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आम जनता को न्याय पालिका व्दारा खुशियों की सौगात

Posted on 15 July 2013 by admin

जनपद की आम जनता को न्याय पालिका लगातार खुशियों की सौगात दे रही हैे जिसके चलते घर घर मे जनता माननीय सुप्रीम कोर्ट व माननीय उच्च न्यायालय को कोटि कोटि बधाई दे रही है और माननीय न्यायाधिशों को हजारो आशीष दे रही है । कारण साफ है कि भारत के लगभग सभी राजनीतिक दल सही मायने मे जनता नही बल्कि बाहूबली पूजक बनते जा रहे थे यही अपराधी शिरोमणि अपने अपराधिक आकंडो और अपराधियों शूटरो की बदौलत सत्त्ता में चुनाव जीतकर इंट्री पा जाते थे और लोकतंत्र में उच्च सदन मे बैठकर करोडो संविधान पसंद जनता के भाग्य विधाता बन जाते थे ।
बीते दो दशक से राजनीती मे जनता इन राजनीतिज्ञो के वोट देने का साधन मात्र बन चुकी थी जनता कभी भी इन सत्त्ताशीनो के आगे अपनी बात मजबूती से नही रख पाती थी । कारण भी था कि सत्त्ता व विपक्ष में करीब करीब इन लोगो का वर्चस्व हो गया था जिनके पास तमाम सरकारी गैर सरकारी संसाधन मौजूद थे और उनके बलपर निहत्थी और मजबूर जनता को शोषण झेलना पडता रहा है बीते दिनो सामाजिक कार्यकर्र्ता हन्ना हजारे का और उनकी टीम का हश्र सभी ने देखा है जिन्हे कोर्ट के उनके चैम्बर में घुसकर पीटा गया था उनका हस्र देखकर कौन आम जनता सरकार और सत्त्ता धारियों का विरोध कर सकता था इन सबकी जड में माननीय बने अपराधी सांसदो व नेताओं की भूमिका जग जाहिर है ।
भारत की लगभग सभी राजनीतिक पाटियां ऐसे समय अपराधि का प्रभावो का भरपूर इस्तेमाल करती है जिससे चुनाव आयोग को बैलट बचाने के लिए सेना तक लगानी पडती है । बूथो का नाम करण करना पडता है संवेदन शील, अतिसंवेदनशील की श्रेणी बनानी पडती है चूंकि उस क्षेत्र से जेल में बद कुख्यात अपराधी चुनाव लड रहा होता है और उसके शूटर चुनाव प्रचार और प्रबंघक देख रहे होते है । जनता करे भी तो क्या उसके पास इनसे निपटने की ताकत ही नही है उसकी आवाज सुनने वाला ही कोई नही है मगर इन अपराधियों के जेल मे रहते चुनाव लडने और दो साल तक की सजा प्राप्त करने वालो पर चुनाव लडने पर सुप्रीमकोर्ट के आदेश ने एका एक राजनीति की दशा और दिशा ही बदल दी है ।
अब इन अपराध शिरोमणियों से राजनीतिक दलो को किनारा करना ही पडेगा और जनता की आवाज ओर उसके अधिकार की पैरोकारी करना ही पडेगा वरना अब जनता इन अपराधियों के शूटरो और उनकी दहसत में आने वाली नही है । सही मायने मे दिन प्रति दिन राजनीति में समाजसेवी व्यवहारिक, मृदुल और विकास सेवको की पूछ बढेगी और अपराधी की जगह मात्र जेल ही होगी सत्त्ता की कुर्सी नही ही मिलेगी वही अब पुलिस और अधिकारियों को भी अपनी गैरत और इज्जत किसी अपराधी माननियो को प्रोटोकाल के चलते नही गवानी पडेगी । धन्य हो सुप्रीम कोर्ट और चिरंजीवी हो ऐसे माननीय न्यायाधीश जिन्होने करोडो मजबूर जनता का मान सम्मान बचा लिया और सत्त्ता से अपराधियों की छुटटी करने का मार्ग प्रसस्त कर दिया

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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समाज के दो वर्गो को रोजी रोटी का संकट व्याप्त

Posted on 15 July 2013 by admin

आज के इस युग मे समाज का दो वर्गो को अपने रोजी रोटी का संकट व्याप्त हो गया है हमारे समाज मे आज कल शादी विवाह के समारोह मे प्लास्टिक दोना पत्त्तल व ग्लास का उपयोग धडल्ले से किया जा रहा है।
जिसकी वजह से कुम्हार व वनराजा जाति के लोग धंधो पर कठुराघात हो रहा है जिससे इन समुदायो का धंधा चैपट हो गया है आप देख रहे होगे कि किसी कार्यव्रहृम मे इन जनजातियो का वह पुराना दोना पत्त्तल प मिटटी का कोहला कही दूर दूर नही दिखता जब कि समाज के लोगो को पता है कि इन प्लास्टिक बर्तनो से हमारे स्वास्थ्य व पर्यावरण को काफी नुकसान होता है लेकिन समाज आंख मूदकर इसका उपयोग जम कर कर रहा है ।
एक तरफ हरे पेडो की कटान की वजह से जंगल खत्म होते जा रहे है जिसमे बनराजा समुदाय के लोगो को पत्त्तल बनाने के लिए पत्त्ते भी ठीक से नही मिल पा रहे है और जो बचा है उसे प्लास्टिक बर्तनो को बढा रहे बाजार रही सही कसर पूरी कर दे रहे है ।
यह दोनो समुदाय अपने मेहनत के बल पर अपनी रोजी रोटी चलाता है आज उसका जीना दूभर हो गया है सलीमपुर ग्रेंट के प्रतापू व तेजराम ने बताया हम लोग पत्त्ते तोडकर पत्त्तल बनाते है लेकिन अब काफी जंगल खत्म हो गया है जिसकी वजह से हम लोगो को काफी मेहनत कर के पत्त्तल लाकर बनाना पड़ता है और जो बचा है वह अब बाजार के प्लास्टिक के बर्तनो की वजह से हमारे समानो को कोई पूछता नही है।
यही हाल कुम्हार जाति का है शुकलहिया के कुम्हार का टोला के रामरुप व राम मूरत बताते है कि हमारे बर्तनो को कोई अब नही पूछता है तब की पहले हम लोगो का बनाया बर्तन खूब बिकता था लेकिन प्लास्टिक बाजार मे हम लोगो को रोजी रोटी के लिए मुहाल कर दिया अब अगर दूसरा धंधा करे तो हमारा परिवार भुखमरी के कगार पर आ जायेगा।
कुम्हार व वनराज समुदाय शासन की तरफ देख रहे है शायद शाशन की नजर इन समुदायो पर पड़ जाय और इनके भी दिन बहुर जाये ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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सुलतानपुर जनपद का चैक क्षेत्र शहर की जान ही नही जानलेवा भी है

Posted on 15 July 2013 by admin

चैक क्षेत्र किसी भी शहर की जान होता है लेकिन सुलतानपुर जनपद का चैक क्षेत्र शहर की जान ही नही जानलेवा भी है अगर आप मोटर-साइकिल पर है तो चैक घंटाघर से शाहगंज चैराहा पहुंचने मे आपको बीस मिनट तो लग ही जायेगे जबकि यह दूरी महज ३ मिनट की होनी चाहिये और यदि आप पैदल है तब तो पूछिये ही मत ।
घंटाघर से शाहगंज चैराहा तक का मार्ग हो या फिर घंटाघर से गल्लामंडी का मार्ग । हर ओर के दूकानदारो ने पूरी की पूरी पटरी ही छेंक रखी है देखने मे ऐसा लगता है मानो चैक क्षेत्र मे पटरियो पर ही दूकाने लगी हो उस पर बुरी यह है कि कुछ ठेला वाले पटरी से सटाकर ठीक सडक पर अपनो रोजगार चला रहे है ।
यह हाल सभी दूकानदारो का है चाहे वह साडी वाले हो या किराना व्यवसायी हो या फिर लोहे का व्यापार करने वाले लोहे का व्यापार करने वालो ने तो स्टील की चादरे इस कदर पटरियो पर खडी कर रखी है कि किसी भी रोज बडा हादसा हो सकता है लेकिन इतना सब होने के बावजूद प्रशासन को कोई फर्क नही पडता आम आदमी कितना ही परेशान हो प्रशासन के लिये यह रोष की बात है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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सरकारी अस्पताल और उसमे कार्यरत डाक्टर फार्मासिस्ट राजनीति के शिकार

Posted on 15 July 2013 by admin

१४ जुलाई । सरकारी अस्पताल और उसमे कार्यरत डाक्टर फार्मासिस्ट जब राजनीति के शिकार होगे तो उनका उत्साह गिरेगा और खुद को बचाते हुए ऐसा काम करेंगे कि सांप मरे या न मरे पर लाठी न टुटे किसी सच्चाई तक पहुचने से पहले निर्णय ले लेना कही गुनाह वे लज्जत जैसी बात न हो यह सोच कर काम करने से लोगो को फायदा मिलता है।
पर आज कल दबाव मे निर्णय लेने का चलन हो गया है बडे बडे गुनाहो में गुनाहगार खुली हवा में घूमते है और बुगुनाह लोगो को बलि का बकरा बनाने मे तनिक भी संकोच नही करते मामला जिला चिकित्सालय मे दो सप्ताह मे दो मौत से जुडा है जबकि दोनो मौत के बारे में जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.आर.पी. सिंह का कहना है कि पहली मौत जिस व्यक्ति कि हुइ थी उसके परिजन उसको तब अस्पताल मे लेकर आए जब उसकी स्थिति बहुत ही नाजुक हो गई थी उसकी आंते पूरी तरह सड़ गई थी ।
दूसरी महिला कि मौत जहरीले सांप के काटने से हुई उस महिला को दिन में १० बजे सांप ने काटा और अस्पताल में १२ बजे लाई गई डाक्टरो ने हर संभव प्रयास किया परन्तु वह बच नही पाई तो इसमे डाक्टरो की गल्ती या लापरवाही कहा से है सी.एम.एस. का कहना है कि जिला अस्पताल मे जो भी डाक्टर है उनकी कबिलियत पर शंका नही किया जा सकता डाक्टर पूरी इमानदारी से मरीजो को स्वास्थ्य लाभ पहुचाने का काम करते है रहा सवाल अनारा देवी का पोस्टमार्टम का तो पोस्टमार्टम करने वाले गायनिक सर्जन डा० आन्नद सिंह का कहना है कि अनारा देवी की मौत विषैले जन्तु के जहर से हुई है उसमें डाक्टर की लापरवाही का सवाल ही नही उठता ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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आम जन का सम्मेलन

Posted on 15 July 2013 by admin

१४ जुलाई । जनपद मे चहुंओरं अब चर्चा है तो बस न्यायपालिका की खुशियां है आम जनमानस में तो इस बात की कि अब सत्त्ताधारी सभी को पूछेगे सम्मेलन होगा तो आम जनका न ब्राम्हण न अनुसूचित न यादव सभा का ।
गौरतलब हो कि उच्च न्यायालय ने हाल ही मे एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए सभी राजनैतिक पार्टियों को जातिये सम्मेलन करने पर रोक लगा दी और प्रमुख दलो को नोटिस जारी कर दी है जिससे आम जनता मे खुशी की लहर दौड गई जगह जगह अदालत के आदेश पर चर्चायें शुरु हो गई है । कही खुशी तो कहीं गम देखने को मिल रहा है कुछ लोग अभी भी अदालत के निर्र्णय को काफी कम आंक रहे है चूंकि बीते कई दशक से गेरुआ पार्टी के कमण्डल वाद में जनता ने राजनैतिक दलो के विरादरी बाद को समाज मे पुष्पित और पलव्वित कर सत्त्ता का महावृक्ष बना दिया था ।
उसी को बीते पंच वर्षीय समय मे शोसल इंजीनियरिंग का घृणित नाम देकर सत्त्ता सुख भोगा गया जिसका फायदा चन्द सामजिक ठेकेदारो ने मनमर्जी उठाया उ०प्र० के सत्त्ताधरियों ने जातियों के प्रतिशत जारी कर समाज को पूरी तरह खंड खंड करने के लिए वेहद अंसवैधानिक नारे तक तक गढे हथिया नसीन पार्टी के नेताओं ने नारा दिया ब्राम्हण शंख बजायेगा हाथी दिल्ली जायेगा । उसके पूर्व विरादरी को सत्त्ता का हथियार बनाने के लिए नारा दिया गया कि तिलक तराजू और तलवार इनको जूते मारो चार जैसे घृणित और अपमान जनक नारे से सत्त्ता की कुर्सी प्राप्त करनी चाही अब सत्त्ता की लालायित पार्टियों ने धर्म के आधारा पर लालबत्त्ती थानो मे पोस्टिंग प्रशासन शासन में पोस्टिंग का खुलेआम नंगा नाच शुरु कर दिया है ।
बात यही नही रुकी है अभी तक मण्डल से लगे एस.पी., डी.एम. वोटो से लेगे सी.एम.,पी.एम. तक पहुंच चुकी है । धार्मिक आधार पर वोटो का धु्रवीकरण करने की कहानी शुरु हो चुकी है जिसको हमारे देश की इलेक्ट्रानिक मीडिया स्टूडियों मे बैठकर धार दे रही है और टेलीविजन के जरिये पूरे देश की जनता मे हिन्दू और मुसलमान की पैरोकारी राष्ट्रीय पार्टियां शुरु कर चुकी है।
जिन पर अब माननीय सुप्रीम कोर्ट को कठोर निर्णय और निर्देश देने की जरुरत है मामले को संयम रहते राष्ट्रवादियों को सर्वोच्च अदालत के संज्ञान में लाना पडेगा वर्ना ये नेता हिन्दुस्तान का एक बार फिर बंटवारा कराने की फिराक में दिखाई पडते है धर्म और जाति की बात करने वाले निश्चित ही भारत और संविधान विरोधी है इन पर आजीवन चुनाव लडने पर पाबंदी लगनी चाहिए साथ ही इनकी जगह समाज मे न होकर जेलो मे होनी चाहिए । भारत की जनता माननीय सवोच्च न्यायालय की ओर न्याय के एतिहासिक निर्णय की प्रतीक्षा कर रही है

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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जनता के गुम गये, चोरी गये मोबाईल को बरामद करने के लिए एक सेल गठित

Posted on 15 July 2013 by admin

१४ जुलाई। जनपद के पुलिस विभाग द्वारा जनता के गुम गये, चोरी गये मोबाईल को बरामद करने के लिए बाकायदा एक सेल गठित है उसका नाम है संर्विलांस सेल यह विंग पुलिस अधीक्षक आवास से संचालित है।
गौरतलब हो कि जिले मे किसी भी प्रकार की गंम्भीर घटना और मोबाईल की गुमशुदगी चोरी की घटनाओं के खुलासे व मोबाईल की बरामदगी यही सेल करती है पुलिस विभाग के कुछ हाईटेक व जानकार सिपाहियों को इस कार्य मे लगाया गया है।
इसके प्रभारी एस०ओ०जी० इंचार्ज हुआ करते है मगर अब यह सेल पूर्णतया निरंकुश और नेतृत्व विहीन है अब जिले मे किसी का भी मोबाईल खो जाये तो शायद ही उसे मिल पायेगा यह लगभग असंभव है ऐसा नही है कि मोबाईल बरामद नही होते मोबाईल बरामद तो होते है मगर लौटाये नही जाते।
और तो और भुक्त भोगी द्वारा दी गई तहरीर की शायद ही कही इंट्री होती है ज्यादातर मामलो मे आम जनता थाने पर तहरीर देकर उसमे मोबाईल नं०आई०एम०आई० नं०, खरीद की रशीद आदि देता है मगर तहरीर पर थाने की प्राप्ति द्वारा मोबाईल कम्पनी से उपभोक्ता को नया सिम व पुराना नंम्बर तुरन्त मिल जाता है।
उसी से अपना काम चला लेती है पुलिस विभाग के इस अति महत्वपूर्ण सेल का अपना कही कोई जन सुलभ कार्यालय नही है जहां जनता बेहिचक बिना भय के अपनी बात कह सके ।
सोचा जा सकता है कि सर्विलांस के जरिये मोबाईल बरामदगी के बाद शायद ही किसी को बुलाकर दिया जाता है । सूत्र बताते है कि इस कार्य मे लगे सिपाही बरामद मोबाईल को ढठेरी बाजार मे सेट मोबाईल की दुकानो पर औने पौने मे बेंच देते है।
वहीं दूसरी और चोरी का मोबाईल इस्तेमाल करने वाले से मनमाना नजराना वसूल कर छोड दिया जाता है न उनका साईबर व्रहृाइम मे चालान ही होता है न ही पता चलता है कि मोबाईल किसके पास है मामला को देकर रफा दफा कर दिया जाता है।
हैरत है और बेहद आश्श्च्र्य की बात है कि पुलिस अधीक्षक के आवास पर बैठकर यह सबकुछ हो रहा है बेचारे काम के बोझ के मारे कप्तान साहब को भनक भी नही लगती है और खेल होता रहता है शायद कप्तान साहब पुराने खयालात और सरल हृदय आदमी है वो आज भी हाईटेक नही हो पाये है और ये सर्विलांस सिपाही और कम्प्यूटर आपरेटर उन्हे कुछ बताते ही नही है।
और जनता मे इतनी हिम्मत है नही कि हजार पांच सौ के मोबाईल के लिये शेर की मांद मे जाये सोचिये अब आपका मोबाईल चाहे कितना भी महंगा हो गुम जाने, चोरी होने पर शायद ही मिले उम्मीद न कीजिए।
नगर की जनता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि अब तक बरामद मोबाईल की सूची जारी की जाये जिससे मित्र पुलिस का जनता मे विश्श्वस कायम हो सके अथवा बरामद मोबाईल की सूची विभागीय बेवसाईट पर उपलब्ध कराई जाये ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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रमजान का महीना अल्लाह का बेहतरीन तोहफा

Posted on 15 July 2013 by admin

edited-2गोण्डा 14 जुलाई। रमजान का महीना अल्लाह के द्वारा अपने नुमाइन्दों को बरकत व रहमत पाने के लिए दिया गया बेहतरीन तोहफा है। इस महीनें में अल्लाह बंदों को इबादत करके अपने गुनाहों को माफ करने का मौका देता है। यह रहमत व बरकत का महीना है।
उक्त विचार रगड़गंज स्थित बरगाहे हुसैनी इमामबाड़े में ‘त्रिगुट दैनिक’ द्वारा आयोजित रोजा इफ्तार कार्यक्रम में रोजेदारों को सम्बोधित करते हुए अम्बेडकर नगर से पधारे सैयद अहसन अब्बास रिजवी ने व्यक्त किया। उन्होने कहा कि पैगम्बर ने फरमाया है कि रोजेदार का सीधा ताल्लुकात अल्लाह से है। इसलिए मैं हर रोजेदारों को इसका अजर (बदला) दूंगा। इस मौके पर रोजेदारों को खेताब करते हुए लखनऊ उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार रजा रिजवी ने कहा कि रमजान के पाक महीने में ही पवित्र कुरान नाजिल हुई थी। इस्लामी साल में रमजान सबसे पाक और इबादत का महीना माना जाता है। रोजे के दौरान अल्लाह की इबादत कर इंसान अपने सभी गुनाहों से माफी पा जाता है। इस माह जन्नत का दरवाजा खोल दिया जाता है और दोजख का दरवाजा बंद कर दिया जाता है। रमजान में ईमान व एहतासव के साथ रोजा रखने वाले बंदे की अल्लाह हर गुनाह माफ करके उसकी  हर ख्वाहिश को पूरी करता है।इफ्तार से पहले

edited-31रोजेदारों ने नमाज पढ़ी, इस मौके पर खादिम अब्बास रिजवी ने नमाज का अजान दिया। रोजेदारों द्वारा नमाज में मुल्क में अमन और खुशहाली की दुआ मांगी गयी। तीसरा रमजान त्रिगुट परिवार के मुखिया रजा रिजवी की पैदाइशी तारीख होने के कारण परम्परानुसार हर वर्ष रमजान के दौरान रगड़गंज रोड स्थित बारगाहे हुसैनी इमामबाड़े में रोजा इफ्तार का प्रोग्राम आयोजित किया जाता है। रोजा इफ्तार में सैयद काजिम हुसैन रिजवी, अब्बास रज़ा रिजवी, मोहसिन रिजवी, अजीम जाफरी एडवोकेट, सफदर हुसैन रिजवी, डा. वसी हैदर, सगीर ए. टू जेड, इरशाद रिजवी एडवोकेट, रुमी, हुसैन सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।

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सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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कूपर काॅरपोरेशन प्रा0 लि0 ने भारत का सबसे अधिक मूल्य प्रभावी पावर पैक जनरेटर पेश किया

Posted on 13 July 2013 by admin

वाराणसी जुलाई, 2013:

edited-cooper-corpभारत में डीजल इंजन निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी कूपर काॅरपोरेशन ने मूल्य प्रभावी एवं शांत पर्यावरण के क्षेत्र में शांत क्रान्तिकारी डीजल जनरेटर ’’कूपर ईकोपैक’’ ब्रांड नेम के साथ भारतीय बाजार में पेश किया है। कम ईंधन खपत वाला यह जनरेटर वजन में भी काफी हल्का है वहीं इसका आकार भी काफी छोटा है तथा यह अमेरिकी और यूरोपीय उत्सर्जन नियमों के अनुरूप है।
वर्षों तक स्वदेशी शोध के बाद तथा रिकाॅर्डो यूके के तकनीकी सहयोग से ’’कूपर ईकोपैक’’ जेनसेट को पेश किया गया है। यह 10 केवीए से लेकर 180 केवीए तक उर्जा शक्ति के बाजार में उपलब्ध कराया जायेगा। आज डीजल इंजन चलाने की लागत करीब दुगुनी हो गई है, क्योंकि सरकार ने डीजल पर दी जाने वाली सब्सिडी को धीरे - धीरे समाप्त सा कर दिया है। अब कूपर एक इंटरनेशनल डिजाइन इंजीनियरिंग कंपनी रिकाॅर्डो के सहयोग से सफलतम प्रौद्योगिकी के साथ पेश किया गया है।
10 केवीए से 40 केवीए तक के जेनसेट ट्विन सिलेंडर, 4 वाल्ब और तरल शीतलता प्रणाली के साथ है, कपूर डीजल इंजन सीआरडीआई टेक्नोलाॅजी पर आधारित है, इन जनरेटर्स का निर्माण कूपर काॅरपोरेशन की सतारा महाराष्ट्र में स्थापित एसेंबलिंग संयंत्र में किया जाता है। इसके बाद 180 केवीए की पूरी रेंज 3,4,6 सिलेंडर्स की शक्ति के कूपर इंजन के साथ पेश की गई है।
कूपर काॅर्प के ईकोपैक जनरेटर के इस लांच के अवसर पर अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक फारूख एन. कपूर ने कहा कि ईकोपैक श्रृंखला कूपर काॅरपोरेशन के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करेगी, क्योंकि भारत में अन्य डीजल पावर जनरेटरों की तुलना में यह काफी अनूठा होगा, क्योंकि इसमें दी गई खूबियां दूसरों के मुकाबले काफी अधिक है जैसे कि 25 प्रतिशत ईंधन की खपत में कमीं, आकार में अन्य जनरेटर्स की तुलना में 25 प्रतिशत छोटा होना, 40 प्रतिशत छोटा होना, 40 प्रतिशत हल्का तथा रखरखाव खर्च में 42 कटौती करने वाला कूपर काॅर्प की ईकोपैक को घरों में आसानी के साथ काम में लिया जा सकता है, इतना ही नहीं इन्हें फार्म हाउसेज, बंगले, होटल्स और खुदरा विक्रेताओं, दफ्तरों, टेलिकाॅम टावर्स के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।
कूपर्स काॅर्पस के ईकोपैक श्रृंखला भारत की पहली यूरो मानक पांच यूएस इपीए टीयर चार अंतरिम और सीपीसीबी - 2 की पालना पूरी करने वाला जनरेटर है। इन सारी खूबियों को देखते हुए कूपर्स काॅर्प का ईकोपैक स्वतः ही पर्यावरण प्रमी ग्राहकों की पहली पसंद बन जाएगा सेवन टैंक प्रीट्रीटमेंट और डबल पावर कोटिंग होने से कूपर काॅर्प की ईकोपैक श्रृंखला दक्षता, शान्त, ऊर्जा से भरपूर तो होगा ही साथ इसकी आवाज एक मीटर की दूरी पर महज 75 डाॅलबी तक ही होगी वह भी खुले मैदान की स्थिति होने पर।
इसका इंजन अत्याधुनिक ईसीयू माॅड्यूल पर आधारित है जो इंजन की हर प्रकार की जटिल परिस्थितयों को सहने में सक्षम है। कूपर ईकोपैक दक्ष और ग्राहक प्रेमी होने के साथ ही पांच सौ घंटे चलने के बाद रख रखाव के मामले में काफी सस्ता होगा। कूपर ईकोपैक 15 केवीए जेनसेट आपके डीजल खपत में किस प्रकार 30 प्रतिशत तक कमी करता है, इस ग्राफ को देख कर आप आसानी से समझ जाएंगे।
कूपर काॅर्प की ईकोपैक श्रंृखला के जेनसेट कूपर की गुणवत्ता की गारंटी के साथ पेश किए जा रहे हैं, इसमें किसी प्रकार की रूकावट (ब्रकडाउन) आने की तो गुंजाइश ही नहीं है, फिर भी इसके रख रखाव के लिए देशव्यापी सर्विस डीलर्स का संजाल (नेटवर्क) है जो कि पूरी तरह के उपकरणों से सज्जित होने के साथ ही इनके पास इस इंजन के वास्तविक पार्टस का भंडार है जोकि बिक्री के बाद तत्काल उपलब्ध करवाया जाता है। 10 केवीए से 180 केवीए के ईकोपैक जेनसेट की कीमत 2 लाख से 8.5 लाख रुपए निर्धारित की गई है जोकि इसके काॅन्फिगरेशन के अनुसार है। अधिक जानकारी के लिए लाॅग आॅन करें www.coopergenset.com

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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इलाज के दौरान होने वाली मौत पर बवाल

Posted on 12 July 2013 by admin

अक्सर ऐसा देखने में आता है कि इलाज के दौरान होने वाली मौत का इल्जाम सीधे मरीज के परिजन डाक्टरो पर ही लगा देते है जिसका कारण साफ है कि बवाल करने पर प्रशासन के द्वारा मुवाबजा दे दिया जाए खास कर मामला सरकारी अस्पताल से जुडा हो तो मृतक के परिजनो का साथ राहगीर भी दे देते है और ऐसा लगता है मानो वाकई मे डाक्टर की लापरवाही से ही मौत हुई है और सोने पर सुहागा तब हो जाता है जब विभीषण अपने घर मे ही हो ।
मामला जिला चिकित्सालय मे दस दिन के अन्तराल मे हुई दो मौतो का है जिसमें सत्त्ता पक्ष के माननीय तक को शामिल होना पडा हालाकिं माननीयों की कुछ मजबूरियां होती है क्षेत्रीय जनता के लिए कभी कभी न चाहते हुए भी उसके द्वारा किए गए विवाद मे कूदना पडता है लकवाग्रस्त जिला चिकित्सालस सुविधाओं का टोटा संसाधनो की कमी के बाद भी डाक्टर मरीज को बचाने का अंतिम समय तक प्र्रयास करता है उसके बाद भी यदि मरीज की मौत हो जाए तो जो डाक्टर इलाज करते समय देवता दिखाई देता है वही मरीज की मौत के बाद सीधे यमराज दिखाई देने लगता है जिस पर बवाल होना लाजिमी है ।
जिला चिकित्सालय मे कहने को बहुत लम्बा चैडा स्टाफ है परन्तु काम करने वाले उगलियों पर गिने जा सकते है जिनके कारण जिला अस्पताल मे आने वाले मरीजो को सुविधा मिलती है परन्तु कुछेक डाक्टरो के लिए संयोग कहे या उनका दुर्भाग्य विवाद इनके आगे पीछे मंडराता रहता है और उसका कारण खुद विभागीय लोग है जिन्हे यह लोग फूटी आंख नही सुहाते है । इस बात का ताजातरीन उदाहरण बीते एक सप्ताह मे हुई दो मौतो का जिसमे से एक मौत पर सीधे सीधे एक डाक्टर को आरोपित किया गया जो प्रत्येक सप्ताह स्वांस के मरीजो का प्रहृी चेकअप कराने के साथ साथ गरीबो का मुफ्त इलाज साथ ही दवा आदि की भी व्यवस्था करता है । यह बाते जिला चिकित्सालय मे दलाली करने वालो को हजम नही हो रही थी जिसके नाते उस डाक्टर को बदनाम करने की एक नीति के तहत मुहिम चलाई जा रही है ।  जिला चिकित्सालय मे लगातार हुई दो दो मौतो के संबन्ध मे मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा० आर.पी.सिंह का कहना हेै कि जिला चिकित्सालय मे इमरजेन्सी मे दो डाक्टरो की आवश्यकताएं होती है ।
जिस महिला की मृत्यु हुई है उसको जहरीले सांप ने दिन में १० बजे काटा था और इमरजेंन्सी मे उसे १२ बजे लेकर आए तब तक उक्त महिला की हालत अत्यन्त नाजुक हो गई थी जिसके चलते उसकी मौत हो गई उसमे किसी डाक्टर की गल्ती नही है मुख्य चिकित्सा अधीक्षक का कहना है किसी डाक्टर पर ऐसा आरोप लगाने का मतलब उनकी छवि धूमिल करना है सी.एम.एस. ने आगे कहा कि इससे पहले भी एक मौत पर मरीज के परिजनो ने हंगामा किया था और कल कि घटना ने तो हद कर दिया मेरे स्टाफ के साथ मारपीट की घटना यह ठीक नही है अब तो मेरा स्टाफ पुलिस की सुरक्षा मे ही इमरजेन्सी डयूटी करने का मन बनाया है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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खाद्य महकमा नियत्रंण विहीन

Posted on 12 July 2013 by admin

जिले का खाद्य महकमा नियत्रंण विहीन हो चुका है । यह गरीबो को बटने वाले खाद्यान मे घटतौली, कालाबाजारी और तो और अब सडे गले राशन को जबरियन कोटेदारो को दिया गया । जिसके चलते गरीब राशन कार्ड धारक सडे हुए खाद्यान्न को लेने से मना कर रहे है । वही दूसरी ओर कोटेदारो की मजबूरी बन गई है क्यूकि राशन का उठान हो चुका है । विपणन अधिकारी की संवेदनहीनता और लापरवाही का संज्ञान न तो कोई जन प्रतिनिधि ले रहे है । न ही जिला अधिकारी ले रहे है ।
सोचने का विषय यह है कि इस बारिस के मौसम मे इस माह गरीबो के पेट में राशन कैसे जायेगा वही कुछ परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच जायेगा वही वी.पी.एल. व अन्तोदय कार्ड धारको ने बताया कि तीन चार माह से शक्कर व सालो से दाल नशीब नही हुई है । और जो इस माह मे मिल रहा है तो सिर्फ सडा गेंहू ।
बताते चले कि यह मामला कूरेभार विकाश क्षेत्र का है । जिसमे समस्त कोटेदारो के यहां इस माह चीनी दाल व चावल का उठान नही हुआ है सिर्फ अन्तोदय के लिए चावल का उठान मिला है । और बी.पी.एल. कार्ड धारको को केवल सडा गेहूं दिया जा रहा है । यह सब कार्य यहां के विपणन अधिकारी द्वारा कराया गया है । मजबूरन कोटेदार गरीब जनता को राशन देने के लिए मजबूर है । वही अन्तोदय व वी.पी.एल. कार्ड धारक राशन लेने से इंकार कर दिये है । जिसकी वजह से इन गरीबो को खाने के लाले पड सकते है ।
जब इस बावत कूरेभार के मार्केटिंग इस्पेक्टर राममूर्रि्त वर्मा बात की गई तो उनका कहना था कि ऐसा नही हेै अगर कुछ बोरियां खराब है तो उसको वापस कर दे । वही क्षेत्र के कोटेदारो ने नाम न छापने की शर्त पर बताया की इस बार सारे गेंहू के बोरे एैसे ही है । मामला जो भी है लेकिन इसमे तो गरीबो को मिलने वाला नेवाला ही छीन लिया जा रहा है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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