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Archive | राष्ट्रीय

सौर ऊर्जा उत्पादन हेतु प्रदेश सरकार उद्यमियों को विशेष रियायतें देगीः अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त

Posted on 18 December 2017 by admin

बंगलुरु /लखनऊः 18 दिसम्बर, 2017
उत्तर प्रदेश सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल आज बंगलुरु के होटल ताज वेस्टएण्ड में रोड षो के माध्यम से उद्यमियों एवं संभावित निवेशकों का आवाहन किया, इसमें उन्हें सफलता मिली जब बायोकान बंगलुरु की सी0ई0ओ0 सुश्री किरन मजूमदार एवं कई उद्यमियों ने उत्तर प्रदेश में निवेष की इच्छा जाहिर की। सुश्री मजूमदार ने विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में ई0-प्राईमरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में विशेष रूचि प्रदर्शित की तथा कहा कि बायोटेक स्टार्टअप उद्यमियों हेतु उत्तर प्रदेश एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रदेश है । उन्होंने गोरखपुर समेत उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में सर्वे के उपरांत ई0 हेल्थकेयर सेण्टर के पायलट प्रोजेक्ट प्रारंभ करने की तीव्र इच्छा व्यक्त की तथा इस क्षेत्र में इन्क्यूबेर्टस एवं उद्यमियों का आवाह्न करने हेतु अभियान चलाने हेतु भी सुझाव दिया। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री श्री सतीश महाना ने निवेशकों एवं उद्यमियों का आह्वान किया है कि वे उत्तर प्रदेश के चयनित निजी क्षेत्र में आईटी पार्क विकसित करने में निवेश करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने निवेशकों की सुविधा के लिये स्टार्टअप कार्पस फण्ड की सीमा सौ करोड़ रूपये सेे बढ़ाकर एक हजार करोड़ रूपये कर दी है। नयी नीति लागू होने से पहले ब्याज स्वरूप ड्यूटी, इलेक्ट्रीसिटी से छूट, भविष्य निधि की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति, विद्युत बिलों में छूट और स्व-प्रमाण की व्यवस्था पूर्ववत जारी रहेगी।
औद्योगिक विकास मंत्री आज बंगलुरु के होटल ताज वेस्टेन्ड में उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट के अन्तर्गत आयोजित रोड शो को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आई0टी0 व इलेक्ट्रानिक्स निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की। उन्होंने स्टार्ट अप नीति-2017 के अन्तर्गत निवेशकों को उपलब्ध रियायतों एवं सुविधाओं की जानकारी देते हुये उनसे उत्तर प्रदेश में निवेश का आह्वान किया।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री अनूप चन्द्र पाण्डेय ने बताया कि नयी औद्योगिक नीति के तहत निवेशकों को भूमि तकनीक तथा विभिन्न प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जायेंगी।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन हेतु स्थापित होने वाले प्लान्ट्स का विशिष्ट उद्योग का दर्जा दिया गया है। उन्होंने बताया कि परियोजना विकासकर्ता को परियोजना स्थापना हेतु क्रय की जाने वाली 5.058 हेक्टेयर से अधिक भूमि को लैण्ड सीलिंग के अन्तर्गत मण्डलायुक्त स्तर से अनापत्ति प्रमाण पत्र, स्टाम्प शुल्क में 100 प्रतिशत तथा विद्युत ड्यूटी से 10 वर्ष की अवधि तक छूट प्रदान की जायेगी। सभी सौर ऊर्जा उत्पादन परियोजनाओं को पर्यावरण अनापत्ति प्राप्त करने हेतु छूट प्रदान की गयी है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा भी सौर ऊर्जा परियोजनाओं को एक्साइज ड्यूटी एवं कस्टम ड्यूटी से छूट दी जायेगी।
श्री पाण्डेय ने यह भी बताया कि आसन्न यू0पी0 इन्वेस्टर्स समिति-2018 के अन्तर्गत एन0आर0आई0 के लिए अलग से सत्र रखा गया है, जिसमें उन्हें निवेश संबंधी क्षेत्रों की समस्त जानकारियाँ उपलब्ध करायी जायेंगी।
अपर मुख्य सचिव आई0टी0 श्री संजीव सरन ने बताया कि प्रदेश सरकार की नयी उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्र्टाट अप नीति 2017 के अन्तर्गत आई0टी0 पार्क में निवेशकर्ता कम्पनियों को स्टार्ट अप कम्पनियों को घरेलू पेटेन्टस हेतु पांच लाख रूपये तथा अन्तर्राष्ट्रीय पेटेन्टस हेतु दस लाख रूपये की सीमा तक पेटेन्टस फाइलिंग लागत की प्रतिपूर्ति की जायेगी।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग नीति के अन्तर्गत नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यीडा को इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग जोन (ईएमजेड) घोषित किया जा चुका है। इस नीति के तहत निजी क्षेत्र में पार्क स्थापित करने की दशा में वित्तीय प्रोत्साहन दिया जायेगा।
प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री श्री सतीश महाना के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार के शिष्ट मण्डल ने बायोकाॅन बंगलुरू की सीईओ सुश्री किरण मजुमदार के साथ बैठक कर उनसे प्रदेश के स्वास्थ्य सेक्टर में निवेश की सम्भावनाओं पर सघन विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान सुश्री मजुमदार ने प्रदेश के स्वास्थ्य सेक्टर, विशेषकर ई-प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के क्षेत्र में निवेश किये जाने पर अपनी रूचि दिखाई। उन्होंने कहा कि बायोटेक स्टार्टअप उद्यमियों को उत्तर प्रदेश से निवेश करने के लिए आकर्षित किया जायेगा। उन्होंने कहा प्रदेश के गोरखपुर तथा अन्य जिलों में पायलट परियोजना के तहत ई-हेल्प केयर सेंटर की स्थापना के लिये सर्वेक्षण कराया जायेगा। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए एक सघन अभियान चलाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
रोड शो में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री अनूप चन्द्र पाण्डेय ने उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर प्रेजेन्टेंशन दिया। कर्नाटक राज्य सीआईआई के अध्यक्ष एवं वोल्वो के प्रबन्ध निदेशक तथा कन्ट्री हेड बाॅश लिमिटेड ने धन्यवाद ज्ञापित किया। रोड शो में आई0टी0 इलेक्ट्रानिक्स, विनिर्माण, फाइनेन्स,ऊर्जा व सौर ऊर्जा तथा अन्य क्षेत्रों से जुड़े 200 से अधिक उद्योगपति तथा उनके अधिकारी सम्मिलित थे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से एकाक्गा टेक्नालोजी के निदेशक प्रवीन कुमार, ई0टीजी0आई0 ग्रुप के चेयरमैन डा0 रायचन्द्र चेनराज, सैनफार्ड ग्रुप के सी0ई0ओ0 डेनिस एबेनेजर, आरेकल ग्रुप के असलेसा एवं देवाप्रिया, स्टार इंटरनैशनल प्राईवेट लि0 के सी0ई0ओ0 रविन्द्र घोडे, आई0बी0एन0 के सीनियर डायरेक्टर अमीर साहुल, सनमोक्ष एनर्जी के फाउण्डर सी0ई0ओ0 अशोक दास, टोयोटा किर्लोस्कर के वायस चेयरमैन शेखर विश्वनाथन, विप्रो लि0 के सीनियर वायस प्रेसीडेण्ट हरि प्रसाद हेगड़े, भारत इलेक्ट्रानिक्स के प्रबंध निदेशक एम0बी0 गोतमा, उबर इण्डिया के पब्लिक पालिसी लीडर लावन्या सिंह, अलफेमर्स के अधिशाषी निदेशक डी0 चन्द्रशेखर, यूफोरिया ग्लोबल के एम0डी0 शरद दीक्षित, एकलाग इण्डिया प्राईवेट लि0 के डायरेक्टर रघु, एजवुड वेंचर्स ग्रुप के चेयरमैन देवेन्द्र वर्मा, डिफेन्स रिसर्च एण्ड डेवलेपमेण्ट आर्गनाईजेशन के टेक्निकल को-आर्डीनेशन बी0जी0 केशवमूर्ति, ओला इण्डिया के फाउण्डिंग पार्टनर प्रणय जीवर्जका, एरिन कन्सलटेण्टस प्रा0 लि0 के प्रबंध निदेशक श्री साई प्रकाश, नीटर टेक्निकल ट्रेनिंग फाउण्डेशन के निदेशक स्टीफेन लुईस, सेवा स्विचगियर प्रा0 लि0 के प्रबंध निदेशक श्रीमान भाष्यम, बिजनेस स्वीडेन के प्रोजेक्ट मैनेजर अंजली भोला भार्गव, वोल्वो इण्डिया प्रा0 लि0 के प्रबंध निदेशक कमल बाली आदि अग्रणी उद्योगपतियों से पृथक-पृथक बैठक कर प्रदेश में निवेश करने पर विस्तृत चर्चा भी की गयी और उन्होंने प्रदेश में निवेश करने की इच्छा व्यक्त की।

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आईटी पार्क तथा ईएमजेड के निवेशकर्ताआंे को सभी सहूलियतें मिलेगी -अपर मुख्य सचिव -सूचना प्रौद्योगिकी

Posted on 18 December 2017 by admin

बंगलुरु /लखनऊः 18 दिसम्बर, 2017
उत्तर प्रदेश सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल आज बंगलुरु के होटल ताज वेस्टएण्ड में रोड षो के माध्यम से उद्यमियों एवं संभावित निवेशकों का आवाहन किया, इसमें उन्हें सफलता मिली जब बायोकान बंगलुरु की सी0ई0ओ0 सुश्री किरन मजूमदार एवं कई उद्यमियों ने उत्तर प्रदेश में निवेष की इच्छा जाहिर की। सुश्री मजूमदार ने विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में ई0-प्राईमरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में विशेष रूचि प्रदर्शित की तथा कहा कि बायोटेक स्टार्टअप उद्यमियों हेतु उत्तर प्रदेश एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रदेश है । उन्होंने गोरखपुर समेत उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में सर्वे के उपरांत ई0 हेल्थकेयर सेण्टर के पायलट प्रोजेक्ट प्रारंभ करने की तीव्र इच्छा व्यक्त की तथा इस क्षेत्र में इन्क्यूबेर्टस एवं उद्यमियों का आवाह्न करने हेतु अभियान चलाने हेतु भी सुझाव दिया। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री श्री सतीश महाना ने निवेशकों एवं उद्यमियों का आह्वान किया है कि वे उत्तर प्रदेश के चयनित निजी क्षेत्र में आईटी पार्क विकसित करने में निवेश करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने निवेशकों की सुविधा के लिये स्टार्टअप कार्पस फण्ड की सीमा सौ करोड़ रूपये सेे बढ़ाकर एक हजार करोड़ रूपये कर दी है। नयी नीति लागू होने से पहले ब्याज स्वरूप ड्यूटी, इलेक्ट्रीसिटी से छूट, भविष्य निधि की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति, विद्युत बिलों में छूट और स्व-प्रमाण की व्यवस्था पूर्ववत जारी रहेगी।
औद्योगिक विकास मंत्री आज बंगलुरु के होटल ताज वेस्टेन्ड में उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट के अन्तर्गत आयोजित रोड शो को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आई0टी0 व इलेक्ट्रानिक्स निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की। उन्होंने स्टार्ट अप नीति-2017 के अन्तर्गत निवेशकों को उपलब्ध रियायतों एवं सुविधाओं की जानकारी देते हुये उनसे उत्तर प्रदेश में निवेश का आह्वान किया।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री अनूप चन्द्र पाण्डेय ने बताया कि नयी औद्योगिक नीति के तहत निवेशकों को भूमि तकनीक तथा विभिन्न प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जायेंगी।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन हेतु स्थापित होने वाले प्लान्ट्स का विशिष्ट उद्योग का दर्जा दिया गया है। उन्होंने बताया कि परियोजना विकासकर्ता को परियोजना स्थापना हेतु क्रय की जाने वाली 5.058 हेक्टेयर से अधिक भूमि को लैण्ड सीलिंग के अन्तर्गत मण्डलायुक्त स्तर से अनापत्ति प्रमाण पत्र, स्टाम्प शुल्क में 100 प्रतिशत तथा विद्युत ड्यूटी से 10 वर्ष की अवधि तक छूट प्रदान की जायेगी। सभी सौर ऊर्जा उत्पादन परियोजनाओं को पर्यावरण अनापत्ति प्राप्त करने हेतु छूट प्रदान की गयी है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा भी सौर ऊर्जा परियोजनाओं को एक्साइज ड्यूटी एवं कस्टम ड्यूटी से छूट दी जायेगी।
श्री पाण्डेय ने यह भी बताया कि आसन्न यू0पी0 इन्वेस्टर्स समिति-2018 के अन्तर्गत एन0आर0आई0 के लिए अलग से सत्र रखा गया है, जिसमें उन्हें निवेश संबंधी क्षेत्रों की समस्त जानकारियाँ उपलब्ध करायी जायेंगी।
अपर मुख्य सचिव आई0टी0 श्री संजीव सरन ने बताया कि प्रदेश सरकार की नयी उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्र्टाट अप नीति 2017 के अन्तर्गत आई0टी0 पार्क में निवेशकर्ता कम्पनियों को स्टार्ट अप कम्पनियों को घरेलू पेटेन्टस हेतु पांच लाख रूपये तथा अन्तर्राष्ट्रीय पेटेन्टस हेतु दस लाख रूपये की सीमा तक पेटेन्टस फाइलिंग लागत की प्रतिपूर्ति की जायेगी।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग नीति के अन्तर्गत नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यीडा को इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग जोन (ईएमजेड) घोषित किया जा चुका है। इस नीति के तहत निजी क्षेत्र में पार्क स्थापित करने की दशा में वित्तीय प्रोत्साहन दिया जायेगा।
प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री श्री सतीश महाना के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार के शिष्ट मण्डल ने बायोकाॅन बंगलुरू की सीईओ सुश्री किरण मजुमदार के साथ बैठक कर उनसे प्रदेश के स्वास्थ्य सेक्टर में निवेश की सम्भावनाओं पर सघन विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान सुश्री मजुमदार ने प्रदेश के स्वास्थ्य सेक्टर, विशेषकर ई-प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के क्षेत्र में निवेश किये जाने पर अपनी रूचि दिखाई। उन्होंने कहा कि बायोटेक स्टार्टअप उद्यमियों को उत्तर प्रदेश से निवेश करने के लिए आकर्षित किया जायेगा। उन्होंने कहा प्रदेश के गोरखपुर तथा अन्य जिलों में पायलट परियोजना के तहत ई-हेल्प केयर सेंटर की स्थापना के लिये सर्वेक्षण कराया जायेगा। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए एक सघन अभियान चलाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
रोड शो में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री अनूप चन्द्र पाण्डेय ने उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर प्रेजेन्टेंशन दिया। कर्नाटक राज्य सीआईआई के अध्यक्ष एवं वोल्वो के प्रबन्ध निदेशक तथा कन्ट्री हेड बाॅश लिमिटेड ने धन्यवाद ज्ञापित किया। रोड शो में आई0टी0 इलेक्ट्रानिक्स, विनिर्माण, फाइनेन्स,ऊर्जा व सौर ऊर्जा तथा अन्य क्षेत्रों से जुड़े 200 से अधिक उद्योगपति तथा उनके अधिकारी सम्मिलित थे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से एकाक्गा टेक्नालोजी के निदेशक प्रवीन कुमार, ई0टीजी0आई0 ग्रुप के चेयरमैन डा0 रायचन्द्र चेनराज, सैनफार्ड ग्रुप के सी0ई0ओ0 डेनिस एबेनेजर, आरेकल ग्रुप के असलेसा एवं देवाप्रिया, स्टार इंटरनैशनल प्राईवेट लि0 के सी0ई0ओ0 रविन्द्र घोडे, आई0बी0एन0 के सीनियर डायरेक्टर अमीर साहुल, सनमोक्ष एनर्जी के फाउण्डर सी0ई0ओ0 अशोक दास, टोयोटा किर्लोस्कर के वायस चेयरमैन शेखर विश्वनाथन, विप्रो लि0 के सीनियर वायस प्रेसीडेण्ट हरि प्रसाद हेगड़े, भारत इलेक्ट्रानिक्स के प्रबंध निदेशक एम0बी0 गोतमा, उबर इण्डिया के पब्लिक पालिसी लीडर लावन्या सिंह, अलफेमर्स के अधिशाषी निदेशक डी0 चन्द्रशेखर, यूफोरिया ग्लोबल के एम0डी0 शरद दीक्षित, एकलाग इण्डिया प्राईवेट लि0 के डायरेक्टर रघु, एजवुड वेंचर्स ग्रुप के चेयरमैन देवेन्द्र वर्मा, डिफेन्स रिसर्च एण्ड डेवलेपमेण्ट आर्गनाईजेशन के टेक्निकल को-आर्डीनेशन बी0जी0 केशवमूर्ति, ओला इण्डिया के फाउण्डिंग पार्टनर प्रणय जीवर्जका, एरिन कन्सलटेण्टस प्रा0 लि0 के प्रबंध निदेशक श्री साई प्रकाश, नीटर टेक्निकल ट्रेनिंग फाउण्डेशन के निदेशक स्टीफेन लुईस, सेवा स्विचगियर प्रा0 लि0 के प्रबंध निदेशक श्रीमान भाष्यम, बिजनेस स्वीडेन के प्रोजेक्ट मैनेजर अंजली भोला भार्गव, वोल्वो इण्डिया प्रा0 लि0 के प्रबंध निदेशक कमल बाली आदि अग्रणी उद्योगपतियों से पृथक-पृथक बैठक कर प्रदेश में निवेश करने पर विस्तृत चर्चा भी की गयी और उन्होंने प्रदेश में निवेश करने की इच्छा व्यक्त की।

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उत्तरप्रदेश (यूपी) सबसे ज्यादा पंजीकृत प्रकाशनों की सूची में सबसे ऊपर है

Posted on 15 December 2017 by admin

नई दिल्ली 15 दिसम्बर 2017

“भारत 2016-17 में प्रेस” भारत के समाचार पत्रों के रजिस्ट्रार का एक वार्षिक प्रकाशन प्रधान निदेशक श्री गणेशन ने वस्त्र और सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्रीमती स्मृति ज्यूबिन ईरानी को श्री एन.के. की उपस्थिति में प्रस्तुत किया। सिन्हा, सचिव, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज यहां।

इस अवसर पर श्रीमती ईरानी ने कहा कि प्रकाशन एक महत्वपूर्ण दस्तावेज था, जो पिछले एक साल में भारतीय अखबार उद्योग की प्रगति को मैप करने के लिए था। रिपोर्ट ने उद्योग के विकास के लिए विशेष रूप से क्षेत्रीय भाषाओं और कागजात के विकास के रूपरेखाओं का व्यापक विश्लेषण किया।

इस साल की रिपोर्ट की मुख्य बातों में शामिल है, 2016-17 के दौरान जारी किए गए 4007 नए प्रकाशन, पंजीकृत प्रकाशनों में 3.58% की वृद्धि दर दर्ज की गई, उत्तरप्रदेश (यूपी) सबसे अधिक पंजीकृत प्रकाशनों की सूची में सबसे ऊपर है, इसके बाद महाराष्ट्र का नंबर आता है।

पृष्ठभूमि:
आरएनआई को पीआरबी अधिनियम, 1867 की धारा 19 (जी) के अंतर्गत हर साल सरकार को वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 31 दिसंबर या उसके पहले के दिन अनिवार्य है।

यह रिपोर्ट आरएनआई के साथ उपलब्ध आंकड़ों का संकलन है और वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए देश भर के प्रकाशनों द्वारा ऑनलाइन दाखिल किए गए वार्षिक वक्तव्य में प्रस्तुत विवरण। भारत में प्रेस भारतीय प्रिंट मीडिया में तथ्यों और प्रवृत्तियों का एक संकेत चित्र प्रस्तुत करता है। रिपोर्ट मीडिया, मीडिया विश्लेषकों और शोध विद्वानों को प्रिंट करने के लिए गहरी दिलचस्पी है।

2016-17 में भारतीय प्रेस की हाइलाइट्स (31 मार्च, 2017 तक)

1 पंजीकृत प्रकाशन की कुल संख्या
i) अख़बार श्रेणी (दैनिक, त्रयी / द्विपक्षीय साप्ताहिक अवधि)
ii) आवर्ती श्रेणी (अन्य समयसीमा): 1,14,820
16,993
97,827
2 2016-17 के दौरान पंजीकृत नए प्रकाशनों की संख्या: 4,007
3 2016-17 के दौरान प्रकाशनों की संख्या में कमी: 38
4 पिछले वर्ष की तुलना में कुल पंजीकृत प्रकाशनों की वृद्धि का प्रतिशत: 3.58%
5 किसी भी भारतीय भाषा (हिंदी) में पंजीकृत सबसे बड़ी संख्या में प्रकाशन: 46,587
6 हिंदी (अंग्रेजी) के अलावा किसी भी भाषा में पंजीकृत दूसरे नंबर पर प्रकाशन की संख्या: 14,365
7 सबसे ज्यादा पंजीकृत प्रकाशनों (उत्तर प्रदेश) के साथ राज्य: 17,736
8 राज्य के साथ पंजीकृत सबसे ज्यादा पंजीकृत प्रकाशन (महाराष्ट्र): 15,673
9 प्रकाशनों की संख्या, जो वार्षिक विवरण प्रस्तुत करते हैं
(इस आंकड़े में 1,472 विविध प्रकाशन शामिल हैं): 31,028
10 वर्ष 2016-17 के दौरान कुल प्रकाशन का दावा किया गया
i) हिंदी प्रकाशन
ii) अंग्रेजी प्रकाशन
iii) उर्दू प्रकाशन: 48,80,8 9, 4 9 0
23,89,75,773
5,65,77,000
3,24,27,005
11 सबसे बड़ी संख्या में प्रकाशन जो कि किसी भी भारतीय भाषा (हिंदी) में वार्षिक वक्तव्य प्रस्तुत करते हैं। : 15,596
12 किसी भी भाषा (अंग्रेजी) में वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने वाले प्रकाशनों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या। : 2,317
13 सबसे बड़ा प्रसारित दैनिक: “आनंद बाज़ार पत्रिका”, बंगाली, कोलकाता। : 11,16,428
14 दूसरा सबसे बड़ा दैनिक प्रसारित: “द टाइम्स ऑफ इंडिया” अंग्रेजी, दिल्ली। : 9,56,054
15 सबसे ज्यादा परिचालित हिंदी दैनिक: “पंजाब केसरी”, जालंधर: 7,14,888
16 सबसे बड़ा परिसंचरण बहु-संस्करण दैनिक: “दैनिक भास्कर”, हिंदी। (46 संस्करण): 47,36,785
17 दूसरा सबसे बड़ा मल्टी-संस्करण दैनिक: “द टाइम्स ऑफ इंडिया”, अंग्रेजी। (33 संस्करण): 42,68,703
18 सबसे परिचालित आवधिक पत्र: “द सेंडेड टाइम्स ऑफ इंडिया”, अंग्रेजी / वीकली संस्करण, दिल्ली : 8,35,269
1 9 मलयालम में सबसे बड़ा परिवादात्मक: “वनिता”, मलयालम / पाक्षिक संस्करण, कोट्टायम : 6,47,104
20 कुल शीर्षक अनुप्रयोग प्राप्त
i) शीर्षक स्वीकृत
ii) शीर्षक अस्वीकृत:
:
: 20,555
9278
6506

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गांधी जी के गुजरात में अखिलेश यादव -राजेन्द्र चौधरी

Posted on 09 December 2017 by admin

akhilesh-yadav-in-gujaratगुजरात की चर्चा आते ही इतिहास के कई पृष्ठ स्वतः खुलने लगते हैं। अतीत के पांच हजार साल पहले का दृश्य जब भगवान श्री कृष्ण रण छोड़ बनकर मथुरा से द्वारिका पहुंच गए थे। द्वारिका तो समुद्र में विलीन हो गई किन्तु द्वारिकाधीश का मन्दिर आज भी भव्यता के साथ खड़ा है। वर्तमान में कुछ पीछे चलकर मोहनदास करम चंद गांधी का त्यागलोक दिखाई देने लगता है। स्वतंत्रता आंदोलन की अनुगूंज सुनाई पड़ने लगती है। 1909 में गांधी जी ने विलायत से लौटते हुए जहाज पर ‘हिन्द स्वराज‘ नाम से एक पुस्तक लिखी थी। जिसमें विभिन्न विषयों पर उनके विचार हैं। गांधी जी ने हिन्दुस्तान में आकर पहले तो अपने गुरू गोखले जी के कहने पर भारत की यात्रा की। सन् 1917 से गांधी जी ने गुजरात में साबरमती नदी के किनारे अपने एक आश्रम की स्थापना की जहां से उनके राजनीतिक और वैयक्तिक प्रयोग भी शुरू हुए। 1930 में इसी आश्रम से उन्होंने नमक कानून तोड़ने के लिए दांडी मार्च किया था। गांधी जी 1933 तक साबरमती आश्रम में रहे। इस चर्चा में सरदार बल्लभभाई पटेल को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा जिन्होंने भारत को एकता के सूत्र में बांधने का काम किया।
तो उसी गुजरात में इन दिनों बड़ी हलचल है। राजनीति के नए प्रयोगों की यह एक नई प्रयोगशाला भी बन रही है। गांधी जी राजनीति को सामाजिक और नैतिक संदर्भ में देखते थे और यह चेतावनी भी देते थे कि ताकत (राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक) किसी भी व्यक्ति को अंधा और बहरा बना देती है। जो लोकतंत्र पक्षपातपूर्ण, अंध विश्वासी और अराजकता में रहेगा वह एक दिन स्वयं नष्ट हो जाएगा। लोकतंत्र में केवल और केवल जनता का राज होना चाहिए।akhilesh-yadav-in-gujrat
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश 5,6,7, और 8 दिसम्बर 2017 को गुजरात की यात्रा पर थे। संदर्भ चुनाव प्रचार का था किन्तु मंतव्य था गुजरात को नजदीक से जानने का, रिश्ते बनाने का और भविष्य को मजबूती देने का। स्वाभाविक था कि गुजरात की धरती पर भगवान श्री कृष्ण की ओर अखिलेश यादव जी का खिंचाव होता। सर्वप्रथम वे द्वारिकाधीश मंदिर पहुंचे और उन्होंने अपने इष्टदेव का आशीर्वाद लिया। अपने संक्षिप्त प्रवास में उन्होंने समाज के सभी वर्गो के लोगों से मुलाकात की और गुजरात के ताजा हालात की भी जानकारी ली। लेकिन सबसे ज्यादा उनका चिन्तन गांधी जी के नेतृत्व में चलनेवाले स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों-आदर्शों के इर्दगिर्द और राजनीति में आ रहे क्षरण पर ही केन्द्रित रहा।
गुजरात और सरदार बल्लभभाई पटेल की याद परस्पर जुड़ी हैं। न केवल स्वतंत्रता आंदोलन अपितु किसान आंदोलन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। चैधरी चरण सिंह अक्सर गांजी जी की आर्थिक नीतियों की चर्चा करते रहते थे और उन्हीं विचारों को लेकर वे आजीवन संघर्ष करते रहे।
आज राजनीति के चाल चरित्र में जिस कदर बदलाव आया है और मूल्यों की विश्वसनीयता भी प्रश्नों के घेरे में आती जा रही है वह चिंताजनक है। श्री अखिलेश यादव जी ने यह प्रश्न उठाया कि क्योंकर लोकतंत्र का अवमूल्यन होता जा रहा हैं राजनीति में संकीर्ण स्वार्थों का बोलबाला होता जा रहा है। लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को तहस नहस कर विकास को धता बताकर सांप्रदायिकता की आड़ में राजनीतिक स्वार्थों की प्राप्ति उचित नहीं। श्री यादव मानते हैं कि विकास के नाम पर धोखा नेतृत्व की साख को बट्टा लगाती है। बेरोजगार नौजवानों के सपनों को तोड़ा गया तो एक बड़े विश्वास के साथ छल होगा। किसान अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। गुजरात में उनकी बदहाली देखकर दुःख हुआ। मूंगफली और कपास के किसान अपने उत्पाद का लाभप्रद एवं उचित मूल्य भी नहीं पा रहे हैं। भाजपा ने कपास के दाम 15 सौ रूपये कुन्तल दिलाने का वादा किया किन्तु वे 800 रूपए में ही फसल बेचने को मजबूर हैं।
गुजरात जाने के पीछे यह देखना भी था कि बहुप्रचारित गुजरात माॅडल की वास्तविकता क्या है? गुुजराती लोग मानते हैं कि गुजरात में कहीं भी विकास नहीं दिखाई देता है। गुजरात के द्वारिकाधीश मंदिर में ही तीन दिन बिजली नहीं आई थी। स्वास्थ्य, शिक्षा, चिकित्सा सभी क्षेत्रों में अफरातफरी मची दिखाई दी। विकास माॅडल की बात करने वाले गुजरात के विकास पर भी नजर डाल लेते तो अच्छा होता। स्वच्छ भारत का नारा देने वालों को गुजरात में जगह-जगह गंदगी दिखाई क्यों नहीं देती है।
श्री अखिलेश यादव ने चर्चा में प्रदूषण का प्रश्न भी उठाया और कहा कि वैचारिक प्रदूषण के कारण भी भाईचारे और विकास का संकट है। सामाजिक सौहार्द और परस्पर विश्वास के आधार पर ही समाज का सर्वतोमुखी विकास व सद्भाव का माहौल हो सकता है। श्री यादव ने अहमदाबाद में एक पत्रकार वार्ता को भी सम्बोधित किया जिसमें कुछ बुनियादी प्रश्न भी उठाए गए। इस वार्ता के समय राश्ट्रीय सचिव श्री राजेन्द्र चैधरी भी उपस्थित थे। श्री अखिलेश यादव ने यहां गिरि के जंगलो में शेरो के बीच भी कुछ समय बिताया।
श्री अखिलेश यादव की चिंता आजादी के मूल्यों को बचाने की है और यही समाजवादी विचारधारा का आधार है। गांधी जी ने सत्य, अहिंसा और सहिष्णुता का जो संदेश साबरमती के तट से दिया था आज भी वह प्रासंगिक है। साबरमती आश्रम में गांधी जी के जीवन से सम्बन्धित वस्तुओं की प्रदर्शनी है जहां उकेरा गया उनका यह संदेश आज भी मार्ग दर्षक बन सकता है। गांधी जी का मत था कि ‘‘ लोकतंत्र को ऊपर से बीस तीस लोग नहीं चला सकते हैं लोकतंत्र तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक उसमें हर व्यक्ति की भागीदारी न हो‘‘।

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श्री त्रिपाठी के काव्य संग्रहों का लोकार्पण

Posted on 06 December 2017 by admin

साहित्य यानि सकारात्मक सोच - राज्यपाल

जयपुर, 6 दिसम्बर। राज्यपाल श्री कल्याण सिंह ने कहा है कि सकारात्मक सोच बनाने वाला लेखन ही साहित्य होता है। उन्होंने कहा कि जीवन की टेड़ी-मेड़ी राहों से सुगम मार्ग बनाने में साहित्य सहयोगी होता है।photo-1-6

राज्यपाल श्री सिंह ने बुधवार को यहां राजभवन में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री केशरी नाथ त्रिपाठी की कृतियां ‘‘खयालों का सफर‘‘ और ‘‘जख्मों पर शबाब‘‘ के राजस्थानी में अनुदित काव्य संग्रहों का लोकार्पण किया।

राज्यपाल श्री सिंह ने कहा कि श्री त्रिपाठी पचास वर्षों से उनके मित्र हैं। हमारे मत व मन में कभी भिन्नता नही आई। सदैव मधुर सम्बन्ध रहे। बहुमुखी प्रतिमा के धनी श्री त्रिपाठी की कविताओं में जीवन की गहराइयां हंै। राज्यपाल ने कहा कि इन काव्य संग्रहों का अनुवाद सम्यक है। उन्होंने कहा कि श्री त्रिपाठी ने राजनीति, वकालात, कविता और मित्रता में मिशाल कायम की है।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री केशरी नाथ त्रिपाठी ने कहा कि श्री कल्याण सिंह से उनके सम्बन्ध हाथ की लकीरों की तरह हैं। उन्होंने कहा कि यह कविताएं थल, नभ, जल में रचित हुई हैं। कविताएं अनायास ही बन जाती हैं। कविता का स्रोत कैसे व कहां से उत्पन्न होता है, उसका पता ही नही चलता है।
श्री कला नाथ शास्त्री, काव्य संग्रहों की अनुवादक डाॅ. जेबा रशीद व श्री सुन्दरम शांडिल्य ने काव्य संग्रहों के बारे में चर्चा की। राज्यपाल श्री त्रिपाठी ने उनके कार्य में सहयोग के लिए श्री रामेश्वर लाल गोयल, डाॅ. रणजीत सिंह चैहान व श्री विवेक बैद का सम्मान किया। संचालन व स्वागत उद्बोधन डाॅ. प्रकाश त्रिपाठी ने किया।

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प्रधानमंत्री से मिले उत्तर प्रदेश के नव निर्वाचित 14 नगर निगमों के महापौर

Posted on 05 December 2017 by admin

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहे उपस्थित

21नई दिल्ली/लखनऊ 05 दिसम्बर 2017, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से उत्तर प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी के नव निर्वाचित 14 नगर निगमों के महापौर एवं अमेठी नगर पंचायत व अमेठी जिले की जायस नगरपालिका परिषद् के अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री-निवास पर भेंट की। इस शुभेच्छा मुलाकात के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पाण्डेय रहे उपस्थित।
प्रधानमंत्री मा0 मोदी जी ने उत्तर प्रदेश में स्थानीय निकाय के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की भव्य जीत के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने उत्तर प्रदेश के शहरों का विकास के माध्यम से कायाकल्प करने में जन-भागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका का आव्हान किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश की जनता का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और केन्द्र सरकार, दोनों नागरिकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने और दैनिक सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, ऐसे नगर नियोजन के लिए कटिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री जी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उनकी सरकार और प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय सहित भारतीय जनता पार्टी संगठन को शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया कि हम जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति के लिए सदैव कृत संकल्पित रहें।

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16 सीटों पर बैलेट पेपर से बीजेपी दोबारा मतदान कराये- मायवती

Posted on 04 December 2017 by admin

नई दिल्ली, 04 दिसम्बर 2017: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व संासद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी ने कहा कि बीजेपी की जीत में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की भूमिका अगर नही है तो बी.एस.पी. की जीती हुई अलीगढ़ व मेरठ सहित सभी 16 मेयर की सीटों पर बैलेट पेपर से मतदान करा लें उन्हें अपनी पार्टी की असलियत के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कथित बीजन का भी पता चल जायेगा जब नगर पालिका व नगर पंचायत की तरह ही मेयर के पदों पर भी प्रदेश की जनता उन्हें बुरी तरह से हरायेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस टिप्पणी पर कि, ईवीएम से चुनाव में भरोसा नहीं है तो बी.एस.पी. के मेयर इस्तीफा दे, वहाँ पर बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव कराया जायेगा, पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये सुश्री मायावती जी ने कहा कि यह चोरी और ऊपर से सीनाजोरी की बदतर मिसाल है।
वास्तव में सन् 2014 के लोकसभा व सन् 2017 के उत्तर प्रदेश विधान सभा आमचुनाव में बीजेपी ने ईवीएम के माध्यम से चुनावी धंाधली करके जीत हासिल की और केन्द्र व उत्तर प्रदेश में बहुमत की सरकार बना ली। इन दोनों ही चुनाव में बीजेपी को वैसा जनसमर्थन कतई नहीं था जैसाकि चुनाव परिणाम दर्शाते है। प्रदेश में इस बार मेयर का चुनाव भी ईवीएम से कराया गया जहाँ धांधली करके 16 में से 14 सीट जीत ली गयी। अलीगढ़ व मेरठ में बी.एस.पी. जीती क्योंकि यहाँ जर्बदस्त जन उबाल था तथा ज्यादा गड़बड़ी करने पर चोरी साफ तौर पर पकड़े जाने की आशंका थी, जिससे बीजेपी की और भी ज्यादा फजीहत हो सकती थी।
नगर पालिका व नगर पंचायत के चुनाव में जहाँ ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से मतदान हुये आखिर बीजेपी क्यों पिछड़ गयी? इससे भी साफ है कि मेयर के चुनाव में ईवीएम के माध्यम से धांधली के कारण बीजेपी जीती, ना कि जनसमर्थन के कारण।
इतना ही नहीं बल्कि सरकारी मशीनरी का जबर्दस्त दुरूपयोग करके बी.एस.पी. के प्रत्याशी को खासकर सहारनपुर, आगरा व झांसी में हराया गया है। लखनऊ में भी चुनाव विभिन्न कारणों से स्वतंत्र व निष्पक्ष नहीं रहा है, यह बात स्वयं राज्य चुनाव आयोग भी मानता है जिस सम्बंध में जाँच भी कराई जा रही हैं।

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राज्यपाल से पश्चिम बंगाल के राज्यपाल की मुलाकात

Posted on 24 November 2017 by admin

photo-1-24जयपुर, 24 नवम्बर। राज्यपाल श्री कल्याण सिंह से षुक्रवार को यहां राजभवन में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री केसरीनाथ त्रिपाठी ने मुलाकात की। राज्यपाल श्री सिंह से राज्यपाल श्री त्रिपाठी की यह षिष्टाचार भेंट थी।

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मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ राजनेता श्री नारायण दत्त तिवारी जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की

Posted on 19 November 2017 by admin

श्री तिवारी जी ने उ0प्र0, उत्तराखण्ड एवं
देश के विकास को नई दिशा प्रदान की: मुख्यमंत्री

उनके दीर्घकालिक अनुभव, कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शिता से सभी लाभान्वित

लखनऊ: 19 नवम्बर, 2017

press-2नई दिल्ली प्रवास के दौरान उ0प्र0 के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी यहां अस्पताल में भर्ती उ0प्र0 एवं उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री तथा भारत सरकार में अनेक मंत्रालय सम्भाल चुके वरिष्ठ नेता श्री नारायण दत्त तिवारी जी से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य के बारे जानकारी प्राप्त की। उन्होंने श्री तिवारी जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए उनके अनुभव, व्यक्तित्व, कृतित्व से आम जनता तथा समाज को नई दिशा देने की भी बात कही।
मुख्यमंत्री जी ने यह भी कहा कि श्री तिवारी जी द्वारा उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड में अनेक कल्याणकारी एवं विकास की योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया, जिससे समाज के सभी वर्ग लाभ उठा रहे हैं। उनके दीर्घकालिक अनुभव, कुशल नेतृत्व, दूरदर्शिता से समाज का हर वर्ग लाभान्वित है। केन्द्र सरकार में वाणिज्य, वित्त, नियोजन, विदेश आदि अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालयों में कार्य करते हुए उन्होंने अपनी विशिष्ट शैली का परिचय दिया है।
योगी जी ने अस्पताल प्रबन्धन को उपचार की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिये तथा पारिवारिक सदस्यों को आवश्यक सहयोग का भी आश्वासन दिया। इस दौरान मुुख्यमंत्री जी को पारिवारिक सदस्यों ने अवगत कराया कि श्री तिवारी जी का अचानक स्वास्थ्य खराब हो गया जिससे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वर्तमान में कुशल दक्ष चिकित्सकों की देख रेख में उपचार हो रहा है। मुख्यमंत्री जी ने परिवार के सदस्यों से शीघ्र सेहत में सुधार की कामना करते हुए, सहयोग के लिए भी आश्वस्त किया।
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प्रणाली को और बेहतर बनाने के जरिये सफलता की नई कहानी लिखी जा सकती है : सेल अध्यक्ष

Posted on 08 November 2017 by admin

dsc_5669नई दिल्ली / दुर्गापुर, 7 नवंबर, 2017: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल), मुख्य रूप से वैल्यू एडेड उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, बाजार में विविधतापूर्ण और गुणवत्ता वाले उत्पादों की श्रृंखला उतारने की तैयारी में है. उल्लेखनीय है कि सेल की प्राथमिकता उत्पादन से अधिक गुणवत्ता बढ़ाना है. सेल के दुर्गापुर इस्पात संयंत्र में कर्मचारियों के साथ बातचीत के दौरान, सेल के अध्यक्ष श्री पी के सिंह ने आज कहा, “हमें मौजूदा कड़ी बाजार प्रतिस्पर्धा के दौर में उत्पादन बढ़ाने से अधिक बाजार की मांगो के अनुरूप गुणवत्ता और विशेषताओं वाले उत्पादों को विकसित करने के साथ, अपने उत्पादों और प्रक्रियाओं की गुणवत्ता को और अधिक बढ़ाना है; जो हमारे लिए सफलता की नई कहानी लिख सकता है.” उन्होंने आगे कहा कि दुर्गापुर संयंत्र में 1 मिलियन टन प्रति वर्ष की क्षमता की स्थापित अत्याधुनिक मीडियम स्ट्रक्चरल मिल विश्वस्तरीय स्ट्रक्चरल इस्पात उत्पादों को बनाने में सक्षम है; जिसकी भारत में जारी और आगामी विभिन्न अवसंरचना और विनिर्माण परियोजनाओं में भारी मांग है. श्री सिंह ने आगे कहा कि रेलवे अगले कुछ वर्षों में चरणबद्ध तरीके से अपने एलएचबी रेलवे डिब्बों को बदलने की तैयारी में है, नए एलएचबी रेलवे डिब्बों के लिए पहियों की सत्यापन की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है और इसके साथ ही पहियों का धातुकर्म परीक्षण पहले ही पूरा हो चुका है।

सेल अध्यक्ष ने आज निदेशक (तकनीकी) श्री रमन और निदेशक (वाणिज्यिक) सुश्री सोमा मंडल के साथ आज दुर्गापुर इस्पात संयंत्र का दौरा किया। यह दौरा कंपनी में क्रियान्वयन को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न संयत्रों में कार्मिकों के साथ आपसी संवाद को मज़बूत करने हेतु आयोजित किये जा रहे वृहद् सामूहिक संवाद सीरीज की एक और कड़ी है. इस दौरान उच्च प्रबंधन ने विभिन्न प्रभागों के 600 से भी कार्मिको से संवाद किया। दुर्गापुर संयंत्र की मीडियम स्ट्रक्चरल मिल से पैरलल फ्लेंज बीम, जाइस्ट, चैनल और एंगल का उत्पादन हो रहा है, जिसका मुख्य रूप से बुनियादी ढांचा और विनिर्माण के क्षेत्र में उपयोग किया जाता है. बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के विस्तार, मेट्रो कनेक्टिविटी, निर्माण गतिविधियों में तेजी को ध्यान में रखते हुए श्री सिंह ने कहा, “इन सभी उत्पादों से वैल्यू एडेड उत्पादों की बढ़ी हुई मांग पूरा करने में सफलता मिलेगी। कंपनी अपने उत्पादों के निर्यात के लिए वैश्विक बाजार की भी संभावना तलाश रही है, जहां इन उत्पादों की मांग है.” उन्होंने आगे कहा कि दुर्गापुर एक ऐसा संयत्र है जिसे 7.5 लाख टन सेमीज का उत्पादन करने के लिए डिजाइन किया गया है, जहां सेल का दुर्गापुर संयंत्र,आर एंड डी और सेंटर फॉर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीईटी) के साथ मिलकर स्पेशल स्टील ग्रेड के रूप में 90% सेमीज के उत्पादन के लक्ष्य को निर्धारित करके विशेष ग्रेड सेमीज के लिए बाजार की संभावना खोजेगी और विशेष स्टील केवैल्यू एडेड उत्पादों के लिए टाइ-अप करेग। ट्रांसमिशन लाइन टॉवर (टीएलटी) और फोर्जिंग क्षेत्रों में सेमीज की खपत संभावनाओ को खोजा जायेगा।

श्री सिंह ने दुर्गापुर संयंत्र के कार्मिकों को सामूहिक रूप से बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि दुर्गापुर संयत्र का कार्यबल सर्वश्रेष्ठ है, जो बहुत ही शिक्षित होने के साथ-साथ बहुत समर्पित और प्रतिबद्ध हैं. सेल अध्यक्ष ने उनसे
नई सुविधाओं और मिल को पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ाने के लिए कहा. उन्होंने आगे कहा कि, कंपनी के लिए योगदान करते समय प्रत्येक कर्मचारी को गुणवत्ता बढ़ाने और लाभप्रदता पर सबसे अधिक ध्यान देना चाहिए। अनुसंधान एवं विकास और परियोजना डिजाइन को बेहतर बनाने के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि, आरडीसीआईएस और सेंटर फॉर इंजिनियरिंग टेक्नोलॉजी संयंत्रों के लिए वैल्यू एडेड उत्पादों के विकास में और अधिक योगदान देगा । उन्होंने सेल सामूहिक क्षमता पर फिर से अपने विश्वास को दोहराते हुए, उन्होंने कहा, “हमारे पास प्रत्येक विभाग में जबरदस्त क्षमता है जिसे सामने लाने करने की जरूरत है, यदि हम व्यवस्थित रूप से कंपनी के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करते हुए मिलकर काम करते हैं, तो हम अधिक से अधिक उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। ”

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