Archive | Latest news

भारतीय जनता पार्टी द्वारा महंगाई के विरुद्ध आज यहां आयोजित महा रैली

Posted on 25 February 2010 by admin

pic-181
pic-20pic-221pic-211pic-241pic-25pic-26उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी द्वारा महंगाई के विरुद्ध आज यहां आयोजित महा रैली के बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं के विधानसभा कूच करने पर पुलिस द्वारा रोके जाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस बल के बीच जमकर पथराव हुआ जिसमें दर्जनों पुलिसकर्मी एवं कार्यकर्ता घायल हो गये। भाजपा द्वारा गोमती तट पर झूले लाल पार्क में आयोजित महा रैली को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं राजनाथ सिंह, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, मुख्तार अब्बास नकवी तथा सांसद लालजी टण्डन आदि नेताओं के संबोधित करने के बाद पहले से प्रस्तावित विधानसभा कूच के लिए जब भाजपा नेताओं के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ ने कूच किया तो पुलिस द्वारा रोके जाने पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर संघर्ष हुआ और देखते ही देखते कार्यकर्ताओं ने पथराव शुरू कर दिया। पहले से भारी संख्या में तैनात पुलिस और पीएसी बल ने भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और भीड़ के अनियन्त्रित हो जाने पर आंसू गैस और पानी की बौछार कर कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने का प्रयास किया। पुलिस बल द्वारा रोके जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ता पुन: रैली स्थल पर एकत्र हो गए और वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

आकड़ों की जादूगरी के बल पर देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश

Posted on 22 February 2010 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने आज लोक सभा में दोनों सदनों के समक्ष भारत की राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा सिंह पाटिल के अभिभाषण को दिशाहीन, आम आदमी के हितों की उपेक्षा करने वाला तथा आकड़ों का पुलिन्दा बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी ने अपने अभिभाषण में आम आदमी को राहत देने वाली बात कही है, लेकिन अब तक केन्द्र सरकार द्वारा आम आदमी के लिए उठाये गये कदमों से जाहिर होता है कि यह पूरी तरह कोरी बयानबाजी है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2010-11 के दौरान विकास दर 08 प्रतिशत किए जाने की बात भी आंकड़ेबाजी के सिवा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि यू0पी0ए0 की सरकार सभी मोर्चाें पर विफल रही है और आकड़ों की जादूगरी के बल पर देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ती मंहगाई पर काबू करने के लिए अभिभाषण में कोई ठोस एवं कारगर रणनीति की बात नहीं कही गई है।

सुश्री मायावती ने कहा कि देश से गरीबी दूर करने के लिए किसानों एवं आम आदमी का विकास जरूरी है, लेकिन अभिभाषण में देश के 70 प्रतिशत किसानों के लिए कोई राहत की बात नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि किसान आज भी बदहाली की हालत में है। राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में छोटे व सीमान्त किसान, जिन्हें जरूरत के लिए ऋण लेने हेतु सूदखोरों पर निर्भर रहना पड़ता है, उनके लिए सरकार ने कोई व्यवस्था नहीं की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी लोग साहूकारों से कर्ज लेते हैं और उनके मकड़जाल में फंसकर आत्महत्या के लिए मजबूर होते हैं।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि सच्चाई यह है कि किसानों को केन्द्र सरकार कोई राहत नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए आसान शर्ताें पर बैंकों से ऋण देने की व्यवस्था की जानी चाहिए थी, किन्तु यू0पी0ए0 सरकार ने कभी भी किसान के हितों को ध्यान में नहीं रखा। उन्होंने कहा कि हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा बजट सत्र से पहले ही यूरिया खाद के मूल्यों पर 10 प्रतिशत की वृद्धि करके किसानों के साथ भद्दा मजाक किया गया है। उन्होंने कहा कि अभिभाषण में एक तरफ किसानों की माली हालत सुधारने और उनकी उपज का उचित लाभ, खाद्य सुरक्षा मिशन, अनाज का पर्याप्त भण्डारण तथा कृषि निवेश बढ़ाने की बात कही गई है, वहीं दूसरी तरफ एन0बी0एस0 (न्यूट्रियन्ट बेस्ड सिब्सडी) कम करके किसानों के साथ धोखा किया गया है। उन्होंने कहा कि उर्वरकों पर सिब्सडी कम करने से पैदावार में निश्चित रूप से गिरावट आयेगी और इस तरह खाद्य सुरक्षा मिशन का उद्देश्य बेमानी हो जायेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह केन्द्र सरकार किसानों को और बदतर हालत में ले जाना चाहती है।

सुश्री मायावती ने कहा कि अभिभाषण में कृषि उत्पादकता बढ़ाने तथा पी0डी0एस0 व खुले बाजार को नियन्त्रित करने की नीतियों में भी व्यापक सुधार करने की बात पूरी तरह सत्य से परे है। उन्होंने कहा कि खुले बाजार को नियन्त्रित करने हेतु कोई कार्यवाही नहीं की गई है। इसके विपरीत यूपीए सरकार की नीतियों से मुनाफोखोरों, कालाबाजारियों व सटोरियों को बढ़ावा मिला है। जहां तक कृषि उत्पादकता बढ़ाने की बात है, केन्द्र सरकार की मंशा साफ नहीं है। सिर्फ कहने से उत्पादन नहीं बढ़ेगा, बल्कि इसके लिए कृषि निवेश के साथ ही किसानों को तमाम सहूलियतें देनी होंगी। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार कृषि सेक्टर पर ध्यान देती तो आज देश में तमाम किसान आत्महत्या के लिए मजबूर न होते।
सुश्री मायावती ने कहा कि अभिभाषण में गरीबों एवं कमजोर वर्गों के लिए तमाम सहुलियतों की बातें कही गई हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि 50 साल तक इस देश में शासन करने के बाद भी अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ों एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है। केन्द्र सरकार द्वारा गठित की गई सच्चर कमेटी की रिपोर्ट से यह बात पूरी तरह से साफ हो जाती है। उन्होंने कहा कि अभिभाषण में अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ों एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों को लेकर कोरी बयानबाजी की गई है। यदि अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए केन्द्र सरकार का नज़रिया साफ होता, तो सच्चर कमेटी की सिफारिशों को अब तक लागू कर दिया गया होता।
मुख्यमन्त्री ने महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस की लगातार हीला-हवाली पर भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार सर्वसमाज की महिलाओं और उनमें दबे-कुचले वर्ग की महिलाओं को आरक्षण का लाभ नहीं देगी, तब तक महिला आरक्षण विधेयक का सही मायने में उद्देश्य पूरा नहीं होगा। महिलाओं के आरक्षण के मामलें में उन्होंने मांग किया कि अनुसूचित जाति/जनजाति एवं पिछड़े वर्गों की महिलाओं को अलग से आरक्षण की सुविधा दी जाये।

सुश्री मायावती ने कहा कि अभिभाषण में अर्थव्यवस्था को तेल और गैस पर आश्रित होने की बात कही गई है और नये तेल क्षेत्रों की खोज से तेल उत्पादन क्षमता में बढ़ोत्तरी होने की संभावना व्यक्त की गई है। उन्होंने कहा कि नये तेल क्षेत्रों की निरन्तर खोज होते रहने के बावजूद भी आम आदमी को तेल मूल्यों में राहत नहीं मिली है। क्योंकि सरकार ने देश के विशाल भूगर्भ तेल-गैस की सम्पदा अपने चहेते पूंजीपतियों के हाथों “विण्डफॉल प्रॉफिट´´ कमाने के लिए सौंप दी है, जिसकी जानकारी आम जनता को है कि ये चहेते पूंजीपति कौन हैं।

सुश्री मायावती ने अभिभाषण में मनरेगा को लेकर केन्द्र सरकार की पीठ थपथपाये जाने की बात पर आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि यह सबसे बड़ा सवाल है कि आम आदमी 08 घण्टे मिट्टी खोदकर एक वक्त का भोजन जुटाता रहे और वह भूख से न मरे और बदहाली का जीवन जीता रहे, कांग्रेस यही चाहती है। उन्होंने कहा है कि यू0पी0ए0 सरकार गरीबों का उत्थान नहीं चाहती, उचित होता कि केन्द्र की सरकार गरीबों के लिए स्थायी रोजगार और उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कोई ठोस कदम उठाने की बात कहती। केन्द्र सरकार को आम आदमी की चिन्ता होती तो वह 365 दिन के रोजगार की व्यवस्था करती। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि कांग्रेस की सभी नीतियां हमेशा से गरीब विरोधी रही हैं। जिसके कारण आजादी के 62 वर्ष के बाद भी आम आदमी लाचार और मजबूर है।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि अभिभाषण में सूखे जैसी विशिष्ट चुनौतियों से सामना करने के लिए राज्य सरकारों को सहूलियत एवं सहयोग देने वाली बात कही गई है। इस सम्बन्ध में कहना है कि कांग्रेस के केन्द्र की सत्ता में 50 वर्ष के कार्यकाल के दौरान जो क्षेत्र लगातार अनदेखी और भौगोलिक परेशानियों के कारण अन्य क्षेत्रों की तुलना में निरन्तर पिछड़ते चले गये, उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। राज्य सरकार ने पूर्वांचल व बुन्देलखण्ड के लिए 80 हजार करोड़ रूपये का पैकेज मांगा था, उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस तरह सूखा प्रभावित राज्यों को सहायता दिये जाने वाली बात झूठी बयानबाजी के सिवा कुछ नहीं है।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि देश में आतंकवादी घटनायें घटित हो रही हैं। इन्हें रोकने के लिए केन्द्र सरकार ने कोई पुख्ता इन्तजाम न करके सिर्फ बयानबाजी कर रही है और राष्ट्रपति के अभिभाषण में भी इसी बात को दोहराया गया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई कारगर कदम उठाने की बात नहीं कही गई है। सच्चाई यह है कि केन्द्र सरकार आतंकवाद के नियन्त्रण में पूरी तरह विफल रही है। इसी तरह गम्भीर होती जा रही नक्सली समस्या सिर्फ बात करने से दूर नहीं होगी, बल्कि इसके कारणों का पता लगाकर स्थायी समाधान निकालना होगा। उन्होंने कहा कि जो लोग विकास से वंचित तथा अन्याय के शिकार रहे, उनकी ओर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण नक्सलवाद आज पूरे देश में उग्ररूप लेता जा रहा है।

सुश्री मायावती ने कहा कि यू0पी0ए0 सरकार की गलत आर्थिक एवं आयात-निर्यात सम्बन्धी नीतियों के कारण आसमान छूती मंहगाई से आम आदमी और गरीबों का जीवन दूभर हो गया है। इसके साथ ही समय-समय पर केन्द्रीय कृषि मन्त्री के गैर जिम्मेदाराना बयान ने भी आग में घी डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अभिभाषण में राष्ट्रपति जी ने स्वीकार किया है कि उत्पादन में कमी और विश्व स्तर पर चावल, दालों, खाद्य तेल के बढ़े हुए मूल्यों के कारण कीमतों में बढ़ोत्तरी अपरिहार्य थी। जबकि वास्तविकता यह है कि बढ़ती महंगाई के लिए केन्द्र सरकार की आर्थिक नीतियां पूरी तरह जिम्मेदार हैं। केन्द्र सरकार का यह दावा करना कि बढ़ती खाद्य कीमतों से आम आदमी को राहत देने के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, कोरी बयानबाजी के सिवा कुछ नहीं है। आम आदमी को प्राथमिकता देना कभी नहीं रही है। यूपीए सरकार केवल पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाली ही नीतियां बनाती रही है।

सुश्री मायावती ने कहा कि अभिभाषण में आम आदमी की चिन्ता की बात कही गई है। यूपीए सरकार के अब तक के प्रदर्शन से स्पष्ट है कि वह आम आदमी के प्रति कतई संवेदनशील नहीं है। केन्द्र सरकार का यह संकल्प कोरी ड्रामेबाजी के सिवा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को आम आदमी को बताना चाहिए कि देश में गरीबी, अज्ञानता, बेरोजगारी तथा अवसर की असमानता आज भी क्यों मौजूद है।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का अभिभाषण में जमकर बखान किया गया है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में अल्ट्रा मेगा पावर हाउस लगाने के मांग की गई थी, जिस पर केन्द्र सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है और प्रदेश के प्रति भेदभाव किया गया। सच्चाई यह है कि उत्तर प्रदेश के विकास के बगैर देश का विकास सम्भव नहीं है। इसके बावजूद भी केन्द्र सरकार उत्तर प्रदेश के साथ लगातार सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि अभिभाषण में शहरी गरीबों के लिए बुनियादी सुविधाएं व आवास मुहैया कराने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है, जबकि राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से मान्यवर कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना तथा सर्वजन हिताय शहरी गरीब मकान (स्लम एरिया) मालिकाना हक योजना शुरू की है।

सुश्री मायावती ने कहा कि जहां तक समाज के वंचित वगोंZ को तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था की सफलता में हिस्सेदार बनाने की बात है, सच्चाई यह है कि इसकी सफलता की कहानी अमीरों को और अमीर तथा गरीबों को और गरीब बनाने की है। इनका हाथ वास्तव में पूंजीपतियों के साथ है। देश में पिछले 50 वषोंZ में कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान गरीबों और वंचितों की संख्या बढ़ी है। केन्द्र सरकार ने जान-बूझकर बी0पी0एल0 का नया सर्वे नहीं कराया है, जिससे गरीब आदमी की स्थिति और दयनीय होती जा रही है। इसके विपरीत राज्य सरकार ने उ0प्र0 मुख्यमन्त्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना संचालित करके वंचित लोगों को 300 रूपये प्रति माह की आर्थिक मद्द देने की भी येाजना शुरू की है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

सहारा इण्डिया परिवार ने हॉकी इण्डिया के नेतृत्व की जिम्मेदारी से इन्कार किया

Posted on 19 February 2010 by admin

नई दिल्ली, 19 ¬फरवरी 2010: श्री सुब्रत रॉय सहारा, मैनेजिंग वर्कर एवं चेयरमैन, सहारा इण्डिया परिवार ने वृहस्पतिवार को हॉकी इण्डिया (एचआई) के नेतृत्व की जिम्मेदारी स्वीकारने से इन्कार कर दिया।

सहारा इण्डिया द्वारा राष्ट्रीय हॉकी टीम को और साउथ एशियन गेम्स में रजत पदक की विजेता रही टीम के सम्मान में आयोजित समारोह में श्री सुरेश कलमाडी, इण्डियन ओलिम्पक एसोसियेशन (आईओए), के प्रेसिडेंट द्वारा मीडिया के सामने श्री रॉय को हॉकी इण्डिया (एचआई) के प्रेसिडेंट रूप में दायित्व निभाने का आग्रह किया।

“मैं उन्हें (श्री रॉय को) हॉकी इण्डिया (एचआई) का प्रेसिडेंट बनने के लिए कोशिश कर रहा हूं। माननीय हमें आपकी जरूरत है, आप आगे आएं और टीम का नेतृत्व करें´´ श्री कलमाडी ने आग्रह करते हुए साथ ही यह भी कहा, `यह सभी लोगों के ऊपर निर्भर है कि वो इन्हें यह जिम्मेदारी निभाने के लिए राजी करेंं।´´

अपनी प्रतिक्रिया में श्री रॉय ने अत्यन्त नम्रतापूर्वक प्रस्ताव ठुकराते हुए कहा, “मैं दिन में 18 घंटे काम करता हूं, साल के 365 दिन। अत: मैं पद के प्रति न्याय नहीं कर पाऊंगा। जबकि, मैं अपनी व्यक्तिगत सामथ्र्य के अनुसार हॉकी खेल के लिए लगातार काम करता रहूंगा।´´

pic-18

New Delhi, February 19, 2010: Mr. Subrata Roy Sahara, Managing Worker & Chairman, Sahara India Pariwar, on Thursday refused to accept the responsibility of leading Hockey India (HI).

At a function organised on Thursday evening by Sahara India in honour of the National hockey team and the silver medal winning side in the South Asian Games, Mr. Suresh Kalmadi, President of the Indian Olympic Association (IOA), in front of media, requested Mr. Roy to take over as the president of HI.

“I am trying to persuade him (Mr. Roy) to be the president of HI. We need you sir, you come forward and lead the team,” Mr. Kalmadi requested, adding “it is up to everybody to convince him to take up the responsibility.”

In his response, Mr. Roy politely turned down the offer. “I work for 18 hours in a day, 365 days a year. So I may not be able to do justice to the post. However, I would continue to work for the game in my personal capacity.”

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

 

Comments (0)

महिला कांग्रेस द्वारा शहीद स्मारक पर धरना

Posted on 16 February 2010 by admin

महिला कांग्रेस द्वारा राजधानी लखनऊ में सीतापुर की एक शक्षिका की हुई मौत पर शहीद स्मारक पर जनतान्त्रिक अधिकारों के तहत धरना देने के प्रयास को विफल करने के लिये माया सरकार ने अंग्रेजी राज्य की बर्बरता को अपनाकर लोगों के रोंगटे खड़े कर दिये। लोकतन्त्र को कलंकित करने वाले इस प्रयास की सभी राजनैतिक दलों ने घोर निन्दा की है। कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी नेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी तथा सांसद जगदिम्बका पाल सहित कांग्रेस के अनेक वरिश्ठ नेताओं ने विधानसभा के समक्ष गिरफ्तारियां दी। यूपी पुलिस का खौफनाक चेहरा एक बार फिर उजागर हुआ। एक दिन पूर्व ही इलाहाबाद में दो व्यक्तियों की पुलिस हिरासत में मौत का मामला ठण्डा ही नही पड़ा था कि राजधानी में पुलिस ने राजनैतिक कार्यकर्ताओं तथा महिलाओं  पर जमकर लाठिया भंाजी। लाठियों से घायल कार्यकर्ताओं को उठाने तक नहीं दिया गया। एक व्यक्ति को पुलिस ने चारो तरफ से इतना पीठा कि पुलिस की कई लाठियां टूट गई तब महिला कार्यकर्ताओं को आगे आकर पुलिस से लोहा लेना पड़ा तब जाके जान बची। पुलिस उत्पीड़न के विरोध में वाराणसी के लोहार बीर चौराहे  पर कांग्रेस कार्यकर्ताअेां ने जाम लगाकर प्रदशZन किया।

for more details : click here

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

दृष्टिबाधित अन्तर्राज्यीय क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारम्भ

Posted on 12 February 2010 by admin

dsc_2128लखनऊ। स्थानीय के0डी0 सिंह बाबू स्टेडियम पर डा0 शकुन्तला मिश्रा स्मृति सेवा संस्थान द्वारा आयोजित नवम् दृष्टिबाधित अन्तर्राज्यीय क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारम्भ संस्था के संस्थापक अध्यक्ष श्री सतीश चन्द्र मिश्र, संसद सदस्य राज्य सभा एवं अध्यक्ष, उ0प्र0 राज्य सलाहकार परिषद् की अध्यक्षता में हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि महामहिम श्री राज्यपाल उ0 प्र0 श्री बी0एल0 जोशी एवं विशिष्ट अतिथिगण मा0 न्यायमूर्ति श्री उमानाथ सिंह, उच्च न्यायालय, लखनऊ खण्डपीठ, लखनऊ, मा0 न्यायमूर्ति श्री एच.के. सेमा, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग द्वारा किया गया।

प्रतियोगिता के उद्घाटन के समय श्री नकुल दुबे, मा0 मन्त्री नगर विकास, श्री अनन्त कुमार मिश्र, मा0 मन्त्री स्वास्थ्य, श्री विनोद कुमार, मा0 मन्त्री पर्यटन विभाग, श्री दद्दन मिश्रा, मा0 मन्त्री, आयुर्वेदिक चिकित्सा, मा0 न्यायमूर्ति श्री विष्णु सहाय, सदस्य, उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग, मा0 न्यायमूर्ति श्री डी0 के0 अरोड़ा एवं अन्य विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

प्रतियोगिता का उद्घाटन ब्रेल लिपि के जनक सर राबर्ट लुई ब्रेल, मा0 न्यायमूर्ति श्री त्रिवेणी सहाय मिश्र एवं डा0 शकुन्तला मिश्रा की प्रतिमाओं पर माल्यापर्ण तथा दीप प्रज्वलन के द्वारा किया गया। उद्घाटन के बाद संस्था के अध्यक्ष, मुख्य अतिथि महामहिम श्री राज्यपाल उ0 प्र0 श्री बी0एल0 जोशी एवं विशिष्ट अतिथिगण मा0 न्यायमूर्ति श्री उमानाथ सिंह, उच्च न्यायालय, लखनऊ खण्डपीठ, लखनऊ, मा0 न्यायमूर्ति श्री एच.के. सेमा, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने अपने उद्बोधन के द्वारा दृष्टिबाधित क्रिकेट खिलाड़ियों का उत्साह वर्धन किया तथा उसके बाद महामहिम श्री राज्यपाल उ0 प्र0 नें दृष्टिबाधित क्रिकेट खिलाड़ियों के साथ मैदान पर जाकर dsc_2233बल्लेबाजी एवं गेन्दबाजी भी की। महामहिम श्री राज्यपाल द्वारा अपने उद्बोधन में डा0 शकुन्तला मिश्रा स्मृति सेवा संस्थान द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना करते हुये कहा कि दृष्टिबाधित खिलाड़ी अपने आत्मविश्वास से किसी भी सामान्य खिलाड़ी की तरह क्रिकेट खेल सकते हैं और उनके द्वारा दृष्टिबाधित क्रिकेट प्रतियोगिता कराये जाने के लिये संस्थान के अध्यक्ष श्री सतीश चन्द्र मिश्र की भी प्रशंसा की गई। विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति श्री उमानाथ सिंह द्वारा यह कहा गया कि उनके द्वारा कहीं भी दृष्टिबाधित क्रिकेट का इतना भव्य आयोजन नहीं देखा गया जबकि वे विभिन्न प्रदेशों में न्यायमूर्ति के रूप में नियुक्त रहे हैं और उन्होनें अनेको कार्यक्रमों भाग लिया है।

मैच के दौरान ही भारतीय क्रिकेट टीम के अति महत्वपूर्ण एवं वरिष्ठ खिलाड़ी श्री युवराज सिंह मैदान में आये तथा खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर एवं मैदान में जाकर आंख पर काली पट्टी बांधकर बल्लेबाजी एवं गेन्दबाजी करके खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

scoreप्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश, गुजरात, झारखण्ड, हरियाणा, कर्नाटक, बिहार, राजस्थान एवं महाराष्ट्र की टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता का आज पहला लीग मैच हरियाणा व  राजस्थान के बीच के0डी0 सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ में खेला गया। राजस्थान की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाली करनें का फैसला किया। राजस्थान की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 133 रन बनाये जिसमें हनुमान पुनिया नें 76 रन नाट आउट तथा राम स्वरूप ने 30 रन नाट आउट बनाये, जिसका पीछा करते हुये हरियाणा की टीम ने मात्र 12.2 ओवर में कुल 134 रन बिना किसी नुकसान के बनाते हुये 10 विकेट से मैच जीत लिया।

प्रतियोगिता का द्वितीय लीग मैच उत्तर प्रदेश व झारखण्ड के मध्य के0डी0 सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ में खेला गया। उत्तर प्रदेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाली करने का फैसला किया। उत्तर प्रदेश की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर बिना किसी विकेट के नुकसान पर 283 रन बनाये व झारखण्ड की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर कुल 106 रन ही बना सकेे। इस प्रकार उत्तर प्रदेश ने 177 रनों से मैच जीत लिया।

प्रतियोगिता का आज तृतीय लीग मैच कर्नाटक व  महाराष्ट्र के बीच चौक स्टेडियम, लखनऊ में खेला गया। महाराष्ट्र ने टॉस जीतकर पहले गेन्दबाजी करने का फैसला किया। कर्नाटक की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 15 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 152 रन बनाये व महाराष्ट्र की टीम ने निर्धारित 15 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर कुल 139 रन ही बना सकी। इस प्रकार कर्नाटक ने 13 रनों से मैच जीत लिया।

प्रतियोगिता का आज चतुर्थ लीग मैच बिहार व  गुजरात के बीच चौक स्टेडियम, लखनऊ  में खेला गया।  बिहार ने टॉस जीतकर पहले गेन्दबाजी करने का फैसला किया। गुजरात की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 15 ओवर 5 विकेट के नुकसान पर 168 रन बनाये व बिहार की टीम ने निर्धारित 15 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर कुल 120 रन ही बना सकी। इस प्रकार गुजरात ने 48 रनों से मैच जीत लिया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

सहारा ने सम्पन्न कराया वार्षिक `सामूहिक विवाह समारोह´ के अन्तर्गत निर्बल वर्ग के 101 जोड़ों का विवाह

Posted on 12 February 2010 by admin

लखनऊ : 41सामूहिक विवाह समारोह के अन्तर्गत निर्बल वर्ग के 101 जोड़ों का विवाह
वर्ष 2004 से अब तक 707 नवदम्पतियों को आशीष प्रदान किया गया

प्रमुख व्यावसायिक समूह सहारा इण्डिया परिवार ने  हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई जोड़ों के विवाह का भव्य समारोह आयोजित सामूहिक विवाह समारोह के अन्तर्गत समाज के निर्बल वर्ग की 101 कन्याओं का विवाह सम्पन्न कराया। यह प्रति वर्ष सहारा द्वारा सहारा शहर, लखनऊ में पूरी धूमधाम से आयोजित किया जाता है।

विभिन्न धर्मों के निर्बल वर्ग की 101 कन्याओं के एक ही स्थान पर सम्पन्न विवाह का यह आयोजन साक्षी बना। इस वर्ष 89 हिन्दू, 9 मुस्लिम, 2 सिख और 1 ईसाई जोड़ों का इस पवित्र अवसर पर गठबंधन सम्पन्न हुआ। सामूहिक विवाह समारोह वर्ष 2004 से आयोजित किया जा रहा है और यह उसका लगातार सातवां साल है। अभी तक 707 जोड़ों को आशीर्वाद दिया जा चुका है।

8ज्ञातव्य है कि प्रतिवर्ष 101 विवाह के लिए सहारा उन वर-वधु के परिवारों से आवेदन आमन्त्रित करता है जो विवाह का खर्चा स्वयं से वहन नहीं कर सकते। जांच पड़ताल की प्रक्रिया पश्चात आवेदकों को समारोह में सम्मिलित किया जाता है।

उल्लेखनीय है कि सभी प्रकार की वैवाहिक व्यवस्थाओं जैसे रिश्तेदारों के लिए खाना, वस्त्र, निवास, बरात का स्वागत, कन्यादान, 101 मण्डपों को सजाना आदि सहारा इण्डिया परिवार द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त सभी नवदम्पतियों को उनके इस नये सफर की शुरूआत में भी मदद करता है। इस हेतु सहारा द्वारा एक लाख ýपये की गृहोपयोगी वस्तुएं नवदम्पतियों को भेंट की गईं, जिसमें रंगीन टेलीविजन, , आलमारी, डबल बेड, डेªसिंग टेबिल, आभूषण, वर के लिए सूट व वधु के लिए साड़ी तथा दोनों के लिए कलाई घड़ियां भी प्रदान की गईं। इन उपहारों को जोड़ों के घर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी सहारा इण्डिया परिवार निभाता है।

इस अवसर पर सहारा शहर का फूलों से बेहतरीन श्रृंगार किया गया था। जगह-जगह पर रंगोली सजायी गई थी एवं मन्त्रों के पवित्र उच्चारण व नेपथ्य से शहनाई वादन आल्हादित कर रहा था। रिश्तेदार खुशी में नाच रहे थे। उन्होंने अनेक व्यंजनों का स्वाद लिया। विभिन्न समुदायों के विवाह अवसर पर सम्बन्धित धर्म के नामी आचार्यों द्वारा पण्डालों में विधिवत वैवाहिक रस्म पूरी करायी गई। विवाह समारोह में अनेक गणमान्य अतिथि भी आमन्त्रित थे और सहारा इण्डिया परिवार के कर्तव्ययोगी कार्यकर्ता भी मौजूद थे। सभी ने दिल से अपनी मुबारकबाद इन नव-विवाहित जोड़ों को दी।5

नवदम्पतियों को आशीर्वाद स्वरूप फोटोग्राफ भेंट की गई जिसमें सभी 101 जोड़ों की फोटो थीं। इस स्विर्णम अवसर को कैद करने के लिए 1914 में निर्मित विशेष अमेरिकी पेनोरॉमिक कोडक स्टील कैमरा इस्तेमाल किया गया जो 360 डिग्री तक घूम सकता है और एकदम सुस्पष्ट चित्र देने की क्षमता रखता है। यही कैमरा लोकसभा व राज्यसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के चित्र लेने के लिए भी उपयोग किया जाता है।

7श्री अभिजीत सरकार, हेड-कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन्स, सहारा इण्डिया परिवार, ने कहा, सहारा इण्डिया परिवार ने हमेशा कॉर्पोरेट दायित्व और सामाजिक सेवाकार्यो की संस्था में आधारभूत स्थान दिया है और समाज के साथ ही समग्र रूप में राष्ट्र के विकास में दृढ़ प्रयास किए हैं। प्रति वर्ष आयेजित किए जाने वाला सामूहिक विवाह समारोह इस दिशा में ऐसा ही एक कदम है।

इस अवसर पर श्रीमती छबि रॉय- माननीय श्री सुब्रत रॉय सहारा जी की माताजी, क्रिकेट जगत की विभूति श्री युवराज सिंह, पूर्व मिस वल्र्ड एवं सिनेस्टार सुश्री डायना हेडेन, भूतपूर्व कप्तान एवं सम्प्रति भारतीय हॉकी टीम के मैनेजर श्री धनराज पिल्लई, श्रीमती स्वप्ना रॉय- डिप्टी मैनेजिंग वर्कर (पी एण्ड डब्ल्यू), सहारा इण्डिया परिवार, श्रीमती कुमकुम रॉय चौधरी, डिप्टी डायरेक्टर वर्कर, सहारा इण्डिया परिवार, श्री अशोक रॉय चौधरी, डिप्टी डायरेक्टर वर्कर, सहारा इण्डिया परिवार, श्री अभिजीत सरकार, हेड-कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन्स, सहारा इण्डिया परिवार ने नवदम्पतियों को आशीष प्रदान किया।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com31

Comments (0)

दिल्ली मेट्रो के बाद मुंबई लोकल

Posted on 06 February 2010 by admin

1अप्रत्याशित रूप से अपना रूट बदलकर राहुल गांधी ने अंधेरी स्टेशन से लोकल का टिकट लिया और वो वहां से घाटकोपर के लिए मुंबई की लाइफ-लाइन में सवार हो गए।

धरे रहे गए काले झंडे: राहुल गांधी चार घंटे से ज्यादा मुंबई में रूके, लेकिन इस दौरान कोई भी शिवसैनिक उन्हें काले झंडे नहीं दिखा सका।
राहुल के मुंबई दौरे से पहले कुछ तथाकथित शिवसेना कार्यकर्ताओं ने विले पार्ले में उनके बैनर और पोस्टर भी फाड़ डाले। इससे पहले बाल ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं को काले झंडे दिखाकर राहुल का स्वागत करने को कहा था।
 
राहुल ने मुंबई के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वह यहां उन लोगों से बात करने आए हैं जिनकी कोई राजनीतिक पारिवारिक पृष्ठभूमि नहीं है और ऐसे लोगों को वह राजनीति में लाना चाहते हैं।

अप्रत्याशित रूप से अपना रूट बदलकर राहुल गांधी ने अंधेरी स्टेशन से लोकल का टिकट लिया और वो वहां से घाटकोपर के लिए मुंबई की लाइफ-लाइन में सवार हो गए। 

शिवसेना और राहुल गांधी में यह घमासान तब शुरू हुआ जब बिहार दौरे के दौरान राहुल गांधी ने यह बयान दिया था कि मुंबई हमले में उत्तर भारतीय भी शहीद हुए थे और मुंबई उत्तर भारतीयों की भी है।

दिल्ली मेट्रो के बाद मुंबई लोकल: मुंबई के अंधेरी स्टेशन पर लोकल ट्रेन का इंतजार करते राहुल गांधी। इससे पहले एक बार दिल्ली में भी राहुल अपने तय कार्यक्रम से इतर मेट्रो ट्रेन पर सवार हो गए थे।
4

g

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Vikas Sharma
bundelkhandlive.com
E-mail :editor@bundelkhandlive.com
Ph-09415060119

Comments (0)

राज्य सरकार ने वर्ष 2010-11 के लिए 1,53,199.38 करोड़ रुपये का बजट पेश किया

Posted on 04 February 2010 by admin

प्रदेश के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बजट, गत वर्ष की अपेक्षा 14.6 फीसदी अधिक, छठें वेतन आयोग की संस्तुतियां लागू करने से आए व्ययभार के बावजूद प्रदेश सरकार ने राजस्व बचत का बजट पेश किया

उत्तर प्रदेश मुख्यमन्त्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के लिये प्राविधान
राज्य सरकार द्वारा कर राजस्व बढ़ाने हेतु किये गये प्रयासों के फलस्वरूप वर्तमान वित्तीय वर्ष के अन्त
तक अनुमान से अधिक राजस्व आय होगी
वैट लागू करने के बाद देश के बड़े राज्यों में राजस्व घटा, वहीं उत्तर प्रदेश में युक्तिसंगत उपायों से राजस्व में वृद्धि
पुनरीक्षित वेतन, भत्ते, पेंशन आदि से पड़ने वाले अतिरिक्त भार के बावजूद वर्ष 2009-10 में 1987.87 करोड़ रू0 तथा वर्ष 2010-11 में 554.40 करोड़ रू0 की राजस्व बचत अनुमानित
सार्वजनिक निजी सहभागिता द्वारा मूलभूत इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में साढ़े ग्यारह हजार करोड़ रूपये के वचनबद्ध पूंजी निवेश के फलस्वरूप सीधे सरकारी निवेश की जरूरत में कमी
केन्द्र द्वारा 80 हजार करोड़ रूपये का विशेश आर्थिक सहायता पैकेज स्वीकृत न होने के कारण पी0पी0पी0 मॉडल पर निवेश आकर्शित करने की बाध्यता

कृषि उत्पादों का उचित मूल्य सुनिश्चित करते हुए किसानों की आय में वृद्धि का लक्ष्य
कृषि एवं सम्बद्ध कार्यकलापों हेतु 4125.85 करोड़ रूपये तथा सिंचाई क्रार्यक्रमों हेतु 7000 करोड़ रूपये की व्यवस्था
उर्वरक के अग्रिम भण्डारण की योजना, 75.11 करोड़ रूपये की व्यवस्था
बढ़े उत्पादन से आम जनता को सस्ते दामों में खाद्यान्न उपलब्ध होगा
बजट में महिलाओं, विशेशतौर पर बालिकाओं के सर्वागीण विकास के लिए व्यवस्था
छोटे बच्चों को कुपोशण से बचाने के लिए अनुपूरक पुश्टाहार का बजट दोगुना किया गया
आई0टी0आई0 एवं पॉलीटेक्निक्स की छात्राओं को भी मिलेगा सावित्रीबाई फुले बालिका शिक्षा मद्द योजना का लाभ

लखनऊ  - उत्तर प्रदेश के वित्त मन्त्री श्री लाल जी वर्मा ने राज्य के सन्तुलित सामाजिक और आर्थिक विकास पर केंद्रित वर्ष 2010-2011 का बजट आज यहां विधान सभा में प्रस्तुत किया, जो छठें वेतन आयोग की संस्तुतियां लागू करने से आए व्ययभार के बावजूद भी राजस्व बचत का बजट है। बजट में जहां एक ओर समाज के गरीब, कमजोर, दबे कुचले और उपेक्षित वर्ग के लोगों की बुनियादी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा गया है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की अवस्थापना सम्बन्धी आवश्यकताओं को, निजी-सार्वजनिक सहभागिता (पी0पी0पी0) से पूरी करने को प्राथमिकता दी गई है। वर्ष 2010-2011 के बजट में अनुसूचित जातियों के लिए विशेश घटक योजना के अन्तर्गत 9099.75 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है तथा निर्धन महिलाओं और गरीब किसानों को भी वरीयता दी गई है। यह बजट राज्य सरकार द्वारा समतामूलक समाज व्यवस्था की सही स्थापना के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती के नेतृत्व में लगातार चौथी बार बजट के आकार में वृद्धि की गई है। आज प्रस्तुत 1,53,199.38 करोड़ रुपये का बजट प्रदेश के इतिहास में अब तक का सबसे बड़े आकार वाला बजट है, जो गत वित्तीय वर्ष के बजट की अपेक्षा 14.6 फीसदी अधिक है। आगामी वित्तीय वर्ष में कुल 1,44,177.27 करोड़ रूपये की प्राप्तियॉं अनुमानित हैं, जिनमें 1,11,620.61 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्तियॉं तथा 32,556.66 करोड़ रूपये की पूंजीगत प्राप्तियॉं सम्मिलित हैं। यहॉं यह भी उल्लेख करना आवश्यक है कि वर्ष 2010-11 में कर राजस्व का अंश 77,823.09 करोड़ रूपये अनुमानित हैं, जिसमें केन्द्रीय करों में राज्य का अंश 35,517.22 करोड़ रूपये हैं।

केन्द्रीय योजना आयोग द्वारा प्रदेश की वर्ष 2010-11 की वार्षिक योजना का निर्धारण अभी नहीं किया गया है परन्तु राज्य सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिये अनन्तिम रूप से 42000 करोड़ रूपये का परिव्यय निर्धारित किया है। अगला वित्तीय वर्ष 11वीं पंचवर्षीय योजना का चौथा वर्ष है। राज्य सरकार ने प्रदेश के सन्तुलित सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिये आयोजनागत योजनाओं के लिये 45645.13 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है जो वर्तमान वित्तीय वर्ष के बजट के मुकाबले 13.8 प्रतिशत अधिक है।

ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने अपने पहले शासनकाल से ही प्रदेश में विकास और सामाजिक परिवर्तन की जो ठोस शुरूआत की है वह उनके वर्तमान शासनकाल में भी गतिमान है। उनका मानना है कि समाज में व्याप्त गैर-बराबरी वाली व्यवस्था को बदल कर समतामूलक समाज व्यवस्था की स्थापना में ही सर्वसमाज के सभी वर्गों का कल्याण निहित है। उनकी सरकार की प्रत्येक नीति और निर्णय सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय के संकल्प पर आधारित है। आज प्रस्तुत किया गया बजट भी राज्य सरकार के इस संकल्प को प्रतिबििम्बत करता है।

बजट में विशेष रूप से गरीब, दलित, आर्थिक रूप से कमजोर किसानों, महिलाओं, बालिकाओं एवं छोटे बच्चों के हित में महत्वपूर्ण योजनायें प्रस्तावित की गई हैं। सरकार ने अपने सीमित आर्थिक संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग को ध्यान में रखकर मूलभूत आर्थिक अवस्थापना सुविधाओं, जैसे ऊर्जा, सड़क-पुल, परिवहन एवं शहरी अवस्थापना सम्बन्धी वृहदृ परियोजनाओं को पी0पी0पी0 के आधार पर संचालित करते हुए इन पर सीधे सरकारी निवेश की जरूरत को कम किया है। इस प्रकार इन योजनाओं से धन बचाकर दुर्बल एवं गरीब वर्गों के उत्थान, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, शिक्षा, चिकित्सा-स्वास्थ्य के लिये अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था इस बजट की विशेशताओं में शामिल हैं। इस प्रकार राज्य सरकार ने सामाजिक सेक्टर की योजनाओं पर अधिक धनराशि व्यय करने के लिए यह व्यवस्था की है। इसके अलावा बजट में आधारभूत सुविधायें मुहैया कराने एवं किसानों को सिंचाई सुविधायें बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

प्रदेश में मूलभूत आर्थिक अवस्थापना सुविधाओं के विकास को वरीयता देते हुए सरकार ने ऊर्जा, सड़क, पुल, परिवहन एवं शहरी अवस्थापना सम्बन्धी परियोजनाओं पर सार्वजनिक क्षेत्र में व्यय हेतु आवश्यक धनराशि की व्यवस्था की है। इसके साथ ही इन सेक्टरों में निजी क्षेत्र में पूंजी निवेश प्रोत्साहित करने हेतु सार्वजनिक निजी सहभागिता (पी0पी0पी0) मॉडल पर अनेक परियोजना ली जा रही हैं।

वित्तीय वर्ष 2010-2011 में सार्वजनिक निजी सहभागिता मॉडल की विभिन्न परियोजनाओं में लगभग साढ़े ग्यारह हजार करोड़ का पूंजी निवेश अनुमानित है। इसके तहत ऊर्जा क्षेत्र में अधिश्ठापन क्षमता बढ़ाने वाली विभिन्न परियोजनाओं के विकासकर्ताओं द्वारा 5000 करोड़ रूपये तथा पारेशण तन्त्र के सुदृढ़ीकरण एवं वितरण में सुधार सम्बन्धी परियोजनाओं में 600 करोड़ रूपये का निवेश सम्भावित है। गंगा एक्सप्रेस-वे, अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेस-वे तथा राजकीय राजमार्गों की परियोजनाओं से 4900 करोड़ रूपये अनुमानित है। कुशीनगर में अन्तर्राश्ट्रीय हवाई अड्डा तथा बौद्ध परिपथ का विकास 750 करोड़ रूपये से तथा आगरा, मेरठ, अलीगढ़ तथा इलाहाबाद में 4000 करोड़ रूपये की लागत से रिंग रोड बनायी जाएगी। गाजियाबाद, इलाहाबाद एवं अन्य शहरों में 50 करोड़ रूपये प्रत्येक की लागत से मल्टी लेवल पार्किंग सुविधा विकसित होगी। पांच टाउनिशप के विकास पर 500 करोड़ रूपये, नौ जनपदों की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट परियोजनाओं में 100 करोड़ रूपये तथा नये आई0टी0आई0, पॉलिटेक्निक् , मेडिकल कालेज, पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट एवं मल्टी स्पेशयालिटी हास्पिटल की परियोजनाओं में 250 करोड़ रूपये का निवेश अनुमानित है।

वर्ष 2010-2011 के बजट में स्पष्ट किया गया है कि कर-राजस्व बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किये गये प्रयासों के चलते प्रदेश अगले वित्तीय वर्ष के अन्त में भी रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बना रहेगा। ज्ञातव्य है कि छठे केन्द्रीय वेतन आयोग की संस्तुतियों के फलस्वरूप राज्य सरकार ने कर्मचारियों के वेतन भत्ते एवं पेन्शन को पुनरीक्षित करने का निर्णय लिया, जिससे शासन पर काफी अधिक धनराशि का अतिरिक्त व्यय भार पड़ा। राज्य सरकार द्वारा वेतन आयोग की संस्तुतियों को लागू करने के फलस्वरूप बढ़े व्यय भार से निपटने के लिये व्यय प्रबन्धन में सुधार तथा मितव्ययिता के कड़े कदम उठाये गये। इसके अलावा सरकार ने योजनाओं के वित्त पोषण हेतु आवश्यक वित्तीय संसाधन जुटाने के भी प्रबन्ध किये हैं। राज्य सरकार द्वारा कर राजस्व बढ़ाने हेतु किये गये प्रयासों के फलस्वरूप वर्तमान वित्तीय वर्ष के अन्त तक राजस्व आय आय-व्ययक अनुमान से अधिक प्राप्ति होगी।

बजट में यह भी खुलासा किया गया है कि राज्य सरकार द्वारा राजस्व प्राप्तियों को बढ़ाने के लिए उठाये गये विभिन्न कदमों के फलस्वरूप वित्तीय वर्ष 2010-11 में कर राजस्व में 20 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है। इसके परिणामस्वरूप पुनरीक्षित वेतन भत्ते पेन्शन आदि से पड़ने वाले अतिरिक्त व्यय भार के बावजूद वर्तमान वित्तीय वर्ष में   1987.87 करोड़ रुपये तथा आगामी वित्तीय वर्ष में 554.40 करोड़ रूपये की राजस्व बचत अनुमानित है।

राज्य सरकार की यह उपलब्धि तब और महत्वपूर्ण हो जाती है जब बजट में तेरहवें वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर पड़ने वाले प्रभाव को संज्ञान में नहीं लिया गया है। आयोग की रिपोर्ट ए0टी0आर0 के साथ संसद में प्रस्तुत की जानी है। उम्मीद है कि 13वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर राज्य को वर्तमान में मिल रहे केन्द्रीय करों के अंश एवं अनुदान की राशि में आशातीत वृद्धि होगी।

राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में किसानों की खुशहाली, समेकित ग्राम्य विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजना को सर्वोच्च वरीयता दी गई है। मुख्यमन्त्री द्वारा घोषित उत्तर प्रदेश मुख्यमन्त्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना को पहली बार प्रदेश में लागू करने के लिये सरकार ने वित्तीय वर्ष 2010-11 के लिये 402 करोड़ रूपये का प्राविधान बजट में किया है। इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश में गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों जिन्हें भारत सरकार द्वारा बी0पी0एल0 कार्डो की संख्या न बढ़ाये जाने के कारण सस्ता खाद्यान्न नहीं मिल रहा है तथा जिन्हें पेन्शन की किसी योजना से भी आच्छादित नहीं किया गया है, उन्हें प्रतिमाह 300 रूपये की मासिक अनुदान धनराशि देकर उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में सहयोग प्रदान किया जायेगा। योजना के पहले चरण में 30 लाख गरीब परिवारों को सुविधा मुहैया करायी जायेगी।

वित्तीय वर्ष 2010-11 के लिये प्रस्तुत बजट में राज्य सरकार ने महिलाओं तथा विशेष तौर पर बालिकाओं के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी है। आगामी वित्तीय वर्ष के लिये सरकार ने महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना के तहत 360 करोड़ रूपये का प्राविधान किया है। इस योजना से वर्ष 2010-11 में 2.5 लाख बालिकाओं को लाभािन्वत किया जायेगा। इसके अलावा राज्य सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष में माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करने वाली गरीब परिवार की तीन लाख छात्राओं को लाभािन्वत करने का भी निर्णय लिया है। इसके लिये प्रस्तुत बजट में सावित्रीबाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना के अन्तर्गत 421 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार ने अब औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों एवं पॉली टेक्निक्स में दाखिला लेने वाली छात्राओं को भी सावित्रीबाई फुले बालिका शिक्षा मद्द योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है।

प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट के आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि राज्य अपने स्रोतों से आर्थिक संसाधन जुटाने में, देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। प्रदेश के स्वयं के कर राजस्व का लगभग 70 प्रतिशत राजस्व वाणिज्य कर से ही प्राप्त होता है। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2008-09 में वैट लागू करने के निर्णय के बाद सरकार की आय में काफी वृद्धि हुई। राज्य सरकार ने वैट लागू करने के बाद कर को युक्ति संगत बनाया और कोई ऐसा कर नहीं लगाया जो व्यापार कर के प्रचलन के दौरान न लगा रहा हो।

इसी के साथ सरकार ने कर-संग्रह की प्रक्रिया का कम्प्यूटरीकरण करके तथा पूर्व में स्थापित टोल बैरियर्स को पूरी तरह से हटाकर और कर-संग्रह की तकनीक का अभिनवीकरण करते हुए कर-राजस्व में बढ़ोत्तरी प्राप्त की। सरकार द्वारा उठाये गये इन कदमों से व्यापारियों को काफी सहूलियत हुई और वे स्वयं आगे बढ़कर देय राजस्व का भुगतान कर रहे हैं। यहॉ यह भी उल्लेखनीय है कि वैट लागू होने के बाद जहॉ देश के कई बड़े राज्यों में राजस्व संग्रह में कमी आई है वहीं उत्तर प्रदेश में वैट लागू होने के बाद राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

प्रस्तुत बजट में राज्य सरकार के आत्मविश्वास की झलक मिलती है। सरकार, प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए, आवश्यकतानुसार योजनाएं बनाने और इसके लिए पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था करने में पीछे नहीं हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिये 80 हजार करोड़ रूपये का विशेश आर्थिक सहायता पैकेज मंजूर करने के लिए केन्द्र सरकार से कई बार अनुरोध किया लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा इस दिशा में कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई है। मजबूर होकर राज्य सरकार ने अपने सीमित संसाधनों के अतिरिक्त निजी क्षेत्र में भी निवेश आकषिZत करने की रणनीति बनायी। राज्य सरकार के प्रति केन्द्र सरकार के उपेक्षात्मक रवैये का आलम यह है कि विभिन्न योजनाओं में केन्द्र सरकार ने अभी तक 5000 करोड़ रूपये की प्रतिपूर्ति नहीं की है। गेहूं एवं चावल के क्रय हेतु राज्य सरकार द्वारा अब तक व्यय किये गये 3000 करोड़ रूपये तथा पिछड़ा वर्ग दशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति के मद में लगभग 2000 करोड़ रूपये की प्रतिपूर्ति अपेक्षित है।

राज्य सरकार अपने संसाधनों से एक हजार से अधिक आबादी वाले सभी बसावटों को पक्की सड़कों से जोड़ चुकी है। सरकार ने 500 से अधिक किन्तु एक हजार से कम आबादी वाले बसावटों को सम्पर्क मार्ग से जोड़ने के लिये प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत भारत सरकार के ग्रामीण विकास मन्त्रालय को 5962 करोड़ रूपये के प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजे हैं। इसी प्रकार केन्द्रीय सड़क निधि के तहत प्रदेश सरकार द्वारा केन्द्र सरकार को 1424 करोड़ रूपये की 60 परियोजनाओं के प्रस्ताव प्रेषित किये गये हैं, जिनकी स्वीकृति भी केन्द्र सरकार के स्तर पर लिम्बत है।

प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि प्रधान है। इसलिये राज्य सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों तथा समग्र ग्रामीण विकास को बजट में प्राथमिकता देते हुए कृशि एवं सम्बद्ध कार्यकलापों हेतु 4125.85 करोड़ रूपये तथा सिंचाई क्रार्यक्रमों हेतु 7000 करोड़ रूपये की व्यवस्था की है। सरकार ने कृषि उत्पादों का उचित मूल्य सुनिश्चित करते हुये किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे आम जनता को सस्ते दामों में खाद्यान्न उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी। किसानों को खाद की समय से उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये अिग्रम भण्डारण की योजना को और प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्णय लेते हुए इस योजना हेतु बजट में 75.11 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा गॉवों में पम्प सेटों को बिजली के अलग फीडर से जोड़ने हेतु डॉ0 अम्बेडकर कृषि-उर्जा सुधार योजना का शुभारम्भ गत 15 जनवरी, 2010 से किया गया है।

सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में छोटे बच्चों के कुपोषण की समस्या के निवारण हेतु अनुपूरक पुष्टाहार का बजट लगभग दोगुना कर दिया गया है तथा मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से परिवर्तन लागत में वृद्धि की गई है। राज्य सरकार ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार के विशेष अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किये हैं। पी0पी0पी0 मॉडल की परियोजनाओं में उपलब्ध होने वाली रोजगार के अवसरों के अलावा सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र में पुलिस आरक्षियों की भर्ती के साथ-साथ सभी राजस्व ग्रामों में सफाई कर्मियों की नियुक्ति की गई। इसके अलावा प्राथमिक शिक्षकों एवं चिकित्सकों की भर्ती से भी रोजगार के नये अवसर व्यापक रूप से सुलभ हुये हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

वर्ष 2010-11 के बजट को अन्तिम रूप देती मुख्यमन्त्री

Posted on 03 February 2010 by admin

उ0प्र0 की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती आज दिनांक 03 फरवरी, 2010 को वित्तीय वर्ष 2010-11 के बजट को अन्तिम रूप देती हुईं। साथ मे हैं वित्त मन्त्री श्री लालजी वर्मा तथा प्रमुख सचिव वित्त श्री मंजीत सिंह।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

चीनी की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार पूरी तरह गम्भीर-मुख्यमन्त्री

Posted on 02 February 2010 by admin

लखनऊ -  उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने चीनी की बढ़ती कीमतों पर सख्त रवैया अपनाते हुए जिलाधिकारियों को जमाखोरों और मुनाफाखोरों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं। जिलाधिकारियों को चीनी एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा- 3/7 के अन्तर्गत अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने उल्लंघनकर्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को चीनी की जमाखोरी और मुनाफाखोरी करने वालों के खिलाफ तत्काल बड़े पैमाने पर छापा मारने का अभियान चलाने के लिए भी निर्देशित किया है।

सुश्री मायावती चीनी के मूल्यों में हो रही वृद्धि को नियन्त्रित किये जाने के सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदमों की आज यहां एक उच्चस्तरीय बैठक में गहन समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने कहा है कि चीनी की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार पूरी तरह गम्भीर है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे जमाखोरों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान का प्रतिदिन अनुश्रवण करें और इसकी नियमित रिपोर्ट शासन को भी उपलब्ध करायें।

उल्लेखनीय है कि आम जनता को उचित दर पर विभिन्न खाद्य सामग्री की उपलब्धता बनाये रखने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा समस्त जिलाधिकारियों को जमाखोरों और मुनाफाखोरों के विरूद्ध व्यापक अभियान चलाने के निर्देश पूर्व में ही दिये गये थे। इसके साथ ही जिलाधिकारियों को यह निर्देश भी दिये गये थे कि जिन मामलों में वे आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा-3/7 के अन्तर्गत एफ0आई0आर0 दर्ज कराना आवश्यक समझते हों, उनका प्रस्ताव भेजकर शासन से अनुमति प्राप्त करने के बाद एफ0आई0आर0 दर्ज कराने की कार्यवाही कर सकते हैं। परन्तु चीनी के बाजार भाव में निरन्तर होती वृद्धि पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मुख्यमन्त्री ने जिलाधिकारियों को धारा-3/7 के अन्तर्गत उल्लंघन के मामलों में अपने विवेक से एफ0आई0आर0 दर्ज कराने का निर्णय लेने के लिए अधिकृत कर दिया है। इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी करते हुए जिलाधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए सक्षम और जिम्मेदार बनाते हुए निर्देशित किया गया है कि किसी भी दशा में कालाबाजारी और जमाखोरी के कारण चीनी के दामों में बढ़ोत्तरी नहीं होनी चाहिए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com


Comments (0)

Advertise Here

Advertise Here

 

August 2026
M T W T F S S
« Sep    
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
-->









 Type in