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देश के इतिहास में पहली बार भूमि अधिग्रहण के मामले में किसानों से चर्चा की गयी

Posted on 03 June 2011 by admin

विकासकर्ता अब परियोजनाओं के लिए किसानों से सीधे जमीन लेंगे
शासन व प्रशासन की भूमिका मात्र फैसिलिटेटर की होगी

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी की ऐतिहासिक पहल पर आज राजधानी लखनऊ में प्रदेश के कोने-कोने से आये किसान प्रतिनिधियों के साथ आयोजित किसान पंचायत मंे किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के सम्बन्ध में सीधा संवाद स्थापित करते हुए विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस मौके पर सिंचाई, ऊर्जा, कृषि एवं कृषि से जुड़े विभिन्न विभागों यथा उद्यान, पशुधन आदि से जुड़ी किसानों की विभिन्न समस्याओं के सम्बन्ध में चर्चा हुई। किसान पंचायत का सर्वाधिक महत्वपूर्ण नतीजा यह रहा कि देश के इतिहास में पहली बार उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण के मामले में भी, किसान प्रतिनिधियों से सीधे चर्चा करके उनके रचनात्मक सुझावों के अनुरूप भूमि अधिग्रहण की एक किसान हितैषी नई नीति भी बनायी, जिसे माननीया मुख्यमंत्री जी ने आज से ही लागू किये जाने की भी घोषणा की।

cm-3माननीया मुख्यमंत्री जी ने किसान पंचायत में आये प्रतिनिधियों द्वारा व्यक्त किये गये विचारों तथा उनकी विभिन्न समस्याओं को ध्यान से सुना तथा मौके पर ही अधिकारियों को इनके निस्तारण के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है, इसलिए उनकी सरकार का सदैव यह प्रयास रहा है कि किसी भी दशा में राज्य के किसानों के हितों की अनदेखी न होने पाये।

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने आज राज्य की नई भूमि अधिग्रहण नीति की घोषणा करते हुए कहा कि उनकी सरकार सभी प्रकार के भूमि अधिग्रहण के मामलों में करार नियमावली का पालन करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति केन्द्र सरकार की प्रस्तावित नीति से कई गुना ज्यादा बेहतर व किसान हितैषी साबित होगी। उन्होंने केन्द्र सरकार से राज्य सरकार की तर्ज पर भूमि अधिग्रहण की नीति पूरे देश के लिए लागू करने की मांग की है।
माननीया मुख्यमंत्री जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर प्रदेश में भूमि अधिग्रहण तथा किसानों की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए उनकी पहल पर आयोजित किसान प्रतिनिधियों की ऐतिहासिक पंचायत को सम्बोधित कर रहीं थीं। उन्होंने राज्य सरकार के निमंत्रण पर आए किसान प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण को लेकर देश के किसी न किसी प्रदेश में आये-दिन वहां की राज्य सरकार व किसानों के बीच टकराव की स्थिति पैदा होती रहती है। जिससे राज्य सरकारों को किसानों के असंतोष का सामना करना पड़ता है तथा कभी-कभी इन घटनाओं का असर उस क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर भी पड़ता है। उन्हांेने कहा कि इसलिए उनकी सरकार का स्पष्ट मत है कि किसानों की समस्याओं का सही समाधान तभी हो सकता है, जब उनसे सीधे बात-चीत करके उनकी सहमति से निर्णय लिया जाए।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए उनकी सरकार ने किसान प्रतिनिधियों के साथ भूमि अधिग्रहण से सम्बन्धित तमाम पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की और उनके सुझाव प्राप्त किये। इस सम्बन्ध में शासन स्तर पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार उनकी सरकार ने भूमि अधिग्रहण के मामले में भी, किसान प्रतिनिधियों से सीधे चर्चा करके उनके रचनात्मक सुझावों के अनुरूप ही भूमि अधिग्रहण की एक अभूतपूर्व नई नीति बनायी, जिसे आज लागू भी कर दिया गया है।

इस अवसर पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने भूमि अधिग्रहण की नई नीति का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार द्वारा घोषित इस नीति को तीन हिस्सों में बांटा गया है। उन्होंने कहा कि इस नीति में प्रदेश के विकास के लिए बड़ी निजी कम्पनियों द्वारा स्थापित की जाने वाली विद्युत परियोजनाओं एवं अन्य कार्यों हेतु भूमि अधिग्रहण पर विशेष ध्यान दिया गया है, क्योंकि इसे लेकर ही पूरे देश के किसानों में सबसे ज्यादा असंतोष है। उन्होंने कहा कि किसानों की इस परेशानी को दूर करने के लिए उनकी सरकार से पहले विपक्षी दलों की पूर्ववर्ती सरकारों ने कभी कोई पहल नहीं की। अलबत्ता, विरोधी पार्टियों की सरकारों द्वारा बरती गयी उपेक्षा के कारण उनकी सरकार को विरासत में मिली इस समस्या को लेकर विपक्षी नेताओं ने राज्य सरकार को बदनाम करने की कोशिशें जरूर की।
ऽ मा0 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ऐसे मामलों के संबंध में उनकी सरकार ने अभूतपूर्व फैसला लिया है जिसके तहत विकासकर्ता को परियोजना के लिए चिन्हित भूमि से प्रभावित कम से कम 70 प्रतिशत किसानों से गाॅंव में बैठक कर आपसी सहमति के आधार पर पैकेज तैयार कर के सीधे जमीन प्राप्त करनी होगी। जिला प्रशासन मात्र इसमें फेैसिलिटेटर की भूमिका निभायेगा।
ऽ यदि 70 प्रतिशत किसान सहमत नहीं होते हैं तो परियोजना पर पुनर्विचार किया जायेगा।
ऽ इस पैकेज के तहत किसानों को दो विकल्प उपलब्ध होंगे। या तो वे 16 प्रतिशत विकसित भूमि ले सकते हैं जिसके साथ-साथ 23 हजार रूपये प्रति एकड़ की वार्षिकी भी 33 साल तक मिलेगी।
ऽ किसान यदि चाहे तो 16 प्रतिशत भूमि में से कुछ भूमि के बदले नकद प्रतिकर भी ले सकते हैं।
ऽ किसानों को दी जाने वाली विकसित भूमि निःशुल्क मिलेगी और उसमें कोई स्टैम्प ड्यूटी नहीं लगेगी।
ऽ यदि नकद मुआवजे से एक वर्ष के भीतर प्रदेश में कहीं भी कृषि भूमि खरीदी जाती है तो उसमें भी स्टैम्प ड्यूटी से पूरी छूट मिलेगी।
ऽ 70 प्रतिशत के बाद जो किसान बचते हैं उनके लिए केवल उनकी भूमि अधिग्रहण के लिए धारा 6 इत्यादि की कार्यवाही की जायेगी।
नई नीति के दूसरे हिस्से की चर्चा करते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राजमार्ग व नहर आदि जैसी जनता की तमाम बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य करार नियमावली के तहत आपसी सहमति से तय किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की भूमि ऐसी परियोजनाओं के लिए अधिग्रहीत की जायेगी, उन्हें शासन की पुनर्वास एवं पुनसर््थापना नीति के सभी लाभ दिये जायेंगे।
ऽ यदि नकद मुआवजे से एक वर्ष के भीतर प्रदेश में कहीं भी कृषि भूमि खरीदी जाती है तो उसमें भी स्टैम्प ड्यूटी से पूरी छूट मिलेगी।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने नीति के तीसरे हिस्से के सम्बन्ध मंे जानकारी देते हुए कहा कि कुछ भूमि विकास प्राधिकरणों, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों आदि द्वारा ली जाती है, जिनका मास्टर प्लान बनाया जाता है। इस प्रकार की भूमि भी राज्य सरकार की करार नियमावली के तहत आपसी समझौते से ही ली जायेगी।
ऽ उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में उनकी सरकार ने किसानों के हितों को सुरक्षित रखने के इरादे से, अधिग्रहीत भूमि के बदले किसानों को दो विकल्प उपलब्ध कराने का भी फैसला लिया है।
ऽ पहले विकल्प के अनुसार प्रतिकर की धनराशि करार नियमावली के तहत आपसी समझौते से निर्धारित की जायेगी और इस मामले में सम्बन्धित सार्वजनिक उपक्रम द्वारा उदार रवैया अपनाया जायेगा। इसके अलावा प्रभावित किसानों को पुनर्वास एवं पुनस्र्थापना नीति के सभी लाभ भी उपलब्ध कराये जायेंगे।
ऽ जबकि दूसरे विकल्प के तहत अधिग्रहीत भूमि के कुल क्षेत्रफल का 16 प्रतिशत भूमि विकसित करके निःशुल्क दी जायेगी। इसके साथ-साथ 23 हजार रूपये प्रति एकड़ की वार्षिकी भी 33 साल तक मिलेगी। किसान यदि चाहे तो 16 प्रतिशत भूमि में से कुछ भूमि के बदले नकद प्रतिकर भी ले सकते हैं।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नीति के इस तीसरे हिस्से के अन्तर्गत भी स्टैम्प ड्यूटी की छूट वैसे ही मिलेगी जैसे कि निजी क्षेत्र द्वारा भूमि अधिग्रहण के मामलों में दी गयी है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक किसान, जिसकी भूमि अधिग्रहीत अथवा अंतरित की जायेगी, उसे 33 साल के लिए 23 हजार रूपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से वार्षिकी दी जायेगी, जो भूमि प्रतिकर के अतिरिक्त होगी। इस वार्षिकी पर प्रति एकड़ प्रति वर्ष 800 रूपये की सालाना बढ़ोत्तरी की जायेगी, जो प्रत्येक वर्ष जुलाई माह में देय होगी। यदि कोई किसान वार्षिकी नहीं लेना चाहेगा तो उसे एकमुश्त 2,76,000 रूपये प्रति एकड़ की दर से पुनर्वास अनुदान दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि यदि भूमि का अधिग्रहण अथवा अंतरण किसी कम्पनी के प्रयोजन हेतु होगा तो किसानों को पुनर्वास अनुदान की एकमुश्त धनराशि में से 25 प्रतिशत के समतुल्य कम्पनी शेयर लेने का विकल्प उपलब्ध होगा।

उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र हेतु भूमि अधिग्रहण/अंतरण से पूरी तरह भूमिहीन हो रहे परिवारों के एक सदस्य को उसकी योग्यता के अनुरूप निजी क्षेत्र की संस्था कम्पनी में नौकरी मिलेगी।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि परियोजना क्षेत्र में कृषि भूमि वाले ऐसे प्रत्येक प्रभावित परिवार, जिनकी पूरी भूमि अर्जित अथवा अंतरित की जायेगी, उन्हें आजीविका में हुए नुकसान की भरपाई के लिए पांच वर्षों की न्यूनतम कृषि मजदूरी के बराबर एकमुश्त धनराशि वित्तीय सहायता के तौर पर दी जायेगी।
ऐसे प्रभावित परिवार जो भूमि अर्जन अथवा अंतरण के परिणाम स्वरूप सीमान्त किसान हो जायेंगे, उन्हें पांच सौ दिन की न्यूनतम कृषि मजदूरी के बराबर एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जायेगी। इसी तरह जो प्रभावित परिवार छोटे किसान बन जायेंगे, उन्हें 375 दिनों की न्यूनतम कृषि मजदूरी के बराबर एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जायेगी।

उन्होंने कहा कि यदि परियोजना प्रभावित परिवार खेतिहर मजदूर अथवा गैर-खेतिहर मजदूर की श्रेणी का होगा तो उसे 625 दिनों की न्यूनतम कृषि मजदूरी के तौर पर एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जायेगी। इसी तरह प्रत्येक विस्थापित परिवार को 250 दिनों की न्यूनतम कृषि मजदूरी के बराबर एकमुश्त धनराशि का अतिरिक्त रूप में भुगतान किया जायेगा।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि औद्योगिक विकास प्राधिकरण में पुश्तैनी किसानों को अधिग्रहीत की गयी कुल भूमि के 7 प्रतिशत के बराबर आबादी पूर्व निर्धारित शर्तों पर यथावत दी जाती रहेगी।

इसके अलावा राज्य सरकार ने अब यह भी व्यवस्था कर दी है कि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित प्रत्येक ग्राम में विकासकर्ता संस्था द्वारा एक किसान भवन का निर्माण अपने खर्च पर कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि विकासकर्ता संस्था द्वारा परियोजना क्षेत्र में कम से कम कक्षा आठ तक एक माडल स्कूल खेल के मैदान सहित संचालित किया जायेगा, जिसके भवन का निर्माण परियोजना विकासकर्ता द्वारा किया जायेगा।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट किया कि निजी क्षेत्र की यदि किसी परियोजना से प्रभावित किसानों में से 70 प्रतिशत से कम किसान सहमति देते हैं, तो परियोजना पर पुनर्विचार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने भूमि अधिग्रहण से प्रभावित होने वाले किसानों के लाभ के लिए अभूतपूर्व व्यवस्थाओं को लागू करने के साथ यह भी सुनिश्चित किया है कि विकास में किसानों की पूरी-पूरी भागीदारी हो।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह गलतफहमी पैदा कर दी जाती है कि किसानों से जमीन कम दाम पर ली जाती है, जिसे बाद में ज्यादा कीमत पर बेचा जाता है। उन्होंने कहा कि किसानों से ली गयी कुल भूमि का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा सड़क, पार्क, ग्रीन बेल्ट जैसी सामुदायिक सुविधाओं के विकास के लिए इस्तेमाल होता है। इस प्रकार अधिग्रहीत की गयी भूमि के कुल क्षेत्रफल की 16 प्रतिशत भूमि को विकसित करके प्रभावित किसान को निःशुल्क देने की जो ऐतिहासिक व्यवस्था उनकी सरकार ने लागू की है, उससे निश्चित तौर पर किसानों को लाभ मिलेगा।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आज घोषित नीति को उनकी पार्टी संसद के मानसून सत्र में राष्ट्रीय स्तर पर लागू कराने के लिए पूरा-पूरा जोर देगी। उन्होंने अफसोस व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ विरोधी दल भूमि अधिग्रहण कानून तैयार करने के लिए केन्द्र सरकार पर दबाव न डाल कर उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन उनकी सरकार किसानों की आड़ में किसी भी पार्टी को राजनैतिक रोटी सेंकने का अवसर नहीं देगी। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि विपक्षी दलों के पास उनकी सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए साजिश के तहत सभी विपक्षी दल किसानों को उकसा कर राज्य सरकार के समक्ष कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न करने की कोशिश में लगे हुए हैं।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसका जीता-जागता उदाहरण हाल ही में घटित भट्ठा परसौल गाँव’’ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्हांेने कहा कि इस घटना का वहाँ के किसानों की जमीन के मुआवजे को लेकर कोई लेना-देना नहीं है और सही मायने में वहाँ जो घटना घटित हुई, उसका मुख्य कारण ‘‘विरोधी पार्टियों की घिनौनी राजनीति’’ है। जो इस घटना की आड़ में राज्य सरकार को बदनाम करके राजनीतिक लाभ लेना चाह रही हैं। उन्होंने इस मौके पर भट्टा परसौल से आये किसान प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि वहां की घटना के दौरान गांव के लोगों की सम्पत्ति को जो नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई राज्य सरकार करेगी। उन्होंने इस बात पर पुनः बल दिया कि उनकी सरकार किसी भी कीमत पर किसानों की आड़ में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को खराब करने नहीं देगी और इसके लिए कानून के दायरे में सख्त से सख्त कार्यवाही करने से नहीं हिचकेगी।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के सम्बन्ध में एक व्यापक तथा किसान हितैषी राष्ट्रीय नीति बनाये जाने के लिए उन्होंने पार्टी तथा सरकार की ओर से ‘‘केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर अनेकों बार अनुरोध’’ किया। लेकिन बार-बार अनुरोध किये जाने के बावजूद केन्द्र सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इसलिए मजबूर होकर उनकी पार्टी ने फैसला किया है कि इस मुद्दे को संसद के आगामी मानसून सत्र में जोर-शोर से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि मानसून सत्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यू0पी0ए0 सरकार भूमि अधिग्रहण के सम्बन्ध में कोई राष्ट्रीय नीति नहीं बनाती है तो बी0एस0पी0 ‘‘संसद का घेराव’’ करने से भी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा हरियाणा सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति की प्रशंसा राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने पुनः दोहराया कि उनकी सरकार की वर्तमान भूमि अधिग्रहण नीति देश के सभी राज्यों की अपेक्षा किसानों को सर्वाधिक लाभ दिलाने वाली नीति है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनकी पार्टी व सरकार का मानना है किसान सदैव विकास का पक्षधर रहा है, लेकिन वह यह भी चाहता है कि विकास ऐसा होना चाहिए जो उसे बेरोजगार व बेघर न करे और उसका भविष्य भी अंधकारमय न हो। उन्होंने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए उनकी सरकार भूमि अधिग्रहण से प्रभावित ‘‘किसानों के हितों के संरक्षण के लिए ऐतिहासिक भूमि अधिग्रहण नीति लागू’’ करने का फैसला किया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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रैली के माध्यम से भाजपा ने दिखाई ताकत

Posted on 25 May 2011 by admin

24 मई 2011 गोरखपुर के चम्पा देवी पार्क में प्रदेश भाजपा के आह्वान पर आयोजित महासंग्राम रैली को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि गोरखनाथ की इस पवित्र धरती पर जो जनसमुदाय की भारी भीड़ दिख रही है वह इस बात का प्रमाण है कि जनता भय, भूख और भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा के साथ खड़ी हुई हैै। कांग्रेस ने चुनाव के समय नारा दिया था कि कांगे्रस का हाथ गरीब के साथ वही हाथ आज गरीब के साथ नहीं दिखता बल्कि उनके जेबों पर डांका डाल रहा है। कांगे्रस मां-बेटे की पार्टी बनकर रह गई। कांगे्रस सरकार मंे घोटाले श्रंखलाबद्ध सामने आ रहे हैं। 2जी-स्पेक्ट्रम 1लाख 76 हजार करोड़, कामनवेल्थ गेम 70 हजार करोड़, नेहरू स्टेडियम के नाम पर 480 करोड़ रूपए लूट लिए गए। गडकरी ने पूछा क्या इसमें अकेले कलमाड़ी जिम्मेदार हैं ? यहां हजार कलमाड़ी हैं। भ्रष्टाचार जो भारत की राजधानी दिल्ली से चलकर पूरे देश में फैला है उसके दुल्हा राजा हैं लेकिन बराती तो कांगे्रसी हैं।

24may-gkp-15समाजवादी पार्टी को फैमली पार्टी के रूप में देखा जाता है। बसपा में माया मैडम का एकछत्र राज है। बसपा में सारे मर्द उसके पैर के तले रहते हैं। ये सारे मर्द अपनी बुझदली का राज जनता को क्यों नहीं बताते। माया मैडम की भ्रष्टाचार में किसी से पीछे नहीं है। मुख्यमंत्री ने सरकार बनने से पहले सपा के गुण्डा राज को खत्म करने के लिए जनता से वादा किया था। वह राज तो खत्म नहीं हुआ उल्टे इनके सरकार के मंत्री व विधायक संगीन आरोपों के तहत जेल जा रहे हैं, जा चुके हैं। लक्ष्मी दर्शन के लिए यह देवी व्याकुल रहती है। किसानों के खेत में पानी, घरों में बिजली नहीं है लेकिन किसान भयभीत है, महिलाएं बलात्कार की शिकार हो रही हैं भ्रष्टाचार अपनी चरम पर हैं। भाजपा सत्ता में आने पर रामराज्य की स्थापना करेगी। विकास की राजनीति होगी। गडकरी ने कहा कि गणेश परिक्रमा से किसी को टिकट नहीं मिलेगा बल्कि जनता के बीच कठोर परिश्रम करें दिल्ली,लखनऊ के बजाय गांव व जनता के बीच पार्टी के काम को सरकार की नाकामियों को उजागर करें। होल्डिंस पर चेहरे नहीं कार्यकर्ता और जनता दिखनी चाहिए। मैं भी भाजपा का जमीनी कार्यकर्ता हॅूं अपने हाथों से मेैंने दिवालों पर पोस्टर लगाए हैं और आज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहा हॅू।

रैली को संबोघित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि यू0पी0 की दयनीय दशा सपा, बसपा व कांगे्रस की देन है। भाजपा के शासन में इससे उत्तम प्रदेश के नाम से जाना जाता था। आज भ्रष्टाचार और गुण्डाराज के नाम से जाना जाता है। भाजपा की सरकार बनने पर पांच साल में 10 लाख लोगों को नौकरी दी जाएगी।

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कलराज मिश्र ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश की दोनों सरकार लूटेरी हो गई है। हम रैली माध्यम से कांगे्रस व बसपा को चुनौती दे रहे हैं कि भाजपा की सरकार बनने पर लूट करने वालों को जेल भेजा जाएगा। अगली सरकार भाजपा की बनेगी।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय कटियार ने कहा कि धर्म के नाम पर आरक्षण मांगने वाले राष्ट्रद्रोही हैं। दिग्विजय सिंह आजमगढ़ में आतंकवादियों को क्यों प्रोत्साहित करते रहते हैं सब कांगे्रसियों की मिलीभगत है।

गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केन्द्र की कमजोर सरकार देश की सुरक्षा की लिए खतरा है। देश की सुरक्षा में सेंध लग रही है। वोट बैंक की लालच में मुस्लिम तुष्टिकरण हावी हो रहा है। कश्मीर में उग्रवाद हो या नेपाल में माओवाद दोनों से हमें गम्भीर खतरे हैं। पं0 नेहरू ने देश के आवाम से धोखा किया है जिसके कारण देश का विभाजन हुआ। उन्होंने ललकारते हुए कहा कि अब देश का विभाजन करने वालों की जगह जेल में होगी।

मंच पर राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल जी, प्रदेश प्रभारी नरेन्द्र सिंह तोमर, सहप्रभारी राधे मोहन सिंह, राष्ट्रीय मंत्री किरीट सोमैया, संतोष गंगवार, राष्ट्रीय प्रवक्ता रामनाथ कोविद, पूर्व अध्यक्ष डा0 रमापति राम त्रिपाठी प्रदेश महामंत्री संगठन राकेश कुमार, महामंत्री नरेन्द्र सिंह, डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय, विनोद पाण्डेय, प्रोफेसर रामजी सिंह, सांसद कुसुम राय, उपाध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, महेन्द्र सिंह,अरूण सिंह, विभूतिनारायण सिंह, अष्टभूजा शुक्ला, कमलेश पासवान सांसद, अंजु चैघरी मेयर,देवेन्द्र सिंह क्षेत्रीय मंत्री उपस्थित रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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Law and order officers should remain alert —Hon’ble Chief Minister Ji

Posted on 22 May 2011 by admin

Directives issued to keep vigil on jails
Repair of roads dug up for laying sewer and pipe lines should be completed before rainy season

The Hon’ble Chief Minister of Uttar Pradesh Ms. Mayawati ji has directed the senior officers of administration and police to specially focus on those issues which may create situation of law and order. She directed them to get thorough information of their respective areas and keep in touch with local people so that they were updated about the local problems and activities. She said that officers of all levels should strictly adhere to it. Directing the officers to ensure effective implementation of development works and schemes related with people’s welfare, she warned that those showing carelessness in it would be severely punished.

The Hon’ble Chief Minister ji gave these directives when the Cabinet Secretary Mr. Shashank Shekhar Singh and Chief Secretary Mr. Anoop Mishra apprised her of the inferences of the meeting of the senior officers of Government and administration held at Tilak Hall, Vidhan Bhawan here today.
Emphasising the need to maintain mutual coordination between administration and senior officers of police, the Hon’ble Chief Minister ji said that they should guide other officers of division and district level so that they could perform better. She said that several problems could be solved with mutual cooperation and better guidance to the junior officers. She said that if a problem was ignored initially, then there was every possibility that it may become serious later. Therefore, the officers of the districts should ensure disposal of these problems immediately and with full caution.
The Hon’ble Chief Minister ji said that the officers should maintain such alertness always as was followed at the time of the decision delivered on Ramjanmbhoomi-Babri Masjid case by the Hon’ble High Court, so that anti-social elements could not disturb the law and order of the State and the peace was maintained. In this regard, the senior officers should see that no let up occurred at their level too. Directing the DMs and SSPs/SPs of the districts to keep constant vigil on the jails, she said that the influential prisoners put up in jail were unable to take any advantage from the jail because of the strictness being followed by Government and administration. Yet, some districts had to improve functioning of jails of their areas. She warned that no laxity in it should happen.

The Hon’ble Chief Minister ji directed the divisional commissioners and DMs to ensure immediate action regarding pure drinking water supply, sanitation, cleaning of drains and nullahs and waste management in their respective districts. She said that the roads which had been dug up to lay sewer and pipe lines, should be repaired before the rainy season. She said that these works should be undertaken by the same executing agencies, which were laying the sewer and pipe lines. Directing the officers to make district health mission more effective to provide qualitative and effective health services to the people, she said that the food articles should be regularly examined to check adulteration.

Directing the DMs to take effective steps for free pleading by Government Counsels of the cases (pending or freshly filed) of the beneficiaries of U.P. Mukhyamantri Mahamaya Garib Arthik Madad Yojana and BPL card holders, where the Government was not a party, the Hon’ble Chief Minister ji asked them to review its progress every month. Reviewing the progress of the wheat purchase scheme, she said that the officers should ensure that the farmers got its maximum benefit. She said that the wheat should be purchased from the farmers directly and stored in a secured manner and proper arrangement of racks should also be ensured. Keeping convenience of the farmers in view, she asked the officers to purchase wheat from the farmers between 07 a.m. and 06p.m. at all the wheat purchase centres of the State.

The Hon’ble Chief Minister ji has directed the officers to provide basic facilities in Dr. Ambedkar villages by 30 June 2011 after completion of maximum development works. She said that the beneficiaries of Uttar Pradesh Mukhyamantri Mahamaya Garib Arthik Madad Yojana should be provided the money under the scheme soon and any slackness in this regard would not be tolerated.

The Hon’ble Chief Minister ji has directed the officers to verify the beneficiaries of widow, old age and physically handicapped pension by 31 May 2011. She said that the State Government had released the amount of Rs. 20 crore for marriage and disease subsidy scheme, which should be distributed among eligible beneficiaries soon. She directed the officers to open 6 thousand Aganbadi Kendras in the State and said that effective running of these centres should be ensured.

The Hon’ble Chief Minister ji has directed the officers to dispose of the applications under Mahamaya Garib Balika Ashirwad Yojana. Keeping in view the summer season, she said that power supply should be maintained on priority basis for functioning of all pipe drinking water schemes. She also directed the officers to set up new hand pumps, repairing of defunct hand pumps and re-boring works on priority basis. She also directed them to complete tree plantation programme according to the fixed target by launching drive during monsoon.

The Hon’ble Chief Minister directed the officers to start development works by preparing master plan and estimate by 31 May 2011 for development of Bastis selected under Manyawar Sri Kanshiram ji Shahri Dalit Bahulya Samgra Vikas Yojana. She also directed the officers to ensure the quality in the construction of houses to be built under Manyawar Sri Kanshiram ji Shahri Garib Avas Yojana. She also directed the officers to ensure that all the needy persons should get employment at village level in the works being done under MNREGA in rural areas.

Keeping in view, the apprehension of flood and drought, the Hon’ble Chief Minister directed the District Magistrates and Principal Secretaries/Secretaries of concerning departments that all the preparations regarding these works should be ensured timely. She also directed the concerning DMs and Officers of education department to conduct B.Ed. entrance examination properly to be held on 2 June 2011 in 24 districts of the State. She said that maintenance of the roads constructed under PMGSY should be done by the concerning contractor for five years. Afterwards, these roads should be transferred to PWD for their maintenance.

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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माननीया मुख्यमंत्री जी ने भट्टा परसौल प्रकरण को लेकर विभिन्न पार्टियों द्वारा की जा रही बयानबाजी को गैर जिम्मेदाराना बताया

Posted on 20 May 2011 by admin

प्रारम्भिक फारेन्सिक रिपोर्ट के मुताबिक राख के ढेर में  मानव अवशेष/हडडी के टुकडे़/अंश नहीं
राजनीतिक लाभ के इरादे से महिलाओं की गरिमा के साथ किया जा रहा खिलवाड़ अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण
उत्तर प्रदेश में विपक्षी पार्टियों की सभी सरकारें जो कार्य पिछले 40 वर्षांे में नहीं कर पायीं, उसे बी0एस0पी0 सरकार ने 04 वर्ष में करके दिखाया
चीनी मिलों की बिक्री में पारदर्शिता बरतते हुए ओपन बिडिंग के माध्यम से कार्यवाही की गयी

उत्तर प्रदेश सरकार पर विकास में बाधा पहुंचाने का आरोप आधारहीन, राज्य सरकार ने सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की नीति पर सभी वर्गों का पूरा ध्यान रखा

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने कहा है कि भट्टा परसौल प्रकरण को लेकर विभिन्न पार्टियों द्वारा गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता यह बताएं कि किसानों का यह कैसा आन्दोलन था, जिसमें अवैध हथियारों एवं कट्टे आदि का खुलकर प्रयोग किया गया।

प्रदेश के मंत्रिमण्डलीय सचिव श्री शशांक शेखर सिंह ने आज यहां लाल बहादुर शास्त्री भवन स्थित मीडिया सेन्टर में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि माननीया मुख्यमंत्री जी का यह भी कहना है कि सम्भवतः विपक्षी पार्टियों द्वारा किसानों की आड़ में गुण्डों, माफियाओं एवं अराजक तत्वों को बचाने एवं अपनी राजनीति चमकाने के लिए ही ऐसी गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी की जा रही है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कई बार स्पष्ट किया जा चुका है कि भट्टा परसौल का प्रकरण वास्तव में भूमि अधिग्रहण से सम्बन्धित नहीं है। इसके बावजूद विपक्षी नेताओं द्वारा इस घटना को किसानों की जमीन के मुआवजे से जोड़कर भोले-भाले किसानों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब इस सच्चाई को जनता भी अच्छी तरह से जान गयी है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूर्व में ही यह स्पष्ट किया जा चुका है कि इस घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने तथा महिलाओं से बलात्कार का आरोप पूरी तरह निराधार है। उन्होंने राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के इरादे से महिलाओं की गरिमा के साथ किए जा रहे खिलवाड़ को अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि बलात्कार एवं दुव्र्यवहार के झूठे आरोप लगाकर महिलाओं के मान-सम्मान को ठेस पहंुचायी जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे झूठे आरोप लगाने वाले लोगों को यह बताना चाहिए कि क्या वे अपनी बहू-बेटियों के बारे में इस तरह का गैर जिम्मेदाराना बयान दे सकते हैं।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जहां तक राख के ढेर से हड्डी मिलने की बात है, यह आरोप भी पूरी तरह निराधार और गैर-जिम्मेदाराना है। यदि राख के ढेर में हड्डियां होने की अफवाह में कोई दम होता तो निश्चित तौर पर राख के ढेर को वहां से हटा दिया गया होता। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा राख के ढेर के नमूनों की फाॅरेन्सिक जांच करायी गयी है। प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट में मानव अवशेष/हडडी के टुकडे़/अंश नहीं मिले हैं।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं ने भट्टा परसौल प्रकरण में 74 लोगों के मारे जाने तथा महिलाओं के साथ बलात्कार होने की बात मीडिया में कहकर सनसनी फैलाने की भरपूर कोशिश की। अब कांग्रेस पार्टी द्वारा यह सफाई दी जा रही है कि उसकी तरफ से ऐसा कुछ कहा ही नहीं गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी न कर यदि वाणी में संयम बरता होता तो उचित रहता।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान में भट्टा परसौल में जन-जीवन पूरी तरह से सामान्य है और स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। गांव में शान्तिपूर्ण स्थिति के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा वहां धारा-144 के तहत निषेधाज्ञा लागू किये जाने के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि गांव में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाने के पश्चात प्रशासन द्वारा धारा-144 हटा ली गयी थी। लेकिन कांग्रेस पार्टी के लोगों ने वहां पहंुचकर भट्टा परसौल के शान्तिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करने लगे। ऐसी स्थिति में स्थानीय प्रशासन द्वारा लोक शान्ति बनाये रखने के उद्देश्य से धारा-144 पुनः लागू कर दी गयी। उन्होंने कहा कि शायद कांग्रेस पार्टी के लोगों को यह जानकारी नहीं है कि धारा-144 के तहत किसी के आने-जाने पर कोई रोक नहीं है, केवल भीड़ के एकत्र होने पर ही प्रतिबन्ध है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह प्रतिबन्ध भी इसलिए है ताकि असामाजिक व आपराधिक तत्व मौके का फायदा उठाकर गांव में अमन-चैन का माहौल खराब करने का प्रयास न कर सकें। इसको दृष्टिगत रखते हुए सरकार द्वारा प्रशासनिक स्तर पर पूरी सावधानी बरती जा रही है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भट्टा परसौल में कायम शान्तिपूर्ण स्थिति की पुष्टि इस बात से भी हो जाती है कि तमाम मीडिया के लोग बेरोक-टोक गांव जा रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि इस गांव की घटना विपक्षियों की साजिश थी और वह सरकार की छवि धूमिल करने के लिए मुआवजे की आड़ में किसानों को भ्रमित करने की कोशिश में लगे थे।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यदि कांग्रेस के लोगों को किसानों की इतनी ही चिन्ता है, तो उन्हंे अपनी पार्टी की सरकार द्वारा शासित महाराष्ट्र के जैतापुर में परमाणु बिजली घर, उड़ीसा में पास्को तथा महाराष्ट्र में ही नवी मुम्बई में इण्टरनेशनल एयरपोर्ट बनाने केे लिए छीनी जा रही लाखों हेक्टेअर भूमि को बचाकर किसानों के हितों की रक्षा करनी चाहिए। व्यर्थ के मुद्दों पर कांग्रेस के नेताओं को अपनी ऊर्जा खर्च करने के बजाए, इसका सदुपयोग भूमि अधिग्रहण विधेयक को पारित कराने के लिए करना चाहिए।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बी0एस0पी0 ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि यदि संसद के मानसून सत्र में यू0पी0ए0 सरकार भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन अथवा नया कानून पारित नहीं कराती है, तो बी0एस0पी0 संसद का घेराव करके केन्द्र सरकार को नया कानून बनाने के लिए बाध्य करेगी। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में विवाद खड़े होते रहते हैं। इसके बाद भी केन्द्र सरकार द्वारा अभी तक कोई ठोस कार्यवाही न किया जाना बेहद निराशाजनक है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कांग्रेस के कुछ लोगों द्वारा राज्य सरकार पर सरकारी जमीन लूटने सम्बन्धी आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घोटालों एवं लूट-खसोट से देश को खोखला करने वाली कांग्रेस पार्टी के लोगों को दूसरे पर आरोप लगाने से पहले अपने कारनामों को जरूर याद कर लेना चाहिए। इस तरह के तथ्यहीन बयान देने से पहले यह देख लेना चाहिए कि आजादी के बाद केन्द्र व ज्यादातर राज्यों में कांग्रेस पार्टी का शासन रहा है। इस दौरान भ्रष्टाचार और सरकारी धन की लूट के अनेक मामले सामने आए हैं, जिसकी बदौलत यह कहा जा सकता है कि घोटाले और कांग्रेस एक-दूसरे के पूरक हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने वर्तमान यू0पी0ए0 सरकार के कार्यकाल में अंजाम दिये गये विभिन्न घोटालों की चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्र मण्डल खेलों के अरबों रूपये के घोटाले की वजह से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर देश की साख को बट्टा लगा। इसी तरह 1 लाख 76 हजार करोड़ रूपये के 2-जी स्पैक्ट्रम घोटाला, एस बैण्ड घोटाला तथा कारगिल शहीदों के आश्रितों को आवास देने के नाम पर मुम्बई का आदर्श सोसाइटी घोटाला कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार की कहानी स्वयं बयान करते हैं। उन्होंने कहा कि यू0पी0ए0 सरकार दोहरे कराधान एवं द्विपक्षीय संधि का बहाना लेकर विदेशों में जमा कालेधन को वापस लाने के लिए न तो कोई कार्यवाही कर रही है और न ही इस सम्बन्ध में संसद में कोई विधेयक ही लायी है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि परिवारवाद को लेकर बी0एस0पी0 सरकार पर आरोप लगाने वालों को यह जान लेना चाहिए कि समस्त राजनीतिक दलों में बी0एस0पी0 ही इकलौती ऐसी पार्टी है, जिसके सर्वाेच्च नेता अपने परिवार को दूर रखते हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में बी0एस0पी0 के संस्थापक एवं जन्मदाता मान्यवर श्री कांशीराम जी तथा स्वयं अपना उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी के सर्वाेच्च नेताओं ने अपना पूरा जीवन पूरे देश में दलितों, पिछड़ों, शोषितों एवं दुःखी-पीड़ित लोगों के मान-सम्मान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में परिवारवाद की नींव रखने वाली कांग्रेस पार्टी के नेताओं को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपना रिकार्ड देख लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सब मामलों में सपा, बी0जे0पी0 सहित अन्य विरोधी पार्टियों का भी यही रवैया देखने को मिलता है।

इसके अलावा माननीया मुख्यमंत्री जी ने कांग्रेस अधिवेशन के दौरान प्रदेश की स्थिति तथा बी0एस0पी0 सरकार की कार्यशैली के सम्बन्ध में लगाये गये आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी अपनी 38 वर्ष के लम्बे शासनकाल के दौरान यदि सभी वर्गाें का ध्यान रखती तो बी0एस0पी0 के गठन की जरूरत भी नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि बी0एस0पी0 देश की इकलौती ऐसी पार्टी है, जिसकी सरकार ने कानून तोड़ने वाले लोगों के खिलाफ, बगैर किसी पक्षपात के विधि सम्मत कार्यवाही की है। यहां तक कि कानून तोड़ने वाले अपनी ही पार्टी के विधायकों, सांसद तथा मंत्री तक को जेल की सलाखों के पीछे करने में कोई संकोच नहीं किया है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जहां तक विकास कार्याें में राज्य सरकार द्वारा बाधा उत्पन्न करने का मुद्दा उठाया गया है, इस सम्बन्ध में वास्तविकता यह है कि यू0पी0ए0 सरकार लगातार बी0एस0पी0 सरकार के प्रति पिछले चार वर्षाें से लगातार भेदभाव का रवैया अपनाये हुए है, जिसके चलते तमाम योजनाओं के लिए उसने पिछले चार वर्षाें के दौरान उत्तर प्रदेश को मिलने वाली लगभग 21 हजार 835 करोड़ रूपये की धनराशि समय से नहीं जारी की है। यहां तक कि पी0पी0पी0 के माध्यम से क्रियान्वित होने वाली प्रदेश की जिन विकास परियोजनाओं के लिए केन्द्र सरकार को कोई धनराशि प्रदान नहीं करनी थी और मात्र इन्हें अपनी स्वीकृति ही देनी थी, ऐसी परियोजनाओं को भी केन्द्र ने मंजूरी नहीं दी।

सुश्री मायावती जी ने यह भी कहा है कि प्रदेश से उद्योगों का पलायन नहीं हुआ है, लेकिन रायबरेली, सुल्तानपुर एवं छत्रपति शाहूजी महाराज नगर में तमाम फैक्ट्रियां जरूर बंद पड़ी हैं, जिन्हें चालू करने के लिए राज्य सरकार ने केन्द्र से 05 हजार करोड़ रूपये के विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की थी, जो आज तक लम्बित चल रही है। उन्होंने कहा कि बुनकरों के लिए केन्द्र द्वारा 03 हजार करोड़ रूपये का जो विशेष पैकेज घोषित किया है, उसके सम्बन्ध में राज्य सरकार को कोई जानकारी नहीं है कि यह पैकेज कब और किसे दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों के चलते ही रेशम के धागों की कीमत में 30 प्रतिशत की छूट मिली है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बुन्देलखण्ड आज से ही पिछड़ा नहीं है। सत्ता में आते ही बी0एस0पी0 सरकार ने प्रदेश के विकास एवं बुन्देलखण्ड तथा पूर्वांचल का पिछड़ापन दूर करने के लिए केन्द्र सरकार से 80 हजार करोड़ रूपये का विशेष आर्थिक सहायता पैकेज की मांग की थी, जिसका आज तक कोई सकारात्मक निर्णय केन्द्र ने नहीं लिया। उन्हांेने कहा कि इसी पैकेज में बुन्देलखण्ड क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 11 हजार करोड़ रूपये तथा पूर्वांचल के विकास हेतु 36 हजार करोड़ रूपये के प्रस्ताव शामिल थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पिछड़े इलाकों के हमदर्द बनने वाले लोगों को यह बताना चाहिए कि उनकी केन्द्र सरकार ने आज तक इस पैकेज की मंजूरी के लिए क्या किया।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए केन्द्र सरकार बड़े जोर-शोर से 07 हजार करोड़ रूपये के जिस विशेष पैकेज की बात कह रही है, इसकी सच्चाई यह है कि इसमें 3500 करोड़ रूपये की धनराशि 3 साल में उपलब्ध कराने की बात कही गयी है। वास्तव में इस पैकेज के तहत 1600 करोड़ रूपये की ही धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है और शेष धनराशि केन्द्र की पूर्व से चालू योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध होनी है। उन्होंने कहा कि बी0एस0पी0 पिछले 22 वर्षाें की सम्पूर्ण अवधि के दौरान यहां की सरकारों का ठेका तो नहीं लेती, लेकिन अपने वर्तमान शासनकाल के बारे में इतना अवश्य कहना चाहेगी कि मौजूदा सरकार सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति के आधार पर अपना हर फैसला लेती है और सर्वसमाज के सभी वर्गाें का पूरा-पूरा ख्याल रखा है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार पर विकास न करने का झूठा आरोप लगाने वालों को शायद यह जानकारी नहीं है कि उत्तर प्रदेश में विपक्षी पार्टियों की सभी सरकारें जो विकास कार्य पिछले 40 वर्षांे में नहीं कर पायीं, उसे बी0एस0पी0 सरकार ने 04 वर्ष में करके दिखा दिया है। उन्होंने कहा कि जहां तक उत्तर प्रदेश को विकास के लिए केन्द्र द्वारा बड़ी रकम देने वाली बात की जा रही है, इस सम्बन्ध मंे सभी अवगत हैं कि केन्द्र से मिलने वाली धनराशि पर प्रदेश का संवैधानिक अधिकार है, क्योंकि केन्द्रीय कर के रूप में उत्तर प्रदेश सर्वाधिक धनराशि का योगदान करता है। जहां तक सरकारी चीनी मिलों की बिक्री का सम्बन्ध है, इसके बारे में अवगत कराना है कि राज्य सरकार ने भारत सरकार के विनिवेश सम्बन्धी दिशा-निर्देशों को अपनाकर सम्पूर्ण प्रक्रिया का पालन किया और इस दौरान पूरी पारदर्शिता बरतते हुए ओपन बिडिंग के माध्यम से कार्यवाही की गयी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यू0पी0ए0 सरकार के महा घोटालों के सम्बन्ध में हो रही कार्यवाही को लेकर अपनी पीठ थपथपाने वाले लोगों को यह मालूम होना चाहिए कि घोटालों को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ जो भी कार्यवाही हुई, उसका श्रेय केन्द्र सरकार को नहीं, बल्कि विपक्षी दलों को जाता है, जिन्होंने संसद की कार्यवाही को ठप्प करके यू0पी0ए0 सरकार को कार्यवाही के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए प्रदेश में सर्वाधिक समय तक शासन करने वाली कांग्रेस सरकारें ही पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पर संकीर्णता, भेदभाव तथा जात-पात की राजनीति करने का आरोप लगाने वाले लोगों को अपना रिकार्ड देखना चाहिए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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सरकार के चार वर्ष पूरा होने के अवसर पर 2000 करोड़ रूपये की विभिन्न जन कल्याणकारी व विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास

Posted on 13 May 2011 by admin

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने आज अपनी सरकार के चार वर्ष पूरा होने के अवसर पर 2000 करोड़ रूपये की विभिन्न जन कल्याणकारी व विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि केन्द्र सरकार के असहयोगपूर्ण रवैये तथा सौतेले व्यवहार के बावजूद उनकी सरकार ने अपने सीमित संसाधनों से कानून-व्यवस्था व अपराध नियंत्रण एवं विकास व जनहित के मामलों में जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे अति उत्साहवर्धक एवं बेहतरीन है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें पिछले 40 वर्षों में विकास व जनहित से जुड़े जो कार्य पूरा नहीं कर सकीं, उनकी सरकार ने मिशनरी सोच के आधार पर काम करके चार वर्ष में ऐसे सभी कार्यों को पूरा करके दिखा दिया है।

untitled-1माननीया मुख्यमंत्री जी आज यहां आशियाना स्थित डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर सभागार में प्रदेश सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहीं थीं। इसके पूर्व माननीया मुख्यमंत्री जी ने हेलीकाप्टर द्वारा कार्यक्रम स्थल पहुुंच कर सबसे पहले परमपूज्य बाबा साहेब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद पार्टी के छोटे-बड़े सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों, महानुभावों तथा भारी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं से भंेट भी की। माननीया मुख्यमंत्री जी ने आज जिन विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया, उसमें ज्यादातर उर्जा विभाग, पेयजल एवं सीवरेज, सेतु निगम तथा लोक निर्माण विभाग से संबंधित हैं। उन्होंने इस मौके पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री व राज्यपाल स्व0 डाॅ0 राजेन्द्र कुमारी बाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। इस अवसर पर श्री अशोक बाजपेई व श्रीमती रंजना बाजपेई भी मौजूद थीं।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मिशनरी एवं सघ्ंार्षशील प्रयासों के कारण ही उत्तर प्रदेश में न केवल जगंलराज व माफियाराज तथा अराजकता का दौर समाप्त हुआ है, बल्कि हर स्तर पर कानून द्वारा कानून का राज स्थापित करके उत्तर प्रदेश में सर्वसमाज के गरीब, उपेक्षित व शोषित लोगों के व्यापक हित के लिए दूरगामी प्रभाव वाले अनेक महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक निर्णय लिये गये हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने मात्र चार वर्षों के शासनकाल के दौरान पूर्ण रूप से बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय से आगे बढ़कर सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति पर पूरी ईमानदारी व मुस्तैदी से चलकर विकास एवं जनहित के मामलों में नये-नये नियम-कानून बनाकर व अन्य जरूरी उपायों को जमीनी हकीकत में भी उतारने का भरपूर प्रयास करके समता मूलक समाज व्यवस्था की स्थापना के लिए अति उत्सावर्धक परिणाम दिया है।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर जंगलराज, माफियागिरी एवं अराजकता का माहौल था। इसके साथ ही हर स्तर पर भ्रष्टाचार का बोलबाला था और विकास अवरूद्ध था। जनता दुःखी व पीड़ित थी। उन्होंने कहा कि सत्ता संभालने के पहले दिन से ही इन मामलों में सुधार की शुरूआत करके सरकारी मशीनरी व व्यवस्था को पटरी पर लाकर चुस्त-दुरूस्त व जनता के प्रति उन्हें जवाबदेह बनाने के लिए दिन-रात काफी कड़ी मेहनत की, जिसका सिलसिला आज भी जारी है। उन्होंने कहा कि पूर्व में राजनीति में अपराधीकरण एवं अपराधियों का राजनीतिकरण का बोलबाला था। इन काफी पुरानी बीमारियों को ठीक करना भी मुश्किल काम था।

untitled-2माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लेकिन इसके बावजूद भी विरोधी पार्टियां और उसमें भी खासतौर से भारतीय जनता पार्टी द्वारा सरकार के ऊपर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का असत्य व गलत आरोप लगाया जा रहा है, जिसको लेकर भाजपा ने सरकार के खिलाफ एक तथ्यहीन एवं फर्जी किताब भी प्रकाशित की है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक तथ्यों से पूरी तरह परे और मात्र हवाई आरोपों से सम्बन्धित कागजी बयानबाजी है और इस किताब में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसे गम्भीरता से लेते हुए राज्य सरकार मामले की जांच कराकर दोषी को सजा दिलवा सके। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत यह सभी जानते हैं कि वर्तमान सरकार पिछली सरकार में हुए पुलिस भर्ती घोटाला, नोएडा जमीन घोटाला व अनाज घोटालों आदि का पर्दाफाश करते हुए समुचित जांच के आधार पर दोषी पाए गये उच्चाधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्यवाही कर चुकी है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के वर्षों पुराने पिछड़ेपन व गरीबी को दूर करने के लिए और तेजी से विकास कार्यों को गति देने के लिए केन्द्र सरकार से 80 हजार करोड़ रूपये का विशेष आर्थिक सहायता पैकेज देने की मांग भी अनेकों बार की गयी, लेकिन इस मांग पर केन्द्र सरकार ने आज तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि केन्द्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश को उसके संवैधानिकतौर पर जायज हक का पैसा भी समय से उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पिछले चार वर्षों का ही जायजा लिया जाए तो केन्द्र सरकार की योजनाओं में 21,385 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि राज्य सरकार को उपलब्ध नहीं करायी गयी है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा सहयोग करने के बजाय अधिकतर मामलों में उत्तर प्रदेश के साथ भेदभाव व सौतेला रवैया अपनाया जा रहा है।

सुश्री मायावती जी ने 30 अप्रैल 2011 को बांदा में आयोजित प्रधानमंत्री जी की जनसभा की चर्चा करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी ने खासतौर से बुन्देलखण्ड के विकास को लेकर जो कुछ भी बातें कही, वह मात्र एक राजनैतिक ड्रामेबाजी के सिवा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड अति पिछड़े क्षेत्रों में आता है, जो अचानक ही नहीं पिछड़ गया, यह क्षेत्र देश की आजादी के बाद से ही लगातार पिछड़ता चला आ रहा है। इसीलिए 17 जुलाई, 2007 को 80 हजार करोड़ रूपये का जो विशेष आर्थिक सहायता पैकेज स्वीकृत करने का अनुरोध केन्द्र सरकार से किया गया था, क्योंकि इसमें लगभग 11 हजार करोड़ रूपये के प्रस्ताव बुन्देलखण्ड क्षेत्र के समग्र विकास के लिए शामिल थे। इसी प्रकार पूर्वान्चल के वर्षों पुराने पिछड़ेपन को भी दूर करने के लिए केन्द्र सरकार से लगभग 36 हजार करोड़ रूपये का विशेष आर्थिक सहायता पैकेज देने की मांग की गयी थी, जो 80 हजार करोड़ रूपये के पैकेज में शामिल था।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के तेजी से विकास एवं चुस्त प्रशासन के लिए वे छोटे राज्यों के गठन की पक्षधर हैं। इसीलिए उन्होने उत्तर प्रदेश का पुर्नगठन करके पूर्वान्चल, बुन्देलखण्ड एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य के रूप में गठित करने की केन्द्र सरकार से लगातार मांग की है। उन्होंने कहा कि नेपाल से हर साल निकालने वाली नदियों से प्रदेश के तराई व पूर्वी क्षेत्र में प्रलयकारी बाढ़ की विभीषिका से होने वाली धन-जन की हानि को रोकने के लिए केन्द्र सरकार से स्थायी समाधान निकालने का कई बार अनुरोध किया गया। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय की पीठ स्थापित करने, बी0पी0एल0 परिवारों की संख्या में संशोधन करने तथा अन्य पिछड़े वर्गों की 16 जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में २ाामिल करने के लिए भी केन्द्र सरकार से बार-बार अनुरोध किया गया, जिस पर अभी तक अमल नहीं किया गया है।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि उनकी सरकार अपने सीमित संसाधनों से प्रदेश के सभी क्षेत्रों के समुचित विकास के लिए कटिबद्ध है और पी0पी0पी0 के आधार पर गंगा एक्सप्रेस-वे एवं अपर गंगा कैनाल, जेवर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट की योजना तैयार की, जिसमें केन्द्र को कोई पैसा नहीं लगाना था। इसके बाद भी केन्द्र सरकार द्वारा इनकी अनुमति नहीं दी गयी है और केन्द्र सरकार स्तर पर यह योजनायें अब भी लम्बित हैं। उन्होंने कहा कि संघीय ढंाचे की व्यवस्था के तहत राज्यों को संसाधन आवंटित किया जाता है। इस व्यवस्था के अनुसार केन्द्र सरकार केन्द्रीय करों का पहले मात्र 30.5 प्रतिशत और अब मात्र 32 प्रतिशत ही देश के समस्त राज्यों को वितरित करती है, जबकि राज्यों द्वारा अर्जित बाकी के 68 प्रतिशत स्वयं अपने अधिकार क्षेत्र में रखकर अपनी मर्जी के मुताबिक विभिन्न योजनाओं पर खर्च करती है। इसी तरह केन्द्रीय अंश के मामले में भारत सरकार का रवैया प्रदेश के प्रति न्यायपूर्ण नहीं रहा है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले चार वर्षों में बिजली के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किये हैं। केन्द्र सरकार ने इस मामले में ज्यादा हस्तक्षेप नहीं किया तो प्रदेश की जनता को वर्ष 2014 तक बिजली आपूर्ति के मामले में काफी राहत मिल जायेगी। उन्होंने कहा कि पहली बार उनकी सरकार ने प्रदेश के प्राचीन, ऐतिहासिक एवं प्रमुख शहरों में बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए लगभग 2176 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि खर्च की है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने एक अन्य महत्वपूर्ण फैसला प्रदेश में मेयर, नगर पालिका व नगर पंचायत के अध्यक्ष पद की निर्वाचन प्रक्रिया में संशोधन द्वारा अप्रत्यक्ष चुनाव के जरिए इनके सभी अध्यक्षांे एवं सभासदों के बीच बेहतर ताल-मेल बनाने के लिए शहरों एवं नगरों के विकास की गति तेज करने के उद्देश्य से लिया गया था। उन्होंने कहा कि अप्रत्यक्ष निर्वाचन की व्यवस्था कई राज्यों में पहले से ही है और आज भी लागू है। उन्होंने कहा कि बी0एस0पी0 सरकार के इस जनहित में उठाये गये कदम का सभी विरोधी पार्टियों स्वागत करना चाहिए, लेकिन ऐसा न करके विरोधी पार्टियां इसकी आड़ में घिनौनी राजनीति करने में जुटी हुईं हैं।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि उनकी सरकार ने युवाओं को बेरोजगारी भत्ते की मानसिक गुलामी में जकड़ने के बजाय उन्हें रोजगार देने के लिए उल्लेखनीय कार्य किये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एकमुश्त लगभग एक लाख नौ हजार सफाई कर्मियों, 88 हजार प्राथमिक शिक्षकों तथा 05 हजार उर्दू शिक्षकों की भर्ती की गयी है। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग में सवा दो लाख नये पदों की स्वीकृति करके इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गयी है। साथ ही गैर-सरकारी क्षेत्रों में भी लाखों लोगों को रोजगार मुहैया कराये गये, अनुसूचित जाति/जन जाति के लिए आरक्षित पदों के बैकलाॅग को अभियान चलाकर भरा गया तथा सामान्य वर्ग की सरकारी नौकरियों पर लगाये गये प्रतिबंध को भी समाप्त किया गया।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बी0पी0एल0 सूची तथा अन्त्योदय योजना के लाभों से वंचित गरीबों को उनकी सरकार ने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना लागू करके चार सौ रूपये प्रति माह की दर से आर्थिक सहायता देने की योजना लागू की है। उन्होंने कहा कि बी0पी0एल0 कार्ड धारकों तथा उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के लाभार्थियों के सभी प्रकार के विभिन्न न्यायालयों में लम्बित व दायर किये जाने वाले मुकदमों, जिनमें सरकार पक्षकार नहीं है, में इन गरीब व्यक्तियों की ओर से पैरवी हेतु सरकारी वकील की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी उनकी सरकार द्वारा की गयी।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनकी सरकार ने सामाजिक परिवर्तन के महानायकों को हर तरह से पूरा-पूरा सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान जातिवादी मानसिकता के कारण उपेक्षा के शिकार रहे। दलित एवं अन्य पिछड़े वर्गों में जन्में महान सन्तों, गुरूओं व महापुरूषों में से खास तौर से महात्मा ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, श्री नारायणा गुरू, बाबा साहेब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर व मान्यवर श्री कांशीराम जी को उचित आदर-सम्मान देते हुए उनकी स्मृति में अनेकों भव्य स्थलों, स्मारकों, संग्रहालयों, गार्डेन, पार्क आदि की स्थापना की गयी है। इन सब कार्यों पर विधान मण्डल से बजट पारित कराकर उत्तर प्रदेश के कुल बजट की लगभग एक प्रतिशत से भी कम धनराशि व्यय की गयी है।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कानून-व्यवस्था व अपराध नियंत्रण एवं विकास व जनहित के मामले में जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के प्रयास के क्रम में उनकी सरकार को अनेकों प्रकार की कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ कि पूर्व में ‘‘राजनीति में अपराधीकरण एवं अपराधियों का राजनीतिकरण’’ का बोलबाला था। ऐसे लोगों को हर स्तर पर संरक्षण प्राप्त था और इसीलिए प्रदेश में जंगलराज भी कायम था। इसके अलावा भ्रष्टाचार भी चरमोत्कर्ष पर था। उन्होंने कहा कि इस वजह से पूरी सरकारी व्यवस्था चरमरा गयी थी। उन्होंने कहा कि इसका सीधा बुरा प्रभाव सर्वसमाज के गरीब, उपेक्षित व शोषित वर्ग के लोगों पर पड़ा। उन्होंने कहा कि इस चरमराई हुई व्यवस्था को ठीक करना उनकी सरकार के लिए बहुत मुश्किल काम था। इसीलिए उनकी सरकार को प्राथमिकता के आधार पर अनेकों सख्त फैसले लेने पड़े।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने बी0जे0पी0 के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन गड़करी द्वारा गत 26 अप्रैल, 2011 को वाराणसी में उनके तथा बी0एस0पी0 के सम्बन्ध में दिये गये बयान की निंदा करते हुए कहा कि श्री गड़करी द्वारा जिस भाषा का प्रयोग किया गया था इससे साफ जाहिर है कि श्री गड़करी सभ्य एवं संस्कारी परिवार में नहीं जन्मे हैं। उनमें सभ्यता और संस्कार का अभाव है। उन्होंने कहा कि श्री गड़करी के बयान से दुःखी होकर उन्हीं की पार्टी के कई लोगों द्वारा बी0एस0पी0 के नेताओं को सुझाव दिया गया था कि बी0एस0पी0 राष्ट्रीय अध्यक्ष को श्री गड़करी की भाषा में ही जवाब देना चाहिए लेकिन बी0एस0पी0 नेताओं द्वारा उन्हेें जवाब दिया गया कि उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष एक सभ्य एवं संस्कारी परिवार में जन्मीं एवं पली हंै इसलिए वे श्री गड़करी की जुबान में उन्हें जवाब नहीं दे सकतीं। उन्होंने कुदरत से दुआ की कि वह श्री गड़करी को सद्बुद्धि एवं अच्छे संस्कार दे।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस एवं अन्य विरोधी दलों द्वारा प्रदेश की जनता को गुमराह करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस के नेतृत्व वाली यू0पी0ए0 सरकार तथा दिल्ली में कांग्रेस की सरकार के अरबों रूपयों के घोटले का अभी हाल में ही खुलासा हुआ है। उन्होंने अपनी पार्टी के लोगों तथा प्रदेश की जनता को विरोधी दलों के इन हथकंडों से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि विरोधी दलों द्वारा उनकी पार्टी तथा सरकारी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के झूठे एवं गलत आरोप लगाये जा रहे है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी सरकार विरोधी पार्टियों के शासन के समय की जांच करा दे तो विरोधी सरकारों के ज्यादातर मंत्री एवं अधिकारी बच नहीं पायेंगे। उन्होंने कहा कि यदि उनकी सरकार चाहती तो इन विरोधी पार्टियों के कार्यकाल के समय किये गये सभी कार्यो की जांच कराकर जनता के सामने उजागर कर सकती थी लेकिन इससे उनकी सरकार की आधी शक्ति इसी कार्य में खर्च हो जाती जो उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि इसके बजाय उनकी सरकार ने ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिनको इन दलों की सरकारों ने अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए भ्रष्ट बना दिया था उन्हें प्रदेश और उनके हित में एक अवसर देते हुए सुधरने का मौका दिया।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के प्रयास को लेकर उनकी पार्टी व सरकार का स्पष्ट तौर पर मत है कि देश में जो संगठन या संस्थाएं किसी न किसी रुप में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रही हैं इसका उनकी पार्टी स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि जहां तक श्री अन्ना हजारे एवं उनके साथियों द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की बात है तो इसमें कुछ लोगों का मानना है कि ये लोग राजनीतिक दलों के हाथों में खेल रहे है। उन्होेंने कहा कि यह इसी से स्पष्ट है कि अन्ना हजारे के गृह राज्य महाराष्ट्र एवं इसके आस-पास के राज्यों में तमाम घोटाले हुए लेकिन श्री अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाने के बजाय यहां उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध आन्दोलन की शुरुआत की। इससे जाहिर है कि वे लोग दलित विरोधी मानसिकता वाले राजनीतिक दलों के हाथों में खेल रहे है। इसी मानसिकता के चलते लोकपाल बिल बनाने वाली सिविल सोसाइटी में किसी दलित समाज के व्यक्ति को सदस्य नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि यही रवैया इस मामले में केंद्र सरकार का भी रहा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर उनकी पार्टी इस दोहरे चरित्र का पर्दाफाश करने के लिए पूरे देश में धरना प्रदर्शन एवं जनसभाएं आयोजित कर सकती है। उन्होंने कहा कि देश में जो बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार फैला है उसका कारण काफी हद तक आपराधिक छवि रखने वाले लोगों का राजनीति में प्रवेश करना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए कांग्रेस, बी0जे0पी0 व अन्य विरोधी पार्टियां जिम्मेदार हंै।

इस अवसर पर राज्य सरकार की चार वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया तथा सी0एम0एस0 के बच्चों एवं सांस्कृतिक विभाग के कलाकारों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये। माननीया मुख्यमंत्री जी ने सी0एम0एस0 के छात्र-छात्राओं को दस लाख रूपये तथा सांस्कृतिक विभाग के कलाकारों को पांच लाख रूपये की धनराशि पुरस्कार के तौर पर दिये जाने की घोषणा की। उन्होंने इस अवसर पर राज्य सरकार की चार वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया।

माननीया मुख्यमंत्री जी के मंच पर आगमन पर वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री श्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, राज्य सलाहकार परिषद के अध्यक्ष श्री सतीश चन्द्र मिश्र, बी0एस0पी0 प्रदेश अध्यक्ष श्री स्वामी प्रसाद मौर्य, समाज कल्याण मंत्री श्री इन्द्रजीत सरोज के अलावा कैबिनेट सचिव श्री शशांक शेखर सिंह एवं मुख्य सचिव श्री अनूप मिश्र ने उन्हें पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। मुख्य सचिव ने माननीया मुख्यमंत्री जी एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया तथा अतिरिक्त मंत्रिमण्डलीय सचिव श्री रवीन्द्र सिंह ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन सचिव सूचना एवं मण्डलायुक्त लखनऊ श्री प्रशान्त त्रिवेदी ने किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही भट्टा पारसौल मे गिरफ्तार

Posted on 13 May 2011 by admin

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही आज पुलिस को चकमा दे पैदल चलकर भट्टा पारसौल किसानों पर हुए अत्याचार का जायजा लेने पहुंचे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ भट्टा पारसौल पहंचने वाले नेताओं में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय सचिव अशोक प्रधान, प्रदेश उपाध्यक्ष वीरन्द्र सिंह सिरोही, विधायक एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्यप्रकाश अग्रवाल, पूर्व सांसद छत्रपाल, पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर, नोयडा महानगर अध्यक्ष विजेन्द्र नागर, गौतमबुद्ध के जिलाध्यक्ष सतेन्द्र सिसौदिया, जि0 पंचायत सदस्य सतेन्द्र भराला, पूर्व जिला अध्यक्ष रकम सिंह भाटी, पूर्व जिलाध्यक्ष चन्द्र शर्मा, पूर्व मंत्री रवीकान्त गर्ग सहित सैकड़ों लोगों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा उप जिलाधिकारी द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया।

3यह जानकारी देते हुए प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र तिवारी ने बताया कि श्री शाही एवं उनके साथ गिरफ्तार लोग कई टोलियों में पैदल चलकर भट्टा पारसौल पहुंचे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने किसानों से मिलकर घटना की जानकारी लेना और स्थलीय सत्यता से वाकिफ रूबरू होना था। श्री शाही और उनके साथ गिरफ्तार लोगों को पुलिस नाइन में रखा गया है। प्रदेश भाजपा किसानों के साथ बर्बर अत्याचार और वहां हुई हिंसा की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए घटना के लिए प्रदेश सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार बताया।

श्री शाही ने घटना की न्यायिक जांच की मांग को दोहराते हुए घटना में घायल तथा मृत लोगों के परिवारजनों को मुआवजा और रोजगार देने, घटना के लिए उत्तरदायी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा केन्द्र सरकार 1894 के भूमि अधिग्रहण कानून को बदलने की मांग की है।

लखनऊ 13 मई 2011 गाजियाबाद में कल दिनांक 12 मई को भ्रष्टाचार, घोटाला एवं किसानों पर हो रहे बर्बर अत्याचार, ध्वस्त कानून व्यवस्था, प्रदेश में व्याप्त बिजली आपूर्ति की समस्या तथा प्रदेश सरकार की तानाशाही पूर्ण रवैये के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद राजनाथ सिंह, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरूण जेटली, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं सांसद मुख्तार अब्बास नकवी, प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा0 रमापति राम त्रिपाठी, के0सी0 त्यागी और प्रदेश मंत्री विन्ध्यवासिनी कुमार को गिरफ्तार किए जाने तथा सरकार के तानाशाही के विरोध में प्रदेश भर के सभी जिला केन्द्रों पर प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही के निर्देश पर प्रातः 10 बजे से सायं 6 बजे तक धरना तथा उपवास का कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

प्रदेश मीडिया प्रभारी हरीशचन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि लखनऊ में पं0 दीनदयाल स्मृतिका में आयोजित इस धरने में प्रदेश महामंत्री विन्ध्यवासिनी कुमार के नेतृत्व में विधायक सुरेश श्रीवास्तव, सुरेश तिवारी, विद्यासागर गुप्ता, पूर्व विधायक एवं प्रदेश मंत्री गोमती यादव, प्रदेश मंत्री आशुतोष टण्डन, जिला अध्यक्ष दिनेश तिवारी, महानगर अध्यक्ष प्रदीप भार्गव, रायबरेली में जिलाध्यक्ष पशुपति शंकर बाजपेयी के नेतृत्व में, उन्नाव में विपिन गुप्ता, अनुराग अवस्थी, हरदोई में जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्रा, लखीमपुर रामकुमार वर्मा एवं विनोद मिश्रा, गोण्डा जिलाध्यक्ष बावन सिंह, सीतापुर जिलाध्यक्ष राकेश त्रिपाठी, बहराइच क्षेत्रीय अध्यक्ष सुभाष त्रिपाठी व जिलाध्यक्ष चन्द्रभान सिंह, अम्बेडकरनगर जिलाध्यक्ष रामप्रकाश यादव, बलरामपुर जिलाध्यक्ष चन्द्रप्रकाश सिंह, श्यामलाल जी विधायक पूर्व चैयरमैन श्रीमती कुसुम चैहान, अनुप गुप्ता, बाराबंकी जिलाध्यक्ष शरद अवस्थी, मुरादाबाद महानगर एवं जिले में प्रदेश महामंत्री नरेन्द्र सिंह, रितेश कुमार, गाजियाबाद महानगर में मा0 राजनाथ सिंह,पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, चन्द्रमोहन शर्मा, डा0 परमेन्द्र सिंह, अशोक मोंगा, बलदेवराज शर्मा, डा0 महेन्द्र सिंह, मुजफ्फरनगर में सुरेश राणा, जे0पी0नगर में सुरेश अग्रवाल जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में, बुलन्दशहर में हरपाल सिंह पूर्व विधायक, सहारनपुर जनपद व महानगर में विजय माहेश्वरी, राजपाल सिंह जुडडा, बिजनौर में लोकन्द्र सिंह चैहान, रामपुर में सुभाष भटनागर, मेरठ महानगर व जिला में चरण सिंह लिसाडी, विमल शर्मा, सोनभ्रद में जयप्रकाश चतुर्वेदी पूर्व एमएलसी एवं जिलाध्यक्ष ओमवीर तिवारी, आगरा महानगर प्रदेश प्रवक्ता हरद्वार दुबे, अनिल महाजन एवं जिला प्रभारी शिव ओमकारनाथ पचैरी, रामप्रताप सिंह, मथुरा में जिलाध्यक्ष, पूर्व मंत्री रामप्रसाद कमल, मैनपुरी में प्रदेश महामंत्री रामनरेश अग्निहोत्री, जिलाध्यक्ष, हाथरस यशपाल सिंह चैहान विधायक, जिलाध्यक्ष, कासगंज रमेश साहू, रजनीकान्त माहेश्वरी, अलीगढ़ जिला एवं महानगर, जिलाध्यक्ष महानगर अध्यक्ष, फिरोजाबाद जिला महानगर में संगठन मंत्री शिवकुमार पाठक, बदांयू जिलाध्यक्ष एवं विधायक, पीलीभीत में जिलाध्यक्ष, शाहजहांपुर में विधायक सुरेश खन्ना एवं जिलाध्यक्ष, कानपुर उत्तर एव दक्षिण, कानपुर ग्रामीण, फतेहपुर, इटावा, चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी महानगर एवं जिला, ललितपुर, औरैया तथा प्रदेश के अन्य सभी जनपदों में जिला अध्यक्ष एवं प्रमुख नेताओं के नेतृत्व में प्रत्येक जनपदों में सैकड़ों की संख्या में  कार्यकर्ताओं, जिला पदाधिकारियों तथा प्रदेश पदाधिकारियों ने धरना दिया।

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सरकारी वकील गरीबों की तरफ से निःशुल्क पैरवी करेंगे

Posted on 08 May 2011 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने कहा है कि बी0पी0एल0 कार्ड धारकों तथा उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के लाभार्थियों के लिए निःशुल्क पैरवी की अभूतपूर्व सुविधा दिलाने के राज्य सरकार के फैसले को सरकारी वकील मिशनरी भावना, लगन व निष्ठा से लागू करायंे। उन्होंने जिला स्तर पर कार्यरत सरकारी वकीलों की फीस दोगुनी करने की घोषणा करते हुए कहा कि जिला शासकीय अधिवक्ताओं को दी जाने वाली ड्राफ्टिंग फीस, पुस्तकालय एवं आशुलिपिक भत्ता आदि की वर्तमान दरों में भी बढ़ोत्तरी कर दी गयी है।

cm-photo-1मुख्यमंत्री आज यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में सर्वसमाज के बी0पी0एल0 कार्ड धारकों तथा उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के लाभार्थियों की निःशुल्क पैरवी की अभूतपूर्व सुविधा सुनिश्चित करने हेतु सरकारी अधिवक्ताओं के सम्मेलन को सम्बोधित कर रहीं थीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 मई, 2007 को उनकी पार्टी की पूर्ण बहुमत के आधार पर सरकार बनने पर देश में दलित एवं अन्य पिछड़े वर्गाें में जन्में महान सन्तों, गुरूओं व महापुरूषों में भी खासतौर से महात्मा ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, नारायणा गुरू, बाबा साहेब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर व मान्यवर श्री कांशीराम जी आदि को विभिन्न रूपों में आदर-सम्मान देते हुए उनके बताए हुए रास्ते पर चलकर यहां प्रदेश में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं विकास व जनहित के मामलों में सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति पर सरकार चलायी है। उन्होेंने कहा कि राज्य सरकार ने सर्वसमाज में से  दलित, शोषित एवं गरीब वर्गों के हितों का हर मामलें का ध्यान रखकर इनके लिए अनेकों महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक निर्णय लिये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी क्रम में राज्य सरकार ने “14 अप्रैल, 2011” को “परम पूज्य बाबा साहेब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर” की 120वीं जयन्ती के शुभ अवसर पर एक ऐतिहासिक फैसला लिया, जो पूरे देश में इस तरह का पहला फैसला है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने “बी0पी0एल0 कार्ड धारकों” तथा “उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना” के लाभार्थियों के सभी प्रकार के लम्बित व दायर किए जाने वाले मुकदमें, जिसमें सरकार विपक्षी पार्टी नहीं है, उनमें सरकारी वकील इन गरीबों की तरफ से निःशुल्क पैरवी करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनकी सरकार के इस महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक फैसले से अब कोई गरीब धन के कारण अपने वाजिब हक से वंचित नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा 14 अप्रैल, 2011 को ही उनकी सरकार ने माननीय उच्च न्यायालय एवं अधिवक्ताओं के हित में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे। जिसमें वकीलों के हितों व कल्याण के लिए न्यासी समिति को 60 करोड़ रूपये देने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि इस धनराशि से खासतौर पर अधिवक्ताओं का बीमा, दिवंगत अधिवक्ताओं की विधवाओं को पेंशन, प्रदेश में अधिवक्ताओं के नए चैम्बर आदि का निर्माण तथा बार एसोसियेशन में पुस्तकालयों व कम्प्यूटर की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के नवीन भवन के निर्माण का मामला काफी समय से लम्बित चल रहा है, जिसके लिए भारत सरकार द्वारा अभी तक अपने अंश की धनराशि अवमुक्त नहीं की गयी है। उन्होंने कहा कि इस भवन के निर्माण पर आने वाले कुल व्यय के 70 प्रतिशत अंश अर्थात् राज्य सरकार के  हिस्से की लगभग 500 करोड़ रूपये की धनराशि उपलब्ध कराने का भी फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि इस निर्माण हेतु यदि अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता होगी तो उसे भी राज्य सरकार अवश्य उपलब्ध करायेगी। इसी के साथ माननीय उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगणों के उपयोगार्थ पुस्तकालय एवं माननीय न्यायधीशगण की अन्य सुविधाआंे के लिए 50 करोड़ रूपये की अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी।

cm-photo-2मुख्यमंत्री ने जिला स्तर पर कार्यरत सरकारी वकीलों के सम्बन्ध में लिए गए निर्णय की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि सरकारी मुकदमों की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं की फीस काफी कम है। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि अगर अधिवक्ताआंे की फीस ठीक नहीं होगी, तो वे पूरी तैयारी के साथ सरकार का और गरीबों का पक्ष नहीं रख पायेंगे। इसे ध्यान में रखते हुए माननीय उच्च न्यायालय में प्रदेश सरकार का पक्ष रखने वाले अधिवक्ताओं की फीस में राज्य सरकार पहले ही बढ़ोत्तरी कर चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही जिला तथा तहसील स्तर पर सरकार का पक्ष रखने वाले सरकारी वकीलों की वर्तमान फीस के बारे में भी हमारी सरकार ने गम्भीरतापूर्वक विचार करते हुए फौजदारी, दीवानी तथा राजस्व के जिला शासकीय अधिवक्ताओं की रिटेनर फीस 03 हजार रूपये से बढ़ाकर 06 हजार रूपये प्रतिमाह तथा बहस हेतु 550 रूपये से बढ़ाकर 1100 रूपये प्रति कार्य दिवस कर दिया है। इसी प्रकार फौजदारी, दीवानी तथा राजस्व के अपर जिला शासकीय अधिवक्ता की रिटेनर फीस 2400 रूपये से बढ़ाकर 4800 रूपये प्रतिमाह तथा इनके बहस हेतु 500 रूपये प्रति कार्य दिवस से बढ़ाकर 1000 रूपये प्रति कार्य दिवस कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा फौजदारी, दीवानी तथा राजस्व के सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता/विशेष जिला शासकीय अधिवक्ता के रिटेनर तथा प्रति कार्य दिवस बहस फीस में बढ़ोत्तरी की गयी है। उन्होंने कहा कि अब इनकी रिटेनर फीस 2100 रूपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 4200 रूपये प्रतिमाह तथा बहस के लिए 500 रूपये प्रति कार्य दिवस फीस को बढ़ाकर 1000 रूपये प्रति कार्य दिवस कर दिया गया है। इसके साथ ही उप जिला शासकीय अधिवक्ता दीवानी की रिटेनर फीस 1800  रूपये से बढ़ाकर 3600 रूपये प्रतिमाह तथा बहस की फीस 425 रूपये से बढ़ाकर 850 रूपये प्रति कार्य दिवस कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नामिका वकील/न्याय मित्र के बहस फीस में भी बढ़ोत्तरी करते हुए प्रति कार्य दिवस 500 रूपये से बढ़ाकर 1000 रूपये प्रति कार्य दिवस करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने इस संबंध में शासनादेश निर्गत होने की जानकारी देते हुए बताया कि वे कोई घोषणा तभी करती हैं जब उससे संबंधित शासनादेश निर्गत हो जाये। माननीया मुख्यमंत्री जी की इन घोषणाओं का सरकारी अधिवक्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य सलाहकार परिषद के अध्यक्ष श्री सतीश चन्द्र मिश्र ने वकीलों की तरफ से माननीया मुख्यमंत्री जी को भरोसा दिलाया कि बी0पी0एल0 कार्ड धारकों एवं उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के लाभार्थियों को न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लिये गये निर्णय को सरकारी अधिवक्ता ईमानदारी से लागू करायेंगे।

इस अवसर पर, मंत्रिमण्डलीय सचिव श्री शशांक शेखर सिंह, महाधिवक्ता ज्योतिन्द्र मिश्र, मुख्य सचिव श्री अनूप मिश्र, प्रमुख सचिव गृह कुंवर फतेह बहादुर, पुलिस महानिदेशक करमवीर सिंह, प्रमुख सचिव न्याय श्री के0के0 शर्मा, प्रमुख सचिव विधान सभा श्री प्रदीप दुबे एवं शासन के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा विभिन्न स्तरों के सरकारी अधिवक्ता उपस्थित थे।

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जनता की भारी भागीदारी संकेत करती है कि 2012 के विधान सभा चुनाव में भा.ज.पा की सरकार बनेगी - शाही

Posted on 03 May 2011 by admin

लखनऊ - भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने आज पार्टी मुख्यालय पर आयोजित संवाददाता वार्ता में कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा भ्रश्टाचार एवं मंहगाई के विरूद्ध आयोजित महांसग्राम रैलियों की  अभूतपूर्व सफलता के लिए वह अपने सभी कार्यकर्ताओं तथा उत्तर प्रदेश की जनता को धन्यवाद देते हैं। रैलियों में जनता की भारी भागीदारी इस बात की ओर संकेत करती है कि होने वाले 2012 के विधान सभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी। श्री शाही ने कहा कि चार स्थानों पर सम्पन्न हुई रैलियों में तीन लाख से अधिक की संख्या में जनता की भागीदारी रही। पार्टी का स्थापना दिवस 06 अप्रैल  2402 मंडलो में मनाया गया। 52 हजार बूथ केन्द्रों पर पार्टी का ध्वज लहराकर कार्यक्रम किया गया। 29 मार्च को प्रदेश में प्रभावी चक्का जाम किया गया। पुलिस द्वारा सरकार के इशारे पर बल प्रयोग हुआ परन्तु कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को सफल बनाया।
पार्टी मुख्यालय पर आज पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला प्रभारी तथा जिलाध्यक्षों/महानगर अध्यक्षों की बैठक हुई। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि प्रदेष की मुख्यमंत्री गेहॅ खरीद केन्द्रों के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोंक रही है। उनकी सरकार के मुख्य सचिव तथा मंत्री के क्रय केन्द्रों की संख्या के बारे में दी गई जानकारी में अन्तर है। वे बताएं की कौन सच बोल रहा है। श्री शाही ने कहा कि उन्होंने स्वयं प्रदेश के  जनपदों का दौरा करते हुए देखा की सरकारी क्रय केन्द्र ना के बराबर हैं जबकि प्राइवेट केन्द्रों की भरमार है। बिचैलियों द्वारा किसानों को कम दाम में गेहुं बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। बिचैलियों से सरकार को अवैध लाभ मिल रहा है। किसान निराश है, हताश है, किसानों की इस दुर्दशा के लिए भारतीय जनता पार्टी प्रदेश सरकार को जिम्मेदार मानती है।
पार्टी ने निर्णय किया है कि 7 मई से 15 मई तक गेहूं क्रय केन्द्रों पर खरीददारी सुनिष्चित हो इसके लिए अभियान चलाएगी। यदि सरकार नही चेती तो धरना, प्रदर्षन किए जायेंगे। पार्टी खाद की बढ़ी हुई कीमतों को कम करने के लिए आंदोलन करेगी। श्री शाही ने बताया कि प्रदेश में बिजली कटौती प्रारम्भ हो गई है।  नहरों में पानी नहीं है इन समस्याओं के निराकरण के लिए भी पार्टी नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में धरना देगी। मई व जून माह में दलित सम्मेलन होंगे। 30 मई को मुजफ्फरनगर में, 05 जून को बरेली, 3 जून को बहराइच, 10 जून को औरेया में सम्मेलन होंगे। श्री शाही ने बताया कि नगर निगमों एवं नगर निकायों के चुनावों में पार्टी ताकत के साथ लड़ेगी तथा जीतेगी। 13 महानगरों के नगर निगम चुनाव के प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। लखनऊ-केसरीनाथ त्रिपाठी, कानपुर-लालजी टण्डन, गोरखपुर-ओमप्रकाश सिंह, वाराणसी-पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी, मुरादाबाद-मुख्तार अब्बाष नकवी, आगरा-संतोश गंगवार, गाजियाबाद-हुकुम सिह, बरेली-अषोक प्रधान, झांसी- डा0 महेन्द्र सिंह, इलाहाबाद - षिवप्रताप षुक्ला, मेरठ-डा0 नेपाल सिंह, सहारनपुर - स्वतंत्रदेव सिंह, अलीगढ-डा0 लक्ष्मीकांत बाजपेई प्रभारी बनाए गए हैं।
श्री शाही ने जानकारी देते हुए बताया कि दि0 9 मई  को लखनऊ में डा0 मुरलीमनोहर जोषी को पुनः लोक लेखा समिति का अध्यक्ष बनाए जाने पर सम्मान समारोह आयोजित होगा। श्री षाही ने लोक सभा अध्यक्ष को डा0 जोषी को पुनः अध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई दी। दि0 15 मई को अखिल भारतीय विधि प्रकोश्ठ द्वारा प्रदेष की राजधानी लखनऊ में अधिवक्ताओं का सम्मेलन होगा जिसमें 5 हजार से अधिक अधिवक्ता भाग  लेंगे, उ0प्र0 से 3 हजार अधिवक्ता रहेंगे। इस सम्मेलन में पार्टी के राश्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी मुख्य अतिथि होगें। यह सम्मेलन सी0एम0एस0डिग्री कालेज, कानपुर रोड पर होगा। आज की बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही, राकेष कुमार, कलराज मिश्र, विनय कटियार, नरेन्द्र सिंह तोमर, राधामोहन सिंह, ओमप्रकाश सिंह, संतोश गंगवार, लाल जी टण्डन, हुकुम सिंह, व नेपाल सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए तथा प्रदेश पदाधिकारी और सभी जनपदों के अध्यक्ष व प्रभारी उपस्थित रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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उ0प्र0 विधान सभा के आम चुनाव में बचे एक वर्ष से कम समय में केन्द्र सरकार द्वारा बुन्देलखण्ड के लिए की गयीं कुछ घोषणाएं केवल राजनीतिक ड्रामेबाजी-माननीया मुख्यमंत्री जी

Posted on 01 May 2011 by admin

उत्तर प्रदेश में बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास हेतु केन्द्रीय सहायता का पर्दाफाश-माननीया मुख्यमंत्री जी

लखनऊ - उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र के पिछड़ापन के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली यू0पी0ए0 सरकार एवं अन्य विपक्षी दलों की सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि इन सरकारों के सौतेले एवं उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण ही बुन्देलखण्ड क्षेत्र का सर्वांगीण विकास नहीं हो सका। उन्होंने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर बुन्देलखण्ड को लेकर सिर्फ राजनीति किये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अपने शासन काल में इन सभी विपक्षी पार्टियों ने बुन्देलखण्ड के विकास के लिए कौन-कौन से ठोस उपाय किये, पहले इसका हिसाब यहां की जनता को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत बी0एस0पी0 सरकार ने पिछले लगभग 4 वर्षों में अपने सीमित संसाधनों से बुन्देलखण्ड क्षेत्र की बदहाली दूर करने के लिए हर सम्भव प्रयास किया है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उन्होंने 13 मई 2007 को सत्ता में आने के तुरन्त बाद 26 मई 2007 को प्रधानमंत्री जी से मिलकर सबसे पहले बुन्देलखण्ड एवं पूर्वान्चल क्षेत्र के विकास एवं अन्य जनहित कार्यों के लिए 80 हजार करोड़ रूपये का विशेष आर्थिक पैकेज स्वीकृत करने का अनुरोध किया था, इसमें एक अहम अन्य बिन्दु था, जिसमें बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए स्पेशल एरिया इन्सेन्टिव पैकेज के साथ ही क्षेत्र के विकास हेतु संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की गयी। उन्होंने 17 जुलाई, 2007 को पत्र लिखकर यह पैकेज शीघ्र देने का अनुरोध भी किया था। उन्होंने कहा था कि बुन्देलखण्ड की परिस्थितियां उत्तराखण्ड, हिमांचल प्रदेश के समान है, इसलिए बुन्देलखण्ड को भी स्पेशल एरिया इन्सेटिव पैकेज दिया जाना चाहिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने केन्द्र सरकार के सामने यह तथ्य भी रखा कि उत्तराखण्ड तथा कुछ अन्य राज्यों को स्पेशल एरिया इन्सेंटिव पैकेज दिया गया है जिसमें केन्द्रीय उत्पाद शुल्क में 10 वर्ष की छूट, आयकर में प्रथम 5 वर्ष के लिये शत-प्रतिशत छूट तथा अगले वर्षों के लिये 30 प्रतिशत की छूट, 30 लाख रूपये की अधिकतम सीमा तक के पूॅजी निवेश पर 15 प्रतिशत का अनुदान सम्बन्धी रियायतें शामिल थीं। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि जिन क्षेत्रों के लिये यह पैकेज दिया गया है, उन क्षेत्रों की स्थिति बुन्देलखण्ड क्षेत्र के समान ही है। इसलिये बुन्देलखण्ड क्षेत्र को भी उन क्षेत्रों की भाति विशेष पैकेज की मदद दी जानी चाहिए, लेकिन केन्द्र द्वारा बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिये पैकेज देने पर अभी भी फैसला नहीं लिया गया।
मंत्रिमण्डलीय सचिव श्री शशांक शेखर सिंह लाल बहादुर शास्त्री भवन स्थित मीडिया सेन्टर में कांग्रेस द्वारा बांदा में आज आयोजित जनसभा में विकास को लेकर उठाये गये कुछ बिन्दुओं पर माननीया मुख्यमंत्री जी की ओर से कुछ तथ्य मीडिया के समक्ष रख रहे थे। उन्होंने कहा कि माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने अपने हर कार्यकाल में बुन्देलखण्ड के विकास के लिए ठोस कदम उठाने के साथ-साथ, इस क्षेत्र की प्रगति के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन भी सुनिश्चित कराया। उन्होंने कहा कि केन्द्र की सरकार ने बुन्देलखण्ड एवं अन्य क्षेत्रों के विकास के लिए मांगे गये 80 हजार करोड़ रूपये का विशेष आर्थिक पैकेज स्वीकृत किया होता तो आज विकास के मामले में बुन्देलखण्ड की तस्वीर दूसरी होती।
श्री सिंह ने कहा कि माननीया मुख्यमंत्री जी का यह भी कहना है कि समय-समय पर केन्द्र सरकार द्वारा घोषित पैकेज की धनराशि से कहीं अधिक धनराशि राज्य सरकार हर साल बुन्देलखण्ड के विकास पर खर्च कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि केन्द्र द्वारा जिस पैकेज की बात की जा रही है, उसमें 3500 करोड़ रूपये की धनराशि 3 साल में बतायी गयी है, लेकिन वास्तव में 1600 करोड़ रूपये की ही धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है और शेष धनराशि केन्द्र की पूर्व से चालू योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध होनी है, लेकिन केन्द्र के निर्णय के बावजूद उनके अधीनस्थ सम्बन्धित केन्द्रीय मंत्रालयों द्वारा अपनी योजनाओं में पैकेज के अन्तर्गत धनराशि नहीं दी जा रही है।
मंत्रिमण्डलीय सचिव ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा अभी तक 800 करोड़ रूपये की धनराशि अवमुक्त की गयी है। इतना ही नहीं केन्द्र सरकार से केन्द्र की योजनाओं में राज्य को मिलने वाली सहायता भी उपलब्ध नहीं करायी जा रही है। जिससे राज्य में संचालित योजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007-08 में 4935 करोड़ रूपये, वर्ष 2008-09 में 3266 करोड़ रूपये वर्ष 2009-10 में 7320 करोड़ रूपये तथा वर्ष 2010-11 में  5864 करोड़ रूपये अर्थात कुल मिलाकर 21 हजार करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि पिछले चार वर्षों में केन्द्र द्वारा राज्य को अवमुक्त नहीं की गयी। यह राज्य के प्रति केन्द्र की उपेक्षापूर्ण रवैये का द्योतक है।
श्री सिंह ने कहा कि माननीया मुख्यमंत्री जी का यह भी कहना है कि मनरेगा के अन्र्तगत राज्य द्वारा उपलब्ध धनराशि का उपयोग न किये जाने की आज जनसभा में चर्चा हुई, लेकिन वास्तविकता यह है कि भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष के अन्तिम माहों में दी गयी धनराशि इतने कम समय में कैसे उपयोग हो सकती है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि मनरेगा में प्रदेश को क्रेन्द्र द्वारा 8428 करोड़ रूपये की धनराशि उपलब्ध कराने की योजना बनायी थी लेकिन 5267 करोड़ रूपये की धनराशि ही राज्य को उपलब्ध करायी गयी। एक ओर जहां अपेक्षित धनराशि नहीं दी गयी वहीं 2000करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि वित्तीय वर्ष के अन्तिम माह में दी गयी।
मंत्रिमण्डलीय सचिव ने कहा कि माननीया मुख्यमंत्री जी ने कांग्रेस को याद दिलाया कि सन् 2007 में बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भयंकर सूखा पड़ा था, उस समय कांग्रेस के लोगों को यहां की याद तक नहीं आयी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा केन्द्र से सूखे की गम्भीरता को देखते हुए 7016 करोड़ रूपये की सहायता की मांग की गयी। लेकिन केन्द्र सरकार ने इस तत्कालिक एवं विषम परिस्थिति से लोगों को उबारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
मंत्रि मण्डलीय सचिव ने आगे कहा कि केन्द्र द्वारा पिछड़ा वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति दिये जाने की योजनायें चलाई जा रही हैं, लेकिन निर्धारित मापदण्ड के अनुसार पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति दिये जाने हेतु बजट व्यवस्था केन्द्र द्वारा सुनिश्चित नहीं की जा रही है। फलस्वरूप राज्य को 2000 करोड़ रूपये से अधिक अपने संसाधनों से यह छात्रवृत्ति देनी पड़ रही है जिससे बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय अधिनियमों के माध्यम से कुछ कार्यक्रमों को प्रारम्भ करने के उपरान्त उनके लागू किये जाने पर राज्यों पर अतिरिक्त व्यय-भार आ जाता है। उदाहरण के तौर पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू करने पर प्रदेश के खजाने पर लगभग 15 हजार करोड़ रूपये से अधिक का अतिरिक्त व्यय-भार पड़ रहा है।
बुन्देलखण्ड क्षेत्र की सड़कों की उपेक्षित स्थिति के दृष्टिगत मंत्रि मण्डलीय सचिव ने कहा कि प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना में एक हजार से अधिक आवादी वाले बस्तियों को सम्पर्क मार्ग से जोडे़ जाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा एक हजार से कम जनसंख्या वाली बस्तियों के 6000 करोड़ रूपये के प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे गये हैं लेकिन भारत सरकार द्वारा इस  वजह से स्वीकृत नहीं किये गये हैं कि अन्य राज्यों में अभी एक हजार से अधिक जनसंख्या वाली बस्तियों को संपर्क मार्गों से जोड़ा नहीं जा सका है। उत्तर प्रदेश की माॅंग को केन्द्र द्वारा स्वीकार नहीं किया परन्तु कांग्रेस शासित राजस्थान में इसी श्रेणी की बस्तियों को तथाकथित नीति के विपरीत स्वीकृति प्रदान की गयी है तथा बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 1000 से कम जनसंख्या वाली बस्तियों में दोहरी नीति न अपनाते हुए सम्पर्क मार्ग से जोड़ा जाता है तो इस क्षेत्र का  कायाकल्प हो जाता। इसी प्रकार केन्द्र मार्ग नीति के तहत उत्तर प्रदेश को प्रति वर्ष राशि मिलने का हक है, परन्तु केन्द्र सरकार द्वारा विलम्ब करके इसको वर्ष के अन्त में ही जारी किया जाता है, जिस कारण उत्तर प्रदेश उसको समय से खर्च नहीं कर पा रहा है। वर्ष 2010-11 में दिनाॅंक 31.3.2011 को ही आदेश जारी किये गये है जिससे स्पष्ट है कि एक दिन में सड़क बनाने का कार्य नहीं हो सकता।
श्री सिंह ने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में भी प्रदेश द्वारा भेजे गये मजरों के विद्युतीकरण की योजना को स्वीकृत नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मजरों के विद्युतीकरण हेतु धनराशि मांगे जाने पर यह कहा गया कि पहले सभी गैर विद्यतीकृत ग्रामों का कार्य पूर्ण किये जाने के बाद ही मजरों के कार्यों को लिया जायेगा लेकिन इसके ठीक विपरीत रायबरेली तथा सुल्तानपुर जनपदों के मजरों को ले लिया गया है।
श्री सिंह ने कहा कि माननीया मुख्यमंत्री जी का यह भी कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार बुन्देलखण्ड को आधुनिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से विकसित राष्ट्र के उस हिस्से के रूप में देखती है, जहां के लोग रोज़गार गारण्टी योजना में मज़दूरी करने तक सीमित न रहें बल्कि एक विविधिकृत अर्थव्यवस्था के अधीन अवस्थापना, कृषि, औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र का केन्द्र बिन्दु बने। उन्होंने कहा कि बी0एस0पी0 सरकार ने बुनियादी सुविधाओं के साथ ही विकास का एक सकारात्मक वातावरण सृजित किया है, जिसमें विकसित क्षेत्रों के बराबर आने के लिये दूरगामी परिणाम देने वाली योजनायें शामिल हैं। इसके साथ ही जनमानस की रोज़मर्रा की जिन्दगी को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाये गये हैं।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने बुन्देलखण्ड के औद्योगिक विकास के सम्बन्ध में केन्द्र सरकार के जिम्मेदार लोगों को याद दिलाया कि वर्ष 1985 में पिकप के सहयोग से बुन्देलखण्ड में एक फ्लोट ग्लास फैक्ट्री के लिए लेटर आॅफ इन्टेन्ट जारी हुआ था और इस फैक्ट्री का शिलान्यास भी 1987 में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी द्वारा किया गया था, उस समय उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस की सरकार थी। उन्हांेने कहा कि फैक्ट्री तो वजूद में न आ सकी, अलबत्ता पिकप का अंशदान जरूर गायब हो गया। इसी प्रकार कानपुर में ब्रिटिश इण्डिया कारपोरेशन तथा एन0टी0सी0 कम्पनियां 80 के दशक से ही बन्द पड़ी हैं और यही हाल रायबरेली और सुल्तानपुर में 80 के दशक में स्थापित फैक्ट्रियों का भी है।
श्री सिंह ने बताया कि माननीया मुख्यमंत्री जी का बुन्देलखण्ड में कम होती जा रही हरियाली के बारे में कहना है कि उन्होंने सत्ता में आते ही इस ओर पूरा ध्यान दिया। इसके तहत एक दिन में ही एक बड़ा अभियान चलाकर एक करोड़ पौधे रोपित कराये गये और अब तक 725 करोड़ रूपये की लागत से लगभग 10 करोड़ पौधे बुन्देलखण्ड क्षेत्र में लगाये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में लगभग 2000 मेगावाट की कमी है जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में 8 से 10 घण्टे विद्युत आपूर्ति हो पाती है लेकिन बुन्देलखण्ड क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिये बिद्युत आपूर्ति का अलग रोस्टर निर्धारित किया गया है जिसके अन्तर्गत वर्तमान में बुन्देलखण्ड क्षेत्र के सभी जनपदों में 18 से 19 घण्टे की अनवरत विद्युत आपूर्ति की जा रही है। सरकार के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व बुन्देलखण्ड क्षेत्र को अधिकतम 10 से 12 घण्टे की विद्युत आपूर्ति मिल पाती थी। विद्युत आपूर्ति बढ़ाने के फलस्वरूप कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा मिला है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र से पहले विद्युत की कमी के कारण जो उद्योग पलायन कर रहे थे अब या जो वापस आ गये हैं अथवा उद्योगों का पलायन रूक गया है।
माननीया मुख्यमंत्री जी द्वारा वर्ष 2009 में घोषित नयी ऊर्जा नीति के फलस्वरूप निजी क्षेत्र में 1980 मेगावाट क्षमता की ललितपुर तापीय परियोजना स्थापित हो रहे है। इस परियोजना के लिये रिकार्ड समय में भूमि उपलब्ध करायी गयी है तथा निर्माण कार्य प्रारम्भ हो गया है। परियोजना की प्रथम इकाई से अगले 4 वषों में विद्युत उत्पादन प्रारम्भ हो जायेगा। उन्होंने कहा कि जनपद चित्रकूट की बरगढ़ तहसील में 1320 मेगावाट की एक तापीय परियोजना तथा 600 मेगावाट की दूसरी तापीय परियोजना निजी क्षेत्र द्वारा स्थापित किये जाने के लिये समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किये गये हैं । इन दोनों परियोजनाओं के लिये भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही प्रारम्भ हो गयी है। 1320 मेगावाट क्षमता की परियोजना की प्रारम्भिक पर्यावरण स्वीकृति भी मिल गयी है।
श्री सिंह ने कहा कि इसके अलावा जनपद झाॅसी पारीक्षा तापीय विद्युत परियोजना की द्वितीय चरण के विस्तार के अन्तर्गत 500 मेगावाट क्षमता की परियोजना की स्थापना का कार्य अंतिम चरण में है और अगले 10 माह में विद्युत उत्पादन शुरू हो जायेगा।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने जनसभा में हुई सड़कों की चर्चा के बारे में कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र के जनपदों में 474 करोड़ रूपये की धनराशि से 3575 किमी0 ग्रामीण मार्गों का निर्माण कराया गया। इसके अतिरिक्त 520 करोड़ रूपये की धनराशि से 1124 किमी0 मार्गों का चैडीकरण/सुदृढ़ीकरण पूर्ण कराया गया है। आवागमन को सुगम बनाने के लिये 325 करोड़ रूपये की लागत के 17 सेतु स्वीकृत किये गये हैं। सड़कों की स्थिति में सुधार हेतु 231 करोड़ रूपये की धनराशि से 10961 किमी0 लम्बाई में मरम्मत के कार्य कराये गये।
मंत्रिमण्डलीय सचिव ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा माननीया मुख्यमंत्री जी के बार-बार अनुरोध किये जाने के बाद भी बी0पी0एल0 सूची को संशोधन न किये जाने पर राज्य सरकार को बाध्य होकर अपने संसाधनों से उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मद्द योजना प्रारम्भ की गई है। योजना में चयनित परिवार की मुखिया को 400 रूपये प्रतिमाह की दर से सहायता राशि दिये जाने की व्यवस्था की गई है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 140050 परिवारों को लाभान्वित किया गया है।
श्री सिंह ने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिये सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना में 17253 छात्राओं को 25000 रूपये प्रति छात्रा की दर से धनराशि के साथ ही एक-एक साइकिल उपलब्ध करायी गयी है। इस क्षेत्र में 32 राजकीय हाई स्कूलों को इण्टर तक उच्चीकृत किया गया है तथा 227 माध्यमिक विद्यालयों में आई0सी0टी0 योजना लागू की गयी है। बालकों की तुलना में बालिकाओं के घटते अनुपात, भ्रूणहत्या रोकने एवं बालिकाओं को सम्मानजनक आत्मनिर्भर बनाने के लिये महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजनान्तर्गत 18155 बालिकाओं को जन्म के साथ ही फिक्स डिपाजिट के माध्यम से धनराशि की व्यवस्था की गयी है ताकि 18 साल की आयु पर उन्हें कम से कम एक लाख उपलब्ध हो जाये।
श्री सिंह ने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र के ग्रामों में पर्यावरणीय सुधार हेतु 5305 सफाई कर्मचारियों के पदों का सृजन करते हुए 5117 कर्मियों की तैनाती की गयी है। ग्रामों में 825 किमी0 सी0सी0 रोड एवं 1411 किमी0 ड्रेन का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही 498 पंचायत भवनों तथा 263 ग्राम पंचायत सचिवालय भवनों का निर्माण किया गया। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में लोगों की आर्थिक स्थिति को देखते हेतु शादी बीमारी योजना में शादी हेतु अनुदान की 10000 रूपये की धनराशि को बढ़ाकर 20000 रूपये किया गया है और बीमारी के इलाज के लिये 2000 की धनराशि को बढ़ाकर 5000 रूपये किया गया है। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के  छात्रों को छात्रवृत्ति दिये जाने के लिये अभिभावक की आय सीमा एक लाख रूपये से बढ़ाकर दो लाख रूपये की गयी है।
श्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के समग्र विकास के साथ ही शहरी गरीबों के लिए बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराने के लिए मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना, मान्यवर श्री कांशीराम जी दलित बाहुल्य मलिन बस्ती विकास योजना, डा. अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के साथ ही बुन्देलखण्ड तथा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के किसानों के लिए स्प्रिंकलर सेट पर लघु/सीमान्त/अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/महिला कृषकों को मूल्य का 50 प्रतिशत या रूपये 15,000 प्रति सेट तथा अन्य श्रेणी के कृषकों को मूल्य का 33 प्रतिशत या रूपये 10,000 प्रति सेट जो भी कम हो का अनुदान की योजना शुरू की है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में कृषकों को फलों के अंतर्गत आम, अमरूद, आंवला के नवीन बागों के रोपण हेतु लागत धनराशि का 75 प्रतिशत अधिकतम रू 22500/- प्रति हेक्टेयर का अनुदान की व्यवस्था की गयी है।
मंत्रिमण्डलीय सचिव ने कहा कि माननीया मुख्यमंत्री जी ने 29 जनवरी, 2008 को बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास के लिए 1,514 करोड़ 27 लाख रूपये की घोषणाएं करते हुए बुन्देलखण्ड के सभी सातों जनपदों में सहकारी बैंक, ग्रामीण बैंक एवं राष्ट्रीयकृत बैंकों के 50 हजार रूपये से कम से सभी ऋण पर बकाया ब्याज की धनराशि माफ करने और 50 करोड़ रूपये की लागत से पांच पाॅलीटेक्निक, 20 करोड़ रूपये की लागत से नौ आई0टी0आई0, 100 करोड़ रूपये की लागत से एक कृषि विश्वविद्यालय, 350 करोड़ रूपये की लागत से बाबा साहब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर मेडिकल काॅलेज, 184 करोड़ 27 लाख रूपये की लागत से मान्यवर श्री कांशीराम जी पैरामेडिकल ट्रेनिंग काॅलेज की स्थापना का निर्णय लिया।
श्री सिंह ने कहा कि माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी से चैथी बार सत्ता में आने के बाद निरन्तर अनुरोध करती आ रहीं हैं कि बुन्देलखण्ड की क्षेत्रीय असन्तुलन दूर करने के लिए केन्द्र सरकार राजनीति न करके विशेष पैकेज प्रदान करे। इस क्षेत्र में केन्द्रीय सेक्टर की बड़ी परियोजनायें स्थापित की जाये तथा इस क्षेत्र के त्वरित औद्योगिक विकास के लिए ठोस कदम उठाये जायें। माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री डाॅ0 मनमोहन सिंह से यह भी अनुरोध किया है कि इस क्षेत्र की पानी की गम्भीर होती समस्या के समाधान के लिए पहल करें और इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए संसाधन उपलब्ध करायें।
मंत्रि मण्डलीय सचिव ने कहा कि माननीया मुख्य मंत्री जी तेजी से विकास एवं चुस्त प्रशासन के लिए छोटे राज्यों की पक्षधर हैं। इसीलिए उन्होने उत्तर प्रदेश को तीन भागों मे बांटकर बुन्देलखण्ड को पृथक राज्य बनानें के लिए  मा0 प्रधान मंत्री जी को पत्र लिखा। उन्होने कहा कि बुन्देलखण्ड के विकास के लिए उसे अलग राज्य का दर्जा दिया जाना चाहिए और इसके लिए केन्द्र सरकार की ओर से पहल की जानी चाहिए। उन्होने कहा कि मा0 मुख्य मंत्री जी का स्पष्ट मत है कि जिस दिन केन्द्र में बी एस पी की सरकार बनेगी, इस क्षेत्र के विकास के लिए पूरी मदद की जायेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाई और महिला कार्यकर्ताओं की भी बेरहमी से पिटाई

Posted on 30 April 2011 by admin

लखनऊ   बहुजन समाज पार्टी औ समाजवादी पार्टी द्वारा 2-जी स्पेट्रम घोटाला मामले में लोक लेखा समिति में कांग्रेस का समर्थन किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बर्बर लाठी चार्ज किया। प्रदे अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही के नेतृत्व में प्रदर्षन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाई और महिला कार्यकर्ताओं की भी बेरहमी से पिटाई की। पुलिस की पिटाई से पार्टी के प्रदेष अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही सहित लगभग तीन दर्जन कार्यकर्ताओं को गम्भीर चोटें आई। भाजपा प्रदेष अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदर्षन कर रहे लगभग 500 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
hयूपीए सरकार के कार्यकाल में हुए दे के सबसे बड़े घोटाले 2-जी स्पेक्ट्रम के मामले में लोक लेखा समिति में कांगे्रस के भ्रश्टाचार को सपा व बसपा द्वारा समर्थन दिए जाने से नाराज भाजपा ने आज सपा, बसपा व कांगे्रस के भ्रश्टाचार के विरूद्ध प्रदर्षन करने एवं उनका पुतला जलाने का ऐलान किया था। आज सुबह लगभग 11.30 बजे भाजपा कार्यकर्ता पार्टी के प्रदे मुख्यालय पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए। भाजपा कार्यलय से पार्टी कार्यकर्ता प्रदे अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही के नेतृत्व में हाथों में प्ले कार्ड लेकर मायावती, सोनिया गांधी और मुलायम सिंह तथा सपा, बसपा व कांगे्रस के भ्रश्टाचार के मुद्दे पर किए गए गठजोड़ के विरोध में नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने लगे। पुलिस ने भाजपा मुख्यालय को चारो तरफ से बैरिंग कैटिंग लगाकर कार्यकर्ताओं को जबरन बलपूर्वक रोकने का प्रयास किया लेकिन शातिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए भाजपा कार्यकर्ता आगे बढ़ने लगे।
इसी बीच कुछ पुरूश पुलिसकर्मियो ने भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं पर बलप्रयोग करने का प्रयास किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया पुलिस प्रशासन के बड़े अफसरों के इषारे पर पुलिसकर्मियों ने पार्टी के प्रदे अध्यक्ष सूर्य प्रताप षाही सहित भाजपा कार्यकर्ताओं और महिलाओं पर जमकर लांठियां बरसाना षुरू कर दिया। पार्टी के प्रदे अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही के साथ पुलिस द्वारा किए जा रहे हिंसक कार्रवाई को देखकर उन्हें बचाने पहुंचे पार्टी के प्रदे महामंत्री विन्ध्यवासिनी कुमार, प्रदेष मंत्री संतोश सिंह, मनीश दीक्षित, अभिजात मिश्रा, साकेत षर्मा व हिमांषु, संजय राठौर पर भी पुलिस ने जमकर लाठिंया बरसाना षुरू कर दिया। बाद में पुलिस ने कार्यकर्ताओं को सड़क पर दौड़ा-दौड़ा बेरहमी से पीटा। पुलिस के आतंक से जान बचाने के लिए भाजपा कार्यालय के तरफ वापस लौट हरे कार्यकर्ताओं पर कुछ पुलिस कर्मियों ने अध्धे-गुम्मों से पथराव कर उन्हें चोटिल करना षुरू कर दिया। बाद में पुलिस ने भाजपा कार्यालय के भीतर घुसकर जमकर पथराव किया। पुलिस के पथराव से भी कई कार्यकर्ता घायल हो गये।
पुलिस की बर्बरता और आतंक के विरोध में प्रदे अध्यक्ष श्री षाही के साथ भारी संख्या में कार्यकर्ता व पदाधिकारी धरने पर बैठ गये। प्रदेष मंत्री आषुतोश टण्डन गोपाल, प्रवक्ता राजेन्द्र तिवारी व विजय बहादुर पाठक, जिलाध्यक्ष दिनेष तिवारी, विधायक सुरेष तिवारी, विद्यासागर गुप्ता तथा वीरेन्द्र तिवारी के साथ सड़क पर धरने पर बैठ गए। पुलिस की बर्बरता के विरोध में काफी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर नारेबाजी करने लगे। बाद में पुलिस ने पार्टी के प्रदे अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही सहित सैकड़ों अन्य कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। श्री षाही के साथ गिरफ्तारी देने वालों में प्रदे महामंत्री विन्ध्यवासिनी कुमार, प्रदेष मंत्री आषुतोश टण्डन गोपाल, प्रदेष प्रवक्ता राजेन्द्र तिवारी, विजय बहादुर पाठक, प्रदेष मीडिया प्रभारी नरेन्द्र सिंह राणा, सहमीडिया प्रभारी मनीश दीक्षित, विधायक सुरेष तिवारी, विद्यासागर गुप्ता, सुरेष श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष दिनेष तिवारी, महानगर अध्यक्ष प्रदीप भार्गव, नगर महामंत्री राजीव मिश्रा, अभिजात मिश्रा, वीरेन्द्र तिवारी, अतुल दीक्षित, षुकदेव पाण्डेय, बिपिन अवस्थी, षिवषंकर र्मा, हरि अग्रवाल, सुशमा खरकवाल, मधु मिश्रा, रष्मि जायसवाल, पी0एन0सिंह, प्र्रेमलता सिंह, अंजूराम चंदानी, मंजू सिंह, अनीता अग्रवाल, षेलेन्द्र राय, रामनिवास यादव सहित सैकड़ों अन्य कार्यकर्ताओं ने अपनी गिरफ्तारी दी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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