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मोहसिन रज़ा ने हज हाउस का निरीक्षण किया व्यवस्थाओं को बेहतर बनाये रखने की आवश्यकता पर बल दिया

Posted on 13 July 2018 by admin

4लखनऊ: 13 जुलाई, 2018
प्रदेश के मुस्लिम वक़्फ एवं हज राज्य मंत्री श्री मोहसिन रज़ा ने आज यहाँ सरोजनीनगर स्थित मौलाना अली मियां मेमोरियल हज हाउस में हज यात्रियों के लिये की गयी व्यवस्थाओं का गहनता से निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाये रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
निरीक्षण के दौरान राज्य मंत्री ने हज हाउस में बनाये गये मंच को और अधिक व्यवस्थित करने, मीडिया इनक्लेव को और बड़ा करने तथा इबादतगाह के रख-रखाव बेहतर बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। उन्होंने हज हाउस में हज यात्रियों के उपयोग के लिए शौचालयों के साथ ही पूरे परिसर को साफ-सुथरा रखने की आवश्यकता पर बल दिया।31
इस अवसर पर श्री मोहसिन रज़ा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ अल्पसंख्यकों के विकास और कल्याण के प्रति दृढ़-संकल्प है और उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हंै। महिलाओं को बिना महरम के हज यात्रा पर जाने की छूट देकर केन्द्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है जिसका सभी ने विशेषकर मुस्लिम समुदाय ने दिल से स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हमारी नीति ‘सबका साथ-सबका विकास’ की है ताकि समाज के अंतिम छोर पर बैठें लोगों को विकास की धारा में शामिल किया जा सके।
श्री मोहसिन रज़ा ने हज यात्रियों से कहा कि वे इस पवित्र यात्रा के दौरान मुल्क की बेहतरी और अमन-चैन की दुआ जरूर करें।

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वाण सागर परियोजना किसानों के कल्याण में मील का पत्थर साबित होगी -श्री धर्मपाल सिंह

Posted on 13 July 2018 by admin

लखनऊ: 13 जुलाई, 2018
वर्तमान प्रदेश सरकार ने गति प्रदान कर वाण सागर परियोजना को पूर्ण कराया
वाण सागर परियोजना से 01 लाख 50 हजार भूमि सिंचित होगी
01 लाख 70 हजार किसान लाभांवित तथा 5.54 लाख टन
अतिरिक्त खाद्यान्न का होगा उत्पादन
वाण सागर परियोजना किसानों के कल्याण में मील का पत्थर साबित होगी
-श्री धर्मपाल सिंह
उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री श्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से आच्छादित सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक बाणसागर नहर परियोजना वर्ष 1997 में प्रारम्भ की गयी थी जिसे वर्तमान सरकार के शासन काल में गति प्रदान कर पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्य बांध जनपद शहडोल, मध्य प्रदेश में वर्ष 2006 में तत्कालीन मा0 प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी द्वारा उद्घाटन किया गया। श्री सिंह ने बताया कि इस परियोजना से उत्तर प्रदेश के जनपद मिर्जापुर में 75,309 हे0 एवं जनपद इलाहाबाद में 74,823 हे0 कुल 1,50,132 हे0 भूमि सिंचित होगी जिससे 1,70,000 कृषक लाभांवित होंगे तथा 5.54 लाख टन खाद्यान्न का अतिरिक्त उत्पादन होगा। परियोजना पर कुल लागत रुपये 3420.24 करोड़ आई है तथा नहरों की कुल लम्बाई 171.80 किमी0 है।
सिंचाई मंत्री आज सिंचाई विभाग मुख्यालय के सभागार में बाणसागर परियोजना के पूर्ण होने पर प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि विशाल विन्ध्याचल पर्वत पर कैमूर की पहाड़ियों की तमाम बाधाओं को पार करते हुए 05 मी0 व्यास की, 2.05 किमी0 सुरंग तथा 0.50 किमी0 लम्बा पाइप एक्वाडक्ट जो विश्व में बहुत कम परियोजनाओं पर निर्मित है, बनाकर परियोजना को राष्ट्र समर्पण के लिये तैयार किया गया है।
श्री सिंह ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा 15 जुलाई, 2018 को एशिया की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक बाण सागर नहर परियोजना का श्री गणेश किया जायेगा। उन्होंने कहा कि योगी जी की सरकार केवल शुभ कार्य की इच्छा नहीं रखती बल्कि निश्चय कर निर्णय लेने वाली सरकार है श्री सिंह ने कहा कि किसान के कल्याण में यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी।

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निर्माणाधीन मेडिकल कालेजों का निर्माण समय से पूर्ण किया जाए -मंत्री श्री आशुतोष टण्डन

Posted on 13 July 2018 by admin

लखनऊ: 13 जुलाई, 2018
केन्द्र सहायतित योजना फेज-1 के अंतर्गत निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कालेजों की समीक्षा प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं प्राविधिक शिक्षा मंत्री श्री आशुतोष टंडन ने आज विधान सभा सचिवालय के अपने कार्यालय कक्ष में की। उन्होंने जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल कालेज की स्थापना हेतु फैजाबाद, बस्ती, बहराइच, फिरोजाबाद व शाहजहांपुर में चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाने व कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने सभी कार्यो को समय सीमा के अन्दर पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उक्त मेडिकल कालेजों से सम्बन्धित सड़कों का निर्माण अतिशीघ्र पूर्ण कर लिया जाये। निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किये जाये।
श्री टण्डन ने कहा कि निर्माणाधीन मेडिकल कालेजों के लिए प्रोफेसर, चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की कार्यवाही तथा अवस्थापना सुविधाओं का कार्य भी तत्काल सुनिश्चित कर लिया जाय ताकि मेडिकल कालेज के सुचारू संचालन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने उ0प्र0 पावर कारपोरेशन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्युत संयोजन का कार्य प्राथमिकता से कराया जाय।
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डा0 रजनीश दुबे, विशेष सचिव श्री शमीम अहमद खान, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण डा0 के0के0 गुप्ता, राजकीय मेडिकल कालेजों के प्राचार्यगण/नोडल अधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप के तहत दुर्बल आय वर्ग के भवनों के निर्माण हेतु निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने सम्बन्धी दिशा-निर्देश जारी प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जायेगा

Posted on 13 July 2018 by admin

लखनऊ: दिनांक: 13 जुलाई, 2018
राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के घटक अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप के अन्तर्गत दुर्बल आय वर्ग के भवनों के निर्माण हेतु अभिकरणों को निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराये जाने हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन किये जाने का निर्णय लिया है। प्रदेश के सभी मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी, आवास आयुक्त, उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद, समस्त उपाध्यक्ष, विकास प्राधिकरण उ0प्र0 तथा समस्त नगर आयुक्तों को इस हेतु दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं।
आदेश में यह कहा गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की सफलता भूमि के समयान्तर्गत एवं सही लोकेशन के चयन पर पूर्णतः आधारित है। योजना के लिए चयनित भूमि प्रतिबन्धित श्रेणी की नही होगी, बल्कि इसके लिए नजूल, अर्बन सीलिंग की सरप्लस भूमि, ग्राम समाज की भूमि, नगर निगम की भूमि, स्थानीय निकायों की भूमि, राजकीय-आस्थान एवं अन्य सरकारी विभागों यथा-लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग की अनुपयुक्त पड़ी भूमि तथा विकास प्राधिकरणों/आवास एवं विकास परिषद की भूमि का उपयोग किया जायेगा। योजना हेतु चिन्हित की जाने वाली सभी प्रकार की भूमि संबंधित संस्था/विभाग द्वारा अनिवार्य रूप से निःशुल्क उपलब्ध करायी जायेगी तथा तदनुसार अपने अभिलेखों में भी दर्ज किया जायेगा। योजना हेतु भूमि का चयन निर्धारित समायान्तर्गत एवं उपयुक्त स्थान (लोकेशन) पर किया जायेगा। संबंधित अभिकरण द्वारा इस भूमि का उपयोग किसी अन्य प्रयोजन के लिए नहीं किया जायेगा।
इसके साथ ही नजूल अथवा अन्य प्रकार की भूमि के अन्तरण के संबंध में विभिन्न प्रवृत शासनादेशों के प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना मे भवन निर्माण हेतु समिति द्वारा यदि लोक निर्माण विभाग की कोई अनुपयुक्त भूमि चिन्हित होती है तो लोक निर्माण विभाग की सहमति प्राप्त कर कार्यवाही की जायेगी।
प्रत्येक जनपद में योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए गठित इस समिति में अध्यक्ष के रूप में जिलाधिकारी, उपाध्यक्ष के रूप में, उपाध्यक्ष संबंधित विकास प्राधिकरण अपर आवास आयुक्त/सचिव आवास विकास परिषद, सदस्य के रूप में नगर आयुक्त संबंधित नगर निगम/अधिशाषी अधिकारी, संबंधित नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत, सदस्य संयोजक के रूप में संबंधित उप जिलाधिकारी जहां भूमि स्थिति है, संबंधित विकास प्राधिकरण/परिषद के अधिशासी अभियन्ता तथा स्थानीय आवश्यकतानुसार जिलाधिकारी द्वारा नामित अधिकारी सदस्य होंगे।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2021 तक आवास विकास परिषद हेतु 1.20 लाख तथा विकास प्राधिकरण हेतु 2.80 लाख कुल 4 लाख दुर्बल आय वर्ग के भवनों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।

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दुग्धशाला विभाग, उ0प्र0 के राज्य दुग्ध परिषद एवं उसकी सभी इकाइयों में हड़ताल पर रोक

Posted on 13 July 2018 by admin

लखनऊ: दिनांक: 13 जुलाई, 2018
उ0प्र0 सरकार ने अत्यावश्यक सेवाओं के अनुरक्षण अधिनियम, 1966 के अधीन प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दुग्धशाला विकास विभाग, उत्तर प्रदेश, राज्य दुग्ध परिषद एवं सदस्य इकाइयां, प्रादेशिक काॅपरेटिव डेरी फेडरेशन लि0 लखनऊ जिसमें उनकी सभी इकाइयां भी सम्मिलित है, के अधीन सभी सेवाओं में एवं उनके सदस्य सहकारी दुग्ध संघों के अधीन सभी सेवाओं में 06 माह के लिए हड़ताल पर रोक लगा दी है।
दुग्ध विकास विभाग द्वारा 10 जुलाई, 2018 को जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य सरकार को समाधान हो गया है कि लोकहित में ऐसा करना आवश्यक और समीचीन है।
सम्पर्क: अ0 सूचना अधिकारी- आरती वर्मा

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नगरीय क्षेत्रों में वितरण/स्टाक रजिस्टर तथा ई-चालान को अधिक उपयोगी व पारदर्शी बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए

Posted on 13 July 2018 by admin

लखनऊ: 13 जुलाई, 2018
प्रदेश के जनपदों में आवश्यक वस्तुओं के वितरण की पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने के लिए खाद्य आयुक्त श्री आलोक कुमार ने संबंधित अधिकारियों को समस्त नगरीय क्षेत्रों में प्रत्येक उचित दर विक्रेता के यहाँ पूर्व में प्रचलित रजिस्टर की उपयोगिता एवं आवश्यक प्रारूप तथा ई-चालान की प्रति में अतिरिक्त सूचनाओं के प्रदर्शन के सम्बन्ध में दिशा निर्देश दिये हैं।
जारी निर्देशों में कहा गया है कि नगरीय क्षेत्र के उचित दर विक्रेताओं के वितरण रजिस्टर प्रतिमाह कार्यालय में जमा कराने का व्यवहार समाप्त किया जाए। इसके अलावा किसी माह विशेष में प्राप्त होने वाले आवंटन के साथ-साथ यह भी ज्ञात होना चाहिए कि उसे प्राप्त होने वाले आवंटन की मात्रा का निर्धारण किस प्रकार किया गया है एवं यह मात्रा उसे किन लाभार्थियों के विरूद्ध प्राप्त हुई है। विभागीय वेबसाइट से प्राप्त होने वाले लाभार्थियों की सूची तथा सिस्टम इन्टीग्रेटर की सूची में कोई भिन्नता नहीं होनी चाहिए तथा इस सूची में राशन कार्डधारक का नाम तथा यूनिट के सम्मुख एक अभ्युक्ति के काॅलम का प्रयोग विक्रेता द्वारा दैनिक रूप से वितरण करते समय यह सुनिश्चित करने के लिये करना होगा कि अमुक परिवार सम्बन्धित माह में अपना खाद्यान्न प्राप्त कर चुका है या नहीं।
सिस्टम इन्टीग्रेटर/एन0आई0सी0 द्वारा भी मासान्त में ऐसी सूची उपलब्ध करायी जायेगी, जिसमें राशनकार्डधारक को माह में किये गये वितरण का विवरण होगा, जिससे विक्रेता अपने अभिलेखों का मिलान कर सकेगा। इसी प्रकार स्टाक रजिस्टर में भी मासान्त में संक्षिप्त विवरण तैयार किया जायेगा, जिससे स्पष्ट हो कि माह कि आरम्भिक अवशेष व माह में प्राप्त कुल आमद के विरूद्ध कुल कितने परिवारों को कितनी मात्रा वितरित की गयी है। इस व्यवस्था से न केवल प्रतिदिन बेची गई खाद्यान्न की मात्रा व अवशेष खाद्यान्न का हिसाब रहेगा बल्कि यह भी ज्ञात रहेगा कि किन परिवारों का खाद्यान्न वितरित नहीं हो सका है।
उन्होंने कहा कि एन0आई0सी0 उत्तर प्रदेश द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि खाद्यान्न की धनराशि जमा करने हेतु निर्गत आनलाइन चालान में पूर्व विवरणों के अतिरिक्त ऐसे लाभार्थियों की संख्या, जिनके लिए आवंटन जारी हुआ है तथा गतमाह के अवशेष मात्रा का भी उल्लेख हो, ताकि विक्रेता को किसी प्रकार का भ्रम न हो।

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कुम्भ मेले में भीड़ प्रबन्धन के मार्गदर्शन हेतु कन्सल्टेंट नियुक्त करने की मिली सैद्धांतिक सहमति

Posted on 13 July 2018 by admin

लखनऊ: 13 जुलाई, 2018
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक मुख्य सचिव डा0 अनूप चन्द्र पाण्डेय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण के 10 प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया।
राहत आयुक्त श्री संजय कुमार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में वर्ष 2018-19 के लिए राज्य आपदा प्रबंध योजना को अनुमोदित किया गया। इसी प्रकार मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जनपद के 50-50 विद्यालयों में प्रशिक्षण, जागरूकता एवं माॅकड्रिल इत्यादि कार्यक्रमों को संचालित करने के लिए सम्भावित व्यय 7.5 करोड़ रु0 का अनुमोदन प्रदान किया गया। समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन प्रशिक्षण परियोजना के अन्तर्गत 19 आपदा संवेदनशील जनपदों के 950 ग्राम पंचायतों में आपदा प्रबन्धन सम्बंधी प्रशिक्षण देने के लिए 4.69 करोड़ रु0 की धनराशि अनुमोदित की गई। इसमें प्रत्येक ग्राम पंचायत से 30-30 व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया जायेगा।
राहत आयुक्त ने बताया कि युवा कल्याण विभाग के 150 अधिकारियों एवं 750 पी.आर.डी. जवानों एवं युवक/महिला मंगल दल के सदस्यों को 5 दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण देने की योजना है। इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण हेतु 60.75 लाख रु0 की राशि को अनुमोदित किया गया है। उन्होंने बताया कि पंचायती राज विभाग के 2460 अधिकारियों/कर्मचारियों को राज्य/जनपद स्तरीय प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। इस प्रशिक्षण कार्य के लिए 105.75 लाख रु0 का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
श्री संजय कुमार ने बताया कि उ0प्र0 राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण के द्वारा वर्ष 2017-18 में व्यय की गई राशि 147.15 लाख रु0 तथा वर्ष 2018-19 मं अब तक हुए व्यय 55.61 लाख रु0 की राशि को अनुमोदित की गई। उन्हांेने बताया कि एस.डी.आर.एफ. के अन्तर्गत वर्ष 2017-18 में 12 दिसम्बर, 2017 से 31 मार्च, 2018 तक की अवधि में हुए व्यय की राशि 105.64 करोड़ रु0 तथा वित्तीय वर्ष 2018-19 में अब तक हुई खर्च 442.87 करोड़ रु0 की धनराशि का अनुमोदन दिया गया। उन्होंने बताया कि कुम्भ मेला-2019 में आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने तथा भीड़ प्रबंधन पर मार्गदर्शन करने के लिए कन्सल्टेंट नियुक्त किए जाने के प्रस्ताव की सैद्धांतिक सहमति बैठक में प्रदान की गई।
राहत आयुक्त के अनुसार निजी संस्था स्काई मेट द्वारा प्रदेश में तीन माह के लिए विभिन्न आपदाओं के संबंध में पूर्व चेतावनी एवं पूर्वानुमान की निःशुल्क सेवा हेतु एम.ओ.यू. करने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रकार के आपदाओं से बचाव तथा प्रबंधन आदि के बारे में प्रशिक्षण, साहित्य, पम्पलेट, ब्रोशर, होर्डिंग आदि के मुद्रण के कार्य के लिए 40 लाख रु0 की धनराशि का अनुमोदन किया गया।
बैठक में अपर मुख्य सचिव सुश्री रेणुका कुमार सहित राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
अपर सूचना अधिकारी- आरती वर्मा

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मेंथा प्रसंस्करण इकाईयों को निर्यात दायित्व सिद्ध होने के उपरान्त मिलेगी मण्डी शुल्क और विकास सेस की छूट

Posted on 13 July 2018 by admin

लखनऊ: 13 जुलाई, 2018
प्रदेश में जिन मेंथा प्रसंस्करण इकाइयों को निर्यात में मण्डी शुल्क और विकास शुल्क में छूट प्राप्त होनी है उनके द्वारा निर्यात से पहले इस छूट के बराबर की धनराशि बैंक गारण्टी निर्यातक के द्वारा मण्डी समिति में जमा करवायी जायेगी। गारण्टी धनराशि को निर्यात का दायित्व सिद्ध होने पर 30 दिन के भीतर अवमुक्त कर दिया जायेगा।
यह जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार श्री अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि यह व्यवस्था कृषि उत्पादन मण्डी अधिनियम 1964 की धारा-17 (क)(1)(ख) के अन्तर्गत निर्यात पर मण्डी शुल्क/विकास सेस में छूट प्राप्त मेंथा प्रसंस्करण इकाईयों के लिए लागू की गई है। उन्होंने बताया कि मण्डी शुल्क व विकास सेस की गणना निदेशक, मण्डी द्वारा नियमानुसार करते हुए बैंक गारण्टी की अपेक्षा की जायेगी।

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भू-जल सप्ताह का आयोजन पूरे प्रदेश में 16 जुलाई से सप्ताह की थीम ‘भूजल संरक्षण-समय की मांग’

Posted on 13 July 2018 by admin

लखनऊ: 13 जुलाई, 2018
भूजल संरक्षण का संदेश आम जनता तक पहुंचाने और जागरूकता लाने के उद्देश्य से आगामी 16 जुलाई से 22 जुलाई तक ‘‘भूजल सप्ताह का आयोजन पूरे प्रदेश में किया जायेगा। इस वर्ष मनाये जा रहे सप्ताह की थीम ‘‘भूजल संरक्षण समय की मांग’’ (ळतवनदक ॅंजमत बवदेमतअंजपवद.छममक व िभ्वनतद्ध है। यह आयोजन राज्य, मण्डल, जनपद, तहसील एवं विकासखण्डों में विशेष रूप से स्थानीय स्कूलों कालेजों/शैक्षिक संस्थानों की व्यापक सहभागिता के साथ किए जाने के निर्देश राज्य सरकार द्वारा संबंधित विभागों को दिए गए हैं।
प्रदेश के 217 विकास खण्ड अतिदोहित/क्रिटिकल/सेमी क्रिटिकल श्रेणी में पहुंच गए जो चिन्ताजनक स्थिति है। भूजल संसाधनों की उपलब्धता में प्रभावी सुधार, गिरते भूजल स्तर के दीर्घकालिक एवं स्थायी समाधान के लिए भूगर्भ जल संसाधनों का प्रभावी प्रबन्धन आवश्यक है। आम जन की सहभागिता के बिना शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भूगर्भ जल के गहराते संकट से निपटना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसलिए आम जनता को भूजल संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना आवश्यक है।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने वर्षा जल संचयन एवं भूजल संवर्धन से संबंधित योजनाओं का शिलान्यास/लोकार्पण यथासंभव क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा भूजल सप्ताह की अवधि में कराये जाने के साथ ही स्थानीय स्कूल कालेजों में परिचर्चा, संवाद, निबन्ध, वाद-विवाद, चित्रकला, कठपुतली प्रदर्शन, लोक नृत्य, पोस्टर्स, होर्डिंग, प्रदर्शनी मेलों, रैलियों एवं आकाशवाणी, रेडियो दूरदर्शन एवं विभिन्न प्रचार माध्यमों के द्वारा आयोजित कराने के निर्देश दिए हैं।

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हथकरघा मंत्री ने यू0पी0 हैण्डलूम को हथकरघा निदेशालय में मर्ज करने का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के दिए निर्देश

Posted on 13 July 2018 by admin

51लखनऊ: दिनांक: 13 जुलाई, 2018
प्रदेश हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री श्री सत्यदेव पचैरी ने कहा कि राज्य में हथकरघा विकास कार्यक्रमों को गति देने के लिए राज्य सरकार संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि यू0पी0 हैण्डलूम को हथकरघा निदेशालय में समाहित करने के लिए विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा निगम के कर्मी जब हथकरघा निदेशालय में मर्ज हो जायेंगे, तो उनकी वेतनमान सहित अनेक कठिनाइयों का समाधान त्वरित गति से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मनोरंजन कर विभाग को वाणिज्य कर विभाग में मर्ज किया गया है, उसी तर्ज पर हैण्डलूम कारपोरेशन को भी मर्ज करने पर विचार किया जा सकता है।
श्री पचैरी आज विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हैण्डलूम उद्योग को नया जीवन मिले इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं और यू0पी0 हैण्डलूम को घाटे से उबारने के लिए भी प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को हैण्डलूम की ब्रिकी को बढ़ाने के लिए अधिकारियों को समन्वय से काम करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि हैण्डलूम को ओ0डी0ओ0पी0 जोड़ने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाय। उन्होंने कहा कि हैण्डलूम के शोरूम में पीपीपी के आधार पर ओ0डी0ओ0पी0 का एक काउन्टर भी स्थापित किया जाय।
हथकरघा मंत्री ने कहा कि हैण्डलूम के पास लगभग 500 से 700 करोड़ रुपये की प्रापर्टी है, फिर भी हथकरघा निगम के अधिकांश शोरूम घाटे में हैं। उन्होंने कहा कि काफी अरसे से घाटे में चल रहे 25 शोरूम को बंद करने की कार्यवाही की जा रही है। यह शोरूम किराये के भवन में है और वहां पर कोई कर्मचारी भी तैनात नहीं है। अनावश्यक रूप से भवन के किराये का बोझ सरकार पर पड़ रहा है। इससे लम्बित देनदारियां खत्म होंगी और वर्तमान में बढ़ रही देनदारियों पर भी अंकुश लग सकेगा।
श्री पचैरी ने अधिकारियों को हथकरघा उत्पादों के बिक्री के लक्ष्य कों इस वर्ष दोगुना करने के निर्देश देते हुए कहा कि बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए अभी से लक्ष्य तय कर लिए जायं। उन्होंने हैण्डलूम की बिक्री में इजाफा करने के लिए नान टेक्सटाइल्स आइटम को जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने क्रेताओं को भी हैण्डलूम स्टालों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों की जिम्मेदारी कार्यकुशलता के आधार पर तय करने के निर्देश दिए।
राज्य हथकरघा निगम के प्रबंध निदेशक श्री सुखलाल भारती ने हथकरघा निगम द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि निगम अपने शोरूमों को बेहतर ढंग से संचालित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि निगम के 13 बिक्री केन्द्र लाभ में चल रहे हैं। इसके साथ ही मामूली हानि में चल रहे 20 बिक्री केन्द्रों को और बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि यह भी लाभ में जल्द आ सकें। उन्होंने बैठक में आश्वस्त किया कि निगम पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अपनी बिक्री को दोगुना करने के लिए सम्भव प्रयास करेगा।

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