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भारत सरकार द्वारा इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास हेतु डिफेन्स काॅरीडोर में योगदान किया जाएगा

Posted on 09 May 2018 by admin

प्रस्तावित डिफेन्स काॅरीडोर पर चिन्हित किए गए 6 नोड्स- अलीगढ़, आगरा, झांसी, चित्रकूट, कानपुर व लखनऊ

फीज़िबिलीटी स्टडी के लिए परामर्शी का चयन किया जा चुका है

राज्य की नवीन डिफेन्स एवं एयरोस्पेस मैन्यूफैक्चरिंग
नीति आएगी शीघ्र

उद्योग बन्धु में रक्षा क्षेत्र हेतु एक सेल तथा 6 नोड्स हेतु सिंगल विण्डो सिस्टम स्थापित किया जाएगा
लखनऊः 09 मई, 2018
”सरकार का दायित्व है कि सीमा पर तैनात सेना के जवानों को आवश्यक हथियार उपलब्ध कराये, अतः मा. प्रधानमंत्री जी के निर्देशन में डिफेन्स मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में सार्वजनिक एवं निजी उद्योगों को समान प्रकार के अवसर व सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने हेतु कदम उठाये गए हैं। उत्तर प्रदेश में डिफेन्स काॅरीडोर की स्थापना से रक्षा क्षेत्र के विकास का माहौल बनेगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को अधिकतम लाभ होगा“, ये उद्गार भारत सरकार के माननीय रक्षा राज्य मंत्री - डाॅ. सुभाष रामराव भामरे ने बुन्देलखण्ड डिफेन्स काॅरीडोर परियोजना के कार्यान्वयन हेतु उद्यमियों के सक्रिय प्रतिभाग को सुनिश्चित कर परियोजना को त्वरित प्रगति प्रदान करने के उद्देश्य से आज यहाँ इण्डियन इण्डस्ट्रीज़ एसोसिएशन व उद्योग बन्धु के सहयोग से आईआईए भवन गोमती नगर में आयोजित विचार गोष्ठी में व्यक्त किए।
20,000 करोड़ रुपये के सम्भावित निवेश तथा 2.5 लाख रोज़गार सृजन की सम्भावना वाले बुन्देलखण्ड डिफेन्स काॅरीडोर से सम्बन्धित इस गोष्ठी में लगभग 150 उद्यमियों तथा रक्षा उत्पादन से सम्बन्धित सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उद्यमों के अधिकारियों सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भाग लिया गया। अन्य प्रतिभागियों के अतिरिक्त इस कार्यक्रम में प्रमुख सचिव, सूचना एवं जनसम्पर्क - श्री अवनीश अवस्थी, सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास एवं अधिशासी निदेशक, उद्योग बन्धु - श्री संतोष कुमार यादव, सचिव, एमएसएमई - श्री भुवनेश कुमार तथा प्रबन्ध निदेशक, यूपीएसआईडीसी-श्री रणवीर प्रसाद आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि,डाॅ. भामरेने कहाकि डिफेन्स मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर क्षेत्र में स्वावलम्बी बनने के लिए स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने हेतु डिफेन्स प्रोक्योरमेंट मैनुअल में परिवर्तन किया गया है तथा लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया व आॅफसेट नीति में बदलाव कर इसे उद्योगों हेतु आसान बनाया गया है।उन्होंने बताया कि मेक इन इण्डिया कार्यक्रम के तहत हम अन्तर्राष्ट्रीय कम्पनियों को रक्षा उत्पादन हेतु आमंत्रित कर रहे हैं, जिसके लिए यथोचित इकोसिस्टम के सृजन हेतु भारतीय रणनीतिक पार्टनर का चयन कर लिया गया है तथा भविष्य में विदेशी रणनीतिक पार्टनर का चयन भी किया जाएगा।
राज्य सरकार के मा. औद्योगिक विकास मंत्री, श्री सतीश महाना ने अपने विशेष सम्बोधन में कहा किमा. मुख्यमंत्री जी का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय राज्य में औद्योगीकरण को पुनःस्थापित करने का था। यूपी इन्वेस्टर्स समिट 2018 में मा. प्रधानमंत्री जी की भागीदारी से एक ऐसा माहौल सृजित हुआ है कि निवेशक स्वयं उत्तर प्रदेश में उद्योग स्थापना हेतु रुचि प्रकट कर रहे हैं। श्री महाना ने कहा कि पहले निवेशकों को सरकार के पास जाना पड़ता था किन्तु अब सरकार निवेशकों के पास जा रही है। ‘‘मुझे प्रसन्नता है कि राज्य की नवीन औद्योगिक नीति का स्वागत हुआ है, अब शीघ्र ही घोषित होने वाली डिफेन्स मैन्यूफैक्चरिंग नीति में भी औद्योगिक संगठनों के सुझावों को सम्मिलित किया जाएगा।’’उन्होंने कहा कि लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है कि वे डिफेन्स सेक्टर की आवश्यकताओं के अनुसार उत्पादों का निर्माण कर लाभ उठायें।
इससे पूर्व सोसाइटी आॅफ इण्डियन डिफेन्स मैन्यूफैक्चरर्स (एस.आई.डी.एम.) के सचिव एवं महानिदेशक - सेवा निवृत ले. जनरल सुब्राता साहा ने प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज थल, वायु एवं नौसेना में उत्तर प्रदेश के जवान सबसे अधिक हैं। उन्होंने बताया किकेन्द्र सरकार की डिफेन्स मैन्यूफैक्चरिंग नीति में आत्मनिर्भता हेतु 13 प्रमुख सिस्टम्स को चिन्हित किया गया है तथा डिफेन्स काॅरीडोर में बुनियादी ढांचा तथा अन्य सुविधाएं विकसित करने के लिए भारत सरकार द्वारायोगदान किया जाएगा। ले. जन. साहा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पूर्व से विद्यमान रक्षा क्षेत्र की इकाइयों व सुविधाओं का विस्तार किया सकता है। उन्होंने एस.आई.डी.एम. के पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि राज्य में प्रचुर भूमि उपलब्ध है, जिस पर ग्रीन-फील्ड परियोजनाएं स्थापित की जा सकती हैं।
इस अवसर पर भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के आर्थिक सलाहकार - श्री रजीब कुमार सेन ने एयरोस्पेस व डिफेन्स क्षेत्र पर एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया, जिसमें बताया गया कि अब रक्षा उत्पादों का निर्माण भारत में ही करने हेतु अनेक नवीन कदम उठाये गए हैं। रक्षा उत्पादों में एमएसएमई हेतु आरक्षण की व्यवस्था की गई है तथा निर्यात नीति को सुचारू बनाया गया है। डिफेन्स उत्पादन विभाग द्वारा डिफेन्स इन्वेस्टर सेल स्थापित किया गया है।
उ. प्र. के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी), श्री अनूप चन्द्र पाण्डेयने ‘उŸार प्रदेश में डिफेन्स काॅरीडोर -विकास की साझेदारी, सुरक्षा की जिम्मेदारी’ विषय पर प्रस्तुतिकरण किया।उन्होंने बतायाकि बुन्देलखण्ड के विकास पर मा. मुख्यमंत्री जी ने विशेष बल दिया है, जिसके परिणामस्वरूप बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण का निर्णय लिया गया है, तथा निर्माणाधीन दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल काॅरीडोर व ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट काॅरीडोर प्रस्तावित डिफेन्स काॅरीडोर पर चिन्हित किए गए 6 नोड्स, यथा- अलीगढ़, आगरा, झांसी, चित्रकूट, कानपुर व लखनऊ, को प्रमुख बन्दरगाहों तथा हवाई अड्डों से कनेक्टिविटी मिलेगी।श्री पाण्डेय ने बताया कि राज्य सरकार ने डिफेन्सकाॅरीडोर के व्यवहारिकता अध्ययन (फीज़िबिलीटी स्टडी) के लिए परामर्शी का चयन किया जा चुका है।आईआईडीसी ने कहा कि डिफेन्स काॅरीडोर में मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों को स्थापित करने में सहजता प्रदान करने हेतु उद्योग बन्धु में रक्षा क्षेत्र हेतु एक सेलतथा 6 नोड्स हेतु सिंगल विण्डो सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना हेतु आईआईटी, कानपुर टेक्निकल पार्टनर तथा आईआईटी-बीएचयू मैटलर्जी टेक्निकल पार्टनर होगा।
प्रारम्भ में आईआईए के महासचिव, श्री के. के. अग्रवाल तथा आईआईए के अध्यक्ष, श्री सुनील वैश ने सभी उपस्थित विभूतियों व उद्यमियों का स्वागत करते हुए प्रस्तावित डिफेन्स काॅरीडोर परियोजना से होने वाले सामाजिक एवं आर्थिक विकास तथा एमएसएमई क्षेत्र के प्रतिभाग पर प्रकाश डाला।श्री सुनील वैश ने आश्वस्त किया कि आईआईए इस परियोजना के कार्यान्वयन में पूर्ण सहयोग करेगा।
विदित हो कि 21-22 फरवरी 2018 में आयोजित यूपी इन्वेस्टर्स समिट 2018 में मा. प्रधानमंत्री जी द्वारा उŸार प्रदेश में बुन्देलखण्ड डिफेन्स काॅरीडोरकी स्थापना की घोषणा की गई थी। तदोपरान्त केन्द्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परियोजना के कार्यान्वयन हेतु उद्यमियों के साथ संवाद की प्रक्रिया शुरू की है। इस कड़ी में झांसी एवं आगरामें इस प्रकार के कार्यक्रम हो चुके हैं, जबकि 14 मई को कानपुर में विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।

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उत्तर प्रदेश में अमेरिकी कम्पनियां भारी मात्रा में निवेश करेंगी

Posted on 09 May 2018 by admin

बोइंग, लाकहीड मार्टिन व हनीवेल डिफेन्स काॅरिडोर में निवेश की इच्छुक

जेवर एयरपोर्ट पर एम0आर0ओ0 हेतु अनेक कम्पनियाॅ इच्छुक

स्टेनफर्ड विश्वविद्यालय प्रदेश सरकार के साथ जेई/एईएस रोकथाम
के लिए एम0ओ0यू0 करेगा

इन्टेल ,औरेकल, सिस्को, थैलिस आदि बड़ी इलैक्ट्रानिक/आई0टी0 कम्पनियां प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश करेंगी

अमेज़न से वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट उत्पादों के अमेज़न पोर्टल
पर विक्रय हेतु विमर्श
लखनऊः 09 मई, 2018
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह जी ने कहा है कि अमेरिकी कम्पनियां उत्तर प्रदेश में भारी मात्रा में निवेश करेंगी। लाल बहादुर शास्त्री भवन (सचिवालय एनेक्सी) मे आज आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि बोइंग, लाकहीड, मार्टिन, व हनीवेल कम्पनियों ने डिफेन्स काॅरिडोर में निवेश हेतु इच्छुक है। इसके अतिरिक्त स्टेनफर्ड विश्वविद्यालय प्रदेश सरकार के साथ जेई/एईएस की रोकथाम के लिए एम0ओ0यू0 करेगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट पर एम0आर0ओ0 सुविधाओे को विकसित करने हेतु अनेक अमेरिकी कम्पनियों ने इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इन्टेल, औरेकल, सिस्को, थैलिस आदि बड़ी इलेक्ट्रानिक/आई0टी0 कम्पनियां भी प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश करेंगी। अमेजाॅन द्वारा प्रदेश में वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना के अन्तर्गत उत्पाद के अमेज़न पोर्टल पर विक्रय हेतु एमओयू प्रस्तावित है।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थनाथ सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल गत 30 अप्रैल, 2018 से 06 मई, 2018 तक अमेरिका के दौरे पर गया था। प्रतिनिधिमण्डल में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री अनूप चन्द्र पाण्डेय एवं विशेष सचिव मुख्यमंत्री श्री अमित सिंह भी शामिल थे।
प्रतिनिधिमण्डल ने बोइंग इण्टरनेशनल के अध्यक्ष श्री मार्क एलेन से भेंट की। कम्पनी द्वारा प्रदेश में प्रस्तावित अपने फाइटर प्लेन एफ-18 के निर्माण तथा एफ-16 प्लेन के लिये सप्लाई चेन की स्थापना में रूचि दिखाई गई। इसके अतिरिक्त जेवर एयरपोर्ट पर एम0आर0ओ0 सुविधायें उपलब्ध कराने में भी उन्होंने निवेश की इच्छा व्यक्त की। इसके अतिरिक्त प्रतिनिधिमण्डल ने लाॅकहीड मार्टिन के डायरेक्टर एशिया श्री डेविड के0 सटन से मुलाकात की। श्री सटन ने डिफेन्स काॅरिडोर तथा जेवर एयरपोर्ट पर एमआरओ सुविधायें विकसित करने में रूचि दिखायी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हनीवेल के उपाध्यक्ष श्री आर्थर सिम्मोनेती के साथ प्रतिनिधिमण्डल ने बैठक की। कम्पनी द्वारा राज्य की डिफेन्स तथा एयरोनाॅटिक्स परियोजनाओं में रूचि दिखायी गयी। वीटी सिस्टम के श्री रोनाल्ड बान्जेकोवस्की के साथ सम्पन्न हुयी बैठक में उनके द्वारा मेरठ हवाई पट्टी पर एमआरओ सुविधा विकसित करने में रूचि दिखायी गयी। उन्होंने यह भी बताया कि अमेजाॅन के सीनियर वाइस प्रेसीडेन्ट श्री जय कार्ने के साथ वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट के अन्तर्गत निर्मित उत्पादों की ई-मार्केटिंग अमेजाॅन पोर्टल पर करने हेतु एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गयी। उन्होंने बताया इस प्रकार की व्यवस्था उनके द्वारा उत्तर प्रदेश में निर्मित खादी उत्पादों के बारे में भी की जा रही है।
श्री सिंह ने बताया कि अमेरिका की स्टेनफोर्ड यूनीवर्सिटी के सीनियर फैकल्टी मेम्बर्स से प्रदेश के जेई/एईएस प्रभावित जनपदों की समस्याओं के समाधान हेतु यूनीवर्सिटी से एमओयू हस्ताक्षरित करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय ने ट्रैफिक मैनेजमेन्ट तथा जन स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु शोध कार्य में सहयोग देने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमण्डल ने आईआईटी कानपुर तथा बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के आईटी के पूर्व छात्रों (एलयूमिनी) से चर्चा की। बैठक के दौरान बीएचयू आईटी तथा आईआईटी कानपुर में एक-एक स्टार्ट अप एक्सीलेटर संचालित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि गुआवस (थेल्स कम्पनी की सबसिडरी) के अध्यक्ष श्री अनुकूल लखीना से नोएडा में डाटा सेन्टर स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार विमर्श हुआ। उन्होंने प्रदेश में आर्टीफिशियल इन्टेलीजेन्स को प्रोत्साहित करने हेतु एक इन्क्यूबेशन सेन्टर की स्थापना में रूचि दिखाई। उन्होंने बताया कि श्री रवीन्द्र रेड्डी, उपाध्यक्ष सिसको ने राज्य के अग्रणी शिक्षण संस्थानों में आर्टीफिशियल इन्टेलीजेन्स तथा इन्टरनेट आॅफ थिंग्स इन्क्यूबेशन सेन्टर की स्थापना में रूचि दिखायी।
श्री सिद्धार्थनाथ सिंह जी ने बताया कि अमेरिका भ्रमण के दौरान सुश्री असलेशा खण्डेपार्कर, अध्यक्ष ओरेकल (इण्डिया) ने वाराणसी में ओरेकल एकेडमी की स्थापना की इच्छा व्यक्त की। इनटेल कैपिटल के निवेश निदेशक श्री संजीत सिंह डंग ने आईआईटी कानपुर के सहयोग से स्टार्ट अप सेन्टर स्थापित करने में रूचि प्रदर्शित की। उन्होंने बताया कि री रवि अरोड़ा ने राज्य में मास्टर कार्ड की सेवायें उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए बताया कि वे आईओटी एवं साइबर सुरक्षा हेतु एक इन्क्यूबेशन सेन्टर विकसित करना चाहते है। इसके अतिरिक्त उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत बीमाकर्ताओं के माध्यम से सहयोग करने हेतु कार्य करने में रूचि दिखायी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हनीवेल तथा वाटर हेल्थ ने राज्य में शुद्ध पानी उपलब्ध कराने हेतु सेवायें देने की इच्छा व्यक्त की। हनीवेल के वाइस प्रेसीडेन्ट श्री आर्थर सिम्मोनेती ने स्मार्ट शहरों में शुद्ध पानी की समस्या के निदान तथा वाटर हेल्थ के सीईओ श्री संजय भटनागर ने एई/जेईएस प्रभावित गांवों में पेयजल शुद्धता हेतु जल संशोधन इकाई स्थापित करने में रूचि दिखाई। प्रतिनिधिमण्डल ने मेडट्रानिक्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री सीन सलमोन तथा उपाध्यक्ष श्री जेम्स साउथविक से विचार विमर्श किया। उन्होंने प्रदेश में कैथलैबों की स्थापना, जिला अस्पतालों में प्रीवेन्टिव एवं इनीशियल हेल्थ केयर सुविधाओं का पीपीपी माॅडल पर विकास करने के साथ-साथ कार्डिलाॅजिस्टों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में भी रूचि दिखायी। उन्होंने बताया कि वेरियन मेडिकल सिस्टम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री दीपक खूंटिया ने पीपीपी माॅडल पर प्रदेश में रेडियेशन आॅनकोलाॅजी विकसित करने में रूचि प्रदर्शित की।
श्री सिद्धार्थनाथ सिंह जी ने बताया कि इममर्सिव टच के चेयरमैन श्री पी0 पैट बनर्जी ने ऐसी तकनीक उपलब्ध कराने की इच्छा व्यक्त की जिससे कम कीमत पर एमआरआई को रिप्लेस किया जा सकेगा। इसके अन्तर्गत सीटी स्कैन डायगनोसिस 3 डी रीडिंग से की जा सकेगी। इससे राज्य के ट्रामा सेन्टरों के उच्चीकरण में सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि मर्क की निदेशक सुश्री अनुपमा तंत्री ने महिलाओं के सरवाईकल कैन्सर के उपचार हेतु वैक्सीन उपलब्ध कराने की इच्छा व्यक्त की। वे पंजाब तथा सिक्किम में सरवाईकल कैंसर के उपचार हेतु वैक्सीन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि गिलीड साइन्ज की निदेशक सुश्री क्लाउडिया लिलेनफेल्ड ने पंजाब की भांति उत्तर प्रदेश में हेपेटाईटिस सी हेतु वैक्सीन प्रोग्राम चलाने की इच्छा व्यक्त की। इसके अतिरिक्त मायलन के उपाध्यक्ष श्री निमेश शाह ने हेपेटाइटिस प्रीवेन्शन प्रोग्राम से जुड़ने की इच्छा व्यक्त की।
प्रतिनिधिमण्डल ने दोपहर के भोज पर अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेन्ट के संयुक्त सचिव, श्री थाॅमस एल वाडा, तथा वाणिज्य विभाग की संयुक्त सचिव, सुश्री डायना फैरेल, से विचार विमर्श किया। इस बैठक में अमेरिका की अनेक कम्पनियों के उद्योगपति मौजूद थे। बैठक में दोनों अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश को अमेरिका के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री, श्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने अमेरिकी अधिकारियों को बताया कि उत्तर प्रदेश की भागीदारी से ही भारत-अमेरिका की सहभागिता पल्लवित हो सकेगी। उत्तर प्रदेश की आन्तरिक सुरक्षा को मजबूत होना भारत की आन्तरिक सुरक्षा को मजबूती देगा। भारत में चिकित्सा मानकों में सुधार हेतु उत्तर प्रदेश के चिकित्सा कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान देना होगा।
प्रतिनिधिमण्डल ने अमेरिका में भारतीय राजदूत श्री नवतेज सरना, सैन फ्रांसिस्को में भारतीय उप राजदूत श्री वैंकटेश अशोका तथा न्यूयार्क में भारतीय उप राजदूत श्री संदीप चक्रवर्ती से भी मुलाकात की। बैठकों के दौरान भारतीय दूतावास द्वारा प्रदेश के निवेश प्रस्तावों के सक्रिय अनुश्रवण का आश्वासन दिया गया।

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आंगनबाड़ी केन्द्रों तक आपूर्ति की व्यवस्था हेतु अनुपूरक पोषाहार उत्पादक फर्मों, कम्पनियों हेतु ई-निविदा प्रकाशित

Posted on 09 May 2018 by admin

अनुपूरक पोषाहार की आपूर्ति प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों
तक 15 मई, 2018 से प्रारम्भ की जाएगी

अनुपूरक पोषाहार के प्रत्येक पैकेट व बाहरी बैग बारकोडेड होंगे

लखनऊः 09 मई, 2018
अम्बे्रला आई0सी0डी0एस0 की आंगनबाड़ी सेवायें एवं किशोरी बालिका योजना (एस0ए0जी0) के अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों तक आपूर्ति की व्यवस्था हेतु अनुपूरक पोषाहार उत्पादक फर्मों, कम्पनियों से ई-निविदा का प्रकाशन करते हुए प्रदेश के 18 मण्डलों को 14 संयुक्त मण्डलों में समेकित करते हुए ई-निविदा की कार्यवाही पूर्ण की गयी है। यह जानकारी प्रमुख सचिव बाल विकास पुष्टाहार श्रीमती अनीता सी मेश्राम ने आज यहां अपने कार्यालय कक्ष में दी।
श्रीमती मेश्राम ने बताया कि आगरा मण्डल में मेसर्स देवेश फूड्स एग्रो प्रोडक्ट्स प्रा0लि0, अलीगढ़ मण्डल में मेसर्स कान्टीनेन्टल मिल्कोज (इण्डिया) लि0, इलाहाबाद एवं मिर्जापुर मण्डल में मेसर्स आदित्या फ्लोर मिल्स प्रा0 लि0 एवं मेसर्स सुरूचि फूड्स प्रा0लि0, आजमगढ़ मण्डल में मेसर्स राउसीना उद्योग लि0 एवं मेसर्स पी0बी0एस0 फूड्स प्रा0लि0, बरेली मण्डल में मेसर्स सुरूचि फूड्स प्रा0लि0, बस्ती एवं गोरखपुर मेसर्स त्रिकाल फूड्स एण्ड एग्रो प्रोडक्ट्स प्रा0लि0, चित्रकूट एवं झांसी मेसर्स कैमेस्टर फूड इण्डस्ट्री प्रा0लि0 अनुपूरक पोषाहार आपूर्ति करेंगी।
इसी प्रकार देवीपाटन मण्डल में मेसर्स राशी न्यूट्री फूड्स एवं मेसर्स श्री लालजी इनर्जी फूड्स प्रा0लि0, फैजाबाद मण्डल में कोटा दाल मिल एवं मेसर्स सुरूचि फूड्स प्रा0लि0, कानपुर मण्डल में मेसर्स श्री लालजी इनर्जी फूड्स प्रा0लि0, लखनऊ मण्डल में मेसर्स नीलगिरी फूड प्रोडक्ट्स प्रा0लि0, मेरठ एवं सहारनपुर मण्डल में मेसर्स कैमेस्टर फूड इण्डस्ट्री प्रा0लि0, मुरादाबाद मण्डल में मेसर्स इण्टरलिंग फूड्स प्रा0लि0 तथा वाराणसी मण्डल में मेसर्स हेल्थ केयर एनर्जी फूड्स प्रा0लि0 को आपूर्ति हेतु अनुबंधित किया गया है।
अनुपूरक पोषाहार की रेसिपी में 06 माह से 03 वर्ष के बच्चे-टेक होम राशन के रूप में इनर्जी डेन्स वीनिंग फूड, इनर्जी डेन्स मीठा दलिया, इनर्जी डेन्स नमकीन दलिया, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को टेक होम राशन के रूप में इनर्जी डेन्स लड्डू प्रीमिक्स, इनर्जी डेन्स मीठा दलिया, इनर्जी डेन्स नमकीन दलिया, किशोरी बालिकाओं (22 जनपदों में) को टेक होम राशन के रूप में इनर्जी डेन्स लड्डू प्रीमिक्स, इनर्जी डेन्स मीठा दलिया, इनर्जी डेन्स नमकीन दलिया तथा 03 वर्ष से 06 वर्ष के बच्चों को मार्निंग स्नैक्स के रूप में इनर्जी डेन्स लड्डू प्रीमिक्स, इनर्जी डेन्स मीठा दलिया, इनर्जी डेन्स नमकीन दलिया अनुपूरक पोषाहार की रेसिपी के रूप में वितरित किया जायेगा।
प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रदेश में प्रथम बार उत्पादक फर्म/कम्पनी द्वारा अनुपूरक पोषाहार के प्रत्येक पैकेट व बाहरी बैग पर बारकोड (अमिट स्याही के साथ) अंकित करने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि बाहरी बैग में लगायी गयी बारकोड की लिंकेज अन्दर के 20 पैकेटों पर अंकित बारकोड के साथ होगा। बगैर बारकोड के कोई भी आपूर्ति स्वीकार नहीं की जायेगी।
बारकोड की व्यवस्था प्रथम बार की जा रही है। अतः इसे चरणबद्ध रूप से लागू किये जाने का शासन स्तर पर निर्णय लिया गया है। प्रथम चरण में बार कोडिंग हेतु प्रत्येक मण्डल के 01 जनपद की 01 परियोजना का चयन किया गया है, जिसमें अनुपूरक पोषाहार के पैकेटों एवं बाहरी बैग पर बारकोड के उपरान्त ही आपूर्ति प्रारम्भ की जायेगी।
प्रदेश के 18 मण्डलों के अन्तर्गत आने वाले जनपदों एवं परियोजनाओं हेतु अनुपूरक पोषाहार के प्रकार के अनुसार मात्रा का निर्धारण करते हुए उत्पादक फार्मों/कम्पनियों को आपूर्ति आदेश निर्गत कर दिया गया है। अनुपूरक पोषाहार की आपूर्ति प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों तक 15 मई, 2018 से प्रारम्भ की जाएगी।

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बंटवारा करने वाली सभी ताकतों से सावधान रहने की जरूरत है

Posted on 09 May 2018 by admin

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि देश में राजनीतिक स्थितियां बदल रही हैं। स्वार्थ के लिए भाजपा इतिहास की गलत व्याख्या कर रही है। बंटवारा करने वाली सभी ताकतों से सावधान रहने की जरूरत है। यह काम समाजवादी जोखिम उठाकर भीकरेंगे। क्योंकि यह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। समाजवादी इतिहास को जोड़ने की नज़र से देखते हैं जबकि भाजपा समाज को तोड़ने की राजनीति करती है। हम संविधान और लोकतंत्र, समाजवाद तथा सेक्यूलरिज्म के लिए प्रतिबद्ध हैं।

09-05-d श्री अखिलेश यादव आज यहां समाजवादी पार्टी मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। श्री अखिलेश यादव को पगड़ी बांधकर, स्मृति चिह्न तथा तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया। इसका आयोजन पूर्व मंत्री श्री अरविन्द सिंहगोप, विधायक श्री राकेश सिंह तथा पूर्व विधायक अभय सिंह द्वारा किया गया। मंच पर प्रदेश अध्यक्ष श्री नरेश उत्तम पटेल, हिन्दी संस्थान के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद श्री उदय प्रताप सिंह, पूर्व सांसद श्री भगवती सिंह, पूर्व मंत्री श्री राजेन्द्र चौधरी, ओम प्रकाश सिंह, राजकिशोर सिंह, पूर्व सांसद श्री नीरज शेखरउपस्थित थे।09-05-a

श्री अखिलेश यादव ने कहा कि लगभग 500 वर्श पूर्व हल्दी घाटी का युद्ध हिन्दू मुस्लिम की लड़ाई नहीं थी। यह राज्यों की परस्पर प्रतिस्पर्धा, आधिपत्य के विस्तार तथा अपने स्वाभिमान की रक्षा का युद्ध था। इस लड़ाई में जहां अकबर का सेनापति मान सिंह हिंदू था वही महाराणा प्रताप का सेनापति सरदारहाकिम खां मुस्लिम था।

श्री अखिलेश यादव ने कहा कि महाराणा प्रताप जयंती के इस आयोजन से भाजपा में ज्यादा हलचल होगी। भाजपा जितना रोकेगी हम उतना ही महापुरूषों का सम्मान करेंगे। महाराणा प्रताप आदर्श वीर पुरूष थे। वे स्वाभिमान की लड़ाई लड़े। महापुरूषों के समय के इस सद्भाव की आज समाज को बहुतजरूरत है। उन्होने कहा भाजपा सरकार ने उनकी जयंती पर अवकाश रद्द कर दिया है, समाजवादी सरकार बनने पर फिर अवकाश घोषित होगा। क्षत्रिय समाज को पहले भी सम्मान दिया है और भविष्य में भी दिया जाएगा।

श्री यादव ने कहा कि हम सब भारत देश के लोग हैं। देश को बनाने में हमारे पूर्वजों का भारी योगदान रहा है। हम देश तोड़ने और समाज को बांटने वाली ताकतों में टकराने की ताकत रखते हैं। राजनीति झूठे दावों और भ्रष्टाचार ने बिगाड़ दिया है। इसमें किसान, गरीब, अल्पसंख्यक महिलाऐं और नौजवानसब हाशिये पर डाले जा रहे। हमें इनके हितों की लड़ाई को अंतिम परिणति तक पहुंचाना होगा।

श्री यादव ने कहा कि भारत की धरती पर सर्वाधिक महापुरूषांे ने जन्म लिया। उनके आचरण को अपनाने की जरूरत है। हम चाहते हैं कि देश महान बने। हमारे पूर्वजों ने इस देश के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान किया है।

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गन्ना सर्वेक्षण नीति के अनुसार अपने गन्ना क्षेत्रफल के संबंध में किसान को देना होगा निर्धारित प्रारूप पर घोषणा पत्र

Posted on 09 May 2018 by admin

गन्ना किसान को अपनी पहचान के लिये देना होगा आधार कार्ड, आधार कार्ड न होने पर मतदाता पहचान पत्र/ड्राइविंग लाईसेन्स अथवा बैंक पासबुक भी होगे मान्य

विभागीय टोल फ्री नं0 1800.121.3203 पर किसान दर्ज करा सकता है अपनी शिकायत

लखनऊ: 09 मई 2018

प्रदेश के चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास मंत्री श्री सुरेश राणा के निर्देश के क्रम में गन्ना एवं चीनी आयुक्त श्री संजय आर. भूसरेड्डी ने पेराई सत्र 2018-19 के लिये गन्ना सर्वेक्षण नीति जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण के समय अपने गन्ना क्षेत्रफल के संबंध में किसान को निर्धारित प्रारूप पर घोषणा पत्र भरकर देना होगा और मौके पर मौजूद भी रहना होगा। घोषणा पत्र नही भरने पर किसान का सट्टा संचालित नही होगा और गन्ना आपूर्ति की सुविधा भी अनुमन्य नहीं होगी। यह भी अनिवार्य किया गया है कि घोषणा पत्र के साथ अपनी पहचान हेतु कृषक को आधार कार्ड देना होगा, आधार कार्ड न होने पर मतदाता पहचान पत्र/ड्राइविंग लाईसेन्स अथवा बैंक पासबुक भी मान्य होंगे।
श्री भूसरेड्डी ने बताया कि गन्ना कृषक सर्वेक्षण के समय स्वतः प्रमाणित खतौनी की प्रति विभागीय सर्वे कर्मी के समक्ष अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करेंगंे । गन्ना कृषक नयी/वारिस सदस्यता एवं उपज बढ़ोत्तरी हेतु भी सर्वेक्षण के समय ही आवेदन कर सकेगें। इसके लिये सर्वेक्षण के दौरान ग्राम स्तरीय गोष्ठियों का सघन आयोजन भी कराया जा रहा है। नये समिति सदस्य बनने के लिए कृषक को तीन प्रतियों में पासपोर्ट साइज की फोटो, भू-अभिलेख(खतौनी की प्रति) एवं बैंक खाता नम्बर देना होगा।
गन्ना आयुक्त ने बताया कि किसानो के व्यापक हित में यह व्यवस्था कराई गई है कि गन्ना विकास परिषद के प्राधिकारी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक टीमवार, तिथिवार, ग्रामवार गन्ना सर्वेक्षण कार्यक्रम का लीफलेट, पैम्पलेट, स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से व्यापक प्रचार सुनिश्चित करेंगें तथा एस.एम.एस. से किसानों को इसकी ससमय सूचना देना भी सुनिश्चित करेंगें। इस बार सर्वेक्षण प्रभारी का नाम एवं मोबाइल नम्बर चीनी मिल के वेबसाइट पर भी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जायेगा। सर्वेक्षण को लेकर किसी किसान को कोई भी समस्या हो तो वह विभागीय टोल फ्री नं0 1800-121-3203 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।

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पूरा बुन्देलखण्ड एक एक बूंद पानी के लिए तरस रहा है

Posted on 09 May 2018 by admin

मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ को संवेदनहीन अप्रवासी मुख्यमंत्री करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं प्रवक्ता अरूण प्रकाश सिंह ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री केा उ0प्र0 से ज्यादा चिन्ता कर्नाटक सहित दूसरे प्रदेशों में भाजपा के चुनाव प्रचार की रहती है। वरना ऐसा कौन सा मुख्यमंत्री होगा जिसके प्रदेश में एक ही रात प्राकृतिक आपदा से हजारों पशुओं सहित लगभग सौ लोग मर गये हों, घर उजड़ गये हों और प्रदेश के मुखिया एवं संरक्षक घर में रखी लाशेां को अनदेखा कर दूसरे प्रदेश के चुनाव प्रचार में मस्त हो।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं प्रवक्ता अरूण प्रकाश सिंह ने आज जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री जी की असंवेदनशीलता का आलम यह है कि उनके गृह जनपद के पड़ोस ही कुशीनगर जनपद की रेल दुर्घटना में मारे गये बच्चों पर शाही अंदाज में शोक संवेदना व्यक्त करने गये हमारे मुख्यमंत्री केा शोक संतप्त परिवारजनों एवं गांववालों का शोकजन्य आक्रोश नौटंकी लगता है और स्वयं उसी शाम अमरोहा जिले में दलितों के घर आयोजित शाही भोज में शामिल होते हैं। रोम जल रहा था और वहां का सम्राट महल में बांसुरी बजा रहा था।
श्री सिंह ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री झूठ बोलने में अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से प्रतिस्पर्धा करने लगे हैं। अमरोहा की जनसभा में मुख्यमंत्री जी ऐलान करते हैं कि जब तक किसानों का गन्ना खत्म नहीं होगा चीनी मिलें बन्द नहीं होंगी। वहीं दूसरी ओर उनके पूर्वांचल में अभी खेतों में गन्ना खड़ा है और चीनी मिलें उनके ऐलान के पहले ही बन्द हो गयीं। गन्ना किसानों को नवम्बर माह के बाद की पर्चियों का भुगतान चीनी मिलों द्वारा अब तक नहीं किया गया है।
प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़ी बड़ी डींगे मारने वाले हमारे मुख्यमंत्री के राज में स्वामी चिन्मयानन्द पर चल रहे बलात्कार के मुकदमें की सरकार द्वारा वापसी के साथ ही स्वयं मुख्यमंत्री सहित भाजपा के सभी नेताओं के संगीन अपराधों के मुकदमें भी वापस ले लिये गये हैं। जिसका परिणाम है कि प्रदेश के पुलिस का मनोबल गिर जाने से पूरे प्रदेश में बलात्कार, हत्या, लूट, डकैती जैसे अपराध महामारी की तरह फैल रहे हैं। प्रदेश में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि प्रशासन तन्त्र के माध्यम से प्रदेश के वित्तीय संसाधनों के अवैध धनादोहन से उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए ए0टी0एम0 मशीन बन चुका है।
प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री जी बुन्देलखण्ड को नखलिस्तान बनाने का दावा करते हैं दूसरी ओर पूरा बुन्देलखण्ड एक एक बूंद पानी के लिए तरस रहा है। बुन्देलखण्ड की यमुना, केन, बेतवा, चम्बल, मन्दाकिनी और उनकी सहायक नदियां खनन माफियाओं के अवैध खनन और दोहन से कराहते हुए सूख गयी हैं। अच्छा होगा कि मुख्यमंत्री जी प्रदेश के मुख्यमंत्रित्व का दायित्व छोड़कर अपने मठ का दायित्व संभालते हुए भाजपा का प्रचार करें। एक राजा अच्छा योगी हो सकता है लेकिन एक योगी अच्छा राजा नहीं हो सकता।

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राज्यपाल ने महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित की

Posted on 09 May 2018 by admin

लखनऊ: 9 मई, 2018
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने आज महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर लखनऊ के हुसैनगंज चैराहा स्थित उनकी प्रतिमा पर जाकर अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये।dsc_8901_2
राज्यपाल ने महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप एवं छत्रपति शिवाजी महाराज ने मुगल साम्राज्य को चुनौती दी। महाराणा प्रताप ने अपनी वीरता और अदम्य साहस से मेवाड़ की स्वतंत्रता के लिए जो कार्य किया वह देश के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। महाराणा प्रताप में राजसुख की लालसा नहीं थी। अपनी मातृभूमि एवं संस्कृति की रक्षा के लिए उन्होंने जंगलों में रहते हुये अनेक कष्ट सहे परन्तु अपने स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। महाराणा प्रताप का संघर्षमय जीवन, विषम एवं विपरीत परिस्थितियों में भी हार ना मानने की प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि हमें जो स्वराज मिला है उसे सामूहिक योगदान कर सुराज में परिवर्तित करने का कार्य करें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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मोदी-योगी की साफ-सुथरी सरकारों से सपा-बसपा-कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष को अपनी राजनीतिक दुकानें बंद होने का डर - डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय

Posted on 09 May 2018 by admin

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने नूरपुर विधानसभा चुनाव की नामांकन सभा में कार्यकर्ताओं में भरा जोश

अवनी सिंह को भारी बहुमत से जिताकर विधानसभा में पहुंचाने का एक-एक कार्यकर्ता ले प्रण

नूरपुर, बिजनौर/लखनऊ 09 मई 2018, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने नूरपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी श्रीमती अवनी सिंह की नामांकन सभा को संबोधित किया। नूरपुर में नामांकन सभा को संबोधित करते हुए डा0 पाण्डेय ने कहा कि स्वर्गीय लोकेन्द्र सिंह चैहान को श्रद्धांजलि एवं श्रीमती अवनी सिंह को आर्शीवाद व ताकत देने आये लोगों की संख्या से सभास्थल छोटा पड़ गया है। डा0 पाण्डेय ने कहा कि काल के चक्र ने अवनी को यहां खड़ा किया है, एक-एक कार्यकर्ता विधाता को प्रणाम कर श्रीमती अवनी सिंह को भारी बहुमत से जिताकर विधानसभा में पहुचानें को प्रण ले।
डा0 पाण्डेय ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार गांव-गरीब व हर दुखी तक घर-मकान, गैस, बिजली पहुंचाने के लिए उनके द्वार पर खड़ी है। आजाद भारत में आपातकाल के अत्याचारों के विरोध में 1977 में उ0प्र0 ने पूरी 85 सीटें जनता पार्टी को दी थी। उ0प्र0 की जनता ने जब यह देखा कि 10 वर्ष तक एक कमजोर प्रधानमंत्री ने सपा-बसपा के सहयोग से कमजोर सरकार को चलाया, जिस कमजोर सरकार के राज में देश कमजोर हुआ, सीमाएं कमजोर हुई, घोटालों का अंबार लगा, तो उ0प्र0 की जनता ने कड़ा और बड़ा फैसला करते हुए नरेन्द्र मोदी जी के रूप में ऐसा नेतृत्व चुना जो कर्मठता, ईमानदारी, चरित्र, सेवा और गांव-गरीब के हितैषी के रूप में है और जनता ने प्रदेश में 80 में से 73 लोकसभा सीटें भाजपा की झोली में डाल दी।
डा0 पाण्डेय ने कहा कि मोदी जी को यूपी की जनता ने दिल्ली में बैठाया तो 325 विधानसभा सीटों के साथ योगी जी को उ0प्र0 की सत्ता सौंपी। यह परिस्थितयां कुछ लोगों को पच नहीं रही है, उन्हें लगता है कि यह साफ-सुथरी जनसेवा का काम करने वाली योगी-मोदी सरकारेें अगर लम्बे समय तक रह गई तो हमारी राजनीति की दुकानें बंद हो जायेगी।
डा0 पाण्डेय ने स्व0 लोकेन्द्र सिंह से जुड़े संस्मरण सुनाते हुए कहा कि लोकेन्द्र जी के लिए पार्टी और समाज की सेवा ही जीवन का ध्येय थी। लोकेन्द्र जी इन्वेस्टर समिट में शामिल होने के लिए निकले थे, सभी ने मना किया था कि बहुत रात हो चुकी है, लेकिन लोकेन्द्र जी ने कहा कि, हमारा बिजनौर पिछड़ा जिला है, देश-दुनिया के बड़े-बड़े उद्योगपति आ रहे है, अपनी आखों से देखना जरूरी है, कि क्या-क्या इस प्रदेश के विकास के लिए आने वाला हैं, ताकि हो सके तो कुछ अपने नूरपुर के लिए भी ला सकूं। आपका जिंदादिल विधायक आपके लिए वहां गया और दुर्भाग्यवश दुर्धटना का शिकार हुआ। भाजपा ने स्व0 लोकेन्द्र जी की धर्मपत्नी को चुनाव मैदान में उतारा है, उन्हें जिताने की जिम्मेदारी एक-एक कार्यकर्ता की है।
नामांकन सभा में प्रमुख रूप से प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक, अशोक कटारिया, क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भूपेन्द्र चैधरी, सांसद यशवंत सिंह, कांता कर्दम आदि ने भी नामांकन सभी को संबोधित किया।
नूरपुर से मुजफ्फरनगर जाते समय भाजपा मुरादाबाद के कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय का जोरदार स्वागत किया।

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अल्पसंख्यक दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिये अपात्र होते हुए भी योजना का लाभ उठाने पर 10 संस्थाओं के विरूद्ध एफ.आई.आर

Posted on 08 May 2018 by admin

लखनऊ: 08 मई, 2018
जनपद सम्भल की 05 तथा जनपद अमरोहा की 05 संस्थाओं के द्वारा केन्द्रीय दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत अपात्र होने के बावजूद छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त करने का दोषी पाये जाने पर उनके खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करायी गयी है। प्रकरण में अन्य संस्थाओं की जाॅच प्रक्रियाधीन है उनपर जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।
यह जानकारी आज यहां अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा दी गयी है। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत वर्ष 2017-18 में आवेदित व अग्रसारित छात्र/छात्राओं के डेटा का संयुक्त निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण श्री आर0पी0सिंह द्वारा किये गये रेण्डम सत्यापन के बाद दी गयी जाॅच रिपोर्ट में जनपद मुरादाबाद की 03, अमरोहा की 05 तथा सम्भल की 12 शिक्षण संस्थायें जो संगीत अध्ययन केन्द्र व तकीनीकी प्रशिक्षण केन्द्रों के रूप में संचालित हैं द्वारा अपात्र होने के बाद भी छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त करने का दोषी पाया गया। इन 20 संस्थाओं के कुल 2328 छात्र/छात्राओं का डेटा शिक्षण संस्थाओं से अग्रसारित होने के उपरान्त जनपद स्तर से छात्रवृत्ति हेतु अगले स्तर पर अग्रसारित हुआ था। इन सभी छात्रों के खातों के संचालन पर संयुक्त निदेशक द्वारा गत 12 फरवरी, 2018 एवं 13 फरवरी, 2018 को तत्काल रोक लगाये जाने के निर्देश जारी करने के साथ अपनी रिपोर्ट निदेशक के माध्यम से शासन को प्रेषित की गयी। इन संगीत अध्ययन केन्द्रों मे ंसे अधिकांश की प्रयाग संगीत समिति से या तो सम्बद्धता है अथवा पूर्व में रही है। ये केन्द्र तथा इनके संचालित कोर्स केन्द्रीय दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना की गाइड लाइन्स के अनुसार पात्रता श्रेणी मे ंनहीं आते हैं। इस तथ्य की रिपोर्ट संज्ञान में आने के तत्काल बाद संबंधित जनपद के जिलाधिरियों को विस्तृत जाॅच कर नियमानुसार विधिक कार्यवाही के निर्देश दिये गये थे।

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राजकीय माध्यमिक शिक्षकों के आनलाइन स्थानान्तरण हेतु समय सारिणी जारी

Posted on 08 May 2018 by admin

स्थानान्तरण की प्रक्रिया आगामी 10 मई से शुरू होकर 11 जून, 2018 तक पूरी

स्थानान्तरण की सूचना शिक्षकों के मोबाइल पर प्राप्त होगी
लखनऊ: 08 मई, 2018
उत्तर प्रदेश सरकार ने राजकीय माध्यमिक शिक्षकों के आनलाइन स्थानान्तरण हेतु समय सारिणी जारी कर दी है। राजकीय शिक्षकों के स्थानान्तरण की प्रक्रिया आगामी 10 मई से शुरू होकर 11 जून, 2018 तक पूरी हो जायेगी।
प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा निदेशक (कार्यवाहक) श्री साहब सिंह निरंजन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 10 से 11 मई, 2018 तक एनआईसी द्वारा वेबसाइट नचेमबहजजण्नचेकबण्हवअण्पद पर सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों द्वारा जनपद के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की सूची जोनवार, संवर्गवार तथा विद्यालय का स्तर एवं शिक्षकों के रिक्त पद की संख्या विद्यालयवार एवं जोनवार प्रपत्र ‘अ’ में विद्यालयों की सूची तथा प्रपत्र ‘ब’ में विषयवार रिक्तियों की संख्या पूर्ण कर डिजिटल हस्ताक्षर से लाॅक करेंगे। स्थानान्तरण हेतु इच्छुक शिक्षकों द्वारा 12 मई से 21 मई तक आवेदन किया जा सकेगा। आवेदन के उपरान्त शिक्षकों के रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक ओ.टी.पी. आयेगा, जो उनका पासवर्ड होगा। आवेदक शिक्षक प्रिंट किये गये आवेदन पत्र को प्रधानाचार्य की संस्तुति के पश्चात 22 मई तक आवेदन पत्र को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जमा कर रसीद प्राप्त करेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा 23 मई से 24 मई तक जनपद के आवेदकों की उपस्थिति में उनके प्रमाण पत्रों का परीक्षण किया जायेगा। इसके उपरान्त जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा आवेदन पत्रों का भलीभांति परीक्षण कर अपने डिजिटल हस्ताक्षर से लाॅक कर 25 मई तक आॅनलाइन पोर्टल पर अग्रसारित किये जायेंगे।
एनआईसी द्वारा विकसित साफ्टवेयर के माध्यम से शिक्षकों के प्राप्त आवेदन पत्रों की 26 से 30 मई तक प्रोसेसिंग की जायेगी तथा 31 मई से 01 जून तक शिक्षक एवं शिक्षिकाओं का स्थानान्तरण आदेश अपर शिक्षा निदेशक द्वारा जारी किया जायेगा। स्थानान्तरण आदेश जारी होने के उपरान्त 02 जून से 11 जून के बीच स्थानान्तरित शिक्षक कार्यमुक्त होकर अपने नवीन तैनाती के विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करेंगे।
माध्यमिक शिक्षक ने बताया कि आॅनलाइन स्थानान्तरण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश माध्यमिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट उंकीलंउपोीपोींण्दपबण्नचण्पद पर अपलोड कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि ट्रांसफर होने के बाद आवेदकों के मोबइल पर भी स्थानान्तरण की सूचना प्रेषित हो जायेगी तथा इससे शिक्षकों को कहीं इधर-उधर पता करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

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