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इण्डिया टुडे माइंड राॅक्स यूथ सम्मिट 2012 में मुख्यमंत्री सम्मिलित हुए

Posted on 07 September 2012 by admin

युवा अपनी ऊर्जा और क्षमता का सकारात्मक दिशा में उपयोग करें: मुख्यमंत्री
चुनावी घोषणा पत्र के सभी वायदों को पूरा करेगी प्रदेश सरकार: मुख्यमंत्री

up-cm-akhilesh-yadav-in-siri-fort-auditorium-for-india-today-mind-youth-rock-summit-speechउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नौजवानों से अपील की है कि वे अपनी ऊर्जा और क्षमता का निरन्तर सकारात्मक दिशा में उपयोग करें और देश और प्रदेश के सर्वांगीण विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े-बुजुर्गों के आर्शीवाद और अनुभव का लाभ कैरियर बनाने में उठाना चाहिये।
नई दिल्ली स्थित सीरीफोर्ट आॅडिटोरियम में इण्डिया टुडे माइंड राॅक्स यूथ सम्मिट 2012 के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की पिछली सरकार को बदलने के लिए नौजवानों का जोश बहुत काम आया।
up-cm-akhilesh-yadav-in-siri-fort-auditorium-for-india-today-mind-youth-rock-summitश्री यादव ने कहा कि नई सोच, नई खोज और अनुभव के साथ तालमेल बनाकर चलने से नये रास्ते निकलते हैं। महात्मा गांधी का देश को स्वतन्त्रता दिलाने में योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में अनगिनत युवाओं ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया तथा देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने में अहम योगदान किया। अब देश के विकास व खुशहाली के लिए युवाओं को आगे आना है तथा इसमें उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें हर तरह की सहूलियतें देगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश विधान सभा में सबसे अधिक नौजवान विधायक है। आई0आई0एम0, अहमदाबाद से उत्तीर्ण मेधावी आज हमारी विधान सभा के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि गंगा और ताजमहल हमारे प्रदेश की शान हैं। भारत की सीमाओं की रक्षा नौजवान सिपाही करते हैं। नौजवान सैनिकों के जोश और वरिष्ठ अफसरों के अनुभव से देश की सुरक्षा हो रही है। उत्तर प्रदेश में लड़कियों की शिक्षा स्तर बढ़ाने के लिए सरकार उन्हें निरन्तर प्रोत्साहन दे रही है। कम्प्यूटर एवं लैपटाॅप के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाईस्कूल एवं इण्टर पास छात्र-छात्राओं को 24 लाख टैबलेट एवं 18 लाख लैपटाॅप दिए जाने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा-पत्र में जो भी वायदे किये हंै उनको पूरा किया जाएगा।
इस अवसर पर हेड लाइन टुडे के प्रबन्ध सम्पादक श्री राहुल कंवल से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि हमारे मंत्रिमण्डल के वरिष्ठ मंत्रियों का उन्हें भरपूर सहयोग मिल रहा है और उनके अनुभवों का वे लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी राजनीतिक सोच के साथ मेधावी नौजवान राजनीति में भाग लें। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाये रखने और अधिकतम विद्युत आपूर्ति के लिए सरकार निरन्तर प्रयास कर रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने युवाओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर भी दिया।
कार्यक्रम के शुभारम्भ में इण्डिया टुडे ग्रुप के चैयरमैन और प्रमुख सम्पादक श्री अरूण पुरी ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का स्वागत किया। इस अवसर पर जे0पी0ग्रुप के एम0डी0 श्री मनोज गौड़, म्यूजिक डायरेक्टर श्री अनु मलिक एवं इण्डिया टुडे के वरिष्ठ अधिकारी तथा सैकड़ों स्कूली छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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साक्षर भारत महोत्सव की शुरुआत

Posted on 07 September 2012 by admin

राश्ट्रीय साक्षरता मिषन प्राधिकरण, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आज एक तीन दिवसीय ;7 सितम्बर से 9 सितम्बर, 2012द्ध भव्य आयोजन, साक्षर भारत महोत्सव की षुरुआत की। महोत्सव का आरम्भ उत्तर प्रदेष के राज्यपाल महामहिम श्री बी.एल. जोषी द्वारा कृति प्रदर्षनी का उद्घाटन करके किया गया, जिसके बाद षिक्षा के महत्व पर एक पैनल चर्चा हुई। इस महोत्सव की अवधारणा देष में वयस्क षिक्षा को संवर्द्धन तथा मज़बूती प्रदान करने के उद्धेष्य से स्कूली षिक्षा तथा साक्षरता विभाग द्वारा तैयार की गई है।

up-governor-b-l-joshi1कृति प्रदर्षनीः
कृति जन षिक्षण संस्थान द्वारा लगाई गई एक प्रदर्षनी है। जन षिक्षण संस्थान निरक्षर, नये-नये साक्षर हुये तथा प्राथमिक स्तर तक षिक्षित लोगों को व्यसायिक प्रषिक्षण प्रदान करने वाला एक संस्थान है। यह प्रदर्षनी साक्षरता स्तर बढ़ाने तथा परिणामस्वरूप नये साक्षर हुये लोगों के लिये आजीविका कमाने के अवसर बढ़ाने के सरकार के प्रयासों के विशय में जागरूकता पैदा करने के उद्धेष्य को पूरा करती है। इस प्रदर्षनी में 35 स्टाॅल लगेे, जिनमें जूट षिल्प,  कालीन बुनाई, पेंटिंग, कागज़ से बने उत्पाद, आदिवासी उत्पाद, कृत्रिम आभूशण इत्यादि जैसे उत्पादों की उत्कृश्ट रेंज रखी गई थी। प्रदर्षनी में अपने स्टाॅल लगाने वाले अन्य भागीदारों में खादी तथा ग्रामोद्योग, हस्तषिल्पकार, राश्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान षामिल थे। आईसीटी आधारित साक्षरता प्रदर्षित करने के उद्धेष्य से टीसीएस तथा तारा अक्षर ने भी स्टाॅल लगाये हैं। इस प्रदर्षनी को देखने 3000 से भी अधिक लोग आये।

सम्मिलित विकास में साक्षरता की केंद्रीयता - उत्तर प्रदेष का पारिस्थितिक विष्लेशण:
महोत्सव के तहत एक पैनल चर्चा का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिश्ठित पैनल सदस्यों ने हिस्सा लिया। पैनल चर्चा की मध्यस्थता आदरणीय प्रो0 राकेष बसंत, वरिश्ठ संकाय-सदस्य, भारतीय प्रबंधन संस्थान - अहमदाबाद द्वारा की गई और इसमें श्री सौरभ जौहरी, आॅब्ज़र्वर रिसर्च फाउंडेषन, दिल्ली, एक वैष्विक परिपेक्ष्य प्रदान करते श्री षिगेरु आॅयागी, निदेषक तथा भारत, भूटान, माल्दीव तथा श्रीलंका के लिये यूनेस्को के प्रतिनिधि, राजेष महापात्रा, उप-कार्यकारी संपादक, हिन्दुस्तान टाइम्स, दिल्ली तथा यूनेस्को के षिक्षा विषेशज्ञ श्री वेंकटेष मालूर जैसे प्रतिश्ठित पैनल सदस्य षामिल थे। चर्चा का विशय था देष के विकास में साक्षरता का महत्व। चर्चा में इस बात पर भी प्रकाष डाला गया, कि कैसे भारत के आर्थिक विकास तथा राश्ट्रीय विकास में साक्षरता अपरिहार्य है। पैनल सदस्यों ने सरकार के एक ‘‘षिक्षित’’ राश्ट्र प्राप्त करने हेतु किये जा रहे प्रयासों को प्रभावित करने वाले घटकों का भी आलोचनात्मक विष्लेशण किया।
श्री सौरभ जौहरी, आॅब्ज़र्वर रिसर्च फाउंडेषन, दिल्ली, द्वारा प्रस्तुत किये गये एक षोध-पत्र में ‘‘साक्षरता की विशमता, जिसके चलते सामाजिक अवरोध उत्पन्न होते हैं’’ का उल्लेख किया गया। इनके विष्लेशण के अनुसार ‘‘जीवन पर्यंत अध्ययन’’ इस विशमता को दूर करने का एकमात्र उपाय है। श्री षिगेरु आॅयागी, निदेषक तथा यूनेस्को प्रतिनिधि, ने कहा, ‘‘साक्षरता षिक्षा का मामला नहीं है, यह समाज के लिये एक सामाजिक मुद्दा तथा सामाजिक दायित्व है।‘‘  यूनेस्को के षिक्षा विषेशज्ञ श्री वेंकटेष मालूर ने अनुरोध किया कि निरक्षरता मिटाने हेतु तैयार किये गये सभी कार्यक्रमों को एक साक्षर समाज का सृजन करने के लिये बृहत् प्रयास करने चाहियें।  राजेष महापात्रा, उप-कार्यकारी संपादक, हिन्दुस्तान टाइम्स, दिल्ली ने जागरूकता, समर्थन तथा सक्रियता जैसे उपकरणों को प्रयोग करके सम्मिलित विकास हेतु साक्षरता के प्रसार में मीडिया की भूमिका के विशय में बात की। पहले दिन की चर्चाओं ने षिक्षा के महत्व को खासा बल प्रदान किया।
कलासंगम:
कलासंगम ;सांस्कृतिक विविधता में एकता के लिये साक्षरताद्ध के साथ महोत्सव का पहला दिन सम्पन्न हुआ। कलासंगम का उद्घाटन श्री सत्नाम सिंह, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेषक, पाॅवर फाइनेंस काॅर्पोरेषन द्वारा किया गया। इस विषिश्ट कार्यक्रम में 6 राज्यों - उत्तर प्रदेष, हरियाणा, उत्तराखण्ड, झारखण्ड तथा बिहार - ने हिस्सा लिया और अपने-अपने राज्य के गीत तथा नृत्यों का प्रदर्षन किया। इस कोरियोग्राफ़ किये गये षो का विशय एक ही था - साक्षरता और इसे कार्यक्रम के सभी स्वयंसेवकों तथा लाभग्राहियों को अभिप्रेरित करने तथा सुग्राही बनाने के उद्धेष्य से तैयार किया गया था।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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कुपोषण की समस्या से निजात पाने के लिए सरकार हर सम्भव प्रयास करेगी: मुख्यमंत्री

Posted on 06 September 2012 by admin

सिटिजन्स एलायन्स अगेन्स्ट मालन्यूट्रीशन का प्रतिनिधिमण्डल मुख्यमंत्री से मिला

cm-photo-05-09-2012उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने सिटिजन्स एलायन्स अगेन्स्ट मालन्यूट्रीशन में शामिल सांसदों को आश्वस्त किया है कि प्रदेश में कुपोषण की समस्या से निजात पाने के लिए सरकार हर सम्भव प्रयास करेगी। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव को आवश्यक निर्देश दिये गए हैं।
प्रदेश के दौरे पर पहली बार आए सिटिजन्स एलायन्स अगेन्स्ट मालन्यूट्रीशन के प्रतिनिधिमण्डल ने आज मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव से उनके सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर भेंट की। प्रतिनिधिमण्डल ने उत्तर प्रदेश में कुपोषण की समस्या के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण की समस्या के निदान के लिए रणनीति बनाकर जुटना होगा। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में जनजागरूकता भी जरूरी है।
इसके बाद योजना भवन में सिटिजन्स एलायन्स अगेन्स्ट मालन्यूट्रीशन का प्रतिनिधिमण्डल मीडिया से मुखातिब हुआ। इस अवसर पर सांसद श्रीमती डिम्पल यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ‘न्यूट्रीशन मिशन’ को लागू किए जाने की सैद्धान्तिक सहमति प्रदान करते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी को निर्देश दिए हैं कि वे इस सम्बन्ध में परीक्षण कराकर एक कार्ययोजना तैयार कराएं। इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा इस सम्बन्ध में जारी दिशा-निर्देशों और अन्य राज्यों में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए अपनाई जा रही रणनीति का भी अध्ययन कर लिया जाए।
यहां पर इस प्रतिनिधिमण्डल में शामिल सांसद श्री जय पाण्डा ने संगठन की कार्यप्रणाली और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर युवा सांसदों, मीडिया व सिविल सोसाइटी के लोगों से बना सिटिजन्स एलायन्स पूरे देश में कुपोषण की समस्या के सम्बन्ध में जागरूकता फैला रहा है। साथ ही, यह एलायन्स केन्द्र सरकार सहित विभिन्न प्रदेश सरकारों से संवाद स्थापित कर कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित किये जाने की पहल कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव से इस सम्बन्ध में सार्थक बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व प्रतिनिधिमण्डल की बातचीत प्रधानमंत्री और नेता विरोधी दल से भी हो चुकी है। उन्होंने मीडिया से अपेक्षा की कि वे भी कुपोषण की समस्या को विशेष रूप से उजागर कर इस सम्बन्ध में जागरूकता अभियान चलाएं।
कुपोषण की गम्भीर समस्या को सरकारों तथा सभ्य समाज के लिए एक चुनौती बताते हुए सांसद श्री जयन्त चैधरी ने कहा कि सिटिजन्स एलायन्स उन लोगों का समूह है, जो समाज व देश का नेतृत्व कर रहे हैं। इस संगठन ने समाज के हर तबके को अपनी ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि कुपोषण की समस्या से जूझने के लिए राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर कार्य करना होगा और एक सकारात्मक सोच के साथ सभी को एक मंच पर आना होगा, चाहे वे किसी भी दल या विचारधारा के क्यों न हों। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित की जा रही नीतियों व कार्यक्रमों को सम्मिलित कर एक एकीकृत कार्ययोजना लागू करनी होगी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि कुपोषण को दूर किये जाने के सम्बन्ध में चलाई जाने वाली योजनाओं का नियमित एवं प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
सांसद सुश्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि हम सभी सांसद इस मुद्दे पर एकजुट होकर गम्भीरता से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया से गुजारिश की कि वे अपने स्तर से बहुमूल्य एवं रचनात्मक सुझाव प्रस्तुत करें, जिससे और भी प्रभावी ढंग से कुपोषण के खिलाफ संघर्ष किया जा सके। सांसद सुश्री सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र में कुपोषण की समस्या के निवारण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। इस मौके पर अन्य सांसदों ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
पूर्व में प्रोटोकाॅल राज्य मंत्री श्री अभिषेक मिश्र ने प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों से मीडिया को परिचित कराया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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मुख्यमंत्री आवास पर जनता दर्शन आयोजित

Posted on 06 September 2012 by admin

जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के मुख्यमंत्री के निर्देश

up-cm-janta-darbaar-1उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज यहाँ अपने सरकारी आवास पर आयोजित जनता दर्शन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं को पूरी गम्भीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे लोगों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करें और आवेदक की समस्या के समाधान की सूचना उन्हें अवश्य दें। उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि जिन आवेदन पत्रों पर मोबाइल नम्बर अंकित नहीं हैं, उन पर आवेदक से जानकारी प्राप्त कर फोन नम्बर अंकित करा दिए जाएं, ताकि कृत कार्रवाई की जानकारी आवेदक को सुगमता से दी जा सके।
जनता दर्शन में बहुत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए एवं उन्होंने अपनी विभिन्न समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया और स्वयं अपने प्रार्थना पत्र उन्हें सौंपे। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना पत्रों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। जनता दर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं एवं अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भी उपस्थित हुए। मुख्यमंत्री ने इन सभी की समस्याओं को ध्यान से सुना और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए। जनता दर्शन में लगभग 10 हजार प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए।
आज के कार्यक्रम में प्राप्त प्रार्थना पत्रों में लोगों ने अपनी व्यक्तिगत समस्याओं के अतिरिक्त कृषि पट्टे, पेयजल, विद्युत आपूर्ति एवं गलत बिल, आर्थिक सहायता, स्थानान्तरण, सड़क निर्माण, भू-अभिलेखों में अनियमितता, राजस्व, नौकरी, निजी इलाज इत्यादि की समस्या का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने इन सभी प्रार्थना पत्रों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
up-cm-janta-darbaar-2जनता दर्शन में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री अहमद हसन, राजस्व मंत्री श्री अम्बिका चैधरी, पशुधन तथा लघु सिंचाई मंत्री श्री पारस नाथ यादव, समाज कल्याण राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र वर्मा, विधान परिषद सदस्य श्री राजेन्द्र चैधरी भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, सचिव मुख्यमंत्री श्रीमती अनीता सिंह, श्री आलोक कुमार, मुख्यमंत्री के परामर्शी श्री आमोद कुमार, विशेष सचिव मुख्यमंत्री श्री शम्भू सिंह यादव, श्री पंधारी यादव, श्री जुहैर बिन सगीर तथा शासन-प्रशासन के अन्य उच्च अधिकारी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय

Posted on 05 September 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहाँ सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-

अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 का प्रारूप मंजूर
प्रदेश में औद्योगिक वातावरण तैयार करने और अधिक से अधिक पूंजी निवेश के लिए ‘अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012’ के प्रारूप को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दे दी है। इस नीति में प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिए सर्वाधिक तथा आकर्षक प्रयत्न किए गए हैं। समस्त स्टेक होल्डर्स, औद्योगिक संगठनों तथा प्रमुख उद्यमियों के सुझाव प्राप्त कर नीति को तैयार किया गया है। इसे तैयार करने में अन्य राज्यों की औद्योगिक नीतियों का तुलनात्मक अध्ययन भी किया गया है। मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि इस नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जायेगा। राज्य की अवस्थापना एवं औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक से डेढ़ महीने के भीतर अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति से संबंधित समस्त शासनादेश जारी कर दिये जायेंगे।
नई अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति के तहत 11.2 प्रतिशत औद्योगिक विकास की दर की वार्षिक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश के पूर्वांचल, मध्यांचल एवं बुन्देलखण्ड में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों को स्टाम्प शुल्क में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसी के साथ सड़क, बिजली, थोक बाजार, ट्रान्सशिपमंेट केन्द्र, वेयर हाऊस, कोल्ड स्टोरेज आदि पर तथा सूचना एवं प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, एग्रो प्रोसेसिंग इकाइयों को भी स्टाम्प शुल्क में 100 प्रतिशत की छूट उपलब्ध कराई जाएगी। निजी क्षेत्र में स्थापित किये जा रहे औद्योगिक क्षेत्रों को भी 25 प्रतिशत की स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाएगी। लोहा तथा इस्पात पर प्रवेश कर से छूट उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकाधिक कच्चे माल व पैकिंग सामग्री को 4 प्रतिशत कर देयता की श्रेणी में लाकर अनुसूची को विस्तृत किया जाएगा।
पूर्व में संचालित निवेश प्रोत्साहन योजना में नई इकाइयों की पात्रता सीमा, पूर्वांचल, मध्यांचल व बुन्देलखण्ड में 10 करोड़ रुपए से घटाकर 5 करोड़ रुपए की गई है तथा इसके अतिरिक्त जनपदों में 25 करोड़ रुपए से घटाकर 12.50 करोड़ रुपए की गई है। इस योजना में 10 वर्ष तक इकाइयों द्वारा जमा कराए गए वैट व केन्द्रीय बिक्री कर के योग के समतुल्य धनराशि ब्याज मुक्त ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
नीति में नई पूंजीगत ब्याज उपादान योजना शुरु की गई है, जिसमें बुन्देलखण्ड, पूर्वांचल व मध्यांचल में स्थापित होने वाली नई औद्योगिक इकाइयों को प्लाण्ट व मशीनरी के लिए, लिये गए ऋण पर ब्याज दर में 5 प्रतिशत की दर से 5 वर्ष तक अधिकतम 50 लाख रुपए की प्रतिपूर्ति की जाएगी। इकाईयों द्वारा अपने उपयोग हेतु अवस्थापना सुविधाओं यथा सड़क, सीवर, जल निकासी तथा पावर लाईन आदि को विकसित करने के लिए यदि ऋण लिया जाता है, तो उस पर देय ब्याज की, ‘अवस्थापना ब्याज उपादान योजना’ के अन्तर्गत 5 प्रतिशत की दर से 5 वर्ष तक एक करोड़ रुपए की सीमा तक प्रतिपूर्ति की जाएगी।
औद्योगिक उत्पादों की गुणवत्ता के सुधार हेतु ‘औद्योगिक गुणवत्ता विकास उपादान योजना’ लागू की गई है, जिसमें टेस्टिंग लैब, क्वालिटी सर्टिफिकेशन लैब एवं टूलरूम आदि स्थापित करने हेतु लिए गए ऋण पर 5 प्रतिशत की दर से 5 वर्ष तक अधिकतम एक करोड़ रुपए की सीमा तक धनराशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी। रोजगार को बढ़ावा देने की दृष्टि से विशेष ‘ई0पी0एफ0 प्रतिपूर्ति योजना’ लागू की गई है, जिसमें नई इकाईयों द्वारा 100 या इससे अधिक श्रमिकों को यदि रोजगार उपलब्ध कराया जाता है तो, श्रमिकों के लिए जमा कराए गए ई0पी0एफ0 के 50 प्रतिशत की धनराशि, 3 वर्ष तक सरकार द्वारा प्रतिपूर्ति के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाईयों हेतु भारत सरकार की योजना को लागू करने के साथ-साथ अन्य लाभकारी योजनाओं का प्राविधान किया गया है।
नीति में अवस्थापना सुविधाओं के लिए सड़क, रेल व वायु परिवहन के सुदृढ़ीकरण, गैस पाईप लाईन के विस्तारीकरण, वृहद् ऊर्जा उत्पादन, उद्योगों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति, नेशनल इन्वेस्टमेन्ट एण्ड मैनुफैक्चरिंग जोन क्लस्टर डेवलेपमेन्ट, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप तथा औद्योगिक विकास प्राधिकरणों तथा निगमों द्वारा लैण्ड बैंक के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया गया है। इसके अलावा औद्योगिक वातावरण में सुधार के अन्तर्गत श्रम, ऊर्जा, पर्यावरण, वाणिज्य, मण्डी आदि विभागों के नियम एवं प्रक्रियाओं का सरलीकरण भी किया गया है। इसके साथ ही ई-गवर्नेन्स, उद्योग बन्धु, निवेशक सहायता व्यवस्था तथा पुलिस सुरक्षा के सुदृढ़ीकरण द्वारा भी औद्योगिक वातावरण में वृहद् सुधार लाया जाएगा।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश की पिछली नीति वर्ष 2004 में निर्धारित की गई थी। इस दौरान औद्योगिक परिवेश में हुए व्यापक परिवर्तन को दृष्टिगत रखते हुए वर्तमान सरकार द्वारा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास नीति घोषित की गई है। पूर्वांचल तथा बुन्देलखण्ड क्षेत्रों के लिए बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि पड़ोसी राज्यों से बेहतर व आकर्षक योजनाएं नीति में शामिल की गई हैं। औद्योगिक विकास के क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के इरादे से पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड तथा मध्यांचल क्षेत्र में विशेष सुविधाएं प्रदान की गई हैं। वर्तमान सरकार द्वारा लखनऊ, कानपुर तथा इसके आस-पास के क्षेत्रों को और अधिक औद्योगिक गति देने के उद्देश्य से मध्यांचल क्षेत्र को भी पूर्वांचल एवं बुन्देलखण्ड के साथ-साथ विशेष सुविधाएं देने के लिए चुना गया है। यह नीति औद्योगिकीकरण से जुड़े सभी विभागों के लिए एक मार्गदर्शी नीति होगी, जिसका लाभ सभी विभागों जैसे - खाद्य प्रसंस्करण, चीनी, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग आदि को प्राप्त होगा।
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इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी की दरों में संशोधन

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी (ड्यूटी) अधिनियम 1952 की धारा- 03 के अन्तर्गत इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1997 से अब तक विद्युत मूल्य में समय-समय पर वृद्धि हुई है, लेकिन इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में बढ़ोत्तरी नहीं की गई है। अन्य राज्यों की तुलना में इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी की दरें उत्तर प्रदेश में काफी कम है। 03 जनवरी, 1997 से जारी 09 पैसे प्रति यूनिट की दर से इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी ली जा रही है। इसे अब विभिन्न श्रेणियों/स्लैब में बढ़ा दिया गया है। घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं तथा राज्य सरकार द्वारा उपभोग की जाने वाली बिजली के लिए अब प्रति यूनिट 09 पैसे के स्थान पर विद्युत चार्ज की 05 प्रतिशत दर पर इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी निर्धारित की गई है।
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उ0प्र0 राज्य विधि आयोग अधिनियम, 2010 को निरसित करने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग अधिनियम, 2010 को निरसित करने का निर्णय लिया है।
राज्य विधि आयोग के गठन के पश्चात् यह अनुभव किया जा रहा था कि जिस उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग का गठन किया गया था उसकी पूर्ति राज्य विधि आयोग द्वारा नहीं हो पा रही थी। अतः इस आयोग की उपयोगिता नहीं रह गयी थी। ऐसे में राज्य में विधि आयोग को बनाये रखना अनावश्यक और उद्देश्यहीन था। इसके दृष्टिगत राज्य विधि आयोग को तुरन्त समाप्त करने के लिए उक्त अधिनियम को निरसित किए जाने का प्रस्ताव किया गया। चूंकि राज्य विधानमण्डल सत्र में नहीं है, इसलिए अधिनियम को तुरन्त निरसित कराए जाने के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा उ0प्र0 राज्य विधि आयोग (निरसन) अध्यादेश, 2012 के प्रख्यापन का प्रस्ताव भी अनुमोदित किया गया है।

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केबिल टी0वी0 नेटवर्क सेवा पर कराधान के सम्बन्ध में वित्तीय वर्ष 2012-13 में एकमुश्त समाधान योजना लागू

मंत्रिपरिषद ने केबिल टी0वी0 नेटवर्क सेवा पर कराधान के सम्बन्ध में वित्तीय वर्ष 2012-13 में एकमुश्त समाधान योजना लागू किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। प्रस्ताव के अनुसार वर्ष 2012-13 में एक वर्ष की अवधि हेतु समाधान योजना का विकल्प प्रस्तुत करने वाले केबिल आपरेटर के केबिल टी0वी0 केन्द्र पर वित्तीय वर्ष 2011-12 के विभिन्न माहों हेतु देय मनोरंजन कर की सकल धनराशि में 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ कतिपय शर्तों के अधीन केबिल टी0वी0 सेवा पर कराधान सम्बन्धी एकमुश्त समाधान योजना वर्ष 2012-13 के लिए लागू कर दी जाएगी।
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दस हार्सपावर तक के डीजल इन्जन पम्प सेट पर 30 सितम्बर, 2008 से 31 मार्च, 2011 तक की अवधि में 4 प्रतिशत $ यथा अतिरिक्त कर से अधिक आरोपित कर की राशि को माफ किए जाने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने दस हार्सपावर तक के डीजल इन्जन पम्प सेट पर 30 सितम्बर, 2008    से 31 मार्च, 2011 तक की अवधि में 4 प्रतिशत $ यथा अतिरिक्त कर से अधिक आरोपित कर की राशि को माफ किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।
मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार दस हार्सपावर तक के डीजल इन्जन पम्प सेट पर 30 सितम्बर, 2008 से 31 मार्च, 2011 तक की अवधि में 4 प्रतिशत $ यथा अतिरिक्त कर से अधिक देय एवं आरोपित कर की बकाया धनराशि तथा उस पर नियमानुसार देय ब्याज को माफ कर दिया जाएगा, बशर्ते उक्त अवधि में व्यापारियों द्वारा क्रेताओं/उपभोक्ताओं से 04 प्रतिशत $ यथा अतिरिक्त कर से अधिक देय कर की धनराशि की वसूली नहीं की गई हो।
इसके अतिरिक्त जिन व्यापारियों से उक्त अवधि में देय/आरोपित कर की वसूली कर ली गई है, उसे वापस नहीं किया जाएगा। माफी का आदेश पारित करने का अधिकार सम्बन्धित कर निर्धारक अधिकारी को प्रदान किया गया है।
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संगमरमर हैंडीक्राफ्ट्स वैट से मुक्त
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मार्बल हैंडीक्राफ्ट्स की कुछ वस्तुओं को वैट से मुक्त कर दिया गया है। संगमरमर की केवल 600 रुपए मूल्य तक की ही हैंडीक्राफ्ट्स वस्तुएं करमुक्त की गई हैं, जिनके निर्माण में विद्युत ऊर्जा का इस्तेमाल नहीं किया गया हो।
प्रदेश में 12.5 प्रतिशत कर की दर से कर दायित्व वाली जिन वस्तुओं पर अतिरिक्त कर की दर एक प्रतिशत थी उसे बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत कर दिया गया है। मंत्रिपरिषद ने जिन वस्तुओं पर अतिरिक्त कर एक प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किया है, वे हैं - एयरकंडीशनर, रेफ्रीजरेटर, मोटर वेहिकल, कास्मेटिक्स, शैम्पू, फर्नीचर, सैनिटरी गुड्स, टाइल्स, इलेक्ट्रिकल एप्लाइन्सेज, ट्रान्सफार्मर, वाटर प्योरीफायर, कैमरा तथा 10 हजार रुपए कीमत से अधिक के मोबाइल फोन्स, कुक्ड फूड सप्लीमेन्ट, कोल्डड्रिंक्स, लुब्रीकेन्ट, इण्डस्ट्रियल एलपीजी, घडि़यां, बीड़ी, एयरक्राफ्ट एवं उनके पाट्र्स, फायर फाइटिंग इक्यूपमेन्ट्स, क्रेन, बुलडोजर, मैटेªसेज, टिम्बर, आइवरी गुड्स, सीमेन्ट, मशीनरी आदि पर अतिरिक्त कर एक प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किया गया है।
उल्लेखनीय है कि गुजरात में 12.5 प्रतिशत की दर से कर देय वस्तुओं पर 2.5 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 1.5 प्रतिशत तथा आन्ध्र प्रदेश में 2 प्रतिशत की दर से अतिरिक्त कर लिया जाता है।
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अल्पसंख्यक समुदाय के कब्रिस्तानों/अन्त्येष्टि स्थलों की भूमि की सुरक्षा योजना हेतु निर्धारित दिशा-निर्देशों को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने अल्पसंख्यक समुदाय के कब्रिस्तानों/अन्त्येष्टि स्थलों की भूमि की सुरक्षा योजना हेतु निर्धारित किये गए दिशा-निर्देशों को मंजूरी दे दी है।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश मंे स्थित कब्रिस्तानों की भूमि पर अवैध कब्जों को रोकने व भूमि की सुरक्षा हेतु चहारदीवारी का निर्माण कराये जाने का निर्णय मंत्रिपरिषद की 15 मार्च, 2012 की बैठक मंे लिया गया था।
उक्त योजना को ‘अल्पसंख्यक समुदायों के कब्रिस्तानों/अन्त्येष्टि स्थलों की भूमि की सुरक्षा योजना’ नाम से संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश के विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों यथा-मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, बौद्ध, जैन एवं पारसी समुदायों के कब्रिस्तानों/अन्त्येष्टि स्थलों को शामिल किया गया है, जो पूर्ण रूप से ;मगबसनेपअमसलद्ध उनके द्वारा प्रयोग में लाया जा रहा हो। इस योजना के अन्तर्गत जिला स्तर पर कार्यान्वयन हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ‘कार्यान्वयन समिति’ का गठन किया जाएगा, जिसमें पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), सम्बन्धित तहसील के उप जिलाधिकारी या नगर मजिस्ट्रेट, सम्बन्धित परियोजना प्रबन्धक, सी0 एण्ड डी0एस0, उ0प्र0 जल निगम तथा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के साथ, जिलाधिकारी द्वारा नामित अल्पसंख्यक समुदाय के एक संभ्रान्त व्यक्ति भी सदस्य होंगे।
इस योजना के अन्तर्गत जनपदों में कब्रिस्तान/अन्त्येष्टि स्थल की चहारदीवारी का निर्माण कराये जाने हेतु सी0 एण्ड डी0एस0, उ0प्र0 जल निगम को ‘कार्यदायी संस्था’ नामित किया गया है। योजनान्तर्गत कराए जाने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा प्रभावी अनुश्रवण, जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति/जिलाधिकारी तथा अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के स्तर से सुनिश्चित किया जाएगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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साक्षर भारत महोत्सव के लिये मुख्य स्थल के रूप में उत्तर प्रदेष,लखनऊ को चुना गया है

Posted on 05 September 2012 by admin

adult-education-upस्कूली षिक्षा तथा साक्षरता विभाग, मानव संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार ने आज लखनऊ में वयस्क षिक्षा कार्यक्रम के प्रति जारूकता बढ़ाने के उद्धेष्य से एक तीन दिवसीय ;7 सितम्बर से 9 सितम्बर, 2012 तकद्ध आयोजन ‘‘साक्षर भारत महोत्सव‘ के लाॅंच की घोशणा की। यह महोत्सव हाल ही में लाॅंच किये गये साक्षर भारत अभियान का अभिन्न हिस्सा है। साक्षर भारत अभियान भारत सरकार के नव-निर्मित वयस्क षिक्षा कार्यक्रम के लिये चलाया गया एक 360° एकीकृत जन जागरूकता अभियान है। यह अनूठा अभियान चार महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल करने उद्धेष्य से तैयार किया गया हैः
ऽ    निरक्षर वयस्कों में मूलभूत स्तर पर साक्षरता के लिये ज़बर्दस्त माॅंग पैदा करना
ऽ    साक्षरता, षिक्षा एवं सषक्तिकरण के संदेष को फैलाना
ऽ    इस कार्यक्रम को समर्थन प्रदान करने हेतु षेयरधारक तथा सहयोगी जुटाना
ऽ    वयस्क षिक्षा को एक सामाजिक मिषन बनाते हुये इसे अहम् स्थान दिलाना
इस संध्या की अध्यक्षता श्री राम गोविंद चैधरी, मौलिक षिक्षा तथा बाल विकास एवं पोशण मंत्री, उत्तर प्रदेष सरकार द्वारा श्री जगमोहन सिंह राजू, संयुक्त सचिव एवं महानिदेषक, राश्ट्रीय साक्षरता मिषन प्राधिकरण, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार और श्री सुनील कुमार, प्रधान सचिव, मौलिक षिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेष सरकार की उपस्थिति में की गई।
जगमोहन सिंह राजू, संयुक्त सचिव एवं महानिदेषक, राश्ट्रीय साक्षरता मिषन प्राधिकरण, ने कहा, ‘‘साक्षर भारत  सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्धेष्य युवाओं तथा हर परिवार की मेरुदण्ड - स्त्री को सषक्त बनाकर भारत का चिरस्थायी विकास हासिल करना है। साक्षर भारत अभियान वयस्क षिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्धेष्य से टीवी विज्ञापन, लोक नाट्यषाला, सांस्कृतिक प्रदर्षन, गेम षो तथा काल्पनिक धारावाहिकों जैसे संस्कृति तथा मनोरंजन के हर उपकरण को उपयोग में लायेगा।’’
महोत्सव के विशय में आगे बात करते हुये श्री जगमोहन सिंह राजू ने कहा, ‘‘साक्षर भारत महोत्सव के लिये मुख्य स्थल के रूप में उत्तर प्रदेष ;लखनऊद्ध को चुना गया है, क्योंकि इसमें 66 साक्षर भारत जिले हैं, जो कि देष के किसी भी अन्य राज्य से अधिक हैं। साथ ही, यह ऐसा राज्य है, जिसमें लगभग 2 करोड़ ग़ैर-स्वयंसेवी हैं। राश्ट्रीय साक्षरता मिषन प्राधिकरण में हम साक्षरता के लिये एक अनुकूल वातावरण पैदा करने और युवाओं तथा महिलाओं को वयस्क षिक्षा कार्यक्रम अपनाने के लिये उत्साहित करने का भरसक प्रयास करेंगे।’’
7 सितम्बर से अम्बेडकर स्टेडियम में षुरु हो रहे इस महोत्सव के लिये राश्ट्रीय साक्षरता मिषन प्राधिकरण ने बहुत ही दिलचस्प और अभिप्रेरक कार्यक्रम तैयार किये हैं। महोत्सव की षुरुआत के साथ ही कृति प्रदर्षनी का उद्घाटन किया जायेगा, जिसमें नये-नये साक्षर हुये लोगों द्वारा तैयार किये गये हस्तषिल्प उत्पाद प्रदर्षित किये जायेंगे। इसके बाद उत्तर प्रदेष के सम्मिलित विकास में साक्षरता की केंद्रीयता पर विचारोत्तेजक पैनल चर्चा होगी। षिक्षित महिलायें समाज की ताकत कई गुना बढ़ा देती हैं, इस संदेष पर ज़ोर देते हुये राश्ट्रीय साक्षरता मिषन प्राधिकरण अन्तर्राश्ट्रीय साक्षरता दिवस की पूर्व संध्या पर एक रैली - बहू पढ़ेगी, पढ़ायेगी - का आयोजन करेगा, जिसका नेतृत्व श्रीमती डिंपल यादव द्वारा किया जायेगा। चर्चा में विस्तार से महिलाओं के लिये षिक्षा के महत्व पर चर्चा की जायेगी, जिसकी एंकरिंग सुश्री नीलम षर्मा द्वारा की जायेगी। अध्ययन में मनोरंजन का पुट डालने के उद्धेष्य से सिद्धार्थ बासु की टीम ने नये-नये साक्षर हुये लोगों के साथ षिक्षा का सूरज नाम का एक गेम षो तैयार किया है, जो रोषन अब्बास तथा मिनी माथुर द्वारा होस्ट किया जायेगा।
श्री राम गोविंद चैधरी, मौलिक षिक्षा तथा बाल विकास एवं पोशण मंत्री, उत्तर प्रदेष सरकार  ने कहा, ‘‘हमें इस बात की बेहद खुषी है कि राश्ट्रीय साक्षरता मिषन प्राधिकरण ने साक्षर भारत महोत्सव मनाने के लिये लखनऊ को चुना, क्योंकि राज्य में साक्षरता की दर निरन्तर बढ़ती जा रही है। वर्श 2011 की जनगणना के अनुसार, उत्तर प्रदेष में साक्षरता की दर 69.72 प्रतिषत दर्ज की गई, जिसमें पुरुश तथा स्त्रियों की साक्षरता दर क्रमषः 79.24 प्रतिषत तथा 59.26 प्रतिषत थी।‘‘
इस अवसर पर राश्ट्रीय साक्षरता गान जारी किया गया, जिसके खूबसूरत बोल बाॅलीवुड के मषहूर गीतकार जावेद अख़्तर द्वारा लिखे गये हैं। इस गान को स्वर सोनू निगम तथा अलका याज्ञिक ने दिया है और इसे संगीतबद्ध किया है ललित पंडित ने। साक्षरता गान के वीडियो में षाहरुख़ खा़न, करीना कपूर, फ़रहान अख़्तर, प्रियंका चोपड़ा इत्यादि जैसे बाॅलीवुड के कई जाने-माने चेहरे हैं। इस गान की रिंगटोन भी आज लखनऊ में जारी की गई। इस गान का वीडियो यूट्यूब http://www.youtube.com/watch?v=YQlKBuuM1Rg पर उपलब्ध है।
साक्षर भारत की परिकल्पना युवाओं तथा महिलाओं के सषक्तिकरण के लिये एक मिषन के रूप में की गई है, जिसका केंद्र महिलायें हैं। साक्षरता कार्यक्रम को पुनः डिज़ाइन किया गया है और अब इसके तहत चार प्रमुख कार्यक्रम आते हैंः
ऽ    मौलिक षिक्षा - औपचारिक षिक्षा की तीसरी कक्षा के स्तर की योग्यता के बराबर क्रियात्मक साक्षरता प्रदान करने हेतु डिज़ाइन किया गया कार्यक्रम
ऽ    समकक्षता - यह कार्यक्रम हर उस वयस्क को षिक्षा प्राप्त करने का एक दूसरा मौका देता है, जिसे किसी वजह से स्कूल छोड़ना पड़ा हो
ऽ    व्यवसायिक अध्ययन - इसके तहत लोगों को कोई हुनर सिखाया जाता है, जिसके ज़रिये वे अपनी आजीविका अर्जित कर सकें, कहीं रोज़ग़ार प्राप्त कर सकें अथवा अपना ख़ुद का कोई रोज़ग़ार षुरु कर सकें
ऽ    सतत् षिक्षा कार्यक्रम - यह कार्यक्रम गाॅंव में अध्ययन के लिये सहायक वातावरण पैदा करने का एक प्रयास है
साक्षर भारत 15 वर्श से अधिक आयु वाले सभी वयस्कों को कवर करता है और विगत 30 महीनों के दौरान यह लगभग 2 करोड़ वयस्कों का मूल्याॅंकन कर साक्षरता में उनकी योग्यता के लिये उन्हें प्रमाण-पत्र जारी कर चुका है - यह इस कार्यक्रम की एक अनूठी नई विषेशता है। इसके लिये कड़ी पर्यवेक्षण तथा मूल्याॅंकन प्रणालियाॅं संस्थापित की गई हैं और इस अभियान के लिये बजट संबंधी समर्थन काफ़ी बढ़ा दिया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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सरकार गरीब किसानों का भविष्य सुधारने को संकल्पित है

Posted on 04 September 2012 by admin

up-cm-akhilesh-yadav-in-mahapanchayatमुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज यहां कहा कि प्रदेश सरकार गरीब किसानों का भविष्य सुधारने को संकल्पित है। किसान भाइयों के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएगी। दुग्ध उत्पादक भी किसान है। इसलिए दुग्ध उत्पादकों को भी ब्याजरहित ऋण दिए जाने की व्यवस्था की जायेगी। उन्होने कहा प्रदेश में कृषि विकास दर 2Û3 प्रतिशत है जबकि दुग्ध उत्पादन की विकास दर 12-14 प्रतिशत है।
श्री अखिलेश यादव आज राजकीय पशुधन प्रक्षेत्र चक गंजरिया, सुल्तानपुर रोड, लखनऊ पर आधुनिक तकनीक पर आधारित डेयरी प्लांट के शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर स्वास्थ्यमंत्री श्री अहमद हसन, पशुधन मंत्री श्री पारसनाथ यादव, राज्यमंत्री दुग्ध विकास श्री राममूर्ति वर्मा, प्रदेश प्रवक्ता श्री राजेन्द्र चैधरी तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पिछली सरकार में प्रशासकीयतंत्र बर्बाद हो गया था। प्रदेश में भ्रष्ट सरकार थी जिसे हटाकर लोकतांत्रिक सरकार बनी है। सरकार की नई सोच के कारण नई दिशा से विकास हो रहा है। उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश 21 करोड़ की आबादी का प्रदेश है और यह एक बड़ी राजनीतिक ताकत हैं। प्रदेश में विकास की बहुत सम्भावनाएं हैं। प्रदेश में फसल और दूध की अर्थव्यवस्था घाटे की रही है। इसे सुधारने की जरूरत है।
श्री यादव ने कहा कि चुनाव घोषणा पत्र के वायदे पूरे करने को सरकार कृत संकल्प है। इसे ईमानदारी से लागू किया जाएगा। बिजली संकट पुरानी सरकार से विरासत में मिला है। राज्य सरकार किसानों को 16 घंटे बिजली देगी। बेरोजगारी के शिकार नौजवानों को बेकारी भत्ता, कन्या विद्याधन 12वीं पास छात्राओं को दिया जा रहा है। किसानों की फसल का बीमा होगा और आपदाग्रस्त किसान के परिवारीजनों को मदद मिलेगी। सीमांत किसानों को वृद्धावस्था पेंशन दी जाएगी।
parag-dairy-farm-up-cm-akhilesh-yadav-speechशिलान्यास के अवसर पर साॅसद श्रीमती सुशीला सरोज, विधायक, श्री शारदा प्रताप शुक्ल, श्रीमती चन्द्रा रावत, श्री इंदल रावत एवं अशोक यादव तथा मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी सहित प्रमुखसचिव श्री वी0पी0 नीलरत्न, श्री राकेश गर्ग, श्री आलोक रंजन, एपीसी तथा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि  इस डेयरी प्लंाट के शिलान्यास के साथ श्वेत क्रांति का एक नया युग प्रदेश में प्रारम्भ हो गया है। डेयरी और पशुपालन के विकास से दुग्ध व्यवसाय में लगे 70 प्रतिशत किसान जो लघु, सीमांत व भूमिहीन है, लाभान्वित होगें। उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। पशुओं की नस्ल में सुधार होगा। ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन होगा। किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने डेयरी तथा पश्ुापालन को लघु उद्योग के रूप में विकसित करने की विशेष योजना बनाने का निर्देश दिया है। इटावा जनपद के सैफई क्षेत्र में भी डेयरी प्लांट का षीघ्र संचालन होगा। लखनऊ में आधुनिक तकनीक पर आधारित 5Û0 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता का डेयरी प्लांट बनेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा समाजवादी पार्टी का लक्ष्य गांवो और किसानों का विकास करना है। अर्थव्यवस्था को आर्थिक आत्म निर्भर बनाया जाएगा। इस तरह श्री मुलायम सिंह यादव के सपनों को पूरा करने की ओर मुख्यमंत्री जी अग्रसर है।
बाद में एक अन्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने मोती महल लान, लखनऊ में आयोजित व्यापारी महापंचायत में आज घोषणा की कि प्रदेश में व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। इंस्पेक्टर राज को हाबी नहीं होने दिया जाएगा। उनकी समस्याओं का समाधान होगा। बिजली संकट दूर किया जाएगा। योजनाओं का पैसा व्यापारियों के पास जाएगा।
श्री यादव ने मुख्य अतिथि के पद से बोलते हुए कहा कि चुनावों में व्यापारियों ने बहुत सहयोग किया। बसपा सरकार ने विकास को रोका था। उन्होने कहा कि समाजवादी पार्टी डा0 लोहिया के आदर्शो पर चल रही है। हम छोटे कारोबारियों को बचाने के लिए एफडीआई का विरोध कर रहे हैं। व्यापार के लिए अच्छा माहौल देने के लिए कानून व्यवस्था को सुधार कर ही हम दम लेगें।
व्यापारी प्रतिनिधियों ने कहा कि हम सब मुख्यमंत्री जी के साथ है। उन्होने व्यापारियों का उत्पीड़न रोकने, पुराने फर्जी केस वापस लेने, व्यापारी आपदा कोष बनाने, दुर्घटना बीमा योजना की राशि में वृद्धि करने तथा सरल व सुविधाजनक कराधान की मांग की।
इस अवसर पर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संदीप बंसल, प्रोटोकाल मंत्री श्री अभिषेक मिश्रा, समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता श्री राजेन्द्र चैधरी, विधायक श्री रविदास मेहरोत्रा, श्री पवन पाण्डेय एवं श्री जावेद आब्दी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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सरकार एफडीआई के पक्ष में इसीलिए नहीं है क्योंकि इससे छोटे व्यापारियों का नुकसान होगा

Posted on 04 September 2012 by admin

up-cm-akhilesh-yadav-in-mahapanchayat-speechमुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी सरकार एफडीआई के पक्ष में इसीलिए नहीं है क्योंकि इससे छोटे व्यापारियों का नुकसान होगा। जब तक व्यापारियों की राय नहीं बनेगी तब तक इस प्रकार का कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले की समाजवादी पार्टी की सरकार ने ही वैट नहीं लगने दिया था। व्यापारियों को सुविधा देने के उद्देश्य से प्रदेश से चुंगी को भी सपा की सरकार ने ही समाप्त किया।
up-cm-akhilesh-yadav-in-mahapanchayat-1मुख्यमंत्री आज व्यापारी दिवस के अवसर पर यहां मोती महल लाॅन में आयोजित व्यापारी महापंचायत को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को सीधी मदद पहुंचाने वाले फैसले किए जाएंगे। व्यापारी दुर्घटना बीमे की राशि 4-5 लाख रुपए कर दी जाएगी। जनवरी 2013 के पहले हफ्ते तक वाणिज्य कर जमा करने तथा इससे सम्बन्धित सभी कार्य आॅनलाइन कर दिए जाएंगे ताकि व्यापारियों को भाग दौड़ न करनी पड़े। उन्होंने कहा कि इन्ट्री टैक्स को समाप्त करने के बारे में भी परीक्षण कर फैसला किया जाएगा। श्री यादव ने कहा कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में, किसी भी प्रकार का व्यापारी उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। व्यापारियों का उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार व्यापारियों के हितों के प्रति सजग है क्योंकि राज्य की खुशहाली में व्यापारियों का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि 03 सितम्बर को सरकारी स्तर पर ‘व्यापारी दिवस’ घोषित करने के लिए भी परीक्षण कराया जाएगा। श्री यादव ने प्रदेश भर से आए व्यापारियों को आश्वस्त किया कि उन्हें बहुत जल्दी ही समुचित बिजली मिलने लगेगी। छोटे शहरों से लेकर टाउन एरिया तथा जहां-जहां भी उद्योग-धन्धों के लिए जितनी बिजली की आवश्यकता होगी उतनी मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए उनकी सरकार बहुत बड़े पैमाने पर सुधार कार्यक्रम चला रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की बदौलत बिजली की समुचित आपूर्ति नहीं हो पा रही है और अभी भी जगह-जगह ट्रान्सफार्मर फुंकने की घटनाएं इसीलिए हो रही हैं। व्यापारी महापंचायत में पूरे प्रदेश से आए हुए व्यापार मंडल के पदाधिकारियों तथा व्यापारियों का मुख्यमंत्री ने सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। इस अवसर पर राज्य मंत्री प्रोटोकाॅल श्री अभिषेक मिश्रा तथा बड़ी संख्या में व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष श्री सन्दीप बंसल तथा अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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घोटालों के गुरुघंटालों और मंहगाई माफियाओं की सरकार ने देष को आर्थिक संकट में झोंक दिया है

Posted on 03 September 2012 by admin

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि ‘‘भ्रष्टाचार की हिस्ट्रीषीटर पार्टी कांग्रेस’’ अब ‘‘घोटलों की बहुराष्ट्रीय कम्पनी,, बन गई है। जिसकी चेयरमैन श्रीमती सोनिया गांधी और सी0ई0ओ0 श्री मनमोहन सिंह हैं।

up-bjp-mukhataar-abbas-nakvi-varanasi-1श्री नकवी ने कहा कि केन्द्र की ‘‘घोटालों के गुरुघंटालों और मंहगाई माफियाओं  की सरकार ने देष को आर्थिक संकट में झोंक दिया है। ‘‘आर्थिक उदारवाद,, के नाम पर सत्ता में आई कांग्रेस-यू0पी0ए0 ने देष को ‘‘आर्थिक उधारवाद,, के रास्ते पर खडा़ कर दिया है। आज घोटालों-भ्रष्टाचार का नतीजा है कि देष मंहगाई, बेरोजगारी की भीषण परेषानी झेल रहा है। देष कर्ज के बोझ से पूरी तरह दब चुका है।

श्री नकवी ने आज यहां ‘‘कोयला घोटाले,, के खिलाफ भाजपा के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोयले के कुंए से कांग्रेसी, करप्षन के इतने कंकाल निकल रहे है कि सरकार और कांग्रेस उसे देख कर डर और बौखला गई है। भ्रष्टाचार की इस बहुराष्ट्रीय कम्पनी के खिलाफ लोगों का आक्रोष चरम पर है। भाजपा की नैतिक, राजनैतिक, संवैधानिक जिम्मेदारी है कि घोटालों की इस बहुराष्ट्रीय कम्पनी के भ्रष्टाचार उद्योग पर ताला लगवाएं।

श्री नकवी ने कहा कि भारतीय संसद का काम ठप्प है, मुद्दा है 186 हजार करोड़ के कोयले घोटाले का, सी0ए0जी0 रिपोर्ट ने प्रधानमंत्री के आधीन रहे कोयला मंत्रालय में बड़े पैमाने पर गड़बडी-लूट की बात कही है। इसे लेकर भाजपा ने प्रधानमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग उठाई। सरकार ने इस मांग को तुरन्त खारिज ही नहीं किया बल्कि सी0ए0जी0 रिपोर्ट आने के एक घंटे के अन्दर उसे ‘‘बकवास,, भी करार दिया, कांग्रेस, उसकी सरकार के मंत्रियों ने एक साथ संवैधानिक संस्था सी0ए0जी0, भाजपा और विपक्ष की कई राज्य सरकारों पर हल्ला बोल दिया, और कहा घोटाला केन्द्र सरकार ने नहीं किया है बल्कि विपक्ष और उनकी राज्य सरकारों ने किया है। और सी0ए0जी0 रिपोर्ट से राजनैतिक पूर्वाग्रह  है।
श्री नकवी ने कहा कि आज देष का संसदीय इतिहास एक बडे राजनैतिक संकट से दो चार हो रहा है, ऐसी स्थिति देष में कभी नहीं आई, सदन का पटल प्रबन्धन एवं विपक्ष से संवाद सरकार की जिम्मेदारी होती है, पर सरकार के मंत्री सदन के भीतर विपक्ष की तरह शोर शराबा करते दिख रहे हैं, यू0पी0ए0 की मुखिया सत्तापक्ष को हंगामा करने के लिए उकसा और प्रोत्साहित करती दिखती हैं। मुख्य विपक्षी पार्टी को ‘ब्लैक मेलर, कह रही है। प्रधानमंत्री कह रहे हैं चाहे जो कर लो इस्तीफा नहीं देंगे, नैतिक जिम्मेदारी नहीं लेंगें, यह अहंकार की पराकाष्ठा है।

श्री नकवी ने कहा कि कोयला घोटाला, संवैधानिक संस्था सी0ए0जी0 के रिपोर्ट के बाद सामने आया है। जिसमें 1 लाख 86 हजार करोड़ के घोटाले, की बात कही गई है। कांग्रेस नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार ने 2004 से 2009 के बीच देढ़ सौ बडी कोयला खदानों का आवंटन कर डालता, चार वर्षो में 150 से ज्यादा बडी कोयला खदानों का सभी नियमों, कानूनों को ताक पर रख कर किया गया आवटंन। जिसकी वजह से 1 लाख 86 हजार करोड़़ के घोटाले की बात कही जा रही है। सरकार से सम्बन्धित मंत्रियों, के सगे सम्बन्धियों औद्योगिक घरानों को कोयले की खदानों का जमीदार, बनाया गया।

श्री नकवी ने कहा कि सरकार तर्क यह दे रही है कि खदानों से खनन हुआ ही नही ंतो घोटाला या घाटा कैसे, यह तर्क वैसा ही है जैसे ‘‘कोई व्यक्ति सस्ते दामों में कोई जमीन खरीद ले और 10 साल बाद तर्क दे कि हमने इस जमीन पर मकान नहीं बनवाया तो इसकी कीमत कैसे बढ़ सकती है’’ या कोई व्यक्ति यह कहे कि ‘‘उसने बीस साल पहले जिस दाम में सोना खरीदा था, उसका दाम कैसे बढ़ सकता है, जब उसने उसका गहना ही नहीं बनवाया।’’ सिर्फ यही नहीं सरकार के इस तर्क ने एक नया सवाल खड़ा कर दिया है कि क्यों कोल माफियाओं, औद्योगिक घरानों ने कोयला खदानों से कोयला नहीं निकाला, जिसके चलते कोयले की जरुरतों को पूरा करने के लिए 20 गुने दामों में सरकार और निजि कम्पनियों को विदेषों से कोयले का आयात करना पड़ा, यानि दोहरी मार, जमाखोरी और काला बाजारी का अपराध भी इस ‘‘कोयला घोटाले,, से जुड़ गया है। कोयले का अपार भण्डार होने के बावजूद बीस गुने दामों पर विदेषों से कोयला खरीद हुई। जिसके चलते चैतरफा मंहगाई बढी, और अर्थव्यवस्था चैपट हुई। डालर मालामाल और रुपया कंगाल हुआ।

श्री नकवी ने कहा कि इन सबके बावजूद सरकार किसी तरह की गलती और नैतिक जिम्मेदारी का एहसास नहीं कर रही है और ‘‘चोरी और सीना जोरी,, के सिद्धान्त पर चल रही है। मजे की बात यह है कि सरकार की मुखिया, विपक्ष से पूरी ताकत से लडने का आवहान कर रही है, अच्छा होता कि वह ऐसा आवहान मंहगाई, भ्रष्टाचार-घोटालों, आतंकवाद से लड़ने के लिए अपनी सरकार और कांग्रेस से करती तो सरकार के चेहरे पर पुती कोयले की कालिख कुछ कम होती।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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विकास के लिए निजी क्षेत्र के सहयोग की अपेक्षा

Posted on 31 August 2012 by admin

u-cm-with-global-invester-meetउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में विकास के लिए निजी क्षेत्र के सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा है कि यहां पर निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतर कर ही विकास का रास्ता तय किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने के बाद की सीमित अवधि में विकास के एजेण्डे को तय कर दिया है, जिस पर समयबद्ध कार्यवाई सुनिश्चित की जा रही है और इसके परिणाम भी दिखाई पड़ने लगे हैं।
मुख्यमंत्री आज यहां शास्त्री भवन में ग्लोबल इन्वेस्टर्स कान्फ्रेन्स के प्रतिनिधिमण्डल को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमण्डल को आश्वस्त किया कि निवेश के क्षेत्र में आने वाली दिक्कतों को दूर करने का हर सम्भव प्रयास प्रदेश सरकार द्वारा किया जायेगा। प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों द्वारा प्रदेश के विकास के लिए ऊर्जा एवं अवस्थापना के क्षेत्र में निवेश किए जाने की इच्छा जताई गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में बिजली, सड़क, उद्योग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी आदि क्षेत्र शामिल हैं, जिनके सुधार एवं विकास पर कार्य किया जा रहा है। ऊर्जा के क्षेत्र में सुधारों की चर्चा करते हुए उन्होंनेे कहा कि लगभग 1500 मेगावाॅट विद्युत उत्पादन की परियोजनाएं निर्माण के दौर में हैं, जिनका लाभ हमें लगभग एक वर्ष में मिलने लगेगा। उन्होंने कहा कि ओबरा, हरदुआगंज और पनकी पाॅवर प्लाण्ट से भी विद्युत उत्पादन बढ़ाये जाने का कार्य प्रगति पर है। प्लाण्ट लोड फैक्टर को बढ़ाने के साथ-साथ विद्युत वितरण को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। पी0पी0पी0 मोड के आधार पर हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी के क्षेत्र में भी छोटी परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही सौर ऊर्जा के उत्पादन पर भी ध्यान केन्द्रित किया गया है।
श्री यादव ने सड़क नेटवर्क को विकास का आधार बताते हुए कहा कि आगरा-लखनऊ हाईवे की परियोजना के साथ-साथ 26 मुख्य सड़कों को चैड़ा करने तथा उनके किनारे औद्योगिक क्लस्टर्स बनाए जाने पर भी कार्यवाई की जा रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं के लिए पी0पी0पी0 आधार पर ट्रामा सेन्टर, सर्विस डिलीवरी सिस्टम, मोबाइल यूनिट्स, मेडिकल इमरजेन्सी तथा डायग्नोस्टिक सेन्टर आदि की स्थापना किए जाने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी नीति को शीघ्र लागू किया जायेगा। लखनऊ के निकट आई0टी0 सिटी बनाये जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि कक्षा दस पास छात्रों को टैबलेट एवं बारहवीं पास छात्रों को लैपटाॅप वितरण से प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व क्रान्ति होगी। ग्रेटर नोएडा में इण्डस्ट्रीयल हब बनाए जाने का भी कार्य प्रगति में है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण किसानों की सहमति से उचित मुआवजे के आधार पर किया जायेगा। उन्होंने कहा कि निर्माण एवं रोजगार के क्षेत्र में भी ध्यान केन्द्रित किया गया है, जिससे प्रदेश की विकास दर बढ़ेगी।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष राज्य योजना आयोग श्री एन0सी0 बाजपेयी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, औद्योगिक एवं अवस्थापना विकास आयुक्त श्री अनिल कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री संजय अग्रवाल, सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक कुमार, प्रबन्ध निदेशक विद्युत उत्पादन निगम श्री धीरज साहू, परामर्शी मुख्यमंत्री श्री आमोद कुमार समेत ग्लोबल इन्वेस्टर्स कांफ्रेन्स के सहसंस्थापक श्री रामदेव अग्रवाल एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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