Archive | Latest news

मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय

Posted on 26 September 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहाँ सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-

लखनऊ-आगरा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी
निजी क्षेत्र की सहभागिता (पीपीपी) के तहत आगरा से लखनऊ प्रवेश नियंत्रित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश के मध्य क्षेत्र मंे स्थित सात जनपदों-आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, मैनपुरी, कन्नौज, हरदोई से गुजरने वाले इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से इन क्षेत्रों के आर्थिक विकास में जबर्दस्त तेजी आएगी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लखनऊ के बीच आने जाने के समय में भी काफी कटौती होगी। इसके बन जाने से आलू व आम के विपणन में तेजी आएगी। कन्नौज में इत्र, फिरोजाबाद में कांच, आगरा में चमड़ा उद्योग के साथ-साथ एक्सप्रेसवे से जुड़े जनपदों मंे हैण्डीक्राफ्ट के महत्वपूर्ण केन्द्र भी मौजूद हैं। एग्रो प्रोसेसिंग एवं फूड प्रोसेसिंग की भी इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। एक्सप्रेसवे से इस पूरे क्षेत्र के व्यापार में जबरदस्त बढ़ोत्तरी होगी। 6 लेन वाले ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे की लम्बाई 270 किलोमीटर होगी, जिसकी अनुमानित लागत 10,400 करोड़ आंकी गई है। इसके दोनों ओर 10.25 मीटर तक हरित पट्टी विकसित की जाएगी। एक्सप्रेसवे कस्बो एवं गांवों से दूर होगा तथा इससे मुख्य शहरों को बाईपास से जोड़ा जाएगा।

शीरा नीति में संशोधन
गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान सुनिश्चित करने एवं चीनी मिलों तथा आसवनियों में अवशेष शीरे के निस्तारण में आ रही कठिनाई को दूर करने के लिए शीरा नीति में संशोधन किया गया है। इसके अन्तर्गत चीनी मिल द्वारा अपनी सह आसवनी में उपभोग की सीमा को छोड़कर उत्पादित शीरे का 20 प्रतिशत शीरा देशी मदिरा हेतु आरक्षित रखने, आरक्षित एवं अनारक्षित शीरे के मध्य निकासी अनुपात 1ः19 करने एवं प्रत्येक माह इस अनुपात को बनाए न रख पाने की दशा में निकासी 1ः4 का अनुपात बनाए रखने का निर्णय लिया गया है। इस संशोधन के बाद आगामी पेराई सत्र शुरु होने से पहले चीनी मिलों में उपलब्ध अवशेष शीरे का निस्तारण हो सकेगा, जिससे नए शीरे के भण्डारण के लिए टैंक खाली हो जाएंगे तथा शीरे की खुली बिक्री से चीनी मिलों को अतिरिक्त धनराशि की आय होगी। इस व्यवस्था से चीनी मिलों की आय बढ़ेगी और गन्ना किसानों के बकाया मूल्य के भुगतान करने में आसानी होगी।

उन्नतशील प्रजातियों के प्रमाणित बीजों पर अनुदान योजना लागू
वर्ष 2012-13 में प्रमाणित बीजों पर अनुदान के लिए 62.45 करोड़ की धनराशि की व्यवस्था बजट में की गई है। वर्ष 2012-13 में केवल रबी/जायद फसलों के प्रमाणित बीजों पर अनुदान दिया जाएगा। प्रमाणित बीजों के वितरण की शुरूआती जांच जनपद स्तरीय अधिकारी करेंगे। सैम्पल आधार पर उच्च स्तरीय टीमें भी इसका अनुश्रवण एवं सत्यापन करेंगी। बीज वितरक संस्थाएं हर महीने ग्रामवार/कृषकवार वितरण का विवरण हर महीने के आखिरी में प्रस्तुत करेंगी। खरीफ के लिए बीज वितरण का सत्यापन 01 से 31 अगस्त के बीच तथा रबी के लिए 01 से 31 जनवरी के बीच होगा। रबी एवं खरीफ के बीज सत्यापन के लिए 5 हजार गांवों का रैण्डम चयन कृषि निदेशालय करेगा।

सैफई में पुरुष स्पोटर््स काॅलेज की स्थापना का फैसला
लखनऊ में गुरु गोविन्द सिंह स्पोटर््स काॅलेज तथा गोरखपुर में वीर बहादुर सिंह स्पोटर््स कालेज की तर्ज पर प्रदेश के दक्षिण-पूर्व एवं बुन्देलखण्ड के प्रतिभावान बालकों को खेल में विशिष्ठ वैज्ञानिक प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से जनपद इटावा के सैफई में 71.25 एकड़ भूमि पर स्पोटर््स काॅलेज स्थापित किया जाएगा। इसमें उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के पाठ्यक्रम से कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा भी दी जाएगी। इसमें 80 बालकों हेतु छात्रावास के अलावा एथेलेटिक्स ट्रैक, फुटबाॅल ग्राउण्ड, बास्केटबाॅल, वाॅलीबाॅल कोर्ट, तरणताल, क्रिकेट मैदान, हाॅकी एस्ट्रोटर्फ, इण्डोर हाॅल, बहुउद्देशीय हाॅल आदि का निर्माण कराया जाएगा, जिसमें एथेलेटिक्स, कबड्डी, कुश्ती आदि खेल होंगे। कालेज के प्रथम सत्र के लिए 70 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा।

गांधी जयंती पर खादी के कपड़ों पर 10 प्रतिशत की छूट
गांधी जयन्ती के अवसर पर प्रदेश में खादी वस्त्रों की फुटकर बिक्री पर राज्य सरकार 10 प्रतिशत विशेष छूट देगी। इसके अन्तर्गत सूती, रेशमी व पाॅली खादी वस्त्रों पर यह छूट दिनांक 03 अक्टूबर से 108 कार्यदिवसों तक जारी रहेगी। इसी प्रकार ऊनी खादी कम्बल की बिक्री पर 01 नवम्बर, 2012 से 108 कार्यदिवसों तक यही छूट जारी रहेगी। प्रदेश में वर्तमान में कुछ 617 मान्यता प्राप्त संस्थाएं खादी का उत्पादन व बिक्री करती हैं।

घाटमपुर विद्युत परियोजना हेतु अंश पूंजी निर्गत करने का निर्णय
प्रदेश में अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षमता सृजित करने के उद्देश्य से भारत सरकार के उपक्रम नेवेली लिग्नाइट कार्पोरेशन के साथ संयुक्त उपक्रम में कानपुर की घाटमपुर तहसील में 2 हजार मेगावाॅट क्षमता की तापीय विद्युत परियोजना की स्थापना हेतु ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेण्ट तथा राज्य सरकार की अंश पूंजी निर्गत किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी। इस परियोजना की लागत 11,128 करोड़ अनुमानित है। संयुक्त उपक्रम/कम्पनी में नेवेली लिग्नाइट कार्पोरेशन तथा उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम की अंश पंूजी 51ः49 के अनुपात में होगी। उपक्रम की प्रारम्भिक अधिकृत पूंजी 5 करोड़ होगी। परियोजना लागत में अंशपूजी प्री-फीजिबिलिटी रिपोर्ट में दी गई अनुमानित लागत 11,128,00 करोड़ का 30 फीसदी यानी 3338.40 करोड़ है। इसमें राज्य उत्पादन निगम का अंश 1635.82 करोड़ है। यह राशि यदि निगम अपने संसाधनों से अदा नहीं कर पाएगा तो राज्य सरकार यह राशि निगम को उपलब्ध कराएगी। संयुक्त उपक्रम गठित होने पर इसके निदेशक मण्डल में नेवेली लिग्नाइट के 3 तथा विद्युत उत्पादन निगम के 2 निदेशक के अलावा कोयला मंत्रालय का एक निदेशक भी नामित किया जाएगा। निदेशक मण्डल का अध्यक्ष नेवेली लिग्नाइट नामित करेगा। परियोजना के वित्तपोषण के लिए ऋण तथा अंश पंूजी का अनुपात 70ः30 है। इस ज्वाइंट वेंचर में पूंजी निवेश उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम तथा नेवेली लिग्नाइट द्वारा क्रमशः 49ः51 अनुपात में ही क्रमिक रुप में किया जाएगा। राज्य सरकार इसमें शासकीय गारंटी नहीं देगी।

निजी क्षेत्र के पाॅलीटेक्निक में प्रवेश की नीति निर्धारित
निजी क्षेत्र की पाॅलीटेक्निक में काॅउन्सलिंग के बाद रिक्त रह जाने वाली सीटों के लिए राजकीय तथा अनुदानित पाॅलीटेक्निकों के साथ पूर्व की भांति सभी पाठ्यक्रमों की सभी सीटों पर 2 या 3 चरणों की काउन्सलिंग की जाएगी। इस काॅउन्सलिंग के बाद निजी क्षेत्र के पाॅलीटेक्निकों में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए उन छात्रों को वरीयता दी जाएगी, जो संयुक्त प्रवेश परीक्षा में क्वालीफाई कर रैंक प्राप्त कर चुके हों। दूसरी वरीयता उन्हें दी जाएगी, जो संयुक्त प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए हों, लेकिन क्वालीफाई न कर पाएं हों। दूसरे और तीसरे चरण की काॅउन्सलिंग के बाद निजी क्षेत्र के पाॅलीटेक्निकों में रिक्त सीटों पर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों द्वारा प्रवेश न लिए जाने की दशा में इन सीटों पर किसी भी वर्ग के अभ्यर्थी को प्रवेश दे दिया जाएगा।

नवसृजित जनपदों में जिला योजना समिति का गठन को मंजूरी
उत्तर प्रदेश जिला योजना समिति नियमावली में संशोधन करते हुए प्रदेश के 3 नए जनपदों सम्भल, शामली एवं हापुड़ की जिला योजना समिति के सदस्यों की संख्या पुनर्गठित की गई है। सम्भल की जिला योजना समिति में 30 सदस्य, शामली तथा हापुड़ में 15-15 सदस्य रहेंगे। इसके अलावा पुनर्गठित जनपदों-मुरादाबाद की जिला योजना समिति के सदस्यों की संख्या 40, बंदायू की योजना समिति के सदस्यों की संख्या 35, मुजफ्फरनगर जिला योजना समिति के सदस्यों की संख्या 40 तथा गाजियाबाद की जिला योजना समिति के सदस्यों की संख्या 15 रहेगी।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभार्थियों को बायोमीट्रिक कार्ड
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत खाद्यान्न वितरण व्यवस्था के कम्प्यूटरीकरण से पारदर्शिता के साथ-साथ खाद्यान्न के लीकेज को कम करने में सहायता मिलेगी। साथ ही बोगस व अपात्र राशन कार्ड भी समाप्त होंगे और खाद्यान्न सब्सिडी का दुरुपयोग रुकेगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रत्येक लाभार्थी को एक बायोमीट्रिक स्मार्ट कार्ड दिया जाएगा। यह एक बेहद सरल प्रक्रिया है, जो कि तुलनात्मक दृष्टिकोण से बेहद व्यवहारिक भी है, जिसमें कार्ड धारक की उंगलियों के निशान संग्रहीत रहेंगे। जब वह यह कार्ड लेकर उचित दर की दुकान पर जाएगा तो डीलर के पास उपलब्ध पी0ओ0एस0 मशीन जब उसकी पहचान करेगी, तभी उसे राशन मिलेगा। इस व्यवस्था से लाभार्थी को उचित दर की दुकान पर स्वयं जाकर ही राशन प्राप्त करना होगा। बायोमीट्रिक कार्ड के लिए ए0पी0एल0 लाभार्थी से 100 रुपए, बी0पी0एल0 लाभार्थी से 50 रुपए तथा अन्त्योदय कार्ड धारक से 20 रुपए प्रति कार्ड लिया जाएगा। प्रथम चरण में प्रत्येक मण्डल के एक जनपद में इसे लागू किया जाएगा, बाद में इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।

प्रदेश में ए0एन0एम0-जी0एन0एम0 प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने का निर्णय
प्रदेश में जनसामान्य को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने में नर्सिंग सेवा के महत्व को दृष्टिगत रखते हुए नर्सिंग स्कूलों के सुदृढ़ीकरण/उच्चीकरण करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा केन्द्र पुरोनिधानित योजना के अन्तर्गत उ0प्र0 राज्य में ए0एन0एम0 एवं जी0एन0एम0 प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किये जाने का निर्णय लिया है। निर्णय के अनुसार आय-व्ययक में  प्राविधान के माध्यम से इनके क्रियान्वयन पर होने वाले व्यय का केन्द्र द्वारा 85 प्रतिशत अंश तथा राज्य सरकार द्वारा 15 प्रतिशत अंश को व्यय करने की सहमति दी गई है। आग्जलरी नर्सेस मिडवाइफ स्कूलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में या उसके नजदीक तथा स्टाफ नर्स प्रशिक्षण स्कूल को जिला स्तर पर जिला अस्पताल में या उसके निकटतम स्थान पर स्थापित किये जाने का निर्णय लिया गया है।

उत्तर प्रदेश प्रसंस्कृत तिल निर्यात नीति लागू करने का निर्णय
प्रदेश में प्रसंस्कृत तिल के निर्यात को प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश प्रसंस्कृत तिल निर्यात नीति (2006-2011) को आगामी 05 वर्ष (2012-2017) में लागू किये जाने का निर्णय लिया है। इस नीति के अन्तर्गत प्रदेश से निर्यात किये जा रहे प्रसंस्कृत तिल तथा उसको उत्पादित करने में प्रयुक्त तिल पर निर्यातकों को प्रदेश से निर्यात किये जा रहे प्रसंस्कृत तिल पर 02 प्रतिशत मण्डी शुल्क एवं 0.5 प्रतिशत विकास सेस की छूट रहेगी। प्रसंस्कृत तिल उत्पादित करने में प्रयुक्त तिल निर्माता निर्यातकों को कच्चा माल होने के कारण इससे उत्पादित प्रसंस्कृत तिल भारत के बाहर निर्यात की दशा में उत्पादन में प्रयुक्त तिल पर वैट की देयता नहीं होगी।
तिल निर्यात नीति का लाभ लेने हेतु निर्यातकों को कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार अनुभाग-2 में अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। तिल निर्यात नीति के अन्तर्गत आने वाली कठिनाईयों के निराकरण हेतु प्रमुख सचिव कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार विभाग की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के अन्तर्गत मण्डी शुल्क, विकास सेस एवं व्यापार कर से छूट का लाभ पाने के लिए निर्यातकों/मिलर को उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मण्डी अधिनियम, 1964 के अन्तर्गत निर्धारित विनियमन व्यवस्थाओं एवं राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।
प्रदेश के प्रसंस्कृत तिल का निर्यात रेल तथा सड़क मार्ग अथवा किसी भी बन्दरगाह/वायु मार्ग एवं थल मार्ग से किया जा सकेगा। प्रदेश के डायरेक्ट प्रसंस्कृत तिल निर्यातक को प्रदेश की सीमा के अन्दर से क्रय किये गए कच्चे तिल की मात्रा पर मण्डी शुल्क तथा विकास सेस से छूट मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि तिल निर्यात की बढ़ोत्तरी से जहां एक ओर अधिक विदेशी मुद्रा की प्राप्ति होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में कृषि औद्योगिक वातावरण और उन्नत तकनीक विकसित होगी एवं अतिरिक्त रोजगार सृजन के अवसरों में वृद्धि होगी। साथ ही, प्रदेश में तिल उत्पादकों को उनकी उपज का अधिक मूल्य मिलेगा और तिल उत्पादन के क्षेत्र में भी वृद्धि होगी।

उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के ऋण आदि के लिए नाबार्ड के पक्ष में वर्ष 4100 करोड़ रु0 की शासकीय गारण्टी स्वीकृत
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लि0, लखनऊ द्वारा ऋणपत्र/निर्गमन/ऋण/अन्तरिम वित्त अथवा अन्य प्रकार से नाबार्ड से वित्त आहरित करने हेतु शासन द्वारा नाबार्ड के पक्ष में वर्ष 2012-13 के लिए 4100 करोड़ रुपए की शासकीय गारण्टी स्वीकृत किये जाने को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके अन्तर्गत उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लि0, लखनऊ द्वारा कृषि निवेशों की खरीद हेतु दीर्घकालीन ऋण के प्रतिदान तथा उस पर देय ब्याज के लिए शासन की प्रत्याभूति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। वर्ष 2012-13 में दिनांक 30 जून, 2013 तक 900 करोड़ रुपए के ऋणपत्र/निर्गमन/ऋण/अन्तरिम वित्त अथवा अन्य प्रकार से नाबार्ड से वित्त आहरित करने की स्वीकृति तथा 4100 करोड़ रुपए की ओवर आॅल शासकीय गारण्टी स्वीकृत किये जाने का निर्णय लिया गया है।

बुन्देलखण्ड तथा विंध्य क्षेत्र में सिंचाई जल उपयोग की क्षमता बढ़ाने की योजना को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के बुन्देलखण्ड विंध्य क्षेत्र में कृषकों की आय में सुधार तथा उत्पादकता में वृद्धि के लिए सिंचाई जल उपयोग की क्षमता बढ़ाने की योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वर्षा जल संचयन हेतु तालाबों, चेक डैम, बन्धों में उपलब्ध सीमित जल को खेतों तक पहुंचाने व स्प्रिंकलर पद्धति से सिंचाई को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ष 2012-17 के लिए इस योजना को लागू किये जाने का निर्णय लिया गया है।
इस योजना का कार्य क्षेत्र बुन्देलखण्ड क्षेत्र के समस्त जनपद-झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट एवं विन्ध्य क्षेत्र के मिर्जापुर, सोनभद्र तथा इलाहाबाद जनपद का पठारी क्षेत्र-विकास खण्ड गोरांव, शंकरगढ़, जसरा, मेजा, माण्डा, करछना, उरुवा, कोदियार एवं चाका होंगे। यह योजना प्रदेश के 76 विकास खण्डों में संचालित होगी।
इस योजना के अन्तर्गत चयनित क्षेत्र के सभी कृषक अनुदान प्राप्त करने हेतु पात्र होंगे बशर्ते उनके खेतों के पास सिंचाई हेतु जल स्रोत उपलब्ध हो, जिसमें सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो। कुल लाभार्थियों में कम से कम 75 प्रतिशत लाभार्थी लघु एवं सीमान्त कृषकों की श्रेणी में होंगे।

उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/जनजाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति नियमावली 2012 को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/जनजाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति नियमावली 2012 को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसे शैक्षणिक सत्र 2012-13 से लागू किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अन्तर्गत छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि सम्बन्धित छात्र/छात्राओं के शैक्षणिक संस्था के समीप स्थित बैंक में खोले गए उसके बचत खाते में भेजी जाएगी। जनपद स्तर पर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति को समयबद्ध स्वीकृति/वितरण हेतु जिलाधिकारी द्वारा नामित मुख्य विकास अधिकारी अथवा अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस नियमावली के लागू होने के उपरान्त जहां गरीब व पात्र छात्र/छात्राओं को आसानी से छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा, वहीं इस योजना का दुरुपयोग करने वाले शिक्षण संस्थानों पर भी प्रभावी अंकुश लग सकेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

कुपोषण को रोकने हेतु राज्य स्तर पर न्यूट्रीशन मिशन की स्थापना कर ब्लाक स्तर तक खोले जाएंगे न्यूट्रीशन केन्द्र: मुख्य सचिव

Posted on 26 September 2012 by admin

उत्तर प्रदेश में कुपोषण को रोकने हेतु राज्य स्तर पर न्यूट्रीशन मिशन की स्थापना की जाएगी, जिसके तहत ब्लाक स्तर पर न्यूट्रीशन सेन्टर खोले जाएंगे। पोषण मिशन के प्रारूप को बनाने हेतु प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास तथा प्रमुख सचिव समाज कल्याण एवं बाल विकास की एक समिति गठित की गई है। यह समिति केन्द्र सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों और अन्य राज्यों में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए अपनायी जा रही रणनीति का अध्ययन कर माॅडल को अन्तिम रूप देने हेतु आगामी 15 नवम्बर, 2012 को प्रस्तुतीकरण करेंगे। इसके तहत स्वास्थ्य आई0सी0डी0एस0, स्वच्छ पेयजल, ग्राम्य विकास तथा पंचायती राज विभाग का परस्पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित कराकर कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए एक कार्य योजना बनाई जाएगी। कुपोषण प्रबन्धन कार्य योजना के अन्तर्गत आगामी वर्ष में प्रत्येक जिला अस्पताल में 10 बेड वाले पोषण पुनर्वास केन्द्र स्थापित कराए जाएंगे।
मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी आज अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में ‘राज्य न्यूट्रीशन मिशन’ के गठन हेतु आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिशु एवं बच्चों के खानपान को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराते हुए प्रत्येक ग्राम में निश्चित दिवस पर ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के रूप में बच्चों एवं माँ की प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण एवं आयरन फोलिक एसिड गोलियों का वितरण भी सुनिश्चित कराया जाएगा। 10 जनपदों में 16 पोषण पुनर्वासन केन्द्र संचालित हैं, जिन्हें बढ़ाकर वर्तमान वित्तीय वर्ष में 10 और नए जनपदों के जिला चिकित्सालयों में पुनर्वास केन्द्र स्थापित किए जाएंगे।
प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री संजय अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में संचालित 1 लाख 88 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों के वृद्धि निगरानी, कुपोषण प्रारम्भिक बाल अवस्था में देखभाल, संतुलित आहार, प्रसवपूर्व एवं प्रसवपरान्त देखरेख हेतु मातृ समितियों को गठित कराया गया है। उन्होंने बताया कि किशोरियों में कुपोषण एवं रक्त अल्पता की पहचान एवं निराकरण हेतु प्रदेश के 22 जनपदों में सफल योजना चलाकर 20 लाख किशोरियों को लाभान्वित कराया जा रहा है।
बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास श्री राजीव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

यू.पी. कैबिनेट के निर्णय - हाईलाइट्स

Posted on 25 September 2012 by admin

ऽ    आगरा से लखनऊ एक्सप्रेस-वे (ग्रीन फील्ड) परियोजना को पी.पी.पी. के आधार पर लागू करने का फैसला।
ऽ    शीरा नीति में संशोधन-अवशेष शीरे का हो सकेगा निस्तारण।
ऽ    उन्नतिशील प्रजातियों के प्रमाणिक बीजों पर अनुदान देने की योजना लागू करने का फैसला।
ऽ    जनपद इटावा के सैफई में पुरूष स्पोर्टस काॅलेज की स्थापना को मंजूरी।
ऽ    गांधी जयंती के अवसर पर खादी वस्त्रों में 10 प्रतिशत की छूट को मंजूरी।
ऽ    अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों को कक्षा 10 के बाद छात्रवृत्ति सीधे उनके बैंक खातों में जमा करने का निर्णय।
ऽ    घाटमपुर में 2000 मेगावाॅट तापीय विद्युत परियोजना के लिए नेवेली लिग्नाइट कार्पोरेशन और यू.पी. राज्य विद्युत उत्पादन निगम के बीच एम.ओ.यू. पर अनुमोदन।
ऽ    बुन्देलखण्ड तथा विंध्य क्षेत्र में सिंचाई जल उपयोग बढ़ाने की योजना लागू करने का फैसला।
ऽ    सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभार्थियों को बायोमीट्रिक स्मार्ट कार्ड व उचित दर विक्रेता पीओएस मशीन उपलब्ध कराने का फैसला।
ऽ    नवसृजित जनपदों में जिला योजना समिति को गठित करने, पुनगर्ठित जिला योजना समिति के सदस्यों का निर्धारण तथा जनपदों के नाम परिवर्तित करने के लिए उत्तर प्रदेश जिला योजना समिति नियमावली 2008 में संशोधन प्रस्ताव स्वीकृत।
ऽ    प्रसंस्कृत तिल के निर्यात प्रोत्साहन के लिए उत्तर प्रदेश प्रसंस्कृत तिल निर्यात नीति अगले 5 वर्षों तक लागू किए जाने का फैसला।
ऽ    निजी क्षेत्र में स्थापित पाॅलीटेक्निक संस्थाओं में प्रवेश से सम्बन्धित नीति निर्धारण का प्रस्ताव स्वीकृत।
ऽ    नर्सिंग स्कूलों के सुदृढ़ीकरण के लिए केन्द्र पुरोनिधानित योजना के तहत ए.एन.एम. तथा जी.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने का फैसला।
ऽ    उत्तर प्रदेश ग्राम विकास बैंक द्वारा नाबार्ड से ऋण आदि लेने के लिए नाबार्ड के पक्ष में 4100 करोड़ की शासकीय गारण्टी स्वीकृत।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

मण्डी परिषद के ‘अपना बाजार’ की तर्ज पर झांसी एवं सैफई में भी अपना बाजार खोलने को सैद्धांतिक मंजूरी

Posted on 25 September 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित मण्डी परिषद के ‘अपना बाजार’ की तर्ज पर झांसी एवं सैफई में भी अपना बाजार खोलने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। दूसरे चरण में प्रदेश के बड़े शहरों तथा प्रमुख शहरों में भी अपना बाजार खोले जाएंगे। मण्डी परिषद द्वारा कराए जाने वाले 10 करोड़ से ऊपर के निर्माण कार्यों की ई-टेण्डरिंग की जाएगी। मण्डी परिषद द्वारा कृषि विषय में शोध करने वाले प्रदेश के लगभग सवा सौ छात्रों को 6000 रुपए मासिक छात्रवृत्ति दी जाएगी।
up-cm-mandi-parisad-meeting मुख्यमंत्री आज सचिवालय, एनेक्सी में मण्डी परिषद के संचालक मण्डल की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य की किसान मण्डियों की कार्य प्रणाली को इस प्रकार और सहज बनाना चाहिए, ताकि छोटे और मध्यम किसान भी सीधे इनसे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि किसानों को सरकारी योजनाओं का और अधिक लाभ दिलाने में मण्डी परिषद महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि मण्डी परिषद ऐसे बाजारों को विकसित करे, जिनमें किसान सीधे और आसानी से अपनी कृषि उपज का विक्रय कर सकें और उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर कृषि उपज उपलब्ध हो सके। बैठक में चावल निर्यात नीति को भी मंजूरी दी गई, जिसके तहत निर्यात किए जाने वाले चावल को मण्डी शुल्क से मुक्त रखे जाने का प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को अपनी उपज सीधे उपभोक्ताओं को बिक्री करने की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से अपना बाजार की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। यहां पर होने वाली फुटकर बिक्री पर मण्डी शुल्क नहीं लगता। इन बाजारों में हैण्डीक्राफ्ट एवं हैण्डलूम के दस्तकारों को भी अपने उत्पाद प्रदर्शित करने एवं उन्हें बेचने के अवसर भी प्रदान किए जाते हैं। साथ ही इनमें लोक कलाकार अपनी कला का भी प्रदर्शन कर सकेंगे। सामुदायिक क्रियाकलापों की भी व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि लखनऊ के अपना बाजार की तर्ज पर प्रथम चरण में सैफई तथा झांसी में ये बाजार विकसित किए जाएंगे। दूसरे चरण में प्रदेश के बड़े शहरों तथा प्रमुख स्थानों पर अपना बाजार बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों में किसानों के ऐसे पुत्र-पुत्रियों, जो कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में शोध कर रहे हैं, उन्हें प्रतिमाह 6000 रुपए छात्रवृत्ति दी जाएगी। एक अनुमान के अनुसार प्रदेश के पांच कृषि विश्वविद्यालयों में लगभग सवा सौ छात्रों को प्रतिवर्ष इस योजना से लाभ मिलेगा और राज्य में कृषि अनुसंधान को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डी परिषद द्वारा कराए जाने वाले 10 करोड़ से अधिक की लागत वाले निर्माण कार्यों की ई-टेण्डरिंग सुनिश्चित कराई जाए और ई-टेण्डर/ई-प्रोक्योरमेण्ट प्रणाली के अन्तर्गत समस्त टेण्डर शासन की ई-टेण्डर वेबसाइट पर अपलोड किए जाएं। ताकि पूरी पारदर्शिता से निर्माण कार्य सम्पन्न हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की गुड़/खाण्डसारी इकाइयों के मण्डी शुल्क के मामले में विगत कई वर्षों से प्रशासनिक समस्याएं पैदा हो रही थीं। व्यापारियों को भी शुल्क देने में कठिनाई आ रही थी, इसके दृष्टिगत चीनी वर्ष 01 अक्टूबर, 2012 से 30 सितम्बर, 2013 के लिए एकमुश्त मण्डी शुल्क समाधान योजना लागू की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डी परिषद को अपनी आय को बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए और ऐसी नीतियां तैयार करनी चाहिए, जिनसे प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। किसान से उपभोक्ता सीधे खरीदारी कर सकें, इसकी व्यवस्था मण्डी परिषद को करनी चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि नोएडा तथा साहिबाबाद में फल सब्जी मण्डी का विस्तार कराया जाएगा तथा गोरखपुर में एक आधुनिक मत्स्य मण्डी भी विकसित की जाएगी। श्रावस्ती के भिन्गा में मण्डी बनाने को मंजूरी के साथ-साथ निर्णय लिया गया है कि लखनऊ में दुबग्गा स्थित नवीन फल एवं सब्जी मण्डी का भी विस्तार किया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव जावेद उस्मानी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश गर्ग, प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन, मण्डी परिषद के निदेशक राजीव अग्रवाल के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

तीर्थ यात्रियों तथा पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं की घोषणा

Posted on 22 September 2012 by admin

akshaypatra-opening-up-cm-akhilesh-yadav-mathura1उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने मथुरा-वृन्दावन-गोवर्धन में तीर्थ यात्रियों तथा पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मथुरा में यमुना नदी पर बने पुल के जीर्णशीर्ण हो गए पुल के स्थान पर नया पुल बनाए जाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मथुरा, वृन्दावन, गोवर्धन में देश ही नहीं विदेशों से लोग आते है, यहां साफ सफाई अच्छी हो इसके लिये आवश्यक उपकरणों की भी व्यवस्था की जायेगी।
श्री यादव आज मथुरा में एक संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद एक जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मथुरा को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक विकसित करने के लिए 30 करोड़ रुपये की लागत से मथुरा के घाटों का सुन्दरीकरण, कुण्डों-सरोवरों का जीर्णाेद्धार आदि कार्य कराये जायेगे। उन्होंने कहा कि बरसात में क्षतिग्रस्त हो गई सड़कों की मरम्मत भी कराई जाएगी, जिस पर 8 करोड़ रुपए व्यय होंगे। बरसाना-कोसीकलाॅ मार्ग के चैड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण पर 4 करोड़ रुपए व्यय किये जायेगे। गोवर्धन कच्चे परिक्रमा मार्ग के चैड़ीकरण व सौन्दर्यीकरण कार्यों पर भी एक करोड़ रुपए व्यय किये जायेगे।
वृन्दावन में आधुनिक तकनीक से बनी अक्षयपात्र संस्था की रसोई का उद्घाटन एवं लोकार्पण अवसर पर श्री यादव ने कहा कि मथुरा में विकास के भरपूर कार्य किये जायेगे। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि कन्या विद्या धन योजना एवं बेरोजगारी भत्ता का वितरण शुरू हो गया है। कन्या विद्या धन योजना से बालिका शिक्षा का विकास होगा। योजनाओं के लिये पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था बजट में प्राविधानित कर दी गई है। मुस्लिम समुदाय की लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये सहायता राशि की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक स्थापना एवं आई0टी0 सेक्टर को बढ़ाने का माहौल बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में कक्षा 10 व 12वीं पास छात्रों को टेबलेट पी0सी0 व लैपटाॅप दिये जाने की कार्रवाई की जा रही है। यह  कम्प्यूटर व लैपटाॅप हिन्दी, अंगे्रजी व उर्दू में कार्य करेगें, इससे किसी भी ग्रामीण छात्र को कोई दिक्कत नहीं होगी।
akshaypatra-kitchen-up-cm-akhilesh-yadav-mathuraमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों पर लगे झुठे मुकद्दमें वापस लेने का कार्य शुरू कर दिया है। प्रदेश में विद्युत उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है। विद्युत आपूर्ति बढ़ाने के इन्तजाम किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि मथुरा श्री कृष्ण जी की जन्मस्थली है और उनकी लीलायें विश्व विख्यात हैं। इसलिए इस स्थान का महत्व बहुत बढ़ जाता है। यहां के विकास को भरपूर सहयोग दिया जायेगा। इस अवसर पर स्थानीय पत्रकारों द्वारा पे्रस क्लब की माॅग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्यक विचारोपरान्त पे्रस क्लब की व्यवस्था करायी जायेगी।
मुख्यमंत्री ने अक्षयपात्र की आधुनिक रसोई के वृन्दावन में स्थापना पर अक्षयपात्र संस्था को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इससे छात्रों को स्वच्छ, पौष्टिक व समय पर खाना उपलब्ध होगा। ऐसी संस्थाओं को प्रदेश में अन्य स्थानों पर कार्य करने के लिये सरकार सहयोग करेगी ताकि अधिक से अधिक स्कूली बच्चों को पौष्टिक खाना मिले। लोकार्पित आधुनिक रसोई से जनपद मथुरा के 1633 स्कूलों में एक लाख 65 हजार बच्चों को प्रतिदिन मिड-डे-मील वितरित किया जा रहा है। इस रसोई में 40 हजार रोटी प्रति घंटा बनाने की आॅटोमेटिक मशीन है। आॅटोमेटिक व्यवस्था से सब्जी की सफाई, कटाई व बनाने का कार्य होता हैं। करीब 7 वाहनों से खाना स्कूलों में ले जाया जाता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अक्षयपात्र द्वारा लागू की गई नई अक्षय थाली योजना का शुभारम्भ भी किया।
मथुरा भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने फोगला आश्रम में आयोजित स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन भी किया। अपने सम्बोधन में श्री यादव ने कहा कि यमुना की सफाई हम सभी के प्रयासों से सम्भव हो सकती है और इस कार्य में समाजिक संगठनों, संस्थाओं तथा जनसहभागिता की बहुत बड़ी आवश्यकता हैं, शासन स्तर से जो भी सहयोग अपेक्षित होगा प्रदान किया जायेगा।
iskon-up-cm-akhilesh-yadav-mathuraश्री यादव ने कहा कि संगीत एवं नृत्य जनजीवन की प्राणवायु है, जो सदियों से हमें भाई-चारे और मेलमिलाप से मिलजुल कर रहने की पे्ररणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रज भूमि को मैं बार-बार नमन करता हूॅ इस भूमि से जो संत-महात्मा एवं कलाकार हुए है उन्होंने हमेशा ही जन कल्याण के उपदेश दिये एवं कार्य किये है, ऐसी ब्रज भूमि के लोगों के कल्याण एवं उत्थान तथा प्रोत्साहन के लिये जो भी जरूरी मदद होगी उन्हें उपलब्ध करायी जायेगी।
मुख्यमंत्री ने वृन्दावन भ्रमण के दौरान बाॅकेबिहारी जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रदेश के परिवहन मंत्री श्री राजा अरिदमन सिंह, इन्फोसिस, मनीपाल एकेडमी के उच्चाधिकारी व अक्षयपात्र फाउन्डेशन के प्रतिनिधि, स्वामी हरिदास जयन्ती समारोह के प्रतिनिधिगण, जनप्रतिनिधि तथा आम लोग उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

केन्द्र सरकार विदेशी बैंको में जमा लाखों करोड़ो रूपये का काला धन की वापसी हेतु कोई प्रयास क्यों नही करती ?

Posted on 21 September 2012 by admin

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा कि एफ0डी0आई0 के विरोध में भारत बंद पूर्ण रूप से सफल हुआ है। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान स्वतः बंद रखकर बंद का सर्मथन किया और केन्द्र सरकार की नीतियों का विरोध किया। विदेशी पूॅजी निवेश के मुद्दे पर कांग्रेस की नीयत संदेह के घेरे में है। अंग्रेज भारत को देश नही उपनिवेश मानते थे। कांग्रेस भी अंग्रेजो की तर्ज पर उपनिवेश वाली सोच रखती है। इसीलिए 2जी स्पेक्ट्रम, कोल ब्लाॅक आवंटन सहित कई अन्य नीतिगत फैसले हुए। जिनमें बाद में बड़े भ्रष्टाचार व घोटालों का खुलासा हुआ। कांग्रेस सरकार कह रही है कि राजकोषिय घाटे को कम करने के लिए विदेशी पूॅजी निवेश को छूट दी गई है।यदि सरकार से राजकोषिय घाटा कम करना था तो केन्द्र सरकार विदेशी बैंको में जमा लाखों करोड़ो रूपये का काला धन की वापसी हेतु कोई प्रयास क्यों नही करती ?खुदरा बाजार में विदेशी पूॅजी निवेश को लेकर सरकार ने संसद में आश्वासन दिया था कि विदेशी पूॅजी निवेश को लेकर सहयोगी दलों और सभी lucknow-bjp1राजनैतिक दलों को विश्वास में लेकर सर्वसम्मति से फैसला किया जायेगा। लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। विदेशी पूंजी निवेश (एफ0डी0आई0) को लागू कर यूपीए सरकार ने संसद में दिये गये भरोसे को तोड़ा है और संसद की अवमानना भी की है। भाजपा यू0पी0ए0 सरकार को देश को आर्थिक गुलामी की ओर ले जाने की छूट नही दे सकती। देश में राजकोषिय घाटा यू0पी0ए0 सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार व घोटालों के कारण बढ़ा है।यू0पी0ए0 सरकार को देश का सरकारी खजाना लूटने की छूट नहीं दी जा सकती। हम विपक्ष में रहकर एक सजग प्रहरी के रूप में काम कर रहे है। भ्रष्टाचार व घपले घोटालों को लेकर हर मुद्दे पर संसद में और बाहर हमने प्रभावी भूमिका का निर्वहन किया है। केन्द्र सरकार यह दावा कर रही है कि विदेशी पूॅजी निवेश के जरिये 1 करोड़ लोगों के रोजगार मिलेगा। लेकिन यू0पी0ए0 सरकार यह नही बता रही है कि उक्त निवेश के बाद बेरोजगार होने वाले 4 करोड़ लोगों का क्या होगा ? प्रधानमंत्री को अपने हित की चिन्ता है देश की चिन्ता नही। विदेशी पूॅजी निवेश का फैसला विदेशी ताकतों के दबाव में लिया गया फैसला है। पूर्व वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने आश्वासन दिया था कि सारे राजनैतिक दलों मे सहमति से विदेशी पूॅजी निवेश की अनुमति प्रदान की जायेगी लेकिन सरकार ने संसद की अवमानना की। केन्द्र में सरकार  बनने पर इस बात की जांच करायेंगे कि किसके दबाव में और किन परिस्थितियों में देश में विदेशी पूॅजी निवेश को छूट प्रदान की गई।यू0पी0ए0 सरकार देश की अर्थव्यवस्था को नीलाम करने पर अमादा है। विदेशी पूॅजी निवेश के सरकार के फैसले से किसान तबाह हो जायेगा। किसान को उपज की कीमत नहीं मिलेंगी। किसान बिचैलियों के माध्यम से अपनी उपज कम कीमत पर बेचने को मजबूर होगा।खुदरा बाजार में विदेशी पूॅजी निवेश से देश की अर्थव्यवस्था खतरे में पड़ जायेगी। वाॅलमार्ट में बिकने वाले सामान में 80 प्रतिशत सामान की आपूर्ति चाइन से होती है। चाइना की अप्रत्यक्ष भागीदारी वाॅलमार्ट के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था में होगी। देश में सुरक्षा का भी संकट बढ़ेगा।यू0पी0ए0 सरकार ने विश्व के 82 देशों के साथ अनुबंध किया है। जिसके अनुसार भारत सरकार इस बात के लिए मजबूर होगी कि जैसा व्यवहार व नीति वह देशी राष्ट्रीय निवेशकों के साथ अपनायेगी वही नीति वह विदेशी निवेशकों के साथ भी अपनायेगी। तृणमूल कांग्रेस द्वारा यू0पी0ए0 सरकार से सर्मथन वापसी का हम स्वागत करते है। समाजवादी पार्टी कहती है कि हम विदेशी पूॅजी निवेश का विरोध कर रहे है। दूसरी तरफ केन्द्र सरकार का लिखित सर्मथन भी जारी है। सपा-बसपा का मंहगाई व भ्रष्टाचार सहित अन्य मुुद्दो पर यू0पी0ए0 सरकार का विरोध दिखावा है। छलावा है। विरोध सर्थक होना चाहिए। सपा-बसपा के नेता यदि वाकई में सरकार की नीतियों के खिलाफ है तो ममता बनर्जी की तरह समर्थन वापसी का फैसला क्यों नही लेते ? मध्यावधि चुनाव को नकारा नहीं जा सकता। भाजपा लाभ-हानि की नही बल्कि देशहित की राजनीति करती है। देशहित में सपा-बसपा को सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए।एफ0डी0आई0 के मुद्दे पर यू0पी0ए0 अध्यक्ष सोनिया गांधी मौन क्यों है ?

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक श्रेष्ठता कायम करने के लिए प्रयास किए जाएंगे: मुख्यमंत्री

Posted on 18 September 2012 by admin

  • अल्पसंख्यकों, ग्रामीणों और गरीबों का एक सपना पूरा हुआ
  • रामपुर में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का शुभारम्भ और आर्यभट्ट नक्षत्रशाला का लोकार्पण

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के लिए जो भी सम्भव होगा वह जरूर किया जाएगा। इसे विश्वस्तरीय बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। सारी रुकावटों को दूर करते हुए इसे बेमिसाल विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। राज्य सरकार इसकी शैक्षणिक श्रेष्ठता कायम करने के लिए हर मुमकिन प्रयास करेगी। इस विश्वविद्यालय में तकनीकी दक्षता, उच्चस्तरीय प्रयोगशालाएं और वे सारे साधन तथा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनसे यह विश्वविद्यालय अपनी विशिष्ट पहचान बना सके।
मुख्यमंत्री आज रामपुर में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के शुभारम्भ के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वही समाज आगे बढ़ता है, जो तालीम हासिल करने में भी अव्वल रहता है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के शुरु होने से अल्पसंख्यकों, ग्रामीणों और गरीबों का एक सपना पूरा हुआ है। इस विश्वविद्यालय के दरवाजे सभी के लिए खुले रहेंगे और अल्पसंख्यकों के साथ-साथ अन्य वर्गों की उच्च शिक्षा के लिए भी यह विश्वविद्यालय अग्रणी भूमिका अदा करेगा।
श्री यादव ने कहा कि 06 साल पहले इस विश्वविद्यालय का शिलान्यास हुआ था। लेकिन इसे रोकने के हर स्तर पर प्रयास किए गए। क्योंकि अल्पसंख्यक, गरीब और ग्रामीण जब तरक्की चाहते हैं तो इसी तरह रोड़ा अटकाया जाता है और इसके लिए कानून तक का सहारा लिया जाता है। उन्होंने इस विश्वविद्यालय को शुरु करने में प्रदेश के नगर विकास मंत्री
श्री मोहम्मद आजम खाँ के अथक संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि उनकी जद्दोजहद जरूर रंग लाएगी और यह विश्वविद्यालय एक दिन विश्व भर में विख्यात हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी बेहतरी में अब किसी भी रुकावट को सरकार स्वयं दूर करेगी।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री
श्री मुलायम सिंह यादव ने विश्वविद्यालय का औपचारिक शुभारम्भ करते हुए कहा कि मेरे लिए आज का दिन बेहद अहम है क्योंकि मैंने ही 06 साल पहले इस विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया था। उन्होंने नगर विकास मंत्री श्री मोहम्मद आजम खां के संकल्प की तारीफ करते हुए कहा कि वे जो ठान लेते हैं उसे कर दिखाते हैं। उनकी इस संघर्षशीलता को पीढ़ी दर पीढ़ी याद रखा जाएगा।
श्री मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर है कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नाम से एक विश्वविद्यालय शुरु हो रहा है। मौलाना मोहम्मद अली जौहर और उनके भाई शौकत अली का भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बहुत बड़ा योगदान है। ये बेहद खुशी की बात है कि जल्दी ही वो दिन जरूर आएगा कि एक महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम पर बने इस विश्वविद्यालय से इस क्षेत्र को पहचाना जाएगा।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि तरक्की का रास्ता शिक्षा संस्थानों से होकर ही गुजरता है। इसलिए अल्पसंख्यकों के लिए शिक्षा के और भी संस्थान खोले जाने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में मेडिकल कालेज भी खुलवाने पर विचार करें। उन्होंने शुभारम्भ के अवसर पर मौजूद लोगों का आह्वान किया कि वे जो भी जिम्मेदारी उन्हें देंगे वो पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बाद रामपुर में आज इतिहास रचा गया है।
इस अवसर पर प्रदेश के नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री
श्री मोहम्मद आजम खां ने श्री मुलायम सिंह यादव को ‘रफीकुल मुल्क’ बताते हुए कहा कि वे उनके हमेशा आभारी रहेंगे। इस विश्वविद्यालय को तबाह और बर्बाद करने की हर मुमकिन कोशिश की गई लेकिन हमने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि ये विश्वविद्यालय किसी एक आदमी की संस्था नहीं है। इस पर भारत के हर नागरिक का अधिकार है।
श्री आजम खां ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की बेहतरी के लिए जीवन पर्यन्त संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने इस विश्वविद्यालय को 6 बीघा जमीन दान देने वाले श्री अमन शर्मा को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ0 लुकमान खां ने कहा कि शिक्षा की ताकत से समाज की तमाम बुराईयां दूर की जा सकती हैं। इस अवसर पर प्रदेश के लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव, राजस्व मंत्री श्री अम्बिका चैधरी समेत प्रदेश के लगभग सभी मंत्री मौजूद थे।
इससे पूर्व रामपुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव का हेलीपैड पर जबरदस्त स्वागत किया गया। हेलीपैड से विश्वविद्यालय तक लगभग
18 किलोमीटर के रास्ते पर जगह-जगह तोरण द्वारा बनाए गए थे और सड़क के दोनों तरफ थोड़ी-थोड़ी दूर पर इकट्ठा हुजूम ने मुख्यमंत्री पर फूल बरसाकर उनका अभिनन्दन किया।
विश्वविद्यालय के शुभारम्भ से पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री श्री मुलायम सिंह यादव, नगर विकास मंत्री तथा अन्य लोग गांधी समाधि पर पहुंचे और बापू को श्रद्धासुमन अर्पित किए। बाद में मुख्यमंत्री
श्री अखिलेश यादव ने रामपुर में 28 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बनी आर्यभट्ट नक्षत्रशाला का लोकार्पण भी किया। इसमें डिजिटल लेजर तकनीक वाले उपकरण लगाए गए हैं। इसमें एक खगोल गैलरी भी विकसित किए जाने की योजना है। लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुलायम सिंह यादव तथा प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने नक्षत्रशाला में 17 मिनट के पहले शो को भी देखा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

प्रवेश कर शुल्क से आने वाली धनराशि का शत-प्रतिशत उपयोग व्यवसायिक एवं वाणिज्य क्षेत्र के जन सुविधाओं में किया जाए: मुख्य सचिव

Posted on 18 September 2012 by admin

  • वाणिज्य एवं औद्योगिक क्षेत्र में जर्जर तारों एवं पोलों को बदलने के साथ-साथ ट्रांस्फार्मर क्षमता वृद्धि आदि कार्य कराए जाएं: जावेद उस्मानी
  • विभागीय अधिकारियों को प्रवेश कर शुल्क से आवंटित धनराशि का उपयोग वाणिज्य एवं औद्योगिक क्षेत्र में करने का प्रमाण-पत्र देना होगा: मुख्य सचिव
  • उ0प्र0 व्यापार विकास निधि प्रबन्धन समिति की बैठक विगत कई वर्षाें से न होने पर मुख्य सचिव की नाराजगी
  • वाणिज्य एवं औद्योगिक क्षेत्र में जन सुविधाओं के विस्तार हेतु 709 करोड़ रू0 की धनराशि के बजट की स्वीकृति निर्गत

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने लोक निर्माण, नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उ0प्र0 स्थानीय क्षेत्र में माल के प्रवेश कर से प्राप्त धनराशि का उपयोग व्यवसायिक एवं वाणिज्य क्षेत्र में जन सुविधाओं के वृद्धि में ही किया जाए। उन्होंने कहा कि बाजार एवं औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों, पुलों के निर्माण, विकास एवं रख-रखाव तथा सम्बन्धित क्षेत्रों में प्रदूषणमुक्त वातावरण के सृजन विकास एवं रख-रखाव के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि वाणिज्य एवं औद्योगिक क्षेत्र में जर्जर तारों एवं पोलों को बदलने के साथ-साथ ट्रांस्फार्मर क्षमता वृद्धि आदि कार्य कराकर व्यापारियों को सुविधा उपलब्ध करायी जाए। उद्योग एवं विपणन तथा अन्य वाणिज्यिक, काम्पलेक्सेस को बिजली एवं जलापूर्ति के लिए अवस्थापना का सृजन कराया जाए।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार मंे उत्तर प्रदेश व्यापार विकास निधि प्रबन्धन समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने वर्ष 2012-13 मंे ऊर्जा विभाग को 233 करोड़ रूपये, नगर विकास को 236 करोड़ रूपये तथा लोक निर्माण विभाग को 240 करोड़ रूपये की आवंटित धनराशि की स्वीकृति प्रदान करते हुए कहा कि आवंटित धनराशि का उपयोग शत-प्रतिशत बाजार एवं औद्योगिक  क्षेत्रों में करने का प्रमाण-पत्र विभाग को देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रवेश कर में आने वाली अतिरिक्त आय का भी आवंटन वर्तमान वित्तीय वर्ष मे ही विभाग की कार्ययोजना के अनुसार शीघ्रताशीघ्र कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रवेश कर शुल्क में 1212 करोड़ रूपये की आय सम्भावित है। जिसका शत-प्रतिशत उपयोग व्यापार, वाणिज्य एवं उद्योग के विकास से जुड़े या उनकी सुविधाओं के लिए होने वाले कार्याें में खर्च होगा। उ0प्र0 व्यापार विकास निधि प्रबन्धन समिति की बैठक विगत कई वर्षाें से न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि व्यापारियों के हित के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण है तथा भविष्य में बैठक निर्धारित समय पर आहूत कराकर कार्य योजनाओं की स्वीकृति निर्गत करायी जाए।
श्री उस्मानी ने नगर विकास, ऊर्जा एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि यदि प्रवेश कर शुल्क से आवंटित धनराशि का शत-प्रतिशत उपयोग वाणिज्य एवं औद्योगिक क्षेत्र के विकास एवं अवस्थापनाआंे में नहीं किया गया, तो सम्बन्धित अधिकारियों की खैर नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस मद में प्राप्त होने वाली धनराशि उद्योग धन्धे वाले शहरों के विकास में खर्च किया जाना आवश्यक है, ताकि व्यापारियों की स्थानीय स्तर की समस्याओं का समाधान यथाशीघ्र हो जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव कर एवं निबन्धन श्री वीरेश कुमार, प्रमुख सचिव पी0डब्ल्यू0डी0 श्री कुमार अरविन्द देव, सचिव वित्त श्री बी0एम0 जोशी, सचिव ऊर्जा श्री संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

किसानों को मुफ्त सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगीः मुख्यमंत्री

Posted on 16 September 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि सत्ता में आने के बाद की 06 माह की अवधि में प्रदेश आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में आगे बढ़ा है और बिजली, सड़क, उद्योग सहित अन्य क्षेत्रों में बदलाव दिखाई पड़ने लगा है। उन्होंने कहा कि पिछले 06 माह में प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं और चुनाव घोषणा पत्र पर तेजी से अमल किया है। इस क्रम में उन्होंने घोषणा की कि किसानों को नहरों और सरकारी नलकूपों के माध्यम से मुफ्त सिंचाई की सुविधा  उपलब्ध कराई जाएगी। यह फैसला 01 अप्रैल, 2012 से लागू माना जाएगा।
मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर सरकार के 06 माह पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद सरकार को बिगड़ी परिस्थितियां और आर्थिक संकट विरासत में मिला था। जनता ने समाजवादी पार्टी को प्रदेश को खुशहाली के रास्ते पर ले जाने के लिए बहुमत दिया। जिस पर हमने तेजी से अमल किया, परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश की बेहतरी और प्रगति की दिशा तय हुई है। आने वाले समय में और भी बड़े बदलाव दिखाई पड़ेंगे।
श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए फैसलों से बिजली उत्पादन और उद्योग के क्षेत्र में बेहतर वातावरण उत्पन्न हुआ है। बिजली उत्पादन तेजी से बढ़ाने के लिए तथा निरंतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तेजी से कार्रवाई की जा रही है। बिजली फीडर को अलग करने तथा विद्युत सब स्टेशन के निर्माण का कार्य तेजी से किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक एवं अवस्थापना नीति-2012 के लागू होने से उद्योगपतियों और निवेशकों का रुख प्रदेश की तरफ बढ़ा है और वे अब अपने उद्योग प्रदेश में लगाने के इच्छुक हैं। जबकि पूर्व सरकार के कार्यकाल में प्रदेश उद्योग शून्य हो गया था और कोई भी उद्योगपति इस राज्य की तरफ निवेश के लिए आने का इच्छुक नहीं था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव घोषणा पत्र को पूरा किए जाने के क्रम में प्रदेश सरकार ने बेरोजगारी भत्ते के वितरण की शुरूआत कर दी है। कन्या विद्या धन योजना के अन्तर्गत छात्राओं तथा 10वीं पास मुस्लिम अल्पसंख्यक छात्राओं को शीघ्र ही धनराशि वितरित की जाएगी। हाईस्कूल उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को निःशुल्क टेबलेट पी0सी0 एवं इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण विद्यार्थियों को निःशुल्क लैपटाॅप दिए जाने की कार्रवाई नवम्बर माह से प्रारम्भ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले के अनुसार प्रदेश में आकस्मिक चिकित्सा परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए टोल फ्री नम्बर 108 से एम्बुलेन्स सेवा के संचालन की शुरूआत की जा चुकी है। शीघ्र ही, प्रदेश के हर ब्लाॅक में यह एम्बुलेन्स सेवा उपलब्ध होगी। महिला तथा विकलांग अध्यापकों को उनके विकल्पों के अनुसार अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण एवं छात्रसंघों के गठन का वायदा भी पूरा किया जा चुका है।
अवस्थापना विकास की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा-लखनऊ के बीच नए 06 लेन एक्सप्रेस-वे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है, पी0पी0पी0 माॅडल पर सड़कों का निर्माण तथा अनुरक्षण का कार्य किया जा रहा है। नई दिल्ली और लखनऊ को सीधे जोड़ने के वायदे पर भी प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। राजमार्गों के चैड़ीकरण तथा जिला मुख्यालय को 04 लेन की सड़कों से जोड़ने का निर्णय भी लिया गया है।
किसानों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए मुुख्यमंत्री ने बताया कि मण्डियों को क्रियाशील बनाने की प्रभावी कार्रवाई की गई है। किसानों को उनकी उपज का उचित समर्थन मूल्य दिलाने की व्यवस्था तथा गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य का रिकार्ड भुगतान किया गया है। उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाने हेतु नई नीतियां लाई गई हैं। लखनऊ में 05 लाख लीटर क्षमता वाली वृहद डेयरी स्थापित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के दौरान प्रदेश के वातावरण की चर्चा करते हुए कहा कि उस समय लोगों की कोई सुनवाई नहीं थी। किन्तु अब सच्चे अर्थों में लोकतंत्र बहाल हुआ है और लोगों को आजादी मिली है। अब लोगों को मिलने और अपनी बात कहने का मौका मिला है।
श्री यादव ने कहा कि चुनाव घोषणा पत्र को पूरा करने के लिए हालांकि 05 वर्ष का समय मिलता है, किन्तु हमने घोषणा पत्र के अनुसार विकास के एजेण्डे पर तेजी से कार्रवाई करते हुए ज्यादा से ज्यादा वायदों को पूरा किया है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों एवं लागू की जाने वाली नीतियों के फलस्वरूप राज्य में खुशहाली और तरक्की का वातावरण निर्मित होगा और प्रदेश आगे बढ़ेगा। अंत में, उन्होंने मीडिया के प्रति अपना आभार जताते हुए कहा कि उसने प्रदेश में विकास का वातावरण निर्मित करने में अपना सहयोग दिया है।
इस अवसर पर लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री अहमद हसन, विधान परिषद सदस्य श्री राजेन्द्र चैधरी, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री एन0सी0बाजपेयी, मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री अनिल कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, सचिव मुख्यमंत्री श्रीमती अनीता सिंह, सचिव सूचना श्री अमृत अभिजात सहित बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

हम अगले पांच साल में अपने राज्य को विकास की नई ऊंचाईयों तक पहुंचा देंगे

Posted on 15 September 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि पूरे देश की निगाहें इस समय यू.पी. पर लगी हुई हैं। इसलिए हमें वो काम करके दिखाना है, जो अब तक नहीं हुआ। हम अगले पांच साल में अपने राज्य को विकास की नई ऊंचाईयों तक पहुंचा देंगे। हमने उत्तर प्रदेश की जनता से जो वायदे किए हैं, उन्हें पूरा करेंगे। विकास के मामले में जल्दी ही प्रदेश में बड़ा बदलाव आएगा।
1मुख्यमंत्री आज अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर आयोजित इमरजेन्सी मेडिकल ट्रांसपोर्ट सर्विस ‘समाजवादी स्वास्थ्य सेवा’ के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। श्री यादव ने स्वयं 108 नम्बर पर फोन कर इस सेवा का शुभारम्भ किया और एक एम्बुलेन्स के ड्राइवर श्री गजेन्द्र को एम्बुलेन्स की प्रतीकात्मक चाभी भेंट की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 18 जनपदों में 67 करोड़ 43 लाख रुपए की लागत से बने 22 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा 08 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का लोकार्पण भी किया।
इस अवसर पर श्री यादव ने कहा कि हमारी सरकार गरीब की मदद के लिए हर स्तर पर ईमानदारी से कार्य कर रही है। हर विभाग में नए ढंग से ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं, ताकि आम आदमी लाभान्वित हो सके। उन्होंने कहा कि यह बात गौर करने की है कि जिस विभाग पर पिछली सरकार में सबसे ज्यादा उंगलियां उठी थीं, वही विभाग इस सरकार में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री अहमद हसन को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि आज से प्रदेश के 13 जनपदों में फस्र्ट एड तथा उपचार उपकरणों से सुसज्जित 133 इमरजेन्सी एम्बुलेन्स उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। समाजवादी स्वास्थ्य सेवा के लिए मोबाइल अथवा किसी भी फोन से टोल फ्री 108 नम्बर डायल करने पर 20 मिनट के अन्दर एम्बुलेन्स फोन करने वाले व्यक्ति के बताए पते पर पहुंच जाएगी और निकट के अस्पताल तक मरीज को निःशुल्क पहुंचाएगी।
2मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के अंत तक प्रदेश के हर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर एम्बुलेन्स उपलब्ध करा दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले गत 22 अगस्त को मुख्यमंत्री हरी झण्डी दिखाकर राज्य के 75 जनपदों के लिए यू.पी. एम्बुलेन्स सेवा के तहत 200 एम्बुलेन्स रवाना कर चुके हैं। इसी सेवा को विस्तार देते हुए मुख्यमंत्री ने आज हरी झण्डी दिखाकर 240 और एम्बुलेन्स रवाना की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अक्टूबर तक 972 एम्बुलेन्स प्रदेश के 820 विकास खण्डों में उपलब्ध करा दी जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव तथा बीमार बच्चों के उपचार के लिए इस वर्ष के अंत तक करीब 1000 अतिरिक्त एम्बुलेन्स को 102 नम्बर के टोल फ्री नम्बर वाले काॅल सेन्टर से जोड़कर संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल एम्बुलेन्स ही नहीं हम प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्तरीय दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, अच्छे मेडिकल उपकरण स्थापित करने तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का हर स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। खुशी इस बात की है कि बिना उंगली उठे हम ऐसे काम कर रहे हैं, जिससे जनता तक लाभ पहुंच रहा है। इसीलिए हमें भरोसा है कि हम सभी की मदद करने में जरूर कामयाब होंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग बेहतरीन कार्य कर रहा है और 100-100 बेड के कई अस्पताल भी बनने जा रहे हैं।
3इस अवसर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री अहमद हसन ने कहा कि उनका विभाग एक-एक पैसे का पूरी ईमानदारी से इस्तेमाल करेगा और इमरजेन्सी एम्बुलेन्स सेवा देश की सबसे अच्छी सेवा साबित होगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी स्वास्थ्य सेवा की प्रत्येक एम्बुलेन्स में 24 घंटे में तीन-तीन ड्राइवर रहेंगे, ताकि जरूरत पर यह एम्बुलेन्स हर समय उपलब्ध रहे। उन्होंने बताया कि 108 एम्बुलेन्स सेवा के लिए लखनऊ में सौ सीटर काॅल सेन्टर स्थापित हो गया है। इस नम्बर पर फोन करने पर भी एम्बुलेन्स हाजिर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि आज मुख्यमंत्री ने जिन एम्बुलेन्स को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया है, उनमें लखनऊ के लिए-13, इटावा-09, मैनपुरी-11, कन्नौज-10, सहारनपुर-13, मेरठ-16, रामपुर-8, मुजफ्फरनगर-11, शामली-5, मुरादाबाद-10, सम्भल-8, बागपत-8 और अम्बेडकर नगर में-11 एम्बुलेन्स पहुंचेंगी।
प्रदेश के लोक निर्माण तथा सिंचाई मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश के दूर-सुदूर स्थानों तक एम्बुलेन्स सेवा के लिए अच्छी सड़कों की भी आवश्यकता होगी। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के उस कथन को दोहराया कि सड़कों के निर्माण में लोक निर्माण विभाग के अलावा पीपीपी माॅडल पर भी सड़कों का निर्माण कराया जाएगा।
4इससे पूर्व प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने मुख्यमंत्री तथा प्रदेश के अन्य मंत्रियांे का अभिवादन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि आज जिस इमरजेन्सी मेडिकल सर्विस का उद्घाटन किया गया वह देश की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का विजन है कि विकास के एजेण्डे को पूरी ईमानदारी से लागू किया जाए। इसके लिए हम वचनबद्ध हैं और भरोसा दिलाते हैं कि एनआरएचएम या किसी भी अन्य योजना में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं होने देंगे।
इस अवसर पर प्रदेश के श्रम मंत्री श्री वकार अहमद शाह, राजस्व मंत्री श्री अम्बिका चैधरी, पंचायती राज मंत्री श्री बलराम यादव, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री श्री दुर्गा प्रसाद यादव, स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री शंखलाल मांझी, प्रोटोकाॅल राज्य मंत्री श्री अभिषेक मिश्र, लोक निर्माण एवं सिंचाई राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह पटेल, एनआरएचएम के परियोजना निदेशक श्री मुकेश मेश्राम तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम के समापन पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री संजय अग्रवाल ने धन्यवाद दिया।
——–
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने दिनांक 14 सितम्बर, 2012 को जिन 22 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा 08 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का उद्घाटन किया उनकी सूची
lokarpan-list-14-september-2012
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

Advertise Here

Advertise Here

 

August 2026
M T W T F S S
« Sep    
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
-->









 Type in