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विदेशों में जमा देश का खरबों रूपया राजनैतिक दलों के नेताओं के चलते ही वापस नहीं आ पायेगा - सुश्री मायावती

Posted on 28 May 2010 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने दिनांक 26 मई को विधान परिषद का पर्चा दाखिल करने के साथ अपनी सम्पत्ति का जो ब्योरा दिया था उसको लेकर मीडिया में बयान देने वाले विरोधी पार्टियों के नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दुर्भाग्य पूर्ण स्थिति तो यह है कि ऐसे लोग प्रतिक्रियायें दे रहे जो खुद खरबों की बेनामी सम्पत्तियों  के मालिक बने हुये हैं, और ऐसे लोगों को अपना मुह खोलने से पहले अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए था।

सुश्री मायावती ने आज यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति मे कहा कि वह सदैव से पारदर्शी रहीं हैं और उन्होंने अपने शपथ पत्र में अपनी सम्पत्ति का ईमानदारी से पूरा ब्योरा दिया है और वह भारत सरकार के आयकर विभाग को इन सम्पत्ति के श्रोतो की भी पूरी जानकारी समय-समय पर नियमित रूप से देती रहीं हैं। ऐसी स्थिति में विरोधी दलो के नेताओं द्वारा मेरी सम्पत्ति को लेकर किसी भी प्रकार का प्रश्न उठाना न केवल हास्यास्पद है बल्कि यह भी प्रदर्शित करता है कि अपनी खोयी राजनीतिक जमीन पाने के लिए यह दल और उसके नेता किस सीमा तक गिर गये हैं।

बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश की मुख्यमन्त्री बहन कुमारी मायावती जी ने आज देश में सभी पार्टियों के मुखियाओं व वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं नेताओं को राजनीति में आने से पहले और आने के बाद अपनी पूरी चल व अचल सम्पत्ति का खुलासा करने की चुनौती देते हुए कहा कि सभी पार्टियों के मुखियाओं व अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं नेताओं को राजनीति में आने से पहले और उसके बाद किन-किन स्रोतों से इन्होंने सम्पत्ति बनाई है, उनका भी देश की जनता के समक्ष खुलासा करना चाहिए।

मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को भी चाहिए कि वह जनता के सामने अपने द्वारा अर्जित की गई समस्त सम्पत्तियों का ईमानदारी से खुलासा करे क्योंकि आज की स्थिति में आमतौर पर राजनीतिक दलो के प्रमुख एवं उनके वरिष्ठ पदाधिकारी व नेता, खरबों की बेनामी सम्पत्ति के मालिक होने के बाद भी केवल कुछ ही सम्पत्ति का खुलासा जनता के सामने करते हैं क्योंकि उन्हें मालूम है कि उनके पास वर्तमान में जमा सम्पत्ति का खुलासा हो जाने पर इन जमा सम्पत्ति के श्रोतो के बारे में बता पाने की स्थिति में यह लोग कदापि नहीं है क्योकि ऐसे नेता कम्पनियों में शेयर एवं अन्य रास्तों के जरिये ही अकूत सम्पत्ति के मालिक बन बैठे है।

उन्होने आगे कहा कि यह कौन नहीं जानता कि समाजवादी पार्टी के मुखिया श्री मुलायम सिंह यादव जब राजनीति में आये तो उनके पास कुछ बीघे जमीन और एक साइकिल के अलावा कुछ भी नहीं था। लेकिन अपने राजनीतिक सफर के दौरान श्री मुलायम सिंह यादव एवं उनके नजदीकी रिश्तेदार आज भारी-भरकम नामी एवं बेनामी सम्पत्ति के मालिक बन बैठे हैं, जिसका खुलासा श्री विश्वनाथ चतुर्वेदी द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल की गई एक जनहित याचिका में किया गया है जो मामला अभी भी माननीय सर्वोंच्च न्यायालय में लिम्बत है और सही मायने में श्री मुलायम सिंह यादव एवं उनके नजदीकी रिश्तेदारों की इस रिट याचिका में विर्णत की गई सभी सम्पत्तियों की जांच सी.बी.आई. द्वारा की जानी चाहिये। जिससे बचने के लिए आज कल श्री मुलायम सिंह यादव केन्द्र सरकार में शामिल होने के लिए आयेदिन यू.पी.ए. की चेयरपरसन एवं कांग्रेस पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं नेताओं के चक्कर काट रहे हैं और उनकी जी-हजूरी करने में लगे हुये हैं।

लगभग यही स्थिति विभिन्न राजनीतिक दलों के मुखियाओं, पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ नेताओं की भी आम तौर से देखने के लिए मिलती है, जिनके पास राजनीति में प्रवेश करने के पहले आज की तुलना में कुछ भी नहीं था। लेकिन राजनीति में आने के बाद आज वे लोग बड़े-बड़े उद्योगों के मालिक बन बैठे हैं ओर उनके नाम आज दर्ज बेनामी सम्पत्तियों की तो कोई सीमा ही नहीं है, जिसके बारे में आम जनता बखूबी  जानती है। ऐसे नेता जब मेरे द्वारा ईमानदारी एवं पारदर्शी ढंग से अपनी सम्पत्ति की घोषणा करने पर बयानबाजी करते हैं तो  ´´उल्टा चोर कोतवाल को डाटें´´ कहावत चरितार्थ हो जाती है।

सुश्री मायावती ने सवाल पूछते हुये कहा कि आखिर देश में काली कमाई के बल पर राजनीति चलाने  का धन्धा क्या देश के हित में है। उन्होने साफ तौर पर कहा कि चाहे एन0डी0ए0 हो या यू0पी0ए0 हो चुनाव के दौरान इन गठबन्धनों के नेताओं ने जोर शोर से विदेशों मे जमा देश का काला धन वापस लाने की बात कही थी। लेकिन लोक सभा के चुनाव के खत्म होते ही इन दोनो गठबन्धनों के नेतागण विदेशों से काला धन वापस लाने की बात को पूरी तरह से खामोश हो गये हैं।

लेकिन इसके साथ ही यहां यह सवाल उठता है कि उन लोगों  का “काला चेहरा“ देश की जनता के सामने क्यों नहीं उजागर किया जाता है जो न केवल अपनी सम्पत्ति का ब्योरा छिपा कर “टैक्स“ की चोरी करते हैं, तथा अपना पैसा “विदेशी बैंकों“ में जमा कर देश के प्रति जघन्य “अपराध“ का काम करते हैं।

मुख्यमन्त्री जी ने मांग की कि अभी कुछ समय पहले जर्मन सरकार द्वारा जिन लगभग 50 “सफेद पोशों“ का काला धन जर्मनी के बैंकों में जमा है, उनकी सूची भारत सरकार को सौंपी गई है, उनके नाम तत्काल“सार्वजनिक“ किये जाये, तथा सख्त कदम उठाये जायें। इसी तरह अन्य देशों में भी इसी तरह काला धन जमा करने वाले लोगों का नाम भी उजागर किया जाना चाहिए और अन्य देशों से भी अपने देश के धन को वापस लाने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाया जाना चाहिए।

सुश्री मायावती ने आगे कहा कि लोक सभा चुनाव के दौरान उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि यदि बसपा केन्द्र में सत्ता में आती है तो देश का विदेशों में जमा सारा धन तुरन्त वापस लाया जायेगा और इसके लिये सख्त से सख्त कदम उठाये जायेंगे। उन्होने कहा कि विभिन्न प्रमुख राजनीतिक नेताओं की तरह उनका कोई भी धन ना तो कम्पनियों के शेयरों में लगा हुआ है और न ही विदेशी बैकों में उनका कोई पैसा है, क्योंकि वह अन्य लोगो की तरह काली कमाई को सफेद करने में विश्वास नहीं रखती और उनके पास जो भी सम्पत्ति है उसका साफ तौर पर जनता के सामने खुलासा कर देती हैं ।
अन्त में उन्होने कहा कि उनके द्वारा अपनी सम्पत्ति का पूरा ब्योरा ईमानदारी से रख दिये जाने के बाद विरोधी पार्टियों के कतिपय नेताओ द्वारा दिये गये बयान यह साफ करते है कि वह एक दलित की बेटी को राजनीति के क्षेत्र में आगे बढता हुआ नहीं देख सकते जो साफ तौर पर उनकी दूषित जातिगत मानसिकता को भी दर्शाता है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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यू.पी.ए. सरकार का एक साल का रिपोर्ट-कार्ड हवाई एवं देश की जनता के लिये हर मामले में निराशाजनक : सुश्री मायावती

Posted on 24 May 2010 by admin

उत्तर प्रदेश में विधान परिशद् एवं राज्यसभा के द्विवार्शिक
चुनाव के लिये बी.एस.पी. के उम्मीदवारों की घोशणा
मिशनरी भावना से वर्षो से काम करने वाले
पार्टी कार्यकर्ताओं का ही मनोनयन : सुश्री मायावती
सभी वर्तमान बी.एस.पी. विधायकों को सन् 2012 के
विधान सभा चुनाव में टिकट दिया जायेगा : सुश्री मायावती

बहुजन समाज पार्टी की राश्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली केन्द्र की यू.पी.ए. सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के साथ सौतेला व पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने व केन्द्र सरकार की ग़लत आर्थिक नीतियों के कारण देश में लगातार बढ़ रही महंगाई के खिलाफ, यू.पी.ए. सरकार के एक वर्षो पूरा होने के दिन दिनांक 22 मई सन् 2010 से बी.एस.पी. द्वारा शुरू किये गये Þराज्य-व्यापी जनहित आन्दोलन को और तीव्र बनाने का आह्वान किया है।

आज यहां अपने सरकारी निवास पर पार्टी के सांसदों, मन्त्रियों, विधायकों व ज़ोनल को-आर्डिनेटरों की संयुक्त बैठक को सम्बोधित करते हुये सुश्री मायावती जी ने कहाकि दिनांक 22 मई सन् 2010 का राज्य-व्यापी जनहित आन्दोलन कार्यक्रम काफी कामयाब रहा है, जिसके लिये पार्टी के सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, सांसदों, मन्त्रियों, विधायकों एवं हर स्तर के जनप्रतिनिधियों का वह हार्दिक आभार प्रकट करती हैं। साथ ही, उन्होंने यह उम्मीद भी ज़ाहिर की है कि अगले बुधवार को छोड़कर प्रत्येक बुधवार को ज़ोन के एक विधानसभा मुख्यालय पर होने वाले इस चरणबद्ध जनहित आन्दोलन को इसी प्रकार कामयाब बनाने में पार्टी के हर स्तर के लोग जी-जान से लगातार जुटे रहेंगे।

इसी क्रम में प्रधानमन्त्री डा. मनमोहन सिंह द्वारा आज एक संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से रखे गये यू.पी.ए. सरकार के एक वर्ष के रिपोर्ट-कार्ड के बारे में सुश्री मायावती जी ने कहाकि इस रिपोर्ट-कार्ड को अगर ज़मीनी हक़ीक़त पर परखा जाये तो वह केवल हवाई प्रतीत होता है अर्थात् यह कहना ग़लत नहीं होगा कि यू.पी.ए. सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल, देश की जनता के लिये हर मामले में निराशाजनक रहा है।

इस अवसर पर बी.एस.पी. की राश्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती जी ने विधान परिशद् एवं राज्यसभा के द्विवार्शिक चुनाव के लिये आज यहां पार्टी के उम्मीदवारों के नामों की घोशणा करते हुये कहाकि बी.एस.पी. एक राजनीतिक पार्टी के साथ-साथ, एक सामाजिक मूवमेन्ट भी है, इसी कारण अन्य पार्टियों की तरह उद्योगपतियों व पूंजीपतियों या सेवानिवृत्त लोगों को राज्यसभा में भेजने के बजाये, मिशनरी भावना से वर्षो से काम कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं को ही विधान परिशद् एवं राज्यसभा में भेजती रही है। और इसी क्रम में इस बार भी लोगों के नाम फाइनल किये गये हैं।
सुश्री मायावती जी ने कहाकि विधान परिशद की 13 सीटों में से आठ सीटों पर बी.एस.पी. अपने उम्मीदवार खड़ी करेगी, जिसमें वह खुद भी शामिल हैं क्योंकि उनका भी कार्यकाल अगले माह समाप्त हो रहा है। विधान परिशद् के लिये जिन लोगों के नामों की घोशणा की गई है उनके नाम हैं : कुमारी मायावती जी, श्री ऋशिपाल गौतम, श्री सतीश चन्द्र जाटव, डा. रामकुमार कुरील, श्री अतहर खां, श्री सुबोध कुमार पाराशर (ब्राह्मण), श्री लालचन्द निशाद तथा श्री वीरेन्द्र कुमार चौहान (लोनिया-चौहान-ओ.बी.सी.)।

इसी प्रकार, राज्यसभा की 11 सीटों में से सात सीटों पर बी.एस.पी. अपने उम्मीदवार खड़ी करेगी, जिनके नाम हैं श्री सतीश चन्द्र मिश्र, श्री अम्बेथ राजन (अनुसूचित जाति), श्री जुगल किशोर, मोहम्मद सालिम अंसारी, श्री नरेन्द्र कुमार कश्यप, श्री राजपाल सैनी व श्री एस.पी. सिंह बघेल। बी.एस.पी. के राश्ट्रीय महासचिव श्री सतीश चन्द्र मिश्र व पार्टी के राश्ट्रीय कोशाध्यक्ष श्री राजन वर्तमान में भी राज्यसभा के सदस्य हैं।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश में पार्टी और सरकार द्वारा आपराधिक छवि रखने वाले लोगों के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई का उल्लेख करते हुये सुश्री मायावती जी ने कहाकि जिन लोगों को विरोधी पार्टियों ने एक सोची-समझी राजनीतिक साज़िश के तहत बी.एस.पी. में शामिल कराया था, उन लोगों के खिलाफ समुचित कार्रवाई लगातार जारी है।

लेकिन इस क्रम में, आपराधिक छवि वाले विधायकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने के लिये मीडिया के माध्यम से उकसाने वाले बयान दे कर उनको गुमराह करके उनके लिये एक अनिधिता का माहौल पैदा करने के प्रयास का विरोधी पार्टियों को इस बात का जवाब देते हुये सुश्री मायावती जी ने कहाकि    बी.एस.पी. के जिन भी विधायकों के ऊपर विरोधी पार्टियों के लोग आपराधिक छवि रखने वाले विधायक होने का आरोप लगाते हैं उन्होंने मेरी सरकार में अब तक कोई भी ऐसा ग़लत एवं ग़ैर-कानूनी काम नहीं किया है जिसके कारण उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जाये।

सुश्री मायावती जी ने कहाकि लेकिन इससे यहां यह भी बात स्पश्ट हो जाती है कि बी.एस.पी. जिन भी विधायकों का विरोधी पार्टियों के लोग पिछला आपराधिक इतिहास बताते हैं इससे ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें उनके विरोधियों ने एक राजनीतिक साज़िश के तहत उनके उपर जबरन ग़लत मुकदमे दर्ज कराके इनको आपराधिक होना करार दिया है। इसलिये इन सब बातों को मद्देनज़र रखते हुये   बी.एस.पी. की राश्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती जी ने आज यह भी एलान किया कि विरोधी पार्टियों के कहने पर बी.एस.पी. के ऐसे किसी भी विधायक को, जिनका    बी.एस.पी. आने से पहले आपराधिक इतिहास रहा है, उन्हें ना तो पार्टी से निकाला जायेगा और ना ही सन् 2012 में प्रदेश में होने वाले विधानसभा के आम चुनाव में उनका टिकट काटा जायेगा। अर्थात बी.एस.पी. के सभी विधायकों को टिकट दिया जायेगा। और इसके साथ ही विरोधी पार्टियों द्वारा बी.एस.पी. के विधायकों में टिकट को लेकर जो अनिधिता की स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही थी उसका भी आज सुश्री मायावती जी ने पूरी तरह से विराम लगा दिया है।
अन्त में पार्टी की राश्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी द्वारा विधान परिशद् एवं राज्यसभा के लिये घोशित किये गये सभी उम्मीदवारों को पार्टी के विधायकों से उन्हें जिताने की अपील करने के साथ-साथ पार्टी के संगठन तथा प्रदेश में पार्टी द्वारा चलाये जा रहे राज्य-व्यापी जनहित आन्दोलन को कामयाब बनाने के लिये भी जरूरी दिशा-निर्देश दिये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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केन्द्र की सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के साथ अपनाये जा रहे सौतेले व उपेक्षापूर्ण रवैये का पर्दाफाश करने व आसमान छूती महंगाई के खिलाफ बी.एस.पी. का पहले चरण के तहत राज्य-व्यापी जनहित आन्दोलन प्रारंभ

Posted on 22 May 2010 by admin

बहुजन समाज पार्टी की  राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती जी के आह्वान पर, पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केन्द्र में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली यू.पी.ए. सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के साथ सौतेला व उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाकर प्रदेश को पिछड़ाß बनाये रखने की साज़िश तथा उसकी ग़लत आर्थिक नीति के कारण आसमान छूती महंगाई के खिलाफ जन-संघर्ष जारी रखते हुये, आज से शुरू हुये राज्य-व्यापी जनहित आन्दोलन के पहले चरण के तहत प्रदेश के 55 ज़िलों के एक विधानसभा मुख्यालय पर ज़ोरदार धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ व ज़िम्मेदार पदाधिकारियों, सांसदों, मन्त्रियों व विधायकों आदि ने भी भाग लिया।

केन्द्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के एक वर्ष पूरा होने के दिन आज से विधानसभा स्तर पर प्रारंभ किये गये इस जनहित आन्दोलन की सफलता को पूर्व की भान्ति स्वयं अपनी आंखों से देखने के बजाय, अपनी व्यस्तता के कारण सुश्री मायावती जी ने इस धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम की सफलता का आंकलन करने के लिये पड़ोस के ज़िलों से पार्टी के दो-दो ज़िम्मेदार लोगों को हर ज़िले में यह निर्देशित करके नियुक्त किया कि वे लोग इस आन्दोलन की सफलता के सम्बंध में अपनी-अपनी रिपोर्ट पार्टी के प्रदेश मुख्यालय को आज ही भेजें।

सुश्री मायावती जी ने बताया कि आज के ज़ोरदार धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने आम जनता के समक्ष केन्द्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार की जन-विरोधी नीतियों, उत्तर प्रदेश की आम जनता के साथ सौतेला रवैया, प्रदेश को केन्द्रीय धन का आवंटन समय पर जारी नहीं करने, प्रदेश की घोर उपेक्षा करने के साथ-साथ केन्द्र सरकार की ग़लत आर्थिक नीतियों के कारण जानलेवा महंगाई की पोल खोली तथा कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ नहीं, बल्कि कांग्रेस का हाथ पूंजीपतियों के साथ होने का पर्दाफाश किया।

इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी की आम आदमी-विरोधी नीतियों का विस्तारपूर्वक उजागर करते हुये बी.एस.पी. के वक्ताओं ने कहाकि प्रदेश में ग़रीब और ग़रीबी के प्रति कांग्रेस सरकार कभी भी गम्भीर नहीं रही है, जिस कारण ही उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के लगभग 40 वर्षो के शासनकाल के दौरान इस प्रदेश से लोगों का सबसे ज्यादा संकट पलायनß हुआ और दुख की बात यह है कि कांग्रेस-शासित राज्यों में अपना घर-बार छोड़कर रोज़ी-रोटी के लिये गये उन लोगों पर होने वाले पक्षपात व अन्याय को रोकने के प्रति भी वहां की कांग्रेस पार्टी की सरकारें लगातार उदासीन बनी हुयी हैं। बी.एस.पी. के वक्ताओं ने इलज़ाम लगाया कि कांग्रेस पार्टी की आर्थिक नीतियां हमेशा ही बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नसेठों को हर क़ीमत पर लाभ पहुंचाने की रही है, जिस कारण ही वह इन पूंजीपतियों के हित में पेट्रोल व डीज़ल तथा रसोई गैस इत्यादि ज़रूरी वस्तुओं की क़ीमत लगातार बढ़ाती रहती है, जिससे महंगाई लगातार बढ़ी है और इसका ख़ामियाज़ा देश के आम आदमी को सीधे भुगतना पड़ा है।

कांग्रेस पार्टी के कुछ ज़िम्मेदार नेताओं द्वारा विकास के मामले में अपनाये जा रहे संकुचित द्रष्टिकोण की तीव्र आलोचना करते हुये, बी.एस.पी. वक्ताओं ने कहाकि ये नेतागण सीमित व संकुचित राजनीतिक द्रष्टिकोण अपनाकर समूचे उत्तर प्रदेश की बीस करोड़ जनता के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के इन ज़िम्मेदार नेताओं को यू.पी. में केवल दो ही संसदीय क्षेत्र अर्थात् रायबरेली व अमेठी के लोगो के ही दुख-तकलीफ व उनकी दयनीय स्थिति नज़र आती है जिसके लिये विदेश के कुछ लोगों को बुलाकर तथा स्थानीय लोगों की ग़रीबी व दयनीय स्थिति की नुमाइश करके विदेशी सहायता की मांग की जाती है।

लेकिन यही ज़िम्मेदार कांग्रेसी नेता जब प्रदेश के दूसरे ज़िलों में जाते हैं तो इनका दोहरा चरित्र लोगों को देखने को मिलता है। वे दूसरे ज़िलों के लोगों की दुख-तकलीफ व उनकी ग़रीबी को दूर करने के लिये विदेशी सहायता की फरियाद करना तो दूर की बात, वे केन्द्र में चल रही अपनी पार्टी की सरकार पर भी इस सिलसिले में किसी प्रकार का दबाव डालने से कतराते हैं। इस प्रकार जब कांग्रेस पार्टी के ज़िम्मेदार लोगों का उत्तर प्रदेश के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया व दोहरा चरित्र है तो ऐसी स्थिति में इनकी पार्टी के नेतृत्व वाली केन्द्रीय सरकार का उत्तर प्रदेश के लोगों के कल्याण व उत्थान के मामले में सौतेला व पक्षपातपूर्ण रवैया क्यों ना हो ?

बुन्देलखण्ड क्षेत्र को विशे आर्थिक सहायता नहीं जारी करने तथा उत्तर प्रदेश बसपा सरकार द्वारा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के विकास हेतु मांगे गये 80 हजार करोड़ रुपये के विशे आर्थिक पैकेज के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाने के लिये केन्द्र की कांग्रेस सरकार की तीखी आलोचना करते हुये बी.एस.पी. वक्ताओं ने कहाकि केवल पिछले तीन वशोZं के दौरान केन्द्रीय अंश की लगभग 17,492 करोड़ रुपये की धनराशि समय पर उपलब्ध नहीं कराना यह साबित करता है कि केन्द्र का रवैया उत्तर प्रदेश के प्रति सौतेला व पक्षपातपूर्ण है, जिससे आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े प्रदेश, उत्तर प्रदेश की आम जनता सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।

बी.एस.पी. वक्ताओं ने आरोप लगाया कि विकास के मामलों के साथ-साथ सामाजिक मामलों पर भी केन्द्र का रवैया उदासीन व नकारात्मक है जिस कारण प्रदेश के लोगों को समुचित न्याय नहीं मिल पा रहा है। इसी कारण उत्तर प्रदेश में अन्य पिछड़े वर्गों की 16 जातियों, जिसमें (1) कहार, कश्यप (2) केवट, मल्लाह, निशाद    (3) कुम्हार, प्रजापति (4) धीवर (5) बिन्द (6) भर, राजभर (7) धीमर (8) बाथम     (9) तुरहा (10) गौड़ (11) माझी (12) मछुआ (13) लोनिया (14) नोनिया          (15) लोनिया-चौहान (16) पाल/बघेल/धनगर आदि शामिल हैं, को अनुसूचित जाति /जनजाति कोटे में शामिल होने का लाभ नहीं मिल पा रहा है जबकि अनुसूचित जाति /जनजाति कोटे में वृद्धि करके इनको भी उसमें शामिल करने की मांग बसपा सरकार लगातार करती रही है।

इसी प्रकार, पश्चिम उत्तर प्रदेश में विशे रूप से आगरा एवं मेरठ की जनता द्वारा वहां माननीय उच्च न्यायालय की एक खण्डपीठ की स्थापना की मांग पर केन्द्र सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में बुन्देलखण्ड, पूर्वांचल एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रूप में अलग राज्य बनाकर, प्रदेश विभाजन के लिये भी केन्द्र सरकार को अनेकों बार चिट्ठी लिखी गई है जिस पर आज तक भी कोई जवाब नहीं आया है। इस प्रकार, प्रदेश की आम जनता से जुड़े ज्यादातर मामलों में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली केन्द्र की यू.पी.ए. सरकार का सहयोग ना करने का रवैया लगातार देखने में आ रहा है।

विभिन्न ज़िलों से पार्टी अधिकृत लोगों द्वारा प्रदेश पार्टी कार्यालय को आज के इस धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम की जो रिपोर्ट मिली है वह काफी उत्साहवर्धक है अर्थात् सभी जगह राज्य-व्यापी जनहित आन्दोलन कार्यक्रम काफी कामयाब रहा है, जिसके लिये बी.एस.पी. की राश्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती जी ने पार्टी के सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं हर स्तर के जनप्रतिनिधियों का  हार्दिक आभार प्रकट किया है। साथ ही यह उम्मीद ज़ाहिर की है कि अगले बुधवार को छोड़कर प्रत्येक बुधवार को ज़ोन के एक विधानसभा मुख्यालय पर होने वाले इस जनहित आन्दोलन को इसी प्रकार कामयाब बनाने में पार्टी के हर स्तर के लोग जी-जान से लगातार जुटे रहेंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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भूगर्भ जल के संरक्षण, सुरक्षा एवं विकास हेतु प्रस्तावित विधेयक वेबसाइट पर अपलोड

Posted on 20 May 2010 by admin

मुख्य सचिव द्वारा विधेयक पर 45 दिनों में जनमानस से सुझाव एवं प्रतिक्रिया देने की अपील

लखनऊ - मुख्य सचिव श्री अतुल कुमार गुप्ता ने आज मीडिया सेन्टर में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि भूजल संसाधनों के संरक्षण, सुरक्षा, प्रबन्ध, नियोजन एवं विनियमन हेतु राज्य सरकार द्वारा लोकहित में एक अधिनियम बनाने का निश्चय किया गया है। उक्त के सम्बन्ध में व्यापक विचार-विमर्श के उपरान्त राज्य सरकार द्वारा तैयार किये गये प्रस्तावित अधिनियम को जनमानस के सुझाव एवं प्रतिक्रिया प्राप्त करने हेतु आज यहां भूगर्भ जल विभाग, उ0प्र0 की वेबसाइट  पर अपलोड किया जा रहा है। ड्राट भूजल अधिनियम के प्राविधानों पर जनमानस की प्रतिक्रिया एवं सुझाव 45 दिवस के अन्तर्गत अर्थात विलम्बतम 05 जुलाई 2010 तक आमन्त्रित है। सुझाव एवं प्रतिक्रिया ईमेल पर या निदेशक भूगर्भ विभाग उ0प्र0 नवां तल इंदिरा भवन अशोक मार्ग, लखनऊ के पते पर प्रेषित किये जा सकते हैं।

मुख्य सचिव श्री गुप्ता ने बताया कि प्रस्तावित अधिनियम राज्य में भूगर्भ जल के सुरक्षा एवं विकास के प्रबन्धन, नियन्त्रण एवं विनियमन के उद्देश्य से तैयार किया गया है। प्रदेश में विगत वर्षो में भूगर्भ जल के अनियिन्त्रत एवं तेजी से हो रहे दोहन के फलस्वरूप कई क्षेत्रों में भूगर्भ जल स्तर में गिरावट परिलक्षित हुई है, जिससे भूजल उपलब्धता की दृष्टि से चिन्ताजनक स्थिति उत्पन्न हो गई है तथा राज्य के कई भागों, शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में भूजल के जलाशयों में कमी आई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास हेतु भूगर्भ जल का दोहन आवश्यक है, किन्तु इसके साथ-साथ इस बहुमूल्य संसाधन की सुरक्षा एवं परिरक्षण के लिए उसका प्रबन्ध, नियन्त्रण एवं विनियमन विशेषकर संकटग्रस्त क्षेत्र में किया जाना समय की मांग भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 138 विकास खण्ड संकटग्रस्त की श्रेणी में हैं और यदि इस बहुमूल्य संसाधन की सुरक्षा एवं प्रबन्धन हेतु पर्याप्त एवं प्रभावी कदम नहीं उठाये गये तो शीघ्र ही अधिकांश विकास खण्ड संकटग्रस्त की श्रेणी में होंगे, जो प्रदेश के आर्थिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा, और अधिकांश क्रियाकलाप बन्द हो जायेंगे, जो क्रियाकलाप होंगे भी, वे अधिक खर्चीले होंगे।

श्री गुप्ता ने कहा कि प्रस्तावित  विधेयक को नाम एवं विस्तार तथा परिभाषाओं, भूजल प्राधिकरण के गठन इसके कृत्य अधिकार शक्तियों, भूजल सम्भरण तथा विविध जिसमें दण्ड इत्यादि के प्राविधान हैं, चार अध्यायों में विभाजित किया गया है। प्रस्तावित एक्ट सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में लागू होगा तथा यह सरकार द्वारा निर्धारित तिथि से लागू होगा। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित विधेयक में गैर नोटीफाइड, सेमी क्रिटिकल, अतिदोहित एवं  क्रिटिकल  क्षेत्रों हेतु अलग-अलग प्राविधान है।

नॉन नोटीफाइड शहरी क्षेत्र में 0.5 हार्स पावर तक के प्रयुक्त करने वाले भूजल उपभोक्ता पर कोई नियन्त्रण फिलहाल नहीं होगा। 0.5 हार्स पावर से अधिक के पम्पसेट स्थापित करने हेतु रेजीडेन्ट वेलफेयर एसोसिएशन के माध्यम से सेल्फ रेगुलेशन लागू होगा तथा भूजल दोहन सीमा प्रत्येक शहरी क्षेत्र  हेतु बल्क यूजर के लिए निर्धारित सीमा तक होगी। रेन वाटर हार्वेस्टिंग/रिचार्ज अनिवार्य होगा। 0.5 हार्स पावर से अधिक क्षमता के पम्प विक्रय करने पर विक्रेता को प्राधिकरण को सूचित करना होगा।

शहरी क्षेत्र के बल्क यूजर को निर्धारित मात्रा में आर0डब्लू0एच0/आर0 (रेन वाटर हार्वेस्टिंग/रिचार्ज) करना होगा तथा भूजल का दोहन निर्धारित सीमा तक करने का प्रतिबन्ध होगा। बल्क यूजर से भूजल  दोहन हेतु  फीस लेने का भी प्राविधान है तथा इसके लिए यह भी अनिवार्य होगा कि वह पंजीकृत सर्विस प्रोवाइडर से रिचार्ज स्ट्रक्चर, पम्पसेट इत्यादि का निरीक्षण निर्धारित फीस देकर वर्ष में दो बार करायें।

नॉन नोटीफाइड ग्रामीण क्षेत्र में फिलहाल 7.5 हार्स पावर तक के पम्पसेट प्रयुक्त/स्थापित करने वाले भूजल उपभोक्ताओं पर कोई प्रतिबन्ध/नियन्त्रण लागू नहीं होगा। 7.5 हार्स पावर से अधिक के पम्पसेट स्थापित करने हेतु वाटर यूजर एसोशिएशन के माध्यम से सेल्फ रेगुलेशन लागू होगा तथा भूजल का दोहन प्रत्येक ग्रामीण क्षेत्र हेतु बल्क यूजर के लिए निर्धारित सीमा तक ही करने का प्रतिबन्ध होगा। रेन वाटर हार्वेस्टिंग/रिचार्ज अनिवार्य होगा। 7.5 हार्स पावर से अधिक क्षमता के पम्प विक्रय करने पर विक्रेता को प्राधिकरण को सूचित करना होगा।

ग्रामीण क्षेत्र के बल्क यूजर को निर्धारित मात्रा में  आर0डब्लू0एच0/आर0 करना होगा   तथा भूजल का दोहन निर्धारित सीमा तक ही करने का प्रतिबन्ध होगा। बल्क यूजर से भूजल  दोहन हेतु फीस लेने का भी प्राविधान है तथा इसके लिए यह भी अनिवार्य होगा कि वह पंजीकृत सर्विस प्रोवाइडर से रिचार्ज स्ट्रक्चर, पम्पसेट इत्यादि का निरीक्षण निर्धारित फीस देकर वर्ष में दो बार करायें।

नोटीफाइड एरिया (सेमी क्रिटिकल एरिया लेवेल-1) शहरी क्षेत्र में 0.5 हार्स पावर तक के पम्प सेट स्थापित करने हेतु रेजीडेन्ट वेलफेयर एसोशियेशन के माध्यम से सेल्फ रेगुलेशन लागू होगा। आर0डब्लू0एच0/आर0 अनिवार्य होगा। 0.5 हार्स पावर  से अधिक के पम्पसेट पंजीकृत सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से स्थापित किये जा सकेंगे तथा ऐसे  मामलों में निर्धारित सीमा तक आर0डब्लू0एच0/आर0 अनिवार्य होगा। भूजल का दोहन  निर्धारित सीमा तक ही करने का प्रतिबन्ध होगा। 0.5 हार्स पावर से अधिक क्षमता के पम्प विक्रय करने पर विक्रेता को प्राधिकरण को सूचित करना अनिवार्य होगा।

शहरी क्षेत्र के बल्क यूजर पंजीकृत सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से ही नये नलकूप/कूप निर्मित करा सकेंगे। भूजल का दोहन निर्धारित सीमा तक ही करने का प्रतिबन्ध होगा। आर0 डब्लू0एच0/आर0 अनिवार्य होगा तथा इसकी न्यूनतम सीमा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित होगी। बल्क यूजर से फीस लेने का भी प्राविधान है तथा उसके लिए यह भी अनिवार्य होगा कि वह पंजीकृत सर्विस प्रोवाइडर से रिचार्ज स्ट्रक्चर, पम्पसेट इत्यादि का निर्धारित फीस देकर वर्ष में दो बार निरीक्षण करायें।

नोटीफाइड ग्रामीण क्षेत्र में 7.5 हार्स पावर तक के पम्पसेट स्थापित करने हेतु वाटर यूजर एसोशियेशन के माध्यम से सेल्फ रेगुलेशन लागू होगा। आर0डब्लू0एच0/आर0 अनिवार्य होगा। 7.5 हार्स पावर से अधिक के पम्पसेट पंजीकृत सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से ही स्थापित किये जा सकेंगे। भूजल का दोहन निर्धारित सीमा तक ही होगा तथा ऐसे मामलों में निर्धारित सीमा तक आर0डब्लू0एच0/आर0 अनिवार्य होगा। 7.5 हार्स पावर से अधिक क्षमता के पम्प विक्रय करने पर विक्रेता को प्राधिकरण को सूचित करना अनिवार्य होगा।

बल्क यूजर सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से ही नलकूप/कूप निर्मित करा सकेंगे तथा उनके लिए आर0डब्लू0एच0/आर0 अनिवार्य होगा तथा इसकी न्यूनतम सीमा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित होगी। बल्क यूजर निर्धारित सीमा तक ही भूजल दोहन कर सकेंगे। बल्क यूजर के लिए यह भी अनिवार्य होगा कि वह पंजीकृत सर्विस प्रोवाइडर से रिचार्ज स्ट्रक्चर, पम्पसेट इत्यादि का निरीक्षण वर्ष में दो बार निर्धारित फीस देकर करायें।
अतिदोहित/क्रिटिकल एरिया (लेविल-2 एवं 3) क्षेत्रों में नये कूपों/नलकूपों का निर्माण पूर्णत: प्रतिबन्धित किया गया है, यद्यपि कामर्शियल एवं इन्डस्ट्रियल यूजर्स को छोड़कर शेष सभी यूजर्स को मानव आवश्यकता/पेय जल हेतु वाटर सप्लाई के लिए नलकूप/कूप के निर्माण की अनुमति पंजीकृत सर्विस प्रोवाइडर की देख-रेख में होगी। भूजल के सभी वर्तमान एवं नये उपभोक्ताओं को पंजीकृत सर्विस प्रोवाइडर की देख रेख में आर0डब्लू0एच0/आर0 तकनीकी अपनाना अनिवार्य होगा तथा आर0डब्लू0एच0 /आर0 की न्यूनतम सीमा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित होगी। भूजल उपभोक्ता को आर0डब्लू0 एच0/आर0 स्ट्रक्चर पम्पसेट इत्यादि का निरीक्षण भी पंजीकृत सर्विस प्रोवाइडर से वर्ष में दो बार निर्धारित फीस देकर करना होगा। बल्क यूजर के लिए भूजल दोहन की सीमा भी निर्धारित होगी।

कामर्शियल एवं इन्डस्ट्रियल यूजर के लिए नान नोटीफाइड एवं सेमी क्रिटिकल (लेविल-1) क्षेत्र में नलकूप/कूप बनाने हेतु ऐसे यूजर पंजीकृत सर्विस प्रोवाइडर को आवेदन करेंगे और पंजीकृत सर्विस प्रोवाइडर के निर्देशन एवं देख-रेख में ही कूप/नलकूप का निर्माण करायेंगे। भूजल दोहन की सीमा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित होगी। ऐसे उपभोक्ताओं को आर0डब्लू0एच0/आर0 विधियां अपनाना अनिवार्य होगा और इसकी न्यूनतम सीमा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित होगी। इनके लिए यह भी अनिवार्य  होगा कि वह पंजीकृत सर्विस प्रोवाइडर से रिचार्ज स्ट्रेक्चर, पम्पसेट इत्यादि का निरीक्षण वर्ष में दो बार निर्धारित फीस देकर करायें। इस श्रेणी के भूजल उपभोक्तओं से प्राधिकरण/राज्य सरकार द्वारा भूजल दोहन हेतु फीस भी ली जा सकेगी।

अतिदोहत/क्रिटिकल (लेविल-2 एवं 3) में कामर्शियल एवं इन्डस्ट्रियल यूजर को नये नलकूप/कूप स्थापित करने की अनुमति नहीं होगी। वर्तमान उपभोक्ताओं को आर0डब्लू0एच0/ आर0 विधियां अपनाना अनिवार्य होगा और इसकी न्यूनतम सीमा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित होगी। ऐसे क्षेत्रों में यह भी आवश्यक होगा कि कामर्शियल एवं इन्डस्ट्रियल यूजर पंजीकृत सर्विस प्रोवाइडर से रिचार्ज स्ट्रक्चर, पम्पसेट इत्यादि का निरीक्षण निर्धारित फीस देकर वर्ष में दो बार करायें। इस अधिनियम में भूजल सम्भरण एवं वर्षा जल संचयन हेतु भी व्यापक प्राविधान किये गये हैं।

इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आर0 के0 शर्मा, प्रमुख सचिव लघु सिंचाई, श्री सुशील कुमार व अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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बुधवार की शाम जनपद वासियों के लिए कहर बन कर आया तूफान

Posted on 19 May 2010 by admin

तेज आंधी व ओलों की चपेट में आकर चार हुए घायल ,टीनें गिरने से तीन गायों की मौके पर हुई मौत

तेज आंधी के साथ गिरे ओलों से आम की फसल हुई चौपट,ओलों के से सब्जी की बारियों को हुआ नुकसान

भीषण गर्मी झेल रहे लोगों को अचानक बदले मौसम ने थोड़ी सी राहत तो दी लेकिन तूफान के रूप में आई तेज आंधी ने कहर भी खूब बरपाया। तूफान के साथ अचानक गिरे बड़े-बड़े ओलों से लोग चुटहिल भी हुए। लगभग दस मिनट तक चले आंधी और पानी के इस कहर से जहां एक ओर जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा वहीं जगह-जगह पेड़ गिरने से राष्ट्रीय राजमार्ग समेत मुख्यालय के कस्बाई रास्ते भी बन्द हो गए। वहीं कच्चे घरों में रहने वालों के लिए तो आंधी बरबादी का आलम ले कर आई। जिसके चलते लोगों के टीन टप्पर व खपरैल तक उड़ गए। इसके अलावा बिजली की तारें टूट जाने से विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई। विभागीय लोगों की माने तो विद्युत व्यवस्था सुचारू करने में काफी समय लग सकता है। पिछले एक सप्ताह से जनपदवासी भीषण गर्मी कीमार झेल रहे थे। दो दिन से तो पारा उतरने का नाम ही नहीं ले रहा था। बुधवार को भी लोग सबेरे से गर्मी के मारे परेशान हाल हो रहे थे। लेकिन अपराहन बाद लगभग तीन बजे से आसमान में बदली छा जाने से और ठण्डी हवाओं के झोकों से लोगों को राहत मिली और उम्मीद बंधी की जल्द ही बारिश होगी। वहीं शाम चार बजते-बजते हल्की ठण्डी हवाओं के झोकों ने उग्रता से तूफान का रूप धारण कर लिया। इसी के साथ ही अचानक  बड़े-बड़े ओले गिरते देख लोग भौचक्के रह गए। ओले गिरने के कुछ ही देर बाद तेज बारिश शुरू हुई जिसने आमजन को गर्मी से थोड़ी देर के लिए निजात दिलाई। लगभग दस मिनट तक चलने वाले तेज आंधी और पानी के दौरान जिले में जगह-जगह पेड़ों के गिरने से नेशनल हाइवे 76 के साथ-साथ जिले के अन्य मार्ग भी जाम हो गए। जिसके चलते सैकड़ों वाहन जहां के तहां रुक गए। इसके अलावा कच्चे माकान में रहने वालों के लिए तो आंधी और पानी कहर बन कर टूट पड़ा । तेज आंधी में खपरैलों के साथ-साथ लोगों के टीन-टप्पर भी उड़ गए। वहीं दूसरी ओर ओलों की मार व पेड़ों के गिरने से जिले में लगभग आधा दर्जन से लोग चुटहिल हो गए। हालांकि तूफान का मुख्य केन्द्र जिला मुख्यालय कर्वी ही रहा लेकिन इससे आस-पास के लगभग 20 किमी तक का इलाका प्रभावित हुआ।ckt1

चक्रवाती तूफान के साथ गिरे ओलों ने भयंकर तबाही मचा डाली। इस दौरान जहां बिजली गिरने से एक व्यक्ति बुरी तरह झुलस गया वहीं पेड़ गिरने व माकान का छज्जा टूट जाने से चार लोगों के गम्भीर रूप से घायल होने की खबर मिली है। इसके अलावा चित्रकूट में हनुमान धारा के पास निर्मोही अखाड़ा द्वारा संचालित गोशाला की टीनें गिरने से तीन गायों की मौके पर मौत हो गई जबकि सैकड़ों गायें बुरी तरह घायल हो गई।

बुधवार की शाम लगभग चार बजे आए भयंकर तूफान के साथ ही बड़े-बड़े ओले गिरने लगे। तेज आंधी के दौरान जगह-जगह पेड़ गिर गए वहीं कईयों के माकान भी धराशायी हो गए। आंधी में अपने घर के सामने लगे पेड़ के नीचे खड़े इटरौर भीषमपुर निवासी रामबाबू 30 पुत्र स्व. मोतीलाल अचानक बिजली गिरने से बुरी तरह झुलस गया। परिजनों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं प्राथमिक उप स्वास्थ्य केन्द्र इटवा डुडैला में तैनात फार्मासिस्ट लक्ष्मी सागर सिंह 40 पुत्र जवाहर निवासी छिपनी बाहर खेरा ड्यूटी से वापस लौट रहा था रास्ते में आंधी आने से बचाव करने के लिए सीतापुर रामायण मेला परिसर के पास लगे पेड़ के नीचे खड़ा हो गया और आंधी में पेड़ गिरने से उसके नीचे दबकर वह गम्भीर रूप से घायल हो गया। जिसे आस-पास के लोगों ने किसी तरह निकाल कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। इसके अलावा पथरौड़ी गांव में आधी के कारण मकान का छज्जा गिर जाने से सखिया 50 पत्नी रघुनन्दन गम्भीर रूप से घायल हो गया। वहीं पथरामानी में बिजली कड़कने की आवाज से 15वर्षीय सब्बू पुत्र बच्छराज बेहोश हो गया। सभी घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। वहीं बालक की स्थिति गम्भीर बनी हुई है। इसी तरह चित्रकूट में हनुमान धारा के समीप निर्मोही अखाड़ा द्वारा संचालित गोशाला की टीने आंधी में उड़ कर नीचे आ गिरीं जिनकी चपेट में आने से तीन गायों तो मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक सैकड़ा से अधिक गायें चुटहिल हो गईं। इधर मुख्यालय कर्वी के आस-पास क्षेत्रो में केन्द्र बिन्दु बने तूफान व ओले की चपेट में आने से तरौहां कस्बे में भी दर्जनों लोग चुटहिल हुए हैं व कई जानवरों की मौत की खबर मिली है। ckt3

आंधी किसानों के लिए भी खतरनाक साबित हुई। इसके कारण कई वर्षो बाद पेड़ों पर आई आम की अच्छी फसल को भी नुकसान पहुंचा। आंधी में कई कुन्तल छोटे कच्चे आम नीचे आ गिरे। वहीं कुछ लोगों के कटहल के पेड़ों को भी नुकसान हुआ। इसी तरह बड़े-बड़े ओले गिरने से लोगों के द्वारा अपनी रोजी-रोटी के लिए लगाई गई सब्जियों की बारियां भी चौपट हो गईं। इन सबके साथ आंधी ने बिजली विभाग को भी काफी चोट पहुंचाई। तेज आंधी और पानी में सैकड़ों बिजली के खंभे गिर गए व जगह-जगह पर बिजली  के तार टूट गए। जिससे बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गईं। जिसके चलते विभागीय लोगों ने आपूर्ति चालू करने में हाथ खड़े कर दिए। उधर अचानक आए इस तूफान ने कुछ देर के लिए संचार व्यवस्था भी बाधित कर दी। हालांकि दस मिनट तक चले आंधी पानी से लोगों को गर्मी से लोगों को राहत मिली लेकिन उसके बाद उमस भरी गर्मी में लोगों का जीना मुहाल हो गया। दूसरी ओर समाचार लिखे जाने तक नेशनल हाईवे में कपसेठी व नगर के एलआईसी तिराहा और पटेल तिराहा में गिरे भारी भरकम पेड़ों के चलते रास्ता अवरुद्ध रहा। प्रशासनिक अमले के लोग मार्ग चालू कराने के लिए युद्ध स्तर पर पेड़ हटवाने का कार्य जारी किए हुए थे।

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लखनऊ, कानपुर-बिठूर, कन्नौज, सहित अन्य नगरों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को प्रत्येक दषा में वर्तमान वित्तीय वर्श में ही पूरा करें-मुख्यमन्त्री

Posted on 15 May 2010 by admin

उत्तर प्रदेष की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने लखनऊ, कानपुर-बिठूर, कन्नौज, सहित प्रदेष के अन्य महत्वपूर्ण एवं प्राचीन नगरों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए कराये जा रहे कार्यों को प्रत्येक दषा में वर्तमान वित्तीय वर्श में पूरा करने के निर्देष दिये हैं। उन्होंने सीवर, पेयजल तथा नाली निर्माण के लिए उत्तरदायी कार्यदायी संस्थाओं को आपसी तालमेल स्थापित कर कार्य सम्पन्न कराने के भी निर्देष दिये हैं ताकि नागरिकों को असुविधा न हो। उन्होंने कहा है कि नगरों का पुनरूत्थान उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में षामिल है, इस लिए इससे जुड़े विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही कतई बर्दाष्त नहीं की जायेगी।

सुश्री मायावती ने परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए समय सारणी तैयार करने और इन नगरों में कराये जा रहे विकास कार्यों की प्रत्येक सप्ताह उच्चस्तरीय समीक्षा करने के भी निर्देष दिये हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेष सरकार षहरों में बुनियादी जनसुविधाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस काम में धन की कमी नहीं होने देगी।

मुख्यमन्त्री ने ये निर्देष उस समय दिये जब उ0प्र0 राज्य सलाहकार परिशद के अध्यक्ष श्री सतीष चन्द्र मिश्र ने आज यहां आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में लखनऊ, कानपुर-बिठूर तथा कन्नौज में चल विकास कार्यों की समीक्षा करने के बाद बैठक के निश्कशोZं से उन्हें अवगत कराया। ज्ञातव्य है कि मुख्यमन्त्री जी की घोशणाओं के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा प्रदेष के महत्वपूर्ण एवं प्राचीन नगरों-लखनऊ, कानपुर-बिठुर, आगरा, मेरठ, कन्नौज, वाराणसी, इलाहाबाद, मथुरा-वृन्दावन तथा फैजाबाद-अयोध्या में बड़े पैमाने पर विकास कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होंने कराये जा रहे विकास कायोंZ के अनुश्रवण, निरीक्षण तथा समीक्षा के निर्देष दिये हैं, जिसके क्रम में राज्य सलाहकार परिशद के अध्यक्ष द्वारा आज समीक्षा की गई।

सुश्री मायावती ने लखनऊ में कराये जा रहे कायोंZ की समीक्षा करते हुए निर्देष दिये कि एस0टी0पी0 निर्माण, सीवर लाइन स्थापना तथा षहर के विभिन्न नालों को एस0टी0पी0 से जोड़ने का कार्य तेज किया जाए। कुकरैल नाले को एस0टी0पी0 से जोड़ने की कार्यवाही पाईप बिछा कर डेढ़ माह में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि नगर के जो नाले गोमती नदी में गिरते हैं, उनको 30 जून, 2010 तक एस0टी0पी0 लाइन से जोड़ दिया जाये। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को निर्देषित किया कि पूरे षहर में बिछने वाली आठ सौ किलोमीटर सीवर लाइन के कार्य को युद्ध स्तर पर मार्च, 2011 तक पूरा कर लिया जाये। उन्होंने लखनऊ के एस0टी0पी0 के षेश कार्य को जुलाई, 2010 तक पूरा कर लेने के निर्देष दिये।

मुख्यमन्त्री ने लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र में बन रहे तीसरे वाटर वक्र्स के कार्य को तेज करने के निर्देष देते हुए कहा कि इस वाटर वक्र्स के लिए आवष्यकतानुसार षारदा कैनाल से जलापूर्ति की जाए और इससे सम्बन्धित सभी कार्य सितम्बर, 2010 तक पूरे करा लिये जायें। उन्होंने गोमती नदी के जल प्रवाह को बनाये रखने के लिए गऊघाट में षारदा कैनाल से पानी डालने का कार्य भी दो माह में पूरा करने के निर्देष दिये। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा इस कार्य के लिए 19 करोड़ रूपये की धनराषि कार्यदायी संस्था को उपलब्ध करा दी गई है।

सुश्री मायावती ने नगर में गोमती नदी के तटों के सौन्दयीZकरण की समीक्षा करते हुए कहा कि यह कार्य इस प्रकार से किया जाय, जिससे पर्यावरण प्रभावित न हो। उन्होंने लखनऊ नगर निगम तथा लखनऊ विकास प्राधिकरण को नगर के पार्कों की अद्यतन स्थिति तथा उनके रख-रखाव का विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देष देते हुए कहा कि सभी पार्कों के रख-रखाव की कार्य योजना प्रस्तुत की जाये।

मुख्यमन्त्री ने लखनऊ में लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायी जा रही सड़कों की समीक्षा करते हुए कहा कि इन्हें समय से गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने मण्डलायुक्त को रिंग रोड से गोमती बैराज तक कुकरैल नाले पर बन रही छ: लेन की सड़क के निर्माण में आ रही कठिनाईयों को तत्काल दूर करने के निर्देष देते हुए कहा कि निषातगंज में बैकुंठधाम से लक्ष्मण मेला मैदान तक बन रहे ओवर ब्रिज का कार्य सितम्बर, 2010 तक पूरा किया जाय। उन्होंने षहीद पथ की समीक्षा करते हुए इसे जनवरी, 2011 तक पूरा कराने का निर्देष दिया। उन्होंने नगर में बन रहीं विभिन्न बहुमंजिला वाहन पािर्कंग की समीक्षा करते हुए निर्देष दिये कि यह कार्य दिसम्बर, 2010 तक पूरा कर लिया जाए। उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने के भी निर्देष दिये।

सुश्री मायावती ने कानपुर नगर में विकास कार्यों की प्रगति पर असन्तोश व्यक्त करते हुए सभी कायोंZ को मार्च, 2011 तक पूरा करने के निर्देष दिये। उन्होंने कहा कि एस0टी0पी0 का निर्माण कार्य षीघ्र पूरा करायें तथा डूडा द्वारा संचालित कार्य मार्च, 2011 तक पूर्ण कर लिये जायें। उन्होंने तात्याटोपे नगर में पाण्डु सेतु तथा ष्याम नगर के रेलवे ओवर ब्रिज के कायोंZ को भी षीघ्र पूरा करने के निर्देष दिये। कानपुर नगर में जलापूर्ति की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देष दिये कि कानपुर जलापूर्ति फेज-1 तथा 2 के लिए बैराज निर्माण का कार्य षीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने कानपुर नगर में सीवर लाइन तथा जलापूर्ति के लिए लाइन बिछाने का कार्य मार्च, 2011 तक पूरे करने के निर्देष देते हुए कहा कि जिन सड़कों एवं गलियों में यह कार्य सम्पन्न हो जाये, वहां लोक निर्माण विभाग तत्काल सड़कों की मरम्मत के कार्य को पूरा कराये।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि कानपुर नगर और बिठूर में पर्यटन विकास की असीम सम्भावनाएं हैं। उन्होंने बिठूर के विकास कार्यों को सितम्बर, 2010 तक पूरा करने तथा बिठूर के पर्यटन कार्यालय से कानपुर नगर के लिए बसों के संचालन के निर्देष दिये। उन्होंने कानपुर नगर के फूलबाग, गौतमबुद्ध पार्क, गंगा बैराज के पास उपलब्ध सिंचाई विभाग की भूमि एवं पनकी स्थित मन्दिर और उसके आस-पास के स्थलों के  सौन्दयीZकरण के निर्देष दिये।

सुश्री मायावती ने कन्नौज नगर के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि वहां सीवर लाइन बिछाने के साथ-साथ एस0टी0पी0 निर्माण का भी कार्य दिसम्बर, 2010 तक पूरा कर लिया जाए। इसी प्रकार सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की परियोजना का कार्य भी दिसम्बर, 2010 तक पूरा किया जाए। उन्होंने पेयजल का कार्य फरवरी, 2011 तथा नगर की सड़कों और पुलों का निर्माण कार्य षीघ्र पूरा कराने के भी निर्देष दिये। इसके अलावा, फायर स्टेषन, बस स्टेषन तथा स्टेडियम का निर्माण कार्य भी षीघ्र पूरा कराया जाये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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बी0एस0पी0 सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश में खुशहाली व जनता को राहत- मायावती

Posted on 13 May 2010 by admin

लखनऊ- उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश में 38 वर्ष तक शासन किया है और इसी तरह केन्द्र में भी लगभग 50 वर्ष तक कांग्रेस पार्टी का शासन रहा है। इसके बावजूद भी कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश की गरीबी और बेरोजगारी दूर करने पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि ज्यादातर प्रधानमन्त्री उत्तर प्रदेश से ही रहे है, किन्तु गरीबों के प्रति कांग्रेस सरकारों के उदासीन रवैये के कारण ही प्रदेश से बड़े पैमाने पर पलायन हुआ और रोजी-रोटी की तलाश में उत्तर प्रदेश के लोगों को मुम्बई और दिल्ली जैसे शहरों में बसना पड़ा, जहां कांग्रेस शासित इन राज्यों की सरकारों ने भी इन लोगों के प्रति उदासीन रवैया अपनाया।

सुश्री मायावती आज अपने सरकारी आवास पर बी0एस0पी0 सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित प्रेस कान्फ्रेन्स के दौरान एक  प्रश्न पूछे जाने पर कि क्या श्री बिल गेट्स के साथ अमेठी भ्रमण के दौरान कांग्रेसी सांसद प्रदेश की गरीबी का मार्केटिंग कर रहे हैं, कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी तथा भाजपा एवं अन्य दलों की सरकारों ने भी जनता के हितों और प्रदेश के विकास पर ध्यान नहीं दिया है। ये पार्टियां सिर्फ हवाई बातें करती रहीं। उन्होंने कहा कि बी0एस0पी0 सरकार द्वारा प्रदेश के विकास और जनता के हित में उठाये गये कदमों के फलस्वरूप प्रदेश की जनता अपने को खुशहाल एवं काफी राहत महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि बी0एस0पी0 की पूर्ण बहुमत की सरकार ने अपनी नीतियों और कार्यक्रमों के के माध्यम से प्रदेश के विकास व जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का हर सम्भव प्रयास किया है।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि आबादी के हिसाब से उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और देश की लगभग 18 प्रतिशत आबादी यहां निवास करती है। उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि इसके बावजूद भी उत्तर प्रदेश को केन्द्रीय संसाधनों में से सिर्फ 07 प्रतिशत ही हिस्सा मिलता है। जबकि बिहार को केन्द्रीय करों में लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त होता है। इस तरह उत्तर प्रदेश के साथ भेदभाव का रवैया अपनाया जा रहा है।

सुश्री मायावती ने कहा कि आजादी के बाद से देश में अधिकतर कांग्रेस का ही शासन रहा है। इसके बावजूद भी उत्तर प्रदेश लगातार पिछड़ता चला गया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के सौतेले रवैये एवं उपेक्षापूर्ण व्यवहार के बाद भी बी0एस0पी0 सरकार ने सत्ता में आते ही प्रदेश की आर्थिक स्थिति को काफी हद तक सुदृढ़ बनाने के साथ ही विकास के लिए हर सम्भव कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा कि उल्लेखनीय है कि बी0एस0पी0 के शासनकाल के पहले दो वर्ष (2007-2009) में उत्तर प्रदेश की विकास दर 7.1 प्रतिशत रही, जबकि पूरा विश्व आर्थिक मन्दी के दौरा से गुजर रहा था, इसको देखते हुए उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि काफी महत्वपूर्ण कही जा सकती है। इसके विपरीत पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल के दौरान प्रदेश की औसत वार्षिक विकास दर 4.9 प्रतिशत तक ही रही।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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मुख्यमन्त्री ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पंचायतों तथा स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण सम्बन्धी निर्णय का स्वागत किया

Posted on 11 May 2010 by admin

लखनऊ - उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने माननीय सर्वाेच्चसर्वोच्च न्यायालय द्वारा पंचायतों और स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए की गई आरक्षण की व्यवस्था को सही ठहराने पर इस निर्णय का स्वागत किया है।

मुख्यमन्त्री ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की सूचना मिलते ही अपने आवास पर उच्च अधिकारियों तथा न्याय विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने इस फैसले को दृष्टिगत रखते हुए आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सुश्री मायावती ने कहा कि आजादी के 63 वर्ष पूरा होने के बाद भी कांग्रेस एवं लगभग सभी अन्य पार्टियों की उदासीन रवैये के चलते पूरे देश में पिछड़े वर्गों की शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति अब भी दयनीय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्गों के सर्वांगीर्ण विकास के लिए उन्हें आरक्षण की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने मण्डल आयोग की संस्तुतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोग ने अपनी रिपोर्ट में पिछड़ी जातियों के शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा होने की स्थिति की पुष्टि की थी।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि उनकी सरकार पिछड़ों के शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए कटिबद्ध है और उनके हितों के लिए पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्गों की विभिन्न जातियां लम्बे समय से देश की मुख्य धारा से दूर रहीं। मण्डल कमीशन ने इनके उत्थान के लिए विभिन्न सिफारिशें की। उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि लम्बे समय तक सत्ता में रही कांग्रेस पार्टी व अन्य सभी पार्टियों की सरकारों ने मण्डल कमीशन की सिफारिशों को लम्बे समय तक ठण्डे बस्ते में डाले रखा। उन्होंने कहा कि यदि मण्डल कमीशन की संस्तुतियों को लागू करने के लिए पूरे देश में यदि आन्दोलन न होता तो शायद यह सिफारिशें लागू भी नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से पिछडे़ वर्गों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया और उनके शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के बारे में न कभी कुछ सोचा और न ही उनके लिए कुछ किया।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि वह शुरू से ही अन्य पिछड़े वर्गों के प्रति संवेदनशील रही हैं और जब उन्हें पहली बार 1995 में सत्ता में आने का मौका मिला, तो उन्होंने पिछड़े वर्गों के शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का स्वतन्त्र रूप से गठन किया। इसके साथ ही इन वर्गों के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की। उन्होंने कहा कि उनके हर शासनकाल में उन्होंने पिछड़े वर्गों के हितों का पूरा-पूरा ध्यान रखा है। जबकि पूर्व की सरकारों ने पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए ऐसा कोई कदम नहीं उठाया।

सुश्री मायावती ने कहा कि चौथी बार सत्ता में आने पर उन्होंने पिछड़े वर्गों में से अति पिछडे़ वर्गों की 16 जातियों (कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार प्रजापति, धीवर, बिन्द, भर, राजभर, धीमर, बाथम, तुरहा, गोड़, माझी मछुवा, लोनिया, नोनिया, तथा लोनिया-चौहान, धनकर) को अनुसूचित जाति/जनजाति की सूची में आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था को बनाये रखते हुए शामिल करने की मांग की थी, ताकि एस0सी0/एस0टी0 का आरक्षण प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि इसके लिए 20 मार्च, 2008 को प्रधानमन्त्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया था। लेकिन अब तक इस पर केन्द्र सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि उनकी सरकार पिछड़े वर्गों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभािन्वत कर रही है। पिछड़े वर्ग की क्रीमी लेयर की सीमा तीन लाख रूपये से बढ़ाकर पांच लाख रूपये करने का निर्णय लिया है, ताकि अधिक से अधिक इन वर्ग के लोगों को आरक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा पिछड़े वर्ग के छात्रों के कल्याण के लिए पूर्वदशम छात्रवृत्ति, दशमोत्तर छात्रवृत्ति तथा शुल्क प्रतिपूर्ति की योजनाएं लागू की गई लेकिन छात्रवृत्ति की इन योजनाओं में दो हजार करोड़ रूपये से अधिक की बकाया धनराशि प्रदेश सरकार को अब तक उपलब्ध नहीं करायी गई है। केन्द्र सरकार के रवैये से साफ जाहिर है कि वह पिछड़े वर्गों के हितों के प्रति कितनी संवेदनशील है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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गर्मी के मौसम को देखते हुये नहरों के माध्यम से गांवों में तालाब तुरन्त भरे जायें- मुख्यमन्त्री

Posted on 10 May 2010 by admin

मण्डलायुक्तों की समीक्षा बैठक सम्पन्न

लखनऊ -  उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने डा0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत चयनित वर्ष 2009-10 के गांवों में सीसी रोड, केसी ड्रेन, नाली, खड़ंजा, मजरों को जोड़ने से सम्बन्धित अवशेष कार्यों को 31 मई तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा है कि 31 मई के बाद कार्य अधूरा रहने पर सम्बन्धित विभागों, खास तौर से लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा के अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाये। इसी के साथ उन्होंने इस वर्ष के लिये चयनित अम्बेडकर ग्रामों को समस्त कार्यक्रमों से सन्तृप्त करने की कार्यवाही तत्काल शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना में निर्मित आवासों के आवंटन का कार्य शीघ्र पूरा करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

सुश्री मायावती ने ये निर्देश उस समय दिये जब कैबिनेट सचिव श्री शशांक शेखर सिंह, मुख्य सचिव श्री अतुल कुमार गुप्ता, अपर कैबिनेट सचिव श्री नेतराम एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मण्डलायुक्तों, प्रमुख सचिवों एवं सचिवों की आज यहां योजना भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के निष्कर्षो से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने कहा कि गॉवों में नाली बनाते समय जल निकासी की सुचारू व्यवस्था की जाये, जिससे जल भराव की समस्या उत्पन्न न हो। मण्डलायुक्त अपने-अपने अधीनस्थ जनपदों में निरीक्षण करके यह देखें कि नालियों का निर्माण कार्य योजना के मुताबिक किया गया है अथवा नहीं। यदि किसी गॉव में केसी ड्रेन का ढाल (आउट फाल) मानक के अनुसार नहीं बना है तो कार्यदायी संस्था के जनपदस्तरीय अधिकारी की जवाबदेही निर्धारित की जाय। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अम्बेडकर गांवों में बनायी जाने वाली केसी ड्रेन में ढाल मानक के अनुसार सुनिश्चित किये जायें।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि पूर्व में चयनित समस्त अम्बेडकर गॉवों में सम्पर्क मार्गों की मरम्मत/पुननिर्माण का कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराया जाये। इसी के साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये कठोर कदम उठायें जायें। उन्होंने कहा कि अम्बेडकर ग्रामों में सम्पन्न कराये गये सभी कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जनपद बागपत की तरह डिजिटल डायरी अतिशीघ्र तैयार की जाये, ताकि गॉव में कराये गये कार्यों का विवरण आसानी से प्राप्त किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि अम्बेडकर ग्रामों में विद्युतीकरण, सोडियम लाइट, सोलर लैम्प से सम्बन्धित कार्य तथा निमार्णाधीन सामुदायिक केन्द्रों का अवशेष कार्य आगामी मई के अन्त तक हर हाल में पूरा कर लिया जाये। इसके अलावा वर्ष 2010-11 में बनने वाले भवनों के निर्माण के लिये कार्यदायी संस्थाओं का चयन पूरा करके यथाशीघ्र कार्य शुरू कराया जाये।

सुश्री मायावती ने तहसील दिवसों पर जनसमस्याओं का त्वरित व गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण सुनिश्चित करने के तथा तहसील दिवसों में भाग न लेने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि  लाभार्थियों को आवासीय एवं कृषि योग्य भूमि का आवंटन तथा पट्टे की भूमि पर अवैध कब्जों को हटाकर पट्टाधारक को कब्जा दिलाया जाये तथा दोबारा कब्जा होने पर सम्बन्धित के खिलाफ परगना अधिकारी एफ0आई0आर0 दर्ज करायें। चकबन्दी प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने तथा वादों का निस्तारण प्राथमिकता से सुनिश्चित करने तथा वादों के निस्तारण के लिये मानक निर्धारित करने के भी निर्देश दिए। जिन गॉवों में चकबन्दी की प्रक्रिया पिछले 25 वर्ष से लिम्बत है, उसे आगामी अगस्त तक हर हाल में पूरा किया जाये। चकबन्दी प्रक्रिया के सरलीकरण, पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाने तथा अधिकतम 2 साल में पूरा करने के लिये प्रस्ताव तैयार किये जायें। चकबन्दी विभाग में लेखपालों की कमी दूर करने के लिये री-डिप्लायमेन्ट का कार्य 2-3 दिन के अन्दर पूरा किया जाये।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि मनरेगा योजना में किसी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर सम्बन्धित विभागों की जवाबदेही सुनिश्चित की जायेगी तथा गडबड़ी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने मनरेगा के तहत गत वर्ष के स्वीकृत कार्य तथा आवंटित धनराशि का सदुपयोग 15 जून तक हर हाल में करने के निर्देश दिये तथा जॉब कार्ड को लेकर आ रही शिकायतों को मौके पर जाकर दूर करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मजदूरों के जॉब कार्ड अपने पास रखने वाले ग्राम प्रधानों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि मनरेगा का कार्य जमीन पर दिखना चाहिये, इसमें किसी तरह की अनियमितता को बरदाशत नहीं किया जायेगा। उन्होंने जिलाधिकारियों तथा मण्डलायुक्तों को यह भी निर्देश दिये कि मनरेगा योजना में सम्पन्न कराये गये अच्छे कार्यों का व्यापक प्रचार प्रसार करायें, ताकि मनरेगा को लेकर राजनीति करने का अवसर किसी को प्राप्त न हो सके।

सुश्री मायावती ने कहा कि मनरेगा योजना में बुन्देलखण्ड क्षेत्र में कराये गये कार्यों को लेकर कतिपय लोग झूठा प्रचार करके सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे है। जिलाधिकारी एवं मण्डलायुक्त, प्रिन्ट मीडिया एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से सही जमीनी स्थिति जनता के सामने रखे। उन्होने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रदेश के जिन क्षेत्रों में पेयजल की समस्या सामने आ रही है, वहां पर पेयजल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए युद्धस्तर पर कार्यवाही की जाये। विशेष रूप से बुन्देलखण्ड के महोबा, बान्दा, चित्रकूट तथा सोनभद्र के कुछ क्षेत्रों में पेयजल की समस्या के समाधान के लिये नये हैण्डपम्पों की स्थापना, पाइपों की मरम्मत, रिबोरिंग का कार्य 15 मई तक पूरा किया जाये तथा खराब पेयजल योजनाओं को ठीक करके पूरी क्षमता के साथ संचालित किये जायें। समस्याग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल की स्थिति पर मण्डलायुक्त पूरी निगरानी रखें। किसी तरह की शिकायत आने पर उनकी जवाबदेही तय की जायेगी। इसके साथ ही सम्बन्धित विभागों के मुख्य अभियन्ता भी समस्याग्रस्त जनपदों में भ्रमण करके पेयजल की समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समस्याग्रस्त इलाकों में पेयजल योजनाओं को संचालित करने के लिये निरन्तर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाये।

मुख्यमन्त्री ने मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना के तहत निर्मित आवासों का आवंटन शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हुये कहा कि योजना में निर्मित भवनों के आवंटन के लिये राज्य सरकार द्वारा पात्रता की शर्तों में दी गई छूट के आधार पर सर्वे कराकर लाभार्थियों को मकानों का कब्जा दिलाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने वर्ष 2010-11 में इस योजना के तहत बनने वाले मकानों का लक्ष्य 15 मई तक निर्धारित करने  और जहां लक्ष्य निर्धारित किये जा चुके है, वहां निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश मुख्यमन्त्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के लाभार्थियों का सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूरा किया जाये ताकि बी0पी0एल0 सूची अथवा अन्त्योदय या पेंशन योजना के लाभ से वंचित गरीबों को 300 रूपये प्रतिमाह की आर्थिक मदद दी जा सके।

सुश्री मायावती ने निर्देश दिए कि पिछड़े वर्ग के छात्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति तथा छात्रवृत्ति आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिये जिलाधिकारियों के माध्यम से छात्रों के नामांकन का सत्यापन कराया जाये। उन्होंने निराश्रित विधवा पेन्शन की लाभार्थियों का सत्यापन कराने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद केन्द्रों पर किसानों को उनके उपज का वाजिब मूल्य दिलाने की पुख्ता व्यवस्था की जाये। उन्होंने निर्देश दिए कि खरीफ फसलों के लिए उर्वरकों का अग्रिम भण्डारण सुनिश्चित किया जाये, ताकि किसानों को खाद की किल्लत का सामना न करना पड़े। उन्होंने नहरों की सफाई तुरन्त सुनिश्चित कराये जाने तथा इस माह के अन्त तक खराब नलकूपों की मरम्मत कराने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुये नहरों के माध्यम से गांवों के तालाबों को तत्काल भरवाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।

मुख्यमन्त्री ने ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में प्रत्येक दशा में रोस्टर के अनुरूप बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर होने वाली खराबियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाये। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ जरूरतमन्दों को उपलब्ध कराने तथा टीकाकरण के कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिये। उन्होंने हर साल बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में होने वाली हानि को रोकने के लिये कार्य योजना बनाने तथा बन्धों आदि की समय से मरम्मत करने के भी निर्देश दिये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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जिलाधिकारी का आदेश अनुचित एवं अव्यवहारिक-मायावती

Posted on 09 May 2010 by admin

मुख्यमन्त्री द्वारा जिलाधिकारी लखनऊ को स्कूली ड्रेस सम्बन्धी आदेश तत्काल निरस्त करने के निर्देश

लखनऊ - उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने लखनऊ के जिलाधिकारी को स्कूली ड्रेस सम्बन्धी आदेश को तत्काल निरस्त करने के सख्त निर्देश दिये हैं।

ज्ञातव्य है कि आज मीडिया के माध्यम से मुख्यमन्त्री को यह खबर मिली कि जिलाधिकारी, लखनऊ ने राजधानी के छात्र-छात्राओं को स्कूल/कालेज यूनीफार्मो में सार्वजनिक स्थानों यथा-सिनेमा घर, मॉल, पार्क, रेस्टोरेन्ट, होटलों में स्कूल/कालेज टाइम में स्कूली ड्रेस में जाने से प्रतिबन्धित कर दिया है और यह भी कहा है कि स्कूली ड्रेस में इन स्थानों पर पाये जाने पर छात्र-छात्राओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि जिलाधिकारी का यह आदेश पूरी तरह अनुचित और अव्यवहारिक है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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