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आवश्यक वस्तुओं पर अतिरिक्त कर लगाने की घोर निन्दा

Posted on 20 February 2010 by admin

भारतीय जनता पार्टी ने आवश्यक वस्तुओं पर लगभग 500 करोड़ रूपये के नये कराधान को महंगाई बढ़ाऊ, आमजन विरोधी व संवैधानिक दृष्टि से घोर वित्तीय अनुशासनहीनता करार दिया है। प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवक्ता हृदयनारायण दीक्षित ने आज शनिवार को आम आदमी के इस्तेमाल में आने वाली वस्तुओं, दवाओं, वनस्पति घी, साइकिल आदि पर अतिरिक्त कर लगाने की घोर निन्दा की और कहा कि महंगाई के लिए केन्द्र को फजÊ तौर पर कोसने वाली बसपा ने उत्तर प्रदेश की जनता को महंगाई की आग में झोंकने का काम किया है। बसपा ने महंगाई की आग मेें पेट्रोल डाला है और आम आदमी को इसी आग में झोंक दिया है।

 श्री दीक्षित ने कहा कि संवैधानिक दृष्टि से कराधान के ये प्रस्ताव बजट सत्र में लाने चाहिए थो। सरकार ने बजटीय प्राविधानों में लगभग 500 करोड़ के ये कराधान प्रस्ताव आखिरकार क्यों छुपायेर्षोर्षो विधानसभा के बजट सत्र के सत्रावसान के ठीक तीसरे दिन कराधान के प्रस्ताव का ऐसा दूसरा उदाहरण भारत के संसदीय इतिहास में नहीं मिलता। सभी कराधान विधायी सिफारिश से ही आते हैं। लेकिन सरकार ने बेईमानी की। अब महामहिम राज्यपाल को चाहिए कि सरकार के इस कदाचरण पर हस्तक्षेप करें। यह मसला संविधान और संसदीय परम्परा के अपमान से जुड़ा हुआ है। सरकार बताए कि सत्र के दौरान ही करारोपण प्राविधान के प्रस्ताव सदन से पारित कराने में कठिनाई क्या थीर्षोर्षो यह राज्य की जनता के साथ धोखाधड़ी है। भाजपा सरकार कदाचरण के इस मामले को आम जनता के बीच ले जाएगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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प्रशासन और पत्रकारों के बीच समन्वय

Posted on 20 February 2010 by admin

pic-121प्रशासन और पत्रकारों के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से परम्परा और तहजीब के शहर लखनऊ में उ0प्र0 जिला मान्यताप्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के प्रतिनिधि मण्डल ने नवआगन्तुक जिलाधिकारी अनिल सागर को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।
प्रतिनिधि मण्डल की जिलाधिकारी से हुई वार्ता में पत्रकारों की समस्याओं पर चर्चा हुई जिसको जिलाधिकारी ने प्राथमिकता के आधार पर हल करने का अश्वासन दिया। उक्त प्रतिनिधि मण्डल में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल वहीद, चेयरमैन अजीज सिद्दीकी, संरक्षक पंचमलाल वर्मा, महामन्त्री अजय वर्मा, जिलाध्यक्ष डीपी शुक्ला, प्रवक्ता संजय कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष मुश्ताक बेग, छायाकारों में मो. अतहर रजा, आशू सिद्दीकी, अमित वर्मा, जेपी वर्मा, अनूप वर्मा आदि सम्मिलित रहे।

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सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की बैठक

Posted on 20 February 2010 by admin

smajwadi-party-20-2-2010समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कांग्रेस, भाजपा और बसपा पिछड़ों की विरोधी है। समाजवादी पार्टी शासन में पिछड़ों को जो सुविधाएं दी थीं, उन्हें मायावती सरकार ने छीन लिया है। पिछड़ों की ताकत को कमजोर करने का प्रयास हो रहा है। पिछड़ा वर्ग अपने हितों के लिए अप्रैल,2010 में विराट रैली करेगा और आगामी विधान सभा चुनावों में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाएगा क्योंकि पिछड़ें वर्गो का सम्मान श्री मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी में ही सुरक्षित है। यह विचार आज यहां समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की बैठक में, व्यक्त किए गए। वक्ताओं ने बसपा राज में पिछड़ों के उत्पीड़न की शिकायतें करते हुए बताया कि आबादी का साठ प्रतिशत होने के बावजूद पिछड़े वर्ग की उपेक्षा हो रही है। 25 लाख के ठेकों में अनु0जाति/जनजाति के आरक्षण के सापेक्ष पिछड़ों को आरक्षण नहीं दिया गया है। उन्हें शासन-प्रशासन में हाशिए पर रखा जा रहा है। श्री मुलायम सिंह यादव की सरकार ने तमाम सुविधाएं दी थी, उन्हें भी छीन लिया गया है। पिछड़ों के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी ने सामाजिक न्याय दिलाने के लिए पिछड़ों के हक में बराबर संघर्ष किया है। वह पिछड़ों को अवसर दिए जाने की पक्षधर है। पिछड़ों का भविष्य श्री मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में ही सुरक्षित है। बैठक में सरकारी अन्याय के विरूद्व आन्दोलन तेज करने, समाज के नेताओं द्वारा संघन दौरा करके जन जागरण पैदा करने तथा अप्रैल,2010 की विराट रैली को सफल बनाने के बारे में चर्चा की गई। बैठक में कहा गया कि समाजवादी पार्टी में पिछड़ों को समुचित एवं सानुपातिक प्रतिनिधित्व मिला है। राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय महासचिव पद पर कुशवाहा एवं निषाद समाज को सम्मान दिया गया। पिछड़ों को अत: किसी बहकावे में न आकर एकजुट होकर श्री मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी को पूरी ताकत देनी चाहिए। समाजवादी पार्टी में ही पिछड़ों का भविष्य सुरक्षित है। यह पिछड़े समाज की परीक्षा की घड़ी है, इसमें खरा उतरना होगा। बैठक की अध्यक्षता सॉसद श्री राम नारायण साहू की, इसमें प्रदेश प्रवक्ता श्री राजेन्द्र चौधरी अतिरिक्त सचिव श्री एस0आर0एस0यादव समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष चौ0 लालता प्रसाद निषाद,,पूर्व विधायक श्री ताराचन्द्र सोलंकी, श्री जगदीश कुशवाहा, पूर्व सॉसद, श्री जयगोपाल सोनी, श्री जगन्नाथ यादव,एडवोकेट, श्री योगेन्द्र चौहान,श्री अनिल राजभर, श्री नानकदीन भुर्जी,श्रीमती जानकी पाल, श्रीमती मंजूरानी मौर्य,डा0 रामगोविन्द प्रजापति, श्री तुलसीराम चौरसिया,श्री राकेश प्रजापति, डा0 आर0डी0 गोस्वामी,श्री अफजल अंसारी, श्री निवास जोगी,श्री जगत नारायण मौर्य श्री सुरेशराम चौरसिया, श्री रवीन्द्र यादव, डा0 रामदुलार राजभर, श्री सहजराम चौहान, श्री सुन्दरलाल चौहान तथा श्री अमित पाल की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास के सम्बन्ध आयोजित कार्यशाला में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भाग नहीं ले रहे हैं

Posted on 20 February 2010 by admin

उत्तर प्रदेश शासन के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि कतिपय समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित की गई है कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास के सम्बन्ध में भारत सरकार के ग्राम्य विकास विभाग द्वारा झांसी में 20 फरवरी, 2010 को आयोजित कार्यशाला में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भाग नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि खबर में केन्द्रीय ग्राम्य विकास राज्य मन्त्री श्री प्रदीप जैन के हवाले से कहा गया है कि प्रदेश के मुख्य सचिव अपने व्यस्त कार्यक्रम के कारण कार्यशाला में भाग नहीं ले पा रहे हैं तथा राज्य सरकार के प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास आज लखनऊ में आयोजित पुष्प प्रदर्शनी के कारण कार्यशाला में भाग नहीं ले पा रहे हैं।

 इस सम्बन्ध में प्रवक्ता ने राज्य सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उक्त कार्यशाला के लिए मुख्य सचिव को न तो लिखित रूप में और न ही मौखिक रूप से आमन्त्रित किया गया है। अत: मुख्य सचिव द्वारा कार्यशाला में प्रतिभाग करना सम्भव नहीं था। उन्होंने कहा कि जहां तक प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास के कार्यशाला में भाग न लेने का प्रश्न है, इस सम्बन्ध में केन्द्र सरकार को पहले ही जानकारी दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग का भी कार्य प्रमुख सचिव के रूप में देख रहे हैं और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्यपाल के अनुमोदन से प्रति वर्ष की भान्ति इस वर्ष भी 20 व 21 फरवरी को प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है।

 प्रवक्ता ने कहा कि प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी की व्यवस्था और महामहिम की गरिमामयी उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास को इस आयोजन में रहना अत्यन्त आवश्यक था। उन्होंने कहा कि 10 फरवरी को ही केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मन्त्रालय को उक्त वर्कशाप के आयोजन की जानकारी दे दी गई थी और इसके साथ ही  तत्काल ही भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम से अवगत कराते हुए अनुरोध किया गया था कि वर्कशाप को किसी भी अन्य तिथि को आयोजित किया जाय, ताकि प्रमुख सचिव भी कार्यशाला में भाग ले सकें।

 प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मन्त्रालय की ओर से राज्य सरकार के उक्त अनुरोध को स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास के प्रतिनिधि के रूप में शासन से ग्राम्य विकास आयुक्त, श्री संजीव कुमार तथा विशेष सचिव श्री बी0एल0 अग्रवाल को कार्यशाला में भाग लेने के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस आयोजन को पूर्ण सफल बनाने और भारत सरकार का पूर्ण सहयोग प्राप्त करने के लिए सभी व्यवस्थायें समय से सुनिश्चित की हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा इस आयोजन के सम्बन्ध में केन्द्र सरकार के उच्चाधिकारियों से समय-समय पर वार्ता भी होती रही है। 

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के समस्त कार्यों को इस वित्तीय वर्ष के अन्त तक पूरा करने के निर्देश

Posted on 19 February 2010 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने डॉ0 अम्बेडकर गांवों मेंं विद्युतीकरण, सोडियम लाइट तथा स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के कार्यों को पूरा करने और आवासीय तथा एवं कृषि भूमि पट्टा का शत-प्रतिशत वितरण किये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने डा0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के समस्त कार्यों को इस वित्तीय वर्ष के अन्त तक पूरा करने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने सम्पर्क मार्गों सी0सी0रोड, के0सी0 डेªन, डामरीकरण, खण्डजा एवं नाली निर्माण के कार्यों में पूरी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा है कि इन कार्यों का सत्यापन शासन स्तर से टीम भेज कर कराया जाएगा और इसमें किसी तरह की शिकायत पाये जाने पर सम्बन्धित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जायेगी। उन्होंने कहा है कि अगले 20-25 वषोZं में ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित की जाने वाली अवस्थापना सुविधाओं के अनुरक्षण के लिए एक सुव्यवस्थित ढ़ांचा खड़ा करने के लिए कारगर नीति बनायी जानी चाहिए।

मुख्यमन्त्री ने होली के त्योहार के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सघन अभियान चलाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मिलावटी दुग्ध पदार्थ, घी, खोया आदि बेचने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। उन्होंने मिलावटी खाद्य पदार्थों की सूचना देने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन मुख्यालय पर कन्ट्रोल रूम स्थापित करने की हिदायत दी। उन्होंने कन्ट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही किये जाने के निर्देश भी दिये। मुख्यमन्त्री ने यह निर्देश आज उस समय दिये, जब प्रदेश के सभी विभागों के प्रमुख सचिवों, सचिवों व मण्डलायुक्तों की समीक्षा बैठक के निष्कषोZं से कैबिनेट सचिव श्री शंशाक शेखर सिंह, मुख्य सचिव श्री अतुल कुमार गुप्ता तथा अपर कैबिनेट सचिव श्री विजय शंकर पाण्डेय एवं श्री नेत राम ने उन्हें अवगत कराया।

सुश्री मायावती ने कहा कि विकास कार्यों को समय से पूरा किया जाना चाहिए, इसमें किसी तरह की बहानेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विकास कार्य जमीन पर दिखना चाहिए। उन्होंने बकायों की वसूली के लिए अभियान चलाने के भी निर्देश दिये तथा मान्यवर श्री कांसीराम जी शहरी आवास योजना के तहत निर्मित आवासों के आवंटन के लिए पात्रों का चयन तथा इस साल बनने वाले आवासों के लिए भूमि की व्यवस्था सम्बन्धी सभी प्रक्रियाएं पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत नये बनने वाले आवासों का निर्माण अप्रैल से शुरू हो जाना चाहिए।

मुख्यमन्त्री ने तहसील दिवस में प्राप्त जनसमस्याओं का निस्तारण गुणवत्तापरक ढंग से करने तथा थाना दिवस के दिन सभी विभागों के अधिकारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिये। उन्होंने राजस्व विभाग के अधीन लिम्बत वादों पर असन्तोष व्यक्त करते हुए राजस्व वादों का निस्तारण अधिकतम एक वर्ष में सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने चकबन्दी में लिम्बत मुकदमों को अभियान चलाकर निस्तारित करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में चकबन्दी की प्रक्रिया चल रही है, उनका मार्च के प्रथम सप्ताह तक परीक्षण कर लिया जाये तथा धारा-52 के प्रकाशन आदि से सम्बन्धित विवादों का समग्रता से परीक्षण कर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को भागदौड़ न करना पड़े।

सुश्री मायावती ने प्रदेश के तराई क्षेत्रों में अनुसूचित जाति/जनजाति तथा गरीबों को दिये गये पट्टों पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने नरेगा योजना के तहत उपलब्ध धनराशि का उपयोग 31 मार्च तक करने के निर्देश दिये। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप से पेयजल की आपूर्ति सम्बन्धी योजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिये तथा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वस्थ्य बीमा योजना के तहत कार्ड बनाने का कार्य तेजी से पूरा करने के लिए कहा है ताकि गरीब लोगों को इलाज की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सके। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 24 घण्टें पैथालॉजी जांच एवं विभिन्न गम्भीर बीमारियों में आपरेशन आदि की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सर्जन एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति अनिर्वाय रूप से बनाये रखने के निर्देश दिये।

मुख्यमन्त्री ने सरकारी विभागों के ठेकों में अनुसूचित जाति/जनजाति के आरक्षण को प्रभावी ढंग से क्रियािन्वत करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने विद्युत बकायों की वसूली की गति तेज करने के साथ ही बड़े बकायेदारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत की आपूर्ति में सुधार लाने के लिए 150 विद्युत केन्द्रों तथा उपकेन्द्रों के निर्माण/उच्चीकरण के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा पानी उपलब्ध कराने के लिए नलकूपों का ऊर्जीकरण तथा प्राथमिक स्कूलों का विद्युतीकरण कार्य प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सरकार ने आगामी दो वषोZं में किसानों की आय दुगनी करने का निर्णय लिया है, इसको दृष्टिगत रखते हुए किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की आपूर्ति के लिए आवश्यक प्रबन्ध तथा निजी खाद विक्रेताओं पर नज़र रखने एवं अगले साल के लिए डी0ए0पी0 आदि का पूर्व भण्डारण, रैक आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

सुश्री मायावती ने वनाधिकार अधिनियम का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन जनपदों में पट्टा वितरण का कार्य नहीं हुआ है, वहां पट्टा वितरण कार्य में तेजी लायी जाये तथा किसी भी वैध पट्टा धारक का पट्टा निरस्त न किया जाए। उन्होंने वृक्षारोपण के लिए भूमि की पर्याप्त व्यवस्था के लिए लैण्ड बैंक बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में स्थिति असेवित मलिन बस्तियों में स्कूल खोलने के लिए भूमि की व्यवस्था तथा सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मद्द योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें किसी स्तर पर शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने हाईस्कूल तथा इण्टर की बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन बनाने तथा शान्तिपूर्वक संचालित करने के लिए इसकी जिम्मेदारी जिलाधिकारियों एवं मण्डलायुक्तों को सौंपी।

मुख्यमन्त्री ने गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल की समस्या के समाधान के लिए अभी से आवश्यक प्रबन्ध करने के निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल आपूर्ति के लिए संचालित योजनाओं को शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने खराब हैण्डपम्पों, टयूब वेल आदि की मरम्मत एवं रिबोरिंग का कार्य प्राथमिकता पर पूरा किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने महोबा शहर में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए संचालित योजनाओं को आगामी गर्मी के मौसम से पहले पूरा करने की हिदायत दी, ताकि लोगों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े। सर्वजन हिताय शहरी गरीब मकान (स्लम एरिया) मालिकाना हक योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा पात्रों को इस योजना का लाभ दिया जाए। उन्होंने वाणिज्य कर विभाग द्वारा संचालित ईट-भट्टा समाधान योजना को लागू करने के लिए मण्डलायुक्तों को सहयोग देने के निर्देश दिये। उन्होंने समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधीन संचालित छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति आदि योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ देने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रदेश के तराई क्षेत्रों में रहने वाले अल्पसंख्यकों के शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए संचालित योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियािन्वत करने की हिदायत दी।
सुश्री मायावती ने समय-समय पर उनके (मुख्यमन्त्री) द्वारा की गई घोषणाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तथा शिलान्यास कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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सरकार भ्रष्टाचार, घपलों और घोटालों का नित्य नया रिकार्ड बना रही है

Posted on 19 February 2010 by admin

उत्तर प्रदेश में सुश्री मायावती के नेतृत्व में चल रही सरकार भ्रष्टाचार, घपलों और घोटालों का नित्य नया रिकार्ड बना रही है। केन्द्र सरकार द्वारा केन्द्रीय जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए जो भी धन दिया जा रहा है वह या तो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है अथवा खर्च ही नहीं हो पा रहा है। मनरेगा, विधवा/वृद्धावस्था/विकलांग पेंशन, जननी सुरक्षा योजना, बीपीएल/अन्त्योदय कार्ड/पर्यावरण संरक्षण/ राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, इन्दिरा आवास इत्यादि योजनाओं में प्रदेश सरकार द्वारा संरक्षित भ्रष्टाचार से आम आदमी परेशान है और उसे इन योजनाओं का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. रीता बहुगुणा जोशी के निर्देश पर नरेगा टास्क फोर्स के लखनऊ मण्डल के प्रभारी श्री अवध बिहारी लाल के नेतृत्व में एक टीम जिसमें श्री जितेन्द्र प्रसाद, श्री गोविन्दानन्द एवं श्री महेन्द्र प्रताप शामिल हैं, ने लखीमपुर-खीरी जिले के 19 ग्रामसभाओं के लगभग 150गांवों एवं मजरों में केन्द्रीय योजनाओं के विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। भौतिक सत्यापन के दौरान भ्रष्टाचार, घपले एवं घोटालों के कई प्रकरण सामने आये। जिन विकासखण्डों और गावों में भौतिक सत्यापन किया गया, वह इस प्रकार है।

1.    विकासखण्ड बेहजम की ग्रामसभा नीमगावं व उसके मजरे एवं ग्रामसभा अटवा व उसके मजरे। ग्रामसभा भूपतिपुर व उसके मजरे। ग्राम मिर्जापुर सुनौरा व उसके मजरे। ग्रामसभा लोहरी व उसके मजरे।
2.    विकास खण्ड मितौली की ग्रामसभा अमेठी व उसके मजरे।
3.    विकासखण्ड कुम्भी की ग्रामसभा सिकन्दराबाद व उसके मजरे।
4.    विकासखण्ड विजुआ की ग्रामसभा सहसपुर व उसके मजरे।
5.    विकासखण्ड नकहा की ग्रामसभा अशोकापुर व उसके मजरे। ग्रामसभा जगसड़ व उसके मजरे।
6.    विकासखण्ड लखीमपुर की ग्रामसभा रामापुर व उसके सभी मजरे। ग्रामसभा मीरपुर व उसके मजरे।
7.    विकासखण्ड रपिया बेहड़ की ग्रामसभा अभयपुर व उसके मजरे।
8.    विकासखण्ड धैरहरा की ग्रामसभा खरवहिया व उसके मजरे।
9.    विकासखण्ड ईसानगर की ग्रामसभा विरसिंहपुर व उसके मजरे। ग्रामसभा मणेशपुर व उसके सभी मजरे। ग्रामसभा सरैयाकला व उसके मजरे। ग्राम सभा ईसानगर व उसके मजरे।
10.    विकासखण्ड फूलबेहड़ का इिन्दरा नेशनल मनोरंजन पार्क व मझारा फार्म।

खण्ड विकास अधिकारी/पंचायत सचिव/ग्रामसभा प्रधानों द्वारा कराये जा चुके 2005 से 2009 तक सम्पूर्ण विकास कार्यों का शोसल आडिट द्वारा भौतिक सत्यापन करने के साथ बीडीओग्राफी द्वारा 19सीडी तैयार की गई तथा गरीब जनता द्वारा नोटरी किये गये सैंकड़ों शपथ पत्र एवं नरेगा जाबकार्ड, बैंक खाता, पासबुकें भी उपलब्ध की गईं। 19घंटे की सीडी हमारे पास उपलब्ध है जिनके मुख्य अंशों की 27मिनट की बनवाकर उपलब्ध कराई जा रही है। इस 27मिनट की सीडी में निम्नलिखित प्रकरण शामिल हैं, जिनमें घोटाले, घपले एवं भारी अनियमितताएं उजागर होती हैं।

1.    एस.ओ. थाना ईसानगर का बीपीएल कार्ड/खाद्यान्न घोटाला पर बयान।
2.    ब्लाक ईसानगर के ग्रामसभा विरसिंहपुर में खाद्यान्न रजिस्टर व खाद्यान्न घोटाले पर कल्लू का बयान।
3.    ईसानगर ग्रामसभा में खाद्यान्न घोटाले पर उल्ला उसमानी पुत्र रसूल अहमद का बयान।
4.    ईसानगर के पंचायत सचिव श्री चिरौजी लाल का खाद्यान्न घोटाल पर बयान।
5.    ग्रामसभा खरवहिया ब्लाक धौरहरा व ब्लाक बिजुआ के रसूलपनाह में मो0 इस्माइल एवं गरीब जनता की खाद्यान्न घोटाला पर बयान।
6.    ग्राम विरसिंहपुर ब्लाक ईसानगर में इिन्दरा आवास घोटाले पर कल्लू व शकीला बेवा, फिदा हुसैन का बयान।
7.    ग्रामसभा जगसड़ में इिन्दरा आवास घोटाले में रामकली प्रधानपति राम सिंह द्वारा ग्रामीण गरीब जनता से प्रत्येक से 8000रूपये रिश्वत लेने का बयान। सूरज प्रसाद पुत्र शम्भू चमार एवं अन्य ग्रामीण सैंकड़ों दलितों द्वारा।
8.    ग्राम जगसड़ में किसोरी लाल व पूर्व प्रधान तथा सैंकड़ों जनता द्वारा प्रत्येक से 8हजार रूपये वसूल करके जिलाधिकारी तक पहुंचाने का बयान।
9.    प्राथमिक विद्यालय शिवपुर ब्लाक ईसानगर में मिड डे मील, शौचालयों में ताला लगाने व वजीफा घोटाला तथा फीस वसूली पर छात्राओं का बयान।
10.    इिन्दरा राष्ट्रीय उद्यान/मनोरंजन पार्क घोटाला/वृक्षारोपण घोटाले पर अनूप गुप्ता कर्मचारी का आर.सी.झा, डीएफओ की सांठगांठ का बयान।
11.    ब्लाक फूलबेहड़ मझारा फार्म में खम्भारखेड़ा शुगर फैक्ट्री के जहरीले पानी से मछली एवं मवेशी व भैंसे मरने से लाखों रूपयों के हुए सरकारी नुकसान पर निदेशक का बयान।
12.    नरेगा घोटाले पर वीरसिंहपुर में कल्लू तथा जनता द्वारा व शिवपुर ब्लाक ईसानगर में पंचायत सचिव श्री चिरौजी लाल व सैंकड़ों ग्रामीण जनता का बयान। भूपतिपुर में सुभाष अवस्थी का बयान।
13.    जगसद ग्रामसभा किसोरीलाल व ग्रामीणों द्वारा बयान नरेगा घोटाले पर।
14ण्    ग्रामसभा रामापुर में बांकेलाल पुत्र सुन्दरलाल पासी व ग्रामीणों द्वारा कौशल किशान व हनीनफल प्रधान के विरूद्ध नरेगा घोटाला पर बयान।
15.    मीरपुर ग्रामसभा खनन घोटाले पर उत्तम राम प्रधान व प्रेम का बयान।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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एचडीएफसी बैंक- बेस्ट प्राइवेट बैंकिंग सर्विसेज ओवर ऑल का दर्जा

Posted on 19 February 2010 by admin

एचडीएफसी बैंक, भारत के अग्रणी बैंकों में से एक को, यूरोमनी के वाषिZक “ग्लोबल प्राइवेट बैंकिंग एण्ड वेल्थ मैनेजमेंट पोल- 2010 में `बेस्ट प्राइवेट बैंकिंग सर्विसेज ओवर ऑल“ का दर्जा दिया गया। किये गये सर्वेक्षण में एचडीएफसी बैंक का चयन लगातार दूसरे वर्ष में `बेस्ट लोकल बैंक इन इण्डिया` के रुप में भी किया गया। यूरोमनी के अनुसार, `बेस्ट प्राइवेट बैंकिंग सर्विसेज` के लिये एचडीएफसी बैंक का चयन यह दर्शाता है कि बैंक विभिन्न प्रकार की अस्तियों से सम्बंधित सलाह एवं पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा क्षेत्र में अग्रणी है। प्रदान की गई श्रेणी का आधार गुणवत्ता एवं परिणाम के आधार पर प्रदान की गई सेवायें एवं बैंकों के द्वारा उपलब्ध कराये गये आंकड़े हैंं। इस सर्वेक्षण में प्रतिद्विन्दयों के मतों एवं प्रतिद्वन्दी के विषय में धारणा को भी महत्व प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि पर अपने विचार व्यक्त करते हुये श्री अभय आईमा, ग्रुप हेड, इिक्वटिज, प्राइवेट बैंकिंग, थर्डपार्टी प्रोडक्टस, एनआरआई एवं इंटरनेशनल कंज्यूमर बिजनेस ने कहा कि, “इस प्रकार का अवार्ड प्राप्त होना हमारे लिये गौरव का विषय है। एचडीएफसी बैंक में हम सभी, बाजार में मौजूदा चुनौतियों को भली भान्ति समझते हैं और हमारा दृढ़ विश्वास है कि बाजार की बढ़ती हुई आवश्यकताओं एव ंअपेक्षाओं को पूरा करने के लिये हमारी नितियां सही हैं और हम अपने ग्राहकों से साझेदारी कर पारस्परिक विकास कर सकते हैं। भारत में प्राइवेट बैंकिंग समग्र विकास की दिशा में अग्रसर है और हमें टायर 2 एवं टायर 3 जैसे शहरों में भी विकास के लक्षण परिलक्षित हो रहे हैं।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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बैक ऑफ बड़ौदा सार्वजनिक क्षेत्र का एक अंग्रणी बैंक

Posted on 19 February 2010 by admin

बैक ऑफ बड़ौदा सार्वजनिक क्षेत्र का एक अंग्रणी बैंक है, भारत में इसकी 1000 से अधिक और 25 से अधिक देशों में 78 से अधिक शाखाएं वर्तमान में कार्यरत है, उल्लेखनीय है कि बैंक ऑफ बड़ौदा की स्थापना सन् 1908 में बड़ौदा में सरर सयाजी राय गायकबाड़ तृतीय द्वारा की गई थी, तब से आज तक यह बैंक जनता की सेवा में निरन्तर कार्यरत ही नही है बल्कि नित नई-नई सेवाएं,प्रोडक्ट अर्पित करता रहा है, बैंक ऑफ बड़ौदा अपनी स्थापना से लेकर आजतक निरन्तर लाभ अर्जित करता रहा है। इसी श्रृंखला में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा उत्तर प्रदेश की जनता के लिए आज से पूरे प्रदेश में एक साथ कमिशZयल टैक्स के ओनलाइन भुगतान क सुविधा को प्रमुख सचिव देश दीपक वर्मा तथा व्यापार कर आयुक्त चन्द्रभानु ने शुरू किया। इस सेवा का उद्देश्य बताते हुये वक्ताअों ने कहा कि प्रदेश के व्यापारियों और व्यापार से जुड़ी जनता को तत्काल कामिशZयल टैक्स का ऑन लाईन सुविधा मिलने से व्यापार की गति में इजाफा होगा। बैंक प्रतिनिधियों ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा की 3000 से अधिक शाखाओं के माध्यम से आयकर एक्ससाईज सर्विस टैक्स, सेलटैक्स, वैट तथा अन्य सभी करों के भुगतान की सुविधा आन लाईन प्रदान की गई हैं बैंक के महाप्रबंधक सुभाश सी आहूजा, उपमहाप्रबंधक एन.के. जैन, मुख्यजनसम्पर्क के.एन. दूबे ने सभी का आभार व्यक्त किया।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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आचार्य नरेन्द्र देव जी की पुण्यतिथि पर आयोजित सभा

Posted on 19 February 2010 by admin

a3माक्र्स से प्रभावित होते हुये भी आचार्य नरेन्द्र देव ने गॉधी जी के नेतृत्व में स्वतत्रता संग्राम में बढ़चढ कर भाग लिया था। उनकी बौद्धिक प्रखरता के सभी कायल थे। बौद्ध दशZन के वे अधिकारी विद्धान थे। उन्हें 14 भाशाओं का ज्ञान था। भारत में समाजवादी आन्दोलन के संस्थापकों में उनका नाम ‘ाीशZ पर है। वे अजात‘ात्रु थे। सत्ता से निस्पृह उनका व्यक्तित्व परमश्रद्धेय हैं।´´ ये उद्गार समाजवादी पार्टी मुख्यालय 19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ में आचार्य जी की पुण्यतिथि पर आयोजित सभा में समाजवादी पार्टी के राश्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व रक्षा मन्त्री श्री मुलायम सिंह यादव ने व्यक्त किए।

श्री यादव ने कहा कि आचार्य जी ने कभी सिद्धान्तों से समझौता नहीं किया। कोंग्रेस से जब समाजवादियों ने अलग होकर सोशलिश्ट पार्टी बनाई तो आचार्य जी ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि वे कागं्रे्रस से चुने गए थे। उन्हें ब्रिटिश राज के दिनों में उत्तर प्रदेश का प्रथम प्रधानमन्त्री बनाने का भी प्रस्ताव था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था। समाजवादी आन्दोलन उनके दिशा निर्देशन में ही आगे बढ़ा। उपकुलपति के रूप में उन्होंने छात्रों, शिक्षकों का समानभाव से सम्मान प्राप्त किया था। समाजवादी पार्टी उनसे प्रेरणा लेकर ही सामाजिक परिवर्तन और व्यवस्था परिवर्तन के काम में लगी है। समाजवादी आन्दोलन को सशक्त बनाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धान्जलि होगी। c1

पूर्व रक्षा मन्त्री ने समाजवादी आन्दोलन के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 21-22 अक्टूबर, 1934 को बंबई में आयोजित सम्मेलन में कांग्रेस सोशलिश्ट पार्टी की स्थापना की गई थी। इससे पूर्व 17 मई,  1934 को पटना में हुई बैठक में कांग्रेस के अन्दर ही सोशलिश्ट पार्टी की स्थापना का निर्णय लिया गया था। बैठक में आचार्य नरेन्द्र देव के अलावा सर्व श्री जयप्रकाश नारायण, यूसुफ मेहर अली, मीनू मसानी, कमला देवी चट्टोपाध्याय, डा0 राम मनोहर लोहिया, सम्पूर्णानन्द, अच्युत पटवर्धन, अशोक मेहता, रामनन्दन मिश्र, शिवनाथ बैनर्जी, फरीदुल हक अंसारी, आदि उपस्थित थे।

आचार्य जी को इस अवसर पर श्री भगवती सिंह, संासद, श्री रामनरायण साहू, सांसद, ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश प्रवक्ता श्री राजेन्द्र चौधरी ने किया। सभा में सर्वश्री राजकिशोर मिश्रा, (प्रदेश कोशाध्यक्ष), एस0आर0एस0 यादव(सचिव) , अशोक यादव जिलाध्यक्ष, सुशील दीक्षित नगर अध्यक्ष, ‘ाारदा प्रताप ‘ाुक्ला, पूर्व विधायक, सुनील यादव, प्रदेश अध्यक्ष छात्रसभा, विजय सिंह, डा0 मधु गुप्ता, अशोक देव, परमानन्द यादव, मो0 हनीफ, मो0 ‘ााहिद, हाफिज उस्मान, अनिल यादव, प्रेमप्रकाश वर्मा, नानकदीन भुर्जी, राजकुमार राजा, ताराचन्द्र यादव,  डा0 अखिलेश पटेल के अतिरिक्त श्रीमती लता बंसल, श्रीमती विद्या यादव, श्रीमती चन्द्रा रावत, श्रीमती मुन्नी पाल, आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय है।
(राजेन्द्र चौधरी)
प्रदेश प्रवक्ता
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही

Posted on 18 February 2010 by admin

उत्तर प्रदेश सरकार ने विगत दिनों सुल्तानपुर में पुलिस द्वारा महिला की पिटाई, इलाहाबाद में पुलिस अभिरक्षा में अभियुक्त की मृत्यु, वाराणसी की जहरीली शराब घटना और कानपुर के नीलम शुक्ला प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुए तथा कड़े कदम उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की है। उग्र प्रदर्शन करने, तोड़-फोड़, मार-पीट एवं अन्य अवैधानिक गतिविधियों में लिप्त पाये जाने पर सम्बंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
दिल्ली की मुख्यमन्त्री श्रीमती शीला दीक्षित व मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमन्त्री श्री दिग्विजय सिंह के बरेली भ्रमण के दौरान जिला प्रशासन द्वारा दरगाह मैनेजमेंट कमेटी से समन्वय कर भीड़ को सूझबूझ के साथ नियन्त्रित करते हुए समस्त कार्यक्रम शान्तिपूर्वक सम्पन्न कराये गये, जिसके फलस्वरुप इन महानुभावों के कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की शान्ति व्यवस्था की कोई समस्या नहीं आयी। सभी कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद दिल्ली की मुख्यमन्त्री श्रीमती शीला दीक्षित व मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमन्त्री श्री दिग्विजय सिंह ने बरेली में प्रेस कांफ्रेस में स्थानीय पुलिस/प्रशासन द्वारा की गई सुरक्षा व्यवस्था के बारे में कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की और न ही किसी भी प्रकार की प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था की किसी कमी के बारे में उनके द्वारा स्थानीय अधिकारियों का ध्यान आकषिZत किया गया।

यह जानकारी एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहॉ दी। उन्होने कहा कि मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने कानून द्वारा कानून का राज स्थापित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मुख्यमन्त्री इस सम्बंध में हमेशा से सख्त रहीं है। कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और न ही किसी को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार है। जो भी व्यक्ति कानून तोड़ेगा या कानून अपने हाथ में लेगा, उसके साथ सख्त से सख्त कार्यवाही करने के निर्देश मुख्यमन्त्री ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना के घटित होने पर उसका तुरन्त संज्ञान लेकर प्रभावी कार्यवाही करने के भी मुख्यमन्त्री ने कड़े निर्देश दिये हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमन्त्री जी के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी द्वारा की गई गलत कार्यवाही को कभी भी उचित ठहरानें का कोई प्रयास न किया जाय तथा गलत कार्यवाही करनेे के दोषी अधिकारियों/कर्मियों के विरुद्ध तुरन्त प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। उन्होंने कहा कि मुख्यमन्त्री द्वारा पुलिस अधिकारियों/कर्मियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे कानून के दायरे में रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि जैसी वर्तमान सरकार द्वारा फौरी तौर पर कार्यवाही करने की व्यवस्था की गई है, वैसी त्वरित कार्यवाही पहले कभी नहीं हुई है।

सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने जनपद सुल्तानपुर के थाना मुसाफिरखाना में तैनात प्रभारी निरीक्षक कैलाश नाथ द्विवेदी द्वारा एक हत्या काण्ड में लिप्त आरोपी महिला श्रीमती संगीता को मारनें, पीटने की घटना को गम्भीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी को सेवा से बखाZस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि कल 17 फरवरी को थाना मुसाफिरखाना में श्री दीपक कुमार उर्फ दीपू पुत्र श्री गिरधारी की हत्या के सम्बन्ध में एक मुकदमा अपराध संख्या 201/2010 अन्तर्गत धारा 302 आई0पी0सी0 बनाम मृतक की पत्नी श्रीमती संगीता पुत्री जोखू निवासी-बिकना थाना धम्मौर जनपद सुल्तानपुर के विरुद्ध पंजीकृत किया गया था। इसके अन्तर्गत थाना प्रभारी निरीक्षक कैलाश नाथ द्विवेदी द्वारा नामजद अभियुक्ता श्रीमती संगीता को गिरतार कर थाने पर लाया गया, जिसने पूछताछ के दौरान अपने पति की साड़ी से गला दबाकर हत्या करना स्वीकार किया।

सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि घूरपुर इलाहाबाद में पुलिस अभिरक्षा में आरोपी की मृत्यु होने पर घटना के लिए जिम्मेदार थानाध्यक्ष घूरपुर श्री विनोद कुमार दुबे तथा आरक्षी हरिप्रकाश राय तथा अनिल कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से सेवा से बखाZस्त कर दिया गया है। उन्होने कहा कि इस घटना में उदासीनता बरतनें के कारण गत 15 फरवरी को थानाध्यक्ष घूरपुर विनोद कुमार दुबे तथा आठ अन्य पुलिसकर्मी क्रमश: उपनिरीक्षक विवेकानन्द तिवारी, आरक्षीगण अनिल सिंह, सुरेन्द्र दुबे, हरि प्रकाश राय, देवेन्द्र सिंह, हरेन्द्र नाथ सिंह, शैलेन्द्र बहादुर सिंह तथा अशोक कुमार यादव को निलिम्बत कर दिया गया था। अब विनोद कुमार दुबे प्रभारी निरीक्षक, आरक्षीगण हरि प्रकाश राय तथा अनिल कुमार सिंह को बखाZस्त कर दिया गया है। इस घटना की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी गई है।

सरकारी प्रवक्ता ने यह भी बताया कि गत 14 फरवरी 2010 को जनपद इलाहाबाद के थाना घूरपुर क्षेत्र में गोहनिया स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान पर कुछ युवकों ने पुलिस पार्टी पर फायर करते हुए भागने का प्रयास किया। इस दौरान आरक्षी कमलेश पाण्डे को गोली लग गई थी। मौके पर पुलिस द्वारा घेराबन्दी करके 4 अभियुक्ता- संजय निषाद पुत्र राम अभिलाष, मुकेश निषाद पुत्र दुखी लाल, देवानन्द गोस्वामी पुत्र लल्लू तथा अशोक कुमार निषाद पुत्र किशोरी लाल को 4 तमंचा तथा भारी मात्रा में कारतूस के साथ गिरतार किया गया था एक बदमाश महेश निषाद भागने में सफल रहा।

इस घटना के बारे में थाना घूरपुर पर मुकदमा अपराध संख्या 26/10, धारा-307 आई0पी0सी0 तथा मुकदमा अपराध संख्या 27,28,29 एवं 30/2010 के अन्तर्गत धारा 25 आम्र्स एक्ट पंजीकृत किया गया। पकड़े गये चारों अभियुक्तों में से 15 फरवरी 2010 को 2 अभियुक्त अशोक कुमार निषाद पुत्र किशोरी लाल तथा संजय निषाद पुत्र राम अभिलाष की पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु हो गई थी। वादी जितेन्द्र कुमार निषाद पुत्र घुस्सू लाल निषाद द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली इलाहाबाद में मुकदमा अपराध संख्या- निल/2010 धारा 302,323, 506 आई0पी0सी0 थानाध्यक्ष घूरपुर विनोद कुमार दुबे एवं ड्यूटी पर मौजूद सभी उपनिरीक्षक एवं पुलिसकर्मी के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि 17 फरवरी को वाराणसी में जहरीली शराब पीने से कुछ लोगों की मृत्यु की घटना को गम्भीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने घटना की मजिस्टीरियल जांच के आदेश दिये है। यह जांच एडीएम सदर वाराणसी द्वारा की जायेगी। इसके साथ ही जहरीली शराब के कारोबार के सम्बंध में लापरवाही और उदासीनता बरतनें तथा प्रभावी कार्यवाही न करने के आरोप में प्रभारी चौकी लालपुर थाना कैण्ट उपनिरीक्षक राम नारायण एवं आरक्षी अनिल कुमार पाण्डे व कृपाशंकर राय को तत्काल प्रभाव से निलिम्बत कर दिया है। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों के अलावा आबकारी विभाग के निरीक्षक राजेश सिंह, प्रधान आबकारी सिपाही देव प्रकाश सिंह तथा 2 आबकारी सिपाही शिवप्रकाश राणा और शशिकान्त सिंह को भी निलिम्बत कर दिया गया है। इसके अलावा जिला आबकारी अधिकारी वाराणसी सुनील कुमार मिश्रा के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरु कर दी गई है।

ज्ञातव्य है कि गत 17 फरवरी 2010 को थाना कैण्ट क्षेत्र में 80 वषीZय कमला देवी की बीमारी से मृत्यु हो गई थी। इनके दाह संस्कार करने के उपरान्त लोगों ने भोजन किया तथा शराब पी, जिसके बाद से कुछ लोगों की हालत बिगडने लगी। इनमे से 3 लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई तथा 15 लोग बीमार हो गये। इन बीमार लोगों को अस्पताल ले जाया गया, इनमें से इलाज के दौरान 3 लोगों की अस्पताल में मृत्यु हो गई। इस घटना के सम्बन्ध में थाना कैंट जनपद वाराणसी पर मुकदमा संख्या- 83/2010 धारा 328/272/304/120बी आई0पी0सी0 बनाम 6 अभियुक्तों के विरुद्ध पंजीकृत किया गया था। इनमें से दो अभियुक्त राजकुमार तथा अम्बो देवी को गिरतार कर लिया गया था।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार ने कानपुर नगर के थाना कल्याणपुर में नीलम शुक्ला द्वारा की गई आत्महत्या को गम्भीरता से लेते हुए इसकी जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी है।

उल्लेखनीय है कि 19 दिसम्बर, 2009 को वादी श्री नन्द किशोर शुक्ला द्वारा थाना कल्याणपुर पर सूचना दी गई कि उनकी पुत्री कु0 नीलम, उम्र लगभग 17 वर्ष को रामू कठेरिया, इरशाद तथा सचिन गुप्ता मारुति वैन से आकर बहला-फुसलाकर दिनांक 18 दिसम्बर, 2009 को सायंकाल  20.00 बजे मारुति वैन में बैठाकर ले गये हैं। इस सम्बन्ध में थाना कल्याणपुर, जनपद कानपुर में मुकदमा अपराध संख्या-1680/09 धारा 363/366 आई0पी0सी0 बनाम उपरोक्त तीन अभियुक्त पंजीकृत किया गया। अभियोग पंजीकृत होने के उपरान्त कु0 नीलम के परिजनों द्वारा थाने को सूचित किया गया कि इसी दिन सायं उनकी पुत्री कु0 नीलम वापस आ गई है और बेहोशी की हालत में है, जिसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, कल्याणपुर और बाद में उर्सला अस्पताल, कानपुर में चिकित्सकीय परीक्षण हेतु ले जाया गया। चिकित्सकीय परीक्षण में कु0नीलम के शरीर एवं गुप्तांग पर कोई चोट नहीं पाई गई तथा बलात्कार की भी पुष्टि नहीं हुई।

अपर नगर मजिस्ट्रेट, कानपुर नगर श्री सुरेन्द्र कुमार शर्मा तथा क्षेत्राधिकारी नजीराबाद श्रीमती निहारिका शर्मा द्वारा कु0 नीलम से विस्तृत रूप से अकेले में पूछताछ की गई जिसमें कु0 नीलम द्वारा अपने साथ ज़ोर-जबरदस्ती से इनकार किया गया। 23 दिसम्बर, 2009 को नीलम का न्यायालय में धारा-164 सी0आर0पी0सी0 का बयान दर्ज किया गया, जिसमें  नीलम द्वारा उसके साथ दवा पिलाना तथा बेहोशी की हालत में गलत काम करना बताया गया। धारा-164 के बयान के आधार पर अभियोग में धारा-376 एवं 328 आई0पी0सी0 की बढ़ोत्तरी की गई और दिनांक 24 दिसम्बर, 2009 को नामजद अभियुक्तों में से रामू कठेरिया तथा इरशाद को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेजा गया। परिजनों के अनुरोध पर नीलम के चिकित्सकीय परीक्षण हेतु मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। 7 जनवरी, 2010 को मेडिकल बोर्ड ने परीक्षण कर पूर्व मेडिकल रिपोर्ट का समर्थन किया।

कु0 नीलम के पिता श्री नन्द किशोर शुक्ला द्वारा 30 जनवरी, 2010 को नीलम द्वारा मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या किये जाने की सूचना चौकी रावतपुर को दी गई। पुलिस के मौके पर पहुंचने तक कु0 नीलम की मृत्यु हो गई। उसके पिता ने आत्महत्या का कोई तात्कालिक कारण होना नहीं बताया। केवल यह बताया कि कु0 नीलम अपने पिता से घर छोड़कर अन्यत्र रहने के लिए कहती थी तथा यह भी कहती थी कि अभियुक्तगण दबंग हैं, जेल से छूटने के बाद उसके पिता को तथा उसके भाई को मार सकते हैं। लेकिन इस बारे में कु0 नीलम के पिता ने कु0 नीलम की आत्महत्या से पहले स्थानीय पुलिस को या पुलिस के अधिकारियों को कभी कुछ नहीं बताया। कु0 नीलम द्वारा आत्महत्या कर लेने के बाद अभियोग में धारा-306 आई0पी0सी0 की बढ़ोत्तरी की गई।

अभियुक्तगण रामू कठेरिया तथा इरशाद गिरफ्तारी के बाद से लगातार जेल में हैं। अभियुक्त सचिन गुप्ता की गिरफ्तारी काफी प्रयास के बाद भी अभी तक नहीं हो सकी है। इसके विरुद्ध न्यायालय से धारा-82/83 सी0आर0पी0सी0 का आदेश न्यायालय से प्राप्त कर विधिवत् कुकीZ की कार्यवाही की जा चुकी है। सचिन गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए 09 फरवरी, 2010 को पॉच हजार रुपये का नगद पुरस्कार भी घोषित किया गया है। अभियोग की विवेचना 12 फरवरी, 2010 को सी0बी0 सी0आई0डी0 को सौंपी जा चुकी है। इस मामले में पुलिस द्वारा तत्परता से पूरी कार्यवाही की गई है।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि दिल्ली की मुख्यमन्त्री श्रीमती शीला दीक्षित, तथा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य मन्त्री श्री दिग्विजय सिंह के बरेली भ्रमण के दौरान इन्हें राज्य सरकार द्वारा राज्य अतिथि भी घोषित किया गया था। इसके साथ ही दिल्ली की मुख्य मन्त्री को अनुमन्य ज़ेड श्रेणी की सुरक्षा तथा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य मन्त्री, को अनुमन्य जे़ड स्पेशल श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने के भी निर्देश निर्गत किये गये थे।

प्रवक्ता ने बताया कि जिला प्रशासन बरेली द्वारा राज्य सरकार द्वारा निर्गत निर्देशों के क्रम में दोनों ही महानुभावों को निर्धारित मानक के अनुरूप पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करायी गई थी। उनके निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप रूट ड्यूटी तथा गन्तव्य स्थल आला हजरत दरगाह पर भी आवश्यक सुरक्षा प्रबन्ध किये गये थे। इन दोनों महानुभावों का आला हजरत दरगाह में चादर चढ़ाने का कार्यक्रम था। उन दिनों दरगाह में तीन दिवस का उर्स का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें लाखों की भीड़ होती है। जिस दिन इन दोनों महानुभावों का दरगाह पर भ्रमण कार्यक्रम था, वह उर्स का आखिरी दिन था और उस दिन दरगाह पर सर्वाधिक भीड़ थी। दरगाह तक आने-जाने का एक ही पैदल संकरा मार्ग है और उसका नियन्त्रण दरगाह कमेटी द्वारा किया जाता है। दोनों ही महानुभावों को लगभग 50-60 मीटर पैदल चलना पड़ा। जिला प्रशासन द्वारा सूझबूझ के साथ भीड़ को नियन्त्रित करते हुए समुचित व्यवस्था करके दोनों ही महानुभावगण को उनके समस्त सहयोगियों के साथ दरगाह पर चादर चढ़ाने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी गई।

मुख्यमन्त्री श्रीमती शीला दीक्षित द्वारा इच्छा व्यक्त करने पर दरगाह के सज्जादा नशीन श्री सुब्हान रजा खॉ उर्फ सुभानी मियॉ से उनके आवास पर श्रीमती दीक्षित की भेंट भी करायी गई, जहॉ पर वह करीब 15-20 मिनट तक रहीं। श्रीमती दीक्षित सज्जादा नशीन श्री सुब्हान रजा खॉ उर्फ सुभानी मियॉ से उनके आवास पर मिलने स्वयं अपनी इच्छा से गईं थीं। दरगाह के प्रति श्रद्धा व सम्मान के कारण श्री दिग्विजय सिंह चादर लेकर दरगाह के रास्ते नंगे पैर पैदल चल रहे थे, जिससे उनके पैर की एड़ी थोड़ी छिल गई थी। चादरपोशी के उपरान्त लीट के पास पहुंचकर जब इस बारे में उनके द्वारा बताया गया तो लीट में चल रही एम्बुलेंस के चिकित्सक द्वारा उनका उपचार किया गया।

सभी कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद दोनों ही महानुभावों द्वारा पे्रस कान्फे्रंस भी की गई। पे्रस कान्फे्रंस में स्थानीय पुलिस/प्रशासन द्वारा की गई सुरक्षा व्यवस्था के सम्बंध में कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गई और न ही किसी प्रकार की प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था की किसी कमी के बारे में उनके द्वारा स्थानीय अधिकारियों का ध्यान आकषिZत किया गया। जिला प्रशासन द्वारा दरगाह मैनेजमेन्ट कमेटी से समन्वय करके तथा भीड़ को सूझबूझ के साथ नियन्त्रित करते हुए इन महानुभावों के समस्त कार्यक्रम शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराये गय तथा कार्यक्रम में किसी प्रकार की शान्ति-व्यवस्था की समस्या नहीं हुई।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर लखनऊ में निर्धारित धरना स्थल पर दिनांक 16 फरवरी 2010 धरना प्रदर्शन कार्यक्रम की सूचना लखनऊ जिला प्रशासन को दी गई थी। कार्यक्रम के दौरान श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी द्वारा अपने उद्बोधन में दोपहर करीब 02.00 बजे यह कहा गया कि मुख्य मन्त्री जी से 11 व्यक्तियों के प्रतिनिधि मण्डल के साथ मिलने का समय मांगा गया था, किन्तु उनके (मुख्यमन्त्री) द्वारा समय नहीं दिया गया, इसलिए वह स्वयं उनसे मिलने उनके आवास पर जा रही हैं।

श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी द्वारा धरना स्थल पर उपस्थित लोगों का भी आह्वान किया गया कि वे लोग उनके पीछे-पीछे आ जायें। उनके इस आह्वान पर धरना स्थल की भीड़ श्रीमती जोशी के नेतृत्व में मुख्य मन्त्री आवास के लिए चल पड़ी, जिसे मौके पर उपस्थित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बैरियर लगाकर रोका गया एवं उनसे वहीं पर ज्ञापन देने का अनुरोध किया गया। किन्तु इसकी अनसुनी कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा बैरियर गिरा दिया गया और पुलिस से धक्का-मुक्की व पथराव करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता आगे बढ़ गये, इन्हें रोकने का हर सम्भव प्रयास किया गया। फायर बिग्रेड की गाड़ी से पानी की बौछार भी की गई किन्तु कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं रुके। इसके विपरीत प्रदर्शनकारी पुलिस को धक्का देते हुए और पुलिस वदीZ के स्टार व बिल्ले नोंचते हुए आगे बढ़ने लगे जिसे हल्का बल प्रयोग कर रोका गया।

परिवहन मुख्यालय के पास दोपहर 02.20 बजे डा0 रीता बहुगुणा जोशी सहित 132 कार्यकर्ताओं को धारा-151 सी0आर0पी0सी0 में गिरफ्तार कर पुलिस लाइन्स, लखनऊ भेजा गया। जहां से नगर मजिस्ट्रेट, लखनऊ द्वारा उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। इन गिरफ्तार कार्यकर्ताओं में सुश्री प्रभा ठाकुर, सांसद राज्यसभा भी सम्मिलित थीं। इस घटनाक्रम के उपरान्त श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी अन्य कार्यकर्ताओं के साथ अपने वाहनों से विधान भवन के सामने पहुंच कर सड़क पर धरने पर बैठ गईं। वहां उपस्थित पुलिस अधिकारियों व मजिस्ट्रेट द्वारा यह अवगत कराया गया कि विधान भवन परिसर व आसपास के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आन्दोलनात्मक गतिविधियां प्रतिबन्धित हैं। इस कार्यक्रम हेतु उन्होंने कोई अनुमति भी नहीं प्राप्त की है, अत: वह अपना धरना समाप्त कर दें। बार-बार समझाने व अनुरोध करने पर भी प्रदर्शनकारी नहीं माने और पुलिस बल के साथ अभद्र एवं आक्रामक व्यवहार करते हुए धक्का-मुक्की करने लगे। काफी समझाने-बुझाने के बाद भी जब इन लोगों ने कार्यक्रम समाप्त नहीं किया तो आवश्यक बल प्रयोग कर विधान भवन के सामने से इन्हें हटाया गया और इनकी गिरफ्तारी के भी प्रयास किये गये। पुन: यह लोग वापस आकर सड़क पर बैठ गये।
डा0 रीता बहुगुणा जोशी सहित 86 कार्यकर्ताओं को विधान भवन के सामने से गिरतार कर पुलिस लाइन्स, लखनऊ ले जाया गया और बाद में सभी को मजिस्ट्रेट द्वारा रिहा कर दिया गया। गिरतार व्यक्तियों में दो सांसद तथा नौ विधायक भी थे। इसके अतिरिक्त माल एवेन्यू स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से निकल कर कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ता लोकायुक्त कार्यालय के निकट श्री जे0डी0 सीलम, सांसद राज्यसभा के नेतृत्व में पहुंचकर सड़क पर एकत्र होकर नारे लगाने लगे। इस स्थल पर भी सांसद सहित 24 कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन्स लखनऊ ले जाया गया और बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।

प्रदर्शनकारियों द्वारा शहीद स्मारक पर की गई तोड़-फोड़, सड़क अवरुद्ध करने, पुलिसकर्मियों के की वदीZ नोंचने व पत्थर फेंकने आदि की घटना के सम्बन्ध में थाना वजीरगंज में मुकदमा अपराध संख्या-85/10 अन्तर्गत धारा-147/332/353/ 341/ 188/336 आईपीसी का अभियोग श्रीमती मीरा सिंह, प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ, श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, श्री राज बहादुर सिंह तथा लगभग 500 अन्य कार्यकर्ता, नाम पता अज्ञात पंजीकृत किया गया है, जिसकी विवेचना प्रचलित है। इन घटनाक्रम के तथ्यों से यह स्पष्ट है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में जब धरना प्रदर्शन उग्र हो गया और इनके द्वारा कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश की गई तो ऐसी दशा में स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा अपरिहार्य परिस्थितियों में अत्यधिक संयम एवं धैर्य से कार्यवाही करते हुए शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु न्यूनतम एवं आवश्यक बल प्रयोग किया गया है।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार ने शादी-ब्याह में फायरिंग की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े निर्देश दियें है। इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए अधिकारियों से कहा गया हैं। उन्होने बताया कि जो लोग शादी-ब्याह में फायरिंग करते पाये जायेंगे। उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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