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प्रदेश की मायावती सरकार ने विधान सभा में आज वशZ 2010-11 के अनुपूरक बजट के नाम पर लूट और कमीशन की अनुपूरक मांगे रखी हैं।

Posted on 10 August 2010 by admin

प्रदेश की मायावती सरकार ने विधान सभा में आज वशZ 2010-11 के अनुपूरक बजट के नाम पर लूट और कमीशन की अनुपूरक मांगे रखी हैं। इसमें विकास की कोई नीयत नहीं है। यह बजट सूखा और बाढ़ से कराहते पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड की जनता के साथ क्रूर मजाक है और उनके जख्मों पर नमक डालनेवाला है। पूर्वांचल के लिए 50 करोड़ और बुन्देलखण्ड के लिए 10 करोड़ रूपयों का प्राविधान करनेवाली मुख्यमन्त्री मायावती ने पाकोZ, स्मारकों के विकास के लिए 500 करोड़ रूपयों की व्यवस्था कर बता दिया है कि उनसे विकास की उम्मीद पत्थरों से सिर फोड़ना है।
बजट में कांशीराम ग्रीन (ईको) गाडेZन,जेल रोड, लखनऊ के निर्माण हेतु 409,41,80,000 रू0 भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल, गोमतीनगर प्रायोजना की सेंटेज चार्जेज के लिए 48,22,04,000 रू0 इसी स्थल के बाह्य विकास के लिए 9,46,98,000 रू0 तथा कांशीराम स्मारक स्थल प्रायोजना के सेंटेज चार्जेज के लिए 23,82,34,000 रू0 की मांग की गई है। इससे जाहिर है कि मुख्यमन्त्री का लोकतन्त्र या विधायिका की गरिमा में कतई विश्वास नहीं हैं बल्कि वह सिर्फ इसे अपनी महत्वकांक्षाओं की पूर्ति का साधन मानती हैं। जनहित के बजाय वह अपने निजी वोट एजेन्डा पर काम करती हैं।
पिछले तीन सालों से बसपा सरकार विकास और कानून व्यवस्था के झूठे दावें करती रही है। कल बसपा के एक अज्ञात प्रवक्ता ने दावा किया कि बसपा राज में गुण्डों-माफियाओं के हौंसले पस्त हैं और विपक्षी मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए आरोप लगाते हैं। ऐसे अनर्गल आरोप भरा बयान किसी जिम्मेदार पार्टी के प्रवक्ता का नहीं हो सकता है। वे कैसे झुठलाएगें कि समाजवादी पार्टी के अलीगढ़ सदर विधायक श्री जमीरउल्ला को जानमाल की धमकी मिली। सरकार से गुहार के बावजूद उन्हें सुरक्षा नहीं मिली। गुण्डे स्वच्छन्द है।  मायाराज मेें वे भयमुक्त है।
दूसरों पर आरोप लगाने से पहले बसपा के अनाम प्रवक्ता को चाहिए था कि वे डीजीपी कार्यालय से अपराध विवरण मंगवा लेते। प्रदेश को अपराधों में अव्वल होने का प्रमाण पत्र बसपा राज में मिला है। मानवाधिकारों के हनन में बड़ा नाम इस प्रदेश ने दलित बेटी के  राज में ही कमाया है। महिलाओं और दलितों के साथ उत्पीड़न में भी मायावती राज में प्रदेश किसी से कम नहीं रहा है। फर्जी इन्काउंटरों में कितने थानों के कितने पुलिसकर्मी आरोपित हैं और कितनों के खिलाफ जांच चल रही है, इसका विवरण बसपा के सरकारी प्रवक्ता को देने में क्या हिचक हैर्षोर्षो
मुख्यमन्त्री ने स्वयं अपनी पार्टी से पांच सौ अपराधियों को निकालने का वायदा किया था। वह सूची आज तक जारी नहीं हुई। इस सरकार की प्राथमिकता करोड़ों के पार्क पत्थरों की है और आदमी की जिन्दगी की कीमत कौड़ियों भर मान ली गई है, ऐसी भ्रश्टाचार सरकार से जनता जल्दी निजात लेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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मुख्यमन्त्री के निर्देश पर श्री नन्द गोपाल गुप्ता `नन्दी´ के बेहतर इलाज के लिए शासकीय प्लेन से एस0जी0पी0जी0आई0 लाया गया

Posted on 13 July 2010 by admin

मुख्यमन्त्री नन्दी को देखने अमौसी एयरपोर्ट गईं

मुख्यमन्त्री ने सभी घायलों के बेहतर उपचार के लिए निर्देश दिये और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की

उत्तर प्रदेश की मुख्य मन्त्री सुश्री मायावती ने प्रदेश के संस्थागत वित्त, स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क मन्त्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता “नन्दी´´ एवं कुछ अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी प्राप्त होते ही इस वारदात को अत्यन्त गम्भीरता से लेते हुए तत्काल प्रदेश के आला अधिकारियों की बैठक बुलाकर उनसे इस घटना के बारे में पूरी जानकारी की और प्रमुख सचिव गृह एवं पुलिस महानिदेशक को तुरन्त इलाहाबाद रवाना किया और अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी एवं श्री स्वामी प्रसाद मौर्या को भी तुरन्त इलाहाबाद जाने के निर्देश दिये। उन्होंने दोनों अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्वयं मौके पर जाकर पूरे मामले की गम्भीरता से छानबीन करें और इस वारदात में किन आपराधिक तत्वों का हाथ था, उसकी बारीकी से छानबीन करके उनके विरूद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करायेंं।

इलाहाबाद से लौट कर श्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी एवं श्री स्वामी प्रसाद मौर्य दोनों वरिष्ठ मन्त्रियों तथा प्रमुख सचिव गृह एवं पुलिस महानिदेशक ने पूरी परिस्थितियों से मुख्यमन्त्री जी को अवगत कराया।

मुख्यमन्त्री ने सभी घायलों का हालचाल पूछा। उन्हें अवगत कराया कि इलाहाबाद मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य ने श्री नन्द गोपाल गुप्ता `नन्दी´ के बेहतर इलाज के लिए एस0जी0पी0जी0आई0 रिफर करने की सलाह दी है। जिस पर मुख्यमन्त्री ने शासकीय प्लेन तत्काल रवाना करने के निर्देश दिये।
मुख्यमन्त्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता के अमौसी एयरपोर्ट पर पहुंचने पर उनको देखने पहुंची और उनका हालचाल पूछा। डाक्टरों की राय के अनुसार इस घटना में गम्भीर रूप से घायल अन्य दो लोग जो इलाहाबाद में भर्ती कराये गये हैं, उनके बारे में मुख्यमन्त्री को अवगत कराते हुए बताया गया कि उनकी गम्भीर स्थिति होने के करण उन्हें एस0जी0पी0जी0आई0 में शिफ्ट किया जाना अभी उचित नहीं होगा। उन्होंने पुन: निर्देश दिये कि घायलों के बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध करायी जाय। मुख्यमन्त्री ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

एयरपोर्ट पर राज्य सलाहाकार परिषद के अध्यक्ष श्री सतीश चन्द्र मिश्र तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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केन्द्र सरकार जनता को मंहगाई से राहत दिलाएं

Posted on 06 July 2010 by admin

केन्द्र में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली यू.पी.ए. सरकार द्वारा पेट्रोल की क़ीमत को सरकारी नियन्त्रण से मुक्त करते हुये पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस के सिलेण्डर व ग़रीबों के इस्तेमाल में आने वाले मिट्टी के तेल की क़ीमतों में अनवरत् वृद्धि के िख़लाफ बी.एस.पी. ने उत्तर प्रदेश के सभी ज़िलों के मुख्यालयों पर आज Þएक-दिवसीय विशाल धरना-प्रदशZनß कार्यक्रम आयोजित किया, जो प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक Þज़बरदस्त कामयाबß रहा।

सुश्री मायावती जी ने इस बार भी पार्टी के ज़िला-स्तरीय Þधरना-प्रदशZनß कार्यक्रम का हवाई निरीक्षण करने के बजाय दूसरे ज़िलों से अपने पर्यवेक्षक नियुक्त किये थे ताकि प्रत्येक ज़िले से सही-सही रिपोर्ट तत्काल यहां प्राप्त हो सके। बी.एस.पी. की राश्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा पार्टी के इस आन्दोलन की सफलता का आकलन कर गुप्त रिपोर्ट पार्टी के राज्य मुख्यालय को भेजने के लिये दूसरे ज़िलों से नियुक्त पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के मुताबिक महंगाई को और ज़्यादा जानलेवा बनाने वाली केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस के सिलेण्डर व मिट्टी के तेल की क़ीमत बढ़ाने के िख़लाफ बी.एस.पी. की आज की मुहिम में आम जनता ने काफी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया तथा यह कार्यक्रम प्रत्येक ज़िले में Þज़बरदस्तß सफल रहा।

उल्लेखनीय है कि बी.एस.पी. की राश्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी के निर्देशानुसार पार्टी का यह आन्दोलन, आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुये, जिला कलेक्ट्रेट में ना करके, अन्यत्र बड़े, खुले व महत्वपूर्ण स्थान पर आयोजित किया गया, क्योंकि बी.एस.पी. महंगाई के िख़लाफ ज़ोरदार संघशZ में भी ऐसा कोई काम नहीं करना चाहती है जिससे सरकारी सम्पित्त को नुक़सान पहुंचे, सरकारी काम बाधित हो व आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़े।

इस सम्बन्ध में आज यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बी0एस0पी0 राश्ट्रीय अध्यक्ष ने देश में खाद्यान्नों तथा अन्य दैनिक उपयोग की जरूरी वस्तुओं की कीमतों में लगातार हो रही बेतहाशा वृद्धि के लिए पूरी तरह कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली केन्द्र की यू0पी0ए0 सरकार की गलत तथा दिशाहीन आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को तेल कम्पनियों के घाटे की चिन्ता तो है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में खाद्यान्नों की महंगाई दर में लगभग 18 फीसदी की बढ़ोत्तरी की कोई चिन्ता नहीं है, जिसके कारण मंहगाई देश के समक्ष एक राश्ट्रीय समस्या बन गई है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, रसोई गैस, डीजल एवं केरोसीन तेल के दामों में हुई बढ़ोत्तरी से आम आदमी का जीवन दूभर हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमन्त्री जी ने अपनी सरकार के पहले साल का लेखा-जोखा पेश करते हुए इस वशZ दिसम्बर तक भीशण मंहगाई पर काबू पाने की बात कही थी। लेकिन इसके तुरन्त बाद पेट्रोलियम पदार्थाें के दाम बढ़ाने का फैसला यह साफ कर देता है कि यू0पी0ए0 सरकार देश की आम जनता को मंहगाई की मार से बचाने के बजाए उसके ऊपर और बोझ डाल रही है।

बी0एस0पी0 की राश्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि तेल कम्पनियों के लगातार होने वाले घाटे का रोना रोने वाली यू0पी0ए0 सरकार ने आज तक जनता के सामने तेल की अन्तर्राश्ट्रीय कीमतों, उन पर लगाये गये टैक्स और कम्पनियों को मिलने वाले मार्जिन का कभी भी खुलासा नहीं किया। कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली यू0पी0ए0 सरकार को यह भी देश की जनता को बताना चाहिए कि लगातार सालों से घाटा उठाने वाली यह तेल कम्पनियां अपनी बैलेंस शीट में कैसे रिजर्व एवं सरप्लस के मद में हजारों करोड़ रूपये की रािश दिखाती जा रही हैं और यह धनरािश वशZ 2004 के बाद लगातार बढ़ती रही है, जैसा कि कम्पनियों के द्वारा दिखाये गये आंकड़े स्पश्ट करते हैं।

सुश्री मायावती ने कहा कि केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण मंहगाई आज चरम पर है। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल उत्पादों पर सिब्सडी समाप्त करने के निर्णय को चिन्ताजनक बताते हुए कहा कि केन्द्र सरकार के एजेण्डे सें आम जनता का हित गायब हो गया है। इसके बावजूद केन्द्र सरकार देश की जनता को झूठे आश्वासन दे रही है कि मंहगाई पर जल्दी ही काबू पा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यू0पी0ए0 सरकार ने गत वशZ लोकसभा के आम चुनावों के ठीक पहले सिर्फ राजनैतिक लाभ लेने और आम जनता का वोट पाने की नीयत से ही पेट्रोल और डीजल के दामों में कमी की थी। किन्तु चुनाव समाप्त होते ही कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने पूंजीपतियों, धन्नासेठों और थैलीशाहों के हितों को ध्यान में रखकर पेटाªेल और डीजल के दामों में भारी वृद्धि कर दी, जिसके चलते मंहगाई और बढ़ी।

बसपा प्रमुख ने कहा कि पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए पिश्चमी देशों के मंहगे विश्वविद्यालयों से िशक्षा प्राप्त तथाकथित अर्थशास्त्रियों द्वारा तेजी से बढ़ती अर्थ व्यवस्था का दावा करने वालों को उन करोड्ों गरीबों, उपेक्षितों तथा साधनहीनों की कोई चिन्ता नहीं है जिन्हें दो जून की रोटी बड़ी मुिश्कल से मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की वर्तमान सरकार ने अपने 2009-2010 के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा था कि पिछले वित्तीय वशZ की दूसरी तिमाही में  आर्थिक विकास दर में 7.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह विश्वास व्यक्त किया गया था कि औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में क्रमश: 8.2 तथा 8.7 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी। लेकिन उनके इस दावे की पोल बढ़ती हुई मंहगाई की दर ने खोलकर रख दी है। उन्होंने कहा कि यू0पी0ए0 सरकार की मंहगाई पर काबू पाने के उपाय करने के दावे की हवा निकल गई और वह किंकर्तव्यविमूढ़ सी हो गई है। सच्चाई तो यह है कि केन्द्र सरकार के पास मंहगाई पर काबू पाने के लिए न तो कोई नीति है और न ही उसकी नीयत।

उन्होंने कहा कि खाद्यान्नों तथा आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं के मूल्यों में बढ़ोत्तरी का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि वशZ 2004 में जो वार्शिक थोक मूल्य सूचकांक 184.90 था वह वशZ 2005 में बढ़कर 193.70 हो गया। इस एक वशZ में 4.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी प्रकार वशZ 2006 में थोक मूल्य सूचकांक बढ़कर 203 हो गया, जो 9.8 प्रतिशत अधिक है। वशZ 2007 तथा 08 में यह क्रमश:  212.80 तथा 232.20 था जो क्रमश: 15.1 तथा 25.6 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि गत वशZ मूल्य सूचकांक 237.10 था जो 28.2 प्रतिशत अधिक था। उन्होंने कहा कि थोक मूल्य सूचकांक की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए केन्द्र सरकार ने कोई कारगर कदम नहीं उठाए।

सुश्री मायावती ने कहा कि कांग्रेस की नेतृत्व वाली केन्द्र की यू0पी0ए0 सरकार जब सन् 2004 में सत्ता में आयी तभी से खाद्यान्नों एवं सब्जियों के मूल्यों में बढ़ोत्तरी लगातार जारी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2004 से अब तक गेहूं के दाम में लगभग दोगुना तथा चावल के दाम में तीन गुना बढ़ोत्तरी हुई है। आम आदमी के उपयोग में आने वाली चीनी, जो 15 रूपये प्रतिकिलो बिकती थी, अब 30 रूपये से भी अधिक हो गई है। इसी प्रकार अरहर सहित सभी दालों के दामों में लगभग दो गुने से भी अधिक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सरसों के तेल सहित आलू एवं अन्य सब्जियों के दामों में भी दो गुने से भी अधिक वृद्धि हो गई है। उन्होंने कहा कि दुनिया में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में दूसरे नम्बर पर रहने वाले देश में पिछले पांच वशोZं में इसके दामों में तीन गुने से भी अधिक बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में गरीब आदमी की तो बात छोड़िये मध्यम वर्ग को भी दो जून की रोटी का प्रबन्ध करना भारी पड़ रहा है।सुश्री मायावती ने कहा कि दूसरी बार केन्द्र की सत्ता में आई यू0पी0ए0 सरकार ने जनता से 100 दिनों में मंहगाई में कमी लाने का वायदा किया था, किन्तु वशZ 2008 से अब तक तीन बार पेट्रोल तथा डीजल की कीमतें बढ़ाकर उसने अपने ही वायदे को झुठला दिया है। उन्होंने कहा कि बढ़ती मंहगाई पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने हेतु उन्होंने केन्द्र सरकार से कई बार अनुरोध किया, किन्तु केन्द्र सरकार द्वारा आज तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि वशZ 2009 में लोकसभा चुनावों के समय `कांग्रेस का हाथ, गरीब के साथ´ का लोक-लुभावन नारा लगाने वाली यू0पी0ए0 सरकार का हाथ दर असल पूंजीपतियों के साथ है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के दावों के विपरीत देश के सकल घरेलू उत्पाद की दर 6.5 प्रतिशत से आगे नहीं बढ़ पा रही है। पिछले वशZ खराब मानसून के कारण कृशि उत्पादन में आई गिरावट को इसका कारण बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ केन्द्र सरकार बार-बार यह दावा कर रही है कि देश की अर्थ-व्यवस्था में मजबूती आ रही है। उन्होंने कहा कि विकास की दर में वृद्धि न होने का दूसरा कारण वैिश्वक आर्थिक मन्दी बताया जा रहा है।  इसके बावजूद केन्द्र सरकार निरन्तर यह कह रही है कि वह 9 प्रतिशत की वार्शिक विकास दर प्राप्त करने में सफल होगी। उन्होेंने कहा कि केन्द्र सरकार इस प्रकार की व्यर्थ आंकड़ेबाजी करके देश की जनता को गुमराह कर रही है।

सुश्री मायावती ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार ने केन्द्र सरकार से सहयोग न मिलने के बावजूद खाद्यान्नों तथा आवश्यक वस्तुओं के दामों को नियन्त्रित करने के लिए ठोस उपाय किए हैं। इन उपायों को अमली जामा पहनाने के लिए अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे जमाखोरों एवं कालाबाजारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें और जनता को मंहगाई से राहत दिलाएं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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मुख्यमन्त्री ने प्रधानमन्त्री को चकेरी एयरपोर्ट पर गुलदस्ता भेंट कर हार्दिक स्वागत किया

Posted on 03 July 2010 by admin

लखनऊ -  उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने आज प्रधानमन्त्री डॉ0 मनमोहन सिंह के कानपुर आगमन पर चकेरी एयर पोर्ट पर पहुंच कर अगवानी की और उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट कर उनका  हार्दिक स्वागत किया। इस अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल श्री बी0एल0 जोशी भी मौजूद थे।

प्रधानमन्त्री डॉ0 मनमोहन सिंह आई0आई0टी0 कानपुर के 42वें दीक्षान्त समारोह में शामिल होने कानपुर पधारे थे। उन्होंने इस अवसर पर आयोजित अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लिया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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मन्त्रि-परिषद की बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय

Posted on 01 July 2010 by admin

लखनऊ -  उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मन्त्रि-परिषद की बैठक में निम्न प्रकार महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं।

बाह्य सहायतित परियोजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इम्पावर्ड कार्यकारी समिति का गठन

मन्त्रिपरिषद ने बाह्य सहायतित परियोजनाओं के समय से प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए इम्पावर्ड कार्यकारी समिति के गठन सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

मन्त्रिपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार प्रदेश में चल रही बाह्य सहायतित परियोजनाओं के समय से सफल कार्यान्वयन के लिए विभिन्न प्रकार की स्वीकृतियों में होने वाले विलम्ब को समाप्त करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय “इम्पावर्ड कार्यकारी समिति´´ गठित होगी। इस समिति में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, प्रमुख सचिव वित्त, नियोजन न्याय, कार्मिक, परियोजना के प्रशासकीय विभाग के प्रमुख सचिव/सचिव, सदस्य होंगे। समिति में प्रमुख सचिव/सचिव बाह्य सहायतित परियोजना सदस्य सचिव तथा परियोजना के निदेशक सदस्य सह सचिव होंगे।

ज्ञातव्य है कि वर्तमान में प्रदेश में विश्व बैंक तथा जायका (जापान इण्टरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी) आदि संस्थाओं की वित्तीय सहायता से उत्तर प्रदेश वाटर सेक्टर रिस्ट्रक्चरिंग परियोजना-।, उ0प्र0 स्टेट रोड परियोजना-।।, उ0प्र0 सोडिक लैण्ड रिक्लेमेशन परियोजना-।।।, उ0प्र0 सहभागी वन प्रबन्ध एवं निर्धनता उन्मूलन परियोजना एवं आगरा जल सम्पूर्ति (गंगाजल) परियोजना चलाई जा रही हैं। इनके अलावा प्रदेश में बाह्य संस्था द्वारा वित्त पोषण हेतु उत्तर प्रदेश वाटर सेक्टर रिस्ट्रक्चरिंग परियोजना-।।, उ0प्र0 स्टेट रोड परियोजना-।।, उ0प्र0 हेल्थ डेवलपमेन्ट सिस्टम परियोजना-।। तथा बौद्ध परिपथ-।। परियोजना प्रस्तावित है।

वृहत्तर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण सेवा विनियमावली में संशोधन का प्रस्ताव मंजूर

मन्त्रिपरिषद ने वृहत्तर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण सेवा विनियमावली 1993 के नियम - 19(1) में संशोधन करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

मन्त्रिपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार अब सेवा में किसी पद पर मौलिक रिक्ति में या उसके प्रतिनियुक्ति किये जाने पर प्रत्येक व्यक्ति को एक वर्ष की अवधि के लिए परिवीक्षा पर रखा जाएगा।

ज्ञातव्य है कि अभी तक सेवा में किसी पद पर मौलिक रिक्ति में या उसके प्रतिनियुक्ति किये जाने पर प्रत्येक व्यक्ति को दो वर्ष की अवधि के लिए परिवीक्षा पर रखे जाने का नियम है।

उ0 प्र0 वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 के धारा 5(4) के तहत अनुज्ञा शुल्क आरोपित करने व धारा 15(1) के तहत अपराधों के प्रशमन हेतु निर्धारित अधिकतम धनराशि को बढ़ाने सम्बन्धी प्रस्ताव मंजूर

मन्त्रिपरिषद ने उ0 प्र0 वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 के धारा 5(4) में उल्लिखित प्राविधान के अन्तर्गत अनुज्ञा शुल्क आरोपित किये जाने तथा धारा 15(1) में उल्लिखित प्राविधान के अन्तर्गत अपराधों के प्रशमन हेतु निर्धारित अधिकतम धनराशि को बढ़ाये जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

मन्त्रिपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार उ0 प्र0 वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 की धारा 5(4) के तहत दी जाने वाली प्रत्येक अनुज्ञा इस शर्त के साथ प्रदान की जाएगी कि अनुज्ञा प्राप्त करने वाले व्यक्ति/संस्था/आवेदक द्वारा पातन अनुज्ञा शुल्क प्रति वृक्ष 100 रूपये जमा की जाएगी।

ज्ञातव्य है कि उ0प्र0 वृक्ष संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत वृक्षों के पातन अनुज्ञा जारी करने के समय कोई भी अनुज्ञा शुल्क लेने का प्राविधान नहीं था।

इसके अलावा मन्त्रिपरिषद ने उ0 प्र0 वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 की धारा 15(1) में उल्लिखित प्राविधान के अन्तर्गत अपराधों के प्रशमन हेतु निर्धारित अधिकतम धनराशि को बढ़ाने का भी फैसला किया है। निर्णय के अनुसार राज्य सरकार अधिसूचना के माध्यम से किसी अधिकारी को, किसी ऐसे व्यक्ति से, जिसके विरूद्ध यह विश्वास करने का कारण है कि उसमें किसी वन, बाग या सार्वजनिक भू-ग्रहादि में स्थित वृक्ष से भिन्न किसी वृक्ष के सम्बन्ध में उ0 प्र0 वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 की धारा 15(1) के अधीन अपराध किया है। इसके लिए पूर्व में निर्धारित प्रशमन शुल्क की धनराशि को पॉच हजार रूपये से  बढ़ाकर दस हजार रूपये कर दिया है।

यह भी उल्लेखनीय है कि वर्ष 1976 से वर्तमान तक प्रशमन की धनराशि में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। विभिन्न प्रकाष्ठ की मूल्य में वर्ष 1976 से अप्रत्याशित वृद्धि होने से अवैध कटान में लिप्त अपराधी प्रशमन की अधिकतम् धनराशि पांच हजार रूपये होने से अपराध की पुनरावृत्ति हेतु हतोत्साहित नहीं होते हैं। अतएव यह आवश्यक हो गया है कि गैर वन भूमि पर स्थित वृक्षों के कटान को इस प्रकार नियन्त्रित किया जाये कि वे सक्षम स्तर से अनुमति लेकर ही वृक्षों का पातन करें, ताकि बिना अनुमति के वृक्ष काटने की प्रक्रिया को प्रश्रय न मिले। इससे एक ओर वृक्षावरण को बढ़ाने में सहायता मिलेगी तथा वृक्ष स्वामियों द्वारा आवश्यकतानुसार ही पातन किया जा सकेगा।

मन्त्रिपरिषद द्वारा माल वाहनों के नेशनल परमिट हेतु कर सम्बन्धी अधिसूचना में संशोधन का प्रस्ताव अनुमोदित

मन्त्रिपरिषद ने माल वाहनों के नेशनल परमिट से सम्बन्धित नई कम्पोजिट फीस योजना के कार्यान्वयन हेतु पूर्व में जारी अधिसूचना दिनांक 28 अक्टूबर, 2009 में संशोधन करने सम्बन्धी प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।

मन्त्रिपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार अब नेशनल परमिट से आच्छादित माल वाहनों से अन्य राज्यों के लिए कर का संग्रह राज्य स्तर पर नहीं किया जाएगा, बल्कि इस प्रकार के वाहनों के लिए पन्द्रह हजार रूपये प्रति वर्ष कम्पोजिट (एक मुश्त) कर का संग्रह करके भारत सरकार को भेजा जाएगा, जहॉं से वह एक निश्चित फार्मूले के आधार पर राज्यों को बटेगा। अखिल भारतीय स्तर पर इस प्रकार संग्रहीत हुए कर में से 10.497 प्रतिशत उत्तर प्रदेश राज्य को प्राप्त होगा।

ज्ञातव्य है कि वर्ष 2007-08 में उत्तर प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय परमिट फीस मद में कुल 98.35 करोड़ रूपये़, वर्ष 2008-09 में 104.36 करोड़ रूपये एवं वर्ष 2009-10 में कुल 115.70 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। जबकि इन्हीं वर्षो में अखिल भारतीय स्तर पर क्रमश: 974.57 रूपये, 1056.58 रूपये एवं 1186.56 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। उक्त फार्मूले के अनुसार राष्ट्रीय परमिट पर समेकित शुल्क में से 10.497 प्रतिशत उत्तर प्रदेश को प्राप्त होगा।

मन्त्रिपरिषद ने उ0प्र0 अनुसूचित वस्तु वितरण आदेश 2004 में संशोधन सम्बंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी

मन्त्रिपरिषद द्वारा उत्तर प्रदेश अनुसूचित वस्तु वितरण आदेश 2004 की धारा 28(1) में संशोधन सम्बंधी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई।

ज्ञातव्य है कि प्रदेश में खाद्यानों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का सम्भरण बनाये रखने, उनका समान वितरण एवं उचित मूल्य पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश अनुसूचित वस्तु वितरण आदेश 2004 निर्गत किया गया है। यह आदेश केन्द्र सरकार के सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियन्त्रण) आदेश 2001 के परिपे्रक्ष्य में जारी किया गया है।

अनुसूचित वस्तु वितरण आदेश की धारा 28(1) में यह प्राविधानित है कि उचित दर दुकानों से सम्बन्धित सभी अपीलें मण्डलायुक्त को की जायेंगी जो उनकी सुनवाई या निपटारा करेगा अथवा वह अपनी शक्ति को आदेश द्वारा सहायक खाद्य आयुक्त को प्रत्योजित कर सकता है। मण्डलायुक्त के पास कार्य की अधिकता के कारण प्राय: उनके लिये यह सम्भव नहीं होता कि वे स्वयं इन अपीलों की सुनवाई/निपटारा कर सके। ज्ञातव्य है कि मण्डलायुक्त कार्यालय में प्रशासनिक सेवा के अपर आयुक्त भी तैनात होते हैं जिन्हें विभिन्न प्रकार के न्यायिक कार्यो का पूर्व अनुभव भी होता है। इसे दृष्टिगत रखते हुए धारा 28(1) में यह संशोधन किये जाने का निर्णय लिया गया कि मण्डलायुक्त अपीलों की सुनवाई/निपटारा करने की अपनी शक्ति को उपायुक्त खाद्य (सहायक खाद्य आयुक्त का परिवर्तित पदनाम) के साथ-साथ अपर आयुक्त को भी प्रत्योजित कर सकता है।

क्षेत्र पंचायतों के प्रमुख पदों एवं स्थानों (वार्ड) तथा जिला पंचायतों के अध्यक्ष पदों एवं स्थानों (वार्ड) के आरक्षण एवं आवंटन नियमावली में संशोधन

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में क्षेत्र पंचायतों के प्रमुख पदों एवं स्थानों (वार्ड)    तथा जिला पंचायतों के अध्यक्ष पदों एवं स्थानों (वार्ड) के आरक्षण एवं आवंटन नियमावली में संशोधन कर दिया है। इस आशय के प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न हुई मन्त्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी प्रदान कर दी गई।

मन्त्रिपरिषद् ने पंचायतों के आगामी सामान्य निर्वाचन के लिए आरक्षण व चक्रानुक्रम की व्यवस्था अपनाए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव एवं तदनुसार उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) नियमावली 1994 के नियम-4 के उपनियम (4) तथा उपनियम (6), नियम-5 के उपनियम (2), उपनियम (4), उपनियम (5), उपनियम (6), उपनियम (7) तथा उपनियम (8) में संशोधन करने, उपनियम (9) को उपनियम (10) के रूप में क्रमांकित करने और एक नया उपनियम, उपनियम (9) के रूप में जोड़ने हेतु उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) (आठवां संशोधन) नियमावली-2010 के आलेख को भी अनुमोदित कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि पंचायतों के निर्वाचन हेतु वर्ष 2005 में अपनायी गई आरक्षण व चक्रानुक्रम की व्यवस्था में विसंगतियां थीं। इसके तहत ऐसी क्षेत्र पंचायत, जिनमें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़े वर्ग की जनसंख्या 50 प्रतिशत से अधिक है, उनमें प्रमुख के पद को उसी जाति/वर्ग के लिए आरक्षित किया जायेगा और चक्रानुक्रम उसी जाति/वर्ग के पुरूष तथ स्त्री के मध्य करने की व्यवस्था की गई थी।

इस व्यवस्था से प्राय: ऐसी सभी क्षेत्र पंचायतें, जिनमें अनुसूचित जाति की जनसंख्या 50 प्रतिशत से अधिक थी, सदा के लिए अनुसूचित जाति के लिए तथा वह क्षेत्र पंचायतें जिनमें पिछड़े वर्ग की जनसंख्या 50 प्रतिशत से अधिक थी, सदा के लिए पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित हो गईं एवं अनारक्षित क्षेत्र पंचायतें भी सदा के लिए अनारक्षित की स्थिति में आ गईं, जिसके फलस्वरूप यह व्यवस्था आगामी निर्वाचन में अपनाने पर संविधान की भावना के अनुरूप क्षेत्र पंचायत के प्रमुख के पदों में चक्रानुक्रम से आरक्षण करना सम्भव नहीं है।

वर्ष 2005 में अपनायी गई व्यवस्था के अनुसार ऐसी जिला पंचायत जिनमें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़े वर्ग की जनसंख्या 50 प्रतिशत से अधिक है, उनमें अध्यक्ष के पद को उसी जाति/वर्ग के लिए आरक्षित किया जायेगा चक्रानुक्रम उसी जाति/वर्ग के पुरूष तथा स्त्री के मध्य होगा।

इस व्यवस्था से प्राय: ऐसी सभी जिला पंचायतों, जिनमें पिछड़े वर्ग की जनसंख्या 50 प्रतिशत से अधिक थी, सदा के लिए पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित हो गईं, जिसके फलस्वरूप इस व्यवस्था को आगामी निर्वाचन में अपनाने पर संविधान की भावना के अनुरूप जिला पंचायत के अध्यक्ष के पदों में चक्रानुक्रम आरक्षण करना सम्भव नहीं होगा।

सम्प्रति नियमावली में चक्र चलाने हेतु मात्र पूर्ववर्ती निर्वाचन में किये गये आरक्षण को ही संज्ञान में लेने की व्यवस्था है, किन्तु संविधान में निहित भावना के अनुसार आरक्षण हेतु चलाये जाने वाले चक्र को इस प्रकार चलाया जाना है कि जहां तक सम्भव हो पूर्ववर्ती निर्वाचनों में आरक्षित पद/स्थान आगामी निर्वाचन में पुन: उसी जाति/वर्ग के लिए आरक्षित न हो।

जिला पंचायत के अध्यक्ष पदों में अनुसूचित जनजाति के लिए अवधारित पदों को आवंटित करने की प्रक्रिया का प्रावधान नियमावली में नहीं है। जिला पंचायत के अध्यक्ष पदों को स्त्रियों के लिए आरक्षित किये जाने हेतु सामान्य जनसंख्या के आधार पर तैयार किये जाने वाले अवरोही क्रम में जनसंख्या के आकलन हेतु जिला पंचायत की कुल जनसंख्या में से आरक्षित वर्गो की जनसंख्या को निकाला जाता है, किन्तु नियमावली में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या को निकालने के प्राविधान का उल्लेख नहीं है।

इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग की स्त्रियों के लिए आरक्षित किये जाने वाले एक तिहाई से अन्यून पदों से सम्बन्धित नियम-5 के उपनियम (6) के स्थान पर सम्प्रति नियमावली में त्रुटिवश उपनियम (5) अंकित है। जिला पंचायत के अध्यक्ष पदों के आवंटन हेतु नियमावली में दी गई क्रमावली में अनुसूचित जनजाति की स्त्रियों तथा अनुसूचित जनजाति का उल्लेख नहीं है तथा प्रमुख के पदों के आवंटन हेतु नियमावली में क्रमावली नहीं है।

इन उपरोक्त विसंगतियों को समाप्त करने हेतु आगामी सामान्य निर्वाचनों में आरक्षण व चक्रानुक्रम के लिए वर्ष 1995 की व्यवस्था को अपनाये जाने के प्रस्ताव को मन्त्रिपरिषद् ने अनुमोदित कर दिया है। इसके तहत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग के लिए क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के क्रमश: प्रमुख पदों और अध्यक्ष पदों को सम्बन्धित पंचायत क्षेत्र में उनके प्रतिशत जनसंख्या के अवरोही क्रम में इस प्रकार से आरक्षित किया जायेगा कि जहां तक हो सके वह उसी श्रेणी के लिए पुन: आरक्षित न हो, जिसके लिए वह पूर्व के चुनावों में आरक्षित थे।

इसी प्रकार क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायतों के स्थानों (वार्ड) के आरक्षण में चक्रानुक्रम (रोटेशन) करने के लिए पूर्ववर्ती निर्वाचनों में किये गये आरक्षणों को भी संज्ञान में लिया जाने की व्यवस्था की गई है। जिला पंचायत के अध्यक्ष पदों में अनुसूचित जनजाति के लिए अवधारित पदों के आवंटन की प्रक्रिया का प्राविधान किया जायेगा। स्त्रियों के लिए जिला पंचायत के अध्यक्ष पद आरक्षित करने हेतु सामान्य जनसंख्या के आकलन में जिला पंचायत की कुल जनसंख्या से में सम्प्रति प्राविधानित अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के साथ-साथ अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या को भी घटाया जाने का प्राविधान किया गया है।

जिला पंचायत के अध्यक्ष पदों के आवंटन हेतु क्रमावली में सर्वप्रथम अनुसूचित जनजाति की स्त्रियों और उसके पश्चात् अनुसूचित जनजातियों का उल्लेख किया जाये। जिला पंचायत के अध्यक्ष पदों के आवंटन की क्रमावली के अनुरूप ही प्रमुख के पदों के आवंटन में भी यथावश्यक संशोधन के साथ लागू किया जायेगा।

ग्राम पंचायत प्रधान के पदों में चक्रानुक्रम से आरक्षण के लिए की गई व्यवस्था के अनुरूप क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों के आगामी निर्वाचनों में उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) नियमावली-1994 में क्षेत्र पंचायतों के प्रमुख के पद व स्थानों तथा जिला पंचायतों के अध्यक्ष के पदों व स्थानों के आरक्षण व चक्रानुक्रम के सम्बन्ध में वर्ष 2005 में अपनायी गई व्यवस्था से पूर्व वर्ष 1995 तथा 2000 में अपनायी गई व्यवस्था और जनपदवार प्रमुख के पदों के वितरण सम्बन्धी वर्ष 2000 की व्यवस्था को अपनाने के लिए नियमावली में तदनुसार आवश्यक संशोधन किया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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केन्द्र में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली यू.पी.ए. सरकार द्वारा पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस व मिट्टी तेल के दामों में लगातार वृद्धि से पूरे देश की जनता त्रस्त - सुश्री मायावती

Posted on 30 June 2010 by admin

लखनऊ - बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) ने केन्द्र में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली यू.पी.ए. सरकार द्वारा दिनांक 25 जून सन् 2010 को पेट्रोल की क़ीमत को सरकारी नियन्त्रण से मुक्त करते हुये पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस व मिट्टी का तेल की क़ीमतों में लगातार की जा रही वृद्धि को आम जनता के हितों के पूरी तरह से खिलाफ बताते हुये अखिल भारतीय स्तर पर इसका तीव्र विरोध करने का फैसला किया है, जिसके तहत दिनांक 6 जुलाई सन् 2010 को उत्तर प्रदेष के सभी 71 ज़िला मुख्यालयों पर तथा दिनांक 15 जुलाई सन् 2010 (दिन वृहस्पतिवार) को दे भर में सभी राज्यों के राज्य मुख्यालयों पर एक-दिवसीय विशाल धरना- प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।

इस आय की घोणा बी.एस.पी. की राश्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेष की माननीया मुख्यमन्त्री बहन कुमारी मायावती जी ने आज यहां उत्तर प्रदेष को छोड़कर, दे भर से आये पार्टी के ज़िम्मेवार पदाधिकारियों की एक आवष्यक बैठक में की। उल्लेखनीय है कि बी.एस.पी. इसी मुद्दे को लेकर अर्थात् पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस व मिट्टी तेल तक के दामों में केन्द्र सरकार द्वारा दिनांक 25 जून सन् 2010 को फिर से वृद्धि किये जाने के विरोध में उत्तर प्रदे के सभी ज़िला मुख्यालयों पर दिनांक 6 जुलाई सन् 2010, दिन मंगलवार को एक-दिवसीय विषाल धरना-प्रदर्शन पूरी तैयारी के साथ करने जा रही है।

बी.एस.पी. की राश्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती जी ने, उत्तर प्रदेश को छोड़कर, देश भर के विभिन्न राज्यों से आये पार्टी के ज़िम्मेवार पदाधिकारियों के साथ लगातार दो दिनों तक चली इस बैठक में संगठन की मज़बूती तथा पार्टी जनाधार को बढ़ाने के सम्बंध में राज्यवार समीक्षा करने तथा इस सम्बंध में आवश्यक दिशा-निर्देश देने के बाद आज उन लोगों की एक संयुक्त बैठक को सम्बोधित करते हुये कहा कि महंगाई आज एक राश्ट्रीय समस्या का रूप धारण कर चुकी है और देष के ग़रीब व आम जन इसकी चक्की में लगातार पिस रहे हैं। इसके साथ ही, पेट्रोल, डीज़ल रसोई गैस व मिट्टी तेल के दामों में लगातार वृद्धि कर दिये जाने से महंगाई की समस्या और ज्यादा विकराल रूप धारण करती जा रही है। इस प्रकार कांग्रेस पार्टी का यह दावा कि आम आदमी का हाथ, कांग्रेस के साथ पूरी तरह से एक छलावा साबित हुआ है।

आज की बैठक को सम्बोधित करते हुये बहन कुमारी मायावती जी ने कहा कि केन्द्र में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली यू.पी.ए. सरकार देश में महंगाई के कारण ग़रीबों एवं आम जन का जीवन दूभर हो गया है और उनके लिये दोनों वक्त के लिये दाल-रोटी का इन्तज़ाम करना भी नामुमकिन होता जा रहा है। इतना ही नहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाली    यू.पी.ए. सरकार आम आदमी के हितों की लगातार अनदेखी करते हुये, पूंजीपतियों के हित में आर्थिक नीतियां बना रही है, जिस कारण ही पूरे देष में ग़रीबी, बेरोज़गारी व महंगाई लगातार और ज्यादा बढ़ती जा रही है।

पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस व मिट्टी तेल की क़ीमतों में फिर से वृद्धि करने सम्बंधी फैसले को घोर जन-विरोधी बताते हुये बहन कु. मायावती जी ने कहा कि केन्द्र सरकार के इस प्रकार के फैसलों से पूरी तरह साबित हो गया है कि कांग्रेस पार्टी को आम आदमी व ग़रीबों के दुख-दर्द से कुछ भी लेना-देना नहीं है तथा यह क़दम मुट्ठी भर पूंजीपतियों एवं धन्नासेठों को सीधा-सीधा लाभ पहुंचाने की ख़ास नीयत से लिया गया है, जिन्होंने चुनाव लड़ने के लिये उनको धन मुहैया कराया था अर्थात् कांग्रेस का हाथ पूरी तरीके से पूंजीपतियों व धन्नासेठों के साथ है, पूरे तौर पर साबित हो गया है।

साथ ही, पेट्रोल की क़ीमत को सरकारी नियन्त्रण से मुक्त करने के केन्द्र सरकार के फैसले के फलस्वरूप पेट्रोल की क़ीमतों में और भी जल्दी-जल्दी बढ़ोत्तरी का आम आदमी-विरोधी रास्ता खुल गया है तथा दुर्भाग्य की बात यह है कि केन्द्र सरकार डीज़ल के दाम को भी सरकारी नियन्त्रण से मुक्त करने की तैयारी कर रही, जिसका और भी ज्यादा बुरा परिणाम आम आदमी के जीवन पर पड़ेगा।

इसी कारण, पेट्रोल की कीमत को दोबारा सरकारी नियन्त्रण में लाने तथा पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस व मिट्टी तेल की कीमतों में वृद्धि को वापस लेने की मांग को लेकर   बी.एस.पी. ने अखिल भारतीय स्तर पर विरोध करने का फैसला किया है जिसके तहत उत्तर प्रदेश  के सभी 71 ज़िला मुख्यालयों पर दिनांक 6 जुलाई, 2010 को तथा देष के अन्य सभी राज्यों में राज्य मुख्यालयों पर दिनांक 15 जुलाई सन् 2010 को एक-दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम पूरी तैयारी के साथ आयोजित किया जायेगा, जिसे बड़े पैमाने पर सफल बनाने के लिये पार्टी के छोटे-बड़े सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से सहयोग की अपील की गई है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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नए वेतनमान के कारण पड़ने वाले अतिरिक्त व्ययभार स्वयं जिला पंचायतें अपने संसाधनों से पूरा करेंगी

Posted on 29 June 2010 by admin

नये वेतनमान से लगभग 6,000 कर्मी लाभान्वित होंगे

लखनऊ - जिला पंचायत के अधिकारियों/कर्मचारियों को 6वां वेतनमान देने सम्बन्धी शासनादेश जारी कर दिया गया है। इस आदेश से पूरे प्रदेश के लगभग 6,000 कर्मी लाभान्वित होंगे। नये वेतनमान का लाभ 01 जनवरी, 2006 से अनुमन्य किया गया है। संशोधित मकान किराया भत्ता एवं नगर प्रतिकर भत्ता भी दिये जाने का आदेश जारी कर दिया गया है।

यह जानकारी पंचायत राज मन्त्री श्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने देते हुए बताया है कि मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की पहल पर उत्तर प्रदेश, प्रदेश के समस्त राज्य कर्मियों को 6वां वेतनमान देने वाला सम्पूर्णदेश के अग्रणी राज्यों में से है। इसी क्रम में मुख्यमन्त्री की ही पहल पर जिलापंचायतों को 6वां वेतनमान दिया गया है। यह मुख्यमन्त्री की अपने राज्य के कर्मियों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नये वेतनमान के कारण पड़ने वाले अतिरिक्त व्ययभार स्वयं जिला पंचायतें अपने संसाधनों से पूरा करेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संक्रमण के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही धनराशि के अतिरिक्त किसी भी प्रकार की कोई वित्तीय सहायता नहीं दी जायेगी। श्री मौर्य ने कहा है कि शासनादेश में स्पश्ट उल्लेख किया गया है कि वित्तीय संस्थाओं के देयो अथवा शासकीय देयों के भुगतान में कोई व्यवधान जिला पंचायतों द्वारा नहीं उत्पन्न किया जायेगा।

पंचायती राज मन्त्री ने कहा कि राज्य वित्त आयोग से जिला पंचायतों को मिलने वाली कुल धनराशि का 25 प्रतिशत वेतन आदि में व्यय करने का प्राविधान है। शेश 75 प्रतिशत धनराशि विकास कार्यो में खर्च की जाती है। चालू वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार द्वारा 334 करोड़ रूपये की धनराशि प्रदेश की समस्त जिला पंचायतों को दी जायेगी। श्री मौर्य ने कहा कि नवीन वेतनमान देने का असर विकास कार्यो में कदापि नहीं पड़ेगा। श्री मौर्य ने कहा कि जिला पंचायतों के समस्त कर्मियों को 22 वेतनमानों में विभाजित किया गया है। प्रथम वेतनमान 4440-7440 तथा ग्रेड वेतन 1300 का है, जबकि 22 वां वेतनमान 37400-67000 एवं ग्रेड वेतन 8900 निर्धारित किया गया है।

श्री मौर्य ने कहा है कि 6वें वेतनमान का शासनादेश निर्गत करने एवं इसका लाभ 01 अप्रैल, 2010 से देने से सभी कर्मियों में व्याप्त कुण्ठा दूर करने में मदद मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी अधिकारी/कर्मचारी उत्साह के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि एरियर का भुगतान नियमानुसार किश्तों में किया जायेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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विरोधी पार्टियों के गलत आर्थिक नीतियों के चलते॓ देश आज गरीबी, महंगाई व बेरोजगारी की भीषण समस्या से जूझ रहा है

Posted on 15 June 2010 by admin

उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, बिहार एवं झारखण्ड के कार्यकर्ता व पदाधिकारी उत्तर प्रदेश के उदाहरण से सीख लेते हुए इन राज्यों में पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए जुट जायें—-सुश्री मायावती

सर्वसमाज के लोगों को जोड़कर जनाधार बढ़ाने की जरूरत–मुख्यमन्त्री

केन्द्र और अन्य राज्यों में भी बी0एस0पी0 की सरकार बनाने के लिए कैडर कैम्प के जरिये पार्टी के संगठन को सभी राज्यों में खड़ा करना होगा–बसपा अध्यक्ष

बी0एस0पी0 कार्यकर्ताओं को विरोधी पार्टियों के साम, दाम, दण्ड सभी हथकण्डों से बचना होगा–सुश्री मायावती

आगामी विधान सभा चुनावों में बी0एस0पी0 अपने बूते पर सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी–बसपा अध्यक्ष

बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने पटना के गांधी मैदान में उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, बिहार एवं झारखण्ड के कार्यकर्ताओं के एक दिवसीय विशाल सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि इन सभी राज्यों के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उत्तर प्रदेश के उदाहरण से सीखते हुए इन सभी राज्यों में पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लए जुट जायें। पटना के गांधी मैदान में भारी संख्या में उपस्थित बी0एस0पी0 के उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, बिहार एवं झारखण्ड राज्यों के कार्यकर्ता सम्मेलन में इन राज्यों में केिन्द्रय यूनिट द्वारा नियुक्त कोआर्डिनेटरों द्वारा अपने-अपने राज्यों की गतिविधियों की आज सम्मेलन में प्रस्तुत रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए सुश्री मायावती ने कहा कि जहां बिहार में बी0एस0पी0 का जनाधार काफी बढ़ा है और अभी भी तेजी से बढ़ रहा है वहीं झारखण्ड के कार्यकर्ताओं को जनाधार बढ़ाने के लिए और प्रयास करने की जरूरत है।

सुश्री मायावती ने कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा कि जिस प्रकार उत्तर प्रदेश में बी0एस0पी0 से सर्वसमाज के लोग जुड़े हैं और इसके चलते उत्तर प्रदेश में बी0एस0पी0 की पूर्ण बहुमत की सरकार आज चल रही है, उसी तरह बिहार में सर्वसमाज के लोगों को जोड़कर जनाधार बढ़ाने की जरूरत है तभी उत्तर प्रदेश की तरह चुनाव में अच्छे परिणाम आयेंगे और बी0एस0पी0 के हाथ में सत्ता आयेगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का आवाहन करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में भी पार्टी का जानाधार तेजी से बढ़ रहा है लेकिन उड़ीसा की तरफ हम लोगों ने ज्यादा ध्यान पहले नहीं दिया था क्योंकि मान्यवर श्री कांशीराम जी ने बी0एस0पी0 के गठन के बाद हिन्दी राज्यों में ज्यादा ध्यान दिया था लेकिन अब पार्टी उड़ीसा पर भी ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि दक्षिण के राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों, महाराष्ट्र, उड़ीसा जैसे राज्यों में भी पार्टी की विचारधारा को सर्वसमाज तक पहुंचाने के लिए पूरा-पूरा प्रयास करने की जरूरत है और इस दिशा में काफी तेजी से काम भी चल रहा है।26

सुश्री मायावती ने कहा कि उड़ीसा राज्य में काफी गरीबी आज भी व्याप्त है। उन्होंने कहा कि उड़ीसा में अनुसूचित जाति-जन जाति की तादात 50 प्रतिशत से ज्यादा है लेकिन इसके बावजूद दूसरे लोग सत्ता में बैठे हैं और इसका कारण सिर्फ यह है कि वहां अनुसूचित जाति/जनजाति के लोग बहुत ही गरीब हैं जिनके वोट खरीद कर ऐसे लोग बार-बार सत्ता में आ जाते हैं जिनको एस0सी0/एस0टी0 के लोगों से कुछ भी लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि पन्द्रहवीं लोक सभा के चुनाव के बाद सभी राज्यों के पार्टी के पदाधिकारियों से यह साफतौर पर कहा था कि यदि उत्तर प्रदेश की तरह अन्य राज्यों में भी बी0एस0पी0 की सरकार बनानी है तो कैडर के जरिये पार्टी के संगठन को सभी राज्यों में खड़ा करना होगा जैसा कि उत्तर प्रदेश में किया गया है और इसके लिए कैडर कैम्प आयोजित किया जाना होगा।

सुश्री मायावती ने अपने भाषण में कैडर कैम्पों के आयोजन के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि कैडर कैम्पों को आयोजित करने के लिए विस्तृत दिशा निर्देश पुस्तिका के रूप में छाप कर पहले ही सभी राज्यों में भेजे जा चुके हैं और इन्हीं कैडर कैम्पों के माध्यम से पार्टी से जोड़ा जाना है। उन्होंने कहा कि कैडर कैम्पों का आयोजन बन्द जगह में किया जाये क्योंकि इन कैडर कैम्पों में गहराई से कार्यकर्ताओं को हर चीज बतानी जरूरी होती है। उन्होंने आगे कहा कि कार्यकर्ताओं को यह बताया जाये कि बी0एस0पी0 की जरूरत क्यों पड़ी और उसकी स्थापना के पीछे क्या उद्देश्य था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि गैर बराबरी पर आधारित इस सामाजिक व्यवस्था को बदल कर समता मूलक सामाजिक व्यवस्था स्थापित करने के बी0एस0पी0 के उद्देश्यों को सर्वसमाज तक इन कैडर कैम्पों के माध्यम से पहुंचाने की जिम्मेदारी बी0एस0पी0 के सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं कोआर्डिनेटरों की है।

सुश्री मायावती ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह बात भी आम जनता को बताना जरूरी है कि आजादी के लगभग 63 साल बीत जाने के बाद भी हमारे देश में गरीबी, बेरोजगारी व मंहगाई की समस्या क्यों है जबकि इस दौरान अधिकांश समय तक केन्द्र व राज्यों में कांग्रेस, बी0जे0पी0 व अन्य विरोधी दलों के हाथों में सत्ता रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिये हुआ क्योंकि जो भी सरकार केन्द्र एवं राज्यों में रही उसने अपनी आर्थिक नीतियां बनाते समय अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व धार्मिक अल्पसंख्यक वर्ग जिनमें मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई आदि शामिल हैं को ध्यान में रखकर कभी नहीं बनाया और इन्हीं गलत आर्थिक नीतियों के चलते देश आज गरीबी, मंहगाई व बेरोजगारी की भीषण समस्या से जुझ रहा है और आज हालात इतने खराब हो गये हैं कि देश के कई भागों में लोग या तो नक्सलवादी संगठनों में या अन्य गलत रास्तों पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों एवं धन्नासेठों के बल पर सत्ता में आने वाली पार्टियां भला कैसे गरीब व कमजोर वर्ग के लोगों के हित में नीतियां बना सकती है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि इन चारों राज्यों को पूंजीपतियों की मदद से सत्ता में आई सरकारों से आखिर लोग क्या अपेक्षा कर सकते हैं र्षोर्षो उन्होंने पूछा कि कांग्रेस, बीजेपी एवं अन्य विरोधी पार्टियों के उम्मीदवारों को अगर आम जन ने चुनाव लड़ने के लिए पैसा नहीं दिया है तो चुनावों में पार्टियों के उम्मीदवारों द्वारा खर्च किये गये लाखों करोड़ों रूपये कहां से आये र्षोर्षो यह साफ है कि यह पैसा पूंजीपतियों से ही इन पार्टियों को मिलता है। इसलिये जब यह पार्टियां सत्ता में आती हैं तो पूंजीपतियों के हितों को ध्यान में रखकर ही और उनको फायदा पहुंचाने के लिए ही नीतियां तैयार करती हैं जबकि बी0एस0पी0 अकेली ऐसी पार्टी है जो पूंजीपतियों के मदद से नहीं बल्कि अपने आम कार्यकर्ताओं के द्वारा दिये गये आर्थिक मदद से चलती है। इसीलिये पूंजीपतियों एवं धन्ना सेठों का कोई दबाव बी0एस0पी0 पर नहीं रहता जैसा कि उत्तर प्रदेश के उदाहरण से साफ हो जाता है।

सुश्री मायावती ने यह भी कहा कि बी0एस0पी0 के कार्यकर्ताओं को विरोधी पार्टियों के साम, दाम, दण्ड सभी हथकण्डों से बचना होगा क्योंकि यह पार्टियां चुनाव जीतने के लिए हर तरह के हथकण्डे अपनाती रही हैं और जनता को बेवकूफ बनाने के लिए तमाम तरह के नाटक करती हैं जैसा कि केन्द्र की कांग्रेस पार्टी सरकार ने लोक सभा के आम चुनाव के ठीक पहले तो डीजल पेट्रोल के दाम में कमी कर दी लेकिन चुनाव खत्म होते ही जनता की कोई परवाह उसको नहीं रही और पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में बढ़ोत्तरी करके उन्होंने जनता को मंहगाई की वीभीषिका में झोंक दिया।

उन्होंने कार्यकर्ताओं का आवाहन करते हुए कहा कि देश को व अपने राज्यों को गरीबी, बेरोजगारी जैसी समस्याओं से मुक्ति दिलाने के लिए जरूरी है कि आगामी विधान सभा चुनावों मे कड़ी मेहनत करें। पार्टी का जनाधार बढ़ाते हुए भारी संख्या में अपने उम्मीदवारों को विधान सभा में पहुंचायें जिससे कि बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर और मान्यवर कांशीराम जी के समता मूलक समाज की स्थापना को सकार किया जा सके। उन्होंने कहा कि आगामी विधान सभा चुनाव में बी0एस0पी0 विधान सभा की सभी सीटों पर अपने बूते पर चुनाव लड़ेगी और सर्वसमाज के लोगों को बराबर की भागीदारी देगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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राज्य सरकार के समक्ष मेयर के चुनाव प्रक्रिया के सम्बन्ध में कोई प्रकरण विचाराधीन नहीं

Posted on 10 June 2010 by admin

क्षेत्र पंचायतों में चुनाव के लिये 1994 से ही नियमावली है

क्षेत्र पंचायतों के चुनाव हमेशा से गैर दलीय आधार पर हो रहे है

अभी तक नगर निकायों का चुनाव नियमावली न होने के कारण निर्वाचन संचालन आदेश के तहत कराया जाता था

प्रस्तावित नियमावली के प्रारूप के सम्बन्ध में जन-साधारण से आपत्तियॉ, सुझाव आमिन्त्रत करने के लिये 11 मई, 2010 को प्रकाशित असाधारण गजट में 30 दिन का समय दिया गया है
लखनऊ - उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने नगर निकायों में चुनाव के लिए प्रस्तावित नियमावली के सम्बन्ध में आज यहॉ जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के समक्ष मेयर के चुनाव प्रक्रिया के सम्बन्ध में कोई प्रकरण विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में कतिपय समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें निराधार है।

प्रवक्ता ने कहा कि जहॉ तक उत्तर प्रदेश नगर निकायों से सम्बन्धित प्रस्तावित निर्वाचन नियमावली-2010 का सम्बन्ध है, इस प्रकरण में राज्य सरकार ने संविधान एवं नियमावली के अन्तर्गत निर्धारित सभी नियमों का बकायदा पालन किया है। उन्होंने कहा कि सभी को मालूम है कि क्षेत्र पंचायत चुनाव के लिये उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत नियमावली-1994, उत्तर प्रदेश जिला पंचायत नियमावली-1994, उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत नियमावली-1994 तथा उत्तर प्रदेश पंचायत राज नियमावली-1994 पहले से ही बनीं हुई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायतों के चुनाव से सम्बन्धित इन नियमों में दलीय आधार पर चुनाव का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। परम्परानुसार गैर दलीय आधारित चुनाव ही होते है। उन्होंने कहा कि इन चुनावों के लिये जो चुनाव चिन्ह भी आवंटित किये जाते है, वे भी किसी राजनीतिक पार्टी के चुनाव चिन्ह से सम्बन्धित नहीं होते।

प्रवक्ता ने कहा कि एक ओर जहॉ क्षेत्र पंचायतों के चुनाव के लिये नियमावली बनायी गई है, वहीं दूसरी ओर अभी तक नगर निकायों का चुनाव नियमवाली न होने के कारण निर्वाचन संचालन आदेश के तहत कराया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि एक्ट के अन्तर्गत राज्य सरकार को इस सम्बन्ध में नियमावली बनाना आवश्यक है। अपने इन्ही दायित्वों को निर्वहन करते हुए राज्य सरकार द्वारा नियमावली बनाने का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि उ0प्र नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा-296 तथा उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम-1959 की धारा-87 के तहत सरकार को नगर निकायों में चुनाव के लिये सुसंगत नियम बनाने का पूरा दायित्व है।

सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा नगर निकायों के चुनाव के लिये जो नियमावली प्रस्तावित की गई है, उस पर समस्त सम्बन्धित व्यक्तियों एवं जन साधारण से उनके सम्बन्ध में आपत्तियॉं एवं सुझाव आमन्त्रित करने के लिये पर्याप्त समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नियमावली को 11 मई, 2010 को सरकारी गजट में अधिसूचित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि गजट में यह स्पष्ट कर दिया गया था कि यदि प्रस्तावित नगर निकायों के चुनाव से सम्बन्धित नियमावली के बारे में यदि कोई आपत्तियॉ और सुझाव है, तो प्रमुख सचिव उ0प्र0 नगर विकास अनुभाग-1, बापू भवन लखनऊ को सम्बोधित करके लिखित रूप से प्रेषित की जानी चाहिये। उन्होंने कहा कि गजट में यह भी स्पष्ट कर दिया गया था कि केवल उन्हीं आपत्तियों एवं सुझावों पर विचार किया जायेगा जो इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित होने की दिनांक से 30 दिनों के भीतर सक्षम अधिकारी को प्राप्त होंगे।

प्रवक्ता ने कहा कि सभी इच्छुक लोग या राजनैतिक दलों को 11 मई, 2010 के गजट में प्रकाशित 30 दिन की अवधि के अन्दर अपनी आपत्तियां एवं सुझाव उचित फोरम पर लिखित रूप से दर्ज करा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नियमावली के सम्बन्ध में जो आपत्तियॉ एवं सुझाव प्राप्त होंगे, उन पर सम्यक विचार करके सरकार द्वारा निर्णय लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि आपत्तियों एवं सुझावों के उचित निस्तारण के बाद ही प्रस्तावित नियमावली को मन्त्रिपरिषद के समक्ष विचार के लिये प्रस्तुत किया जायेगा।

सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि प्रस्तावित नियमावली के सन्दर्भ में नियमानुसार जो प्रक्रिया तय की गई है, उसका लाभ सभी लोगों को उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में अनावश्यक बयानबाजी या किसी अन्य फोरम पर बात उठाने से प्रस्तावित नियमावली को और बेहतर बनाने में कोई लाभ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया का राजनैतिक दृष्टिकोण से विरोध करना उपयुक्त नहीं है। इसमें जिसको आपत्ति है, उसे नियमानुसार सुझाव/आपत्ति दाखिल करना चाहिए, ताकि इस कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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दैवी आपदा से प्रभावित व्यक्तियों को 24 घण्टे के अन्दर अनुग्रह राशि वितरित करने के निर्देश

Posted on 01 June 2010 by admin

दैवी आपदा से प्रभावित व्यक्तियों को राहत हेतु 30 करोड़ रूपये आवंटित दैवी आपदा से मृत्यु होने पर 24 घण्टे के अन्दर अनुग्रह राशि वितरित करने के निर्देश अब तक 220 लाख अनुग्रह सहायता राशि वितरित

उत्तर प्रदेश सरकार ने दैवी आपदा से मृत्यु होने पर मृतक के परिवार को 24 घण्टे के अन्दर अनुग्रह राशि वितरित करने के निर्देश सभी जिलाधिकारियों को दिये हैं।

यह जानकारी आज यहॉ प्रमुख सचिव एवं राहत आयुक्त श्री के.के.सिंह ने दी है। उन्होंने बताया कि दैवी आपदा से प्रभावित व्यक्तियों को राहत उपलब्ध कराने हेतु जनपदों को 30 करोड़ रूपये आवंटित कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि दैवी आपदा से मृत्यु होने की दशा में तत्परता से अनुग्रह राशि मृतक परिवार  को उपलब्ध करा दी जाये। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये। यह अनुग्रह राशि प्रत्येक दशा में 24 घण्टे के भीतर मृतक के परिवार को मिल जानी चाहिए।

श्री सिंह ने बताया कि आकाशीय विद्युत एवं आंधी तूफान से मृत्यु होने पर अब तक 220 लाख रूपये अनुग्रह सहायता के रूप में वितरित किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्षा, आंधी और तूफान से प्रभावित मकानों के मूल्यांकन का कार्य चल रहा है। प्रभावित व्यक्तियों को सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप धनराशि का वितरण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि दैवी आपदा से अधिकांश मृत्यु इलाहाबाद, अलीगढ़, गाजीपुर और जौनपुर में हुई है।

राहत आयुक्त ने बताया कि प्रदेश में सम्भावित बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने हेतु सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं, ताकि बाढ़ की स्थिति पैदा होने पर  पीड़ित व्यक्तियों को अबिलम्ब राहत पहुंचाई जा सकें। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को बाढ़ राहत कार्य योजना शीघ्र बनाने के भी निर्देश दिये गये हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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