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मुख्य सचिव श्री अतुल कुमार गुप्ता सेवानिवृत्त हुये

Posted on 01 April 2011 by admin

श्री गुप्ता को भाव-भीनी विदाई दी गई

cs-photo-31-03-2011नवागन्तुक मुख्य सचिव श्री अनूप मिश्र ने आज मुख्य सचिव श्री अतुल कुमार गुप्ता के सेवानिवृत्त होने के अवसर पर आयोजित विदाई समारोह में श्री गुप्ता को शाल ओढ़ाकर उनके स्वस्थ एवं सुखमय भविष्य की शुभकामना दी। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि श्री गुप्ता का कार्यकाल बड़ा ही अभूतपूर्व व प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने विषम व जटिल परिस्थितियों में भी बेहद धैर्य व मृदुता का परिचय देते हुये सभी अधिकारियों से अच्छा कार्य लिया है।

निवर्तमान मुख्य सचिव श्री गुप्ता ने एनेक्सी सभाकक्ष में आयोजित विदाई समारोह में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मेरे द्वारा सदैव यह प्रयास किया गया की सरकार की प्राथमिकता वाले महत्वपूर्ण कार्यों व कार्यक्रमों का संचालन बेहतर ढंग से किया जाये और सहजता व शान्तिपूर्ण ढंग से अधिकारियों की क्षमता का अधिक से अधिक उपयोग किया जाये।

श्री गुप्ता ने कहा कि मुझे अपने सहयोगी श्री अनूप मिश्र के कार्यों का भी भरपूर सहयोग मिला क्योंकि वे शासन में दो महत्वपूर्ण सेक्टरों के कार्यों का दायित्व सम्भाले हुये थे। उन्होंने कहा कि नये तैनात मुख्य सचिव श्री मिश्र मेरे बेहतर उत्तराधिकारी साबित होंगे, क्योंकि वह अत्यन्त सुलझे हुये व अति कुशल अधिकारी है। इन्हें बागडोर सौम्पते हुये मुझे बेहद सुखद अनुभव हो रहा है। इसके साथ ही मैं अपने निजी स्टाफ के साथ उन अधिकारियों को भी धन्यवाद देना चाहूंगा, जो आज यहॉ उपस्थित नहीं है और उन्होंने अपनी कार्यकुशलता का पूरा श्रेय मुझे दिया। उन्होंने कहा कि अब बेहद व्यस्तता के बाद एक नया जीवन शुरू करना है और आने वाले समय में उनका प्रयास होगा कि सभी से उनका सम्पर्क बना रहे और वह लोगों की यथासम्भव मदद व मार्गदर्शन करने का प्रयास करेंगे।

इस अवसर पर उन्हें प्रतीक स्वरूप स्मृति चिन्ह भेण्ट किया गया, माल्र्यापण कर भाव-भीनी विदाई दी गई है। विदाई समारोह में स्टाफ आफीसर श्री आर0डी0 पालीवाल, श्री अशोक दीक्षित, निजी सचिव श्री बसन्त बेन्जामिन, महेश जोशी, बी0बी0 सिंह, पी0सी0 मिश्र, ए0के0 बाली समेत बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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हारवर्ड बिजनेस स्कूल और हारवर्ड कैनेडी स्कूल मे सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय

Posted on 30 March 2011 by admin

बोस्टन से एक समाचार एजेंेंसी ने जारी समाचार में बताया है कि  सहारा सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय ने हारवर्ड विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों कोग जिन्दगी और फलसफे के बारे में कुछ बाते बतायी और व्यापार तथा जन नीति पाठ्यक्रम के छात्रों को स्वत: प्रेरित होने तथा निजी और पेशेवर तरक्की के लिये सकारात्मक मानवीय माहौल निर्मित करने की सलाह दी। हारवर्ड बिजनेस स्कूल और हारवर्ड कैनेडी स्कूल के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुये रॉय ने कहा कि खुद से प्रेरित होना कर्मचारियों के लिये महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इससे कार्यस्थल पर अधिक काम हो पाता है। रॉय ने हारवर्ड द्वारा कल आयोजित इडिया कांफ्रेन्स के दौरान दिये मुंख्य सम्बोधन में कहा किसी भी नेता को सबसे पहले एक आदशZ संरक्षक और सक्षम िशक्षक होना चाहिये।
saharasri_r3_c1सहारा समूह हारवर्ड विश्वविद्यालय से करार की कोिशशे कर रहा है ताकि वहां के िशक्षक भारत स्थित सहारा के प्रबन्धकों से संवाद साध सकें। रॉय ने कहा कि उनकी कम्पनी की बिजनेस स्कूल से एमबीए के करीब 30 विद्यार्थियों को समूह मे शामिल करने की योजना है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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श्री अनूप मिश्रा प्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त

Posted on 29 March 2011 by admin

राज्य सरकार ने आज वर्तमान प्रमुख सचिव वित्त एवं औद्योगिक एवं अवस्थापना आयुक्त श्री अनूप मिश्रा को प्रदेश का 45वां मुख्य सचिव नियुक्त किया है।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि श्री मिश्र 1978 बैच के वरिष्ठ आई0ए0एस0 अधिकारी है। श्री मिश्र एम0एस0सी0 फिजिक्स के साथ इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेन्ट यू0पी0 से प्रबन्धन में डिप्लोमा, हावड्Z इंस्टीट्यूट ऑफ इन्टरनेशनल डेवलपमेन्ट से प्रोजेक्ट अपरेशल एण्ड रिस्क मैनेजमेन्ट कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त है।

श्री मिश्र वर्ष 2009 से प्रदेश के प्रमुख सचिव वित्त के साथ औद्योगिक एवं अवस्थापना आयुक्त रहे हैं जिसके तहत वह प्रदेश में पी0पी0पी0 मॉडल में विकसित किये जा रहे एक्सप्रेस-वे, विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, शहरी अवस्थापना विकास, कुशीनगर तथा जेवर (ग्रेटर नोएडा) में एयरपोर्ट स्थापना, सोशल सेक्टर में पी0पी0पी0 मॉडल के तहत जिला अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तथा मेडिकल कालेज, शिक्षा के क्षेत्र में पॉलीटेिक्नक एवं आई0टी0आई0 खोलने, औद्योगिक पॉलिसी के निर्धारण तथा राज्य के वित्तीय संस्थानों पिकप तथा यू0पी0एफ0सी0 के इंचार्ज रहे है।

श्री मिश्र ने वर्ष 2008-09 में राज्य के प्रमुख सचिव वित्त के रुप में राज्य के वित्तीय प्रबन्धन हेतु अनेक कार्य किये हैं। वह वर्ष 2005 से 2008 तक मिनिस्टर (इकोनॉमी) के रुप में भारतीय दूतावास वाशिंगटन डी0सी0 में तैनात रहे है जहां उन्होंने इण्डो-यू0एस0 सी0ई0ओ0 फोरम, कृषि एवं वित्तीय तथा आर्थिक फोरम के विकास के साथ `भारत में व्यापार करने´ के विषय में पोर्टल के विकास का कार्य किया है।

श्री मिश्र वर्ष 2003-05 तक संयुक्त सचिव के रुप में केन्द्रीय सचिवालय व आर्थिक विकास मन्त्रालय भारत सरकार में तैनात रहे है। वे वर्ष 2000-03 तक सचिव औद्योगिक विकास यू0पी0 रहे।

वे 1998 से 2000 तक संयुक्त सचिव (संस्थागत वित्त), बैंकिग डिवीजन इकोनॉमी अफेयर डिपार्टमेन्ट भारत सरकार रहे है। श्री मिश्र 1995-98 तक निदेशक (विदेशी निवेश) डिपार्टमेन्ट ऑफ इकोनॉमी अफेयर भारत सरकार में रहे है। वे 1990 से 95 तक विशेष सचिव/सचिव वित्त यू0पी0 रहे है तथा वर्ष 1986 से 90 तक पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मन्त्रालय भारत सरकार मे उप सचिव रहे है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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उ0प्र0 सरकार ने बहुजन नायक की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए

Posted on 17 March 2011 by admin

untitled-22देश के करोड़ों दलितों, पिछड़ों, धार्मिक अल्पसंख्यकों एवं दबे-कुचले लोगों को सम्मानपूर्वक जीवन-यापन करने का अधिकार दिलाने वाले बहुजन नायक मान्यवर श्री कांशीराम जी को कृतज्ञ राष्ट्र ने आज उनकी 77वीं जयन्ती के अवसर पर बेहद आदर व सम्मान के साथ याद किया। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने अपनी व अपनी पार्टी और सरकार की ओर से बामसेफ, डी0एस0-4 तथा बी0एस0पी0 के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी को भावभीनी श्रद्धाञ्जलि अर्पित की।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने सर्वप्रथम बहुजन समाज प्रेरणा केन्द्र पहुंचकर मान्यवर श्री कांशीराम जी की प्रतिमा पर पुष्पाञ्जलि अर्पित कर बहुजन नायक को अपनी श्रद्धाञ्जलि अर्पित की।

इसके बाद माननीया मुख्यमन्त्री जी मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल पहुंची, और वहां मौजूद भारी भीड़ का अभिवादन स्वीकार किया। तत्पश्चात उन्होंने मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल में स्थापित मान्यवर श्री कांशीराम जी की प्रतिमा पर पुष्पार्पण किया। इस अवसर पर बौद्ध भिक्षुओं द्वारा बुद्ध-वन्दना का पाठ किए जाने के पश्चात माननीया मुख्यमन्त्री जी द्वारा उन्हें चीवर दान दिया गया। तत्पश्चात माननीया मुख्यमन्त्री जी ने मान्यवर श्री कांशीराम जी के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाने वाले म्यूरल्स का भी अवलोकन किया। स्मारक स्थल के विशाल परिसर में भारी तादाद में मौजूद मान्यवर श्री कांशीराम जी एवं माननीया मुख्यमन्त्री जी के अनुयायी, समर्थक एवं शुभ चिन्तक बेहद उत्साहित थे, और अपने प्रिय नेताओं के सम्मान में गगनभेदी नारे लगा रहे थे। जिसके क्रम में माननीया मुख्यमन्त्री जी ने हाथ हिलाकर अपने समर्थकों का पुन: अभिवादन स्वीकार किया।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि मान्यवर श्री कांशीराम जी ने देश के करोड़ों दलितों, पिछड़ों एवं अन्य उपेक्षित वर्गों को संगठित करके सामाजिक परिवर्तन के कारवां को जमीनी हकीकत में बदलने के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने शोषितों और उपेक्षित वर्गों में आत्मसम्मान की अलख जगाकर इन्हें ´लेने वाले´ समाज से ´देने वाले´ समाज में तब्दील कर दिया और इस प्रकार उन्होंने एक सोती हुई कौम को जगाने में कामयाबी हासिल की।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि बहुजन समाज को जागरूक बनाने के उद्देश्य से मान्यवर श्री कांशीराम जी ने सामाजिक परिवर्तन मूवमेन्ट को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की और उनका सम्पूर्ण जीवन त्याग, समर्पण और संघर्ष का बेमिसाल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मान्यवर श्री कांशीराम जी ने सदियों से गैरबराबरी वाली सामाजिक व्यवस्था का दंश झेल रहे दलितों, पिछड़ों एवं अन्य उपेक्षित वर्गों के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने मान्यवर श्री कांशीराम जी के करोड़ों अनुयायियों का आह्वाहन करते हुए कहा कि वे मान्यवर श्री कांशीराम जी के सपनों के अनुरूप सामाजिक व्यवस्था कायम करने के लिए लगातार प्रयास करें, यही बहुजन नायक के प्रति सच्ची श्रद्धाञ्जलि होगी।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने सामाजिक परिवर्तन के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले सन्तों, गुरूओं एवं महापुरूषों का स्मरण करते हुए कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, श्री नारायणा गुरू, बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर तथा मान्यवर श्री कांशीराम जी का नाम हमेशा आदर व सम्मान के साथ लिया जायेगा।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि मान्यवर श्री कांशीराम जी ने बाबा साहेब डॉ0 अम्बेडकर के निधन के बाद कमजोर हो रहे बहुजन मूवमेन्ट को लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। उन्होंने अपनी वैज्ञानिक सोच और राजनीतिक सूझ-बूझ से बहुजन समाज को संगठित किया और उसे अपनी राजनीतिक ताकत का अहसास कराया। उन्होंने कहा कि मान्यवर श्री कांशीराम जी ने बहुजन समाज को आत्म सम्मान, स्वाभिमान और बराबरी का जीवन जीने की पे्ररणा और सत्ता में पहुंचने की क्षमता प्रदान की।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि मान्यवर श्री कांशीराम जी ने पूरे देश में रैलियां व सभाएं करके दलितों को ऐसी ताकतवर आवाज दी, जिसने भारत के राजनैतिक परिदृश्य को बदलकर रख दिया। उन्होंने दलित चेतना को नई परिभाषा और नए आयाम देकर इसे बुलिन्दयों तक पहुंचाया। उनके प्रयासों के कारण ही प्रदेश में राजनीति के पुराने और शोषणकारी समीकरण बदल गए।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि मान्यवर श्री कांशीराम जी के नेतृत्व में बी0एस0पी0 मूवमेन्ट के तहत किए गए प्रयासों के कारण ही देश में आबादी के लिहाज से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में चौथी बार बी0एस0पी0 अपने बूते पर सत्ता में आयी। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की सरकार बाबा साहेब डॉ0 अम्बेडकर और मान्यवर श्री कांशीराम जी के बताए हुए मार्ग पर चलकर सामाजिक भाईचारे के आधार पर एक समतामूलक समाज की सही स्थापना करने का प्रयास कर रही है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि बहुजन नायक मान्यवर श्री कांशीराम जी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने एवं उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इसके तहत मान्यवर श्री कांशीराम जी की स्मृति में विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं और विभिन्न संस्थानों एवं पुरस्कारों का नामकरण भी उनके नाम पर किया गया है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि इस महान शिख्सयत की याद में प्रदेश सरकार द्वारा सभी जनपदों में मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में लखनऊ में निर्मित मान्यवर श्री कांशीराम जी ग्रीन (इको) गार्डेन जनता को समर्पित किया गया है। इसके साथ ही लखनऊ में मान्यवर श्री कांशीराम जी उर्दू-अरबी-फारसी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि शहरों में दलित बाहुल्य बस्तियों की खराब हालत में सुधार लाने व इन बस्तियों में अन्य बस्तियों की तरह सभी जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने लगभग 2000 करोड़ रूपये की लागत वाली अति महत्वाकांक्षी मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी दलित बाहुल्य बस्ती समग्र विकास योजना संचालित करने का निर्णय लिया है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि लखनऊ में मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल तथा मान्यवर श्री कांशीराम जी यादगार विश्राम स्थल निर्मित किए गए एवं बौद्ध विहार शान्ति उपवन में मान्यवर श्री कांशीराम जी की प्रतिमा स्थापित की गई। इसके अलावा मान्यवर श्री कांशीराम जी यू0पी0 इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, लखनऊ में मान्यवर श्री कांशीराम जी बहुविशेषज्ञीय अस्पताल एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी बाल चिकित्सालय की स्थापना का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि मान्यवर श्री कांशीराम जी की स्मृति में लखनऊ में बहुजन नायक पार्क स्थापित किया गया और मान्यवर श्री कांशीराम जी के नाम पर जनपद कांशीराम नगर का गठन भी किया गया। साथ ही सहारनपुर में मान्यवर श्री कांशीराम जी राजकीय मेडिकल कालेज की स्थापना के अलावा बान्दा में मान्यवर श्री कांशीराम जी कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने का निर्णय भी लिया गया है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मान्यवर श्री कांशीराम जी अन्तर्राष्ट्रीय खेल पुरस्कार, मान्यवर श्री कांशीराम जी कला सम्मान, मान्यवर श्री कांशीराम जी सामाजिक परिवर्तन सम्बन्धी पुरस्कार तथा मान्यवर श्री कांशीराम जी राज्य हथकरघा पुरस्कार की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में मान्यवर श्री कांशीराम जी पर्यटन प्रबन्ध संस्थान की स्थापना की गई तथा मान्यवर श्री कांशीराम जी पर्यावरण भवन का निर्माण भी कराया गया। इसके अलावा मान्यवर श्री कांशीराम जी के जन्म दिन 15 मार्च एवं उनके परिनिर्वाण दिवस 09 अक्टूबर को प्रदेश सरकार द्वारा सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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मेयर तथा नगर पालिका/नगर पंचायतों के अध्यक्षों की निर्वाचन प्रक्रिया में संशोधन अध्यक्षों एवं सभासदों के बीच बेहतर तालमेल के लिए - माननीया मुख्यमन्त्री जी

Posted on 10 March 2011 by admin

  • बेहतर समन्वय के अभाव में जन कल्याणकारी योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है
  • ग्रामीण इलाकों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव व्यवस्था के तहत जिला पंचायत तथा क्षेत्र पंचायत के अध्यक्ष पद हेतु अप्रत्यक्ष निर्वाचन की प्रक्रिया पहले से ही लागू
  • अप्रत्यक्ष निर्वाचन व्यवस्था के सम्बन्ध में विरोधी पार्टियों का दोहरा चरित्र दलित विरोधी मानसिकता का प्रतीक
  • कांग्रेस व भाजपा बतायें कि इनके द्वारा शासित प्रदेशों में अप्रत्यक्ष चुनाव की व्यवस्था के बावजूद उत्तर प्रदेश में अप्रत्यक्ष चुनाव व्यवस्था का विरोध क्यों
  • वर्तमान व्यवस्था के तहत चुनाव होने पर भी मेरी पार्टी पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ेगी - माननीया मुख्यमन्त्री जी
  • वर्तमान व्यवस्था के तहत चुनाव होने पर शहरी जनता विरोधी पार्टियों को कतई माफ नहीं करेगी, जिसका सीधा लाभ बी0एस0पी0 को मिलेगा

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने कहा है कि मेयर तथा नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों की निर्वाचन प्रक्रिया में संशोधन का मुख्य उद्देश्य अध्यक्षों एवं सभासदों के बीच बेहतर तालमेल बनाना तथा पूरी पारदर्शिता बरतते हुए विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं को और बेहतर ढंग से लागू करना है। उन्होंने कहा कि मेयर व नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद के लिए अप्रत्यक्ष निर्वाचन की व्यवस्था कांग्रेस और उनके सहयोगी शासित महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, तमिलनाडु, आन्ध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर तथा भारतीय जनता पार्टी एवं उनके सहयोगी शासित गुजरात, कर्नाटक तथा बिहार एवं अन्य पार्टियों की सरकारों द्वारा शासित पश्चिम बंगाल, केरल तथा उड़ीसा में आज भी लागू है।
माननीया मुख्यमन्त्री जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर मेयर, नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत अध्यक्ष के निर्वाचन के सम्बन्ध में पारित विधेयक के बारे में विरोधी पार्टियों के रवैये को लेकर मीडिया प्रतिनिधियों से बात-चीत कर रहीं थीं।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि मेयर तथा नगर पालिका परिषद/ नगर पंचायत के अध्यक्ष पद हेतु निर्वाचन की वर्तमान व्यवस्था लगभग 16 वषोZं तक प्रयोग में लाने के बाद, यह अनुभव किया गया कि अध्यक्षों एवं सभासदों के मध्य तालमेल का पूरा अभाव है तथा सभासदों द्वारा उठायी गई समस्याओं की सुनवाई नहीं हो पा रही है। इसके अलावा बेहतर समन्वय के अभाव में राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन भी सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते नगर निकायों के कार्य प्रभावित हो रहे थे। साथ ही शासन के दिशा-निर्देशों का अनुपालन भी पूरी तरह नहीं हो पा रहा था, जिसके कारण विभिन्न विकास कार्यों में एक प्रकार का ठहराव आ गया था। उन्होंने कहा कि इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए ही उनकी सरकार ने मेयर तथा नगर पालिका परिषद/ नगर पंचायत के अध्यक्ष पद हेतु चुनाव प्रक्रिया में संशोधन किया तो विरोधी पार्टियों ने इसका स्वागत करने के बजाय घिनौनी राजनीति करना शुरू कर दिया।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि इस प्रकरण में कांग्रेस एवं भाजपा को जवाब देना चाहिए कि उनके द्वारा शासित प्रदेशों में जब अप्रत्यक्ष रूप से मेयर, नगर पालिका अध्यक्ष को सभासद द्वारा चुने जाने की व्यवस्था आज भी चल रही है, तब यह पार्टियां उन राज्यों में जाकर मेयर आदि के अप्रत्यक्ष चुनाव की व्यवस्था का विरोध क्यों नहीं कर रहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश की बसपा सरकार ने जन कल्याणकारी योजनाओं को और बेहतर ढंग से लागू करने के उद्देश्य से, राज्य में वर्ष 1994 तक लागू व्यवस्था को फिर से प्रभावी बनाये जाने के लिये निर्वाचन प्रकिया में संशोधन के लिये विधेयक पास कराया, तब यही विरोधी पार्टियां महामहिम श्री राज्यपाल पर अनुचित दबाव डाल रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी पार्टियों के दोहरे मापदण्ड के कारण नगर निकायों के चुनाव के लिए सरकार द्वारा संशोधित प्रस्ताव क्लीयर नहीं होता है तो, वर्तमान समय में लागू प्रक्रिया के अन्तर्गत ही चुनाव कराये जायेंगे। और यदि ऐसा होता है तो शहरी जनता जो विकास में विश्वास रखती है, इन विरोधी पार्टियों को कतई माफ नहीं करेगी और इसका सीधा लाभ इन चुनावों में उनकी पार्टी (बी0एस0पी0) को मिलेगा।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव व्यवस्था के तहत जिला पंचायत तथा क्षेत्र पंचायत के अध्यक्ष पद हेतु अप्रत्यक्ष निर्वाचन की प्रक्रिया पहले से ही लागू है। उन्होंने कहा कि लम्बे समय से लागू यह प्रक्रिया सभी कसौटियों पर खरी उतरी है, लिहाजा अप्रत्यक्ष निर्वाचन की इसी प्रक्रिया को स्थानीय नगर निकायों के चुनावों में भी क्रियािन्वत किये जाने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि संिंवधान के अनुच्छेद 243यक(2) में दी गई व्यवस्था के अनुसार, स्थानीय नागर निकायों के निर्वाचन से सम्बन्धित सभी विषयों के लिए राज्य के विधान मण्डल को कानून बनाने का पूरा अधिकार प्राप्त है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने साफ तौर पर कहा कि मेयर तथा नगर पालिका परिषदों/नगर पंचायतों के अध्यक्षों की निर्वाचन प्रक्रिया में संशोधन का विरोध करने से पहले विरोधी पार्टियों को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इस मामले में विरोधी पार्टियों का यह दोहरा चरित्र उनकी दलित विरोधी मानसिकता को साफ तौर पर उजागर करता है।

इस अवसर पर एक प्रश्न का जवाब देते हुए माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि यदि वर्तमान व्यवस्था के तहत ही चुनाव हुए तो उनकी पार्टी पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य विधान मण्डल द्वारा बजट पारित किये जाने के बाद सत्र समाप्त होने पर महामहिम राज्यपाल से मुख्यमन्त्री के मिलने की परम्परा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने इसी परम्परा के निर्वहन के लिए महामहिम राज्यपाल से शिष्टाचार भेण्ट की थी। इस दौरान नगर निकायों के चुनाव के लिए प्रस्तावित व्यवस्था पर उनकी महामहिम से कोई वार्ता नहीं हुई।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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उ0प्र0 जनहित गारंटी अध्यादेश राज्य का अधिनियम बना

Posted on 06 March 2011 by admin

सिविल न्यायालय प्रक्रिया जैसी सुनवाई की व्यवस्था
जनता को राजस्व, नगर विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा खाद्य रसद विभाग सम्बंधी सेवाओं की गारंटी मिली
250 रूपये से 5000 तक दण्ड का प्राविधान तथा आचरण नियमावली के तहत भी कार्यवाही की व्यवस्था

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समाज के कमजोर और गरीब वर्गों की दिन-प्रतिदिन की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुये उत्तर प्रदेश जनहित गारण्टी अध्यादेश 15 जनवरी से लागू किया गया है, अब इस पर  भारतीय संविधान के अनुच्छेद-200 में प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए श्री राज्यपाल द्वारा अनुमति प्रदान कर दी गई है। इस लिए यह राज्य का अधिनियम बन गया है। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा प्रदान की जाने वाली लोक सेवाओं के लिए समय सीमा निर्धारित करना है। इस अधिनियम में कुल 11 धाराएं हैं तथा सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 के तहत इसको सिविल न्यायालय का अधिकार प्राप्त है। जिसके तहत आमजन को प्रथम चरण में चििन्हत सेवाएं निर्धारित समय में हासिल करने की गारण्टी मिल गई है। उत्तर प्रदेश जनहित गारण्टी अधिनियम के लागू हो जाने से प्रदेश की जनता को चििन्हत सेवाओं को प्राप्त करने के लिये अब न तो किसी इच्छा पर निर्भर रहना होगा और न ही किसी से कोई सिफारिश की ही जरूरत होगी।

जनहित गारण्टी अधिनियम के तहत प्रथम चरण में राजस्व, नगर विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा खाद्य व रसद विभाग की सेवाओं को सम्मिलित किया गया है। इस कानून में समय सीमा निर्धारित करते हुये समयावधि में सेवा न उपलब्ध कराने वाले अधिकारियों की जवाबदेही स्पष्ट रूप से तय कर दी गई है। इन विभागों की सेवाओं के पदधारित अधिकारियों को प्रथम व द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी के रूप में सेवाओं  सम्बंधी अपील का निस्तारण समय सीमा के अन्दर करना होगा।

जनहित गारण्टी अधिनियम के तहत राजस्व विभाग में जाति प्रमाण-पत्र, आय-प्रमाण पत्र, भूमि का अविवादित नामान्तरण, किसान बही सम्बंधी सेवा के लिए तहसीलदार को पदधारित  अधिकारी नामित करते हुए उन्हें 20 कार्य दिवस का समय दिया गया है। उपजिलाधिकारी को प्रथम अपील अधिकारी के रूप में 30 कार्य दिवस का समय दिया गया है। इसी प्रकार जिलाधिकारी को द्वितीय अपील अधिकारी बनाया गया है। निवास प्रमाण पत्र के लिये उप जिलाधिकारी को पदधारित अधिकारी नामित करते हुए उन्हें 20 कार्यदिवस तथा जिलाधिकारी को प्रथम अपील अधिकारी नामित करते हुए उन्हें 30 कार्य दिवस का समय दिया गया है। मण्डलायुक्त को द्वितीय अपील अधिकारी बनाया गया है।

इसी तरह नगर विकास विभाग में नगर निगम क्षेत्र में सम्पत्ति का अविवादित नामान्तरण, नवीन जल आपूर्ति संयोजन, जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिये क्रमश: जोनल अधिकारी, क्षेत्रीय अभियन्ता तथा अधिशासी अधिकारी/स्वास्थ्य अधिकारी को पदधारित अधिकारी नामित करते हुए उन्हें 45 कार्य दिवस का समय दिया गया है। नगर आयुक्त, महाप्रबंधक, जल संस्थान तथा उप जिलाधिकारी/अपर नगर आयुक्त को प्रथम अपील अधिकारी बनाया गया है और उन्हें 30 दिन के कार्य दिवस का समय दिया गया है। द्वितीप अपील अधिकारी के रूप में क्रमश: मण्डलायुक्त, नगर आयुक्त, जिलाधिकारी/नगर आयुक्त को नामित किया गया है।

जनहित गारण्टी अधिनियम के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में विकलांगता प्रमाण पत्र के लिये मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पदधारित अधिकारी नामित किया गया है और उन्हें 60 कार्य दिवस का समय दिया गया है। प्रथम, मण्डलीय अपर निदेशक अपील अधिकारी बनाते हुये उन्हें 90 कार्य दिवस की समय सीमा दी गई है।

खाद्य एवं रसद विभाग में नया ए0पी0एल0 कार्ड जारी करने के लिये नगरीय क्षेत्र में लिए क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी/जिला पूर्ति अधिकारी तथा ग्रामीण क्षेत्र में बी0डी0ओ0 को पदधारित अधिकारी बनाया गया है और उन्हें 30 कार्य दिवस का समय दिया गया है। जिलाधिकारी एवं उप जिलाधिकारी को प्रथम अलीप अधिकारी बनाया गया है और उन्हें 30 कार्य दिवस की समय सीमा दी गई है। मण्डलायुक्त तथा जिलाधिकारी को द्वितीय अपील अधिकारी बनाया गया है।

इस अधिनियम के लागू होने से किसी भी आवेदक निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बंधित सेवा उपलब्ध कराना सम्बंधित अधिकारी की जिम्मेदारी होगी। आवेदन/मांग अस्वीकृत होने की दशा में प्रथम अपील अधिकारी को 30 दिन के अन्दर अपील करनी होगी। यदि किसी कारण वश सम्बंधित अपील अधिकारी द्वारा भी न्याय नहीं मिल पाता है तो आवेदक को प्रथम अपील के निर्णय से 60 दिन के अन्दर द्वितीय अपील अधिकारी को अपील करनी होगी। निर्धारित अवधि में आवेदक को अपील अधिकारी सम्बंधित सेवा उपलब्ध कराने का आदेश दे सकता है या अपील अस्वीकार भी कर सकता है। इसमें द्वितीय अपील अधिकारी भी सम्बंधित पदाधिकारी अधिकारी को सेवा प्रदान करने का अधिकार दे सकता है या उसे अस्वीकार कर सकता है।

जनहित गारण्टी अधिनियम के अन्तर्गत प्रथम तथा द्वितीय अपील अधिकारियों को सिविल प्रक्रिया संहिता-1908 के तहत सिविल न्यायालय के अधिकार दिये गये हैं। ऐसे मामलों का निस्तारण सिविल प्रक्रिया के अनुसार  किया जायेगा एवं द्वितीय अपील अधिकारी को दण्ड आरोपित करने, पक्षकारों को सम्मन जारी करने, दस्तावेजों को प्रकटीकरण तथा निरीक्षण करने का अधिकार होगा। अधिनियम के अन्तर्गत द्वितीय अपील अधिकारी को दण्ड का अधिकारी दिया गया है। अधिनियम के अन्तर्गत यदि यह सिद्ध हो जाये कि पदधारित अधिकारी बिना पर्याप्त एवं युक्तियुक्त कारण से सेवा प्रदान करने में विफल रहता है तो उस अधिकारी को 250 रूपये प्रतिदिन अधिकतम 5000 रूपये तक का अर्थ दण्ड का आदेश दे सकता है। इसमें पदधारित अधिकारी को सुनवाई का पूरा-पूरा अधिकार दिया गया है तथा प्रथम अपील अधिकारी पर कम से कम 500 रूपये तथा अधिकतम 5000 रूपये के आर्थिक दण्ड की व्यवस्था है।

इस अधिनियम में यह भी व्यवस्था की गई है कि यदि पदधारित अधिकारी अधिनियम के अधीन सौंपे गये कर्तव्यों का पालन करने में विफल रह रहें हैं तो उनके खिलाफ प्रचलित सेवा नियमों के अधीन अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश दे सकते हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी 03 मार्च, 2011 को मान्यवर श्री कांशीराम जी ग्रीन (ईको) गाडेZन, लखनऊ का लोकार्पण किया

Posted on 04 March 2011 by admin

cmphoto-03-03-2011उ0प्र0 की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी 03 मार्च, 2011 को मान्यवर श्री कांशीराम जी ग्रीन (ईको) गाडेZन, लखनऊ के लोकार्पण के अवसर पर जनसभा को सम्बोधित किया।

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फैजाबाद, अम्बेडकर नगर, सुल्तानपुर तथा उन्नाव जनपदों का आकिस्मक निरीक्षण

Posted on 27 February 2011 by admin

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने आज फैजाबाद, अम्बेडकर नगर, सुल्तानपुर तथा उन्नाव जनपदों का आकिस्मक निरीक्षण करके इन जिलों में विकास कार्याें तथा कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में लाभार्थियों से बातचीत कर इनकी सच्चाई जानी और लापरवाही व कमियां पाये जाने पर इसमें तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिये।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने फैजाबाद, अम्बेडकर नगर, सुल्तानपुर तथा उन्नाव जनपद मुख्यालयों में आयोजित समीक्षा बैठकों में सभी अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं और कानून-व्यवस्था तथा डा0 अम्बेडकर ग्रामों में कराये जा रहे विभिन्न विकास कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने सरकार द्वारा आम जनता खासतौर से गरीबों के लिए संचालित की जा रही विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा के उपरान्त सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंन कहा कि इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने हाल में लागू की गई जनहित गारण्टी कानून के बारेे में जानकारी प्राप्त की।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कानून व्यवस्था व अपराध नियन्त्रण की स्थिति की समीक्षा के दौरान कहा कि उनकी सरकार ने गरीब, शोषित और दबे-कुचले लोगों को न्याय दिलाने के लिए अधिकारियों को कानून के दायरे में काम करने की पूरी आजादी दे रखी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी किसी भी दशा में जन समस्याओं एवं जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के प्रति लापरवाही न बरतें अन्यथा सम्बन्धित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए उसके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने फैजाबाद जनपद की तहसील मिल्कीपुर के विकास खण्ड अमानीगंज स्थित डा0 अम्बेडकर ग्राम चकवारा पहुंचकर विकास कार्याें का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने गांव में सी0सी0 रोड के साथ नाली को पूरा बनाने तथा गांव के तालाब को तत्काल साफ कराने के निर्देश दिये। उन्होंने सी0सी0 रोड के समीप गढ्ढों को भरायें जाने के भी निर्देश दिये।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने ग्राम के प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान बच्चों से पढ़ाई-लिखाई, मध्यान्ह भोजन तथा अध्यापकों की उपस्थिति के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने तहसील मिल्कीपुर एवं थाना रौनाही के अभिलेखों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दबे-कुचले लोगों, दलित एवं महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने के लिये प्रभावी कदम उठायें तथा प्रत्येक दशा में कानून व्यवस्था बनायें रखें।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने तहसील सदर का निरीक्षण किया और तहसील की स्थिति पर सन्तोष व्यक्त किया। उन्होंने तहसील अभिलेखागार मे अभिलेखों के रख-रखाव की पड़ताल की और तहसील दिवस पंजिका का भी अवलोकन किया। उन्होंने तहसीलदार श्री इन्दु प्रकाश द्वारा पट्टा आवंटन के क्षेत्र में विशेष कर बहुत अच्छा कार्य किये जाने पर इनकी प्रशंसा की।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान अस्पताल में व्याप्त गन्दगी पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पाया कि अस्पताल की स्थिति बेहद असन्तोषजनक है। यहां तक की माननीया मुख्यमन्त्री जी के भ्रमण के समय गलियारे में सफाई की जा रही थी। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 आर0पी0 पाण्डे को लापरवाही और कर्तव्यहीनता के लिए निलंबित करने के निर्देश दिये। उन्होंने जिलाधिकारी को पर्याप्त साफ-सफाई सुनिश्चित न कराने के लिए चेतावनी निर्गत किये जाने के निर्देश भी दिये। उन्होंने जिलाधिकारी को दो माह का समय देते हुए यह निर्देश दिये कि वे प्रत्येक सप्ताह अस्पताल का निरीक्षण कर अपनी आख्या शासन को उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिव चिकित्सा जिला अस्पताल का मुआयना कर स्थिति से अवगत करायें। उन्होंने शहर के तालाब की सफाई कराने के भी निर्देश दिये हैं।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कोतवाली का निरीक्षण भी किया। मलिन बस्ती बाल्दा के मुआयने के दौरान उन्होंने मण्डलायुक्त तथा जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वे समस्त 26 मलिन बस्तियों का भ्रमण कर समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करके दो माह में शासन को आख्या प्रेषित करें। इस अवसर पर उन्होंने बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।

तत्पश्चात् माननीया मुख्यमन्त्री जी ने रामघाट पहुंचकर मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने आवंटियों से वार्ता करके कॉलोनी में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यहां दो माह में पानी की टंकी की व्यवस्था का निर्माण कराकर पानी की  समस्या का समाधान करें। उन्होंने आवास योजना के बाहर तथा परिसर में पार्क की व्यवस्था करने, सी0सी0 रोड की गुणवत्ता में सुधार करने तथा कच्ची भूमि मेंं इन्टर लॉकिंग टाइल्स लगाने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने नीम आदि पौधों को रोपित कर सघन वृक्षारोपण कराये जाने के भी निर्देश दिये हैैं।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने इसके पश्चात जनपद अम्बेडकर नगर मेें विकास खण्ड रामनगर के डॉ0 अम्बेडकर ग्राम रोशनपुर में जनकल्याणकारी एवं विकास कार्यक्रमों की स्थिति को परखा। उन्होंने गांव के तालाब के अधूरे कार्यों को तत्काल पूर्ण करने के लिए जिलाधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने ग्राम के प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करते हुए बच्चों से पढ़ाई एवं मिड-डे-मील की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इस अवसर पर आलापुर तहसील के अभिलेखों का भी अवलोकन किया और पाया कि तहसील रजिस्टर व्यवस्थित नहीं है। उन्होंने रजिस्टर की प्रविष्टियों को तत्काल ठीक करने के निर्देश दिये।

इसके बाद माननीया मुख्यमन्त्री जी अम्बेडकर नगर जिला मुख्यालय पहंुची। उन्होंने हवाई अड्डे पर जलप्लावन की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिये। उन्होंने संयुक्त जिला चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि अस्पताल में बेहद गन्दगी व्याप्त है। इस असन्तोषजनक स्थिति के लिए माननीया मुख्यमन्त्री जी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उन्हें कार्य में उदासीनता बरतने एवं कर्तव्यहीनता के लिए निलंबित करने के निर्देश दिये। उन्होंने अस्पताल के निर्माण कार्य की अत्यन्त खराब गुणवत्ता पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को तत्काल सुधार हेतु कार्यवाही करने तथा कोटा स्टोन के स्थान पर टाइल्स लगाने के निर्देश दिये।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने अकबरपुर तहसील का निरीक्षण किया। उन्होंने उपजिलाधिकारी श्री आनन्द स्वरूप के असन्तोषजनक कार्य पर इनका स्थानान्तरण करने के निर्देश दिये। इसके अलावा तहसीलदार द्वारा कार्यों में रूचि न लेने के लिए उन्होंने तहसीलदार का भी स्थानान्तरण किये जाने के निर्देश दिये। जनपद मुख्यालय स्थित कोतवाली अकबरपुर का निरीक्षण करते हुए माननीया मुख्यमन्त्री जी ने एस0सी0/एस0टी0 रजिस्टर में दर्ज मामलों में प्रभावी कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने थाने की कार्यशैली पर सन्तोष व्यक्त किया। मुआयने के दौरान उन्होंने पाया कि थाने के एक हिस्से का निर्माण कार्य बेहद निम्न स्तर का है, जिसके लिए उन्होंने कार्यदायी संस्था पैक्सफेड का रजिस्ट्रेशन निरस्त किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने मलिन बस्ती उसरहवां का निरीक्षण किया। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वे समस्त मलिन बस्तियों का भ्रमण कर समस्याओं का निराकरण करें।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने याकूबपुर कटरिया स्थित मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होेंने आवासीय योजना के निर्माण कार्य पर असन्तोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी को कच्ची भूमि में इन्टर लॉकिंग टाइल्स लगाने, योजना के मध्य पार्क का निर्माण कराने और सी0सी0 रोड को ठीक कराने के निर्देश दिये।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने इसके बाद जनपद सुल्तानपुर में विकास खण्ड करौन्दीकलॉ के डा0 अम्बेडकर ग्राम देऊपारा का भ्रमण कर वहां कराये गये विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने गांव में नाली का निर्माण कराने के निर्देश दिये। उन्होेंने गांव के प्राथमिक विद्यालय का भी निरीक्षण किया।

तदोपरान्त माननीया मुख्यमन्त्री जी ने जिला मुख्यालय पहंुचकर मलिन बस्ती करौन्दिया का निरीक्षण किया। उन्होंने जिलाधिकारी को समस्त तीन बस्तियों का भ्रमण कर वहां की समस्याओं का प्राथमिकता पर निस्तारण करने के निर्देश दिये। उन्होंने जिला चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया और विभिन्न वाडोZं में जाकर मरीजों से उनका हालचाल पूछा तथा अस्पताल द्वारा उपलब्ध करायी जा रहीं विभिन्न चिकित्सा सुविधाओं के बारे में सीधी जानकारी प्राप्त की।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने तहसील सदर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तहसील अभिलेखागार में अभिलेखों के रख-रखाव की स्थिति को देखा और पट्टा आवंटन रजिस्टर सहित विभिन्न पंजिकाओं का अवलोकन किया। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वे दो गांवों के पट्टा आवंटन की स्थिति का निरीक्षण कर अपनी आख्या शासन को उपलब्ध करायें। उन्होंने नगर कोतवाली का भी निरीक्षण किया गया। मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना के मुआयने के दौरान उन्होंने कच्ची भूमि पर टाइल्स लगाने और कालोनी में वृक्षारोपण, खासतौर पर नीम के पौधे रोपित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि योजना में सामने पार्क का निर्माण भी कराया जाये।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने इसके बाद जनपद उन्नाव के असोहा विकास खण्ड के डॉ0 अम्बेडकर ग्राम रायपुर का गहन निरीक्षण किया। उन्होेंने सी0सी0 रोड, नाली, इिन्दरा आवास, स्वच्छ शौचालयों, पानी का आउट फाल, सामुदायिक भवन, आदर्श तालाब तथा प्राथमिक विद्यालय आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने गांव में कराये गये विकास कार्यों पर सन्तोष व्यक्त किया।

तत्पश्चात् माननीया मुख्यमन्त्री जी जनपद मुख्यालय पहंुची। उन्होंने शहर में व्याप्त गन्दगी पर असन्तोष व्यक्त करते हुए तत्काल सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि कूड़ा डालने हेतु डिम्पंंग ग्राउन्ड के लिए स्थान चििन्हत करें। उन्होंने उपरिगामी सेतु की टूटी िग्रल को ठीक कराने तथा सेतु पर लगे विज्ञापन पटो को हटाने के निर्देश भी दिये हैं।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना में बने आवासों को देखा। उन्होंने पानी की टंकी, सड़के व सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने मण्डलायुक्त को आवासीय योजना की सी0सी0 रोड को ठीक कराने तथा इण्टर लॉकिंग टाइल्स लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने अकरमपुर मलिन बस्ती का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वे समस्त मलिन बस्तियों का भ्रमण कर समस्याओं का समाधान करायें तथा इस सम्बंध में अपनी अनुपालन आख्या दो माह में शासन को उपलब्ध करायें। उन्होंने थाना कोतवाली तथा तहसील सदर का निरीक्षण किया।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने जिला चिकित्सालय में इमरजेन्सी वार्ड तथा जनरल वार्ड का भी निरीक्षण किया और मरीजों से दवाइयों, जांच तथा अन्य चिकित्सा सुविधाअों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता तथा अस्पताल की सफाई व्यवस्था के मुकम्मल इन्तजाम सुनिश्चित रखे जाने के निर्देश दिये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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प्रदेश की मुख्यमन्त्री कु0 मायावती ने आज मिर्जापुर जिले के दौरे पर

Posted on 25 February 2011 by admin

प्रदेश की मुख्यमन्त्री कु0 मायावती ने आज मिर्जापुर जिले के लालगंज तहसील के अन्तर्गत निबावल अम्बेडकर ग्राम, विसुन्दरपुर में कांशीराम आवास तथा नगर में सिविल अस्पताल, तहसील सदर, शुक्लहां मलिन बस्ती तथा कटरा थाना का निरीक्षण किया जिसमें उन्होंने तहसील दिवसों, थाना दिवसों में आये मामलोें का तत्परता से निस्तारण करने तथा चुनें गये अम्बेडकर गांवों के लाभार्थियों का यदि पट्टा नही मिल पाया हो तो उन्हें आवास एवं कृषि योग्य भूमि के पट्टे प्राथमिकता पर देने के निर्देश दिये।

सर्व प्रथम मुख्यमन्त्री हलिया विकास खण्ड के निबावल अम्बेडकर ग्राम पहुंची जहां उन्होंने गांव का भ्रमण कर सम्पर्क मार्ग, सीसी रोड, केसी ड्रेन का निरीक्षण किया। बाद में प्राथमिक पाठशाला का निरीक्षण किया तथा कक्षा 4 व 5 के छात्रों से पढाई की गुणवक्ता व मिड-डे-मिल मिलने के सम्बन्ध में पूछताछ किया। उन्होंने आवास एवं कृषि पट्टा आवंटन का सत्यापन किया तथा उपजिलाधिकारी बैकुण्ठराज द्विवेदी को सरकार की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों पर और तेजी लाने का निर्देश दिया। विद्यालय निरीक्षण के बाद मुख्यमन्त्री पुन: निबावल गांव में गई और वहां लाभार्थियों से वार्ता कर योजनाओं के गुणवक्ता की जांच की।

अम्बेडकर गांव के निरीक्षण के बाद मुख्यमन्त्री सीधे विसुन्दरपुर नगर क्षेत्र में बनाये गये मान्यवर कांशीराम आवास के निरीक्षण में पहुंची जहां उन्होंने बारिकी से कालोनी का निरीक्षण किया और लाभार्थियों से वार्ता कर जाना की उन्हें कोई परेशानी तो नही हैर्षोर्षो लोगों ने बताया कि उन्हें कोई परेशानी नही है।आवासों के गुणवक्ता के सम्बन्ध में अपर जिलाधिकारी श्रीश चन्द्र श्रीवास्तव ने अवगत कराया तो उन्होंने प्रसन्ता व्यक्त की और यहां पर बच्चों के पढ़ने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी से पूछे जाने पर यह बताया की सभी खडंऩ्जों पर इन्टर लाकिंग पेवर ब्रिक्स से सड़क नगर पालिका द्वारा बनाई जायेगी व ओबर हैड़ टैक का कार्य 15 मार्च तक पूर्ण कराया जायेगा।

कांशीराम आवास के बाद मुख्यमन्त्री पुलिस लाइन पहुंची जहां से सिविल हॉिस्पटल गई जहां उन्होंने अस्पताल में इमरजेंसी कक्ष, इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया और मरीजों से पूछा कि दवाई मिल रही है पैसा तो नही मांगा जा रहा है तो मरीजों ने कहा कि नही पैसा नही मांगा जाता दवाएं भी अस्पताल से मिल रही है। मुख्यमन्त्री ने चिकित्सा अधीक्षक डा0 सी0एस0 मधुकर को और व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिये।

तहसील सदर मिर्जापुर के निरीक्षण में उन्होंने इस वर्ष के आवास एवं कृषि पट्टा आवंटन का काम पूर्ण होने पर प्रसन्नता जताई तथा पिछले वषोZ में जो लोग पट्टा पाने से छूटे हो उन्हें पट्टा प्राथमिकता से देने के निर्देश दिये। उन्होंने तहसील दिवस रजिस्टर का निरीक्षण कर शिकायतों का निस्तारण तत्परता से कराने के भी निर्देश दिये। रिकार्ड रूम/अभिलेखागार के रखरखाव पर सन्तोष व्यक्त किया।

शुक्लहां मलिन बस्ती के निरीक्षण में मुख्यमन्त्री ने जिलाधिकारी श्रीमती संयुक्ता समद्दार से पूछा कि यहां कितनी मलिन बस्तियां है। जिलाधिकारी के सात मलिन बस्तियां बताये जाने पर उन्होंने सभी के प्रोजेक्ट बनाकर सुधार कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिये। तत्पश्चात् मुख्यमन्त्री ने थाना कटरा का निरीक्षण किया। उनके साथ आये प्रमुख सचिव गृह कुवर फतेह बहादुर सिंह ने थाने के अपराधों के पंजिकरण व उनके निस्तारण की स्थिति से अवगत कराया। मुख्यमन्त्री ने उप पुलिस अधीक्षक से पूछा कि अपने क्षेत्र के सभी थाने महीने में एक बार चेक कर लेते है तो उन्होंने बताया कि किसी-किसी महिने हो जाते है, किसी महिने नही हो पाते है। इस पर मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि प्रतिमाह अपने क्षेत्र के थानों का निरीक्षण अवश्य करें। उन्होंने थाना दिवस के प्रकरणों तथा महिला उत्पीड़न के मामले प्राथमिकता पर निपटाने के निर्देश दिये। साथ ही पुलिस अधीक्षक के0सत्यनारायण को भी समय-समय पर सभी थानों का निरीक्षण करते रहने के निर्देश दिये।

मुख्यमन्त्री के अम्बेडकर गांव निबावल आगमन पर जिलाधिकारी संयुक्ता समद्दार व पुलिस अधीक्षक के0सत्यनारायण ने मुख्यमन्त्री का स्वागत किया तथा पुलिस लाइन जिला मुख्यालय आगमन पर मण्डलायुक्त श्री सजीव मित्तल ने स्वागत किया। मुख्यमन्त्री भ्रमण के समय उनके कैबिनेट सचिव श्री शशांक शेखर सिंह व प्रमुख सचिच गृह श्री फतेह बहादुर सिंह साथ में रहें तथा विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण कराया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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मेयर तथा नगर पालिका परिषदों/नगर पंचायतों के अध्यक्षों की निर्वाचन प्रक्रिया में संशोधन का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण एवं आधारहीन- मुख्यमन्त्री

Posted on 22 February 2011 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने मेयर तथा नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों की निर्वाचन प्रक्रिया में संशोधन के लिए राज्य सरकार द्वारा कल विधान सभा में पेश किए गए विधेयक पर किए जा रहे विरोध को दुर्भाग्यपूर्ण एवं आधारहीन बताया है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक को लेकर राज्य सरकार पर लगाये गये सभी आरोप अनर्गल तथा तथ्यहीन हैं।

प्रदेश के अपर मन्त्रिमण्डलीय सचिव रवीन्द्र सिंह ने आज यहां एनेक्सी स्थित मीडिया सेन्टर में आयोजित एक पत्रकारवार्ता में यह जानकारी देते हुए बताया कि नागर निकायों के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा संचालित जनहित की योजनाओं को अपेक्षाकृत और सशक्त ढंग से क्रियािन्वत करने के उद्देश्य से यह अनुभव किया गया कि वर्ष 1994 से पूर्व लागू महापौर एवं नगर पंचायतों एवं नगर पालिका परिषदों के अध्यक्षों की निर्वाचन प्रक्रिया को पुन: प्रभावी किया जाए।

अपर मन्त्रिमण्डलीय सचिव ने बताया कि लगभग 16 वशाZें पूर्व लागू की गई इस व्यवस्था के बारे में यह अनुभव रहा कि अध्यक्षों एवं सभासदों के मध्य बेहतर ताल-मेल के अभाव में राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित नहीं हो पाता और नागर निकायों के कार्य प्रभावित भी हो रहे हैं। इसके साथ ही वर्तमान में मौजूद व्यवस्था से नागर निकायों के कार्यों में पारदर्शिता पूर्णरुप से नहीं आ पा रही है। इसके अलावा शासन के दिशा-निर्देशों का भी अनुपालन भी पूरी तरह नहीं हो पा रहा है तथा कार्यों में एक प्रकार का ठहराव आ रहा है।

श्री सिंह ने बताया कि अनुभव में यह देखा गया कि महापौर एवं सदन के बीच बेहतर सामंजस्य (Mutual understanding) प्राय: नहीं हो पाता है। यही स्थिति नगर पंचायतों/पालिका के अध्यक्षों एवं सभासदों के मध्य बनी रहती है, जिससे राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाएं सही ढ़ंग से संचालित नहंीं हो पाती, जिससे नागर निकायों के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

अपर मन्त्रिमण्डलीय सचिव ने कहा कि इस सम्बंध में इस तथ्य पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव व्यवस्था के तहत जिला पंचायत तथा क्षेत्र पंचायत के अध्यक्ष पद हेतु अप्रत्यक्ष निर्वाचन की प्रक्रिया पहले से ही लागू है। उन्होंने कहा कि लम्बे समय से लागू यह प्रक्रिया चूंकि सभी कसौटियों पर खरी उतरी है, इसलिए अप्रत्यक्ष निर्वाचन की इसी प्रक्रिया को अब स्थानीय नागर निकायों के इन चुनावों में भी क्रियािन्वत करने का फैसला लिया गया है।

श्री सिंह ने कहा कि इस सम्बन्ध में माननीया मुख्यमन्त्री जी का मत है कि विभिन्न परिस्थितियों की जांच करके जनहित में किसी भी कानून में संशोधन करने का अधिकार सरकार को होता है। माननीया मुख्यमन्त्री जी का यह भी कहना है कि जब 40 वशाZें से अधिक समय तक अप्रत्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया को विभिन्न सरकारों ने लागू रखा, तब तो किसी ने विरोध नहीं किया, लेकिन जब कार्यहित में वर्तमान सरकार ने प्रक्रिया में संशोधन करने की कार्यवाही की तब सभी ने अनावश्यक विरोध करना शुरू कर दिया। इसे देखकर ऐसा लगता है कि विभिन्न कानूनों में संशोधन करने का अधिकार अन्य सरकारों को तो था, लेकिन वर्तमान सरकार के पास लगता है कि यह अधिकार है ही नहींं। माननीया मुख्यमन्त्री जी का यह भी कथन है कि ऐसे लोग अब किसी भी प्रकार से जनता का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए इस प्रकार की कार्यवाही कर रहे हैं।

इस सम्बन्ध में उल्लेखनीय है कि देश के विभिन्न राज्यों में मेयर व नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद के लिए अप्रत्यक्ष निर्वाचन की व्यवस्था लागू है। इन राज्यों में कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, बिहार, केरल, उड़ीसा तथा जम्मू-कश्मीर शामिल है। यह भी उल्लेखनीय है कि संविधान के अनुच्छेद 243यक(2) में दी गई व्यवस्था के अनुसार, स्थानीय नागर निकायों के निर्वाचन से सम्बन्धित सभी विषयों के लिए कानून बनाने हेतु राज्य के विधान मण्डल को पूर्ण अधिकार प्राप्त है।

अपर मन्त्रिमण्डलीय सचिव ने कहा कि कल रात्रि विधान सभा के बाहर कतिपय अराजक तत्वों द्वारा कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया गया, जिस पर स्थानीय प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाये गये तथा अराजक तत्वों को खदेड़ दिया गया। उन्होंने स्पश्ट किया कि कल रात्रि में विधान सभा के सामने इकट्ठा हुए अराजक तत्वों में अल्पसंख्यक समुदाय का कोई भी छात्र शामिल नहीं था, जैसा कि प्रचारित करने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि विधान सभा में अल्पसंख्यक समुदाय के प्रिशक्षण संस्थाओं के बारे में एक महत्वपूर्ण विधेयक भी पारित किया गया है, जिसके चलते भविश्य में अल्पसंख्यक वर्ग के िशक्षण संस्थानों को चलाना आदि अत्यन्त सुविधाजनक हो जायेगा।

श्री सिंह ने कल गौतमबुद्ध नगर जनपद में पी0ए0सी0 वाहनों पर कुछ अराजक तत्वों द्वारा की गई कार्यवाही के बारे में बताया कि लखनऊ स्थित पी0ए0सी0 की कम्पनी माननीया मुख्यमन्त्री जी के पिश्चमी उत्तर प्रदेश के जनपदों के भ्रमण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए गौतमबुद्ध नगर भेजी गई थी, जहां से वह ड्यूटी पूरी करने के बाद वापस लखनऊ आ रही थी। इस कम्पनी के कुछ वाहन पहले ही सम्बन्धित घटना स्थल से निकल चुके थे, तभी अराजक तत्वों द्वारा अकारण पी0ए0सी0 के वाहनों पर कार्यवाही की गई, जिसको बाद में नियन्त्रित कर लिया गया। इस प्रकार इस घटना का भूमि अधिग्रहण के मामले से कोई भी लेना-देना नहीं है।

अपर मन्त्रिमण्डलीय सचिव ने कहा कि वाई कैटेगरी की सुरक्षा प्राप्त मा0 सांसद श्री शरद यादव द्वारा बिना पर्याप्त सूचना दिए घटना स्थल का भ्रमण किया गया। इस सम्बन्ध में माननीया मुख्यमन्त्री जी का कथन है कि कतिपय अराजक तत्वों द्वारा की गई इस घटना का राजनीतिकरण किया जाना अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है। माननीया मुख्यमन्त्री जी का यह भी कहना है कि ऐसा लगता है कि ऐसे तत्वों को अब कोई मुद्दा राज्य सरकार के खिलाफ नहीं मिल रहा है।
अपर मन्त्रिमण्डलीय सचिव ने बताया कि माननीया मुख्यमन्त्री जी ने जनपद गौतमबुद्ध नगर में कल हुई घटना की जांच सी0बी0सी0आई0डी0 से कराने के आदेश दिए हैं।

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