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उत्तर प्रदेश में बी.एस.पी. के संगठन को मज़बूत बनाने हेतु पार्टी की राश्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती जी द्वारा दिये गये ज़रूरी दिशा-निर्देश

Posted on 10 June 2010 by admin

लखनऊ -  बहुजन समाज पार्टी की राश्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदे की मुख्यमन्त्री बहन कुमारी मायावती जी ने पार्टी संगठन एवं सर्वमसाज को बी.एस.पी. में जोड़ने हेतु आज यहां हुयी एक महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के संगठन को और ज्यादा मज़बूत व चुस्त-दुरुस्त बनाने तथा जनाधार को तेज़ी से बढ़ाने के लिये कुछ ज़रूरी दिशा-निर्दे जारी करते हुये उन्हें नयी ऊर्जा के साथ पार्टी के काम में लगने का आह्वान किया।

बी.एस.पी. की राश्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती जी ने इस क्रम में आज की बैठक के दौरान सर्वप्रथम पार्टी के हर स्तर के संगठन के कार्यों की समीक्षा की और फिर संगठन को और ज्यादा मज़बूत बनाने के उद्देष्य से कुछ आवष्यक परिवर्तन करते हुये नये दिशा-निर्दे जारी किये। यह बैठक लगभग तीन घण्टे तक चली।

बहन कुमारी मायावती जी द्वारा आज की इस बैठक में जारी किये गये दिशा-निर्दे के अनुसार पार्टी संगठन का कार्य 20 अगस्त सन् 2010 तक पूरा कर लिया जाना है और इस दौरान उत्तर प्रदेष के साथ केन्द्र सरकार के सौतेला रवैया एवं आसमान छूती महंगाई के खिलाफ राज्य-व्यापी जनहित आन्दोलन स्थगित रहेगा। यह जनहित आन्दोलन नये कार्यक्रम के अनुसार अब आगामी एक सितम्बर सन् 2010 से पुराने प्रारूप पर हर ज़ोन के एक विधानसभा मुख्यालय पर प्रत्येक बुधवार को जारी रहेगा।

कुमारी मायावती जी ने आज की बैठक में राज्यसभा के द्विवार्शिक चुनाव में 11 में से 7 तथा विधान परिशद् की 13 सीटों में से 8 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचित होने वाले बी.एस.पी. के सांसदों व विधान परिशद् सदस्यों को भी पार्टी संगठन के सिलसिले में नयी ज़िम्मेदारी सौंपते हुये उन्हें जी-जान से पार्टी को मज़बूत बनाने का निर्देष दिया। साथ ही, डूमरियागंज विधानसभा उप-चुनाव में शानदार जीत हासिल करने के साथ-साथ कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों की ज़मानत तक ज़ब्त कराने का उल्लेख करते हुये बहन कुमारी मायावती जी ने क्षेत्र की जनता के साथ-साथ पार्टी के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं का तहेदिल से शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उनके दिशा-निर्दे में काम करते हुये यह सफलता अर्जित की तथा उम्मीद ज़ाहिर की कि पार्टी को और ज्यादा मज़बूत बनाने के लिये पार्टी के कार्यकर्ता इसी प्रकार से जी-जान से लगे रहेंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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भा.ज. पा की मुस्लिम विरोधी मानसिकता उजागर- सुबोध श्रीवास्तव

Posted on 10 June 2010 by admin

लखनऊ  - पिपराघाट पर विगत दो दशक से ज्यादा समय से लगभग ढाई सौ परिवारों के घरों को प्रदेश सरकार के इशारे पर लखनऊ विकास प्राधिकरण एवं प्रशासन द्वारा मिलकर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किये जाने पर आज  भाजपा द्वारा वहां के निवासियों को बंगलादेशी बताया जाना भारतीय जनता पार्टी की मुस्लिम विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।

उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुबोध श्रीवास्तव ने सवाल किया कि ऐसे गरीब मुस्लिम, जिनके सर पर छत तक नहीं हैं क्या उन्हें बंगलादेशी कहा जा सकता है कांग्रेस पार्टी कभी भी इस देश के बाशिन्दों को बंगलादेशी कहे जाने की इजाजत नहीं दे सकती और भाजपा, बसपा और प्रशासन के जो अधिकारी पिपराघाट के पीड़ितों को बंगलादेशी करार दे रहे हैं, उन्हें अपनी धृष्टता के लिए क्षमा मांगनी चाहिए।

मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा पिपराघाट के विस्थापितों को पुनर्वासित किये जाने को लेकर दबाव बनाने पर प्रशासन द्वारा जिन लोगों को अस्थायी तौर पर जो कुछ जगह दी गई है वह निवास करने के लायक ही नहीं है। प्रशासन द्वारा अर्धनिर्मित मकानों को जिनमें किसी में दरवाजे हैं तो खिड़की गायब है और जिसमें खिड़की लगी है उसमें दरवाजे तक नहीं लगे हैं, ऐसे मकानों को देकर सिर्फ दिखावा किया गया है। अभी भी भदरूख में अनेक विस्थापित परिवार खुले आकाश के नीचे प्राशसन की मदद की बाट जोह रहे हैं।

मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि जिन लोगों को भारतीय जनता पार्टी और प्रशासन बंगलादेशी बता रहा है उसमें से सभी लोगों के पास जिला प्रशासन द्वारा ही जारी किया गया राशन कार्ड, बिजली का बिल और मतदाता पहचान पत्र आदि प्रमाण मौजूद हैं और वे सभी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अत्यन्त गरीब मजदूर हैं।

श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जिस तरह से पिपराघाट के विस्थापितों के मामले में भाजपा और बसपा एक दूसरे की हां में हां मिला रहे हैं उससे साबित होता है कि दोनों दलों की विस्थापितों के समुचित पुनर्वास को रोकने में मिलीभगत है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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अखिलेश यादव ने महामहिम राज्यपाल को पत्र लिखा

Posted on 10 June 2010 by admin

महामहिम राज्यपाल जी ,   राजभवन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ

मान्यवर

हम आपका ध्यान उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास विभाग (1) द्वारा जारी उस, अधिसूचना संख्या 418/9-01-10-1, सा/10 दिनांक- 11 मई, 2010 की ओर आकृष्ट करना चाहते हैं, जिसको 11 मई, 2010 को जारी करना दर्शाकर प्रदेश के किसी भी राजनैतिक दल तथा आम लोगों को इसकी भनक भी नहीं लगने दी गई। 11 मई 2010 को जारी अधिसूचना की प्रति समाजवादी पार्टी को उपलब्ध नहीं कराई गई और सरकार की ओर से कोई बयान भी 11 मई, को जारी नहीं किया गया, जिससे यह जानकारी हो सकती कि राज्य सरकार ने नगर पालिका नियमावली में संशोधन हेतु आपत्तियॉ तथा सुझाव मॉगे हैं।  प्रदेश सरकार द्वारा साजिश करके इस अत्यन्त महत्वपूर्ण अधिसूचना को इस कारण छिपा कर रखा गया ताकि 30 दिन तक आपत्तियों व सुझावों के आमन्त्रित करने की अवधि  10 जून 2010 को समाप्त हो जाय और सरकार यह मान ले कि निर्धारित 30 दिन की अवधि के अन्दर कोई आपत्ति अथवा सुझाव प्राप्त ही नहीं हुआ।

2- वास्तव में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जालसाजी करके सम्पूर्ण मामले को छिपाने का घोर अपराध किया गया है। मीडिया के माध्यम से केवल 9 जून, 2010 को जानकारी में यह बात आई कि सरकार द्वारा नगरपालिका नियमावली में अमूल परिवर्तन करते हुये राजनैतिक दलों को पार्टी के चुनाव चिन्ह पर निर्वाचन लड़ने से वंचित किया जा रहा है। सत्तारूढ़ दल का राजनीतिक चरित्र ही तानाशाही प्रवृत्ति का है। उनकी लोकतािन्त्रक प्रक्रिया में आस्था नहीं है। यह भी कि बसपा द्वारा भ्रष्ट तरीका अपना कर अप्रत्यक्ष चुनावों के जरिए सम्बन्धित निकायों में खरीद फरोख्त करके अपने दल के समर्थकों की संख्या बढ़ाने का छद्म उद्देश्य है। यह न सिर्फ लोकतन्त्र के साथ धोखा धड़ी, बल्कि चुनावों की पवित्रता नष्ट करने और लोकतन्त्र की अवमानना की साजिश है।

3- उत्तर प्रदेश की बसपा सरकार द्वारा इस प्रकार का अलोकतान्त्रिक अधिनियम केवल इस उद्देश्य से लाया गया है ताकि नगर पालिका निगमों सभासदों/पार्षदो के आगामी चुनाव बिना राजनैतिक आधार पर कराने के पश्चात बसपा के लोगों को सरकार की ओर से नामित  करके अपनी पार्टी का वर्चस्व बना लें, जबकि बसपा सरकार को ज्ञात है कि उसके भ्रष्टाचारी, तानाशाही आचरण से प्रदेश की जनता महंगाई, बिजली, पानी न मिलने, ध्वस्त कानून व्यवस्था से त्राहि-त्राहि कर रही है। सरकार जान चुकी है कि अब प्रदेश की जनता इससे मुक्ति चाहती है। इस कारण यह सरकार इस संशोधित अधिनियम के प्राविधानों के माध्यम से बसपा के लोगों को नगर पालिकाओ ंके सभापतियों तथा महापौरों के पदों पर येन-केन-प्रकारेण पदास्थापित करने की कूट संरचना में जुटी हुई है।

4-  इस पूरे प्रकरण में प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग की संलिप्तता भी जॉच का विषय है। 11 मई, 2010 को जारी अधिसूचना के बारे में वे कोई भी जानकारी देने से बराबर इंकार करते रहे। इस सार्वजनिक की जाने वाली सूचना को छुपाकर उन्होंने लोकसेवक के अपने कर्तव्य के निर्वहन के बजाए सत्तारूढ़ दल के सहकारी की भूमिका निभाई है। इस पर संज्ञान लेकर तत्काल आपके स्तर से कार्यवाही अपेक्षित है।

आपसे आग्रह है कि कृपापूर्वक इस जारी 11 मई, 2010 की अधिसूचना को निरस्त करने के आदेश देने का कष्ट करें। साथ ही अनुरोध है कि उत्तर प्रदेश नगर पालिका नियमावली में किसी प्रकार के परिवर्तन न किये जाने के आदेश भी सरकार को देने का कष्ट करें।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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उ0प्र0 नगर पालिका (सदस्यों, पार्षदों, सभापतियों और महापौरों का निर्वाचन) नियमावली 2010 के विरूद्ध आपत्तियां

Posted on 10 June 2010 by admin

विषय-उ0प्र0 सरकार द्वारा प्रकाशित अधिसूचना संख्या 418/9-1.10-1सा/10 दिनांक 11 मई 2010 द्वारा प्रस्तावित उ0प्र0 नगर पालिका (सदस्यों, पार्षदों, सभापतियों और महापौरों का निर्वाचन) नियमावली 2010 के विरूद्ध आपत्तियां।

महोदय,

उपरोक्त नियमावली को उ0प्र0 नगरपालिका अधिनियम की धारा 300 एवं महापालिका अधिनियम की उपधारा 2 के अन्र्तगत प्रकाशित कर आपत्तियां आमन्त्रित की गई हैं जिनके प्रकाशन होने के दिनांक से 30 दिन की समय सीमा के अन्दर अपनी आपत्तियां एवं सुझाव प्रस्तुत करना है। उपरोक्त सूचना प्रदेश के किसी भी प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित नही की गई है और न ही इस सम्बंध में कोई सूचना सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में ही दी गई है। जिस कारण 11 मई 2010 को कथित रूप से प्रकाशित अधिसूचना की जानकारी जन साधारण को नही हो पायी है और यह उपरोक्त विर्णत उ0प्र0 नगर निगम अधिनियम, 1959 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-2 सन् 1959) की धारा 87 की उपधारा (1) और उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या (2) सन् 1916 की धारा 296 की उपधारा (2) के खण्ड (क) और धारा 540 के साथ पठित उपधारा (2) के खण्ड (क) और धारा 300 के साथ पठित उपधारा (1) के अधीन शक्ति का प्रयोग  भारतीय संविधान की मूल भावना के विपरीत है अत: इस नियमावली को पुन: प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित कर पुन: 30 दिन का समय देकर आपत्तियां एवं सुझाव विधिक रूप से आमन्त्रित किया जाना आवश्यक है।

हम लोगों को भी इस अधिसूचना के प्रकाशन की जानकारी दिनांक 09.06.2010 के पहले नही हो सकी और जब उपरोक्त अधिसूचना की जानकारी कुछ पत्रकारों के माध्यम से प्राप्त हुई तब तक काफी विलम्ब हो चुका था। जिस कारण से नियमावली का विधिवत् अध्ययन कर सुचारू रूप से आपत्तियां एवं सुझाव देना सम्भव नही है, परन्तु फिर भी कुछ आपत्तियां एवं सुझाव आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूं। जो निम्नलिखित हैं-

1. यह कि उपरोक्त प्रस्तावित नियमावली के नियम-4 (2) में प्रस्तावित प्राविधान के अन्र्तगत नगर पालिकाओं के सदस्यों, पार्षदों, सभापति और महापौर के पदों के लिए निर्वाचन राजनैतिक पार्टियों के आधार पर नही लड़े जाने का प्राविधान किया गया है जो कि किसी भी दृष्टि से उचित नही है।

2. यह कि नगर पालिका अधिनियम 1916 एवं नगर निगम अधिनियम 1959 में राजनैतिक पार्टियों के आधार पर चुनाव लड़ने पर कोई प्रतिबंध लगाना अधिनियम के मूल मंशा के विरूद्ध एवं असंवैधानिक है।

3. यह कि यदि नगर पालिका एवं नगर निगमों के चुनाव में राजनैतिक पार्टियों के आधार पर चुनाव लड़नें में प्रतिबंध  लगाया जाता है तो इनमें स्थायित्व  नही आयेगा एवं निर्वाचित सदस्यगण निरंकुश होकर नगर पालिका एवं नगर निगमों के कार्य में अपने निजी स्वार्थवश नगर पालिका एवं नगर निगमों के विकास कार्यों में अवरोध उत्पन्न करेंगे।

4. यह कि राजनैतिक पार्टियों के आधार चुनाव लड़ने का प्राविधान प्रदेश में 50 वर्ष से अधिक समय से लगातार चला आ रहा है।

5. यह कि उक्त अधिसूचना द्वारा प्रस्तावित नियमावली संविधान के 73 वे संशोधन की मूल भावना के विपरीत होगा जिसमें पंचायतों को स्थायित्व प्रदान करने हेतु 5 वर्ष का कार्यकाल निर्धारित किया गया है।

6. यह कि उपरोक्त नियमावली लागू होने पर यदि चुनाव राजनैतिक पार्टियों के आधार पर नही लड़ा जायेगा तो इसमें धनबल एवं बाहुबल के द्वारा नगर पालिका के अध्यक्ष एवं नगर निगम के महापौर का पद प्राप्त करने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जायेगी। जो लोकतन्त्र के लिए घातक है।

7. यह कि यदि राजनैतिक पार्टी के आधार पर चुनाव नही होते तो अध्यक्ष एवं महापौर कार्य करने में सदस्यों का अनावश्यक दबाव रहेगा, जिससे वे अपने दायित्वों का निर्वहन ठीक प्रकार से नही कर सकेंगे और इसका विपरीत प्रभाव विकास कार्यों पर पड़ेगा।

8. यह कि उपरोक्त नियम के आधार पर चुनाव होने पर सत्ताधारी पार्टी द्वारा इसका दुरूपयोग कर अपने व्यक्तियों को सत्तासीन करने की प्रबल संभावना होगी। जो पूर्णतया लोकतान्त्रिक व्यवस्थाओं के प्रतिकूल होगा।

9. यह कि इसके अतिरिक्त उपरोक्त प्रतिबंध लगाने का कोई उचित आधार नही है और न ही यह व्यावहारिक है।

अत: महोदय से अनुरोध है कि लोकतान्त्रिक हित को ध्यान में रखते हुए उपरविर्णत आपत्तियों/सुझावों पर सम्यक रूप से विचार कर उपरोक्त प्रस्तावित नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को निरस्तकर राजनैतिक पार्टियों के अधिकृत चुनाव चिन्ह के आधार पर चुनाव लड़ने के प्राविधान को यथावत बनायें रखें।

(सूर्य प्रताप शाही)प्रदेश अध्यक्ष भाजपा, उ0प्र0

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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नकवी के राज्यसभा में निर्विरोध निर्वाचन पर प्रसन्नता

Posted on 10 June 2010 by admin

लखनऊ  - भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी के राज्यसभा में निर्विरोध निर्वाचन पर प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने प्रसन्नता व्यक्त की है। नेता विधानमण्डल दल ओम प्रकाश सिंह, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष डॉ0 रमापतिराम त्रिपाठी, वरिष्ठ नेता सांसद लालजी टण्डन ने भी श्री नकवी के निर्वाचन पर उन्हें बधाई दी।

राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने पर प्रदेश कार्यालय पर आज श्री नकवी का स्वागत किया गया। पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी। प्रदेश महामन्त्री संगठन नागेन्द्र नाथ, प्रदेश महामन्त्री स्वतन्त्र देव सिंह, प्रदेश महामन्त्री डॉ0 महेन्द्र सिंह, प्रदेश मन्त्री विधायक सुरेश श्रीवास्तव, मुख्यालय प्रभारी भारत दीक्षित, संगठन मन्त्री अशोक तिवारी, प्रदेश मीडिया प्रभारी नरेन्द्र सिंह राणा, प्रेस सचिव हीरो बाजपेयी, प्रदेश सहमीडिया प्रभारी दिलीप श्रीवास्तव, मुख्यालय सहप्रभारी युवा मोर्चा अध्यक्ष दयाशंकर सिंह, चौ0 लक्ष्मण सिंह, कार्यालय सचिव अनूप गुप्ता, राष्ट्रीय परिषद सदस्य वीरेन्द्र कुमार तिवारी, हरीश दुबे, नगर महामन्त्री राजीव मिश्र, अनिल बाजपेयी, दिनेश दुबे, साकेत शर्मा, मान सिंह, अभिजात मिश्र, बलवीर सिंह दुआ, अंजू रामचन्दानी, विजय लक्ष्मी कसौलिया, अंजनी श्रीवास्तव ने भी श्री नकवी को बधाई दी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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लखनऊ बार एसोसिएशन में नवनिर्मित पुस्ताकल कक्ष का उद्घाटन 16 जून को

Posted on 10 June 2010 by admin

लखनऊ  - भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सांसद कलराज मिश्र दिनांक 16 जून को लखनऊ में लखनऊ बार एसोसिएशन में नवनिर्मित पुस्ताकल कक्ष का उद्घाटन करेंगे। प्रदेश सहमीडिया प्रभारी दिलीप श्रीवास्तव एडवोकेट ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त पुस्तकालय कक्ष का निर्माण श्री मिश्र की सांसद निधि से हुआ है।

उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता लखनऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सी0पी0 त्रिपाठी एडवोकेट करेंगे। नवनिर्मित पुस्तकालय कक्ष के लिये अधिवक्ता समाज ने श्री मिश्र के प्रति आभार प्रकट किया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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प्रदेश में महिलाओं की इज्जत व जानमाल सुरक्षित नहीं - समाजवादी पार्टी

Posted on 10 June 2010 by admin

लखनऊ -  समाजवादी पार्टी प्रदेश प्रवक्ता रजेन्द्र चौधरी ने कहा प्रदेश की सत्तारूढ़ बसपा सरकार का चरित्र पिछड़ा वर्ग और गरीब-किसान विरोधी है। महिला मुख्यमन्त्री होते हुए भी प्रदेश में महिलाओं की इज्जत व जानमाल सुरक्षित नहीं। यहां कानून का राज नही चलता है। किसी अपराध पर धाराएं कानून से नहीं लगती हैं बल्कि बसपा नेताओं की मनमर्जी से तय होती है। इस जंगल राज के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने ही मोर्चा खोल रखा है। इस जन विरोधी सरकार को हटाने के हमारे संकल्प में साहू समाज सहित समाज के सभी वर्गो का सहयोग चाहिए।

उक्त आवाहन आज यहां समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव ने राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में आयोजित राष्ट्रीय गांधी तैलिक साहू राठौर महासभा के प्रतिनिधि सम्मेलन में किया। इस सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि श्री राजेन्द्र चौधरी एवं अध्यक्षता श्री देवनाथ साहू ने की। इस सम्मेलन के पूर्व श्री शिवचन्द्र साहू को महासभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया। सम्मेलन में श्री अखिलेश यादव को पगड़ी और तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्होने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का उद्घाटन किया।

मुख्य अतिथि श्री अखिलेश यादव ने कहा कि यह दु:ख की बात है कि राजनीतिक- सामाजिक स्तर पर गांधी तैलिक साहू राठौर समाज के लोग पिछड़े रह गए हैं। यह परिश्रमी लोग है। इनका मजबूत संगठन बनना चाहिए। समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय के सिद्वान्त की पक्षधर है। वह इस पिछड़े समाज को सम्मान देने में कभी पीछे नहीं रहेगी। यही पार्टी है जो साहू समाज और पिछड़ों को राजनीतिक सत्ता में भागीदारी देती आई है।

श्री यादव ने अपने भाषण में कांग्रेस और बसपा दोनों को आड़े हाथों लिया। उन्होने कहा कांग्रेस जनगणना में पिछड़ों की गिनती नहीं होने दे रही है। महिला आरक्षण बिल पर भी उसका यही रवैया रहा हैं। उसकी साठगांठ से बसपा सरकार भी प्रदेश में मनमानी चला रही है। मंहगाई काबू के बाहर है। बिजली संकट उसकी देन है। पत्थरों, पाकोZ पर जनता की गाढ़ी कमाई लुटाई जा रही है। जमीनों और कोठियों पर कब्जा, सरकारी खर्चे पर अपनी प्रतिमाएं लगाने के अलावा तमाम असंवैधानिक कार्य करने में मुख्यमन्त्री मायावती को कोई हिचक नहीं होती। वह प्रदेश को पीछे ले जाने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ रही हैं।

साहू समाज के नेताओं ने श्री अखिलेश यादव को भरोसा दिलाया कि साहू समाज संगठित होकर समाजवादी पार्टी के साथ खड़ा रहेगा। यह समाज श्री मुलायम सिंह यादव का आभारी है कि उन्होने संसद में और उसके बाहर जोरदार ढंग से पिछड़ो को उनको हक दिए जाने और जनगणना में जाति की गणना किए जाने मुद्दे को उठाया है। साहू समाज अगले विधान सभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनवाने के लिए संकल्पि है। ।

सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं सहित महानगर अध्यक्ष श्री सुशील दीक्षित, श्रीमती सुरेश चौहान पार्षद तथा सर्वश्री मो0 एबाद, देवेन्द्र सिंह, श्रीमती मुन्नी पाल, विजय सिंह यादव, मनीष यादव,  राजेश यादव,श्रीमती लता बंसल के अलावा श्रीमती रागिनी साहू, श्री दयाशंकर साहू, श्री ओमप्रकाश साहू, श्री राजेन्द्र सिंह राठौर आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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बिंगो ने पेश किया नया ओए पुदीना

Posted on 10 June 2010 by admin

लखनऊ -  उत्तर भारत की पसन्द को खासतौर से ध्यान में रखते हुए आलू चिप्स वर्ग में बिंगो का नया वैरिएंट ओर पुदीना मार्केट में पेश किया गया है। बिंगो का यह नया उत्पाद करारे आलू चिप्स और पुदीना पत्तियों का  जबर्दस्त मेल अपने में समेटे हुए है जो यकीनन आपकी स्वादेन्द्रियों को भाएगा और आप करेंगे और की फरमाइश।

बिंगो चिप्स के ब्रान्च मैनेजर वी0वीनू गोपाल ने अपने सम्बोधन में कहा यह उत्ताद ग्राहकों के मन को भापने के बाद पुदीना फ्लेवर की उनकी फरमाइश पूरी   करने के इरादे से  लाया गया है। उन्होंने कहा युवा और अविश्कारी स्नैक बिंगो का नया फ्लेवर पहली बार एक नई मैटेलिक पैकेजिंग में लाया गया है जो इसे और भी आकर्षक बनाता है।  इस कार्यक्रम मे शौरभ जैन और सतेन्दर भी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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बच्चों को नि:शुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण

Posted on 10 June 2010 by admin

लखनऊ - राजकीय रेलवे पुलिस कर्मचारियों एवं उनके बच्चों को नि:शुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण देने के लिये इण्डिया वीजन फाउडेशन की किरनबेदी  और वेदान्ता फाउन्डेशन संस्था के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों व उनके बच्चों को दो माह का कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिलाएगी।

लखनऊ राज्य की रेलवे पुलिस लाईन में कम्प्यूटर प्रिशक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ एडीजी रेलवे ए.के. जैन ने किया।  प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक पुलिस लाइन को पांच कम्प्यूटर स्टेशनरी और प्रशिक्षण किरन बेदी और संस्था की ओर से उपलब्ध कराये जाएंगे। प्रशिक्षण में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को एक कम्प्यूटर मेधावियों को रोजगार दिलाया जाएगा। एसपी रेलवे डा. जीके गोस्वामी ने बताया कि जीआरपी के 77 अभ्यर्थियों को 10-10 के समूह मे प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें 45 पुलिकर्मी, उनके 32 बच्चे और बारह महिलाएं भी शामिल है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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झांसी में सरकारी मशीनरी के खेल भी निराले है

Posted on 09 June 2010 by admin

झांसी में  सरकारी मशीनरी के खेल भी निराले है। यह जानते हुये भी आने वाले दिनों में झमाझम बारिश होने के पूरे आसार है, इसके बाद भी विकास के नाम पर मिट्टी के काम शुरू कराये जा रहे हैं।

जनपद के अम्बेडकर गांवों में विकास कार्यो की गति पर शासन की सख्ती से विभागीय अधिकारियों की नींद उड़ी है। वह आनन-फानन में ऐसे प्रस्ताव तैयार कर रहे है, जिन पर सवाल खड़े होने लगे है। पूर्व में कराये गये विकास कार्यो की समीक्षा में मिली कमियों को अभी दूर नहीं किया जा सका है कि लोक निर्माण विभाग ने बीते रोज विभिन्न कार्यो में मिट्टी का लेविल डालने के लिये निविदायें आमंत्रित कर ली। यहां रोचक तत्थ्य यह है कि इस कार्य को पूरा करने के लिये निर्धारित समय सीमा में बारिश काल को भी शामिल किया गया है। जानकारों का कहना है कि निविदा के फाइनल होने तक बारिश का मौसम आ जायेगा। इससे काम के दौरान ठेकेदार पानी के बहाव में मिट्टी को कैसे रोक सकेंगे? उस स्थिति में लाखों रुपये के इस कार्य के पूरे होने का मतलब है होगा मिट्टी को पानी में बहा देना। इसके अलावा सम्पर्क मार्ग निर्माण के लिये भी ऐसी ही शर्त रखी गयी है।

विभागीय अधिकारियों की सोच के बाद तैयार हुये इन प्रस्तावों पर अभी कार्य शुरू नहीं हुआ है, लेकिन जानकारों का कहना है कि अड़चनों में कराये गये विकास कार्यो की गुणवत्ता धराशायी हो सकती है।

Vikas Sharma
bundelkhandlive.com
E-mail :editor@bundelkhandlive.com
Ph-09415060119

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