Archive | लखनऊ.

जनहित तथा प्रशासनिक हितार्थ आयोग की कार्य प्रणाली को सुदृढ़ एवं व्यापक बनाया जायेगा

Posted on 05 April 2018 by admin

लखनऊ 05 अप्रैल, 2018

प्रदेश के विभिन्न विभागों द्वारा भ्रष्टाचार रोकने हेतु सतर्कता के कार्यों के क्रियान्वयन हेतु की जा रही कार्यवाही और मासिक स्तर पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्णय लेते हुए इसका क्रियान्वयन करने तथा राज्य सतर्कता आयोग के कार्य को और प्रभावी तथा व्यापक बनाए जाने हेतु तार्किक एवं समयबद्ध कार्यवाही करने हेतु मा0 अध्यक्ष सतर्कता आयोग श्री देवेन्द्र चैधरी ने निर्देश दिये। राज्य सतर्कता आयोग के कार्य एवं गतिविधियों को प्रभावी बनाएं रखने हेतु नियमित रूप से प्रत्येक माह के द्वितीय मंगलवार को पूर्ण आयोग की बैठक किए जाने हेतु जनहित तथा प्रशासनिक हितार्थ आयोग की कार्य प्रणाली को सुदृढ़ एवं व्यापक बनाने के लिए विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में यह भी विचार किया गया कि राज्य सतर्कता आयोग की कार्य प्रणाली को केन्द्रीय सतर्कता आयोग की भांति सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जायेगा।
यह बैठक मा0 अध्यक्ष सतर्कता आयोग श्री देवेन्द्र चैधरी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। पूर्ण आयोग की बैठक में उत्तर प्रदेश शासन के विभिन्न 14 विभागों यथा राजस्व, गृह, स्वास्थ्य, परिवहन, माध्यमिक शिक्षा, ऊर्जा, ग्राम्य विकास, चिकित्सा शिक्षा, वाणिज्य कर, बेसिक शिक्षा, तकनीकि शिक्षा, आबकारी, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, सेतु निगम, राज्य निर्माण विभागों के शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली बार बैठक की गयी जिसमें सतर्कता कार्य में की गई प्रगति की समीक्षा करते हुए बल दिया गया कि एक पक्ष से सभी विभाग अपने-अपने विभागों की सतर्कता जांच की रूपरेखा एवं क्रियान्वयन की कार्य योजना से आयोग को अवगत कराएंगे तथा मासिक स्तर पर भ्रष्टाचार के सम्बन्ध में प्राप्त शिकायत की गयी जांच कार्यवाही एवं अभियोजन आदि के सम्बन्ध में विस्तृत विवरण उपलब्ध करवायेंगे। बैठक में विभागों को सतर्कता अधिकारी भी नामित करने हेतु निर्देशित किया गया।
बैठक में मा0 सदस्य श्री प्रदीप कुमार कंसल अध्यक्ष-3 एवं सदस्य प्रशासनाधिकरण-1 श्री रमेश तिवारी सदस्य प्रशासनाधिकरण-2 व 3 एवं मा0 सदस्य एवं निदेशक सतर्कता अधिष्ठान श्री हितेश चन्द्र अवस्थी ने सतर्कता आयोग के सुदृढ़ीकरण एवं कार्यों के विषय में आवश्यक सुझाव दिये। बैठक में सचिव श्री अशोक कुमार श्रीवास्तव व अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

Comments (0)

होमगाड्र्स जवानों को मिलेगा अतिरिक्त ड्यूटी भत्ता

Posted on 05 April 2018 by admin

ट्रेनिंग सेंटर पर सभी सुविधाए मुहैया की जाएगी
होमगाड्र्स जवानों को शीघ्र मिलेगा एक दिन का साप्ताहिक अवकाश
-अनिल राजभर
लखनऊ: 05 अप्रैल, 2018
होमगाड्र्स जवानों को सार्वजनिक प्रतिष्ठाानों में ओवर टाइम ड्यटी किए जाने पर वेतन के अलावा अलग से ड्यूटी भत्ता दिए जाने का प्रस्ताव शासन को प्राप्त हुआ है। इस पर विचार-विमर्श करके कार्यवाही की जाएगी। यह बातें प्रदेश के होमगाड्र्स, पीआरडी, पूर्व सैनिक कल्याण, नागरिक सुरक्षा एवं खाद्य एवं प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अनिल राजभर ने आज यहां बापू भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि होमगाड्र्स विभाग के अराजपत्रित कर्मियों को प्रोन्नत के तीन अवसर उपलब्ध कराए जाने के संबंध में प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। विभाग के राजपत्रित/अराजपत्रित अधिकारियों व कर्मचारियों को वर्दी भत्ता एवं वर्दी अनुसरण भत्ता दिए जाने के संबंध में भी चर्चा की गयी।
श्री राजभर ने कहा कि जनपद में नियोजित होमगाड्र्स की कुल संख्या के 5 प्रतिशत होमगाड्र्स को समय-समय पर जिला कमाण्डेंट द्वारा नामित इंस्पेक्टर के अधीन ट्रेनिंग कराने को निर्देश दिए हंै। उन्होंने ट्रेनिंग सेंटर पर 100 चारपाई, फोल्डिंग या तखत के लिए व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि होमगाड्र्स विभाग के कार्यालयों में निर्वाध विद्युत व्यवस्था हेतु सोलर लाइटिंग सिस्टम लगाए जाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। शीघ्र ही इस पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
श्री अनिल राजभर ने कहा कि जिन जिलों मंे जिला कमाण्डेंट के पद रिक्त है उनको यथाशीघ्र भरा जाएगा। सप्ताह में होमगाड्र्स जवानों के लिए एक दिन के अवकाश का प्रस्ताव भी शासन मे विचाराधीन है। शीघ्र ही इस पर उचित निर्णय लिया जाएगा। जिससे जवानों का मनोबल ऊंचा हो तथा कार्यक्षमता में वृद्धि हो। जिन जिलों में होमगाड्र्स कार्यालय डीएम कार्यालय से संबंध है वहां पर बात करके होमगाड्र्स विभाग के लिए कार्यालय अलग करवाने की भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि जवानों की ड्रिल एवं वर्दी की समुचित उपलब्धता पर भी कार्रवाई चल रही है। शीघ्र ही इसको सही किया जाएगा।
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव होमगाड्र्स श्री कुमार कमलेश, कमाण्डेंट जनरल होमगाडर््स डा0 सूर्य कुमार, एडीजी होमगार्ड्स श्री एस.के. सिंह व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Comments (0)

बक्शी तालाब स्थित नागरिक सुरक्षा टेªनिंग सेंटर का शीघ्र होगा नवीनीकरण

Posted on 05 April 2018 by admin

नागरिक सुरक्षा के उपनियंत्रकों का बनाए व्हाट्स एप ग्रुप
- अनिल राजभर
लखनऊ: 05 अप्रैल, 2018
बक्शी तालाब स्थित ट्रेनिंग सेंटर का नवीनीकरण किया जाएगा, जिससे आने वाले दिनों में यहां पर पुनः ट्रेनिंग की सुविधा शुरु की जा सके। यह बातें प्रदेश के होमगाड्र्स, पीआरडी, पूर्व सैनिक कल्याण, नागरिक सुरक्षा एवं खाद्य एवं प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अनिल राजभर ने आज यहां बापू भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि यहां की रेस्क्यू सुविधा बहाल की जाएगी एवं साथ ही मेस एवं रहने हेतु हास्टल की सुविधा में भी सुधार की बात की जायेगी, जिससे यहां पर जवान रह सकें।
श्री राजभर ने उपनियंत्रकों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के भी निर्देश दिए। जिससे सूचनाएं समय से एवं सही ढंग से एक-दूसरे को मिल सके। उन्होंने कहा कि अग्निशमन सेवा में लगे कर्मचारी अपने कार्यों को ठीक ढंग से करें और अपने कार्यों के बारे में अपने उच्च अधिकारियों को भी सूचित करें।
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव नागरिक सुरक्षा श्री राजन शुक्ला, डीजी नागरिक सुरक्षा जवाहर लाल त्रिपाठी, डिप्टी कन्ट्रोलर श्री जयराज तोमर, अनुसचिव नागरिक सुरक्षा श्री सुनील यादव व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Comments (0)

राज्य सूचना आयोग ने वीडियों काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की सनुवाई

Posted on 05 April 2018 by admin

46 अपील/शिकायत में से 22 वाद हुए निस्तारित

04 अधिकारियों पर 55,000 रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित

लखनऊ अप्रैल, 2018

राज्य सूचना आयुक्त श्री हाफिज उस्मान ने योजना भवन, लखनऊ से वीडियों काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद सहारनपुर के शिकायत/अपीलोें की सुनवाई शुरू की। आयोग ने आवेदकों/अधिकारियों की सहुलियत/सुविधाओं के लिए वीडियों काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि अपीलों की सनुवाई हेतु आवेदकों और जनसूचना अधिकारियों को लखनऊ आना पड़ता है, जिससे उन्हें असुविधा होती है और सरकारी कार्य में भी बाधा उत्पन्न होता है, तथा वादी की व्यक्तिगत धनराशि की भी क्षति होती है, जिसके दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है।
श्री हाफिज उस्मान ने आज 46 शिकायत/अपीलोें की वीडियों काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की। जिसमें से 22 वादों का नियम के तहत निस्तारण किया। श्री उस्मान ने बताया कि वादी को सूचनाएं उपलब्ध न कराने का दोषी मानते हुए नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम, सहारनपुर पर रू0 10,000 जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी, सहारनपुर पर रू0 10,000 जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहारनपुर पर रू0 10,000 एवं खण्ड विकास अधिकारी, विकास खण्ड देवबन्द, सहारनपुर पर रू0 25,000 अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है।
श्री हाफिज उस्मान ने बताया कि आने वाले 23 अप्रैल 2018, 24 अप्रैल 2018, एवं 25 अप्रैल, 2018 को कलेक्ट्रेट बिजनौर में मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर, सम्भल, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली के जनपदों की सुनवाई की जायेगी।
राज्य सूचना आयुक्त श्री हाफिज उस्मान ने सभी प्रतिवादियों को निदेर्शित किया कि नियम के तहत 30 दिन के अन्दर वादी के आवेदन-पत्रों का निस्तारण कर वादी को बिन्दुवार सभी सूचनाएं उपलब्ध कराये, तथा प्रथम अपीलीय अधिकारी भी समय रहते तेजी के साथ वादी के अपीलों का निर्धारित समय में निस्तारण करवाये।

Comments (0)

सभी वर्ग और सभी समाज की उन्नति ही सबका साथ-सबका विकास है - डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय

Posted on 05 April 2018 by admin

लखनऊ 05 अप्रैल 2018, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केन्द्रीय मंत्री वीके सिंह व शतपाल सिंह ने रामलीला मैदान गाजियाबाद में ऋषि कश्यप एवं निषाद राज जयंती पर किया नमन। सभी को दी शुभकामनाएं।
प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि सप्तऋषियों में ऋषि कश्यप का महत्वपूर्ण स्थान है। ऋषि कश्यप एवं निषाद राज सहित सभी महापुरूष हमारे लिए प्रेरणा पुंज है। भारतीय जनता पार्टी महापुरूषों के पथ का अनुसरण करते हुए सबका साथ-सबका विकास के सिद्धान्त पर जनसेवा के कर्तव्य में रत है। इसी सोच के साथ बढ़ते हुए मोदी सरकार आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी वर्ग व सभी समाज को स्वास्थ्य संरक्षण की प्रतिबद्धता लेकर आई है। प्रति वर्ष 10 करोड़ गरीब परिवार यानि देश की 40 फीसदी आबादी को प्रति वर्ष 5 लाख की स्वास्थ्य कबर बीमा योजना दी है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मेरा गोत्र कश्यप है और आज आपके बीच में अपने परिवार में आया हूॅ। योगी सरकार द्वारा महर्षि कश्यप जयंती पर 900 करोड़ रूपये की योजनाओं का शिलान्यास किया जा रहा है।

Comments (0)

प्रमुख सचिव ऊर्जा ने की कुम्भ मेला सम्बन्धी कार्यो की समीक्षा

Posted on 04 April 2018 by admin

प्रदेश को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने हेतु बारा एवं मेजा परियोजनाओं का भी किया निरीक्षण।
युद्धस्तर पर कार्य पूर्ण कर सभी यूनिटों को निर्धारित समय से चालू करने के लिए दिये निर्देश

लखनऊ, 4 अप्रैल 2018। प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उ0प्र0 पावर कारपोरेषन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने इलाहाबाद के सर्किट हाउस में बैठक कर कुम्भ मेले में meja_chmविद्युत व्यवस्था के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही उन्होने बारा एवं मेजा विद्युत परियोजनाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कुम्भ मेले के लिये षासन द्वारा स्वीकृत सब स्टेषनों, लाइनों के निर्माण एवं क्षमतावृद्धि आदि का कार्य युद्धस्तर पर करके समय से पूर्ण करने के निर्देष दिये। मेजा एवं बारा परियोजनाओं से जो विद्युत प्रदेष को प्राप्त होगी वह अनेक विद्युत परियोजना से सस्ती होगी। प्रमुख सचिव ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मेजा एवं बारा परियोजनाओं से प्रदेष को सस्ती बिजली शीघ्र प्राप्त हो।
कुम्भ मेले से सम्बन्धित कार्यों को समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव ने निर्देशित किया कि विद्युत से सम्बन्धित सभी कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाये। सभी अस्थायी खण्ड 20 अप्रैल तक संचालित हो जाये। माघ मेले में एल0ई0डी0 लाइटों का अनुभव अच्छा रहा है इसलिये कुम्भ में भी एल0ई0डी0 लाइटों का ही अधिकत प्रयोग किया जाये।
उन्होंने शासन से अनुमोदित 14 कार्यों को जिनकी लागत लगभग 34 करोड़ रूपया है, को सितम्बर, 2018 तक पूर्ण करने के निर्देश दिये। इसमें तीन कार्य पूर्ण भी हो गये हैं। इसी तरह विद्युत वितरण निगम द्वारा 129.26 करोड़ की लागत से 32 कार्य कराये जा रहे हैं इन सभी कार्यों को भी उन्होंने युद्धस्तर पर करके मई 18 तक पूर्ण करने के निर्देश दिये। कार्यों में 12 कार्य पूर्ण भी हो गये है पारेषण निगम द्वारा 9 कार्य लगभग 20ः21 करोड़ के कराये जा रहे हैं।
मेजा तापीय परियोजना एन0टी0पी0सी0 एवं उत्पादन निगम का संयुक्त उपक्रम है। 2ग्660 मेगावाट की इस परियोजना में 916 मेगावाट उ0प्र0 का शेयर है। प्रमुख सचिव ऊर्जा ने आज मेजा परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होेेंने परियोजना के शेष कार्याें का युद्धस्तर पर करने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित किया कि वरिष्ठ अधिकारी प्रत्येक सप्ताह प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। प्रमुख सचिव ने कोयला ढुलाई हेतु रेल लाइनों आदि में विलम्ब हेतु रेलवे से समन्वय स्थापित कर दो महीने में कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिये। इसकी पहली यूनिट तैयार है। दूसरी यूनिट मई 2019 तक आयेगी। यहां से प्राप्त विद्युत तुलनात्मक दृष्टि से सस्ती है।
प्रमुख सचिव ने बारा परियोजना का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण में उन्होंने परियोजना की तीनों यूनिटें मई, 2018 से चलाने के निर्देश दिये। यह परियोजना 3ग्3360 मेगावाट की है। जिसमें तीनों यूनिटें तैयार हंै, तथा दो यूनिटें उत्पादन दे रही हैं। इस परियोजना में कोयले की कमी के कारण पिछले वर्ष मात्र 40 प्रतिशत पी0एल0एफ0 आया था। मार्च 2018 में उ0प्र0 पावर कारपोरेशन ने बकाये का भुगतान कर दिया है। कोयले के स्टाॅक में सुधार हो रहा है। जुलाई तक रेल ओवर ब्रिज का कार्य पूर्ण होने पर कोयला ढुलान और अच्छा होगा। इस परियोजना में उ0प्र0 का हिस्सा 1605 मेगावाट है। ललितपुर परियोजना से लगभग 4.83 रूपये प्रति यूनिट विद्युत प्राप्त होती है जबकि बारा में 3.65 तथा मेजा में 3.76 रूपये प्रति यूनिट विद्युत प्राप्त होगी।
प्रमुख सचिव, ऊर्जा द्वारा कुम्भ मेला वर्श 2019 के अन्तर्गत षासन द्वारा स्वीकृत (33/11) के0वी0 विद्युत उपकेन्द्र बक्षीबांध से दारागंज विद्युत उपकेन्द्र तक 33 के0वी0 लिंक लाइन के निर्माण, 132 के0वी0 विद्युत उपकेन्द्र तेलियरगंज से विद्युत उपकेन्द्र मिन्टोपार्क के बीच 132 के0वी0 लिंक लाइन के निर्माण, 400 के0वी0 विद्युत उपकेन्द्र रींवा रोड से 220 के0वी0 विद्युत उपकेन्द्र रींवा रोड के डबल सर्किट चालक को एच0टी0एल0एस0 चालक से बदलने का कार्य, नगर क्षेत्र में सड़क के किनारे प्लिंथ पर स्थापित वितरण परिवर्तकों को डबल पोल पर स्थानान्तरित करने का कार्य, 132 के0वी0 विद्युत उपकेन्द्र झंूसी की क्षमतावृद्धि, पेषवाई मार्ग पर स्थित खुले तार की एल0टी0 लाइन को ए0बी0सी0 से बदलने का कार्य, मेला हेतु स्टोर भवन के निर्माण, पंचकोषी परिक्रमा मार्ग पर स्थित षिव मंदिरों के विद्युतीकरण का कार्य इत्यादि) के साथ-साथ आई0पी0डी0एस0 तथा आर0ई0सी0 योजनाओं के अन्तर्गत कुम्भ मेला हेतु कराये जा रहे सहायक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गयी। उन्होंने इन कार्यों को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिये।
समीक्षा के अन्तर्गत प्रमुख सचिव, ऊर्जा द्वारा 33 के0वी0 विद्युत उपकेन्द्र बक्षीबांध से दारागंज तक निर्माणाधीन 33 के0वी0 लिंक लाइन एवं 132 के0वी0 विद्युत उपकेन्द्र तेलियर गंज से विद्युत उपकेन्द्र मिन्टोपार्क के बीच निर्माणधीन 12 के0वी0 लिंक लाइन के निर्माण कार्य की प्र्रगति पर चार्ट के अनुरूप इस माह में प्राप्त करने हेतु सम्बन्धित को निर्देषित किया तथा सहायक कार्यों में निवनिर्मित 33/11 के0वी0 विद्युत उपकेन्द्रों को पोशित करने वाले 33 के0वी0 लाइनों का निर्माण एन0एच0ए0आई0/सी0ओ0डी0/आवास-विकास से षीघ्र एन0ओ0सी0 प्राप्त कर पूर्ण करने हेतु निर्देषित किया।
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव, ऊर्जा के साथ निदेषक (वितरण) एवं मुख्य अभियन्ता (सी0एम0यू0डी0), श्री जी0पी0 वर्मा, मुख्य अभियन्ता (पारेशण), श्री अष्वनी कुमार श्रीवास्तव, मुख्य अभियन्ता (वितरण) तथा अधीक्षण अभियन्ता (पारेशण) एवं अधीक्षण अभियन्ता (वितरण) द्वारा प्रतिभाग किया गया।

Comments (0)

एमिटी में ‘‘समाज और कल्याण’’ विषयक पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

Posted on 04 April 2018 by admin

लखनऊ 04 अप्रैल, 2018ः एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश लखनऊ परिसर के एमिटी इंस्टीट्यूट आॅफ बिहैवरियल एवं एलाइड साइंसेज विभाग द्वारा आज ‘‘समाज और कल्याण’’ विषय पर पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का ध्येय विभिन्न वर्गों के लोगों को एक साथ इस विषय पर व्यक्ति और समाज के कल्याण में आने वाली कठिनाइयों और तरीकों को जानना था।

सम्मेलन का शुभारम्भ महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त निदेशक डाॅ. के. सी. जार्ज, सर्च फाउंडेशन के संस्थापक एवं प्रसिद्ध कवि सर्वेश अस्थाना, इंस्टीट्यूट आॅफ करियर स्टडीज की संस्थापिका डाॅ. अमृता दास, टाटा मोटर्स के एचआर प्रमुख कुमार ललित, बाल कल्याण कमेटी के चेयरपर्सन डाॅ. अंशुमालि शर्मा मनोविज्ञान विभाग केजीएमयू के विभागाध्यक्ष डाॅ. पी.के. दलाल, जेएनपीजी लखनऊ के सोसियोलाॅजी डिपार्टमेंट के प्रमुख डाॅ. विनोद चन्द्रा और निदेशिका एआईबीएएस, एमिटी जयपुर की निदेशिका डाॅ. उमा जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर एमिटी इंस्टीट्यूट आॅफ बिहैवरियल एवं एलाइड साइंसेज की विभागाध्यक्षा प्रोफेसर मंजू अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के विषय की प्रासंगिकता से लोगों को परिचित कराया।

सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता डाॅ. के.सी. जार्ज ने कहा कि समाज में बच्चों के हितों और उनके कल्याण पर प्राथमिक तौर पर ध्यान दिया जाना चाहिए क्योंकि उन्हीं के कंधों पर समाज और देश का आने वाला कल टिका हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकारें भी इस दिशा में कई तरह की योजनाओं पर काम कर रही हैं। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण पर भी सरकार का विशेष ध्यान है।

कवि सर्वेश अस्थाना ने कहा कि स्वयं के बारे में जागृत रहना वेलबीइंग की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत कल्याण और समाज कल्याण आपस में गुथे हुए हैं। उन्होंने आत्म कल्याण के लिए अध्यात्म की वकालत की।

वर्तमान जीवन में तकनीकी के दखल पर प्रकाश डालते हुए डाॅ. अमृता दास ने कहा कि वैश्विक स्तर पर सम्पर्क हेतु और सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए तकनीकी निःसंदेह एक महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन यह हमारे आपसी सम्पर्कों और रिश्तों में दरार लाने का भी एक बड़ा कारण है। सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग समाज में अवसाद और वैमनस्यता बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं से परिजनों की बढ़ती अपेक्षाओं के कारण युवाओं में आत्मघाती प्रवृत्ति बढ़ रही है। इन सबके कारण समाज में हिंसा और आत्महत्या के मामले बढ़े हैं।

डाॅ. पी.के. दलाल ने कहा कि इंटरनेट एडेक्शन डिस आॅडर समाज के लिए घातक होने वाला है। उन्हांेंने कहा कि समाज में जिस तरह से सेल्फी डेथ और आत्ममुग्धता की प्रवृत्ति बढ़ी है वह कई मानसिक रोगों के विकसित होने की तरफ इशारा करती है। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को इससे बचाने के लिए जीवन में अनुशासन, बच्चों और माता-पिता के बीच संवाद और स्वस्थ दिन चर्या का पालन आवश्यक हो चुका है।

सम्मेलन के दौरान एमिटी इंस्टीट्यूट आॅफ बिहैवरियल एवं एलाइड साइंसेज के उप निदेशक एसजेडएच आब्दी, मनोवैज्ञानिक नेहा आनन्द और एमिटी लखनऊ परिसर के उप निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क आशुतोष चैबे सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

Comments (0)

सरकार ने अपनी मनमानी के चलते पूरी तरह अस्त व्यस्त कर दिया है

Posted on 04 April 2018 by admin

लखनऊ ,समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि शिक्षा के क्षेत्र को इस भाजपा सरकार ने अपनी मनमानी के चलते पूरी तरह अस्त व्यस्त कर दिया है। प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों ने मनमानी फीस बढ़ोŸारी के साथ किताबें, काॅपी, जूते-मोजे और डेªस तक बेचना शुरू कर दिया है। अभिभावक लुट रहे हैं। जब स्कूल प्रबन्धकों ने लूट खसोट शुरू कर दी तब राज्य सरकार को होश आया तो एक औपचारिक फरमान अध्यादेश लाने का जारी कर दिया गया लेकिन उसको कैसे लागू किया जाएगा, यह अस्पष्ट है। जैसे गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने की व्यवस्था का प्रबन्धक मजाक उड़ा रहे हैं और सरकार का शिक्षा विभाग कुछ कर नहीं पा रहा है। वैसा ही हाल फीस में मनमानी वृद्धि पर रोक लगाने का होगा।
स्थिति यह है कि सरकारी अकर्मण्यता के कारण बच्चों को स्कूल खुलने के समय किताबें नहीं मिल पाएगीं। जाड़ा जब बीत गया तब स्कूलों में आधे-अधूरे और दोयम दर्जे के स्वेटर बांटे गए। बस्ते, जूते-मोजे बंटे जो बहुत ही घटिया स्तर के हैं। बेमन से दबाव में कुछ को ही ये उपलब्ध हुए। तीन-चार महीने में ही वे फटने लगे। ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा‘ का उद्घोष प्रदेश में कहीं नजर नहीं आ रहा है।
भाजपा सरकार ने हर वह काम किया है जिससे नौजवानों में बेरोजगारी बढ़े और उनमें कुंठा पनपे। अभी परीक्षा में नकल रोकने के नाम पर कई लाख छात्र-छात्राओं को घर बैठा दिया। उनकी पढ़ाई पूरी नहीं होगी। पढ़ाई की पूरी व्यवस्था नहीं है, कोर्स पूरे नहीं हुए। रोजगार कहां है? मिलेगा नहीं। असंवेदनशीलता के चलते शिक्षा माफिया अपना एकाधिकार चला रहे हैं।
श्री अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्वकाल में ऐसी दुर्दशा नहीं थी। धांधली करनेवालों पर अंकुश था। समाजवादी सरकार में छात्र-छात्राओं को 18 लाख लैपटाॅप बांटे गए थे। मध्यान्ह् भोजन में फल वितरण की नई योजना शुरू की गई थी। बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पर 2,41,437 शिक्षकों की नियुक्ति हो गई थी। मेधावी छात्राओं को 30-30 हजार रूपए कन्या विद्याधन प्रदान किया गया था। अल्पसंख्यक और अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को मुफ्त कोचिंग की सुविधा दी गई थी।
समाजवादी सरकार की प्राथमिकता में किसान, नौजवान, गरीब और गांव थे। शिक्षा की गुणवŸाा के साथ कौशल प्रशिक्षण का काम भी तब हुआ था। अखिलेश जी की प्रशासन पर लगातार नजर रहती थी इसलिए उनके समय धांधली की स्थिति नहीं होती थी। सबकों शिक्षा और सबको रोजगार के उद्देश्य की पूर्ति के लिए अखिलेश जी प्रतिबद्ध थे। भाजपा उनका क्या मुकाबला करेगी क्योंकि भाजपा की कोई शिक्षा नीति ही नहीं हैं।
भाजपा राज में उत्तर प्रदेश में हर मोर्चे पर स्थितियां बिगड़ती जा रही हैं। अराजकता जैसी स्थिति है। भाजपा सरकार की मनमानी से जनता परेशान है और प्रशासन पंगु है। भाजपा सरकार का चेहरा जन विरोधी लगने लगा है। जनता यह कहने लगी है कि भाजपा से तो श्री अखिलेश यादव ही कई गुना बेहतर मुख्यमंत्री थे। अपने कार्यकाल में अखिलेश जी ने ही जो काम किए थे वही जनता को याद आ रहे हैं। जनता तो मुख्यमंत्री जी से यही पूछ रही है-‘सब कुछ लुटाके होश में आए तो क्या हुआ?

Comments (0)

हमने कभी हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया

Posted on 04 April 2018 by admin

उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एंव अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन हाजी सिराज मेहदी ने अपने एक बयान में कहा कि कल प्रदेश व देश में एससी/एसटी के पूर्व घोषित भारत बंद के दौरान जो आगज़नी, तोड़फ़ोड़ तथा मारे गये लोगों की पूरी जि़म्मेदारी केन्द्र की भाजपा सरकार की सीधी जि़म्मेदारी होती है। श्री मेहदी ने कहा कि केन्द्र की सरकार कंाग्रेस पार्टी व तमाम विपक्षी पार्टियों की मांग पर सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका चली जाती तो यह दिन देखने को नहीं मिलते जिसे कल पूरे देश को देखना पड़ा और इसका ख़मियाज़ा देश को नहीं भुगतना पड़ता, इससे देश बच सकता था।

श्री मेहदी ने कहा कि एससी/एसटी या अल्पसंख्यकों के मामले में केन्द्र की भाजपा सरकार सौतेला व्यवहार करती आई है वह आज समझ में आ गया है। उन्होने कहा कि भारत के दलित समाज और अल्पसंख्यक समाज के बारे में आरएसएस और भाजपा ने हमेशा नुक़सान पहुचाने और कमज़ोर करने की साजि़श रची है। आरएसएस दिखावे के लिए कुछ करती है और अन्दर-अन्दर समाप्त करने की कोशिश करता है, जो कल संगठन ने बन्द का आवाहन किया उससे सरकार को होशियार हो जाना चाहिए ।

श्री मेहदी ने कहा कि हम महात्मा गांधी और डा0 भीम राव अम्बेडकर के मानने वाले हैं, हमने कभी हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया है, हमने अपना हक़ गांधी और अम्बेडकर के बताये शान्ति के रास्ते पर चलकर लिया है और आगे भी इसे अपनाते रहेगें। केन्द्र सरकार ने पुर्नविचार याचिका दायर करने में 13 दिन लगा दिये उससे उसकी मंशा का खुलासा होता है। श्री मेहदी ने सर्वाेच्च न्यायालय का धन्यवाद दिया कि उन्होने पुर्नविचार याचिका स्वीकार कर ली।

Comments (0)

दलित संगठनों के भारत बंद में हिंसा के लिए सरकार जिम्मेदार

Posted on 04 April 2018 by admin

सीपीआई (एम) उ0प्र0 राज्य सचिव मण्डल ने पुलिस फायरिंग, लाठीचार्ज तथा
गिरफ्तारी की निंदा की

लखनऊ 03 अप्रैल। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) उ0प्र0 राज्य सचिव
मण्डल ने दलित संगठनों के दो अप्रैल को भारत बंद में हिंसा के लिए केन्द्र और
राज्य सरकार को जिम्मेदार मानते हुए पुलिस फायरिंग, लाठीचार्ज तथा गिरफ्तारी
की कड़ी निंदा की है।
ज्ञात हो कि एससी/एसटी एक्ट 1989 को सर्वोच्च अदालत ने आदेश पारित कर दंतविहीन
कर दिया है। लगता है कि हिन्दी इलाकों मंे दलितों पर अपराधों में तेजी से
वृद्धि करने में आग में घी डालने का काम सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने किया है।
उक्त आदेश की पुनः सुनवाई याचिका दायर करने मंे केन्द्र सरकार ने देरी की
जिससे दलित जनता में आक्रोश पनपा है। भारत बंद में पुलिस फायरिंग में आधा
दर्जन से अधिक लोगों की मौत हुई जिसमें से मेरठ व मुजफ्फरनगर में भी एक-एक की
मौत हुई है। दर्जनों लोग पुलिस लाठीचार्ज में घायल हुए हैं। सैकड़ों लोगों को
पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
सुप्रीम कोर्ट का यह अप्रिय निर्णय ऐसे समय आया है जब देश में भाजपा शासित
राज्यों में दलितों पर होने वाले अपराधों में भारी बढ़ोत्तरी हुई है। जिनमें
उत्तर प्रदेश अव्वल है। योगी सरकार दलितों पर अपराध रोकने में फेल है।
सीपीआई (एम) उ0प्र0 राज्य सचिव मण्डल सदस्यगण दीनानाथ सिंह यादव व बी0एल0
भारती ने मांग की है कि एससी/एसटी एक्ट पर दिये गये आदेश पर सुप्रीम कोर्ट में
शीघ्र पुनः सुनवाई करायी जाय। भारत बंद में मरे व घायलों के परिजनों को
पर्याप्त मुआवजा दिया जाय। दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की
जाय। गिरफ्तार लोगों को तुरन्त रिहा किया जाय। दलितों पर होने वाले अपराधों
को सख्ती से रोका जाय।

Comments (0)

Advertise Here

Advertise Here

 

August 2026
M T W T F S S
« Sep    
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
-->









 Type in