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भारत के पुनर्निर्माण में पेंशनर्स का बड़ा योगदान

Posted on 22 October 2018 by admin

पेंशनर्स की समस्याओं पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी
-राजनैतिक पेंशन मंत्री

सुरेन्द्र अग्निहोत्री लखनऊ: दिनांक 22 अक्टूबर, 2018
आजाद भारत के पुनर्निर्माण में आज के पेंशनर्स का बड़ा योगदान रहा है। इन्होंने अपने जीवन का स्वर्णिम काल देश को बनाने में लगा दिया। देश व समाज के निर्माण की जिम्मेदारी को इन्होंने पूरी मेहनत व लगन से निभाया, जिसे आज की पीढ़ी भुला नहीं सकती। यह बात प्रदेश के विधायी एवं न्याय, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत व राजनैतिक पेंशन मंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने आज यहां गांधी भवन में आयोजित ‘अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ‘ के अधिवेशन को संबोधित करते हुये कही।
प्रदेश के विधायी एवं न्याय मंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने पेंशनर्स महासंघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कहा कि पेंशनर्स की सभी समस्याओं पर प्रदेश व केन्द्र सरकार गंभीरता से विचार करेगी तथा पेंशनर्स की मांगों को पूरा करने का प्रयास करेगी। उन्होंने स्वयं पूरी ताकत से इन मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि इस अधिवेशन में केन्द्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह को प्रतिभाग करना था, किन्तु किन्हीं कारणवश वे नहीं आ सके। यद्यपि वे पेंशनर्स की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का सुझाव दिया है।
साथ ही उन्होंने पेंशनर्स को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी समस्याओं का समाधान कराने का पूरा प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का पूरा ध्यान आपकी समस्याओं को लेकर है, क्योंकि पारिवारिक जीवन में हर किसी को कई जिम्मेवारियों से गुजरना पड़ता है। पेंशनधारक को भी इसे निभाना पड़ता है। उन्होंने इस अवसर पर पेंशनर्स की मांगों को प्रदर्शित करती हुई ‘पेंशन वाणी‘ पत्रिका का विमोचन भी किया।
आन्ध्र प्रदेश निवासी पेंशनर्स महासंघ के महासचिव श्री जी0पी0 राव महासंघ का 12 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि पेंशनर्स को बहुत समस्याओं से समझौता करना पड़ता है। देश के 29 राज्यों के 1.25 करोड़ पेंशनर्स देश के 125 करोड़ लोगों का नेतृत्व करता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र के 50 लाख पेंशनर्स, राज्य सरकारों के 90 लाख तथा निजी क्षेत्र के 45 लाख पेंशनर्स केन्द्र व राज्य सरकारों से सुविधा बढ़ाने की मांग कर रहा है। हमें पेंशन में भी टैक्स देना पड़ता है, जबकि जनप्रतिनिधियों की पेंशन टैक्स मुक्त है। उन्होंने कहा कि पेंशन सेवानिवृत्ति के बाद जीवन को सम्मानपूर्ण बनाये रखने की गारण्टी है, जिसको छीना नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि पेंशनर्स की पेंशन व स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ (एआईएसपीएफ) की स्थापना 16 जून, 2016 को हैदराबाद में हुई थी। इनकी समस्याओं पर विचार करने के लिए ही राष्ट्रीय स्तर का यह दूसरा महाअधिवेशन बुलाया गया है।
महासंघ की ओर से उन्होंने केन्द्र व राज्य सरकार से मांग की है कि पेंशनर्स को आयकर में छूट मिले, सभी को एक समान निःशुल्क चिकित्सा सुविधा व एक हजार रुपये प्रतिमाह चिकित्सा भत्ता, सभी राज्यों में समान रूप से सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों को लागू करना, पेंशन संशोधन के लिए राष्ट्रीय पेंशन आयोग का गठन किया जाना, पंजाब व हिमाचल प्रदेश की भांति आयु आधारित पेंशन निर्धारित किया जाना, पेंशन का अन्तिम आहरित वेतन का 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 67 प्रतिशत किया जाना तथा पारिवारिक पेंशन को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत, पेंशन राशिकरण की कटौती 12 वर्ष में करना, नई पेंशन प्रणाली को हटाकर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करना, भ्रमण एवं तीर्थयात्रा के लिए प्रतिवर्ष 01 माह की पेंशन के बराबर राशि का भुगतान तथा निगमों व स्वायत्तशासी संस्थाओं में एक ही शासकीय आदेश लागू किया जाना आदि।
कार्यक्रम में 19 राज्यों के महासंघ के प्रतिनिधियों सहित संगठन के सभी राज्यों से 800 पेंशनर्स ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन महाअधिवेशन के अध्यक्ष श्री शिव शंकर दुबे ने किया।

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बेटे की हत्या में माँ गिरफ्तार

Posted on 22 October 2018 by admin

लखनऊ।विधान परिषद के सभापति के पुत्र की हत्या का मामला। अभिजीत की हत्या में उसकी मां मीरा यादव गिरफ्तार। माँ ने बेटे अभिजीत की हत्या कबूली। बार बार बयान बदलने से फंसी माँ मीरा यादव। कल सीने में दर्द के बाद स्वाभाविक मौत बता रही थी माँ। नशे के लिए पैसे मांगने पर आए दिन होता था विवाद। पैसे न देने पर माँ से करता था मारपीट,अभद्रता। कल सुबह दारुल शिफ़ा के सरकारी फ्लैट में मिली थी अभिजीत की लाश। बड़े पुत्र अभिषेक से भी पूछताछ कर रही है पुलिस। जांच में साफ होगा कि किसी को बचाने के लिए तो माँ हत्या का आरोप अपने सिर ले रही है। मीरा यादव का बड़ा बेटा अभिषेक है सिविल इंजीनियर। अभिजीत चिनहट के एक कॉलेज से बीएससी कर रहा था। सभापति रमेश यादव के नाम एलॉट फ्लैट में रहता है परिवार।

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मुख्य न्यायाधीश इलाहाबाद हाईकोर्ट न्यायमूर्ति डी0बी0 भोसले कल सेवानिवृत्त होंगे

Posted on 22 October 2018 by admin

लखनऊ बेंच में फुल कोर्ट रेफरेंस द्वारा विदायी
लखनऊ: 22 अक्टॅूबर, 2018
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दिलीप बी0 भोसले कल सेवानिवृत्त होंगे। उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर कल लखनऊ बेंच में प्रातः 10 बजे से न्यायमूर्ति भोसले की सेवानिवृत्ति के अवसर पर फुल कोर्ट रेफरेंस चीफ जस्टिस कोर्ट में आयोजित है। न्यायमूर्ति भोसले अपराह्न में विमान द्वारा इलाहाबाद चले जायेंगे, जहां अपराह्न 03ः00 बजे इलाहाबाद हाईकोर्ट में उनका विदायी समारोह आयोजित है।
लखनऊ बेंच में आयोजित फुल कोर्ट रेफरेंस में सबसे पहले सम्मानीय वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रमनाथ भावोद्गार व्यक्त करेंगे। उनके बाद अवध बार एसोसिएशन लखनऊ के एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन श्री एस0के0 कालिया अपने हृदयोद्गार व्यक्त करेंगे। श्री कालिया के बाद उत्तर प्रदेश के एडवोकेट जनरल (महाधिवक्ता) श्री राघवेंद्र सिंह अपने भाव व्यक्त करेंगे। तत्पश्चात भारत सरकार के सहायक सालिसिटर जनरल श्री एस0बी0 पाण्डेय न्यायमूर्ति डी0बी0 भोसले के प्रति अपने भाव उद्गार व्यक्त करेंगे। अंत में सम्मानीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी0बी0 भोसले फुल कोर्ट रेफरेंस का समापन करते हुए अपने सभी सहयोगियों, बार और बेंच के प्रति अपनी भावनाओं को रखेंगे।
उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति डी0बी0 भोसले का जन्म 24 अक्टूबर 1956 को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार में हुआ था। उनके पिता बैरिस्टर बाबा साहब भोसले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे । न्यायमूर्ति भोसले की माता श्रीमती कलावती 94 वर्ष की उम्र में मुम्बई में निवास कर रही हैं। न्यायमूर्ति भोसले का विवाह 26 अप्रैल 1982 को श्रीमती अरूंधती के साथ हुआ। उनके दो संतान क्रमशः करन और नेहा हैं। करन वर्तमान में मुम्बई उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस कर रहे हैं जबकि नेहा कि स्वयं की एक लाॅ फर्म है। न्यायमूर्ति भोसले ने 1980 में बार की सदस्यता ग्रहण की थी और मुम्बई उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस करते हुए असिस्टेंट गवरनमेंट प्लीडर व असिस्टेंट प्रासीक्यूटर के रूप में कार्य शुरू किया था।
यह भी उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति भोसले ने अपने सेवाकाल में 85 न्यायधीशों को शपथ दिलवाने का रिकार्ड अपने नाम किया है। मुख्य न्यायाधीश के रूप में 15 फुल कोर्ट और 58 एडमिनिस्ट्रेटिव कमेटी मीटिंग का आयोजन न्यायमूर्ति भोंसले द्वारा किया गया। उन्होने 11994 मामलों में निर्णय डिवीजन बेंच में और 20 मामलों में निर्णय फुल बेंच में किया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में 100 से ऊपर जजों के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य करने का गौरव उन्हें प्राप्त है। पूरे देश में न्यायमूर्ति भोसले एकमात्र ऐसे जज हैं जिन्हें नेशनल एकेडमी आॅफ लीगल स्टडीज एण्ड रिसर्च (नालसर) और दामोदरन संजीवय्या नेशनल लाॅ यूनीवर्सटी विशाखापट्टनम के चांसलर के रूप में कार्य करने का गौरव प्राप्त है।

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अमित भाई शाह के जन्मदिन पर कार्यकर्ताओं ने केक काटा

Posted on 22 October 2018 by admin

लखनऊ 21 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्ीय अध्यक्ष एवं सांसद श्री अमित भाई शाह जी के जन्मदिन पर कार्यकर्ताओं ने केक काटकर बधाई गीत गाये। भाजपा महिला मोर्चा नेता श्रीमती नीलम तिवारी द्वारा जी.पी.ओ स्थित गाॅधी प्रतिमा पर आयोजित कार्यक्रम में राजधानी नगर सहकारी बैंक के चेयरमैन मान सिंह ने केक काटकर उनकी दीर्घायु होने की कामना की और कार्यकर्ताओं ने बधाई गीत भी गाये।
राजधानी नगर सहकारी बैंक के चेयरमैन मान सिंह ने कहा कि भारतीय राजनीति में भाजपा के चाणक्य बनकर उभरे श्री अमित भाई शाह जी का जन्मदिन बडें धूमधाम से मनाया जा रहा है। हम सब उनकी लम्बी आयु के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते है। संगठनात्मक क्षमताओं और कुशल राजनीतिक समझ के लिए माने जाने वाले श्री अमित भाई शाह जी परदे के पीछे रहकर प्रभावशाली राजनैतिक इतिहास रचा है। भाजपा नेता नीलम तिवारी ने श्री अमित भाई शाह जी के दीर्घायु होने की कामना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रभारी रहकर उन्होनें पिछले 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा को 80 में से 73 सीटें जिताने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाहन किया और राष्ट्ीय अध्यक्ष के रूप में विधानसभा चुनाव में भाजपा को उत्तर प्रदेश में 2 तिहाई सीटें जीताकर पुनः इतिहास रचा उनके नेतृत्व में संगठन विजयीश्री की ओर अग्रसर है। कार्यक्रम में भाजपा नेता अवधेश गुप्ता छोटू, ममता श्रीवास्तव, समीर नकवी(सफदर), सरिता शुक्ला, हेमलता गुप्ता, स्नेहलता श्रीवास्तव, मीना प्रजापति, राकेश कुमार तिवारी, मोहम्मद रिजवान, मोहम्मद नईम, विनोद कुमार कल्लू, ओम अवस्थी, धनानन्द आदि कार्यकर्ताओं ने भाजपा के राष्ट्ीय अध्यक्ष श्री अमित भाई शाह जी को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके दीद्र्यायु होने की कामना की।

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अमर शहीद अशफाक उल्ला खाँ की जयन्ती

Posted on 22 October 2018 by admin

अमर शहीद अशफाक उल्ला खाँ की जयन्ती आज यहां प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व मंत्री श्री राजबहादुर पूर्व मंत्री की अध्यक्षता में मनायी गयी। कार्यक्रम की शुरूआत अमर शहीद के चित्र पर माल्यार्पण से हुई।
यह जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता डाॅ0 उमाशंकर पाण्डेय ने बताया कि इस मौके पर पूर्व मंत्री श्री राजबहादुर ने अमर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हसरत नाम से लिखे हुए उनके तराने ‘‘जमीं दुश्मन जमां दुश्मन जो अपने थे पराये हैं, सुनोगे दास्तां क्या तुम मेरे हाले परेशां की’’ को याद करते हुए कहा कि अमर शहीद अशफाक उल्ला खां ने आजादी की लड़ाई मंे न सिर्फ अपना सब कुछ देश की बलि बेदी पर न्यौछावर कर दिया बल्कि आज करोड़ों भारतीय नौजवानेां के प्रेरणा व देश भक्ति के प्रकाश पुंज बने हुए हैं। पं0 राम प्रसाद बिस्मिल व अशफाक उल्ला खां की दोस्ती हिन्दू-मुस्लिम एकता और इस एकता में भारतीय चेतना की गंगा-जमुनी तहजीब को प्रदर्शित करती है।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से पूर्व विधायक श्री सतीश अजमानी, श्री वीरेन्द्र मदान, श्री विनोद मिश्रा, श्री शिव पाण्डेय, श्री अरशी रजा, श्री विजय सक्सेना, श्री शैलेन्द्र तिवारी, मोहम्मद नासिर सहित भारी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।

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मालिक के राग में राग मिलाना ही उसका प्रमुख कर्तव्य है

Posted on 22 October 2018 by admin

भारतीय केन्द्रीय जांच एजेंसी (सी0बी0आई0) केन्द्र सरकार का पालतू तोता है अपने मालिक के राग में राग मिलाना ही उसका प्रमुख कर्तव्य है चाहे कानून का शासन और उसके द्वारा स्थापित संस्थाएं और उनकी मर्यादा भले ही तार-तार हो जाये, यह बात तब साबित हुई जब उसे एक अभूतपूर्व स्थिति का सामना करते हुए अपने ही स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के विरूद्ध घूस लेने व आपराधिक षडयन्त्र का मुकदमा, मोईन कुरैशी के मनी लाण्ड्रिंग केस के मामले में जांच के घेरे में चल रहे एक कारोबारी सतीश सना से दो करोड़ रूपये रिश्वत लेने का मामला 15 अक्टूबर 2018 को दर्ज करना पड़ा।
राकेश अस्थाना प्रारम्भ से ही विवादास्पद रहे हैं। अस्थाना 1984 बैच के गुजरात कैडर के आई.पी.एस. अधिकारी हैं। ये 1996 में चारा घोटाले में लालू यादव को गिरफ्तार कर चर्चा में आये। इन्होने वर्ष 2002 में गुजरात के गोधरा काण्ड, अहमदाबाद बम ब्लास्ट व आशा राम केस के जांच का नेतृत्व किया था। यह अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर भी रह चुके हैं।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता डा0 उमाशंकर पाण्डेय ने आज जारी बयान में कहा कि राकेश अस्थाना मोदी नीत भाजपा सरकार के विश्वस्त सीबीआई अधिकारी रहे हैं। सरकार और अस्थाना के बीच का यह गठबन्धन राकेश अस्थाना के स्पेशल डायरेक्टर के रूप में इनकी नियुक्ति के सम्बन्ध में नियमों एवं प्रक्रिया को ताक पर रखने से उजागर होता है।
स्पेशल डायरेक्टर पद पर इनकी नियुक्ति को ‘कामन काज’ नामक सामाजिक संगठन ने कोर्ट में चुनौती दी थी क्योंकि अस्थाना का नाम 2011 के स्टर्लिंग बायोटेक मनी लाण्ड्रिंग केस का आधार बनी डायरी में पाया गया था।
अस्थाना की नियुक्ति के लिए गठित समिति में सेन्ट्रल विजिलेन्स कमिश्नर के.वी. चैधरी थे जिनका खुद का नाम सहारा-बिरला डायरी की जांच में आया था। तत्कालीन सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने अस्थाना की नियुक्ति पर आपत्ति जतायी थी। दिल्ली पुलिस स्टेबलिसमेंन्ट एक्ट जिसके अधीन सी.बी.आई. का संचालन होता है में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सुपरिटेन्डेन्ट आफ पुलिस से ऊपर की नियुक्तियों में निदेशक की सहमति आवश्यक है। सहमति तो दूर निदेशक की आपत्ति के बाद भी राकेश अस्थाना की स्पेशल डायरेक्टर के पद पर नियुक्ति मोदी नीत केन्द्र सरकार द्वारा, पूर्व में किये गये सहयोग का पुरस्कार लगती है।
राकेश अस्थाना अप्रैल 2016 में सीबीआई एडीशनल डायरेक्टर पद पर नियुक्त हुए। 2 दिसम्बर 2016 से 18 जनवरी 2017 तक अनिल सिन्हा के आफिस छोड़ने के बाद इन्हें अन्तरिम निदेशक बनाया गया। जबकि, सीबीआई ने सेकेण्ड इन कमाण्ड रहे आर.के. दत्ता को सीबीआई निदेशक बनना था। इसके दो दिन पूर्व ही आर.के. दत्ता का स्थानान्तरण गृह मंत्रालय में विशेष सचिव पद पर कर दिया गया। ऐसा दशकों बाद पहली बार हुआ कि अपने कृपापात्र अधिकारी को सीबीआई निदेशक पद देने के लिए सीबीआई जैसी महत्वपूर्ण संस्था का पूर्णकालिक निदेशक नहीं नियुक्त किया गया। ज्वाइन्ट सेक्रटरी स्तर के अधिकारी को विशेष सचिव स्तर का उच्च पद दे समायोजन मूलतः राकेश अस्थाना को पदस्थापित करने का ही प्रयास था।
इस मामले का दुबई सम्बद्ध मध्यवर्ती व्यक्ति मनोज प्रसाद व उसके अनुज सोमेश्वर प्रसाद के अनुसार इसमें समत कुमार गोयल जो भारतीय खुफिया एजेंसी ‘राॅ’ के पश्चिमी एशिया डेस्क के प्रभारी हैं उनका नाम भी लिया गया है जबकि एफआईआर में उनका नाम नहीं है।
प्रवक्ता ने कहा कि राकेश अस्थाना अपने पद का बेजा प्रयोग करते हुए वेस्ट बंगाल कैडर के आईएएस अधिकारी भास्कर खुलबे जो प्रधानमंत्री तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के बहुत ही विश्वस्त अधिकारियों की सूची में सम्मिलित थे और प्रमुख सचिव पी0के0 मिश्रा के बहुत ही खास थे उस वक्त के स्थानान्तरण एवं नियुक्तियों में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका जगजाहिर है। जिनका नाम कोयला घोटाले में जांच के घेरे में आया था। अस्थाना ने भास्कर खुलबे को अपराधी बनाने के स्थान पर उनके सम्बन्धों से प्रभावित होते हुए गवाह के रूप में दर्ज किया था।
प्रवक्ता ने कहा कि राकेश अस्थाना की नियुक्ति, अन्तरिम निदेशक पद पर उनकी प्रोन्नति व नियुक्ति समिति का नेतृत्व एक दागी व्यक्ति तत्कालीन सेन्ट्रल विजिलेन्स कमिश्नर के.वी. चैधरी के हाथों में देना। तत्कालीन व वर्तमान सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की संस्तुति न लेना, उनके आपत्ति को खारिज कर नियमों एवं प्रक्रियाओं की धज्जियां उड़ाना यह साबित करता है कि मोदी नीत केन्द्र सरकार सीबीआई को अपने राजनीतिक एजेण्डा को लागू करने का राजनीतिक हथियार बनाना चाहती थी।
वर्तमान मोदी सरकार द्वारा भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ इन संस्थानों का इस तरीके से व्यक्तिवादी एवं राजनीतिक हितों को साधने का प्रयोग इन संस्थानों की गरिमा, इनकी कार्य संस्कृति को न सिर्फ प्रभावित करता है बल्कि यह संविधान के शासन की शुचिता एवं भारतीय लोकतंत्र के आधार को अघात पहुंचा कमजोर करने का प्रयास करता है। वर्तमान सरकार काल में निर्वाचन आयोग, सतर्कता आयोग, सीबीआई एवं राॅ जैसे संवेदनशील इंटेलीजेंस एजेंसी का केन्द्र सरकार द्वारा राजनीतिक प्रयोग देश व उसकी आत्मा के साथ छल जैसा है।

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अशासकीय विद्यालयों के प्रबन्धकों की समस्याओं का होगा समाधान - डाॅ0 अशोक बाजपेयी

Posted on 22 October 2018 by admin

संघर्ष तो अंतिम विकल्प- सुरेश कुमार श्रीवास्तव,विधायक

लखनऊ। भाजपा के नेता एवं राज्यसभा सदस्य डाॅ0 अशोक बाजपेयी का कहना है कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की समस्याओं का समाधान शासन,प्रशासनव सरकार से संवाद से ही सम्भंव है। वह यहां सहाय सिंह बालिका इण्टर कालेज, नरही में जिले के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रबन्धकों की एक आवश्यक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
डाॅ0 अशोक बाजपेयी ने कहा कि प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों , क्लास तीन व चार के पदों पर नियुक्यिां नहीं हो पा रहीं है। विद्यालयों का रखरखाव व मरम्मत नहीं हो पा रही है,जल संस्थान से जलकर माफ नही हो रहा है तथा विद्यालयों से कामर्शियल दरों पर बिजली का मूल्य वसूला जा रहा है।
अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय प्रबन्धक सभा, उ0प्र0 के अध्यक्ष डाॅ0 अशोक बाजपेयी ने कहा कि सरकारें शिक्षकों की समस्याओं का समाधान तो तत्काल कर देतीं है क्योंकि वह संख्या बल में प्रबन्धकों की तुलना में कही अधिक है किन्तु, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रबन्धकों की समस्याओं पर तत्परता से समाधान नही हो पा रहा है। डाॅ0 अशोक बाजपेयी ने प्रबन्धकों से संघर्ष का रास्ता त्याग कर संवाद का रास्ता अख्तियार करने को कहा। डाॅ0 बाजपेयी ने कहा कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रबन्धकों का एक शिष्टमण्ड़ल और वे स्वयं प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा मंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा से तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इन विद्यालयों की समस्याओं से उन्हे अवगत करा समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रश्स्त करेगें।
अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय प्रबन्धक सभा उ0प्र0 से सम्बद्ध जिला विद्यालय प्रबन्धक संघ, लखनऊ की पुनर्गठित कार्यकारिणी की अध्यक्षता राजधानी के लखनऊ पश्चिम के विधायक सुरेश कुमार श्रीवास्तव ने की। विधायक सुरेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के हालात खराब है। उन्होने कहा कि प्रबन्धकों की समस्याओं का सम्बन्ध वर्ष 2019 के लोकसभा के चुनावों से नहीं है। बडी संख्या में जुटे प्रबन्धको से उनका कहना था कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की समस्याओं से निपटने के लिये संघर्ष तो अंतिम विकल्प है। उन्होने कहा कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की समस्याओं को राजनीति के चश्में से नही देखा जाना चाहिये। इन विद्यालयों की समस्याएं हकीकत में हैं जिनका यदि निवारण नही हुआ और सरकार से मदद नही मिली तो यह विद्यालय बंद हो जायगें। विधायक सुरेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रबन्धकों से अपील की की वे संगठित हों, अपने संगठन को और मजबूत करें तो समस्याओं का समाधान अवश्य होगा।
अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय प्रबन्धक सभा उ0प्र0 के कार्यकारी अध्यक्ष अरविन्द कुमार तथा महासचिव अनिल अग्रवाल ने प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की । जिला विद्यालय प्रबन्धक संघ लखनऊ के पूर्व अध्यक्ष मनमोहन तिवारी तथा पूर्व महासचिव प्रेम प्रकाश मौर्या ने राजधानी के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की समस्याओं पर सबका ध्यान खींचा।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनो जिला विद्यालय प्रबन्धक संघ लखनऊ का पुनर्गठन हो गया है । जिला विद्यालय प्रबन्धक संघ के अध्यक्ष लखनऊ पश्चिम के विधायक सुरेश कुमार श्रीवास्तव व महासचिव अरविन्द शुक्ला की मंत्रणा से तय किया गया कि प्रबन्धको का एक प्रतिनिधि मंडल, संयुक्त शिक्षा निदेशक षंष्ठ्म मंडल एवं जिला विद्यालय निरीक्षक लखनऊ से मिलकर प्रबन्धको की समस्याओं का एक ज्ञापन सौपेगा।
इससे पूर्व अतिथि डा0 अशोक बाजपेयी, सदस्य राज्य सभा एवं विधायक सुरेश कुमार श्रीवास्तव एवं अन्य अतिथियों का स्वागत महासचिव अरविन्द शुक्ला प्रबन्धक सहाय सिंह बालिका इण्टर कालेज नरही लखनऊ ने तथा विद्यालय के अध्यक्ष सतीश चन्द्र अग्रवाल ने आगंतुको को प्रतीक चिन्ह देकर धन्यवाद अर्पित किया।
इस मौके पर जिला विद्यालय प्रबन्धक संघ लखनऊ के उपाध्यक्ष एवं जयनारायण इण्टर कालेज के प्रबन्धक डा0 अनिल कुमार शुक्ल, सचिव प्रशांत तिवारी, प्रबन्धक शिवनारायण इण्टर कालेज छतौनी, कोषाध्यक्ष बृजेश रस्तोगी प्रबन्धक, लक्ष्मीनारायण भगवती विद्या मन्दिर इण्टर कालेज, माया गुप्ता प्रबन्धक, कस्तूरबा कन्या इण्टर कालेज,प्रेम प्रकाश मौर्या प्रबन्धक, सोहन लाल इण्टर कालेज, मनमोहन तिवारी प्रबन्धक, बालिका विद्यालय इण्टर कालेज मोतीनगर, प्रियतोष त्रिपाठी प्रबन्धक, एम0के0एस0डी0 इण्टर कालेज, विजय दयाल प्रबन्धक, नवयुग कालेज, डा0 अनिल अग्रवाल प्रबन्धक, नारी शिक्षा निकेतन, अभिषेक तिवारी प्रबन्धक, डी0ए0वी0 इण्टर कालेज, विजय कुमार रस्तोगी प्रबन्धक, लक्ष्मीनारायण भगवती विद्या मन्दिर, प्रशांत दत्त तिवारी प्रबन्धक, श्री शिवनंदन इण्टर कालेज आदि बड़ी संख्या में विद्यालयों के प्रबन्धक उपस्थित थे।

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क्षेत्रीय स्तर पर बैठकें की जाएगी

Posted on 22 October 2018 by admin

लखनऊ 22 अक्टूबर 2018, भारतीय जनता पार्टी के आगामी संगठनात्मक अभियानों की सफलता हेतु योजना रचना के लिए क्षेत्रीय स्तर पर बैठकें की जाएगी। अभियानों की सफलता के लिए ब्रज क्षेत्र की बैठक आगरा में होगी। जिसमें राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. महेन्द्र सिंह और पूर्व क्षेत्रीय महामंत्री राजेश्वर सिंह उपस्थित रहेंगें। 23 अक्टूबर को ही गोरखपुर व अवध क्षेत्र में भी अभियानो की बैठक होगी। अवध क्षेत्र की बैठक में प्रदेश महामंत्री गोबिन्द नारायण शुक्ला व पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पशुपति शंकर बाजपेयी मौजूद रहेगें। जबकि गोरखपुर क्षेत्र की बैठक में प्रदेश मंत्री अमरपाल मौर्या और युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिव भूषण सिंह सम्मिलित होगंे।
काशी क्षेत्र की बैठक 25 अक्टूबर को वाराणसी में होगी जिसमें प्रदेश महामंत्री गोबिन्द नारायण शुक्ला व प्रदेश मंत्री अमरपाल मौर्या समलित होगें जबकि 25 अक्टूबर को ही गाजियाबाद में होने वाली पश्चिम क्षेत्र की बैठक में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. महेन्द्र सिंह और प्रदेश उपाध्यक्ष जसवंत सैनी सम्मिलित होगें।
कानपुर में 26 अक्टूबर हो होने वाली बैठक में प्रदेश महामंत्री गोबिन्द नारायण शुक्ला व पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेेश्वर सिंह सम्मिलित होगें।
क्षेत्रीय स्तर पर होने वाली बैठकों में प्रत्येक जिले के पांच अभियान प्रमुख सम्मिलित होगें जिसमें आगामी अभियानों बाईक रैली, पद यात्रा एवं कमल विकास ज्योति महाअभियान की कार्य योजना पर भी चर्चा होगी।

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मुख्यमंत्री ने कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों को पुलिस स्मृति

Posted on 21 October 2018 by admin

राज्य सरकार पुलिस बल की कमी को दूर करने तथा कार्यकुशलता
बढ़ाने के लिए भर्तियों में तेजी लाने का कार्य कर रही है: मुख्यमंत्री

वर्ष 2019 के अन्त तक आरक्षी स्तर पर लगभग
1.25 लाख आरक्षियों की भर्ती पूर्ण होने से पुलिस बल
में आरक्षियों की कमी लगभग समाप्त हो जाएगी

पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाने एवं उनकी कार्य
संस्कृति को बेहतर बनाने के लिए वर्तमान सरकार द्वारा
समयबद्ध प्रोन्नतियों पर विशेष बल दिया गया: मुख्यमंत्री

थानों में बैरकों की कमी से निपटने के लिए राज्य
सरकार धनराशि की व्यवस्था करेगी: मुख्यमंत्री

पुलिस बल से सम्बन्धित विभिन्न पहलुओं पर समय-समय
पर राज्य सरकार को अपनी संस्तुतियां उपलब्ध कराने के
लिए 03 सदस्यीय आयोग का गठन किया जायेगा

सुरेन्द्र अग्निहोत्री, लखनऊ 21 अक्टूबर, 2018

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों को आज यहां रिजर्व पुलिस लाइन मंे पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राज्य सरकार शहीदों के परिवारों के साथ है और उनके हित में सभी आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही राज्य सरकार द्वारा अपराधमुक्त एवं भ्रष्टाचारमुक्त प्रदेश बनाने के लिए गम्भीरता से कार्य शुरू किया गया और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिये गये।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल की कमी को दूर करने तथा कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए भर्तियों में तेजी लाने का कार्य कर रही है। वर्ष 2018 में घोषित परिणाम के अनुसार 29,303 पुलिस आरक्षी प्रशिक्षणरत हैं, जिनमें 5341 महिला आरक्षी, 20134 पुरुष आरक्षी तथा 3828 पीएसी के जवान भी हैं। इसके अतिरिक्त 42,000 पुलिस कर्मियों की भर्ती प्रचलित है। इनमें और तेजी लाने के लिए अगले चरण में 51,216 पुलिस कर्मियों की भर्ती का भी कार्यक्रम पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा घोषित किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने बताया कि वर्ष 2019 के अन्त तक आरक्षी स्तर पर लगभग
1.25 लाख आरक्षियों की भर्ती पूर्ण होने से पुलिस बल में आरक्षियों की कमी लगभग समाप्त हो जाएगी। इसका सीधा लाभ आम जनता को होगा क्योंकि तब लोगों को बेहतर पुलिसिंग दी जा सकेगी। साथ ही, पुलिसकर्मियों के अवकाश प्राप्त करने की वर्तमान समस्याओं का भी समाधान हो सकेगा। सेवा अवधि के दौरान भी समय-समय पर प्रशिक्षण की व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सकेगा। पुलिसकर्मी भी अपने परिवार की बेहतर देखभाल के लिए समय निकाल सकेंगे, जिससे वे तनाव रहित होकर कार्य कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाने एवं उनकी कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने के लिए वर्तमान सरकार द्वारा समयबद्ध प्रोन्नतियों पर विशेष बल दिया गया है। इसी कड़ी में वर्ष 2017 में 9,892 पुलिस कर्मियों को तथा वर्ष 2018 में कुल 37,575 पुलिस कर्मियों को प्रोन्नतियां प्रदान की गयी हैं, जो एक रिकाॅर्ड है।
मुख्यमंत्री जी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में मात्र 5,793 आरक्षियों को प्रशिक्षित किये जाने के लिए संस्थागत ढांचा उपलब्ध है। इस क्षमता को दोगुना करने के लिए राज्य सरकार द्वारा धनराशि की व्यवस्था कर क्षमता वृद्धि हेतु अवस्थापना सुविधाओं का सृजन कराया जायेगा। प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए अन्य राज्यों तथा केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों के पास उपलब्ध प्रशिक्षण क्षमता का भी सहयोग लिया जा रहा है। जालौन तथा सुल्तानपुर के प्रशिक्षण केन्द्र बनकर तैयार हैं, इन्हें शीघ्र चालू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विभिन्न जनपदों के थानों में बैरकों की कमी के कारण कई पुलिस कर्मियों को आवासीय सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार पुलिस लाइन तथा थानों में समस्त सुविधाओं से सुसज्जित बैरकों के निर्माण के लिए धनराशि की व्यवस्था करेगी। वर्तमान में 07 जनपदों यथा चन्दौली, अमरोहा, औरैया, अमेठी, शामली, सम्भल तथा हापुड़ में पुलिस लाइन उपलब्ध नहीं है। इन जनपदों में भी पुलिस लाइन के निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा धनराशि की व्यवस्था की जायेगी। इनमें भूमि चयन की कार्यवाही विभिन्न स्तरों पर है।
मुख्यमंत्री जी ने बताया कि पुलिस बल से सम्बन्धित विभिन्न पहलुओं पर समय-समय पर राज्य सरकार को अपनी संस्तुतियां उपलब्ध कराने के लिए पुलिस आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण हेतु 03 सदस्यीय आयोग का गठन किया जायेगा। साइकिल भत्ते तथा वर्दी भत्ते के सम्बन्ध में वित्त आयोग की संस्तुतियां प्राप्त हो गई हैं। इन दरों में भी वृद्धि किये जाने पर शीघ्र ही निर्णय लिया जायेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान में पुलिस कर्मियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति सम्बन्धित कालबाधित बिलों के लिए चिकित्सा परिचर्या नियमावली में अनुमति का अधिकार शासन स्तर पर है। चिकित्सा प्रतिपूर्ति सम्बन्धी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक लाख रुपये तक के काल बाधित बिलों पर अनुमति प्रदान किये जाने के अधिकार सम्बन्धित विभागाध्यक्षों को प्रदान किये जाने के लिए चिकित्सा विभाग को 30 नवम्बर, 2018 तक चिकित्सा परिचर्या नियमावली में आवश्यक संशोधन कराने के निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मी जो पुलिस मुठभेड़, आतंकी घटनाओं, शान्ति व्यवस्था की स्थिति से निपटने तथा राहत कार्यों को प्रदान करने के दौरान आदि अन्य समकक्ष परिस्थितियों के दौरान घायल होकर कोमा में चले जाते हैं तथा जिनके समस्त अवकाश पूर्ण होने के उपरान्त उनके वेतन बन्द होने के कारण परिवार के समक्ष भरण पोषण का संकट उत्पन्न हो जाता है, उन्हें असाधारण पेंशन दिये जाने के लिए आसाधारण पेंशन नियमावली में वांछित संशोधन 30 नवम्बर, 2018 तक किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा विशेष जोखिम भरे कार्य के दौरान अदम्य साहस एवं विशिष्ट वीरता का परिचय देते हुए मृत्यु होने पर वर्तमान सरकार द्वारा उनके परिवार को मिलने वाली धनराशि को 20 लाख रुपये से बढ़ा कर 40 लाख रुपये पूर्व में किया जा चुका है। इसके अलावा, शहीद के माता-पिता को पूर्व में दी जाने वाली धनराशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री जी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार न केवल प्रदेश के पुलिस कर्मियों को बल्कि केन्द्रीय अर्द्धसैन्य बलों व दूसरे प्रदेशों के अन्य अर्द्धसैन्य बलों अथवा भारतीय सेना में कार्यरत रहते हुए प्रदेश के बाहर शहीद होने वाले कर्मियों, जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं, ऐसे शहीदों के परिवार को भी 25 लाख रुपये की दर से सहायता अनुमन्य करा रही है। इन्हीं बलों के ऐसे कर्मी जो उत्तर प्रदेश के बाहर के निवासी हैं तथा जिनकी कर्तव्य पालन के दौरान इन्हीं परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश के अन्दर मृत्यु हो जाती है, उनके परिवार को भी 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। वर्तमान सरकार द्वारा अब तक 27 शहीदों के परिवारों को कुल 07 करोड़ 60 लाख रुपये की धनराशि 24 से 48 घंटे के भीतर वितरित की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा विभिन्न कारणों से मृतक पुलिस कर्मियों के आश्रितों को पुलिस बल में भर्ती प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। अब तक 1,326 मृतक आश्रितों को आरक्षी एवं समकक्ष तथा उपनिरीक्षक एवं समकक्ष पदों पर भर्ती प्रदान की गयी है। यह निर्देश भी दिये गये हैं कि मृतक आश्रितों के अन्य प्रकरणों पर भी समयबद्ध ढंग से निर्णय लेते हुए भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जाये।
मुख्यमंत्री जी ने बताया कि राज्य सरकार ने यह निर्णय भी लिया है कि पुलिस बल के ऐसे कर्मी जो पुलिस मुठभेड़, आतंकवादी घटनाओं अथवा अन्य शान्ति व्यवस्था की परिस्थितियों में अदम्य साहस का परिचय देते हुए वीरगति को प्राप्त हुए हैं, उनके सम्मान में उनके पैतृक गांव के सम्पर्क मार्ग का नामकरण उनके नाम से किया जायेगा। शहीद आरक्षी श्री अंकित तोमर के नाम से उनके पैतृक गांव वाजिदपुर जनपद बागपत तथा शहीद उप निरीक्षक श्री जय प्रकाश सिंह के पैतृक गांव बनेवरा, जनपद जौनपुर के सम्पर्क मार्ग का नामकरण का प्रस्ताव शासन में प्राप्त हो गया है। इसके लिए शीघ्र ही शासनादेश जारी किया जायेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान में कर्तव्य पालन के समय प्रदेश के अन्दर अथवा बाहर आतंकवादियों व अराजकतत्वों की गतिविधियों में हुई हिंसा व मुठभेड़ के फलस्वरूप पुलिस कर्मियों के दिव्यांग हो जाने पर अनुग्रह धनराशि दिये जाने की कोई व्यवस्था नहीं है। भारत सरकार की भांति उत्तर प्रदेश के पुलिस कर्मियों को भी अनुग्रह धनराशि अनुमन्य करायी जायेगी। इस सम्बन्ध में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर आवश्यक शासनादेश दिनांक 30 नवम्बर, 2018 तक निर्गत किया जायेगा। वर्तमान सरकार ने पुलिस कार्मिकों के मनोबल, कार्य-कुशलता एवं व्यवसायिक दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से कई कदम उठाए हैं। जिनमें पुलिस विभाग के अराजपत्रित स्तर के विभिन्न पदों पर कर्मियों की पदोन्नति भी शामिल है।
मुख्यमंत्री जी ने बताया कि प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों हेतु वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा ‘राज्य आपदा मोचन बल’ (एस0डी0आर0एफ0) के गठन का निर्णय लेते हुए इसके लिए विभिन्न स्तर के पदों का सृजन भी किया गया है। इसके साथ ही, ‘यू0पी0 100’ परियोजना को और अधिक सुदृढ़ कर सफलतापूर्वक संचालित करने के निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश पुलिस ने महत्वपूर्ण मेलों तथा त्यौहारों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर अभी तक सभी त्यौहार सकुशल सम्पन्न कराए हैं। राज्य सरकार महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से सतर्क एवं प्रतिबद्ध है। इसके दृष्टिगत वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए ‘एण्टी रोमियो स्क्वाॅयड’ का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने बताया कि प्रदेश की आम जनता के बीच सुरक्षा की भावना जागृत करते हुए पुलिस की मित्र छवि बनाए जाने एवं अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही किए जाने के उद्देश्य से प्रतिदिन चेकिंग आदि की कार्यवाही के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों को फुट पेट्रोलिंग भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। तकनीक के विस्तार से साइबर अपराध भी बढ़े हैं। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा साइबर अपराधों की प्रभावी रोकथाम हेतु साइबर थानों की स्थापना की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि समाज व राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर कानून-व्यवस्था सम्बन्धी गम्भीर समस्याएं पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है, इससे निपटने के लिए सोशल मीडिया पर निरन्तर निगरानी करते हुए प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। एस0टी0एफ0 और ए0टी0एस0 ने भी प्रदेश की कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अपना सराहनीय योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री जी ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों द्वारा विभिन्न चुनौतीपूर्ण कार्यों को सकुशल सम्पन्न करते हुए, विशिष्ट एवं अतिविशिष्ट महानुभावों के प्रदेश में भ्रमण के दौरान अचूक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गयी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रदेश पुलिस पूरी ईमानदारी, कर्तव्य परायणता तथा जनसेवा की भावना से कार्य करेगी, जिससे जनता के मन में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ होगी।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल पहुंचने के उपरान्त परेड की सलामी ली तथा शहीद पुस्तिका को मंच पर प्रस्थापित किया। उन्होंने शहीद स्मारक पर शहीदों की स्मृति में पुष्पचक्र भी अर्पित किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक श्री ओ0पी0 सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 01 सितम्बर, 2017 से 31 अगस्त, 2018 की अवधि में 67 पुलिस कर्मियों ने कर्तव्यपालन के दौरान शहादत दी। उन्होंने शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिगण सर्वश्री ब्रजेश पाठक तथा डाॅ0 महेन्द्र सिंह, मुख्य सचिव डाॅ0 अनूप चन्द पाण्डेय, प्रमुख सचिव गृह श्री अरविन्द कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को कर्मचारी संगठनों के साथ से संवाद स्थापित कर नई पेंशन प्रणाली के सम्बन्ध में आयोजित भ्रान्तियां दूर करने के मुख्य सचिव के निर्देश

Posted on 21 October 2018 by admin

नई पेंशन योजना के अन्तर्गत कैम्प लगाकर कर्मचारियों का च्त्।छ (परमानेन्ट रिटायरमेन्ट अकाउन्ट नम्बर) पंजीकरण कराया जाए: डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय

कार्य से अनुपस्थित कार्मिकों के बारे में ‘‘कार्य नहीं तो वेतन नहीं’’ के अनुसार कार्यवाही होगी

वीडियोकान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों
को मुख्य सचिव ने दिये आवश्यक दिशा-निर्देश

लखनऊ: 21 अक्टूबर, 2018

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय ने प्रदेश के समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे कर्मचारी संगठनों से संवाद स्थापित कर नई पेंशन प्रणाली के सम्बन्ध में आयोजित भ्रान्तियां दूर करें। उन्होंने कहा कि संगठनों के पदाधिकारियों को इस बात की जानकारी दी जाये कि नई पेंशन स्कीम के अन्तर्गत उनके हित पूर्णतः सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि संवाद से ही नई पेंशन स्कीम के सम्बन्ध में कर्मचारियों को स्थिति स्पष्ट करने में सहायता मिलेगी।
मुख्य सचिव आज योजना भवन में आयोजित वीडियोकान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से आगामी 25 नवम्बर से कर्मचारी संगठनों द्वारा प्रस्तावित कार्य बहिष्कार के सम्बन्ध में समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने निर्देश दिये कि नई पेंशन योजना के अन्तर्गत जो कर्मचारी छूट गए हैं उनका च्त्।छ (परमानेन्ट रिटायरमेन्ट अकाउन्ट नम्बर) तत्काल पंजीकृत कराया जाए इस प्रयोजन हेतु कैम्प लगाकर आवश्यक कार्यवाही की जाए इसके अतिरिक्त कर्मचारियों को पंजीकरण हेतु आॅनलाइन पंजीकरण सुविधा की जानकारी भी प्रदान की जाए।
श्री पाण्डेय ने निर्देश दिये कि प्रस्तावित कार्य बहिष्कार के दौरान कार्य पर आने वाले कर्मचारियों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए, यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्यालय समय से खुले। उन्होंने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि आम जन को इस दौरान नगरीय सुविधाओ के साथ-साथ परिवहन सुविधाएं भी अनवरत रूप से मिलती रहें।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि प्रस्तावित कार्य बहिष्कार के दौरान सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा कार्मिकों को यह स्पष्ट कर दिया जाए कि कार्य से अनुपस्थित कार्मिकों के बारे में ‘‘कार्य नहीं तो वेतन नहीं’’ के अनुसार कार्यवाही होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि प्रत्येक जिले में कन्ट्रोल रूम बनाकर स्थिति पर नजर रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि कर्मचारियों द्वारा प्रस्तावित कार्य बहिष्कार के दौरान किसी भी कार्मिक को न तो अवकाश स्वीकृत किया जाए न ही उसे मुख्यालय छोड़ने की अनुमति प्रदान की जाए।
वीडियोकान्फ्रेन्सिंग के दौरान नियुक्ति, वित्त, सूचना एवं लोक निर्माण, उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा तथा परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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