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चौधरी हरमोहन सिंह यादव के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी

Posted on 27 July 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव आज कानपुर स्थित मेहरबान सिंह का पुरवा पहुंचकर पूर्व राज्य सभा सांसद चौधरी हरमोहन सिंह यादव के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
harmohan-singhइस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री श्रीप्रकाश जायसवाल, प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव, बेसिक शिक्षा मंत्री श्री रामगोविन्द चैधरी, पंचायतीराज मंत्री श्री बलराम यादव एवं विधानपरिषद के सदस्य श्री राजेन्द्र चैधरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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ग्रामीण कुटीर उद्योगों तथा हस्तकलाओं का औद्योगिक स्तर पर विस्तार किया जाएृगा

Posted on 24 July 2012 by admin

photo1उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण कुटीर उद्योगों तथा हस्तकलाओं का औद्योगिक स्तर पर विस्तार किया जाएृगा। उन्होंने मुरादाबाद के पीतल उद्योग, फिरोजाबाद के कांच उद्योग, लखनऊ के चिकन उद्योग, भदोही के कालीन उद्योग तथा वाराणसी एवं मऊ के बुनकरों की चर्चा करते हुए कहा कि हस्त शिल्पकारों एवं कामगारों को प्रोत्साहित किया जायेगा। स्वास्थ्य सेवाओं पर बल देते हुए श्री यादव ने बताया कि प्रदेश में नये मेडिकल कालेजों की स्थापना तथा वर्तमान में चल रहे मेडिकल कालेजों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने तथा उनके सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज दिल्ली के एक होटल के सभागार में फिक्की (फेडरेशन आॅफ इण्डियन चेम्बर्स आॅफ काॅमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज) के लेडीज आॅर्गेनाइजेशन ‘फ्लो’ में आयोजित कार्यक्रम में ये बातें कहीं। समारोह की शुरूआत मुख्यमंत्री एवं उनकी पत्नी ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव एवं उनकी पत्नी तथा सांसद डिम्पल यादव का अभिनन्दन कर उन्हें ग्रीन सार्टिफिकेट भी प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पी0पी0पी0 माॅडल पर प्रदेश में सड़कों का निर्माण, विद्युत परियोजनाओं के विस्तार तथा विद्युत वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने का कार्य शुरू किया जा रहा है। सोनभद्र की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उसे 4-लेन हाई-वे से जोड़ने का कार्य शुरू किया जाएगा। उद्योग धन्धों की चर्चा करते हुए श्री यादव ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक विकास एवं उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए ‘उद्योग बन्धु’ को और मजबूती प्रदान की जायेगी। सिंगिल विण्डो की व्यवस्था के तहत उद्यमियों को आॅन लाइन सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर पर विशेष बल दिया जा रहा है।
श्री यादव ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार द्वारा ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, कृषि, उद्योग, विद्युत उत्पादन एवं वितरण, सौर ऊर्जा आदि के क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सामाजिक न्याय के क्षेत्र में कन्याओं को बेहतर शिक्षा के लिए हमारी सरकार 12वीं पास लड़कियों के लिए ‘कन्या विद्या धन योजना’ शुरू करने जा रही है, जिस पर 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दसवीं पास लड़कियों के लिए भी आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए योजना बनाई जा रही है, जिस पर लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी के युग की शुरुआत करते हुए कक्षा 10 उत्तीर्ण विद्यार्थियों को टैबलेट कम्प्यूटर तथा कक्षा 12 उत्तीर्ण विद्यार्थियों को लैपटाप उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जा रही है। विद्युत वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की शहरी और ग्रामीण जनता को पर्याप्त बिजली उपलब्ध करायी जा सके।
photo-2श्री यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान देश है। इसलिये कृषि विकास एवं कृषकों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। कृषकों को खाद, बीज, कृषि रक्षा, कृषि यंत्र एवं सिंचाई की समय से उपलब्धता सुनिश्चित करायी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि दुग्ध विकास और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी हमारी सरकार गम्भीर पहल कर रही है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पांच लाख लीटर दुग्ध भण्डारण क्षमता वाली डेयरी की स्थापना की जा रही है। यह उत्तर भारत की सबसे बड़ी डेयरी परियोजना है। हम दुग्ध उत्पादन को बड़े पैमाने पर उत्तर प्रदेश के हर क्षेत्र में बढ़ावा देने के हक में हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की जो जमीन अधिग्रहीत की जायेगी उसकी अच्छी कीमत भी दी जाएगी और उन्हें क्षेत्र में परियोजना स्थापित होने पर उसके लाभों की जानकारी दी जाएगी तो वे अपनी जमीन सहर्ष देने को तैयार हो जायेंगे।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि गंगा एवं यमुना का प्रदूषण कम करने तथा उनकी सफाई के लिए कदम उठाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि गंगा की सफाई के लिए उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश और बिहार को मिलकर कार्य करना होगा, जिसमें उत्तर प्रदेश की भागीदारी सबसे अधिक होगी। इसमें आम जनता की भागीदारी एवं जागरूकता भी जरूरी है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री यादव ने बताया कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए जी0डी0पी0 का लक्ष्य 6.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया गया है। गन्ना किसानों के समाधान के लिए नई शुगर पालिसी बनायी जा रही है। उत्तर प्रदेश में 700 मेगावाट बिजली का उत्पादन गन्ने के बगास से हो रहा है। उत्तर प्रदेश में विकास की बहुत सी संभावनाएं हैं। जिसके लिए समुचित नीति का निर्धारण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में युवा वर्ग की नई सोच, नए जोश एवं वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव का समन्वय कर प्रदेश को विकास की नयी धारा से जोड़ा जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एवं उनकी पत्नी तथा सांसद श्रीमती डिम्पल यादव ने फिक्की की महिला सदस्यों के प्रश्नों के उत्तर दिए तथा उनकी शंकाओं का भी समाधान किया। फिक्की की महिला विंग की अध्यक्ष श्रीमती दिव्या सूरी सिंह एवं सदस्य श्रीमती मनप्रीत वालिया, नमिता गौतम, नीना मल्होत्रा, कविता वरदराज, गरिमा जैन, अवन्तिका डालमिया, वस्वी भरतराम आदि ने मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव एवं सांसद श्रीमती डिम्पल यादव का स्वागत एवं अभिनन्दन किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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मंत्रिपरिषद केे महत्वपूर्ण निर्णय

Posted on 24 July 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां लाल बहादुर शास्त्री भवन में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये:-

आठ जिलों के नाम परिवर्तित

मंत्रिपरिषद ने जनपद प्रबुद्धनगर का नाम शामली, जनपद भीमनगर का नाम संभल तथा जनपद पंचशीलनगर का नाम बदलकर हापुड़ करने का निर्णय लिया है।
इसी प्रकार जनपद महामाया नगर का नाम हाथरस, जनपद ज्योतिबाफुलेनगर का नाम अमरोहा, जनपद कांशीराम नगर का नाम कासगंज, जनपद छात्रपति शाहूजी महाराज नगर का नाम अमेठी तथा जनपद रमाबाई नगर का नाम परिवर्तित कर कानपुर देहात रखने का फैसला किया गया है।
गौरतलब है कि इन जनपदों के निवासियों एवं जनप्रतिनिधियों की ओर से इस आशय की मांग की जाती रही है कि विषयगत जनपदों के नाम से कोई शहर नहीं है, जिससे इन जनपदों की स्थिति की जानकारी नहीं हो पाती। इसके अलावा प्रदेश व प्रदेश से बाहर के लोगों को अपनी पहचान बताने, गंतव्य स्थान बताने तथा शासकीय अभिलेख बनवाने में अनेकों समस्याओं का सामना भी करना पड़ता था। इसलिए मंत्रिपरिषद ने आठ जनपदों के नाम परिवर्तित करने का निर्णय लिया।
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छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ का नाम
परिवर्तित कर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय करने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय, उ0प्र0 लखनऊ का नाम परिवर्तित कर ‘किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, उ0प्र0 लखनऊ’ किये जाने हेतु उत्तर प्रदेश छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय अधिनियम, 2002 में संशोधन करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मंत्रिपरिषद ने छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2012 के आलेख को अनुमोदित कर दिया है।
ज्ञातव्य है कि किंग जार्ज मेडिकल कालेज केवल प्रान्तीय या राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं वरन् अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी लगभग 105 वर्षाें से चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त है। इस मेडिकल कालेज ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विद्वानों और महान चिकित्सकों को उद्भूत किया और यहां से अध्ययन प्राप्त स्नातक एवं स्नातकोत्तर चिकित्सक आज भी अमेरिका, कनाडा, आस्ट्रेलिया, इंग्लैण्ड तथा अन्य पश्चिमी देशों में कार्यरत हैं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अपनी ख्याति बनाये हुए हंै। इस संस्था की ख्याति अभी तक प्रदेश के अन्य भागों एवं विदेशों में ‘किंग जार्ज मेडिकल कालेज’ के नाम से है। संस्था का नाम छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय करने से इसकी ख्याति प्रभावित हुई है तथा देश के अन्य भागों एवं विदेशों में इस संस्था का नाम छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय बताये जाने के साथ-साथ इसके पूर्व नाम ‘किंग जार्ज मेडिकल कालेज’ बताये जाने की आवश्यकता होती है।
ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय अधिनियम-2002 द्वारा किंग जार्ज मेडिकल कालेज, लखनऊ को उच्चीकृत करते हुए छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ की स्थापना की गयी थी। तत्पश्चात 17 दिसम्बर, 2003 को प्रख्यापित उ0प्र0 छत्रपति शाहू जी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) अधिनियम-2003 द्वारा छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ का नाम परिवर्तित करके किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ कर दिया गया। तत्पश्चात वर्ष 2007 में उ0प्र0 छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम-2007 द्वारा इसका नाम परिवर्तित कर छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय, उ0प्र0 लखनऊ कर दिया गया।
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बाढ़ के कारण विस्थापित व्यक्तियों/परिवारों को पुनस्र्थापित
करने हेतु खरीद कर निःशुल्क भूमि आवंटित की जायेगी

मंत्रिपरिषद ने तीव्र बाढ़ के कारण नदियों के प्रवाह बदलने से ग्रामों में स्थित/नदियों के तट पर रिहायशी भूमि के अधिकांश भू-भाग नष्ट हो जाने की स्थिति में विस्थापित व्यक्तियों/परिवारों को पुनस्र्थापित करने हेतु भूमि खरीद कर निःशुल्क आवंटन करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके लिये उपयुक्त निकटतम ग्रामीण क्षेत्र में ही भूमि क्रय की जायेगी।
मंत्रिपरिषद द्वारा इसके लिये लाभार्थियों की पात्रता तथा प्राथमिकता भी निर्धारित कर दी गयी है। ग्राम सभा में निवास करने वाले अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़े वर्ग, गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले सामान्य श्रेणी के खेतिहर मजदूर या ग्रामीण शिल्पकार को अधिमान क्रम में भूमि आवंटित की जायेगी। इसी प्रकार गांव मंे निवास करने वाले किसी अन्य खेतिहर मजूदर या ग्राम के कारीगर के अलावा ग्राम सभा में निवास करने वाले, अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़े वर्ग, गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले सामान्य श्रेणी के व्यक्ति को अधिमान क्रम में वरीयता दी जायेगी। गांव में निवास करने वाले विकलांग व्यक्ति तथा विस्थापित सामान्य श्रेणी के सभी व्यक्ति/परिवार को निःशुल्क भूमि आवंटित की जाएगी।
इस सम्बन्ध में फैसला लिया गया है कि प्रभावित व्यक्तियों/परिवारों को 250 वर्ग मीटर से अधिक भूमि का आवंटन नहीं किया जाएगा। इस भूमि को लगान से मुक्त रखा गया है। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति को छोड़कर शेष अन्य लाभार्थियों को स्थल आवंटन की तिथि से 03 वर्ष के भीतर मकान बनाकर उसका उपयोग शुरू कर देना होगा। भूमि का प्रयोग प्रयोजन के अनुसार न करने पर उसका अधिकार समाप्त हो जायेगा और भूमि प्रबन्ध समिति अपने अधिकार क्षेत्र में ले लेगी।
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विधि परामर्शी निर्देशिका के विभिन्न प्रस्तरों में संशोधन

मंत्रिपरिषद ने विधि परामर्शी निर्देशिका के विभिन्न प्रस्तरों में संशोधन करने की मंजूरी प्रदान कर दी है। आज जिन प्रस्तरों में संशोधन का निर्णय लिया गया, उनमें प्रस्तर-7.03, 7.06, 7.08, 8.02, 8.03, 8.04, 8.05 व 8.06 सम्मिलित हैं।
उल्लेखनीय है कि शासकीय वादों की अधीनस्थ न्यायालयों में शासन की ओर से पैरवी करने हेतु फौजदारी/दीवानी एवं राजस्व पक्ष में जिला शासकीय अधिवक्ताओं/अपर जिला शासकीय अधिवक्ताओं/सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तथा उप जिला शासकीय अधिवक्ता एवं नामिका वकील की व्यवस्था विधि परामर्शी निर्देशिका में वर्णित है। संशोधित प्रस्तर 7.03 व 7.06 आवेदन पत्र तथा योग्यतायें, 7.08 पदावधि का नवीनीकरण, 8.02 नामिका वकीलों के आवेदन पत्र, 8.03 श्रम नामिका वकील, 8.04 जिलाधिकारी तथा जिला न्यायाधीश की सिफारिशें, 8.05 नियुक्ति की अवधि तथा 8.06 नवीकरण की प्रक्रिया से सम्बन्धित हैं।
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उत्तर प्रदेश प्रसंस्कृत तिल निर्यात नीति (2012-17) लागू

मंत्रिपरिषद ने राज्य में प्रसंस्कृत तिल के निर्यात को प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश प्रसंस्कृत तिल निर्यात नीति (2012-17) लागू करने का निर्णय लिया है।
इस नीति के क्रियान्वयन में आने वाली कठिनाईयों के निवारण हेतु प्रमुख सचिव/सचिव कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार विभाग की अध्यक्षता में समिति गठित होगी, जो समय-समय पर तिल उत्पादकों/निर्यातकों तथा तिल के निर्यात में आने वाली व्यवहारिक कठिनाईयों का निराकरण करेगी। समिति में प्रमुख सचिव/सचिव खाद्य एवं रसद विभाग अथवा उनके द्वारा नामित अधिकारी, प्रमुख सचिव/सचिव कर एवं निबन्ध विभाग अथवा उनके द्वारा नामिति अधिकारी, उ0प्र0 तिल निर्यात एसोसियेशन के प्रतिनिधि तथा निदेशक मण्डी परिषद सदस्य के रूप में होंगे। निदेशक कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार को सदस्य/संयोजक बनाया गया है।
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उ0प्र0 सरकारी सेवक (चिकित्सा परिचर्या) नियमावली-2011 में
लिवर प्रत्यारोपण पर होने वाले व्यय के प्राविधान का प्रस्ताव अनुमोदित

प्रदेश के बाहर कराये गये उपचार पर चिकित्सा दावे की प्रतिपूर्ति
14 लाख रूपये तक के सम्पूर्ण पैकेज के तहत होगी

मंत्रिपरिषद ने उ0प्र0 सरकारी सेवक (चिकित्सा परिचर्या) नियमावली-2011 में लिवर प्रत्यारोपण पर होने वाले व्यय का प्राविधान किये जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। लिवर प्रत्यारोपण के संबंध में प्रदेश के बाहर कराये गये उपचार पर चिकित्सा दावे की प्रतिपूर्ति 14 लाख रूपये तक के सम्पूर्ण पैकेज के तहत की जायेगी।
इस पैकेज में प्रत्यारोपण कराने वाले रोगी की आॅपरेशन से पूर्व की जांच हेतु 50 हजार रुपये, रोगी की आॅपरेशन से पूर्व स्वास्थ्य तैयारी के लिए 02 लाख रुपये, लिवर दान करने वाले व्यक्ति की जांच आदि के लिए 50 हजार रुपये का प्राविधान सम्मिलित है। इसके साथ ही पैकेज में आॅपरेशन हेतु रक्त की जांचे तथा रक्त अवयव के मूल्य के लिए 50 हजार रुपये से 01 लाख रुपये तथा प्रत्यारोपण आॅपरेशन के पैकेज हेतु 10 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति का प्राविधान भी शामिल है।
पैकेज में चार सप्ताह की रोगी की भर्ती फीस और 15 दिन का डोनर का भर्ती शुल्क औषधियों तथा अन्य सर्जिकल सामग्री का खर्च, थिएटर, बेहोशी आदि का शुल्क चिकित्सालय शैय्या शुल्क आई0सी0यू0 भर्ती एवं दो बार आवश्यक पेट के आॅपरेशन का शुल्क सम्मिलित है। इस अवधि के अतिरिक्त जो भी खर्चें होंगे उनका शुल्क बेड की कैटेगरी के अनुसार अग्रिम जमा करना पड़ेगा। रक्त एवं रक्त अवयव की आवश्यकता पड़ने पर 50 हजार रुपये से 01 लाख रुपये का खर्च वास्तविक खर्च के अनुसार देय होगा। लिवर डायलिसिस, आॅपरेशन से पूर्व अथवा आॅपरेशन के पश्चात, आवश्यकता पड़ने पर 02 लाख रुपये के खर्च पर अलग से देय होगा। उक्त खर्च में मेन्टीनेन्स इम्यूनो सप्रेसिव औषधियों का खर्च सम्मिलित नहीं है। इन औषधियों की खुराक रोगी के वजन के अनुसार तय की जाती है और इनका खर्च अतिरिक्त देय होगा।
ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार के कार्मिकों, पंेशनरों एवं उनके आश्रितों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराये जाने हेतु उनके चिकित्सा उपचार में हुए व्यय की प्रतिपूर्ति किये जाने की व्यवस्था हेतु उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (चिकित्सा परिचर्या) नियमावली-2011 प्रख्यापित है। राज्य कार्मिकों एवं उनके आश्रितों द्वारा प्रदेश के बाहर लिवर संबंधी उपचार कराया  जा रहा  है क्योंकि  एस0जी0पी0जी0आई0 लखनऊ में लिवर प्रत्यारोपण के उपचार की सुविधा उपलब्ध नहीं है। उ0प्र0 सरकारी सेवक (चिकित्सा परिचर्या) नियमावली-2011 के नियम-11 में यह प्राविधान है कि उपचार की लागत, राज्य के भीतर उपचार कराने की दशा में संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेज एण्ड रिसर्च, लखनऊ (एस0जी0पी0जी0आई0) की तथा राज्य के बाहर उपचार कराने की दशा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली की दरों पर प्रतिपूरणीय होगी।
लिवर प्रत्यारोपण की व्यवस्था वर्तमान एस0जी0पी0जी0आई0 तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली में उपलब्ध नहीं न होने के कारण इंस्टीट्यूट आॅफ लिवर एण्ड बाइलियरी साइंसेज, नई दिल्ली से लिवर प्रत्यारोपण पर होने वाले व्यय की सूचना  प्राप्त की गयी। इसके साथ ही एस0जी0पी0जी0आई0 लखनऊ के सर्जिकल गैस्ट्र इन्टेरोलाॅजी एवं लिवर प्रत्यारोपण इकाई के विभागाध्यक्ष से लिवर प्रत्यारोपण पर होने वाले व्यय की सूचना भी प्राप्त की गयी।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली में लिवर प्रत्यारोपण की व्यवस्था तथा उस होने वाले व्यय की दरों का जब तक निर्धारण नहीं हो जाता, तब तक प्रदेश के बाहर कराये गये उपचार पर एस0जी0पी0जी0आई0 द्वारा उपलब्ध करायी गयी दरों के अनुसार चिकित्सा दावे की प्रतिपूर्ति करायी जायेगी।
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कैंसर डायबिटीज हृदयवाहिका और स्ट्रोक नियंत्रण कार्यक्रम तथा
राष्ट्रीय वृद्ध स्वास्थ्य परिचर्या कार्यक्रम के क्रियान्वयन का प्रस्ताव अनुमोदित

मंत्रिपरिषद ने कैंसर डायबिटीज हृदयवाहिका और स्ट्रोक नियंत्रण कार्यक्रम (एन0पी0सी0डी0सी0एस0) तथा राष्ट्रीय वृद्ध स्वास्थ्य परिचर्या कार्यक्रम (एन0पी0एच0सी0ई0) का प्रदेश में क्रियान्वयन कराये जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। आय-व्ययक पर प्राविधान के माध्यम से इन राष्ट्रीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर होने वाले व्यय का केन्द्र द्वारा वहनीय 80 प्रतिशत अंश तथा राज्य सरकार द्वारा वहनीय 20 प्रतिशत अंश को व्यय करने के प्रस्ताव को भी मंत्रिपरिषद ने मंजूरी प्रदान करते हुए इस संबंध में निष्पादित किये जाने वाले एम0ओ0यू0 के आलेख को भी स्वीकृति प्रदान कर दी।
ज्ञातव्य है कि एन0पी0सी0डी0सी0एस0 तथा एन0पी0एच0सी0ई0 के प्रथम चरण में देश के 21 राज्यों के 100 जिलों को चयनित किया गया। इनमें प्रथम चरण में वर्ष 2010-11 के दौरान रायबरेली एवं सुल्तानपुर तथा द्वितीय चरण में वर्ष 2011-12 में झांसी, लखीमपुर खीरी, फर्रूखाबाद, फिरोजाबाद, इटावा, ललितपुर एवं जालौन जिलों को चयनित किया गया। इस प्रकार इन कार्यक्रमों के तहत अब तक प्रदेश के कुल 09 जिले चयनित कर लिये गये तथा इससे 12वीं पंचवर्षीय योजना के अन्तर्गत इन कार्यक्रमों से सभी जिलों को चरणबद्ध ढंग से आच्छादित किया जाना सम्भावित है।
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यू0पी0 इलेक्ट्रानिक्स कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को
पंचम वेतन आयोग की संस्तुति के तहत पुनरीक्षित वेतनमान देने का निर्णय

मंत्रिपरिषद द्वारा यू0पी0 इलेक्ट्रानिक्स कार्पोरेशन लिमिटेड (यू0पी0एल0सी0) के पूर्णकालिक/नियमित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पंचम वेतन आयोग की संस्तुति के तहत पुनरीक्षित वेतनमान देने का निर्णय लिया गया है। पुनरीक्षित वेतनमान सार्वजनिक उद्यम अनुभाग-1 के शासनादेश दिनांक 18 जनवरी, 1999 के साथ संलग्न तालिका ‘अ’ एवं ‘ब’ के अनुसार दिनांक 01 जनवरी, 1996 से प्रकल्पित आधार पर पुनरीक्षण करते हुए वास्तविक लाभ शासनादेश निर्गत करने की तिथि से अनुमन्य किया गया है। इस सम्बन्ध में कोई एरियर नहीं दिया जायेगा। यह भी निर्णय लिया गया है कि पुनरीक्षित वेतनमान लागू किये जाने से आने वाले सम्पूर्ण अतिरिक्त व्ययभार को निगम ही वहन करेगा, इस हेतु राज्य सरकार द्वारा कोई सहायता नहीं दी जायेगी।
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मंत्रिपरिषद को वर्ष 2012-13 की वार्षिक योजना
के सम्बन्ध में अवगत कराया गया

वार्षिक योजना वर्ष 2012-13 के 57,800 करोड़ रूपये के अब तक के सर्वाधिक वृहद आकार पर केन्द्रीय योजना आयोग के अनुमोदन के फलस्वरूप मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्रदेश की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के सम्बन्ध में नियोजन विभाग द्वारा मंत्रिपरिषद के सूचनार्थ एक टिप्पणी प्रस्तुत की गयी।
नियोजन विभाग की टिप्पणी के अनुसार 18 जुलाई, 2012 को मुख्यमंत्री तथा उपाध्यक्ष योजना आयोग भारत सरकार के मध्य हुई बैठक में वर्ष 2012-13 की वार्षिक योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। प्रदेश के विकास के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार के प्रयासों से प्रभावित होकर केन्द्रीय योजना आयोग द्वारा योजना का आकार 57 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 57,800 करोड़ रुपये के स्तर पर निर्धारित किया गया। महाकुम्भ इलाहाबाद के आयोजन हेतु योजना आयोग द्वारा गत वर्ष मात्र रु0 200 करोड़ रुपये का अनुदान इस शर्त के साथ उपलब्ध कराया गया था कि 70 प्रतिशत धनराशि राज्य द्वारा भी लगायी जायेगी।
इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री द्वारा यह तर्क किया गया कि महाकुम्भ राष्ट्रीय ही नहीं अपितु अन्तराष्ट्रीय स्तर का आयोजक है, इसके नाते केन्द्र सरकार द्वारा 90 प्रतिशत अनुदान स्वीकार किया जाना चाहिए। इस तर्क को स्वीकार करते हुए महाकुम्भ हेतु स्वीकृत 1318 करोड़ रुपये की लागत के कार्यों के लिए 90 प्रतिशत अनुदान हेतु सहमति दी गई। इसके लिए वर्ष 2012-13 में उपलब्ध 195.30 करोड़ रुपये के अनुदान के अतिरिक्त, केन्द्रीय योजना आयोग द्वारा 800 करोड़ रुपये की एकमुश्त विशेष सहायता अनुमन्य की गई। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
बैठक में राज्य सरकार द्वारा केन्द्रीय योजना आयोग का ध्यान इस तथ्य की ओर भी आकृष्ट किया गया कि वर्ष 2012-13 में प्रदेश के कर राजस्व में 22 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 62 हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जुटाया जायेगा। वित्तीय अनुशासन बनाये रखते हुए एफ.आर.बी.एम. एक्ट में निर्धारित  लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है। पिछले वर्ष राज्य के स्वयं का कर-राजस्व सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 8 प्रतिशत था, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर 8.5 प्रतिशत तक ले जाया जा रहा है।
योजना आयोग को यह जानकारी भी दी गई कि राज्य के सामने अनेक चुनौतियां हैं जिनके आलोक में राज्य द्वारा विकास दर को बढ़ाने, विषमताओं को कम करने, प्रति-व्यक्ति आय में वृद्धि करने, कृषि को बढ़ावा देने, अवस्थापना विकास, निजी क्षेत्र के विनियोजन, अच्छी शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य तथा लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार किया जाना मुख्य उद्देश्य है।
बारहवीं पंचवर्षीय योजना के अंतिम वर्ष 2016-17 में 10 प्रतिशत की विकास दर प्राप्त किया जाना लक्षित है। इस प्रकार पंचवर्षीय योजना की औसत विकास दर 8.5 प्रतिशत प्राप्त किये जाने का लक्ष्य है जिसमें कृषि की विकास दर 5 प्रतिशत, पशुधन, दुग्ध, मत्स्य तथा उद्यान में 10 प्रतिशत से अधिक की विकास दर प्राप्त किया जाना लक्षित है।
यह भी उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम आधारित मदों में वर्ष 2011-12 में राज्य को 5567 करोड़ रुपये की सहायता अनुमन्य हुई थी, जिसे वर्ष 2012-13 के लिए बढ़ाकर 9200 करोड़ रुपये के स्तर पर निर्धारित कराया गया है। इस प्रकार 65.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस प्रकार वर्ष 2012-13 की योजना का प्रस्तावित आकार 57,000 करोड़ रुपये को बढ़ाकर 57,800 करोड़ रुपये के स्तर पर निर्धारित कराया गया है, जो गत वर्ष के योजना आकार 47,000 करोड़ रुपये से लगभग 23 प्रतिशत अधिक है। यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012-13 हेतु उत्तर प्रदेश की योजना का आकार देश में सबसे बड़ा है। राज्य के 57,800 करोड़ रुपये के योजनागत व्यय के ऊपर भारत सरकार से लगभग 20,000 करोड़ रुपये से अधिक केन्द्रीय अंश भी उपलब्ध कराये जाने का आश्वासन दिया गया। इस प्रकार राज्य के विकास हेतु योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2012-13 में लगभग 77,800 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्ध होगी, जो अपने आप में एक मिसाल होगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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एस.जी.पी.जी.आई. में इमरजेन्सी विभाग का विस्तार होगा, एडवांस्ड आॅप्थाल्मिक सेन्टर खुलेगा, इलाज के लिए धन की कमी नहीं: मुख्यमंत्री

Posted on 22 July 2012 by admin

चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एस.जी.पी.जी.आई. की विशिष्टता पर आंच नहीं आने दी जाएगी, गरीबों के इलाज पर विशेष ध्यान देने की जरूरत

press-1उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री बी.एल.जोशी ने कहा कि ज्ञान अर्जन के क्रम में समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शिक्षा के बीच संतुलन बनाकर ही जीवन की सार्थकता अनुभव की जा सकती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा प्रणाली इस तरह विकसित की जानी चाहिए, जिसमें न केवल योग्य एवं सहृदय चिकित्सक तैयार हों बल्कि जन स्वास्थ्य प्रदान करने की परम्परा और मजबूत हो सके।
श्री बी.एल.जोशी आज संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के 17वें दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। दीक्षान्त समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने संस्थान में डिपार्टमेन्ट आफ इमरजेंसी मेडिसिन के विस्तार तथा एडवांस्ड आॅप्थाल्मिक सेन्टर खोले जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन विभागों के लिए जितने भी धन की आवश्यकता होगी वह उपलब्ध कराया जाएगा। चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में शोध के लिए भी राज्य सरकार धन की कमी नहीं होने देगी, क्योंकि इस संस्थान की इसी बल पर पूरे देश में एक विशिष्ट पहचान है।
श्री यादव ने एस.जी.पी.जी.आई. प्रशासन को आश्वस्त करते हुए कहा कि इन्हीं दो विभागों के लिए ही नहीं, संस्थान के अन्य विभागों के विकास के लिए भी जितने भी धन की आवश्यकता होगी, प्रदेश सरकार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने संस्थान की प्रशंसा करते हुए कहा कि दिन पर दिन महंगे होते जा रहे इलाज के बावजूद यह संस्थान गरीबों का इलाज कर बहुत बड़ी सेवा कर रहा है। उन्होंने कहा कि एस.जी.पी.जी.आई. नहीं होता तो तमाम गरीब इलाज से महरूम रह जाते।
press-5x10मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की जरूरत महसूस की जा रही है। अभी भी गांवों में डाक्टर नहीं हैं। जितने लोगों को चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए नहीं मिल पा रही है। उत्तर प्रदेश में और अधिक संख्या में मेडिकल काॅलेज और चिकित्सा संस्थान खोले जाने की जरूरत है। चिकित्सा विज्ञान में शोध और अनुसंधान के जितने अवसर इस संस्थान में मौजूद हैं उतने राज्य के अन्य संस्थानांे मौजूद नहीं हैं।
press1दीक्षांत समारोह में उच्च चिकित्सा शिक्षा की डिग्री प्राप्त करने वाले डाक्टरों सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संस्थान से निकलने वाले बहुत से डाक्टर देश और विदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ विषयों को छोड़कर अभी भी चिकित्सा विज्ञान के बहुत से विषय ऐसे हैं, जिनमें हम दूसरों के मुकाबले बहुत पीछे हैं। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि हम वहां तक जरूर पहुंचे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इस संस्थान से निकलने वाले डाक्टर अपने परिश्रम से समाज को अपनी सेवाएं देते रहेंगे।
प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि एस.जी.पी.जी.आई. 25 वर्षों से कम समय में चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में जो प्रतिष्ठा हासिल कर ली है, वह प्रशंसनीय है। पड़ोसी देशों नेपाल और बांग्लादेश तक से मरीज यहां इलाज कराने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयास से इस संस्थान में ‘कामधेनु अतिनिर्धन सहायता कोष’ शुरू हो गया है, ताकि गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वालों को भी उच्च कोटि की चिकित्सा निःशुल्क प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि आर्थिक संसाधनों की कमी के बावजूद प्रदेश सरकार इस संस्थान की विशिष्टता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
दीक्षान्त समारोह में संस्थान के डाक्टर, छात्र-छात्राओं के अलावा निदेशक प्रोफेसर आर.के.शर्मा तथा डीन आफ फैकेल्टी प्रोफेसर यू.के.मिश्रा भी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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पर्यटन सेवा से जुड़े संगठनों के पदाधिकारियों ने विभिन्न समस्याओं से अवगत कराकर इनके समाधान का आग्रह किया

Posted on 22 July 2012 by admin

up-cm-shri-akhilesh-yadav-with-shri-subodh-kant-sahayminister-for-tourism1उत्तर प्रदेश में पर्यटन की असीम सम्भावनाओं का लाभ उठाने एवं प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पहली बार आज यहां शास्त्री भवन, लखनऊ में बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें केन्द्रीय पर्यटन मंत्री श्री सुबोध कान्त सहाय तथा मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने भाग लिया। इस अवसर पर पर्यटन सेवा से जुड़े संगठनों के पदाधिकारियों ने विभिन्न समस्याओं से अवगत कराकर इनके समाधान का आग्रह किया।
गत वर्ष राज्य में स्वदेशी पर्यटकों के आगमन की दृष्टि से पूरे देश में प्रथम स्थान पर रहने पर सन्तोष व्यक्त करते हुए इसमें और अधिक वृद्धि के लिए प्रयास करने की रणनीति तैयार की गई। 12वीं पंचवर्षीय योजना में विदेशी पर्यटकों का आगमन एक प्रतिशत तक बढ़ाने तथा स्वदेशी पर्यटकों के आगमन में 12 प्रतिशत की वृद्धि को बरकरार रखने की बात कही गई। राज्य में सूफी सर्किट परियोजना तथा आगरा में ताजगंज व ताजमहल के रास्तों के विकास की परियोजनाओं के लिए केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृति देने तथा धनराशि उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश में 33 सूफी साइट्स अवस्थित हैं। इन स्थानों पर पर्यटकों/श्रद्धालुओं के लिए जनसुविधाओं के विकास की योजना बनाई गई है। ये स्थान देश एवं विदेश के पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण रखते हैं।
up-cm-shri-akhilesh-yadav-with-shri-subodh-kant-sahayminister-for-tourism2बैठक में केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा विशेष रूप से शुरु की गई ‘क्लीन इण्डिया कैम्पेन इनीशिएटिव’ योजना के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए इसे उत्तर प्रदेश में भी लागू करने का निर्णय लिया गया। इस योजना को सबसे पहले वाराणसी में, इसके बाद आगरा एवं अन्य पर्यटक स्थलों में लागू करने की योजना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सितम्बर में वाराणसी में प्रस्तावित बुद्धिस्ट काॅनक्लेव के लिए विशेष साफ-सफाई तथा सड़कों के निर्माण के निर्देश दिए। गौरतलब है कि इस काॅनक्लेव में लगभग 400 लोग भाग लेंगे। इलाहाबाद में आगामी महाकुम्भ को देखते हुए चार हजार लोगों को हुनर से रोजगार योजना (एच0एस0आर0टी0) के तहत प्रशिक्षण देने की योजना भी बनाई गई है। इसके लिए केन्द्रीय पर्यटन विभाग को प्रस्ताव भेजे गए हैं।
इस अवसर पर बुद्ध परिपथ के अन्तर्गत भगवान बुद्ध से जुड़े कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती, संकिसा, कौशाम्बी और कुशीनगर के विकास पर बल दिया गया। जापान इन्टरनेशनल कार्पोरेशन एजेन्सी के माध्यम से लागू की जाने वाली फेज-2 योजना को जल्द स्वीकृत करने की बात केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा कही गई। राज्य सरकार द्वारा बुद्धिस्ट सर्किट का विकास और इससे सम्बन्धित महत्वपूर्ण स्थलों को चार लेन की सड़कों से जोड़ने की योजना की जानकारी दी गई। कुशीनगर में मैत्रेयी योजना पर काम करने तथा यहां अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण का कार्य शीघ्र शुरु करने की बात भी बताई गई।
केन्द्रीय पर्यटन मंत्री ने उत्तर प्रदेश की विविधता की चर्चा करते हुए कहा कि यहां सांस्कृतिक पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर आयोजित होने वाले मेलों को प्रचारित-प्रसारित करने तथा थीम पार्कों के विकास का आग्रह भी किया। मुख्यमंत्री ने आगरा में आयोजित होने वाले ताज महोत्सव, वाराणसी में आयोजित होने वाले गंगा महोत्सव, सारनाथ एवं कुशीनगर में आयोजित होने वाले बुद्ध महोत्सव आदि की चर्चा करते हुए इन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए, जिससे कि विदेशी पर्यटक भी इनको देखने के लिए प्रोत्साहित हो सकें।
वर्ष 2013 में इलाहाबाद में आयोजित होने वाले महाकुम्भ को एक लार्ज टूरिस्ट इवेन्ट के रूप में चिन्हित कर इसके लिए आवश्यक तैयारी करने पर सहमति बनी। प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित होने वाले इस महाकुम्भ में लगभग 7 करोड़ से अधिक देशी-विदेशी पर्यटकों के इलाहाबाद में आने की सम्भावना है। इस अवसर पर इलाहाबाद के प्रवेश मार्गों पर थीमैटिक प्रवेश द्वारों का निर्माण और नगर के दर्शनीय स्थानों के सौन्दर्यीकरण तथा पर्यटक आवास गृहों का उच्चीकरण किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ा राज्य होने के कारण उत्तर प्रदेश में पर्यटन की काफी सम्भावनाएं हंै। इस क्षेत्र के विकास से रोजगार के नये अवसर उपलब्ध होंगे और राजस्व में वृद्धि भी होगी। उन्होंने पर्यटक आवास गृहों की वर्तमान स्थिति को असन्तोषजनक बताते हुए इन्हें पी0पी0पी0 माॅडल में विकसित करने के निर्देश दिए ताकि पर्यटकों के साथ-साथ राज्य को भी आर्थिक लाभ हो। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आगरा में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने के साथ-साथ जनपद के सभी मुख्यालयों को चार लेन की सड़कों से जोड़ने का निर्णय लिया है, जिसका सीधा लाभ पर्यटन को बढ़ावा देने में मिलेगा। उन्हांेने कहा कि पर्यटकों को लेकर राज्य में आने वाले वाहनों का टैक्स आॅनलाइन प्राप्त करने की व्यवस्था और अधिक प्रभावी की जाये। इसके अलावा जब तक इस व्यवस्था की जानकारी लोगों को अच्छी तरह से न हो जाये तब तक बरेली, सहारनपुर, आगरा तथा दिल्ली में टैक्स प्राप्त करने की व्यवस्था की जाये। पर्यटन सम्बन्धी परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लिए सम्बन्धित विभागों में परस्पर समन्वय पर बल देते हुए उन्होंने मुख्य सचिव को समय-समय पर समीक्षा भी करने के निर्देश दिए।
बैठक में पर्यटन राज्य मंत्री श्री ठाकुर मूलचन्द्र चैहान, प्रोटोकाॅल राज्य मंत्री श्री अभिषेक मिश्रा, सचिव केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय श्री आर0एच0 ख्वाजा, मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, अतिरिक्त महानिदेशक केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय श्रीमती ऊषा शर्मा, श्री मुजफ्फर अली, सचिव पर्यटन श्री मनोज कुमार सिंह सहित केन्द्र एवं राज्य के वरिष्ठ अधिकारी एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे।
बैठक के पश्चात एनेक्सी स्थित मीडिया सेन्टर में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता के मौके पर मुख्यमंत्री तथा केन्द्रीय पर्यटक मंत्री ने कुम्भ मेले के विभिन्न आयामों से संबंधित पर्यटन विभाग के तीन पोस्टरों का लोकार्पण भी किया। ज्ञातव्य है कि कुम्भ मेले के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश के पर्यटन विभाग द्वारा आकर्षक पोस्टर तैयार कराए गए हैं। कुम्भ मेले के संबंध में दो अन्य पोस्टरों का विमोचन भी मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में किया जा चुका है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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प्रदेश की प्रगति व्यापार, किसान, सड़क और बिजली से जुड़ी हुई है

Posted on 22 July 2012 by admin

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज यहां कहा कि प्रदेश की प्रगति व्यापार, किसान, सड़क और बिजली से जुड़ी हुई है। इसलिए उत्तर प्रदेश में 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंतिम वर्ष में 10 प्रतिशत की विकास दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। व्यापारियों ने विधान सभा चुनावों मे ंसमाजवादी पार्टी  के पक्ष में माहौल बनाया जिससे षहरी क्षेत्रों में भी समाजवादी पार्टी कामयाब हुई इसलिए व्यापारी समाज का सम्मान किया जाएगा और जो भ्रष्ट अधिकारी उनका उत्पीड़न करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
श्री यादव समाजवादी पार्टी मुख्यालय में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल तथा उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों एवं जिलाध्यक्षों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होने सभी विभागों के प्रमुखों के साथ व्यापारी प्रतिनिधियों की बैठक कराने का आश्वासन दिया जिससे उनकी समस्याओं का सीधे निराकरण हो सकेगा। मुख्यमंत्री जी ने खाद्य लाइसेंस मैनुअल और आन लाइन दोनों रखने पर सहमति जताते हुूए डीजीपी तथा पुलिस कप्तानों के स्तर पर व्यापारी प्रतिनिधियों की मासिक वार्ता के प्रति भी आश्वासन किया।
up-cm-shri-akhilesh-yadav-speechमुख्यमंत्री श्री यादव का स्वागत करते हुए अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संदीप बंसल ने व्यापारियों को समुचित सुरक्षा और भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्यवाही किए जाने का आग्रह किया। उन्होने वाणिज्य कर विभाग, मण्डी तथा एफडीआई के सम्बन्ध में मांगें रखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को पेड़, खूबसूरत बुके, अंगवस्त्र, बांसुरी, शिवमूर्ति, गणेश जी का चित्र तथा साइकिल स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित  किया गया। व्यापारी प्रतिनिधियों ने लोकसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी को 75 सीटों पर जिताने का संकल्प व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पिछली (बसपा) सरकार ने काम नहीं किया। बिजली का गम्भीर संकट उसकी निष्क्रियता से पैदा हुआ है। कोई बड़ा बिजलीघर पिछली सरकार के समय नहीं लगा। हम बिजली संकट के समाधान के लिए युद्धस्तर पर प्रयास कर रहे है। उन्होने कहा कि कुछ जिलो को हम पाइलट प्रोजेक्ट पर लेगें जो बिजली ले तो उसका भुगतान भी कर दें। बिजली का रेट देने पर हम उद्योगपतियों को 20-22 घंटे बिजली भी दे सकते हैं।
श्री यादव ने कहा कि सड़क और कानून व्यवस्था हमारी सरकार की प्राथमिकता में है। जहाॅ तक एफडीआई की बात है यह किसानों और छोटे दुकानदार को नुकसान पहुॅचानेवाली है। बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के इस क्षेत्र में प्रवेश का विरोध होगा। अंततः इनसे किसानों को धोखा मिलेगा।
आज की बैठक में सर्वश्री सुशील जायसवाल, विमल विरमानी, सत्यपाल गुप्ता, शिव अग्रवाल, सोनू वर्मा, शोभित टंडन, शेषपाल गर्ग, मनीष गुप्ता, अनिल गुप्ता, रोहित गोयल, रमेश केसरवानी, पदम अग्रवाल, राजेन्द्र अग्रवाल, अशोक कसौंधन, अनिल महेन्द्र, धर्मचन्द्र जैन, बी0डी0 स्वामी, संजय मित्तल, गौहर अली आदि सैकड़ों व्यापारी उपस्थित रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्री बी0एल0 जोशी से 21 जुलाई, 2012 को राजभवन, लखनऊ में भेंट वार्ता करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव।

Posted on 22 July 2012 by admin

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उत्तर प्रदेश से नेपाल के भावनात्मक एवं सामाजिक रिश्ते हैं

Posted on 21 July 2012 by admin

up-cm-akhilesh-yadav-with-nepal-deligationउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि नेपाल से भारत के पुराने सम्बन्ध हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश से नेपाल के भावनात्मक एवं सामाजिक रिश्ते हैं। उन्होंने इन रिश्तों को और मजबूत करने पर बल देते हुए कहा कि नेपाल सीमा से लगे राज्य के सभी जनपदों में विकास कार्य तेज किये जायेंगे, ताकि दोनों तरफ के लोग आर्थिक तरक्की कर सकें। उन्होंने महाराजगंज से ढूढ़ीबाड़ी-गोरखपुर सड़क निर्माण तथा नेपाल से राज्य के लिये हर्बल निर्यात में आ रही कठिनाईयों के समाधान के निर्देश दिये। उन्होंने नेपाल सीमा तक प्रस्तावित सड़कों का निर्माण होने तक वर्तमान सड़कों को मरम्मत कराने के निर्देश दिये, ताकि आवागमन में समस्या न हो। मुख्यमंत्री आज यहां शास्त्री भवन स्थित अपने सभाकक्ष में फेडरेशन आफ नेपालीज चैम्बर्स आफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्री (एफ0एन0सी0सी0आई0) के प्रतिनिधि मण्डल से मुलाकात के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री कोईराला एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के सम्बन्धों की चर्चा करते हुए कहा कि नेपाल के प्रतिनिधि मण्डल ने जिन समस्याओं का जिक्र किया है, उनमें से राज्य सरकार से सम्बन्धित मसलों का शीघ्र समाधान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि रेलवे लाइन, नदियों की बाढ़, विद्युत, कस्टम आदि से सम्बन्धित समस्याओं के समाधान के लिये केन्द्र सरकार को पत्र लिखा जायेगा। श्री यादव ने कहा कि नेपाल सीमा से लगे प्रदेश के सभी जनपदों को जोड़ते हुए एक विश्व स्तरीय सड़क का निर्माण किया जायेगा। इसके अलावा नेपाल सीमा से लगे जनपदों के लिये जो राष्ट्रीय एवं राज्य के मार्ग प्रस्तावित हैं, उन्हें भी शीघ्र पूरा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनपद मुख्यालयों को चार लेन की सड़कों से जोड़ने का कार्य शुरू कर रही है। इसका लाभ भी नेपाल से लगे जनपदों के साथ-साथ नेपाल को भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में काफी संभावनायें हैं, जिसको दृष्टिगत रखते हुए उनकी सरकार ने कुशीनगर में अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पी0पी0पी0 व्यवस्था के तहत बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया है। इस परियोजना से सम्बन्धित लगभग सभी औपचारिकतायें पूरी हो चुकी हैं। इस एयरपोर्ट के बन जाने से दोनों देशों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और इस क्षेत्र की आर्थिक तरक्की होगी। उन्होंने कहा कि नेपाल से सटे जनपदों की कानून व्यवस्था एवं अन्य समस्याओं के समाधान के लिये इन जनपदों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को नेपाल के समकक्ष जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ नियमित बैठक के निर्देश दिये जायेंगे। श्री यादव ने कहा कि नेपाल की नदियों से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण सर्वाधिक नुकसान उत्तर प्रदेश को उठाना पड़ता है। इस सम्बन्ध में भारत सरकार से विचार-विमर्श कर भूटान की तरह विद्युत उत्पादन परियोजनाओं के लिये पहल करने का अनुरोध किया जायेगा। नेपाली प्रतिनिधि मण्डल द्वारा राज्य सरकार से नेपाल की अतिरिक्त विद्युत खरीदने के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की विद्युत पारेषण क्षमता तीस हजार मेगावाट तक करने के लिये लगभग 10 हजार करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे। बैठक में पंचायती राज मंत्री बलराम यादव, प्रोटोकाल राज्य मंत्री अभिषेक मिश्रा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अनिल कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव आई0टी0 जीवेश नंदन, सी0ई0ओ0 यूपीडा मुकुल सिंघल, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, एफ0एन0सी0सी0आई0 की उपाध्यक्ष श्रीमती भवानी राना तथा नेपाल में भारतीय दूतावास की प्रथम अधिकारी श्रीमती अंजू रंजन एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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राष्ट्रपति का चुनाव सम्पन्न - 401 विधायकों ने चुनाव में मतदान किया

Posted on 20 July 2012 by admin

आज उत्तर प्रदेश विधान सभा के 401 विधायकों ने राष्ट्रपति के चुनाव में मतदान स्थल तिलक हाॅल लखनऊ में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। प्रदेश के 02 विधायक श्री महेश शर्मा एवं स्वदेश शर्मा ने निवार्चन आयोग की अनुमति से दिल्ली में मतदान किया। प्रदेश के सभी सांसदों ने दिल्ली में मतदान किया। लखनऊ में किसी
सांसद ने मतदान नहीं किया। आज राष्ट्रपति का चुनाव पूर्वाह्न 10 बजे से प्रारम्भ हो गया था। विधान सभी सदस्यों एवं मंत्रीगणों ने पंतिबद्ध होकर अपने मतदान का प्रयोग किया। सबसे पहले उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया तथा सबसे अन्त में विधायक श्री श्याम प्रसाद ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उल्लेखनीय है कि प्रतिपक्ष के नेता श्री स्वामी प्रसाद मौर्य भी विधान सभा के अध्यक्ष के बाद मतदान किये। इसके बाद प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव, श्री अम्बिका चैधरी, श्री बलराम यादव, श्री रघुराज प्रताप सिंह, श्री ओम प्रकाश सिंह, श्री राम गोविन्द चैधरी सहित प्रदेश सरकार के सभी कैबिनेट एवं राज्य मंत्रियों ने दो-तीन मंत्री समूहों एवं विधायकों के साथ मतदान किया। प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री मो0 आजम खाँ ने 03ः10 बजे मतदान किया तथा अपने पार्टी के समर्थित उम्मीदवार को सुनिश्चित विजयी उम्मीदवार बताया। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुश्री उमा भारती, श्री हुकुम सिंह, श्री कलराज मिश्र, श्री लक्ष्मी कान्त बाजपेई सहित अनेक भाजपा के नेताओं ने मतदान किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री प्रमोद तिवारी, श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी, श्री अखिलेश प्रताप सिंह, श्री प्रदीप माथुर सहित सभी विधायकों ने मतदान किया, राष्ट्रीय लोकदल के श्री तेजपाल सिंह, श्री दलवीर सिंह सहित अन्य विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस प्रकार सदन के निर्दलीय सदस्य एवं अपना दल की सुश्री अनुप्रिया पटेल, पीस पार्टी के डाॅ0 अयूब, श्री अखिलेश प्रताप सिंह सहित अन्य विधायकों ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

मतदान के समय तिलक हाॅल में मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री उमेश सिन्हा चुनाव प्रेक्षक श्री आदि थेला जैवारा प्रसाद तथा विधान सभा के प्रमुख सचिव एवं सहायक निर्वाचन अधिकारी श्री प्रदीप कुमार दुबे, सचिव सूचना श्री अमृत अभिजात, जिला अधिकारी श्री अनुराग यादव, सहायक निर्वाचन अधिकारी श्री अनिल कुमार सहित विधान सभा के संयुक्त सचिव, उपसचिव एवं अन्य चुनाव में तैनात अधिकारी उपस्थित थे।

चुनाव में राष्ट्रपति के उम्मीदवार श्री पी0ए0 संगमा के चुनाव एजेण्ट डाॅ0 राधा मोहन दास अग्रवाल तथा दूसरे उम्मीदवार श्री प्रणव मुखर्जी के चुनाव एजेण्ट श्री अनुग्रह नारायण सिंह विधायक एवं विधान परिषद सदस्य श्री विवेक बंसल भी उपस्थित रहे।

चुनाव समाप्ति 05 बजे के बाद मत पेटियाँ चुनाव प्रेक्षक उम्मीदवारों के एजेण्ट तथा सहायक निर्वाचन अधिकारी की उपस्थित में सील की गयी तथा मत पेटियाँ दिनाँक 20 जुलाई को 10ः30 बजे नई दिल्ली के लिए हवाई जहाज से सहायक चुनाव अधिकारी द्वारा ले जायी जायेगी। आज का चुनाव शान्तिपूर्वक एवं कुशलता से सम्पन्न हुआ। सूचना निदेशक तथा विधान सभा सचिवालय से मीडियाकर्मी के कवरेज में पूरा सहयोग दिया गया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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कठिन परिश्रम, लगन व निष्ठा का कोई विकल्प नहीं-मुख्यमंत्री

Posted on 16 July 2012 by admin

राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, धौलपुर के स्वर्ण जयंती समारोह में उद्बोधन

up-cm-address-2मुख्य मंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नही है (No alternate to hard work) । जीवन में लक्ष्य होना चाहिए और कठिन परिश्रम, लगन व निष्ठा से कार्य करने पर मंजिल स्वयं मिल जायेगी।
मुख्य मंत्री राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल धौलपुर के स्वर्ण जंयती समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। श्री यादव इस विद्यालय के छात्र रहे हैं। अपने उद्बोधन में भावपूर्ण शब्दों में अपने छात्र जीवन के इस स्कूल के संस्मरण सुनायें। उन्होंने छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि आप सौभाग्यशाली हैं कि इस गौरवशाली संस्थान में शिक्षा ले रहे हैं। यहां उपलब्ध संसाधनो का सदुपयोग कर अपना भविष्य उज्जवल बनायें। उन्होंने कहा कि उन्हंे इस विद्यालय का छात्र होने पर गर्व है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय ने 1962 में अपनी स्थापना के पचास वर्षो में गौरवशाली कीर्तिमान स्थापित किये हंै और शिक्षा के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक कार्य, आदि व्यक्तित्व विकास की अनेक विधाओं द्वारा छात्रों को अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया है।
मुख्यमंत्री श्री यादव ने छात्रों द्वारा आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी (संाइस फेयर) का अवलोकन किया और छात्रों के साथ ग्रुप फोटो खिचवाये। उन्होंने स्कूल परिसर में मेजर गोपी सिंह उद्यान में वृक्ष लगाकर वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। धौलपुर आगमन पर मुख्य मंत्री का गार्ड आफ आनर आदि द्वारा परम्परागत रूप से भव्य स्वागत किया गया।
श्री यादव ने विद्यालय के विवेकानन्द हाल में छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमांे का रूचिपूर्वक अवलोकन किया। तत्पश्चात उन्होंने प्रतिभावान छात्रों एवं सेवा निवृत गुरूओं को उपहार प्रदान किये। स्कूल की ओर से भी श्री यादव को स्मृति चिन्ह, ट्राफी, पेन्टिंग आदि भेंट की गई।
u-p-cm-akhilesh-yadav-had-group-photograph-with-students-and-faculty-of-military-school-dhaulpurइस अवसर पर विशिष्ट अतिथि ले0 जनरल ज्ञान भूषण ने अपने सम्बोधन में छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि छात्र देश का भविष्य हंै। अच्छे नागरिक बनकर विभिन्न क्षेत्रों में देश सेवा कर स्कूल का नाम रोशन करें।
कार्यक्रम में ले0 जनरल सुमेर सिंह, मेजर जनरल पी0 चक्रवर्ती अतिरिक्त महानिदेशक सेना शिक्षा कोर मेजर जनरल के0एस0 थिन्ड तथा विद्यालय के पूर्व प्राचार्य सेवा निवृत शिक्षक जाजियन स्थानीय गणमान्य अतिथि तथा धौलपुर जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।
भारत के पांच राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल-चायल, अजमेर, बेलगाव, बेंगलूरू एवं धौलपुर में रक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित है। इनमें राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल धौलपुर की स्थापना जुलाई 1962 में हुई थी विगत 50 वर्षो में इस विद्यालय से अनेक सैन्य अधिकारी, डाक्टर, इंजीनियर, समाजसेवी, राजनीतिज्ञ तथा अन्य विभागों में अधिकारी देश की सेवा कर रहे हंै। स्वर्ण जंयती पर स्कूल द्वारा साईकिल साहसिक अभियान, पर्वतारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रामीण जनचेतना कार्यक्रम सैन्य व असैनिक विभूतियों द्वारा व्याख्यान माला, जाॅर्जियन (पूर्वछात्र) मिलन आदि कार्यक्रमों के आयोजन किये गये हंै।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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