनायें हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में पूंजी निवेश करने वाले निवेशकों को हर सम्भव सहयोग और मूलभूत सुविधायें सुलभ कराने के लिए कटिबद्ध है। इन सम्भावनाओं का पूरा लाभ उठाने के लिए उनकी सरकार निजी क्षेत्र से भी सहयोग की अपेक्षा करती है। प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए उनकी सरकार पूरी तरह गम्भीर है। उद्यमों के साथ ही शिक्षा, चिकित्सा, र्जा तथा कृषि आदि क्षेत्रों में निवेश करने वाले उद्यमियों को समुचित प्रोत्साहन एवं सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूंजी निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए बेहतर कानून-व्यवस्था के साथ-साथ उद्योगों के लिए आधारभूत संरचना एवं सुविधायें उपलब्ध करायी गयी हैं। प्रदेश सरकार ग्रीन र्जा को बढ़ावा दे रही है तथा गैस आधारित परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 तक प्रदेश विद्युत उत्पादन में आत्मनिर्भर हो जायेगा और हर घर में बिजली पहुंचाने के लिए विभिन्न विद्युत परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। औद्योगिक विकास के साथ ही लघु, कुटीर, पारम्परिक एवं हस्तशिल्प उद्योगों को भी बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्व है, क्योंकि इन उद्योगों में रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं हैं। इसलिए प्रदेश सरकार ने इनको प्रोत्साहन देने के लिए अपने बजट में पर्याप्त व्यवस्था की है। इसके अलावा निर्यात को भी प्रोत्साहित करने के लिए उद्यमियों को विभिन्न मदों में दी जाने वाली सहायता राशि में भी वृद्धि की गयी है। उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए ऑन लाइन व्यवस्था की गयी है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा ग्रेटर नोएडा से आगरा तक आठ लेन के यमुना एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य के बड़े नगरों को जोड़ने वाली इस बहुउद्द्‌ेशीय लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना का विकास निजी पूंजी निवेश के आधार पर किया जा रहा है। आधुनिकतम सुविधाओं से युक्त विश्वस्तरीय तकनीकी से निर्मित होने वाले ताज एक्सप्रेस-वे तथा गंगा एक्सप्रेस-वे सहित अन्य विभिन्न एक्सप्रेस-वे के बन जाने से प्रदेश के विकास को नयी दिशा और नयी गति मिलेगी। इसके साथ ही इनके किनारे पर बसे हुए विशेष रूप से पिछड़े इलाकों का भी तेजी से विकास सुनिश्चित होगा।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनकी सरकार ने क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने और बेरोजगारी को समाप्त करने के उद्देश्य से प्रदेश के पिछड़े हुए बुन्देलखण्ड एवं पूर्वांचल क्षेत्रों के विकास के लिए अनेक कदम उठाये है, इसके साथ ही इन क्षेत्रों में उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष रियायतें दिये जाने की व्यवस्था की गयी है।

मण्डप में उत्तर प्रदेश के जनपद गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर नगर, रमाबाई नगर, संत रविदास नगर भदोही, लखन, वाराणसी, बलिया, बुलंदशहर, मुरादाबाद तथा सहारनपुर जैसे शहरों से मेले के थीम से संबंधित इकाईयों द्वारा अपने उत्पादों का प्रदर्शन आकर्षक ढंग से किया गया है। इन उत्पादों में मुख्य उत्पाद-ग्रीन एर्नेजी, वेस्ट मैनेजमेंट, प्रदूषण नियंत्रण, गैस आधारित फिल्टरेशन प्लान्ट, आर0ओ0 सिस्टम, पावर सेंवंग डिवाइसेज के साथ-साथ टेक्टर, साईकिल, कार, दुग्ध उत्पादन, खाद्य मसाले, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, चर्म उत्पाद, हैण्डी ाफ्‌ट, रेडीमेड गारमेण्ट, चिकन वर्क, कारपेट, आयुर्वेदिक उत्पाद इत्यादि का प्रदर्शन प्रदेश की प्रतिष्ठित इकाईयों द्वारा किया गया हैं। इस मेले में लगभग 136 इकाईयों द्वारा अपने उत्पादों के प्रदर्शन हेतु स्टालों को सुसज्जित किया गया है।

उत्तर प्रदेश मण्डप में औद्योगिक विकास के क्षेत्र में प्राप्त की गयी विभिन्न उपलब्धियों, ग्रामीण सड़कों नव-निर्माण, महत्वपूर्ण सड़कों के चौड़ीकरण एवं मरम्मत आदि के कार्यों को बेहतर ढंग से दर्शाया गया है। उत्तर प्रदेश औद्योगीकरण, निर्यात सम्वर्धन एवं स्वस्थ औद्योगिक वातारण के साथ-साथ उत्तरोत्तर प्रगति की दिशा में सतत्‌ प्रयासरत है। नवीन ओखला विकास प्राधिकरण, वृहत्तर नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम, साफ्‌टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क, वैकल्पिक र्जा द्वारा अपने-अपने कार्यकलापों तथा प्रदत्त करायी जाने वाली सुविधाओं का बेहतर ढंग से प्रस्तुतिकरण किया गया है। माननीया मुख्यमंत्री जी ने मण्डप की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि राष्टीय एवं प्रदेश स्तर पर पुरस्कृत हस्तशिल्पियों की कृतियों एवं उनके उत्पादों के निर्माण  की प्रयाि का जीवन्त प्रदर्शन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र होगा।

उत्तर प्रदेश मण्डप में अनुसूचित जाति/जनजाति के कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाये गये महत्वपूर्ण कदमों की जानकारी दी गयी है। इसके अलावा नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा में कराये गये औद्योगिक विकास की विभिन्न गतिविधियों को दर्शाया गया है। मण्डप के वाह्‌य आवरण स्वच्छ तथा र्जा श्रम प्रौद्योगिकी उत्पाद एवं सेवायें तथा प्रदेश का सर्वांगीण विकास प्रदर्शित कर रहा है, जिसे विभिन्न रंगों के माध्यम से आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

उत्तर प्रदेश मण्डप के बाहरी हिस्से पर डा0 भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल की अनुकृति बनायी गयी है। इसके बगल में महात्मा बुद्ध की चर्तुमुखी प्रतिमा दिखायी गयी है, तथा इसके समीप हाथी स्वागत की मुद्रा में खड़े है। मण्डप में बहुजन नायक मान्यवर श्री कांशीराम जी के स्मारक स्थल दर्शाया गया है। इसके अलावा माननीया मुख्यमंत्री जी द्वारा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मद्द योजना में लाभार्थियों को चेक वितरित करते हुए दिखाया गया है। इसके अतिरिक्त मुख्य हाल में नवनिर्मित स्मारकों का कोलाज प्रदर्शित किया गया है।

इसके अलावा मण्डप में र्जा संरक्षण थीम के अन्तर्गत नेडा द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर लाइट तथा लालटेन एक खूबसूरत झोपड़ी बनाकर दर्शायी गयी है। इसके अतिरिक्त चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, र्जा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण के साथ ही उत्तर प्रदेश की गंगा-जमुनी तहजीब व विकास को दर्शाते हुए आकर्षक कोलाज बनाये गये है। इसके अतिरिक्त महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना व सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना के बारे में बताया गया है। इसके अलावा किसानों के हित में भूमि अधिग्रहण को लेकर राज्य सरकार द्वारा घोषित आकर्षक एवं उदार पुनर्स्थापन एवं पुनर्वास नीति चित्रित की गयी है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति/जनजाति तथा बी0पी0एल0 परिवारों के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को भी प्रदर्शित किया गया है।

मण्डप में दो विशाल एल0ई0डी0 स्थापित किये गये है, जिनके माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न उपलब्धियों पर आधारित फिल्में लगातार प्रदर्शित की जा रही हैैं। इस अवसर पर राज्य सलाहकार परिषद के अध्यक्ष श्री सतीश चन्द्र मिश्र, मंत्रिमण्डलीय सचिव श्री शशांक शेखर सिंह, मुख्य सचिव श्री अतुल कुमार गुप्ता, स्थानिक आयुक्त श्री पंकज अग्रवाल, औद्योगिक विकास आयुक्त श्री अनूप मिश्र, प्रमुख सचिव सूचना श्री विजय शंकर पाण्डेय, प्रमुख सचिव लघु उद्योग श्री श्रीकृष्ण सहित बड़ी संख्या विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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दीपावली को देखते हुए मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान जारी

Posted on 02 November 2010 by admin

बागपत में 5 कुन्तल एवं बरेली में 3 कुन्तल खोया जब्त कर नष्ट किया गया
आज 17 जनपदों में छापे, 1231 कि0ग्रा0 खोया जब्त,112 नमूने संग्रहित
अब तक 400 एफ0आई0आर0 दर्ज, 366 व्यक्ति गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने आगामी दीपावली पर्व को देखते हुए दुग्ध एवं दुग्ध से निर्मित खाद्य पदार्थों घी एवं वनस्पति घी तथा खाद्य तेलों में अपमिश्रण की रोकथाम हेतु मिलावटखोरों के विरूद्ध विशेष अभियान चलाये जाने के निर्देश दिये हैं।

यह जानकारी आज यहॉ खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के प्रवक्ता ने देते हुए बताया कि खाद्य अपमिश्रित निवारण अधिनियम के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरूद्ध दीपावली पर्व को देखते हुए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

प्रवक्ता ने बताया कि आज कुल 17 जनपद झांसी, बागपत, चन्दौली, प्रतापगढ़, वाराणसी, औरैया, इटावा, बलरामपुर, फैजाबाद, बरेली, बदायूं, शाहजहॉपुर, चित्रकूट, बुलन्दशहर, इलाहाबाद, गाजीपुर एवं सन्त रविदास नगर में एफ0डी0ए0 टीम द्वारा छापे मारे गये। जनपद झांसी में 50 किग्रा0, बागपत में 500 किग्रा0, चन्दौली में 26 किग्रा0, प्रतापगढ़ में 50 किग्रा0, वाराणसी में 40 किग्रा0, बरेली में 300 किग्रा0 एवं गाजीपुर में 50 किग्रा0 अपमिश्रित खोया जब्त कर नष्ट किया गया। इसी प्रकार औरैया में 1 कुन्तल दूध, जनपद इटावा में 80 लीटर दूध एवं 40 किग्रा0 खोया, बलरामपुर में 150 किग्रा0 खोया, 100 किग्रा0 मिल्ककेक, 150 किग्रा0 लड्डू तथा 150 किग्रा0 सोन पापड़ी जब्त कर नष्ट की गई।

प्रवक्ता ने बताया कि जनपद फैजाबाद में अपमिश्रित 200 किलोग्राम बेसन का लड्डू जब्त कर नष्ट किया गया। जनपद बदायूं में 200 किलोग्राम सेव, 40 किग्रा0 मिठाई एवं 10 किलोग्राम समोसा जब्त कर नष्ट किया गया। जनपद शाहजहॉपुर में 80 किग्रा0 मिठाई, जनपद चित्रकूट में 70 लीटर दूध तथा 25 किग्रा0 खोया जब्त किया गया। जनपद बुलन्दशहर में 120 किलोग्राम मिठाई, इलाहाबाद में 320 किग्रा0 साबुत मिर्च एवं सन्त रविदास नगर में 60 किग्रा0 मिठाई जब्त कर नष्ट की गई। आज एफ0डी0ए0 टीम  द्वारा कुल 17 जनपदों में छापे मार कर 112 नमूने संग्रहित किये गये।

प्रवक्ता ने बताया कि गत 28 अक्टूबर से चलाये जा रहे विशेष छापामार अभियान के दौरान खाद्य पदार्थों के निर्माण, उत्पादन एवं भण्डारण इकाइयों पर पैनी नज़र रखी जा रही है। एफ0डी0ए0 टीम को सिन्दग्ध खाद्य पदार्थों के प्रतिष्ठानों से नमूने संकलित करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्हें यह भी निर्देश दिये गये हैं कि खाद्य पदार्थों के निर्माण हेतु उपयोग में लाये जा रहे कच्चे माल को प्राप्त करने का स्रोत, भण्डारण एवं रसीदों आदि को गम्भीरता से देखा जाए ताकि उनकी प्रमाणिकता को सुनिश्चित किया जा सके। प्रवक्ता ने बताया कि खाद्य पदार्थों के नमूनों में अपमिश्रण की पुष्टि होने पर अपराधियों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मद्द योजना, आज से प्रदेश के सभी जिलों में लागू

Posted on 01 November 2010 by admin

माननीया मुख्यमंत्री जी ने ‘‘उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मद्द योजना’’ के तहत 10 लाभार्थियों को स्वीकृत पत्र तथा  बैंक की पासबुक देकर योजना का शुभारम्भ किया

प्रथम चरण में 31 लाख गरीबों को लाभान्वित किया जा रहा है बाकी परिवारों को अगले चरण में आच्छादित किया जायेगा

योजना में 50 फीसदी लाभार्थी एस0सी0 तथा एस0टी0 के होंगे

योजना में बी0पी0एल0, अन्त्योदय, वृद्धावस्था पेंशन, विकलांग पेंशन तथा विधवा पेंशन योजनाओं के लाभ से वंचित सभी गरीबों को प्रतिमाह 300 रूपये की धनराशि मिलेगी

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने आज यहां उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मद्द योजना के अन्तर्गत चयनित लखन जनपद के 10 लाभार्थी परिवारों की महिला मुखिया को स्वीकृति पत्र तथा उनके खाते में छमाही किस्त की धनराशि 1800 रूपये की धनराशियुक्त बैंक की पासबुक देकर, इस योजना का पूरे प्रदेश में शुभारम्भ किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिये कि किसी भी दशा में कोई भी गरीब व्यक्ति इस योजना से छूटने न पाये। उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रथम चरण में 31 लाख गरीबों को लाभान्वित किया जा रहा है और बाकी बचे परिवारों को अगले चरण में लाभान्वित किया जायेगा। इसमें कम से कम 50 फीसदी लाभार्थी अनुसूचित जाति तथा जनजाति के होंगे।

1उल्लेखनीय है कि इस योजना का शुभारम्भ माननीया मुख्यमंत्री जी द्वारा 1 अक्टूबर, 2010 से की जानी थी, लेकिन पंचायत चुनावों के कारण इसे एक महीने आगे बढ़ाना पड़ा और आज 1 नवम्बर को इस योजना की शुरूआत की जा रही है। जनपद लखीमपुरखीरी तथा एटा में उपचुनाव होने के कारण आदर्श आचार संहिता लगी हुई है, जिसके कारण इस योजना के लाभार्थियों के खाते में धनराशि आचार संहिता समाप्त होने के बाद हस्तान्तरित की जायेगी।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने अपने सरकारी आवास पर इस योजना के शुभारम्भ के अवसर पर आयोजित समारोह में जिन 10 लाभार्थियों को पासबुक वितरित किया, उनमें लखन की श्रीमती रामकली, श्रीमती आशा देवी, श्रीमती रानी देवी, श्रीमती सुमिरता, श्रीमती रामेश्वरी, श्रीमती जहरून्निशा, श्रीमती फूलमती, श्रीमती कान्ती, श्रीमती जगरानी तथा श्रीमती शशि शामिल हैं। इस मौके पर अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि प्रदेश के गरीब लोगों को सीधे आर्थिक मदद पहुॅंचाने के लिये राज्य सरकार ने अपने सीमित संसाधनों से  इस योजना का यािन्वयन आज से प्रारम्भ कर दिया है, जिसके तहत पहले चरण में प्रदेश के लगभग 31 लाख गरीब परिवारों को सीधा लाभ पहुंचेगा और योजना के अगले चरण में बाकी बचे हुए गरीब परिवारों को लाभान्वित किया जायेगा। इसके अलावा महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से इस योजना के तहत लाभार्थी के तौर पर मुख्य रूप से परिवार की महिला मुखिया को चयनित करने की व्यवस्था की गयी है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनकी सरकार की यह कोशिश है कि 300 रूपये प्रतिमाह की नकद धनराशि उपलब्ध कराने वाली इस योजना के माध्यम से हर गरीब परिवार अपनी रोजमर्रा की सभी जरूरतों को कुछ हद तक पूरा कर सके। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रदेश में गरीबी की रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले लगभग एक करोड़ सात लाख परिवारों को ही अब तक खाद्यान्न सस्ती दरों पर दिये जाने की संख्या निर्धारित की गयी है, जबकि उत्तर प्रदेश में गरीबी की रेखा के नीचे के जीवन-यापन करने वालों की संख्या एक करोड़ से कहीं अधिक है, जैसा कि विभिन्न सरकारी ऑकड़ों से यह बात साफ हो गयी है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनकी सरकार के इस प्रयास से एक बात और साफ हो गयी है कि केन्द्र सरकार द्वारा गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों अर्थात्‌ बी0पी0एल0 लाभार्थियों की संख्या को न बढ़ाने के पीछे कहीं न कहीं केन्द्र सरकार का गरीबों के प्रति उपेक्षापूर्ण व्यवहार साफ तौर पर झलकता है। उन्होंने आगे कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा बी0पी0एल कार्ड धारकों को सस्ता खाद्यान्न देते समय 300 रूपये से भी कम की धनराशि सब्सिडी के रूप में दी जाती है। अर्थात्‌ केन्द्र सरकार बी0पी0एल कार्ड धारकों को सस्ता खाद्यान्न देते समय 300 रूपये से कम की ही मदद देता है। इसलिए यदि प्रदेश सरकार अपने सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदेश में निवास करने वाले गरीबी रेखा के नीचे के सभी परिवारों को लाभान्वित कर सकती है, तो केन्द्र सरकार के द्वारा धन की कमी बता कर गरीब परिवारों को किसी भी प्रकार की मदद न देना निहायत दुर्भाग्यपूर्ण है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसी वर्ष 15 जनवरी को जब उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना की घोषणा उनकी सरकार द्वारा की गयी, तब जाकर केन्द्र सरकार को थोड़ा होश आया और अब प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा बिल के माध्यम से और अधिक गरीब लोगों को शामिल किया जाना केन्द्र सरकार की मजबूरी बन गयी है। इतना ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों को सीधे आर्थिक मदद देने के लिए लागू की गयी इस योजना के चलते देशभर के गरीबों को सीधे आर्थिक लाभ देना सभी सरकारों की एक प्रकार से मजबूरी हो जायेगी और इस प्रकार देश के सभी भागों में निवास करने वाले गरीब लोग अन्तत: सीधे तौर पर लाभान्वित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि मई 2007 में जब उनकी पूर्ण बहुमत की सरकार बनी, तब प्रदेश में रहने वाले सभी गरीब लोगों की कठिनाइयों को दूर करने तथा उन्हें सीधे लाभान्वित करने के लिये एक ठोस योजना तैयार करने का संकल्प लिया था।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने वर्ष 2007-08 में राज्य सरकार द्वारा कराये गये बी0पी0एल0 कार्ड धारकों के व्यापक सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि इस सर्वेक्षण से यह बात उभर कर सामने आयी कि प्रदेश में भारी संख्या में ऐसे गरीब परिवार भी हैं, जो बी0पी0एल0 सूची में शामिल होने से छूट गये हैं और ऐसे लाखों बी0पी0एल0 परिवारों को भी सस्ते दर पर गेहूॅं और चावल दिये जाने के लिये उन्होंने अपने स्तर से केन्द्र सरकार से कई बार लिखित अनुरोध किया है। लेकिन केन्द्र सरकार ने इस संख्या में बढ़ोत्तरी करने से साफ मना कर दिया और उनकी सरकार द्वारा इस बारे में किये गये अनुरोध को ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि इसलिये उनकी सरकार ने मजबूर होकर, अपने सीमित संसाधनों के बावजूद, अन्य खर्चों में कुछ कटौती करके कई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना की शुरूआत की।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण योजना को प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से लागू करने के लिए राज्य सरकार द्वारा लाभार्थियों के चयन के लिये हर ग्राम सभा में खुली बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे और चयन प्रक्रिया साफ-सुथरे और ईमानदार तरीके से सम्पन्न हो, इसलिए इन बैठकों में उपजिलाधिकारी/जनपद स्तरीय अधिकारी की मौजूदगी को अनिवार्य किया गया था। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, इस प्रकार चयनित किए गए लोगों की सूची हर ग्राम सभा में प्रकाशित की गयी और सूची प्रकाशित होने के एक माह के अंदर लोगों को सूची के बारे में अपनी आपत्ति दर्ज करने का मौका भी दिया गया। उन्होंने कहा कि इन आपत्तियों को सुनने और उनका परीक्षण करने के बाद ही सम्बन्धित जिले के जिलाधिकारी द्वारा योजना के लाभार्थियों की सूची को अंतिम रूप दिया गया।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनकी सरकार हर मामले में सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति पर चलकर, सर्वसमाज के सभी वर्गों की उम्मीदों को पूरा करने के कदम उठाये हैं, जिनके बहुत अच्छे नतीजे मिल रहे हैं और हमने हर मामले में पहले सर्वसमाज में से विशेषतौर पर दलित, शोषित, पिछड़ों, धार्मिक अल्पसंख्यकों, महिलाओं तथा अपर कास्ट समाज के गरीब लोगों को दी है। उन्होंने इस योजना के यािन्वयन में शासन और प्रशासन के अधिकारियों द्वारा किये गये परिश्रम के लिए हार्दिक बधाई दी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अतुल कुमार गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया और माननीया मुख्यमंत्री जी को आश्वस्त किया कि इस योजना को उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप पूरी ईमानदारी एवं प्रभावी ढंग से यािन्वित किया जाएगा। अपर मंत्रिमण्डलीय सचिव श्री नेत राम ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मंत्रिमण्डल के अनेक सदस्य, सांसद, विधायक, मंत्रिमण्डलीय सचिव श्री शशांक शेखर सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरूद्ध चलाये गये अभियान में अब तक 395 मिलावटखोरों के विरूद्ध एफ0आई0आर0 एवं 2.47 करोड़ रूपये मूल्य के खाद्य पदार्थ जब्त

Posted on 29 October 2010 by admin

मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी के निर्देश पर खाद्य पदार्थों और दवाओं आदि में अपमिश्रण की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा दोषियों के खिलाफ विधि सम्मत कार्यवाही किये जाने के लिए 01 जून, 2010 से छेड़े गये अभियान के अन्तर्गत आज 29 अक्टूबर तक 395 लोगों के विरूद्ध एफ0आई0आर0 दर्ज की गई तथा 569 लोगों को नामजद किया गया है तथा 2.47 करोड़ रूपये के खाद्य पदार्थ जब्त किये गये हैं और की गई कार्यवाही में 10.40 लाख रूपये के मिलावटी पदार्थ जब्त/नष्ट किये गये हैं।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के प्रवक्ता ने यह जानकारी आज यहां देते हुए बताया कि माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि यह अभियान तब तक चलाया जाये, जब तक प्रदेश भर में मिलावटी खाद्यान्न एवं नकली दवाओं की समस्या जड़ से समाप्त नहीं हो जाती। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों  एवं दवाओं में मिलावट करके जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए और ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए।

प्रवक्ता ने बताया कि माननीया मुख्यमन्त्री जी की अपेक्षाओं के अनुरूप पूरे प्रदेश भर में मिलावटखोरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही इस अभियान में आम जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि आज की गई कार्यवाही के अन्तर्गत अलीगढ़ में 67 हजार रूपये मूल्य का मिलावटी खोया एवं दुग्ध से बने हुए अन्य पदार्थ को जब्त करके नष्ट किया गया। इसी प्रकार गोरखपुर में 3.64 लाख रूपये मूल्य का खोवा, मथुरा में 2 लाख रूपये मूल्य का मिलावटी खोया, सोनभद्र में 40 हजार रूपये मूल्य का मिल्क केक एवं डोडा बर्फी, मेरठ में 45 हजार मूल्य का मिलावटी खोया, उन्नाव में 3 हजार मूल्य का मिलावटी खोया जब्त/नष्ट किया गया।

इसी प्रकार गाजियाबाद में 1 लाख 20 हजार मूल्य का नकली पनीर, देवरिया में 52 हजार रूपये मूल्य का खोया तथा अम्बेडकर नगर में 1,29,400 रूपये मूल्य का मिलावटी खोया जब्त/नष्ट किया गया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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माननीया मुख्यमन्त्री जी ने प्रधानमन्त्री जी से भेंट कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 2351 करोड़ रू0 की केन्द्रीय सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया

Posted on 19 October 2010 by admin

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने केन्द्र के स्तर पर लिम्बत परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृत करने की मांग की

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने आज नई दिल्ली में प्रधानमन्त्री डॉ0 मनमोहन सिंह से भेंट कर उन्हें इस वशZ प्रदेश में आयी भीशण बाढ़ से हुए भारी नुकसान से अवगत कराते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 2351 करोड़ रूपये की केन्द्रीय सहायता तत्काल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमन्त्री जी का ध्यान केन्द्र सरकार के स्तर पर लिम्बत सड़क, बिजली, सिंचाई, छात्रवृत्ति, एयरपोर्ट, कोयला आवंटन आदि से जुड़ी प्रदेश की परियोजनाओं एवं प्रस्तावों की ओर आकृश्ट कराते हुए इन परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के लिम्बत रहने से राज्य का विकास प्रभावित हो रहा है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने बाढ़ से हुई व्यापक तबाही के सम्बन्ध में प्रधानमन्त्री जी को अवगत कराते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 2351 करोड़ रूपये की केन्द्रीय सहायता तत्काल उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए कहा कि पिश्चमी उत्तर प्रदेश के 12 जनपदों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने इन जनपदों को आपदाग्रस्त क्षेत्र घोशित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 33 जनपदों के 5959 गांव बाढ़ग्रस्त हुए तथा 08 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में खेती की भूमि क्षतिग्रस्त हुई है। बाढ़ से 425 से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु हुई और बड़ी संख्या में पशुओं की भी हानि हुई है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण सड़क, पुल, तटबन्ध, बिजली के खंभे-तार आदि जैसी अवस्थापना सुविधाओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में आवास भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि प्रदेश के बाढग्रस्त़ क्षेत्रों के लिए केन्द्रीय सहायता उपलब्ध कराये जाने हेतु उन्होंने 22 सितम्बर, 2010 तथा 29 सितम्बर, 2010 को प्रधानमन्त्री जी को पत्र लिखे जा चुके हैं। उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने बाढ़ प्रभावित उत्तराखण्ड राज्य को तो तत्काल केन्द्रीय सहायता उपलब्ध करा दी, परन्तु उत्तर प्रदेश सरकार को अभी तक कोई धनरािश नहीं उपलब्ध करायी है। उन्होंने कहा कि विगत 29 सितम्बर के अपने पत्र में उन्होंने प्रधानमन्त्री जी से प्रदेश में बाढ़ की विभीशिका से हुई व्यापक और भारी क्षति के आंकलन के लिए शीघ्र केन्द्रीय दल भेजने का भी अनुरोध किया था, परन्तु केन्द्र सरकार ने इस दिशा में अभी तक कोई पहल नहीं की है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने प्रधानमन्त्री जी से भ्ोंट के दौरान प्रधानमन्त्री ग्राम-सड़क योजना (पी0एम0जी0एस0वाई) तथा राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (आर0जी0जी0वी0वाई0) से जुड़े राज्य सरकार के प्रस्तावों के सम्बन्ध में भी विचार-विमशZ किया। उन्होंने कहा कि पी0एम0जी0एस0वाई के अन्तर्गत प्रदेश में 500 से 1000 जनसंख्या वाले गांवों को जोड़ने के लिए 5962 करोड़ रूपये तथा आर0जी0जी0वी0वाई0 के तहत राज्य के 1.37 लाख मजरों के विद्युतीकरण के लिए 9700 करोड़ रूपये की योजनायें स्वीकृति हेतु केन्द्र सरकार को भेजी गई हैं, परन्तु केन्द्र के स्तर से इन लिम्बत योजनाओं में अभी तक प्रदेश सरकार को कोई सहयोग प्रदान नहीं किया गया है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के विकास से जुडे़ इन महत्वपूर्ण मामलों में केन्द्र सरकार का रवैया उत्तर प्रदेश के साथ भेदभावपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पी0एम0जी0एस0वाई में 1000 से अधिक आबादी वाले गांवों को सम्पर्क मार्ग से जोड़े जाने का कार्य प्रदेश में पूरा कर लिया गया है और अब 1000 से कम जनसंख्या वाले गांवों के प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजे गये हैं। लेकिन इन प्रस्तावोें को केन्द्र द्वारा इसलिए स्वीकृत नहीं किया जा रहा क्योंकि कई राज्यों में 1000 से अधिक आबादी के गांव अभी तक सम्पर्क मार्ग से नहीं जुड़ पाये हैं। इससे स्पश्ट है कि अच्छा कार्य करने पर राज्य का नुकसान हो रहा है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि आर0जी0जी0वी0वाई0 के तहत मुख्य गांवों तथा एक मजरे का विद्युतीकरण का कार्य सम्मिलित किया गया था। इस योजना में सभी मजरों का विद्युतीकरण भी होना है। प्रदेश द्वारा मजरों के विद्युतीकरण हेतु धनरािश की मांग की गई, लेकिन उस समय केन्द्र द्वारा कहा गया कि पहले सभी प्रदेशों के गैरविद्युतीकृत ग्रामों का कार्य पूर्ण किया जायेगा। इसके बाद ही मजरों के विद्युतीकरण की योजना स्वीकृत की जायेगी, लेकिन केन्द्र द्वारा अन्य प्रदेशों में जहां मुख्य गांव पहले से ही विद्युतीकृत हो चुके थे, उनके मजरों की योजनायें स्वीकृत कर दी गईं, लेकिन उत्तर प्रदेश के मजरों की योजनाओं को स्वीकृत नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में उनके स्तर से प्रधानमन्त्री जी को पूर्व में ही पत्र लिखे जा चुके हैं, इसके बावजूद केन्द्र सरकार द्वारा इन योजनाओं के तहत मांगी गई धनरािश को उपलब्ध न कराया जाना अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा वशZ 2012 तक पूरे देश के प्रत्येक घर को बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूर्ण कर पाना तब तक सम्भव नहीं है, जब तक उत्तर प्रदेश के इतनी बड़ी संख्या में विद्युतीकरण से वंचित ग्रामों/मजरों का सघन विद्युतीकरण नहीं कर दिया जाता।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने सेंट्रल रोड फण्ड की चर्चा करते हुए कहा कि स्थाई समिति द्वारा अनुमोदित की गई 602 करोड़ रूपये की प्रदेश की परियोजनाओं में से केन्द्र द्वारा 434 करोड़ रूपये की योजनाएं ही स्वीकृत की गईं और इसके सापेक्ष मात्र 1.80 करोड़ रूपये की धनरािश ही अवमुक्त की गई। उन्होंने प्रधानमन्त्री जी से इस योजना के तहत राज्य सरकार को तत्काल स्वीकृतियां जारी कराये जाने की मांग की।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने भेंट के दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए केन्द्र सरकार के स्तर पर लिम्बत छात्रवृत्ति की धनरािश को केन्द्र सरकार द्वारा तत्काल अवमुक्त किए जाने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि पिछड़े वर्ग के पूर्व दशम एवं दशमोत्तर छात्रों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा क्रमश: 50 प्रतिशत एवं 100 प्रतिशत सहायता दी जाती है। अभी तक केन्द्र सरकार द्वारा वर्तमान वित्तीय वशZ के लिए पूर्वदशम छात्रवृत्ति मद में 249.48 करोड़ रूपये तथा दशमोत्तर छात्रवृत्ति मद में 304.76 करोड़ रूपये राज्य सरकार को उपलब्ध नहंी कराया गया है, जिसे तत्काल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
माननीया मुख्यमन्त्री जी ने प्रधानमन्त्री जी से विश्वविद्यालय एवं सम्बद्ध डिग्री कालेज िशक्षकों को यू0जी0सी0 वेतनमान लागू करने पर नियमानुसार केन्द्रीय अंश का 855.98 करोड़ रूपये तत्काल अवमुक्त करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि छठवें वेतन आयोग की संस्तुति के अनुसार विश्वविद्यालय एवं सम्बद्ध डिग्री कालेज के िशक्षकों को 01 जनवरी, 2006 से यू0जी0सी0 स्केल स्वीकृत किए गए हैं, जिसका 80 प्रतिशत अंश भारत सरकार द्वारा देय है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सीमा सुरक्षा बल की पुलिस चौकियों को सीमावर्ती जनपदों के मुख्य मार्गों से जोड़ने की परियोजना को शीघ्र स्वीकृत करने का प्रधानमन्त्री जी से अनुरोध करते हुए कहा कि इस सम्बन्ध में 1621 करोड़ रूपये की राज्य सरकार की परियोजना केन्द्र के पास लिम्बत है, जिसे तत्काल स्वीकृत किया जाना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अधिकांश सीमावर्ती क्षेत्र जंगल से आच्छादित हैं। इसलिए इन इलाकों में तेज आवा-गमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इन क्षेत्रों को राज्य की मुख्य सड़कों से जोड़ा जाना बेहद जरूरी है।

बैठक के दौरान माननीया मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदो स्टेट रोड प्रोजेक्ट-3 के सम्बन्ध में प्रधानमंत्री जी को अवगत कराया कि विव बैंक के वित्तपाेाण से यािन्वित होने वाली 8844 करोड़ रूपये की सड़क एवं सेतु परियोजना केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय में लम्बित है। सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा इस परियोजना को वित्त मंत्रालय के माध्यम से विव बैंक को माह जून, 2010 में ही प्रस्तुत कर दिया जाना चाहिए था, परन्तु अनावयक रूप से इस परियोजना को लम्बित रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को 80 माह में पूरा किया जाना है। ऐसी स्थिति में यदि स्वीकृति प्राप्त होने में विलम्ब होगा, तो परियोजना को समय से पूरा करने में कठिनाई होगी और इससे राज्य की जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

माननीया मुख्यमंत्री जी पूर्वी उत्तर प्रदो के लिए तैयार की गयी सरयू परियोजना की तरफ प्रधानमंत्री जी का ध्यान आकृट करते हुए अनुरोध किया कि सरयू परियोजना को 0आई0बी0पी0 के तहत तत्काल राटीय परियोजना घोात किया जाये। उन्होंने इस सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा भेजी गयी 7250 करोड़ रूपये की लागत की सरयू नहर परियोजना को तत्काल स्वीकृत किए जाने की मांग करते हुए कहा कि उत्तर प्रदो में 0आई0बी0पी0 के अन्तर्गत कोई भी परियोजना राटीय परियोजना नहीं घोात की गयी है। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदो पहले से ही काफी पिछड़ा क्षेत्र है। इस परियोजना से पूर्वी उत्तर प्रदो में 14-04 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता का सृजन होगा।

राज्य सरकार द्वारा वित्तीय संसाधनों का सम्यक प्रबंधन करने के बावजूद केन्द्र सरकार द्वारा पर्याप्त मदद नहीं उपलब्ध कराये जाने को माननीया मुख्यमंत्री जी ने अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि विगत पांच वित्तीय र्वााें से राज्य सरकार ने राजस्व बचत प्राप्त करने का सिलसिला बरकरार रखा है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च, 2010 को समाप्त हुए वित्तीय र्वा में राज्य सरकार ने 7047 करोड़ रूपये की राजस्व बचत प्राप्त की। उन्होंने कहा कि प्रदो का राजकाेाीय घाटा पिछले वित्तीय र्वा की समाप्ति पर जी0एस0डी0पी0 का 3-8 प्रताित रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री जी से अनुरोध किया कि राज्य सरकार के बेहतर वित्तीय रिकार्ड को देखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा भरपूर मदद उपलब्ध करायी जानी चाहिए।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रदो के सभी क्षेत्रों में समान रूप से विकास की आवयकता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री जी से यह भी अनुरोध किया कि प्रदो के पूर्वांचल एवं बुन्देलखण्ड क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए केन्द्र सरकार के स्तर से वाेाि वित्तीय सहयोग दिए जाने की आवयकता है। इस सम्बन्ध में राज्य के सर्वांगीर्ण विकास हेतु प्रदो सरकार द्वारा 80 हजार करोड़ रूपये के वाेाि आर्थिक सहायता पैकेज का प्रस्ताव पहले ही भारत सरकार को भेजा गया था। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव में बुन्देलखण्ड एवं पूर्वांचल में अवस्थापना सुविधाओं के विकास एवं अन्य महत्वपूर्ण आवयकताओं को ाामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि डॉ0 सामरा समिति की संस्तुतियों के आधार पर केन्द्र सरकार द्वारा बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए 3506 करोड़ रूपये का वाेाि पैकेज स्वीकृत किया गया है, परन्तु पैकेज का अधिकाां भाग चालू केन्द्रीय योजनाओं में ही सम्मिलित कर लिया गया है। इस प्रकार इस वाेाि पैकेज की घाेाणा के बाद भी मात्र 550 करोड़ रूपये प्रतिर्वा एवं कुल 1200 करोड़ रूपये ही बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास के लिए प्राप्त होंगे, जो अपर्याप्त है। उन्होंने प्रधानमंत्री जी से बुन्देलखण्ड तथा पूर्वान्चल क्षेत्रों के लिए उत्तराखण्ड एवं अन्य राज्यों की भांति वाेाि क्षेत्र इन्सेन्टिव पैकेज स्वीकृत किए जाने का अनुरोध किया।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी से भेंट के दौरान ताज इन्टरनोनल एयरपोर्ट, जेवर का वाेाि रूप से उल्लेख करते हुए इस परियोजना को तत्काल स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने 26-05-2007 को बैठक में आवस्त किया था कि केन्द्र सरकार तीन माह में ताज इन्टरनोनल एयरपोर्ट को स्वीकृति प्रदान कर देगी, यदि उत्तर प्रदो सरकार केन्द्र सरकार एवं इन्दिरा गांधी इन्टरनोनल एयरपोर्ट के विकासकर्ता के मध्य अनुबन्धीय दायित्वों को स्वीकार करने में सहमत हों। केन्द्र सरकार की इस ार्त के मुताबिक राज्य सरकार ने 29-05-2007 को इस प्रस्ताव को सहमति प्रदान कर दी थी। उन्होंने अफसोस व्यक्त किया कि केन्द्र सरकार द्वारा अभी तक इस महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति प्रदान नहीं की गयी है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले केन्द्र सरकार द्वारा दिल्ली इन्टरनोनल एयरपोर्ट लिमिटेड ¼DIAL½ को सम्बद्ध करते हुए सप्लीमेण्टी Techno Economic Feasibility Report (TEFR) मांगी गयी। यद्यपि केन्द्र सरकार का यह अनुरोध ठीक नहीं था, क्योंकि क्प्।स् इस मामले में स्वयं एक पक्षकार है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा सप्लीमेण्टी TEFR दिए जाने के बाद अब केन्द्र सरकार द्वारा पुन: टैफिक स्टडी कराये जाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट नीति-2008 के अन्तर्गत ताज इन्टरनोनल एयरपोर्ट परियोजना अनुमन्य है। उन्होंने कहा कि हवाई यातायात में हो रही वृद्धि एवं इन्दिरा गांधी अन्तर्राटीय एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव के मद्देनजर नई दिल्ली के लिए दूसरा एयरपोर्ट नितान्त आवयक है। उन्होंने कहा कि नवी मुम्बई, मोपा तथा कन्नूर में 150 किलोमीटर की परिधि में दूसरा एयरपोर्ट स्वीकृत किया गया है। इसलिए ताज इन्टरनोनल एयरपोर्ट परियोजना को स्वीकृत करने में केन्द्र को विलम्ब नहीं करना चाहिए।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी को अवगत कराया कि उत्तर प्रदो में बिजली की बढ़ती हुई मांग की तुलना में उपलब्धता कम है, क्योंकि विगत 15 र्वााें में विद्युत उत्पादन की वस्तुत: कोई अतिरिक्त क्षमता स्थापित नहीं की गयी। प्रदो को बिजली संकट से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने यह भी बताया कि विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में राज्य को आत्म निर्भर बनाने के लिए प्रदो सरकार द्वारा आगामी 07 र्वााें में 25 हजार मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदो अपनी भौगोलिक परिस्थितियों के कारण दो में उत्पादित कोयले पर ही निर्भर है। इसलिए राज्य सरकार द्वारा कोयला मंत्रालय से थर्मल पावर प्लान्ट हेतु कोल लिंकेज स्वीकृत किए जाने और 06 कोल ब्लॉक आवंटित किए जाने का अनुरोध पहले ही किया गया है, ताकि प्रस्तावित विद्युत उत्पादन परियोजनाओं के लिए पर्याप्त कोयला उपलब्ध हो सके। उन्होंने प्रधानमंत्री जी से कोयला मंत्रालय में लम्बित इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान कराने का अनुरोध किया।

बैठक के दौरान माननीया मुख्यमंत्री जी ने आाा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री जी उत्तर प्रदो के विकास और यहां की जनता की आवयकताओं को ध्यान में रखते हुए उनके द्वारा उठाये गये सभी बिन्दुओं पर गम्भीरता से विचार करते हुए सकारात्मक निर्णय लेने के लिए सम्बन्धित मंत्रालयों को निर्देात करेंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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माननीया मुख्यमन्त्री जी द्वारा कामनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक विजेताओं को मान्यवर श्री कांशीराम जी अन्तर्राष्ट्रीय ख्ेाल पुरस्कार से सम्मानित करने का निर्णय

Posted on 16 October 2010 by admin

माननीया मुख्यमन्त्री जी द्वारा स्वर्ण पदक के लिए 15 लाख, रजत पदक के िंलए 10 लाख तथा कांस्य पदक हासिल करने वाले खिलाड़ी को 08 लाख रू0 की पुरस्कार राशि दी जाएगी

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने 19वें कामनवेल्थ गेम्स में उत्तर प्रदेश का नाम रौशन करने वाले सभी खिलाड़ियों को पुन: हादिZक शुभकामनाएं और बधाई देते हुए इन खिलाड़ियोंं को मान्यवर श्री कांशीराम जी अन्तर्राष्ट्रीय खेल पुरस्कार से सम्मानित किए जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सम्पन्न कामन वेल्थ गेम्स में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने विशेष उपलब्धि अर्जित की है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि इन खिलाड़ियेां को सम्मानित किये जाने के लिए लखनऊ में एक समारोह का आयोजन करके पदक विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। माननीया मुख्यमन्त्री जी द्वारा कामन वेल्थ गेम्स में एकल प्रतिस्पद्धाZ में विजयी उत्तर प्रदेश के स्वर्ण पदक पाने वाले खिलाड़ी को 15 लाख रू0, रजत पदक पाने वाले खिलाड़ी को 10 लाख रू0 तथा कांस्य पदक हासिल करने वाले खिलाड़ी को 08 लाख रू0 की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसी प्रकार टीम प्रतिस्पद्धाZ में स्वर्ण पदक पाने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को 10 लाख रू0, रजत पदक प्राप्त प्रत्येक खिलाड़ी को 08 लाख रू0 तथा कास्य पदक प्राप्त प्रत्येक खिलाड़ी को 06 लाख रू0 की पुरस्कार राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को अधिकाधिक प्रोत्साहित करने के लिए हर सम्भव मदद देने हेतु कटिबद्ध है। इसके तहत विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के लिए आवश्यक संसाधन तथा अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कामनवेल्थ गेम्स में उत्तर प्रदेश के जिन खिलाड़ियों ने पदक हासिल किये हैं, उनमें श्री ओंकार (आजमगढ)़, कु0 अनुराज सिंह (अलीगढ़) तथा श्री इमरान हसन खान (बरेली) ने निशानेबाजी में स्वर्ण पदक, कुमारी अलका तोमर (मेरठ) तथा श्री नरसिंह यादव (वाराणसी) ने कुश्ती में स्वर्ण पदक प्राप्त कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। इसी प्रकार श्री रितुल चटर्जी (वाराणसी) ने तीरन्दाजी में रजत पदक, उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत कु0 सोनिया चानू (गृह राज्य मणिपुर) ने भारोत्तोलन में रजत पदक, श्री अनुज चौधरी (मुजफ्फरनगर) ने कुश्ती में रजत पदक, श्री तुषार खण्डकर (झांसी) तथा श्री दानिश मुर्तजा (इलाहाबाद) ने हॉकी में तथा श्री आशीष (इलाहाबाद) ने जिमनास्टिक में रजत एवं कांस्य पदक प्राप्त किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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