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गोरखपुर में 500 बेड के वार्ड की स्थापना के अलावा एम0आर0आई0 की व्यवस्था भी की जाएगी

Posted on 01 November 2012 by admin

100_7375उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर क्षेत्र में जापानी इंस्फेलाइटिस (जे0ई0) से प्रभावित लोगों के उपचार के लिए बाबा राघवदास मेडिकल काॅलेज (बी0आर0डी0) गोरखपुर में 500 बेड के वार्ड की स्थापना के अलावा एम0आर0आई0 की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने जे0ई0 से मृत्यु होने पर मृतक आश्रित को 50 हजार रुपये दिए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि जे0ई0 से विकलांगता की स्थिति में बच्चे को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिसमें 50 हजार रुपये तुरन्त नगद तथा शेष 50 हजार रुपये उसके खाते में जमा कराये जाएंगे जो उसकी शिक्षा एवं चिकित्सा आदि पर खर्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री गोरखपुर में मदन मोहन मालवीय (एम0एम0एम0) इंजीनियरिंग काॅलेज के स्वर्ण जयन्ती समारोह एवं एल्युमनाई कन्वेंशन-2012 में मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने इंजीनियरिंग काॅलेज की 1998 से रूकी ग्रान्ट पर विचार करने का आश्वासन दिया और कहा कि इस इंजीनियरिंग काॅलेज का उच्चीकरण आई0आई0टी0 रूड़की की तर्ज पर कराया जाएगा। श्री यादव ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ जिसके कारण बेरोजगारों को नौकरी नहीं मिली और बेरोजगारी में वृद्धि हुई।  100_7380उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने नई औद्योगिक नीति लागू की है, जिसमें उद्यमियों को तमाम सुविधाएं देने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में उद्योग की स्थापना से बेरोजगारों को रोजगार के नए अवसर सुलभ होंगे। उन्होेंने बताया कि आर्थिक संसाधनों की कमी के बावजूद, घोषणा पत्र में किए गए सभी वायदों को पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने हेतु कन्या विद्याधन योजना संचालित की जा रही है। अल्पसंख्यक परिवारों की कक्षा 10 उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को शिक्षा अथवा विवाह हेतु आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जा रही है। कक्षा 10 उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को टैबलेट तथा 12वीं पास करने वाले छात्र-छात्राओें को लैपटाॅप उपलब्ध कराये जाएंगे। उन्होंने बताया कि गरीब किसानों के कर्ज को माफ करने एवं किसानों को मुफ्त सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है। उन्होंने इंजीनियरों को विकास कार्याें में अपनी प्रतिभा दिखाने का आह्वान करते हुए कहा कि इस काॅलेज से पढ़े ए0पी0 मिश्र को इस अपेक्षा के साथ पाॅवर कारपोरेशन का प्रबन्ध निदेशक बनाया गया है कि वे विद्युत क्षेत्र का विकास करेंगे।
श्री यादव ने इंजीनियरिंग काॅलेज के स्वर्ण जयन्ती द्वार का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्हांेने वर्ष 2012 में इंजीनियरिंग में टाॅप करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डे, होमगार्ड मंत्री ब्रहमा शंकर त्रिपाठी, प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा
डाॅ0 आर0सी0 श्रीवास्तव एवं अन्य अधिकारी तथा इंजीनियरिंग काॅलेज के शिक्षक, छात्र एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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शोक संतप्त परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की

Posted on 30 October 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कैबिनेट मंत्री कामेश्वर उपाध्याय के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शान्ति की कामना करते हुए स्व0 श्री उपाध्याय के शोक संतप्त परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की है।

kameshwar-upadhyay2(उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 30 अक्टूबर, 2012 को विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय में कैबिनेट मंत्री स्व0 श्री कामेश्वर उपाध्याय के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र चढ़ाते हुए।)

मुख्यमंत्री ने स्व0 श्री उपाध्याय को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा गरीबों, किसानों, मजदूरों, पिछड़ों, अल्पसंख्यक व मुस्लिमों तथा दलितों सहित समाज के सभी कमजोर वर्गों के हितों के लिए संघर्ष किया। स्व0 कामेश्वर उपाध्याय ने संगठन व सरकार में सौंपे गए सभी दायित्वों का बखूबी निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि स्व0 श्री उपाध्याय के अधूरे कार्यों और सपनों को पूरा करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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सरकार राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों तक सूचना प्रौद्योगिकी क्रान्ति लाना चाहती है

Posted on 26 October 2012 by admin

नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में केन्द्रीय दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री कपिल सिब्बल तथा उ0प्र0 के राजस्व मंत्री श्री अंबिका चैधरी की उपस्थिति में प्रदेश में नेशनल आॅप्टिकल फाइबर नेटवर्क परियोजना हेतु भारत सरकार, राज्य सरकार एवं बी0बी0एन0एल0 के अधिकारियों द्वारा त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किये गये ।
grd_1696इस अवसर पर अपने संबोधन में राजस्व मंत्री श्री अंबिका चैधरी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के ग्रामीण एवं अन्य दूरस्थ अंचलों में कम्प्यूटर व इंटरनेट पर आधारित नई संचार तकनीक से आमूल परिवर्तन लाना चाहती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार राज्य के लिए समेकित एवं सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार आई0सी0टी0 को मुख्य साधन बनाते हुए गर्वनेन्स एवं सर्विस डिलीवरी में पारदर्शिता लाकर ग्रामीण क्षेत्र की जनता का सशक्तीकरण एवं राज्य के विकास की अपनी प्रतिबद्धता को साकार कर रही है।
श्री चैधरी ने कहा कि सरकार राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों तक सूचना प्रौद्योगिकी क्रान्ति लाना चाहती है जो कि जन सामान्य की जीवनशैली एवं संस्कृति में नवीन संचार माध्यमों जैसे इंटरनेट, कम्प्यूटर आदि के समावेश पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य है, जहां इंटरमीडिएट उत्तीर्ण सभी छात्र-छात्राओं को लैपटाॅप तथा दसवीं पास सभी छात्र-छात्राओं को टेबलेट वितरित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में सुविधा मिलने के साथ-साथ उनका तकनीकी रूप से विकास भी संभव हो सके। प्रदेश में आई0टी0 उद्योगों को बढ़ावा दिये जाने के लिए राज्य सरकार द्वारा नई आई0टी0 नीति-2012 लागू की गयी है, जिसके तहत ऐसे कदम उठाये जा रहे हैं जोकि राज्य के नौजवानों को आई0टी0 क्षेत्र में रोजगार प्रदान करने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 6 जनपदों गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, सुल्तानपुर, सीतापुर, गोरखपुर एवं रायबरेली में 22 सेवायें शुरू की गई हैं तथा अब तक 56 लाख से अधिक प्रमाण-पत्र सेवायें इलेक्ट्रॅानिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा जन सामान्य को उनकी मांग के अनुसार उपलब्ध कराये जा चुके हैं जो कि देश के अन्य प्रदेशों की तुलना में सबसे अधिक है।
इसके अतिरिक्त प्रदेश में ई-गर्वनेन्स के अन्तर्गत 8 विभागों की 26 सेवाओं का शुभारम्भ भी विगत 01 अगस्त, 2012 को मुख्यमंत्री द्वारा किया जा चुका है। इस महत्वाकांक्षी योजना में स्टेट पोर्टल का उपयोग कर संपूर्ण राज्य में स्थापित जनसेवा एवं लोकवाणी केन्द्रों के माध्यम से विभिन्न विभागों की 26 सेवायें जनता को उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस योजना के तहत कुल 847011 आवेदन पत्रों के विरुद्ध 712893 प्रमाण-पत्र व सेवायें इलेक्ट्राॅनिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा नागरिकों को उपलब्ध कराये गये हैंे।
grd_1702राजस्व मंत्री ने बताया कि प्रदेश में चार आई0टी0 पार्क एवं दो आई0टी0 सिटी स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। लखनऊ में 150 एकड भूमि पर पहली आई0टी0 सिटी प्रस्तावित है। प्रदेश में ई-स्काॅलरशिप वितरण का कम्प्यूटराइजेशन योजना से प्रतिवर्ष चार करोड़ छात्रों को सीधे उनके बैंक खातों में छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में समस्त राशन कार्ड आई0सी0टी0 का उपयोग कर डिजिटाइजेशन कराया जा चुका है। इसके अलावा खतौनी का शत-प्रतिशत कम्प्यूटराइजेशन कर प्रतिवर्ष एक करोड़ से अधिक खतौनी की नकल कम्प्यूटर से जारी हो रही है। वृद्धावस्था पेंशन का कम्प्यूटराइजेशन कर प्रदेश में प्रतिवर्ष 40 लाख व्यक्तियों को सीधे उनके बैंक खातों में पेंशन उपलब्ध कराई जा रही है। मिड डे मील योजना में 1.5 लाख सरकारी स्कूलों में आई0सी0टी0 तथा इंटरैक्टिव वाॅइस रेस्पांस सिस्टम से छात्रों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता का अनुश्रवण किया जा रहा है। प्रदेश में आई0सी0टी0 का उपयोग कर शुगर केन इनफार्मेशन सिस्टम का विकास किया गया है, जिससे प्रदेश की 116 शुगर मिल तथा 30 लाख किसान एस.एम.एस. या इंटरैक्टिव वाॅइस रेस्पांस सिस्टम से समस्त जानकारी प्राप्त कर सकते है।
श्री चैधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि पूरे राज्य के प्रत्येक 51976 ग्राम पंचायतों तक आॅप्टिकल फाइबर नेटवर्क स्थापित हो जायें। प्रदेश की इस मंशा को मूर्तरूप देने के लिए केन्द्र सरकार के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया गया है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार इस परियोजना के लिए हर प्रकार का सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंनें इस अवसर पर केन्द्रीय दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री कपिल सिब्बल को प्रदेश में इस योजना का शुभारम्भ करने के लिए आमंत्रण दिया।
इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत, उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री विजय बहुगुणाा, केन्द्रीय दूरसंचार सचिव आर0 चन्द्रशेखर, केन्द्रीय इलेक्ट्राॅनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव जे0 सत्यनारायण, भारत ब्राॅडबैण्ड नेटवर्क लिमिटेड में एडमिनिस्ट्रेटर एन0 रविशंकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इससे पूर्व नेशनल आॅप्टिकल फाइबर नेटवर्क परियोजना के त्रिपक्षीय समझौते पर केन्द्रीय संयुक्त सचिव श्री पी0के0 अग्रवाल, भारत ब्राडबैण्ड नेटवर्क लिमिटेड के डायरेक्टर (प्लानिंग) श्री ए0के0भार्गव तथा उ0प्र0 के प्रमुख सचिव आई0टी0 एवं इलेक्ट्राॅनिक्स  श्री जीवेश नन्दन ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय

Posted on 26 October 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहाँ सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-

ड्राइविंग लाइसेन्स स्मार्ट कार्ड पर निर्गत करने का निर्णय
प्रदेश में सारथी साफ्टवेयर पर आधारित ड्राइविंग लाइसेन्स को स्मार्ट कार्ड पर निर्गत किया जाएगा। इससे ड्राइविंग लाइसेन्स बनवाने में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने में सहायता मिलेगी। साथ ही, परिवहन विभाग के कार्यकलापों में दक्षता तथा पारदर्शिता बढ़ेगी।
स्मार्ट कार्ड वाले ड्राइविंग लाइसेन्स के लिए आवेदक को स्वयं परिवहन कार्यालय में उपस्थित होना होगा और कम्प्यूटर पर उसके बायोमैट्रिक्स अंगूठा निशान, फोटो और डिजिटल हस्ताक्षर संरक्षित कर लिए जाएंगे। जारी होने वाले ड्राइविंग लाइसेन्स का प्रत्येक कार्यालय में डेटाबेस तैयार किया जाएगा। ऐसे लाइसेन्स निरस्त होने पर इसके पुनः किसी अन्य कार्यालय से जारी होने की संभावना नहीं रहेगी। भविष्य में इसी प्रकार राज्यों में स्टेट रजिस्टर तथा दिल्ली में नेशनल रजिस्टर तैयार किया जाएगा।
स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेन्स धारक चालक का चालान होने की स्थिति में उसके समस्त विवरण स्मार्ट कार्ड की चिप पर दर्ज किए जा सकेंगे, जो कार्यालय के कम्प्यूटर में दर्ज हो जाएंगे। ये विवरण चालक के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने में सहायक होंगे। राज्य सरकार स्मार्ट कार्ड वाले ड्राइविंग लाइसेन्स निर्गत करने की योजना के लिए एनआईसी के नियंत्रण वाली संस्था निक्सी के साथ अनुबन्ध करेगी।

पान उत्पादन प्रोत्साहन योजना लागू करने का फैसला
प्रदेश सरकार ने पान उत्पादन प्रोत्साहन योजना के लिए चालू वित्तीय वर्ष में एक करोड़ रुपए की व्यवस्था की है। इस राशि से प्रदेश के 21 जनपदों उन्नाव, रायबरेली, हरदोई, लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, ललितपुर, महोबा, बांदा, प्रतापगढ़, जौनपुर, बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़, कानपुर नगर, इलाहाबाद, अमेठी, वाराणसी, मिर्जापुर तथा सोनभद्र में पान की खेती करने वाले चयनित किसानों को अनुदान दिया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में पाला, गर्म हवा तथा ओलावृष्टि के कारण पान के बरेजों में 60 से 80 प्रतिशत तक नुकसान हुआ। पान किसानों के इस नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने यह प्रोत्साहन योजना लागू करने का फैसला किया है। इससे पान किसानों की आय में वृद्धि, पान उत्पादन में नवीन उन्नत तकनीक को प्रोत्साहन, पान की खेती के क्षेत्रफल में वृद्धि, रोग एवं कीट नियंत्रण में वैज्ञानिक जैविक तरीकों को बढ़ावा देना, ग्रेडिंग, पैकिंग, भण्डारण, परिवहन, विपणन तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ इन क्षेत्रों से पलायन को रोकना है।
योजना के मुताबिक पान की खेती के लिए 1500 वर्ग मीटर प्रति बरेजा निर्माण लागत 1,51,360 रुपए आंकी गई है। इसका 50 प्रतिशत अंश 75,680 रुपए अनुदान के रूप में दिया जाएगा तथा शेष धनराशि कृषक स्वयं वहन करेगा। योजना के तहत कुल 125 बरेजा निर्माण प्रस्तावित हैं।

राजकीय एलोपैथिक चिकित्सा महाविद्यालयों के शिक्षकों को सत्रांत लाभ दिया जाएगा
प्रदेश के राजकीय एलोपैथिक चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत प्रवक्ताओं, सहायक आचार्यों, सह आचार्यों, आचार्यों एवं प्रधानाचार्यों को अधिवर्षता आयु प्राप्त करने के पश्चात सेवानिवृत्ति में सत्रांत लाभ दिया जाएगा। यानी 1 जुलाई से 30 जून तक अधिवर्षता आयु प्राप्त करने वाले शिक्षकों को सत्रांत लाभ अनुमन्य करते हुए शैक्षिक सत्र के अंत 30 जून तक सेवा विस्तारण की सुविधा अनुमन्य कर दी गई है। ये सुविधा उन्हीं को अनुमन्य होगी, जो भारतीय चिकित्सा परिषद की संस्तुतियों के अनुसार कोई विषय नियमित रूप से पढ़ाते हैं तथा कम से कम 3 वर्ष से लगातार पद पर कार्यरत हों और उनका कार्य एवं आचरण संतोषजनक रहा हो और उनके विरुद्ध कोई विभागीय अथवा सतर्कता जांच न चल रही हो। मंत्रिपरिषद ने यह भी निर्णय लिया कि ऐसे अधिकारियों, जो अध्यापन का कार्य न कर रहे हों, उनको सेवा के अन्तिम वर्ष में अध्यापन के कार्य में बिना किसी विशेष कारण के न लगाया जाए, जिससे कि उन्हें अनायास ही 30 जून तक सेवा में बने रहने का लाभ मिल जाए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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कर्तव्य की बलिवेदी पर अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले पुलिसजनों को श्रद्धा से नमन कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी

Posted on 21 October 2012 by admin

02उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज यहां पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर कर्तव्य की बलिवेदी पर अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले पुलिसजनों को श्रद्धा से नमन कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद पुलिसजनों के परिवारों के प्रति भी अपनी हार्दिक संवेदना प्रकट करते हुए आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार उनके साथ है और उनकी हर सम्भव सहायता के लिए कृत संकल्प है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बैरकों में रह रहे पुलिस कर्मियों, जिन्हें सरकारी आवास उपलब्ध नहीं हो सका है, उन्हें मकान किराया भत्ता दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को, जिन्हें 12 रु0 प्रतिमाह की दर से वर्दी धुलाई भत्ता मिल रहा है, उसमें 10 गुना वृद्धि कर अब उन्हें 120 रु0 प्रतिमाह वर्दी धुलाई भत्ता दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महानुभावों की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिए रिजर्व पुलिस लाइन की भांति आवासीय परिसर सुरक्षा लाइन की स्थापना की जाएगी।
श्री अखिलेश यादव ने यह भी घोषणा की कि उपनिरीक्षक से निरीक्षक पद पर प्रोन्नति के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए अब 50 प्रतिशत चयन वरिष्ठता के आधार पर तथा 50 प्रतिशत चयन परीक्षा पद्धति के आधार पर किया जायेगा। उन्होंने  कहा कि मुख्य आरक्षी तथा उपनिरीक्षक के पदों के लिए विभागीय परीक्षा के अन्तर्गत 10 कि0मी0 की दौड़ के कारण कार्मिकों को पूर्व में काफी कठिनाई हुई थी तथा कुछ कार्मिकों की मृत्यु भी हो गई थी। इसके मद्देनजर इस अर्हता को कम किए जाने के सम्बन्ध में विचार किए जाने का भी उन्होंने आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रान्तीय पुलिस सेवा के सभी रिक्त पदों पर प्रोन्नति की प्रक्रिया इस वर्ष 15 नवम्बर तक पूर्ण कर दी जाएगी। साथ ही प्रान्तीय पुलिस सेवा के कैडर रिव्यू का कार्य 15 जनवरी, 2013 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। श्री यादव ने कहा भारतीय पुलिस सेवा संवर्ग में प्रान्तीय पुलिस सेवा संवर्ग का कोटा 33.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भारत सरकार को एक सप्ताह में भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस निरीक्षक के पद को राज्य की अन्य समकक्ष सेवाओं की भांति राजपत्रित घोषित करने के सम्बन्ध में इस वर्ष 15 दिसम्बर तक निर्णय ले लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पी.ए.सी. के 50 वर्ष से अधिक आयु के जवानों को ‘डिस्ट्रिक्ट आम्र्ड रिजर्व’ में स्थानांतरित करने के सम्बन्ध में भी परीक्षण किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लगभग
04104 हजार उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं 312 पी.ए.सी. के प्लाटून कमाण्डरों की सीधी भर्ती की कार्रवाई शुरु की गई है। उन्होंने बताया कि 2,842 कम्प्यूटर आॅपरेटरों की सीधी भर्ती किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
श्री यादव ने कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों की परेशानियों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है तथा 38 हजार सिपाहियों का स्थानान्तरण उनके द्वारा दिये गए विकल्प के अनुसार उनकी इच्छानुसार किया गया है, ताकि हमारे जवान और अधिक मुस्तैदी से अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि थाने स्तर पर जनता के उत्पीड़न की शिकायतें मिल रही हैं तथा उनमें यदि कमी नहीं आई तो कड़े कदम उठाने पड़ेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले दिनों में विशेषकर त्योहारों के मौके पर हमारा पुलिस प्रशासन अपने दायित्वों का पूरी मुस्तैदी से निर्वहन करेगा।
श्री यादव ने कहा कि अगले साल इलाहाबाद में होने वाले महाकुम्भ मेले में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और सैलानियों को कोई दिक्कत न हो, यह पुलिस बल के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश का पुलिस बल इस चुनौतीपूर्ण कार्य का सफलतापूर्वक सामना करेगा तथा सरकार की ओर से भी इस कार्य में संसाधनों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा आज तेजी के साथ बदलते परिवेश में अपराध की किस्में भी बदल रही हैं और इनसे पुलिस के सामने नई-नई चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं। आर्थिक अपराधों के नए तरीकों के साथ उनमें नए आयाम जुड़ रहे हैं। इण्टरनेट क्राइम, साइबर क्राइम जैसे अपराध के नए तरीके अपराधियों द्वारा खोजे जा रहे हैं। इन पर प्रभावी नियंत्रण करना तथा ऐसे अपराधों के बारे में पुलिसजन को जानकारी देना, जिससे कि वे उसकी छानबीन कर उस पर शीघ्रता से नियंत्रण पा सकें, आज विभाग की सबसे बड़ी जरूरत है।
श्री यादव ने कहा कि पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करना वर्तमान सरकार की मुख्य प्राथमिकता है और इसके लिए योजनाबद्ध ढंग से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बात पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है कि पुलिस का रिस्पांस टाइम न्यूनतम रहे और पुलिस बल किसी भी परिस्थितियों में तत्काल कार्यवाही करने में सक्षम हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है कि कानून व्यवस्था, जो पिछली सरकार के समय में पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी, मजबूत बने और अमन-चैन व साम्प्रदायिक सौहार्द बना रहे। उन्होंने कहा कि जो पुलिसकर्मी अपने दायित्वों पर खरे नहीं उतरे हैं, उनके खिलाफ हमने अविलम्ब कार्रवाई भी की है।
श्री यादव ने पुलिस की भूमिका एवं उसके कार्यों को अत्यन्त महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जनता को त्वरित न्याय दिलाने के साथ ही पुलिसजन दुर्घटना या आग लगने या बाढ़ की दैवीय आपदा से निपटने में अपनी जान की परवाह किए बिना जनता के दुख-दर्द में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की भूमिका असमाजिक तत्वों व अपराधियों के साथ अत्यन्त कठोर होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट में सबसे पहले आदमी पुलिस बल से ही मदद की उम्मीद करता है। इसलिए पुलिस को अपना महत्व समझना होगा और अपने पद की गरिमा तथा कर्तव्य का ख्याल रखते हुए तत्काल लोगों को राहत पहुंचानी होगी और जनता से सद्व्यवहार करते हुए उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। संकट के मौके पर प्रभावित लोगों के लिए पुलिस का अच्छा कार्य वरदान साबित हो सकता है।
श्री यादव ने कहा कि आम नागरिक के मानवाधिकारों के साथ ही महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा के पहलू पर भी पुलिस को विशेष ध्यान देना होगा। इन सभी बातों को ध्यान में रखकर काम करने से जनता के बीच पुलिस की विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा सरकार की छवि और बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी।
इस अवसर पर कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए पुलिस कर्मियों की विधवाओं को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।
पुलिस महानिदेशक श्री ए.सी. शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि धन्य है वह वीर पुलिसजन जो कर्तव्य पद पर शहीद हुए। उनकी वीरता व शौर्य गाथाएं जनमानस को प्रेरणा देंगी और इतिहास में अमिट छाप छोड़ जाएंगी। उन्होंने पुलिस स्मृति दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए शहीद पुलिस कर्मियों को नमन किया और कहा कि
01 सितम्बर, 2011 से 31 अगस्त, 2012 तक की अवधि में देश में कर्तव्य की वेदी पर अपने जीवन का उत्सर्ग करने वाले पुलिसजनों में उत्तर प्रदेश के 135 पुलिसजन हैं। इनमें निरीक्षक 01, उ0नि0 12, उ0नि0 (वि0श्रे0)-07, उ0नि0 (एम)-02, स0उ0नि0 (एम)-01, मुख्य आरक्षी-12, आरक्षी चालक-05 व आरक्षी-95 सम्मिलित हैं।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्रिगण, मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, प्रमुख सचिव गृह श्री आर0एम0 श्रीवास्तव सहित अनेक वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारीगण मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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ग्राम्य विकास की समीक्षा बैठक

Posted on 20 October 2012 by admin

ऽ    मनरेगा में महिलाओं की सहभागिता बढ़ायंे अधिकारी।
ऽ    गाॅव स्तर पर कैम्प लगाकर महिलाओं के जाॅब कार्ड बनायंे।
ऽ    एम0आई0एस0 फीडिंग समय से सुनिश्चित हो।
-प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास

उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री राजीव कुमार ने मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि मनरेगा के तहत महिलाओं की सहभागिता को अधिक से अधिक बढ़ाया जाय। जिन महिलाओं के पास जाॅब कार्ड नहीं हैं अधिकारी ग्राम्य स्तर पर कैम्प लगाकर उनके जाॅब कार्ड बनायंे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मेट के अलावा उनकी क्षमता के अनुसार अधिक से अधिक कार्य दंे। उन्होने कहा कि अधिकारी इस बात का भी ध्यान रखें कि महिलाओं के आवास के पास उन्हें कार्य उपलब्ध कराया जाय ताकि उनकी सहभागिता बढ़े। महिलायों को काम पर आने में कोई कठिनाई न हो। उन्होंने महिलाओं की एस0जी0एस0वाई में भी सहभागिता बढ़ाने के निर्देंष दिये।
यह निर्देंष प्रमुख सचिव ने आज यू0पी0आर0आर0डी0ए0 के सभागार में विभागीय कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारियों को दिये। उन्हांेने कहा कि एम0आई0एस0 (मैनेजिंग इन्फारमेशन सिस्टम) फीडिंग समय से सुनिश्चित करायें। एम0आईएस0 के अलावा कोई भी रिर्पोट स्वीकार नहीं की जायंेंगी। उन्होंने अधिकारियों को अगाह करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के 06 माह पूर्ण हो चुके है, अब शीघ्र अति शीघ्र मनेरगा के कार्य जमीन पर दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब औपचारिकतायें पूर्ण हो चुकी हैं अतः कार्य में तेजी लाय। अधिकारी फील्ड में जाकर कार्य की गुणवत्ता को देखें और इस ओर विशेष ध्यान दे। जहाॅ पर मौके पर कार्य नहीं हो रहा है उसमें भी तेजी लायें।

श्री राजीव कुमार ने कहा कि इन्द्रिरा आवास योजना के तहत स्थाई पात्रता सूची में बी0पी0एल0 धारकों के नाम शामिल होने चाहिए। उन्होंने  कहा कि सोशल आडिट की कार्यवाही पूर्व करने से पहले गाॅव/ब्लाॅक स्तरीय टीम का गठन कर लंे और 15 दिसम्बर से सोशल आडिट का कलेन्डर तैयार किया जाना है। इस कारण सोशन आडिल के अन्त में होने वाली ग्राम्य पंचायत की खुली बैठक में सम्बन्धित ब्लाक समन्वयक तथा जिलाधिकारी द्वारा नामित समुचित स्तर के अधिकारी परिवेक्षक के रूप में उपस्थित रहें। उन्होंने कहा कि इस निमित्त् एक शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इन्द्रिरा आवास के लाभार्थियों के खाते में पैसा समय से डालने के निर्देंष दिये। इन्द्रिरा आवासों की प्रगति से संबंधित आंकड़े तथा पूर्व से पूर्ण आवासों एंव उनके फोटों भारत सरकार की वेबसाइट ‘‘आवास साफ्ट’’ पर शत-प्रतिषत अपलोड कराने के निर्देंष दिये।
इस अवसर पर आयुक्त, ग्राम्य विकास श्री अनिल गर्ग ने मण्डल व जनपदवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि वे श्रमिकों के भुगतान सम्बन्धी प्रमाण-पत्र अवश्य बनायें। निर्गत मस्टर रोल का एम0आई0एस0 डाटा समय से सुनिश्चित करायें। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
बैठक में डा0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना, सामाजिक आर्थिक जातिगत जनगणना 2011, विधायक निधि की प्रगति, ग्रामीण पेयजल योजना कि वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की गयी। बैठक में श्री अजय कुमार उपाध्याय प्रषासनिक अधिकारी, ग्राम्य विकास के अलावा मण्डलीय संयुक्त विकास आयुक्त के अलावा विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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आगामी मार्च, 2014 तक प्रदेश के समस्त पुलिस स्टेशनों को कम्प्यूटर से जोडकर आम जनता की समस्याओं का समाधान हेतु आॅनलाइन सुविधा उपलब्ध होगी: मुख्य सचिव

Posted on 20 October 2012 by admin

  • प्रथम चरण में लखनऊ, मुरादाबाद तथा गाजीपुर जनपदों के  50 प्रतिशत पुलिस कार्यालयों को आगामी मार्च, 2013 तक नेटवर्किंग से जोड़ने के निर्देश: जावेद उस्मानी
  • मुख्य सचिव द्वारा यू0पी0 क्राइम एण्ड क्रिमनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम की समीक्षा

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, श्री जावेद उस्मानी ने बताया कि आगामी मार्च, 2014 तक प्रदेश के समस्त पुलिस स्टेशनो को कम्प्यूटर नेटवर्किंग से जोड़कर आम जनता की समस्याओं का समाधान हेतु आनलाइन सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। जिसमें 1504 पुलिस स्टेशन 105 रिपोर्टिंग पुलिस चैकियाॅ तथा वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों तथा समस्त पुलिस कार्यालयों को जोड़ा जायेगा। प्रथम चरण में लखनऊ, मुरादाबाद तथा गाजीपुर जनपदों के 50 प्रतिशत पुलिस कार्यालयों को आगामी मार्च, 2013 तक नेटवर्किंग से कार्य प्रारम्भ हो जायेगा। 330 थानों को नेटवर्किंग से जोड़ा जा चुका है। पुलिस स्टेशनों तथा कार्यालयों के विगत दस वर्षों का डाटा डिजिटाइज किया जायेगा। कम्प्यूटर नेेटवर्किंग को क्रियान्वयन कराने हेतु पुलिस विभाग के कर्मियों को प्रशिक्षण भी  दिलाया जा रहा है ताकि साफ्टवेयर का प्रयोग सभी कर्मी आसानी से कर सके।
मुख्य सचिव, श्री जावेद उस्मानी आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में क्राइम एण्ड क्रिमनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम की त्रैमासिक समीक्षा कर रहे थे। उन्हांेने कहा कि साफ्टवेयर के प्रयोग से पुलिस का कार्य त्रुटि रहित शीघ्र एवं कुशल सम्पन्न हो सकेगा। इस परियोजना मंे समस्त पुलिस के कार्यालयों को कम्प्यूटर एवं अन्य संबंधित हार्डवेयर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस साफ्टवेयर के माध्यम से आमजन को अपने शस्त्र लाइसेन्स के नवीनीकरण, पासपोर्ट, चरित्र सत्यापन आदि आवश्यकताआंे के समाधान हेतु आॅनलाइन आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक, तकनीकी सेवाएं श्री अरूण कुमार ने बताया कि प्रदेश में इस कार्य का क्रियान्वयन मैसर्स एन0आई0आई0टी0 टेक्नोलाॅजिस द्वारा कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम के लागू हो जाने से प्रदेश में किसी भी थाने में दर्ज एफ0आई0आर0 आदि पर की गई कार्यवाही की समीक्षा या प्रगति की जानकारी उच्चाधिकारियों द्वारा अपने कार्यालयों से सीधे की जा सकेगी।
बैठक में प्रमुख सचिव गृह श्री आर0एम0 श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव आई0टी0 श्री जीवेश नन्दन, पुलिस महानिदेशक श्री ए0सी0 शर्मा, एन0आई0आई0टी0 टेक्नोलाॅजिस लिमिटेड के प्रोग्राम डायरेक्टर श्री जफर रिजवी, महाप्रबन्धक, बी0एस0एन0एल0 सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव से एच0सी0एल0 के चेयरमैन श्री शिव नाडर ने 19 अक्टूबर, 2012 को 5, कालिदास मार्ग पर मुलाकात की

Posted on 20 October 2012 by admin

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मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न मंत्रिपरिषद के फैसले

Posted on 18 October 2012 by admin

ऽ    शास्त्रीय संगीत, लोक संगीत, साहित्य एवं ललित कलाओं के लिए दिए जाने वाले ‘यश भारती सम्मान’ की राशि 05 लाख से बढ़ाकर 11 लाख रुपए करने का फैसला।
ऽ    लखनऊ में आईटी सिटी की स्थापना के लिए गंजरिया फार्म की 150 एकड़ भूमि हस्तांतरित करने का निर्णय।
ऽ    उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी नीति-2012 को मंजूरी।
ऽ    गाजियाबाद में मेट्रो रेल परियोजना (द्वितीय चरण) के अंतर्गत दिलशाद गार्डेन, नई दिल्ली से नया बस अड्डा गाजियाबाद तक के प्रस्ताव को मंजूरी।
ऽ    हथकरघा बुनकरों के प्रोत्साहन तथा उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए ‘जनेश्वर मिश्र हथकरघा पुरस्कार योजना’ के तहत प्रथम पुरस्कार की राशि 25 हजार रुपए करने का निर्णय।
ऽ    प्रदेश के किसानों का होगा अब 05 लाख रुपए का बीमा। कृषक दुर्घटना बीमा योजना के लिए मार्ग निर्देशों का निर्धारण। 01 अपै्रल, 2012 से योजना प्रभावी।
ऽ    ठेका वाहन परमिट प्राप्त वाहनों के रंग निर्धारित करने का फैसला। इन वाहनों की बाॅडी को मैरून, काला या लाल रंग से रंगा जाना प्रतिबंधित।
ऽ    उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश के प्रस्ताव को मंजूरी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहाँ सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-

यश भारती पुरस्कार की राशि 05 लाख रु. से बढ़ाकर 11 लाख रु.
मंत्रिपरिषद ने शास्त्रीय संगीत, लोक संगीत, साहित्य, विज्ञान, खेल, अभिनय, निर्देशन, आलेखन, चित्रकला, मूर्तिकला, आधुनिक एवं परम्परागत नाट्य विधाएं, ललित कलाओं के विकास तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले ख्यातिलब्ध शख्सियतों को दिए जाने वाले ‘यश भारती सम्मान’ पुरस्कार की राशि 05 लाख रुपए से बढ़ाकर 11 लाख रुपए करने का निर्णय लिया है। इस पुरस्कार राशि के साथ पुरस्कृत महानुभावों को अंग वस्त्र, ताम्र पत्र/मेमेंटो भी भेंट स्वरूप प्रदान किया जाएगा।

उ.प्र. सूचना प्रौद्योगिकी नीति-2012 को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी नीति-2012 को मंजूरी प्रदान कर दी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग तथा सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित उद्योगों में निवेश को प्रोत्साहित करने एवं इन क्षेत्रों में युवाओं की निपुणता में वृद्धि एवं रोजगार क्षमता में वृद्धि के लिए यह नीति प्रख्यापित की है।
इस नीति के तहत लखनऊ एवं आगरा शहर को आईटी हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां पर आईटी सिटी एवं आईटी पार्क की स्थापना की जाएगी। इन उद्योगों को प्रोत्साहित करने हेतु इस क्षेत्र में लगने वाले सभी नए उद्योगों को 5 प्रतिशत इन्ट्रेस्ट सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसकी अधिकतम सीमा प्रति उद्योग एक करोड़ रुपए प्रतिवर्ष होगी तथा यह 5 वर्षों तक देय होगा। स्टाम्प ड्यूटी में शत-प्रतिशत छूट दी जाएगी। मूल्य संवर्धित कर (वैट) तथा केन्द्रीय वाणिज्य कर में कुछ शर्तों के अधीन इन्ट्रेस्ट फ्री लोन देकर 10 वर्षों तक प्रतिपूर्ति की जाएगी।
प्रदेश सरकार के प्राधिकरणों/एजेन्सियों से भूमि लेने पर 25 प्रतिशत छूट दी जाएगी। यदि आईटी सिटी या आईटी पार्क के लिए 3 मेगावाॅट से अधिक का कैपटिव पावर प्लाण्ट लगाया जाएगा, तो उस पर भी आईटी उद्योग की तरह सभी छूट अनुमन्य होगी। इन उद्योगों को सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे तक चलाने के लिए श्रम विभाग से विशेष अनुमति दी जाएगी। यदि इन उद्योगों द्वारा कुल उपलब्ध कराए गए रोजगार का (न्यूनतम 100) कम से कम 50 प्रतिशत उत्तर प्रदेश वासियों को लगातार 3 वर्षों तक उपलब्ध कराया जाता है, तो कर्मचारी प्राविडेण्ट फण्ड तथा राज्य कर्मचारी बीमा योजना के तहत 75 प्रतिशत धनराशि का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।
उपरोक्त के अतिरिक्त कुछ अन्य प्रोत्साहन भी नई सूचना प्रौद्योगिकी नीति में दिए गए हैं तथा प्रदेश सरकार का यह प्रयास है कि इन क्षेत्रों में निवेश उत्तर प्रदेश में आकर्षित हो। राज्य सरकार द्वारा देश के विभिन्न शहरों यथा बैंगलोर, चैन्नै आदि में रोड शो आयोजित कर निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा।

आईटी सिटी के लिए चक गंजरिया फार्म की 150 एकड़ भूमि हस्तांतरित करने का फैसला
प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के विकास के लिए हर स्तर पर किए जा रहे प्रयासों के तहत मंत्रिपरिषद ने लखनऊ में आईटी सिटी की स्थापना हेतु चक गंजरिया फार्म स्थित पशुधन विभाग की 150 एकड़ भूमि आईटी एवं इलेक्ट्राॅनिक विभाग को निशुल्क हस्तांतरित करने का फैसला लिया है। आईटी सिटी एक स्वावलम्बी नगर होगा। ‘फाइबर आॅप्टिक कनेक्टिविटी’ वाले अत्याधुनिक टेलीफोन एक्सचेंज तथा आईएसपी सुविधाओं, वृहद बैण्डविड्थ तथा वाई-फाई कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं भी इसमें मौजूद होंगी। संचार व्यवस्था के लिए डेडिकेटेड अर्थ स्टेशन के अलावा सेटेलाइट लिंक भी इसमें उपलब्ध होगा। आईटी सिटी में आईटी कम्पनियां, बीपीओे, केपीओ के साथ-साथ आवासीय सुविधाएं, जन सुविधाएं, व्यावसायिक क्षेत्र के साथ ही शिक्षा और चिकित्सा सम्बन्धी प्राविधान भी किए जाएंगे।

दिल्ली के दिलशाद गार्डेन से गाजियाबाद बस अड्डे तक  मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने गाजियाबाद नगर में मेट्रो रेल परियोजना के द्वितीय चरण के अंतर्गत दिलशाद गार्डेन नई दिल्ली से गाजियाबाद के नए बस अड्डे काॅरीडोर तक 09.41 किलोमीटर की मेट्रो रेल परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। दिलशाद गार्डेन से गाजियाबाद बस अड्डे तक 07 स्टेशन होंगे तथा इस परियोजना पर 1591 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसमें भारत सरकार 344 करोड़ रुपए, दिल्ली मेट्रो रेल काॅर्पोरेशन 256 करोड़ रुपए तथा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण तथा अन्य विभाग 991 करोड़ रुपए का निवेश करेंगे।

जनेश्वर मिश्र राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना लागू करने का फैसला
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के हथकरघा बुनकरों के विकास तथा उनके उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए मान्यवर कांशीराम राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना को जनेश्वर मिश्र राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के रूप में लागू करने तथा पुरस्कार राशि बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके अंतर्गत राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार की धनराशि 25 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार की धनराशि 21 हजार रुपए से बढ़ाकर 35 हजार रुपए तथा तृतीय पुरस्कार की धनराशि 18 हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने का निर्णय लिया गया है। पुरस्कार राशि के साथ शील्ड, प्रमाणपत्र तथा अंगवस्त्रम भी दिया जाएगा। इसी प्रकार परिक्षेत्रीय पुरस्कारों के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार की राशि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार की राशि 08 हजार रुपए से बढ़ाकर 15 हजार रुपए तथा तृतीय पुरस्कार की राशि 06 हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने का फैसला भी लिया गया है। इन पुरस्कारों के साथ शील्ड, प्रमाणपत्र व अंगवस्त्रम भी दिए जाएंगे।

उ.प्र. नगर पालिका अधिनियम 1916 में संशोधन के लिए अध्यादेश के प्रस्ताव को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने उ.प्र. नगर पालिका अधिनियम 1916 में संशोधन के लिए अध्यादेश के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके साथ ही, मंत्रिपरिषद ने राज्य विधानमण्डल के आगामी सत्र में इसे विधेयक के रूप में पुरःस्थापित कराए जाने के प्रस्ताव को भी अनुमोदित कर दिया है।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश की नगरपालिका परिषदों तथा नगर पंचायतों हेतु
उ.प्र. नगर पालिका अधिनियम, 1916 प्रभावी है। इस अधिनियम की धारा 13-घ में नगरपालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों की ‘सदस्यता के लिए अनर्हताएं’ सम्बन्धी प्राविधान किया गया है। प्रदेश के नगर निगमों हेतु प्रभावी उ.प्र. नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा 25 में ‘पार्षदों की अनर्हताएं’ तथा धारा 25-क में ‘महापौर या पार्षद होने या बने रहने के लिए विधायकों पर रोक’ विषयक प्राविधान है।
उ.प्र. नगरपालिका अधिनियम में ‘अध्यक्ष या सदस्य होने या बने रहने के लिए विधायकों पर रोक’ विषयक प्राविधान नहीं है। अतः दोनों अधिनियमों में ‘अनर्हता’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर एकसमान प्राविधान करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश, 2012 के माध्यम से उ.प्र. नगरपालिका अधिनियम, 1916 की धारा 13-घ में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई है।

कृषक दुर्घटना बीमा योजना के मार्गनिर्देशों का निर्धारण
मंत्रिपरिषद ने कृषक दुर्घटना बीमा योजना के क्रियान्वयन हेतु मार्गनिर्देशों का निर्धारण कर दिया है। प्रदेश के लगभग 2.5 करोड़ खातेदार/सहखातेदार कृषकों के लिए संचालित यह योजना 1 अप्रैल, 2012 से प्रभावी होगी।
मार्गनिर्देशों के अनुसार कृषक का तात्पर्य राजस्व अभिलेखों अर्थात खतौनी में दर्ज ऐसे खातेदार/सहखातेदार से है, जिनकी आयु न्यूनतम 12 वर्ष तथा अधिकतम 70 वर्ष हो। बीमा का अधिकतम आवरण 05 लाख रुपए होगा। बीमा के प्रीमियम की राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
बीमाधारक की मृत्यु यदि आग, बाढ़, बिजली गिरने, करेन्ट लगने, सांप के काटने एवं जीव जन्तु द्वारा काटने/मारने, नदी, तालाब, पोखर व कुएं में डूबने, मकान गिरने, वाहन दुर्घटना, डकैती, दंगा, मारपीट तथा आतंकवादी घटना आदि अप्राकृतिक कारणों अथवा किसी अन्य प्रकार की दुर्घटना से होती है तो उसे बीमा का लाभ अनुमन्य होगा। अप्राकृतिक मृत्यु के प्रकार, प्रकृति इत्यादि के सम्बन्ध में इन्श्योरेन्स बीमा कम्पनी द्वारा कोई विवाद उठाए जाने पर सम्बन्धित जिलाधिकारी का निर्णय अन्तिम एवं बाध्यकारी होगा।
इसके अलावा यदि बीमाधारक की मृत्यु आत्महत्या या गम्भीर आपराधिक कार्य करते समय होती है, तो इस दशा में बीमा का लाभ अनुमन्य न होगा। दुर्घटना के फलस्वरूप बीमा धारक को हुई शारीरिक अक्षमता के प्रति बीमा आवरण का लाभ दिया जाएगा।
मृत्यु तथा पूर्ण शारीरिक अक्षमता की स्थिति में देय बीमा धनराशि का 100 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। इसी प्रकार दोनों हाथ अथवा दोनों पैर अथवा दोनों आंखों की क्षति होने पर भी 100 प्रतिशत बीमा राशि का भुगतान किए जाने की व्यवस्था है। एक हाथ तथा एक पैर की क्षति पर भी 100 प्रतिशत बीमा राशि का भुगतान किया जाएगा। एक हाथ या एक पैर या एक आंख की क्षति होने पर या फिर पचास प्रतिशत से अधिक स्थायी अपंगता होने पर 50 प्रतिशत बीमा राशि का भुगतान किया जाएगा। पच्चीस प्रतिशत से अधिक स्थापयी अपंगता होने पर 25 प्रतिशत बीमा राशि का भुगतान किया जाएगा।
योजना के अन्तर्गत कृषकों को एक बीमा आच्छादन कार्ड दिया जाएगा, जिसमें दुर्घटना बीमा योजना का परिचय, उसकी शर्ते एवं अर्हता/प्रक्रिया के बारे में संक्षिप्त उल्लेख होगा। यह कार्ड प्रत्येक जनपद के जिलाधिकारी द्वारा अपने जनपद के समस्त खातेदारों/सहखातेदारों को उपलब्ध कराया जाएगा, जो इस बीमा योजना से आच्छादित होंगे। इस योजना से आच्छादित कृषक को किसी अन्य योजना में मिलने वाले लाभ का प्रभाव इस योजना पर नहीं पड़ेगा।

ठेका गाड़ी परमिट प्राप्त वाहन के रंग निर्धारण हेतु उ.प्र. मोटरयान नियमावली, 1998 में संशोधन का प्रस्ताव मंजूर
मंत्रिपरिषद ने ठेका गाड़ी परमिट प्राप्त वाहन के रंग निर्धारण हेतु उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली, 1998 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार ठेका गाड़ी परमिट प्राप्त वाहनों में मैरून रंग की प्रतिदीप्तिशील पट्टी (स्ट्रिप) रखी जाएगी, ताकि यह पट्टी रात में भी दिखाई दे। इन वाहनों की बाॅडी को मैरून, काला या लाल रंग से रंगा जाना प्रतिबन्धित रहेगा, ताकि वह पट्टी साफ दिखाई दे। इस पट्टी में एक वृत्त (सर्किल) रखा जाएगा, जिसमें ‘काॅन्ट्रैक्ट कैरिज’ लिखा जाएगा। इस पट्टी की चैड़ाई ऐसी होगी जो टूरिस्ट परमिट वाहन की पट्टी से मेल खाती रहे।
मोटर कैब हेतु काले और पीले रंग की व्यवस्था को नगरों में अनन्य रूप से संचालित होने वाले ठेका गाड़ी परमिट प्राप्त वाहनों तक ही सीमित रखा जाएगा। सी0एन0जी0 चालित तिपहिया ठेका गाड़ी परमिट प्राप्त वाहनों के रंग निर्धारण सम्बन्धी अधिकार राज्य परिवहन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश एवं सम्भागीय परिवहन प्राधिकरणों में निहित किया जाएगा। प्रारूप नियमावली के सम्बन्ध में आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करने की दृष्टि से सरकारी गजट में प्रकाशित कराया जाएगा।
ज्ञातव्य है कि शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया कि ठेका गाड़ी परमिट प्राप्त वाहनों और मंजिली गाड़ी परमिट प्राप्त वाहनों की सरल पहचान के लिए इनके अलग-अलग रंग कर दिए जाएं ताकि मार्ग पर संचालन के समय वाहन का रंग देखकर उसकी श्रेणी की पहचान की जा सके तथा परमिट की शर्ताें व नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर त्वरित कार्यवाही हो सके। इसके तहत प्रथम चरण में ठेका गाड़ी परमिट प्राप्त वाहनों के रंग का निर्धारण करने का निर्णय लिया गया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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उद्योगों के लिए बनी नई नीति के आधार पर लोगों को रोजगार से जोड़ा जाएगा: मुख्यमंत्री

Posted on 16 October 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उद्योगों के लिए बनी नई नीति के आधार पर लोगों को रोजगार से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्युत उत्पादन बढ़ाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई योजनाओं को शुरु किया गया है, जिसका लाभ लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बजट का पैसा गरीबों के हित में लगाने हम पक्षधर हैं।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव चित्रकूट के रामायण मेला परिसर में कन्या विद्या धन एवं बेरोजगारी भत्ता वितरण तथा ‘चलो चित्रकूट साइकिल यात्रा’ के आगमन अवसर पर उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर 660 लाभार्थियों को कन्या विद्या धन एवं 340 लाभार्थियों को बेरोजगारी भत्ते का वितरण किया गया।
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट के महत्व का वर्णन करते हुए कहा कि रामायण मेला की शुरुआत यहां से डाॅ0 राम मनोहर लोहिया द्वारा की गई। उन्होंने मानिकपुर को तहसील का दर्जा देने, राजापुर, भरतपुर से सीतापुर, देवांगना घाटी, बेड़ी पुलिया से रामघाट, कर्वी-राजापुर मार्ग पर ओवरब्रिज निर्माण, रामघाट व परिक्रमा मार्ग तथा गोस्वामी तुलसीदास जी की जन्म स्थली राजापुर का सौन्दर्यीकरण किये जाने की घोषणा की। इसके साथ ही, उन्होंने जनपद में एक राजकीय महाविद्यालय, कनपोटा ग्राम के पास पयस्विनी नदी पर पुल का निर्माण, चित्रकूट व बांदा जनपद में 25 नए नलकूपों का निर्माण, कालिंजर, बांदा, महोबा सड़क का चैड़ीकरण किए जाने से सम्बन्धित विभिन्न योजनाओं की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि चित्रकूट में यदि और नलकूपों की आवश्यकता होगी, तो व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। रामायण मेले को राष्ट्रीय रामायण मेला घोषित करते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि जनपद में 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
श्री यादव ने कहा कि कन्या विद्या धन व बेरोजगारी भत्ता वितरण का कार्यक्रम पूरे प्रदेश में लगातार चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव घोषणा पत्र में किये गए वायदों को निरन्तर पूरा किया जा रहा है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि उद्योगों के प्रति अभी तक कोई नीति नहीं रही। पिछली सरकार ने इस दिशा में कोई कार्य भी नहीं किया, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कन्या विद्या धन योजना के संचालित होने से लड़कियां पढ़ेंगी, इससे दो परिवार लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि मैं यहां पर चिन्तन शिविर में आया था और तब संकल्प लिया गया था कि समाजवाद के रास्ते से चलकर इस प्रदेश की सरकार बनाएंगे और नौजवानों के सक्रिय योगदान से सरकार बहुमत से बनी।
प्रदेश में पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा देने के सन्दर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी नीतियों से प्रभावित होकर उद्योगपति प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए आगे आ रहे हैं, जबकि पिछली सरकार में ये लोग डरते थे। उन्होंने कहा कि चित्रकूट में भी होटल इण्डस्ट्री को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर श्री यादव ने ‘चलो चित्रकूट साइकिल यात्रा’ के आगमन का स्वागत किया, जिसमें सुदूर क्षेत्रों से आए लोग शामिल थे।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने जगतगुरू राम भद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय में सेन्ट्रल लाइब्रेरी का शिलान्यास किया तथा विश्वविद्यालय के विकलांग छात्र गौकर्ण पाटिल को 11 हजार रुपए का नकद पुरस्कार दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय की गतिविधियों की सराहना करते हुए आरोग्य धाम में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की।
पूर्व में मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने हवाई पट्टी व वी0आई0पी0 लाउन्ज का उद्घाटन भी किया।
इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री डाॅ0 वकार अहमद शाह, श्रम राज्य मंत्री श्री शाहिद मंजूर, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री नवीन चन्द्र बाजपेयी, सांसद, विधायक, ललित सूरी ग्रुप की सी0एम0डी0 श्रीमती ज्योत्सना सूरी सहित गणमान्य नागरिक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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