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उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी की अध्यक्षता में आज यहां संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-

Posted on 04 November 2011 by admin

  • सहारनपुर जनपद में 1500 किलोवाट क्षमता की खारा लघु जल विद्युत परियोजना की स्थापना का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने उ0प्र0 जल विद्युत निगम लि0 द्वारा जनपद सहारनपुर (उ0प्र0) की तहसील बेहट के अंतर्गत ग्राम बादशाहीबाग के पास 1500 किलोवाट क्षमता के खारा लघु जल विद्युत परियोजना की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

मंत्रिपरिषद ने यह निर्णय प्रदेश में विद्युत की व्यापक समस्या के दृष्टिगत उत्पादन क्षमता में वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया है। उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम लि0 द्वारा खारा लघु जल विद्युत परियोजना का निर्माण कुल अनुमानित लागत रूपए 928 लाख पर किया जाएगा, जिसमें उत्तर प्रदेश शासन द्वारा परियोजना लागत का 30 प्रतिशत अर्थात् 278 लाख रूपए अंशदान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त एम0एन0आर0ई0 (मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी), भारत सरकार की वर्तमान कैपिटल सिब्सडी स्कीम के अंतर्गत अनुदान के रूप में 270 लाख रूपए की धनराशि भी उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम लि0 द्वारा प्राप्त की जाएगी। उक्त धनराशि प्राप्त न होने की स्थिति में निगम द्वारा अपने संसाधनों से अथवा वित्तीय संस्थानों से ऋण लेकर व्यय भार वहन किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम लि0 द्वारा स्वयं के संसाधनों अथवा वित्तीय संस्थानों से ऋण के रूप में 380 लाख रूपए की धनराशि की व्यवस्था भी की जाएगी।
परियोजना की निर्माण अवधि दो वर्ष की होगी और इससे प्रति वर्ष 5.28 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन होगा।

  • सरकारी एवं अर्द्ध सरकारी संस्थाओं द्वारा आवंटित परिसंपत्तियों का आवंटियों के पक्ष में लीज/विक्रय अनुबंध पत्र निष्पादित करने व स्टांप शुल्क से छूट देने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने सरकारी एवं अर्द्ध सरकारी संस्थाओं द्वारा आवंटित परिसंपत्तियों का आवंटियों के पक्ष में लीज/विक्रय अनुबंध पत्र निष्पादित करने व स्टांप शुल्क से छूट देने का निर्णय लिया है।
ऐसे सभी आवंटी जिनके संबंध में छ: माह की अवधि व्यतीत हो चुकी है अथवा दिनांक 31 मार्च, 2012 के पूर्व पूर्ण हो जाएगी, उन्हें स्टांप शुल्क छूट अनुमन्य कराने हेतु समय सीमा को दिनांक 31 मार्च, 2012 तक बढ़ाए जाने का फैसला लिया गया है। लीज/विक्रय के अनुबंध में दिए गए स्टांप शुल्क का विक्रय/लीज का विलेख निष्पादित होने पर समायोजन की व्यवस्था भी की गई है। पुराने आवंटियों को भी अधिसूचना से 06 माह के अंदर निष्पादन कराने पर छूट की सुविधा अनुमन्य की गई है।

  • विकास प्राधिकरणों के कर्मियों को सेवानिवृत्तिक लाभ देने के लिए नियमावलियां अनुमोदित

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के विकास प्राधिकरणों के कर्मियों को सेवानिवृत्तिक लाभ देने के लिए `उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण केंद्रीयित सेवा सेवानिवृत्ति लाभ नियमावली, 2011´ तथा `उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण अकेंद्रीयित सेवा सेवानिवृत्ति लाभ नियमावली, 2011´ को अनुमोदित कर दिया है।

  • वर्ष 2009-10 एवं 2010-11 हेतु भवन लागत सूचकांक अनुमोदित

मंत्रिपरिषद ने वर्ष 2009-10 एवं 2010-11 हेतु भवन लागत सूचकांक के निर्धारण के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। प्रदेश के चार आर्थिक संभागों हेतु वर्ष
2000-01 को आधार वर्ष (मूल्य सूचकांक त्र 100) मानते हुए वर्ष 2009-10 तथा 2010-11  के लिए भवन लागत सूचकांक को निम्नवत् निर्धारित किया गया है :-

क्र0सं0    संभाग    आधार वर्ष 2000-01    वर्ष 2009-10    वर्ष 2010-11
1    2    3    4    5
1.    पूर्वी    100    179.92    190.48
2.    पश्चिमी    100    177.41    187.89
3.    केंद्रीय    100    179.90    191.00
4.    बुंदेलखंड    100    177.58    189.12

मंत्रिपरिषद ने यह भी निर्णय लिया कि इन भवन लागत सूचकांक का प्रयोग केवल अपूर्ण निर्माणाधीन भवन परियोजनाओं की लागत में, सामग्री एवं श्रम की दरों में बढ़ोत्तरी के कारण हुई लागत वृद्धि के आकलन हेतु ही किया जाए।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश में विभिन्न वषोzं में स्वीकृत एवं निर्माणाधीन भवनों की स्वीकृत लागत में निर्माण अवधि के दौरान निर्माण सामग्री एवं श्रमिक की दरों में वृद्धि होने के कारण लागतवृद्धि हो जाती है। निर्माण के दौरान सामग्री एवं श्रमिक दरों में वृद्धि होने के फलस्वरूप निर्माण एजेन्सी द्वारा भी परियोजनाओं की लागत को पुनरीक्षित किए जाने की मांग प्रस्तुत की जाती है। पुनरीक्षित लागत-आगणनों के परीक्षण में मूल्यवृद्धि के सही आकलन हेतु वर्षवार भवन लागत सूचकांक एक सुविधाजनक साधन है, जिससे किसी परियोजना की लागत पर मूल्यवृद्धि के प्रभाव को सरलता से आकलित किया जाना संभव हो पाता है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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माननीया मुख्यमंत्री जी ने मनरेगा के क्रियान्वयन को लेकर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री के पत्र पर सख्त ऐतराज जताया है

Posted on 28 October 2011 by admin

  • केंद्रीय मंत्री की यह कार्यवाही राजनीति से प्रेरित
  • केंद्रीय मंत्री जी को भारत के संविधान में केंद्र एवं राज्यों के बीच वित्तीय बंटवारे के लिए की गई व्यवस्था की जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए
  • मनरेगा में वित्तीय अनियमितताओं के लिए 71 एफ0आई0आर0 दर्ज
  • भ्रष्टाचार की सभी शिकायतों पर राज्य सरकार ने कठोर कार्यवाही की
  • राज्य की एजेिन्सयां भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करने में सक्षम

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने राज्य में मनरेगा के क्रियान्वयन को लेकर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री जयराम रमेश द्वारा लिखे गए पत्र पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा है कि केंद्रीय मंत्री की यह कार्यवाही राजनीति से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि श्री रमेश की मंशा इसी से स्पष्ट हो जाती है कि उनके द्वारा लिखा गया पत्र राज्य सरकार को प्राप्त होने से पहले, मीडिया में जारी कर दिया गया।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने मा0 प्रधानमंत्री जी को आज पत्र लिखकर केंद्रीय मंत्री द्वारा उठाए गए विभिन्न बिंदुओं पर राज्य सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि उन्हें इस मामले पर संवैधानिक जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखने से पहले भारत के संविधान में केंद्र एवं राज्यों के बीच वित्तीय बंटवारे के लिए की गई व्यवस्था की भी जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि  उन्हें यह भी मालूम होना चाहिए कि मनरेगा जैसी तमाम योजनाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी गई धनराशि राज्यों द्वारा ही प्राप्त राजस्व से ही निर्धारित मानकों के आधार पर आवंटित की जाती है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने अपने पत्र में लिखा है कि केंद्रीय मंत्री के पत्र से स्पष्ट है कि, उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर केंद्रीय मंत्री द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद तथा तथ्यों से परे है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वषोzं में मनरेगा को लागू करने में उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों से काफी आगे रहा है। उन्होंने कहा कि इस तथ्य की जानकारी भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर भी प्राप्त की जा सकती है। पारिवारिक आच्छादन, रोजगार सृजन करने तथा खर्च के मामले में राज्य सरकार की प्रगति काफी अच्छी है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम मजदूरी तय करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि मजदूरी जॉब कार्ड धारक को ही पहुंचे, इस नियत से वर्ष 2008 से जॉब कार्डधारकों की मजदूरी bank/डाक घर में खोले गए उनके खातों में भेजी जा रही है। इसके अलावा लगभग तीन चौथाई धनराशि का खर्च ग्राम पंचायतों द्वारा किया जा रहा है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा मनरेगा में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही न करने के आरोप का जवाब देते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार को कतई बर्दास्त नहीं करती। उन्होंने कहा कि बी0एस0पी0 की स्थापना ही भ्रष्टाचार तथा राजनीति में अपराधीकरण के खिलाफ हुई है और बी0एस0पी0 सरकार शुरू से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि  भ्रष्टाचार की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाती है चाहे वो कितना बड़ा व्यक्ति क्यों न हो। नेशनल लेवल मॉनीटर (एन0एल0एम0) की चर्चा करते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सच्चाई तो यह है कि मनरेगा लागू होने से अब तक राज्य सरकार को एन0क्यू0एम0 की 67 report प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इसमें से 49 मामलों में राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही (ए0टी0आर0) की report भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय को भेज दी गई और शेष मामलों में विभिन्न स्तरों पर कार्यवाही की जा रही है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके अतिरिक्त अब तक 18 प्रथम श्रेणी के, 13 द्वितीय श्रेणी के तथा 43 तृतीय श्रेणी के अधिकारियों के साथ-साथ 236 फील्ड लेवल कर्मचारियों के विरूद्ध निलंबन तथा अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई। वित्तीय अनियमितताओं के मामले में 71 एफ0आई0आर0 दर्ज की गई। इसके अलावा 53.97 लाख रुपए की धनराशि वसूली गई है तथा 131 लाख रुपए की वसूली की कार्यवाही प्रगति पर है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने उन 07 जनपदों, जिनका उल्लेख श्री रमेश ने अपने पत्र में किया है, में की गई कार्यवाही का ब्यौरा देते हुए कहा कि 06 मुख्य विकास अधिकारियों, 08 परियोजना निदेशकों, 30 खंड विकास अधिकारियों तथा 52 फील्ड स्तरीय अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही शुरु की गई। इसके अलावा 01 अधीक्षण अभियंता, 01 डी0एफ0ओ0, 04 अधिशासी engineer, 03 सहायक अभियंता, 16 अवर अभियंता तथा 28 ग्राम प्रधानों के विरूद्ध भी कार्यवाही शुरु करते हुए 10 एफ0आई0आर0 दर्ज करायी गई है। इसी के साथ 02 जिलाधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही विचाराधीन है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि श्री रमेश ने अपने पत्र में राज्य सरकार द्वारा स्टेट क्वालिटी मॉनीटर्स (एस0यू0एम0) नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू करने की सराहना की है और कहा है कि इससे योजना को विशेष रूप से फील्ड में सही एवं उचित ढंग से लागू करने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि अभी कुछ माह पूर्व ही भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय ने श्री प्रदीप भार्गव की अध्यक्षता में फील्ड निरीक्षण के लिए एक समिति भेजी थी। समिति ने व्यापक एवं सघन रूप से फील्ड निरीक्षण किया और राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों एवं लिए गए निर्णयों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस समिति की report को भी देखा जा सकता है। श्री रमेश ने चित्रकूट में काम करने वाले एक एन0जी0ओ0 से वार्ता करके तथा  केवल 07 जनपदों के कुछ मामलों के आधार पर पूरे प्रदेश के मामले में गलत धारणा बना ली और शायद उन्हें स्मरण नहीं है कि अब उत्तर प्रदेश में 75 जनपद हैं।
केंद्रीय मंत्री श्री जयराम रमेश द्वारा मनरेगा के लिए राज्य सरकार के बजट को रोकने की दी गई धमकी का उल्लेख करते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इससे साफ़ जाहिर है कि श्री जयराम रमेश को भारतीय संविधान में संघीय व्यवस्था के तहत वित्तीय अधिकारों की जानकारी का अभाव है। संभवत: यह समझते हैं कि केंद्रीय परियोजनाओं के लिए सहायता जारी करना केंद्र का पूरा अधिकार है। श्री जयराम रमेश जी द्वारा एन0आर0एच0एम0 से मनरेगा की तुलना करना कहां तक उपयुक्त है। इससे स्पष्ट है कि उन्हें रूल ऑफ business का ज्ञान नहीं है। उन्हें मालूम होना चाहिए कि प्रत्येक मंत्रालय अपने निर्णय स्वतंत्र रूप से लेता है। उन्होंने कहा कि एन0आर0एच0एम0 से ग्रामीण विकास मंत्रालय का कुछ भी लेना-देना नहीं है। उन्होंने मनरेगा की सी0बी0आई0 से जांच कराने का सुझाव दिया है, लेकिन शायद वे समझते हैं कि राज्य सरकार के पास अपनी कोई एजेन्सी नहीं है जो आवश्यकता पड़ने पर इस प्रकार की जांच कर सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की एजेिन्सयां भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करने में सक्षम है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने अपने पत्र में मा0 प्रधानमंत्री जी को यह भी अवगत कराया है कि पूर्व में उनकी सरकार ने मनरेगा के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर कठोर कार्यवाही की है और श्री रमेश द्वारा इंगित मामलों को भी संज्ञान में लिया जा रहा है। बलरामपुर, गोंडा, मिर्जापुर तथा महोबा जनपदों की वित्तीय अनियमित्ताओं की जांच ई0ओ0डब्ल्यू0 से कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। इसके अलावा एक गैर सरकारी संस्था उत्तर प्रदेश सहकारी निर्माण एवं विकास लिमिटेड के कार्यों की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर इसकी भी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अनियमिताओं के मामले में वे तेजी से जांच करें और इसके लिए जो भी जिम्मेदार हों उनके विरूद्ध कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही उपलब्ध धनराशि का 60 प्रतिशत से अधिक धनराशि खर्च कर लिया है और दूसरी किश्त के लिए आवश्यक अभिलेखों के साथ मांग प्रेषित की गई है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने माननीय प्रधानमंत्री जी से अनुरोध किया है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करके धनराशि को समय से अवमुक्त कराने की पहल करें ताकि योजना का समय से क्रियान्वयन हो सके। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों को नियमानुसार रोजी-रोटी उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य दोनों को एक साथ खड़े होना चाहिए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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माननीया मुख्यमंत्री जी ने 12वीं पंचवर्षीय योजना के दृष्टिकोण पत्र पर राज्य सरकार का मत रखते हुए गरीबी, बेरोज़गारी तथा क्षेत्रीय विषमताओं जैसे ज्वलन्त मुद्दों को एक बड़ी चुनौती मानते हुए इसके समाधान के लिए पुख्ता उपाय किये जाने पर जोर दिया

Posted on 22 October 2011 by admin

पिछड़े क्षेत्रों के विकास एवं समाज के उपेक्षित, कमजोर एवं दलित वर्गो को विकास की मुख्य धारा में लाये बगैर लक्ष्यों को प्राप्त करना मुश्किल - माननीया मुख्यमंत्री जी
संसाधनों का आवंटन दलगत राजनीति से ऊपर उठकर करने पर ही समतामूलक विकास सम्भव
उत्तर प्रदेश के लिए केन्द्र सरकार उर्वरकों का अतिरिक्त आवंटन शीघ्र करें
राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने बारहवीं पंचवर्षीय योजना के दृष्टिकोण पत्र पर मा0 प्रधानमंत्री डा0 मनमोहन सिंह जी की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सम्पन्न हुई राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में राज्य सरकार का मत रखते हुए कहा है कि गरीबी, बेरोज़गारी तथा क्षेत्रीय विषमताओं जैसे ज्वलन्त मुद्दों को एक बड़ी चुनौती मानते हुए इसके समाधान के लिए पुख्ता उपाय किये जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को सरल तथा पारदर्शी बनाया जाये, तभी योजनाओं का अपेक्षित लाभ लक्षित वर्ग तक पहॅुच सकेगा।
माननीया मुख्यमंत्री जी के प्रतिनिधि के रूप में प्रदेश के संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री श्री लाल जी वर्मा ने उनके इस वक्तव्य को राष्ट्रीय विकास परिषद के समक्ष पेश किया। सुश्री मायावती जी ने कहा है कि ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में भी इनक्लूसिव ग्रोथ (समावेशी विकास) के लक्ष्य रखे गये थे, लेकिन इन्हें प्राप्त नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि जब तक पिछड़े क्षेत्रों के विकास एवं समाज के उपेक्षित, कमजोर एवं दलित वर्गो को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के ठोस उपाय केन्द्र द्वारा नहीं किये जायेगें, तब तक लक्ष्यों को प्राप्त करना मुश्किल होगा। उन्होंने संसाधनों का आवंटन दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किये जाने पर जोर देते हुए कहा कि तभी समतामूलक विकास के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है।
बारहवीं पंचवर्षीय योजना में 9 प्रतिशत विकास दर रखे जाने का सुझाव देते हुए सुश्री मायावती जी ने कहा कि इस दिशा में गम्भीर प्रयास किये जाने चाहिए। इसके लिए उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में विकास की दर में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की विकास दर, जो दसवीं पंचवर्षीय योजना काल मंे 5.2 प्रतिशत थी, वह ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान प्र्राकृतिक आपदाओं, विश्वव्यापी मंदी इत्यादि कठिनाईयों के बावजूद बढ़कर 7.4 प्रतिशत होने का अनुमान है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की राजकोषीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और विगत पाॅच वर्षों से उत्तर प्रदेश निरन्तर राजस्व बचत की स्थिति में है। जिसके फलस्वरूप स्वयं के कर-राजस्व में औसतन 18 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों के आधार पर वेतन, भत्ते एवं पेंशन के पुनरीक्षण से बढ़े व्ययभार तथा मन्दी के कारण राजस्व पर पड़े कुप्रभाव के बावजूद, राजकोषीय घाटे को कम करके वर्ष 2010-11 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद के 2.9 प्रतिशत पर लाया गया है।
योजना आयोग के हवाले से प्रेस में आयी रिपोर्टो में गरीबी-रेखा को नये ढंग से परिभाषित करने पर सुश्री मायावती जी ने कहा कि गरीबी-रेखा के निर्धारण की प्रक्रिया का उद्देश्य बनावटी तस्वीर पेश करना नहीं होना चाहिये। उन्होंने कहा कि इसका सीधा प्रभाव समाज के गरीब एवं असहाय वर्गों पर पड़ेगा और वे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि गरीबी-रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों की संख्या का निर्धारण करने के लिए केन्द्र द्वारा पहले से संख्या का प्रतिबन्ध लगाया जाना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय पर आधारित नीति के अंतर्गत गरीब परिवारों के हितों की रक्षा को अपनी नीति का केन्द्र बिन्दु बनाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा भरण पोषण भत्ते, पेंशन की सुविधा से वंचित गरीब परिवारों को राहत देने के लिये उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना संचालित की गयी है। योजना में चयनित गरीब परिवार की महिला मुखिया को 400 रूपये प्रति माह की दर से नकद सहायता धनराशि दिये जाने की व्यवस्था की गई है और अभी तक 26.58 लाख परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।
डा0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना की चर्चा करते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके माध्यम से दलित-बाहुल्य ग्रामों में सम्पर्क मार्ग, आवास, सफाई-कर्मी सहित सी0सी0 रोड एवं पक्की ड्रेन, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक केन्द्र तथा कृषि भूमि आवंटन जैसी मूलभूत सुविधाएॅ उपलब्ध करायी जा रही है। शहरों में अनाधिकृत मलिन बस्तियों का नियमितीकरण करते हुए गरीब परिवारों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना के तहत सर्वसमाज की निराश्रित महिलाओं, विकलांगों एवं बी0पी0एल0 परिवारों को पिछले दो वर्षो में लगभग डेढ़ लाख आवास निर्मित कर निःशुल्क आवॅटित किये गये हैं। नगरीय क्षेत्रों में ही मलिन बस्तियों के चैमुखी विकास हेतु मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी दलित-बाहुल्य बस्ती समग्र विकास योजना लागू की गयी है। इसके तहत प्रथम चरण में 250 बस्तियों को आच्छादित किया गया है। उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के लाभार्थियों तथा बी0पी0एल0 कार्ड-धारकों को न्यायालय में अपने वादों की पैरवी करने हेतु सरकारी अधिवक्ता की निःशुल्क सेवाएॅ प्रदान की जा रही है। सभी वर्गों के असहाय वृद्धों, विकलांगों तथा निराश्रित महिलाओं को बिना किसी भेदभाव के पेंशन दिये जाने की व्यवस्था की गयी है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बालिकाओं के घटते अनुपात तथा भ्रूण हत्या की घटनाओं के रोकथाम एवं बालिकाओं को आत्म-निर्भर बनाने की दृष्टि से महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना शुरू की गयी है। इसके तहत अभी तक लगभग 4.50 लाख बालिकायें लाभान्वित हो चुकी हैं। बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना के अन्तर्गत कक्षा 11 व 12 में प्रवेश लेने वाली तथा इसी प्रकार आई0टी0आई0, पाॅलिटेकनिकों एवं मदरसों में दाखिला लेने वाली बालिकाओं को नगद सहायता-राशि के साथ-साथ एक साईकिल दी जा रही है।
अवस्थापना सुविधाओं केे विकास में निजी क्षेत्र की सहभागिता को अपनी नीति का अंग बताते हुए सुश्री मायावती जी ने कहा कि लगभग एक लाख इक्हत्तर हजार करोड़ रूपये की परियोजनायें पी0पी0पी0 पद्धति पर कार्यान्वित किये जाने के विभिन्न चरणों में है। प्रदेश में यमुना एक्सप्रेस-वे तथा गंगा एक्सप्रेस-वे जैसी वृहद परियोजनायें पी0पी0पी0 के आधार पर ली गई हैं। इलाहाबाद में प्रयागराज पावर प्रोजेक्ट (3ग660 मेगावाट) एवं संगम पावर प्रोजेक्ट (2ग660 मेगावाट) निजी विकासकर्ता के माध्यम से क्रियान्वित किये जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त विद्युत पारेषण के क्षेत्र में 10,000 करोड़ रूपये की दो परियोजनायें (765/400 के.वी.) निजी क्षेत्र की सहभागिता से कराने के लिये अनुबन्ध किये गये है। साथ ही दो राजमार्गो के सुधार की 2072 करोड़ रूपये की परियोजनाओं के लिये प्राईवेट पार्टनर से अनुबन्ध निष्पादित हो चुका है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने गम्भीर प्रयास किये हैं, जिसके फलस्वरूप विगत चार वर्षों में 2,050 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन होने लगा है तथा 12वीं पंचवर्षीय योजना में 25,000 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता स्थापित करने हेतु पूरी तैयारी कर ली गई है। इसमें से 14,960 मेगावाट के विकास हेतु विद्युत क्रय अनुबन्ध कम्पनियों के साथ हस्ताक्षरित किये जा चुके है। केस-1 बिडिंग प्रक्रिया के माध्यम से 2,756 मेगावाट विद्युत क्रय करने हेतु बिडर का चयन करके आशय-पत्र जारी किये गये है। उन्होंने कहा कि केस-2 बिडिंग प्रणाली के अंतर्गत 3,300 मेगावाट क्षमता की दो परियोजनाओं के लिये बिडिंग प्रक्रिया चल रही है।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि नई विद्युत परियोजनाओं के लिये ईंधन की व्यवस्था केन्द्र सरकार के कोयला मंत्रालय द्वारा की जानी है, लेकिन कोयला मंत्रालय का रूख सकारात्मक नहीं रहा है। उत्तर प्रदेश को अभी तक मात्र एक ही कोल ब्लाॅक आंशिक रूप से आवंटित हुआ है, जबकि कई छोटे राज्यों को अधिक संख्या में कोल ब्लाॅक आवंटित है। इस प्रकार राज्य के साथ न्याय नहीं किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा 6 नये कोल ब्लाॅकों के आवंटन हेतु कोयला मंत्रालय को प्रार्थना-पत्र दिये गये है, लेकिन अभी तक आवंटन नही किया गया है।
उत्तर प्रदेश के साथ भेदभाव किये जाने का बिन्दु उठाते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 1000 अथवा अधिक जनसंख्या वाली सभी बस्तियों को सम्पर्क मार्गो से जोड़ने की उपलब्धि का परिणाम यह हो रहा है कि 1000 से कम जनसंख्या वाली बस्तियों को सम्पर्क मार्ग से जोड़ने तथा पूर्व निर्मित मार्गों के सुदृढ़ीकरण की परियोजनाएं केन्द्र द्वारा स्वीकृत नही की जा रही हैं। इस सम्बन्ध में यह तर्क दिया गया है कि अन्य राज्यों में अभी 1000 से अधिक जनसंख्या वाले ग्राम/मजरें नहीं जोड़े जा सके है, जबकि कुछ अन्य राज्यों में ऐसी परियोजनायें ले ली गयी हैं। दूसरी तरफ, राजीव गाॅधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत राज्य द्वारा एक लाख से अधिक गैर-विद्युतीकृत मजरो के विद्युतीकरण की परियोजनायें प्रस्तुत की गई, लेकिन अभी तक इनकी स्वीकृति नहीं दी गयी है। जबकि अन्य राज्यों में मजरों के विद्युतीकरण करने की स्वीकृति दे दी गयी है। ं
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नक्सल प्रभावित जनपदों में विकास कार्यो हेतु केन्द्र सरकार द्वारा 60 ज़िलों को चयनित किया गया है। इन जिलों में उत्तर प्रदेश का मात्र एक जनपद सोनभद्र लिया गया है, जबकि जनपद चन्दौली एवं मिर्जापुर भी नक्सलवाद से प्रभावित है तथा भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित योजनाओं से आच्छादित भी हैं। उन्होंने इन दोनों जनपदों को भी सोनभद्र की भांति आच्छादित करने की मांग की।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा दिसम्बर, 2009 में उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए 3506 करोड़ रूपये का पैकेज घोषित किया और इसमें अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता के रूप में केवल 1596 करोड़ रूपये की ही व्यवस्था की गई है। शेष धनराशि पूर्व संचालित केन्द्र पुरोनिधानित योजनाओं से प्राप्त किये जाने की व्यवस्था की गई है। सम्बन्धित मंत्रालयों द्वारा अपनी योजनाओं में अतिरिक्तता के रूप में धनराशि नहीं दी जा नहीं है। इस प्रकार पैकेज सिमट कर 1596 करोड़ तक सीमित हो गया है। उन्होंने पुनः दोहराया कि बुन्देलखण्ड तथा पूर्वांचल जैसे अति पिछड़े क्षेत्रों के त्वरित विकास के लिए अस्सी हजार करोड़ रूपये के विशेष आर्थिक सहायता पैकेज की कोई धनराशि केन्द्र ने अभी तक नहीं दी है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उच्च विकास दर के बावजूद किसान की स्थिति बदहाल है। कृषि उपज में तेजी से वृद्धि नहीं हो रही है और न ही किसान को उसकी उपज का लाभकारी मूल्य मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को नई तकनीक उपलब्ध करवाने, अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार, विपणन समर्थन तथा रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करते हुए कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए बारहवीं पंचवर्षीय योजना काल के दौरान कृषक परिवारों की शुद्ध आय में कम से कम दो-गुना वृद्धि किये जाने का संकल्प लिया जाना चाहिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने केन्द्र से किसानों को उनकी मांग के अनुसार समय से उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग करते हुए कहा कि किसानों को डी0ए0पी0 तथा यूरिया जैसे उर्वरक सुलभ कराने का मुख्य दायित्व केन्द्र सरकार का है। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश को प्रतिवर्ष उर्वरकों की मांग के अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित नही होती। वर्तमान वर्ष में भी मांग के सापेक्ष उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की जा रही है। उन्होंने केेन्द्र से किसानों को उनकी मांग के अनुसार समय से उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने डीजल के दामों में कमी करने का आग्रह किया, क्योंकि किसानों के पास डीजल आधारित पम्प सेट से सिंचाई करने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने विद्युत आपूर्ति में सुधार तथा नलकूपो के लिए बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु स्वतंत्र फीडर लाइन बनाने की योजना के वित्त पोषण में केन्द्र द्वारा राज्यों को अपेक्षित सहयोग प्रदान करने पर बल दिया।
सुश्री मायावती जी ने उत्तर प्रदेश के अनुुदानित विद्यालयों को राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत आच्छादित न किये जाने का बिन्दु रेखांकित करते हुए अपेक्षा की कि इन विद्यालयों को तत्काल आच्छादित करने की व्यवस्था की जाये तथा हाई-स्कूलों के साथ-साथ इण्टरमीडिएट कक्षाओं को भी यथाशीघ्र अभियान से आच्छादित किया जाये। सामान्य शिक्षा को भी रोज़गारपरक बनाने तथा व्यावसायिक शिक्षा को विभिन्न पाठ्यक्रमों का अभिन्न अंग बनाते हुए विद्यार्थियों को विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्राप्त करने के अवसर सुलभ कराया जायें।
प्रदेश के पूर्वी तथा तराई क्षेत्र के जिलों में ए0ई0एस0/जापानी इन्सेफ्लाइटिस बीमारी की रोकथाम हेतु समय से टीकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल देते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ए0ई0एस0 की रोकथाम के लिए टीके की खोज की जाये। इस गम्भीर समस्या के समाधान हेतु केन्द्र सरकार को मुख्य भूमिका निभानी चाहिए। इन बीमारियों से जो बच्चे स्थायी रूप से विकलांग हो जाते हैं, उनके जीविकोपार्जन के लिए उन्होंने विशेष कार्यक्रम चलाये जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने महानगरों में पब्लिक परिवहन को सुलभ बनाने के लिये मैट्रो रेल परियोजनाओं के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की परियोजनाओं में भारत सरकार द्वारा कम से कम 20 प्रतिशत इक्विटी दिये जाने का बिन्दु रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की इक्विटी भारत सरकार द्वारा दिल्ली व कुछ अन्य शहरों को दी गई है। उन्होंने निजी क्षेत्र की परियोजनाओं में केन्द्र सरकार द्वारा अनुमन्य 20 प्रतिशत वाॅयबिलिटी गैप फण्ंिडग को बढ़ाकर एक तिहाई किये जाने की माॅंग की।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने केन्द्र पुरोनिधानित योजनाओं की संख्या तथा उन्हें आवंटित परिव्यय में कमी करते हुए प्रदेश सरकारों को मिलने वाली सामान्य केन्द्रीय सहायता में वृद्धि करने का अनुरोध किया। उन्होंने केन्द्र पुरोनिधानित योजनाओं के मामले में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना तथा पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के अंतर्गत अपनायी गयी पद्धति को अपनाये जाने पर बल दिया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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माननीया मुख्यमंत्री जी ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की

Posted on 22 October 2011 by admin

  • राज्य सरकार कानून द्वारा कानून का राज की नीति पर चल रही है
  • पुलिस एवं पी0ए0सी0 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विभिन्न प्रकार के भत्तों में बढ़ोत्तरी की घोषणा
  • आरमोरर, बिगुलर, नदी पुलिस, घुड़सवार पुलिस तथा बैंड पुलिस कर्मियों को भी विशेष वेतन/भत्ता दिये जाने पर विचार
  • राज्य सरकार ने प्रदेश पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए जारी की पांच अरब सत्रह करोड़ रूपये की धनराशि
  • राज्य सरकार शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों के कल्याण के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है -माननीया मुख्यमंत्री जी

cm-photo-2उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने आज यहां पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर अपने कर्तव्यपालन के दौरान शहीद हुए पुलिस कर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हमारे वीर शहीदों ने अपने सर्वाेच्च बलिदान और त्याग से उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग, दोनों का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उनके परिवार के सदस्यों के कल्याण तथा सुख-सुविधा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के लिए हमेशा तत्पर रहेगी।
सरकार शहीद पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए कटिबद्ध है और इस दिशा में तमाम निर्णय लिए गए हैं। पिछलें एक साल के दौरान अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए शहीद 35 पुलिस कर्मियों के आश्रितों को राज्य सरकार ने 03 करोड़ 43 लाख 05 हजार रुपये की अनुग्रह धनराशि प्रदान की है। इसके अलावा ड्यूटी के दौरान दिवंगत हुए पुलिस कर्मियों के 317 आश्रितों को आरक्षी, 149 को चतुर्थ श्रेणी, 179 को उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं 26 को उपनिरीक्षक (एम)/आशुलिपिक के पद पर नौकरी दी गयी है।
पुलिस बल के सदस्यों के लिए स्थापित कल्याण निधि में राज्य सरकार द्वारा दी गई धनराशि की जानकारी देते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस निधि में एक करोड़ पचास लाख रूपये का अनुदान दिया गया है तथा ‘‘चिकित्सा प्रतिपूर्ति मद’’ में प्रदेश के 778 पुलिस कर्मियों को छः करोड़ अड़तालिस लाख एक सौ पैंतालिस  रूपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने हेतु ‘‘सुख-सुविधा निधि’’ के अन्तर्गत जनपद/इकाईयों को एक करोड़ अठ्ठानवे लाख तैंतीस हजार नौ सौ रूपये का अनुदान भी दिया है। इसके अलावा पुलिस कर्मियों व उनके आश्रितों तथा सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों के कल्याण में कोई कमी न रहे, इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए उन्हें विभिन्न निधियों एवं बीमा योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी गयी है। पुलिस कर्मियों के 4,239 पेंशन सम्बन्धी मामलों का निस्तारण शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर किया गया है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारी सरकार ने ‘‘वीरता और सेवाभावना’’ से काम करने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मानित करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए इस वर्ष 51 पुलिस कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह तथा 179 पुलिस कर्मियों को सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह प्रदान किया है। इसके अलावा साहसी और सराहनीय कार्य करने वाले 29 उपनिरीक्षकों को निरीक्षक, 10 मुख्य आरक्षियों को उपनिरीक्षक तथा 64 आरक्षियों को मुख्य आरक्षी पद पर आउट आॅफ टर्न प्रोन्नति भी दी गयी है। पुलिस कर्मियों की आवासीय समस्याओं से वर्तमान सरकार पूरी तरह अवगत है और इसके समाधान के लिए तत्परता से प्रयास कर रही है। इस वर्ष पुलिस कर्मियों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराये जाने हेतु 252 आवासीय भवनों का निर्माण कराया गया है। साथ ही, 20 थानों के प्रशासनिक भवन व 05 महिला थानों के भवन भी निर्मित कराये गये हैं।
पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विभिन्न प्रकार के भत्तों में बढ़ोत्तरी करने  एवं अन्य विसंगतियों को दूर करने के फैसलों की जानकारी देते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके तहत पी0ए0सी0 के सेना नायक को 1600 रूपये, उप सेनानायक/अपर पुलिस अधीक्षक, सहायक सेना नायक/स्टाफ आफिसर, शिविरपाल को 600 रूपये, दलनायक को 400 रूपये, सूबेदार मेजर, सूबेदार शिविरपाल को 250 रूपये, प्लाटून कमाण्डर एवं. नायक को 200 रूपये, मुख्य आरक्षी एवं लान्स नायक को 150 रूपये एवं आरक्षी तथा समकक्ष को 100 रूपये प्रतिमाह का भत्ता स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा पौष्टिक आहार भत्ता के रूप में अपर पुलिस अधीक्षक से उप निरीक्षक एवं लिपिकीय संवर्ग को 600 रूपये, हेड कांस्टेबल एवं कान्सटेबल को 750 रूपये तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को 650 रूपये प्रतिमाह स्वीकृत किया गया है।
इसी प्रकार नक्सल क्षेत्र भत्ता के सम्बन्ध में घोषणा करते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने बताया कि इसकेे तहत उप सेना नायक एवं अपर पुलिस अधीक्षक को 450 रूपये तथा सहायक सेना नायक से चतुर्थ श्रेणी कर्मियों तक को वर्तमान में अनुमन्य धनराशि का डेढ़ गुना प्रतिमाह स्वीकृत किया गया है। इसी के साथ एस0टी0एफ0व ए0टी0एस0 में कार्यरत अपर पुलिस महानिदेशक से पुलिस उपाधीक्षक तक के अधिकारियों को, उनके मूल वेतन का 15 प्रतिशत अधिकतम 7500 रूपये प्रतिमाह का ‘‘भत्ता’’ स्वीकृत किया गया है। निरीक्षक से चतुर्थ श्रेणी कर्मियों तक को उनके मूल वेतन का 15 प्रतिशत, अधिकतम 6,500 रूपये प्रतिमाह प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। विशेष अनुसंधान दल के अपर पुलिस महानिदेशक से फालोअर तक के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को, उनके मूल वेतन का 10 प्रतिशत, अधिकतम 6,500 रूपये का भत्ता प्रतिमाह प्रदान करने का फैसला लिया है। इतना ही नहीं वर्तमान सरकार ने अपराध शाखा, अपराध अनुसंधान विभाग, भ्रष्टाचार निवारण संगठन, आर्थिक अपराध अनुसंधान विभाग, सतर्कता अधिष्ठान, अभिसूचना विभाग, सुरक्षा शाखा, विशेष जांच शाखा में पुलिस अधीक्षक से आरक्षी चालक तक के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को उन्हे वर्तमान में देय विशेष वेतन एवं विशेष सेवा भत्ता के योग की 04 गुना धनराशि को विशेष वेतन के नाम से प्रतिमाह स्वीकृत किया है।
इसी प्रकार वर्दी अनुरक्षण भत्ते के तौर पर पी0पी0एस0 अधिकारियों को 300 रूपये एवं अराजपत्रित अधिकारियों को 150 रूपये प्रतिमाह स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के कार्मिकों को, भर्ती के समय 6000 रूपये एवं प्रत्येक 05 वर्ष पर 6000 रूपये का वर्दी भत्ता स्वीकृत किया गया है। पुलिस विभाग के समस्त हेड कांस्टेबल/समतुल्य पद एवं कान्सटेबल/समतुल्य पद पर प्रथम बार भर्ती के समय 4,800 रूपये एवं प्रतिवर्ष 1800 रूपये का वर्दी प्रतिपूर्ति भत्ता देने का भी फैसला लिया है। इसी के साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को वर्दी भत्ता प्रथम बार 4000 रूपये एवं वर्दी नवीनीकरण भत्ता 1200 रूपये प्रतिवर्ष स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा आरक्षी चालको के लिए 300 रूपये प्रतिमाह चालन भत्ता स्वीकृत किया गया है।
इस अवसर पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आरमोरर, बिगुलर, नदी पुलिस, घुड़सवार पुलिस तथा बैंड पुलिस कर्मियों को भी विशेष वेतन/भत्ता दिये जाने पर विचार किया जा रहा है तथा शीघ्र ही इस सम्बन्ध में फैसला लिया जायेगा। इसके अलावा पुलिस बल के राजपत्रित एवं अराजपत्रित अधिकारियों व कर्मचारियों, उनके आश्रितों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों व उनके परिजनों को उत्तर प्रदेश सचिवालय कर्मियों की तरह संजय गांधी पोस्ट ग्र्रेजुएट चिकित्सा संस्थान, लखनऊ में कैश-लेस व्यवस्था के तहत ‘‘चिकित्सा सुविधा’’ दिये जाने का भी निर्णय लिया गया है।
पुलिस को सुदृढ़ बनाने के लिए उठाये गये कदम की जानकारी देते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ने पुलिस बल में रिक्त पदों पर भर्ती एवं पदोन्नति के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था लागू की है, जिसके अन्तर्गत उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड का गठन किया गया है। इस बोर्ड द्वारा 35,844 आरक्षियों के चयन की कार्यवाही पूर्ण की गयी है। उत्तर प्रदेश पुलिस में निष्पक्षता से हुई भर्ती के इस कार्य की सराहना पूरे देश में हुई है। उन्होंने बताया कि इन आरक्षियों का 09 माह का आधारभूत प्रशिक्षण नवम्बर, 2011 में पूरा हो जाएगा। इसके अलावा, 40,290 आरक्षियों, 3,698 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस तथा 312 प्लाटून कमाण्डरों की भर्ती प्रक्रिया एवं रैंकर उपनिरीक्षक पद पर 5,389 रिक्तियों के सापेक्ष पदोन्नति की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।
वर्तमान सरकार ने अपराधियों से निपटने के लिए पुलिस के संसाधनों में बढ़ोत्तरी करने हेतु ठोस कदम उठाये हैं। इसके तहत राज्य सरकार ने प्रदेश पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए पांच अरब सत्रह करोड़ रूपये की धनराशि जारी की है। यह धनराशि उपकरणों, अस्त्र-शस्त्र, संचार व दंगा निरोधक उपकरणों, सुरक्षा व प्रशिक्षण सम्बन्धी उपकरणों तथा वाहनों को क्रय करने के लिए व्यय की जायेगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से बेहतर ढंग से निपटने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स की तर्ज पर प्रदेश में रैपिड रिस्पांस फोर्स को गठित और सुसज्ज्ति किया है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश की जनता को अन्यायमुक्त, अपराधमुक्त, भयमुक्त, भ्रष्टाचारमुक्त तथा विकासयुक्त वातावरण देने का संकल्प लिया है तथा राज्य में विकास का माहौल एवं अमन-चैन कायम रखने को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गयी है। उन्होंने पुलिस कर्मियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें, अपराधियों में कानून का भय व्याप्त हो तथा सर्वसमाज के सभी वर्गों, खासतौर पर गरीब, कमजोर और दबे-कुचले वर्गाें के पीड़ित लोगों को पूरी सुरक्षा और न्याय मिले। इसके लिए हमारी सरकार ने पुलिस प्रशासन को यह स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ एवं चुस्त-दुरूस्त बनाए रखने के लिए समाज में शान्ति व्यवस्था के लिए खतरा बने आपराधिक तत्वों को, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उनके विरूद्ध पुलिस पूरी जिम्मेदारी के साथ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करे। वर्तमान सरकार द्वारा इस दिशा में किये गये प्रयासांे के बेहतर नतीजे सामने आये हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार शुरू से ही हर मामले में ‘‘कानून द्वारा कानून का राज’’ की नीति पर चल रही है। उन्होंने कहा कि अपनी कार्यकुशलता के कारण राज्य पुलिस बल ने पिछलें एक वर्ष में कई सराहनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं।
प्रदेश पुलिस द्वारा गत वर्ष आत्म रक्षा में की गयी कार्यवाही की जानकारी देते हुए  माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 10 हजार रूपये से लेकर 50 हजार रूपये तक के 18 इनामी अपराधी मुठभेड़ में मारे गये तथा 150 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें ऐसे अपराधी भी शामिल हैं, जिन पर 50 हजार रूपये से लेकर ढाई लाख रूपये तक का इनाम घोषित था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सर्वसमाज की महिलाओं पर होने वाले अत्याचार की घटनाओं को बेहद गम्भीरता से लेती है। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि पुलिस की सक्रियता के फलस्वरूप इस वर्ष महिलाओं के विरूद्ध अपराधों में कमी आयी है। साथ ही जनता की सूझ-बूझ व हमारी सरकार के प्रयासों की बदौलत प्रदेश में पूरी तरह साम्प्रदायिक सौहार्द व अमन-चैन का माहौल बना हुआ है। उन्होंने इसके लिए प्रदेश की जनता के साथ-साथ पुलिस व प्रशासनिक तंत्र को बधाई दी।
प्रदेश के कुछ जिले, जो पहले से ही नक्सलवाद से प्रभावित चले आ रहे हैं, वहां इस समस्या से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की गयी है जिससे जनमानस में प्रशासन व सरकार के प्रति विश्वास की भावना बढ़ी है और नक्सलवाद से प्रभावित इलाकों के सभी गांवों में विकास कार्याें को तेज करने के लिए वर्तमान सरकार ने इन गांवों को ’’डाॅ0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना’’ के अन्तर्गत शामिल किया है, जहां स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल, पट्टा वितरण, पेंशन, राशन वितरण सहित विकास व जनहित की तमाम सुविधाएं प्राथमिकता पर लोगों तक पहुंचाने की कार्यवाही की जा रही है। इस दिशा में जन समन्वय योजनाएं तथा कम्यूनिटी पुलिसिंग स्थानीय निवासियों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री बृज लाल ने भी शहीदों को अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि विगत 01 सितम्बर, 2010 से 31 अगस्त, 2011 तक सम्पूर्ण भारत वर्ष में कर्तव्य की बेदी पर अपने प्राणो को न्यौछावर करने वाले पुलिस जनों में उत्तर प्रदेश के 112 पुलिस जन सम्मिलित हैं। इनमें 02 निरीक्षक, 11 उपनिरीक्षक, 03 उपनिरीक्षक(एम), 01 उपनिरीक्षक (एमटी), 01 प्रधान परिचालक, 01 मुख्य आरक्षी (प्रो0), 08 मुख्य आरक्षी, 04 आरक्षी चालक व 81 आरक्षी हैं। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पालन में आत्म बलिदान करने वाले इन वीरों के पराक्रम से सम्पूर्ण पुलिस बल गौरान्वित है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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ग्राम्य विकास मंत्री श्री दद्दू प्रसाद पर महिला द्वारा लगाये गये दुष्कर्म के आरोप विरोधी दलों की राजनीतिक साजिश - माननीया मुख्यमंत्री जी

Posted on 21 October 2011 by admin

इस प्रकरण में श्री दद्दू प्रसाद पूरी तरह निर्दोष हैं, इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का फैसला
बी0एस0पी0 सरकार के खिलाफ मुद्दो की तलाश में विफल विपक्षी दल विधानसभा के चुनाव को नजदीक आते देख अब घटिया राजनीति करने पर उतारू

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री श्री दद्दू प्रसाद पर महिला द्वारा लगाये गये दुष्कर्म के आरोप को विरोधी दलों की राजनीतिक साजिश बताया है। उन्हांेने कहा है कि बी0एस0पी0 सरकार के खिलाफ मुद्दो की तलाश में विफल विपक्षी के नेता विधानसभा के आम चुनाव को नजदीक आते देख अब घटिया राजनीति पर उतारू हो गये हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में श्री दद्दू प्रसाद पूरी तरह निर्दोष हैं, इसलिए उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई न किये जाने का फैसला लिया गया है।
माननीया मुख्यमंत्री जी का स्पष्ट मत है कि यह प्रकरण विरोधी दलो द्वारा की जा रही मूल्य-विहीन राजनीति का एक ताजा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाली महिला का कहना है कि वर्ष 2005 से उसके साथ दुराचार किया जा रहा था। समय प्रदेश में बी0एस0पी0 का शासन नहीं था और समाजवादी पार्टी की सरकार थी। किन्तु उस समय अर्थात वर्ष 2005 से लेकर सपा के शेष शासनकाल में यह आरोप नहीं लगाया गया।
सुश्री मायावती जी ने कहा है कि मई, 2007 में सम्पन्न विधान सभा आम चुनाव के पश्चात जब प्रदेश में बी0एस0पी0 की पूर्ण बहुमत वाली सरकार सत्ता में आयी, तब पूर्ववर्ती सपा सरकार में यहाँ व्याप्त जंगलराज को खत्म करके, कानून का राज कायम करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत सपा शासन में अन्याय व उत्पीड़न का शिकार हुए ऐसे पीड़ित लोगों को अपनी एफ0आई0आर0 दर्ज कराने का अवसर राज्य सरकार द्वारा प्रदान किया गया था, जिनकी पूर्ववर्ती सरकार में कोई सुनवाई नहीं हुई थी।
माननीया मुख्यमंत्री जी का यह भी कहना है कि यदि आरोप लगाने वाली महिला के साथ वास्तव में दुराचार किया गया था, तो कम से कम उस समय तो इस महिला को अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी, लेकिन उसने उस समय भी ऐसा कुछ नहीं किया। इतना ही नहीं, आरोप लगाने वाली महिला ने दिनांक 16 अक्टूबर, 2011 को पुलिस अधीक्षक, चित्रकूट को जो तहरीर दी थी, उसमें भी ग्राम्य विकास मंत्री का नाम नहीं था, लेकिन धारा-164 के तहत दिये गये अपने बयान में इस महिला द्वारा मा0 मंत्री जी का नाम लिया गया।
माननीया मुख्यमंत्री जी का स्पष्ट मत है कि उनके शासनकाल में कानून से ऊपर कोई भी नहीं है। ऐसे अनेक उदाहरण प्रस्तुत किये जा सकते हैं, जहां आरोपों में तनिक भी सच्चाई नजर आने पर उन्होंने त्वरित कार्रवाई करके दोषियों को दंडित कराने में कोई विलम्ब नहीं किया। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे विधान सभा  के आम चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है, ऐसी स्थिति में प्रदेश सरकार के एक मंत्री के विरूद्ध इस प्रकार का झूठा एवं ओछा आरोप लगाया जाना, इस सम्पूर्ण प्रकरण को राजनीति से प्रेरित साबित कर रहा है।
सुश्री मायावती जी का मानना है कि उत्तर प्रदेश की बी0एस0पी0 सरकार देश की इकलौती ऐसी सरकार है, जिसने कानून हाथ में लेने वाले लोगों, चाहे वे सत्ता पक्ष के हों अथवा विपक्ष के, इनके खिलाफ अविलम्ब विधिसम्मत कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि माननीया मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व वाली प्रदेश की बी0एस0पी0 सरकार कानून तोड़ने वालों को कतई नहीं बख्शती, वहीं दूसरी ओर यह भी सुनिश्चित करती है कि किसी भी स्थिति में किसी निर्दोष व्यक्ति को दंडित न किया जाए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वह पूरी तरह आश्वस्त हैं कि ग्राम्य विकास मंत्री को विपक्षी पार्टियों द्वारा साजिश के तहत फंसाया गया है, क्योंकि मा0 श्री दद्दू प्रसाद बी0एस0पी0 के प्रति पूरी तरह समर्पित और निष्ठावान होकर अपने कर्तव्यों को लगन व ईमानदारी से अंजाम दे रहे हैं। इन समस्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए बी0एस0पी0 पूरी तरह मा0 ग्राम्य विकास मंत्री के साथ है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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माननीया मुख्यमंत्री जी ने आगामी त्यौहारों पर पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए

Posted on 20 October 2011 by admin

  • शासकीय कार्यों एवं योजनाओं में भ्रष्टाचार की  शिकायतों को पूरी गंभीरता से लिया जाए
  • जनहित गारण्टी कानून के अनुपालन में किसी प्रकार  की शिथिलता न बरती जाए
  • माननीया मुख्यमंत्री जी दीपावली के बाद पुनः जनपदों का भ्रमण करके कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की स्थिति का मौके पर जायजा लेंगी
  • डाॅ0 अम्बेडकर ग्रामों के समस्त कार्य  दिसम्बर तक पूरा करें-माननीया मुख्यमंत्री जी
  • मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना फेज-2 के आवासों का आवंटन 31 अक्टूबर तक प्रत्येक दशा में करने के निर्देश
  • टी0ई0टी0 परीक्षा सुव्यवस्थित तरीके से पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करायें
  • राष्ट्रीय राजमार्गों सहित समस्त सड़कों की मरम्मत तत्काल शुरू की जाय

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने आगामी त्यौहारों के मद्देनजर फील्ड में तैनात अधिकारियों कोे पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि हर स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चैबन्द रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों से विकास एवं जनहित की योजनाओं को पूरी ईमानदारी एवं गुणवत्ता के साथ लागू करने के भी निर्देश दिए हंै। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का पूरा-पूरा लाभ दिलाने में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि दीपावली के बाद वे पुनः जनपदों का भ्रमण करके कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की स्थिति का मौके पर जायजा लेंगी।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने यह निर्देश उस समय दिये जब मंत्रिमण्डलीय सचिव श्री शशांक शेखर सिंह और मुख्य सचिव श्री अनूप मिश्र ने आज यहां विधानभवन के तिलक हाल में कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की उच्च स्तरीय बैठक के निष्कर्षों से उन्हें अवगत कराया। इस बैठक में प्रदेश के सभी मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, एस0एस0पी0, आई0जी0/डी0आई0जी0 तथा शासन के सभी विभागों के प्रमुख सचिव/सचिव ने भाग लिया।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दीपावली त्यौहार के लिए पटाखों के निर्माण, उनके परिवहन एवं बिक्री की व्यवस्था के लिए व्यापक दिशा-निर्देश पहले ही दिये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पटाखों की बिक्री की व्यवस्था खुले स्थान पर बाजार से दूर की जाय, ताकि किसी दुर्घटना के समय आवश्यक कार्यवाही करने में असुविधा न हो। उन्होंने पटाखा के अवैध निर्माताओं के विरूद्ध अभियान चलाकर कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये। इसके अलावा उन्होंने पर्वों के अवसर पर पर्याप्त पुलिस व्यवस्था करने तथा सामाजिक सौहार्द बनाये रखने के लिए आम लोगों से निरन्तर सम्पर्क बनाये रखने के लिए भी कहा।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने जनपदवार माफियाओं, कुख्यात पेशेवर एवं ईनामी अपराधियों तथा गुण्डा तत्वों की सूची बनाकर उनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि जनपदवार की गयी कार्यवाही की प्रत्येक 10 दिन में शासन स्तर पर समीक्षा की जाए तथा अपेक्षित कार्यवाही में कोताही पाये जाने पर लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने लम्बी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनों में असामाजिक तत्वों द्वारा यात्रियों के साथ किये जा रहे दुव्र्यवहार की घटनाओं को गम्भीरता से लेते हुए फील्ड में तैनात पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक कर ऐसे तत्वों के विरूद्ध अभियान चलाकर कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों के उत्पीड़न के मामले में तत्काल प्रभावी कार्यवाही किए जाने से इस प्रकार की घटनाओं में काफी कमी आयी है। लेकिन इस सम्बन्ध में लगातार सर्तकता बरतने एवं कार्यवाही करते रहने की जरूरत है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने तहसील दिवस एवं थाना दिवस को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिकांश शिकायतें जमीन से सम्बन्धित प्राप्त होती हैं, इसलिए ऐसे मामलों में राजस्व एवं पुलिस के अधिकारी संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर अपेक्षित कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि आवेदन/शिकायतकर्ता के मोबाइल नम्बर भी परिवाद रजिस्टर पर  अवश्य दर्ज किये जायें, ताकि जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारी निस्तारण की अद्यतन स्थिति की जानकारी सीधे शिकायतकर्ता से प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि विद्युत से होने वाली दुर्घटनाओं में तत्काल एक लाख रूपये तक की क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने का अधिकार जिलाधिकारियों को दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से विद्युत दुर्घटनाओं के मामलों में क्षतिपूर्ति देने में विलम्ब नहीं होगा।
सुश्री मायावती जी ने रबी अभियान के दौरान किसानों को सभी कृषि निवेश समय से उपलब्ध कराने का निर्देश दिए। उन्हांेने कहा कि बुआई के सीजन को देखते हुए किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर सम्भव कदम उठाये जाएं। उन्होंने जिलाधिकारियों से अपेक्षा की कि उपलब्ध उर्वरक के परिवहन तथा वितरण की व्यवस्था की तैयारी पहले ही कर ली जाए, ताकि उर्वरक को लेकर किसानों को कोई असुविधा न हो। उन्होंने फील्ड में तैनात अधिकारियों को खाद विक्रय केन्द्रों पर आकस्मिक छापा मारने तथा कालाबाजारियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने नेपाल से सटे प्रदेश के 10 जनपदों के साथ-साथ बिहार तथा मध्य प्रदेश की सीमा से लगे जिलों में विशेष चैकसी बरतने के निर्देश दिये। उन्होंने धान खरीद योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि क्रय केन्द्रों पर किसानों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए और उन्हें अपनी उपज का उसी दिन भुगतान भी सुनिश्चित किया जाय।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डाॅ0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत पर्याप्त मात्रा में धनराशि जिलों को उपलब्ध करा दी गयी है। इसलिए इस योजना के तहत चयनित गांवों में सी0सी0 रोड, डामरीकरण, मजरों को जोड़ने का कार्य, सम्पर्क मार्ग, विद्युतीकरण, शौचालय तथा सामुदायिक केन्द्रों के निर्माण का कार्य आगामी दिसम्बर तक हर हाल में पूरा किए जाएं। उन्होंने पुराने डाॅ0 अम्बेडकर ग्रामों के खराब सम्पर्क मार्गाें की मरम्मत का कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्याें में हर स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना फेज-2 के तहत आवासों का आवंटन 31 अक्टूबर तक प्रत्येक दशा में करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के तहत चयनित लाभार्थियों का खाता खुलवाकर इस योजना की दूसरी किस्त उनके खाते में नवम्बर तक ट्रांसफर किए जाने के सख्त निर्देश दिए। इसी तरह वृद्धावस्था, विकलांग तथा विधवा पेंशन की धनराशि भी उनके खातों में आगामी नवम्बर तक भेजने के निर्देश दिए।
सुश्री मायावती जी ने सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना का लाभ शीघ्र दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों का सत्यापन कराकर निर्धारित धनराशि व साईकिल वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना से मदरसों में पढ़ने वाली छात्राओं को भी आच्छादित किया गया है। उन्होंने दशमोत्तर छात्रवृत्ति की पूरी धनराशि अगल महीने तक वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना के तहत बच्चियों को लाभ दिलाने की सख्त हिदायत दी।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत खोले जाने वाले विद्यालयों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि ऐसे विद्यालयों हेतु स्थल चयन का कार्य प्राथमिकता पर किया जाए और इस सम्बन्ध में अनुसूचित जाति/जनजाति की बस्तियों को वरीयता प्रदान की जाए। उन्होंने टी0ई0टी0 परीक्षा को सुव्यवस्थित तरीके से पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी मण्डलायुक्त अपने-अपने मण्डलों में इस परीक्षा को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करायें।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने दिमागी बुखार (जे0ई0) की घटनाओं पर कड़ा रूख अपनाते हुए गोरखपुर तथा बस्ती के मण्डलायुक्तों को कीटनाशकों व ब्लीचिंग पाउडर का नियमित छिड़काव कराने तथा इस रोग से बचाव के लिए जनमानस में जागरूकता उत्पन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कम गहराई वाले हैण्डपम्पों का चिन्हीकरण करके इसका पानी उपयोग में न लाये जाने के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। इसके साथ ही गहराई वाले हैण्डपम्पों की स्थापना का कार्य लक्ष्यों के अनुरूप सम्पन्न किया जाए। उन्होंने कहा कि दिमागी बुखार से ग्रसित रोगियों को समुचित उपचार की व्यवस्था तथा अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए।
जनहित गारण्टी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन किए जाने का निर्देश देते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके तहत चिन्हित सेवाओं को निर्धारित समय में उपलब्ध न कराने वाले अधिकारियों पर अर्थदण्ड लगाकर शिकायतकर्ता को वह धनराशि उपलब्ध करायी जाए तथा इसके अनुपालन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की योजनाओं को इस कानून से आच्छादित किया गया है, वहां एक रजिस्टर भी रखा जाए और उसमें आवेदक का पूरा ब्यौरा भी रखा जाए। उन्होंने शासकीय कार्यों एवं योजनाओं में भ्रष्टाचार की शिकायतों को पूरी गंभीरता से लेने के निर्देश देते हुए कहा कि जिलाधिकारी के निरीक्षण में यदि किसी कर्मचारी, अधिकारी की लापरवाही या भ्रष्टाचार की शिकायत पाई जाए तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए।
सड़कों के रख-रखाव की स्थिति की समीक्षा करते हुए सुश्री मायावती जी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों सहित सभी सड़कों की मरम्मत का कार्य तत्काल शुरू किया जाए। उन्होंने इस संबंध में भी सहारनपुर से मुजफ्फरनगर तथा आजमगढ़ से बलिया मार्ग को ठीक कराया जाए। उन्होंने भारत-नेपाल सीमा की सड़कों को आवागमन के लिए सुगम बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने गत माह अपने पूर्वांचल भ्रमण के अवसर पर तीन जनपदों में विकास संबंधी निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह दस वर्ष के कार्यकाल में देश को रसातल में ढकेेल दिया

Posted on 19 October 2011 by admin

img_2619img_2615जनपद देवरिया की देवा विधान सभा सम्मेलन तथा जनसंघ के प्रदेश अध्यक्ष रहे स्व0 रविन्द्र किशोर शाही की पुण्यतिथि पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए आज भाजपा की राष्ट्रीय नेता मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्य मंत्री साध्वी उमा भारती ने कहा कि सूर्य जिस दिशा में निकलता है वही से भाजपा का चुनाव अभियान की शुरूआत करती है। यहां के सभी लोग देवतुल्य हैं सभी लोग शुरूआत करती है। यहां के सभी लोग देवतुल्य है। सभी लोग भाजपा की सरकार  बनावें। उमा श्री भारती ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने कम समय में ही पूरे देश में जय-जवान-जय किसान का नारा बना दिया किन्तु प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह दस वर्ष के कार्यकाल में देश को रसातल में ढकेेल दिया।
विजय संकल्प रैली को संबोधित करते हुए सांसद विनय कटियार ने कहा कि स्व0 रवीन्द्र किशोर शाही जनसंघ से भाजपा तक नीचे के कार्यकर्ताओं के लिए लड़ाई लड़ते रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो माया सरकार के कार्यकाल में बनी सोने के हाथियों को नीलाम किया जाएगा तथा उस पैसे को ग्रामों के विकास में खर्च किया जाएगा।
img_2436प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने मुख्य अतिथियों एवं विजय संकल्प रैली में आए विशाल जन समूह का स्वागत करते हुए कहा कि जब तक आप लोग भ्रष्टाचारी एवं लूटेरों से लड़ाई नहीं लड़ेंगे तब तक क्षेत्र का विकास, बिजली खेतों में पानी, खाद, बीज की समस्या ठीक नहीं होगी। उन्होंने कहा कि दस वर्ष से क्षेत्र में खाद,बिजली, तथा पानी के लिए हाहाकार मचा है कोई देखने वाला नही है। यह सब आपको तय करना है कि क्षेत्र का हाल कैसा रहे।
श्रद्धाजलि सभा में स्व0 रवीन्द्र किशोर शाही को पुष्प अर्पित करने वालों में जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक जयप्रकाश निषाद, प्रदेश महामंत्री नरेन्द्र सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री राकेश जैन, तृप्ति शाक्य, क्षेत्रीय मंत्री देवेन्द्र सिंह, पूर्व सांसद  ले0 जनरल प्रकाश मणि त्रिपाठी, देवी सिंह, पूर्व विधायक महेन्द्र यादव, जन्मेजय सिंह,धुवदेव गिरि, भूपेन्द्र सिंह, डा0 सत्य प्रकाशमणि, अजय उपाध्यक्ष, केदार मणि, मुरारी मोहन शाही, त्रिपुरारी मोहन शाही, त्रिपुरारी शरण शाही, ओम प्रकाश शाही, सुब्रत शाही, धुब्र नारायण पाण्डेय, दयाशंकर शास्त्री आदि ने पुष्प अर्जित किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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माननीया मुख्यमंत्री जी ने विकास तथा जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में और तेजी लाने के निर्देश दिये

Posted on 18 October 2011 by admin

  • डाॅ0 अम्बेडकर ग्रामों में सी0सी0 रोड, सम्पर्क मार्ग तथा सामुदायिक केन्द्रों का निर्माण दिसम्बर, 2011 तक पूरा करें
  • मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी दलित बाहुल्य बस्ती समग्र विकास योजना के लिए धनराशि अवमुक्त
  • उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के लाभार्थियों के बैंक खातों में आगामी 15 नवम्बर तक आर्थिक सहायता की दूसरी किश्त उपलब्ध कराने के निर्देश
  • रबी की बुआई के दौरान किसानों को खाद, बीज सहित समस्त कृषि निवेशों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
  • मदरसों में पढ़ रहीं पात्र छात्राओं को सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना का लाभ शीघ्र दिलाने के निर्देश
  • ए0सी0पी0 का लाभ पाने के पात्र अधिकारी/कर्मचारी को तत्काल इसका लाभ दिया जाए

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने विकास तथा जनहित से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में और तेजी लाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने डाॅ0 अम्बेडकर ग्रामों में सी0सी0 रोड, सम्पर्क मार्ग तथा सामुदायिक केन्द्रों का निर्माण प्रत्येक दशा में दिसम्बर, 2011 तक पूरा करने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी दलित बाहुल्य बस्ती समग्र विकास योजना के लिए शासन द्वारा धनराशि अवमुक्त कर दी गयी है। इसलिए इस योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने यह निर्देश तब दिये जब मंत्रिमण्डलीय सचिव श्री शशांक शेखर सिंह और मुख्य सचिव श्री अनूप मिश्र ने आज यहां योजना भवन में सम्पन्न प्रमुख सचिवों/सचिवों की बैठक के निष्कर्षों से उन्हें अवगत कराया।    माननीया मुख्यमंत्री जी ने रबी की बुआई के दौरान किसानों को खाद, बीज सहित समस्त कृषि निवेशों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस दौरान किसानों को यूरिया व डी0ए0पी0 खाद निर्धारित मूल्यों पर समय से मिले। उर्वरकों पर निर्धारित मूल्य से अधिक धनराशि लेने वाले दुकानदारों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाए तथा खाद की कालाबाजारी एवं जमाखोरी को रोकने के लिए कड़े कदम उठायें जायें। साथ ही आलू का बीज प्राप्त करने के लिए आलू-उत्पादक छोटे किसानों पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध न लगाया जाये। अधिक से अधिक किसानों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिए फसली ऋणों के वितरण एवं किसान क्रेडिट कार्ड की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाये।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए निरन्तर प्रयास करने पर बल देते हुए कहा कि कुक्कुट पालन, सूकर पालन एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने पशुओं के टीकाकरण के काम में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि समय से लक्ष्य की पूर्ति होनी चाहिए। उन्होंने धान खरीद की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि सभी धान क्रय केन्द्रों पर आवश्यक सुविधायें उपलब्ध रहनी चाहिए ताकि किसानों को कोई दिक्कत न हो। उन्होंने नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य युद्धस्तर पर करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य की शासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निरीक्षण भी किया जाना चाहिए।
जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लड़कियों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अवशेष प्राथमिक एवं अपर प्राथमिक विद्यालयों में पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था शीघ्र की जाये। उन्होंने सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना की चर्चा करते हुए कहा कि पात्र लाभार्थियों का दिसम्बर तक सत्यापन कर सभी को निर्धारित धनराशि व साइकिल के वितरण का कार्य सुनिश्चित कराया जाए। इस योजना के लिए पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गयी है, फिर भी यदि बजट की कमी पड़ रही हो तो वैकल्पिक व्यवस्था शीघ्र की जाए। राज्य सरकार ने मदरसों में पढ़ने वाली लड़कियों को भी इस योजना से आच्छादित करने का निर्णय लिया है। इसलिए मदरसों में पढ़ रहीं पात्र छात्राओं को इस योजना का लाभ शीघ्र दिलाया जाए।
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के बाद माननीया मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि योजना के लाभार्थियों के बैंक खातों में 15 नवम्बर, 2011 तक दूसरी किश्त अवश्य उपलब्ध करा दी जाए। इसी प्रकार वृद्धावस्था पेंशन सहित अन्य सभी पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में भी आगामी 15 नवम्बर तक दूसरी किश्त उपलब्ध करा दी जाए। उन्होंने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रम पद्धति विद्यालयों के बेहतर संचालन तथा विभिन्न छात्रवृत्तियों के समय से वितरण के सम्बन्ध में भी निर्देश दिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की सेवा सम्बन्धी समस्याओं के निराकरण के लिए प्रतिमाह सम्बन्धित विभागों के प्रमुख सचिवों/सचिवों को कर्मचारी यूनियन के साथ बैठकर समस्याओं का निराकरण करना चाहिए। राज्य सरकार ने कर्मचारियों को ए0सी0पी0 का लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक शासनादेश जारी किये हैं, परन्तु कतिपय विभागों में इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ए0सी0पी0 के लिए विभागों के समिति की निर्धारित समय में बैठक होनी चाहिए और जो अधिकारी/कर्मचारी ए0सी0पी0 का लाभ पाने के पात्र हैं, उन्हें तत्काल इसका लाभ दिया जाना चाहिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भूगर्भ जल की कमी एवं ग्रामीणों की सामान्य समस्याओं को देखते हुए  आदर्श तालाब योजना के तहत लगभग 48 हजार तालाब बनवाये गये, परन्तु लगभग 8 हजार तालाबों में जल भराव की समस्या थी, जिसे दूर कराने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बुन्देलखण्ड क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए लघु सिंचाई, पशुपालन, सिंचाई, दुग्ध विकास, वन, जल निगम आदि विभागों को अपने विभाग से सम्बन्धित योजनाओं को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिये हैं, ताकि इस क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने सभी अस्पतालों में टीकाकरण व अन्य औषधियों की समय से आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवायें उपलब्ध करायी जायें। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई एवं चिकित्सकों तथा अन्य कर्मचारियों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि इसमें लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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घोटालों की सरकार

Posted on 15 October 2011 by admin

100_9021भारतीय जनता पार्टी राश्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने केन्द्र की यूपीए सरकार को घोटालों की सरकार बताते हुए कहा कि यूपीए सरकार के मंत्रियों ने बड़े-बड़े घपले-घोटालों को अंजाम देकर देष की जनता का पैसा लूट लिया। उन्होने प्रदेष की बसपा सरकार पर निषाना साधते हुए कहा कि अपनी मूर्तियों एवं स्मारकों पर लाखों करोड़ों रू0 खर्च कर मुख्यमंत्री मायावती दलित उत्थान के नाम पर आडम्बर कर रही है। श्री गडकरी आज सोनभ्रद में आयोजित वनवासी जनजाति अनुसूचित जाति की रैली को संबोधित कर रहे थे। कांगे्रस और बसपा षासन ने सर्वाधिक नुकसान दलित आदिवासियों को पहुंचाया।
रैेली को सम्बोधित करते हुये मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के राश्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकडी ने कहा कि यह रैली वनवासी, जनजाति एवं अनुसूचित जाति के लोगो के अधिकार के लिये हो रही है। सोनभद्र में हजारो मेगा वाट बिजली पैदा करने के बाद भी सोनभद्र में लोगो को बिजली नही मिल पा रही है। इसके बारे में सरकार जबाब दे। सड़को की हालत अत्यन्त दैयनीय है। जिस पर चलना बहुत ही मुष्कील षिक्षा का स्तर निम्न है। इन सब समस्याओ के लिये कोई और नही बल्कि यहाॅ के लोग स्वयं जिम्मेदार है क्योकि यहाॅ के लोगो द्वारा अपने अधिकारो के लिये कोई सधर्श नही किया जाता रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा अमीरी का मानक गाॅव में 26 रू0 एवं षहरो मंे 32 रू0 निर्धारित किया जाना बहुत ही हास्यपद व गैर जिम्मेदारा पुर्ण है। ऐसा करके केन्द्र सरकार द्वारा गाॅव व षहर के गरीब लोगो का माखौल उडाया जा रहा है। क्रागेस का यह नारा कि क्रागेस आई नयी रोषनी लाई खोखला सावित हुआ है वर्तमान समय मे ं देष मंे चारो तरफ अधेरा ही अंधेरा विद्वमान है। उ0प्र0 के मुख्य मंत्री मायावती द्वारा अपना ही मुर्तिया बनाया जाना हास्यापद हैं क्योकि किसी भी व्यक्ति का जिन्दा रहते मुर्ति नही बनवायी जाती और नही उस पर माल्यापर्ण किया जाता। जब कि मायावती द्वारा स्वयं अपनी बनवायी गयी मुर्ति पर माल्यापर्ण  किया गया। उ0प्र0 मंे गरीबो की हालत अत्यन्त दयनीय बनी हुयी है। यदि मुर्तियो पर खर्च होने वाला पैसा उ0प्र0 में गरीबो लोगो के कल्याण के उपर खर्च हो तो गरीबो की दषा में निष्चित ही सुधार होगा। उ0प्र0 में किसानो के लिये ठोस योजनाये नही है। उनको समय से खाद, बीज, बीजली व पानी उपलब्ध नही है जिससे किसान अपनी उपज का सही पैदावार नही ले पा रहा है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा विकास की राजनिति की जाती है। राजग की बाजपई जी के सरकार के समय में गाॅव का विकास हुआ गाॅव के लिये प्रधान मंत्री सडक की योजना व अन्य योजनाये संचालित की गयी। जो अब ठप पडी हुयी है। वर्तमान केन्द्र सरकार घोटालो की सरकार है। रैली को सम्बोधित करते हुये प्रदेष के अध्यक्ष सुर्य प्रताप साही ने कहा कि वर्तमान समय मे उ0प्र0 विकास की दुश्टि से पिछडा हुआ है। तथा पिछड कर 17 वे नम्बर पर हो गया है। सपा व बसपा सरकार ने प्रदेष को लुटा व उसे फटे हाल बना दिया है सोनभद्र अभाव ग्रस्त जनपद है यहा पर अनेक प्रकार की समस्याए विद्वमान है बिजली, पानी, सडक, षिक्षा, चिकित्सा एवं रोजगार सभी के लिये यहा के लोग सघर्श करते रहे है। सोनभद्र में आदिवासी व जनजाति ठगा गया उसको मुल अधिकार से वंचित किया गया है। जनजातियों को पंचायत चुनाव लडने से वंचित करने का कार्य सपा व बसपा सरकारा द्वारा किया गया सर्वाधिका राजस्व देने के बावजूद यह जनपद का पिछडापन समझ से परे है भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेष मे सरकार बनने पर सोनभद्र वासियो को उनका अधिकार निष्चित मिलेगा।
100_9066श्री गडकरी ने कहा कि सच्चाई यह है कि केन्द्र सरकार के मंत्रीयो के वजह से ही वर्तमान केन्द्र सरकार का अस्त्तिव खतरे मे है। घोटाले के मामले मंे उ0प्र0 की मायावती सरकार भी केन्द्र सरकार से बहुत पिछे नही हेै। वर्तमान प्रदेष सरकार में भी अनके घोटाले किये गये प्रदेष सरकार द्वारा नोएडा में भूमि घोटाला व चीनी मिलो को कौडी के भाव व्रिकी आदि अनेक घोटाले किये गये सरकार द्वारा जाति वादी की राजनिति की जा रही है। मुलायम सरकार के गुण्डा राज से मुक्ति के लिये अस्त्तिव मे आयी माया सरकार द्वारा मुलायम के समय के गुण्डाराज के रिर्काड को पिछे छोड दिया गया है। प्रदेष के खनिज सम्पदाओ पर खनन माफियाओं एवं मंत्रीयों का अधिपत्य कायम है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा विकास व राश्टवाद की राजनिति की जाति हैं भाजपा सरकार बनने पर हम गाॅव की दषा सुधारगे युवाओं को रोजगार देगंे। गरीबो की गरीबी दुर करेगें तथा वनवासी व जनजाति लोगो को उनका अधिकार दिलाने का कार्य करेगें प्रदेष को सपा, बसपा ने वदहाल बना दिया है।
रैली को सम्बोधित करते हुये प्रदेष के अध्यक्ष सूर्य प्रताप षाही ने कहा कि वर्तमान समय मे उ0प्र0 विकास की दुश्टि से पिछडा हुआ है। तथा पिछड कर 17 वे नम्बर पर हो गया है। सपा व बसपा सरकार ने प्रदेष को लुटा व उसे फटे हाल बना दिया है सोनभद्र अभाव ग्रस्त जनपद है यहा पर अनेक प्रकार की समस्याए विद्वमान है बिजली, पानी, सडक, षिक्षा, चिकित्सा एवं रोजगार सभी के लिये यहा के लोग सघर्श करते रहे है। सोनभद्र में आदिवासी व जनजाति ठगा गया उसको मुल अधिकार से वंचित किया गया है। जनजातियों को पंचायत चुनाव लडने से वंचित करने का कार्य सपा व बसपा सरकारा द्वारा किया गया सर्वाधिका राजस्व देने के बावजूद यह जनपद का पिछडापन समझ से परे है भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेष मे सरकार बनने पर सोनभद्र वासियो को उनका अधिकार निष्चित मिलेगा।
राश्ट्रीय उपाध्यक्ष कलराज मिश्र ने कहा कि वनवासी जनजाति एवं अनुसूचित जाति के लोगो से उनका अधिकार छिना गया उन्हे चुनाव लडने से वचित किया जाना एवं जंगलो से सम्बन्धित समस्याए सपा व बसपा सरकार द्वारा जान बुझकर पैदा किया गया जंगल में वनवासी जनजाति के साथ अत्याचार किया जा रहा है।  उन पर अनेक तरह के फर्जी मुकदमे उन्हे परेषान करने की नियत से लादे जा रहे है जिससे वह परेषान व लाचर है। आवष्यकता है कि आदिवासीयो के नेता विरसा मुण्डा जी को आर्दष बनाकर वनवासियो द्वारा उनके अधिकारो के लिये सघर्श किया जाय। तभी वनवासी लोगो को उनका अधिकार मिल सकेगा।
100_9037पूर्व मुख्य मंत्री उमा भारती ने कहा कि आज हम सभी वनवासी, जनजाति एवं अनुसूचित जाति के लोगो क अधिकार के लिये आये हुये है गरीबो वनवासियो एवं जनजातियों को उचित सम्मान देकर ही उनका अधिकार दिया जा सकता है। सोनभद्र के लोग भगवान षंकर के समान है जो अपने को कश्ट देने वाले को भी सुखी रहने व उनके मंगल की कामना करते है भारतीय जनता पार्टी उ0प्र0 द्वारा निकाली गयी जन स्वाभिमान यात्रा उ0प्र0 के लोगो को कुषासन व भश्टाचार से मुक्त करने के लिये निकाली गयी है। जिसमें कलराज मिश्र जी जामवन्त की भूमिका में है जो उ0प्र0 की विषाल जनता का नेतृत्व कर प्रदेष को कुषासन व भश्टाचार से मुक्त कराने का कार्य करेंगे । उ0प्र0 में सता परिर्वतन बहुत जरूरी हैै क्योकि सता परिर्वतन से ही व्यवस्था का परिवर्तन होगा तभी आदिवासी को जंगल पर धरती पर किसान का नदी व तालाब पर मछुआरो का तथा प्रदेष जिसका जो अधिकार है वह मिल पायेगा।
सभा को रामविचार नेताम, पंचायत मंत्री छतीसगढ, जगन्नाथ सिंह गौड श्रम मंत्री मध्य प्रदेष , रजना बघेल मंत्री छतीसगढ, रामनाथ कोबिद, देवी सिंह राज्य मंत्री लक्ष्मण आर्चाय, हरिश द्विवेद्वी, यज्ञनरायण कनौजिया, धर्मवीर तिवारी, रामषकल, जय प्रकाष चतुर्वेदी, गोविन्द यादव आदि ने सम्बोधित किया ।
रैली में सिद्वार्थ  नाथ सिंह, षिव प्रताप षुक्ला, स्वतन्त्र देव सिंह, केदार नाथ सिंह, महेन्द्र नाथ पाण्डेय, विजय बहादुर पाठक, देवेन्द्र सिंह चैहान, ओम प्रकाष श्रीवास्वत, राकेष द्विवेदी, संजय राय, करूणेष षर्मा,  उत्तर कुमार मौर्य, राणा प्रताप सिंह, सुजित सिंह टिका, राकेष सिंह अलगू, सोमेष, भुपेष चैबे, रमेष मिश्रा, रामलखन सिंह, माला चैबे, अरविन्द पाण्डेय, पंकज पटेल, सन्तोश पाण्डेय, कमलेष चैबे आदि प्रमुख रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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14 अक्टूबर 2011 को माननीया मुख्यमंत्री जी ने दिल्ली से सटे जनपद गौतमबुद्ध नगर के अतिमहत्वपूर्ण नोएडा क्षेत्र में निर्मित ‘‘राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल एवं ग्रीन गार्डन तथा जनोपयोगी परियोजनाओं’’ का लोकार्पण किया

Posted on 15 October 2011 by admin

  • यमुना नदी के पश्चिमी तट पर जहां एक तरफ कांग्रेस पार्टी की केन्द्र सरकार द्वारा नेहरू और गांधी परिवार से जुड़े स्मारक व संग्रहालय स्थापित किये गये हैं, वहीं दूसरी तरफ बी0एस0पी0 सरकार ने यमुना नदी से लगे पूर्वी तट पर राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल एवं ग्रीन गार्डन का निर्माण किया
  • इस निर्माण के लिए खासतौर से दलितों एवं कमजोर वर्गों ने माननीया मुख्यमंत्री जी का स्वागत किया
  • इस मौके पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने केन्द्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के साथ अपनाये जा रहे सौतेले रवैये का भी पर्दाफाश किया
  • हर स्तर पर फैले भ्रष्टाचार व राजनीति में पनप रहे अपराधीकरण को भी खत्म करने पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने जोर दिया और इस मुददे पर सभी विरोधी पार्टियों को आड़े हाथों लिया

3उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने आज दिल्ली से सटे जनपद गौतमबुद्ध नगर के अतिमहत्वपूर्ण नोएडा क्षेत्र में आयोजित लोकार्पण समारोह में देश में समय-समय पर दलित एवं पिछड़े वर्गों में जन्मे महान सन्तों, गुरूओं व महापुरूषों के सम्मान में राज्य सरकार द्वारा बनवाये गये राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल व ग्रीन गार्डेन का लोकार्पण किया। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न जनोपयोगी परियोजनाओं को भी प्रदेश की जनता को समर्पित किया।

सुश्री मायावती जी ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज के ही दिन, दिनांक 14 अक्टूबर, 1956 को नागपुर में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने विश्व-व्यापी सत्य, अहिंसा, भाईचारा एवं मानवता पर आधारित ‘‘बौद्ध धर्म‘‘ की दीक्षा ग्रहण की थी। उनके इस पवित्र दिवस पर देश में दलित एवं अन्य पिछड़े वर्गों में समय-समय पर जन्में महान् सन्तों, गुरूओं व महापुरूषों के आदर-सम्मान में दिल्ली के समीप गौतमबुद्ध नगर के अति महत्वपूर्ण नोएडा क्षेत्र में, उनकी सरकार द्वारा निर्मित ‘‘राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल एवं ग्रीन गार्डेन‘‘ का तथा सम्बन्धित जिले के अन्य और महत्वपूर्ण कार्यों का लोकार्पण किया गया है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इन्हीं सन्तों, गुरूओं और महापुरूषों की प्रेरणा से आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े प्रदेश, उत्तर प्रदेश की वे चार बार मुख्यमंत्री बनी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अपने चारों बार के शासनकाल में यहाँ ‘‘गैर-बराबरी वाली सामाजिक व्यवस्था को बदलने‘‘ व ‘‘समतामूलक समाज व्यवस्था की सही स्थापना’’ के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर देने वाले महान सन्तों, गुरूओं व महापुरूषों में भी, खासतौर से ‘‘महात्मा ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, श्री नारायणा गुरू, बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी’’ आदि को विभिन्न रूपों में पूरा आदर-सम्मान दिया है, जिनकी जातिवादी मानसिकता में जकड़ी अन्य दलों की पूर्ववर्ती सरकारों ने सदैव उपेक्षा की।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि इन महान हस्तियों की अभूतपूर्व त्याग-तपस्या को ‘‘देश में पहली बार‘‘ उ0प्र0 की बी.एस.पी. सरकार ने विभिन्न स्तर पर पूरा-पूरा आदर-सम्मान दिया है, जो आगे चलकर निश्चित ही इतिहास के पन्नों में ‘‘स्वर्ण अक्षरों‘‘ में अंकित किया जायेगा। उन्होंने लखनऊ के अलावा नोएडा में ‘‘एक और भव्य स्थल व ग्रीन गार्डन‘‘ आदि बनवाने की जरूरत का औचित्य बताते हुए कहा कि जिन भी विरोधी पार्टियों की सरकारें उत्तर प्रदेश में रही हैं, उनमें से कांग्रेस पार्टी ने आजादी के बाद, सबसे पहले व सबसे ज्यादा लम्बे समय तक, अर्थात लगभग 38 वर्षों तक लगातार यहाँ उ0प्र0 में एकछत्र राज किया है। लेकिन इस पार्टी की सरकार ने भी यहाँ अन्य विरोधी पार्टियों की सरकारों की तरह ही उ0प्र0 के लोगों की गरीबी एवं बेरोजगारी को दूर करने के लिए कोई भी विशेष व ठोस कदम नहीं उठाये हैं।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इन्हीं कारणों से उ0प्र0 से बड़े-पैमाने पर ये लोग अपनी रोटी-रोजी की तालाश में मजबूरीवश देश के अन्य राज्यों के बड़े-बड़े शहरों व महानगरों में जाकर बस गये हैं। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली, उ0प्र0 के एकदम नजदीक होने की वजह सेये लोग सबसे ज्यादा दिल्ली में आकर भारी संख्या में बस गये हैं।

1माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पश्चिमी उ.प्र. के ज्यादातर लोग अपनी रोजी-रोटी कमाने की व्यस्तता के कारण चाहते हुए भी लखनऊ में बने सभी प्रेरणादायक स्थलों व पार्कों आदि को खास मौको पर भी आसानी से नहीं देख पा रहे थे। इसलिए उनकी सरकार ने इनकी भावनाओं का सम्मान करते हुये दिल्ली व पश्चिमी उ.प्र. के नजदीक नोएडा में एक और ऐतिहासिक व भव्य राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल एवं ग्रीन गार्डन आदि बनाने का फैसला लिया है, ताकि इन दोनों क्षेत्रों के लोग, नोएडा क्षेत्र में निर्मित किये गये राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल व ग्रीन गार्डन को विशेष अवसरों पर आसानी से देख सके।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि यह स्थल व ग्रीन गार्डेन लगभग 80 एकड़ से भी ज्यादा भूमि पर निर्मित किया गया है और दिल्ली व पश्चिमी उ.प्र. की दूरी लखनऊ से काफी ज्यादा है। इन्हीं कारणों से ही उनकी सरकार द्वारा इसका निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि यमुना नदी के पश्चिमी तट पर कई ऐतिहासिक इमारतें व हजारों एकड़ की कीमती जमीन पर नेहरू व गाँधी परिवार से जुड़े स्मारक आदि भी बने हुये हैं।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश में दलितों के प्रति शुरू से ही जातिगत द्वेष व हीन भावना रखने वाली कांग्रेस पार्टी की केन्द्रीय सरकार ने इस हजारों एकड़ की जमीन के कुछ हिस्से पर डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर तथा मान्यवर श्री कांशीराम जी इन दोनांे महापुरूषों के आदर-सम्मान में इनके स्मारक व संग्रहालय आदि बनवाना उचित नहीं समझा, जिसको लेकर पूरे देश में इनको मानने वाले लोग काफी ज्यादा दुःखी थे। इस कमी को अब उनकी सरकार ने दूर कर दिया है। इसीलिए दिल्ली में यमुना नदी के पश्चिमी तट पर जहाँ एक तरफ नेहरू व गाँधी परिवार से जुड़े स्मारक व संग्रहालय आदि स्थापित किये गये हैं। वहीं दूसरी तरफ उनकी पार्टी की सरकार ने यमुना नदी से लगे पूर्वी तट पर हमारे दलित महापुरूषों के स्मारक व संग्रहालय आदि भी अब निर्मित कर दिये हैं।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि इसमें उनके विरोधियों ने किस्म-किस्म की रूकावटे पैदा करके, लगभग एक साल तक इसके निर्माण को ‘‘सुप्रीम कोर्ट‘‘ के जरिये, रूकवा कर रखा था। लेकिन अन्त में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में, उन्हंे न्याय दिया, जिसके लिए वह सर्वाेच्च न्यायालय की आभारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों ने दलित एवं पिछड़े वर्ग में जन्में सन्तों, गुरूओं व महापुरूषों को उचित आदर-सम्मान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के बन जाने के बाद अब ये लोग अपने राजनैतिक स्वार्थ में, इन वर्गों के वोट हासिल करने के उद्देश्य से दिखावे के तौर पर इनके सन्तों, गुरूओं व महापुरूषों की अपने मंचों पर कुछ इनकी फोटो जरूर रखने लगे हैं और साथ ही इनकी अब कुछ प्रतिमा आदि भी लगाने लगे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पहली बार दलितों एवं अन्य पिछड़े वर्गों में जन्में महान सन्तों, गुरूओं व महापुरूषों में भी खासतौर से ‘‘महात्मा ज्योतिबा फुुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, नारायणा गुरू, बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व मान्यवर श्री कांशीराम जी‘‘ आदि को पूरा-पूरा आदर-सम्मान दिया है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हीन भावना तथा जातिवादी मानसिकता के चलते विरोधी पार्टियां इन स्थलों के बारे में आयेदिन इसे सरकारी धन का दुरूपयोग बताकर प्रदेश की जनता को अक्सर गुमराह करने का प्रयास करती रहती हैं। जबकि इन पर बजट का लगभग 1 प्रतिशत धन ही व्यय किया गया है। उन्होंने कहा कि व्यय किया हुआ धन इसी ही महीने की पहली तारीख से टिकट के जरिये बहुत तेजी से उनकी सरकार के पास वापस आना शुरू हो गया है।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि 9 अक्टूबर, 2006 को काफी लम्बी व गम्भीर बीमारी के कारण, इस देश के बहुजन नायक मान्यवर श्री कांशीराम जी की मृत्यु हुई थी। उस समय केन्द्र में कांग्रेस पार्टी और उ.प्र. में बी.एस.पी. को छोड़कर, लगभग सभी विरोधी पार्टियों के सहयोग से समाजवादी पार्टी की सरकार चल रही थी। उस दौरान लगभग सभी विरोधी पार्टियों के वरिष्ठ नेता दिखावे के तौर पर इनके मृतक शरीर पर फूल चढ़ाने व दाह-संस्कार में भी शामिल होने के लिए जरूर पहुँच गये थे, किन्तु केन्द्र व उ.प्र. की तरह देश की लगभग अन्य सभी राज्यों की सरकारों ने मान्यवर श्री कांशीराम जी की मृत्यु होने पर, इनके सम्मान में एक दिन का भी ‘‘राष्ट्रीय व राजकीय‘‘ शोक घोषित नहीं किया था।

2सुश्री मायावती जी ने कहा कि जब मान्यवर श्री कांशीराम जी अपने इलाज के लिए दिल्ली के एक प्राईवेट हाॅस्पिटल में दाखिल थे, तब उन्हंे अकेला व असहाय देखकर उस समय सन् 2003 में केन्द्र में बीजेपी के नेतृत्व में चल रही सरकार ने सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग करके अपने राजनैतिक स्वार्थ में मुझे ‘‘ताज प्रकरण व इसकी आड़ में आय से अधिक सम्पत्ति‘‘ होने के मामले में जबरन गलत तरीके से फँसाकर सी0बी0आई0 के जरिये 8 अक्टूबर, 2003 को एक ही दिन में व एक ही समय पर उनके स्वयं के तथा सभी सम्बन्धियों के घरों पर एक साथ छापा डलवाया था।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि उसी दिन छापे के दौरान ही कांग्रेस पार्टी की ‘‘राष्ट्रीय अध्यक्षया श्रीमती सोनिया गाँधी‘‘ ने उन्हें अपनी ओर से टेलीफोन करके यह कहा था कि ‘‘आज बीजेपी की हरकतों को देखकर, हमें काफी ज्यादा दुःख है कि आपके साथ बीजेपी की केन्द्रीय सरकार अच्छा वर्ताव नहीं कर रही है।‘‘ उन्होंने यह भी कहा कि आप घबरायें नहीं, इस मुश्किल की घड़ी में कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिया कि जैसे ही केन्द्र में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनेगी, उन्हें इस प्रकरण में निश्चित रूप से न्याय दिलायेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से लेकर अब तक केन्द्र में लगातार कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में ही सरकार चली आ रही है। फिर भी सन् 2004 से लेकर अब तक लगभग इन 8 वर्षों की इस लम्बी अवधि में भी उनके ताज से जुड़े आय से अधिक प्रकरण के मामले में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में चल रही केन्द्र की सरकार ने आज तक भी उन्हें न्याय नहीं दिया है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सम्बन्धित प्रकरण में खुद केन्द्रीय सरकार के आयकर विभाग ने लगभग सभी मामलों में और साथ ही इससे जुड़े कुछ मामलों में भी माननीय कोर्ट ने उन्हंे क्लीन चिट दे दी है। लेकिन इसके बावजूद भी कांग्रेस पार्टी ने अपने राजनैतिक स्वार्थ में केन्द्र की सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग करके इस मामले को अभी तक भी सी0बी0आई0 के जरिये लटकाया हुआ है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग की रिपोर्ट के आधार पर ही केन्द्र में कांग्रेस पार्टी की सरकार ने अब तक कई लोगों के केस खत्म कर दिये हैं, लेकिन उनके खुद के मामले में कांग्रेस पार्टी भी बीजेपी की तरह ही सी0बी0आई0 का काफी ज्यादा दुरूपयोग कर रही है। इससे बीजेपी की भाँति कांग्रेस पार्टी की भी दलितों के प्रति हीन व जातिगत् द्वेष की भावना आज भी उन्हें साफतौर से स्पष्ट नजर आती है।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि 13 मई, 2007 को जबसे उ.प्र. में अकेले अपने बलबूते एक दलित की बेटी के नेतृत्व मेें बी.एस.पी. की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनी है, तबसे यहाँ सभी विरोधी पार्टियाँ अन्दर-अन्दर आपस में मिलकर एक सोची-समझी एक राजनैतिक साजिश के तहत् उनकी पार्टी व सरकार की छवि को धूमिल करने की कोशिश में लगातार लगी रहती हैं और इस मामले में हमें कांग्रेस पार्टी सबसे ज्यादा आगे खड़ी नजर आती है। कांग्रेस पार्टी का रवैया उनकी पार्टी की सरकार के साथ शुरू से ही सौतेला रहा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत् उ.प्र. को ‘‘केन्द्रीय अंश‘‘ का मिलने वाला धन भी केन्द्र सरकार द्वारा ‘‘समय‘‘ पर नहीं दिया गया।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उ.प्र. सरकार को यथासमय पर धन प्राप्त नहीं होता है, जिसके कारण प्रदेश का विकास व जनहित के कार्य काफी ज्यादा प्रभावित हुये हैं। उन्होंने कहा कि गत चार वर्षों के उपलब्ध आंकड़ों से साफ है कि 13 मई सन् 2011 तक की अवधि में विŸाीय वर्ष 2007-08 में 4,935 करोड़ रुपये, वर्ष 2008-09 में 3,266 करोड़ रुपये, वर्ष 2009-10 में 7,320 करोड़ रुपये, तथा वर्ष 2010-11 में 5,864 करोड़ रूपये, कुल मिलाकर 21,385 करोड़ रूपये बन जाते हैं। यह केन्द्रीय अंश उ.प्र. सरकार को समय पर प्राप्त नहीं हुआ है।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि पूर्व की सरकारों में विरासत में मिले “उŸार प्रदेश के वर्षों पुराने पिछड़ेपन व ग़रीबी को दूर करने” तथा तेज़ी से विकास कार्यों को गति देने के लिये उनकी सरकार ने सन् 2007 में केन्द्र सरकार से 80,000 करोड़ रुपयों का विशेष आर्थिक सहायता पैकेज देने की अनेकों बार माँग की थी। इस माँग पर केन्द्र सरकार ने आज तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया है। इसके बावजूद विरोधी पार्टियों द्वारा व अन्य विभिन्न स्तरों पर यह भ्रम फैलाने का लगातार प्रयास किया जाता रहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश को निर्धारित मापदण्डों से हटकर ‘अतिरिक्त‘ सहायता दी जा रही है, जो कि पूर्णतयाः गलत व असत्य है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उ.प्र. के समस्त क्षेत्रों में ‘‘संतुलित व समग्र विकास‘‘ उपलब्ध हो तथा उ.प्र. की सम्पूर्ण जनता को बेहतर भविष्य मिले, इसके लिए उनकी पार्टी उ.प्र. का पुर्नगठन करके ‘‘पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड व पश्चिमी उत्तर प्रदेश‘‘ को भी अलग से राज्य गठित करने की हमेशा ही पक्षधर रही है, जिनका गठन करना केन्द्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि इस मामले में भी केन्द्र में कांग्रेस व बीजेपी ने अपने-अपने शासनकाल के दौरान अभी तक भी कोई सार्थक कदम नहीं उठाये हैं।

सुश्री मायवती जी ने कहा कि इसके साथ ही उनकी पार्टी की सरकार ने प्रदेश में अन्य पिछड़े वर्गों की कुछ जातियों को ‘अनुसूचित जाति की सूची में,‘‘ तथा देश के ‘‘मुस्लिम व जाट समाज‘‘ के लोगों को, अन्य पिछड़े वर्गों की केन्द्रीय सूची में, इनके आरक्षण के कोटे को बढ़ाये जाने व उनकी आबादी के हिसाब से इनका अलग से कोटा निर्धारित करने की शर्त के साथ इन्हें शिक्षा, नौकरियों व अन्य और जरूरी क्षेत्रों में भी आरक्षण दिये जाने तथा देश में ‘‘अपरकास्ट समाज‘‘ में से गरीब लोगों को आर्थिक आधार पर सभी मामलों में, इन्हें अलग से आरक्षण दिये जाने के लिए भी उनकी पार्टी की सरकार ने केन्द्र सरकार को कई बार लिखित आग्रह किया है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके अलावा देश में ‘‘अनुसूचित जाति /जनजाति‘‘ की बढ़ी हुई आबादी के हिसाब से इनके आरक्षण के कोटे में बढ़ोत्तरी करने व इनका केन्द्रीय व देश के ज्यादातर राज्यों में राज्य स्तरीय सरकारी नौकरियों में वर्षों से अधूरे पड़े आरक्षण के कोटे को पूरा करने के लिए और साथ ही प्राईवेट सेक्टर व न्यायपालिका एवं अन्य जिन भी क्षेत्रों में, इन वर्गों को अभी तक भी आरक्षण की सुविधा नहीं मिली है। ऐसे सभी क्षेत्रों में, इनको आरक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु भी उनकी सरकार द्वारा केन्द्र सरकार को बार-बार लिखित अनुरोध किया गया है। लेकिन इन सभी मामलों को केन्द्र सरकार ने अभी तक भी ठण्डे बस्ते में डाला हुआ है।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि प्रदेश में पूर्वांचल व बुन्देलखण्ड की तरह पश्चिमी उ.प्र. के विकास के लिये भी प्राईवेट सेक्टर के माध्यम से (पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप - च्ण्च्ण्च्ण्) ‘‘जेवर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेस-वे एवं अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेस-वे’’ आदि अनेकों अति महत्वपूर्ण योजनायें बनाई थी, जिनसे पश्चिमी उ.प्र. के विकास के साथ-साथ इस क्षेत्र के सभी जिलों के लोगों को भी काफी ज्यादा लाभ पहुँचता, जबकि इन परियोजनाओं में केन्द्र सरकार का कोई भी पैसा नहीं लगना था। केवल उनको कुछ मामलों में मंजूरी ही देनी थी, जो आज तक भी नहीं दी गयी है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके साथ ही पश्चिमी उ.प्र. में ‘‘माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय’’ की एक खण्डपीठ की स्थापना का मामला भी केन्द्र सरकार के समक्ष अभी तक भी लम्बित पड़ा हुआ है। इसके साथ-साथ किसानों के हितों को ध्यान में रखकर देश में लागू पुरानी भूमि अधिग्रहण नीति को भी संशोधित करने के लिए अनेकों बार केन्द्रीय सरकार को कहा गया है, किन्तु इस पर भी काफी विलम्ब किया जा रहा है, जिसके कारण फिर उन्हें मजबूर होकर प्रदेश के किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध उनकी पार्टी की सरकार ने प्रदेश में प्रगतिशील भूमि एवं पुर्नवास नीति लागू की है।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि यही रवैया उत्तर प्रदेश के साथ केन्द्र सरकार का ‘‘बिजली‘‘ देने के मामले में भी बना हुआ है। इसके अलावा पूर्व की सरकारों की अति दयनीय व खराब ‘‘कानून-व्यवस्था‘ की स्थिति को भी सही पटरी पर लाने के लिए केन्द्र से समय-समय पर मांगा गया सहयोग भी ज्यादातर मामलों में नकारात्मक ही रहा है। इसके अलावा उनकी पार्टी के मुख्य दलित बैंक वोट को तोड़ने के लिए भी कांग्रेस पार्टी द्वारा किस्म-किस्म के नाटक कराये गये हैं। लेकिन इसमें भी जब कांग्रेस पार्टी को अब तक कुछ भी हासिल होता हुआ नजर नहीं आ रहा है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हताश होकर ऐसी स्थिति में कांग्रेस पार्टी केन्द्र में, खासतौर से भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अपनी सरकार को चारों तरफ से घिरते हुये देखकर उ.प्र. में वि.सभा के आमचुनाव होने से पहले यहाँ दलितों के वोटों को लुभाने के उद्देश्य से न चाहते हुए भी जिस मीरा कुमार के पिता स्वर्गीय बाबू जगजीवन राम जी को उनके काफी संघर्ष करने के बावजूद भी इनको एक दलित होने के नाते, इन्हें इस देश का प्रधानमन्त्री नहीं बनाया था, जिसके कारण फिर इनको कांग्रेस पार्टी छोड़कर अपनी अलग से नई पार्टी भी बनानी पड़ी थी।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में बी.एस.पी. से घबराकर कुछ हद तक यह सम्भव हो सकता है कि कांग्रेस पार्टी अब इनकी ही बेटी श्रीमती मीरा कुमार को या फिर महाराष्ट्र से श्री सुशील कुमार शिन्दे को अपने दिल के ऊपर पत्थर रखकर किसी एक को कुछ समय के लिए इस देश का प्रधानमंत्री भी बना सकती है। उन्होंने कांगे्रस पार्टी व अन्य सभी विरोधी पार्टियों को चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी उ.प्र. में वि.सभा के आमचुनाव होने से पहले चाहे किसी भी दलित वर्ग के व्यक्ति को, कुछ समय के लिए इस देश का प्रधानमंत्री क्यों न बना दे। इसके बाद भी उन्हें अपने समाज के लोगों के ऊपर यह पूरा भरोसा व गर्व है कि ‘‘बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व मान्यवर श्री कांशीराम जी‘‘ की आत्म-सम्मान व मानवतावादी मूवमेन्ट से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि बी.एस.पी. का दलित वोट बैंक उत्तर प्रदेश अथवा देश के किसी हिस्से से रत्तीभर भी वोट कांग्रेस पार्टी में जाने वाला नहीं है।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में, पूर्व में जिन भी विरोधी पार्टियों की यहाँ सरकारें रही हैं और साथ ही केन्द्र में भी अभी तक जिन भी पार्टियों की सरकारें रही हैं, ये सभी विरोधी पार्टियों की सरकारें अन्दर-अन्दर आपस में मिलकर यह कतई नहीं चाहती हैं कि उ.प्र. का हर मामले में सम्पूर्ण विकास हो। इनके इसी ही रवैये को देखकर इसके पीछे उन्हें इन सभी विरोधी पार्टियांे की एक सोची-समझी मिली-जुली स्वार्थभरी राजनैतिक साजिश नजर आती है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यदि यह प्रदेश पूर्णरूप से विकसित हो जाता है, तो फिर इस प्रदेश के लोग यहाँ हर मामले में, विशेषकर राजनीतिक मामले में स्वतन्त्र फैसला लेने लगेंगे। उन्होंने कहा कि जिससे फिर इन पार्टियों का सत्ता में आकर इन्हें अपनी मन-मर्जी करना प्रदेश में बहुत मुश्किल हो जायेगा। अपने इन्हीं स्वार्थाें के चलते सभी विरोधी पार्टियों की सरकारों ने व अब तक केन्द्र की सभी सरकारों ने जान बूझकर उ.प्र. को सम्पूर्ण रूप से विकसित नहीं होने दिया है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसी की वजह से ही उ.प्र. के लोग आजादी के बाद से लगातार अपनी रोजी-रोटी के लिए देश के कोने-कोने में मारे-मारे घूमते रहे हैं। उनकी पार्टी की सरकार देश की यह पहली और अकेली ऐसी सरकार है, जिसने हर मामले में व हर स्तर पर ‘‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय‘‘ की नीति के आधार पर चलकर उ.प्र. को सम्पूर्ण रूप से विकसित करने का ईमानदारी से फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि दलितों, पिछड़ों, धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ-साथ अपर कास्ट समाज में से गरीब लोगों व महिलाओं के हितों का हमारी पार्टी की सरकार ने हर मामले में प्राथमिकता के आधार पर पूरा-पूरा ध्यान दिया है। इनके उत्थान के लिए प्रदेश में पहली बार अनेकों जनहित की योजनायें शुरू की गई हैं।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने इसके अलावा प्रदेश के ‘‘किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, वकीलों, व्यापारियों एवं अन्य पेशों‘‘ में लगे लोगों के हितों का भी हर प्रकार से पूरा ध्यान रखा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा, ऊर्जा, परिवहन, ग्राम्य विकास, आवास, सिंचाई, कृषि, शहरी व लोक निर्माण, समाज कल्याण, औद्योगिक, श्रम एवं अवस्थापना विभाग आदि के जरिये भी प्रदेश के विकास एवं जनहित के मामले में अनेकों महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक कार्य किये गये हैं। इसी प्रकार प्रदेश में हर मामले में बेहतर कानून-व्यवस्था बनाने के लिए भी हमारी सरकार ने अनेकों महत्वपूर्ण फैसले लिये हैं।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूरे प्रदेश में हर स्तर पर फैले भ्रष्टाचार व राजनीतिक में लगातार पनप रहे अपराधीकरण को जिसका उ.प्र. भी काफी हद तक शिकार हुआ है। इसको समाप्त करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में पूर्व की सरकारों में वर्षों से फैली ये दोनों बहुत पुरानी बीमारियां उनकी सरकार को विरासत में मिली है, जिन्हें खत्म करने के लिए उनकी सरकार को काफी सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं। साथ ही उनकी सरकार के कई मन्त्रियों को भी अपने मन्त्री पद से हाथ धोना पड़ा है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यदि भ्रष्टाचार को खत्म करने के मुद्दे पर ‘‘श्री अन्ना हजारे, बाबा रामदेव एवं अन्य कोई भी संगठन तथा राजनैतिक दल‘‘ बिना किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के व राजनैतिक एवं जातिवादी द्वेष की भावना से ऊपर उठकर जनहित में उत्तर प्रदेश में भी अनुशासित तरीके से किसी भी रूप में अभियान छेड़ते हैं। तो इसका उनकी पार्टी व सरकार को कोई भी एतराज नहीं होगा।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर श्री एल.के. अडवाणी के नेतृत्व में बिहार प्रदेश से जो रथयात्रा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह रथयात्रा बिहार प्रदेश से शुरू करने की बजाय, वास्तव में कर्नाटक प्रदेश से शुरू करनी चाहिये थी, क्योंकि इस राज्य की मुख्यमंत्री को अपनी कुर्सी तक भी गवांनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की यह रथयात्रा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर, देश की जनता की आँखों में धूल झोंकने वाली राजनैतिक नौटंकी मात्र नजर आती है।  सही मायने में इनकी इस रथयात्रा के पीछे, श्री आडवाणी की अपनी खुद की पार्टी में पिछले कुछ समय से इनकी प्रधानमंत्री के पद की कमजोर पड़ी दावेदारी को फिर से पुख्ता करने की यात्रा ही नजर आती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की इस रथयात्रा का देश की जनता कोई ज्यादा संज्ञान लेने वाली नहीं है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बीजेपी को उ.प्र. सरकार के बारे में कोई भी किताब लिखने व श्वेत पत्र  जारी करने के लिये बिना वजह अपनी एनर्जी खराब करने की बजाय इस पार्टी को कर्नाटक स्टेट में अपनी सरकार के बारे में श्वेत पत्र व किताब छापकर पूरे देश में बड़े पैमाने पर बांटनी चाहिये, तो बीजेपी के भविष्य के लिये ज्यादा बेहतर होगा। इसी प्रकार समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पार्टी को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर, यहाँ उनकी सरकार के बारे में कुछ भी बोलने की बजाय इन्हें पहले अपने गिरेबान मेें भी झांककर जरूर देखना चाहिये। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के बारे में इस मुद्दे पर कुछ भी बोलना, इनके लिये मानो ‘900 चूहे खाकर, बिल्ली हज को चली’ हो।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा लखनऊ व नोएडा में जो भी ऐतिहासिक व भव्य स्थल तथा ग्रीन गार्डन आदि बनवाये हैं, उन्हें विरोधी पार्टियों के लोगों को जातिगत द्वेष की भावना के नजरिये से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को कुछ ही वर्षों के अन्दर काफी अधिक आर्थिक लाभ होगा, जो प्रदेश के विकास व गरीब लोगों के उत्थान पर खर्च किया जायेगा।

सुश्री मायावती जी ने लोकार्पण के बाद इस स्थल को देखने के लिए उमड़ी भारी भीड़ के उत्साह को देखते हुए कहा कि इसे देर रात्रि तक खुला रखा जाए, ताकि यहां के लोग अनुशासनपूर्वक इस स्थल को देख सकें। उन्होंने नोएडा आॅथरिटी के चेयरमैन श्री बलविन्दर कुमार को इस स्थल से सम्बन्धित अवशेष कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिये है। नोएडा जैसे अति महत्वपूर्ण क्षेत्र में ‘राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल’ एवं ‘ग्रीन गार्डन’ निर्माण के लिए खासतौर से दलितों एवं कमजोर वर्ग के लोगों ने माननीया मुख्यमंत्री जी का हार्दिक स्वागत किया।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर वरिष्ठ मंत्री श्री नसीमउद्दीन सिद्दीकी, श्री स्वामी प्रसाद मौर्य, श्री लालजी वर्मा, श्री इन्द्रजीत सरोज, ठाकुर जयवीर सिंह व श्री रामवीर उपाध्याय तथा पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों व पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं, सांसद राष्ट्रीय महासचिव ‘‘श्री सतीश चन्द्र मिश्रा’’, कैबिनेट सचिव ‘‘श्री शंशाक शेखर सिंह‘‘, एडिशनल कैबिनेट सचिव ‘‘श्री रविन्द्र सिंह‘‘, माननीया मुख्यमंत्री के सचिव ‘श्री नवनीत सहगल व सूचना सचिव श्री प्रशान्त त्रिवेदी एवं इनके अलावा प्रमुख सचिव गृह श्री कुंवर फतेह बहादुर व ए0डी0जी0 (कानून व्यवस्था) श्री एस.के. सिंह के प्रति आभार प्रकट किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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