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चीनी वर्ष 2009-10 के लिए प्रदेश में कार्यरत गुड़/खाण्डसारी इकाईयों हेतु मण्डी शुल्क समाधान योजना लागू करने का निर्णय

Posted on 07 May 2010 by admin

लखनऊ  -  उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मन्त्रिपरिषद की बैठक में चीनी वर्ष 2009-10 हेतु प्रदेश में कार्यरत गुड़/खाण्डसारी इकाईयों के लिए मण्डी शुल्क समाधान योजना लागू करने का निर्णय लिया गया।

मन्त्रिपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार गत् चीनी वर्ष 2008-09 में गुड़/खाण्डसारी समाधान योजना के अधीन प्रत्येक आकारवार क्रेशर के लिए निर्धारित एक मुश्त धनराशि में 15 प्रतिशत की वृद्धि करके चीनी वर्ष 2009-10 के लिए गुड/खाण्डसारी क्रेशर इकाईयों हेतु मण्डी शुल्क समाधान योजना निम्न तालिका के अनुसार लागू होगी। इस प्रस्तावित 15 प्रतिशत वृद्धि से मण्डी शुल्क तथा विकास सेस में वृद्धि होगी तथा मण्डी परिषद को कोई आर्थिक क्षति नहीं पहुंचेगी।

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मन्त्रिपरिषद द्वारा लिये गये इस निर्णय के परिणाम स्वरूप खाण्डसारी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही किसानों को उनकी उपज का प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य प्राप्त होगा तथा रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मण्डी अधिनियम 1964 की धारा-17(3)(ख) के प्राविधानों के अन्तगर्त अधिसूचित कृषि उत्पाद के क्रय-विक्रय पर उसके मूल्य के 2 प्रतिशत की दर से मण्डी शुल्क एवं 0.5 प्रतिशत की दर से विकास शुल्क वसूल किया जाता है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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15 राज्य राजमार्गों का उच्चीकरण/अनुरक्षण सार्वजनिक-निजी-सहभागिता से होगा

Posted on 07 May 2010 by admin

लखनऊ - उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की अध्यक्षता में आज यहॉ सम्पन्न मन्त्रिपरिषद की बैठक में 15 राज्य राजमार्गो का सार्वजनिक-निजी-सहभागिता से उच्चीकरण/अनुरक्षण कराये जाने हेतु निजी विकासकर्ता के चयन के लिए प्रारिम्भक सैद्धान्तिक अनुमोदन प्रदान किया गया।

मन्त्रिपरिषद द्वारा इन मार्गो का लोक निर्माण विभाग से उ0प्र0 राज्य राजमार्ग प्राधिकरण को इस शर्त के साथ नि:शुल्क हस्तान्तरण किये जाने का भी निर्णय लिया गया कि मार्गों को निजी विकासकर्ता को हस्तान्तरित किये जाने तक, इनका अनुरक्षण पूर्ववत् लोक निर्माण विभाग द्वारा ही कराया जाता रहेगा।

मन्त्रिपरिषद द्वारा यह भी फैसला लिया गया कि इन मार्गो पर यूटिलिटी शििफ्टंग, टोल प्लाजा, जन सुविधाओं जैसे आबादी भाग में अतिरिक्त सर्विस लेन, नाली, बस शेल्टर, शौचालय इत्यादि के निर्माण एवं बाईपासेज के निर्माण एवं सड़क को चौड़ा करने हेतु आवश्यक भूमि अधिग्रहण एवं मार्ग के उच्चीकरण में आने वाले वृक्षों के कटान एवं पुर्नवृक्षारोपण पर होने वाले व्यय का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा। इसके अलावा योजना आयोग भारत सरकार द्वारा अनुमन्य लागत के 20 प्रतिशत तक की वायबिलिटी गैप फण्डिंग से अधिक धनराशि की वायबिलिटी गैप फण्डिंग का वहन राज्य सरकार द्वारा किये जाने का भी निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही वन विभाग के परामर्श के आलोक में परियोजना के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

कंसेशनेयर के चयन हेतु योजना आयोग, भारत सरकार द्वारा निर्धारित रिक्वेस्ट फार क्वालिफिकेशन (आर0एफ0क्यू0), रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आर0एफ0पी0) एवं मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट (एम0सी0ए0) के प्रारूपों
को अंगीकृत किये जाने का भी निर्णय लिया गया।

सार्वजनिक-निजी-सहभागिता से उच्चीकरण/अनुरक्षण कराये जाने के लिए राजमार्गो में बरेली-अल्मोड़ा-बागेश्वर
मार्ग, सुल्तानपुर-आजमगढ़-बलिया मार्ग, वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग, टाण्डा-जौनपुर मिर्जापुर-दुद्धी मार्ग, बदायूं
बिल्सी इस्लामनगर-बहजोई- सम्भल-हसनपुर-गजरौला मार्ग, दिल्ली-सहारनपुर-यमुनोत्री मार्ग, पलिया-शाहजहॉपुर- हरदोई-लखनऊ मार्ग, उतरौला-मनकापुर-नवाबगंज मार्ग, मेरठ-करनाल मार्ग, गोरखपुर महराजगंज मार्ग, बस्ती, मेंहदावल, तमकुही मार्ग, मुरादाबाद-चन्दौसी-बदायूं मार्ग, फरेन्दा-नौगढ़-जरवल मार्ग, गढ़-मेरठ-बागपत-सोनीपत मार्ग तथा बुलन्दशहर-स्याना-गढ़ मार्ग सम्मलित है।

ज्ञातव्य है कि प्रदेश के विकास में मार्गो की महत्वपूर्ण भूमिका के दृष्टिगत एवं वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण प्रदेश में महत्वपूर्ण राज्य एवं अन्य मार्गो का निर्माण/उच्चीकरण/अनुरक्षण सार्वजनिक-निजी-सहभागिता से कराया जाना आवश्यक है। इस हेतु उ0प्र0 राज्य राजमार्ग प्राधिकरण का गठन किया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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कांग्रेस यात्रा,व्यापक जनसमर्थन से उत्साहपूर्वक भ्रमण रही हैं - मदान

Posted on 07 May 2010 by admin

लखनऊ - कांग्रेस पार्टी के 125वें वर्ष में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी द्वारा पूरे प्रदेश में चलायी जा रही कांग्रेस यात्राएं सम्बन्धित जिलों की विधानसभावार एवं ब्लाकवार जनजागरण कर जनसभाओं, नुक्कड़
सभाओं और नरेगा की चौपालें, सूचना का अधिकार कानून, शिक्षा का अधिकार आदि केन्द्र सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा कांग्रेस पार्टी के गौरवशाली इतिहास एवं उपलब्धियों का
व्यापक प्रचार-प्रसार कर आम जनता के मिल रहे व्यापक जनसमर्थन से उत्साहपूर्वक भ्रमण रही हैं।

उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वीरेन्द्र मदान ने बताया कि जनपद सीतापुर से शुरू हुई यात्रा आज हरदोई के सवाइजपुर विधानसभा क्षेत्र में जनसभा हुई। यात्रा आज शाहाबाद से शुरू होकर सवाइजपुर पहुंची। पिपरिया मे, कूढ़ी में जनसभा का आयोजन किया गया। यात्रा में मुख्य रूप से राष्ट्रीय सचिव श्री अब्दुल मन्नान के अलावा विधायक श्री श्यामकिशोर शुक्ल, जिलाध्यक्ष श्री अजय सिंह, श्री अमरनाथ मिश्रा, श्री रंजन दीक्षित, श्री ब्रजकिशोर दीक्षित, श्री साबिर अली, श्री रमेश मिश्रा, श्री राजपाल सिंह सहित सैंकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।

इसी प्रकार बान्दा में आज यात्रा प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष-पूर्व मन्त्री श्री रणजीत सिंह जूदेव के नेतृत्व में बान्दा विधानसभा क्षेत्र से शुरू होकर बबेरू, कमासिन, ओरन, विसण्डा होकर बान्दा वापस पहुंची। यात्रा में मुख्य रूप से
प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन- विधायक श्री विवेक कुमार सिंह, श्री भानु सहाय, श्री रमेश मौर्य, जिलाध्यक्ष श्री साकेत बिहारी मिश्र सहित तमाम वरिष्ठ कांग्रेसजन मौजूद रहे। बबेरू में एवं विसण्डा में विशाल जनसभा का भी आयोजन किया गया।

इसी क्रम में सहारनपुर से प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में शुरू हुई, लौंमलकपुर से शुरू होकर चौबली, ओधापुर, जगाश से होते हुए लुथरी,लोहदा, धिकाना होते हुए बड़ौत पहुंची। यात्रा का स्थान-स्थान पर
स्थानीय जनों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया।

श्री मदान ने बताया कि इसी प्रकार जनपद गोण्डा में श्री राम जियावन यादव के नेतृत्व में यात्रा तरबगंज से यात्रा शुरू होकर दुर्जनपुर घाट, नवाबगंज, टिकरी,मनकापुर विधानसभा पहुंची। जहां रामलीला मैदान में एक जनसभा का आयोजन किया गया। यात्रा में मुख्य रूप से श्री राम जियावन यादव के अलावा जिलाध्यक्ष श्री विजय कृष्ण
पाण्डेय, मण्डलीय प्रवक्ता श्री पंकज श्रीवास्तव आदि तमाम वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं सहित सैंकड़ों स्थानीय जन मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री राहुल गांधी जी द्वारा दिनांक 14अप्रैल को बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती पर अम्बेडकरनगर से झण्डी दिखाकर रवाना किये जाने के उपरान्त विभिन्न तिथियों में शुरू होने वाली दस कांग्रेस यात्राएं अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर रही हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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महाविद्यालयों की सम्बद्धता प्रस्तावों पर 12 मई तक निर्णय लिये जायें - उच्च शिक्षा मन्त्री

Posted on 07 May 2010 by admin

41 लो जी0इ0आर0 वाले जिलों में महाविद्यालय खोलने हेतु भूमि चिन्हित करने के निर्देश

नये शैक्षिक सत्र के पहले विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त 524 पदों को भरा जाये

उच्च शिक्षा विभाग की विकास प्राथमिकता एवं प्रशासनिक कार्यो की समीक्षा बैठक सम्पन्न

लखनऊ - उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मन्त्री डॉ0 राकेशधर त्रिपाठी ने शासन में महाविद्यालयों से सम्बद्धता के लिये प्राप्त 600 प्रस्तावों पर आगामी 12 मई, 2010 तक निर्णय करने के निर्देश दिये हैं। प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय के लिए उन्होंने व्यवस्था की कि सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रस्तावों का परीक्षण निर्धारित चेक लिस्ट के अनुसार ही करें

उच्च शिक्षा मन्त्री डॉ0 राकेशधर त्रिपाठी आज यहॉं सचिवालय भवन में उच्च शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में 41 लो जी0इ0आर0 (न्यूनतम प्रवेश नामांकन दर) वाले जनपदों में राज्य सरकार महाविद्यालय खोलकर जी0इ0आर0 दर को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लो जी0इ0आर0 जनपदों में महाविद्यालय खोले जाने हेतु भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश उच्च शिक्षा विभाग को दिये। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत द्वितीय एवं तृतीय किस्त की धनराशि निर्गत किये जाने हेतु बिना
विलम्ब निर्णय ले लिया जाये।

डॉ0 त्रिपाठी ने कहा कि लखनऊ एवं गोरखपुर विश्वविद्यालय सहित राज्य के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त 524 पदों को अगले शैक्षणिक सत्र के शुरू होने के पहले भरा जाना आवश्यक है ताकि छात्रों को अधिकतम हित साधा जा सके। उन्होंने कहा कि सभी कुल सचिवों पर जिम्मेदारी है कि वे अगले शैक्षणिक सत्र के शुरू होने के पूर्व व्यक्तिगत प्रयास करके विशेषज्ञों का पैनल प्राप्त करें और चयन प्रक्रिया पूर्ण करके रिक्त पदों बैठक में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के उन्नयन पर गम्भीर विचार करते हुए उच्च शिक्षा मन्त्री ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद से विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों के मूल्यांकन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण किये जाने की अपेक्षा की। उन्होंने राजकीय महाविद्यालयों के निर्माण से सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं को तकनीकी समिति के निर्णयानुसार पुनरीक्षित आगणनों का परीक्षण किसी आई0आई0टी0 से 15 दिन के अन्दर कराने के निर्देश देते हुए कहा कि भवनों का निर्माण जल्दी से जल्दी पूरा कराया जाये ताकि जुलाई में जब नया सत्र शुरू हो तो उस समय छात्रों को भवन उपलब्ध हो सके।

बैठक में सचिव उच्च शिक्षा श्री अनिल सन्त, विशेष सचिव उच्च शिक्षा श्रीमती अनिता मिश्रा, श्री विमल किशोर गुप्ता और श्री हरेन्द्र वीर सिंह, सभी उच्च शिक्षा अधिकारी, सभी कुल सचिव, निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि और शासन के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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गेहूं क्रय के सम्बंध में जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनश्चित किया जाय

Posted on 07 May 2010 by admin

खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन

लखनऊ - खाद्य एव रसद विभाग किसानों और गरीब जनता से जुड़ा विभाग है। इसके अधिकारियों को जिम्मेदारी को
भलीभान्ति समझना आवश्यक है। इस वर्ष अब तक लगभग 9.50 लाख टन गेहूं क्रय किया गया है, जो वर्ष 2009-10 में क्रय किये गये गेहूं से बहुत कम है। यह स्थिति अत्यन्त चिन्ताजनक है। धन एवं बोरों की कोई कमी नहीं है। फिर भी प्रतिदिन के निर्धारित लक्ष्य को पूरा न किया जाना अत्यन्त आपत्तिजनक है। उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद मन्त्री श्री राम प्रसाद चौधरी ने यह उद्गार आज यहां पी0सी0एफ0 के सभागार में विभागीय बैठक के दौरान व्यक्त किये।

उन्होंने कहा कि गेहूं क्रय के सम्बंध में जारी किये जा रहे दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद में जो भी मण्डल लापरवाही बरत रहे हैं उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाय। उन्होंने कहा कि अनावश्यक विभागीय कार्रवाईयां न की जायें तथा रिट याचिकाओं में अनावश्यक कंटेम्प्ट से भी बचा जाय।

बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद डा0 जैकब थामस ने कहा कि शासन एवं विभागीय स्तर पर जारी समस्त दिशा-निर्देशों को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाता है। कहीं भी किसी जिले या गांव में इन्टरनेट के माध्यम से इसकी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि डिलीवरी, बिलिंग और भुगतान की स्थिति में सुधार लाया जाय। उन्होंने कहा कि गेहूं बकाया का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जाय।

बैठक में एजेन्सीवार गेहूं की डिलीवरी, बिलिंग और भुगतान की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि 15 मई
तक प्रतिदिन का निर्धारित लक्ष्य 88000 टन है। अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि इस लक्ष्य को हरहाल में पूरा किया जाय।

आयुक्त खाद्य एवं रसद श्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदशीZ बनाने के लिए

बी0पी0एल0/अन्त्योदय एवं ए0पी0एल0श्रेणी के राशन कार्डो का डाटा डिजिटाइजेशन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 8662223 राशन कार्डो का डाटा डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि वितरण प्रणाली को और पारदर्शी बनाने के लिए एस0एम0एस0 की नि:शुल्क व्यवस्था शुरू की गई है। एस0एम0एस0 के माध्यम से किस गांव में कितना गेहूं, चावल, मिट्टी तेल आदि भेजा गया है तथा किस कोटेदार ने कितना उठान किया है, इसकी सूचना गांव के लोगों को होगी।उन्होंने बताया कि गोदाम के लिए होलसेलर से जिस डेट में उठान होगा उसकी सूचना डी0एस0ओ0 आफिस में आ जायेगी और वे डाटा फीड करके उपभोक्ताओं को एस0एम0एस0 से जानकारी देंगे।

श्री अग्रवाल ने बताया कि फीड की गई सूचना में हर एक कोटेदार एवं पंचायत का नाम होगा। गेहूं, चावल, चीनी
इत्यादि की मात्रा, उठान की तारीख आदि का उल्लेख होगा। यदि कोई दाल (पीली) आदि का उठान करता है तो  उसकी भी सूचना भेजी जायेगी। यदि कोटेदार महीने में दो बार खाद्यान्न उठाता है तो दो बार एस0एम0एस0 भेजा जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उठान पर कम से कम 10 एस0एम0एस0 होने चाहिए तथा ज्यादा, जितने भी हो सकें,
किये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि गांव में जब भी कोई कोटेदार निलिम्बत होगा तो उसका तत्काल सम्बद्धीकरण
किया जाना चाहिए, ताकि उपभोक्ता को यह पता रहे कि उसको राशन कहां से मिलेगा।

बैठक में संयुक्त आयुक्त श्री विनोद राय एवं समस्त वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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लक्ष्य की पूर्ति के लिए अभी से प्रयास किया जाये - बाबूसिंह कुशवाहा

Posted on 07 May 2010 by admin

लखनऊ - वर्ष 2010-11 के लिए खनिज विभाग का 838.97 करोड़ रूपये लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए अभी से प्रयास किये जाये, यह निर्देश श्री बाबूसिंह कुशवाहा ने खनिज भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में देते हुए कहा कि सभी जनपदों का माहवार लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। यदि किसी माह में कोई जनपद लक्ष्य नहीं पूरा करता है तो अगले माह उसे बैकलॉग भी पूरा करना होगा।

श्री कुशवाहा ने निर्देंश दिये कि 1200 रिक्त खनन क्षेत्रों का शीघ्र पट्टा किया जाये। उन्होंने कहा कि अवैध खनन/परिवहन में सुधार हुआ हैं अभी और सुधार की आवश्यकता है। अप्रैल माह में खराब प्रगति के लिए जनपद झांसी, बुलन्दशहर एवं गाजियाबाद के अधिकारियों को श्री कुशवाहा ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगले माह
बैकलाग के साथ लक्ष्य पूरा करें। 250 मामलों में शीघ्र प्रति शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देंश देते हुए खनन मन्त्री ने कहा कि इसमें लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी।

समीक्षा बैठक में पाया गया कि अप्रैल माह में विभाग ने 4774 लाख रूपये का राजस्व प्राप्त किया। अवैध खनन के मामलों में 397 छापे डालकर 68.43 लाख रूपये शुल्क वसूला गया।

बैठक में विभागीय सचिव श्री एस0के0वर्मा, विशेष सचिव श्री अनवारूल लखनऊ हक एवं निदेशक खनिज श्री रामबोर्ध मौर्य उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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पुलिस की छापे मारी में रंगरेलियॉ़ मनाते पकड़े गये कई जोड़े

Posted on 07 May 2010 by admin

होटलों व पार्क में हुई धर -पकड़

सुलतानपुर - गुण्डागर्दी एवं ऐययाशी के खिलाफ चला रहे मुहिम  सी0 ओ0 सिटी रवीन्द्र  कुमार सिंह के नेतृत्व में कई होटलों एवं पर्यावरण पार्क में डाले गये छापे में तीन महिलाएं व पांच युवक सन्दिग्ध अवस्था में पकड़े गये।छापे के दौरान बस स्टैशन के बगल स्थित मोहनी गेस्ट हाउस में दो महिलांए व एक युवक को पकड़ लिया गया।जिसे कोतवाली नगर में लाया गया। पुलिस मकहमे से सी0ओ0सिटी रवीन्द्र  कुमार सिंह व नगर कोतवाल श्री वीरेन्द्र सिंह ,सीताकुण्ड चौकी प्रभारी दिनेश कुमार तिवारी ,महिला थानाध्यक्ष पूनम अवस्थी आदि अनेक पुलिस मौजूद रहे।

इन पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में नगर के वृन्दावन होटल ,क्षीर सागर , पुश्पांजलि, सीताकुण्ड स्थित पर्यावरण पार्क में छापे डाले गये ।जिसमें सन्दिग्ध अवस्था में कई जोड़े पकड़े गये। जिसमें ज्ञानती देवी निवासी कुमारगंज फैजाबाद ,राजेश शुक्ला कुमारगंज शुकुलपुरवा , सरिता ,राहुल कुमार निवासी  भांई, राकेश (सभी नाम काल्पनिक) धरे गये।

उपरोक्त पकड़े गये युवको से पूछताछ करने पर इन सभी लोगो ने बताया कि हम यहां घूमने के लिए आए हुए हैं।एक ने अपने को डायरेक्टर बताते हुए फिल्म कम्पोज कराने का कारण बताया। तो किसी ने ट्रेन लेट होने से समय बिताने का कारण बताया । पुलिस के इस छापे से निजी होटल मालिकों के पसीने छूट गये। खबर लिखे जाने तक कार्यवाही के बारे कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई। नगर के पर्यावरण पार्क घूमने की जगह के बजाय अययासी का अड्डा बनता नज़र आ

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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शुकुल बाजार के पंचायत चुनाव में थानाध्यक्ष का अहम किरदार

Posted on 07 May 2010 by admin

मुस्लिम थानाध्यक्ष की तैनाती के लिए मुहिम तेज

सुलतानपुर- जनपद के सीमावर्ती विकास खण्ड बाजार शुक्ल में पंचायत चुनाव को लेकर अभी से गोटें बिछाई जाने लगी है। यहां के इस चुनाव में हमेशा ही थानाध्यक्ष की अहम भूमिका रही है, जिसके लिए यहॉ के मुस्लिम प्रधान अपनी वापसी के लिए मुस्लिम थानाध्यक्ष की तैनाती के लिए गोटे बिछाना शुरू कर दिया हैं।

बताया जा रहा है कि इस चुनाव में मुस्लिम थानाध्यक्ष को लाने के लिए मुस्लिमों ने ढाई लाख रूपये चन्दा एकत्र किया है। इस विकास खण्ड में सोलह ग्राम प्रधान मुस्लिम है। जो इस कवायद में जुटे हैं कि थानाध्यक्ष मुस्लिम हो जिसके संरक्षण में ही चुनाव हो। इसके पूर्व के हुए पंचायत चुनाव में बाजार शुक्ल में मुस्लिम थानाध्यक्ष की ही तैनाती थी, जिनके संरक्षण में यहॉ पर सोलह मुस्लिम ग्राम प्रधान हुए। उनकी बदौलत ही प्रमुख भी यहॉ पर मुस्लिम वर्ग का चुना गया।

एक बार फिर पंचायत चुनाव सिर पर है और बाजार शुक्ल में थानाध्यक्ष विजय शंकर पाण्डेय हैं। जिन्हें हटाने और मुस्लिम थानाध्यक्ष की तैनाती के लिए मुस्लिम ग्राम प्रधानों ने अपनी गोटें बिछानी शुरू कर दी है।

इस बीच थानाध्यक्ष श्री पाण्डेय ने इन दिनों लकड़ी तस्करों के विरूद्ध अभियान छेड़ रखा है जिसमें कई कद्दावर ठेकेदार
पुलिस के हत्थे चढ़ गयें। इसमें अधिकांश मुस्लिम ही हैं। पुलिस के इस अभियान से इससें लकड़ी माफियाओं की हवा निकल गई और एक वर्ग विशेश में हड़कम्प मच गया। ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर शक्तें में आ गये है। इस दरोगा के रहते मुस्लिमों के लिए यह चुनाव फायदे मन्द शाबित नहीं होगा और उनके लिए यह चुनाव किरकिरा व कसैला लग रहा है। प्रधान पद के लिए दावेदार चुनाव पूर्व किसी बन माफिया व मुस्लिम दरोगा की तैनाती के लिए प्रयास कर रहा है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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जनता त्रस्त , ई0 ओ0 मस्त

Posted on 07 May 2010 by admin

नगर पालिका के कर्मचारी धन उगाही में व्यस्त

नगर में फैला है गन्दगी का साम्राज्य

सुलतानपुर -  नगर पालिका परिशद के अधिशाशी अधिकारी की उदाशीनता के कारण नगर में इन दिनों गन्दगी का साम्राज्य फैला है। कर्मचारी अधिकारी सिर्फ धन उगाही में व्यस्त हैं और आम जनता का शोशण किया जा रहा हैं नागरिक अपनी समस्या से ईओ को अवगत कराना चाहते हैं तो ईओ का मोबाइल बन्द रहता है और वे दफ्तर से बाहर होते हैं।

नगर के अधिकांश मोहल्लों में एक सफ्ताह से पानी नही आ रहा है। चारों तरफ खुब हाहाकार मचा हुआ हैं सुपर मार्केट नगर की प्रमुख मार्केट है जहॉ गन्दगी फैली है। मूर्तियों का पार्क चारागाह बने हुए हैं। आवारा जानवर टहल रहे है। उनका कोई पुरसा हाल नहीं है। इसके चेयरमैन की उदाशीनता भी देखने में मिल रही है। आम जनता त्रस्त है और नगर पालिका के विरूद्ध आन्दोलन का मूड बना रही है। नगर के प्रमुख लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि नगर पालिका के कार्यो की जॉच करायी जाय।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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अवैध खनन और बिना मानक के चल रहा क्रेशर उद्योग बना लोगों के मुसीबत

Posted on 07 May 2010 by admin

चित्रकूट -   बढ़ रहा है प्रदूषण, नष्ट हो रही प्राकृतिक सुन्दरता, समाप्त होने को है नदियों का अस्तित्व, बरबाद हो रहे हैं उपजाऊ खेत, शिकायत कर्ताओं पर ही होती है विभागीय कार्रवाई, विरोध करने पर सहना पड़ता है ग्रामीणों को दबंगों का कहर। आखिर कौन है इन सबका जिम्ममेदार यदि हम इन सब बातों पर गौर करें तो केवल बस यही निष्कर्ष निकलता है कि इसकी जिम्मेदारी जिले में चल रही अवैध बालू खदानों और बिना मानक के अंधाधुंध चलने वाले क्रेशर उद्योग को ही दी जा सकती है। जहां एक ओर  अवैध बालू खदानों के गोरख धंधे में शामिल लोग अच्छीखासी कमाई कर रहे है वहीं प्रतिदिन हजारों रुपये का सरकारी राजस्व की चोरी भी हो रही है। प्रभू श्री राम की तपोस्थली चित्रकूट जिले में आज भी उनकी कृपा बनी हुई है। जिसके चलते यहां जड़ी-बूटियों के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में खनिज पदार्थ भी पाया जाता है। जहां एक ओर पहाड़ों से निकलने वाला ग्रेनाइट पत्थर लोगों को मालामाल कर रहा है वहीं दूसरी ओर जिले के विभिन्न स्थानों से निकलने वाली छोटी-बड़ी नदियों के घाटों में मौजूद रेत भी सोना साबित हो रही है। हालांकि इनका व्यापार करने के लिए प्रशासन द्वारा ठेकेदारों को खदानों का पट्टा दिया जाता है लेकिन इनसे अच्छी कमाई होने के चलते दबंगों द्वारा अवैध खदाने चलाई जाने लगी। जिसके चलते नदियों और पहाड़ों का अस्तित्व तो संकट में आ ही गया है साथ ही बिना मानकों के चल रहे क्रेशर उद्योग प्रदूषण बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।

जिले में मौजूद है अपार प्राकृतिक खनिज संपदा जहां एक ओर जिले की सीमा में प्रहरी के रूप में खड़ी विंध्यपर्वत श्रृंखलाओं में तमाम तरह की जड़ी-बूटियों  के साथ-साथ ग्रेनाई पत्थर अच्छी खासी मात्रा में पाया जाता है तो वहीं दूसरी ओर पहाड़ी, मऊ, राजापुर आदि ग्रामीण इलाकों से निकलने वाली नदियों के किनारे अच्छी गुणवत्ता वाली भरपूर बालू भी निकलती है। जिसके चलते जिले में बालू व पत्थर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन द्वारा पट्टे पर खदानें दी जाती हैं। जिनके माध्यम से ठेकेदार तो फायदा उठाते ही हैं सरकारी राजस्व की भी बढ़ोत्तरी होती है।

चल रही है अवैध खदानें पट्टे पर पत्थर व बालू की खदानों के ठेकेदारों की अच्छी कमाई को देख जिले के दबंग और असरदार लोगों ने अपनी हनक के बल पर अवैध खदानें चलानी शुरू कर दी। जिसके चलते एक ओर लौरी, हनुमानगंज, इटवा, भौंरी, लोखरी, भरतकूप, रसिन आदि गावों के किनारे स्थित पहाड़ों में अवैध पत्थरों की खदाने चल रही है। इसी तरह पहाड़ी थानान्तर्गत ओरा, नहरा, लोहदा, दरसेड़ा, परसौंजा, चिल्ला, कहेटा, सकरौली, ममसी, राजापुर व मऊ आदि के नदी किनारे बसे गांवों में बालू माफियाओं द्वारा प्रतिदिन अवैध खनन कर सैकड़ों ट्रैक्टर बालू निकाली जा रही है। जिसके चलते ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खदानों के संचालन में दबंगों का साथ सम्बंधित सरकारी मशीनरी के लोग भी देते हैं। जिसका फायदा अवैध खदानों को चलाने वाले लोग उठाते हैं।

बढ़ रहा है प्रदूषण समाप्त हो रही है प्राकृतिक सुन्दरता वैसे देखा जाए तो चित्रकूट का प्राकृतिक सौन्दर्य अपनी चरम सीमा पर है लेकिन इसमें विंध्यपर्वत श्रृंखला की छोटी-छोटी पहाड़ियों में छाई हरियाली और  बरसात  के समय इनसे गिरने वाले झरने यहां की सुन्दरता में चार चान्द लगाते हैं। इन सबके बावजूद भी दशकों से दस्यु समस्या झेल रहे इस पूरे इलाके में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा नहीं मिल सका। इसके अलावा जब इन पहाड़ों व नदियों की प्राकृतिक सुन्दरता में अवैध खनन करने वाले माफियाओं की नज़र पड़ी तो इसमें जैसे ग्रहण ही लग गया। जिसके कारण जिलेे में प्रदूषण तो बढ़ा ही साथ ही साथ नदियों के अस्तित्व पर भी खतरा मण्डराने लगा है। आपरेशन पोस्ट भरतकूप के अलावा जिले के अन्य कई स्थानों पर चल रहे क्रेशर उद्योगों का प्रभाव आस-पास के इलाके में मौजूद प्राकृतिक वनस्पतियों पर पड़ने लगा है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है।

मिल रहा है बढ़ावा अवैध खनन को
भरतकूप के अलावा जिले के अन्य इलाकों में चलने वाली क्रेशर मशीनों में पत्थरों की अच्छी खासी खपत को देखते हुए  पहाड़ियों में खदानों की संख्या भी बढ़ गई है। इनमें से कुछ का तो खनिज विभाग से पट्टा है लेकिन ज्यादातर  अधिकतर खदाने अवैधरूप से चल रही हैं। सूत्रो की माने तो पट्टे की खदानों से महंगे दामों  में पत्थर खरीदने के बजाए ज्यादातर क्रेशर उद्योग मालिक क्षेत्रा में चल रही अवैध खदानों से निकलने वाले पत्थरों को खरीदते हैं। जिससे यहां अवैध पत्थर खदानों को बढ़ावा तो मिल ही रहा है साथ ही  पहाड़ भी खोखले होते जा रहे हैं। इसी तरह ग्रामीण विकास में होने वाले निर्माण कार्यों को कराने वाले ठेकेदार व सम्बंधित लोग भी बालू व पत्थर के अवैध खनन को बढ़ावा दे रहे हैं।
होती है मानकों की अनदेखी

बिना मानकों के चलने वाले क्रेशर उद्योग से आसपास इलाके का पूरा वातावरण को प्रदिूषत होता जाता है। लोग बताते हैं कि जब क्रेशर मशीनें चलती हैं उस समय इतनी गर्द हवा में मिल जाती है कि सांस लेना भी दूभर हो जाता है। इसके अलावा इन मशीनों से निकलने वाली धूल शाम होने से पहले ही अंधेरा कर देती है। जिसके कारण नजदीक का नजारा भी नहीं दिखाई देता। ग्रामीणों का कहना है कि मशीनें चलने के बाद शाम के समय सामने से आ रहे वाहनों की स्थिति भी उनके काफी पास आ जाने पर ही समझ में आती है। जिसके कारण कभी-कभी भयानक हादसे की स्थिति बन जाती है। लोग बताते हैं मशीनों से निकलने वाली धूल से छायी धुंध के चक्कर में अक्सर उनको मार्ग दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है।  सूत्र की माने तो शायद ही किसी के पास पर्यावरण विभाग का प्रमाणपत्र हो। इसके अलावा क्रेशर मशीन चलाते समय पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए जबकि उद्योग संचालकों द्वारा ऐसा नहीं किया जाता ।

बरबाद हो रहे हैं खेत

आपरेशन पोस्ट भरतकूप क्षेत्र में अंधाधुंध चल रहे स्टोन के्रशर उद्योग के प्रदूषण से आस-पास क्षेत्रो में मौजूद ग्रीन बेल्ट भी धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों का भुगतना पड़ रहा है।  लोगों का कहना है कि मशीनों से निकली धूल से आदमी ही नहीं पेड़ पौधों का जीना भी मुहाल हो गया है। क्रेशर मिल के आस-पास मौजूद खेतों व पेड़ों को देखा जाए तो इनके पत्ते हरे दिखाई देने के बजाए पूरा पेड़ सफेद दिखाई देता है। इतना ही नहीं मशीनों से  निकली वाली धूल खेतों में गिरने के कारण मशीनों के नजदीक स्थित खेतों का उपजाऊपन भी नष्ट हो चला है। वहीं दूसरी ओर रात के अंधेरे में अवैध खदानों से बालू भर कर निकलने वाले वाहनों के कारण खेतों की मिट्टी खराब होती है। ग्रामीण बताते हैं कि जब उनकी फसलें खेतों में खड़ी होती हैं उस समय उनको भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

चायपान की दुकान व ढाबे चलाने वाले लोग भी हैं परेशान
आपरेशन पोस्ट भरतकूप के मुख्य मार्ग में अपनी छोटी-छोटी चाय पान की दुकान व ढाबों आदि के जरिए रोजी रोटी चलाने वाले लोग भी यहां क्रेशर उद्योग के कारण बढ़े प्रदूषण के चलते हलाकान हो गए हैं। उनका कहना है कि खाने पीने की चीजें बनाते समय उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मशीनों से उठने वाली धूल उनकी दुकानों तक भी आती है जिसके कारण खाने पीने का सामान खराब होता है।

आजिज आ चुके लोगों को है कार्रवाई का इन्तजार

क्रेशर उद्योग संचालकों द्वारा मानकों की अनदेखी व मनमानी से आजिज आ चुके ग्रामीणों का कहना है कि इस उद्योग से जुड़ा हर विभाग इनकी मनमानी जानता है लेकिन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें मानकों की अनदेखी करने वाले क्रेशर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होने का इन्तजार है। वहीं लोगों का कहना है कि यदि इनका विरोध किया जाता है तो दबंगों के कहर का शिकार होना पड़ता है। इसके अलावा यदि प्रशासन से शिकायत की जाती है तो उल्टे शिकायत कर्ता के खिलाफ ही कार्रवाई हो जाती है और किसी को सम्बंधितों की नोटिस मिल जाती है तो किसी पर शिकायत वापस लेने का दबाव डाला जाता है।

नरेन्द्र मिश्रा

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