Archive | सुलतानपुर

जिले का सूचना कार्यालय औचित्यहीन साबित

Posted on 11 September 2012 by admin

ऽ    प्रेस विज्ञप्ति नहीं पहुॅचायी जाती समाचार पत्रों के कार्यालयों पर
जिला मुख्यालय स्थित सूचना कार्यालय जिला सूचना अधिकारी के बिना औचित्यहीन साबित हो रहा है। षासन द्वारा जनता के हित में जिए जाने वाले निर्णयों एवं उनके क्रियान्वयन की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जिले में प्रसारित होने वाले समाचार पत्रों के कार्यालयों में पहुॅचाने का कार्य सूचना कार्यालय का होता है,। षासन-प्रषासन द्वारा जनता के हित में किए जाने वाले कार्यों एवं आवष्यक सूचनाएं समाचार पत्रों में प्रकाषित न होने से जनपद वासियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले स्तर कि अधिकारियों एवं पत्रकारों के बीच सामन्जस्य बनाने का मुख्य कार्य भी जिला सूचना अधिकारी का ही होता हैं जिसके अभाव में गलत फहमी एवं मतभेद पैदा हो रहे हैं। जनपद के पत्रकारों को बैठक आदि करने एवं जिन पत्रकारों के पास कार्यालय नहीं हैं ,उन्हें समाचार लिखने एवं प्रेस कार्यालय भेजने के लिए षासन की ओर से नगर के दीवानी चैराहे के पास प्रेस क्लब भवन बनवाया गया है किन्तु देख-रेख के अभाव में वह भी खण्डहर में तब्दील होता  जा रहा है। जनपद में पत्रकारों का सबसे सक्रिय संगठन पत्रकार एसोसिएषन ने जिलाधिकारी से प्रेस क्लब का रख-रखाव ठीक ढंग से करवाने के लिए पत्रकार एसोसिएषन को सौंपने की मांग की थी, परन्तु जिला सूचनाधिकारी के आने के बाद भी कार्यालय में किसी भी प्रकार का सुधार नहीं देखा जा रहा है। सरकारी प्र्रेस विज्ञप्ति भी समाचार पत्रों के कार्यालयों पर एकाध को छोड़कार कहीं  नहीं भेजी जाती है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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बाल विकास पुष्टाहार योजना पटरी से उतरी

Posted on 11 September 2012 by admin

जिले में बाल पुष्टाहार योजना अपनी पटरी से उतर चुकी है। नौनिहाल बच्चो गर्भवती धात्री पुष्टाहार पशु आहार बनकर खुलेआम बाजारो, गांवो के गली-कूचों में बेचा जा रहा है। अधिकांश केन्द्रों पर ताले लटक रहे हैं।
कार्यकत्री सुपरवाइजर समेत कार्यक्रम अधिकार नौनिहाल बच्चों के हको पर डाका डालने की जुगत में लगे हुए है। नौनिहाल बच्चो को संक्रामक रोगो से बचाने हेतु सर्व शिक्षा अभियान मे जोडने हेतु सरकार द्वारा बाल विकास परियोजना के तहत करोडों रुपये पानी की तरह बहाया जा रहा है, किन्तु जिला कार्यक्रम के अधिकारी लचर कार्यप्रणाली के चलते योजनाओ का सही क्रियान्वयन नही हो पा रहा है।
गांवों के केन्द्र तक ले जाने हेतु बच्चों को केन्द्र सरकार द्वारा कार्यकत्रियों, सहायिकाओं की तैनाती की गई है तथा केन्द्रों को चेक करने की जिम्मेदारी सुपरवाइजरो को सौंपी गई है।
साथ ही सभी केन्द्र सी०डी०पी०ओ० के निगरानी में संचालित होती है किन्तु यह अधिकारी धन उगाही मे अधिक रुचि दिखा रहे है। नौनिहाल बच्चों गर्भवती धात्री महिलाओं को मिलने वाली वीडिंग फूड खुलेआम बाजारो मे बेंचकर धन का बंदरबाट किया जा रहा है। सभी केन्द्रो के लिए प्रतिमाह कागजों मे बीडिंग फूड खारिज किया जाता है।
परन्तु यहां वितरित न होकर पशुओं का आहार बना लिया जाता है। जिसे दूधिये १५० से २५० रुपये प्रतिबोरी की तक खरीदकर पशुओं को खिला रहे है। मिड-डे-मील की तर्ज पर विगत सरकारों ने आंगनबाडी केन्द्रों पर आने वाले बच्चों को गरमा-गरम भोजन देने की योजना बनायी थी किन्तु वह योजना पूर्णतया ध्वस्त है। बाल विकास परियोजना द्वारा संचालित योजनाएं मात्र कागजों में दिखाई पडती है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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गाॅजे का अनैतिक कारोबारी केन्द्र बना जयसिहंपुर कोतवाली क्षेत्र

Posted on 09 September 2012 by admin

जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र व कोतवाली कस्बा बगिया चैराहा, बरौसा, विरसिंहपुर सहित आस पास के ग्रामीण क्षेत्रो में गांजे का धन्धा बहुत ही तेजी से फल फूल रहा है ।गांजे से जुडे कारोबारियों व खरीददारो में पुलिस का भय खत्म हो गया है यही वजह है कि कस्बा सहित आस पास के ग्रामीण क्षेत्र में गांजे के लती चिन्हित स्थानो पर एकत्रित होते है व अपने धन्धे को चलाने के लिए गांजे के व्यापारी व गजेड़ी अक्सर कोडवर्ड से खरीद फरोख्त करते है ।
गांजा पीने वाले कभी कभी इतने नशे में होते है कि लोग उनको उनके घर तक पहुंचाते है ऐसा नही है कि इस नशे के अवैध कारोबार से पुलिस अनजान है आखिर क्या कारण है कि सब कुछ जानते हुए भी इन गजेडियों को न तो कभी रोकने की कोशिश की न टोकने की तभी तो ये गांजा पीने वाले पुलिस की आंख में धूल झोककर मौके का फायदा उठाने में लगे हुए है ।
सूत्रो के अनुसार कस्बा में कुछ सार्वजनिक स्थानो के साथ ही सरकारी अस्पताल के पीछे व इनके अलावा कई जगहो पर गांजे के विक्रेताओं व खरीददारो का जमावडा लगता है इस नशे मे शामिल जहां कुछ लोगो को मौज मिल रही है वही इस नशे में शामिल अधिकांश लोग अपनी पूंजी गंवा कर बर्बाद हो रहे हे ।इस गांजे के धंधे के साथ ही कोतवाली क्षेत्र में अवैध गांजे की दुकानो पर हजारो का वारान्यारा हो रहा है वही पुलिसिया कार्यवाही भी महज औपचारिकता निभाते नजर आ रहे है ।
कस्बा समेत ग्रामीण स्तर के नुमाए, करसा, दौलतपुर, फजीलपुर समेत दर्जनो गांवो में दुकाने सजी हुई है । स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता का लाभ जुआरी खुल कर उठा रहे है शायद यही कारण है कि इन जुए की फडों पर व स्मैक, चरस, गांजा अवैध कच्ची शराब के कारोबार में नाबालिक बच्चे व महिलाऐं शामिल है ।
यदि समय रहते इन अवैध धन्धो पर अकुंश न लगाया तो आने वाले समय में स्थित और भयावह हो सकती है इस अवैध कारोबार से जहां राजस्व विभाग को लाखो का चूना लग रहा है वही सरकार जिन युवाओ की देश का भविष्य बताती है वही युवा इस दल दल में फंसते जा रहे है वर्तमान समय में इन कारोबार से जुडे व्यापारियों व खरीददारो पर नकेल कसना अति आवश्यक है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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षौचालयों के निर्माण में धाॅधली ,घोटाले का आरोप

Posted on 09 September 2012 by admin

विकास क्षेत्र धनपतगंत में अम्बेडकर गांवो व सामान्य ग्राम सभाओ में विगत पंचवर्षीय में बनायें गये शौचालयो में धांधली की गयी है परन्तु कागजी कोरम को दुरुस्त रखते हुए तत्कालीन खण्ड विकास अधिकारी व कर्मचारियो ने ग्राम प्रधानो से मिलकर अच्छी कमाई किया ।
विकास खण्ड धनपतगंज में गत पंचवर्षीय योजनाओं में शौचालय योजनाओं में ग्राम प्रधानो और ग्राम पंचायत अधिकारियों ने मिलकर धांधली कर सरकारी धन का दुरुपयोग करते हुए भारी घोटाला किया है । विकास खण्ड के अम्बेडकर गावों में मुख्यतया ऐंजर, नन्दरई, भरसडा तथा सामान्य गांवो मे चन्दौर, सतहरी, बिनगी, पीरो सरैया, पीपरगांव, हन्ना हरौरा में फर्जी शौचालय बनवा कर रुपया लिया गया है जबकि वास्तव वे शौचालय बने ही नही है और जो शौचालय बने भी है उनमें ५० प्रतिशत आधे शौचालयो में शीट के नीचे गढढे ही नही है सिर्फ शौचालय का ढांचा ही बनवाया गया है ।
ऐसा नही है कि शौचालयो का सत्यापन नही करवाया गया है । मैनेजमेन्ट टीमो ने मैनेज प्रक्रिया अपना कर भौतिक सत्यापन भी करवाया है परन्तु कागजो पर ही । यदि जनपदीय प्रशासन सक्रिय होकर गत पंचवर्षीय काल में निर्मित शौचालयो की जांच करवाये तो विकास खण्ड में लगभग ५० प्रतिशत फर्जी शौचालय मिलेगें और खुल सकता है शौचालय घोटाला । क्षेत्र के कांग्रेसी नेताओं  ने क्षेत्र मे बने शौचालयों के जाच करवाये जाने की मांग की है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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स्टेषन अधीक्षक व सी०एम०आई० की मिली भगत से होता है कारनामा

Posted on 09 September 2012 by admin

जनपद के वी०वी०आई०पी० रेलवे जंक्शन सुलतानपुर में अधिकारियों की मिली भगत से पेयजल सुविधा ट्रेन आने पर बन्द कर दिया जाता है । जिससे की पानी की बोतल बेची जा सके ।
यही नही अव्यवस्था का आलम यह है कि स्टेशन के प्लेटफार्म नं० १ व २ पर लगे स्टैम्प पोस्ट के टोटियां सूखी रहती  है। वाटर कूलर तो हमेशा के लिये खराब कर दिया गया है । रेलवे के सूत्र बताते है कि स्टेशन पर अवैध वेन्डरो की भरमार ह,ै जो कि ट्रेन के यात्रियों को सड़े व बासी ब्रेड पकौडा व पूडी सब्जी मनमाने रेट पर बेचते है और तो और सिन्थेटिक दूध हिमालय मिल्क टयूब के दूध की चाय धडल्ले से बेची जा रही है जिसमें स्थानीय अधिकारियों की भारी धन वसूली जग जाहिर है । आर०पी०एफ०व जी०आर०पी०का इन वेण्डरो को खुला संरक्षण प्राप्त है । जब कोई यात्री पेयजल व दूषित खाद्य पदार्थ की वावत बोलता है तो जी०आर०पी० वाले अवैध वेण्डरो के समर्थन में उतर आते है । प्रत्यक्ष दर्षियों के अनुसार रेलवे पुलिस व राजकीय  रेलवे पुलिस   अनधिकृत पानी की बोतल खुले आम बिकवाते है। स्टेशन की अव्यवस्था की शिकायत स्थानीय दैनिक यात्रियों व समाज सेवियो ने उत्त्तर रेलवे के जनरल मैनेजर को फैक्स  द्वारा षिकायती पत्र भेजा गया है ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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राषनकार्ड जारी करने में धंाधली का मामला उजागर

Posted on 09 September 2012 by admin

सार्वजनिक वितरण प्रणाली से राषन प्राप्त करने के लिए सभी ब्लाॅकों के ग्रामीण क्षेत्रों में साढ़े पांच लाख राषन कार्ड जारी किए जा चुके हैं, लेकिन ब्लाॅकों में केवल तीन लाख 90 हजार 907 राषन कार्ड धारकों का ही प्रमाण मिलता है। एक लाख राषन कार्ड किस व्यक्ति को जारी किए गए इसका लेखा जोखा किसी के पास नहीं है। यही राषन कार्डों का 34 हजार रूपए षुल्क भी बकाया है। राषन कार्ड के वितरण में सबसे अधिक अनियमितता जयसिंहपुर  व कादीपुर तहसील में होने की जानकारी मिली हेै। इस बाबत जब  सम्बन्धित पुर्ति अधिकारी से दूरभाष पर सत्यता की जानकारी चाही गई तो उनका मोबाईल नहीं उठा।
षासन की ओर से गरीबों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से वितरित होने वाली राषन व अन्य सामाग्री का लाभ पहुंचाने के लिए राषन कार्ड जारी किया गया था। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्ड बनाने की जिम्मेदारी ब्लाॅक कर्मचारियों की होती है। षहरी क्षेत्र में पूर्ति कार्यालय से राषन कार्ड जारी किया जाता है अब तक तहसीलदार सदर, जयसिंहपुर, कादीपुर लम्भुआ के सभी ब्लाॅकों को लगभग साढ़े पांच लाख सादा राषन कार्ड गया था। ब्लाॅक कर्मियों ने कहने के लिए तो पूरा राषन कार्ड जारी कर दिया किन्तु उनके पास सभी राषन कार्डों को जारी करने का कोई प्रमाण मौजूद नहीं है। ऐसे में इस बात का पता नहीं चल पा रहा है कि किसको राषन कार्ड जारी किया गया है। डीएसओ कार्यालय पर भेजी गई रिपोर्ट पर नजर डाली जाय तो एक लाख कार्डों का लेखा जोखा ही नहीं है। ब्लाॅक के अधिकारी मात्र तीन लाख 90 हजार 907 राषन कार्ड किस व्यक्ति को जारी किया गया है इतने का ही प्रमाण दे पा रहे हैं। ब्लाॅकों पर जिन राषन कार्डों का प्रमाण नहीं है। उनके नाम तो राषन कार्ड आवंटन नहीं होता है। किन्तु उसके दुरूपयोग होने की आषंका बनी रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में तीन लाख 86 हजार 241 कार्ड धारकों को ही राषन का आवंटन किया गया है। षासन की ओर से फर्जी राषन कार्डों की जांच के लिए कई बार अभियान चलाया गया फिर भी इस गड़बड़ी का खुलासा नहीं हो सका। वर्ष 2010-11 में राषन कार्डों का भौतिक सत्यापन कराया गया था जिसमें 4112 राषन कार्ड निरस्त किए गए थे। ये सत्यापन जिले के बंटवारे से पहले हुआ था। कुछ ब्लाॅक ऐसे हैं जिनके पास सादे राषन कार्डों का लगभग 34 हजार रूपय ेषुल्क बकाया है। डीएसओ कर्यालय से कई बार पत्र जारी किया गया किन्तु राषन कार्डों का प्रमाण व षुल्क की धनराषि नहीं भेजी गई।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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सार्वजनिक स्थलों पर पेय जल की व्यवस्था न होने से परेषानी

Posted on 09 September 2012 by admin

नगर के सार्वजनिक स्थलों, बस स्टेषन, रेलवे स्टेषन पर षुद्ध षीतल पेय जल की व्यवस्था न होने से जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। दीवानी, कलेक्ट्रेट, व तहसील परिसर में भी षुद्ध पेय जल की किल्लत से अपने मुकदमों की पैरवी करने जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों से आने वसले लेग भीषण गर्मी में बेहाल हो रहे है। नगर पालिका प्रषासन की अनदेखी के चलते जनपदवासी पेय जल की समस्या से जूझ रहे रहे हैं। बस स्टेषन व रेलवे स्टेषन पर षीतल जल की व्यवस्था न होने से बसों व रेल गाडि़यों की प्रतीक्षा करने वाले यात्रियों को इस भीषण गर्मी में षुद्ध व षीतल जल की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। परिवहन विभाग व रेल विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते महिलाएं व छोटे-छोटे बच्चो पानी के लिए तरस रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद अधिषाषी अधिकारी मुषीर अहमद के पास चेयरमैन का भी दायित्व है। नगर के पेयजल की समस्या का एक कारण यह भी है। वार्ड सभासद तथा अध्यक्ष चुने जाने तक जनपद वासियों को इस समस्या से दो-चार होना पड़ सकता है। जनपद वासियों ने जिम्मेदार अधिकारियों से सार्वजनिक स्थलों पर षुद्ध व षीतल जल की व्यवस्था करवाने की मांग की  है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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कोतवाली नगर पुलिस की षह पर हो रही है डग्गामारी

Posted on 09 September 2012 by admin

ऽ मुख्यालय से जनपद के कस्बों के लिए सवारियाॅ ढोतें हैं लगभग 500 डग्गामार वाहन
ऽ 200 रु0 प्रति वाहन वसूली करते हैं नगर कोतवाल के हमराही
ऽ एक लाख रुपये माहवारी की आमदनी होती है नगर कोतवाल को मात्र डगामार वाहनों से
जनपद मुख्यालय के व्यस्ततम चैराहों पर आड़े- तिरछ खड़े होकर उग्गामार वाहनों से सवारियाॅ भरने से ही नगर में हमेषा जाम की स्थिति बनी रहती है। । नगर पालिका परिषद द्वारा प्रतिवर्ष वाहन  स्टैण्डों का ठेका दिया जाता है। किन्तु वाहन स्टैण्ड के लिए कहीं पर भी स्थान निर्धारित नहीं है। उन्हें तो मात्र अपनी सुरक्षा राषि से मतलब रहता है। इसीलिए नगर के व्यस्ततम चैराहों वाधमण्डी, राहुल टाकीज चैराहा, माल गोदाम तिराहा, गभिड़या ओर ब्रिज के नीचे, डी एम आवास तथा पुलिस अधीक्षक आवास के सामने सहित नगर के व्यस्ततम चैराहों पर डग्गामार वाहन कभी भी सवारियाॅ  को भरते देख्ेा जा सकते है। जिसमें सदैव नगर मंे जाम की स्थिति बनी रहती है। इसका कारण पुलिस द्वारा वाहनों से की जाने वाली अवैध उगाही हैं । मुख्यालय से कादीपुर, सेमरी, कूरेभार, रामगंज, फैजाबाद, गौरीगंज, अमेठी, कुड़वार, अलीगंज,बॅधुआ बाजार तथा चाॅदा के लिए ये वाहन चलते हैं। यातायात पुलिस, चैकी प्रभारी सम्बन्धित थाने सहित नगर कोतवाली पुलिस भी इन वाहनों से अवैध वसूली करती है। जनपद मुख्यालय से उक्त स्थानों के लिए लगभग 500 वाहनों से मात्र  नगर कोतवाल को ही एक लाख रूप्ये कहीने की अवैध रूप से आमदनी होती है। नगर कोतवाल के हमराही इन वाहनों से माहवारी एक लाख रूप्ये वसूल कर नगर कोतवाल को देते हैं।ं जिसकी चर्चा  नगर में हर जगह व्याप्त है। वसूली के चलते ही नगर के प्रत्येक चैराहों पर जाम की समस्या बनी रहती है। ओवर ब्रिज गभडि़या के नीचे तो टैम्पों वाले अपनी गाडि़यों को इस बेतरतीबी से खड़े करते हैं कि साइकिल सवार व पैदल चलने वालों के लिए भी परेषानी पैदा करते रहते है और यह सब कारनामा पुलिस के नाक के नीचे होता रहता है। पुलिस के सिपाही अपने 20 रू0 के चक्कर में ही पड़े रहते है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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जनपद में फल- फूल रहा है नकली नोटों का धन्धा

Posted on 09 September 2012 by admin

जनपद में इन दिनों नकली नोटों का धन्धा जोरांे  पर है इसे चलाने वाले सक्रिय हैं। नकली नोटों केा लेकर अक्सर दुकानदारों व ग्राहको में में तू-तू,मैं- मैं होते कभी भी देखा जा सकता हैं ।नकली नोटों के कारोबारियों का निषाना ष्षहर की भीड़-भाड़ वाली दुकानें होती है। क्यों कि यहाॅ पर इन्हें नोट चलाने में आसानी होती हैं। कारोबारी दुकानदार को नकली नोट पकड़ा कर आगे बढ़ जाता है। उसे इसकी जानकारी तभी होती  है जब वह उसे जमा करवाने बैंक जाता हैं। बाजार व बैंक में नकली नोटों को लेकर ग्राहकों व दुकानदार में अक्सर नोक-झोंक होती रहती है। कभी-कभी ग्राहकों व बैंक कर्मचारियों में तू-तू, मैं-मैं ज्यादा बढ़ जाती है। नकली नोटों का प्रचलन ष्षहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक फैला होने के कारण छोटे दुकानदारों को नकली नोट पहचानने में काफी परेषानी का सामना करना पड़ता है। भारतीय दण्ड संहिता की धारा 498 ए से 489 ई के अन्तर्गत जाली नोटों की छपाई करना, असली नोटों की तरह उपयोग करना, अपने पास जाली नोट रखना दण्डनीय अपराध है। न्यायालय की ओर से भारी जुर्माने के साथ ही सात साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। जनपद मुख्यालय व बाजारों में इन दिनों नकली नोटों को धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। जिला प्रषासन जानकर भी अन्जान बना हुआ है। नागरिकों ने नकली नोटों के प्रचलन को जड़ से खात्म करने तथा षामिल लोगों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की मांग जिाधिकारी से की है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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वरुण गाॅधी का सुलतानपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की सुगबुगाहट षुरू

Posted on 09 September 2012 by admin

ऽ    संजय गाॅधी का एहसान चुकाने के लिए आधे से अधिक कांग्रेसी करेंगे प्रचार
ऽ    क्या जनता अब काॅग्रेस के नाम पर वोट नहीं देगी
जनपद की राजनैतिक सियासत पुनः जोर पकड़ने जा रहा है। कारण यह कि गली व चैराहों पर सुलतानपुर संसछीय ़ोत्र से भाजपा पार्टी से चुनाव लड़ने वरुण गाॅधी आ रहे हैं। कुछ वरिष्ठ काॅग्रेसियों ने चर्चा के दौरान बताया कि कहीं यदि सुलतानपुर संसदीय क्षेत्र से वरुण गाॅधी चुनाव मैदान में आ जायंेगे तो जिले के ही नहीं रायबरेली, अमेठी व सुलतानपुर, फैजाबाद, आजमगढ़, जौनपुर तथा  प्रतापगढ़ आदि जनपद से लगे क्ष्ेात्र भी प्रभावित होंगे।  वैसे भी कांग्रेस को की लुटिया डुबोने में किषोरी लाल काफी अहम अपनी योगदान दे रहे हैं ऐसा वरिष्ठ काग्रेयिों का कहना हैं । इस तथ्य को जब जानने के लिए क्षेत्रों की जनता से सम्पर्क किया गया तो और भी बातें खुल कर सामने आयी। कांग्रेस में जातिगत समीकरण बैठाने में गड़बड़ा गई है। अभी रायबरेली, अमेठी तथा सुलतानपुर में किषारेी लाल षर्मा ने कार्यवाहक जिलाध्यक्ष की कुर्सी पर ब्राम्हणों को ही बैठा दिया। ऐसे में मुष्लिम तथा बैकवर्ड काफी नारज हो गया है।  कांगेसी लोगों का कहना है कि यदि रायबरेली से ब्राम्हण को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है तो अमेठी से मुस्लिम व सुलतानपुर से बैकवर्ड को जिलाध्यक्षी सौंपना चाहिए था। परन्तु किषोरी लाल ष्षर्मा ने ब्रम्हणों को ही जिलाध्यक्षी की कुर्सी पर बैठाया।  यदि कांग्रेसी पार्टी पर दाॅव ही लगाना है तो युवाओं पर दाॅव लगाये न कि घिसे-पिटे लोेगों पर।  काॅग्रेस पार्टी से नाराज व एक ही व्यक्ति पर उपरोक्त तीनों सीटों पर अपना एकाधिकार समझना ही कोॅग्रेस की लुटिया डुबोने में काफी हैं इसका सीधा असर पिछले दिनों विधानसथा व नगर निकाय के चुनाव में देखने को मिला। कांग्रेसियों का मानना है कि कंग्रेस की मटियामेट करने में किषोरी लाल षर्मा की अहम भूमिका, रही है। अगर हम  विधानसभा के चुनाव से समीक्षा करें तो सारी बाते सपष्ट नजर आयेगा।  काुग्रेस पार्टी के कार्यकताओं का मानना है कि सोनिया व राहुल गाॅधी को सत्य का ज्ञान नहीं,, मान रहे हैं वरिष्ठ कांग्रेसी कि विधान सभा के चुुनाव में राहुल व प्रियंका ने झोकी थी पूरी ताकत, फिर भी नतीजा षून्य रहां । नगर पालिका के चुनाव  में भी हुई  सियासत, परिणाम ढाक के तीन पात रहा पुराने कांग्रेसी नेता को बेज्जत किया गया और उनको मिला हुआ टिकट काट कर बिना किसी छवि वाले नेता को दिया गया जिसका  जिला व पार्टी में कोई वजूद नही था। विधान सभा में कांगेस की मिली हार को गाॅधी व नेहरु का नाम जपने वाले, विधायकी हार जाने के बाद लाॅछन लगाना षुरु कर दिया था । अब तक जो गाॅधी नेहरु के नाम का गुणगान करते नहीं थकते थे, वही अब चुनाव हार जाने के बाद यह कहना षुरु कर दिया कि जनता अब जागरुक हो गई है। वह अब गाॅधी नेहरु के नाम पर वोट नहीं करती है। ऐसी हालत में पुरानी कोग्रेसी जो संजय गाॅधी के साथ थे वे पूरी तरह वरुण गाॅधी के साथ जाने की तैयारी मैं है जिसकी चर्चा चैराहों व चाय की दुकानों पर प्रारम्भ हो चुकी है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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