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सरकार की प्राथमिकताओें के अनुरूप कार्य न करने वाले अधिकारी दंडित होंगे: मुख्यमंत्री

Posted on 15 July 2012 by admin

1-6सैफई के ‘जनता दर्शन’ में सुनी शिकायतें, कहा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्रों को मिले

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण भी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जनसमस्याओं के त्वरित निदान पर अमल शुरु हो गया है और कुछ ही समय में इसके परिणाम सामने आना शुरु हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री आज सैफई स्थित नुमाइश पंडाल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए कृत संकल्प है। राज्य में कृषि उत्पादों तथा फसलों की उचित कीमत दिलाने के साथ-साथ कृषि सम्बन्धी अन्य सुविधाएं भी मुहैय्या कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जो वायदे किये हैं, उन पर अमल होना प्रारम्भ हो गया है, लैपटाप/टैबलेट का वितरण तथा कन्या विद्याधन जैसी योजनाओं पर कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए जितने भी वायदे किये हैं, उनको पूरा करने के लिए प्रभावी निर्देश दे दिये गए हैं। विकास कार्यों के लिए बजट में समुचित प्रावधान कर लिए गए हैं ताकि धन के अभाव में किसी भी योजना का कार्य बाधित न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें अच्छी बनें और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो, इसके लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करते हुए कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि बिजली का आवश्यकतानुसार उत्पादन हो, इसके लिए बिजली उत्पादन के क्षेत्र में सरकार निरन्तर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जन सामान्य को सस्ता इलाज उपलब्ध कराने हेतु अस्पतालों में अत्याधुनिक सुविधाएं तथा उच्च कोटि की दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हंै। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि अस्पताल से कोई भी मरीज बिना इलाज के लौटने न पाए। उन्होंने कहा कि गरीबों को उच्च कोटि का इलाज सस्ते में उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में नये-नये अस्पताल खोले जा रहे हैं, कन्नौज में मेडिकल कालेज व सैफई में पैरामेडिकल कालेज इसी की एक कड़ी है।
1-9श्री यादव ने निर्देश दिए कि शासन की जो भी कल्याणकारी योजनाएं चल रहीं है, उनका लाभ पात्रों को पारदर्शिता और समय से प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि गरीबों को गरीबी से उभारने के लिए जो कल्याणकारी योजनाएं संचालित हो रही हैं उनका उन्हें भरपूर लाभ प्रदान किया जाए, जिससे वे भी सामान्य लोगों की तरह अपना आर्थिक विकास कर सकें।
मुख्यमंत्री ने सैफई स्थित प्रदर्शनी पण्डाल में आज आयोजित जनता दर्शन के दौरान उपस्थित लोगों से कहा कि अपनी किसी भी समस्या के लिए सम्बन्धित अधिकारी से सम्पर्क करें, यदि वह अधिकारी उनकी समस्या का समाधान नहीं करते हैं, तो उन्हें अवगत करायें। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इससे पूर्व मुख्यमंत्री लोक निर्माण विभाग के स्थानीय निरीक्षण गृह में जनप्रतिनिधियों से भी मिले।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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‘सेव द गर्ल चाइल्ड’ पर सी.एम.एस. द्वारा आयोजित ‘अन्तर्राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन’ का डिम्पल यादव ने किया भव्य उद्घाटन

Posted on 15 July 2012 by admin

dimple-yadav-with-ummeed-girlsजिस परिवार, समाज में बेटियों को सम्मान मिलता है, वह प्रगति करता है — डिम्पल यादव, मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की पत्नी व लोकसभा सदस्य
‘सेव द गर्ल चाइल्ड’ विषय पर सिटी मोन्टेसरी स्कूल के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय ‘अन्तर्राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन’  का भव्य उद्घाटन आज मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की पत्नी व लोकसभा सदस्य श्रीमती डिम्पल यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जहाँ एक ओर देश-विदेश के मूर्धन्य विद्वानों, पत्रकारों, मीडिया प्रमुखों व शिक्षाविदों आदि की उपस्थिति ने समारोह को गरिमा प्रदान की तो वहीं दूसरी ओर
सी.एम.एस. के संगीत शिक्षकों ने स्कूल प्रार्थना ‘आई बियर विटनेस…’ प्रस्तुत कर आध्यात्मिक आलोक का संचार किया। अन्तर्राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन की अध्यक्षता प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री अहमद हसन ने की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने श्रीमती डिम्पल यादव ने सी.एम.एस. के तत्वावधान में कमजोर व गरीब तबके से जुड़ी बालिकाओं की शिक्षा के लिए प्रारम्भ किए गये विशेष कार्यक्रम ‘उम्मीद’ का शुभारम्भ किया तथापि शुरुआती चरण में इस कार्यक्रम से जुड़ी
20 बालिकाओं में से प्रत्येक रु. 11,00 का नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि श्रीमती डिम्पल यादव ने कहा कि जिस परिवार, समाज में बेटियों को सम्मान मिलता है, वह प्रगति करता है। इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि बालिकाओं के प्रति भेदभाव की भावना को दूर करने एवं बालिकाओं का शोषण व कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराइयों को दूर करने में ऐसे आयोजित बहुत मददगार साबित होते हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों को बच्चों को सकारात्मक एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में जागरूक संस्थाओं को आगे आना चाहिए। श्रीमती डिम्पल ने इस प्रकार के आयोजनों को अपना सम्पूर्ण समर्थन दिया और इस अनूठे आयोजन के माध्यम से बालिकाओं से जुड़ी ज्वलन्त समस्याओं एवं सामाजिक भ्रान्तियों के प्रति समाज का ध्यान आकर्षित करने हेतु सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी को साधुवाद दिया। इस अवसर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री अहमद हसन ने कहा कि बालिकाओं का शोषण व कन्या भ्रूण हत्या समाज की सर्वाधिक विशाक्त घृणित बुराइयों में से एक है और सच तो यह है कि 21वीं सदी के इस दौर में भी हमारा देश व दुनिया के कई अन्य देश भी इस बुराई से उबर नहीं पाये हैं जिसका एक प्रमुख कारण अशिक्षा भी है। उन्होने आहवान किया कि इस प्रकार की सामाजिक बुराई को दूर करने में मीडिया रचनात्मक भूमिका निभाये।
speaking_dimple-1इस अवसर पर सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट व चीफ आॅपरेटिंग आॅफीसर प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने ‘‘गेटिंग टू इक्वल’’ विषय पर प्रजेन्टेशन देते हुए बताया कि सामाजिक व्यवस्था में बालिकाओं की शिक्षा बालकों के मुकाबले ज्यादा प्रभावशाली साबित होती है। एक बालिका को शिक्षित करने से पूरा परिवार शिक्षित होता है और मानवीय गुणों को अपनाता है। इसलिए यदि स्कूल और मीडिया मिलकर काम करें तो हम बालिकाओं के स्तर को ऊपर उठाने के लिए काफी कुछ कर सकते हैं। प्रो. किंगडन ने विश्व परिदृश्य पर बालिकाओं एवं बालकों की जन्मदर पर अपना अध्ययन प्रस्तुत करते हुए असमानता को रेखांकित किया। इससे पहले सम्मेलन के आर्गनाइजिंग सेक्रेटरी श्री ऋषि खन्ना ने आमन्त्रित वक्ताओं व उपस्थित दर्शकों का हार्दिक स्वागत व अभिनन्दन किया।
सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त करते हुए हिन्दुस्तान टाइम्स की स्थानीय संपादक सुश्री सुनीता ऐरन ने कहा कि  इस विषय पर समाज में सकारात्मक सोच की जरूरत है और इसमें भी कोई दो राय नहीं कि लोगों की सोच में बदलाव आ रहा है। कई ऐसी जगहें भी हैं जहाँ लडकियों के जन्म पर खुशियां मनाई जाती हैं। दरअसल, भारत जैसे विशाल लोकतान्त्रिक देश में आज जरूरत इस बात की है इस प्रकार के विषयों को एक मिशन के तौर पर लिया जाए और इसके लिए सामाजिक जागरूकता अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं का आहवान किया कि प्रत्येक महिला को अपने महिला होने पर गर्व होना चाहिए। दिल्ली से पधारे वरिष्ठ पत्रकार श्री जावेद नकवी ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या दुनिया की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है और इसके लिए राजनैतिक मूवमेंट शुरू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब महिलाओं को आगे आकर इस प्रकार की सामाजिक बुराइयों को दूर करने में भूमिका निभानी चाहिए। इसी प्रकार नई दिल्ली से पधारे अमेरिकन दूतावास के प्रवक्ता श्री पीटर ब्रमून ने प्रख्यात अर्थशास्त्री अर्मत्य सेन व सत्यमेव जयते जैसे धारावाहिकों का उदाहरण देते हुए कहा कि मीडिया और टेक्नोलाॅजी मिलकर लोगों की सोच में बदलाव ला सकते हैं। दूरदर्शन, नई दिल्ली के डिप्टी डायरेक्टर जनरल, श्री मुकेश शर्मा ने मीडिया का आहवान किया कि आपकी आवाज सब तक पहुँचती है, इसलिए ऐसे मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाइये। उन्होंने कहा कि जहां तक गर्ल चाइल्ड का विषय है आप निश्चित रूप से स्टिंग आपरेशन करते रहिए, क्योंकि ये बहुत ही बड़ा इश्यू है। श्री शर्मा ने मराठी की एक उक्ति ‘मुल्ली शिखली प्रगति थाली’ अर्थात बेटी पढ़ ली तो समझो प्रगति हो गई, का उदाहरण देते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयासों से लोगा प्रेरित होते हैं और सोचने पर मजबूर होते हैं। सी.बी.आई. के पूर्व निदेशक श्री जोगिन्दर सिंह ने कहा कि इस मोशन को पार्लियामेन्ट में पास किया जाना चाहिए और कन्या भ्रूण हत्या को हत्या के बराबर माना जाना चाहिए। आई.बी.एन.-7 के प्राइम टाइम कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता श्री संदीप चैधरी ने कहा कि दरअसल ऐसा नहीं है कि माँ-बाप लडकियों से प्यार करते अपितु बालिकाओं के बारे में अभिभावक इतने संरक्षणवादी होते हैं कि जिससे उन्हें बराबरी का अवसर नहीं मिल पाता है। जरूरत इस बात की है कि बालिकाओं को भी बालकों की तरह आगे बढ़ने के व विकास के समान अवसर मिलें। वरिष्ठ पत्रकार
श्री सतीश जैकब ने कहा कि हम ऐसे देश के वासी हैं जहाँ ज्यादातर देवियों की ही पूजा की जाती है परन्तु यह विडम्बना ही है कि इसके बावजूद भी हमारे देश में हर साल करीब आधा मिलियन लड़कियों को मार दिया जाता है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो नाजियों ने जो नरसंहार जर्मनी में किया था उसे हम हर साल भारत में दोहराते हैं। नई दिल्ली से पधारे बाल अधिकार कार्यकर्ता श्री साबू जार्ज ने कहा कि भारत में भ्रूण हत्या की शुरुआत करीब चालीस वर्ष पूर्व हुई थी जबसे इससे सम्बन्धित टेक्नोलाॅजी भारत में आई है। हमें यह बात समझनी होगी कि टेक्नोलाॅजी मात्र मेडिकल प्रोफेशन को सपोर्ट देने के लिए है। इससे सम्बन्धित नियम कानूनों का आदर तो हमें स्वयं ही करना होगा। इसी प्रकार सामाजिक कार्यकर्ता व मिरिन्डा हाउस की प्रोफेसर सुश्री विजयलक्ष्मी नंदा ने शिक्षिकाओं व माताओं का आहवान किया कि वे बच्चों को सही विचार व सही शिक्षा दें जिससे वे सही व गलत का अन्तर कर पायें। गल्फ न्यूज, नई दिल्ली के ब्यूरो चीफ श्री अजय झा ने कहा कि मीडिया पाॅवर नहीं अपितु दर्पण है। हम सच्चाई को दिखा सकते हैं परन्तु सजा नहीं दे सकते। इसके लिए समाज को मीडिया के सहयोग से प्रशासन पर दबाव बनाना चाहिए। इसी प्रकार कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
अपरान्हः सत्र में सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में आयोजित प्रेस कान्फ्रेन्स में सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने मीडिया सम्मेलन में दिन भर चले विचार-विमर्श के निष्कर्ष से पत्रकारों को अवगत कराया। डा. गाँधी ने कहा कि देश-विदेश से पधारे मीडिया प्रमुखों, पत्रकारों व अन्य विद्वजनों की आम राय थी कि सामाजिक बुराइयों को दूर करने हेतु जागरूकता जगाने में प्रेस व मीडिया की अहम भूमिका है और इस क्रान्तिकारी मिशन में आम जनता की भागीदारी हेतु लोकतन्त्र के चैथे स्तम्भ को विद्यालय व समाज के साथ मिलकर अपनी भूमिका का निर्वाह करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी बड़ा आन्दोलन प्रेस व मीडिया के सहयोग के बिना सफल नहीं हो सकता है। इसीलिए भावी पीढ़ी के हित में प्रेस व मीडिया द्वारा जनमानस को प्रेरित करने की आवश्यकता आन पड़ी है। डा. गाँधी ने बताया कि इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में पधारे देश-विदेश के मीडिया प्रमुखों व विद्वजनों ने अपने सारगर्भित विचार प्रस्तुत करते हुए अपील की कि कन्या भ्रूण हत्या एवं बच्चों पर होने वाले अपराध व हिंसा पर अंकुश लगाने में समाज की सभी जिम्मेदार संस्थाओं, समाज के सभी वर्गो एवं प्रत्येक नागरिक को सम्मिलित प्रयास करना होगा। डा. गाँधी ने कहा कि वक्ताओं की राय थी कि बालिका ही आगे चलकर भावी पीढ़ी को राह दिखाती है, एक बालिका को शिक्षित करने से पूरा परिवार शिक्षित होता है और मानवीय गुणों को अपनाता है। इसलिए यदि स्कूल और मीडिया मिलकर काम करें तो हम बालिकाओं के स्तर को ऊपर उठाने के लिए काफी कुछ कर सकते हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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बेरोजगारी भत्ता जल्द ही वितरित किया जाएगा: मुख्यमंत्री

Posted on 15 July 2012 by admin

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि बेरोजगारी भत्ते का वितरण जल्द ही शुरु कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद ज्यादा से ज्यादा विकास कार्य कराने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। इसके लिए आर्थिक दिक्कतों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा रहा है ताकि सरकार द्वारा जो भी योजनाएं घोषित की गयीं हैं, उनको अतिशीघ्र क्रियान्वित किया जायेगा। उन्होंने दोहराया कि सड़क, बिजली, पानी तथा स्वास्थ्य सम्बन्धी कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराने हेतु प्रदेश सरकार दृढ़ संकल्पित है।
मुख्यमंत्री आज कानपुर में चैधरी रामगोपाल सिंह लाॅ कालेज, मेहरबान सिंह का पुरवा में ग्राम पिपौरी, इमलीपुर (बनपुरवा), मदनपुर, खरगपुर, इगरा, फत्तेपुर गोही आदि ग्रामों में विद्युतीकरण तथा अन्य कार्यों के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने चैधरी रामगोपाल सिंह विधि महाविद्यालय के भवन का लोकार्पण भी किया।
श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों में तेजी लाएगी। उन्होंने कानपुर शहर में विद्युत व्यवस्था के सम्बन्ध में बताया कि अधिक से अधिक क्षमता वाले तथा अच्छी गुणवत्ता वाले ट्रांसफार्मर लगाये जायेंगे तथा बिजली की उत्पादकता भी बढ़ाई जायेगी, ताकि कानपुर की विद्युत आपूर्ति को और बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि पनकी में विद्युत उत्पादन की क्षमता और अधिक बढ़ाने के प्रयास किये जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों में भी गति लाए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में धन की कमी नहीं आने पायेगी। विकास कार्यों के लिए बजट में समुचित प्रावधान किया जा चुका है। उन्होंने अस्पताल खुलवाने की मांग पर कहा कि जमीन उपलब्ध होते ही अस्पताल की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों की व्यवस्था ठीक नहीं है, उन्हें सुचारु रूप से चलाने की व्यवस्था करायी जाएगी और उनमें पर्याप्त डाक्टर व अन्य कर्मचारी तैनात किये जाएंगे।
श्री यादव ने शिक्षा पर विशेष बल देते हुए कल्याणपुर के विधायक की मांग पर एक महाविद्यालय खोले जाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आम जनता चाहती है कि विकास कार्य कराये जायें, इस पर उन्होंने कहा कि हम जनता को विश्वास दिलाते हैं कि हमारी सरकार विकास कार्य में सुधार लायेगी तथा अधूरे पड़े कार्य भी जल्द पूरे किये जायेंगे। इस अवसर पर उन्होंने मेधावी छात्र/छात्राओं शुभम यादव, प्रशान्त साहू, शालिनी राजपूत एवं सुनयना यादव को पुरस्कृत भी किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व सांसद चैधरी हरिमोहन सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये। विधान परिषद के पूर्व सभापति श्री सुखराम सिंह यादव ने स्वागत भाषण किया। समारोह में कैबिनेट मंत्री शिवकुमार बेरिया, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती अरूणा कोरी, राज्यमंत्री प्रोटोकाॅल श्री अभिषेक मिश्रा, फतेहपुर के सांसद राकेश सचान एवं कानपुर नगर के समाजवादी पार्टी के सभी विधायक उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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उ0प्र0 के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 14 जुलाई, 2012 को पर्यटन भवन, आॅडिटोरियम, गोमती नगर, लखनऊ में डाॅ0 अनीस अंसारी के पांचवें काव्य संग्रह ‘अधूरी हिकायत’ का विमोचन उत्तराखण्ड एवं छत्तीसगढ़ के गवर्नर श्री अजीज कुरैशी व श्री शेखर दत्त की मौजूदगी में करते हुए।

Posted on 15 July 2012 by admin

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शांति व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने हेतु अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण कर प्रदेश में विकासकार्यांे व औद्योगिक निवेश के लिए अच्छा वातावरण बनाया जाये: मुख्य सचिव

Posted on 15 July 2012 by admin

  • बड़े अपराधियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही कर उन्हें जेल भेजने के लिए हर सम्भव प्रयास किये जायंे: जावेद उस्मानी
  • अधूरे निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ यथाशीघ्र पूरा कराया जाए: मुख्य सचिव
  • किसानों को फास्फेटिक एवं पोटेसिक उर्वरक बोरे पर छपे हुए पुराने दरों की मूल्यों पर ही उपलब्ध हो: जावेद उस्मानी
  • स्टेट पोर्टल एवं ई-फाम्र्स के माध्यम से प्रथम चरण में पंचायतीराज, राजस्व, श्रम, नगर विकास, सहित कुल 26 शासकीय सेवायें इलेक्ट्रानिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा उपलब्ध होंगी

untitled-2उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने कहा कि प्रदेश की शांति व्यवस्था और अधिक बेहतर बनाने हेतु अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण कर प्रदेश में विकासकार्यांे व औद्योगिक निवेश के लिए अच्छा वातावरण बनाया जाये। उन्हांेने कहा कि बड़े अपराधियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही कर उन्हें जेल में रखने के लिए हर सम्भव प्रयास किये जाये। उन्होंने कहा कि निरस्त शस्त्र लाइसेन्सों को तत्काल जमा कराया जाये तथा जिला बदर अपराधी जनपद में दिखने नहीं चाहिए। उन्होंने जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को बेहतर तालमेल के साथ कार्य करते हुए प्रदेश में हर हाल में साम्प्रदायिक सौहार्द कायम रखने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी कोई छोटी सी भी घटना प्रकाश में आती है तो उसमें त्वरित व प्रभावी कार्यवाही कर उसे बड़ा होने से रोकने में अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का गम्भीरता से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं भूमि संबंधी विवादों का निस्तारण प्राथमिकता से सुनिश्चित कराया जाये। उन्हांेने कहा कि नेशलन ई-गवर्नेन्स प्लान के अन्तर्गत जन सामान्य को स्थानीय स्तर पर विभिन्न शासकीय सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से प्रदेश में स्टेट सर्विस डिलीवरी गेटवे योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाये, जिसके अन्तर्गत स्टेट पोर्टल एवं ई-फाम्र्स के माध्यम से सेवायें उपलब्ध करायी जायेंगी। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में पंचायतीराज, राजस्व, श्रम, नगर विकास, विकलांग कल्याण, समाज कल्याण, महिला कल्याण एवं बाल विकास तथा खाद्य एवं रसद विभागों की कुल 26 शासकीय सेवाओं को इलेक्ट्रानिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा राज्य में स्थापित जन सेवा केन्द्रों/लोकवाणी केन्द्रों/जन सुविधा केन्द्रों के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा।
मुख्य सचिव आज योजना भवन में प्रदेश के मण्डलायुक्तों, जोनल पुलिस महानिरीक्षक, परिक्षेत्रीय पुलिस उप महानिदेशक एवं शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था एवं विकासकार्याें की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसा वातावरण बनाया जाये जिसमें आम आदमी को जान-माल की सुरक्षात्मक भावना का एहसास हो। उन्होंने अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही व भारी धनराशि के मुचलके भराये जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
श्री उस्मानी ने विद्युत चोरी एवं आगरा, कानपुर, अलीगढ़, चित्रकूट एवं झांसी मण्डलों में हो रही विद्युत ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं की वृद्धि पर नाराजगी जताते हुए तत्काल प्रभावी रणनीति बनाकर कार्यवाही किये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसकी समीक्षा अगली बैठक में पुनः की जायेगी। उन्हांेने यह भी निर्देश दिये हैं कि अधिकारी अपने क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के विवादों को चिन्हित कर उनमें समय रहते प्रभावी कार्यवाही करें, ताकि किसी भी प्रकार बड़ी अप्रिय घटना न हो।
मुख्य सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह अधीनस्थों को बेहतर नेतृत्व प्रदान करें ताकि कार्य का अच्छा माहौल बन सके। उन्होंने अधिकारियों का आह्वान किया कि वह प्रदेश के विकास को और अधिक गति देकर जनता को बेहतर प्रशासन प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सबको मिलकर ऐसा वातावरण पैदा करना होगा कि प्रदेश में अमन-चैन व अच्छी शांति व्यवस्था बने ताकि आम आदमी अपने को सुरक्षित महसूस कर सके। उन्होंने प्रदेश के अन्य राज्यों से जुड़े सीमावर्ती जिलों से किये जाने वाली शराब की तस्करी पर भी प्रभावी नियंत्रण किये जाने के निर्देश दिये हैं।
श्री उस्मानी ने मण्डलायुक्तों को निर्देश दिये कि राजस्व वसूली में तेजी लायी जाये तथा लेखपाल, कानूनगो तथा नायब तहसीलदारों के रिक्त पदों पर नियुक्तियां एवं पदोन्नतियां की कार्यवाही नियमानुसार शीघ्र करायी जाये। उन्होंने कहा कि निर्विवाद दाखिल खारिज के प्रकरणों को निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत निस्तारित कराया जाये। उन्हांेने कहा कि यदि दाखिल खारिज का कोई प्रकरण विवादित है तो प्रत्येक दशा में उसे अधिकतम 06 माह में निस्तारित करा लिया जाये। उन्होंने कहा कि आम आदमी बीमा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराकर बी0पी0एल0 परिवार के लाभार्थियों को लाभान्वित कराया जाये। उन्हांेने गोवध निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश देते हुए कहा कि गोवध संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं गोवंशीय पशुओं के अवैध परिवहन, गोपशु तस्करी को रोकने हेतु सख्त से सख्त कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि पशुवध एवं गौपशुओं की तस्करी के प्रकरणों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध भ्रष्टाचार विवारण अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही करने हेतु पुलिस एवं जिला प्रशासन की विशेष टीमें गठित की जाये। उन्हांेने कहा कि गोवध संबंधी अपराधों को तत्काल संज्ञान में लेते हुए अभियोजन की कार्यवाही कराते हुए अपराधियों को दण्डित कराने हेतु प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि किसानों को फास्फेटिक एवं पोटेसिक उर्वरक बोरे पर छपे हुए पुराने दरों की मूल्यों पर ही उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने कहा कि किसानों को पुरानी दरों का फास्फेटिक उर्वरक उपलब्ध रहने तक नयी दरों के उर्वरक की बिक्री कतई प्रारम्भ न होने दें। उन्होंने कहा कि यदि कोई डीलर अथवा समिति निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री करता पाया जाये तो उस बिक्री केन्द्र को उर्वरकों का प्रेषण भविष्य के लिए बन्द कर दिया जाये। उन्होंने कहा कि 500 से अधिक आबादी की कोई बसावट तथा नक्सल प्रभावित जनपदों में 250 से अधिक आबादी की कोई बसावट सड़क मार्ग से जुड़ने के लिए शेष न रह जाये। उन्होंने कहा कि विगत वर्षाें के अवशेष सड़क कार्याें को प्राथमिकता से पूर्ण कराया जाये तथा विगत वर्षाें में पूर्ण सड़कों के अनुरक्षण का विशेष ध्यान दिया जाये।
श्री उस्मानी ने कहा कि मनरेगा योजना अन्तर्गत महिलाओं की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करायी जाये। उन्हांेने कहा कि प्रत्येक जनपद में ई-मास्टररोल की व्यवस्था सुनिश्चित हो। उन्हांेने कहा कि मनरेगा संबंधी शिकायतों का निस्तारण शीघ्रता से कर उहदतमहंनचेंउअमकंदण्पद वेबसाइट पर अपलोड भी कराया जाये। उन्हांेने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना से मनरेगा के लाभार्थियों को आच्छादित किये जाने की कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करायी जाये। उन्हांेने कहा कि कार्य की मांग या आवेदन प्राप्त होने पर जाॅब कार्ड-धारकों को प्राथमिकता पर निर्धारित 15 दिन के अन्दर रोजगार उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने कहा कि इन्दिरा आवासों के लिए समस्त लाभार्थियों की फीडिंग आवास साफ्ट-साफ्टवेयर पर होने के पश्चात ही दूसरी किश्त निर्गत की जाये। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों का चयन पारदर्शी तरीके से कराते हुए किसी भी प्रकार से लाभार्थियों का शोषण न होने पाये।
मुख्य सचिव ने कहा कि छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत शैक्षणिक संस्थाओं, उनके द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों तथा उसके सापेक्ष दी जा रही शुल्क प्रतिपूर्ति एवं प्रवेशित दर्शाये गये छात्रों का भौतिक सघन सत्यापन कराया जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित 76 आश्रम पद्धति विद्यालयों में छात्रों का प्रवेश समय से सुनिश्चित कराया जाये। उन्हांेने कहा कि जहां पर अध्यपकों की संविदा के आधार पर नियुक्ति नहीं हो पायी हो वहां शीघ्र करा ली जाये। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 8503 नवीन प्राथमिक विद्यालय, 739 नवीन उच्च प्राथमिक विद्यालय के भवनों तथा 49335 अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के निर्माण हेतु धनराशि निर्गत कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उक्त विद्यलयों के निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ तेजी लायी जाये ताकि नवीन विद्यालय भवन एवं अतिरिक्त कक्ष का उपयोग यथाशीघ्र हो सके। उन्होंने मण्डलायुक्तों को निर्देश दिये कि 75 प्रतिशत प्रगति वाले 1328 विद्यालय तथा 50 प्रतिशत प्रगति वाले भवनों का निर्माण कार्य जुलाई में ही तथा अवशेष 4271 विद्यालयों का निर्माण कार्य माह अगस्त तक पूर्ण करा लिया जाये ताकि आगामी सितम्बर माह में विद्यालय भवन बच्चों के पढ़ने के लिए उपलब्ध हो सके।
श्री उस्मानी ने मध्यान्ह् भोजन योजनान्तर्गत विद्यालयों में विद्यार्थियों को पके पकाये मध्यान्ह् भोजन के नियमित वितरण एवं गुणवत्ता के परीक्षण हेतु जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय एवं विकास खण्ड स्तर पर उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 08 सदस्यीय टास्कफोर्स का गठन करते हुए निर्देश दिये हैं कि प्रत्येक माह समय-समय पर आकस्मिक रूप से योजना के क्रियान्वयन का निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण किया जाये। उन्हांेने कहा कि गठित टास्कफोर्स प्रत्येक सदस्य को प्रत्येक माह कम से कम 05 विद्यालयों को निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण कार्यक्रम इस प्रकार बनाया जाये कि वर्ष में प्रत्येक विद्यालय का निरीक्षण कम से कम एक बार अवश्य हो जाये। उन्होंने डाॅ0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजनान्तर्गत प्रदेश में 05 वर्षाें में लगभग 10 हजार ग्राम चयनित कर उनमें कम से कम 22 जनकल्याणकारी विभागों के 35 कार्यक्रम संचालित कराये जाये।
प्रमुख सचिव गृह श्री आर0एम0 श्रीवास्तव ने अपराध नियंत्रण एवं शांति व्यवस्था की बेहतरी हेतु उठाये गये कदमों की जानकारी देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि बड़े शहरों में सुगम यातायात के लिए ठोस उपाय किये जाये। इसके लिए उन्होंने यातायात के लिए अधिक दबाव के स्थान चिन्हित कर वहां पर समुचित पुलिस व्यवस्था कर बेहतर यातायात प्रबन्धन के निर्देश दिये। उन्होंने भूमि विवाद, गुण्डा एक्ट, हर्ष फायरिंग आदि के मामलों में भी प्रभावी कार्यवाही पर बल दिया। बैठक में पुलिस महानिदेशक ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जिलांे के क्राइम ट्रेड का अध्ययन कर उसके अनुरूप अपराध नियंत्रण की योजनाएं बनाकर उन पर प्रभावी अंकुश लगाये।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त, श्री आलोक रंजन, औद्योगिक विकास आयुक्त,
डाॅ0 अनिल कुमार गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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सरकार राज्य के चहुमुखी विकास की इच्छुक सभी संस्थाओं का सहयोग लेगी

Posted on 06 July 2012 by admin

cm-with-japan-deligationउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से आज यहां शास्त्री भवन स्थित उनके कार्यालय सभाकक्ष में इटाॅशू (ITOCHU) कार्पोरेशन, जापान के प्रतिनिधि श्री हाजिमे कोशियो एवं उनके सहयोगियों ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विषम परिस्थितियों में भी जापान द्वारा किये गये विकास की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सरकार राज्य के चहुमुखी विकास की इच्छुक उन सभी संस्थाओं का सहयोग लेगी, जो आर्थिक रूप से तर्कसंगत एवं जनोपयोगी तकनीक के आधार पर काम करने के लिये तैयार हैं।
श्री यादव ने आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में जापान की श्रेष्ठता की चर्चा करते हुए कहा कि उनकी सरकार राज्य के विकास एवं सेवाओं के आधुनिकीकरण में जापानी तकनीक को बढ़ावा देने पर विचार करने के लिये तैयार है। राज्य में निवेश का आवाह्न करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में अच्छी सड़कों का नेटवर्क फैलाने के साथ-साथ विद्युत उत्पादन बढ़ाने तथा कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये काम कर रही है। उद्योगों की स्थापना के लिये राज्य में बन रहे माहौल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही उद्योग, आई0टी0, कृषि, चीनी आदि क्षेत्रों के लिये नई नीति लाने जा रही है, जिसका सीधा लाभ यहां की जनता को मिलेगा।
इससे पहले श्री कोशियो ने मुख्यमंत्री से उत्तर प्रदेश के विकास में अपनी संस्था की ओर से विद्युत उत्पादन, हाई स्पीड सरफेस ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर आधारित मोनो रेल तथा एयरपोर्ट जैसे आधारभूत क्षेत्रों में कार्य करने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि उनकी संस्था को आधारभूत क्षेत्रों के विकास में विशेषज्ञता हासिल है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से कम्पनी के प्रस्तावों पर विचार करने का आग्रह करते हुए कहा कि उनकी संस्था राज्य के विकास में सहयोग देने की इच्छुक है।
प्रतिनिधि मण्डल से मुलाकात के दौरान विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय, परिवहन मंत्री राजा महेन्द्र अरिदमन सिंह, प्रोटोकाॅल राज्य मंत्री अभिषेक मिश्रा, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीन चन्द्र बाजपेयी, मुख्य सचिव जावेद उस्मानी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अनिल कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश गर्ग, परिवहन आयुक्त श्री आलोक कुमार सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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मुख्यमंत्री से विभिन्न देशों के बच्चों ने भेंट की

Posted on 05 July 2012 by admin

  • भारत में मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत व सम्मान किये जाने की प्राचीन परम्परा
  • बच्चों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य की उत्तम व्यवस्था से देश खुशहाल बनेगा: मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि बच्चे देश की नींव होते हैं। बच्चों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य की उत्तम व्यवस्था किए जाने से देश खुशहाल बनेगा। इसलिए बच्चों की परवरिश पर पूरा ध्यान दिया जाना जरूरी है।
pressमुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर चिल्ड्रेन्स इन्टरनेशनल समर विलेज (सी0आई0एस0वी0) के तत्वावधान में विभिन्न देशों से आये बच्चों से परिचय प्राप्त करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। ज्ञातव्य है कि सी0आई0एस0वी0 पिछले 50 वर्षों से विश्व के 60 देशों में प्रतिवर्ष 180 अन्तर्राष्ट्रीय कार्यक्रम संचालित करती है। लखनऊ में आयोजित सी0आई0एस0वी0 की पहली 15 दिवसीय यूथ मीटिंग में भारत सहित फ्रांस, इण्डोनेशिया, इटली तथा वियतनाम के बच्चे शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के अन्तर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों के आयोजन से अन्य देशों के बच्चों को भारत की संस्कृति, सभ्यता तथा समाज के बारे में जानकारी प्राप्त करने का मौका मिलता है। इस मौके पर श्री यादव ने अतिथि देवो भवः का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत व सम्मान किये जाने की प्राचीन परम्परा है। इस भावना के अनुरूप कार्य किया जाये तो विश्व बन्धुत्व को मजबूती मिलने के साथ ही देश में पर्यटन को बढ़ावा भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने  विभिन्न देशों से आये बच्चों को ताज महल की अनुकृति, लखनऊ पर आधारित पुस्तक तथा प्रदेश की जानकारी से युक्त एक कैलेण्डर भेंट किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रत्येक बच्चे को अपने संदेश की प्रति भी दी। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में बच्चों को विश्व का भविष्य बताते हुए कहा है कि सी0आई0एस0वी0 सार्वभौमिक भाईचारा, शांति, एकता तथा मित्रता की भावना को सुदृढ़ बनाने का अच्छा मंच है। उन्होंने सांस्कृतिक व ऐतिहासिक दृष्टि से प्रदेश को एक महत्वपूर्ण पर्यटन गंतव्य स्थल बताते हुए कहा कि पूरी दुनिया से पर्यटक अन्य आकर्षणों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में ताज महल को देखने आते हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि ताजमहल उत्तर प्रदेश में स्थित है, लेकिन यह पूरे देश की धरोहर है। उन्होंने लखनऊ की ऐतिहासिकता की चर्चा करते हुए कहा कि इस नगर का सम्बन्ध तमाम देशों से रहा है और आज भी कायम है।
इस अवसर पर इण्डोनेशिया, फ्रांस, वियतनाम तथा इटली से आये बच्चों के साथ-साथ सी0आई0एस0वी0 में प्रतिभाग करने वाले भारत के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में प्रोटोकाल राज्यमंत्री श्री अभिषेक मिश्रा, सचिव सूचना श्री अमृत अभिजात, सी0एम0एस0 के संस्थापक डाॅ0 जगदीश गांधी एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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उ0प्र0 के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 03 जुलाई, 2012 को अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग, लखनऊ पर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार श्री प्रणव मुखर्जी का अभिनन्दन करते हुए।

Posted on 03 July 2012 by admin

1उ0प्र0 के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 03 जुलाई, 2012 को अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग, लखनऊ पर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार श्री प्रणव मुखर्जी के साथ।

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विधानमण्डल क्षेत्र विकास निधि बढ़ाकर 01 करोड़ 50 लाख रुपये प्रति विधायक करने की घोषणा की

Posted on 03 July 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने विधानमण्डल क्षेत्र विकास निधि बढ़ाकर 01 करोड़ 50 लाख रुपये प्रति विधायक करने की घोषणा की है। उन्होंने इस निधि से 20 लाख रुपये तक का वाहन खरीदने की अनुमति देने की घोषणा करते हुए कहा कि यदि विधायक चाहें तो वे इस निधि से अपने उपयोग हेतु निर्धारित धनराशि की सीमा तक वाहन क्रय कर सकते हैं।
2_r1_c1मुख्यमंत्री आज यहां विधानसभा में उ0प्र0 विनियोग विधेयक, 2012 को ध्वनि मत से पारित होने के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र विकास निधि से खरीदे वाहन का प्रतिवर्ष डिप्रेसियेशन मूल्य निर्धारित किया जायेगा। 5वें वर्ष वाहन की स्थिति को देखते हुए निर्धारित की गयी धनराशि जमा कराकर सम्बन्धित विधायक वाहन अपने पास भी रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि विधायकों को वाहन संचालित करने के लिये ईंधन या कोई अन्य सुविधा नहीं दी जायेगी। उक्त वाहन की सुविधा सम्बन्धित विधायकगणों द्वारा अपने क्षेत्र में विकास योजनाओं का निरीक्षण करने व व्यापक जनसम्पर्क कर जनसमस्याओं का निराकरण करने हेतु आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने डा0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के अन्तर्गत पिछड़ेपन के मानक के अनुसार गांवों की सूची तैयार होने के बाद, उक्त सूची में से सम्बन्धित विधायक की सहमति से गांव चयनित किये जाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विधायकों की संस्तुति पर 5000 की आबादी से अधिक के 02 गांवों में पाइप के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फ्लोराइड अथवा आर्सेनिक की समस्या से प्रभावित गांवों में भी पाइप से जलापूर्ति पर विचार करेगी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बिजली संकट की चर्चा करते हुए कहा कि यह समस्या पिछली सरकार की देन है। वर्तमान राज्य सरकार इस संकट से निजात दिलाने के लिये गम्भीरता से प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार द्वारा निजी क्षेत्र की 10 तापीय विद्युत परियोजनाओं के लिए कोल लिंकेज की व्यवस्था किये बगैर, मेमोरेण्डम आॅफ अन्डरस्टैण्डिंग (एम0ओ0यू0) पर हस्ताक्षर किया गया था। यदि केन्द्र सरकार इन परियोजनाओं के लिये कोल-लिंकेज की व्यवस्था नहीं करती है तो राज्य सरकार को इन कम्पनियों की मांग पर आयातित कोयले से बिजली के उत्पादन व्यवस्था पर विचार करना पड़ेगा। उन्होंने विधानसभा के सभी सदस्यों से आवश्यकतानुसार आयातित कोयले का प्रयोग कर विद्युत उत्पादन की अनुमति प्रदान करने का आग्रह करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार यह देखेगी कि आयातित कोयले से उत्पादित बिजली की दरें प्रतिस्पर्धात्मक एवं औचित्यपूर्ण हों। उनके इस प्रस्ताव को विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
श्री यादव ने सत्र के दौरान परिश्रम से कार्य करने के लिये विधानमण्डल के अधिकारियों तथा कर्मचारियों की सराहना करते हुए 5 हजार रुपये मानदेय देने की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार मार्शलों के वेतन तथा वर्दी आदि समस्याओं पर शीघ्र निर्णय लेगी। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी ग्रामीण चैकीदारों को वर्दी, टार्च तथा साइकिल की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि जो लोकतांत्रिक परम्परायें समाप्त हो गयी थीं, इस सत्र से वह दोबारा स्थापित हुई हैं। उन्होंने कहा कि स्वाभाविक तौर पर क्षेत्रीय जनता चाहती है कि उसके प्रतिनिधि विधानसभा के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान करायें। उन्होंने कहा कि लम्बे समय तक विधानसभा का सत्र चलने के कारण विधायकों को अपनी क्षेत्रीय जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का मौका मिला।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा के सदस्यों को भरोसा दिलाया कि बजट पारित हो जाने के बाद अब वित्तीय स्वीकृतियां शीघ्र जारी की जायेंगी, ताकि मौके पर काम शुरु हो। उन्होंने कहा कि बजट के माध्यम से उनकी सरकार ने जनता से किये वायदे को पूरा करने का प्रयास किया हैै। बाद में 16वीं विधानसभा का प्रथम सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
विधान सभा में दिए गए वक्तव्य के बाद आज ही मुख्यमंत्री ने विधान परिषद में सदस्यों को इन्हीं घोषणाओं की जानकारी दी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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राज्य के चैमुखी विकास के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना में 3,61,000 करोड़ रूपये का प्रस्ताव - मुख्यमंत्री

Posted on 02 July 2012 by admin

  • 10 फीसदी विकास दर प्राप्त करने तथा
  • 10 मिलियन लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य
  • ई-पेमेन्ट, ई-प्रेक्योरमेन्ट तथा ई-टेण्डरिंग की व्यवस्था लागू की जायेगी
  • धान खरीद से पहले अतिरिक्त भण्डारण की व्यवस्था की जाये
  • तेजी से विकास के लिये ऊर्जा, सिंचाई तथा यातायात क्षेत्रों कोे विशेष महत्व
  • 22 साल बाद हुई राज्य योजना आयोग की बैठक
  • प्रदेश की 12वीं पंचवर्षीय योजना 2012-17 तथा वार्षिक योजना 2012-13 अनुमोदित

cm-photo-02-july-2012उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित राज्य योजना आयोग की बैठक पिछले 22 वर्षों से नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव द्वारा पहल करते हुए पुनर्गठित राज्य योजना आयोग की बैठक आज यहां शास्त्री भवन में सम्पन्न हुई। इस बैठक में लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव, नगर विकास मंत्री श्री मो0 आजम खाँ, पंचायती राज मंत्री श्री बलराम यादव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अहमद हसन तथा बेसिक शिक्षा मंत्री श्री राम गोविन्द चैधरी के अलावा उ0प्र0 राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री नवीन चन्द्र बाजपेयी, मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी सहित अन्य सदस्यगण जिनमें कृषि उत्पादन आयुक्त, औद्योगिक विकास आयुक्त, प्रमुख सचिव वित्त, तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में प्रदेश की 12वीं पंचवर्षीय योजना तथा वार्षिक योजना 2012-13 के प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) में राज्य की टर्मिनल विकास दर 10 फीसदी प्राप्त करने तथा 10 मिलियन लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित राज्य होने के कारण कृषि की विकास दर 05 फीसदी तक बढ़ाने के अलावा दुग्ध विकास, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा औद्यानिक क्षेत्रों की विकास दर 10 प्रतिशत से अधिक पाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के चैमुखी विकास के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना में 3,61,000 करोड़ रूपये का प्रस्ताव केन्द्रीय योजना आयोग को भेजा जा रहा है।
श्री यादव ने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में उद्योग के क्षेत्र में 11.2 फीसदी तथा सेवा क्षेत्र में 11.9 फीसदी का लक्ष्य प्राप्त किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के विकास के लिये निर्धारित किये गये लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये कई स्तरों पर प्रयास किया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस हेतु नई कृषि नीति, समग्र चीनी नीति, औद्यानिक एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति बायोटेक्नोलाॅजी नीति, रेन्यूवल ऊर्जा नीति के अलावा निजी क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिये नई औद्योगिक नीति, उच्च शिक्षा नीति, सूचना प्रौद्योगिकी नीति तथा आवास एवं पुनर्वास नीति तैयार कर लागू की जायेगी। साथ ही,  सभी ऊर्जा परियोजनाओं को समय से पूरा करने तथा 75 प्रतिशत पूर्ण परियोजनाओं को शीघ्र पूरा किया जायेगा। विकास कार्यक्रमों का सतत सत्यापन तथा समीक्षा की जायेगी। ई-पेमेन्ट, ई-प्रेक्योरमेन्ट तथा ई-टेण्डरिंग की व्यवस्था लागू की जायेगी।
श्री यादव कहा कि नई कृषि नीति को लागू कर कृषि के क्षेत्र में 05 प्रतिशत की विकास दर प्राप्त की जायेगी। 12वीं पंचवर्षीय योजना में कृषि तथा कृषि आधारित कार्यों के लिये 33,677.44 करोड़ रूपये का प्रस्ताव किया जा रहा है। राज्य सरकार खाद्यान्न के उत्पादन को बढ़ाने के साथ ही उत्पादकता में भी वृद्धि तथा किसानों को कृषि उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिये कृत संकल्प है। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की समय से पर्याप्त उपलब्धता तथा अगले 05 वर्षों में 17.94 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त औद्यानीकरण करके किसानों की आय में बढ़ोत्तरी का प्रयास किया जायेगा। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में रोजगार की सर्वाधिक संभावना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अभी राज्य देश में सर्वाधिक दूध का उत्पादन करता है, लेकिन दूध से निर्मित वस्तुओं के मामले में पीछे है। उन्होंने अधिकारियों को दूध आधारित उत्पादों में वृद्धि के लिये निर्देशित करते हुए कहा कि अगले 05 वर्षों में लगभग 64 फीसदी दुग्ध उत्पादन तथा लगभग 65 फीसदी अण्डा उत्पादन का अतिरिक्त लक्ष्य प्रस्तावित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने अन्न भण्डारण की क्षमता बढ़ाने के लिये गम्भीरता से प्रयास करने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव को 10.5 लाख मीट्रिक टन क्षमता के निर्माणाधीन गोदामों की प्रगति की समीक्षा करने के लिये भी कहा, ताकि धान खरीद से पहले राज्य सरकार के पास अतिरिक्त भण्डारण की क्षमता उपलब्ध हो सके। गन्ना किसानों की वर्तमान स्थिति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों तथा राज्य की आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिये नई चीनी मिलों की स्थापना तथा को-जनरेशन के लिये नई समग्र नीति शीघ्र तैयार की जाये। उन्होंने सभी किसानों को किसान क्रेेडिट कार्ड उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये।
श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के तेजी से विकास के लिये ऊर्जा, सिंचाई तथा यातायात क्षेत्रों के विकास के लिये विशेष महत्व दे रही है। इसीलिए 12वीं पंचवर्षीय योजना में आर्थिक आधारभूत ढांचा तैयार करने के लिये 1,25,835.16 करोड़ रूपये का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि जनपद मुख्यालयों को चार लेन की सड़कों से जोड़ा जायेगा। इसके अलावा 500 आबादी वाले बसावटों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पी0एम0जी0एस0वाई0) के माध्यम से तथा 250-500 आबादी वाले बसावटों को राज्य के संसाधनों द्वारा पक्की सड़क से जोड़ा जायेगा। इसके अलावा 12वीं पंचवर्षीय योजना में 300 पुल तथा 01 हजार रेलवे ओवर ब्रिज (आर0ओ0बी0) के निर्माण की योजना भी बनायी गयी है।
ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक सुधार पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों पर विगत काफी वर्षों से ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में घटिया गुणवत्ता के ट्रांसफार्मर व अन्य विद्युत उपकरणों का प्रयोग किया गया, जिसके कारण विगत 03 माह में काफी संख्या में ट्रांसफार्मर जल गये। उनकी सरकार प्रदेश की विद्युत व्यवस्था सुधारने के लिये प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में 16,274 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 10,868 मेगावाट निजी क्षेत्र से प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
श्री यादव ने यह भी अवगत कराया कि मानव संसाधन विकास के लिये प्रदेश सरकार शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल, सफाई व्यवस्था, आवास, नगर विकास तथा सामाजिक सुरक्षा आदि क्षेत्रों पर पूरा ध्यान देते हुए इनके विकास के लिए गम्भीरता से प्रयास कर रही है। 12वीं पंचवर्षीय योजना में इन क्षेत्रों के लिये 1,01,931.48 करोड़ रूपये का प्रस्ताव किया गया है। वर्ष 2017 तक नगरीय क्षेत्रों को साफ पीने का पानी, ठोस अपशिष्ट निस्तारण तथा सीवर व्यवस्था से आच्छादित किया जायेगा। 12वीं पंचवर्षीय योजना में राज्य को पूरी तरह साक्षर करने तथा प्राथमिक शिक्षा से ड्राप आउट 05 प्रतिशत तक घटाने का प्रयास किया जायेगा। स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में भी महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किये गये हैं, जिन्हें प्राप्त किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा को बढ़ाने तथा सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिये भी ठोस उपाय किये जायेंगे।
12वीं पंचवर्षीय योजना के प्रस्तावों पर विचार करते समय यह तथ्य भी संज्ञान में आया कि राज्य को भारत सरकार के विभिन्न स्रोतों से उपलब्ध होने वाली सहायता का  समुचित अंश नहीं मिल पाया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि केन्द्र सरकार से सहायता उपलब्ध कराये जाने हेतु पत्र भेजकर अनुरोध किया जाए कि अन्य राज्यों की तरह ही उत्तर प्रदेश को भी यहां के पिछड़ेपन तथा जनता की आवश्यकताओं/अपेक्षाओं के अनुरूप सहायता प्रदान की जाये। उन्होंने कहा कि राज्य के चहुमुखी विकास में केन्द्र के साथ सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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