Archive | सुलतानपुर

पानी के लिए तरस रहे शहर व गाॅव, खराब पड़े हैं हैण्डपम्प

Posted on 09 April 2012 by admin

जहां इस समय गर्मी अपनी तेवर दिखा रही है वही शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में लगे हैण्डपम्प इस भीषण गर्मी में निष्प्रयोज्य साबित हो रहे हंै, जबकि जल निगम विभाग ने हैंडपम्प लगवाने के नाम पर लाखों रूपये खर्च कर डाले, लेकिन पेयजल संकट का निदान नहीं हुआ। ज्यादातर हैण्डपम्प अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के करीबियों के दरवाजों की शोभा बढ़ा रहे है।

सैकड़ों हैण्डपम्प खराब पड़े है। पाॅच हजार हैण्डपम्पों में मशीन बधी है। गर्मी अपनी चरम सीमा पर है। ऐसे में पानी की किल्लत होना तय माना जा रहा है। शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में दलित बस्तियों के लोग शुद्ध पेयजल के आभाव में कुएं, नदी व तालाब का सहारा ले रहे है। जिले में मौजूदा समय में करीब 44 हजार इण्डिया मार्का हैण्डपम्प लगवाए गए है। इनमें करीब 900 सौ हैण्डपम्प नगर क्षेत्र में स्थापित है। विभागीय आॅकड़ों की मानें तो वर्ष 2010-11 में निर्धारित लक्ष्य 2,636 से कहीं भी अधिक 6,713 हैण्डपम्प लगाए गए। हालांकि इसमें पाॅच हजार हैण्डपम्पों में मशीन बंधी है। इस बात को विभाग भी तस्दीक कर रहा है। इन हैण्डपम्पों पर शासन का लाखों रूपया भी खर्च हो गया। बावजूद लोग पेयजल समस्या से जूझ रहे है। बल्दीराय, सेमरी बाजार, कूरेभार, लम्भुआ, चाॅदा, कोइरीपुर क्षेत्र में स्थित तराई के दर्जनों गाॅव अभी सरकारी हैण्डपम्पों से महरूम है। कई विद्यालयों के परिसर में हैण्डपम्प लगवाए गए, लेकिन मानक के अनुरूप बोरिंग व पाइप न होने के कारण सभी स्थापित होने के छह माह बाद ही ठप हो गए। इन हैण्डपम्पों को रिबोर भी कराया गया तो उसमें भी मानकों की अनदेखी कर सहज खानापूर्ति हुई और नतीजा फिर वही हुआ। रिबोर के बाद भी हैण्डपम्पों के हालात नही सुधरे। नगरीय इलाकों में लगे ज्यादातर हैण्डपम्प चहेतों के घरों की शोभा बढ़ा रहे है। दलित बाहुल्य गाॅवों में लोग आज भी कुएं व नदी का प्रदूषित पानी पी रहे है। जल निगम विभाग कागजी कोरम पूरा कर जिले में पर्याप्त हैण्डपम्प  गलवाए जाने की बात कह रहा है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में विभाग ने 14 सौ खराब पड़े हैण्डपम्पों के रिबोर का लक्ष्य रखा था। इसे पूरा कराने का दावा किया जा रहा है। लेकिन अब देखना यह है कि विभाग का दावा ये कब तक सफल साबित होता है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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जनपद में स्थानीय निकाय चुनाव रामभरोसे

Posted on 07 April 2012 by admin

फर्जी वोटरो की सख्ंया बढी

जनपद में विधान सभा चुनाव के बाद स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारी प्रशासनिक अमला तेजी से कर रहा है वो भी फर्जी वोटरो के सहारे ।
गौरतलब हो कि विधान सभा सामान्य निर्वाचन २०१२ के मतदान में नगर पालिका क्षेत्र के वोटरो की संख्या लगभग ७६००० थी जिसमे तमाम गडबडियां मौजूद रही जैसे वोटर कार्ड में पुरुष मतदाता को महिला दर्ज किया गया था किसी मतदाताओ के पिता का नाम गलत था किसी की फोटो गलत थी जैसी तमाम गडबडियां थी ।  चुनाव आयोग की बेहद सख्ती के बावजूद हजारो मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग नही कर पाये और आज तक अपने वोटर कार्ड को संशोधित कराने को लेकर तहसील का चक्कर लगा रहे है मगर कोई सुनने वाला नही है और अब तो स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियां इन्ही लेखपालो वी०एल०ओ० के फर्जी वाडे के जरियें पूर्ण मानी जा रही है । सोचिये स्थानीय निकाय चुनाव में २५ वार्डो के मतदाताओं का आंकडा एक लाख पार कर गया है वो भी अगर जितने नाम बढने को गया है उन्हे हूबहू शामिल कर लिया जाये तो नगरपालिका के वोटरो की संख्या सवा लाख को भी पार कर जायेगी और तो और इन फर्जी वोटरो का न तो वोटर कार्ड बनना है न ही मतदान के समय सत्यता ही जांची जायेगी ।
आज भी जो वोटर लिस्ट जारी की गई है उसमे सैकडो नाम ऐसे है जो कई कई वार्डो में दर्ज है जैसे दीपनारायण, सगना देवी, सुभाष सिंह, कमला, नगीना, हरीश, दुर्गावती, सत्यनारायण, संजीव आदि वार्ड संख्या १९ शास्त्री नगर के वोटर लिस्ट में वूथ संख्या ८१ के क्र०सं० १६ पर बतौर मतदाता है और यही मतदाता वार्ड सं० २ के बूथ सं० ८ में ७९०, ७९१ आदि पर भी बतौर मतदाता वोट डालने के अधिकारी है जबकि वार्ड शास्त्रीनगर और वार्ड नरायनपुर अलग अलग है यही नही चैक के रुहटठा गली में निराला नगर विवेक नगर, रुद्र नगर लगभग सभी वार्डो मे लेखपालो व चुनाव कर्रि्मर्र्यो द्वारा फर्जी वोटर बढाकर वोटर लिस्ट पूर्ण की गई है जिसमे इसबार मृतक व गैर जनपदो मे रह रहे लोग भी वोट डालेगें ।
यही नही शहर के नयानगर मोहल्ले की ज्यादातर आबादी ग्राम सभा लोलेपुर मे आती है मगर उनका भी नाम वोटर लिस्ट में दर्ज कराया गया है शहर की काशीराम कालोनी वासियो का नाम अमहट ग्राम सभा वासियों का नाम करौदिया ग्राम सभा वासियो का नाम, चीनी मिल के विहारी लेबरो का नाम, नगर पालिका की वोटर लिस्ट में दर्ज है और चुनाव लड रहे प्रत्याशियों ने हल्का लेखपालो, वी०एल०ओ० को अपने घरो पर बैठाकर फर्जी फार्म द्वारा वोटर बढाये गये है जिससे विधानसभा में मात्र दो महिने पहिले १५ फरवरी २०१२ को हुए मतदान में ७६००० मतदाता थे मगर यही दो माह बाद लेखपालो ने शहर की आबादी ५० हजार के लगभग बढा कर आयोग की चुनाव नीति और स्थानीय निकाय चुनाव की सत्यनिष्ठा को भी संदिग्ध बना दिया जा रहा है ।
जिले के निर्वाचन अधिकारी को स्वयं सोचना और देखना चाहिए की दो माह मे इतने मतदाता बढ कैसे गये । अगर ये लोग विधान सभा में वंचित रह गये थे तो यह किसकी गल्ती थी जबकि विधानसभा चुनाव की तैयारी छ. माह पूर्व ही शुरु हो चुकी थी और दर्जनो विभागो के सैकडो कर्मी वोटर लिस्टो की सुधार व्यवस्था में जुडे थे फिर नगर पालिका चुनाव मे अब क्यों फर्जी वाडा हो रहा है जबकि विधान सभा चुनाव के मतदाता और निकाय चुनाव के मतदाता में क्या अन्तर है ।
नगर की समाज सेवी संस्थाओं और जनता ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त स्थानीय निकाय एवं पंचायत  स्थानीय निकाय का चुनाव विधान सभा निर्वाचन की वोटर लिस्ट से और मतदाता पहचान पत्र के जरिये कराने की मांग की है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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पशुतस्करों के सामने पुलिस हुई बौनी

Posted on 07 April 2012 by admin

ऽ    पुलिसकर्मियों पर गिरी कप्तान की गाज
जनपद का थाना कूरेभार  पशु तस्करों के आगे हार गया थानेदार लाईन हाजिर, सिपाही हुआ निलम्बित अनुभव हीनता के चलते पुलिस पर दर्ज कराया गया मुकदमा सिपाहियों के हौसले पस्त ।
गौरतलब हो कि जिले में सक्रिय पशु तस्करो की एक गाडी देर रात थाना कूरेभार की सीमा के स्थित गुप्तारगंज तकिया गांव वाले सूनसान मार्ग से पूर्व की भांति आती हुई दिखी ।
गाड़ी देखकर गस्ती सिपाहियों ने टार्च जलाकर रोकने की कोशिश की तो गाडी नही रुकी बल्कि गाडी की स्पीड बढा दी गई और गस्ती सिपाहियों पर गाडी चढाने की कोशिश भी की गई जिससे घबराकर सिपाही ने वाहन रोकने के लिए टायर भस्र्ट करने के लिए फायर कर दिया मगर वाहन चालक को पूर्व से ही इस गंवई इलाके की भागौलिक स्थित मालूम थी और गुप्तारगंज के ताकिया गांव में घुस गया ।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि गांव वाहन में लदे गोवशो को उतार कर पुन राजमार्ग पर आकर भागने लगा सिपाहियों ने पुन जान हथेली पर रखकर वाहन को पकडा जिसका नं० यू०पी० ५० एटी ०५५४ था और इसको चला रहे ड्राइवर का नाम अबू साहेल निवासी ग्राम हाउ थाना जंगीपुर आजमगढ ने अपनी पहुंच और नेटवर्क का दिमागी इस्तेमाल कर नवागुंतक पुलिस कप्तान को इस कांड की सूचना दे दिया ।
उसने पुलिस अधीक्षक को बताया कि पुलिस लूटने की नियत से गाडी रोकवा रहे थे न रोकने पर गोली मारी गई जबकि इस घटना की चर्चा पूरे ईलाके में चल रही है जिससे यह प्रतीत होता है कि पुश तश्करी का जाल जिले के कई थानो के अन्र्तगत चल रहा है और गाहे वगाहे अगर कोई थाना व पुलिस कर्मी इसे रोकने का प्रयास करता है तो अंजाम कुछ इसी तरह सामने आता है ।
हालांकि नवागंतुक पुलिस कप्तान ने अनजाने मे ही एक थानेदार और सिपाही को दण्ड दे दिया और पुलिस के सिपाही के खिलाफ अबू सालेह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर धारा ३४१, ३६५, ५०४, ४२७ आईपीसी दर्ज कराकर निलंम्बित कर दिया और जनता की नजर में निर्दोष थानेदार प्रेम प्रकाश पाण्डेय को लाईन हाजिर कर दिया । जिसकी पूरे जिले में विपरीत प्रतिक्रिया सुनी जा रही है ।
गौरतलब हो कि गोकशी, पशु तश्करी रोकने के लिये पुलिस कप्तान पी०वी०रामाशास्त्री को भी अपनी जान जोखिम मे डालनी पडी थी उन्होने तश्करो के ट्रक के टायर पर अपनी सर्विस रिवाल्वर से फायर कर गाडी रोकवा कर पशुतश्करो के गिरफतार किया था उस चर्चित कांड की चर्चा आज भी जनपद में की जाती है और तेज तर्रार पुलिस कप्तान पी०वी० रामाशास्त्री आज भी बहुसंख्यको में गोवशों को बचाने के लिए स्मरणीय है ।
वही आज का कांड आम जनता मे अधिकारियों की अनुभव हीनता के लिये याद किया जायेगा । जबकि थाना हलियापुर, बल्दीराय, कुडवार, लम्भुआ, देहात कोतवाली आदि के मार्ग पशु तस्करों के पसंदीदा मार्ग है और यही से तस्करी के पशु बाहर भेजे जाते है रोक टोक की स्थिति मे कई बार पुलिस की जान पर भी बन आती है और कल भी कुछ ऐसा ही हुआ था मगर ऐसा लगता है कि पुलिस हार गई और पशु तस्कर जीत गये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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अम्बेड़कर गावों में बन गयी बालू रेत से आर.सी.सी की सड़कें

Posted on 07 April 2012 by admin

ऽ    मामला विकास खण्ड भदैंया के गांव मुरारपुर का

अम्बेडकर गावांे के विकास मंे सामने आने वाले आकड़े झूठें है और दावा किताबी है। जिले के अम्बेडकर गावों की तस्बीर पर सटीक बैठ रही है। अम्बेडकर गावों के विकास के लिये मायावती सरकार ने अरबो रूपये के बजट दिये, अम्बेडकर गावों को पूर्ण संतृप्त करने की गरज से ही मायावती सरकार ने उन अम्बेड़कर गावों को चयनित किया जो 1995 में पहली बार मायावती सरकार बनने पर चयनित हुये थे। वैसे तो जिले मंे 19 अम्बेड़कर गावं है जिसमें से विकास खण्ड़ भदैंया के अन्तर्गत अम्बेड़कर गावं मुरारपुर है।
गौरतलब हो कि अम्बेड़कर गावं मुरारपुर में 53 महामाया आवास , 44 इन्दिरा आवास, ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा से निर्मित आर.सी.सी. सड़क तथा लो.नि.विभाग के खण्ड 3 द्वारा बनाया गया सम्पर्क मार्ग है। कहने को यह सब बन गया है सरकारी फाइलों मे अम्बेड़कर गावं मुरारपुर संतृप्त हो गया है। परन्तु अम्बेड़कर गावं मुरारपुर मौजूदा रिकार्ड के मुताबिक 4 करोड़ रूपये खर्च करने के बाद भी उजड़ा-उजड़ा है। यहां यह बताना समीचीन होगा कि अम्बेडकर गावं मुरारपुर वर्ष 1995 में पहली बार अम्बेडकर गाव के रूप मे चयनित हुआ था, उस समय भी पूर्ण विकास का दावा किया गया था। अम्बेडकर गावं मुरारपुर के ग्राम पंचायत प्रधान रबीन्द्र यादव ने बताया कि मेरी ग्राम पंचायत में विना तारकेाल के पक्का सम्पर्क मार्ग बना दिया गया जो हनुमानगंज,सम्भूगंज मार्ग से 500 मीटर बनना था। विना तारकेाल, विना पूरी गिट्टी डाले उसी गांव के ग्रामीण बसन्त लाल, पूरनचन्द्र, रामू, दयाराम, संभालू आदि ने बताया कि यह सम्पर्क मार्ग इसके पहले क्षेत्र पंचायत भदैंया से 800 मीटर बन चुका था। ठेकेदार ने उसी पर कुछ बडी गिट्टी ड़ालकर बिना रोलर से दबाए पुनः छोटी गिटटी डालकर सम्पर्क मार्ग बना दिया। उन ग्रामीणों ने बताया कि इसकी शिकायत अधिकारियों से की गयी थी् ! सी.डी.ओ को भी लिखा था कि ठेकेदार विना तारकेाल की पक्की सड़क बना कर फरार हो गया। उस पर सी0डी0ओ0 सुनील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि हम अधिकारियों की टीम जांच में भेज रहे है। परन्तु आज तक जांच नही हुई,सी.डी.ओ सुनील कुमार श्रीवास्तव को बार-बार शिकायत करने के बाद कुछ कमी आये और उस सड़क पर कहीं कहीं ‘‘ चकती,, तारकेाल लगाकर चले गये सम्पर्क मार्ग टूट चुका है।
ग्रामीणों ने बताया कि पूरे गांव मंे बालू के रेते से आर.सी.सी. सड़क बन रही है। इन्दिरा आवास एंव शौंचालय मंे दरवाजे तक नही लगे है ! के.सी.ड्रेन अधूरी है। पूरे गांव में बालू से बनी नालियां टूट गयी है। गन्दगी का तो पूछों मत ! पूरा गांव गन्दगी से भरा पडा है।  यह पूछनें पर कि क्या सफाई कर्मी नही आते ?  इस पर ग्रामीणो ने कहा कि सफाई कर्मी कभी कभार दिखाई तो देते है परन्तु प्रधान से मिलकर चले जाते है। गांव मंे इन्दिरा आवास, महामाया आवास, अधिकारियेां-कर्मचारियांे की भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। कई इन्दिरा आवास एंव महामाया आवासों के छत तक नही पडी है। इसी गांव के दलित राजेश पुत्र मोती व  राम मिलन  का शौंचालय आज तक नही बना। दलित रामसुख धोबी पुत्र मोती, फक्कड,रंजीत, पुत्र मनोहर, शेखर, बग्गड़, जयपाल बनमनसा, इन सभी दलितों के आवासों पर छत नही लग पायी है। कारण पूछंने पर इन ग्रामणों ने कहा कि क्या करें आवास के लिये मिले रूपया में  आधी रकम तो ब्लाक वाले ले लिये ….. साहब छत कैसे पडेगी ? शौंचालय ऐसे बने है कि  कोई भी उस शौंचालय मे शौंच के लिये नही जा सकता। शौंचालय के लिये गढ़ढा सिर्फ एक फिट खोदा गया है जिस पर शौंचालय की सीट बैठा दी गयी है। सडे ईटों से शौंचालयों का निर्माण मात्र 200 ईंट या फिर 300 ईटों कर दिया गया है। ऊपर से इन शौंचालयों में दरवाजे एक भी नही लगे है। अव्वल तो इन शौचालयों पर छत नही पड़ी है टीन सेट लगा दिया गया है। दरवाजे के नाम पर जूट का बोरा परदा कर दिया गया है। अम्बेड़कर गावं मुरारपुर मंे हुये भ्रष्टाचार खेल के बारे में सी.डी.ओ. सुनील कुमार श्रीवास्तव के मोबाइल नम्बर 9454416195 पर फोन मिलाया गया तो घण्टी बजती रही परन्तु सीडीओ ने फोन उठाना उचित नही समझा। बैरहाल कुछ भी हुआ यहां अम्बेड़कर गांव के विकास के नाम पर करोड़ो को खेल हुआ है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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बिजली कटौती के कारण जीना मुहाल

Posted on 05 April 2012 by admin

ऽ    रात भर हो रहा जागरण
जयसिंहपुर सुलतानपुर ५ अप्रैल । बसपा का राजछीना और जनता ने सपा सरकार की सरकार बनाने की अहम भूमिका अदा की मगर नई सरकार बनने के बाद भी हालात जस की तस है सत्ता परिवर्तन से लोगो को उम्मीद थी कि बिजली की आंख मिचैली से निजात मिल जाएगी मगर आज भी यह सपना है लेकिन बिजली का हाल देखकर लगता है मानो यह भले ही गांवो की अपेक्षा यहां बिजली कटौती का समय कम हो लेकिन नगर क्षेत्रो में हो रही कटौती व लो वोल्टेज से लोगो को अधिक कचोट रही है वैसे तो नगर में कटौती का समय निधार्रित रखा है लेकिन विरसिंहपुर केन्द्र भटमई केन्द्र के इलाके में कटौती का समय निधार्रित नही है यहां जब चाहे जब काट देना , देना भी तो लो वोल्टेज विद्युत आपूर्रि्त करना अब सामान्य सा हो गया है ।
कई बार ऐसा हो चुका है कि यहां लोगो को घंटो बिजली से वंचित रहना पडा जब कि बताया जा रहा है कि नया सयंत्र लगाया जा रहा है और इसके बाद यह समस्या कुछ हद तक दूर हो जायेगी ऐसे में लगता है कि लोगो को अभी और लम्बे समय तक कटौती झेलने के लिए तैयार रहता होगा बिजली कटौती का असर भी व्यापक स्तर पर पडा है बिना बिजली के इस गरमी में लोगो का जीना तो मुहाल हो ही रहा है बिजनेस भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है ।
मांग के मुकाबले  आर्पू्ति में कमी बताई जा रही है उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकार केवल बडी बडी बाते करते हुए आने वाले समय में बिजली संकट से निजात दिलाने की बात कहकर मूल समस्या से पल्ला झाडना चाहती है लोग बिजली कटौती से काफी परेशान हो रहे है वही बार बार एक कटौती से लोगो की दिनचर्या बदल दी है जब कि इस इलाके में बिजनेस करने वालो की संख्या अधिक है कई बार तो रातो मे भी बिजली काट दी जाती है ऐसा कई बार हो चुका है ।
उपभोक्ताओं का कहना है कि वे इस बारे में शिकायत भी करते है लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्यवाई नही हो रही है । मौजूदा समय में कई बिजली बाक्स खुले पडे है और तार लटक रहे है ऐसे मे कभी भी किसी दुर्घटना से इन्कार नही किया जा सकता ।भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष रमाशंकर चैधरी ने जिला प्रशासन को पत्र लिख कर मांग की है बच्चो के परीक्षा के समय जो भारी कटौती की जा रही है उससे बच्चो के पठन पाठन में काफी परेशानी हो रही है इस लिए विद्युत कटौती अविलम्ब बन्द कराने की मांग जिला प्रशासन से की है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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अपराधियों की शरणस्थली बनी कांशीराम कालोनी

Posted on 04 April 2012 by admin

जनपद सुलतानपुर एक अनोखा शहर यहां पर प्रदेश एवं केन्द्र सरकार की अनेको योजनाएं चल रही है । मगर उन योजनाओ के कियान्वयन एवं देखरेख शासन के विश्श्वसनीय अधिकारी उन योजनाओ का बन्टाधार करने मे अपनी कोई कसर नही छोड़ रहे है ।
आज वर्तमान समय मे ये स्थित बन गई है कि प्रदेश सरकार की सबसे महत्वाकाक्षी योजना कांशीराम आवास जो कि आज अपराधियो और अवैध कारोबारियों की शरण स्थली बनकर रह गई है और यहां हर वह अवांछनीय कार्य हो रहा है जो समाज कतई स्वीकार नही करता इन कार्यो में अवैध नशीले पदार्थो का धंधा, जिस्मफरोशी का धंधा, जुए का धंधा जैसे कार्य निरंकुशकता के साथ हो रहे है और इन पर कोई लगाम लगाने वाला नही दिखाई पड़ता ।
वहीं इस कालोनी मे रहने वाले परिवारो की दशा यह है कि ये अपनी सुरक्षा को लेकर काफी चिंता मे है और इसके लिए उन्होने कई बार जिले के अधिकारियो एवं प्रशासन को अवगत कराया मगर उनकी यहां सुनने वाला कोई नही है शासन ने गरीबो के लिए रहने को एक छत दी मगर उस छत को असुरक्षित करने मे इन अधिकारियो का बडा सा हाथ है और उनका सोचना है कि नगर के इन कूडो को शहर से दूर कर दिया गया है और इनका उत्पीडन होना स्वाभाविक है ।
वही इस कालोनी मे कुल १५०० आवास है जिनकी कुल आबादी लगभग ६००० से अधिक है इस कालोनी से लगभग डेढ किलो मीटर दूर स्थित गभडिया चैकी से अपनी सुरक्षा के लिए केवल भीख ही मांगता रह जाता है । मगर ये चैकी के ईचार्ज एवं तैनात सिपाहियों का ध्येय केवल धन उगाही है और जब कभी कोई दबाव बनाया जाता है तो एक दो धरपकड कर वाहवाही लूट लेते है कालोनी तो असुरक्षित मगर इसका उदाहरण कुछ माह पूर्व गभडिया चैकी अन्तर्गत हुई पेट्रोल पम्प मैनेजर की हत्या और लूट का आज तक खुलासा नही हो पाया । इससे साफ तौर पर जाहिर है कि जब चैकी से डेढ़ किलो मीटर दूर कालोनी के लोग कितने सुरक्षित है।
गौरतलब हो कि यह कोलोनी जो कि गरीबो के रहने के लिए बनाई गई मगर वर्तमान समय मे इस कालोनी की स्थिति यह कि यह अवैध कार्यो का गढ़ बन चुका है । इन कालोनियो मे जिस्म फरोशी नशीले पदार्थो तथा जुएं का फड बन गया है ।
जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण विगत कई मे इन कालोनियो मे हुई वारदाते है मगर इन असहाय कालोनी वासियो की मदद करने वाला कोई नही है इस कालोनी में कई बार लड़के लड़कियो को रंगरलिंया मनाते हुए पकड़ा गया मगर पुलिस ने कार्यवाही के नाम पर केवल धन उगाही कर मामले को रफा दफा कर दिया गया इस बार शिकायत करने पर केवल हर बार खानापूर्रि्त कर दी जाती है ।
वही इस कालोनी की एक खास बात यह है कि यहां पर आंवटित आवासो मे रह रहे लोगो धन कमाने के चक्कर मे आवासो को किराये पर दे रखे है और कुछ लोगो ने दो दो आवास पैसे देकर आवंटित करा रखा है मगर शिकायतों के बावजूद आज तक कोई औचक निरीक्षण या कार्यवाही नही की गई ।
मगर आज तक सम्बन्धित विभाग के अधिकारी इन लोगो की तरफ देखना भी उचित नही समझते ये असहाय लोग केवल अब मुख्यमंत्री की ओर आशा से देख रहे कि अब उन्हे केवल वही इन समस्याओ से निदान दिला सकते है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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तीन बच्चो के साथ मां ने किया आत्महत्या

Posted on 04 April 2012 by admin

छत्रपतिशाहू जी महराजनगर के पीपरपुर थाना क्षेत्र के मिश्राने गाॅव में बीती रात आर्थिक तंगी व गृह कलह से तंग आकर एक महिला ने अपने तीन पुत्रों को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने चारों शव को कब्जे में लेकर मामले की जाॅच शुरु कर दी है।
जिले के पुलिस अधीक्षक रविशंकर छवि ने बताया कि घटना का कारण प्रथम दृष्ट्या गृह कलह माना जा रहा है फिर भी घटना के अन्य कारणों की भी जाॅच की जा रही है। मृतकों में महिला कर्मा देवी 27 वर्ष पत्नी सुबेदार यादव पुत्रों में रामू व श्यामू 8 वर्ष  व संजय 5 वर्ष  शामिल हैं। विदित रहे की मृतका का पति बम्बई में कई वर्षो से रहता है । आत्महत्या का कारण अभी नही लग पाया है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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बेदूपारा बना डेंजर जोन

Posted on 04 April 2012 by admin

लम्भुआ तहसील के बेदूपारा गांव के निकट बीते डेढ माह मे हुई दुर्घटनाओं में लगभग दो दर्जन लोग घायल हो चुके है और २ की मौत हो चुकी है ।
गौरतलब हो कि नेशनल हाइवे स्थित बेदूपारा गांव के पास बीते १७ फरवरी को स्कूल की टाटा मैजिक पलट जाने से आधा दर्जन बच्चे घायल हो गये थे उसके बाद १० मार्च को उसी गांव के निकट सवारियों से भरा गाडी पलट गया जिसमे छरू लोग घायल हो गये थे । तीसरी घटना बीते २८ मार्च को घटी जिसमे अनियंत्रित होकर एक कार पेड से टकरा गई जिसमे ४ लोग घायल हो गये थे जिसमे दो की मौत हो गई थी । हाइवे पर स्थित यह स्थान अब डेंजर जोन बनता जा रहा है जहां लगातार घटनाओं पर घटनाएं हो रही है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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जनसूचना वादो का किया समीक्षा

Posted on 04 April 2012 by admin

जिला कलेक्ट्रेट मीटिंग हाल में जनसूचना अधिकार अधिनियम २००५ के अन्र्तगत मा० राज्य सूचना आयोग लखनऊ में जनपद स्तर पर लम्बित वादो की जिलाधिकारी गोविन्द राजू एन०एस० की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक की गई ।
बैठक में जनपद स्तर पर विकास विभाग, जिला विद्यालय निरीक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर पर व्रहृमशरू २३३, ६९, ५७ तथा जिला पूर्रि्त अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर पर १७, २७ प्रकरण मा० राज्य सूचना आयोग स्तर पर लम्बित पाये गये जिस पर जिलाधिकारी द्वारा कडी नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित विभागो को निर्देशित किया गया कि लम्बित प्रकरणो में तत्काल आवेदक को सूचना उपलब्ध कराते हुए मा० राज्य सूचना आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रुप से उपस्थित होकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें ।
जिलाधिकारी महोदय द्वारा यह भी निर्देशित किया गया कि यदि सम्बन्धित जनसूचना अधिकारी द्वारा निर्धारित समयावधि में सम्बन्धित आवेदक को सूचना उपलब्ध न कराये जाने के कारण किसी प्रकरण में मा० आयोग द्वारा दण्डादेश पारित किया जाता है तो उक्त दण्डादेश के धनराशि की कटौती सम्बन्धित जनसूचना अधिकारी के वेतन से की जायेगी ।
समीक्षा बैठक में जिला जनसूचना अधिकारी प्रमिल कुमार सिंह द्वारा जनपद के समस्त विभागो को प्रेषित जनसूचना से सम्बन्धित प्रेषित आवेदनो की गहन समीक्षा की गई तथा सम्बन्धित विभागो को निर्धारित समयावधि ३० दिन के भीतर आवेदक को प्रत्येक दशा में सूचना उपलब्ध कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया । समीक्षा बैठक में जनपद के समस्त जनसूचना अधिकारी, सहायक जनसूचना अधिकारी एवं जिला जनसूचना सहायक शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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गेंहू का मूल्य निर्धारित

Posted on 04 April 2012 by admin

जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने अवगत कराया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना २०१२-१३ के अन्तर्गत १ अप्रैल २०१२ से गेंहू खरीद होती है । गेंहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य १२८५ प्रति कुन्तल निर्धारित किया गया है ।
जिले में समस्त क्रय एजेन्सियों को मिलाकर कुल ३६ गेंहू क्रय केन्द्र खोले गये है गेंहू खरीद से सम्बन्धित समस्त तैयारियां क्रय केन्द्रो द्वारा पूर्ण कर ली गयी है गेंहू खरीद अधिकारी अपर जिलाधिकारी प्रशासन को नियुक्त किया गया है । किसी भी प्रकार की गढबडी के लिए सप्ताह के कार्य दिवसों पर अपर जिलाधिकारी  प्रशासन के फोन नं० ०५३६२-२४०८९८ पर सूचना दी जा सकती है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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