Archive | राज्य

मंहगाई के बिरोध में प्रधान मन्त्री का फूंका पुतला

Posted on 02 July 2010 by admin

सुल्तानपुर, कुड़वार- महंगाई के विरोध में आज दोपहर मे भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर धरना प्रर्दशन करते हुए प्रधान मन्त्री का पुतला फूंका। धरना प्रर्दशन करने वालो में अशोक यादव ब्लाक अध्यक्ष, राम चन्द मिश्र, नित्यानन्द तिवारी, ज्ञानी सिंह, विनोद सिह सहित सैकड़ो लोग थे। उधर इसौली विधान सभा के ब्लाक कार्यालय पर अमेठी जिला बनने पर एक बैठक की जिसमे सभी लोगो ने बहन मायावती मुख्य मन्त्री उ0प्र0 के प्रति आभार व्यक्त किया,और कहा कि बहन जी अपने कहे वादों को पूरा किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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प्रमुख सचिव श्री विजय शंकर पाण्डेय द्वारा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की समीक्षा

Posted on 02 July 2010 by admin

लखनऊ - उत्तर प्रदे की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले, नकली एवं अधोमानक औषधियों के निर्माण एवं बिक्री करने वालों के विरूद्ध सख्त रूख अपनाने के निर्दे खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को दिये थे। मुख्यमन्त्री के निर्देष के क्रम में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, सचिवालय प्रषासन तथा सूचना विभाग के प्रमुख सचिव श्री विजय शंकर पाण्डेय ने आज यहॉ खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की गहन समीक्षा की।

श्री पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देषित किया कि मुख्यमन्त्री जी की इच्छा के अनुरूप प्रदे में मिलावटखोरों तथा नकली एवं अधोमानक दवाओं की बिक्री करने वालों एवं निर्माताओं के खिलाफ जोरदार अभियान चलाया जाये। उन्होंने कहा कि मानव स्वास्थ्य के लिये हानिकारक प्रतिबन्धित दवाओं की बिक्री करने वालों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाये तथा ऐसे लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराकर उन्हें जेल भेजा जाये।

श्री पाण्डेय ने कहा कि गोपनीय सूचना एवं छापों के आधार पर जिन मिलावटखोरों के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण एकत्रित किये जा चुके हैं, ऐसे दोशी लोगों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्यवाई सुनिश्चित की जाये। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्दे दिये कि राज्य में विषुद्ध खाद्य पदार्थों एवं प्रमाणिक औषधियों की ही बिक्री की जाये। उन्होंने कहा कि प्रतिबन्धित दवायें यदि किसी भी दुकान या स्थान पर संग्रहीत, निर्मित या बिक्री करते हुए पाये जाते हैं, तो सम्बन्धित के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्यवाई सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि नार्कोटिक्स एवं साइकोट्रापिक (शिड्यूल एच) तथा शेड्यूल एक्स औषधियां चिकित्सक के पर्चे पर ही बेची जायें, चिकित्सक के पर्चे की प्रति भी अनुरक्षित की जाये तथा इनका लेखा-जोखा भी दुकानदार अनिवार्य रूप से अलग रजिस्टर पर अंकित करें, ताकि अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के दौरान गहन छान-बीन की जा सके। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आगाह किया कि निरीक्षण के दौरान, यदि वे अपने दायित्वों के निर्वहन में कोई लापरवाही अथवा अनदेखी करते हैं, तो उन्हें बख्षा नहीं जायेगा और उनके खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

प्रमुख सचिव ने मानव उपयोग के लिये घातक आक्सीटोन की अवैध बिक्री पर तत्काल प्रतिबन्ध लगाने के निर्दे दिये। उन्होंने औषधि निरीक्षकों को इस प्रकार की दवाओं की बिक्री पर कड़ी नज़र रखने की सख्त हिदायत देते हुए कहा कि यदि ऐसी दवायें कहीं भी अवैध रूप से बिक्री व संग्रहीत करते हुए पाई जाती हैं, तो ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्यवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने विभाग के वरिश्ठ अधिकारियों को निर्दे दिये कि यदि औषधि निरीक्षक अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरततें हुए पायें जायें, तो उनके खिलाफ तत्काल वैधानिक एवं आपराधिक धाराओं के तहत कार्यवाही की जाये।

कैल्सियम कार्बाइड, ऐसिटलीन गैस, इथेन, एथीफोर्न, राइपेनिंग हार्मोन आदि रसायनों की चर्चा करते हुए, उन्होंने कहा कि इन रसायनों का उपयोग बड़ी मात्रा में फलों एवं सब्जियों को आप्राकृतिक रूप से पकानें में किया जाता है। उन्होंने कहा कि ये रसायन मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यन्त ही घातक हैं, इनसे कैन्सर, अस्थमा एवं अन्य जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने इस प्रकार के घातक रसायनों की फलों एवं सब्जियों को पकाने के उपयोग पर तत्काल प्रतिबन्ध लगाने के निर्दे दिये।

श्री पाण्डेय ने कहा कि इसी प्रकार यदि प्रतिबन्धित घातक रसायनों के रंगों से सब्जियों को भी कलर किया जाता हुआ पाया जाये, तो ऐसी सब्जियों एवं फलों के विक्रेताओं के खिलाफ कठोर कार्यवाई सुनिश्चित करने के निर्दे खाद्य निरीक्षकों को दिये। उन्होंने कहा कि यदि घातक रसायनों से रंगे हुए फलों एवं सब्जियों को बिकता हुआ पाया जाये, तो इसके लिये जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध सख्त कार्यवाई करते हुए, उन्हें जेल भेजा जाये।

प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया कि अपमिश्रित खाद्य पदार्थों एवं औषधियों की बिक्री करने वाले संगठित अपराधियों एवं माफियाओं के खिलाफ कार्य योजना के अनुसार त्वरित कार्यवाही हेतु पुलिस एवं स्थानीय अभिसूचना इकाई से समन्वय स्थापित करते हुए कार्यवाई की जाये। इस क्रम में थोक विक्रेता के साथ ही साथ फुटकर विक्रेताओं के समस्त चयन को ध्वस्त करते हुए सभी सम्मिलित अपराधियों एवं माफियों की पहचान करते हुए इनके विरूद्ध आई0पी0सी0 की धारा के तहत जेल भेजने की कार्यवाई की जाये। इसके साथ ही मिलावटखोरी तथा नकली दवाइयों के निर्माण में संलिप्त अन्तर जनपदीय अपराधियों एवं माफियों के विरूद्ध भी कार्यवाई करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के टास्क फोर्स को अधिक प्रभावी बनाया गया है, ताकि संगठित अपराधियों एवं माफियाओं के विरूद्ध कड़े कदम उठाये जा सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे मिलावटखोरों के डोजियर भी बनाये जायें, ताकि उनके विरूद्ध प्रभावी कार्यवाई की जा सके।

प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया कि खाद्य एवं औषधि के नमूने फौरी तौर पर खानापूर्ति के लिये एकत्रित नहीं किये जाने चाहिये। उन्होंने कहा कि इससे प्रयोगशालाओं पर अनावष्यक बोझ पड़ता है और कार्य की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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नान फंक्शनल वेतनमान का शासनादेश जारी

Posted on 02 July 2010 by admin

लखनऊ - उत्तर प्रदेश वित्त विभाग के प्रमुख सचिव श्री अनूप मिश्र द्वारा पुनरीक्षित वेतन संरचना में नान फंक्शनल वेतनमान का शासनादेश जारी कर दिया गया है। इसमें वेतन निर्धारण की वही प्रक्रिया अपनाये जाने की व्यवस्था की गई है जो पदोन्नति होने की स्थिति में वेतन निर्धारण हेतु अपनायी जाती है जो शासनादेश दिनांक 8.12.2008 के प्रस्तार-11 में विर्णत है। यह व्यवस्था सचिवालय के अनुभाग अधिकारियों एवं निजी सचिव श्रेणी-1 के पदधारकों वेतनमान-8000-13500 के सादृश्य पुनरीक्षित वेतन संरचना में वेतनबैण्ड एवं ग्रेड वेतन पर अनुमन्य होगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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स्थानीय क्षेत्र में माल के प्रवेश पर प्राकृतिक गैस को प्रवेश कर से छूट

Posted on 02 July 2010 by admin

लखनऊ - उत्तर प्रदे सरकार ने लोकहित में 29 जून, 2010 से प्राकृतिक गैस की खरीद व बिक्री पर उत्तर प्रदे मूल्य संविर्धत कर अधिनियम (वैट) के अन्तर्गत डीलर द्वारा देय कर की धनराशि की सीमा तक ऐसे माल (प्राकृतिक गैस) के स्थानीय क्षेत्र में प्रवे करने पर लिए जाने वाले कर (टैक्स लेविएबुल) से छूट प्रदान की है। छूट की यह धनराषि लिए जाने वाले प्रवे कर की धनराशि से अधिक नहीं होगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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सुजए की मासिक बैठक सम्पन्न

Posted on 01 July 2010 by admin

सुलतानपुर - प्रेस क्लब में सुलतानपुर जर्नलिस्ट एशोसिएन की मासिक बैठक कल सम्पन्न हुइ। बैठक के दौरान सदस्यों को परिचय पत्र वितरित किया गया तथा उपाध्यक्ष अम्बरीश मिश्र के अनुरोध पर सुजए के सदस्यों का सामूहिक बीमा योजना का प्रस्ताव जारी किया गया जिसे बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने करतल ध्वनि से समर्थन किया। वहीं संगठन के महामन्त्री राकेश शर्मा के द्वारा जिलाधिकारी को संगठन की तरफ स्मृत चिन्ह प्रदान करनें का प्रस्ताव पारित किया एवं कोशाध्यक्ष जीतेन्द्र श्रीवास्तव के द्वारा आय-व्यय का व्योरा सामूहिक रूप से सदस्यों को दी गई।

अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि प्रत्येक माह की आखिरी तिथि को बैठक  का आयोजन किया जाता है। जिसमें सभी सदस्यों की उपस्तिथि अनिवार्य है। संगठन की बैठक में सुनील कुमार, मुकेश शुक्ल अनिल गुप्ता, प्रवीण मिश्रा, चन्द्र कान्त पाण्डेय, इन्द्रमणि उपाध्याय, परविन्द शर्मा, केशरी सिंह, हसनैन, राजेन्द्र यादव, आदि सदस्य मौजूद रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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जीवन-यापन के लिए शराब का धंधा बना मजबूरी

Posted on 01 July 2010 by admin

सुलतानपुर - इधर  गोमती नदी के तराई क्षेत्रों में कच्ची देशी शराब बनाने के धंधें काफी फैलने फूलने का समाचार प्रकाशित हो रहा है। जिस पर पुलिस प्रशासन व आबकारी विभाग रोक नहीं लगा वा रहा है। इसमें स्थानीय पुलिस व प्रभावशाली लोगों की मिली भगत होती है। जिसका समय आने पर लोग उपयोग करते हैं। यही कारण है कि सामाजिक संगठन चाहे जितना शराब सहित अन्य दुर्गणों को त्यागने तथा भलमानस की जीवन जीने का प्रयास करें इन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। शराब बनाने के समाचार का इशारा वैसे मल्लाहों की ओर ज्यादा होता  ळे, जब कि इधर अन्य क्षेत्रों में भी अर्थोपार्जन की द्रष्टि से लम्बा कारों बार चलता है।

अभी तक गोमती वासी मल्लाह शराब बनाने व पीने के नाम पर कुछ ज्यादा कुख्यात हैं, इसमें कुछ वास्तविकता भी है। यह अवैध धंधा पुराना है। इससे समाज काफी बदनाम है, जबकि शराब बनाना व पीना समाज व स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है पर ऐसे लोगो की कोई सकारात्मक सोच नही हैं आए दिन शराब पी कर मार-पीट करने का प्रकरण थाने तक आता रहता है। इस धंधें तथा पेय पर अंकुश लगना चाहिए। इसका एक पहलू यह है कि ऐसा उ0 प्र0 कश्यप निशाद सभा के प्रान्तीय बध्यक्ष खेमई खुमई प्रसाद निशाद का कहना है। श्री निशाद ने शराब बनाने व पीने के देसरे पहलू पर भी विचार करते हुए कहा कि यह अवैध धंधा काफी पुराना है, घंधा अपरािधेक है, पकड़े जाने पर मार खानी पड़ेगी और जेल भी जाना होगा यह जानते हुए भी तराई के लोग क्यों करते ? इसकी तह में जाने का प्रयास न प्रशासन ने किया और न अखबार वाले। क्या मजबूरी ह र्षोर्षो इसके सोचने समझने का का का कोई प्रयास नहीं हुआ। देखा यही जा रहा है, जो भी इस धंधे में लिप्त हैं उनके पास न तो कृशि योग्य भूमि है न और कोई धंधा है। कुछ ऐसे लोग भी इस धंधें को करते हैं, जो शारीरिक रूप अक्षम है। अपने परिवार का भरण - पोशण करना है। इस लिए शराब बनाते हैं ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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जनपद छत्रपति शाहू जी महराज नगर को माया सरकार ने किया बहाल

Posted on 01 July 2010 by admin

विभाजन के दंश में झुलसा सुलतानपुर व रायबरेली

जिले की बहाली को लेकर अमेठीवासी उत्साहित

सुलतानपुर - संसदीय क्षेत्र अमेठी जनपद सुलतानपुर और जनपद रायबरेली का अंग रहा जिसमें सुलतानपुर की तीन तहसीलें अमेठी, गौरीगंज व मुसाफिरखाना और दस विकास खण्ड शामिल रहे। वहीं जनपद रायबरेली की दो तहसीलें सलोन, तिलोई और छ: विकास क्षण्ड शामिल रहे। इस प्रकार छत्रपति शाहू जी महराज नगर नव सृजित जनपद में कुल 05 तहसीलें और 16 विकास खण्ड शामिल हैं। जिसे आज प्रदेश सरकार की कैविनेट की बैठक में बहाल कर दिया गया। सूचना मिली है कि नये जिले के जिलाधिकारी के रूप् में जे0 पी0 गुप्ता देर शाम तक कार्यभार ग्रहण करने आ रहे हैं। उधर जिला मुख्यालय गौरीगंज बनाये जाने को लेकर कुछ क्षेत्रों में अफरा- तफरी का भी माहौल है। उल्लेखनीय है कि 2003 में 21 मई को तत्कालीन मुख्यमन्त्री मायावती ने छत्रपति शाहू जी महराज नगर नाम अमेठी को नया जनपद बनाया था। उस समय एम0 पी अग्रवाल डी0 एम0 व पियूश आनन्द नये जिले के एस0 पी0 हुए। जिले में समस्त विभाग खोले गये। किन्तु सूबे में सत्ता परिवर्तन हुआ और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव सुबे के मुख्यमन्त्री बने। उन्होने अमेठी नाम से जिला न होने के कारण सोनिया गॉधी के सम्मान में इस जिले का गला घोट दिया। जनता सड़क पर उतर आई, तमाम विरोध प्रदर्शन हुए और अदालत में वाद दायर हुआ। जिसकी सुनवाई के सापेक्ष मायावती सरकार को तीन माह के भीतर जिला बनाकर जवाब दाखिल करने को कहा था। तद्नुसार मायावती सरकार ने अपनी कैविनेट बैठक मे जिले को बहाल कर जवाब कोर्ट में दाखिल कर दिया। जिला बहाली उनका अमेठी की जनता से वादा था, जिसे उन्होने आज पूरा कर खूब वाहवाही बटोरी है। जिला बचाओ संघर्ष समिति ने आज खुिशया जताई। इस जिले का अभ्युदय गॉधी- नेहरू परिवार और मायावती के वाक् युद्ध का नतीजा था, जो आज पुन: अमल में आ गया। इधर भादर आदि क्षेत्र के लोग मुख्यालय को लेकर सुलतानपुर और रायबरेली वासी भी मायूस हैं। जो क्राम क्षेत्र हाथ से निकल जाने के दु:ख से उबर नहीं पा रहे हैं। बहर हाल अमेठी वासी काफी उत्साहित होकर सूबे की सरकार को बधाई दे रहे हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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सियासी जंग का अखाडा बना अमेठी

Posted on 01 July 2010 by admin

लखनऊ - उत्तर प्रदेश की राजनीति में शह-मात का खेल में आगे आये राहुल गांधी को उन्ही के क्षेत्र में उल्झाने की चतुरचाल चलके प्रदेश की मुख्यमन्त्री मायावती ने अमेठी को छत्रपति शाहू जी नगर के नाम से जिले का गठन करके कांग्रेस के सामने यक्ष प्रश्न खड़ा कर दिय है। बीते दिनों अनुसूचितजाति और जनजाति के लोगों के परिवारों में रात बिताकर वाह-वाही बटोर चुके राहुल गांधी ने बसपा के आधार वोट बैंक में सेंध लगाने के लिये अम्बेडकर नगर से रथ यात्रा के द्वारा उत्तर प्रदेश को मथने की जो शुरूआत की थी उसकी काट के लिये माया सरकार ने बड़े करीने के साथ ऐसा तीर चला है। जिसके विरोध में खड़ा होना कांग्रेस के लिये कठिन हो सकता है। 2012 में होने वाले विधानसभा चुनाव की जंग को जीतने के लिये पूरी ताकत के साथ जुटी कांग्रेस को रोकने के लिये तथा अपने आधार वोट बैंक को स्थिर करने की कवायद के तहत ही पिछले दिनों पार्टी के ब्राहम्ण चेहरे सतीश चन्द्र मिश्रा को फिरसे सर्वण जातियों को जोड़ने की जुम्मेदारी सौपी गई है। कांग्रेस भी उत्तर प्रदेश में किसी भी स्तर पर मुकाबला करने के लिये तैयार है। उनकी मंशा है कि मनरेगा की तरह फूड गारंटी योजना को लागू करके एक बार फिर चुनावी युद्ध जीत लिया जायेगा। सपा और भाजपा हसिये पर चले जाने के कारण आमने सामने की लड़ाई को देखकर उत्तर प्रदेश में समय पूर्व चुनाव भी हो जाये तो काई आश्चर्य नही है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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वृक्षारोपण हेतु जनमानस को जागरूक करें - फतेह बहादुर सिंह

Posted on 01 July 2010 by admin

वर्ष 2010 के लिए निर्धारित वृक्षारोपण लक्ष्य को समय से पूरा किया जाये

लखनऊ -  उत्तर प्रदेश के वन एवं जन्तु उद्यान मन्त्री श्री फतेह बहादुर सिंह ने आज वन महोत्सव के अवसर पर वृक्षारोपण कर, वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस वर्ष के लिये निर्धारित वृक्षारोपण के लक्ष्य को समय से पूरा किया जाये, साथ ही लगाये गये वृक्षों के रख-रखाव पर विशेष ध्यान रखा जाये। उन्होंने कहा कि जनमानस में व्यापक प्रचार-प्रसार, वृक्षारोपण को जन आन्दोलन बनाकर प्रदेश की हरीतिमा को बढ़ाया जायें।

वन मन्त्री ने यह निर्देश आज वन महोत्सव के अवसर पर, गुड़म्बा डिपो उ0प्र0 वन निगम, कुर्सी रोड़ लखनऊ में आयोजित समारोह में वृक्षारोपण  कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए दिये। उन्होंने कहा कि हमारे गांवों में छायादार वृक्षों के रोपण की अत्यन्त आवश्यकता है। गांवों में तुकमी आम, महुआ, जामुन के बाग हुआ करते थे, जिसमें तीव्र ह्रास हुआ है। हमें छायादार एवं फलदार दोनों को लगाकर उसकी प्रतिपूर्ति करनी होगी।

श्री फतेह बहादुर सिंह ने कहा कि वृक्ष वायु मण्डल से हानिकारक गैस कार्वनडाई आक्साइड का अवशोषण कर प्राणदायिनी आक्सीजन का उत्सर्जन करते हैं। एक हेक्टेयर वन प्रति वर्ष औसतन 3 मैट्रिक टन अशुद्ध वायु ग्रहण कर एक मैट्रिक टन शुद्ध वायु उत्सर्जित करते हैं। राष्ट्रीय वन नीति 1988 एवं उत्तर प्रदेश राज्य वन नीति 1998 के अनुसार कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 33 प्रतिशत भाग वनाच्छादित होना चाहिए, किन्तु प्रदेश में 7.05 प्रतिशत भूभाग वनाच्छादित है।

वन मन्त्री ने इस अवसर पर गुडम्बा काष्ठ डिपो के निर्मित भवन का उद्घाटन कर कहा कि इस भवन में बैठकर डिपो के अधिकारी/कर्मचारी सुचारू रूप से कार्य निष्पादित करेंगे।

प्रमुख सचिव वन श्री चंचल कुमार तिवारी ने कहा कि आज वन महोत्सव के अवसर पर केवल वृक्षारोपण का शुभारम्भ ही नहीं किया जा रहा है, बल्कि उपस्थित लोगों को यह सन्देश दिया जा रहा है कि वे अपने चारों तरफ बढ़ते प्रदूषण को रोकें। यह तभी सम्भव होगा, जब वृक्षारोपण वृहद स्तर पर होगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 3.57 करोड़ पौधों के रोपड़ का लक्ष्य रखा गया है जिसे 55000 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपित किया जायेगा।

प्रमुख वन संरक्षक श्री डी0एन0एस0सुमन ने कहा कि इस वर्ष के लिये निर्धारित वृक्षारोपण लक्ष्य को समय से पूर्ण कराया जायेगा। उन्होंने मन्त्री जी को आश्वस्त किया कि विगत वर्ष की तरह इस वर्ष भी समय के अन्दर वृक्षारोपण कार्य सम्पन्न होगा।

वन महोत्सव के अवसर पर प्रमुख सचिव वन, उपाध्यक्ष वन विभाग श्री विजय कुमार, सचिव वन पवन कुमार, प्रमुख वन संरक्षक श्रीडी0एन0एस0सुमन सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारियों के उत्तरदायित्व पुन: निर्धारित किये जायें - अब्दुल मन्नान

Posted on 01 July 2010 by admin

जिला विज्ञान क्लबों के समन्वयकों के कार्यों की नियमित समीक्षा की जाय

लखनऊ -  प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मन्त्री श्री अब्दुल मन्नान की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय कक्ष में क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र की समस्याओं के निराकरण व उनके सुचारू रूप से संचालन के सम्बंध में एक बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक में विज्ञान मन्त्री ने निर्देश दिये कि जिला विज्ञान क्लबों के कोआर्डिनेटर्स के कार्यो की उच्च स्तर पर प्रत्येक तीन माह में समीक्षा अवश्य की जाय। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विज्ञान के प्रति बच्चों में रूझान कम हो गया है। इसलिए जिला विज्ञान क्लबों का उपयोग बेहतर ढंग से कर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के समस्त आयामों का प्रचार-प्रसार किया जाय। उन्होंने निर्देश दिये कि क्लबों द्वारा वैज्ञानिक व्याख्यान, बच्चों के लिए विज्ञान प्रतियोगितायें, कठपुतली, विज्ञान नाटक, टेक्नालॉंजी प्रदर्शन, स्वरोजगार जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रमों, विज्ञान नुक्कड़ नाटक आदि कार्यक्रम सक्रिय रूप से चलाये जायं।

श्री मन्नान ने क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिये। उन्होंन कहा कि जिला विज्ञान केन्द्रों के समन्वयकों को निरन्तर ट्रेनिंग देने का कार्य भी क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारियों द्वारा किया जाय।

बैठक में आगरा के क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी का कार्य सन्तोषजनक नहीं पाया गया। विज्ञान मन्त्री ने उन्हें कार्यो में सुधार लाने तथा अपने उत्तरदाित्वों का निर्वहन भलीभान्ति करने हेतु सचेत किया।

बैठक में बताया गया कि वर्तमान में झांसी, आगरा, मुरादाबाद एवं गोरखपुर में क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र संचालित हैं। प्रदेश के अन्य सभी मण्डलों में भी क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्रों की स्थापना की आवश्यकता है जब तक सभी मण्डलों में क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्रों की स्थापना नहीं हो जाती है तब तक चार क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्रों, दो नक्षत्रशालाओं तथा लखनऊ एवं लखनऊ मुख्यालय कुल सात स्थलों से सभी जिला विज्ञान क्लबों के कार्यों पर नियन्त्रण रखा जाय।

बैठक में क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिक अधिकारियों द्वारा उनके वित्तीय अधिकार पुन: बहाल किये जाने का अनुरोध विज्ञान मन्त्री से किया गया तथा कैडर सम्बंधी एवं अन्य शासकीय समस्यायें भी उनके समक्ष रखी गईं।

बैठक में प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, श्री बी0एम0मीणा, विशेष सचिव श्री पी0सी0जैन, संयुक्त सचिव, श्री सतीश चन्द्र मिश्रा, निदेशक एवं सचिव डॉ0 एम0के0जे0सिद्दीकी, संयुक्त निदेशक श्री आई0डी0राम सहित चारों मण्डलों के क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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