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माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी के नेतृत्व में कृतज्ञ राष्ट्र की बाबा साहेब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर को उनके 55वें परिनिर्वाण दिवसर पर भावभीनी श्रद्धांजलि

Posted on 06 December 2011 by admin

  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर 1500 करोड़ रूपये लागत की 160 विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया
  • बाबा साहेब को उत्तर प्रदेश की बी0एस0पी0 सरकार ने विभिन्न रूपों में पूरा-पूरा आदर-सम्मान दिया
  • कार्यकर्ता बाबा साहेब के संघर्षों से प्रेरणा लेकर जातिवादी मानसिकता से ग्रसित सभी विपक्षी पार्टियांें के दुष्प्रचार से सावधान रहें -माननीया मुख्यमंत्री जी
  • बी0एस0पी0 पर जब-जब हमला हुआ है, वह और मजबूत होकर उभरी है

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री एवं बी0एस0पी0 की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती जी के नेतृत्व में देश के करोड़ों दलितों, पिछड़ों और उपेक्षित वर्गों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार दिलाने के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाले संविधान निर्माता, भारत रत्न, परम्पूज्य बाबा साहेब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर जी की आज उनकी 55वें परिनिर्वाण दिवस (पुण्य तिथि) के मौके पर गोमतीनगर स्थित डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पहुंचकर उनकी भव्य प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की एवं उनके सपनों का भारत बनाने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर बौद्ध भिक्षुओं ने बुद्ध वन्दना की तथा उन्हें माननीया मुख्यमंत्री जी ने चीवर दान किया। इसके उपरान्त उन्होंनें वहां उपस्थित जनसमूह के बीच लगभग 1500 करोड़ रूपये लागत की जनहित की 160 विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास भी किया।
इस अवसर पर अपने संक्षिप्त सम्बोधन में उन्होंने अपनी तथा सरकार व पार्टी की ओर से परम्पूज्य बाबा साहेब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिये बी0एस0पी0 सरकार द्वारा प्रदेश में अनेकों महत्वपूर्ण काम किये गये हैं और आज भी विकास तथा जनहित से जुड़ी हुई, काफी परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया है। इसमें बुन्देलखण्ड क्षेत्र में ग्रामीण जलापूर्ति पर आधारित पाइप पेय जल योजनायें, ऊर्जा विभाग से सम्बन्धित योजनायें, लोक निर्माण विभाग से सम्बन्धित मार्गों, सेतुओं तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की विभिन्न योजनायें शामिल हैं।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक बी0एस0पी0 सरकार को छोड़कर केन्द्र तथा राज्यों में जो भी सरकारें सत्ता में रही हैं, उन्होंने जातीय मानसिकता से ग्रसित होकर दलित एवं पिछड़े वर्गों में समय-समय पर जन्मे महान संतों, गुरूओं व महापुरूषों की उपेक्षा करते हुए उनको उचित आदर सम्मान नहीं दिया। इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश की बी0एस0पी0 सरकार ने इन महापुरूषों को विभिन्न रूपों में पूरा-पूरा आदर-सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर ने संविधान का निर्माण करने के साथ ही इस देश में सदियों से जातीय-व्यवस्था के शिकार दबे-कुचले लोगों को उनके पैरों पर खड़ा करने तथा जिन्दगी के हर पहलू में आगे बढ़ाने के लिये कानूनी अधिकार प्रदान किये। उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि इन वर्गों को इन अधिकारों से जितना फायदा मिलना चाहिए था, वह नहीं मिल सका। पूरे देश में, उत्तर प्रदेश की बी0एस0पी0 सरकार को छोड़कर, देश व राज्यों की सत्ता में आसीन रही सभी विपक्षी पार्टियों ने दबे-कुचले लोगों को अन्य वर्गों की बराबरी में लाने के लिये कोई कदम नहीं उठाया, बल्कि बहुजन समाज पार्टी के मूवमेन्ट को पीछे ढकेलने में लगी हुईं हैं।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को नजदीक देखकर विपक्षी दलों की नींद उड़ी हुई है, इसलिए आये दिन बी0एस0पी0, इसके मंत्रियों, विधायकों तथा पार्टी पदाधिकारियों के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी तथा टिप्पणी करते रहते हैं। इससे साफ जाहिर है कि बी0एस0पी0 सरकार के खिलाफ उनके पास बोलने के लिये कोई ‘‘मुद्दा’’ नहीं बचा है। भारी संख्या में उपस्थित जन-समुदाय का ध्यान आकृष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि परम्पूज्य डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर ने कठिन संघर्षों के बाद उन्हें कानूनी अधिकार दिलाया है। जातिवादी मानसिकता रखने वाली सभी विपक्षी पार्टियां विभिन्न हथकंडे अपनाकर दबे-कुचले वर्गों के लिये काम कर रही बी0एस0पी0 के खिलाफ उन्हें गुमराह करने का पूरा प्रयास करेंगी, जिससे सावधान रहने की जरूरत है और आशा व्यक्त की कि बी0एस0पी0 इन चुनौतियों का सामना करते हुए और ज्यादा मजबूत हो कर उभरेगी, जैसा कि पहले भी होता रहा है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बी0एस0पी0 के खिलाफ आधारहीन टिप्पणी करने वाले सभी विपक्षी दलों को मुहँतोड़ जवाब देने के लिये कार्यकर्ता तैयार रहें। विरोधियों की साजिशों तथा हमलों से घबराने की जरूरत नहीं है। बी0एस0पी0 पर जब-जब भी हमला हुआ है, वह और मजबूती से उभरी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में इन्हीं साजिशों के कारण ही उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा, उस समय दिल्ली में एन0डी0ए0 की सरकार थी। साजिशों के चलते बी0एस0पी0 में तोड़-फोड़ करके सपा की सरकार बनवायी गयी। विपक्षी पार्टियों ने 2003 से 2007 तक बी0एस0पी0 के खिलाफ तमाम हथकंडे अपनाये, यह भी कहा जाने लगा था कि बी0एस0पी0 अब खत्म हो गयी है। लेकिन सन 2007 के आम चुनाव में बी0एस0पी0 अपने बूते पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर सत्ता में वापसी की।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि इस बार फिर चुनाव को करीब देखकर सभी विपक्षी दल बी0एस0पी0 के खिलाफ तरह-तरह के हथकंडे अजमा रहे हैं। उनके इस हमले से बी0एस0पी0 और मजबूत होगी तथा विधानसभा चुनाव में बी0एस0पी0 को ही फायदा मिलेगा। इतिहास गवाह है कि जब-जब बी0एस0पी0 तथा इसके मिशन पर हमला हुआ है, बी0एस0पी0 और मजबूत होकर उभरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि बाबा साहेब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर की इस पुण्य तिथि पर यहां से यह संकल्प लेकर जायें कि विपक्षियों के तमाम आरोपों तथा हमलों को दरकिनार करते हुए केन्द्र तथा यू0पी0 में बी0एस0पी0 की सरकार बनाने के लिये जुट जायें।
डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर के इस कथन को कि ‘‘सामाजिक एवं आर्थिक असमानता समाप्त किये बगैर हमारी राजनैतिक आजादी का कोई अर्थ नहीं है,’’ को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का हर फैसला ‘‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’’ की नीति पर आधारित है। बाबा साहेब ने दलितों, शोषितों, वंचितों एवं कमजोर वर्गों में जागरूकता पैदा करके एक सशक्त आवाज को बुलन्द किया और उन्हें सत्ता के केन्द्र तक पहंुचाने का मार्ग प्रशस्त किया। इसके अलावा उन्होंने पिछड़ों तथा धार्मिक अल्पसंख्यकों के हित व कल्याण के लिये भी संविधान में प्राविधान किये। इन वर्गों को आत्म-सम्मान व सामाजिक न्याय दिलाने के लिये बाबा साहेब डाॅ0 अम्बेडकर ने भारतीय संविधान में अनेक प्राविधान किये। परन्तु इतिहास की विडम्बना यह है कि दलित एवं अन्य पिछड़े वर्गों मेें जन्में महान संतों, गुरूओं, महापुरूषों की उपेक्षा कर उनका सही मूल्यांकन नहीं किया गया। उनके योगदान को आम जनता तक विशेषकर उस वर्ग के लोगों तक पहुंचाये जाने के समुचित प्रयास नहीं किये गये, जिसके लिये इन लोगों ने आजीवन संघर्ष किया था। इन महापुरूषों का सपना अभी अधूरा है, जिन्हें उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की बी0एस0पी0 सरकार पूरा करने का प्रयास कर रही है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अन्य पिछड़े वर्गाें को आज शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में जो आरक्षण की सुविधा मिली है, यह किसी और महापुरूष या पार्टी की देन नहीं, बल्कि बाबा साहेब डाॅ0 अम्बेडकर की ही देन है। बाबा साहेब के अथक प्रयासों के फलस्वरूप ही आज देश के सामाजिक व राजनैतिक परिवेश में व्यापक बदलाव आया है और समतामूलक समाज की स्थापना के लिये किये जा रहे प्रयासों को बल मिला है। बी0एस0पी0 सरकार ने सामाजिक परिवर्तन के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले इन महान सन्तों, गुरूओं व महापुरूषों के आदर-सम्मान में निर्मित कराये गये भव्य स्थल, स्मारक, मूर्तियाँ, संग्रहालय, गैलरी, चैराहे और स्थापित भव्य पार्क आगे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि उनकी सरकार ने अनुसूचित जाति/जन जाति के लोगों के आर्थिक व सामाजिक विकास के लिए डा0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास विभाग का गठन करते हुए अनुसूचित जाति/जन जाति बाहुल्य गांवों की तरक्की और खुशहाली के लिए डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना शुरू की। इस योजना के तहत चयनित अम्बेडकर गांवों में सभी आवश्यक सुविधायें मुहैय्या कराने की व्यवस्था की गयी है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं मानीटरिंग के लिए अलग से सेल का गठन भी किया गया। डाॅ0 अम्बेडकर ग्रामों की अनुसूचित जाति की बस्तियों में सी0सी0रोड, के0सी0ड्रेन के साथ रोशनी हेतु सोडियम लाइट लगाये जा रहे हैं। अम्बेडकर ग्राम सभाओं की प्रत्येक दलित बस्तियों में ’’बहुउद्देशीय सामुदायिक केन्द्र’’ बनाये गये।
उल्लेखनीय है कि बाबा साहेब डाॅ0 अम्बेडकर के आदर-सम्मान में माननीया मुख्यमंत्री जी के सभी शासनकालों में अनेकों महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक काम किये गये हैं, जिनमें प्रमुख इस प्रकार हैं, आगरा विश्वविद्यालय का नामकरण बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर किया गया। इसी विश्वविद्यालय में बाबा साहेब डा0 अम्बेडकर के नाम पर अम्बेडकर पीठ की भी स्थापना की गयी। डा0 अम्बेडकर के नाम पर अनुसूचित जाति/जनजाति कोचिंग सेंटर की स्थापना जनपद अलीगढ़ और आगरा में की गयी है। फैजाबाद मण्डल के अन्तर्गत अम्बेडकर नगर के नाम से नये जिले का गठन किया गया। वाराणसी में बाबा साहेब के नाम पर स्टेडियम का नामकरण तथा रामपुर में संग्रहालय व पुस्तकालय की स्थापना की गयी।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद बांदा में बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर मेडिकल कालेज, नोएडा तथा गे्रटर नोएडा में डा0 भीमराव अम्बेडकर मल्टी सुपर स्पेशियल्टी अस्पताल स्थापित कराये गये हैं। कानपुर में डाॅ0 अम्बेडकर इन्स्टीट्यूट आॅफ टेक्नाॅलाॅजी फार हैण्डीकैप्ड तथा जनपद आजमगढ़ में डाॅ0 अम्बेडकर भवन का निर्माण कराया गया। जनपद मैनपुरी तथा कन्नौज में डा0 भीमराव अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय की स्थापना की गयी। लखनऊ में डा0 भीमराव अम्बेडकर अन्तर्राष्ट्रीय खेल स्टेडियम तथा गे्रटर नोएडा में 500 सीटों वाले डा0 अम्बेडकर अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास का निर्माण कराया गया। जनपद आगरा एवं गौतमबुद्ध नगर में डाॅ0 अम्बेडकर पार्क स्थापित किया गया। लखनऊ में डाॅ0 अम्बेडकर पर्यावरण म्यूजियम तथा डाॅ0 अम्बेडकर पर्यावरण परिसर का निर्माण कराया गया। बाबा साहेब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ में अम्बेडकर पीठ की स्थापना तथा प्रशासनिक भवन संकुल का निर्माण कराया गया है।
इसके अलावा बाबा साहेब डाॅ0 अम्बेडकर की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से लखनऊ में भव्य ऐतिहासिक डा0 भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल की स्थापना की गयी है। साथ ही डा0 भीमराव अम्बेडकर विहार, डा0 भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन गैलरी, डा0 भीमराव अम्बेडकर स्मारक दृश्य स्थल, डा0 भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन प्रतिबिम्ब स्थल तथा सामाजिक परिवर्तन संग्रहालय आदि की स्थापना की गयी है। इसके अलावा आशियाना, लखनऊ में भव्य डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर सभागार का भी निर्माण कराया गया है। साथ ही बाबा साहेब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर लघु उद्यमी प्रादेशिक पुरस्कार योजना एवं डाॅ0 अम्बेडकर निःशुल्क बोरिंग योजना तथा डाॅ0 अम्बेडकर कृषि ऊर्जा सुधार योजना भी प्रदेश में शुरू की गयी।
इस अवसर पर बी0एस0पी0 के राष्ट्रीय महासचिव श्री सतीश चन्द्र मिश्र, वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री श्री नसीमुद्दीन सिद्दकी, नगर विकास मंत्री श्री नकुल दुबे, सांसद, विधायक, पदाधिकारी, समर्थक, अनुयायी, प्रशंसक तथा सर्वसमाज के लोगों के साथ-साथ सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने परम्पूज्य बाब साहेब को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर उनका नमन किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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केन्द्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष ने स्थलीय निरीक्षण में बुन्देलखण्ड पैकेज के तहत कराये गये कार्याें को सराहनीय व संतोषजनक पाया

Posted on 05 December 2011 by admin

  • बुन्देलखण्ड क्षेत्र के समग्र विकास हेतु राज्य सरकार के 10,685 करोड़ रू0 के पैकेज के मांग के सापेक्ष केन्द्रीय योजना आयोग द्वारा मात्र 1596 करोड़ रू0 की धनराशि स्वीकृत
  • बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास हेतु स्पेशल एरिया इंसेन्टिव पैकेज घोषित किया जाये
  • छोटे किसानों हेतु बकरी पालन योजना विशेष लाभकारी
  • बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पेयजल व सिंचाई परियोजनाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाये

मुख्य सचिव श्री अनूप मिश्र ने आज एनेक्सी मीडिया सेन्टर में प्रेस प्रतिनिधियों को केन्द्रीय योजना आयोग के दो दिवसीय झांसी दौरे के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र के समग्र विकास हेतु केन्द्र सरकार से 10,685 करोड़ रू0 के पैकेज की मांग की थी, जिसके सापेक्ष वर्ष 2009 में मात्र 3,506 करोड़ रू0 का पैकेज स्वीकृत किया गया। जिसमें से मात्र 1,596 करोड़ रू0 का ए0सी0ए0 (अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता) स्वीकृत किया गया, शेष अंश चालू योजनाओं के अन्तर्गत है। उन्होंने बताया कि अब तक जितनी धनराशि स्वीकृत है, उसके सापेक्ष 76 प्रतिशत धनराशि अवमुक्त कर दी गयी है और 25 प्रतिशत कार्य पूर्ण हैं तथा शेष कार्य भी अपने अन्तिम चरण में हैं।
मुख्य सचिव ने बताया कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र के त्वरित विकास हेतु केन्द्रीय योजना आयोग से स्पेशल एरिया इन्सेन्टिव पैकेज की मांग की गयी। इसके साथ बुन्देलखण्ड क्षेत्र की विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यहां के किसानों के लिए ऋण माफी योजना भी लागू करने को कहा गया। उन्होंने बताया कि आयोग को बुन्देलखण्ड पैकेज में पेयजल व सिंचाई की योजनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा है। इस क्रम में राज्य सरकार द्वारा कमान्ड ट्यूबवेल, निजी नलकूपों के ऊर्जीकरण आदि के प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति देने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने बताया कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में नहरों की लाइनिंग का कार्य बहुत ही महत्वपूर्ण है। इससे 20 से 25 प्रतिशत पानी नुकसान होने से बच जायेगा। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में डी0पी0ए0पी0 व नान-डी0पी0ए0पी0 ब्लाकों के वर्गीकरण की वर्तमान व्यवस्था को समाप्त किया जाये और पूरे क्षेत्र को डी0पी0ए0पी0 क्षेत्र के लिए अनुरूप सुविधायें उपलब्ध करायी जायें।
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत 500-1000 की आबादी के ग्रामों को जोड़ने की योजना के प्रस्ताव तत्काल स्वीकृत की जाये। इसी प्रकार राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में बुन्देलखण्ड क्षेत्र के मजरों के विद्युतीकरण के प्रस्ताव को भी शीघ्र मंजूर किया जाये। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने बुन्देलखण्ड पैकेज के तहत कराये गये विभिन्न कार्याें के स्थलीय निरीक्षण मंे कार्याें को संतोषजनक व सराहनीय पाया।
पथरई कैनाल के निरीक्षण में जिसकी लाइनिंग का कार्य 04 करोड़ रू0 की लागत से कराया गया है, से पूर्व में 1056 हेक्टेअर भूमि की सिंचाई के स्थान पर अब दुगने क्षेत्र की सिंचाई हो सकेगी।
निरीक्षण में किसानों को सिंचाई हेतु एच0डी0पी0 पाइप वितरण की योजना विशेष लाभकारी पायी गयी। इससे पानी का किसी प्रकार रिसाव नहीं होता है और खेत को पूरा पानी सिंचाई हेतुु मिलता है। स्थलीय निरीक्षण में वन विभाग की चैकडैम व वनीकरण की योजना से आस-पास के गांवों में भूगर्भ जल स्तर काफी ऊपर पाया गया। इसी प्रकार बरूआ सागर में राष्ट्रीय औधानिक मिशन के तहत साइट्रस प्रजाति के पौधों के रोपण के भी काफी लाभदायक परिणाम देखने को मिले।
मुख्य सचिव ने बताया कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में डगवेल कुओं के साथ 03 इंच वाले ट्यूबवेल को भी स्वीकृति दी जाये। उन्होंने बताया कि कुछ कुएं गिरने की शिकायत पायी गयी थी। निरीक्षण में इसका कारण जल्दी व ज्यादा बारिश होना पाया गया। इस वर्ष बारिश 12 जून से शुरू हो गई थी। उन्होंने बताया कि डगवेल 10-15 मीटर गहरे व 4-6 मीटर व्यास के होते हैं और इसके निर्माण में 90 से 120 दिन का समय लगता है। बारिश जल्दी होने के कारण चिनाई का कार्य समय से नहीं हो पाया। इस कारण कुछ कुएं गिर गये थे। अब इन सारे कुओं का निर्माण शीघ्र करा दिया जायेगा, क्योंकि निरीक्षण में छोटे किसानों के लिए यह कुएं सिंचाई व पेयजल हेतु काफी उपयोगी पाये गये।
मुख्य सचिव ने बताया कि बकरी पालन योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 01 बकरा व 10 बकरी प्रदान करने का प्राविधान था। शुरू में बकरियों के मरने की सूचना प्राप्त हुई थी। जांच में इसका कारण प्रारम्भ में बकरियों को बगैर टीकाकरण के वितरित करना पाया गया। इस प्रकरण में ललितपुर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी तथा 03 पशु चिकित्साधिकारियों को निलम्बित किया गया तथा झांसी के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी तथा 02 पशु चिकित्साधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक 13 हजार बकरियां छोटे किसानों को वितरित की जा चुकी हैं। केन्द्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष ने भी अपने निरीक्षण में इस योजना को काफी फायदेमन्द पाया है। नयी नस्ल की बकरियां देने से किसान एक साल में 50 हजार रू0 तक की आमदनी कर सकता है।
मुख्य सचिव ने बताया कि सालारपुर योजना में टेंडर अनियमितता के सम्बन्ध में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। सकरवा डैम के निरीक्षण में 05 डैम में से एक डैम ज्यादा बारिश के कारण गिरा पाया गया, इसका शीघ्र निर्माण करा दिया जायेगा। निरीक्षण में चेकडैम सिंचाई के लिए बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए काफी उपयोगी पाये गये। उन्होंने बताया कि पथरई डैम के विस्थापितों को बसाया जा रहा है। इसके आबादी क्षेत्र के पास 02 कुएं भी बनाये गये। निरीक्षण में इन कुओं में पानी पाया गया। डैम के विस्थापितों को 2001 व 2005 में मुआवजा वितरित किया जा चुका है।
मुख्य सचिव ने बताया कि बुन्देलखण्ड पैकेज के तहत जितनी भी योजनाओं में विकास कार्य कराये जा रहे हैं, उसका विवरण लाभार्थीवार उस जिले की वेबसाइट पर दर्शाया गया है। उन्होंने बताया कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 07 मुख्य मण्डियों के निर्माण में से 06 मण्डियों के स्थल चयन का कार्य पूर्ण हो गया है तथा छोटी मण्डियों में से 80 प्रतिशत के भूमि चयन का कार्य पूर्ण हो गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए 10,685 करोड़ रू0 के प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय लिये जाने का केन्द्र से अनुरोध

Posted on 04 December 2011 by admin

  • राज्य सरकार ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए स्पेशल एरिया इंसेन्टिव पैकेज की मांग दोहराई
  • किसानों के लिए ऋण माफी की व्यवस्था लागू किए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव पर भी निर्णय लिए जाने का अनुरोध
  • राज्य सरकार ने बुन्देलखण्ड पैकेज के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में केन्द्रीय योजना आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा
  • केन्द्र बुन्देलखण्ड पैकेज में प्रस्तावित परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति दे

केन्द्रीय योजना के उपाध्यक्ष श्री मोंटेक सिंह अहलूवालिया की अध्यक्षता में आज झांसी में सलाहकार समिति की बैठक हुई। इस सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा बुन्देलखण्ड और पूर्वान्चल क्षेत्र के साथ ही क्रिटिकल गैप्स की पूर्ति हेतु केन्द्र सरकार को 17 जुलाई,2007 को 80 हजार करोड़ रूपये का पैकेज उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा गया था। इस पैकेज में बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए 10,685 करोड़ रूपये के प्रस्ताव प्रस्तुत किये गये थे, किन्तु केन्द्र द्वारा अभी तक इस बारे में कोई सकारात्मक निर्णय नही लिया गया है।
प्रवक्ता ने कहा कि केन्द्र सरकार के संज्ञान में यह तथ्य भी लाया गया कि उत्तराखण्ड तथा कुछ अन्य राज्यों को स्पेशल एरिया इन्सेंटिव पैकेज दिया गया है, जिसमें आयकर तथा केन्द्रीय उत्पादन में छूट प्रदान करते हुए पॅंूजी उपादान की व्यवस्था की गयी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन क्षेत्रों के लिए पैकेज दिया गया है, उन क्षेत्रों की स्थिति बुन्देलखण्ड क्षेत्र के समान ही है। इसलिए बुन्देलखण्ड क्षेत्र को भी अन्य क्षेत्रों की भाॅंति विशेष पैकेज की मदद दी जाये। लेकिन केन्द्र द्वारा बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए स्पेशल एरिया इन्सेन्टिव पैकेज अभी तक नहीं दिया गया है।
इसके अतिरिक्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र कठिन परिस्थितियों के मददेनजर यहां के किसानो के लिये ऋण माफी की व्यवस्था लागू किये जाने के प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को भी केन्द्र सरकार की मंजूरी नहीं मिल पायी है।
प्रवक्ता ने कहा कि केन्द्र द्वारा प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र केे लिये 3506 करोड़ रूपये का पैकेज वर्ष 2009 में तीन वर्ष की अवधि के लिये स्वीकृत किया गया है। इसमें से मात्र 1596 करोड़ रूपये की ही धनराशि अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता के रूप में उपलब्ध होगी। शेष धनराशि को पूर्व में विभिन्न चालू योजनाओं के अन्तर्गत राज्य को पहले से प्राप्त हो रही धनराशि में ही समायोजित कर लिया गया है, तथा कोई अतिरिक्त सहायता राज्य को नहीं दी गयी है। इस प्रकार यह पैकेज मात्र 1600 करोड रूपये तक ही सिमट कर रह गया है, जो बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास की आवश्यकताओं को देखते हुये नितान्त अपर्याप्त है।
प्रवक्ता ने कहा कि अद्यावधिक स्थिति के अनुसार अब बुन्देलखण्ड पैकेज के विभिन्न विकास कार्याें की प्रगति में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अब तक जारी की गयी अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष 76.3 प्रतिशत धनराशि व्यय हो चुकी है। इन सभी कार्याें का विवरण वेव-साइट पर उपलब्ध करा दिया गया है और कराये गये कार्यों तथा लाभार्थियों की सूची भी वेव-साइट पर देखी जा सकती है।
प्रवक्ता ने कहा कि सामुदायिक नलकूप निर्माण के प्रस्ताव भारत सरकार को स्वीकृति हेतु प्रस्तुुत कर दिये गये हैं। सिंचाई एवं पेयजल की आवश्यकता बुन्देलखण्ड क्षेत्र में महसूस की जा रही है और राज्य सरकार लगातार इस सम्बन्ध में जोर देती रही है। उन्होंने कहा कि निजी नलकूपों के ऊर्जीकरण हेतु पैकेज में प्राविधान किया जाना जरूरी होगा।
प्रवक्ता ने कहा कि डी0पी0ए0पी0 तथा नान-डी0पी0ए0पी0 की वर्तमान व्यवस्था को समाप्त किया जाये और अब पूरे बुन्देलखण्ड क्षेत्र की डी0पी0ए0पी0 क्षेत्र के लिए अनुमन्य सुविधायें मुहैया करायी जायें। उन्होंने कहा कि टेन्डर के स्थान पर बाॅण्ड के माध्यम से कराये गये कार्याें की जांच करायी जायेगी और कमी पाये जाने पर कार्रवाई भी की जायेगी।
प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में बुन्देलखण्ड क्षेत्र की सड़कों के प्रस्ताव भारत सरकार से अभी स्वीकृत होने हैं, इन्हें प्राथमिकता पर स्वीकृत किया जाये। साथ ही, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में बुन्देलखण्ड क्षेत्र के मजरों के विद्युतीकरण की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा शीघ्र प्रदान की जाये।
प्रवक्ता ने कहा कि पैकेज मेें स्वीकृत होने वाले शेष प्रस्तावों पर भारत सरकार से शीघ्र कार्य अपेक्षित हंै, जिसके अनुक्रम में आगामी 12 दिसम्बर, 2011 को बैठक आयोजित कर निर्णय कराये जाने की बात पर सहमति हुई है।
प्रवक्ता ने बताया कि पैकेज में वितरित बकरियों में से 1048 बकरियों के मरने के प्रकरण संज्ञान में आये हैं, किन्तु अब बकरियों के मरने के प्रकरण नही आ रहें है। पूर्व में मरी बकरियों के बीमा क्लेम प्रस्तुत कर दिये गये है और अधिकतर के बीमा क्लेम दिला भी दिये गये है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड पैकेज के अन्तर्गत बनाये जा रहें कूपों के ढहने के मामले भी प्रकाश में आये हंै। इसका मुख्य कारण क्षेत्र की काली मिटटी तथा अधिक बरसात का होना है। इन कूपों को पुनः ठीक करने की व्यवस्था की जा रही है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्राइमरी एवं जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों का एक जनपद से दूसरे जनपद में स्थानान्तरण का महत्वपूर्ण निर्णय लिया

Posted on 02 December 2011 by admin

  • इस ऐतिहासिक निर्णय से भारी संख्या में महिला शिक्षकों को राहत मिलेगी
  • पठन-पाठन का बेहतर वातावरण सुनिश्चित हो सकेगा
  • कार्यरत शिक्षकों, शिक्षिकाओं को स्थानान्तरण हेतु तीन विकल्प प्रस्तुत करने का अवसर 31 दिसम्बर, 2011 तक
  • वर्ष 2007 से अब तक लगभग 76,000 अभ्यर्थियों का चयन किया गया तथा प्रशिक्षण के बाद सहायक शिक्षकों के पद पर नियुक्ति प्रदान की गयी

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने उ0प्र0 बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन कार्यरत प्राइमरी एवं जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों के एक जनपद से दूसरे जनपद में स्थानान्तरण, विशेषकर महिला शिक्षकों के स्थानान्तरण का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस निर्णय से प्राईमरी तथा जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों को उनके द्वारा दिये गये विकल्प के अनुसार जनपदों में तैनाती मिलेगी। साथ ही, भारी संख्या में महिला शिक्षकों को राहत मिलेगी।
निर्णय के अनुसार शिक्षकों के एक जिले से दूसरे जिले स्थानान्तरण इस वरीयताक्रम में किये जाने पर विचार किया जायेगा- महिला शिक्षक, जो विवाह के कारण स्थानान्तरण हेतु आवेदन करें। महिला शिक्षक, जो गृह जनपद के अतिरिक्त अन्यत्र स्थानान्तरण हेतु आवेदन करें। महिला शिक्षक, जो गृह जनपद हेतु स्थानान्तरण का आवेदन करें। पुरूष शिक्षक, जो गृह जनपद के अतिरिक्त अन्यत्र स्थानान्तरण हेतु आवेदन करें। इस सम्बन्ध में वरिष्ठता के आधार पर विचार किया जायेगा।
निर्णय के अनुसार शिक्षकों के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण हेतु अपना आवेदन/विकल्प पत्र प्रस्तुत करने के लिए दिनंाक 31 दिसम्बर, 2011 के पश्चात कोई भी विकल्प स्वीकार नहीं किया जाएगा। अध्यापकों के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण हेतु अपना आवेदन-पत्र/विकल्प पत्र प्रस्तुत करने का यह अन्तिम अवसर होगा। वे शिक्षक जिन्होंने नियत दिनंाक तक अपना विकल्प पत्र नहीं प्रस्तुत किया है, उनके विकल्प देने का अधिकार स्वतः समाप्त हो जायेगा।
वर्तमान में बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी अपने गृह जनपद अथवा वांछित जनपद से भिन्न जनपदों में श्रेष्ठता सूची में आने के कारण चयनित होकर कार्यरत हैं। महिला तथा पुरूष अभ्यर्थियों ने बड़ी संख्या में एक जनपद से दूसरे जनपद में स्थानान्तरण हेतु आवेदन पत्र उ0प्र0 बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय में निर्धारित प्रारूप पर भेजे हैं।
अभी एक जनपद से दूसरे जनपद में स्थानान्तरण हेतु शिक्षकों द्वारा आवेदन करने पर स्थानान्तरण की व्यवस्था थी, लेकिन शिक्षकों की अत्यधिक कमी को देखते हुए यह स्थानान्तरण सम्भव नहीं हो पाता था। ऐसी स्थिति में सीमित संख्या में भी स्थानान्तरण किया जाना सम्भव नहीं हो पाता था, जिसके कारण अनेकानेक महिला शिक्षिकायें अपने गृह जनपद में स्थानान्तरित नहीं हो पाती थी।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने शिक्षकों विशेषकर महिला शिक्षकों को उनके मन चाहे जनपद में तैनाती व इस सम्बन्ध में उनकी स्थानान्तरण सम्बन्धी कठिनाईयों के मद्देनजर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें राहत पहुंचाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। इससे शिक्षकों की कठिनाईयां दूर होंगी और विद्यालयांे में पठन-पाठन का बेहतर वातावरण सुनिश्चित हो सकेगा। शिक्षकों तथा उनके अभिभावकों द्वारा वर्ष भर उनके स्थानान्तरण के सम्बन्ध में शासन/निदेशालय/ उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद स्तर पर अनावश्यक रूप से की जाने वाली दौड़-भाग रूकेगी। साथ ही, कार्यालयों के कार्यभार में अनावश्यक वृद्धि से भी बचा जा सकेगा।
उ0प्र0 बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण हेतु नियम-21 में दी गयी व्यवस्था में संशोधन के बाद अब जो प्रक्रिया अपनायी जायेगी, उसके अनुसार उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक सेवा) (तेरहवां संशोधन) नियमावली-2011 के प्रारम्भ होने के दिनंाक से प्रधान अध्यापकों, अध्यापकों जो अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण चाहते हों, को अपना विकल्प, आवेदन पत्र दिनंाक 31 दिसम्बर, 2011 तक प्रस्तुत करना होगा। परिषद द्वारा प्राप्त स्थानान्तरण हेतु विकल्पों/आवेदन पत्रों को परिषद द्वारा मौलिक नियुक्ति के दिनांक के क्रम में जिलावार विकल्प के अनुसार सूचीबद्ध किया जाएगा।
परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के स्थानान्तरण हेतु क्रमशः तीन जनपदों का विकल्प एक ही आवेदन पत्र पर बेसिक शिक्षा परिषद, उ0प्र0 द्वारा विहित प्रारूप पर प्राप्त किये जायेंगे। स्थानान्तरण चाहने वाले शिक्षक यदि प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक के पद पर पदोन्नति के फलस्वरूप कार्यरत हैं, तो उनके स्थानान्तरण पर विचार आवेदित/विकल्प दिये हुए जनपद में तभी किया जाएगा, जब उसी वर्ष में नियुक्त शिक्षकों की पदोन्नति हो गयी हों।
निर्धारित वरीयताक्रम में स्थानान्तरण चाहने वाले शिक्षकों में सर्व प्रथम आवेदित/विकल्प दिये गये जनपद में महिला शिक्षकों को वरिष्ठताक्रम में उनके द्वारा दिये गये विकल्प प्रथम के अनुसार, तत्पश्चात विकल्प-द्वितीय के अनुसार तथा अवशेष महिला शिक्षकों का विकल्प-तृतीय के अनुसार स्थानान्तरण किया जायेगा। तत्पश्चात पुरूष शिक्षकों के स्थानान्तरण पर विचार पृथक-पृथक जनपद में अनुमोदित पदों के सापेक्ष उपलब्ध रिक्त पदों पर जनपद में उनकी वरिष्ठता क्रम के आधार पर किया जाएगा। दिनंाक 31 अक्टूबर, 2011 के पश्चात नियुक्त शिक्षकों के लिए इस नियम की सुविधा अनुमन्य नहीं होगी।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषदीय शिक्षकों का संवर्ग जनपद स्तरीय है तथा जनपद में भी क्रमशः ग्रामीण क्षेत्र एवं नगर क्षेत्र के अलग-अलग संवर्ग हैं तथा इनकी वरिष्ठता तथा पदोन्नति आदि का कार्य भी जनपद में संवर्ग के अन्तर्गत ही होता है। राज्य सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों में रिक्त अध्यापकों के पदों की बड़ी संख्या को देखते हुए बी0एड0, एल0टी0, बी0पी0एड0 तथा डी0पी0एड0 उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को 6 माह का विशिष्ट बी0टी0सी0 का प्रशिक्षण दिलाकर उन्हें बी0टी0सी0 कोर्स के समकक्ष बनाया गया। तदोपरान्त परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिक विद्यालयों में सहायक शिक्षक के पद पर चयन/नियुक्ति का अवसर प्रदान किया गया।
वर्ष 1999 में लगभग 23,000 वर्ष 2004-05 में लगभग 39,000 तथा वर्ष 2007 से अब तक लगभग 76,000 अभ्यर्थियों का चयन किया गया तथा प्रशिक्षण के बाद सहायक शिक्षकों के पद पर नियुक्ति प्रदान की गयी। वर्ष 1999-2000 तथा वर्ष 2004-05 का चयन केन्द्रीय स्तर पर मेरिट बनाकर प्रशिक्षण किया गया तथा प्रशिक्षण के बाद अभ्यर्थियों का आवंटन ऐच्छिक जनपद में आवंटित कर नियुक्ति का अवसर प्रदान किया गया था।
उल्लेखनीय है कि 31 दिसम्बर, 2011 से पूर्व लगभग 72,825 शिक्षकों की नवीन तैनाती की जा रही है, जिन्होंने हाल ही मेें आयोजित टी0ई0टी0 परीक्षा पास की है। इन शिक्षकों की तैनाती के परिणाम स्वरूप जहां एक ओर शिक्षकों की कमी दूर हो सकेगी, वहीं स्थानान्तरण के परिणाम स्वरूप शैक्षिण कार्यों में कोई प्रतिकूल प्रभाव भी नहीं पडे़गा। प्रदेश में महिलाओं के शैक्षिक स्तर में गत 10 वर्षों में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। गत जनगणना में यह स्तर 42 प्रतिशत था, जोकि अब 2011 में बढ़कर करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच रहा है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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माननीया मुख्यमंत्री जी ने केन्द्र सरकार से अल्पसंख्यक विशेषकर मुस्लिम समुदाय के उत्थान के लिये सार्थक प्रयास करने का आग्रह किया

Posted on 30 November 2011 by admin

  • बी0एस0पी0 की प्रथम सरकार बनने के बाद, वर्ष 1995 से ही  अन्य पिछड़े वर्गों के लिये लोक सेवाओं में आरक्षण व्यवस्था के अन्तर्गत  मुस्लिम समुदाय के पिछड़े वर्गों को जाति प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था
  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने 24 नवम्बर, 2011 को मा0 प्रधानमंत्री जी के पत्र का जवाब देते हुए मुस्लिम समुदाय की बेहतरी के लिये कार्य करने का आग्रह किया
  • माननीया मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में पहली बार राज्य में सरकार बनने के बाद से ही इन वर्गों के लिये काफी कार्य किये गये हैं

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने केन्द्र सरकार से अल्पसंख्यक, विशेषकर मुस्लिम समुदाय के उत्थान के लिये सार्थक प्रयास करने का आग्रह किया है। गत 24 नवम्बर, 2011 को माननीय प्रधानमंत्री जी को पुनः लिखे अपने पत्र में उन्होंने 14 सितम्बर, 2011 के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि इस पत्र के माध्यम से उन्होंने अल्पसंख्यक, विशेषकर मुस्लिम समुदाय के उत्थान हेतु आबादी के अनुपात में आरक्षण की व्यवस्था हेतु विचार करने के लिये लिखा था, जिसका जवाब केन्द्र सरकार से दिनांक 24 अक्टूबर, 2011 को प्राप्त हुआ।
राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के उत्थान एवं कल्याण के लिये गये कई महत्वपूर्ण फैसलों और चल रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए  माननीया मुख्यमंत्री जी ने मा0 प्रधानमंत्री जी के पत्र का जवाब देते हुए अपने पत्र में साफतौर पर लिखा है कि उनके नेतृत्व में पहली बार उत्तर प्रदेश में सरकार बनने के बाद से ही इन वर्गों के लिये उन्होंने काफी कार्य किये हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1995 से ही विभिन्न चरणों में अन्य पिछड़े वर्गों के लिये लोक सेवाओं में आरक्षण व्यवस्था के अन्तर्गत मुस्लिम समुदाय के पिछड़े वर्गों को जाति प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था की गयी। इसके अलावा 38 जातियों/उप जातियों को अन्य पिछड़े वर्ग की सूची में सम्मिलित करके उन्हें आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि राज्य सरकार अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिये अत्यंत संवेदनशील एवं कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा अपने सीमित संसाधनों से अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र/छात्राओं को उच्च शिक्षा प्रदान करने हेतु प्रदेश में मान्यवर श्री कांशीराम जी उर्दू, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी। साथ ही अल्पसंख्यक समुदाय की आलिम (इण्टरमीडिएट) में पढ़ने वाली बालिकाओं के लिये 25 हजार रूपये की धनराशि एवं निःशुल्क साईकिल प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गयी है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने पत्र में लिखा है कि इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के शैक्षिक विकास के लिये शैक्षिक संस्थाओं को अल्पसंख्यक संस्था घोषित करने के उद्देश्य से संविधान के अनुच्छेद 201 के अन्तर्गत केन्द्र सरकार की अनुमति प्राप्त करने हेतु उ0प्र0 राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थान प्राधिकरण विधेयक, 2011 भी प्रस्तावित किया गया है, जो केन्द्र सरकार में स्वीकृत हेतु अभी भी लम्बित है।
मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेन्ट प्लान की चर्चा करते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने लिखा है कि भारत सरकार नेे इस योजना के अन्तर्गत 1015.70 करोड़ रूपये की राज्य सरकार की योजना को स्वीकृत प्रदान की।  लेकिन इस योजना में केन्द्र सरकार ने अभी तक 634.08 करोड़ रूपये की सहायता ही प्रदान की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब तक इस योजना में राज्यांश के रूप में 97.24 करोड़ रूपये अवमुक्त कर चुकी है। जबकि केन्द्र सरकार से अभी भी 381 करोड़ रूपये प्राप्त होने शेष हैं। उन्होंने कहा कि अवशेष धनराशि प्राप्त न होने के कारण स्वीकृत कार्यों को पूर्ण करने में कठिनाई आ रही है। उल्लेखनीय है कि यह योजना वर्ष 2011-12 में समाप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के पास लम्बित धनराशि तत्काल अवमुक्त की जाये, ताकि इन वर्गों के कल्याण के लिये बनायी गयी योजनाओं को शीघ्र पूरा किया जा सके।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने लिखा है कि केन्द्र सरकार द्वारा अति पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिये छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अति पिछड़े वर्गों में मुस्लिम समुदाय के छात्र एवं छात्रायें भी सम्मिलित हैं। राज्य सरकार ने इस केन्द्रीय योजना के तहत लगभग 5286.63 करोड़ रूपये खर्च किये हैं। जबकि इस धनराशि में केन्द्रांश के रूप में 3372.14 करोड़ रूपये की धनराशि प्राप्त होनी थी, लेकिन राज्य सरकार को अभी तक केवल 346.18 करोड़ रूपये ही प्राप्त हुये हैं।  उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को इस धनराशि को शीघ्र अवमुक्त करना चाहिए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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कांग्रेस के युवराज के विदेशी दोस्तों की विदेशी कम्पनियों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिये ही यू0पी0ए0 सरकार ने खुदरा व्यापार में विदेशी पूंजी निवेश की अनुमति का फैसला लिया-माननीया मुख्यमंत्री जी

Posted on 27 November 2011 by admin

  • खुदरा कारोबार में विदेशी कम्पनियों के आने के बाद भारत की सम्पूर्ण अर्थ व्यवस्था विदेशियों के हाथों चली जायेगी
  • मेरी सरकार किसी भी विदेशी कम्पनी को उत्तर प्रदेश में खुदरा व्यापार करने की अनुमति नहीं देगी-माननीया मुख्यमंत्री जी
  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने मा0 प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर केन्द्र सरकार के इस खौफनाक, नापाक व गरीबों के लिये प्राणघातक निर्णय को अविलम्ब वापस लेने की मांग की
  • बी0एस0पी0 पार्लियामेन्ट से लेकर पूरे देश में इस मुद्दे का पुरजोर विरोध करेगी और फैसला वापस न लिये जाने पर कठोर कदम उठायेगी

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने कहा है कि यू0पी0ए0 सरकार ने बहुराष्ट्रीय विदेशी कम्पनियों को भारत में खुदरा व्यापार में विदेशी पूंजी निवेेश की अनुमति दिये जाने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि वह कांग्रेस के युवराज को किसी भी कीमत पर नाराज नहीं कर सकती। उन्होंने केन्द्र सरकार से इस  खौफनाक, नापाक व गरीबों के लिये प्राण-घातक फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इस मुद्दे को लेकर बी0एस0पी0 पार्लियामेन्ट से लेकर पूरे देश में पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने यह भी कहा है उनकी सरकार उत्तर प्रदेश में किसी भी विदेशी कम्पनी को खुदरा व्यापार करने की अनुमति नहीं देगी। माननीया मुख्यमंत्री जी ने इस फैसले को वापस लिये जाने के सम्बन्ध में मा0 प्रधानमंत्री जी को एक पत्र भी लिखा है।
माननीया मुख्यमंत्री जी आज यहां एनेक्सी स्थित मीडिया सेन्टर में जनहित के इस अति महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर बुलायी गयी प्रेस-कांफ्रेंस में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के युवराज कुछ हफ्ते भारत में बिताने के बाद फिर सैर-सपाटा करने के लिये विदेश चले जाते हैं। चूंकि उनका पालन-पोषण, पढ़ाई-लिखाई सब ज्यादातर विदेश में हुई है, इसलिए उनका रहन-सहन, सोच-समझ सब विदेशियों की तरह ही हो गयी है। इसलिए वे जब कभी-कभार उत्तर प्रदेश में आते हैं तो अक्सर अपने विदेशी दोस्तों को सैर-सपाटा तथा मनोरंजन कराने के लिये अपने साथ ले आते हैं। इस दौरान वे अपने विदेशी दोस्तों को गरीबों की झोपड़ी में ले जाकर उनकी गरीबी का मजाक उड़वाते हैं।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब कांग्रेस के युवराज ने अपने इन्हीं विदेशी दोस्तों की विदेशी कम्पनियों को लाभ पहुंचाने की नीयत से और उनको अरबपति, खरबपति बनाने व भारतवासियों को विदेशियों का गुलाम बनवाने के लिये फिर से ईस्ट इण्डिया कम्पनी की ही तरह, अबकी बार वाल मार्ट जैसी विदेशी कम्पनियों के हाथों में भारत की अर्थ व्यवस्था को देने का विचार कर लिया है। इसलिए यू0पी0ए0 सरकार के एक सहयोगी दल के खुले विरोध के बाद भी कैबिनेट में बहुराष्ट्रीय विदेशी कम्पनियों को भारत में खुदरा व्यापार में विदेशी पूंजी निवेश की अनुमति दिये जाने का निर्णय लिया है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने यह भी बताया कि यू0पी0ए0 सरकार ने यह निर्णय अच्छी तरह जानते हुए लिया कि इस कारोबार में विदेशी कम्पनियों के आने बाद भारत की सम्पूर्ण अर्थ व्यवस्था विदेशियों के हाथों में चली जायेगी और देश आर्थिक रूप से गुलाम बन जायेगा। यू0पी0ए0 सरकार यह भी जानती है कि इन विदेशी कम्पनियों के आने के बाद देश के लाखों-लाख छोटे दुकानदार व कारखानों का कारोबार पूर्ण रूप से बन्द हो जायेगा। ऐसी स्थिति में इन दुकानों व कारखानों में काम कर रहे करोड़ों मजदूर बेराजगार होकर अपने घरों में खाली बैठ जायेंगें। साथ ही देश के करोड़ों किसान, जो पहले से गरीबी के कारण आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं, वे और भी ज्यादा बर्बाद हो जायेंगे। क्योंकि ये विदेशी कम्पनियां किसानों को आधे दामों पर सब्जियां, अनाज व फल बेचने पर मजबूर कर देंगी, वरना वो इन चीजों को विदेशों से लाकर बेचेंगी।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने जोर देकर कहा कि वाल मार्ट जैसी अनेक कम्पनियां चीन व अन्य विदेशी जगहों से सस्ते में सामान लाकर बेचती हैं और यही वो भारतवर्ष में भी करेंगी, जिसकी वजह से फिर देश के सभी कामगार, मजदूर व छोटे उद्योग पूर्ण रूप से बन्द हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि इन सब बातों को जानते हुए भी यू0पी0ए0 सरकार ने गरीबों के लिये इस प्राण-घातक निर्णय को इसलिए लिया, क्योंकि वह कांग्रेस के युवराज को किसी भी कीमत पर नाराज नहीं कर सकती। अर्थात यह निर्णय सिर्फ और सिर्फ युवराज के विदेशी दोस्तों की विदेशी कम्पनियों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिये ही लिया गया है।
फैसले के दुष्परिणाम के सम्बन्ध में माननीया मुख्यमंत्री जी ने आगाह करते हुए कहा कि अगर इस निर्णय को लागू होने दिया गया तो इसका असर देश के लाखों कारोबारियों, दुकानदारों, किसानों, मजदूरों तथा गरीब और मध्यम वर्ग की आम जनता पर पड़ेगा, क्योंकि इन्हें सभी प्रकार की चीजों को काफी महंगे दामों पर खरीदने के लिये मजबूर होना पड़ेगा। यह निर्णय उनके ऊपर एक प्राणघातक हमले की तरह होगा। उन्होंने कहा कि अगर देश की केन्द्रीय सरकार ने आज सिर्फ एक व्यक्ति यानि कांग्रेस के युवराज की इस इच्छा को पूरा करने के लिये, विदेशी कम्पनियों को खुदरा कारोबार में आने की अनुमति दे दी, तो फिर यह लोग देश में महंगाई, जो पहले से ही चरम सीमा पर है, उसे और भी बढ़ाने में योगदान देंगे। साथ ही विदेशी कम्पनियां देश के छोटे-छोटे दुकानदारों, कारोबारियों, मजदूरों तथा किसानों को भूखे मरने के लिये या आत्महत्या करने के लिये भी मजबूर कर देंगी।
माननीया मुख्यमंत्री जी के अनुसार केन्द्र सरकार के इस फैसले का मुख्य कारण यह है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा के आम चुनाव नजदीक होने की वजह से कांग्रेस पार्टी के युवराज उत्तर प्रदेश को अपने विदेशी दोस्तों की विदेशी कम्पनियों के हवाले करने के लिये और प्रदेश में अपनी पार्टी को सत्ता में लाने हेतु किस्म-किस्म की ड्रामेबाजी कर रहे हैं। लेकिन बी0एस0पी0 को उत्तर प्रदेश की जनता पर पूरा भरोसा है कि वह कांग्रेस पार्टी के इस मनसूबे को किसी भी कीमत पर प्रदेश मे पूरा नहीं होने देगी।
प्रदेश की वर्तमान स्थिति में अपनी पार्टी व सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश के सभी किसानों, कारोबारियों, मजदूरों, छोटे-छोटे दुकानदारों तथा यहां की आम जनता को विश्वास दिलाते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने यह आश्वासन भी दिया कि जब तक वे प्रदेश की मुख्यमंत्री के पद पर आसीन है, तब तक यू0पी0ए0 सरकार के इस खौफनाक व नापाक निर्णय के तहत समूचे उत्तर प्रदेश में किसी भी विदेशी कम्पनी को खुदरा व्यापार में पूंजी निवेश करके किसी भी प्रकार से व्यापार करने की अनुमति नहीं देगी। इतना ही नहीं बल्कि उनकी पार्टी इस मुद्दे का पार्लियामेन्ट से लेकर पूरे देश में पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने प्रदेश के सभी छोटे व्यापारियों, कारोबारियों, मजदूरों तथा किसानों से अपील की है कि वे लोग अपना काम बिना किसी चिंता के सुकून के साथ करें, क्योंकि उनकी सरकार इन वर्गों के साथ है और इनकी हर तरह से पूरी मदद करेगी।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में चल रही केन्द्र की सरकार से अपने निर्णय को अविलम्ब वापस ले वरना उनकी पार्टी को इसके खिलाफ शीघ्र ही कुछ कठोर निर्णय लेने के लिये मजबूर होना पड़ेगा।
एक सवाल के जवाब में माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि खुदरा व्यापार में विदेशी पूंजी निवेश का मामला संसद में विचाराधीन है, जहां इस पर चर्चा हो रही है। इस पर निर्णय के उपरान्त ही बी0एस0पी0 अपना अगला कदम उठायेगी।
माननीया मुख्यमंत्री जी द्वारा खुदरा व्यापार में विदेशी पूंजी निवेश का पुरजोर विरोध किये जाने पर विभिन्न व्यापार मण्डलों ने उनके प्रति आभार व्यक्त किया है। इस सम्बन्ध में माननीया मुख्यमंत्री जी का कहना है कि जनता का इसी तरह समर्थन व सहयोग मिलता रहा तो वे उत्तर प्रदेश में विदेशी कम्पनियों को खुदरा व्यापार करने की अनुमति नहीं देंगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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माननीया मुख्यमंत्री जी ने लखनऊ महोत्सव का उद्घाटन किया

Posted on 27 November 2011 by admin

cm-1लखनऊ महोत्सव के माध्यम से लखनऊ के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और विरासत के साथ-साथ मौजूदा समय में इस महानगर को मिली नई पहचान की भी जानकारी बेहतर तरीके से हासिल हो सकेगी-माननीया मुख्यमंत्री जी

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने आज यहां मान्यवर श्री कांशीराम सांस्कृतिक स्थल, स्मृति उपवन आशियाना में 05 दिसम्बर, 2011 तक चलने वाले लखनऊ महोत्सव का दीप प्रज्जवलित कर औपचारिक उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत एवं विशिष्ट गंगा-जमुनी तहजीब को जनमानस के समक्ष प्रस्तुत करने के उद्देश्य से हर साल लखनऊ महोत्सव का आयोजन बड़े पैमाने पर किया जाता है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस वर्ष लखनऊ महोत्सव “हमें लखनऊ पर है नाज़ और लखनऊ को हम पर नाज़” की थीम पर आयोजित किया गया है, क्योंकि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में राज्य सरकार ने सामाजिक परिवर्तन आन्दोलन के महापुरूषों के आदर व सम्मान में अनेकों भव्य स्मारकों, संग्रहालयों, पार्कों व चैराहों आदि का निर्माण कराया है। इतना ही नहीं बल्कि उनकी सरकार द्वारा यहां बड़े पैमाने पर विकास कार्यों को भी अंजाम दिया गया है।
cm-2राज्य सरकार द्वारा यहां कराये गये विकास कार्याें का जिक्र करते हुए सुश्री मायावती जी ने कहा कि ये कार्य पर्यटकों के आकर्षण के केन्द्र बने हुए हैं। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष लखनऊ महोत्सव का आयोजन“हमें लखनऊ पर है नाज़ और लखनऊ को हम पर नाज़” थीम पर किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस थीम के माध्यम से महोत्सव में आने वाले लोगों को लखनऊ के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और विरासत के साथ-साथ मौजूदा समय में विकास कार्यों के फलस्वरूप इस महानगर को मिली नई पहचान की भी जानकारी बेहतर तरीके से हासिल हो सकेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि 25 नवम्बर से 05 दिसम्बर, 2011 तक चलने वाले इस महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा गतिविधियों से लोगों का भरपूर मनोरंजन होगा। उन्होंने इस अवसर पर लखनऊ महोत्सव समिति द्वारा प्रकाशित स्मारिका ‘‘उर्मिला’’ का विमोचन किया। पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विनोद सिंह द्वारा माननीया मुख्यमंत्री जी को स्मृति चिन्ह् प्रदान किया गया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश और लखनऊ के समग्र विकास पर आधारित नृत्य नाटिका एवं महात्मा बुद्ध के जीवन को दर्शाता नाटक ‘‘हृदय परिवर्तन’’ का मंचन सिटी माण्टेसरी स्कूल के बच्चों द्वारा किया गया। इसके बाद डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर के जीवन चरित पर आधारित लघु नाटक ‘‘चलो उजाले की ओर’’ की खूबसूरत प्रस्तुति मुम्बई की रंगशीला कल्चरल एण्ड डेवलेपमेन्ट सोसाइटी द्वारा की गई।
इस अवसर पर मंत्रिमण्डल के अनेक सदस्य, सांसद, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में पर्यटक, शिल्पकार एवं कलाकार मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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मेरी पार्टी के पास विधानसभा में बहुमत की निर्धारित संख्या से अधिक विधायक-माननीया मुख्यमंत्री जी

Posted on 21 November 2011 by admin

  • पूर्व में भी सदन से लेखानुदान पारित होने को विश्वासमत प्राप्त होना माना गया
  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने एक दिन पूर्व ही विधानसभा स्थगित होने के लिये  सभी विपक्षी पार्टियों को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हुए, सदन में खासतौर से  सपा व अन्य विपक्षी पार्टियों के आचरण को निन्दनीय बताया
  • माननीया मुख्यमंत्री जी द्वारा विधान सभा में प्रस्तुत किया गया राज्य के पुनर्गठन का प्रस्ताव पारित
  • सभी विरोधी पार्टियां उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन के जबर्दस्त खिलाफ

cm-photo-21-11-2011-2उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने पिछले कुछ दिनों से विपक्ष के लोगों द्वारा उनकी सरकार के अल्पमत में होने की बात का पूरे तौर पर खण्डन करते हुए इसे गलत व तथ्यहीन बताया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में उनकी पार्टी का बहुमत ही नहीं बल्कि उसके पास बहुमत की निर्धारित संख्या से अधिक विधायक हैं। यह दुष्प्रचार सभी विरोधी पार्टियों की केवल उनकी सरकार को कमजोर बनाने की बहुत बड़ी मिलीजुली एक सोची समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उनकी पार्टी व सरकार के प्रति सभी विरोधी पार्टियों के साथ केन्द्र सरकार के चले आ रहे अभी तक के रवैये की सजा प्रदेश की जनता कुछ ही महीनों के अन्दर होने वाले विधानसभा आम चुनाव में सभी विरोधियों पार्टियों को जरूर देगी।
माननीया मुख्यमंत्री जी आज विधानसभा की कार्रवाई में शामिल होने के बाद एनेक्सी स्थित मीडिया सेन्टर में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि आज प्रातः 11 बजे जब हाउस शुरू हुआ तो विपक्ष ने हंगामा करके हाउस को नहीं चलने दिया, जिसके कारण माननीय स्पीकर महोदय को हाउस 12.20 बजे तक स्थगित करना पड़ा। इसके बाद 12.20 पर हाउस बैठने पर आज विधानसभा में उनकी सरकार द्वारा विधिवत् वोट आॅन अकाउन्ट लेने का कार्य पूरा हो गया। साथ ही कुछ अन्य कार्यों के साथ-साथ प्रदेश के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी पास हो गया, जिसे अब उनकी सरकार बहुत जल्द ही केन्द्रीय सरकार के पास भिजवा देगी। ज्ञातव्य है कि माननीया मुख्यमंत्री जी ने विधानसभा में प्रदेश का पुनर्गठन चार राज्यों-पूर्वान्चल, बुन्देलखण्ड, अवध प्रदेश तथा पश्चिम प्रदेश में किये जाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन द्वारा पारित कर दिया गया।
प्रदेश के पुनर्गठन प्रस्ताव को पास कराने को लेकर सभी विपक्ष की पार्टियों द्वारा इसे उनकी पार्टी का चुनावी हथकंडा बताये जाने को बिल्कुल गलत करार देते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार, उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन के लिये सन् 2007 में केन्द्र को भेजी गयी चिट्ठी के बाद से ही लगातार इसके लिए बराबर पहल कर रही थी। लेकिन जब केन्द्र की सरकार ने इसपर कोई भी निर्णय नहीं लिया, तब मजबूरी में उनकी पार्टी की सरकार को प्रदेश की जनता के हित में यह कदम उठाना पड़ा।
इस सम्बन्ध में 16 नवम्बर, 2011 को जारी प्रेस नोट का हवाला देते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके बारे में उनके द्वारा सभी तथ्यों की पहले ही विस्तार से जानकारी दी जा चुकी है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश के पुनर्गठन के सम्बन्ध में उनकी सरकार को मंत्रिपरिषद अथवा विधानमण्डल से कोई प्रस्ताव पारित कराने की संवैधानिक बाध्यता नहीं थी। उन्होंने कहा कि सन् 2007 से राज्य के पुनर्गठन के लिये उनके द्वारा लगातार किये जा रहे प्रयासों पर केन्द्र सरकार द्वारा ध्यान न देने के कारण केन्द्र पर दबाव बनाने के लिये पुनर्गठन के प्रस्ताव को विधानसभा से पारित कराना पड़ा।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज विधानसभा में उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन के मामले में कांग्रेस, बी0जे0पी0, सपा व अन्य पार्टियों की स्थिति भी पूरी तौर से स्पष्ट हो गयी है कि यह सभी विपक्षी पार्टियां राज्य के पुनर्गठन के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी विरोधी पार्टियां उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन के जबर्दस्त खिलाफ हैं, क्योंकि ये सभी विरोधी पार्टियां उत्तर प्रदेश व यहां की जनता का सम्पूर्ण रूप से विकास होते हुए नहीं देखना चाहती।
अपनी सरकार के पूर्ण बहुमत में होने के क्रम में माननीया मुख्यमंत्री जी ने सभी विरोधी पार्टियों से सवालिया लहजे में यह भी पूछा यदि नये परिसीमन की वजह से उनकी पार्टी के कुछ विधायकों की सीट गड़बड़ाने के कारण वो खुद ही अपनी स्वेच्छा से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, तो क्या विरोधी पार्टियों की नजर में अब ये विधायक उनकी पार्टी के चुने हुए सदस्य नहीं रहे, तो विरोधियों के पास इसका जवाब नहीं होगा। अपनी पार्टी के कुछ विधायकों व मंत्रियों के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत होने के कारण चल रही जांच का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कुछ मामलों की जांच पूरी होने पर उनकी सरकार ने कुछ मंत्रियों से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा भी लिया और कुछ को खुद हटाया भी गया है। ताकि इस सम्बन्ध में विरोधी लोग सरकार द्वारा कोई भी कार्रवाई करने पर उनके ऊपर इन लोगों को बचाने का कोई गलत आरोप न लगा सके।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इतना ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य मामलों को भी लेकर कुछ और भी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है। उन्होंने इन सब के बारे में विरोधियों से यह सवाल पूछा कि क्या ऐसी स्थिति में वे लोग अब उनकी पार्टी (बी0एस0पी0) के चुने हुए सदस्य नहीं रहे हैं। इसका भी जवाब विरोधी पार्टियां नहीं दे पायेंगी। जबकि इन सब विधायकों के मामले में वास्तविकता यह है कि ये सभी विधायक आज भी उनकी पार्टी के साथ हैं और इनमें से किसी ने भी यह नहीं कहा कि अब वे बी0एस0पी0 के साथ में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सभी विरोधी पार्टियों के लोग फिर किस आधार पर कैसे कह सकते हैं कि उनकी पार्टी की सरकार अल्पमत में आ गई है।
cm-photo-21-11-2011-1माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यदि विरोधी लोग उनकी पार्टी (बी0एस0पी0) में किसी भी विधायक के चुनाव न लड़ने व उनके टिकट काटने तथा पार्टी के किसी भी विधायक या मंत्री के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने आदि को लेकर उन्हें पार्टी व सरकार से अलग मानने की बात करते हैं, तो फिर विरोधी लोगों को इसी फार्मूले के आधार पर आन्ध्र प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार की तरफ भी जरूर ध्यान से देखना चाहिए। जहां कांग्रेस पार्टी के कई दर्जन विधायकों व मंत्रियों ने तेलांगाना को अलग से राज्य बनाने के मुद्दे पर वहां की विधानसभा के स्पीकर से मिलकर अपना त्यागपत्र दे दिया था। इसी प्रकार इसी ही मुद्दे पर लगभग एक दर्जन से ज्यादा आन्ध्र प्रदेश के सांसदों ने संसद की माननीया स्पीकर महोदय के सामने उपस्थित होकर अपना इस्तीफा लिखकर दे दिया था। आन्ध्र प्रदेश के ऐसे विधायकों व सांसदों के इस्तीफे के मामले अभी भी फैसले के लिये लम्बित पड़े हैं।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि केन्द्र की सरकार के काफी सांसद व मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण दिल्ली की जेल में बन्द हैं, और काफी के खिलाफ अन्य विभिन्न मामलों को लेकर माननीया अदालत व कई एजेन्सियों में अभी भी कार्रवाई चल रही है। इसके अलावा देश में ऐसे अनेक और भी उदाहरण देखने को मिलेंगे, लेकिन फिर भी इन सब के आधार पर कांग्रेस व अन्य सभी विरोधी पार्टियों ने कभी भी आन्ध्र प्रदेश व दिल्ली में केन्द्र की सरकार को अल्पमत में होने की बात नहीं कही है। उन्होंने कहा कि लेकिन उत्तर प्रदेश के मामले में काफी गम्भीरता से सोचने की बात यह है कि जब यह सब उत्तर प्रदेश में होता है, तब इस आधार पर विरोधी पार्टियां उनकी सरकार को अल्पमत में होने की किस्म-किस्म की बातें काफी बढ़-चढ़कर करती हैं। इससे स्पष्ट हो जाता है कि यह सब उनकी पार्टी व सरकार के खिलाफ विरोधियों की मिली-जुली एक सोची-समझी बहुत बड़ी राजनैतिक साजिश है। इसी के साथ इन सभी विरोधी पार्टियों की आज भी दलित विरोधी मानसिकता होने का रवैया भी साफ नजर आता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार बिल्कुल भी अल्पमत में नहीं है, बल्कि उनकी सरकार के पास आज भी पूर्ण बहुमत से ज्यादा संख्या है। इसके अलावा दूसरी पार्टियों के लगभग एक दर्जन से ज्यादा विधायक भी बी0एस0पी0 में आ चुके हैं।
विधानसभा के एक दिन पहले ही अनिश्चित काल के लिये स्थगित हो जाने के लिये सभी विपक्षी पार्टियों को पूर्ण रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज हाउस चलने के दौरान खासतौर से समाजवादी पार्टी व अन्य विपक्ष की पार्टियों के माननीय सदस्यों के आचरण की उनकी पार्टी व सरकार कड़े शब्दों में निंदा करती है। उन्होंने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के सवाल के सम्बन्ध में कहा कि पूर्व में भी सदन से लेखानुदान पारित होने को विश्वासमत प्राप्त होना माना गया है। दिसम्बर, 2006 में सपा सरकार में इसी प्रकार विधानसभा में लेखानुदान विधेयक के पारित होने को विश्वास मत प्राप्त किया हुआ माना गया है। इसलिए आज उनकी सरकार ने भी विश्वास मत प्राप्त कर लिया है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने माननीय विधानसभा अध्यक्ष द्वारा हाउस को पूरी तरह संवैधानिक व असेम्बली के सभी नियमों के अनुसार चलाये जाने के लिये उनकी सराहना की। साथ ही विधानसभा के सभी छोटे-बड़े कर्मचारियों व अधिकारियों के प्रति भी आभार प्रकट किया, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी व पूरी निष्ठा के साथ निभायी। उन्होंने अपनी पार्टी के सभी विधायकों व मंत्रियों के प्रति भी दिल से आभार प्रकट करते हुए कहा कि इन्होंने कल उनके (माननीया मुख्यमंत्री जी के) द्वारा दिये गये जरूरी दिशा निर्देशों के मुताबिक चलकर सभी विरोधी पार्टियों के हथकण्डों का जवाब बहुत ही संयम व अनुशासन के साथ दिया है।
इस अवसर पर एक प्रश्न का उत्तर देते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनकी पार्टी का विधानसभा में बहुमत ही नहीं बल्कि बहुमत के लिये निर्धारित संख्या से अधिक विधायक हैं। ऐसे में उनकी सरकार द्वारा विधानसभा भंग करने की सिफारिश करने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी विधानसभा में उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा के पक्ष में थी, लेकिन सभी विपक्षी दलों ने मिलकर इस पर चर्चा नहीं होने दी। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड राज्य बनने के बाद भी उत्तर प्रदेश देश का आबादी के लिहाज से सबसे बड़ा राज्य है और पिछड़ा भी है। हमारी पार्टी इसका विकास चाहती है, इसीलिए केन्द्र सरकार द्वारा कार्रवाई न करने के बाद उनकी सरकार ने मजबूरी में पुनर्गठन के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद से मंजूर कराकर विधानसभा से पारित कराया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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विधान सभा अध्यक्ष ने सत्र के सुव्यवस्थित संचालन में राजनैतिक दलों के नेताओं से सहयोग का अनुरोध किया

Posted on 20 November 2011 by admin

माननीया मुख्यमंत्री जी द्वारा सदन के संचालन में सत्तारूढ़ दल के सहयोग का आश्वासन
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उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष श्री सुखदेव राजभर ने कल से शुरू हो रहे विधान सभा सत्र के सुव्यवस्थित संचालन के लिये सभी राजनैतिक दलों के नेताओं से सहयोग का अनुरोध किया है। आज विधान भवन में आहूत एक बैठक में उन्होंने सभी दलों के नेताओं से संसदीय परम्पराओं के अनुसार सदन को चलाने में सहयोग प्रदान करने का भी अनुरोध किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं नेता सदन माननीया सुश्री मायावती जी ने विधानसभा अध्यक्ष को सत्तारूढ़ दल की ओर से सदन के संचालन में पूरा सहयोग प्रदान करने का भरोसा दिया। इसी क्रम में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतिपक्ष सदन के संचालन में रचनात्मक सहयोग प्रदान करेगा।
बैठक में मौजूद समाजवादी पार्टी के श्री अम्बिका चैधरी, बी0जे0पी0 के श्री ओम प्रकाश सिंह, कांग्रेस पार्टी के श्री प्रमोद तिवारी तथा राष्ट्रीय लोक दल के श्री कौकब हमीद ने विधानसभा अध्यक्ष को सदन के शांतिपूर्ण संचालन में अपने-अपने दलों की ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंत्री श्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, श्री स्वामी प्रसाद मौर्य, श्री लालजी वर्मा, श्री जगदीश नारायण राय तथा श्री दद्दू प्रसाद भी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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भारतीय जनता पार्टी की जन चेतना यात्रा कल अपने अन्तिम पड़ाव दिल्ली पहुंचेगी

Posted on 19 November 2011 by admin

100_1029यात्रा के 39वें दिन यात्रा के नायक पूर्व उप प्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी का बंगाली कालोनी, बिलासपुर चैराहा, रामपुर रेलवे स्टेशन चैराहा रामपुर, अम्बेडकर पार्क आदि स्थानों पर अभूतपूर्व स्वागत हुआ। श्री आडवाणी ने रामपुर स्थित स्टेडियम में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के अधिकांश लोग ईमानदार हैं। चंद नेताओं और अन्य लोगों के भ्रष्ट होने पर पूरे देश की छवि को भ्रष्टाचारी नहीं बनाना चाहिए। श्री आडवाणी ने विदेशियों द्वारा भारत को भ्रष्ट राष्ट्र कहे जाने पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे एकजुट होकर लोकतंत्र की सशक्त  कहलाने वाली चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से भ्रष्ट और बेईमान लोगों को करारा जवाब दें। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि व्यवस्था बदलने के लिए आत्म विश्वास जमाने और सोच बदलने की जरूरत है। उन्होंने भाजपा नेताओं द्वारा भ्रष्टाचार समाप्त किए जाने के लिए किए गए प्रयासांे की सराहना की और कहा कि ’कैश फार वोट’ मामले मंे जब ईमानदार सांसदों ने करोड़ों रू0ं लोकसभा अध्यक्ष के सामने रखे तब भी विरोधी दल के लोगों ने आपत्ति की थी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अलख जगाने निकली यह यात्रा सफल रही। इसमें समाज के हर वर्ग का सहयोग मिला यह लोकतंत्र की विजय है। उन्होंने जनता से अपील की कि भ्रष्टाचार और काला धन के खिलाफ बजाए गए विगुल को सफलता की शीर्ष ऊंचाइयों पर पहुंचाए। उन्होंने पार्टीजनों से प्रत्याशी चयन में सावधानी बरतने और चुनाव में सही फैसले को महत्वपूर्ण बताया।
पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ और सुशासन के लिए सवाल खड़ा करने वाले एकमात्र नेता केवल लालकृष्ण आडवाणी हैं। उन्होंने कहा कि राम को आदर्श मानकर सरकार बननी चाहिए और यह बात वही कर सकता है जिसका चरित्र और मूल्यों में विश्वास हो। श्री सिंह ने कहा कि जनता में चेतना जगा कर भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का कार्य श्री लालकृष्ण आडवाणी ही कर सकते हैं।
dsc04826रामपुर की जनसभा में जनचेतना यात्रा का स्वागत करते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री सांसद तथा पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यात्रा रामपुर की सरजमी पर आई यह सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा भ्रष्टाचार एवं काले धन के खिलाफ श्री आडवाणी जी ने यह यात्रा की है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने वोट का सही इस्तेमाल करें ताकि भ्रष्टाचारी ताकतों का खात्मा हो सके।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बसपा, समाजवादी पार्टी की अराजकता एवं भ्रष्टाचारी शासन से उ0प्र0 की जनता ने बहुत कुछ खोया है लेकिन हर बुरे वक्त के बाद अच्छे वक्त की शुरूआत होती है। वो वक्त आ गया है, गंगा,जमुना की धरती यह उ0प्र0 आज भाजपा के सुशासन के लिए टक टकी लगाए हुए है। मायावती सरकार को न तो प्रदेश के नौजवानों की न वृद्धों की और न ही प्रदेश के किसानों की चिन्ता है इन दोनों सरकारों ने प्रदेश की संस्कृति को ही परिवर्तित कर दिया है। मायावती सरकार ने अपने शासन के साढ़े चार साल में सिर्फ और सिर्फ बलात्कारी एवं भ्रष्ट शासन दिया है और केवल पार्को, उद्यानों का निर्माण किया है जिसकेे आधा दर्जन मंत्री घृणित कर्मों की वजह से जेल में बंद हैं। वहीं आज विधान सभा चुनाव के ठीक तीन माह शेष रहते हुए मुख्यमंत्री प्रदेश के बंटवारे की बात करती हैं जिसे भाजपा एक चुनावी स्टंट मानती है जो कि वोट बैंक को हथियाने का द्योतक है। जल्दीबाजी में बिना गंभीरता से लिया गया निर्णय है। भाजपा सरकार जब विपक्ष में थी तो हमने उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ को अलग प्रदेश्ज्ञ बनाने का वादा किया था जो हमने सत्ता में आने पर प्रमुखता से किया था।
राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि जनता ही लोकतंत्र को मजबूत करती है और देश चलाने के लिए नेता चुनती है। लेकिन जब कोई देश को कमजोर करने का प्रयास करे तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जा सकता है। कांगे्रस सरकार पूरी तरह अत्याचार पर उतारू है। इसमें चाहे बाबा रामदेब पर लाठी चलाने का मामला हो, अन्ना हजारे को जेल में डालने का मामला हो, भ्रष्टाचार या महंगाई का मामला हो उन सभी सवालों पर देश की जनता सरकार से सवाल पूंछ रही है।
100_1034रामपुर की इस जनसभा में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कलराज मिश्र, श्रीमती करूणा शुक्ला, पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और यात्रा प्रभारी, श्री अन्नंत कुमार, राष्ट्रीय महामंत्री एवं मुख्य प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद, यात्रा सहप्रभारी एवं सचिव मुरलीधर राव, श्याम जाजू, राष्ट्रीय सचिव संतोष गंगवार, प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेन्द्र सिरोही, प्रदेश महामंत्री नरेन्द्र सिंह, डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय, पूर्व सांसद राजेन्द्र शर्मा, जिलाध्यक्ष सुभाष भट्नागर, विधायक कांशीराम, पूर्व विधायक ज्वालाप्रसाद गंगवार, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश मिश्र, सूर्य प्रकाश पाल, राजीव मांगलिक, मेजर सुनील द्विवेदी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्रीराम पाल, हरीश द्विवेदी  सहित प्रदेश और जिले के अनेक पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। सभा का संचालन भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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