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Governor and C.M. greet Muslim brethren on Eid-ul-Fitr at Idgah

Posted on 02 September 2011 by admin

The Uttar Pradesh Governor Mr. B.L. Joshi and Chief Minister Hon’ble Ms. Mayawati ji visited Idgah at Aishbagh and greeted the people of Muslim community on the occasion of Eid-ul-Fitr.

cm-photo-01-09-2011The Governor while extending his heartiest greetings to people of Muslim community wished for their progress and bright future.

On this occasion, the Chief Minister Hon’ble Ms. Mayawati ji while greeting the Muslims said that Eid festival symbolises peace, brotherhood, love and communal harmony. She wished for prosperity, progress and bright future for the people of Muslim community.

Earlier, Idgah’s Nayab Imam Maulana Khalid Rashid Farangi Mahali offered Namaz and wished for the prosperity and peace of the country and the world.

On this occasion, Cabinet Minister & Chairman, State Haj Committee Mr. Naseemuddin Siddiqui, Information Advisor to C.M. Mr. Jameel Akhtar, Cabinet Secretary Mr. Shashank Shekhar Singh, Chief Secretary Mr. Anoop Mishra, Additional Cabinet Secretary Mr. Ravindra Singh, Secretary to C.M. Mr. Navneet Sahgel, Secretary Information & Lucknow Commissioner Mr. Prashant Trivedi, Director Information Badal Chatterji, Maulana Tariq Rasheed, Mr. Siraj Ahamd Khan, Sayyed Hussain, Mr. Mohammad Farooq Khan, Mr. Rizwan Ahmad were present including other senior administrative and police officers.

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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Governor and C.M. greet Muslim brethren on Eid-ul-Fitr at Idgah

Posted on 31 August 2011 by admin

eid1The Uttar Pradesh Governor Mr. B.L. Joshi and Chief Minister Hon’ble Ms. Mayawati ji visited Idgah at Aishbagh and greeted the people of Muslim community on the occasion of Eid-ul-Fitr.

The Governor while extending his heartiest greetings to people of Muslim community wished for their progress and bright future.

On this occasion, the Chief Minister Hon’ble Ms. Mayawati ji while greeting the Muslims said that Eid festival symbolises peace, brotherhood, love and communal harmony. She wished for prosperity, progress and bright future for the people of Muslim community.

Earlier, Idgah’s Nayab Imam Maulana Khalid Rashid Farangi Mahali offered Namaz and wished for the prosperity and peace of the country and the world.

On this occasion, Cabinet Minister & Chairman, State Haj Committee Mr. Naseemuddin Siddiqui, Information Advisor to C.M. Mr. Jameel Akhtar, Cabinet Secretary Mr. Shashank Shekhar Singh, Chief Secretary Mr. Anoop Mishra, Additional Cabinet Secretary Mr. Ravindra Singh, Secretary to C.M. Mr. Navneet Sahgel, Secretary Information & Lucknow Commissioner Mr. Prashant Trivedi, Director Information Badal Chatterji, Maulana Tariq Rasheed, Mr. Siraj Ahamd Khan, Sayyed Hussain, Mr. Mohammad Farooq Khan, Mr. Rizwan Ahmad were present including other senior administrative and police officers.

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प्रदेश में प्रमुख नदियों का जलस्तर 7 स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर

Posted on 30 August 2011 by admin

प्रदेश की प्रमुख नदियांॅ सात स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पाँच स्थानों पर नदियांॅ खतरे के निशान से 50 मीटर नीचे बह रही हैं। प्रदेश में पिछले 24 घंटों में कहीं भी वर्षा रिकार्ड नहीं की गयी है।

सिंचाई विभाग के केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा जारी सूचना के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर बलिया में खतरे के निशान से 0.89 मीटर ऊपर बह रही है। इसी प्रकार रामगंगा का जलस्तर डाबरी (शाहजहांपुर), यमुना नदी का जलस्तर मथुरा में 0.23 मीटर, शारदा नदी का जलस्तर पलियाकलां (लखीमपुर-खीरी), घाघरा नदी का जलस्तर एतिगनाब्रिज (बाराबंकी) में 0.20 मीटर, अयोध्या (फैजाबाद) में 0.65 मीटर तथा तुर्तीपार (बलिया) में 0.27 मीटर ऊपर बह रही है, जबकि गंगा नदी नरौरा/डी0एस0 (बुलन्दशहर) में खतरे के निशान से 0.20 मीटर अंकिनघाट (रामाबाई नगर) में 0.46 मीटर तथा डलमऊ (रायबरेली) में 0.10 मीटर नीचे बह रही है। इसी प्रकार रामगंगा का जलस्तर मुरादाबाद में 0.35 मीटर तथा कुआनों का चन्द्रदीपघाट (गोण्डा) में खतरे के निशान से 0.04 मीटर नीचे बह रही है। गंगा का जलस्तर अधिकांश स्थानों पर घटाव की ओर है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार माह जून से अगस्त 2011 तक की सामान्य वर्षा के सापेक्ष सर्वाधिक नरौरा (डी0एस0) बुलन्दशहर में 208.4 प्रतिशत दर्ज की गयी है, जबकि सबसे कम आगरा जनपद में 50.1 प्रतिशत दर्ज की गयी है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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Governor and C.M. attend Sri Krishna Janmashtami programme

Posted on 24 August 2011 by admin

The Uttar Pradesh Governor Mr. B.L. Joshi and Chief Minister Hon’ble Ms. Mayawati ji attended and inaugurated Sri Krishna Janmashtami programme here yesterday at police lines by lighting a lamp and garlanding the statue of Lord Krishna.

On this occasion, the children of Police Modern School and others presented cultural programmes.

The Cabinet Secretary Mr. Shashank Shekhar Singh, Chief Secretary Mr. Anoop Mishra, Principal Secretary to C.M. Mr. Net Ram, Secretary to C.M. Mr. Navneet Sehgal, DGP Mr. Karam Veer Singh, Special D.G.P. (Law and Order) Mr. Brijlal, Information Director Mr. Badal Chatterji, D.M. Lucknow Mr. Anil Sagar, DIG Mr. D.K. Thakur and other senior officers including eminent citizens were present on the occasion.

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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आजादी के बाद देश ने शानदार उपलब्धियां हासिल की, लेकिन गैर-बराबरी वाली सामाजिक व्यवस्था अभी-भी पूरी तरह खत्म नहीं-माननीया मुख्यमंत्री जी

Posted on 15 August 2011 by admin

* मेरी सरकार ने सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद, विकास व जनहित की अनेकों महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया-माननीया मुख्यमंत्री जी
* तीन पुलिस अधिकारी मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित
* माननीया मुख्यमंत्री जी ने विधान भवन के सामने ध्वजारोहण किया

photo-16-08-2011-002उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने देश की आजादी की 64वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि स्वतन्त्रता दिवस उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए विशेष गौरव का दिन है, क्योंकि आजादी की लड़ाई में प्रदेश ने देश का नेतृत्व किया था। उन्होंने कहा कि 1857 की आजादी की पहली लड़ाई से लेकर सम्पूर्ण स्वाधीनता संग्राम में उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस अवसर पर उन्होंने सभी ज्ञात और अज्ञात स्वाधीनता सेनानियों और महान राष्ट्रनायकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
माननीया मुख्यमंत्री जी आज यहां विधान भवन के सामने ध्वजारोहण के पश्चात् उपस्थित लोगों को सम्बोधित कर रहीं थीं। इस मौके पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के असाधारण कार्यों की सहराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि अन्य पुलिस कर्मी भी इनसे प्रेरणा लेंगे और प्रदेश पुलिस की इस शानदार परम्परा को इसी तरह पूरी लगन के साथ आगे बढ़ायेंगे। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0, लखनऊ श्री विजय प्रकाश, अपर पुलिस अधीक्षक, गौतमबुद्ध नगर श्री राकेश कुमार जौली, तथा निरीक्षक, नागरिक पुलिस, एस0टी0एफ0, लखनऊ श्री बिजेन्द्र सिंह त्यागी, को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित किया।
इस अवसर पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें गम्भीरतापूर्वक सोचना चाहिये कि जिन उद्देश्यों के लिए हमने आजादी हासिल की थी, उन्हें पाने की दिशा में हम कितना सफल हुये हैं। यह सच है कि आजादी के बाद हमारे देश ने कई क्षेत्रों में शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन आज भी हमारे बहुत से लक्ष्य अभी तक अधूरे हैंै और इस मामले में खासतौर से, अपने देश में गैरबराबरी वाली सामाजिक व्यवस्था अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

इस सम्बन्ध में माननीया मुख्यमंत्री जी ने देश में दलित एवं अन्य पिछड़े वर्गाें में समय-समय पर जन्मे महान सन्तों, गुरूओं और महापुरूषों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महापुरूषों में भी खासतौर पर छत्रपति शाहूजी महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले, श्री नारायणा गुरू, बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी ने समतामूलक समाज व्यवस्था की स्थापना करने का जो सपना देखा था, वह भी अभी तक पूरे तौर पर साकार नहीं हो सका है। लेकिन यह सच है कि इन समाज सुधारकों व महापुरूषों ने, सदियों से यहाँ गैर-बराबरी वाली सामाजिक व्यवस्था का शिकार रहे करोड़ों दलित, पिछड़ों, शोषितों एवं वंचित लोगों को सम्मान का जीवन जीने का अधिकार दिलाने के लिये जो त्याग और बलिदान किया, उसे कृतज्ञ राष्ट्र हमेशा बेहद आदर व सम्मान से याद करता रहेगा। इसीलिए यह दिन महान समाज सुधारकों व महापुरूषों को भी पूरे आदर व सम्मान के साथ याद करने का भी पुनीत अवसर है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश सरकार द्वारा महान सन्तों, गुरूओं व महापुरूषों के आदर एवं सम्मान में स्थापित किये गये स्मारक, संग्रहालय, पार्क व प्रतिमओं आदि की चर्चा करते हुए कहा कि यह बेहद प्रेरक और उपयोगी साबित हो रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने इन सुधारकों व महापुरूषों के प्रति भी अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और यह भी विश्वास दिलाया कि इन समाज सुधारकों व महापुरूषों के मानवतावादी मिशन को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मई, 2007 के विधान सभा आम चुनाव में सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति को अपने हर फैसले से जोड़ा है और सर्वसमाज के हितों का पूरा-पूरा ध्यान रखा है, लेकिन हर मामले में प्राथमिकता समाज के दलितों, पिछड़ों, धार्मिक अल्पसंख्यकों, महिलाओं सहित अपर कास्ट समाज के गरीब लोगों को दी है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में अमन-चैन कायम रखने को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है और इस दिशा में किये गये प्रयासांे के बेहतर नतीजे सामने आये हैं। क्योंकि उनकी सरकार शुरू से ही हर मामले में कानून द्वारा कानून का राज की नीति पर चल रही है। सभी जानते हैं कि प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था के मामले में कोई समझौता नहीं करती। इसीलिए लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा जहाँ एक ओर सख्त कार्यवाही की जाती है, वहीं दूसरी ओर अच्छा काम करने वाले पुलिस कर्मियों को प्रोत्साहित करके उनका हौसला भी बढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि विकास का वातावरण बनाने के लिये यह भी जरूरी है कि प्रदेश की आम जनता हर मामले में खुद को सुरक्षित महसूस करे।
photo-16-08-2011माननीया मुख्यमंत्री जी ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में जंगलराज का खात्मा करके अन्यायमुक्त, अपराधमुक्त, भयमुक्त, भ्रष्टाचारमुक्त एवं विकासयुक्त वातावरण पैदा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जनता की सूझ-बूझ व राज्य सरकार के प्रयासों की बदौलत प्रदेश में पूरी तरह सौहार्द और अमन-चैन का माहौल बना हुआ है। पिछले वर्ष अयोध्या मामले को लेकर माननीय उच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि फैसला आने के बाद प्रदेश में स्थापित सौहार्द के वातावरण के कारण पूरे राज्य में कहीं भी किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं घटी, जिसका नतीजा यह निकला कि पूरे देश में भी इस दौरान अमन-चैन कायम रहा। उन्होंने इसके लिए प्रदेश की जनता और प्रशासनिक तंत्र को बधाई दी।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने पहले से नक्सलवाद से प्रभावित चल रहे प्रदेश के कुछ जिलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों के मूल निवासियों की विकास सम्बन्धी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार ने ईमानदारी से प्रयास किया है, जिसके चलते इन लोगों की समस्या का काफी हद तक समाधान हुआ है। उनकी सरकार अनुसूचित जाति/जनजाति व सर्वसमाज की महिलाओं पर होने वाले अत्याचार की घटनाओं को बेहद गम्भीरता से लेती है। ऐसे मामलों में राज्य सरकार द्वारा की जा रही प्रभावी कार्यवाही का ही नतीजा है कि, केन्द्रीय गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो की रिपोर्ट में अन्य राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति/ जनजाति के लोगों तथा महिलाओं के विरूद्ध अपराधों में भारी कमी का उल्लेख किया गया है। उन्हांेने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक अल्पसंख्यक समाज में से खासतौर से मुस्लिम समाज की समस्याओं से भी भली-भांति परिचित है और इन्हें हल करने के लिए पूरी गम्भीरता से प्रयासरत है। इतना ही नहीं, राज्य सरकार ने सर्वसमाज के सभी वर्गाें की जायज जरूरतों को पूरा करने का भी प्रयास किया है और इस मामले में पिछले चार वर्षों में उनकी सरकार ने अपने सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद, विकास व जनहित की अनेकों महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इन योजनाओं में डा. अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना, मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी समग्र विकास योजना, सर्वजन हिताय शहरी गरीब आवास स्लम एरिया मालिकाना हक योजना, सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना, महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना, डा. अम्बेडकर ऊर्जा-कृषि सुधार योजना, मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी दलित बाहुल्य बस्ती समग्र विकास योजना, महामाया आवास योजना तथा महामाया सर्वजन आवास योजना आदि प्रमुख हैं।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने महत्वपूर्ण योजनाओं के अन्तर्गत कराये गये जनकल्याणकारी कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के गरीब लोगों को ध्यान में रखकर बनायी गयी उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के प्रत्येक लाभार्थी को राज्य सरकार अब प्रत्येक महीने 400 रूपये की नकद आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा गांवों के विकास तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही कर रही है। वर्तमान सरकार द्वारा डा. अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के अन्तर्गत चयनित कुल 5,598 डा. अम्बेडकर ग्राम सभाओं एवं 2,195 हजार राजस्व ग्रामों को समस्त कार्यक्रमों से संतृप्त किया गया है। इसके अलावा पिछले चार वर्षाें में 2,67,403 भूमिहीनों, जिनमें ज्यादातर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों के लोग शामिल हैं, को कृषि भूमि आवंटित की गयी। इसी के साथ 3,62,240 आवासहीन परिवारों को आवास हेतु पट्टे आवंटित किये गये।
अपने सम्बोधन में माननीया मुख्यमंत्री जी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार शहरी गरीबों की ओर भी पूरा ध्यान दे रही है। मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना के माध्यम से शहरी गरीबों को सभी सुविधाआंे से युक्त निःशुल्क आवास उपलब्ध कराये जा रहे हैं। शहरों में दलित बाहुल्य बस्तियों को सभी बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त करने के लिए मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी दलित बाहुल्य बस्ती समग्र विकास योजना शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शहरों में मूल-भूत सुविधाओं का भी तेजी से विकास करा रही है। इलाहाबाद, आगरा, वाराणसी, कानपुर - बिठूर, फैजाबाद - अयोध्या, मथुरा-वृन्दावन, मेरठ, कन्नौज आदि प्राचीन व प्रमुख शहरांे के साथ-साथ राजधानी लखनऊ मंे बुनियादी सुविधाओं के विकास का काम पूरी गति से चल रहा है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बी.पी.एल. कार्ड धारकों तथा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के लाभार्थियों के सभी प्रकार के लम्बित व दायर किये जाने वाले ऐसे मुकदमे, जिसमें सरकार विपक्षी पार्टी नहीं है, उन मुकदमों की निःशुल्क पैरवी सरकारी वकीलों द्वारा इन गरीबों की तरफ से कराने का ऐतिहासिक फैसला भी उनकी सरकार ने लिया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष फरवरी व मार्च के महीनों मंे उन्होंने प्रदेश के सभी 72 जिलों का आकस्मिक निरीक्षण कर वहां कानून व्यवस्था तथा विकास कार्याें की हकीकत को मौके पर परखा तथा पुलिस एवं प्रशासन को चुस्त-दुरूस्त बनाने के लिये अनेकों कदम उठाये। प्रदेश सरकार ने सरकारी तंत्र को जनता की जरूरतों के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के लिए उत्तर प्रदेश जनहित गारण्टी अधिनियम लागू कराया है, जिससे जनता को निश्चित समय में चिन्हित सेवाओं को प्राप्त करने की कानूनी गारण्टी मिल गयी है।

अपनी सरकार द्वारा प्रदेश के युवाओं की रोजगार सम्बन्धी जरूरतों के सम्बन्ध में उठाये गये कदमों की जानकारी देते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने बताया कि लगभग एक लाख नौ हजार सफाई कर्मियों, 88 हजार प्राथमिक शिक्षकों तथा 05 हजार उर्दू शिक्षकों की भर्ती की गयी। इसके अलावा पुलिस विभाग में लगभग सवा दो लाख नये पद सृजित किये गये जिसके तहत, लगभग 35,000 पदों पर पुलिस आरक्षियों की भर्ती किये जाने के बाद अब 41,440 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गयी है। इसी के साथ उनकी सरकार ने मोअल्लिम-ए-उर्दू डिग्री धारकों की उर्दू अध्यापकों के पदों पर नियुक्ति का रास्ता भी साफ कर दिया तथा अप्रशिक्षित शिक्षा-मित्रों को दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से प्रशिक्षण देने की योजना को भी मंजूरी प्रदान कर दी।
किसानों के हक में लिये गये तमाम फैसलों की संक्षिप्त जानकारी देते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनकी सरकार का मानना है कि प्रदेश की समृद्धि के लिए किसानों का खुशहाल होना भी जरूरी है। इसके लिए प्रदेश सरकार एक कार्य योजना बनाकर इस पर अमल करा रही है। उन्होंने बताया कि खरीफ के चालू मौसम के दौरान किसानों को खाद और बीज सहित अन्य सभी कृषि निवेश उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने आवश्यक प्रबन्ध किये हैं। पिछले चार वर्षों के दौरान उनकी सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों को उपलब्ध करायी गयी विभिन्न सुविधाओं का ही नतीजा है कि खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ राज्य का दर्जा हासिल हुआ है। इसके लिये उन्होंने प्रदेश के किसानों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जून महीने में लखनऊ में राज्य सरकार द्वारा ऐतिहासिक किसान महापंचायत आयोजित की गयी। जिसमें प्रदेश सरकार ने किसान प्रतिनिधियों से सीधे चर्चा करके, उनके रचनात्मक सुझावों के अनुरूप भूमि अधिग्रहण की नई नीति को बनाकर इसे तत्काल लागू किया। देश की सर्वाधिक प्रगतिशील इस नीति में किसानों के लाभ के लिये अभूतपूर्व व्यवस्थाओं को लागू करने के साथ यह भी सुनिश्चित किया गया है, कि विकास में किसानों की पूरी-पूरी भागीदारी हो।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में बिजली के क्षेत्र में किये गये तमाम कार्यों के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए कहा कि विकास के मामले में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बिजली के क्षेत्र में भी प्रदेश सरकार अपने बलबूते पर ही कई महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बिजली संकट उनकी सरकार को विरासत में मिली है। बिजली की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्राथमिकता पर प्रभावी कदम उठाये हैंै। इसके तहत प्रदेश में नये बिजली घरों की स्थापना तथा पूर्व स्थापित बिजली घरों की क्षमता में विस्तार का कार्य प्रगति पर है। इस दिशा में उठाये गये तमाम कदमों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार आने वाले दिनों में प्रदेश की जनता को बिजली की कटौती से हमेशा के लिए निजात दिलाने के लिए पूरी तरह से प्रयासरत है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तथा हर प्रकार की शिक्षा की गुणवत्ता में, निरन्तर सुधार के लिए भी राज्य सरकार द्वारा पिछले चार वर्षाें में किये गये प्रयासों के नतीजे अब मिलने लगे हैं। राज्य सरकार ने अवस्थापना सुविधाओं के विकास की ओर भी पूरा ध्यान दिया है। राज्य सरकार द्वारा इस इरादे से नयी आर्थिक नीति लागू की गयी, जिसके तहत पब्लिक - प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर अवस्थापना सुविधा का विकास किये जाने की व्यवस्था है। पूरे प्रदेश में विश्व स्तरीय प्रवेश नियन्त्रित सड़कों का जाल बिछाकर तेज आवागमन सुविधा उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार लघु व कुटीर उद्योगों, बुनकरों, परम्परागत हस्तशिल्पियों तथा निर्यातकों को भी अनेक सुविधाएं देकर प्रोत्साहित कर रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश में व्यापारियों को भी आत्म सम्मान के साथ अपना करोबार करने का अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया है।
इस मौके पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने यह भी बताया कि प्रदेश के तेजी से समग्र विकास के साथ-साथ अति पिछड़े बुन्देलखण्ड और पूर्वांचल क्षेत्रों का पिछड़ापन दूर करने और इन क्षेत्रों का तेजी से सम्पूर्ण विकास करने के लिए प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार से 80 हजार करोड़ रूपये के विशेष क्षेत्र प्रोत्साहन पैकेज की मांग की, जिसमें से प्रदेश को आज तक कोई धनराशि उपलब्ध नहीं करायी गयी है। लेकिन केन्द्र सरकार से कोई भी सहयोग न मिलने के बावजूद भी उनकी सरकार ने अपने ही संसाधनों से बुन्देलखण्ड और पूर्वांचल के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर विकास कार्य शुरू कराये हैं।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम सब एक ऐसे ऐतिहासिक दौर से गुजर रहे हंै, जिसमें देश, दुनिया और समाज में तेजी से परिवर्तन हो रहे हंै। यही कारण है कि हमारे सामने चुनौतियां भी बेहद गम्भीर हैं। समाज में दलित, शोषित एवं उपेक्षित वर्गों के लोगों को न्याय दिलाकर तथा अन्य समाज के सभी वर्गाें के लोगों को अर्थात् सर्वसमाज के लोगों को आपसी भाईचारे के सूत्र में बांधकर इन चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया जा सकता है। इस लक्ष्य को पाने के लिए हमें महान स्वाधीनता सेनानियों तथा सामाजिक परिवर्तन आन्दोलन को आगे बढ़ाने वाले सन्तों, गुरूओं व महापुरूषों से प्रेरणा लेकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले देशभक्तों तथा सामाजिक परिवर्तन के लिए पूरा जीवन संघर्ष करने वाले सन्तों, गुरूओं व महापुरुषों के प्रति यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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विपक्षी नेताओं द्वारा सदन के सुव्यवस्थित संचालन में सहयोग का भरोसा

Posted on 05 August 2011 by admin

untitled-1उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष श्री सुखदेव राजभर ने कल से शुरू हो रहे विधान सभा सत्र के सुचारू एवं शंातिपूर्ण ढंग से संचालन के लिये सभी राजनैतिक दलो के नेताओं से सहयोग का अनुरोध किया है। उन्होंने आज विधान भवन में आहूत एक बैठक में सभी राजनैतिक दलों के नेताओं से संसदीय परम्पराओं के अनुसार सदन को चलाने में सहयोग प्रदान करने का भी अनुरोध किया।

इस मौके पर माननीया मुख्यमंत्री एवं नेता सदन सुश्री मायावती जी ने विधानसभा अध्यक्ष को सत्तारूढ़ दल की ओर से सदन को सुचारू रूप से संचालन में पूरा सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया । उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतिपक्ष सदन के सुव्यवस्थित संचालन में रचनात्मक सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में स्वस्थ चर्चा के दौरान विपक्षी दलों के सदस्यों द्वारा कई ऐसी जानकारियां उपलब्ध करायी जाती हैं जो सरकार को निर्णय लेने में काफी उपयोगी सिद्ध होती हैं।
बैठक में मौजूद समाजवादी पार्टी के श्री अम्बिका चैधरी, कांग्रेस पार्टी के श्री प्रमोद तिवारी तथा राष्ट्रीय लोक दल के श्री कौकब हमीद ने विधानसभा अध्यक्ष को सदन के शांतिपूर्ण संचालन में अपने-अपने दलों की ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर वरिष्ठ मंत्री श्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, श्री स्वामी प्रसाद मौर्य, श्री लालजी वर्मा एवं श्री इन्द्रजीत सरोज भी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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राज्य सरकार द्वारा एन0आर0एच0एम0 के तहत व्यय की गयी धनराशि का विशेष आॅडिट सी0ए0जी0, भारत सरकार से कराये जाने का निर्णय

Posted on 21 July 2011 by admin

  • मुख्य सचिव द्वारा सी0ए0जी0 को अनुरोध पत्र प्रेषित
  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के क्रियान्वयन में खामियां पाये जाने पर इसमें व्यापक सुधार के लिए तत्काल कदम उठाये
  • एन0आर0एच0एम0 के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में सुझाव एवं शिकायतें दर्ज कराने हेतु काॅल सेन्टर स्थापित करने का निर्णय

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने प्रदेश में संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एन0आर0एच0एम0) के अन्तर्गत उपयोग की गयी धनराशि का विशेष आॅडिट सी0ए0जी0, भारत सरकार से कराये जाने का निर्णय लिया है। इस सम्बन्ध में राज्य सरकार की ओर से आज प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनूप मिश्रा द्वारा अनुरोध पत्र सी0ए0जी0 को भेज दिया गया है।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन भारत सरकार की योजना है। इस योजना का संचालन केन्द्र सरकार द्वारा जारी गयी गाइड लाइन्स के आधार पर किया जाता है। इसके अन्तर्गत सभी कार्ययोजना की वित्तीय स्वीकृतियां भारत सरकार द्वारा परियोजनावार प्रदान की जाती हैं, जिसके कार्यान्वयन का नियमित रूप से अनुश्रवण भारत सरकार द्वारा भी किया जाता है।

प्रवक्ता ने बताया कि माननीया मुख्यमंत्री जी को समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में कुछ खामियां नजर आयीं थी। अतः इस योजना के कार्यान्वयन में हर स्तर पर पारदर्शिता बरतने के उददेश्य से उन्होंने कुछ सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश दिये थे। इसके तहत माननीया मुख्यमंत्री जी ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के कार्यों के नियमित अनुश्रवण के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रबन्धकीय ढांचा को प्रभावी बनाने, समस्त वित्तीय प्रस्तावों के परीक्षण तथा कार्यक्रमों के अन्तर्गत वित्तीय व्यवस्थाओं के पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया है। साथ ही जनपदों में बेहतर वित्तीय प्रबन्धन एवं नियंत्रण हेतु वित्त एवं लेखाधिकारी के 72 पदों का सृजन किया गया है, जिस पर तैनाती कर दी गयी है। साथ ही साथ वित्तीय अनुशासन बेहतर बनाने के लिए फाइनेन्शियल मैनुअल तैयार करके अगले 15 दिन में लागू करने के लिए निर्देशित किया गया है, जिससे प्रत्येक स्तर पर वित्तीय अनुशासन कायम रखा जा सके।

प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2010-2011 में एन0आर0एच0एम0 के अन्तर्गत प्रदेश के 72 जिलों में कराये गये कार्यों का विशेष लेखा परीक्षण कराने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। इसके अतिरिक्त योजना के अन्तर्गत वर्ष 2010-2011 में आपूर्ति की गयी सामग्री एवं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच उच्च स्तरीय समिति से करायी जा रही है। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण द्वारा प्रदेश स्तर पर राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी की नियमित बैठकें की जा रहीं हैं तथा मुख्य सचिव ने सभी जिलों में जिला स्वास्थ्य सोसाइटी की बैंठकें नियमित रूप से किये जाने के साथ-साथ जिलाधिकारियों को इन कार्यक्रमों की गहन समीक्षा के भी निर्देश दिये हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के लिए एक वेबसाइट विकसित की जा रही है, जिस पर जिलों से इस योजना की प्रगति के सम्बन्ध में नियमित सूचना दी जायेगी एवं योजना के लाभार्थियों का विवरण उपलब्ध रहेगा, जिससे योजना के प्रगति की गहन समीक्षा की जा सके। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर एक काॅल सेन्टर भी खोला जा रहा है, जिसमें आम जनता द्वारा योजना के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की शिकायत, फीडबैक तथा सुधारात्मक सुझाव भेजे जा सकेंगे। काॅल सेन्टर पर आम जन बात कर अपनी समस्याओं का निराकरण भी करा सकेंगे।

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि केन्द्र पुरोनिधानित यह योजना उत्तर प्रदेश में वर्ष 2005-2006 से संचालित की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में मातृ मृत्यु तथा शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। योजना की शुरूआत के समय प्रदेश की मातृ मृत्यु (एम0एम0आर0) एक लाख की जनसंख्या पर 517 थी, जो वर्ष 2006 में एक लाख की जनसंख्या पर 440 आ गयी थी। राज्य सरकार के प्रयासों के चलते सैम्पुल रजिस्टेªशन सर्वे (एस0आर0एस0) की रिपोर्ट 2009 के अनुसार वर्ष 2009 में यह संख्या घट कर एक लाख की जनसंख्या पर 359 हो गयी है। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार शिशु मृत्यु (आई0एम0आर0) दर कार्यक्रम के प्रारम्भ में एक हजार पर 73 थी, जो कि सैम्पुल रजिस्टेªशन सर्वे की रिपोर्ट 2009 के अनुसार अब यह घट कर एक हजार पर 63 हो गयी है।

प्रवक्ता ने जननी सुरक्षा की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2005-2006 में संस्थागत प्रसवों का प्रतिशत मात्र 21 था, जो राज्य सरकार के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रयासों के चलते वर्ष 2009 में संस्थागत प्रसवों का प्रतिशत बढ़कर 62 हो गया है। टीकाकरण की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2007-08 में इस कार्यक्रम में 30 प्रतिशत की उपलब्धि प्राप्त हुई थी, जिसके सापेक्ष वर्ष 2009 में 41 प्रतिशत यह उपलब्धि हो गयी। उन्होंने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट योजना के अन्तर्गत माह जनवरी, 2011 से प्रदेश के 15 जनपदों में 133 एम्बुलेन्स के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा जन सामान्य को आवश्यक चिकित्सा सेवायें उपलब्ध करायी जा रही हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने आम जनता से सीधे जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कानून-व्यवस्था में और सुधार लाने के निर्देश दिये

Posted on 21 July 2011 by admin

  • प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरूस्त बनाने, खास तौर से संवेदनशील जनपदों में सतर्कता बरतने के माननीया मुख्यमंत्री जी के निर्देश
  • तीनों जोन के प्रभारी अधिकारी माह में कम से कम छः दिन अपने जोन का भ्रमण करते हुए दो माह में सारे मण्डलों का भ्रमण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें
  • संभावित बाढ़ से प्रभावित होने वाले जनपदों में राहत एवं बचाव के लिये सभी आवश्यक व्यवस्था तथा कमजोर तटबंधों की मरम्मत के कार्य युद्ध स्तर पर पूरे किये जाए
  • खरीफ के लिए उर्वरक एवं बीज की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
  • डाॅ0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत चयनित ग्रामों में सी0सी0रोड, के0सी0ड्रेन व अन्य सभी निर्माण कार्य 30 नवम्बर, 2011 तक पूरे किये जाएं
  • किसान गोष्ठी एवं जनपदीय स्वास्थ्य समिति की बैठकें प्रत्येक माह आयोजित करने के निर्देश
  • समस्त पेंशन व छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ समस्त लाभार्थियों को समय से पहुंचाने के निर्देश

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने आम जनता से सीधे जुड़ी विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने को जोर देते हुए कानून-व्यवस्था में और सुधार लाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील तटबंधों पर सतत् निगरानी रखने तथा बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिये सभी जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने संभावित बाढ़ से प्रभावित होने वाले जनपदों में राहत एवं बचाव के लिये सभी आवश्यक व्यवस्था तथा कमजोर तटबंधों की मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर पूरा करने के भी निर्देश दिये हैं।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने यह निर्देश तब दिये जब आज विधान भवन के तिलक हाल में सम्पन्न कानून-व्यवस्था एवं विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के निष्कर्षों से मंत्रिमण्डलीय सचिव श्री शशांक शेखर सिंह एवं मुख्य सचिव श्री अनूप मिश्र ने उन्हे अवगत कराया। बैठक में समस्त मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, आई0जी0, डी0आई0जी0, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को और चुस्त-दुरूस्त बनाने, खास तौर से संवेदनशील जनपदों में सतर्क दृष्टि रखने के निर्देश दिये। उन्होंने सावन मेला तथा आगेे शुरू होने वाले रमज़ान के महीने के दौरान व्यापक सुरक्षा के इंतजाम करने के साथ ही असामाजिक तत्वों, अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त लोगों को चिन्हित करके इनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने बी0पी0एल0 कार्ड धारकों एवं उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के लाभार्थियों से सम्बन्धित ऐसे मुकदमों, जिनमें राज्य सरकार पार्टी नहीं है, में सरकारी वकीलों द्वारा निःशुल्क पैरवी की समीक्षा करते हुए कहा कि मुकदमा चाहे जिस भी स्टेज पर हो, गरीबों को राज्य सरकार की इस योजना का लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित किया जाये।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने फील्ड में तैनात प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छोटी से छोटी घटना की अन्य इलाकों में प्रतिक्रिया होने से कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ऐसी घटनाओं की सूचना मिलते ही तुरन्त मौके पर पहुंचकर उन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करें। उन्होंने महिलाओं एवं बच्चियों पर होने वाली आपराधिक घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों के उत्पीड़न के मामलों में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसी भी वर्ग अथवा समुदाय की महिलाओं एवं बच्चियों के साथ होने वाली घटनाओं के मामले में समय से प्राथमिकी दर्ज कराकर दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाये।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उन्होंने कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने एवं विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से प्रदेश को तीन जोन में बांटते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी सौंपी है। यह अधिकारी 01 अगस्त, 2011 से विभिन्न जोनों का भ्रमण कर मौके पर ही कानून-व्यवस्था एवं विकास सम्बन्धी समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित करायेंगे एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को आम जनता को और बेहतर प्रशासन देने के लिये आवश्यक मार्ग दर्शन एवं दिशा निर्देश भी देंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि तीनों जोनो के अधिकारी एक माह में कम से कम छः दिन अपने जोन का भ्रमण करेंगे तथा दो माह में सारे मण्डलों का भ्रमण पूरा कर अपनी रिपोर्ट शासन को देंगे। उन्होंने जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे शासन के इन वरिष्ठ अधिकारियों को छोटी से छोटी समस्या व दिक्कत बताने में कोई संकोच न करें, यदि किसी प्रकरण में अन्र्तविभागीय अथवा अन्र्तजनपदीय समन्वय की आवश्यकता महसूस होती है तो इसके सम्बन्ध में भी जोन के प्रभारी अधिकारियों को अवगत करा दें।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने मनरेगा के तहत जनपदों में कराये जा रहे कार्याें की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सिंचाई, पी0डब्लू0डी0, लघु सिंचाई, वन आदि विभागों द्वारा जो कार्य मनरेगा के अन्तर्गत कराये जाने हैं, उनको और अधिक गति प्रदान की जाए। उन्होंने बुन्देलखण्ड क्षेत्र में मनरेगा के तहत अधिक से अधिक कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ने प्रदेश के समस्त जनपदों में उत्तर प्रदेश जनहित गारण्टी अधिनियम 2011 को क्रियान्वित करने तथा बी0पी0एल0 कार्ड धारक तथा उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया आर्थिक मदद योजना के लाभार्थियों को विभिन्न न्यायालयों में वादों की निःशुल्क पैरवी की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या के समाधान हेतु जल निगम द्वारा लगाये जाने वाले 41 हजार नये हैण्डपम्प तथा रिबोर होने वाले 41 हजार हैण्डपम्प का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जापानी इन्सेफलाटिस, आर्सेनिक व फ्लोराइड प्रभावित ग्रामों में हैण्डपम्प लगाने व कम्युनिटी पाइप लाइन की योजना का कार्य शीघ पूर्ण कर लिया जाए।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने समाज के गरीब व कमजोर वर्ग के लोगों को प्राथमिकता के आधार पर कृषि भूमि व आवासीय भूमि का आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पट्टा भूमि पर अवैध कब्जों की घटनाओं पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए पट्टो की जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल एफ0आई0आर0 दर्ज कराने और आवंटी को कब्जा दिलाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने तहसील दिवस व थाना दिवस के अवसर पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता तथा प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रत्येक माह की 22 तारीख को प्रत्येक जनपद में किसानों की समस्याओं के निस्तारण हेतु किसान बैठक प्रभावी ढंग से करने के निर्देश दिए। उन्होंने खरीफ की बुआई हेतु पर्याप्त उर्वरकों की मात्रा उपलब्ध कराने तथा नेपाल बार्डर के जनपदों में उर्वरकों की तस्करी रोकने के निर्देश दिए। इसके साथ ही खेती-किसानी कार्य हेतु लक्ष्य के सापेक्ष ज्यादा से ज्यादा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने किसानों के आर्थिक उत्थान हेतु उद्यानीकरण की योजना को प्रभावी ढ़ग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिये। उन्होंने बुन्देलखण्ड क्षेत्र के जनपदों में ड्रिप इरीगेशन व स्प्रिंकलर योजना को बेहतर ढ़ग से संचालित करने को कहा। उन्होंने बालिका शिक्षा के विकास हेतु सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना को समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने के निर्देश दिये। योजना के तहत बालिकाओं को धनराशि तथा साइकिल एक साथ ही दी जाये। उन्होंने कहा कि अब इस योजना का लाभ मदरसों तथा व्यवसायिक शिक्षा की छात्राओं को भी मिलेगा। उन्होंने समस्त लाभार्थी परक पेंशन व छात्रवृत्ति योजनाओं का सत्यापन कर यथाशीघ्र समस्त लाभार्थियों को लाभान्वित करने को कहा। उन्होंने प्राथमिक स्कूलों के बच्चों के लिए राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही सभी सुविधाओं को प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि सभी नगर निगम में वर्षा ऋतु के दौरान सड़कों की मरम्मत के लिए रैपिड एक्शन टीम का गठन कर लें, जिससे कहीं से भी सड़क खराब होने की सूचना पर तत्काल मरम्मत का कार्य कराया जा सके। पारिवारिक लाभ योजना के तहत पीड़ित परिवार को योजना का लाभ तत्काल दिया जाए। डाॅ0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत चयनित ग्रामों में सी0सी0रोड, के0सी0ड्रेन व अन्य कार्य 30 नवम्बर, 2011 तक पूरे कर लिये जाये।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने फील्ड स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार व उपलब्धता हेतु प्रत्येक माह जनपदीय स्वास्थ्य समिति की बैठकें आयोजित करने के साथ चिकित्सकों, ए0एन0एम0, आशा व अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने को कहा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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बी0एस0पी0 सरकार की बेहतरीन कानून-व्यवस्था एवं विकास युक्त वातावरण के साथ-साथ किसानों को दी गईं विभिन्न सुविधाओं के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश पूरे देश में खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ राज्य (बेस्ट परफार्मिंग स्टेट) का दर्जा हासिल करने में सफल

Posted on 17 July 2011 by admin

  • प्रधानमंत्री जी ने इस उपलब्धि के लिए आज नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में उत्तर प्रदेश को दो करोड़ रूपये की पुरस्कार राशि, ट्राफी तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया
  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए बीज, उर्वरक की समुचित व्यवस्था, सिंचाई की सुविधा तथा बिजली की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की
  • बी0एस0पी0 सरकार ने उर्वरकों की प्री-पोजीशिनिंग हेतु 10 लाख मैट्रिक टन की व्यवस्था की गयी ताकि किसानों की मांग के अनुरूप उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके
  • हरियाणा और पंजाब की दरों के अनुरूप यू0पी0ए0 सरकार से बगैर भेदभाव के खाद्यान्न क्रय करने की मांग
  • यू0पी0ए0 सरकार ने उत्तर प्रदेश की मांग के अनुरूप यूरिया आदि उर्वरकों की आपूर्ति नहीं की
  • यू0पी0ए0 सरकार ने 01 अप्रैल, 2011 से यूरिया पर 289 रूपये प्रति मैट्रिक टन अतिरिक्त कर लगाकर किसानों की दिक्कत बढ़ाई
  • उत्तर प्रदेश के किसानांे का असली सम्मान तब होता जब यू0पी0ए0 सरकार डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेती और खाद्यान्न खरीद के लगभग 1200 करोड़ रूपये बकाया धनराशि का भुगतान करती

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ राज्य (बेस्ट परफार्मिंग स्टेट) का दर्जा दिये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रदेश के किसानों को अपनी हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह प्रदेश के 2 करोड़ 25 लाख किसान परिवारों की उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि बी0एस0पी0 सरकार की बेहतरीन कानून-व्यवस्था एवं विकास युक्त वातावरण के साथ-साथ किसानों को दी गईं विभिन्न सुविधाओं के फलस्वरूप प्रदेश यह दर्जा हासिल करने में सफल हुआ हैं।

ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश आबादी के हिसाब से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही कृषि प्रधान प्रदेश भी है। माननीया मुख्यमंत्री जी का यह स्पष्ट मत है कि किसानों की खुशहाली के बगैर प्रदेश का विकास और समृद्धि सम्भव नहीं है। इस लिए उन्होंने अपने हर कार्यकाल के दौरान किसानों की खुशहाली और कृषि सेक्टर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। उन्होंने वर्तमान कार्यकाल की शुरूआत में ही किसानों की आमदनी को दोगुना करने की एक कार्ययोजना तैयार करते हुए इसके क्रियान्वयन के लिए अनेक योजनाओं को अमली जामा पहनाया। इसके परिणाम स्वरूप उत्तर प्रदेश, हरियाणा एवं पंजाब जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए, पूरे देश में खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में ‘बेस्ट परफार्मिंग स्टेट’ का दर्जा हासिल करने में सफल हुआ।

माननीया मुख्यमंत्री जी द्वारा किसानों की आमदनी दोगुनी करके उनको खुशहाल बनाने के लिये उठाये गये कदमों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश वर्ष 2010-11 में 471.38 लाख टन खाद्यान्न का उत्पादन करके देश का सबसे बड़ा अन्न उत्पादक राज्य बन गया है। प्रधानमंत्री माननीय डा0 मनमोहन सिंह जी ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में ट्राफी, प्रशस्ति पत्र तथा दो करोड़ रूपये की पुरस्कार राशि प्रदान कर उत्तर प्रदेश को इस उपलब्धि के लिये पुरस्कृत किया। प्रदेश के कृषि मंत्री चैधरी लक्ष्मी नारायण ने राज्य सरकार की ओर से यह पुरस्कार ग्रहण किया।

बी0एस0पी0 सरकार ने किसानों की खुशहाली के लिए निम्न महत्वपूर्ण निर्णय लिये:-
ऽ    माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए बीज, उर्वरक की समुचित व्यवस्था, सिंचाई की सुविधा तथा बिजली की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की।
ऽ    राज्य सरकार ने पिछले चार वर्षाें में कृषि, उद्यान, पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य कृषि विपणन आदि कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संचालित किया है।
ऽ    माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने विगत् 02 जून को लखनऊ में ऐतिहासिक किसान पंचायत आयोजित करके किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।
ऽ    माननीया मुख्यमंत्री जी ने किसान पंचायत में किसानों की समस्याओं को सुनकर उनके सुझावों के अनुरूप एक नई प्रगतिशील भूमि अधिग्रहण नीति घोषित की और उसे तुरन्त लागू करने का ऐलान किया। भू-अधिग्रहण की नई नीति के तहत जिला प्रशासन इसमें मात्र फेैसिलिटेटर की भूमिका निभायेगा।
ऽ    माननीया मुख्यमंत्री जी ने 11 जून, 2011 को माननीय प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित इस नई भूमि अधिग्रहण नीति के प्राविधानों को केन्द्र सरकार के विभिन्न उपक्रमों, विभागों तथा प्रतिष्ठानों जैसे रेल, राष्ट्रीय राजमार्ग, गैस अथाॅरिटी आफ इण्डिया लिमिटेड, एन0टी0पी0सी0 आदि द्वारा किये जा रहे भूमि अधिग्रहण में इस नीति के प्राविधानों को लागू करने का अनुरोध किया है। जिससे उत्तर प्रदेश में भूमि अधिग्रहण के सम्बन्ध में एकरूपता बनी रहे।
ऽ    माननीया मुख्यमंत्री जी की पहल पर ऊर्जा विभाग द्वारा किसान पंचायत में किसानों द्वारा बिजली से सम्बन्धित समस्याओं का निस्तारण करके आवश्यक आदेश जारी कर दिये गये। इसके तहत किसानों को खेती-बारी हेतु इस वर्ष जुलाई माह से 14 घण्टे विद्युत आपूर्ति करायी जा रही है।
ऽ    कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी तथा छोटे-छोटे किसानों के हित के लिये वर्ष 2011-12 से प्रारम्भिक सहकारी ऋण समिति (पैक्स) के माध्यम से तीन प्रतिशत ब्याज की दर पर फसली ऋण उपलब्ध कराने का फैसला लिया है, जिससे लाखों किसान लाभान्वित होंगे। चालू वित्तीय वर्ष में 04 हजार करोड़ रूपये का ऋण वितरित किया जायेगा।
ऽ    बुन्देलखण्ड क्षेत्र की खुशहाली के लिए ड्रिप एवं स्पिं्रकलर इरीगेशन पद्धति को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए लघु एवं सीमान्त कृषकों तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सभी कृषकों के लिए यह पद्धति निःशुल्क उपलब्ध करायी गयी तथा अन्य श्रेणी के कृषकों को 75 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्ष 2010-11 में 3550 स्पिं्रकलर इरीगेशन प्रणाली का वितरण किया गया।
ऽ    वर्ष 2010-11 में 55.32 लाख कु0 उन्नत श्रेणी के बीजों का वितरण किया गया जो गत वर्ष की तुलना में 7.13 लाख कु0 अधिक है।
ऽ    कृषकों को रबी में फास्फेटिक उर्वरकों की उपलब्धता समय से कराने के लिए 2010-11 में 6.83 लाख मै0टन फास्फेटिक उर्वरकों की प्री-पोजीशनिंग करायी गयी तथा वर्ष 2011-12 में 10 लाख मै0टन प्री-पोजीशनिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।
ऽ    वर्ष 2010-11 में कुल 30.16 लाख किसान क्रेडिट कार्ड कृषकों के मध्य वितरित किये गये जबकि गत वर्ष से 5.59 लाख किसान के्रडिट कार्ड अधिक वितरित किये गये।
ऽ    राज्य सरकार गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत करने के लिए वर्ष 2008-09 में 15 रूपया प्रति कुन्टल, 2009-10 मंे 25 रूपया प्रति कुन्टल तथा वर्ष 2010-11 में एकमुश्त 40 रूपया प्रति कुन्टल गन्ना मूल्य में अभूतपूर्व वृद्धि की गयी है।
ऽ    पेराई सत्र 2010-11 में राज्य परामर्शित गन्ना मूल्य के आधार रू0 12791.36 करोड़ का भुगतान।
ऽ    खेती-किसानी में सिंचाई की भूमिका अतिमहत्वपूर्ण होने के कारण राज्य सरकार ने लगभग 73,926 किलोमीटर लम्बी नहरों से सृजित 123 लाख हैक्टेयर सिंचन क्षमता के उपयोग के लिए कार्य योजना तैयार की।
ऽ    छोटे-छोटे एवं गरीब लघु एवं सीमान्त कृृषक जो अपने लघु सिंचाई संसाधनों का विकास करने हेतु सक्षम नहीं थे के समूहों के  लिये डा0 भीमराव अम्बेडकर नलकूप योजना तथा डा0 अम्बेडकर सामूहिक नलकूप योजना वर्ष 2007-08 से प्रारम्भ की गयी।
ऽ    वर्ष 2010-11 में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1000 रूपये प्रति कुन्टल की दर से घोषित करते हुए 14.46 लाख मी0टन धान की खरीद सीधे किसानों से की गई। इसी तरह रबी विपणन वर्ष 2011-12 में गेहूं का समर्थन मूल्य 1120 रूपये प्रति कुन्टल घोषित करते हुए 50 रूपये प्रति कुन्टल का अतिरिक्त बोनस प्रदान करके 34.59 लाख मी0टन गेहूं की रिकार्ड खरीद की गयी।
ऽ    धान व गेहूं खरीद में यूपीए सरकार द्वारा पंजाब व हरियाणा की तुलना में उत्तर प्रदेश के साथ भेदभावपूर्ण नीति अपनायी गयी है। जहां पंजाब व हरियाणा में गेहूं की धान की सरकारी खरीद आढ़तियों के माध्यम से की जा रही है, वहीं उत्तर प्रदेश में यह सुविधा भारत सरकार द्वारा उपलब्ध नहीं करायी जा रही है। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा पंजाब एवं हरियाणा में आढ़तियों को कमीशन की प्रतिपूर्ति की जा रही है।
ऽ    यदि गेहूं एवं धान की सरकारी खरीद होने पर व्यय की तुलना की जाये तो यह स्पष्ट हो जायेगा कि गेहूं व धान की खरीद पंजाब एवं हरियाणा की तुलना में उत्तर प्रदेश में होने से विपणन व्यय कम आता है।
ऽ    माननीया मुख्यमंत्री जी ने कृषि क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकि का इस्तेमाल करके विशेष रूप से बुन्देलखण्ड क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ाने व कृषि अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए बांदा में मान्यवर श्री कांशीराम जी कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय की स्थापना की।

इसके विपरीत यू0पी0ए0सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के किसानों के प्रति रवैया यह रहाः-
उत्तर प्रदेश के किसानांे का असली सम्मान तब होता जब केन्द्र सरकार गेहू पर दिये गये 50 रूपये बोनस एवं खाद्यान्न खरीद के  लगभग 1200 करोड़ रूपये बकाया धनराशि का भुगतान करती।
राज्य सरकार ने हरियाणा और पंजाब की दरों के अनुरूप यू0पी0ए0 सरकार से बगैर भेदभाव के खाद्यान्न क्रय करने की मांग की।
यू0पी0ए0 सरकार ने उत्तर प्रदेश की मांग के अनुरूप यूरिया आदि उर्वरकों की आपूर्ति नहीं की। यू0पी0ए0 सरकार ने 01 अप्रैल, 2011 से यूरिया पर 289 रूपये प्रति मैट्रिक टन अतिरिक्त कर लगाकर किसानों की दिक्कत बढ़ाई।

संक्षेप में कहा जा सकता है कि माननीया मुख्यमंत्री जी ने किसानों की समृद्धि व उनके उत्पादों का लाभकारी मूल्य दिलवाने के लिए भी अनेकों नीतिगत फैसले लिये, जिनकेे परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश में खाद्यान्न उत्पादन में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य सरकार ने अपने सीमित संसाधनों के बलबूते पर ऐसे कई महत्वपूर्ण बुनियादी कार्य करते हुए किसानों के हित में ऐसे कई फैसले लिये, जो पिछली सरकारें अपने शासनकाल के दौरान कभी नहीं ले पायीं। इनकेे फलस्वरूप आज उत्तर प्रदेश का किसान सर्वाधिक खुशहाल एवं लाभ की स्थिति में है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा की

Posted on 15 July 2011 by admin

  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने महिलाओं एवं बच्चों के ऊपर होने वाले अपराधों एवं उत्पीड़न तथा आपसी दुश्मनी के कारण कुछ जिलों में हुई हत्याओं की सख्ती से रोकथाम करने के निर्देश दिए
  • मुम्बई सीरियल धमाकों के मद्देनजर प्रदेश में हाई एलर्ट, माननीया मुख्यमंत्री जी ने केन्द्रीय अभिसूचना एजेन्सियों से समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था चाक चैबन्द रखने के निर्देश दिए

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने कल एवं आज लगातार दो दिन अपने सरकारी आवास पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठकों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा की। बैठकों में मंत्रिमण्डलीय सचिव, प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) एवं अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने दोनों दिन की बैठकों में महिलाआंे और बच्चों पर होने वाले अपराधों एवं उत्पीड़न तथा आपसी दुश्मनी के कारण कुछ जिलों में हुई हत्याओं की सख्ती से रोकथाम करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी वर्ग अथवा समुदाय की महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं पर समय से एफ0आई0आर0 दर्ज कराकर असली अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पेचीदा मामलों में अधिकतम 10 दिन के अन्दर अपराधियों की गिरफ्तारी कर कानून के तहत उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलायी जाए। उन्होंने कहा कि कानून से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को कतई नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के साथ कोई घटना होने पर यदि अपराधी 10 दिन के अन्दर गिरफ्तार नहीं होता है, तो कानूनी प्राविधानों के तहत कार्यवाही करते हुए उसके घर की कुर्की आदि की कार्यवाही भी करायी जाए।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने इन दोनों गहन समीक्षा बैठकों में कड़े निर्देश देते हुए कहा कि यदि महिलाओं के साथ होने वाली किसी घटना में पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी अपराधियों से मिलकर घटना को छिपाने, लीपा-पोती करने या सही अपराधी की जगह किसी बेकसूर को फंसाने का प्रयास करते हंै, तो उन्हें तुरन्त निलम्बित किया जाए। पुलिस कर्मी द्वारा किए गए कृत्य की पुष्टि होने पर कानूनी प्रक्रिया अपनाकर उसे नौकरी से भी बर्खास्त किया जाए। इसके अलावा यदि घटना गम्भीर प्रकृति की हो, तो ऐसे पुलिस अधिकारी कर्मचारी को उसकी इस हरकत के लिए आपराधिक धाराओं के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज करते हुए उन्हें जेल भी भेजा जाए। महिलाओं से सम्बन्धित घटनाओं के मामले में दण्डात्मक कार्यवाही की यही प्रक्रिया असली अपराधियों को बचाने वाले डाक्टरों के साथ भी अपनायी जाए।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने इन समीक्षा बैठकों में महिलाओं के आवागमन वाले सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस बल तैनात करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनपद एवं तहसील स्तर के पुलिस अधिकारी पुलिस गश्त पर गहन निगाह रखें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों की संख्या जिस सर्किल क्षेत्र में बढ़ेगी, उस सर्किल के पुलिस उपाधीक्षक पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए दण्डित किया जाए, जिसमें चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए उसकी पदोन्नति रोकी जाए और आवश्यकता पड़ने पर उसे निचले पद पर पदावनत किया जाए। इसी प्रकार यदि किसी जनपद में महिलाओं एवं बच्चियों के साथ अधिक वारदात होती है, तो उस जनपद के डी0एम0/एस0पी0/एस0एस0पी0/डी0आई0जी0 के विरुद्ध पुलिस उपाधीक्षक की तरह ही कार्यवाही की जाए।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने अभी हाल ही में पश्चिम, मध्य एवं पूर्वांचल जोनों के अधिकारियों के साथ प्रत्येक सप्ताह रविवार को शासन स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक किए जाने के निर्देश दिए हैं, जिससे कानून-व्यवस्था के सम्बन्ध में अद्यतन स्थिति की जानकारी के साथ-साथ उसमें अपेक्षित सुधार की कार्यवाही का प्रभावी अनुश्रवण किया जा सकेगा। इन बैठकों में मंत्रिमण्डलीय सचिव, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मंत्रिमण्डलीय सचिव, प्रमुख सचिव गृह, डी0जी0पी0 और विशेष डी0जी0पी0 मौजूद रहेंगे।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने मुम्बई में सीरियल ब्लास्ट की घटना को गम्भीरता से लेते हुए निर्देश दिए हैं कि उत्तर प्रदेश में पूरी चैकसी बरती जाए, ताकि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति प्रदेश में न हो। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि केन्द्र सरकार की अभिसूचना एजेन्सियों से समन्वय स्थापित कर सूचनाओं का आदान-प्रदान प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए, ताकि कहीं भी किसी तरह की चूक न हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अमन-चैन और साम्प्रदायिक सौहार्द का वातावरण बिगाड़ने वालों पर सख्त निगाह रखी जाए तथा समय रहते ही इन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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