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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के चेयरमैन से भेंट की

Posted on 07 June 2012 by admin

cm-photo-06-juneउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के चेयरमैन डाॅ0 प्रकाश बक्शी ने आज यहां उनके सरकारी आवास पर भेंट की। मुख्यमंत्री ने डाॅ0 बक्शी के साथ राज्य के विकास और प्रदेश सरकार की विभिन्न प्राथमिकताओं के सम्बन्ध में विस्तार से विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि गांव और किसान राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इसके दृष्टिगत उन्होंने प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न प्रकरणों पर नाबार्ड द्वारा शीघ्र निर्णय लिए जाने का अनुरोध किया है।
भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा राज्य के 25 गैर लाइसेंस प्राप्त जिला सहकारी बैंकों के निक्षेप एवं संचय पर लगाये गये प्रतिबंध का उल्लेख करते हुए नाबार्ड से इस रोक को तत्काल समाप्त कराने तथा इन बैंकों को पूर्व की भांति बैंकिंग व्यवसाय करने की छूट दिलाने का आग्रह किया। उन्होंने वैद्यनाथन कमेटी की संस्तुतियों के अनुरूप जिला सहकारी बैंकों एवं पैक्स के रिवाइवल पैकेज के तहत राज्य को प्राप्त होने वाली केन्द्रांश की अवशेष 922.28 करोड़ रूपये की धनराशि तत्काल अवमुक्त करने के लिए भी कहा।
मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 सहकारी ग्राम्य विकास बैंक के विभिन्न मुद्दों पर चेयरमैन से विचार-विमर्श करते हुए कहा कि नाबार्ड के पास 416 करोड़ रुपये के पुनर्वित्तीय प्रस्ताव लम्बित हैं जिनका ऋण पत्र निर्गमन 30 जून, 2012 तक किया जा सकता है। नाबार्ड द्वारा निर्गमन की स्वीकृति शासकीय गारण्टी उपलब्ध होने के बावजूद नहीं दी जा रही है। उन्होंने इस सम्बन्ध में चेयरमैन से शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह करते हुए कहा कि पुनर्वित्त के अभाव में बैंक का व्यवसाय बन्द हो गया है, जिससे भविष्य में बैंक एवं प्रदेश की वित्तीय विश्वसनीयता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। श्री यादव ने फसली ऋण वितरण की चर्चा करते हुए कहा कि वर्ष 2012-13 में 4265 करोड़ रूपये फसली ऋण वितरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नाबार्ड द्वारा कम से कम 2250 करोड़ रूपये की धनराशि आवंटित की जाए। उन्होंने फसली ऋण पुनर्वित्त की ब्याज दर पूर्व की भांति 2.5 प्रतिशत ही रखने का आग्रह करते हुए कहा कि नाबार्ड द्वारा किसानों को सहकारी संस्थाओं द्वारा अधिकतम 7 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण सुलभ कराने की शर्त रखी गयी है। उन्होंने कहा कि राज्य में नाबार्ड की इस शर्त का अनुपालन किया जा रहा है। भारत सरकार की पूर्वी प्रदेशों में हरित क्रांति योजना (बी0जी0आर0ई0जे0) के तहत, राज्य के पूर्वी जनपदों में 28704 संयुक्त देयता समूह (जे0एल0जी0) स्थापित करने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने नाबार्ड से इन समूहों का स्केल आॅफ फाइनेंस प्राथमिकता के आधार पर बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने मुर्गी एवं बकरी पालन तथा डेयरी जैसी अन्य जनोपयोगी योजनाओं का अधिकाधिक वित्त पोषण किए जाने का भी अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में शीर्ष बैंक एवं जिला सहकारी बैंकों का आॅडिट चार्टर्ड एकाउण्टेण्ट (सी0ए0) द्वारा कराया जा रहा है। वर्ष 2010-11 के सभी बैंकों का आॅडिट कार्य पूर्ण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने नाबार्ड द्वारा सहकारी बैंकों के कम्प्यूटरीकरण हेतु सी0डी0एफ0 से वित्तीय सहायता सुलभ कराने का अनुरोध करते हुए कहा कि राज्य के सहकारी बैंकों की कमजोर वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह निर्णय शीघ्र लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नाबार्ड के निर्देशों के अनुसार अब तक 50 जिला सहकारी बैंकों में से 15 बैंकों में सी0बी0एस0 व्यवस्था लागू कर दी गई है। राज्य में कृषि उत्पादों के भण्डारण की चर्चा करते हुए उन्होंने और अधिक भण्डार गृहों के निर्माण के लिए नाबार्ड से आर0आई0डी0एफ0 के अन्तर्गत अधिक से अधिक वित्त पोषण करने का आग्रह किया। इसके अलावा उन्होंने कृषि, शिक्षा, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग की आवश्यकताओं को देखते हुए राज्य की ऋण उपभोग क्षमता में वृद्धि करने का भी आग्रह किया। बैठक में लोक निर्माण, सिंचाई व सहकारिता मंत्री शिवपाल सिंह यादव, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीन चन्द्र बाजपेई, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन तथा सिंचाई, वित्त, सहकारिता एवं कृषि विभागों के प्रमुख सचिव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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मुख्यमंत्री ने पर्यावरण बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया

Posted on 07 June 2012 by admin

हम सभी को पर्यावरण को शुद्ध रखने का प्रयास करना चाहिए-मुख्यमंत्री

cm-in-environment-day1उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने लोगों से पर्यावरण बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यदि पर्यावरण बचेगा, तो हमारा जीवन बचेगा। उन्होंने यह भी कहा है कि जीवन के लिए जरूरी है कि पर्यावरण शुद्ध रहे।
मुख्यमंत्री आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर यहां डाॅ0 राममनोहर लोहिया पार्क में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम के अवसर पर उपस्थित जनमानस को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने क्रोजि़या का एक पौधा रोपित किया। कार्यक्रम का आयोजन एक अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र द्वारा किया गया था।
श्री यादव ने कहा कि कार्बन फुट प्रिन्ट और क्योटो प्रोटोकाॅल बड़े मुद्दे हैं, लेकिन आम नागरिक होने के नाते हम सभी को अपने-अपने स्तर पर पर्यावरण को शुद्ध रखने के प्रयास करना चाहिए। समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार ने लखनऊ में डाॅ0 राममनोहर लोहिया पार्क का विकास कराया, जो अत्यन्त सुन्दर है। इस पार्क के निर्माण के दौरान कोई पेड़ काटा नहीं गया और पारिजात और हिमचम्पा जैसे दुर्लभ पौधे लगाए गए। इसके विपरीत प्रदेश की पिछली सरकार वृक्षों के पीछे पड़ी थी। तत्कालीन सरकार को जहां मौका मिला, वहां उसने पत्थर लगवाये। पिछली सरकार द्वारा बुन्देलखण्ड क्षेत्र में कराए गए वृक्षारोपण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय कई सौ करोड़ रूपये के पौधे रोपित कर दिए गए और जब उसकी जांच हुई तो मौके पर पेड़ों की डालियां लगा दी गयीं।
वर्तमान वित्तीय वर्ष के बजट में लखनऊ में ’जनेश्वर मिश्र पार्क’ का निर्माण कराये जाने के प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार की कोशिश रहेगी कि इस पार्क को डाॅ0 राममनोहर लोहिया पार्क के समान अथवा इससे बेहतर बनाया जाए। उन्होंने नगर के छोटे-छोटे पार्काें की सफाई और सौन्दर्यीकरण पर ध्यान देने के लिए अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सम्बन्धित अधिकारी पार्काें को बेहतर और सुन्दर बनाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गेहूं खरीद कार्यक्रम को उन्होंने परखा था, भविष्य में वे इस कार्य को भी देखेंगे। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे पर्यावरण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ भवनों की शोभा भी बढ़ाते हैं। वृक्षारोपण कार्यक्रम में बच्चों की सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए बच्चों को शामिल करना निश्चित रूप से सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ी को पर्यावरण की रक्षा के लिए समझ प्राप्त होगी।
इस अवसर पर भूमि विकास एवं जल संसाधन मंत्री श्री ओम प्रकाश सिंह, विधान परिषद सदस्य श्री राजेन्द्र चैधरी, मलिहाबादी आम की प्रजातियांे में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पदमश्री हाजी कलीमउल्ला, वरिष्ठ अधिकारीगण व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेन्थनिंग परियोजना के कार्याें हेतु विश्व बैंक पांच वर्षाें में 152 मिलीयन यू0एस0 डाॅलर देगा

Posted on 05 June 2012 by admin

मरीजों को उच्च कोटि की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु प्रदेश के चिकित्सालयों में गुणवत्तापरक सर्विस डिलीवरी सुनिश्चित करायी जाए-मुख्य सचिव
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेन्थनिंग परियोजना के गवर्निंग बोर्ड की प्रथम बैठक सम्पन्न

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने निर्देश दिए हैं कि विश्व बैंक पोषित उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेन्थनिंग परियोजना के अन्तर्गत गुणवत्ता आश्वासन सेल का गठन किया जायेगा। यह सेल प्रदेश के चिकित्सालयों में गुणवत्तापरक सर्विस डिलीवरी सुनिश्चित करेगा, ताकि मरीजों को उच्च कोटि की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। इस परियोजना के तहत प्रदेश के 40 चिकित्सालयों में एन0ए0बी0एच0 एक्रेडिटेशन कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि औषधियों की आपूर्ति एवं वितरण की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित कराते हुए परियोजना द्वारा साॅफटवेयर का निर्माण कराकर कम्प्यूटरीकृत भी कराया जाए। इस कार्य के लिए विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिलाया जाए।
मुख्य सचिव आज उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेन्थनिंग परियोजना के गवर्निंग बोर्ड की प्रथम बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पी0पी0 सेल के माध्यम से निजी क्षेत्र के भागीदारी द्वारा प्रदेश के चिकित्सालयों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं प्रदान करने हेतु मार्ग तलाशे जायें। उन्होंने कहा कि इन्वायरमेंट मैनेजमेन्ट सेल के माध्यम से प्रदेश के चिकित्सालयों में पर्यावरण प्रबन्धन के तहत मुख्य रूप से अस्पताली कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण तथा इंफैक्शन कन्ट्रोल एवं सफाई इत्यादि का कार्य सुनिश्चित कराया जाए।
श्री उस्मानी ने कहा कि ई0डी0पी0 सेल के माध्यम से चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की विभिन्न चिकित्सीय सूचनाओं के आंकड़ों का इन्टीग्रेटेड कम्प्यूटरीकृत साॅफटवेयर तैयार कराया जाए, ताकि आंकड़ों का संकलन कर डाटा रिसोर्स सेण्टर में सूचनाओं का संकलन कराया जा सके।
बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री संजय अग्रवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेन्थनिंग परियोजना के कार्याें हेतु पांच वर्षाें में विश्व बैंक द्वारा 152 मिलियन यू0एस0 डाॅलर का वित्त पोषण किया जायेगा, जिसके लिए विधिक अनुबन्ध भारत सरकार, विश्व बैंक तथा राज्य सरकार के बीच मार्च में हस्ताक्षरित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि विश्व बैंक द्वारा 01 करोड़ यू0एस0 डाॅलर राज्य सरकार को अग्रिम धनराशि के रूप में अवमुक्त भी कर दी गयी है।
परियोजना निदेशक, यू0पी0 हेल्थ सिस्टम परियोजना श्री मुकेश मेश्राम ने बताया कि उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेन्थनिंग परियोजना का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संस्थागत ढंाचे तथा जवाबदेही व्यवस्था को सुदृढ़ कर उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम सदुपयोग कराना है।  उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट गवर्निंग बोर्ड ने परियोजना के सफल संचालन एवं क्रियान्वयन हेतु प्रोजेक्ट स्टीयरिंग कमेटी, अध्यक्ष एवं परियोजना निदेशक को अधिकारों का प्रतिनिधायन प्रदान किया गया है। महानिदेशालय में सृजित किए जाने वाले प्रकोष्ठों एवं परियोजना सहयोग इकाई के स्वरूप पर भी अनुमोदन प्रदान किया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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श्रीमती डिम्पल यादव ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया

Posted on 05 June 2012 by admin

5-06-dसमाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक के निर्णय एवं निर्देश पर आज कन्नौज लोकसभा के उपचुनाव मे समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी के रूप में श्रीमती डिम्पल यादव ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। यह उपचुनाव मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने से रिक्त हुआ है।
एस0एन0 कालेज, कन्नौज के मैदान पर आज विशाल जनसंख्या में आए लोगों ने श्रीमती डिम्पल यादव को भारी मतों से जिताने का संकल्प लिया। इस मौके पर आयोजित जनसभा को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और श्रीमती डिम्पल यादव के अतिरिक्त वरिष्ठ मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव ने सम्बोधित किया। किरनमय नन्दा (राष्ट्रीय महासचिव), अहमद हसन (स्वास्थ्य मंत्री) बलराम यादव (पंचायती राजमंत्री), डा0 अशोक बाजपेयी (राष्ट्रीय महासचिव), राम आसरे कुशवाहा (राष्ट्रीय महासचिव), विशम्भर प्रसाद निषाद (राष्ट्रीय महासचिव),श्री शिव कुमार बेरिया (वस्त्र एवं रेशम उद्योगमंत्री),बृजभूषण शरण सिंह, साॅसद, विनोद सिंह उर्फ पंडित (राजस्व राज्यमंत्री) पूर्व विधान सभाध्यक्ष धनीराम वर्मा एवं युवा नेता आनन्द भदौरिया, सुनील यादव, राजपाल कश्यप, निर्भय सिंह पटेल की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
श्रीमती डिम्पल यादव के समर्थन में आए हजारों क्षेत्रवासियों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने याद दिलाया कि कन्नौज से डा0 राम मनोहर लोहिया, नेता जी, श्री मुलायम सिंह यादव जीते और उन्हें भी तीन बार जनता ने भारी मतों से जिताया है। पूरे प्रदेश में यही उपचुनाव हो रहा है। पूरे देश की निगाहें इस पर हैं। सभी धर्म, जाति  के लोग समाजवादी पार्टी की मदद करना चाहते हैं। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की भारी मांग पर श्रीमती डिम्पल यादव को यहां से प्रत्याशी बनाया गया है।
5-06-aमुख्यमंत्री जी ने कन्नौज के विकास में तेजी लाने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि यहां मेडिकल कालेज नाम बदलकर इसी वर्ष चालू होगा। कन्या विद्याधन से मुस्लिम परिवारों के साथ गरीब घर की लड़कियां भी लाभान्वित होगी। रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा करेगें। कन्नौज के इत्र व्यापारियों की मांगे पूरी की गई हैं। उन्होने कहा कि यह पहली सरकार है जिसने चुनावी घोषणा पत्र को बजट लाकर जनता के बीच उतार दिया है। उन्होने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे चुनाव आचार संहिता का पूरी तरह पालन करें क्योंकि पता नहीं कौन सी साजिश रची जा रही हो। श्रीमती डिम्पल यादव के चुनाव को क्षेत्रवासियों और पार्टी कार्यकर्ताओं का अपना चुनाव बताते हुए श्री यादव ने उनसे भारी जीत के लिए जुट जाने का आगह किया।
समाजवादी पार्टी प्रत्याशी श्रीमती डिम्पल यादव ने अपने सम्बोधन में कहा कि कन्नौज की महान जनता ने डा0 लोहिया जैसे नेता को लोकसभा में भेजकर संसद को गौरवान्वित होने का मौका दिया था। इसी जनता ने वोट की ताकत से भ्रष्ट और जालिम सरकार को उखाड़ फेंका था। मुख्यमंत्री जी यहां से साॅसद थे। आपके अनुरोध पर मुझे प्रत्याशी बनाया गया है। मैं आपकी बहू, बेटी और बहुतों की भाभी हूॅ। आपका भरोसा कायम रखूॅगी।
वरिष्ठ मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव ने जनता से श्रीमती डिम्पल यादव को जिताकर एक और इतिहास बनाने का आग्रह किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने 02 जून, 2012 को अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर उद्योगपति श्री अदि गोदरेज से भंेट की।

Posted on 03 June 2012 by admin

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उत्तर प्रदेश बजट 2012-2013 के प्रमुख अंश एवं विशेषताए

Posted on 01 June 2012 by admin

वित्तीय वर्ष 2012-2013 के मुख्य बिन्दु

ऽ    बेरोजगार युवाओं को एक हजार रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता दिए जाने का निर्णय। इसके लिए बजट में 1,100 करोड़ रुपये का प्रावधान।
ऽ    10वीं एवं 12वीं पास छात्रों को टैबलेट और लैपटाॅप दिए जाने हेतु 2,721.24 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    छात्राओं के लिए कन्या विद्या धन योजना को पुनः चालू कर प्रदेश की छात्राओं की उच्च शिक्षा के लिए 446.35 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    किसानों के हित के लिए कृषक दुर्घटना बीमा योजना में बीमा राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये, जिसके लिए 350 करोड़ की बजट व्यवस्था।
ऽ    प्रदेश सरकार ने 2012-13 के लिए प्रस्तुत बजट का आकार दो लाख एक सौ दस करोड़ इकसठ लाख रुपये (2,00,110.61 करोड़ रुपये) है जो अब तक प्रस्तुत किए गए बजट प्रस्तावों में सबसे अधिक। गत वर्ष 2011-2012 के बजट के सापेक्ष 18 प्रतिशत की वृद्धि।
ऽ    बजट आकार को वित्त पोषित करने हेतु संसाधनांे की समुचित व्यवस्था, जिसमें अपने स्वयं के कर राजस्व में गत वर्ष की अपेक्षा 22 प्रतिशत की वृद्धि सम्मिलित।
ऽ    वर्ष 2012-2013 बारहवीं योजना (2012-2017) का प्रथम वर्ष है। इस दृष्टि से बजट में 13,650.36 करोड़ रूपये की 280 नई योजनाएं सम्मिलित।
ऽ    अवस्थापना सुविधाओं यथा सड़क, सेतु, सिंचाई एवं ऊर्जा के विकास एवं सुदृढ़ीकरण की योजनाओं के लिए 23,591.72 करोड़ रूपये की व्यवस्था, जो गत वर्ष से 7 प्रतिशत अधिक।
ऽ    मुख्य रूप से बिजली की नई योजनाओं के लिए 585.69 करोड़ रूपये, शहरी विकास की नई योजनाओं के लिए 473.92 करोड़ रुपये, त्वरित आर्थिक विकास के लिए 500 करोड़ रूपये, सड़कों और सेतुओं के निर्माण की नई योजनाओं के लिए 2,489.03 करोड़ रूपये तथा सिंचाई की नई योजनाओं के लिए 740.36 करोड़ रूपये की व्यवस्था।
ऽ    कृषि एवं सम्बद्ध सेवाओं के लिए 5,432.37 करोड़ रूपये की व्यवस्था।
ऽ    शिक्षा के विस्तार एवं गुणवत्ता में सुधार की योजनाओं के लिए 33,263.39 करोड़ रूपये की व्यवस्था, जो गत वर्ष से 20 प्रतिशत अधिक।
ऽ    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार एवं विस्तार हेतु बजट में 7,033.86 करोड़ रूपये की व्यवस्था, जो गत् वर्ष की व्यवस्था से 21 प्रतिशत अधिक।

ऽ    समाज कल्याण की योजनाओं के लिए 14,950.62 करोड़ रूपये की व्यवस्था, जो गत वर्ष से 14.6 प्रतिशत अधिक।
ऽ    किसानों के लिए ऋण राहत योजना हेतु 500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
ऽ    भूमि सेना योजना को पुनर्जीवित कर चलाये जाने हेतु 47.83 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
ऽ    गन्ना किसानों को अवशेष बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किये जाने हेतु 400 करोड़ रूपये की व्यवस्था।
ऽ    आगामी रबी 2012-2013 हेतु 8 लाख मीट्रिक टन फाॅस्फेटिक एवं 3 लाख मीट्रिक टन यूरिया खाद के पूर्व भण्डारण के लिए 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
ऽ    खरीफ हेतु 15.42 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण तथा खरीफ हेतु 17.30 हजार कुन्तल बीज वितरण का लक्ष्य। इसके लिए 137.82 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए योजनाएं

ऽ    प्रदेश के चयनित पिछड़े राजस्व ग्रामों के चहुॅंमुखी विकास हेतु डाॅ0 राम मनोहर लोहिया समग्र विकास योजना प्रारम्भ जिसके लिए 720 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
ऽ    इस योजना के अन्तर्गत 36 विकास कार्यक्रमों से पांॅच वर्षों में लगभग 10,000 ग्रामों को विकसित किये जाने का लक्ष्य। प्रथम चरण (2012-2013) में लगभग 1600 ग्राम लिये जायेंगे।
ऽ    डाॅ0 राम मनोहर लोहिया नवीन राजकीय नलकूप निर्माण परियोजना के अन्तर्गत 748 नवीन राजकीय नलकूपों का निर्माण एवं डाॅ0 राम मनोहर लोहिया राजकीय नलकूप पुनर्निर्माण परियोजना के अन्तर्गत राजकीय नलकूपों का पुनर्निर्माण प्रस्तावित। इस योजना हेतु 300.08 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
ऽ    ”लोहिया ग्रामीण आवास योजना“ प्रारम्भ करने के लिए 395 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
ऽ    सौर विद्युत परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 100 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।

कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं

ऽ    प्रदेश के सभी बी0पी0एल0 परिवारों की महिलाओं को दो-दो साड़ी तथा वृद्धजन को एक-एक कम्बल दिये जाने के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

ऽ    रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना के अन्तर्गत ऐसे गरीब परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रहे हैं परन्तु उन्हें बी0पी0एल0 योजना/अन्त्योदय योजना या किसी भी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।
ऽ    इस योजनान्तर्गत 400 रुपये प्रतिमाह प्रति लाभार्थी की दर से पेंशन दिए जाने का प्रावधान तथा येाजना हेतु 1,111.85 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
ऽ    अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण के लिए 2,074.11 करोड़ रुपये की योजनायें प्रस्तावित।
ऽ    प्रदेश के कब्रिस्तानों/अन्त्येष्टि स्थलों पर अवैध कब्जों को रोकने व भूमि की सुरक्षा के लिए चारदीवारी के निर्माण हेतु 200 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित।
ऽ    गरीबी रेखा से नीचे के मुस्लिम परिवारों की दसवीं कक्षा पास बालिकाओं को आगे शिक्षा ग्रहण करने अथवा विवाह के लिए अनुदान प्रदान करने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान।
ऽ    विकलांग पेंशन योजना के अन्तर्गत 75,000 नये लाभार्थियों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य, इसके लिए 276.91 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
ऽ    दृष्टिबाधित, शारीरिक रूप से अक्षम तथा मूकबधिर एवं मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के लिए विभिन्न योजनाओं हेतु 407.79 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

शहरी गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनायें

ऽ    प्रदेश के रिक्शा चालकों को मोटर/बैटरी/सौर ऊर्जा चालित अत्याधुनिक रिक्शे दिये जाने की योजना के लिए 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित
ऽ    शहरी गरीब व्यक्तियों के लिए आवास उपलब्ध कराने की नयी योजना ’आसरा’ के अन्तर्गत सामान्य रूप से अल्पसंख्यकों तथा सामान्य, पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था।
ऽ    लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान राशि, निःशुल्क चिकित्सा सुविधा व उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा देने हेतु 11 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

युवा वर्ग के लिए योजनाएं
ऽ    प्रदेश सरकार 30 से 40 वर्ष  की आयु के युवा बेरोजगारों को लाभान्वित करने के लिए शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिये जाने की व्यवस्था। इस योजना से प्रदेश के लगभग नौ लाख बेरोजगार युवक/युवतियाँ लाभान्वित होंगें
ऽ    प्रदेश में दसवीं कक्षा पास कर ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को टैबलेट उपलब्ध कराये जाने के लिए 302.39 करोड़ रूपये तथा बारहवीं कक्षा पास कर उच्च शिक्षा में प्रवेश करने वाले छात्र-छात्राओं को लैपटाॅप उपलब्ध कराये जाने के लिए 2,418.85 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    प्रदेश में एक प्रवासी भारतीय प्रकोष्ठ की स्थापना का निर्णय जिसके द्वारा विदेशों में कार्य करने वाले प्रदेश के नागरिकों जिसमें ज्यादातर युवा हैं, की विभिन्न समस्याओं का निराकरण कराया जायेगा। इसके लिए समुचित बजट व्यवस्था प्रस्तावित।

कर्मचारियों के लिये
ऽ    सरकारी कर्मचारियों तथा सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं के शिक्षकों को वेतन एवं बकाया के भुगतान हेतु वित्तीय बजट में 56,089.06 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित जो वर्ष 2011-2012 की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक।
ऽ    कोषागारों से किए जाने वाले भुगतान ई-पेमेन्ट के द्वारा किये जाने का प्रयास किया जायेगा, जिससे भुगतान में पारदर्शिता आयेगी तथा पेंशनरों को अधिक सुविधा होगी।
ऽ    एस0जी0पी0जी0आई0, लखनऊ में प्रदेश के राजकीय कर्मचारियों के इलाज हेतु 5 करोड़ रुपये की रिवाॅल्विंग फण्ड की योजना।

सामान्य आर्थिक परिदृश्य
ऽ    प्रदेश की बारहवीं पंचवर्षीय योजना तैयार की जा रही है, जिसमें 10 प्रतिशत विकास दर का लक्ष्य निर्धारित।
ऽ    बारहवीं पंचवर्षीय योजना के प्रथम वर्ष 2012-2013 में प्रदेश की योजना का आकार 51,000 करोड़ रूपये, जो वर्ष 2011-2012 की तुलना में 4,000 करोड़ रूपये अधिक।
ऽ    प्रदेश में क्षेत्रीय विषमताओें को दूर करने हेतु बुन्देलखण्ड पैकेज हेतु 900.33 करोड़ रूपये, प्रदेश के त्वरित विकास के लिए 500 करोड़ रूपये, बाॅर्डर एरिया डेवलपमेन्ट प्रोग्राम हेतु 55 करोड़ रूपये तथा ‘‘इन्टीग्रेटेड ऐक्शन प्लान’’ योजना में सम्मिलित कार्यों के लिए 90 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित। इसके अतिरिक्त पूर्वांचल की विशेष योजनाओं हेतु 291 करोड़ रूपये एवं बुन्देलखण्ड की विशेष योजनाओं के लिए 109 करोड़ रूपये की व्यवस्था।

कानून व्यवस्था
ऽ    प्रभावी कानून व्यवस्था लागू करने के लिए पुलिस बल के आधुनिकीकरण तथा सुदृढ़ीकरण के लिए 10,378.20 करोड़ रूपये की व्यवस्था।
ऽ    यातायात व्यवस्था को सृदृढ़ किये जाने हेतु तीन महानगरों लखनऊ, वाराणसी एवं कानपुर में महत्वपूर्ण चैराहों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरा लगाये जाने हेतु समुचित धनराशि की व्यवस्था।
ऽ    पुलिस विभाग के आवासीय तथा अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु आधुनिकीकरण योजना के अन्तर्गत 417.75 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित।

ऽ    उपनिरीक्षक एवं विवेचना अधिकारियों के लिए गौतमबुद्ध नगर में 25 कमरों का एक ट्रांजिट हास्टल का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित।

कृषि
ऽ    कृषि और सम्बद्ध सेवाओं के लिए 5,432.37 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
     वर्तमान खरीफ सत्र 2012 में 182.59 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न तथा 1.81 लाख मीट्रिक टन तिलहन उत्पादन का लक्ष्य।
ऽ    इन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु 2,721.26 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान।
ऽ    संकर मक्का बीज, मूंगफली व गन्ने के उन्नतशील बीजों की उपलब्धता के लिए 72.51 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण
ऽ    प्रदेश के जनपदों में लोहिया पर्यावरणीय उद्यान तथा पार्कों की स्थापना हेतु 4.50 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
ग्राम्य विकास
ऽ    महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजनान्तर्गत  80 लाख परिवारों को 4200 लाख मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध कराये जाने का लक्ष्य।
ऽ    ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता कार्यो हेतु 41,000 नये हैण्डपम्प, 41,000 रिबोर हैण्डपम्प तथा 800 पाइप वाटर सप्लाई स्कीम चलाया जाना प्रस्तावित।

पंचायती राज
ऽ    पंचायती राज की विभिन्न योजनाओं के लिए 5,311.84 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
ऽ    सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत शौचालय विहीन बी0पी0एल0 परिवारों के लिये शौचालय निर्माण हेतु 51.85 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

दुग्ध विकास
     वर्तमान दुग्ध संघों/समितियों का सुदृढ़ीकरण एवं पुनर्जीवित करते हुये ग्रामीण क्षेत्रों में नई समितियों का गठन तथा निष्क्रिय समितियों का पुनर्गठन प्रस्तावित।
ऽ    पांच लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध हैण्डलिंग क्षमता का एक डेरी प्लाण्ट जनपद लखनऊ में स्थापित किये जाने का प्रस्ताव, जिसके लिये 20 करोड़ रूपये की व्यवस्था।

पशुधन
ऽ    पशु रोग अनुसंधान सेवाओं एवं पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु 15 करोड़ रूपये की बजट व्यवस्था।

मत्स्य
ऽ    वित्तीय वर्ष 2012-2013 के अन्त तक मत्स्य उत्पादन का स्तर 4.60 लाख मीट्रिक टन लाये जाने का लक्ष्य।
ऽ    मछुआ समुदाय के आवास विहीन 1500 मछुआ परिवारों को 50,000 रूपये प्रति आवास की दर से निःशुल्क आवास की सुविधा।

ऊर्जा
ऽ    प्रदेश में बिजली की उपलब्धता बढ़ाने तथा आपूर्ति में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध।
ऽ    ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं के लिए 8,225.56 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    बिजली उत्पादन और वितरण योजनाओं के लिए 3,429.48 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    प्रदेश की जनता को रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने हेतु विद्युत निगम को क्षतिपूर्ति की मद में 4,040 करोड़ रुपये की व्यवस्था जो वर्ष 2011-2012 की तुलना में 47 प्रतिशत अधिक।
ऽ    राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    बुनकरों को राहत प्रदान करने हेतु पाॅवरलूम बुनकरों के बकाया बिजली बिलों के एकमुश्त भुगतान हेतु लगभग 127.60 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

सड़क एवं यातायात
ऽ    वित्तीय वर्ष 2012-13 में सड़कों के लिये 4,595.68 करोड़ रुपये, सेतुओं के लिये 1,330.10 करोड़ रुपये तथा सम्पर्क मार्गों के लिये 914.68 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ‘‘पी0पी0पी0 मोड’’ पर सड़कों का निर्माण कराये जाने हेतु उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण के लिए 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    प्रदेश में 1,77,094 किलोमीटर राज्य मार्गों तथा अन्य श्रेणी के मार्गों के अनुरक्षण हेतु 1,854.13 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
    वर्ष 2013 में जनपद इलाहाबाद में कुम्भ मेले के आयोजन में मार्गों के सुधार हेतु लगभग 256 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
    ग्रामीण अंचलों में पुलों के निर्माण हेतु 550 करोड़ रुपये तथा रेलवे उपरिगामी सेतुओं के निर्माण हेतु 345 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

सिंचाई
    वर्ष 2012-13 में सिंचाई कार्यों के लिये 8,525.70 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
    इस वित्तीय वर्ष में खरीफ में 9,654 नहरों तथा रबी में 9,850     नहरों के टेलों पर पानी पहुँचाये जाने का लक्ष्य।
    इस वित्तीय वर्ष में मुख्य, मध्यम तथा लघु सिंचाई परियोजना हेतु 2,517.86 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
    बाढ़ नियंत्रण एवं जल निकासी कार्यों आदि हेतु 724.75 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
ऽ    बांधों के सुदृढ़ीकरण एवं नहरों की क्षतिग्रस्त पटरियों को ठीक किये जाने हेतु     1,816.34 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

लघु सिंचाई
ऽ    वित्तीय वर्ष 2012-13 में लघु सिंचाई योजनाओं के लिए 1,344.17 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    वित्तीय वर्ष में लगभग 1,40,000 निःशुल्क बोरिंग कराये जाने का लक्ष्य।

नगर विकास
ऽ    वित्तीय वर्ष 2012-13 में नगर विकास योजनाओं के लिये 5,031 करोड़ रुपये की व्यवस्था, जो वर्ष 2011-12 की तुलना में 32 प्रतिशत अधिक है।
ऽ    नगरीय स्थानीय निकायों में तात्कालिक आवश्यकताओं तथा अवस्थापना सुविधाओं हेतु ‘‘नया सवेरा नगर विकास योजना’’ के लिये 241 करोड़ रुपये के ऋण हेतु बजट व्यवस्था।
ऽ    आगरा पेयजल पूर्ति परियोजना हेतु 290 करोड़ रूपये की बजट व्यवस्था।
ऽ    वित्तीय वर्ष में प्रथम चरण में 17 नगरीय निकायों में ‘‘पी0पी0पी0 मोड’’ पर नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन हेतु 75 करोड़ रूपये की व्यवस्था।
ऽ    प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों के अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्र तथा स्लम में सी0सी0 रोड अथवा इण्टरलांिकंग, नाली, जल निकासी एवं अन्य सुविधाओं के निर्माण की योजना के लिए 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था।
ऽ    वर्ष 2012-2013 में नदी प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रम हेतु 10 करोड़ रूपये की व्यवस्था तथा राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन अथाॅरिटी हेतु 70 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान।
ऽ    राज्य सेक्टर में आदर्श नगर योजना के अन्तर्गत 76 करोड़ रूपये, सीवरेज हेतु 60 करोड़ रूपये, पेयजल के लिये 474.07 करोड़ रूपये तथा जल निकासी के लिये 44.99 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान।
ऽ    कुम्भ मेले के लिये 200 करोड़ रूपये की पृथक बजट व्यवस्था।

आवास एवं शहरी नियोजन
ऽ    वर्ष 2012-13 में आवास एवं शहरी नियोजन के लिये 627.99 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    लखनऊ की गोमती नगर विस्तार योजना में शहीद पथ के समानान्तर 137 एकड़ क्षेत्रफल पर पी0पी0पी0 मोड पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम एवं स्पोर्ट्सकाम्पलेक्स विकसित होगा।
ऽ    लखनऊ में 500 एकड़ में जनेश्वर मिश्रा पार्क तथा जय प्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय केन्द्र का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराने का लक्ष्य।
ऽ    लखनऊ नगर के समग्र विकास हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

औद्योगिक विकास
ऽ    आगरा से लखनऊ तक 08 लेन एक्सेस कन्ट्रोल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे तथा 04 लेन की नाॅर्दर्न पेरिफेरल रोड़, गाजियाबाद को पी0पी0पी0 के अन्तर्गत थ्रस्ट एरिया के तौर पर चिन्हित।
ऽ    नई औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र नीति, 2012 तैयार कर प्रभावी रूप से कार्यान्वित करने का निर्णय।

सूचना प्रौद्योगिकी
ऽ    सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नयी सूचना प्रौद्योगिकी नीति 2012 लागू कर ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजित करने एवं पूंजी निवेश के लिए लखनऊ में सूचना प्रौद्योगिकी पार्क की स्थापना का निर्णय।
ऽ    निजी क्षेत्र की सहभागिता से जनसेवा केन्द्रों के माध्यम से 01 जुलाई, 2012 से विभिन्न विभागों की चयनित 26 सेवाओं यथा-राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन आदि के फाॅम्र्स स्टेट पोर्टल के जन सुविधा केन्द्रों के माध्यम से जमा करने की व्यवस्था।

लघु उद्योग
ऽ    वित्तीय वर्ष 2012-13 में चार लाख व्यक्तियों के लिए रोजगार पैदा करने के उद्देश्य से 50,000 सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों की स्थापना का लक्ष्य।

हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग
ऽ    हथकरघा  क्षेत्र के बुनकरों के लिये एक नया आर्थिक पैकेज, जिसके अन्तर्गत प्राथमिक हथकरघा समितियों, शीर्ष सहकारी समितियों तथा व्यक्तिगत बुनकरों को ऋण मुक्त किये जाने हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    लगभग 17,000 बुनकरों को एकीकृत हथकरघा विकास योजना के अन्तर्गत लाभान्वित किये जाने का लक्ष्य, जिसके लिये 33.25 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

बेसिक शिक्षा
ऽ    बेसिक शिक्षा के लिये 25,109.10 करोड़ रुपये की व्यवस्था, जो वर्ष 2011-12 की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है।
ऽ    सर्वशिक्षा अभियान के लिये 1,700.01 करोड़ रुपये की धनराशि की व्यवस्था। कक्षा-8 तक के सभी बच्चों को पाठ्य पुस्तकों व दो यूनीफार्मों के निःशुल्क वितरण की व्यवस्था।
ऽ    वित्तीय वर्ष 2012-13 में 3,466 नवीन प्राथमिक विद्यालय, 421 नवीन उच्च प्राथमिक विद्यालय खोले जाने तथा 15,262 अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण व 52,834 विद्यालयों की चारदीवारी का निर्माण कराये जाने का लक्ष्य।
ऽ    लगभग 1.70 लाख शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षणोपरान्त 2014-15 तक समायोजित करने का निर्णय।
ऽ    शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतन एवं अवशेषों के भुगतान हेतु वित्तीय वर्ष 2012-13 में 16,367.51 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के अन्तर्गत 1.35 करोड़ बच्चों को पका पकाया भोजन उपलब्ध कराने हेतु 1,988.94 करोड़ रुपये राज्यांश की व्यवस्था।

माध्यमिक शिक्षा
ऽ    माध्यमिक शिक्षा के लिये 9,612.38 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    449 नवीन राजकीय हाईस्कूलों का संचालन तथा शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े विकास खण्डों में 148 माॅडल स्कूलों की स्थापना।
ऽ    मुस्लिम बाहुल्य जिलों में नये शैक्षिक संस्थाओं की स्थापना का निर्णय।
ऽ    144 बालिका छात्रावासों के निर्माण हेतु 17.41 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    198 उच्चीकृत विद्यालयों के अधूरे भवन निर्माण के कार्य को पूर्ण किये जाने हेतु 35 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

उच्च शिक्षा
ऽ    उच्च शिक्षा के लिये वित्तीय वर्ष में 2,501.67 करोड़ रुपये की व्यवस्था, जो वर्ष 2011-2012 की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक।
ऽ    प्रदेश के ”लो ग्राॅस इनराॅलमेन्ट रेशियो“ वाले 36 जनपदों में माॅडल डिग्री कालेज खोले जाने की योजना। इनमें 23 असेवित विकास खण्ड तथा 5 मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र हैं।

प्राविधिक शिक्षा
ऽ    प्राविधिक शिक्षा के लिए 476.29 करोड़ रुपये की व्यवस्था। असेवित जनपदों में पाॅलीटेक्निक खोले जायेंगे।

व्यावसायिक शिक्षा

ऽ    व्यावसायिक शिक्षा हेतु 507.05 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    सोनभद्र में एक आई0टी0आई0 तथा 02 स्किल डेवलपमेन्ट सेन्टर की स्थापना हेतु 2.65 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

चिकित्सा शिक्षा

ऽ    चिकित्सा शिक्षा हेतु 1,907.01 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    लखनऊ मेें उच्च स्तरीय कैंसर संस्थान स्थापित किये जाने हेतु 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    प्रदेश के समस्त राजकीय मेडिकल काॅलेजों/चिकित्सा संस्थानों/चिकित्सा विश्वविद्यालय में असाध्य रोगों, जैसे कैंसर, हृदय रोग तथा गुर्दा रोग के निःशुल्क इलाज हेतु 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    नये निर्माणाधीन मेडिकल कालेजों व सैफई के पैरामेडिकल संस्थान को शीघ्र चालू कराने लिये बजट में 249.81 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान, सैफई, इटावा के विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु 60 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
ऽ    एलोपैथी चिकित्सा एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य हेतु 4,419.87 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    जिला चिकित्सालयों में सी0टी0 स्कैन मशीन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 115 एक्सरे मशीन, 99 अल्ट्रासाउण्ड मशीनों तथा 455 ई0सी0जी0 मशीनों की व्यवस्था हेतु 33 करोड़ रुपये का प्रावधान ।
ऽ    67 चिकित्सालयों में स्वतंत्र विद्युत फीडर की स्थापना हेतु 85 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

समाज कल्याण
ऽ    समाज कल्याण की विभिन्न योजनाओं के लिए 13,407.53 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य कमजोर वर्गो के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की मद में लगभग 1,232.99 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    वृद्धावस्था/किसान पेंशन हेतु 1,473.59 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ के लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    अनुसूचित जाति एवं अन्य वर्गो के निर्धन परिवारों की पुत्रियों की शादी तथा परिजनों के इलाज हेतु 138 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

अल्पसंख्यक कल्याण
ऽ    वित्तीय वर्ष 2012-13 में अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं के लिए 2,074.11 करोड़ रुपये की व्यवस्था, जो वर्ष 2011-2012 की तुलना में 81 प्रतिशत अधिक है।
ऽ    मदरसा/मकतब शिक्षा आधुनिकीकरण योजना के क्रियान्वयन हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    पूर्व दशम कक्षाओं के अल्पसंख्यक छात्र/छात्राओं को वजीफा दिए जाने की येाजना के अन्तर्गत 342.94 करोड़ तथा दशमोत्तर कक्षाओं के छात्र/छात्राओं को वजीफा दिए जाने हेतु 130.53 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    दशमोत्तर कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र/छात्राओं को शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के लिए 36.83 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    मल्टीसेक्टोरल डेवलपमेन्ट प्रोग्राम के अन्तर्गत चयनित जनपदों में निर्माण की योजनाओं हेतु 480.44 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

पिछड़ा वर्ग कल्याण
ऽ    पिछड़े वर्ग के कल्याण हेतु बजट में 1,619.80 करोड़ रुपये की व्यवस्था, जो गत वर्ष से 40 प्रतिशत अधिक है।
ऽ    वित्तीय वर्ष 2012-2013 में पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं को पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना हेतु 743.44 करोड़ रुपये, दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना हेतु 332.17 करोड़ रुपये और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना हेतु 413.17 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    पिछड़े वर्ग के निर्धन लोगों की बीमारी तथा उनकी पुत्रियों की शादी हेतु 90.34 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

महिला एवं बाल विकास
ऽ    आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 1,500 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये तथा सहायिकाओं का मानदेय 750 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये मासिक करने से 3.5 लाख कर्मी लाभान्वित।
ऽ    प्रदेश सरकार द्वारा नये आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ”स्वाधार गृह योजना“ के नाम से नई योजना के संचालन का निर्णय।

खेल एवं युवा कल्याण
ऽ    क्रीड़ा और खेल मैदानों के विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन तथा असेवित जनपदों में स्टेडियम के निर्माण हेतु 43.33 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम के विस्तार तथा लखनऊ के के0डी0सिंह बाबू स्टेडियम के जीर्णोद्धार हेतु 3.50 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

राजस्व
ऽ    प्रदेश के मण्डल/जनपद/तहसीलों के कार्यों हेतु 124.77 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    बाढ़ से बह जाने वाले ग्रामों के व्यक्तियों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की योजना। इस हेतु भूमि क्रय के लिये 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

न्याय
ऽ    जनपदीय न्यायालयों के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु 362.52 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि को 40 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि।

वन

ऽ    इटावा में शेर प्रजनन केन्द्र व लायन सफारी पार्क विकसित करने हेतु 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    पक्षी विहारों तथा पार्कों के विकास, ईको पर्यटन विकास तथा फाॅरेस्ट मैनेजमेन्ट योजना के लिये 9 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

पर्यटन
ऽ    प्रदेश के ऐतिहासिक पौराणिक स्थलों एवं स्थानीय महत्व के पर्यटक स्थलों के विकास के लिये 98.13 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

संस्कृति
ऽ    राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त प्रदेश के कलाकारों को ‘‘यश-भारती’’ सम्मान से पुरस्कृत किये जाने के लिए सम्मान राशि पांच लाख रूपये से बढ़ाकर 11 लाख रूपये प्रति कलाकार की गयी।
ऽ    प्रदेश के ऐतिहासिक महत्व के अभिलेखों को सुरक्षित रखने तथा नृत्य कला को संरक्षित करने हेतु 6.89 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

राज्य कोषीय सेवाएं
ऽ    2012-2013 के बजट अनुमानों में राज्य के स्वयं के कर राजस्व से 62,057.06 करोड़ रुपये की प्राप्तियां अनुमानित, जो वर्ष 2011-2012 की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक।
वित्तीय वर्ष 2012-2013 के बजट अनुमान
प्राप्तियाॅं

ऽ    वर्ष 2012-2013 में एक लाख चैरानवे हजार तीन सौ सत्ताइस करोड़ अट्ठाइस लाख रुपये (1,94,327.28 करोड़ रुपये) की कुल प्राप्तियाॅं अनुमानित।
ऽ    कुल प्राप्तियों में एक लाख अट्ठावन हजार आठ सौ सैंतालीस करोड़ छियानवे लाख रुपये (1,58,847.96 करोड़ रुपये) की राजस्व प्राप्तियाॅं तथा पैंतीस हजार चार सौ उनासी करोड़ बत्तीस लाख रुपये (35,479.32 करोड़ रुपये) की पंूजीगत प्राप्तियांॅं सम्मिलित हैं।
ऽ    वर्ष 2012-2013 में राजस्व प्राप्तियों में कर राजस्व का अंश एक लाख इक्कीस हजार पाँच सौ पचासी करोड़ चालीस लाख रुपये (1,21,585.40 करोड़ रूपये) है। इसमें केन्द्रीय करों में राज्य का अंश उनसठ हजार पाॅच सौ अट्ठाइस करोड़ चैंतीस लाख रूपये (59,528.34 करोड़ रूपये) सम्मिलित है।
व्यय
ऽ    वर्ष 2012-2013 में कुल व्यय दो लाख एक सौ दस करोड़ इकसठ लाख रूपये (2,00,110.61 करोड़ रूपये) अनुमानित।
ऽ    कुल व्यय में एक लाख बावन हजार नौ सौ तिरसठ करोड़ इकसठ लाख रूपये (1,52,963.61 करोड़ रूपये) राजस्व लेखे का व्यय है तथा सैंतालीस हजार एक सौ सैंतालीस करोड़ रूपये (47,147 करोड़ रूपये) पूँजी लेखे का व्यय  है।
ऽ    बजट में छप्पन हजार एक सौ दस करोड़ चैदह लाख रूपये (56,110.14 करोड़ रूपये) आयोजनागत व्यय अनुमानित।

राजस्व बचत
ऽ    वर्ष 2012-2013 में पांच हजार आठ सौ चैरासी करोड़ पैंतीस लाख रुपये (5,884.35 करोड़ रुपये) की राजस्व बचत अनुमानित।
राजकोषीय घाटा
ऽ    वित्तीय वर्ष 2012-2013 में इक्कीस हजार पांच सौ सत्तर करोड़ छब्बीस लाख रुपये (21,570.26 करोड़ रुपये) का राजकोषीय घाटा अनुमानित, जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 2.96 प्रतिशत।

समेकित निधि
ऽ    समेकित निधि की प्राप्तियों से कुल व्यय घटाने के पश्चात् वर्ष 2012-2013 में घाटा पांच हजार सात सौ तिरासी करोड़ तैंतीस लाख रुपये (5,783.33 करोड़ रुपये) अनुमानित।
लोक लेखे से समायोजन
ऽ    समेकित निधि का घाटा पूरा करने के लिये दो हजार पांच सौ दस करोड़ रुपये (2,510 करोड़ रुपये) का समायोजन लोक लेखे से।
समस्त लेन-देन का शुद्ध परिणाम

ऽ    समस्त लेन-देन का शुद्ध परिणाम तीन हजार तीन सौ तेइस करोड़ तैंतीस लाख रुपये (3,323.33 करोेड़ रुपये) ऋणात्मक अनुमानित।

अन्तिम शेष
ऽ    वर्ष 2012-2013 में प्रारम्भिक शेष तेरह हजार पांच सौ सात करोड़ सत्तानवे लाख रुपये (13,507.97 करोड़ रुपये) को हिसाब में लेते हुये अन्तिम शेष दस हजार एक सौ चैरासी करोड़ चैंसठ लाख रुपये (10,184.64 करोड़ रुपये) होना अनुमानित।
ऽ    उत्तर प्रदेश सरकार महात्मा गंाधी, डाॅ0 राम मनोहर लोहिया, लोकनायक जय प्रकाश नारायण, चैेधरी चरण सिंह जैसे महान नेताओं की सेवा, सादगी और ईमानदारी एवं समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की बहबूदी के लिए प्रतिबद्ध है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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राज्य सरकार किसानों, नौजवानों सहित प्रदेश की जनता की खुशहाली और विकास के लिए काम करेगी

Posted on 01 June 2012 by admin

  • चुनाव के दौरान जनता से किये वायदों को कर में बढ़ोत्तरी किये बगैर प्रस्तावित बजट में पूरा करने का प्रयास - मुख्यमंत्री
  • पिछली सरकार ने जनता की गाढ़ी कमाई को पत्थरों व मूर्तियों पर बर्बाद किया
  • सभी के सहयोग से उत्तर प्रदेश अपने पुराने गौरव को पुनः प्राप्त करेगा

up-cm-akhilesh-ydav-budget-2012उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से किये गये वायदों को, कर में बढ़ोत्तरी किये बिना, प्रस्तावित बजट में पूरा करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने जनता की गाढ़ी कमाई को पत्थरों व मूर्तियों पर बर्बाद किया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने अपने बजट में किसी पत्थर व मूर्ति के लिए प्रस्ताव नहीं किया है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहित करने वाले विभागों की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाकर गत् वित्तीय वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष राजस्व वसूली में 22 फीसदी की वृद्धि की जायेगी।
मुख्यमंत्री आज विधान सभा में वर्तमान वित्तीय वर्ष 2012-13 का बजट प्रस्तुत करने के बाद विधान भवन स्थित तिलक हाल में मीडिया से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों, नौजवानों सहित प्रदेश की जनता की खुशहाली और विकास के लिए काम करेगी। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से उत्तर प्रदेश अपने पुराने गौरव को पुनः प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में मंत्रियों एवं अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के सम्बन्ध में लोकायुक्त से प्राप्त संस्तुतियों पर कार्रवाई की जा रही है।
श्री यादव ने कहा कि प्रस्तावित बजट में उनकी पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र में किये वायदों को पूरा करने के लिए नौजवानों को बेरोजगारी भत्ता, लैपटाप, टैबलेट, किसानों के लिए निर्धारित बीमा राशि में वृद्धि तथा उनकी ऋण माफी के लिए धनराशि के प्राविधान के अलावा सड़क, बिजली, पानी के लिए भी पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की गयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बिजली उपलब्धता की कमी है। इसके कारणों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने इस दिशा में कोई काम नहीं किया। गत् सरकार के कार्यकाल में राज्य में बिजली उत्पादन के नाम पर मेमोरेण्डम आफ अन्डरस्टैण्डिंग (एम0ओ0यू0) पर हस्ताक्षर तो किये गये, लेकिन किसी भी प्रस्तावित बिजली घर के लिए कोल-लिंकेज की व्यवस्था नहीं की गयी। उन्होंने कहा कि आज राज्य में जो भी बिजली उत्पादन बढ़ा है, वह पिछली सपा सरकार में लिये गये फैसलों के फलस्वरूप ही संभव हो पाया है। पिछली सपा सरकार द्वारा रोज़ा तथा लैंको परियोजनाओं सहित चीनी मिलों से बिजली का उत्पादन करने को मंजूरी दी गयी थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सौर ऊर्जा सहित अन्य माध्यमों से भी बिजली उत्पादन की संभावना तलाश रही है और इस दिशा में पूरी गम्भीरता से प्रयास कर रही है।
श्री यादव ने कहा कि उनकी पार्टी ने किसानों की ऋण माफी का वायदा किया था, जिसको पूरा करने के लिए बजट में 500 करोड़ रूपये का प्राविधान प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में किसानों को उर्वरक के लिए लाठियां खानी पड़ी थीं। इसके विपरीत वर्तमान सरकार ने किसानों को समय से पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए बजट में धनराशि का प्राविधान किया है। एक प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार सुविधायें उपलब्ध करायेगी, ताकि राज्य के बेरोजगार नौजवानों को जीविकोपार्जन का साधन मिल सके। उन्होंने राज्य के बुन्देलखण्ड तथा पूर्वांचल क्षेत्र की चर्चा करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों के विकास के लिए बजट में प्रस्ताव किया गया है।
up-cm-akhilesh-ydav-budget-2012-2जनपद गोरखपुर तथा इसके आसपास के अन्य जिलों में जापानी इंसेफ्लाइटिस के इलाज के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बीमारी के इलाज के लिए गोरखपुर के राजकीय मेडिकल काॅलेज सहित अन्य प्रभावित जनपदों के जिला अस्पतालों का उच्चीकरण किया जायेगा। इसके अलावा इस बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एन0एच0आर0एम0) से प्राप्त धनराशि को शोध पर भी खर्च किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में मेडिकल काॅलेजों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार के कार्यकाल में सैफई का ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान 16 महीने में तैयार हो गया था। इसके अलावा कन्नौज और जालौन में मेडिकल काॅलेज भी बनवाये थे। लेकिन प्रदेश की पिछली सरकार के कार्यकाल में बांदा के निर्माणाधीन मेडिकल काॅलेज की छत तीन बार टूटी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा पुराने लखनऊ की खराब सड़कों की मरम्मत करायी जायेगी। लखनऊ नगर के विकास के लिए बजट में धनराशि प्रस्तावित की गयी है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लखनऊ से आगरा को जोड़ने के लिए एक्सप्रेस-वे बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। लेकिन इसके लिए किसानों की कम से कम जमीन ली जायेगी और आवश्यकतानुसार पुरानी सड़कों का उच्चीकरण तथा नई सड़क का निर्माण कर इस एक्सप्रेस-वे को बनाने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने सड़कों को राज्य की प्रगति के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि पिछली सरकार द्वारा सड़क बनाने के प्रयास का उनकी पार्टी द्वारा विरोध नहीं किया गया था। उनकी पार्टी ने पूर्ववर्ती सरकार द्वारा एक्सप्रेस-वे बनाने के नाम पर की जा रही मुनाफा वसूली का विरोध किया था और भविष्य में भी करेगी।
श्री यादव ने कहा कि उनकी पार्टी पर अंग्रेजी विरोधी होने का गलत आरोप लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा वितरित किए जाने वाले लैपटाप एवं टैबलेट से गांव के नौजवानों का भविष्य उज्जवल होगा और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्रों की भी मदद लेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पत्रकारों के कल्याण के लिए भी कार्य करेगी।
इस अवसर पर प्रोटोकाॅल राज्य मंत्री श्री अभिषेक मिश्रा, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री नवीन चन्द्र बाजपेयी, मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन, प्रमुख सचिव वित्त सुश्री वृन्दा स्वरूप, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, औद्योगिक विकास आयुक्त श्री अनिल कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव नियोजन श्री आर0पी0 सिंह, विशेष कार्याधिकारी वित्त श्री आनन्द मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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Mr. Bill Gates meets the Chief Minister

Posted on 30 May 2012 by admin

up-cm-with-bill-gatesMOU shall be signed within two months between the Government of Uttar Pradesh and Bill & Melinda Foundation

The co-chairman of Bill and Melinda Gates Foundation Mr. Bill Gates met Chief Minister of Uttar Pradesh Mr. Akhilesh Yadav at his official residence in Lucknow today and offered his Foundation’s support to work in partnership on Health and Development issues in the State.
During the meeting the Chief Minister appreciated the works being done by the Gates Foundation in different districts of Uttar Pradesh in the area of Health through projects like Sure Start, Manthan and Urban Health Initiative. He also apprised him of the efforts being started by the present Government after its formation to tackle the poor health indicators of Mother Mortality Rates, Infant Mortality Rate, Low level of complete Immunization, High Malnutrition among children, High fertility rate etc. Apart from these issues, he also discussed with Gates the problems and challenges of vector borne diseases like TB, JE and AES in certain regions of the state.
up-cm-akhilesh-yadav-with-bill-gates1Mr. Yadav suggested him that the state should be supported in terms of technical knowledge to the state’s efforts in tackling health related challenges by experimenting with new and innovative methods for effective behavior changes, delivery of services and organization and management of health systems, including supporting innovative ICT based solutions including Telemedicine and capacity building of grassroots level health workers in stead of providing monetary funding to the state. He also stated that the time has come for the Foundation to consider a comprehensive and long term programme which addresses the Maternal and Child Health issues in the State in a holistic manner.
Mr. Bill Gates assured him of full support by the Foundation to develop innovative solution and to provide catalytic, technical, managerial and advocacy support to the Government. He also indicated the Foundation’s keen interest to develop partnerships in some of the priority areas like Maternal and Neonatal Health, Nutrition, Child health particularly routine immunization coverage, introduction of New Life Saving Vaccines and the consolidation of the gains against Polio, Family Planning through increasing access to and uptake of modern contraceptives. He also offered the State Government to work in field of agriculture and also developing financial services for the poor by expanding digital payment systems into poor and rural communities, and connecting those payments to enhanced savings, credit and insurance services.
It was decided that a memorandum of understanding (MOU) shall be signed within two months between the Government of Uttar Pradesh and Bill & Melinda Gates Foundation, with the objective that the Gate Foundation shall provide technical, management and programme design support in the maternal, neonatal and child health, vaccination and other health and agriculture related programmes. The State Government shall provide support as per sanctioned government plans to achieve the objective and to scale up best approaches.
On this occasion senior cabinet ministers Mr. Shivpal Singh Yadav, Mr. Ambika Choudhary, Mr. Ahmad Hasan, Mr. Raghuraj Pratap Singh, minister of state (independent charge) Mr. Arvind Singh Gope and minister of state Mr. Abhishek Mishra. deputy chairman state planning commission Mr. N.C. Vajpayee, chief secretary Mr. Javed Usmani, principal secretary to the Chief Minister Mr. Rakesh Garg, principal secretary (health) Mr. Sanjay Agrawal, principal secretary (agriculture) Mr. Rajeev Kapur, secretary to the Chief Minister Mr. Alok Kumar and other persons were also present.

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री चैधरी चरण सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की

Posted on 30 May 2012 by admin

press-1_r2_c1किसानों एवं गांवों के विकास के लिए प्रदेश सरकार गम्भीर: मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने किसान नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री चैधरी चरण सिंह की पुण्य तिथि पर आज यहां विधान भवन परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चैधरी जी ने आजीवन किसानों, मजदूरों तथा गांवों की बेहतरी के लिए काम किया। चैधरी साहब ने जिन नीतियों और सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया, उसे जीवनभर निभाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों एवं गांवों के विकास के लिए प्रदेश सरकार गम्भीर है और गांवों में बुनियादी सुविधायें उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक गांव एवं किसानों की स्थिति में सुधार नहीं होगा, तब तक देश में सही मायने में खुशहाली नहीं आ सकती।
इस अवसर पर मीडिया द्वारा पूछे गये प्रश्नों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को गेहूँ का समर्थन मूल्य दिलाने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि क्रय केन्द्रों पर सभी अनुमन्य सुविधायें उपलब्ध कराने तथा घटतौली रोकने के सख्त निर्देश दिये गये हैं। राज्य सरकार के मंत्रियों द्वारा किये जा रहे गेहँू क्रय केन्द्रों के आकस्मिक निरीक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मंत्रियों के निरीक्षण के दौरान गेहूँ क्रय केन्द्रों पर अनियमितता पाये जाने की स्थिति में सम्बन्धित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कतई बख्शा नहीं जायेगा।
श्री यादव ने कहा कि गेहूँ क्रय की व्यवस्था से जुड़े कुछ अधिकारियों द्वारा बरती गई लापरवाही को गम्भीरता से लेते हुए इन अधिकारियों के विरुद्ध हाल ही में कार्रवाई की गयी है। इस प्रकार के निर्णय आवश्यकतानुसार आगे भी लिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को हिदायत दी गयी है कि वे गेहूँ खरीद में दलालों की सक्रियता को कड़ाई से रोकें। उन्होंने बदायूं एवं इटावा में गत दिवस घटी अप्रिय घटनाओं के सम्बन्ध में कहा कि इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार एवं इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी।
इस अवसर पर प्रोटोकाॅल राज्य मंत्री श्री अभिषेक मिश्र तथा विधान परिषद के सदस्य श्री राजेन्द्र चैधरी सहित विभिन्न दलों के जन प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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राज्यपाल श्री बी0एल0जोशी ने दोनों सदनों के सदस्यों को संयुक्त रूप से सम्बोधित किया

Posted on 29 May 2012 by admin

5x12-pressउत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री बी0एल0जोशी ने आज यहां राज्य विधान मण्डल के दोनों सदनों के सदस्यों को संयुक्त रूप से सम्बोधित करते हुए प्रदेश सरकार की प्रमुख नीतियों और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 12वीं पंचवर्षीय योजना में विकास दर 10 प्रतिशत करने तथा प्राथमिकताओं को मूर्तरूप देने के सभी उपाय किये जायेंगे। उन्होंने क्षेत्रीय विषमताओं को कम करने तथा प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोत्तरी के प्रयास करने की बात भी कही।
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश पिछले पांच वर्षोें में भ्रष्टाचार, निर्दोष लोगों के उत्पीड़न और जंगलराज का गवाह बना रहा। जनता को पत्थर, मूर्तियों, स्मारकों के अलावा कुछ नहीं मिला। इस दौरान राजनैतिक अधोपतन के चलते पूरे प्रदेश को शर्मसार कर देने वाली अनेक घटनायें घटीं। विगत 05 वर्षों के लूट-घसोट के एजेण्डा के स्थान पर वर्तमान सरकार ने विकास का एजेण्डा तैयार किया है, जो प्रदेश को प्रगति के पथ पर ले जायेगा। जनता ने बड़ी उम्मीदों के साथ एकजुट होकर पूर्ण बहुमत देकर राज्य सरकार का गठन किया। राज्य सरकार ने मंत्रिमण्डल में लगभग सभी वर्गों, समुदायों एवं क्षेत्रों को समुचित प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है।
श्री जोशी ने कहा कि विगत 05 वर्षों में राज्य अन्य प्रदेशों की तुलना में विकास की दौड़ में काफी पीछे छूट गया। जनता मूर्ति, पत्थर व स्मारक की जगह सड़क, पानी व बिजली जैसी अवस्थापना सुविधाओं के लिए सरकार की ओर देख रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शपथ ग्रहण के पश्चात् ही चुनावी घोषणा पत्र पर अमल शुरू कर दिया। बेरोजगार युवकों को बेरोजगारी भत्ता देने की योजना को मंत्रिपरिषद द्वारा पारित किया गया। इसके तहत 30 से 40 वर्ष के नौजवानों को एक हजार रुपये प्रतिमाह की दर से बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। सेवायोजन कार्यालयों में पंजीकृत बेरोजगारों को एक वर्ष में 03 बार अर्थात् चार माह का एक साथ बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। राज्य सरकार ने प्रदेश में शैक्षिक वातावरण तैयार करने व छात्र-छात्राओं के भविष्य संवारने हेतु 10वीं पास छात्र-छात्राओं को निःशुल्क टैबलेट तथा 12वीं पास छात्र-छात्राओं को लैपटाप देने का निर्णय लिया है, शीघ्र इनका वितरण प्रारम्भ कर दिया जायेगा।
राज्यपाल ने कहा कि पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार ने छात्राओं के लिए कन्या विद्या धन योजना लागू की थी, जिसे पिछली सरकार ने बंद कर दिया। इस योजना को पुनः शुरू करके छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया जायेगा। इसके अलावा अच्छे अंक प्राप्त करने वाली कन्याओं को एक साईकिल भी उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने कहा कि सर्वशिक्षा अभियान के तहत निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-2009 के प्राविधानों को क्रियान्वित करने के लिए, मानक के अनुसार अवशेष असेवित बस्तियों में नवीन प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों को खोला जाना प्रस्तावित है।
सरकार द्वारा चुनावी घोषणा पत्र के एक और वायदे को पूरा किये जाने की जानकारी देते हुए राज्यपाल ने बताया कि कृषक दुर्घटना बीमा योजना में बीमा राशि 01 लाख रूपये से बढ़ाकर 05 लाख रूपये कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव घोषणा पत्र के अन्य वायदों पर भी तेजी से काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता से किये गये सभी वायदे पूरे किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि रिक्शा चालकों को उनके वर्तमान रिक्शा के स्थान पर मोटर तथा सोलर से चार्ज होने वाला अत्याधुनिक सिस्टम से बनाया गया रिक्शा मुफ्त दिया जायेगा।
श्री जोशी ने कहा कि सरकारी मेडिकल काॅलेजों को बेचने की पूर्ववर्ती सरकार की योजना को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा मुफ्त प्रदान करने का निर्णय लिया है। हृदय का आपरेशन, कैंसर, लिवर, किडनी आदि असाध्य रोगों के उपचार हेतु राज्य के सभी मेडिकल काॅलेजों को समृद्ध बनाकर मुफ्त इलाज प्रदान किया जायेगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को उच्चीकृत करते हुए उन्हें अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा से लैस किया जायेगा और इन सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करायी जायेगी।
राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक विकास खण्ड मुख्यालय पर सभी सुविधाओं से युक्त एक एम्बुलेन्स की व्यवस्था की जायेगी, ताकि गम्भीर मरीजों को तत्काल बड़े अस्पतालों तक पहुंचाया जा सके। सभी राज्य एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर आपातकालीन चल चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की जायेगी। कन्नौज, जालौन, आजमगढ़ के मेडिकल काॅलेजों तथा सैफई के पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट को शीघ्र चालू कराया जायेगा। राज्य के सभी मेडिकल काॅलेजों, खासकर गोरखपुर और झांसी में उच्च चिकित्सा शिक्षा की व्यवस्था की जायेगी, जिसमें जापानी बुखार और बच्चों की अन्य बीमारियों के इलाज का विशेष प्रबन्ध होगा। राज्य के 03 मण्डलों व 51 जनपदों में जहां वर्तमान में कोई मेडिकल काॅलेज नहीं है, वहां निजी क्षेत्र को आकर्षित करने के लिए प्रभावी इन्सेंटिव योजना लाई जायेगी।
श्री जोशी ने कहा कि विगत 05 वर्षों में जनता राज्य सरकार के असहयोगात्मक रवैय्ये से स्तब्ध थी। वह अपने दुःख-दर्द ऊपर तक नहीं पहुंचा सकती थी। इसलिए वर्तमान सरकार ने जनता के दुःख-दर्द सुनने और उनकी समस्याओं के समाधान हेतु जनता दर्शन कार्यक्रम शुरू किया, जिसमें लोग अपनी समस्याओं को लेकर सीधे मुख्यमंत्री से मिल सकते हैं। इसके अतिरिक्त मंगलवार एवं रविवार को छोड़कर, जिला मुख्यालयों पर राज्य के प्रत्येक अधिकारी को प्रातः 10 बजे से मध्यान्ह 12 बजे तक अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर लोगों की समस्याओं को सुनने और समुचित समाधान की व्यवस्था की गयी है। इसी के साथ तहसील स्तर पर प्रत्येक प्रथम व तृतीय मंगलवार को तहसील दिवस की व्यवस्था की गयी है, जिसमें अन्य समस्याओं के अतिरिक्त तहसील स्तर पर मिलने वाली सेवाओं जैसे आय, जाति, निवास, हैसियत आदि प्रमाण पत्रों के अलावा खसरा, खतौनी की नकल, कृषक दुर्घटना बीमा योजनाओं के चेक, शस्त्र लाइसेन्स नवीनीकरण इत्यादि को भी तहसील दिवस के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता प्रदेश में कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाकर अमन-चैन व आपसी सौहार्द स्थापित करना है। अपराध नियंत्रण के साथ-साथ अपराधों के पंजीकरण पर निरन्तर जोर दिया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप अल्प समय में ही आम जनता में निर्भीकता से अपराध पंजीकरण कराने का वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरूद्ध घटित होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु पुलिस को कड़े निर्देश दिये गये हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति को और अधिक प्रभावी बनाने की दृष्टि से जनपदीय पुलिस के पर्यवेक्षण के लिए रेन्ज स्तर पर पुलिस उपमहानिरीक्षक तथा जोन स्तर पर पुलिस महानिरीक्षक की पूर्व व्यवस्था बहाल की गयी है।
श्री जोशी ने कहा कि सरकार किसानों की आर्थिक, सामाजिक उन्नयन के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों की उपज की खरीद सुनिश्चित करायी जा रही है। वर्तमान गेहूँ खरीद वर्ष की पूरी तैयारी गत् सरकार द्वारा समय पर नहीं करने के कारण बोरों की कमी से कुछ स्थानों पर खरीद प्रभावित हुई, फिर भी वर्तमान सरकार ने प्रभावी कदम उठाते हुए अभी तक गत् वर्ष से लगभग 25 प्रतिशत अधिक खरीदारी करायी है। इसके साथ ही आढ़तियों के माध्यम से भी खरीद की शुरूआत की गयी। इस हेतु राज्य सरकार द्वारा 300 करोड़ रूपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गयी। अगले वर्ष की धान व गेहूँ खरीद हेतु अभी से व्यवस्था करने के कदम उठाये जा रहे हैं, ताकि किसानों को पूरा लाभ मिल सके।
राज्यपाल ने कहा कि किसानों को समय से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रीपोजीशनिंग की व्यवस्था की गयी है। इन्हें उन्नत एवं नये बीज उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। जनपद स्तर पर मृदा परीक्षण हेतु मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। किसानों को पर्याप्त ऋण उपलब्ध कराये जाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड एवं फसली ऋण व्यवस्था हेतु बैंकों से समन्वय स्थापित कर मेगा कैम्प आयोजित कराये जायेंगे। उन्हांेने कहा कि सरकार ऋण ग्रस्त किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र कदम उठायेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में गेहूँ व चावल की उत्पादकता विशेष रूप से बढ़ाने पर ध्यान दिया जायेगा। गन्ना किसानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनको उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने तथा उनका भुगतान शीघ्र कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गन्ना का वर्तमान उत्पादन 59 टन प्रति हेक्टर से बढ़ाकर 70 टन प्रति हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है।
श्री जोशी ने कहा कि राज्य में दुग्ध उपार्जन एवं विपणन को सुदृढ़ बनाने के लिए डेयरी कार्य को लघु उद्योग के रूप में विकसित करने की पहल की जा रही है। जनपद लखनऊ में एक बड़ी डेयरी स्थापित करने के साथ-साथ अगले 05 वर्षों में 15 हजार पशुओं पर एक पशु चिकित्सालय स्थापित करने का प्रस्ताव है। बुन्देलखण्ड पैकेज की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 05 सालों में इसका क्रियान्वयन नहीं किया गया, जिससे इस क्षेत्र में सिंचन क्षमता का सृजन एवं अवस्थापना सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया। उनकी सरकार पैकेज का सदुपयोग करते हुए इस क्षेत्र के विकास तथा यहां की जनता को लाभ पहुंचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित करेगी। वर्तमान वित्तीय वर्ष में झांसी, ललितपुर, महोबा, चित्रकूट, इलाहाबाद, मिर्जापुर, सोनभद्र एवं चंदौली में सामुदायिक ब्लास्ट कूपों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार की योजना बनायी गयी है। अगले 05 साल में राज्य की सभी असिंचित जमीन के लिए सिंचाई की व्यवस्था की जायेगी। बुन्देलखण्ड सूखे से एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश बाढ़ से ग्रस्त रहते हैं, इनके लिए विशेष कार्य योजना बनाकर और आर्थिक पैकेज की व्यवस्था करके इन क्षेत्रों को सम्पन्न बनाया जायेगा।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार प्रदेश में एक ऐसे औद्योगिक वातावरण के सृजन का प्रयास कर रही है, जो रोजगारपरक होने के साथ-साथ प्रदेश को समृद्ध बनाने में भी सहयोगी होगा। प्रदेश में निवेश प्रोत्साहित करने हेतु विकासोन्मुख वातावरण सृजित करने के लिए उनकी सरकार ने औद्योगिक अवस्थापना को अपनी मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि अवस्थापना परियोजनाओं के क्रियान्वयन में निजी क्षेत्र की भागीदारी की जायेगी। पश्चिमांचल के दादरी, नोएडा, गाजियाबाद इनवेस्टमेंट रीजन के अतिरिक्त पूर्वांचल एवं बुन्देलखण्ड क्षेत्र में एक-एक इनवेस्टमेंट जोन की स्थापना भारत सरकार के सहयोग से की जायेगी। उन्होंने कहा कि सरकार एक विकासोन्मुखी नीति लायेगी, ताकि उत्तर प्रदेश देश के सबसे आकर्षक निवेश प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बना सके।
श्री जोशी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय व कृषि क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति सुधारने की दृष्टि से सरकार ने ग्रामीण बिजली व कृषि फीडर को अलग करने की योजना बनायी है। निजी और सरकारी क्षेत्र में विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने को प्राथमिकता देते हुए अगले 02 वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे और शहरी क्षेत्रों मंे 22 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने कहा कि नये बिजली घरों की स्थापना, पुराने बिजली घरों के रख-रखाव तथा पारेषण हानियों पर ध्यान दिया जा रहा है और बिजली चोरी पर भी पूरा अंकुश लगाया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर भी कार्य कर रही है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के संतुलित विकास की आवश्यकताओं को देखते हुए सड़कों, सेतुओं के निर्माण, पुनर्निमाण, अनुरक्षण आदि कार्यों के संपादन हेतु समुचित बजट की व्यवस्था की जायेगी। शहरों की बढ़ती आबादी के दृष्टिगत बाईपास, सेतुओं, रेल उपरिगामी सेतुओं तथा फ्लाईओवर निर्माण को विशेष महत्व दिया जायेगा। निर्माणाधीन पुलों के निर्माण कार्य को तेज किया जायेगा। इसके अतिरिक्त राजमार्गों के उच्चीकरण एवं सुधार हेतु सार्वजनिक-निजी-सहभागिता (पी0पी0पी0) पर बल दिया जायेगा। जिला मुख्यालयांे को 04 लेन की सड़कों से जोड़ा जाएगा। समय की बचत तथा सुविधाजनक आवागमन हेतु देश की राजधानी नई दिल्ली और लखनऊ को सीधे एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना को क्रियान्वित किया जायेगा। जिन गांवों को अभी तक सड़कों से नहीं जोड़ा गया है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जोड़ने की योजना है।
श्री जोशी ने कहा कि लखनऊ की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने हेतु मेट्रो परियोजना के अधीन 37.5 किलोमीटर लम्बाई हेतु डी0एम0आर0सी0 द्वारा लगभग 12 हजार 5 सौ करोड़ रूपये की डी0पी0आर0 तैयार की गयी है। राज्य के नवयुवकों को रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु आई0टी0 पार्क की स्थापना पर प्राथमिकता से काम किया जायेगा।
राज्यपाल ने कहा कि समाज के समस्त वर्गों के असहाय, शोषित एवं सुविधाविहीन लोगों के उत्थान के लिए प्रदेश सरकार कल्याणकारी योजनायें संचालित कर रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 30 लाख परिवारों को वृद्धावस्था किसान पेंशन योजना से आच्छादित करने का लक्ष्य है। राज्य की 17 पिछड़ी जातियों राजभर, निषाद, प्रजापति, मल्लाह, कहार, कश्यप, कुम्हार, धीमर, बिन्द, भर, केवट, धीवर, बाथम, मछुआ, मांझी, तुरहा तथा गौड़ को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करना प्रस्तावित है। अनाथ बच्चों को आश्रय प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य स्तर पर एक दत्तक ग्रहण संसाधन एजेन्सी तथा जनपद स्तर पर दत्तक ग्रहण इकाई की स्थापना करने पर विचार किया जा रहा है।
श्री जोशी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के कल्याण हेतु उनकी सरकार द्वारा कई कदम उठाये जा रहे हैं। पूर्व से संचालित योजनाओं को पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के अलावा समस्त कब्रिस्तानों की भूमि पर अवैध कब्जा रोकने के उद्देश्य से चहारदीवारी के निर्माण हेतु प्रथम चरण में इसी वित्तीय वर्ष में समुचित व्यवस्था की जा रही है।
राज्यपाल ने कहा कि छात्रसंघों के माध्यम से छात्रों की न्यायोचित समस्याओं के समाधान हेतु प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयांे में छात्रसंघ का चुनाव कराये जाने का निर्णय लिया गया है। राज्य के सभी विकास खण्डों में जहां कोई कन्या डिग्री काॅलेज नहीं है, जमीन की उपलब्धता को देखते हुए वहां सरकारी कन्या डिग्री काॅलेज की स्थापना की जायेगी और 05 साल के भीतर इन कन्या महाविद्यालयों में बी0एड0 कक्षायें चलाने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जायेगी। प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने तथा कुशल कारीगर तैयार करने हेतु राजकीय सहायता प्राप्त संस्थाओं के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी संस्थायें स्थापित करने को प्रोत्साहन दिया जायेगा।
श्री जोशी ने कहा कि बढ़ती वाहन दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाने के लिए राज्य में मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल एवं अनुसंधान संस्थान की स्थापना का निर्णय लिया गया है। ई-गवर्नेन्स योजना के तहत प्रदेश की जनता को उसके निवास के समीप विभिन्न प्रकार की शासकीय सेवायें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क की स्थापना मूलभूत अवस्थापना सुविधा के रूप में की गई है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के समस्त नक्शों को डिजिटलाइज किया जाएगा एवं सेटेलाइट इमेजरी के नक्शों का मिलान कर उससे एक आदर्श नक्शे का निर्माण किया जायेगा, जो कम्प्यूटर पर उपलब्ध होगा। राजस्व परिषद में ई-पत्रावली साफ्टवेयर लागू किया जायेगा। कर व्यवस्था को यथा सम्भव सरल किया जाएगा और विभिन्न वस्तुओं पर कर की दरों को युक्ति-संगत बनाया जाएगा। वाणिज्य कर विभाग के कार्यों को पारदर्शी एवं सुगम बनाने हेतु विभाग की कार्यप्रणाली के विभिन्न माड्यूल तैयार कराये जायेंगे। उन्होंने कहा कि कर राजस्व का संग्रह इस प्रकार बढ़ाने की योजना है कि व्यापारियों को अनावश्यक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े तथा प्रदेश के उद्योगों की स्पद्र्धात्मक क्षमता भी प्रभावित न हो।
राज्यपाल ने कहा कि खाद्य एवं रसद विभाग की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग द्वारा टोल फ्री नम्बर पर कम्प्यूटरीकृत कर विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे जनसामान्य राशन सम्बन्धी शिकायतें एवं सुझाव आॅन-लाईन दर्ज करा सकें। उन्होंने कहा कि सरकार खनन उद्योग में लगे माफियाओं पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है, ताकि उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर उपखनिज प्राप्त हों। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कुशीनगर तथा आगरा में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा की स्थापना, आगरा में ताजगंज वार्ड के समुचित विकास तथा मथुरा, वृंदावन सर्किट पर अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ-साथ प्राचीन कुण्डों/वनों के पुनरोद्धार कराया जायेगा। राज्य में खेल को बढ़ावा देने के लिए सहारनपुर तथा फतेहपुर में स्र्पोटस काॅलेज का निर्माण प्रगति पर है। इसके अलावा सैफई में भी स्र्पोटस काॅलेज की स्थापना की जायेगी।
राज्यपाल ने सभी सदस्यों से प्रदेश के समग्र विकास में सराहनीय सहयोग की अपेक्षा करते हुए आशा व्यक्त की कि राज्य तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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