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राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल की निर्माधाीन परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा किया जाय-अधिशाषी निदेशक

Posted on 20 September 2018 by admin

लखनऊ: 20 सितम्बर, 2018
अधिशाषी निदेशक राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन श्री सुरेन्द्र राम ने राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल के क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा करायें ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता को भरपूर मात्रा में पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने नीर-निर्मल परियोजना के सभी कार्य सितम्बर, 2019 तक पूरा करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भौतिक प्रगति एवं व्यय विवरण की फीडिंग 27 सितम्बर तक हरहाल में पूरी कर ली जाय।
अधिशाषी निदेशक आज यहां योजना भवन में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से पाइप पेयजल परियोजनाओं तथा पेयजल आपूर्ति के लिए संचालित अन्य कार्यक्रमों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड एवं विंध्य क्षेत्र में संचालित एवं निर्माणाधीन पाइप पेयजल योजनाओं को भी समय से पूरा किया जाय।
श्री सुरेन्द्र राम ने सभी अनुरक्षणाधीन पाइप पेयजल योजनाओं की अद्यतन प्रगति की विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं की सही जानकारी के लिए संबंधित जनपद के अवर एवं सहायक अभियन्ता मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करें और फोटो सहित पूरा विवरण उपलब्ध करायें।
अधिशाषी निदेशक ने यह भी निर्देश दिये कि स्वीकृत कार्यों के टेन्डर की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करायी जाय। इसके साथ ही जलमूल्य की वसूली भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाय। उन्होंने कहा कि जलमूल्य के वसूली के लिए शीघ्र ही शासनादेश जारी किया जायेगा और जो अधिकारी पानी के बिल की वसूली में असफल पाये जायेंगे उनकी वार्षिक रिपोर्ट में इसका उल्लेख भी किया जायेगा।
श्री सुरेन्द्र राम ने कहा कि 08 महात्वकांक्षी जनपदों में स्वजल परियोजना के चिन्हित ग्राम पंचायतों में पेयजल योजना के संबंध में पूर्व में जारी निर्देशों के अनुसार तत्परता से कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। इसके अलावा जेई/एईएस प्रभावित जनपदों में संचालित पाइप पेयजल योजनाओं को पूरी क्षमता से संचालित किया जाय। इसके अतिरिक्त निर्माणाधीन परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करके क्रियाशील किया जाय, जिससे शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो सके और इन बीमारियों के प्रकोप को कम किया जा सके।
वीडियो कान्फ्रेंसिंग में जलनिगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही राज्य पेयजल मिशन के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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23 नये राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में व्यवसाय, व्यवसाय कोपा/आईटी के संचालन हेतु 575 लाख रुपये स्वीकृति

Posted on 20 September 2018 by admin

लखनऊ: दिनांक 20 सितम्बर, 2018

उ0प्र0 सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में स्वीकृति किए गए 23 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कोपा/इंफार्मेशन टेक्नोलाॅजी व्यवसाय की मशीनों ओर साज/सज्जा/उपकरण और संयंत्र के क्रय के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 में 575 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदन कर दी है।
विभाग द्वारा जारी शासनादेश में निर्देश दिया गया है कि मशीनों और साज-सज्जा/उपकरण और संयंत्र का क्रय भण्डार क्रय नियमों, शासनादेशों में दिए गए निर्देशों के अनुरुप एवं एन.सी.वी.टी. द्वारा अनुमोदित लिस्ट के आधार पर किया जाए। निदेशालय द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि धनराशि जिस कार्य/मद में स्वीकृत की जा रही है, उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य/मद में किया जाए। यह भी निर्देश दिया गया है कि स्वीकृति की जा रही धनराशि का आहरण तभी किया जाएगा, जब मशीने और साज-सज्जा/उपकरण और संयंत्र आदि की क्रय प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया गया हो।

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14 नये राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 07 व्यवसायोें की मशीनों/सज्जा/उपकरण एवं संयत्र के क्रय हेतु धनराशि स्वीकृति

Posted on 20 September 2018 by admin

लखनऊ: दिनांक 20 सितम्बर, 2018

प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षण सत्र अगस्त/सितम्बर 2018 से सामान्य एवं एम.एस.डी.पी. योजनान्तर्गत संचालित किए जाने वाले 14 नये राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 07 व्यवसायों की मशीनों और सज्जा/उपकरण और संयंत्र के क्रय व स्थापना के लिए 1645 लाख रुपये की धनराशि को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
विभाग द्वारा जारी शासनादेश में निर्देश दिया गया है कि मशीनों और साज-सज्जा/उपकरण और संयंत्र का क्रय भण्डार क्रय नियमों, शासनादेशों में दिए गए निर्देशें के अनुरुप एवं एन.सी.वी.टी. द्वारा अनुमोदित लिस्ट के आधार पर किया जाए। निदेशालय द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि धनराशि जिस कार्य/मद में स्वीकृत की जा रही है, उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य/मद में किया जाए। यह भी निर्देश दिया गया है कि स्वीकृति की जा रही धनराशि का आहरण तभी किया जाएगा, जब मशीने और साज-सज्जा/उपकरण और संयंत्र आदि की क्रय प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया गया हो।

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मथुरा में ब्रज कला केन्द्र की स्थापना

Posted on 20 September 2018 by admin

लखनऊ: दिनांक 20 सितम्बर, 2018

प्रदेश के संस्कृति विभाग द्वारा ब्रज क्षेत्र की गौरवशाली परम्परा को संरक्षित करने एवं उसे प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मथुरा के वृंदावन में ब्रज कला केन्द्र की स्थापना की जाएगी। यहां देशी एवं विदेशी श्रद्धालुओं के साथ-साथ श्री कृष्ण लीला तथा अन्य साहित्य पर शोध जिज्ञासुओं का आवागमन निरन्तर रहता है।
संस्कृति विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार वृंदावन में स्थापित किए जा रहे ब्रजकला केन्द्र की कार्ययोजना के अंतर्गत इण्डोर प्रेक्षागृह का निर्माण, मुक्ताकाशी प्रेक्षागृह क निर्माण ब्रज लोककला एवं संस्कृति अनुसंधान केन्द्र, पुस्तकालय की स्थापना, अतिथि गृह, छात्रावास का निर्माण और प्रशासनिक भवन का निर्माण होना प्रस्तावित है।
उ0प्र0 के पश्मिांचल में स्थित ब्रज क्षेत्र सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है जहां भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होने के साथ-साथ महाकवि सूरदास की जन्मस्थली और संगीताचार्य स्वामी हरिदास के समृद्ध विरासत देश-दुनिया का प्रतिनिधित्व करती है। कला एवं संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में रासलीला संबंध ब्रज क्षेत्र से है, जिसके केन्द्र में कृष्ण राधा तथा गोपिकाएं विद्यामन हैं। मथुरा ब्रज क्षेत्र का प्रमुख केन्द्र है, जहां वृंदावन, गोवर्धन, गोकुल तथा बरसाना का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वैभव सम्पूर्ण विश्व के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

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उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री बृजलाल ने की पे्रसवार्ता

Posted on 20 September 2018 by admin

आयोग द्वारा तत्परतापूर्वक मामलों का निस्तारण करते हुए पीड़ितों
को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिलाया जा रहा है

आयोग द्वारा 2422 प्रकरणों में से 1844 प्रकरणों का निस्तारण किया गया
-श्री बृजलाल
लखनऊ: 20 सितम्बर, 2018
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग में 2 उपाध्यक्ष और 16 सदस्यगण की नियुक्तियां की गयी है। जिसमें उपाध्यक्षगण एवं सदस्यगण ने अपना-अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है और नये उपाध्यक्षगण एवं सदस्यगण के कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात आयोग की प्रथम बैठक 20 सितम्बर, 2018 को आहूत की गयी। बैठक में अध्यक्ष ने उपाध्यक्ष एवं सदस्यगण का स्वागत किया तथा एक-दूसरे का औपचारिक परिचय कराया गया। अध्यक्ष ने उपाध्यक्षगण एवं सदस्यगण को आयोग की कार्यप्रणाली तथा आयोग द्वारा संचालित कार्यवाहियों से अवगत कराया गया। साथ ही साथ उपाध्यक्षगण एवं सदस्यगण से यह अपेक्षा की गयी कि उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के हितों के संवर्धन के लिए कार्य करें। विशेष रूप से अपने क्षेत्र में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए तत्परता से खडे़ रहे।
यह बाते उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति आयोग के अध्यक्ष श्री बृजलाल ने आज इन्द्रिरा भवन 10 वा तल स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित पे्रसवार्ता के दौरान कहीं। उन्होने बताया कि उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग, लखनऊ का मुख्य कार्य प्रदेश में रह रहे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों की ओर से प्राप्त शिकायतों का अनुश्रवण/सुनवाई करना और उसका विधिपूर्ण समाधान करना है। आयोग के समक्ष अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों से सम्बन्धित जो प्रकरण आते है, वह मुख्यतः पुलिस एवं राजस्व विभाग से संबंधित होते हंै। इसके अतिरिक्त आयोग के समक्ष विभागीय मामले एवं उत्पीड़न के मामलों में दी जाने वाली आर्थिक सहायता से संबंधित मामले भी आते हैं । आयोग कुछ मामलों में समाचार पत्रों, इलेक्ट्रानिक मीडिया में आयी खबरों का स्वतः संज्ञान भी लेता है। उसके पश्चात आयोग द्वारा ऐसे मामलों को विधिक ढंग से निपटाने का प्रयास किया जाता है।
श्री बृजलाल ने बताया कि आयोग में अध्यक्ष के पद पर दिनांक 18.04.2018 को कार्यभार ग्रहण किया है। आयोग द्वारा तत्परतापूर्वक मामलों का निस्तारण करते हुए पीड़ितों को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिलाया जा रहा है। जिसके फलस्वरूप पूर्व से लम्बित चल रहे 757 एवं मेरी पांच माह की अल्पावधि में कुल 1665 प्रकरण आये। इस प्रकार मेरे द्वारा अब तक कुल 2422 प्रकरणों का अनुश्रवण किया गया। जिसमें से 1149 मामले उत्पीड़न के, 466 मामले राजस्व के एवं 229 विभागीय मामलें कुल 1844 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। शेष 578 मामले लम्बित हैं जिन्हे भी निस्तारित किये जाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
श्री बृजलाल ने यह भी बताया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियो को सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली आर्थिक सहायता सक्षम प्राधिकारियों द्वारा समय से प्रदान नहीं करायी जाती है ऐसी शिकायतें भी आयोग को प्राप्त होती है। आर्थिक सहायता से सम्बन्धित मामलों का गम्भीरतापूर्वक संज्ञान लेकर उनका त्वरित निस्तारण कराया जा रहा है। उन्होने बताया कि पांच माह की अल्प अवधि में 71 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए पीड़ित परिवार को रू0 1,05,76,250.00 ( रू0 एक करोड़ पांच लाख छिहत्तर हजार दो सौ पचास मात्र) की धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में आयोग के हस्तक्षेप से उपलब्ध करायी गयी । इससे पीड़ित व उसके परिवार के सदस्यों कोे आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ और वे पुनर्वास की प्रक्रिया में शामिल हुए।

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राजकीय मेडिकल कालेजों के रिक्त पदों के अधियाचन 30 सितम्बर, 2018 तक भेजें -डा0 रजनीश दुबे

Posted on 20 September 2018 by admin

लखनऊ: 20 सितम्बर, 2018
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डा0 रजनीश दुबे ने आगरा, कानपुर, झांसी व गोरखपुर मेडिकल कालेज में प्राइवेट वार्डों के जीर्णोद्धार के लिए तथा नई तकनीक व रिसर्च करने के लिए शीघ्र बजट प्रस्ताव बनाकर भेजे जाने के निर्देश दिये हैं।
डा. दुबे आज जवाहर भवन चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि न्यायालय में लम्बित मामलों के निस्तारण में प्रभावी पैरवी करें। उन्होंने मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्यों को संस्थान व कालेजों के गुणवत्ता में सुधार लाने हेतु निर्देश दिये। उन्होंने समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली में लम्बित मामलों को शीघ्र निस्तारण करने के भी निर्देश प्राचार्यों को दिये।
प्रमुख सचिव ने कहा कि आॅनलाइन व मुख्यमंत्री संदर्भ से सम्बन्धित शिकायतों का भी निस्तारण शीघ्र कराना सुनिश्चित करें। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रपत्र समय पर उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रधानाचार्यों को नये मेडिकल कालेज में पदों की भर्ती के लिए अधियाचन तथा पदों में आरक्षण का प्रस्ताव 30 सितम्बर, 2018 तक भेजने के निर्देश दिये।
सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री मुकेश मेश्राम ने प्रधानाचार्यों को नवनिर्मित प्रोजेक्टों/ इमारतों की सूची, जिनका लोकार्पण जनवरी, 2019 तक किया जा सके, को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
समीक्षा बैठक में विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा डा. जयन्त नार्लीकर, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो. के.के. गुप्ता, राजकीय मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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राज्य ललित कला अकादमी द्वारा कुम्भ मेले में अखिल भारतीय कला प्रदर्शनी का आयोजन

Posted on 20 September 2018 by admin

कलाकार 30 सितम्बर, 2018 तक आवेदन जमा कर सकते हैं

लखनऊ: 20 सितम्बर, 2018
उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी द्वारा कुम्भ मेला प्रयागराज-2019 के मौके पर अखिल भारतीय कला प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा। इस कुम्भ पर आधारित चित्र, रेखांकन ग्राफिक्स एवं मूर्ति विषयक प्रदर्शनी लगाई जायेगी।
राज्य ललित कला अकादमी लखनऊ से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदर्शनी में भाग लेने वाले श्रेष्ठ कलाकृतियों में 10 कलाकारों को पुरस्कृत किया जायेगा। प्रत्येक कलाकार को 50 हजार रुपये की धनराशि पुरस्कार स्वरूप दी जायेगी। ये पुरस्कार अकादमी द्वारा कुम्भ मेला प्रयागराज-2019 अखिल भारतीय कला प्रदर्शनी के नाम से होंगे। श्रेष्ठ कलाकृतियों एवं कलाकारों के चयन के लिए अकादमी द्वारा निर्णायक समिति गठित की जायेगी।
अकादमी कुछ श्रेष्ठ कलाकृतियों को क्रय भी कर सकती है। इसीलिए कलाकारों को चाहिए कि वे अपनी कलाकृतियों का उचित मूल्य रखें। इस प्रदर्शनी में क्रय की गई कलाकृतियों का सर्वाधिकार (काॅपीराइट) अकादमी के पास सुरक्षित रहेगा। कलाकारों को इस आशय का एक प्रमाण-पत्र भी देना होगा। जब उन्हें अकादमी से क्रय की सूचना प्राप्त हो। मूर्तियां टिकाऊ पदार्थ की होनी चाहिए, जैसे धातु, काष्ठ, पत्थर, प्लास्टिक, फाइवर ग्लास आदि। कागज, प्लास्टर, मिट्टी तथा अन्य कमजोर पदार्थ की मूर्तियां कलाकार की जिम्मेदारी पर ही स्वीकार की जायेंगी।
अखिल भारतीय कला प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए कलाकार निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन कर सकते है। प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए प्रति कलाकार 500 रुपये प्रवेश शुल्क, अधिकतम तीन कृतियों के लिए देय होगा। प्रवेश शुल्क लौटाया नहीं जायेगा। कलाकार प्रवेश शुल्क नकद, मनीआर्डर, बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से शिड्यूल फार्म, छायाचित्र, जीवन परिचय पोट्रेट के साथ स्वयं या उचित माध्यम से 30 सितम्बर 2018 तक राज्य ललित कला अकादमी में भेज सकते हैं।
इस संबंध में इच्छुक कलाकार विस्तृत जानकारी के लिए सचिव राज्य ललित कला अकादमी उ0प्र0, लाल वारादरी भवन, ललित कला अकादमी मार्ग कैसरबाग लखनऊ, दूरभाष 0522-2616033/2628453 पर सम्पर्क कर सकते है।

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बलरामपुर चिकित्सालय के क्षतिग्रस्त शौचालयों एवं स्नानगृहों के जीर्णोद्धार हेतु 212.17 लाख रूपये स्वीकृत

Posted on 20 September 2018 by admin

लखनऊ: 20 सितम्बर, 2018
उत्तर प्रदेश सरकार ने बलरामपुर चिकित्सालय की न्यू बिल्डिंग के क्षतिग्रस्त शौचालयों एवं स्नानगृहों के जीर्णोद्धार हेतु 2 करोड़ 12 लाख 17 हजार रूपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव, श्री नर्वेद सिंह ने यह जानकारी देते हुये बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में आवश्यक आदेश निर्गत कर दिये गये हैं।
श्री सिंह ने कहा कि जारी शासनादेश के अनुसार क्षतिग्रस्त शौचालयों एवं स्नानगृहों के जीर्णोद्धार हेतु स्वीकृत धनराशि 2 करोड़ 12 लाख 17 हजार रूपये में से प्रथम किश्त के रूप में 68 लाख 58 हजार रूपये की धनराशि निर्गत की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत धनराशि को किसी पी0एल0ए0/बैंक खाते में न रखे जाने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही स्वीकृत धनराशि का उपयोग उसी मद में किया जायेगा, जिसके लिये वह स्वीकार की गयी है।
विशेष सचिव ने कहा कि इस भवन निर्माण का कार्य निर्धारित समायावधि के अन्दर ही पूर्ण कराने के निर्देश दिये गये हैं, ताकि जनसामान्य को इसकी सुविधा प्राप्त हो सके।

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जनपद पीलीभीत के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, ईटगांव के भवन निर्माण की धनराशि पुनरीक्षित

Posted on 20 September 2018 by admin

159.92 लाख रूपये की स्वीकृति जारी

लखनऊ: 20 सितम्बर, 2018
उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद पीलीभीत के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, ईटगांव के भवन निर्माण की धनराशि पुनरीक्षित करते हुये रूपये 1 करोड़ 59 लाख 92 हजार रूपये की स्वीकृति निर्गत कर दी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव, श्री नर्वेद सिंह ने यह जानकारी देते हुये बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में आवश्यक आदेश निर्गत कर दिये गये हैं।
श्री सिंह ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, ईटगांव के भवन निर्माण की लागत पूर्व में 1 करोड़ 31 लाख 36 हजार रूपये थी, जो बाद में बढ़कर 1 करोड़ 59 लाख 92 हजार रूपये हो गयी है। उन्होंने बताया कि पूर्व निर्धारित लागत के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में 50 लाख रूपये की धनराशि पूर्व मंे जारी की जा चुकी है। वर्तमान में इस भवन निर्माण की पुनरीक्षित लागत के सापेक्ष अवशेष धनराशि 1 करोड़ 09 लाख 92 हजार रूपये की स्वीकृति जारी की गयी है।
विशेष सचिव ने कहा कि जारी शासनादेश में यह भी निर्देश दिये गये हैं कि इस भवन निर्माण का कार्य निर्धारित समायावधि के अन्दर ही पूर्ण करा लिया जाय, ताकि जनसामान्य को इसका लाभ अनुमन्य हो सके।

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जिला कारागार, आगरा व मथुरा में निर्माण कार्य हेतु 78.53 लाख की धनराशि मंजूर

Posted on 20 September 2018 by admin

लखनऊ: 20 सितम्बर, 2018
उत्तर प्रदेश सरकार ने जिला कारागार, आगरा में गौशाला व द्वितीय चक्र की सर्किलवाल तथा जिला कारागार मथुरा में सर्किलवाल के निर्माण हेतु 78.53 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
इस सम्बन्ध में कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार जिला कारागार, आगरा में गौशाला/द्वितीय चक्र की सर्किलवाल के निर्माण हेतु 40.41 लाख रुपये तथा जिला कारागार मथुरा में सर्किलवाल के निर्माण हेतु 38.12 लाख रुपये मंजूर किये गये हैं।

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