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Archive | कृषि

केन्द्र सरकार द्वारा गन्ने का मूल्य 40 रूपया प्रति कुन्टल बढ़ाने का हार्दिक स्वागत

Posted on 01 February 2013 by admin

राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेष अध्यक्ष मुन्ना सिंह चैहान व प्रदेष प्रवक्ता प्रो0 के0के0 त्रिपाठी ने केन्द्र सरकार द्वारा गन्ने का मूल्य 40 रूपया प्रति कुन्टल बढ़ाने का हार्दिक स्वागत किया है।
श्री चैहान  ने बताया कि गन्ने का मूल्य बढाने में राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी अजित सिंह व राष्ट्रीय महासचिव जयन्त चैधरी ने यू0पी0ए0 सरकार पर दबाव बनाकर किसानों के हित में भारत सरकार से गन्ने का लाभकारी मूल्य (एफ0आर0पी0) 170 से बढ़ाकर 210 रूपया प्रति कुन्टल कराने में अहम भूमिका अदा की।
प्रदेश प्रवक्ता प्रो0 के0के0 त्रिपाठी ने बताया कि इस निर्णय से यह साबित होता है कि राष्ट्रीय लोकदल ही किसान हितैषी है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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जी0एम0 बीज(जेनिरिकली माडीथाईड बीज) के उपयोग और प्रसार पर छूट देने का निर्णय लिया

Posted on 31 January 2013 by admin

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सत्यदेव सिंह ने आज भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उ0प्र0 के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों की बैठक में उ0प्र0 में जी0एम0 बीज(जेनिरिकली माडीथाईड बीज) के उपयोग और प्रसार पर छूट देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही इस प्रकार के निर्णय से कई प्रश्न अनुउत्तरित रह गए है। उ0प्र0 में आज कृषि और कृषि आधारित किसानों की जिन्दगी दूभर हो गई है। खाद, बीज, पानी और अपने उत्पादनों को सही और लाभकारी मूल्य किसानों के लिए सपना हो गया है। प्रत्येक फसल के बाद किसानों को सिर्फ कर्जा ही हाथ लगता है। कृषि उत्पादों के भण्डारन का घोर आभाव भी किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने में बाधक है।
श्री सिंह ने कहा कि सरकार को जी0एम0 बीजों के प्रयोग से पहले किसानों को यह बताना चाहिए कि इन बीजों की कीमत और उपलब्धता क्या होगी? क्या ये बीज टर्मिनल बीज अर्थात एक ही बार उपयोग के लिए होंगे। इनके लिए खाद व पानी की क्या आवश्यकता होगी और क्या उसके उत्पाद को सही मूल्य और ठीक समय पर किसानों से क्रय किए जाने की सरकार गारंटी देगी? जी0एम0 बीजों के प्रयोग से पहले इन सभी शंकाओं का निराकरण और इसके उत्पादन का क्रय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। प्रदेश में भूजल स्तर, खाद की कमी और इसकी  व्यापक कालाबाजारी, किसानों के जिन्सों की उचित मूल्य पर खरीद, बिजली पानी के संकट के कारण प्रतिवर्ष कृषि जमीन गैर कृषि कार्यो में परिवर्तित होती जा रही है। परिणाम स्वरूप वह दिन दूर नही होगा कि अनाज की कमी से प्रदेश को दो चार होना पड़ेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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विकास और खुशहाली के लिए कार्य करने के निर्देश दिए

Posted on 30 January 2013 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने गांव को इकाई मानकर इसके विकास और खुशहाली के लिए कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की खुशहाली एवं तरक्की से ही प्रदेश समृद्ध बनेगा। नवयुवकों को प्रेरित कर कृषि की तरफ उन्मुख करने पर बल देते हुए उन्होंने ऐसी योजनाएं बनाने एवं लागू करने के निर्देश दिए हैं, जो कृषि को लाभकारी बना सकें। उन्होंने कहा कि किसानों को महसूस होना चाहिए कि राज्य सरकार उनकी बेहतरी के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री आज यहां मण्डी परिषद मुख्यालय में कृषि से सम्बन्धित समस्याओं को सुलझाने एवं कृषि समस्याओं/कठिनाईयों को दूर करने हेतु गठित कृषि विशेषज्ञों की परामर्शदात्री समिति की बैठक में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने समिति की अधिक से अधिक बैठकें आयोजित करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि अनुभवी कृषि विशेषज्ञों के सुझाव प्राप्त कर मण्डी परिषद एवं सरकार के अन्य विभाग कृषि के विकास के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों को किसानों के मददगार के रूप में काम करना चाहिए।
up-cm-meetingश्री यादव ने कहा कि पंजाब, हरियाणा सहित कई अन्य राज्य कृषि क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश को भी अन्य राज्यों की तरह अपनी मण्डियों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने तथा क्षेत्रवार व फसलवार अलग-अलग योजना बनानी होगी। उन्होंने बुन्देलखण्ड तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए विशेष योजना बनाने की अपेक्षा करते हुए कहा कि कृषि के क्षेत्र में वैल्यू एडीशन का प्रयास किया जाना चाहिए, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। भण्डारण की क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस दिशा में विभाग को तेजी से काम करना होगा। उन्होंने गेहूं खरीद के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों से इस प्रकार का संवाद नियमित रूप से बनाए रखने का सुझाव देते हुए कहा कि पिछले दिनों देश एवं विदेश की कई कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने उनसे मिलकर राज्य में कृषि के लिए काम करने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने भरोसा जताया कि इसका लाभ राज्य के कृषि विकास को निश्चित रूप से मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों तथा गांवों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सभी जरूरी फैसले लेने में कतई नहीं हिचकेगी। उन्होंने भारी मात्रा में प्रयोग किए जा रहे रासायनिक उर्वरकों पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि इसका प्रतिकूल असर कृषि तथा स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक आॅर्गेनिक एवं अन्य प्रकार के उर्वरक प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए।
श्री यादव ने कहा कि कृषि क्षेत्र में कई राज्य अच्छी नीतियां बनाकर कृषि तथा किसानों को लाभ पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि यदि राज्य में भी अच्छी नीतियां बनाकर लागू की जाएं तो किसानों को काफी लाभ होगा। उन्होंने कृषि के सभी पहलुओं पर समग्र रूप से विचार कर रणनीति तैयार करने और इसे लागू कराने के निर्देश दिए।
इस मौके पर कृषि मंत्री श्री आनन्द सिंह ने बताया कि इस प्रकार की बैठकें प्रत्येक 03 माह में आयोजित कर कृषि विशेषज्ञों से विचार-विमर्श किया जाएगा। ताकि राज्य के किसानों के हित में आवश्यकतानुसार समय-समय पर कार्यक्रम बनाकर इन्हें लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश की समस्याओं को समझते हुए इसके लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पिछली सरकार के कार्यकाल में किसानों की काफी उपेक्षा हुई। वर्तमान सरकार द्वारा विगत खरीफ और वर्तमान रबी के लिए अच्छी गुणवत्ता के बीज एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस बैठक के महत्वपूर्ण बिन्दुओं को कृषि नीति में सम्मिलित किया जाएगा।
इस मौके पर प्रमुख सचिव कृषि श्री देवाशीष पाण्डा, कृषि वैज्ञानिक डाॅ0 पंजाब सिंह, प्रोफेसर राजेन्द्र कुमार, श्री जे.एन.एल. श्रीवास्तव आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक में निदेशक कृषि विपणन एवं निर्यात श्री राजीव अग्रवाल, डाॅ0 सी.पी. यादव, डाॅ0 सीताराम सिंह सहित कई कृषि विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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ग्रीष्मकालीन मूॅगफली के उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि लाने के लिये प्रोत्साहन

Posted on 30 January 2013 by admin

उत्तर प्रदेश के 12 जनपदों में किसानों को कृषि विभाग द्वारा वर्ष 2012-13 एवं 2013-14 के लिये ग्रीष्मकालीन मूॅगफली के उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि लाने के लिये प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इन जनपदों में फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, काशीराम नगर, फर्रूखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरेय्या, कानपुर नगर, लखनऊ एवं हरदोई शामिल हैं।
कृषि मंत्री श्री आनंद सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना के अंतर्गत किसानों को नवीनतम् फसल उत्पादन प्रौद्योगिकी का व्यवहारिक ज्ञान उपलब्ध कराने के लिये खण्ड प्रदर्शनों के प्रत्येक 10 हे0 के क्षेत्र के आयोजन पर प्रति हे0 10 हजार रूपये मात्र प्रति हे0 अनुदान की सुविधा किसानों को अनुमन्य करायी जायेगी। बीज पर अनुदान मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम् 6 हजार रूपये, तृणनाशी/ पेस्टीसाइड पर अनुदान मूल्य का 50 प्रतिशत, अधिकतम् 2 हजार रूपये एवं जिप्सम/ रसायनिक खाद/सूक्ष्म तत्व पर मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम 20 हजार रूपये उपलब्ध कराया जायेगा। इसके अतिरिक्त किसानों को तकनीकी हस्तान्तरण एवं जागरूकता के लिये कृषकों का प्रशिक्षण आयोजित किया जायेगा। योजना के अंतर्गत प्रत्येक 25 कृषकों के समूह को दो दिवसीय प्रशिक्षण के लिये 25 हजार रूपये प्रति प्रशिक्षण निर्धारित किया गया है। इस योजना में प्रशासनिक व्यय के लिये लेखन सामग्री एवं कार्यालय के लिये 120 हजार रूपये की धनराशि की व्यवस्था की गयी है।
श्री सिंह ने बताया कि मूॅगफली के उत्पादन में वृद्धि होने से, खाद्य तेलों के प्रति आत्मनिर्भरता बढ़ेगी तथा लाभार्थी कृषकों को आर्थिक लाभ भी होगा। फसली ऋण लेने वाले कृषकों को बीमा कराना अनिवार्य है। यद्यपि फसली ऋण न लेने वाले कृषक भी बीमा योजना के अंतर्गत लाभ पाने के लिये पात्र हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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ग्रामीण पेयजल योजनाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न

Posted on 30 January 2013 by admin

जल निगम को अधूरी योजनायें 31 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश
सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता हेतु पेयजल स्रोतों की  जांच हेतु किट वितरण के निर्देश

प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास, श्री राजीव कुमार द्वारा आज यहां अपने कार्यालय कक्ष में ग्रामीण पेयजल योजनाओं की समीक्षा की गयी। उत्तर प्रदेश जल निगम के प्रबन्ध निदेशक तथा मुख्य अभियन्ता को अधूरी योजनाओं को विशेष प्रयास करके आगामी 31 मार्च तक पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये गये। जल निगम द्वारा आगामी मार्च तक 699 सामान्य योजनायें पूरी करने का आश्वासन दिया गया। इसके अलावा 343 जल की खराब गुणवत्ता वाली योजनाओं को भी प्राथमिकता पर पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। साथ ही 4000 तक की आबादी वाले डा0 लोहिया समग्र ग्रामों में भी प्राथमिकता पर पेयजल योजनाएं क्रियान्वित करने पर बल दिया गया।
समीक्षा बैठक में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता हेतु ग्रामीण समुदाय द्वारा अपने पेयजल स्रोतों की जांच फील्ड टेस्ट किट से स्वयं किये जाने हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायत से प्रधान, ए0एन0एम0, आॅगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्रामीण जल एवं स्वच्छता समिति, विज्ञान स्नातक अथवा स्थानीय स्कूल के विज्ञान अध्यापक आदि में से किन्हीं तीन व्यक्तियों को प्रशिक्षण हेतु चिन्हित करने का कार्य आगामी फरवरी तक पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। बैठक में समुदाय हेतु प्रशिक्षण का कार्य प्रत्येक दशा में आगामी 01 मार्च से प्रारम्भ कराने तथा प्रशिक्षणोपरान्त फील्ड टेस्ट किट वितरण किये जाने के भी निर्देश प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 जल निगम को दिये गये।
बैठक में प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास, प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 जल निगम, निदेशक राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, समस्त क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता, उ0प्र0 जल निगम तथा शासन के अन्य विभागों के अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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आम का उत्पादन बढ़ाने के लिए पौधों को कीट व रोगों से बचायें

Posted on 30 January 2013 by admin

जैविक/बायोडायनमिक खादों का प्रयोग होगा लाभदायक  -ओम नारायण सिंह
प्रदेश में गुणवत्तायुक्त आम का व्यावसायिक उत्पादन बढ़ाने के लिए जरूरी है कि किसान इनके पौधों को कीटों व रोगों से बचायें तथा ज्यादा से ज्यादा वैज्ञानिक तकनीकों का प्रयोग करें। आम के स्वस्थ उत्पादन हेतु बागवानी में जैविक/बायोडायनमिक खादों का प्रयोग लाभदायक होगा इससे बीमारियों की रोकथाम तथा फलों के विकास व गुणवत्ता में वृद्धि लायी जा सकती है।
यह सलाह निदेशक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री ओम नारायण सिंह ने आम बागवानों को दी है। उन्होंने बताया कि आम के बागों को मिज, गुजिया, भुनगा व तना छेदक कीटों तथा खर्रा व गुम्मा रोगों से नियंत्रण के लिए किसान विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि आम के भुनगा कीट से बचाव हेतु मोनोक्रोटोफास की एक मिली दवा प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। तना छेदक कीड़े का प्रकोप होने पर उनके छेदों में पेट्रोल या क्लोरोफार्म या डाइक्लोरोवास में रूई भिगों कर उनमें भरें तथा छेदों को गीली मिट्टी से बन्द कर दें। उन्होंने बताया कि आम के छोटे पेड़ों को पाले से बचाने के लिए धुआॅं करें तथा समयानुसार इनकी सिंचाई करें, इसके साथ ही बाग की जुताई एवं सफाई करना अति आवश्यक है।
श्री सिंह ने बताया कि आम के पुराने अनुत्पादक बागों का जीर्णोद्धार करने से इसकी गुणवत्तायुक्त उत्पादकता में बढ़ोत्तरी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे पेड़ों की शाखाओं को भूमि से चार मीटर की ऊॅचाई पर छतरीनुमा आकार में काट दें तथा इसके कटे भाग पर फफूंॅदनाशक दवा (काॅपर आॅक्सीक्लोराइड) का घोल लगा दें। उन्होंने कहा कि आम के बाग में पहले 10 वर्षों तक अन्तः फसलें भी ली जा सकती हैं। जिसमें लोबिया, आलू, मिर्च, टमाटर, मूंग, चना व उर्द की फसलें प्रमुख हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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चीनी उद्योग के लिये को-जेनरेशन एवं आसवनी प्रोत्साहन नीति-2013 लागू

Posted on 28 January 2013 by admin

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चीनी उद्योग को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से प्रदेश में स्थापित होने वाली नई चीनी मिलों को विभिन्न प्रकार के टैक्सों में छूट एवं रियायतें देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस नई प्रोत्साहन नीति-2013 के अन्तर्गत अब प्रदेश के चिन्हित जनपदों- देवरिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, अमेठी, बदायूं, गाजीपुर, बलिया, इटावा, मैनपुरी, रायबरेली, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, एटा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, झांसी, जालौन, ललितपुर आदि में नई चीनी मिलों की स्थापना के लिये प्रोत्साहन दिया जायेगा। इसके तहत को-जेनरेशन इकाई एवं डिस्टलरी की स्थापना प्रदेश में कहीं भी की जा सकेगी।
नई प्रोत्साहन नीति के तहत इस उद्योग में निवेश करने वालों को विभिन्न प्रकार की छूट एवं रियायतें भी देने की व्यवस्था की गयी है। इसमें ऋण पर पांच प्रतिशत ब्याज उपादान, गन्ना क्रय कर पर छूट, सोसायटी कमीशन के 75 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति दी जायेगी। देसी मदिरा हेतु शीरा आरक्षित करने से छूट, शीरे पर प्रशासनिक शुल्क की छूट, स्टाम्प ड्यूटी एवं भूमि रजिस्ट्री शुल्क में छूट की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त शीरे का प्रथम क्रय/विक्रय की तिथि से 5 वर्ष तक भुगतान किये गये वैट व केन्द्रीय विक्रयकर के योग के समतुल्य अथवा वार्षिक विक्रय की 10 प्रतिशत धनराशि, जो भी कम हो, ब्याजमुक्त ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जायेगी। प्रतिपूर्ति, छूटें अथवा ऋण अधिकतम पांच वर्ष के लिए अनुमन्य होगा।
ये सभी छूट एवं रियायतें उन्हीं चीनी मिलों को मिलेंगी जो प्रदेश सरकार द्वारा चिन्हित जिलों में स्थापित हों। इसके अतिरिक्त नीति घोषित होने के उपरान्त चीनी मिलों में निर्माण कार्य प्रारम्भ किया गया हो अथवा नीति घोषित होने के 3 वर्षों के अन्दर व्यावसायिक उत्पादन प्रारम्भ हो गया हो। को-जेन/आसवनी नीति घोषित होने के 2 वर्षों के अन्दर व्यावसायिक उत्पादन प्रारम्भ करना होगा।
सरकार द्वारा सुनिश्चित किया जायेेगा कि कम्पनी/इकाई द्वारा सम्पूर्ण गन्ना मूल्य का भुगतान समय से कर दिया गया हो। नई नीति के तहत पांच वर्षों में प्रत्येक इकाई को 75 करोड़ रुपये से अधिक छूट एवं रियायतें नहीं दी जायेंगी। यदि कोई कम्पनी/इकाई त्रुटिपूर्ण सूचना अथवा अभिलेखों के माध्यम से छूट या रियायतें प्राप्त करती हैं तो ज्ञात होने पर यह धनराशि भू-राजस्व की भांति सरकार द्वारा वसूल की जायेंगी।
प्रदेश के इन चिन्हित जिलों में चीनी उद्योग को प्रोत्साहति करने के लिये नई चीनी मिलों की स्थापना, को-जेन एवं आसवनियां लगने से प्रदेश की जनता को और अधिक रोजगार के अवसर मिलेंगे, किसानों को और अधिक गन्ने का भुगतान होगा तो किसान भी खुशहाल होंगे। इन चीनी मिलों की स्थापना से प्रदेश में और अधिक विद्युत का उत्पादन किया जा सकेगा तथा समग्र रूप से चिन्हित क्षेत्रों का आर्थिक विकास होगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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गेहूॅ क्रय व्यवस्था संबंधी समय-सारिणी जारी

Posted on 25 January 2013 by admin

उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी रबी विपणन वर्ष 2013-14 के लिये गेहूॅ क्रय व्यवस्था संबंधी समय-सारिणी जारी कर दी है।
खाद्य विभाग द्वारा जारी सर्कुलर में सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि गेहूॅ क्रय संबंधी केन्द्रों के निर्धारण सहित अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं आगामी 18 मार्च तक पूरी कर ली जायें ताकि सभी क्रय केन्द्र समय से क्रियाशील हो सकें, जिससे एक अप्रैल से गेहूॅ की खरीद प्रारम्भ हो सके।
सर्कुलर में कहा गया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूॅ की खरीद में जिलाधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अतः गेहूॅ क्रय एजेन्सियों के स्थानीय अधिकारियों के साथ जिलाधिकारियों द्वारा एक बैठक तत्काल आयोजित कर ली जाये तथा आवश्यकतानुसार समय-समय पर बैठक भी कराते रहें, जिससे निर्धारित अवधि तक अपेक्षित कार्य सुगमता पूर्वक पूरा हो सके। भारत सरकार ने विपणन वर्ष 2013-14 के लिये गेहूॅ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1350 रूपये प्रति कुन्तल घोषित किया है

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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52.13 लाख किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने का लक्ष्य

Posted on 24 January 2013 by admin

उत्तर प्रदेश में किसानों को कृषि कार्यों में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिये कृषि विभाग द्वारा दिसम्बर, 2013 तक 27.55 लाख किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराये गये, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 52.13 लाख किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
कृषि मंत्री श्री आनन्द सिंह ने आज यहाॅ इस संबंध में बताया कि रबी में कृषि निवेश जैसे- उर्वरक, बीज, सिंचाई, रक्षा रसायन, कृषि यंत्र आदि खरीदने के लिये समस्त ग्रामों के पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने के लिये अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं।
श्री सिंह ने बताया कि पुराने समय में किसानों को महाजनों से ऋण लेना पड़ता था, जिस पर ऊॅची दर पर सूद देना पड़ता था और किसान ऋण के चुंगल में फंसता चला जाता था। उन्होंने कहा कि अब किसानों के लिये ग्रामीण बैंकों द्वारा कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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बाराबंकी में रबी किसान गोष्ठी आयोजित

Posted on 24 January 2013 by admin

किसान रबी की नकदी फसलों में वैज्ञानिक खेती को अपनायें
जनपद में लगेगी दुग्ध अवशीतन इकाई -कृषि उत्पादन आयुक्त

प्रदेश के किसानों को रबी की नकदी फसलों की वैज्ञानिक खेती के प्रति अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाय जिससे वे अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकंे तथा विकास की मुख्य धारा से अपने को जोड़ सकें।
यह जानकारी प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन ने आज ग्राम दौलतपुर, विकास खण्ड हरख, बाराबंकी में इफको द्वारा आयोजित रबी नकदी फसल विचार गोष्ठी एवं नेत्र चिकित्सा शिविर का उद्घाटन करने के दौरान दी।
इस दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने श्री राम सरन वर्मा द्वारा अपनायी जा रही  नयी कृषि तकनीकी को किसानों से अपनाने की अपील की। उन्होंने जनपद के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये  कि किसानों को अधिक से अधिक वैज्ञानिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाय। उन्होंने जनपद में दुग्ध एवं पशुपालन विकास हेतु एक दुग्ध अवशीतन इकाई लगाने के लिए इससे संबंधित प्रस्ताव भेजने के भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने किसानों की मांग पर जनपद में मेन्था परिशोधन इकाई को खाद्य सुरक्षा मिशन में लाने का भी आश्वासन दिया।
श्री आलोक रंजन ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य संवर्धन के प्रति सचेत किया तथा इस दिशा में इफको द्वारा किये जा रहे कार्यों की भी सरहना की। उन्होंने हाइटेक फार्म-हाउस पर नवीन कृषि यंत्रों एवं विभिन्न विभागों द्वारा लगायी प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा इसके साथ नेत्र चिकित्सा शिविर का भी भ्रमण किया।
गोष्ठी में कृषि निदेशक श्री डी0एम0सिंह, संयुक्त महाप्रबन्धक (विपणन) श्री आर0पी0सिंह, निदेशक  (एच0आर0डी0), राज्य विपणन प्रबन्धक श्री योगेन्द्र कुमार तथा जिले के संबंधित विभागीय अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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