Archive | लखनऊ

समाजवादी पार्टी के नेताओं को धमकाया जा रहा -राजेन्द्र चौधरी

Posted on 18 January 2010 by admin

लखनऊ-समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने आरोप लगाया है कि मंहगाई, भ्रष्टाचार और सरकारी अराजकता के खिलाफ समाजवादी पार्टी द्वारा 19 जनवरी, 2010 को होने वाले प्रदेश व्यापी जनान्दोलन से घबराई और बौखलाई राज्य सरकार ने जनता की आवाज को दमन के जरिए कुचलने का प्रयास शुरू कर दिया है। जनपदों से सूचना आ रही है कि वहॉ पुलिस के जरिए लखनऊ आने वाली बसों व टॅक्सियों को रोका जा रहा है। थानों पर बुलाकर समाजवादी पार्टी के नेताओं को धमकाया जा रहा है। प्रमुख नेताओं को पुलिस वाले जबरन गिरफ्तार कर रहे हैं।

राजधानी लखनऊ में आज से ही पुलिस ने प्रशासन के ऊपरी निर्देश पर धरपकड़ का काम शुरू कर दिया है। जनान्दोलन की होर्डिंग तोड़ी जा रही हैं। पोस्टर फाडे़ जा रहे हैं। लखनऊ के सीमान्त क्षेत्रों में पुलिस को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के प्रवेश को रोकने के निर्देश दिये गये हैं।

समाजवादी पार्टी ने शान्तिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए जनान्दोलन का सहारा लिया है जो उसका लोकतंत्रिक अधिकार है। लेकिन अपराधियों, जमाखोरों और भ्रष्टाचारियों की संरक्षक यह सरकार विपक्ष के साथ तानाशाह का बर्ताव करते हुये दमन का सहारा ले रही हैं। समाजवादी पार्टी इससे डरने या जनता की आवाज उठाने से पीछे हटने वाली नहीं है। जो सरकारी नौकरशाह, बसपा सरकार के एजेन्ट बन रहे हैं। कल उनकेा अपनी इन हरकतों के लिए जबाव देना होगा।photo-samaj-vadi1

समाजवादी पार्टी, राज्य सरकार के इस अत्याचार से झुकने वाली नहीं है। समाजवादी पार्टी के लाखों लोग कल 19 जनवरी, 2010 को प्रदेश की सड़कों पर होंगे। पार्टी के कार्यकर्ताओं और जनता से अपील है कि 19 जनवरी, 2010 को श्री मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में होने वाले जनान्दोलन में भाग लेने के लिए लखनऊ के केसरबाग स्थित पार्टी कार्यालय हर हाल पहुंचें।

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष  अखिलेश यादव (सदस्य लोकसभा) मंगलवार दिनांक 19 जनवरी,2010 को प्रात: इटावा से कार द्वारा चलकर कानपुर नगर पहुंचेगें। वहां श्री यादव समाजवादी पार्टी द्वारा केन्द्र व राज्य सरकार की मंहगाई, भ्रष्टाचार एवं जन विरोधी नीतियों के खिलाफ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुलायम सिंह यादव के आवाहन पर होने वाले जनान्दोलन का नेतृत्व करेगें। कानपुर में  अखिलेश यादव के नेतृत्व में होने वाले कल के आन्दोलन को लेकर भारी उत्साह है और पार्टी कार्यकर्ता तथा नौजवान वहां भारी संख्या में शामिल होगें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695

—————


Vikas Sharma
upnewslive.com
E-mail :editor@bundelkhandlive.com
Ph-09415060119

Comments (0)

मुलायम के साथ होंगे अगले विधान सभा चुनाव में: लालू प्रसाद

Posted on 18 January 2010 by admin

लखनऊ - राष्ट्रीय जनता दल (राजद) उत्तर प्रदेश विधानसभा के 2012 में होने वाले चुनाव समाजवादी पार्टी से गठबंधन करके लड़ेगा। विस चुनाव से पहले होने वाले पंचायत व नगर निकाय चुनाव में भी राजद प्रत्याशी उतारेगा। राजद मुखिया लालू प्रसाद ने कहा कि वह मुलायम सिंह यादव को कभी कमजोर नहीं होने देंगे।

राजद मुखिया सपा के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। पार्टी कार्यालय में उन्होंने पदाधिकारियों से मुलाकात की और मीडिया से वार्ता भी की। यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के 2012 में होने वाले चुनाव वह मुलायम सिंह यादव के साथ मिल कर लड़ेंगे। राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते अब ऐसा नहीं होगा कि यूपी में हम चुनाव मैदान में न उतरें। राष्ट्रीय स्तर पर भी वह अन्य पार्टियों से मिलकर चुनाव मैदान में उतरेंगे। एक सवाल पर यादव ने कहा कि वह मुलायम सिंह यादव को कमजोर नहीं होने देंगे। राजद मुखिया ने कहा कि प्रदेश के पंचायत व नगर निकाय चुनाव में भी राजद बढ़-चढ़कर भाग लेगा। पार्टी के होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए वह यूपी में आते रहेंगे।lalumulayam1

शनिवार को बाराबंकी के देवा शरीफ में मजार पर चादर चढ़ाने पर लालू ने कहा कि जो खुद को भगवान से ऊपर मानता हो वह ऐसा न करें। उन्होंने खुद के स्वास्थ्य के साथ ही शत्रुओं का नाश होने की दुआ मांगी। जबसे कांग्रेस आई है, कमर तोड़ महंगाई है। चाहे सब्जी हो या अनाज सब के दाम बेतहासा बढ़े हैं। इसके पीछे उन्होंने केंद्र के अलावा राज्य सरकारों को भी दोषी मानते हुए कहा कि वास्तव में कालाबाजारी पर कड़ाई से अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। महंगाई के मुद्दे पर वह देशव्यापी आंदोलन छेड़ेंगे और जेल जाने तक तैयार हैं। एक सवाल पर लालू ने कहा कि उन्होंने कल देखा कि यहां किस तरह से मूर्तियां खड़ी हैं और नीली-नीली बत्तिया जगमगा रही हैं।


Vikas Sharma
www.upnewslive.com
E-mail :editor@bundelkhandlive.com
Ph-09415060119

Comments (0)

ज्योति बसु के निधन से देश को राजनीतिक क्षति-अखिलेश यादव

Posted on 17 January 2010 by admin

लखनऊ-   विधानसभा में नेता विरोधी दल श्री शिवपाल सिंह यादव एवं समाजवादी पार्टी उत्तर  प्रदेश के अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमन्त्री श्री ज्योति बसु के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने स्व0 बसु को धर्मनिरपेक्षता तथा वामपन्थ का महान मार्गदर्शक बताते हुये श्रद्धान्जलि अर्पित की है।

यादव नें कहा कि स्व0 बसु देश में सबसे लंबे समय लगातार 23 वर्षो तक  पश्चिम बंगाल के मुख्यमन्त्री रहे थे। भारत में वामपन्थी आन्दोलन को उन्होंने अपना प्रतिभाशाली नेतृत्व दिया था।  किसानों एवं श्रमिकों के साथ उन्होंने सदैव न्याय किया। उनके निधन से देश को व्यापक राजनीतिक क्षति पहुंची है।

Comments (0)

क्रान्तिवीर अविनाश चन्द्र वर्मा की 88वीं जयन्ती धूमधाम से सम्पन्न

Posted on 17 January 2010 by admin

लखनऊ- क्रान्तिवीर वर्मा की सेवा तथा त्याग अनूठा है, जिसको पुरूस्कृत करना इस पीढ़ी के लिए गौरव ही होगा। क्रान्तिवीर का जीवनवृत्त सदैव प्ररेणादायक रहेगा। यह उद्गार पूर्व मुख्यमन्त्री राम नरेश यादव ने क्रान्तिवीर अविनाश चन्द्र वर्मा की 88वीं जयन्ती के अवसर पर आयोजित पर्यावरण संगोष्ठी में व्यक्त किए। मुख्य अतिथि श्री यादव ने कहा कि वृक्ष नहीं तो जीवन नहीं। पर्यावरण संरक्षण आज की आवश्यकता नहीं बल्कि हमारा सामूहिक दायित्व भी है। ram-naresh-32

राष्ट्रीय जन कल्याण परिशद एवं उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में बक्शी का तालाब क्षेत्र खजुरी फार्म स्थित क्रान्तिवीर की समाधि पर माल्यार्पण एवं  पुष्पाजलि के पश्चात पर्यावरण संगोश्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी को श्री यादव के आलावा पूर्व वनमन्त्री राजधारी सिंह, स्वाधीनता सेनानी राम प्यारे त्रिवेदी, पूर्व प्रत्याशी राजकुमारी डा0 सुनीता सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल वहीद, स्थायी अधिवक्ता जगदीश प्रसाद मौर्य, मनीश तिवारी पेड़ वाले बाबा तथा पर्यावरण प्रेमी सुधीर मिश्र ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अलख जगाई। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए संस्था द्वारा मनीश तिवारी एवं सुधीर मिश्र को सम्मानित किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता ज्योतिर्विद अवध बैरागी ने तथा सफल संचालन प्रदीप गुप्ता ने किया।  संगोष्ठी का शुभारंभ क्रान्तिवीर के पुत्र अजय वर्मा ने विशिष्ट आमन्त्रित अतिथियों को शाल भेंट कर सम्मानित किया।ram-naresh-2

इस अवसर पर निराश्रितों को कम्बल वितरण किया गया तथा पंचमलाल वर्मा एवं अजीज सिद्दीकी ने आमन्त्रित अतिथियों को धन्यवाद दिया।  ram-naresh-11

संगोष्ठी में विशेष आमन्त्रित मंझौल बिहार से आए शान्ति साहू, लखीमपुर से आलोक रंजन मौर्य, पद्म चन्द्र गुप्ता, कुर्सी रोड औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय गुप्त ,सचिव जुबेर अहमद, अखिलेश कुमार, अशोक वर्मा एवं क्षेत्रीय गणमान्य नागरिकों ने अपने विचार व्यक्त किए। आयोजित कार्यक्रम की दोनों संस्थाओं के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित थे।

Comments (0)

19 जनवरी से राज्य भर में जनआन्दोलन -राजेन्द्र चौधरी

Posted on 17 January 2010 by admin

लखनऊ-समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि वर्तमान सरकार के कुशासन और अराजकता के विरूद्ध सत्ता और व्यवस्था परिवर्तन के लिए समाजवादी पार्टी के आगरा में  हुए  विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन के प्रस्ताव के अनुसार 19 जनवरी, 2010 को राज्य भर में जनआन्दोलन होगा। राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुलायम  सिंह यादव इसका नेतृत्व करेंगे। आन्दोलन में प्रदेश भर में समाजवादी पार्टी के लाखों कार्यकर्ता, व्यापारी, अधिवक्ता, छात्र, अल्पसंख्यक महिलाएं एवं श्रमिक भाग लेंगे।

केन्द्र और राज्य सरकार की गलत नीतियों से बढ़ती मंहगाई, भ्रष्टाचार और जमाखोरी के चलते आम आदमी का जीना दुश्वार हो गया है। शासन सत्ता के आतंक, भयादोहन, उत्पीड़न और मानवाधिकारों के हनन से लोकतन्त्र के लिए ही खतरा उत्पन्न हो गया है। किसानों, बुनकरों, दस्तकारों, मजदूरों, किसान, शिक्षकों, राज्यकर्मियों, छात्रों-युवाओं तथा व्यापारियों का जीवन पूरी तरह अंधकारमय हो गया है। उनके सुखद भविश्य के लिए समाजवादी पार्टी सरकार द्वारा प्रारम्भ की गई सभी योजनाएं बन्द कर दी गई हैं।

उत्तर प्रदेश पूरी तरह दिवालिया बन चुका है। रोटी, दाल, सब्जी सभी आवश्यक वस्तुएं आम आदमी की पहुंच से बाहर है। चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं। इस कमर तोड़ महंगाई से पिस रही जनता पर चौतरफा मार पड़ रही है। अपहरण, लूटपाट, और बलात्कार का बाजार गर्म है। किसानों को खाद, बीज, पानी और बिजली के संकट से जूझना पड़ रहा है। उनकी उपज मिट्टी के मोल लूटी जा रही है। गन्ना किसानों का करोड़ों रूपए चीनी मिलों ने सरकारी संठगॉठ से दबा लिया है। अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न हो रहा है। विडम्बना है कि इस सरकार के मन्त्रियों पर भी न केवल भ्रष्टाचार के आरोप हैं अपितु कई मन्त्रियों का अपराधिक इतिहास भी जग जाहिर है। मुख्यमन्त्री सत्ता का दुरूपयोग करने में रिकार्ड बना रही है। गरीबों की गाढ़ी कमाई पार्को, स्मारकों, प्रतिमाओं और पत्थरों पर खर्च की जा रही है। आतंक और सरकारी तन्त्र के दुरूपयोग से चुनावों में जीत लूटी जा रही है।

हर तरह पिस रही जनता सत्ता के छल-बल से निकलने के लिए छटपटा रही है। ऐसी स्थिति में श्री मुलायम सिंह यादव ने जंग का एलान कर दिया है। यह जंग दुव्र्यवस्था से मुक्ति के लिए है।    लोकतन्त्र में अगर हिटलर की तरह सत्ता हथिया कर उसका इस्तेमाल देश के संविधान के विरूद्ध किया जाने लगे तो फिर उसके खिलाफ बगावत आम जनता की लड़ाई बन जाती है। समाजवादी पार्टी का अहिंसक क्रान्ति में विश्वास है। कुशासन से निजात पाने की इस लड़ाई में सभी वर्गो और सभी लोकतन्त्र प्रेमी साथियों की भागीदारी अपेक्षित।

Comments (0)

परम्परागत शैली के कारण उत्तर प्रदेश का हस्तशिल्प उद्योग में विशिष्ट स्थान

Posted on 17 January 2010 by admin

लखनऊ - उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्पियों से राष्ट्रीय पुरस्कार वर्ष-2009 के लिए आवेदन पत्र आमिन्त्रत किये गये हैं। निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन पत्र (कलाकृति सहित) हस्तशिल्पी सम्बंधित जनपद के जिला उद्योग केन्द्र कार्यालय में 30 जनवरी, 2010 तक जमा कर सकते हैं।

लघु उद्योग विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार हस्तशिल्प कला कृतियों के आधार पर “राष्ट्रीय पुरस्कार वर्ष-2009´´ का आयोजन केन्द्रीय वस्त्र मन्त्रालय के विकास आयुक्त द्वारा किया जाएगा।

आवेदन पत्र का प्रारूप सम्बंधित जिले के जिला उद्योग केन्द्र कार्यालय, सहायक निदेशक (हस्तशिल्प) वस्त्र मन्त्रालय भारत सरकार, सेवा एवं विपणन केन्द्र बाराबंकी, बरेली आगरा, सहारनपुर अथवा वाराणसी से प्राप्त किया जा सकता है। लखनऊ में आवेदन प्रपत्र (कला कृति सहित) जिला उद्योग केन्द्र कार्यालय 8, कैन्ट रोड, कैसरबाग में 30 जनवरी तक स्वीकार किये जायेंगे।

हस्तशिल्पियों के साथ दूरस्थ तथा जनजाति क्षेत्र के प्रतिभावान शिल्पियों के परम्परागत हस्तशिल्प को जीवित बनाए रखने तथा इसके उत्तरोत्तर विकास के उद्देश्य से उनके द्वारा निर्मित कला-कृतियों को गुणदोष के आधार पर चयन कर पुरस्कृत किया जाता है।

ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश अपनी परम्परागत शैली के कारण हस्तशिल्प उद्योग में अपना विशिष्ट स्थान रखता है। मुख्यत: बनारसी सिल्क व ब्रोकेट, भदोही व मिर्जापुर में कालीन, लखनऊ में चिकन तथा अगरा में कलात्मक संगमरमर का सामान, मुरादाबाद तथा वाराणसी में पीतल के पात्र तथा सहारनपुर व मेरठ में नक्काशीदार लकड़ी आदि के सामानों की मांग अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में अधिक है। देश के कुल निर्यात में हस्तशिल्प की सहभागिता लगभग 65 प्रतिशत से अधिक है। राज्य सरकार ऐसे हस्तशिल्प उद्योगों के विकास को प्रोत्साहन देने के लिए अनवरत रूप से प्रयत्नशील है। प्रदेश में हस्तशिल्प तथा हस्तशिल्पियों के विकास के लिए अनेक कार्यक्रम व योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही हस्तशिल्पियों का मनोबल बनाये रखने के लिए उन्हें पुरस्कार प्रदान कर सम्माानित भी किया जाता रहता है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695

—————


Vikas Sharma
upnewslive.com
E-mail :editor@bundelkhandlive.com
Ph-09415060119

Comments (0)

जन्मदिवस पर की गई घोषणाये असंवैधानिक -भारतीय जनता पार्टी

Posted on 16 January 2010 by admin

लखनऊ - भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमन्त्री के जन्मदिवस पर की गई अधिकांश घोषणाओं को असंवैधानिक और विधानसभा का अपमान बताया है। प्रदेश उपायक्ष प्रवक्ता हृदयनारायण दीक्षित ने आज शनिवार को संबाद दाताओ से कहा कि 7 हजार करोड़ की योजनाओं में से अधिकांश के लिए आगामी बजट में प्राविधान किया जाना है।

`महामाया योजना - गरीब आर्थिक´ के पत्रक में साफ कहा गया है कि इसका प्राविधान 2010 के बजट में होगा बजट सत्र आहूत हो गया है। तिथि तय हो गई है। ऐसे में बजट प्राविधानों को सार्वजनिक करना सदन का अपमान है। कोई भी सरकार अगले बजट में शामिल की जाने वाली मांगों - सिड्यूल आफ न्यू डिमाण्ड को सार्वजनिक नहीं करती लेकिन जन्मदिवस की घोषणा की जल्दी में सरकार ने स्थापित संवैधानिक परम्पराओं को धता बताया है।

श्री दीक्षित ने कहा कि नई योजनाओं की घोषणाओं में से अधिकांश का धन केन्द्र व अन्य एजेंसिया देती हैं। महामाया योजना के धन का भी अधिकांश हिस्सा केन्द्र की स्पेशल कम्पोनेन्ट योजना से लिया जाना है। इसमें बसपा सरकार का क्या कमाल है , यह सरकार कमजोर वर्गो के लिए मिलने वाली स्पेशल कम्पोनेट प्लान की अधिकांश धनराशि खर्च ही नहीं कर पाती। बसपा सरकार ने मुख्यमन्त्री के जन्मदिवस को बड़ा बताने के लिहाज से कागजी कसरत की है। मुख्यमन्त्री के जन्मदिवस पर नई घोषणाओं की परम्परा यू0पी0 में नई है। कैदियों की दया-रिहाई आदि घोषणांए गांधी जयन्ती पर होती थी। बसपा 3 माह बाद डॉ0 अम्बेडकर जयन्ती 14 अप्रैल के दिन ऐसी ही घोषणां करती तो अच्छा होता। मध्यकाल के राजा और बादशाह अपने या अपने परिजनों के जन्मदिन या अन्य अवसरों पर ऐसी ही घोषणाएं करते थे। इस जन्मदिवस ने मध्यकाल की यादें ताजा की हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695

—————


Vikas Sharma
upnewslive.com
E-mail :editor@bundelkhandlive.com
Ph-09415060119

Comments (0)

कांग्रेस संगठन के चुनाव की सरगर्मीयां तेज

Posted on 16 January 2010 by admin

लखनऊ- स्थानीय निकाय प्राधिकारी क्षेत्र से रायबरेली के नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्य श्री दिनेश प्रताप सिंह के आज चुनाव में विजयी होने के उपरान्त प्रथम बार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचने पर उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष डॉ. रीता बहुगुणा जोशी के नेतृत्व में सैंकड़ों कार्यकर्ताओं द्वारा फूलमालाओं से भव्य स्वागत किया गया। यह जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुबोध श्रीवास्तव ने बताया कि इस अवसर पर श्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि रायबरेली में बहुजन समाज पार्टी की तमाम तिकड़मों एवं साजिशों के बावजूद कांग्रेस पार्टी की जीत वास्तव में श्रीमती सोनिया गांधी के आशीवाद की जीत है।212

प्रदेश मे कांग्रेस के उत्थान की शुरूवात के साथ  कांग्रेस संगठन के चुनाव की सरगर्मीयां तेज हो गई है। राहुल गांधी द्वारा युवा संगठन के चुनाव में बरती गई सर्तकता की झलक प्रदेश तथा जिले में होने वाले कांग्रेस संगठन के चुनाव में देखने को मिल रही है। प्रथम चरण , सूची का प्रकाशन जिला स्तर पर 15जनवरी को हो जाने के बाद अब जगह-जगह अपना नाम न होने पर कांग्रेस कार्यकर्ता जिला और ब्लाक कांग्रेस कमेटियों ने डेरा डाले हुये है। कांग्रेस के प्रवक्ता सबोध श्रीवास्तव ने बताया है कि सूची के प्रकाशन के बाद प्रदेश एवं जिला कमेटी के चुनाव का जो कार्यक्रम घोशित किया गया है उसमें आपत्तियां, 22जनवरी, आपत्तियों का निस्तारण, 31जनवरी, प्रदेश कमेटी में आपत्तियां, 10फरवरी, आपत्तियों का निस्तारण प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा  20फरवरी,आपत्तियां केन्द्रीय चुनाव प्राधिकरण            02मार्च, आपत्तियों का निस्तारण केन्द्रीय चुनाव प्राधिकरण द्वारा 15मार्च, अन्तिम मतदाता सूची की घोषणा          25मार्च, बूथ चुनाव, 01 से 30अप्रैल, द्वितीय चरण, (15मई से 31मई) ब्लाक स्तरीय चुनाव सम्पन्न, तृतीय चरण, (07जून से 27जून),  जिला/शहर कमेटियों का चुनाव, चतुर्थ चरण, (05जुलाई से 25जुलाई), प्रदेश कमेटी का चुनाव, पांचवां चरण केन्द्रीय कार्यसमिति का चुनाव राष्ट्रीय अधिवेशन में होगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695

—————


Vikas Sharma
upnewslive.com
E-mail :editor@bundelkhandlive.com
Ph-09415060119

Comments (0)

शिलान्यास और लोकार्पण जनता की ऑख में धूल झोंकने का ही प्रयास -राजेन्द्र चौधरी

Posted on 16 January 2010 by admin

लखनऊ- समजावादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि मुख्यमन्त्री मायावती ने अपने उम्र के 54 वें पड़ाव पर जन कल्याण का ऐसा शोर मचाया है कि जैसे कोई महारानी अपनी प्रजा को खैरात बॉट रही हो। जनकल्याण का इरादा सही होता तो वे अपनी `आय से अधिक अर्जित सम्पत्ति´ में से कुछ दान-पुण्य करतीं, पर वे तो सरकारी खजाने की लूट को ही अपनी बर्थ डे गिफ्ट मानती हैं। जन कल्याण की बात या गरीबों को राहत देने की बात उस मुख्यमन्त्री को कतई शोभा नहीं देती है, जिसने आज तक किसी गरीब के दु:ख दर्द में भागीदारी नहीं की। उत्पीड़न की शिकार किसी दलित महिला से सान्त्वना के दो शब्द नहीं बोले और अपने ऐश महल से निकलकर किसी गरीब या दलित परिवार के साथ बैठकर एक रोटी नहीं खाई। वे तो बड़े महलों, आलीशान सजावटी कक्षों और अत्याधुनिक सुख-सुविधाओं की आदी हैं। गरीब और दलित तो उनके सत्ता सिहांसन के मोहरे हैं। असल में तो वे माफियाओं, बड़े सेठ-साहूकारों और कमीशनखोरों की ही संरक्षक हैं।

अपने जन्म दिन पर मुख्यमन्त्री ने 7,312 करोड़ रूपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करके जनता की ऑख में धूल झोंकने का ही प्रयास किया है। सरकारी खजाना खाली पड़ा है। कर्मचारियों तक को वेतन देने के लाले पड़े हैं। बाजार से कर्ज लेकर काम चलाया जा रहा है। पहले से चल रही तमाम योजनाएं पिछड़ गई हैं। खाली खजाने पर बोझ लादकर वे जनता से झूठी वाह-वाही पाने का इरादा बनाए हैं, लेकिन यह जनता सब जानती है। अच्छा हो, एक श्वेत पत्र जारी कर मुख्यमन्त्री बता दें कि उत्तर प्रदेश किस वित्तीय कुप्रबन्धन के दौर से गुजर रहा है। उसकी दिवालिया स्थिति की जिम्मेदार वह नहीं तो और कौन है।

अपने को दलितों की बेटी कहने वाली `देवी´ मुख्यमन्त्री ने अपने जन्म दिन पर एक भी दलित को बधाई देने के लिए अपने बंगले में घुसने नहीं दिया। बसपाई बेचारे बाहर ही भटकते रहे। दलित की बेटी बर्थ डे पर सिर्फ मन्त्रियों, आला अफसरों एवं चाटुकारों से ही घिरी रहीं। अपने दलित मतदाता/समर्थकों के प्रति उनका यह तिरस्कारभाव निन्दनीय है।

मुख्यमन्त्री ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में सिर्फ लूट, वसूली और पत्थरों के व्यापार का ही रिकार्ड बनाया है। बहुजन समाज पार्टी को अपराधियों के हाथों सौंपकर कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान को धनपतियों का बंधक बना दिया है। प्रशासन का मनोबल इतना गिरा दिया है कि अफसर बसपा के बालंटियर फोर्स के सिपाही बन गए हैें। सभी संवैधानिक संस्थाओं का अवमूल्यन हुआ है। लोकतन्त्र की निर्ममता से हत्या हो रही है। चुनाव धांधली से जीते जा रहे हैं। सत्ता के दुरूपयोग से मुख्यमन्त्री निरंकुश हो गई है। उन्होंने इस प्रदेश को अंधेरी गुफा में गहरे तक ढकेल दिया है।

Comments (0)

मेरे संघर्षमय जीवन एवं बी.एस.पी. मूवमेन्ट का सफ़रनामा का विमोचन

Posted on 15 January 2010 by admin

लखनऊ- बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री कुमारी मायावती जी की, स्व-लिखित पुस्तक मेरे संघर्षमय जीवन एवं बी.एस.पी. मूवमेन्ट का सफ़रनामा, भाग-टß व इसका अंग्रेज़ी संस्करण आज यहाँ उनके 54वें जन्मदिन के शुभ अवसर पर 5, कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर आयोजित एक सादे किंतु आकर्षक समारोह में विमोचन किया गया। यह पहला अवसर है जब इस पुस्तक के हिंदी व अंग्रेज़ी संस्करण का विमोचन एक साथ हुआ है। इससे पूर्व इस पुस्तक के चार खण्ड हिंदी व अंग्रेज़ी में जारी हो चुके हैं जिसके हिंदी के प्रथम दो खण्डों का विमोचन मान्यवर श्री कांषीराम जी के कर-कमलों द्वारा दिनांक  15 जनवरी सन् 2006 को हुआ था।

बी.एस.पी. की `ब्लू बुक´ के नाम से जानी जाने वाली इस पुस्तक के पाँचवे भाग के 1100 से अधिक पृश्ठों में सुश्री मायावती जी ने एक जनवरी 2009 से 31 दिसम्बर, 2009 की अवधि के दौरान देष में बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) तथा उत्तर प्रदेश में उनके नेतृत्व वाली बी.एस.पी. की चौथी सरकार को पेष आने वाली चुनौतियों, संघर्षो, सफलताओं तथा उनकी सरकार द्वारा आम जनता के हित में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णयों एवं उनके कल्याण व विकास हेतु किये गये कार्यों के साथ-साथ अच्छे शासन से सम्बंधित विभिन्न आदेशो-निर्देशो एवं उनके क्रियान्वयन का तिथिवार लेखा-जोखा संजोया गया है।

इस पुस्तक को अत्यंत विष्वस्नीय बनाने हेतु, इस `सफ़रनामा´ के 5वें भाग में भी, पूर्व में जारी किये गये इसके अन्य भागों की ही तरह, घटना-प्रधान चित्रों, लेखों एवं अन्य सरकारी दस्तावेज़ों को सम्मिलित किया गया है।
इस सफ़रनामा के बारे में सुश्री मायावती जी लिखती हैं कि यहसफ़रनामा कोई शिकवा-शिकायत का इंद्राज नहीं है, बल्कि सच्चाई को आम हिंदुस्तानी जुबान में एक सीधे-साधे सत्य  की तरह पे करने की कोषि की गई है। इस प्रकार घटनाक्रमों को उनकी समग्र वास्तविकता में ही पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
अपने जन्मदिन के सम्बंध में सुश्री मायावती जी अपने सफ़रनामा में लिखती हैं कि हर वर्ष 15 जनवरी को मनाया जाने वाला उनका जन्मदिन दे की आम जनता और उसमें से भी ख़ासकर दे के दलितों व पिछड़ों एवं अन्य समाज में से ग़रीबों एवं असहाय लोगों के हितों की रक्षा के लिये तत्पर बी.एस.पी. मूवमेन्ट को समर्पित होता है, लेकिन समाज के ग़रीब एवं कमज़ोर वर्गों की विरोधी, पूँजीपतियों की हितैशी हमारी विरोधी पार्टियों, ख़ासकर कांग्रेस और बी.जे.पी. तथा इनकी सहयोगी पार्टियों को यह पसंद नहीं है और इसी कारण इन पार्टियों ने, एक सोची-समझी राजनीतिक साज़िष के तहत ख़ासकर उनके जन्मदिन को हमेषा ही विवादित बनाने की कोषिष की है। लेकिन पिछले वर्श तो इन विरोधी पार्टियों ने अति कर दी थी, जिस कारण इस वर्ष अर्थात् सन् 2010 में अपने जन्मदिन को आर्थिक सहयोग दिवस के तौर पर मनाने की परम्परा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। और अब इस जन्मदिन को मेरी पार्टी व सरकार जन-कल्याणकारी दिवस के रूप में मना रही है।

साथ ही, उत्तर प्रदे में 16 वर्षो के बाद सन् 2007 में पूर्ण बहुमत वाली बी.एस.पी. की स्थायी सरकार के गठन का उल्लेख करते हुये सुश्री मायावती लिखती हैं कि जनता ने बी.एस.पी. को उत्तर प्रदेष में स्थायी सरकार बनाने का जो मौक़ा दिया उससे प्रतिपक्ष की सभी विरोधी पार्टियाँ एक जुट हो कर बी.एस.पी. के खिलाफ और अधिक शड्यंत्रकारी बन गईं। प्रतिपक्ष की सभी पार्टियाँ ख़ासकर कांग्रेस, भाजपा और सपा ने मिलकर, भारत अमेरिका परमाणु-डील मुद्दे पर संसद में केंद्र सरकार के विष्वास प्रस्ताव के दौरान, मुझे प्रधानमंत्री नहीं बनने देने के लिये अंदरूनी मिलीभगत की। और यही सब कुछ मार्च-मई सन् 2009 में हुये लोकसभा के आम चुनाव में भी जारी रखा। मक़सद सिर्फ एक था कि देष की राजनीति में अपनी अलग पहचान एवं अपनी अमिट छाप बनाने वाली एक `दलित की बेटी´ को किसी भी क़ीमत पर प्रधानमंत्री की कुर्सी पर ना बैठने दिया जाये। क्योंकि हमारी विरोधी पार्टियों ख़ासकर कांग्रेस पार्टी को यह अच्छी तरह से मालूम है कि केंद्र में एक बार बी.एस.पी. के नेतृत्व में सरकार बन जाने के बाद कांग्रेस पार्टी की उसी प्रकार से छुट्टी हो जायेगी जिस प्रकार उत्तर प्रदेश में मेरे नेतृत्व में बी.एस.पी. की सरकार बन जाने के बाद से, देश के सबसे बड़े व महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश से कांग्रेस पार्टी की छुट्टी हो गई है और उनके विधायकों की संख्या 403 सदस्यीय विधानसभा में मात्र 20 रह गई है।

साथ-ही-साथ बी.एस.पी. की राश्ट्रीय अध्यक्ष अपनी पुस्तक में कहती हैं कि इसे देष की राजनीति का एक दुर्भाग्य नहीं तो और क्या कहा जायेगा कि एक तरफ परिवारवाद एवं विरासत की राजनीति को बिना रोक-टोक ही नहीं बल्कि बढ़-चढ़ कर प्रोत्साहित किया जाता है और दूसरी तरफ सर्वसमाज के हित को लेकर संघर्श व कुबानियों तथा गुड गवनेन्स के बल पर भारतीय राजनीति में आगे बढ़ने वाली एक एक दलित की बेटी के खिलाफ विभिन्न विरोधी पार्टियों द्वारा मौक़ापरस्त अनैतिक गठबंधन कर लिया जाता है और साम, दाम, दण्ड, भेद आदि अनेकों हथकण्डों का इस्तेमाल करके हर बार देश में आम जनता की चाहत को कुचलने का प्रयास किया जाता है।

और जहाँ तक उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के पास ज़िला गौतम बुद्ध नगर के नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के तथा राष्ट्रीय महत्व वाले स्मारकों, स्थलों, पार्कों एवं विश्वविद्यालय के निर्माण का मामला है, कांग्रेस पार्टी तथा केंद्र में उसके नेतृत्व वाली सरकार को यह सब ऐतिहासिक महत्व वाले कार्य क़तई पसंद नहीं आ रहे हैं तथा वे इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं जिस कारण कांग्रेस पार्टी के लोग, आम जनता के हित एवं इस्तेमाल के इन स्मारकों/स्थलों को भी अपने राजनीतिक प्रतिरोध का माध्यम बनाकर, सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के साथ-साथ कोर्ट में भी इनका तीव्र विरोध कर रहे हैं। आम जनता इन निर्माणों को अपने लिये उपयोगी समझती है और इनका भरपूर लाभ और आनंद उठा रही है, इसलिये उनके बीच विरोधी पार्टियों के इन नेताओं की दाल नहीं गल पाती है, लेकिन राजनीतिक साज़िश के तहत, इन निर्माण कार्यों का कोर्ट में विरोध इतना तीव्र होता है कि उसकी दूसरी मिसाल मिलनी मुश्किल है, परंतु मैं समझती हूँ कि इसमें हैरानी की कोई बात नहीं होनी चाहिये। यह स्वाभाविक ही है कि हमारी सरकार ने अपने अल्पकाल के शासनकाल में ही विकास और जनोपयोग के जो भव्य निर्माण करवाये हैं उनकी दूसरी मिसाल अपने देश के स्वतंत्रता के बाद के इतिहास में मिलनी बहुत मुश्किल है। हमारी सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में कराये गये ऐतिहासिक निर्माण कार्य वास्तव में कांग्रेस पार्टी को एक चैलेन्ज की तरह से चुभते और खटकते होंगे, क्योंकि आज़ादी के बाद एकछत्र राज करने के बावजूद कांग्रेस पार्टी ने यहाँ ऐसा कुछ भी नहीं किया जिस पर आम जनता अपने आपको सहज व गौरवािन्वत महसूस कर सके।

अपने जीवन संघर्षो तथा बी.एस.पी. मूवमेन्ट का सफ़रनामा कलमबंद करने की सार्थकता पर प्रकाष डालते हुये सुश्री मायावती जी पुस्तक की प्रस्तावना में लिखती हैं, वैसे यह सब बातें मैं इसलिये लिख कर बता पा रही हूँ क्योंकि सुबह-सवेरे उठकर कुछ लिखने-पढ़ने का मेरा सौक़ काफ़ी पुराना है। यही कारण है कि बी.एस.पी. मूवमेन्ट से सम्बंधित काफी दस्तावेज़ात आज पार्टी के ख़ज़ाने में हैं, जिनकी आज अपनी अहमियत है तथा आने वाले कल में भी इनकी और ख़ास अहमियत होगी इससे क़तई इन्कार नहीं किया जा सकता है।

जन्मदिन के शुभ अवसर पर आयोजित इस पुस्तक विमोचन समारोह में प्रदेष कबीना के वरिष्ठ मंत्रीगण, सांसद, विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

Comments (0)

Advertise Here

Advertise Here

 

March 2026
M T W T F S S
« Sep    
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
-->









 Type in